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  • अक्टूबर की शुरुआत में बड़ा झटका कमर्शियल गैस सिलेंडर 65 रुपए तक महंगा रीवा में सबसे ज्यादा रेट

    अक्टूबर की शुरुआत में बड़ा झटका कमर्शियल गैस सिलेंडर 65 रुपए तक महंगा रीवा में सबसे ज्यादा रेट


    भोपाल । मध्य प्रदेश में अक्टूबर की शुरुआत कमर्शियल गैस सिलेंडर के बढ़े हुए दामों के साथ हुई है। तेल कंपनियों ने एक अक्टूबर से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की है। प्रदेश के अलग अलग शहरों में इसके दाम करीब 62.50 रुपए से लेकर 65 रुपए तक बढ़े हैं। नई कीमत लागू होने के बाद होटल रेस्टोरेंट ढाबे कैटरिंग और अन्य व्यावसायिक संस्थानों के लिए रसोई गैस का खर्च बढ़ गया है। इसका असर आने वाले दिनों में खाने पीने की चीजों और खासकर शादी समारोह की कैटरिंग के बजट पर भी दिखाई दे सकता है।

    राजधानी भोपाल में अब कमर्शियल सिलेंडर 2815 रुपए में मिलेगा। इंदौर में इसकी कीमत 2919 रुपए पहुंच गई है। जबलपुर में नया रेट 3030 रुपए है जबकि ग्वालियर में 3037 रुपए चुकाने होंगे। उज्जैन में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 2980 रुपए हो गई है। प्रदेश में सबसे ज्यादा कीमत रीवा में दर्ज की गई है जहां 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के लिए अब 3066 रुपए देने होंगे। यानी शहरों के बीच कीमत में अच्छा खासा अंतर देखने को मिल रहा है।

    प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी कमर्शियल गैस के दाम तीन हजार रुपए के पार पहुंच चुके हैं। रीवा के बाद सिंगरौली में कीमत 3064 रुपए है। सतना और नरसिंहपुर में सिलेंडर 3063.50 रुपए में मिलेगा। कटनी में नया रेट 3062.50 रुपए और पन्ना में 3061 रुपए हो गया है। जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश के 26 जिलों में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत तीन हजार रुपए या उससे अधिक है। वहीं शाजापुर और सीहोर में यह करीब 2822 रुपए में उपलब्ध होगा।

    कमर्शियल गैस के दाम बढ़ने का सीधा असर उन कारोबारियों पर पड़ता है जो रोजाना बड़ी मात्रा में गैस का इस्तेमाल करते हैं। होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के लिए सिलेंडर की कीमत पहले से ही बड़ा खर्च बनी हुई है। रेस्टोरेंट कारोबार से जुड़े प्रतिनिधि और कैफे संचालक अभिषेक बाहेती के मुताबिक गैस संकट से पहले कमर्शियल सिलेंडर करीब 1800 रुपए में मिलता था। बाद में इसकी कीमत बढ़ते हुए करीब 3300 रुपए तक पहुंच गई थी। इसके बाद कीमतों में कमी आई लेकिन पिछले दो महीनों से फिर बढ़ोतरी का सिलसिला देखा जा रहा है।

    शादी समारोह के कारोबार से जुड़े कैटरर्स पर भी बढ़ी कीमत का असर पड़ सकता है। दीवाली के बाद प्रदेश में शादियों का सीजन शुरू होने वाला है और इस दौरान बड़े स्तर पर कैटरिंग का काम होता है। खाना तैयार करने में बड़ी मात्रा में एलपीजी की खपत होने के कारण सिलेंडर की कीमत बढ़ने से आयोजन का कुल बजट प्रभावित हो सकता है। कैटरिंग संचालकों के अनुसार बढ़ी हुई लागत का असर अंततः ग्राहकों के पैकेज पर भी पड़ सकता है।

    हालांकि राहत की बात यह है कि घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है। 14 किलो वाला घरेलू सिलेंडर पुराने दाम पर ही मिल रहा है। भोपाल में इसकी कीमत 947.50 रुपए है। इंदौर में 970 रुपए और जबलपुर में 948.50 रुपए में घरेलू सिलेंडर उपलब्ध है। ग्वालियर में इसका दाम 1025.50 रुपए जबकि उज्जैन में 1001.50 रुपए है। इस तरह अक्टूबर में बढ़ोतरी का असर फिलहाल कमर्शियल गैस इस्तेमाल करने वाले कारोबारियों पर ही पड़ा है।

  • अमित शाह के दौरे से पहले भोपाल में हलचल तेज, CM ने ली तैयारियों की जानकारी, पदोन्नति पर भी चर्चा

    अमित शाह के दौरे से पहले भोपाल में हलचल तेज, CM ने ली तैयारियों की जानकारी, पदोन्नति पर भी चर्चा


    भोपाल ।  केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मध्यप्रदेश दौरे को लेकर भोपाल में तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मंत्रालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर अमित शाह के प्रस्तावित कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में दौरे से जुड़े इंतजामों के साथ ही सरकार के विभिन्न विभागों से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने सामान्य प्रशासन विभाग समेत अन्य विभागों के अधिकारियों से पदोन्नति और अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े मामलों में संभावित बदलावों को लेकर जानकारी ली।

    मुख्यमंत्री ने आने वाले समय में फिर से शुरू की जाने वाली पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की। सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने पदोन्नति से संबंधित प्रस्तावित सुझावों और प्रक्रिया में किए जाने वाले संभावित बदलावों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि विभागीय स्तर पर लंबित मामलों को किस तरह आगे बढ़ाया जाए और संबंधित प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जाए।

    बैठक में उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ल और स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह समेत अन्य मंत्री भी मौजूद रहे। मंत्रियों ने अपने अपने विभागों से संबंधित विषयों की जानकारी मुख्यमंत्री के सामने रखी। विभागीय योजनाओं की प्रगति और आने वाले कार्यक्रमों को लेकर भी चर्चा की गई। पशुपालन विभाग से जुड़े मामलों को भी बैठक में विशेष रूप से शामिल किया गया क्योंकि अमित शाह के भोपाल प्रवास के दौरान इस विभाग से संबंधित योजनाओं का शुभारंभ प्रस्तावित है।

    अमित शाह मध्यप्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर आने वाले हैं। उनके कार्यक्रम में भोपाल सहकारी दुग्ध संघ परिसर में तैयार किए गए फर्मेंटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट का शुभारंभ प्रमुख कार्यक्रमों में शामिल है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 3 अक्टूबर को इस संयंत्र का उद्घाटन किया जाएगा। इस प्लांट को मध्यप्रदेश में दुग्ध प्रसंस्करण और मूल्यवर्धित दुग्ध उत्पादों के उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना के तौर पर तैयार किया गया है।

    फर्मेंटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट की कुल परियोजना लागत 16.80 करोड़ रुपए बताई गई है। इसमें भारत सरकार की ओर से 6 करोड़ रुपए का अनुदान दिया गया है जबकि भोपाल सहकारी दुग्ध संघ ने 10.80 करोड़ रुपए का अंशदान किया है। प्लांट की दूध प्रसंस्करण क्षमता करीब 40 हजार लीटर प्रतिदिन है। इसके जरिए दूध से जुड़े मूल्यवर्धित उत्पादों के उत्पादन और प्रसंस्करण को बढ़ाने की योजना है।

    अमित शाह के दौरे को लेकर सरकार और प्रशासन की तैयारियां लगातार आगे बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री की बैठक में कार्यक्रमों से जुड़े विभागों को लेकर अलग अलग स्तर पर चर्चा हुई। साथ ही शासन के स्तर पर चल रही पदोन्नति और अनुकंपा नियुक्ति से जुड़ी प्रक्रिया भी बैठक के प्रमुख विषयों में रही। ऐसे में एक ही बैठक में प्रशासनिक मामलों और केंद्रीय मंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रमों की तैयारियों पर चर्चा हुई।

    अब अमित शाह के दौरे से जुड़े कार्यक्रमों को अंतिम रूप देने के साथ ही संबंधित विभागों की जिम्मेदारियां तय करने पर फोकस है। वहीं पदोन्नति प्रक्रिया में प्रस्तावित बदलावों को लेकर सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से दिए गए सुझावों पर आगे की कार्रवाई को लेकर भी नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में इन मामलों से जुड़े फैसलों और कार्यक्रमों की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

  • गांव में शराब लेकर पहुंचना पड़ा भारी, महिलाओं ने युवक को पकड़ा, खंभे से बांधा और पेटियों में लगाई आग

    गांव में शराब लेकर पहुंचना पड़ा भारी, महिलाओं ने युवक को पकड़ा, खंभे से बांधा और पेटियों में लगाई आग


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के करैरा क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री के खिलाफ महिलाओं का गुस्सा सड़क पर देखने को मिला। मंगलवार को समोहा गांव में शराब की पेटियां लेकर पहुंचे दो बाइक सवारों को महिलाओं ने घेर लिया। दोनों युवकों ने मौके से भागने की कोशिश की लेकिन महिलाओं ने उनका पीछा कर लिया और पीछे बैठे एक व्यक्ति को पकड़ लिया। इसके बाद महिलाओं ने शराब की पेटियां अपने कब्जे में लेकर उन्हें सड़क पर फेंक दिया और आग लगा दी। पकड़े गए युवक को रस्सी से एक खंभे में बांध दिया गया और पुलिस को पूरे मामले की सूचना दी गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है जिसमें महिलाओं का विरोध और शराब की पेटियों को जलाने का दृश्य दिखाई दे रहा है।

    जानकारी के मुताबिक मंगलवार को दो बाइक सवार समोहा गांव में शराब की पेटियां लेकर पहुंचे थे। गांव में उनकी गतिविधियों को देखकर महिलाओं ने उन्हें रोकने की कोशिश की। बाइक सवारों ने वहां से निकलने का प्रयास किया लेकिन महिलाएं उनके पीछे दौड़ पड़ीं। इस दौरान एक व्यक्ति महिलाओं के हाथ लग गया जबकि दूसरा मौके से निकल गया। महिलाओं ने पकड़े गए युवक को रस्सी से खंभे से बांध दिया। इसके बाद शराब की पेटियों को सड़क पर रखकर उनमें आग लगा दी गई। मामले की सूचना मिलने के बाद करैरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को अपने साथ थाने ले गई।

    पुलिस के अनुसार पकड़े गए व्यक्ति की पहचान सुरेंद्र राय के रूप में हुई है। पुलिस ने मामले में आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शराब कहां से लाई गई थी और गांव में इसकी सप्लाई कौन कर रहा था। साथ ही दूसरे बाइक सवार और शराब की सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।

    वहीं गांव की महिलाओं का आरोप है कि समोहा में कई जगहों पर अवैध तरीके से शराब बेची जा रही है। महिलाओं का दावा है कि गांव में करीब तीन स्थानों पर शराब की बिक्री होती है और कुछ लोग परचून की दुकानों की आड़ में शराब बेच रहे हैं। उनका कहना है कि गांव में आसानी से शराब उपलब्ध होने के कारण परिवारों पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। महिलाओं ने प्रशासन और पुलिस से अवैध शराब की बिक्री पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की है।

    महिलाओं के इस विरोध को हाल में सागर में शराब से हुई मौतों के बाद शराब की अवैध बिक्री को लेकर बढ़ी चिंता से भी जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि शिवपुरी की इस घटना में पुलिस की कार्रवाई और जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शराब की सप्लाई का पूरा नेटवर्क कितना बड़ा है। फिलहाल गांव में महिलाओं के इस तरह सड़क पर उतरकर विरोध करने की घटना चर्चा में है। पुलिस ने पकड़े गए युवक के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है और अवैध शराब की बिक्री से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है।

  • एमपी में गजब घटनाओं की भरमार, CMHO ऑफिस में पिल्लों का जन्म, विधायक के बाइक स्टंट से मचा हंगामा

    एमपी में गजब घटनाओं की भरमार, CMHO ऑफिस में पिल्लों का जन्म, विधायक के बाइक स्टंट से मचा हंगामा


    भोपाल । मध्यप्रदेश में इन दिनों राजनीति प्रशासन और सरकारी व्यवस्थाओं से जुड़ी ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं जो चर्चा का विषय बन गई हैं। कहीं सरकारी स्वास्थ्य कार्यालय में आवारा कुतिया ने छह पिल्लों को जन्म दे दिया तो कहीं प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में सांप के पहुंचने से लोगों में हड़कंप मच गया। इसी बीच कालापीपल के भाजपा विधायक घनश्याम चंद्रवंशी का बाइक चलाते हुए स्टंट करने का वीडियो सामने आया तो आगर जिले के सुसनेर में कांग्रेस विधायक भैरों सिंह परिहार का तहसीलदार को फोन पर फटकार लगाने का मामला भी सुर्खियों में आ गया। इन घटनाओं ने सरकारी व्यवस्थाओं से लेकर जनप्रतिनिधियों के आचरण तक कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    छतरपुर में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी यानी CMHO के कार्यालय में रविवार रात एक आवारा कुतिया पहुंच गई। बताया गया कि वह कार्यालय के एक खाली केबिन में अलमारियों और फाइलों के बीच चली गई और वहीं उसने छह पिल्लों को जन्म दे दिया। सोमवार सुबह जब कर्मचारी कार्यालय पहुंचे तो फाइलों के बीच पिल्लों को देखकर हैरान रह गए। घटना का वीडियो सामने आने के बाद कार्यालय की साफ सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे। मामला अधिकारियों तक पहुंचा तो कलेक्टर ने CMHO को व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए।

    इसी तरह इंदौर के एमवाय अस्पताल में भी एक सांप के पहुंचने से अफरा तफरी मच गई। अस्पताल की न्यू ओपीडी में सांप काफी देर तक घूमता रहा। उसे देखकर वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। बाद में काफी मशक्कत के बाद सांप को पकड़ा गया और अस्पताल परिसर से बाहर निकाला गया। इससे पहले अस्पताल में चूहों की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठ चुके हैं। अब सांप के पहुंचने की घटना ने अस्पताल की साफ सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा बढ़ा दी है।

    उधर कालापीपल से भाजपा विधायक घनश्याम चंद्रवंशी का बाइक चलाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। वीडियो में वह कुछ समय के लिए दोनों हाथ छोड़कर बाइक चलाते दिखाई दिए। वीडियो वायरल होने के बाद नियमों की अनदेखी को लेकर सवाल उठे। विधायक ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने कोई स्टंट नहीं किया था और यह उत्साह में हो गया। उन्होंने आगे ऐसी गलती नहीं करने की बात कही। खास बात यह है कि विधायक पहले लोगों को हेलमेट और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह देते नजर आए थे।

    आगर जिले के सुसनेर में कांग्रेस विधायक भैरों सिंह परिहार का तहसीलदार से फोन पर विवाद भी चर्चा में रहा। नगर परिषद अध्यक्ष पद के उपचुनाव के दौरान विधायक ने बिना सूचना EVM बदले जाने का आरोप लगाते हुए तहसीलदार से फोन पर नाराजगी जताई। बातचीत के दौरान उन्होंने तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया। हालांकि बाद में विधायक खुद पूछते सुनाई दिए कि फोन पर कौन था।

    इन घटनाओं के बीच प्रशासनिक गलियारों में संभावित IAS तबादलों की चर्चा भी तेज है। एक जिले के कलेक्टर द्वारा अपनी कुर्सी बचाने के लिए कथित तौर पर प्रभावशाली संपर्कों का सहारा लेने की चर्चा है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। कुल मिलाकर मध्यप्रदेश में इन दिनों सरकारी व्यवस्थाओं और जनप्रतिनिधियों से जुड़ी कई घटनाएं एक साथ सुर्खियों में हैं।

  • रिटायर्ड IAS की हत्या से भोपाल में सनसनी, नया केयरटेकर गायब, गैस भरकर सबूत मिटाने का प्रयास

    रिटायर्ड IAS की हत्या से भोपाल में सनसनी, नया केयरटेकर गायब, गैस भरकर सबूत मिटाने का प्रयास


    भोपाल । भोपाल में बुधवार सुबह रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या की खबर से सनसनी फैल गई। सूरजनगर स्थित उनके घर में उनका शव मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक राकेश अग्रवाल के गले पर धारदार हथियार से हमला किए जाने के निशान मिले हैं। पुलिस को संदेह है कि हत्या के पीछे उनके केयरटेकर वरुण कुमार का हाथ हो सकता है जो वारदात के बाद से लापता है। खास बात यह है कि वरुण कुमार को महज दो दिन पहले ही पंजाब की एक एजेंसी के माध्यम से नौकरी पर रखा गया था। पुलिस उसके बारे में जानकारी जुटाने के साथ ही उसकी तलाश में जुटी है।

    राकेश अग्रवाल 1982 बैच के IAS अधिकारी थे और सेवानिवृत्ति के बाद अपनी पत्नी के साथ सूरजनगर स्थित मकान में रह रहे थे। बुधवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे उनकी पत्नी की नींद खुली। वह रोजाना की तरह मॉर्निंग वॉक के लिए जाने की तैयारी कर रही थीं लेकिन जब उन्होंने मुख्य दरवाजा खोलने की कोशिश की तो वह बाहर से बंद मिला। इसके बाद उन्होंने दूसरे नौकर राजन थापा को फोन किया। स्थिति असामान्य लगने पर वह घर के अंदर राकेश अग्रवाल के कमरे की ओर गईं। कमरे का दरवाजा खोलने पर जमीन पर राकेश अग्रवाल का शव पड़ा मिला। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।

    रातीबड़ पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। शुरुआती जांच में राकेश अग्रवाल के गले पर धारदार हथियार से चोट के निशान मिले हैं जिससे हत्या की आशंका मजबूत हुई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात किस समय हुई और घर में उस दौरान कौन कौन मौजूद था। जांच में केयरटेकर वरुण कुमार का लापता होना भी महत्वपूर्ण बिंदु माना जा रहा है। पुलिस के मुताबिक उसका सामान भी घर में नहीं मिला है। इससे पुलिस की जांच का एक प्रमुख फोकस उसकी तलाश और घटना से उसके संभावित संबंध पर है।

    मामले में एक और गंभीर पहलू सामने आया है। पुलिस को घर के अंदर आग लगाने की कोशिश के संकेत मिले हैं। किचन में LPG सिलेंडर का पाइप निकला हुआ मिला और पूरे घर में गैस फैल गई थी। ऐसे में पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या हत्या के बाद घर में आग लगाकर घटना के निशान मिटाने का प्रयास किया गया था। हालांकि इस संबंध में जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

    घटना के बाद पुलिस ने घर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है और किसी भी व्यक्ति के मकान के अंदर जाने पर रोक लगा दी गई है। पुलिस घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटा रही है। साथ ही घर में काम करने वाले अन्य लोगों से भी जानकारी ली जा रही है। राकेश अग्रवाल की हत्या के बाद इलाके में भी लोगों के बीच चर्चा का माहौल है। फिलहाल पुलिस की जांच के केंद्र में लापता केयरटेकर वरुण कुमार है और उसकी तलाश के बाद मामले की कई अहम कड़ियां सामने आने की उम्मीद है।

  • भोपाल वालों के लिए जरूरी खबर, बिजली कटौती से लेकर बदले ट्रेन रूट तक जानें पूरा अपडेट

    भोपाल वालों के लिए जरूरी खबर, बिजली कटौती से लेकर बदले ट्रेन रूट तक जानें पूरा अपडेट


    भोपाल । भोपाल शहर में आज लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी कई अहम गतिविधियां देखने को मिलेंगी। बिजली सप्लाई से लेकर रेलवे यातायात और शहर में चल रहे कला संस्कृति से जुड़े आयोजनों तक कई ऐसे अपडेट हैं जिनका सीधा असर आम लोगों पर पड़ सकता है। सबसे महत्वपूर्ण जानकारी बिजली कटौती को लेकर है। शहर के 100 से अधिक इलाकों में अलग अलग समय पर बिजली सप्लाई प्रभावित रहेगी। कई क्षेत्रों में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बिजली बंद रहेगी जबकि कुछ इलाकों में कटौती का समय दोपहर तक सीमित रहेगा। ईरानी बस्ती भानपुर भानपुर चौराहा अटल नेहरू नगर गीता नगर लीलाधर कॉलोनी समता नगर और शिव नगर फेज 3 एवं 4 सहित आसपास के क्षेत्रों में सुबह 10 से शाम 4 बजे तक बिजली सप्लाई प्रभावित रहेगी। इसी तरह जीवन धारा अस्पताल देव माता अस्पताल राजीव नगर बी और सी सेक्टर तथा आसपास के क्षेत्रों में भी इसी अवधि में बिजली बंद रहेगी।

    शहर के कई दूसरे हिस्सों में भी बिजली कटौती का असर दिखाई देगा। शक्ति नगर के विभिन्न सेक्टरों में सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक सप्लाई प्रभावित रहेगी। अमलतास कॉलोनी सीआई कॉलोनी एन्क्लेव सागर होम्स चिनार वुड चुनाभट्टी और आसपास के इलाकों में भी दोपहर 2 बजे तक बिजली बंद रहेगी। वहीं कुछ क्षेत्रों में कटौती का समय दोपहर 3 बजे तक और कुछ जगहों पर शाम 5 बजे तक निर्धारित है। इस वजह से जरूरी काम निपटाने वाले लोगों को अपने क्षेत्र में बिजली कटौती के समय की जानकारी पहले से रखनी होगी।

    रेलवे से जुड़ी खबर भी यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है। दिवाली और छठ पूजा के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए मध्यप्रदेश से 10 राज्यों के लिए फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें चलाने की तैयारी की गई है। इन सेवाओं से प्रदेश के करीब 30 स्टेशन जुड़ेंगे और राजस्थान उत्तरप्रदेश बिहार झारखंड महाराष्ट्र तेलंगाना आंध्रप्रदेश तमिलनाडु हरियाणा तथा दिल्ली की कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके अलावा जोधपुर और चेन्नई के बीच पूजा स्पेशल ट्रेन के 9-9 ट्रिप चलाए जाएंगे जो भोपाल मंडल के गुना बीना भोपाल और इटारसी से होकर गुजरेंगे।

    दूसरी ओर रेलवे के कुछ कामों के चलते यात्रियों को बदलाव का सामना भी करना पड़ेगा। बीना और आगासौद में यार्ड रीमॉडलिंग के कारण भोपाल मंडल से गुजरने वाली 20 यात्री ट्रेनें अलग अलग तारीखों में प्रभावित रहेंगी। अक्टूबर में कसारा क्षेत्र में रेल लाइन के काम के कारण भोपाल होकर चलने वाली 23 ट्रेनों के मार्ग में भी बदलाव रहेगा। वहीं 26 सितंबर से मालवा एक्सप्रेस और सोमनाथ एक्सप्रेस भोपाल स्टेशन के बजाय निशातपुरा स्टेशन पर ठहरेंगी।

    शहर में कला और संस्कृति से जुड़े आयोजन भी जारी हैं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में 30 सितंबर तक पुस्तक प्रदर्शनी चल रही है। भारत भवन में रूपाभ चित्र प्रदर्शनी 4 अक्टूबर तक जारी रहेगी जबकि मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय में भील चित्रकार बाबू ताहेड़ के चित्रों की प्रदर्शनी 30 सितंबर तक देखी जा सकती है। गौहर महल में 11 अक्टूबर तक स्टेट हैंडलूम एक्सपो आयोजित किया जा रहा है जहां देश के अलग अलग राज्यों के हाथकरघा उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं।

    युवाओं और विद्यार्थियों के लिए भी जरूरी अपडेट है। विकसित भारत चुनौती प्रतियोगिता के पहले चरण के डिजिटल क्विज के लिए 30 सितंबर तक माय भारत पोर्टल पर पंजीयन किया जा सकता है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश के विद्यार्थियों और शिक्षकों को देश के 22 प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थानों में विशेष प्रशिक्षण दिलाने की योजना के तहत प्रस्ताव भी 30 सितंबर तक मांगे गए हैं।

  • BJP नेता की मौत के बाद प्रशासन की नींद टूटी, हादसे वाले पोल पर लगाया त्रिपाल, 500 मीटर इलाके में खुले तारों का जाल

    BJP नेता की मौत के बाद प्रशासन की नींद टूटी, हादसे वाले पोल पर लगाया त्रिपाल, 500 मीटर इलाके में खुले तारों का जाल


    भोपाल । भोपाल के एमपी नगर इलाके में डीबी मॉल के सामने करंट लगने से भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री दिव्यऋषि तिवारी की मौत के बाद बिजली व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठने लगे हैं। रविवार रात हुए इस हादसे में दिव्यऋषि सड़क पार करने के बाद डिवाइडर के पास पहुंचे और जैसे ही उन्होंने बिजली के पोल को छुआ उन्हें जोरदार करंट लगा और वह जमीन पर गिर गए। मौके पर मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने उन्हें बचाने की कोशिश की। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

    इस हादसे के बाद सामने आई जानकारी ने चिंता और बढ़ा दी है। पुलिस के मुताबिक इसी स्थान पर पिछले कुछ दिनों के दौरान सात से ज्यादा लोगों को करंट लग चुका था। वहीं नगर निगम का कहना है कि उसे इस पोल से जुड़ी किसी शिकायत की जानकारी नहीं मिली थी। दोनों विभागों के दावों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि अगर लोगों को पहले भी करंट के झटके लग रहे थे तो इसकी जानकारी संबंधित विभाग तक क्यों नहीं पहुंची और अगर शिकायत हुई थी तो उस पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

    मॉल के एक कर्मचारी दिनेश ने बताया कि अगस्त में उन्हें भी इसी जगह करंट लगा था। उनका कहना है कि वह स्मार्ट पार्किंग में बाइक खड़ी करने के बाद इसी रास्ते से आते जाते थे। करंट लगने के बाद उन्होंने इस रास्ते का इस्तेमाल करना बंद कर दिया। हालांकि उन्होंने इस घटना की शिकायत पुलिस या नगर निगम में नहीं की थी। उनके मुताबिक आसपास से गुजरने वाले लोगों के बीच भी इस पोल को लेकर खतरे की चर्चा होती थी।

    प्रत्यक्षदर्शी ऑटो चालक आशीष कुर्मी के मुताबिक दिव्यऋषि सड़क पार करके डिवाइडर की तरफ पहुंचे थे। पोल को छूते ही उन्हें करंट लगा और वह गिर पड़े। पीछे से आ रही एक महिला ने मदद करने की कोशिश की तो उसे भी करंट का झटका लगा और वह पीछे हट गई। पुलिसकर्मियों ने मौके पर प्राथमिक मदद दी और दिव्यऋषि को अस्पताल पहुंचाया लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।

    हादसे के बाद संबंधित पोल को त्रिपाल से ढक दिया गया है। उसके आसपास बैरिकेडिंग की गई और चेतावनी वाले पोस्टर लगाए गए हैं। हालांकि इलाके में आवाजाही को देखते हुए केवल बैरिकेडिंग और चेतावनी पोस्टर से सुरक्षा को लेकर सवाल खत्म नहीं होते। बिजली की सप्लाई वायरिंग कनेक्शन और अर्थिंग की जांच करना भी जरूरी माना जा रहा है।

    ग्राउंड पड़ताल में हादसे वाली जगह से करीब 500 मीटर के दायरे में कई स्ट्रीट लाइट पोल पर खुले तार और कनेक्शन दिखाई दिए। इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि कहीं दूसरे पोल भी लोगों के लिए खतरा तो नहीं बने हुए हैं। खराब इंसुलेशन खुले कनेक्शन अर्थिंग की समस्या या बारिश के पानी के संपर्क जैसी वजहों से बिजली का करंट फैलने का खतरा हो सकता है।

    इस मामले में एमपी नगर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने कहा है कि इलेक्ट्रिकल टीम को शिकायत मिलते ही तत्काल कार्रवाई के निर्देश हैं। हालांकि उनका कहना है कि हादसे से पहले संबंधित पोल को लेकर निगम के पास कोई शिकायत नहीं आई थी। अब पुलिस और संबंधित विभाग की जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि पोल में करंट कैसे आया और पहले किसी स्तर पर इसकी जानकारी थी या नहीं।

  • 10 लाख के लेनदेन से लेकर पारिवारिक विवाद तक, भोपाल में कारोबारी की आत्महत्या से हड़कंप, सुसाइड नोट खंगाल रही पुलिस

    10 लाख के लेनदेन से लेकर पारिवारिक विवाद तक, भोपाल में कारोबारी की आत्महत्या से हड़कंप, सुसाइड नोट खंगाल रही पुलिस


    भोपाल । भोपाल के गांधी नगर थाना क्षेत्र के अब्बास नगर स्थित फाइन अपार्टमेंट में एक कारोबारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना 28 सितंबर की दोपहर करीब डेढ़ बजे की बताई जा रही है। मृतक की पहचान भूपेंद्र शर्मा के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। एफएसएल टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया है। इस मामले में सुसाइड नोट को लेकर पुलिस और परिवार के दावों में अंतर सामने आया है। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला जबकि परिजनों का दावा है कि उन्होंने एक सुसाइड नोट पुलिस को सौंपा है।

    मृतक के बेटे दीप शर्मा के मुताबिक उनके पिता के अमर अदानी नाम के व्यक्ति से दोस्ताना संबंध थे। बेटे का दावा है कि काम छूटने के बाद पिता ने अमर को करीब एक लाख रुपए दिए थे। इसके बाद उन्हें सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी की राइस एंड रोड स्थित कैंटीन का काम दिलाने की बात कही गई। आरोप है कि कैंटीन में मौजूद सामान सहित पूरा काम करीब 10 लाख रुपए में देने की बात हुई थी। परिवार के अनुसार भूपेंद्र को पहले कुछ समय कैंटीन चलाने और बाद में एग्रीमेंट करने की बात कही गई थी लेकिन बाद में इसी एग्रीमेंट और पैसों को लेकर विवाद बढ़ गया।

    दीप के अनुसार जब भूपेंद्र ने अपने पैसे वापस करने और कैंटीन के काम को लेकर बातचीत की तो कथित तौर पर उनसे पैसे लौटाने के बजाय दो लाख रुपए और देने की मांग की गई। बेटे का दावा है कि कैंटीन में दूसरे पक्ष का सामान भी मौजूद था और इसको लेकर उनके पिता के मोबाइल पर संदेश आते थे। परिवार का कहना है कि लगातार चल रहे पैसों के विवाद के कारण भूपेंद्र मानसिक रूप से परेशान थे।

    परिजनों द्वारा पुलिस को सौंपे गए बताए जा रहे सुसाइड नोट में भी पैसों के लेनदेन और कैंटीन के काम का उल्लेख होने की बात कही गई है। नोट में अमर अदानी पर पैसे वापस मांगने पर कथित तौर पर टालने और धमकाने के आरोप लगाए गए हैं। इसके साथ ही भूपेंद्र ने अपने ससुर शिवनारायण शर्मा पर भी परिवार को परेशान करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने अपने परिवार के लिए न्याय की मांग किए जाने की बात भी लिखी है।

    सुसाइड नोट में भूपेंद्र ने पत्नी और दोनों बच्चों को लेकर भावुक संदेश भी लिखा है। उन्होंने पत्नी से माफी मांगते हुए बच्चों का ध्यान रखने की बात कही। साथ ही उन्होंने लिखा कि उन्होंने किसी का बुरा नहीं किया फिर भी वह और उनका परिवार लगातार परेशान रहा।

    हालांकि पुलिस ने अभी सुसाइड नोट की बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। गांधीनगर थाने के एएसआई जेएस पाटिल के मुताबिक भूपेंद्र ने घर में फांसी लगाई थी। पोस्टमार्टम कराया जा चुका है और एफएसएल टीम ने कमरे का निरीक्षण किया है। पुलिस के अनुसार मौके से फिलहाल कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। दूसरी ओर परिवार का कहना है कि उनके पास मौजूद नोट पुलिस को सौंप दिया गया है। ऐसे में अब पुलिस सुसाइड नोट की सत्यता और उसमें लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आत्महत्या के पीछे की परिस्थितियों और जिम्मेदार लोगों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारी के बीच शाही मस्जिद का हिस्सा हटाया जा रहा, कलेक्टर और शहर काजी ने अफवाहों से बचने की अपील की

    उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारी के बीच शाही मस्जिद का हिस्सा हटाया जा रहा, कलेक्टर और शहर काजी ने अफवाहों से बचने की अपील की

    मध्य प्रदेश 28 सितंबर। मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच छत्री चौक स्थित शाही मस्जिद का एक हिस्सा समुदाय द्वारा स्वत: हटाया जा रहा है। उज्जैन प्रशासन के अनुसार, सिंहस्थ की व्यवस्थाओं के लिए मास्टर प्लान के तहत मार्गों के चौड़ीकरण का काम चल रहा है और इसमें सभी समुदायों की भागीदारी सामने आ रही है।

    सिंहस्थ-2028 के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए शहर में विभिन्न विकास और निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। प्रशासन के अनुसार, इन कार्यों के तहत ऐसे मकान और धर्मस्थल जो प्रस्तावित मार्गों के बीच आ रहे हैं, उन्हें संबंधित लोग स्वयं हटाने के लिए आगे आ रहे हैं।

    इसी क्रम में छत्री चौक स्थित शाही मस्जिद के एक हिस्से को भी समुदाय द्वारा स्वत: हटाया जा रहा है। इस संबंध में उज्जैन कलेक्टर रोशन सिंह ने लोगों से किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।

    उन्होंने कहा कि वर्ष 2028 में सिंहस्थ महाकुंभ का आयोजन होना है और बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। मास्टर प्लान के अनुसार मार्गों का चौड़ीकरण किया जा रहा है और इसमें अलग-अलग धर्म एवं समुदाय के लोग अपना सहयोग दे रहे हैं।

    कलेक्टर के अनुसार, जिन लोगों के मकान या धर्मस्थल विकास कार्यों के बीच आ रहे हैं, वे स्वयं आगे आकर उन्हें हटाने में सहयोग कर रहे हैं। इसी प्रक्रिया के तहत छत्री चौक पर शाही मस्जिद का हिस्सा भी समुदाय द्वारा स्वत: हटाया जा रहा है।

    प्रशासन ने इस मामले को लेकर लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की अफवाहों से बचना जरूरी है, ताकि विकास कार्यों के बीच शहर में किसी प्रकार की अनावश्यक स्थिति उत्पन्न न हो।

    उज्जैन शहर काजी खली कुर्रे रहमान ने भी लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मस्जिद से जुड़ा मामला रात में ही आपसी सहमति से सुलझ गया था। उनके अनुसार, ऐसी कोई स्थिति नहीं है जिसके कारण किसी व्यक्ति को मौके पर जाने की आवश्यकता हो।

    शहर काजी ने कहा कि जिस कार्य को पूरा करने का संकल्प लिया गया है, उसे पूरा किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों के कारण घर से बाहर निकलकर अनावश्यक रूप से मौके पर न जाएं।

    सिंहस्थ-2028 को लेकर उज्जैन में सड़क, मार्ग और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं से जुड़े काम लगातार आगे बढ़ाए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि इन विकास कार्यों में लोगों का सहयोग महत्वपूर्ण है। छत्री चौक पर शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने की प्रक्रिया भी इसी क्रम में बताई गई है।

    मामले को लेकर प्रशासन और शहर काजी दोनों ने लोगों से संयम बनाए रखने और किसी भी अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करने की अपील की है। साथ ही लोगों से कहा गया है कि वे अनावश्यक रूप से मौके पर पहुंचने के बजाय शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।

  • बेटी के जन्मदिन पर पत्नी को बुलाया नहीं आई तो बढ़ा तनाव बच्ची से मिलने की कोशिश भी नाकाम रही युवक की मौत

    बेटी के जन्मदिन पर पत्नी को बुलाया नहीं आई तो बढ़ा तनाव बच्ची से मिलने की कोशिश भी नाकाम रही युवक की मौत


    भोपाल । भोपाल के हबीबगंज थाना क्षेत्र में एक युवक की मौत के मामले ने परिवार और रिश्तों से जुड़े विवाद को सामने ला दिया है। 25 वर्षीय सावन पचौरी पिछले काफी समय से पारिवारिक तनाव से गुजर रहा था। परिजनों के मुताबिक उसकी पत्नी करीब दो साल से अलग रह रही थी। दोनों ने लगभग तीन साल पहले प्रेम विवाह किया था लेकिन बेटी के जन्म के बाद उनके बीच विवाद बढ़ता गया और पत्नी अलग रहने लगी। सावन अपनी छोटी बेटी से मिलना चाहता था और परिवार के अनुसार बच्ची से दूरी उसके लिए लगातार परेशानी का कारण बनी हुई थी।

    मामले के मुताबिक 22 सितंबर को सावन की बेटी का दूसरा जन्मदिन था। वह चाहता था कि बेटी का जन्मदिन परिवार के साथ मनाया जाए। इसी उम्मीद में उसने पत्नी से घर आने के लिए संपर्क किया था। परिजनों के अनुसार सावन ने पत्नी से केवल एक दिन के लिए घर आने और बच्ची का जन्मदिन मनाने के बाद वापस जाने की बात कही थी। हालांकि पत्नी घर नहीं आई। परिजनों का कहना है कि इस घटना के बाद सावन काफी परेशान रहने लगा था।

    बताया गया कि इसके बाद सावन अपनी बच्ची से मिलने की कोशिश कर रहा था लेकिन करीब दो दिन पहले उसे बच्ची से मिलने का मौका नहीं मिला। परिवार के अनुसार इस बात से उसका तनाव और बढ़ गया था। शुक्रवार शाम उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजनों को जब स्थिति की जानकारी हुई तो वे उसे तत्काल हमीदिया अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए इलाज शुरू किया लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हो सका।

    रविवार को इलाज के दौरान सावन की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस प्रारंभिक स्तर पर पारिवारिक विवाद और बच्ची से नहीं मिल पाने के कारण बने तनाव के पहलू की जांच कर रही है। साथ ही परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और पत्नी से जुड़े घटनाक्रम को भी जांच में शामिल किया गया है।

    सावन 12 नंबर मल्टी के फ्लैट में परिवार के साथ रहता था और प्लास्टिक इंजीनियरिंग से जुड़े काम करता था। उसकी मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। रविवार को परिजनों की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस पारिवारिक विवाद से जुड़े सभी पहलुओं को समझने का प्रयास कर रही है।