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  • जबलपुर में घर के अंदर सांप ने उड़ाई परिवार की नींद ढाई फीट लंबे बुल स्नेक को रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा

    जबलपुर में घर के अंदर सांप ने उड़ाई परिवार की नींद ढाई फीट लंबे बुल स्नेक को रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा


    जबलपुर। जबलपुर के गढ़ा बाजार इलाके में एक कच्चे मकान में पिछले तीन दिनों से सांप की मौजूदगी ने पूरे परिवार की चिंता बढ़ा दी थी। कभी वॉशरूम तो कभी रसोई और कभी बिस्तर पर दिखाई देने वाले सांप के कारण परिवार के लोग डर के माहौल में रहने को मजबूर थे। सांप करीब ढाई फीट लंबा था और उसका रंग बादामी बताया गया है। उसके शरीर पर पीले रंग की गोल धारियां दिखाई दे रही थीं। लगातार तीन दिन तक घर के अलग अलग हिस्सों में नजर आने के बाद परिवार ने आखिरकार सर्प और वन्य प्राणी विशेषज्ञ से मदद मांगी।

    मामला गढ़ा बाजार में पुराने स्टेट बैंक के पास जवाहर लाल सेन के घर का है। रविवार सुबह करीब 10 बजे जवाहर लाल सेन ने सर्प और वन्य प्राणी विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे को सांप के घर में छिपे होने की सूचना दी। जानकारी मिलते ही गजेंद्र दुबे मौके पर पहुंचे और काफी सावधानी के साथ सांप की तलाश शुरू की। कुछ देर की मशक्कत के बाद उन्होंने सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। सांप के पकड़े जाने के बाद परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली।

    सर्प विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे के मुताबिक पकड़ा गया सांप गनैता प्रजाति का है जिसे बुल स्नेक भी कहा जाता है। यह सांप जहरीला नहीं होता लेकिन इसका स्वभाव काफी गुस्सैल और आक्रामक माना जाता है। खतरा महसूस होने या छेड़छाड़ किए जाने पर यह पीछे हटने के बजाय हमला करने की कोशिश कर सकता है। यही वजह है कि घर में सांप दिखाई देने के बाद परिवार के लोगों ने खुद उसे पकड़ने का प्रयास नहीं किया और विशेषज्ञ को बुलाकर सुरक्षित रेस्क्यू कराया।

    विशेषज्ञ के अनुसार इस सांप के करीब 50 दांत होते हैं। इसका भोजन मुख्य रूप से छिपकली चिड़िया के अंडे और चूहों के बच्चे होते हैं। भोजन की तलाश में ऐसे सांप कई बार आबादी वाले इलाकों तक पहुंच जाते हैं। खासकर मौसम में उमस बढ़ने के दौरान सांप ठंडी और सुरक्षित जगहों की तलाश करते हैं। इसी वजह से वे ईंट गिट्टी कचरे के ढेर और घर के आसपास मौजूद अंधेरी जगहों में छिप सकते हैं।

    सांप को सुरक्षित पकड़ने के बाद उसे उसके प्राकृतिक वातावरण यानी जंगल में छोड़ दिया गया। विशेषज्ञ ने लोगों से अपील की कि घर के आसपास सफाई का विशेष ध्यान रखें। ईंट गिट्टी और कचरे के ढेर को लंबे समय तक जमा करके न रखें क्योंकि ऐसी जगहें सांपों के छिपने का ठिकाना बन सकती हैं। घर की नालियों में फिनाइल डालने के साथ दीवारों में मौजूद दरारों को भी बंद करने की सलाह दी गई है।

    विशेषज्ञ ने यह भी कहा कि यदि घर या आसपास सांप दिखाई दे तो उसे पकड़ने या मारने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। सांप को छेड़ने से वह आक्रामक हो सकता है और ऐसी स्थिति में किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है। बेहतर है कि सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए तुरंत प्रशिक्षित सर्प विशेषज्ञ या संबंधित विभाग को सूचना दी जाए। गढ़ा में तीन दिन तक परिवार के लिए परेशानी बने सांप के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद अब घरवालों ने राहत की सांस ली है।

  • कई महीनों से पेट दर्द और उल्टी से परेशान थी किशोरी जांच में सामने आया बालों का बड़ा गुच्छा

    कई महीनों से पेट दर्द और उल्टी से परेशान थी किशोरी जांच में सामने आया बालों का बड़ा गुच्छा


    शिवपुरी । शिवपुरी के श्रीमंत राजमाता विजयाराजे सिंधिया मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने 14 वर्षीय किशोरी का जटिल ऑपरेशन कर उसके पेट से बालों का बड़ा गुच्छा निकाला है। करीब 16×14 सेंटीमीटर आकार का यह बालों का गुच्छा पेट के लगभग 90 प्रतिशत हिस्से में फैला हुआ था और छोटी आंत तक पहुंच गया था। करीब तीन घंटे तक चली ओपन सर्जरी के बाद किशोरी की हालत अब स्थिर बताई जा रही है।

    किशोरी को पिछले कई महीनों से लगातार पेट दर्द की शिकायत थी। इसके साथ ही उसे उल्टी होती थी और पेट भरा हुआ महसूस होता था। भूख भी काफी कम लग रही थी। लगातार बनी इन परेशानियों के बाद उसे 11 सितंबर को मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग में भर्ती कराया गया। जांच के दौरान उसका हीमोग्लोबिन स्तर सिर्फ 7.8 ग्राम पाया गया। डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को देखते हुए उसे दो यूनिट खून चढ़ाया।

    इसके बाद किशोरी का सीटी स्कैन कराया गया। जांच में पेट के भीतर बड़े आकार का बालों का गुच्छा दिखाई दिया। साथ ही आंत में छेद होने की आशंका भी सामने आई। मरीज की स्थिति और पेट में मौजूद गुच्छे के आकार को देखते हुए डॉक्टरों ने सामान्य प्रक्रिया के बजाय ओपन सर्जरी करने का फैसला लिया।

    अधिष्ठाता डॉ. ईला गुजारिया के मार्गदर्शन और सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. अनंत राखोंडे के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन किया। प्रोफेसर डॉ. सौरभ चौहान और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कौशलेन्द्र सिंह नरवरिया के साथ पीजी डॉक्टर डॉ. महेश पाटीदार ने सर्जरी में हिस्सा लिया। एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. प्रियंका गुप्ता की देखरेख में करीब तीन घंटे तक ऑपरेशन चला।

    डॉक्टरों के मुताबिक पेट में मौजूद बालों का गुच्छा इतना बड़ा हो चुका था कि उसे सामान्य एंडोस्कोपी के जरिए पूरी तरह निकालना मुश्किल था। इसी वजह से पेट खोलकर सर्जरी की गई और बालों के पूरे गुच्छे को बाहर निकाला गया। ऑपरेशन के बाद किशोरी की हालत स्थिर है और डॉक्टर उसकी लगातार निगरानी कर रहे हैं।

    प्रोफेसर डॉ. सौरभ चौहान ने बताया कि बाल आसानी से पचते नहीं हैं। लंबे समय तक बाल निगलने पर वे पेट में जमा होते रहते हैं और धीरे धीरे एक ठोस गुच्छे का रूप ले लेते हैं। इसी स्थिति को ट्राइकोबेजोआर कहा जाता है। इस किशोरी के मामले में भी पेट के भीतर लंबे समय तक बाल जमा होने के कारण बड़ा गुच्छा बन गया था।

    असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कौशलेन्द्र सिंह नरवरिया के मुताबिक ऐसी स्थिति कई बार ट्राइकोटिलोमेनिया यानी बाल तोड़ने की आदत और ट्राइकोफेजिया यानी बाल खाने या निगलने की आदत से जुड़ी हो सकती है। मानसिक तनाव और चिंता भी इसके पीछे एक कारण हो सकते हैं। ऐसे मामलों में केवल सर्जरी ही पर्याप्त नहीं मानी जाती बल्कि ऑपरेशन के बाद मरीज की निगरानी और जरूरत के अनुसार मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श भी महत्वपूर्ण होता है।

    यह मामला इस बात की ओर भी ध्यान दिलाता है कि बच्चों और किशोरों में लंबे समय तक बने रहने वाले पेट दर्द उल्टी भूख कम लगना या पेट भरा रहने जैसी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच होने से गंभीर स्थिति का पता लगाया जा सकता है और उचित उपचार शुरू किया जा सकता है।

  • बिजली के तार ने छीन ली 17 साल के सौरभ की जिंदगी हादसे के बाद परिवार ने लगाए गंभीर आरोप

    बिजली के तार ने छीन ली 17 साल के सौरभ की जिंदगी हादसे के बाद परिवार ने लगाए गंभीर आरोप


    शिवपुरी । शिवपुरी में कबाड़ा उठाने गए 17 वर्षीय नाबालिग की करंट लगने से मौत हो गई। गंभीर रूप से झुलसने के बाद सौरभ शाक्य का ग्वालियर में कई दिनों तक इलाज चला लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। हादसे में सौरभ का शरीर करीब 70 प्रतिशत झुलस गया था। सोमवार को ग्वालियर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। अब शिवपुरी कोतवाली पुलिस पूरे मामले की जांच करेगी।

    जानकारी के मुताबिक यह हादसा 6 जुलाई को शिवपुरी की हनुमान कॉलोनी में हुआ था। सौरभ अपने दोस्त सुमित शाक्य के साथ हाथ ठेला लेकर कबाड़ा खरीदने निकला था। दोनों एक मकान पर पहुंचे थे। वहां मौजूद महिला ने सौरभ से पहली मंजिल की छत पर रखा कबाड़ा नीचे लाने के लिए कहा। सौरभ कबाड़ा लेने के लिए ऊपर पहुंचा तो वहां मौजूद बिजली के तार की चपेट में आ गया।

    करंट लगते ही सौरभ के शरीर में आग लग गई। बिजली का झटका इतना तेज था कि वह पहली मंजिल से नीचे गिर गया। हादसे के बाद उसका दोस्त सुमित उसे हाथ ठेले पर लेकर सिद्धि विनायक अस्पताल पहुंचा। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए मेडिकल कॉलेज भेजा गया। हालत बेहद नाजुक होने के कारण उसी दिन सौरभ को ग्वालियर रेफर कर दिया गया था। ग्वालियर में कई दिनों तक उसका इलाज चला लेकिन आखिरकार उसने दम तोड़ दिया।

    सौरभ की बहन काजल शाक्य ने बताया कि हादसे के बाद जब परिवार के लोग संबंधित मकान पर पहुंचे तो वहां मौजूद महिला ने मदद करने के बजाय परिवार पर चोरी का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि हादसे के बाद उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। परिवार ने मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर कोतवाली थाने का रुख किया था। परिजनों ने पुलिस पर सुनवाई नहीं करने का आरोप भी लगाया था।

    सौरभ के परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर बताई गई है। उसके पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। परिवार फिजिकल थाना क्षेत्र में कोलियों के मंदिर के पास किराए के मकान में रहता है। परिवार के तीन भाई मेहनत मजदूरी करके घर का खर्च चलाते थे। सौरभ भी कबाड़ा उठाने और बेचने का काम करता था।

    अब सौरभ की मौत के बाद परिवार हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है। परिजन चाहते हैं कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो और यह सामने आए कि आखिर बिजली के तार की चपेट में आने से नाबालिग की जान कैसे गई। पुलिस अब मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी।

  • शिवपुरी में शराब दुकान बंद कराने निकले ग्रामीण पुलिस ने रोका तो सड़क पर बैठकर किया चक्काजाम

    शिवपुरी में शराब दुकान बंद कराने निकले ग्रामीण पुलिस ने रोका तो सड़क पर बैठकर किया चक्काजाम


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के नावली गांव में सरकारी शराब दुकान बंद कराने की मांग को लेकर ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन रविवार शाम उस समय सड़क पर पहुंच गया जब पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। शराब दुकान बंद कराने के लिए गांव से निकले पुरुषों और महिलाओं को पुलिस ने नावली मोड़ के पास रोक दिया। इससे नाराज ग्रामीण सड़क पर ही बैठ गए और खोड़ सिरसौद मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। करीब एक घंटे तक सड़क पर आवागमन प्रभावित रहा। बाद में पुलिस की समझाइश के बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया और वापस गांव लौट गए।

    जानकारी के मुताबिक नावली गांव के कुछ ग्रामीण गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर सिरसौद थाना क्षेत्र में संचालित सरकारी शराब दुकान को बंद कराने की मांग कर रहे थे। इसी मांग को लेकर रविवार शाम ग्रामीण प्रदर्शन के लिए आगे बढ़ रहे थे। इनमें महिलाएं भी शामिल थीं। ग्रामीणों के प्रदर्शन की जानकारी पुलिस को मिली तो खोड़ चौकी प्रभारी संजय लोधी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए।

    पुलिस ने ग्रामीणों को नावली मोड़ के पास मंदिर के सामने रोक लिया। ग्रामीण शराब दुकान बंद कराने की मांग को लेकर आगे जाना चाहते थे लेकिन पुलिस ने उन्हें वहीं रोक दिया। इससे ग्रामीण नाराज हो गए और उन्होंने सड़क पर बैठकर विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते खोड़ सिरसौद मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रुक गई और चक्काजाम की स्थिति बन गई।

    पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि गांव के पास संचालित शराब दुकान को बंद किया जाना चाहिए। ग्रामीणों के सड़क पर बैठने से करीब एक घंटे तक मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। इस दौरान पुलिस मौके पर मौजूद रही और स्थिति को नियंत्रित करने के साथ ग्रामीणों को समझाने का प्रयास करती रही।

    करीब एक घंटे बाद खोड़ चौकी प्रभारी संजय लोधी ने ग्रामीणों को शराब दुकान से जुड़े नियमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संबंधित शराब दुकान सरकारी है और नियमों के तहत उसका स्थान बदला जा सकता है। पुलिस ने ग्रामीणों को इस प्रक्रिया और संबंधित प्रावधानों के बारे में समझाया। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस की बात मान ली और सड़क से हट गए।

    ग्रामीणों के सड़क से हटने के बाद खोड़ सिरसौद मार्ग पर यातायात सामान्य हो गया। इसके बाद प्रदर्शन में शामिल ग्रामीण अपने गांव वापस लौट गए। इस पूरे घटनाक्रम में किसी बड़े विवाद या अप्रिय स्थिति की जानकारी सामने नहीं आई। पुलिस की समझाइश के बाद मामला शांत हो गया।

    शराब दुकान के खिलाफ ग्रामीणों का यह विरोध स्थानीय स्तर पर शराब बिक्री को लेकर लोगों की नाराजगी को भी सामने लाता है। ग्रामीणों ने दुकान बंद कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था लेकिन पुलिस ने उन्हें नियमों की जानकारी देकर शांत कराया। फिलहाल दुकान को बंद करने के बजाय उसके स्थानांतरण की संभावना को लेकर नियमों के तहत आगे की प्रक्रिया की बात सामने आई है।

  • लाड़ली बहना योजना में घटती जा रही महिलाओं की संख्या 2026 में अब तक 21 हजार नाम बाहर

    लाड़ली बहना योजना में घटती जा रही महिलाओं की संख्या 2026 में अब तक 21 हजार नाम बाहर


    भोपाल। मध्य प्रदेश की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में पात्र हितग्राहियों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। विधानसभा चुनाव 2023 से पहले शुरू हुई इस योजना में जहां शुरुआत में बड़ी संख्या में महिलाओं को शामिल किया गया था वहीं अब पात्रता की शर्तों और अन्य कारणों के चलते हजारों महिलाओं के नाम सूची से बाहर हो रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक जनवरी 2026 से सितंबर 2026 के बीच करीब 21 हजार 150 महिलाओं के नाम योजना से हटाए गए हैं। इसके साथ ही योजना शुरू होने के बाद तीन साल में करीब 6 लाख 26 हजार महिलाओं के नाम सूची से बाहर हो चुके हैं।

    विभागीय आंकड़ों के अनुसार 1 जनवरी 2026 को लाड़ली बहना योजना में 1 करोड़ 25 लाख 31 हजार महिलाएं पात्र हितग्राही थीं। सितंबर 2026 तक यह संख्या घटकर 1 करोड़ 25 लाख 10 हजार 150 रह गई। यानी करीब आठ महीने की अवधि में ही 21 हजार से ज्यादा नाम कम हो गए। यह गिरावट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि फिलहाल योजना में नए नाम जोड़ने की प्रक्रिया नहीं चल रही है। ऐसे में एक तरफ नए हितग्राही नहीं जुड़ रहे हैं और दूसरी तरफ पात्रता पूरी नहीं करने वाली महिलाओं के नाम लगातार हटाए जा रहे हैं।

    योजना की शुरुआत में अक्टूबर 2023 में करीब 1 करोड़ 31 लाख 35 हजार 985 महिलाएं योजना में शामिल थीं। इसके बाद आपत्तियों और पात्रता की जांच के दौरान 2 लाख 18 हजार 858 नाम हटाए गए। इसके बाद पात्र हितग्राहियों की संख्या करीब 1 करोड़ 29 लाख 5 हजार 457 रह गई थी। समय के साथ यह संख्या और कम होती चली गई।

    अधिकारियों के मुताबिक लाड़ली बहना योजना में पात्रता के लिए अधिकतम उम्र 60 वर्ष निर्धारित है। जिन महिलाओं की उम्र 60 वर्ष पूरी हो जाती है उनके नाम योजना की सूची से हटा दिए जाते हैं। इसके अलावा किसी हितग्राही की मृत्यु होने या अन्य पात्रता शर्तें पूरी नहीं होने की स्थिति में भी नाम बाहर किया जाता है। इसी वजह से योजना के आंकड़ों में लगातार कमी देखने को मिल रही है।

    दूसरी ओर नए नाम नहीं जुड़ने के कारण योजना में शामिल महिलाओं की संख्या बढ़ने की संभावना फिलहाल कम है। योजना की शुरुआत जून 2023 में 1000 रुपए प्रतिमाह की आर्थिक सहायता के साथ हुई थी। सरकार ने इसे पांच साल में बढ़ाकर 3000 रुपए प्रतिमाह करने का निर्णय लिया था। शुरुआत के करीब चार महीने बाद मासिक राशि बढ़ाकर 1250 रुपए कर दी गई थी। इसके बाद नवंबर 2025 से इसमें 250 रुपए की और बढ़ोतरी की गई और वर्तमान में पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपए दिए जा रहे हैं।

    विभाग की ओर से पात्रता के आधार पर हितग्राहियों की समीक्षा लगातार जारी है। ऐसे में दिसंबर 2026 के अंत तक योजना में शामिल महिलाओं की संख्या और घट सकती है। खासकर उम्र की सीमा पूरी करने वाली महिलाओं और अन्य कारणों से अपात्र पाए जाने वाले हितग्राहियों के नाम सूची से हटाए जाने की प्रक्रिया जारी रहेगी। इस बीच योजना में नए नाम जोड़ने की प्रक्रिया शुरू नहीं होने से मौजूदा संख्या में बढ़ोतरी की संभावना फिलहाल नजर नहीं आ रही है।

  • भोपाल में आधी रात सड़क पर हंगामा वकील की कार के आगे थार लगाकर की अभद्रता

    भोपाल में आधी रात सड़क पर हंगामा वकील की कार के आगे थार लगाकर की अभद्रता


    भोपाल।  भोपाल के कोहेफिजा थाना क्षेत्र में रविवार रात रैश ड्राइविंग को लेकर हुआ विवाद उस समय गंभीर हो गया जब थार सवार युवकों ने एक वकील की कार रोककर उसके साथ अभद्रता की और जान से मारने की धमकी दी। घटना दाता कॉलोनी के पास रात करीब 11:45 बजे की बताई जा रही है। एडवोकेट शादाब खान का आरोप है कि थार सवार करीब 7 से 8 युवकों ने उनकी कार के आगे अपनी गाड़ी खड़ी कर रास्ता रोक दिया। इसके बाद युवकों ने उन्हें और उनके भाइयों को घेर लिया और विवाद करने लगे।

    शादाब खान के मुताबिक 13 सितंबर की रात वे अपने भाइयों के साथ ढाबे पर खाना खाने के बाद कार से घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उन्हें कुछ युवक थार से तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाते हुए नजर आए। उन्होंने युवकों को रैश ड्राइविंग नहीं करने की समझाइश दी। आरोप है कि उनकी यह बात युवकों को नागवार गुजरी और उन्होंने दाता कॉलोनी के पास आगे जाकर उनकी कार रोक ली।

    वकील का कहना है कि थार सवार युवकों ने उनकी कार के आगे अपनी गाड़ी लगा दी जिसके बाद करीब 7 से 8 युवक कार को घेरकर खड़े हो गए। उन्होंने शादाब और उनके भाइयों के साथ कथित तौर पर अभद्रता शुरू कर दी। विवाद बढ़ने पर कुछ युवक बेसबॉल बैट लेकर भी पहुंचे। शादाब ने आरोप लगाया कि इस दौरान उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। इसी बीच दूसरे वाहन से पहुंचे एक व्यक्ति पर पिस्टल दिखाने का भी आरोप लगाया गया है।

    घटना के दौरान शादाब खान ने अपने मोबाइल फोन से पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। विवाद के बाद वे कोहेफिजा थाने पहुंचे और पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। हालांकि पुलिस के मुताबिक सामने आए वीडियो में किसी युवक के हाथ में पिस्टल स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रही है। ऐसे में पुलिस वीडियो फुटेज और दोनों पक्षों के आरोपों की जांच कर रही है।

    घटना के कुछ समय बाद दूसरा पक्ष भी कोहेफिजा थाने पहुंचा। दूसरे पक्ष की ओर से भी शादाब खान और उनके साथियों के खिलाफ अभद्रता और धमकी देने के आरोप लगाए गए। इस तरह मामले में दोनों पक्षों की शिकायत पुलिस के सामने आई है।

    पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत प्राप्त कर ली है लेकिन फिलहाल किसी भी पक्ष की शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। पुलिस घटनास्थल से जुड़े वीडियो और दोनों पक्षों के बयानों की जांच कर रही है। जांच के बाद आरोपों की वास्तविकता सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल इस घटना ने भोपाल में सड़क पर मामूली विवाद के बढ़कर गंभीर स्थिति तक पहुंचने को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। रैश ड्राइविंग को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते कार रोकने और धमकी देने तक पहुंच गया।

  • अब तेजी से होगी 50 लाख हितग्राहियों की रजिस्ट्री एक अधिकारी को रोज 40 रजिस्ट्री का लक्ष्य

    अब तेजी से होगी 50 लाख हितग्राहियों की रजिस्ट्री एक अधिकारी को रोज 40 रजिस्ट्री का लक्ष्य


    भोपाल। मध्य प्रदेश में आबादी की जमीन और मकान पर मालिकाना हक पाने का इंतजार कर रहे लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। स्वामित्व योजना के तहत प्रदेश में 50 लाख से ज्यादा हितग्राहियों को जमीन और आवास का कानूनी मालिकाना हक दिलाने की प्रक्रिया 17 सितंबर से शुरू होने जा रही है। खास बात यह है कि हितग्राहियों को रजिस्ट्री के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से मुफ्त रजिस्ट्री का अभियान शुरू किया जाएगा। सरकार ने इस काम को तेजी से पूरा करने के लिए अब रजिस्ट्री कराने वाले अधिकारियों की संख्या भी बढ़ा दी है।

    स्वामित्व योजना के तहत पहले करीब 48.80 लाख हितग्राहियों का चयन किया गया था लेकिन अब यह संख्या 50 लाख से अधिक हो गई है। प्रदेश सरकार ने करीब तीन महीने पहले ही इन हितग्राहियों को मुफ्त रजिस्ट्री की सुविधा देने के फैसले को मंजूरी दी थी। अब इसके क्रियान्वयन की तैयारी पूरी कर ली गई है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से आबादी की जमीन पर रह रहे लोगों को उनके घर और जमीन का वैध मालिकाना हक उपलब्ध कराना है।

    रजिस्ट्री की प्रक्रिया को तेज करने के लिए सरकार ने राजस्व निरीक्षक और प्रभारी राजस्व निरीक्षक के साथ पंचायत समन्वय अधिकारी तथा सहायक विकास विस्तार अधिकारी को भी सब रजिस्ट्रार के अधिकार दे दिए हैं। नए नोटिफिकेशन के मुताबिक राजस्व निरीक्षक और प्रभारी राजस्व निरीक्षक को रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1908 की धारा 6 के तहत उप पंजीयक की शक्तियां दी गई हैं। वे अपने निर्धारित जिले और क्षेत्र में स्वामित्व योजना के पात्र हितग्राहियों की आबादी भूमि की मुफ्त रजिस्ट्री कर सकेंगे।

    इसी तरह पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के पंचायत समन्वय अधिकारी और सहायक विकास विस्तार अधिकारी को उनके पदस्थ जिले के जनपद क्षेत्र में उप पंजीयक के रूप में रजिस्ट्री करने का अधिकार दिया गया है। इससे अलग अलग क्षेत्रों में एक साथ रजिस्ट्री का काम शुरू किया जा सकेगा और लोगों को रजिस्ट्री के लिए लंबी प्रक्रिया या इंतजार से राहत मिलने की उम्मीद है।

    सरकार ने रजिस्ट्री की रफ्तार बढ़ाने के लिए अधिकारियों के सामने लक्ष्य भी तय किया है। अधिकार प्राप्त प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को रोजाना कम से कम 40 रजिस्ट्री करने का लक्ष्य दिया गया है। रजिस्ट्रीकर्ता के रूप में संबंधित क्षेत्र के हल्का पटवारी का नाम दर्ज रहेगा। इससे बड़ी संख्या में हितग्राहियों की रजिस्ट्री कम समय में पूरी करने की योजना है।

    इससे पहले प्रदेश के सभी तहसीलदारों को भी स्वामित्व योजना के तहत मुफ्त रजिस्ट्री के लिए सब रजिस्ट्रार के अधिकार दिए जा चुके हैं। अब राजस्व और पंचायत विभाग के अन्य अधिकारियों को अधिकार मिलने से रजिस्ट्री कराने वाले अधिकारियों का दायरा और बढ़ गया है।

    हालांकि योजना के इस प्रावधान को लेकर पटवारियों में नाराजगी भी है। प्रदेश के पटवारी इस बात का विरोध कर रहे हैं कि रजिस्ट्रीकर्ता अधिकारी के तौर पर उनका नाम दर्ज किया जा रहा है। उनका कहना है कि भविष्य में रजिस्ट्री से संबंधित कोई कानूनी विवाद सामने आता है तो उनके बचाव की स्पष्ट व्यवस्था नहीं है। ऐसे में उन्हें अनावश्यक कानूनी प्रक्रिया में उलझना पड़ सकता है। सरकार के सामने अब एक ओर जहां लाखों लोगों को जल्द मालिकाना हक देने की चुनौती है वहीं दूसरी ओर रजिस्ट्री प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों की आशंकाओं का समाधान करना भी अहम होगा।

  • शादी के 9 साल बाद अलग हुए हिमाद्री सिंह और नरेंद्र मरावी कोर्ट में सुलह की कोशिश भी रही नाकाम

    शादी के 9 साल बाद अलग हुए हिमाद्री सिंह और नरेंद्र मरावी कोर्ट में सुलह की कोशिश भी रही नाकाम


    भोपाल। शहडोल से भाजपा सांसद हिमाद्री सिंह और उनके पति नरेंद्र सिंह मरावी का वैवाहिक रिश्ता अब आधिकारिक रूप से खत्म हो गया है। अनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम जिला न्यायालय ने दोनों की पारस्परिक सहमति के आधार पर विवाह विच्छेद की डिक्री पारित कर दी है। अदालत का यह आदेश 3 सितंबर 2026 को जारी हुआ। दोनों का विवाह 23 नवंबर 2017 को राजेंद्रग्राम में हिंदू रीति रिवाज के अनुसार हुआ था। इस तरह करीब नौ साल बाद दोनों अलग हो गए हैं।

    अदालत के सामने रखे गए तथ्यों के मुताबिक विवाह के बाद हिमाद्री सिंह और नरेंद्र मरावी कुछ समय तक साथ रहे और अपने वैवाहिक दायित्व निभाते रहे। इस दौरान 20 जून 2019 को उनकी बेटी गिरिशा सिंह का जन्म हुआ। इसके बाद पति पत्नी के बीच छोटी छोटी बातों को लेकर विवाद होने लगे। धीरे धीरे दोनों के बीच मतभेद बढ़ते गए और स्थिति ऐसी हो गई कि उनका एक दूसरे से मिलना जुलना भी बंद हो गया।

    दोनों 5 मई 2021 से अलग अलग रह रहे थे। लंबे समय तक अलग रहने के बाद दोनों ने अदालत में यह स्पष्ट किया कि अब उनके बीच वैवाहिक जीवन को दोबारा शुरू करने की कोई संभावना नहीं है। दोनों ने अपनी सहमति से विवाह विच्छेद की मांग की। मामले में किसी एक पक्ष पर गंभीर आरोप लगाने के बजाय यह बात सामने रखी गई कि उनके बीच वैवाहिक संबंध सामान्य रूप से आगे बढ़ाना संभव नहीं है।

    मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों को रिश्ते पर दोबारा विचार करने और साथ आने के लिए छह महीने का समय दिया था। न्यायालय की ओर से सुलह की कोशिश भी की गई लेकिन यह प्रयास सफल नहीं हो सका। छह महीने की अवधि पूरी होने के बाद दोनों ने अदालत को बताया कि वे पति पत्नी के रूप में दोबारा साथ नहीं रहना चाहते और अपनी इच्छा से तलाक चाहते हैं।

    इसके बाद अदालत ने दोनों की पारस्परिक सहमति को स्वीकार करते हुए हिंदू विवाह अधिनियम 1955 की धारा 13 बी के तहत विवाह विच्छेद की डिक्री पारित कर दी। अदालत ने माना कि दोनों के लिए एक साथ रहकर वैवाहिक जीवन आगे बढ़ाना संभव नहीं है।

    तलाक के बाद उनकी बेटी गिरिशा सिंह हिमाद्री सिंह के साथ रहेगी। उसकी परवरिश शिक्षा स्वास्थ्य और अन्य जरूरी जिम्मेदारियां हिमाद्री सिंह संभालेंगी। अदालत के समक्ष हिमाद्री ने अपने और बेटी के लिए नरेंद्र मरावी से किसी तरह के भरण पोषण या गुजारा भत्ते की मांग नहीं करने की बात भी कही। दोनों पक्षों ने यह भी स्पष्ट किया कि विवाह के दौरान मिले उपहार और जेवरात को लेकर कोई विवाद बाकी नहीं है।

    तलाक की खबर सामने आने के बाद नरेंद्र मरावी ने कहा कि वह लगातार अलग अलग कार्यक्रमों में व्यस्त होने के कारण बाहर थे और उन्होंने अभी अदालत का आदेश नहीं देखा है। उन्होंने यह भी बताया कि तलाक की अर्जी हिमाद्री सिंह की ओर से दाखिल की गई थी। वहीं हिमाद्री सिंह से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।

    इस तरह करीब पांच साल तक अलग रहने के बाद हिमाद्री सिंह और नरेंद्र मरावी का रिश्ता अब कानूनी रूप से समाप्त हो गया है। अदालत के फैसले के बाद दोनों अपने जीवन में अलग रास्ते पर आगे बढ़ेंगे।

  • गणेश चतुर्थी पर भव्य होंगे बप्पा के दरबार खजराना में स्वर्ण आभूषण तो बड़ा गणपति में 101 किलो का भोग

    गणेश चतुर्थी पर भव्य होंगे बप्पा के दरबार खजराना में स्वर्ण आभूषण तो बड़ा गणपति में 101 किलो का भोग


    इंदौर । गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर आज मध्य प्रदेश में घर घर गणपति बप्पा विराजेंगे। शहरों से लेकर गांवों तक भगवान गणेश की स्थापना को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिल रहा है। इंदौर उज्जैन और प्रदेश के दूसरे प्रमुख गणेश मंदिरों में भी विशेष पूजा अर्चना और आकर्षक श्रृंगार की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। मंदिरों में सुबह से ही भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है और पूरे माहौल में गणपति बप्पा के जयकारे गूंज रहे हैं।

    इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी के मौके पर भगवान का बेहद भव्य श्रृंगार किया जाएगा। बप्पा को करीब 7 करोड़ रुपये के स्वर्ण आभूषण धारण कराए जाएंगे। इससे पहले ब्रह्म मुहूर्त में भगवान गणेश को हीरे जड़ित नेत्र धारण कराए गए। मंदिर में हर दिन अलग और आकर्षक श्रृंगार किया जाएगा। गणेश चतुर्थी पर विशेष पूजा के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

    खजराना गणेश मंदिर में गणेशोत्सव को लेकर प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से भी विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। गणेश चतुर्थी के मौके पर इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने मंदिर पहुंचकर ध्वज पूजन किया। अधिकारियों ने विधि विधान से पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

    इंदौर के ही पश्चिम क्षेत्र में स्थित बड़ा गणपति मंदिर भी इस बार विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। मंदिर की विशाल गणेश प्रतिमा करीब 25 फीट ऊंची और 14 फीट चौड़ी है। इस वर्ष मंदिर के 125 वर्ष पूरे होने के कारण गणेशोत्सव का उत्साह और भी खास है। गणेश चतुर्थी पर भगवान को करीब 101 किलो लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा। यह भोग शुद्ध गाय के घी से तैयार किया गया है। इसमें अलग अलग आकार के लड्डू शामिल होंगे।

    बड़ा गणपति मंदिर में रोजाना रात 9 बजे एक घंटे की संगीतमय आरती होगी। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर में आने और जाने के लिए अलग अलग प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। भक्तों को निर्धारित समय के अनुसार भगवान के दर्शन कराए जाएंगे ताकि व्यवस्था सुचारू बनी रहे।

    उज्जैन के प्रसिद्ध चिंतामन गणेश मंदिर की परंपरा भी गणेश चतुर्थी पर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहती है। यहां भगवान की पीठ की ओर उल्टा स्वास्तिक बनाने की मान्यता है। श्रद्धालु मनोकामना लेकर मंदिर के पीछे उल्टा स्वास्तिक बनाते हैं। खासतौर पर संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले लोग इस परंपरा का पालन करते हैं। मान्यता पूरी होने के बाद श्रद्धालु दोबारा मंदिर पहुंचकर सीधा स्वास्तिक बनाते हैं।

    चिंतामन गणेश मंदिर में श्रद्धालु रक्षा सूत्र भी बांधते हैं और मनोकामना पूरी होने के बाद उसे खोलने के लिए वापस आते हैं। मंदिर परिसर में तुलादान की भी परंपरा है। कई श्रद्धालु मनोकामना पूरी होने पर अनाज लड्डू या अन्य प्रसाद से तुलादान करते हैं। कुछ परिवार संतान प्राप्ति के बाद बच्चे के वजन के बराबर लड्डुओं का तुलादान कर प्रसाद भक्तों में बांटते हैं।

    इस तरह गणेश चतुर्थी पर मध्य प्रदेश के प्रमुख गणेश मंदिरों में आस्था और भव्यता का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। घरों से लेकर मंदिरों तक हर जगह बप्पा के स्वागत की तैयारियां पूरी हैं और श्रद्धालु गणपति से सुख समृद्धि और मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना कर रहे हैं।

  • जमीन का काम कर लौट रहे थे तीन युवक तभी पीछे से आई तेज रफ्तार कार ने मारी टक्कर एक की गई जान

    जमीन का काम कर लौट रहे थे तीन युवक तभी पीछे से आई तेज रफ्तार कार ने मारी टक्कर एक की गई जान


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के लुकवासा चौकी क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग 46 पर शनिवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। लुकवासा बायपास पर जगन्नाथ होटल के पास तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार तीन लोगों को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार एक युवक की मौत हो गई जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने घटनास्थल से मिली कार की टूटी हुई नंबर प्लेट के आधार पर आरोपी चालक की तलाश शुरू कर दी है।

    जानकारी के मुताबिक बदरवास थाना क्षेत्र के सांडर गांव निवासी भूरा उर्फ चंद्रभान यादव अपने साथियों मुकेश शर्मा और रामकुमार शर्मा के साथ बाइक से कोलारस तहसील गए थे। तीनों जमीन से जुड़े काम के सिलसिले में कोलारस पहुंचे थे। जरूरी काम पूरा करने के बाद तीनों बाइक से वापस अपने गांव बदरवास लौट रहे थे। इसी दौरान शनिवार शाम जब वे लुकवासा बायपास पर जगन्नाथ होटल के पास पहुंचे तभी पीछे से तेज रफ्तार कार आई और उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।

    टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार तीनों लोग सड़क पर जा गिरे। हादसे के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने घायलों को संभाला और घटना की सूचना पुलिस को दी। इसके बाद घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल शिवपुरी भेजा गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने चंद्रभान यादव को मृत घोषित कर दिया। वहीं मुकेश शर्मा और रामकुमार शर्मा को हादसे में फ्रैक्चर हुआ है। दोनों का अस्पताल में इलाज जारी है।

    हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिस को कार की टूटी हुई नंबर प्लेट मिली। पुलिस के लिए यह नंबर प्लेट अब फरार कार और उसके चालक तक पहुंचने में अहम सुराग बन गई है। पुलिस नंबर प्लेट के आधार पर कार की पहचान करने में जुटी है। साथ ही आसपास के इलाके में कार के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।

    पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद से मृतक चंद्रभान यादव के परिवार में मातम पसरा हुआ है। रविवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसे के समय कार की रफ्तार कितनी थी और टक्कर के बाद चालक मौके से फरार होकर किस दिशा में गया। टूटी नंबर प्लेट के आधार पर पुलिस जल्द ही कार चालक तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।