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  • आगर-मालवा में एमडी ड्रग्स की बड़ी खेप पकड़ी गई, 33 लाख से अधिक की नशीली सामग्री के साथ आरोपी गिरफ्तार

    आगर-मालवा में एमडी ड्रग्स की बड़ी खेप पकड़ी गई, 33 लाख से अधिक की नशीली सामग्री के साथ आरोपी गिरफ्तार


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आगर-मालवा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कोतवाली थाना पुलिस ने 330 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। बरामद मादक पदार्थ और एक मोबाइल फोन सहित कुल मशरुका की कीमत करीब 34 लाख 20 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 19 जनवरी की रात को कोतवाली थाना पुलिस को एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि सुसनेर क्षेत्र के नूरानी नगर निवासी फैजान पठान 23 अवैध मादक पदार्थ एमडी ड्रग्स अपने पास रखकर सुसनेर आगरमालवा रोड से आगर की ओर जाने वाला है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तुरंत घेराबंदी कर कार्रवाई की।

    पुलिस ने ग्राम आमला के पास मां दुर्गा माताजी मंदिर के समीप संदिग्ध युवक को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से 330 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद की गई। इसके अलावा एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया, जिसका उपयोग ड्रग्स के अवैध कारोबार में किया जा रहा था।प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त था और इसे आगे सप्लाई करने की फिराक में था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी यह नशीला पदार्थ कहां से लाया था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश भी शुरू कर दी गई है।

    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की है। अधिकारियों का कहना है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता को लेकर आमजन में संतोष देखा जा रहा है। पुलिस अधीक्षक ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि नशे के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह सख्ती से जारी रहेगा।

  • भोपाल में खौफनाक वारदात: गांव जाने से पत्नी ने किया इनकार तो पति ने गला दबाकर उतारा मौत के घाट; 14 महीने पहले ही हुई थी दोनों की दूसरी शादी

    भोपाल में खौफनाक वारदात: गांव जाने से पत्नी ने किया इनकार तो पति ने गला दबाकर उतारा मौत के घाट; 14 महीने पहले ही हुई थी दोनों की दूसरी शादी


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी के छोला मंदिर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ रहने के ठिकाने को लेकर हुए मामूली विवाद में एक पति इस कदर हैवान बन गया कि उसने अपनी ही पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात की खबर फैलते ही इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में ले लिया है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
    शादी के 14 महीने और मौत का मंजर मृतक महिला और आरोपी पति हेमराज जो पेशे से सब्जी का ठेला लगाता है दोनों की यह दूसरी शादी थी। महज 14 महीने पहले ही दोनों एक-दूसरे के साथ वैवाहिक बंधन में बंधे थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि पिछले कुछ समय से दोनों के बीच रहने की जगह को लेकर अनबन चल रही थी। हेमराज चाहता था कि वे अपने पैतृक गांव में जाकर रहें जबकि पत्नी भोपाल शहर को छोड़कर गांव जाने के लिए तैयार नहीं थी।विवाद ने लिया हिंसा का रूप घटना वाले दिन इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हुई।
    विवाद इतना बढ़ा कि गुस्से में आकर हेमराज ने अपनी पत्नी का गला दबा दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी घबराया नहीं बल्कि उसने खुद ही पत्नी के मायके वालों को फोन कर घटना की जानकारी दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार सूचना मिलते ही छोला थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी पति को पकड़ लिया गया है। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार कर रही है जिसके बाद हत्या की धाराओं के तहत औपचारिक मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि; बोले– युवाओं के लिए अनंत प्रेरणास्रोत है उनका शौर्य

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि; बोले– युवाओं के लिए अनंत प्रेरणास्रोत है उनका शौर्य


    भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को भारतीय इतिहास के महान योद्धा, त्याग और बलिदान के प्रतीक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने उनके अदम्य साहस और देशप्रेम को नमन करते हुए उन्हें भारतीय अस्मिता का रक्षक बताया।

    शौर्य और स्वाभिमान के प्रतीक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि महाराणा प्रताप मातृभूमि की रक्षा और स्वाभिमान के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले महानायक थे। उनका जीवन वीरता, पराक्रम और संघर्ष की एक ऐसी गाथा है, जो हर पीढ़ी को राष्ट्रभक्ति के लिए प्रेरित करती है। मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि महाराणा प्रताप ने कठिन परिस्थितियों में भी कभी झुकना स्वीकार नहीं किया और अपने संकल्पों से मुगल साम्राज्य को चुनौती दी।

    युवाओं के मार्गदर्शक हैं उनके आदर्श डॉ. यादव ने आगे कहा कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप का जीवन और उनके आदर्श वर्तमान समय के युवाओं के लिए अनंत प्रेरणास्रोत हैं। उनका संघर्ष और राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा हमें यह सिखाती है कि विपरीत परिस्थितियों में भी अपने मूल्यों से समझौता नहीं करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि महाराणा प्रताप के दिखाए गए मार्ग और उनके वीरतापूर्ण संघर्ष से आने वाली पीढ़ियाँ सदैव मार्गदर्शन प्राप्त करती रहेंगी। उल्लेखनीय है कि मेवाड़ के महान शासक महाराणा प्रताप का निधन 19 जनवरी 1597 को हुआ था। आज उनकी पुण्यतिथि पर देश भर में उन्हें याद कर नमन किया जा रहा है।

  • बिजली उपभोक्ताओं की बल्ले-बल्ले: समाधान योजना में अब तक 281 करोड़ का सरचार्ज माफ, ऊर्जा मंत्री ने 31 जनवरी तक बढ़ाई 100% छूट की अवधि

    बिजली उपभोक्ताओं की बल्ले-बल्ले: समाधान योजना में अब तक 281 करोड़ का सरचार्ज माफ, ऊर्जा मंत्री ने 31 जनवरी तक बढ़ाई 100% छूट की अवधि


    भोपाल । मध्य प्रदेश सरकार की ‘समाधान योजना 2025-26’ बकायादार बिजली उपभोक्ताओं के लिए वरदान साबित हो रही है। योजना के प्रति उपभोक्ताओं के भारी उत्साह को देखते हुए ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने प्रथम चरण की अवधि को 31 जनवरी 2026 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब तक इस योजना के माध्यम से प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं ने अपने पुराने बिजली बिलों के बोझ को कम किया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, योजना के तहत अब तक 653 करोड़ 60 लाख रुपये की मूल राशि जमा हो चुकी है, जबकि उपभोक्ताओं को राहत देते हुए 281 करोड़ 54 लाख रुपये का सरचार्ज अधिभार माफ किया गया है।

    12 लाख से अधिक उपभोक्ताओं ने उठाया लाभ ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने बताया कि पिछले साल 3 नवंबर से शुरू हुई इस योजना में अब तक 12 लाख 77 हजार 753 उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया है। योजना का मुख्य उद्देश्य उन उपभोक्ताओं को राहत देना है जिनका बिल 3 माह से अधिक समय से बकाया है। “जल्दी आएं, एकमुश्त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं” के सिद्धांत पर आधारित इस योजना में पहले चरण के तहत बकाया बिल एकमुश्त जमा करने पर 60 से 100 प्रतिशत तक की सरचार्ज माफी दी जा रही है।

    तीनों विद्युत वितरण कंपनियों का रिपोर्ट कार्ड योजना का लाभ प्रदेश की तीनों वितरण कंपनियों के क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर देखा गया है मध्य क्षेत्र कंपनी: यहाँ 4.02 लाख उपभोक्ताओं ने 411.49 करोड़ रुपये की मूल राशि जमा की और 218.44 करोड़ का सरचार्ज माफ हुआ। पूर्व क्षेत्र कंपनी: यहाँ 4.39 लाख उपभोक्ताओं ने 130.50 करोड़ जमा किए और 45.41 करोड़ की छूट पाई। पश्चिम क्षेत्र कंपनी: यहाँ 4.35 लाख उपभोक्ताओं ने 111.61 करोड़ की मूल राशि जमा कर 17.69 करोड़ का सरचार्ज माफ कराया।

    फरवरी से शुरू होगा दूसरा चरण, कम हो जाएगी छूट ऊर्जा मंत्री ने अपील की है कि उपभोक्ता 31 जनवरी तक प्रथम चरण का लाभ उठा लें, क्योंकि इसके बाद 1 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक द्वितीय और अंतिम चरण चलेगा। दूसरे चरण में सरचार्ज माफी का प्रतिशत घटकर 50 से 90 फीसदी रह जाएगा। अतः अधिकतम लाभ के लिए जनवरी अंत तक भुगतान करना ही समझदारी होगी।

    कैसे लें योजना का लाभ? योजना में शामिल होने के लिए प्रक्रिया को बेहद सरल बनाया गया है। उपभोक्ता बिजली कंपनी के ऐप, कॉमन सर्विस सेंटर CSC एमपी ऑनलाइन या नजदीकी विद्युत वितरण केंद्र पर जाकर पंजीयन करा सकते हैं। रेलू एवं कृषि उपभोक्ता: कुल बकाया राशि का 10% जमा कर पंजीयन करा सकते हैं। र-घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता: कुल बकाया राशि का 25% जमा कर योजना का लाभ ले सकते हैं।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने NDRF के स्थापना दिवस पर दीं शुभकामनाएँ; बोले- जवानों का साहस और सेवा भाव गर्व का विषय

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने NDRF के स्थापना दिवस पर दीं शुभकामनाएँ; बोले- जवानों का साहस और सेवा भाव गर्व का विषय


    भोपाल । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल NDRF के स्थापना दिवस के अवसर पर बल के सभी अधिकारियों और जवानों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। सोमवार को जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में NDRF द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों और उनके समर्पण की सराहना की।

    ‘आपदा सेवा सदैव सर्वत्र’ के ध्येय को किया नमन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि NDRF ‘आपदा सेवा सदैव सर्वत्र’ के पावन ध्येय वाक्य के साथ कार्य करता है। उन्होंने रेखांकित किया कि चाहे भीषण प्राकृतिक आपदा हो या कोई अन्य विषम परिस्थितियाँ, यह बल हमेशा संकट के समय रक्षक बनकर खड़ा रहता है। मुख्यमंत्री ने बल की कार्यप्रणाली की प्रशंसा करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में बचाव कार्यों के लिए NDRF का समर्पण अनुकरणीय है।

    साहस और सेवा भाव पर जताया गौरव मुख्यमंत्री ने अपने शुभकामना संदेश में जवानों के जज्बे को सलाम किया। उन्होंने कहा कि NDRF के जवानों का अदम्य साहस, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और निस्वार्थ सेवा भाव न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित करता है। संकट की हर घड़ी में अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की रक्षा करने का उनका संकल्प प्रेरणादायी है। उल्लेखनीय है कि NDRF स्थापना दिवस प्रतिवर्ष 19 जनवरी को मनाया जाता है। देश में आपदाओं के प्रभावी प्रबंधन और राहत कार्यों के लिए इस बल का गठन किया गया था, जिसने समय-समय पर अपनी विशेषज्ञता से हजारों लोगों की जान बचाई है।

  • मैहर में मानवता शर्मसार: घूमने निकली 14 वर्षीय किशोरी से तीन दरिंदों ने किया सामूहिक दुष्कर्म, जंगल में बनाया बंधक

    मैहर में मानवता शर्मसार: घूमने निकली 14 वर्षीय किशोरी से तीन दरिंदों ने किया सामूहिक दुष्कर्म, जंगल में बनाया बंधक

    मैहर । मध्य प्रदेश के मैहर जिले से एक बेहद सनसनीखेज और रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है जहाँ एक 14 वर्षीय किशोरी सामूहिक दुष्कर्म का शिकार हुई है। अमरपाटन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इलाके में तीन अज्ञात बदमाशों ने किशोरी को बंधक बनाकर इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद से क्षेत्र में भारी तनाव और आक्रोश का माहौल है जबकि पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।दोस्तों के साथ गई थी घूमने जानकारी के अनुसार, कक्षा 9वीं में पढ़ने वाली किशोरी शनिवार को अपने दो दोस्तों के साथ घर से घूमने के लिए निकली थी। इसी दौरान रास्ते में तीन अज्ञात युवकों ने उन्हें रोक लिया। आरोपियों ने डरा-धमकाकर किशोरी के दोस्तों को वहां से भगा दिया या उन्हें किनारे कर किशोरी को जबरन बंधक बना लिया। इसके बाद आरोपी उसे पास के एक घने जंगल की ओर ले गए।

    जंगल में दरिंदगी और जख्मी हालत में वापसी पीड़िता के अनुसार, सुनसान जंगल का फायदा उठाकर तीनों अज्ञात युवकों ने उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया। दरिंदगी की इस घटना के बाद आरोपी पीड़िता को गंभीर हालत में छोड़कर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद दहशत और सदमे में डूबी किशोरी किसी तरह अगले दिन यानी रविवार को लहूलुहान और जख्मी हालत में अपने घर पहुंची। अपनी बेटी की हालत देखकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई जिसके बाद किशोरी ने आपबीती सुनाई। पुलिस की कार्रवाई और मेडिकल जांच परिजनों ने तत्काल इसकी सूचना अमरपाटन थाना पुलिस को दी।

    पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल अज्ञात आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म गैंगरेप और पॉक्सो एक्ट POCSO Act के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पीड़िता को तत्काल उपचार और मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि संदिग्धों की धरपकड़ के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं और घटना स्थल के आसपास के रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर महिला सुरक्षा और नाबालिगों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दरिंदों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उन्हें कठोरतम सजा दी जाए।
  • एमपी के हरदा में दबंगई: आदिवासी किसान को बेरहमी से पीटा, थूककर किया अपमानित; खुद को बताया करणी सेना का सदस्य

    एमपी के हरदा में दबंगई: आदिवासी किसान को बेरहमी से पीटा, थूककर किया अपमानित; खुद को बताया करणी सेना का सदस्य


    हरदा । मध्य प्रदेश के हरदा जिले से सामाजिक सौहार्द और मानवता को शर्मसार करने वाली एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। रहटगाँव थाना क्षेत्र के ग्राम कपासी में दबंगों ने एक आदिवासी किसान और उसके साथियों के साथ न केवल बर्बरतापूर्वक मारपीट की, बल्कि उन्हें थूककर अपमानित भी किया। हमलावरों ने खुद को करणी सेना का सदस्य बताते हुए इलाके में दहशत फैलाने की कोशिश की और पीड़ितों को जान से मारने की धमकी दी। इस घटना के बाद से स्थानीय आदिवासी समुदाय में भारी आक्रोश व्याप्त है।

    विवाद की जड़ और हमला घटना 18 जनवरी 2026 की शाम करीब 5:30 बजे की है। पीड़ित किसान अपने खेत पर सिंचाई कार्य की देखरेख कर रहा था। इसी दौरान टेमागांव–कपासी मार्ग पर एक स्पोर्ट्स मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक बार-बार चक्कर लगा रहे थे। जब किसान ने उनकी संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए वहां रुकने का कारण पूछा, तो युवकों ने शालीनता दिखाने के बजाय गाली-गलौज शुरू कर दी। विवाद इतना बढ़ा कि बाइक पर पीछे बैठे युवक ने खेत की बाड़ से लकड़ी उखाड़कर किसान पर हमला कर दिया, जिससे उसके बाएं हाथ में गंभीर चोट आई।

    योजनाबद्ध तरीके से बुलाई गई भीड़ पीड़ित के अनुसार, प्राथमिक हमले के बाद मोटरसाइकिल सवार युवक ने फोन करके अपने अन्य साथियों को मौके पर बुलाया। कुछ ही देर में एक फोर व्हीलर वाहन से करीब आठ लोग वहां पहुंचे, जिनमें से एक की पहचान टिमरनी निवासी योगेन्द्र सिंह मौर्य के रूप में हुई है। इन सभी लोगों ने निहत्थे किसान को घेर लिया और सामूहिक रूप से मारपीट शुरू कर दी। जब किसान के दोस्त मनोज उइके और सुदामा धुर्वे उसे बचाने आए, तो हमलावरों ने उन्हें भी नहीं बख्शा और उनके साथ भी जमकर मारपीट की। अमानवीय कृत्य और धमकी हमलावरों की दरिंदगी यहीं नहीं रुकी। खुद को करणी सेना का रसूखदार सदस्य बताते हुए उन्होंने आदिवासी किसान को डराया-धमकाया और जबरन माफी मंगवाई।

    अमानवीयता की हद तो तब पार हो गई जब एक आरोपी ने बीच-बचाव करने आए मनोज उइके पर थूककर उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित किया। जाते-जाते आरोपियों ने पीड़ितों को चेतावनी दी कि यदि उन्होंने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई, तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा। इस हमले में किसान के सीने, पीठ और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं, वहीं मनोज के कान और पैर में चोट लगी है। पुलिसिया कार्रवाई घटना के बाद घायलों ने साहस दिखाते हुए रहटगाँव थाने में अपनी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर योगेन्द्र सिंह मौर्य और अन्य अज्ञात साथियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपियों की तलाश के लिए टीमें रवाना कर दी गई हैं और कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

  • मध्य प्रदेश पुलिस में पहली बार ट्रेड आरक्षक कैडर ने महाकाल के दरबार में लगाई ‘वर्दी अपमान’ की अर्जी, GD में मर्ज न होने पर बवाल

    मध्य प्रदेश पुलिस में पहली बार ट्रेड आरक्षक कैडर ने महाकाल के दरबार में लगाई ‘वर्दी अपमान’ की अर्जी, GD में मर्ज न होने पर बवाल


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश पुलिस के ट्रेड आरक्षक कैडर (कुक, नाई, धोबी, मोची, स्वीपर, स्वीपर आदि) के लगभग 5500 पुलिसकर्मियों ने अब तक के सबसे बड़े कदम में उज्जैन के महाकाल मंदिर में जाकर जनरल ड्यूटी (GD) में मर्ज करने की मांग की है। यह मांग खास इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इन पुलिसकर्मियों ने पहली बार सरकारी आदेशों के खिलाफ सामूहिक रूप से विरोध जताया है।
    ट्रेड आरक्षक कैडर के पुलिसकर्मी बताते हैं कि वे कम से कम 7 साल सेवा के बाद फील्ड में काम करने के पात्र हो जाते हैं, लेकिन 2012 में जारी डीजीपी नंदन दुबे के आदेश (जी.ओ.पी-57/93 को बंद करना) के बाद से उनका GD में मर्ज रोक दिया गया। परिणाम यह हुआ कि प्रमोशन के बाद भी उन्हें वही ट्रेड के कामकुक, नाई, धोबी, मोची, स्वीपरके ही काम करने पड़ रहे हैं।

    वहीं, पड़ोसी राज्यों में इसी कैडर को GD में मर्ज कर बल की कमी पूरी की जा रही है। ट्रेड आरक्षकों का कहना है कि अफसरों के घरों में काम करना उनकी गरिमा और वर्दी का अपमान है। कई पुलिसकर्मी ऐसे हैं, जो सब-इंस्पेक्टर स्तर तक प्रमोशन पा चुके हैं, लेकिन अभी भी उन्हें अफसरों की निजी सेवा में ही लगे रहना पड़ता है।

    इस विरोध का सबसे बड़ा पहलू यह है कि उन्होंने मुख्यमंत्री से सीधे नहीं, बल्कि बाबा महाकाल के दरबार में अर्जी देकर अपनी गुहार लगाई है। ट्रेड आरक्षकों ने महाकाल को पत्र में लिखा कि उनकी वर्दी “अपमान से झुकी हुई” है और वे चाहते हैं कि सरकार 12 साल से रुके GD मर्ज को फिर से लागू करे।

    इसी बीच खरगोन में एक और पुलिस विवाद सामने आया है, जिसमें रिजर्व इंस्पेक्टर (आरआई) पर कॉन्स्टेबल की पिटाई करने का आरोप लगा है। मामला 23 अगस्त का है, जब एक पालतू कुत्ता गुम हो गया था और आरआई इस बात से नाराज हो गए। पीड़ित कॉन्स्टेबल राहुल चौहान ने आरोप लगाया कि आरआई और उनकी पत्नी ने जातिसूचक अपशब्द कहे और बेल्ट से पिटाई की।

  • खूबसूरत लड़की दिखे तो रेप हो सकता है”: कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के बयान से सियासी तूफान , BJP ने बताया महिला और दलित-विरोधी सोच

    खूबसूरत लड़की दिखे तो रेप हो सकता है”: कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के बयान से सियासी तूफान , BJP ने बताया महिला और दलित-विरोधी सोच


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी को लेकर घमासान मच गया है। भांडेर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के एक आपत्तिजनक और विवादित बयान ने न सिर्फ राजनीतिक हलकों में बल्कि समाज के हर वर्ग में तीखी प्रतिक्रिया पैदा कर दी है। धर्मग्रंथों महिलाओं और विशेषकर अनुसूचित जाति-जनजाति समाज को लेकर दिए गए उनके बयान को भाजपा ने महिला-विरोधी और दलित-विरोधी मानसिकता का खुला प्रदर्शन करार दिया है।

    एक इंटरव्यू के दौरान विधायक फूल सिंह बरैया ने बलात्कार जैसे जघन्य अपराध को लेकर ऐसी “थ्योरी” रखी जिसे लेकर चौतरफा निंदा हो रही है। उन्होंने कहा कि “अगर कोई खूबसूरत लड़की दिख जाए तो दिमाग विचलित हो सकता है और रेप हो सकता है।” यहीं नहीं उन्होंने यह भी दावा किया कि एससी-एसटी और ओबीसी समाज में खूबसूरत लड़कियां नहीं होतीं और कुछ धर्मग्रंथों में यह लिखा है कि यदि अनुसूचित जाति की महिला के साथ सहवास किया जाए तो उसे काशी तीर्थ के समान पुण्य मिलता है। बरैया ने ‘रुद्रयामल तंत्र’ नामक पुस्तक का हवाला देते हुए यह तर्क दिया कि इसी सोच के कारण एससी-एसटी समाज की महिलाओं और बच्चियों के साथ बलात्कार की घटनाएं होती हैं।

    विधायक यहीं नहीं रुके। उन्होंने यह भी कहा कि बलात्कार कोई अकेला व्यक्ति नहीं करता बल्कि चार-पांच लोग मिलकर करते हैं और आरोपियों के दिमाग में यह रहता है कि उन्हें “पुण्य” मिलेगा। इसी मानसिकता के कारण चार महीने और दस महीने की बच्चियों तक के साथ रेप जैसी घटनाएं हो रही हैं। इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं।

    भाजपा ने इस बयान को लेकर कांग्रेस पर सीधा हमला बोला है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर कड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि फूल सिंह बरैया का बयान कोई जुबानी फिसलन नहीं बल्कि बीमार विकृत और आपराधिक सोच का सार्वजनिक प्रदर्शन है। उन्होंने लिखा कि महिलाओं को “खूबसूरती” के तराजू पर तौलना और एससी-एसटी समाज की महिलाओं के साथ बलात्कार जैसे जघन्य अपराध को “तीर्थ फल” बताना स्त्री-द्वेष दलित-विरोध और मानवता पर सीधा हमला है।

    आशीष अग्रवाल ने कांग्रेस नेतृत्व को भी कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि जब राहुल गांधी मध्यप्रदेश आ रहे हैं तो देश जानना चाहता है कि क्या यही कांग्रेस की असली सोच है और क्या यही “संविधान बचाओ” का पाखंड है। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से तत्काल माफी और विधायक के निष्कासन की मांग की। फिलहाल इस बयान ने कांग्रेस को रक्षात्मक स्थिति में ला दिया है जबकि भाजपा इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाकर लगातार हमलावर है। महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी बयान की निंदा करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि कांग्रेस नेतृत्व इस विवाद पर क्या रुख अपनाता है।

  • पेसा एक्ट के सफल क्रियान्वयन और उपलब्धियों का हो व्यापक जनजागरण: राज्यपाल श्री पटेल

    पेसा एक्ट के सफल क्रियान्वयन और उपलब्धियों का हो व्यापक जनजागरण: राज्यपाल श्री पटेल


    भोपाल । राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि जनजातीय सशक्तिकरण की दिशा में पेसा, अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल ने जनजातीय समुदाय के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन को विकास के नए आयाम दिए हैं। जनजातीय समुदाय और ग्राम सभाओं में पेसा नियम की जन जागरूकता आवश्यक है। संबंधित विभाग पेसा नियम के सफल क्रियान्वयन और उपलब्धियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। ग्राम सभा और समितियों की विशेष सफलताओं को जन-जन तक पहुंचाने नवाचार करें। राज्यपाल श्री पटेल ने यह बात पंचायत एवं ग्रामीण विकास और जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा बैठक में कहीं। उन्होंने पेसा ग्राम सभाओं और पेसा समितियों द्वारा किए गए विशेष कार्यों की जानकारी ली और सराहना की। लोक भवन में शुक्रवार को आयोजित समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल भी मौजूद रहे।

    राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि पेसा नियमों के तहत गठित शांति एवं विवाद निवारण समितियों द्वारा स्थानीय स्तर पर विवाद निवारण की सफलता अत्यंत उत्साहवर्धक है। यह सामाजिक सौहार्द्र एवं भाईचारे की भावना को मजबूत कर रही है। जनजातीय समुदाय को अनावश्यक मुकदमों एवं आर्थिक बोझ से मुक्ति दिलाने का सराहनीय कार्य कर रही है। इन महत्वपूर्ण उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाया जाना चाहिए। संबंधित विभाग इन सफलताओं की बुकलेट बनाएं और वितरित करें। बैठक में पेसा ग्राम सभाओं के वित्तीय पक्ष, वन ग्रामों को राजस्व में परिवर्तन, ग्राम सभाओं के नजरी नक्शा, लंबित प्रस्ताव, पट्टों की स्थिति, तेंदुपत्ता संग्रहण भुगतान आदि विभिन्न बिन्दुओं की विस्तार से समीक्षा की।

    राज्यपाल श्री पटेल को पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री पटेल ने पेसा नियमों के प्रभावी प्रचार-प्रसार, आगामी लक्ष्यों, उपलब्धियों, कठिनाईयों और उनके व्यावहारिक समाधान के विभागीय प्रयासों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने पेसा मोबेलाइजर्स के मानदेय के भुगतान संबंधी आगामी नवाचार प्रयासों को बताया। राज्यपाल श्री पटेल को बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और जनजातीय कार्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने निर्धारित बिन्दुओं पर विस्तार से जानकारी दी।

    समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव श्री गुलशन बामरा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आयुक्त सह-संचालक श्री छोटे सिंह, जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त सह-संचालक डॉ. सतेन्द्र सिंह, राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव और दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।