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  • पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना: सीहोर के हर किसान के खेत तक पहुंचेगा पार्वती नदी का पानी20 गांव होंगे प्रभावित

    पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना: सीहोर के हर किसान के खेत तक पहुंचेगा पार्वती नदी का पानी20 गांव होंगे प्रभावित


    सीहोर । मध्य प्रदेश सीहोर जिले में पार्वती कालीसिंध चंबल लिंक परियोजना के तहत दो महत्वपूर्ण सिंचाई योजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना से श्यामपुर और सीहोर तहसील के 111 गांवों में किसानों को सिंचाई का सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावालगभग 20 गांव इस परियोजना क्षेत्र में प्रभावित होंगेजिनके लिए नियमानुसार पुनर्वास और मुआवजे की व्यवस्था की जाएगी।

    दिल्ली से आई टीम ने किया मृदा परीक्षण

    निर्माण कार्य की शुरुआत के लिए दिल्ली से एक विशेषज्ञ टीम सीहोर आई थीजिन्होंने मृदा के सेंपल लेकर परीक्षण किए हैं। इस परियोजना के पूर्ण होने से सीहोर विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक किसान के खेत तक पार्वती नदी का पानी पहुंचेगा। इससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होगीकिसानों की आय में सुधार होगा और क्षेत्र का समग्र आर्थिक विकास संभव होगा।

    दो बड़े बैराज का निर्माण
    इस परियोजना के तहत पार्वती नदी पर दो प्रमुख बैराज श्यामपुर बैराज और कराडिया बैराज का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्तग्राम जेटला में एक बड़े बांध का निर्माण प्रस्तावित हैजो पार्वती नदी से पानी उठाकर भरेगा। इन संरचनाओं से लगभग 1 लाख 18 हजार 750 एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। यह सीहोर विधानसभा क्षेत्र की सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना मानी जा रही है।

    जेठला वृहद माइक्रो सिंचाई परियोजना

    इस योजना के तहत श्यामपुर तहसील के 71 गांवों की लगभग 72,500 एकड़ भूमि को स्प्रिंकलर प्रणाली के माध्यम से सिंचित किया जाएगा। इस परियोजना की कुल लागत 1349.51 करोड़ रुपये हैऔर इसके तहत प्रत्येक हेक्टेयर भूमि के लिए अलग जल कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे। इससे किसानों को अपनी आवश्यकता अनुसार पानी की आपूर्ति हो सकेगीजिससे जल की बचत होगी और फसलों का उत्पादन बढ़ेगा।

    पार्वती उद्वहन सिंचाई कॉम्प्लेक्स

    पार्वती उद्वहन सिंचाई कॉम्प्लेक्स” योजना के तहत ग्राम करिया और श्यामपुर में दो वृहद बैराजों का निर्माण किया जाएगा। इन बैराजों से 40 गांवों की 46,250 एकड़ भूमि को स्प्रिंकलर प्रणाली से सिंचित किया जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत 1165.04 करोड़ रुपये है।

    किसे मिलेगा सिंचाई का पानी

    जेठला परियोजना के तहत 71 गांवों को सिंचाई का पानी मिलेगा, जिनमें दुर्गा, महुआखेडा, मगरदीखुर्द, चांदबड जांगीर, मानपुरा, बिसनखेडा, रावतखेडा, छतरपुरा, जेटला, पाटेर, अछारोही, सोकला, सीलखेडा, मुंगावली, जुगराजपुरा, बाजारगांव, बरखेडा हसन, पडालिया और कई अन्य गांव शामिल हैं। पार्वती उद्वहन परियोजना से 40 गांवों को सिंचाई का पानी मिलेगा, जिनमें पाटन, बरखेडा खरेट, चौकी, शाहजहापुर, भौज, बरखेडी, कतपोन, सोनकच्छ, सतपोन, जमुनियाखुर्द, बराडीकलां, सतोरनिया, तोरनिया, छापरी दोराहा, झागरिया, निवारिया, मिटटूखेडी, गुलखेडी, कादमपुर, मुख्तार नगर और अन्य गांव शामिल हैं।

    आर्थिक लाभ और जल प्रबंधन

    यह परियोजना किसानों के लिए एक बड़ी राहत होगीक्योंकि इससे जल संकट की समस्या को हल करने में मदद मिलेगी। इसके अलावाइससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होने के साथ-साथ जल की बचत भी संभव होगीजो क्षेत्रीय जल प्रबंधन में सुधार करेगा। पार्वती कालीसिंध चंबल लिंक परियोजना एक महत्वपूर्ण कदम हैजो मध्य प्रदेश के सीहोर और श्यामपुर क्षेत्र के किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगी। इस परियोजना के तहत किसानों को सिंचाई के बेहतर साधन मिलेंगेजिससे उनकी कृषि आय में वृद्धि होगी और पूरे क्षेत्र का समग्र विकास होगा।

  • आईएएस सर्विस मीट का समापन: 18 किमी साइक्लोथॉन में अफसरों ने दिखाया जोश, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

    आईएएस सर्विस मीट का समापन: 18 किमी साइक्लोथॉन में अफसरों ने दिखाया जोश, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश


    भोपाल/राजधानी भोपाल में 19 दिसंबर से शुरू हुए तीन दिवसीय आईएएस सर्विस मीट का रविवार को समापन हो गया। आखिरी दिन की शुरुआत 18 किलोमीटर लंबी साइक्लोथॉन साइकिलिंग रैली से हुईजिसमें प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उनके परिजनों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यह आयोजन न सिर्फ फिटनेस को बढ़ावा देने वाला रहाबल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली का भी सशक्त संदेश देता नजर आया।

    साइक्लोथॉन की शुरुआत अरेरा क्लब से हुई। इसके बाद रैली सीएम हाउसवन विहार नेशनल पार्क और सैर सपाटा होते हुए वापस अरेरा क्लब पहुंचकर संपन्न हुई। हरे-भरे रास्तों से गुजरती यह साइकिल रैली सुबह के समय शहरवासियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनी रही। आयोजकों के अनुसारइस इवेंट में कुल 40 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।इस साइक्लोथॉन की खास बात यह रही कि सबसे कम उम्र की प्रतिभागी 11 वर्षीय अरण्य चौहान रहीं। इतनी कम उम्र में उनका आत्मविश्वास और जोश सभी के लिए प्रेरणादायक बना। अफसरों ने भी माना कि बच्चों की भागीदारी से ऐसे आयोजनों को नई ऊर्जा और सकारात्मक संदेश मिलता है।

    प्रतियोगिता में पारीकी पांडला अक्षर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मात्र 38 मिनट में 18 किलोमीटर की दूरी तय कर पहला स्थान हासिल किया। यह समय इस वर्ष के आईएएस सर्विस मीट साइकिलिंग इवेंट का सर्वश्रेष्ठ समय भी रहा। उनकी जीत का जश्न साथियों और अन्य अधिकारियों ने अनोखे अंदाज में मनाया। सम्मान स्वरूप कई अफसरों ने मौके पर ही पुश-अप्स लगाकर विजेता का हौसला बढ़ायाजिससे माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो गया।दूसरे स्थान पर एडिशनल कमिश्नर भोपाल शिवराज सिंह वर्मा और अभय सिंह संयुक्त रूप से रहे। दोनों ने 45 मिनट में रेस पूरी की। वहींतीसरा स्थान ईशान सुमन सिंह को मिलाजिन्होंने 47 मिनट में रेस पूरी कर अपनी फिटनेस का परिचय दिया।

    आयोजकों ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार प्रतिभागियों की संख्या और उत्साह दोनों में बढ़ोतरी देखने को मिली। खासतौर पर अधिकारियों के साथ उनके परिवारों की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया। साइक्लोथॉन के बाद अरेरा क्लब में दिनभर खेलकूद और मनोरंजक गतिविधियों का सिलसिला चलता रहा।इनमें क्विजडम्ब कराडेटग ऑफ वॉरबैडमिंटनटेबल टेनिसपूलबिलियर्ड्सब्रिजऔर रैपिड चेस जैसी प्रतियोगिताएं शामिल रहीं।अधिकारियों और उनके परिजनों ने इन खेलों मेंउत्साह के साथ भाग लेकर आपसी सौहार्द और टीम भावना का परिचय दिया।

    शाम को अरेरा क्लब में भव्य क्लोजिंग सेरेमनी और प्राइज डिस्ट्रीब्यूशन कार्यक्रम आयोजित किया गयाजिसमें विभिन्न हाउस और प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि सर्विस मीट के पहले दिन गीत-संगीत और नृत्य के माध्यम से आईएएस अधिकारियों और उनके परिजनों ने अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया था। वहींबोट क्लब में आयोजित रोइंग इवेंट के दौरान अधिकारियों ने हाथों से चप्पू चलाकर बड़े तालाब में जमकर मस्ती की।मुख्य सचिव अनुराग जैन भी सर्विस मीट की गतिविधियों में शामिल हुए और क्रिकेट सहित अन्य खेलों का आनंद लिया। कुल मिलाकरआईएएस सर्विस मीट का यह आयोजन फिटनेसमनोरंजन और आपसी मेलजोल का बेहतरीन उदाहरण बनकर सामने आयाजिसने प्रशासनिक व्यस्तताओं के बीच स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया।

  • मऊगंज में आदिवासी युवक की संदिग्ध मौत एएसआई सहित चार पुलिसकर्मी गिरफ्तारमामले की जांच जारी

    मऊगंज में आदिवासी युवक की संदिग्ध मौत एएसआई सहित चार पुलिसकर्मी गिरफ्तारमामले की जांच जारी


    मऊगंज । मध्य प्रदेश मऊगंज थाना में एक आदिवासी युवक की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया हैजिसे लेकर पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच की गई और चार पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। युवक की मौत 16 फरवरी 2023 को थाने में हुई थीजिसके बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने इसे हत्या का मामला बताया था। घटना को लेकर मजिस्ट्रेटियल जांच का आदेश दिया गयाऔर पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए गए।

    घटना 16 फरवरी 2023 की हैजब मऊगंज जिले के घुरेहटा वार्ड 12 के निवासी आदिवासी युवक कैलाश कोल उम्र 29 वर्ष को चोरी के संदेह में ग्रामीणों ने बंधक बना लिया था। ग्रामीणों का आरोप था कि कैलाश ने चोरी की थीजिसके बाद उन्होंने उसे पुलिस को सौंप दिया। सूचना मिलने पर डायल-100 पुलिस टीम मौके पर पहुंची और युवक को थाने लेकर आई। थाने में युवक को मुंशी कक्ष में बैठाया गयाजबकि उस समय एएसआइ सूर्यबली सिंह थाने में ड्यूटी पर तैनात थे। बताया गया है कि युवक के शरीर पर पहले से ही गंभीर चोटों के निशान थेऔर थाने में पूछताछ के दौरान उसकी हालत बिगड़ी।

    कुछ ही देर में युवक की मौत हो गईजिसके बाद परिवार और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए और थाने में हंगामा मच गया। इस घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया और मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया।मजिस्ट्रेट जांच के दौरान थाने के सीसीटीवी फुटेज जब्त किए गए। इन फुटेज की समीक्षा में यह स्पष्ट हुआ कि युवक के साथ पुलिसकर्मियों ने दुर्व्यवहार किया था। एएसआइ सूर्यबली सिंह की भूमिका संदिग्ध पाई गईजिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इसके अलावाविवेक गिरीवीरेंद्र उर्फ वीरू रजक और गणेश गिरी को भी आरोपी बनाया गया।मजिस्ट्रेट जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने इन सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304 हत्या 330 यातना 342 गिरफ्तारी के बाद अवैध तरीके से रखने 34 सामान्य उद्देश्य और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।
    सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गयाजहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। यह घटना जिले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाती है और आदिवासी समुदाय के प्रति पुलिस के व्यवहार को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं। स्थानीय लोग और सामाजिक कार्यकर्ता पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए न्याय की मांग कर रहे हैं। इस घटना के बाद प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की पूरी निष्पक्षता से जांच की जाएगी और दोषियों को कड़ी सजा दिलवाने की कोशिश की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम से यह भी स्पष्ट होता है कि पुलिस की जवाबदेही को लेकर अब और अधिक सख्त कदम उठाने की जरूरत हैताकि ऐसे मामले भविष्य में न हों।

  • भोपाल मेट्रो का पहला दिन बना उत्सव, यात्रियों ने डांस कर मनाया जश्न

    भोपाल मेट्रो का पहला दिन बना उत्सव, यात्रियों ने डांस कर मनाया जश्न

    भोपाल /राजधानी भोपाल में रविवार को मेट्रो सेवा का औपचारिक कमर्शियल शुभारंभ हो गया। सुबह ठीक 9 बजे एम्स स्टेशन से पहली मेट्रो रवाना हुई-जिसने करीब 30 मिनट में सुभाष नगर स्टेशन तक का सफर तय किया। इस ऐतिहासिक मौके पर लगभग 100 यात्रियों ने मेट्रो की पहली सवारी का अनुभव लिया। यात्रियों में 7 साल के बच्चे से लेकर 75 साल के बुजुर्ग तक शामिल रहे। पहली ही यात्रा में मेट्रो का माहौल उत्सव जैसा नजर आयाजहां कई यात्री खुशी में डांस करते दिखाई दिए और मोबाइल से इस पल को कैद करते रहे।भोपाल मेट्रो के चलने के साथ ही भोपाल देश का 26वां मेट्रो शहर बन गया है। इससे पहले मध्यप्रदेश के इंदौर में 31 मई 2024 को मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू हुआ था। भोपाल मेट्रो का उद्घाटन शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने किया था। उद्घाटन के बाद रविवार, 21 दिसंबर से आम जनता के लिए मेट्रो सेवा शुरू कर दी गई।

    सुबह से ही स्टेशन पर उमड़ा उत्साह

    मेट्रो में सफर करने को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कई यात्री सुबह 7 बजे से ही स्टेशन पहुंच गए थे। यात्रियों का कहना था कि भोपाल के मेट्रो सिटी बनने का सपना आज साकार हो गया है और यह शहर के लिए गर्व का क्षण है। कोलार से आए एक कपल ने बताया कि भोपाल में मेट्रो की शुरुआत उनके लिए “वाओ मोमेंट” जैसा है।मेट्रो में सवार स्कूली बच्चों में भी खासा उत्साह दिखा। केंद्रीय विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों ने कहा कि मेट्रो से उनका स्कूल नजर आया और पहली बार मेट्रो में बैठना बेहद रोमांचक अनुभव रहा। वहीं एक युवक वीडियो कॉल के जरिए अपने परिवार को मेट्रो और भोपाल के नजारे दिखाता नजर आया।

    सुविधाओं से लैस है भोपाल मेट्रो

    मेट्रो के सभी स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा के लिए एस्केलेटर, लिफ्ट और रैंप की व्यवस्था की गई है। सुभाष नगर, डीबी मॉल और एमपी नगर स्टेशनों पर फुट ओवरब्रिज बनाए गए हैं। रानी कमलापति मेट्रो स्टेशन को रेलवे स्टेशन से सीधे जोड़ा गया है, जिससे ट्रेन से उतरकर यात्री सीधे मेट्रो पकड़ सकें। एम्स स्टेशन पर भी फुटओवर ब्रिज के जरिए एम्स कैंपस तक सीधी पहुंच दी गई है।सुरक्षा के लिहाज से सभी स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर लगाए गए हैं, जिससे ट्रेन रुकने के बाद ही दरवाजे खुलते हैं और ट्रैक पर गिरने की आशंका नहीं रहती।

    टाइमिंग, किराया और ट्रिप की जानकारी

    भोपाल मेट्रो सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगी। एक दिन में कुल 17 ट्रिप रहेंगी। मेट्रो फिलहाल 8 स्टेशनों-एम्स, अलकापुरी, डीआरएम, आरकेएमपी, एमपी नगर, डीबी मॉल, केंद्रीय स्कूल औरसुभाष नगर-से होकर गुजरेगी। शुरुआती चरण में हर 75 मिनट में एक ट्रेन उपलब्ध होगी।टिकट फिलहाल मैन्युअल रूप से काउंटर से ही मिलेंगे। किराया तीन जोन में तय किया गया है। पहले दो स्टेशनों के लिए 20 रुपये, तीन से पांच स्टेशनों के लिए 30 रुपये और छह से आठ स्टेशनों के लिए 40 रुपये किराया निर्धारित किया गया है।

    पार्किंग बनी बड़ी चुनौती

    मेट्रो की शुरुआत से जहां लोग खुश हैं, वहीं स्टेशनों पर पार्किंग की कमी एक बड़ी समस्या बनकर सामने आई है। किसी भी स्टेशन पर चार पहिया वाहनों के लिए समुचित पार्किंग व्यवस्था नहीं है। हालांकि मेट्रो प्रबंधन टू-व्हीलर पार्किंग की व्यवस्था करने की दिशा में काम कर रहा है।
    2018 से शुरू हुआ था सफर
    भोपाल मेट्रो परियोजना का काम साल 2018 में शुरू हुआ था। पहला मेट्रो रूट एम्स से करोंद तक 16.05 किलोमीटर लंबा है। इसमें से एम्स से सुभाष नगर के बीच 6.22 किलोमीटर का प्राथमिकता कॉरिडोर अब आम जनता के लिए शुरू कर दिया गया है। दो साल पहले, 3 अक्टूबर 2023 को भोपाल में मेट्रो का पहला ट्रायल रन हुआ था।कुल मिलाकर, भोपाल मेट्रो की शुरुआत ने शहर के परिवहन तंत्र को एक नई दिशा दी है। पहले ही दिन दिखा उत्साह इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में मेट्रो भोपालवासियों की जीवनरेखा बनने जा रही है।

  • इंदौर: 8 माह की गर्भवती महिला से मारपीट, पति और सास पर FIR दर्ज—दादी ने अस्पताल पहुँचाकर बचाई जान

    इंदौर: 8 माह की गर्भवती महिला से मारपीट, पति और सास पर FIR दर्ज—दादी ने अस्पताल पहुँचाकर बचाई जान

    इंदौर । के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में 8 महीने की गर्भवती महिला के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने उसके पति और सास के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। महिला का आरोप है कि घरेलू विवाद के दौरान पति ने उसके पेट पर लात मारी और सास ने बाल पकड़कर उसे घसीटा, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई।

    अमर पैलेस कॉलोनी निवासी मुस्कान गायकवाड़ ने बताया कि बुधवार रात पुरानी बात को लेकर फिर बहस हो गई। उसने कहा कि कुछ दिनों पहले, 4 दिसंबर को, नौकरी पर जाने की बात को लेकर पति अरुण राणे से झगड़ा हुआ था और तब भी उसने मारपीट की थी। बुधवार को वही विवाद दोबारा निकल आया और गुस्से में पति ने उसके पेट पर लात मारी, जिससे तेज दर्द शुरू हो गया। इसी दौरान सास सोनू राणे ने उसका बाल पकड़कर खींचा और लगातार अपशब्द कहे।

    दर्द बढ़ने पर मुस्कान ने अपनी दादी मंगीबाई को फोन किया। दादी तुरंत घर पहुँचीं और उसे अस्पताल ले गईं। इलाज के बाद पीड़िता ने पुलिस में पति और सास के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। मुस्कान ने बताया कि लगभग डेढ़ साल पहले उसने अरुण राणे से कोर्ट मैरिज की थी, लेकिन शादी के बाद से ही विवाद और मारपीट की घटनाएँ बढ़ती जा रही थीं।

    पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

  • फर्जी खबरों से भड़का विवाद: VIT भोपाल ने सरकार को भेजा विस्तृत जवाब, कहा- 17 हजार छात्रों में केवल 35 को पीलिया

    फर्जी खबरों से भड़का विवाद: VIT भोपाल ने सरकार को भेजा विस्तृत जवाब, कहा- 17 हजार छात्रों में केवल 35 को पीलिया


    भोपाल । VIT भोपाल यूनिवर्सिटी ने राज्य सरकार के शो-कॉज नोटिस पर 49 पन्नों का विस्तृत जवाब भेजते हुए आरोपों को भ्रमित करने वाला, तथ्यहीन और अफवाहों पर आधारित बताया है। विश्वविद्यालय ने साफ कहा कि भोजन, पानी, हॉस्टल, स्वास्थ्य सुविधाओं और सुरक्षा से जुड़े सभी प्रावधान तय मानकों के अनुरूप हैं। संस्था के अनुसार, हालिया उपद्रव सोशल मीडिया पर फैलाई गई फर्जी खबरों और भड़काऊ संदेशों के कारण हुआ।

    यूनिवर्सिटी ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि कैंपस में 8 बॉयज और 2 गर्ल्स हॉस्टल हैं, जिनमें प्रतिष्ठित केटरर्स भोजन उपलब्ध कराते हैं। फूड मेन्यू छात्रों की फूड कमेटी तय करती है, और फीडबैक पर तुरंत कार्रवाई की जाती है। पानी की गुणवत्ता ISO 10500 मानकों के अनुसार नियमित रूप से जांची जाती है, जिसके लिए ओजोनाइजर, सैंड फिल्टर और वॉटर सॉफ्टनर लगाए गए हैं। प्रबंधन ने यह भी बताया कि जल्द ही कैंपस में फूड और वॉटर टेस्टिंग लैब स्थापित की जाएगी।

    पीलिया फैलने की खबरों पर यूनिवर्सिटी ने कहा कि कुल 17,121 छात्रों में से केवल 35 विद्यार्थियों में ही पीलिया के लक्षण पाए गए, जिन्हें तुरंत मेडिकल सुविधा दी गई। संस्थान में 24×7 डॉक्टर, नर्सें और 8-बेड की मेडिकल यूनिट मौजूद है। गंभीर मामलों में छात्रों को मान्यता प्राप्त अस्पतालों, जैसे चिरायु अस्पताल, भेजा गया। छात्रों की मेडिकल रिपोर्ट न देने के आरोप को भी असत्य बताया गया।

    VIT ने सुरक्षा और अनुशासन संबंधी आरोपों को भी खारिज किया। संस्था ने कहा कि किसी अधिकारी को रोका नहीं गया, न ही छात्रों को धमकाया गया। यूनिवर्सिटी के अनुसार विरोध के दौरान अफवाहों के चलते छात्रों ने एक एम्बुलेंस, बस, कारें और लैब उपकरणों को नुकसान पहुंचाया, CCTV सिस्टम तोड़ दिया और सुरक्षा कर्मियों के साथ मारपीट की गई। इन घटनाओं से कर्मचारियों की जान भी खतरे में पड़ी।

    अंत में विश्वविद्यालय ने कहा कि शो-कॉज नोटिस गलत सूचनाओं पर आधारित है, इसलिए इसे वापस लिया जाए। साथ ही, तथ्यात्मक सुनवाई का अवसर देने का अनुरोध भी किया गया। VIT भोपाल ने अपनी उपलब्धियों-डॉक्टरेट फैकल्टी, वैश्विक MoUs, आधुनिक लैब्स और प्लेसमेंट रिकॉर्ड-का उल्लेख करते हुए कहा कि वह हमेशा सभी मानकों का पालन करता आया है।