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  • MP में रात के तापमान में गिरावट शुरू, अमरकंटक सबसे ठंडा, अगले 4 दिन आंधी-बारिश का अलर्ट नहीं

    MP में रात के तापमान में गिरावट शुरू, अमरकंटक सबसे ठंडा, अगले 4 दिन आंधी-बारिश का अलर्ट नहीं


    भोपाल। मध्य प्रदेश में पिछले आठ दिनों से पश्चिमी हिस्से में जारी बारिश का दौर अब थम गया है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश में कहीं भी आंधी या बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है। हालांकि, रात के तापमान में गिरावट का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। बीती रात अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन में प्रदेश का सबसे कम तापमान रहा।

    मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट हो सकती है। रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की कमी आने के आसार हैं। इससे सुबह और रात के समय ठंडक बढ़ेगी।

    अमरकंटक में 13 डिग्री, कई शहरों में गिरा पारा

    अनूपपुर जिले के अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, कटनी के करौंदी में 13.1 डिग्री, दमोह में 14.5 डिग्री और शाजापुर में 15.6 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। नीमच के मरुखेड़ा, रीवा और उमरिया में न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस रहा।

    दिन के तापमान में भी 1 से 2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। खजुराहो, रतलाम, गुना, खरगोन, भोपाल, खंडवा, छतरपुर, ग्वालियर, बालाघाट, राजगढ़, उज्जैन, मंडला और सागर में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा।

    शुक्रवार को कहीं बादल, कहीं हुई बूंदाबांदी

    शुक्रवार को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिला। चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) का प्रभाव इंदौर और उज्जैन संभाग में अधिक रहा। भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के कुछ जिलों में तेज बारिश हुई, जबकि कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। वहीं, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग में धूप खिली रही।

    इंदौर संभाग के आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा और बैतूल में भी मौसम में बदलाव देखा गया। इन क्षेत्रों में कहीं बादल छाए रहे तो कहीं हल्की बूंदाबांदी हुई।

    अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में फिर हो सकती है बारिश

    मौसम विभाग के अनुसार, अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना है। नए मौसम सिस्टम का असर खासतौर पर प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में दिखाई दे सकता है। इस दौरान रात के तापमान में भी गिरावट होने के आसार हैं। ऐसे में महीने के आखिरी सप्ताह में बारिश के साथ ठंडक का असर भी बढ़ सकता है।

  • इंदौर में जुटेगी सेमीकंडक्टर उद्योग की ताकत, CM मोहन यादव के शुभारंभ से निवेश और तकनीक पर टिकी नजरें

    इंदौर में जुटेगी सेमीकंडक्टर उद्योग की ताकत, CM मोहन यादव के शुभारंभ से निवेश और तकनीक पर टिकी नजरें


    इंदौर । मध्य प्रदेश को सेमीकंडक्टर उद्योग के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में इंदौर में महत्वपूर्ण पहल की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 23 अक्टूबर को ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर समिट 2026 का शुभारंभ किया। दो दिवसीय इस आयोजन का उद्देश्य प्रदेश में सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा देना और देश विदेश की कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित करना है। सरकार की कोशिश है कि मध्य प्रदेश को तकनीक आधारित उद्योगों के बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जाए और प्रदेश में नए औद्योगिक अवसरों के साथ रोजगार के रास्ते भी खोले जाएं।

    समिट में मध्य प्रदेश को सेमीकंडक्टर हब बनाने की संभावनाओं पर चर्चा की जा रही है। इस आयोजन में देश और विदेश की कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ निवेशक उद्योग विशेषज्ञ शिक्षाविद और स्टार्टअप से जुड़े लोग भाग ले रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 50 से अधिक कंपनियां इस समिट में शामिल हैं। कंपनियां अपनी तकनीक उत्पाद और समाधान प्रदर्शित कर रही हैं। आयोजन के दौरान निवेश की संभावनाओं के साथ तकनीकी सहयोग और औद्योगिक विकास को लेकर भी विचार विमर्श किया जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि इस तरह के आयोजन से प्रदेश में नई परियोजनाओं के लिए अनुकूल माहौल तैयार होगा।

    सेमीकंडक्टर आधुनिक तकनीक की रीढ़ माने जाते हैं। मोबाइल फोन कंप्यूटर इलेक्ट्रिक वाहन औद्योगिक मशीनों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े उपकरणों में इनका व्यापक इस्तेमाल होता है। डिजिटल तकनीक के तेजी से विस्तार के कारण दुनिया भर में चिप निर्माण और उससे जुड़ी तकनीकों की मांग बढ़ रही है। ऐसे में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इससे विनिर्माण क्षेत्र को मजबूती मिलने के साथ तकनीकी सेवाओं और सहायक उद्योगों के विस्तार की संभावनाएं भी बन सकती हैं।

    प्रदेश सरकार ने निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर नीति 2025 को मंजूरी दी है। इस नीति में पात्र निवेशकों के लिए प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसमें 25 प्रतिशत सब्सिडी और दस वर्षों तक दो रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली देने का प्रावधान शामिल है। सरकार की मंशा है कि ऐसी सुविधाओं के माध्यम से निवेशकों को आकर्षित किया जाए और प्रदेश में सेमीकंडक्टर से जुड़ी परियोजनाओं की स्थापना को गति मिले।

    इस क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं के बीच पारस सेमीकंडक्टर्स की ओर से सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग सुविधा स्थापित करने के लिए 6200 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश से जुड़ा समझौता भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि परियोजना निर्धारित योजना के अनुसार आगे बढ़ती है तो इससे प्रदेश में सेमीकंडक्टर उद्योग की आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने में मदद मिल सकती है। हालांकि प्रस्तावित निवेश और वास्तविक परियोजना के क्रियान्वयन के बीच अंतर होता है इसलिए इसकी प्रगति पर नजर रखना भी जरूरी होगा।

    समिट में उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने तथा युवाओं को आधुनिक तकनीक के लिए प्रशिक्षित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। चिप डिजाइन निर्माण और टेस्टिंग जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करने वाले युवाओं के लिए भविष्य में नए अवसर पैदा हो सकते हैं। अब इस आयोजन की सफलता इस बात से तय होगी कि कितने निवेश प्रस्ताव वास्तविक परियोजनाओं में बदलते हैं और कितने रोजगार के अवसर तैयार होते हैं। इंदौर में आयोजित यह समिट मध्य प्रदेश को सेमीकंडक्टर उद्योग में आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

  • MP में 7 दिन से आंधी-बारिश का दौर, आज 5 जिलों में अलर्ट, रात का पारा 3 डिग्री तक गिरेगा

    MP में 7 दिन से आंधी-बारिश का दौर, आज 5 जिलों में अलर्ट, रात का पारा 3 डिग्री तक गिरेगा


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी आंधी और बारिश का सिलसिला थम नहीं रहा है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में पिछले 7 दिनों से बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को इंदौर संभाग के आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

    मौसम विभाग के मुताबिक, 24 अक्टूबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसका असर 2 से 3 दिन बाद प्रदेश में दिखाई दे सकता है। फिलहाल साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण मौसम में बदलाव हो रहा है। गुरुवार को इंदौर, धार समेत पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश हुई। वहीं, भोपाल में दिनभर तेज धूप रहने के बाद शाम को बादल छा गए।

    प्रदेश में पहली बार रात का तापमान 14 डिग्री से नीचे
    मौसम में बदलाव के साथ प्रदेश में रात के तापमान में गिरावट आने लगी है। बीती रात इस सीजन में पहली बार न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में और गिरावट होने का अनुमान है। रात का पारा 2 से 3 डिग्री तक लुढ़क सकता है।

    कटनी के करौंदी में प्रदेश का सबसे कम न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अमरकंटक में 14.5, रीवा में 15, उमरिया में 15.4 और शहडोल के कल्याणपुर में 15.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। इंदौर और टीकमगढ़ में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया है।

    अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में बारिश के साथ बढ़ेगी ठंड
    मौसम विभाग के अनुसार, अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। 24 अक्टूबर से सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ का असर खासतौर पर उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश में दिखाई दे सकता है। इस दौरान रात के तापमान में भी गिरावट होने का अनुमान है। ऐसे में अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में प्रदेश में बारिश के साथ ठंड का असर बढ़ सकता है।

  • MP Weather: 11 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 24 अक्टूबर से फिर सक्रिय होगा नया सिस्टम

    MP Weather: 11 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 24 अक्टूबर से फिर सक्रिय होगा नया सिस्टम


    भोपाल। मध्यप्रदेश में अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक, 24 अक्टूबर से एक नया सिस्टम सक्रिय होने के कारण प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में मौसम बदलेगा। वहीं, अगले दो दिन इंदौर संभाग के जिलों के साथ नर्मदापुरम क्षेत्र में भी बारिश होने की संभावना है। आंधी-बारिश के बीच प्रदेश के कई शहरों में रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। अनूपपुर के अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

    11 जिलों में बारिश के साथ 40 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

    मौसम केंद्र (IMD) के अनुसार, गुरुवार को प्रदेश के 11 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें इंदौर, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, हरदा, नर्मदापुरम और बैतूल शामिल हैं। इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

    15 जिलों में हुई बारिश, गैरतगंज में सवा इंच पानी गिरा

    मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात प्रदेश के 15 जिलों में बारिश दर्ज की गई। इनमें धार, इंदौर, खरगोन, खंडवा, हरदा, देवास, उज्जैन, आगर-मालवा, राजगढ़, भोपाल, रायसेन, गुना, सागर, सीहोर और रतलाम शामिल हैं।

    इस दौरान सबसे ज्यादा बारिश रायसेन जिले के गैरतगंज में दर्ज की गई, जहां करीब सवा इंच पानी गिरा। खंडवा में एक इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। सीहोर में हवा की रफ्तार 37 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई।

    गुरुवार को भी इंदौर, सीहोर और शाजापुर में दोपहर बाद तेज बारिश का दौर देखने को मिला। भोपाल में दिनभर बादल छाए रहे और रात में कई इलाकों में बूंदाबांदी हुई।

    अमरकंटक में पारा 15.8 डिग्री, अगले चार दिन में और गिरेगा तापमान

    आंधी-बारिश के असर से प्रदेश के कई शहरों में रात का तापमान नीचे आया है। मौसम विभाग के मुताबिक, बीती रात अनूपपुर के अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रीवा में पारा 16 डिग्री, पचमढ़ी में 16.6 डिग्री, मंदसौर में 16.8 डिग्री और दतिया में 17 डिग्री सेल्सियस रहा।

    मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिन में प्रदेश के न्यूनतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है। दूसरी ओर, दिन में गर्मी का असर भी बना हुआ है। भोपाल, राजगढ़, खरगोन, खंडवा, उज्जैन, खजुराहो, नर्मदापुरम और मंदसौर में अधिकतम तापमान 34.4 से 35.8 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।

    3 अक्टूबर को विदा हो चुका मानसून, फिर भी जारी है बारिश

    मध्यप्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून 3 अक्टूबर को ही विदा हो गया था। इस बार एक ही दिन में पूरे प्रदेश से मानसून की वापसी हो गई थी। इसके बावजूद सक्रिय मौसमी सिस्टम के कारण बारिश का सिलसिला जारी है।

    पिछले एक सप्ताह से प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के कई जिलों में आंधी-बारिश का असर देखने को मिल रहा है। पिछले छह दिनों में कई जिलों में तेज बारिश भी दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को भी प्रदेश के 11 जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है, जबकि 24 अक्टूबर से सक्रिय होने वाला नया सिस्टम महीने के आखिरी सप्ताह में भी मौसम को प्रभावित कर सकता है।

  • MP Weather: दशहरे पर भी बरसे बादल, आज 21 जिलों में बारिश का अलर्ट; 40 Km की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

    MP Weather: दशहरे पर भी बरसे बादल, आज 21 जिलों में बारिश का अलर्ट; 40 Km की रफ्तार से चलेंगी हवाएं


    भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी बारिश का दौर थम नहीं रहा है। दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन के सक्रिय होने से प्रदेश के पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में पिछले पांच दिन से आंधी-बारिश हो रही है। मंगलवार को दशहरे के दिन भी कई इलाकों में बारिश हुई, जिससे कुछ जगह रावण के पुतले भीग गए। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिन तक प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में इसी तरह मौसम बने रहने का अनुमान है।

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार को प्रदेश के 21 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की भी संभावना है।

    इन 21 जिलों में बारिश का अनुमान
    मौसम विभाग के मुताबिक, बुधवार को इंदौर, उज्जैन, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, धार, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास, शाजापुर, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में बारिश हो सकती है।

    2022 के बाद इस बार दशहरे पर हुई बारिश
    मंगलवार को दशहरे के दिन रतलाम, महू समेत कई जगह बारिश हुई। बारिश के कारण कुछ स्थानों पर रावण के पुतले भीग गए। ऐसे में आयोजकों को पुतलों को बरसाती से ढंकना पड़ा। इससे पहले वर्ष 2022 में भी दशहरे के दिन तेज बारिश हुई थी। भोपाल में बारिश से रावण का पुतला भीगने के कारण दहन नहीं हो पाया था। बाद में पुतले पर केरोसिन और पेट्रोल डालकर उसे जलाने का प्रयास किया गया था। प्रदेश के अन्य जिलों में भी बारिश के चलते रावण दहन प्रभावित हुआ था।

    कई शहरों में रात का पारा 20 डिग्री से नीचे
    मौसम विभाग के अनुसार, बीती रात प्रदेश के कई शहरों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। पचमढ़ी में रात का तापमान 17 डिग्री, कटनी के करौंदी में 17.8 डिग्री, बालाघाट के मलाजखंड में 18.1 डिग्री, छिंदवाड़ा में 18.2 डिग्री और ग्वालियर में 18.3 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, दिन के तापमान की बात करें तो रतलाम, खरगोन, खंडवा, मंदसौर, उज्जैन और नर्मदापुरम में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार रिकॉर्ड किया गया।

    3 अक्टूबर को विदा हो चुका है मानसून, फिर भी बारिश
    मध्यप्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून 3 अक्टूबर को ही विदा हो गया था। इस बार एक ही दिन में पूरे प्रदेश से मानसून की वापसी हो गई, लेकिन मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने से बारिश जारी है। पिछले एक सप्ताह से पूर्वी और पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई जिलों में आंधी और बारिश का असर देखने को मिला है। इनमें से कई जिलों में पिछले पांच दिन से तेज बारिश हो रही है। बुधवार को भी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड का मिला-जुला असर
    मौसम विशेषज्ञ के अनुसार, पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड तीनों का मिला-जुला असर देखने को मिलता है। इस बार भी ऐसा ही मौसम बना हुआ है। अक्टूबर की शुरुआत में मौसम साफ होने के साथ धूप खिली, जबकि रात के तापमान में गिरावट से ठंडक महसूस होने लगी। दूसरी ओर, प्रदेश के कई जिलों में बारिश का दौर भी जारी है।

  • दशहरे पर MP के 25 जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट, 50 किमी की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

    दशहरे पर MP के 25 जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट, 50 किमी की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं


    भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी बारिश का दौर थम नहीं रहा है। दशहरे के दिन मंगलवार को प्रदेश के आधे हिस्से में आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, नर्मदापुरम और सागर संभाग के 25 जिलों में बारिश हो सकती है। मौसम के इस मिजाज से दशहरा आयोजनों पर भी असर पड़ने की आशंका है।

    बारिश की संभावना को देखते हुए भोपाल में कलाकारों ने रावण के पुतलों को बरसाती से ढक दिया है। इससे पहले 2022 में बारिश के कारण रावण के पुतले ठीक से नहीं जल पाए थे। उस समय उन्हें जलाने के लिए केरोसिन और पेट्रोल का इस्तेमाल करना पड़ा था। इस बार आयोजक पहले से ही एहतियात बरत रहे हैं।

    इन 25 जिलों में बारिश की संभावना

    मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान भोपाल, इंदौर, उज्जैन, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, राजगढ़, रायसेन, सागर, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश का अनुमान जताया है।

    मौसम में बदलाव की वजह चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) और ट्रफ को बताया गया है। इनके प्रभाव से प्रदेश में अगले चार दिन, यानी 23 अक्टूबर तक, कहीं-कहीं बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की भी संभावना है।

    दूसरी ओर, प्रदेश के पूर्वी हिस्से में मौसम अपेक्षाकृत साफ रह सकता है। जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के जिलों में धूप निकलने के आसार हैं।

    कई जिलों में रात का तापमान 20 डिग्री से नीचे

    बारिश के बीच प्रदेश के कई इलाकों में रात का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है। बीती रात छिंदवाड़ा में न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री, कटनी के करौंदी में 17.8 डिग्री, आलीराजपुर और गुना में 18 डिग्री, अमरकंटक में 18.4 डिग्री तथा नीमच के मरुखेड़ा में 18.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    वहीं, दिन में कुछ जिलों में गर्मी का असर बना हुआ है। खंडवा, उज्जैन, खरगोन, रतलाम, राजगढ़ और रायसेन में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया।

    गुना में एक दिन में साढ़े चार इंच बारिश

    प्रदेश में पिछले चार दिनों से आंधी और बारिश का सिलसिला जारी है। गुना में एक ही दिन में करीब साढ़े चार इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा इंदौर, शाजापुर, सीहोर, मंदसौर, उज्जैन, आगर-मालवा, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल और छिंदवाड़ा में भी बारिश हुई।

    इंदौर में सोमवार को दिनभर रुक-रुककर पानी गिरता रहा। प्रदेश के दूसरे जिलों में भी इसी तरह का मौसम बना रहा। बीते सप्ताह पूर्वी और पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश का असर देखा गया, जबकि पिछले चार दिनों में कुछ इलाकों में तेज बारिश भी हुई।

    3 अक्टूबर को लौट चुका है मानसून, फिर भी जारी बारिश


    मध्यप्रदेश से मानसून की विदाई 3 अक्टूबर को ही हो चुकी है। इस बार एक ही दिन में पूरे प्रदेश से मानसून लौट गया था। इसके बावजूद चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ जैसे मौसमी सिस्टम सक्रिय होने के कारण बारिश जारी है।

  • विजयादशमी पर मध्यप्रदेश में होगा शस्त्र-पूजन, इंदौर में मुख्यमंत्री मोहन यादव करेंगे पूजा, 31 जिलों में मंत्री संभालेंगे जिम्मेदारी

    विजयादशमी पर मध्यप्रदेश में होगा शस्त्र-पूजन, इंदौर में मुख्यमंत्री मोहन यादव करेंगे पूजा, 31 जिलों में मंत्री संभालेंगे जिम्मेदारी

    मध्यप्रदेश: में विजयादशमी के अवसर पर 20 अक्टूबर 2026 को प्रदेशव्यापी शस्त्र-पूजन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। राज्य सरकार ने इस आयोजन के लिए जिलों के अनुसार जिम्मेदारियां तय की हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव इंदौर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होकर शस्त्र-पूजन करेंगे। वहीं, प्रदेश के 31 जिलों में मंत्री और अन्य प्रमुख जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। शेष 24 जिलों में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक कार्यक्रम की जिम्मेदारी संभालेंगे।

    सरकार की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विजयादशमी पर शस्त्र-पूजन की परंपरा को आगे बढ़ाना और सुरक्षा, साहस तथा राष्ट्र के प्रति सम्मान के भाव को रेखांकित करना है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस परंपरा को देश की सैन्य शक्ति, सुरक्षा और स्वतंत्रता के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया है। उनका कहना है कि शस्त्र-पूजन को साहस, आत्मरक्षा और अन्याय के खिलाफ खड़े होने की भावना से जोड़कर देखा जाना चाहिए।

    इन जिलों में प्रमुख नेता करेंगे शस्त्र-पूजन
    राज्य सरकार ने कई जिलों में मंत्रियों और प्रमुख जनप्रतिनिधियों को कार्यक्रम की जिम्मेदारी सौंपी है। इंदौर में मुख्यमंत्री मोहन यादव शस्त्र-पूजन करेंगे। ग्वालियर में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर कार्यक्रम की अगुवाई करेंगे। मंदसौर में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और रीवा में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल शस्त्र-पूजन में शामिल होंगे।

    राजधानी भोपाल में मंत्री विश्वास सारंग पूजा-अर्चना करेंगे। धार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। नरसिंहपुर में मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और जबलपुर में मंत्री राकेश सिंह शस्त्र-पूजन करेंगे। सीहोर में मंत्री करण सिंह वर्मा तथा नर्मदापुरम में मंत्री उदय प्रताप सिंह कार्यक्रम की जिम्मेदारी संभालेंगे।इनके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में भी मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदारियां दी गई हैं। सरकार की योजना के अनुसार, कुल 31 जिलों में मंत्री स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

    24 जिलों में प्रशासन संभालेगा जिम्मेदारी
    प्रदेश के बाकी 24 जिलों में शस्त्र-पूजन कार्यक्रम के संचालन की जिम्मेदारी जिला प्रशासन को दी गई है। इन स्थानों पर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक मिलकर आयोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। इस तरह सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है।प्रशासनिक अधिकारियों की भागीदारी के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि निर्धारित कार्यक्रम संबंधित जिलों में आयोजित हो सके। शस्त्र-पूजन में सुरक्षा से जुड़े विभागों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी।

    विजयादशमी पर शस्त्र-पूजन का धार्मिक महत्व
    सनातन परंपरा में शस्त्रों को शक्ति, साहस और आत्मरक्षा का प्रतीक माना जाता है। विजयादशमी पर शस्त्र-पूजन की परंपरा का उद्देश्य शक्ति के सदुपयोग और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की भावना को मजबूत करना है। इस अवसर पर सैनिक और पुलिसकर्मी अपने हथियारों की पूजा करते हैं, जबकि कई अन्य क्षेत्रों में लोग अपने कामकाज से जुड़े औजारों का पूजन करते हैं।


    शस्त्र-पूजन की एक मान्यता महाभारत काल से जुड़ी है। धार्मिक कथाओं के अनुसार, पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान अपने हथियार शमी के पेड़ के नीचे छिपाए थे। अज्ञातवास पूरा होने के बाद अर्जुन ने शमी के पेड़ से अपने शस्त्र निकाले और राजा विराट के राज्य की रक्षा के लिए कौरवों की सेना का सामना किया। इसी मान्यता के कारण कई स्थानों पर विजयादशमी के दिन शमी के पेड़ और शस्त्रों की पूजा की जाती है।

    राम और दुर्गा की विजय से जुड़ा पर्व
    विजयादशमी को भगवान श्रीराम की रावण पर विजय और मां दुर्गा द्वारा महिषासुर के वध की मान्यताओं से भी जोड़ा जाता है। दोनों प्रसंग बुराई, अन्याय और अधर्म पर अच्छाई की जीत का संदेश देते हैं। इसी भावना के साथ शस्त्र-पूजन में शक्ति का इस्तेमाल सही उद्देश्यों, सुरक्षा और धर्म की रक्षा के लिए करने का संकल्प लिया जाता है।

    मध्यप्रदेश में होने वाला यह आयोजन धार्मिक परंपरा के साथ-साथ सुरक्षा और जिम्मेदारी के महत्व को भी सामने रखेगा। प्रदेश के सभी 55 जिलों में तय व्यवस्था के अनुसार कार्यक्रम संपन्न कराने की जिम्मेदारी मंत्रियों और प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपी गई है।

  • दशहरे पर इंदौर-उज्जैन समेत MP के पश्चिमी हिस्से में बारिश के आसार, 15 जिलों में अलर्ट

    दशहरे पर इंदौर-उज्जैन समेत MP के पश्चिमी हिस्से में बारिश के आसार, 15 जिलों में अलर्ट


    भोपाल। मध्यप्रदेश में दशहरे के दिन बारिश उत्सव के रंग में खलल डाल सकती है। मौसम विभाग ने 20 अक्टूबर को इंदौर, उज्जैन, रतलाम समेत पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई जिलों में आंधी-बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। सोमवार को भी प्रदेश के 15 जिलों में बारिश का अनुमान है। इनमें भोपाल, उज्जैन, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, सीहोर, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर और दमोह शामिल हैं।

    मौसम विभाग के अनुसार, 20, 21 और 22 अक्टूबर को पश्चिमी मध्यप्रदेश में बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं, पूर्वी हिस्से में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने और धूप निकलने की संभावना है।

    दशहरे पर इन जिलों में बारिश के आसार

    दशहरे के दिन इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, हरदा और बैतूल में बारिश हो सकती है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवा चलने की आशंका भी है। ऐसे में दशहरा आयोजन, रावण दहन और खुले मैदानों में होने वाले कार्यक्रमों के दौरान मौसम पर नजर रखना जरूरी होगा।

    रविवार को तेज बारिश से पंडालों में भरा पानी

    रविवार को इंदौर, सीहोर और शाजापुर सहित कई इलाकों में तेज बारिश हुई। सीहोर में बारिश और हवा के कारण माता के पंडालों के टेंट उड़ गए। महू में गरबा और माता की स्थापना के लिए तैयार किए गए पंडालों में पानी भर गया। बारिश के कारण रावण के पुतले भी भीग गए।

    गुना शहर में रविवार शाम अचानक मौसम बदला और आधे घंटे से अधिक समय तक तेज बारिश हुई। बेमौसम बरसात से शहर की प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

    ट्रफ और चक्रवाती परिसंचरण से बदला मौसम

    मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी मध्यप्रदेश के ऊपर से एक ट्रफ गुजर रही है। इसके साथ ही चक्रवाती परिसंचरण यानी साइक्लोनिक सर्कुलेशन का प्रभाव भी बना हुआ है। इन मौसमी प्रणालियों के कारण प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में आंधी और बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। अगले चार दिन तक इस क्षेत्र में रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है।

    3 अक्टूबर को लौट चुका है मानसून, फिर भी बारिश

    मध्यप्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई 3 अक्टूबर को हो चुकी है, लेकिन सक्रिय मौसमी प्रणालियों के कारण बारिश का सिलसिला फिर शुरू हो गया है। बीते एक सप्ताह से पूर्वी और पश्चिमी, दोनों हिस्सों के कई जिलों में आंधी-बारिश दर्ज की गई है। पिछले चार दिनों में कुछ इलाकों में तेज बारिश भी हुई है।

    मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, अक्टूबर में गर्मी, बारिश और रात के तापमान में गिरावट का मिला-जुला असर सामान्य तौर पर देखने को मिलता है। इस बार भी यही स्थिति बन रही है। महीने की शुरुआत में मौसम साफ होने और दिन में धूप निकलने के साथ रातों में ठंडक महसूस की गई, जबकि अब कई जिलों में फिर बारिश हो रही है। इस साल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून करीब 100 दिन तक सक्रिय रहा।

  • MP में 72 घंटे से आंधी-बारिश का दौर, ग्वालियर-चंबल में दिन का पारा गिरा, आज 15 जिलों में अलर्ट

    MP में 72 घंटे से आंधी-बारिश का दौर, ग्वालियर-चंबल में दिन का पारा गिरा, आज 15 जिलों में अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी बारिश का सिलसिला थम नहीं रहा है। पिछले 72 घंटों से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी और बारिश का दौर जारी है। ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में भी पानी गिर रहा है। लगातार बदलते मौसम का असर दिन के तापमान पर भी पड़ा है और पारे में 2.8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है।

    मौसम केंद्र भोपाल ने रविवार को 15 जिलों में बारिश की संभावना जताई है। अगले 24 घंटे के दौरान नीमच, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, सिवनी और बालाघाट में बारिश हो सकती है।

    दो चक्रवाती परिसंचरण से बदला मौसम

    मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के कारण मौसम में बदलाव आया है। इसके असर से इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और जबलपुर संभाग के जिलों में बादल छाए रहने और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं।

    शुक्रवार और शनिवार को भी इन संभागों के कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई। बड़वानी जिले के सेंधवा, सीहोर और पीथमपुर में पानी गिरा, जबकि रीवा और सागर संभाग के जिलों में बादल छाए रहे। मौसम में आए इस बदलाव के चलते तापमान में गिरावट आई है।

    20 अक्टूबर के बाद रात में बढ़ेगी ठंडक

    मौसम विभाग के अनुसार, 18 और 19 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ जिलों में आंधी-बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 20 अक्टूबर के बाद रात के तापमान में गिरावट के साथ ठंडक बढ़ सकती है।

    मानसून विदा, फिर भी सक्रिय हैं मौसमी सिस्टम

    मध्य प्रदेश से इस साल 3 अक्टूबर को मानसून की विदाई हो गई थी। इसके बावजूद सक्रिय मौसमी प्रणालियों के कारण बारिश का एक और दौर शुरू हो गया है। पिछले एक सप्ताह से पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में आंधी-बारिश का असर दिखाई दे रहा है।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों में अक्टूबर के दौरान बारिश, गर्मी और ठंड तीनों तरह की मौसमी परिस्थितियां देखने को मिलती हैं। इस बार भी ऐसा ही मौसम बना हुआ है। अक्टूबर की शुरुआत में आसमान साफ होने और धूप निकलने से गर्मी का अहसास हुआ था, लेकिन रात में ठंडक के साथ अब कई जिलों में बारिश भी हो रही है। इस साल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून करीब 100 दिनों तक सक्रिय रहा।

    पूर्वी हिस्से में 4% ज्यादा, पश्चिमी मध्य प्रदेश में कम बारिश

    मानसून के दौरान प्रदेश में बारिश का वितरण एक जैसा नहीं रहा। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई। हालांकि, बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5 से 21 प्रतिशत तक कम पानी गिरा।

    वहीं, पश्चिमी मध्य प्रदेश के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई।

    25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा

    प्रदेश के 25 जिलों में मानसून के दौरान बारिश का निर्धारित कोटा पूरा हो चुका है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।

    इसके उलट, 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।

    मानसून की विदाई के बाद भी बारिश की गतिविधियां जारी रहने से प्रदेश में दिन के तापमान में गिरावट आई है। अब अगले कुछ दिनों में बारिश का असर कम होने और रात के समय ठंड बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

  • MP में दो चक्रवात से बदलेगा मौसम, आज 21 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी

    MP में दो चक्रवात से बदलेगा मौसम, आज 21 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून भले ही विदा हो चुका है, लेकिन सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण बारिश का दौर जारी है। पिछले दो दिनों से ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के जिलों में बारिश दर्ज की जा रही है। मौसम केंद्र भोपाल ने शनिवार को प्रदेश के 21 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

    मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे में ग्वालियर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, रतलाम, झाबुआ, धार, आलीराजपुर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में बारिश हो सकती है।

    दो चक्रवाती परिसंचरण से चार दिन तक बदला रहेगा मौसम

    मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं। इनके प्रभाव से अगले चार दिनों तक ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, सागर, नर्मदापुरम, रीवा और जबलपुर संभाग के जिलों में मौसम का मिजाज बदला रह सकता है। इस दौरान अलग-अलग स्थानों पर बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

    18 और 19 अक्टूबर को नीमच, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सीधी, मऊगंज, सिंगरौली, सिवनी और बालाघाट में बारिश होने का अनुमान है। हालांकि, 20 अक्टूबर से मौसम प्रणाली कमजोर पड़ने लगेगी। इसके बाद प्रदेश में तेज बारिश की संभावना कम हो जाएगी।

    उज्जैन और चंबल संभाग के जिलों में पहले भी हुई बारिश

    इससे पहले गुरुवार को चंबल और उज्जैन संभाग के पांच जिलों—श्योपुर, भिंड, मुरैना, नीमच और मंदसौर में बारिश दर्ज की गई थी। शुक्रवार को भी कई इलाकों में मौसम बदला रहा। बारिश के बीच प्रदेश के कुछ जिलों में रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।

    अनूपपुर के अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 16.6 डिग्री सेल्सियस रहा। छिंदवाड़ा में 17.4 डिग्री, इंदौर में 17.6 डिग्री, कटनी के करौंदी में 18 डिग्री और बैतूल में 18.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इससे रात और सुबह के समय ठंडक महसूस होने लगी है।

    3 अक्टूबर को विदा हो चुका है मानसून

    मध्य प्रदेश से 3 अक्टूबर को मानसून की विदाई हो गई थी, लेकिन मौसम प्रणालियों की सक्रियता के कारण प्रदेश में एक बार फिर बारिश होने लगी है। पिछले एक सप्ताह से पूर्वी हिस्से के जिलों में भी आंधी और बारिश का असर देखने को मिल रहा है।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों से पता चलता है कि अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड तीनों का असर देखने को मिलता है। इस बार भी मौसम का यही मिला-जुला रूप नजर आ रहा है। अक्टूबर की शुरुआत में मौसम साफ होने के साथ धूप निकलने लगी थी, लेकिन अब कई जिलों में बारिश हो रही है और रात के तापमान में गिरावट से ठंडक बढ़ रही है। इस साल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून करीब 100 दिनों तक सक्रिय रहा।

    प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत कम बारिश

    जून से सितंबर तक चले दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान मध्य प्रदेश में कुल 908.4 मिलीमीटर यानी करीब 35.8 इंच बारिश हुई। यह सामान्य बारिश 949.5 मिलीमीटर यानी 37.3 इंच का 95.9 प्रतिशत है। इस तरह प्रदेश में औसत के मुकाबले करीब 1.5 इंच कम बारिश दर्ज की गई।

    क्षेत्रवार आंकड़ों में पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12 प्रतिशत कम बारिश हुई। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कुल बारिश का आंकड़ा सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक रहा। हालांकि, बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई।

    पश्चिमी मध्य प्रदेश के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम पानी गिरा।

    इन 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा

    प्रदेश के 25 जिलों में मानसूनी बारिश का निर्धारित कोटा पूरा हो गया है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।

    दूसरी ओर, 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।

    इस तरह प्रदेश में मानसून के दौरान बारिश का वितरण असमान रहा। अब मानसून की विदाई के बाद भी सक्रिय मौसमी प्रणालियों के चलते अगले कुछ दिनों तक कई जिलों में बारिश की संभावना बनी हुई है।