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  • रीवा-बालाघाट समेत 14 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, पूर्वी MP में स्ट्रॉन्ग सिस्टम

    रीवा-बालाघाट समेत 14 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, पूर्वी MP में स्ट्रॉन्ग सिस्टम


    भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय स्ट्रॉन्ग सिस्टम के चलते रीवा और बालाघाट समेत 14 जिलों में मंगलवार को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम केंद्र (IMD) भोपाल के मुताबिक, अगले तीन दिन प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। 24 घंटे के दौरान कुछ जिलों में 4 से 8 इंच तक बारिश होने का अनुमान है।

    रीवा-बालाघाट में ऑरेंज अलर्ट
    मंगलवार को रीवा और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। इसके अलावा टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, कटनी, शहडोल, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

    भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, डिंडौरी, सतना, मऊगंज, मैहर, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, दमोह और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    पहली बार खुलेंगे बरगी बांध के 9 गेट
    मंडला, डिंडौरी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते इस साल पहली बार बरगी बांध के गेट खोले जाएंगे। मंगलवार 18 अगस्त को सुबह 11 बजे बांध के 9 गेट 0.78 मीटर की औसत ऊंचाई तक खोले जाएंगे। इससे 1,031 क्यूमेक पानी छोड़ा जाएगा। 17 अगस्त की रात 8 बजे बांध का जलस्तर 420.80 मीटर दर्ज किया गया था, जबकि बांध में पानी की आवक 1,620 क्यूमेक बनी हुई थी।

    40 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश
    प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में अब तक 19% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी और टीकमगढ़ में सामान्य से 4% से 58% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी सामान्य से 1% से 49% तक कम बारिश हुई है।

    15 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश
    IMD के अनुसार, अनूपपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, राजगढ़ और गुना में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

    कई मौसम प्रणालियां सक्रिय
    मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। इसके अलावा ऊपरी हिस्से में दो अन्य चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं और दक्षिणी हिस्से से शीयर जोन गुजर रहा है। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश में तेज बारिश का दौर बना हुआ है। मौसम विभाग ने 17 से 21 अगस्त के दौरान प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश होने की संभावना जताई है।

  • MP के 18 जिलों में हैवी रेन का अलर्ट, जबलपुर-रीवा-शहडोल संभाग में स्ट्रॉन्ग सिस्टम, अगले 3 दिन भारी बारिश

    MP के 18 जिलों में हैवी रेन का अलर्ट, जबलपुर-रीवा-शहडोल संभाग में स्ट्रॉन्ग सिस्टम, अगले 3 दिन भारी बारिश


    भोपाल। लो प्रेशर एरिया और मानसून टर्फ के असर से मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव है। इसके चलते जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग में अगले 3 दिन भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। रविवार को जबलपुर, सागर, नरसिंहपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, पन्ना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, रायसेन और नर्मदापुरम में तेज बारिश होगी। मौसम केंद्र के अनुसार, अगले 24 घंटे में इन जिलों में 4 इंच या इससे ज्यादा बारिश हो सकती है।

    भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सतना, मैहर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश जारी रहने का अनुमान है।

    भोपाल-ग्वालियर-चंबल में भी असर
    मौसम विभाग के मुताबिक, सिस्टम का असर भोपाल, ग्वालियर और चंबल संभाग में भी रहेगा। 16, 17 और 18 अगस्त को इन संभागों के कुछ जिलों में तेज बारिश का अलर्ट है।

    प्रदेश में अब तक 21.4 इंच बारिश
    मौसम केंद्र के अनुसार, मध्य प्रदेश में अब तक 544.4 मिमी यानी 21.4 इंच बारिश हो चुकी है। यह सामान्य बारिश 24.4 इंच (618.8 मिमी) से करीब 3 इंच कम है। प्रदेश में अब तक 12% कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से में सामान्य से 18% और पश्चिमी हिस्से में 6% कम बारिश दर्ज की गई है।

    43 जिलों में 2% से 54% तक कम बारिश
    पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश 19% तक कम हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया में सामान्य से 2% से 54% तक कम बारिश हुई है।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 1% से 48% तक कम बारिश हुई है।

    इन 12 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश
    भोपाल, गुना, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, बड़वानी, खंडवा और खरगोन में ही अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • MP के पूर्वी हिस्से में आज तेज बारिश के आसार, जबलपुर-रीवा, शहडोल-सागर संभाग में अलर्ट

    MP के पूर्वी हिस्से में आज तेज बारिश के आसार, जबलपुर-रीवा, शहडोल-सागर संभाग में अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय हो गया है। शुक्रवार को जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, सागर, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, कटनी, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच या इससे ज्यादा बारिश हो सकती है।

    वहीं भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, मैहर, उमरिया, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है।

    बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम, MP में बढ़ी बारिश
    मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में 12 अगस्त की सुबह लो प्रेशर एरिया यानी निम्न दबाव क्षेत्र बना था। यह 13 अगस्त की सुबह डिप्रेशन में बदल गया। फिलहाल यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा में पश्चिम बंगाल और झारखंड की ओर बढ़ रहा है।

    इसके प्रभाव से मानसून ट्रफ सक्रिय रहेगी। इससे मध्य प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। खासकर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

    MP में अब तक 20.7 इंच बारिश
    मौसम केंद्र के अनुसार, मध्य प्रदेश में अब तक 524.8 मिमी यानी 20.7 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। यह सामान्य बारिश 23.5 इंच यानी 597 मिमी से 2.8 इंच कम है। इस तरह प्रदेश में अब तक कुल मिलाकर 12% कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से में सामान्य से 20% और पश्चिमी हिस्से में 5% कम बारिश दर्ज की गई है।

    पूर्वी MP के कई जिलों में 53% तक कम बारिश
    जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में अब तक 19% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया में सामान्य से 5% से 53% तक कम पानी गिरा है।

    वहीं पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में औसत से 3% से 47% तक कम बारिश हुई है।

    इन 12 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के 12 जिलों में अब तक औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इनमें भोपाल, गुना, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, बड़वानी, खंडवा और खरगोन शामिल हैं।

  • अब MP के पूर्वी हिस्से में बरसेंगे बदरा, जबलपुर-रीवा-शहडोल में कल से 3 दिन भारी बारिश, आज शिवपुरी-श्योपुर में अलर्ट

    अब MP के पूर्वी हिस्से में बरसेंगे बदरा, जबलपुर-रीवा-शहडोल में कल से 3 दिन भारी बारिश, आज शिवपुरी-श्योपुर में अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में अच्छी बारिश के बाद अब मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय होने जा रहा है। शुक्रवार से जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के जिलों में तीन दिन तक भारी बारिश का अलर्ट है। इससे पहले गुरुवार को शिवपुरी और श्योपुर में तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, दोनों जिलों में अगले 24 घंटे में 4 इंच या इससे ज्यादा बारिश हो सकती है।

    वहीं प्रदेश के भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    खरगोन में 8.1 इंच बारिश
    पिछले 24 घंटे में खरगोन में प्रदेश में सबसे ज्यादा 8.1 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। खंडवा में 5.5 इंच और गुना में 4.6 इंच पानी गिरा। भोपाल में 70.6 मिमी यानी 2.8 इंच बारिश दर्ज हुई। इसके अलावा धार, राजगढ़, शिवपुरी, दतिया, उज्जैन, सीधी और इंदौर समेत प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्सों में तेज बारिश हुई।

    लो प्रेशर और मानसून ट्रफ एक्टिव
    मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में लो प्रेशर एरिया और मानसून ट्रफ सक्रिय है। दक्षिणी हिस्से से भी एक ट्रफ गुजर रही है। इसके प्रभाव से पिछले 48 घंटे से प्रदेश में बारिश का दौर जारी है और गुरुवार को भी इसका असर बना रहेगा। आने वाले दिनों में एक और लो प्रेशर एरिया सक्रिय होने की संभावना है। इसका असर खासतौर पर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में देखने को मिलेगा।

    पूर्वी MP में 19% तक कम बारिश
    प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में अब तक 19% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया में सामान्य से 5% से 52% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    पश्चिमी हिस्से के भी कई जिले पीछे
    पश्चिमी मध्य प्रदेश के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी सामान्य से 4% से 46% तक कम बारिश हुई है।

    सिर्फ 12 जिलों में औसत से ज्यादा पानी
    IMD के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश के सिर्फ 12 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश हुई है। इनमें भोपाल, गुना, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, बड़वानी, खंडवा और खरगोन शामिल हैं।

  • MP में भारी बारिश का दौर, 4 जिलों में स्कूल बंद, कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात

    MP में भारी बारिश का दौर, 4 जिलों में स्कूल बंद, कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात


    भोपाल। मध्यप्रदेश में बारिश का दौर लगातार जारी है। मानसून सीजन का अब तक का सबसे स्ट्रॉन्ग सिस्टम बुधवार को भी एक्टिव रहेगा। इसका सबसे ज्यादा असर इंदौर संभाग में देखने को मिल सकता है। वहीं भोपाल और उज्जैन संभाग में कई जगह बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं और नदियां उफान पर हैं। बारिश को देखते हुए भोपाल, रायसेन, गुना और खंडवा में बुधवार को सभी स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है।

    मौसम विभाग के मुताबिक इंदौर और उज्जैन संभाग के रतलाम, झाबुआ, धार, बड़वानी और इंदौर में भारी बारिश हो सकती है। अगले 24 घंटे में इन जिलों में 4 इंच या उससे ज्यादा बारिश होने की संभावना है। इससे बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है।

    527 बाढ़ प्रभावितों का रेस्क्यू
    प्रदेश में पिछले तीन दिनों से बारिश का दौर जारी है। मंगलवार को भोपाल समेत प्रदेश के आधे हिस्से में तेज बारिश हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य आपदा प्रबंधन के सिचुएशन रूम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति की समीक्षा की और प्रभावित लोगों से भी जानकारी ली। प्रदेश में अब तक 527 बाढ़ प्रभावित लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है।

    भोपाल में दो दिन में 8 इंच बारिश
    भोपाल में पिछले दो दिनों में करीब 8 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। सोमवार और मंगलवार को स्कूल बंद रखे गए थे। लगातार बारिश के कारण करीब 200 मकानों में ढाई फीट तक पानी भर गया। कई रास्तों पर घंटों आवाजाही बाधित रही। कई इलाकों में ट्रांसफॉर्मर और डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स तक पानी पहुंच गया। सुरक्षा को देखते हुए कुछ स्थानों पर बिजली आपूर्ति भी बंद करनी पड़ी।

    राजगढ़ में 9 इंच तक पानी गिरा
    पिछले 24 घंटे में राजगढ़ जिले के ब्यावरा में सबसे ज्यादा 9 इंच बारिश दर्ज की गई। खिलचीपुर में 8 इंच, जीरापुर में 7.7 इंच, राजगढ़ शहर में 4.4 इंच, नरसिंहपुर में 3.7 इंच, पचोर में 3.7 इंच और सारंगपुर में 3.6 इंच बारिश हुई।

    आगर-मालवा के सोयतकलां में 7.7 इंच और आगर शहर में 3.6 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई। शाजापुर के गुलाना में 3.8 इंच और शाजापुर शहर में 3.4 इंच, गुना के कुंभराज में 3.7 इंच, मंदसौर के गरोठ में 2.7 इंच तथा उज्जैन के महिदपुर और माकड़ोन में ढाई-ढाई इंच बारिश हुई।

    इंदौर क्षेत्र में लो प्रेशर और मानसून ट्रफ एक्टिव
    मौसम विभाग के अनुसार इंदौर क्षेत्र में लो प्रेशर एरिया और मानसून ट्रफ सक्रिय है। इसके अलावा दक्षिणी हिस्से से भी एक ट्रफ गुजर रही है। इन सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश में पिछले 72 घंटे से बारिश हो रही है और बुधवार को भी इसका असर बना रहेगा।

    12 अगस्त के आसपास फिर बन सकता है लो प्रेशर
    मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में नया चक्रवातीय सिस्टम सक्रिय हुआ है। इसके प्रभाव से करीब 12 अगस्त के आसपास एक नया लो प्रेशर एरिया बनने की संभावना है। ऐसे में मध्यप्रदेश के लिए अगले चार दिन महत्वपूर्ण रहेंगे।

    खंडवा में रातभर बारिश, स्कूल बंद
    खंडवा में रातभर हुई मूसलधार बारिश के बाद प्रशासन ने बुधवार को स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। लगातार बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया गया। प्रदेश के अन्य प्रभावित जिलों में भी प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।

  • एमपी में मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव, आज 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    एमपी में मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव, आज 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में सक्रिय मानसूनी सिस्टम का असर लगातार देखने को मिल रहा है। मानसून ट्रफ और लो प्रेशर एरिया के प्रभाव से पिछले दो दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में जोरदार बारिश हुई। राजधानी भोपाल में 24 घंटे के दौरान करीब 7 इंच वर्षा दर्ज की गई, जिससे कई कॉलोनियों और सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। नदियों और नालों के उफान पर आने से कई मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा।

    भारी बारिश का असर सीहोर, शाजापुर, विदिशा, मंडला और राजगढ़ जिलों में भी देखने को मिला। राजगढ़ के ब्यावरा क्षेत्र में रेलवे अंडरपास में पानी भरने से करीब 25 गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ। विदिशा में बाढ़ के पानी में फंसे 17 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। वहीं राजगढ़ में नाले में एक ईको वैन बह जाने से तीन बच्चों और दो महिलाओं सहित नौ लोगों की मौत हो गई।

    सीहोर जिले में भीलाखेड़ी नदी के पास एक मकान में एक ही परिवार के 10 लोग पानी से घिर गए थे। सूचना मिलने पर पुलिस और ग्रामीणों की मदद से सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

    आज इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
    मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार के लिए नीमच, मंदसौर, रतलाम, आलीराजपुर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, शिवपुरी, श्योपुर और मुरैना जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, इंदौर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, दतिया, अशोकनगर, भिंड, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज वर्षा होने की संभावना है।

    नदियां उफान पर, कई पुल डूबे
    रायसेन जिले में लगातार बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। सांची रोड स्थित पगनेश्वर क्षेत्र और भोपाल रोड पर जाखा बेतवा नदी के छोटे पुल पानी में डूब गए। कई इलाकों में पानी खेतों तक पहुंच गया। मंगलवार सुबह तक जिले में रुक-रुककर बारिश जारी रही।

    बारिश की स्थिति को देखते हुए भोपाल और आगर-मालवा जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है।

  • भोपाल मेट्रो का अंडरग्राउंड मिशन तेज, दो TBM एक साथ कर रहीं खुदाई; 3.39 किमी सुरंग से जुड़ेंगे रेलवे स्टेशन और नादरा

    भोपाल मेट्रो का अंडरग्राउंड मिशन तेज, दो TBM एक साथ कर रहीं खुदाई; 3.39 किमी सुरंग से जुड़ेंगे रेलवे स्टेशन और नादरा


    भोपाल । भोपाल में मेट्रो रेल परियोजना का अंडरग्राउंड काम अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। शहर के सबसे व्यस्त और घनी आबादी वाले इलाकों में सड़क यातायात का दबाव कम करने के लिए जमीन के करीब 60 फीट नीचे सुरंग तैयार की जा रही है। इस काम में लगी दोनों टनल बोरिंग मशीन यानी TBM एक साथ खुदाई कर रही हैं और अब तक करीब 260 मीटर सुरंग का निर्माण पूरा हो चुका है। खास बात यह है कि यह भूमिगत कॉरिडोर भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड जैसे बेहद व्यस्त इलाकों के नीचे से होकर गुजरेगा। मेट्रो अधिकारियों के मुताबिक अंडरग्राउंड रूट का पूरा काम अगले डेढ़ से दो साल में पूरा करने का लक्ष्य है।

    भूमिगत सुरंग का निर्माण दो चरणों में किया जा रहा है। पहले चरण में दोनों TBM भोपाल रेलवे स्टेशन से ऐशबाग की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। पहली टनल बोरिंग मशीन करीब 160 मीटर और दूसरी लगभग 100 मीटर सुरंग तैयार कर चुकी है। इस तरह दोनों मशीनें मिलकर करीब 260 मीटर भूमिगत रास्ता बना चुकी हैं। खुदाई के साथ ही सुरंग के भीतर प्री-कास्ट आरसीसी रिंग भी लगाई जा रही हैं। ये रिंग सुरंग की दीवारों को मजबूती देती हैं और जमीन के दबाव के बीच पूरे स्ट्रक्चर को स्थिर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

    भोपाल जैसे घनी आबादी वाले शहर में जमीन के नीचे इतनी बड़ी परियोजना को सुरक्षित तरीके से पूरा करना बड़ी चुनौती है। इसी वजह से निर्माण के दौरान आसपास के भवनों और दूसरी संरचनाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। सुरंग के ऊपर मौजूद इमारतों में कंपन और जमीन के संभावित धंसाव यानी सेटलमेंट पर नजर रखने के लिए आधुनिक इंस्ट्रूमेंटेशन और मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए गए हैं। इससे जमीन या किसी भवन में असामान्य बदलाव दिखाई देने पर समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकेंगे।

    सुरंग के अंदर काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। यहां फ्रेश एयर वेंटिलेशन सिस्टम लगाया गया है, जिससे भूमिगत हिस्से में पर्याप्त हवा पहुंचती रहे। इसके अलावा गैस मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए सुरंग के भीतर गैस की लगातार जांच की जा रही है। निर्माण स्थल पर 24 घंटे सुरक्षा निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

    भोपाल मेट्रो के इस प्रोजेक्ट की एक खास बात यह भी है कि मध्यप्रदेश में पहली बार इस तरह दो TBM को एक साथ भूमिगत सुरंग निर्माण में लगाया गया है। यह सुरंग ऐशबाग से सिंधी कॉलोनी के बीच तैयार की जा रही है और आगे भोपाल रेलवे स्टेशन तथा नादरा बस स्टैंड जैसे प्रमुख परिवहन केंद्रों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगी। TBM तकनीक को खासतौर पर ऐसे घने शहरी इलाकों के नीचे काम करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है जहां ऊपर सड़क, इमारतें और लगातार चलता यातायात मौजूद रहता है।

    इस अंडरग्राउंड कॉरिडोर में भोपाल और नादरा नाम से दो भूमिगत स्टेशन बनाए जा रहे हैं। दोनों स्टेशनों की लंबाई करीब 180-180 मीटर होगी। TBM से बनने वाली मुख्य सुरंग की लंबाई करीब 3.39 किलोमीटर रहेगी। नादरा स्टेशन के आगे बड़ा बाग के पास करीब 143 मीटर लंबे स्लोप के जरिए मेट्रो दोबारा जमीन के ऊपर आएगी।

    अंडरग्राउंड स्टेशनों को यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर तीन प्रमुख स्तरों में तैयार किया जाएगा। ग्राउंड लेवल पर मुख्य प्रवेश और निकास, बस व वाहन ड्रॉप-ऑफ जोन, टिकट काउंटर और कमर्शियल दुकानें होंगी। कॉनकोर्स लेवल पर टिकटिंग व्यवस्था, ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन गेट, ग्राहक सहायता केंद्र, एस्केलेटर, लिफ्ट और प्रतीक्षालय जैसी सुविधाएं रहेंगी। सबसे नीचे प्लेटफॉर्म लेवल पर मेट्रो ट्रेन के प्लेटफॉर्म, डिजिटल डिस्प्ले, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा तथा आपातकालीन सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

    भोपाल में एम्स से करोंद चौराहे तक ऑरेंज लाइन का काम भी जारी है। सुभाषनगर से एम्स के बीच करीब 6 किलोमीटर लंबा प्रायोरिटी कॉरिडोर पहले से मेट्रो संचालन के लिए तैयार है। अब इसी लाइन के दूसरे चरण में सुभाषनगर से करोंद के बीच काम आगे बढ़ रहा है। इस हिस्से में मेट्रो का एक महत्वपूर्ण भाग भूमिगत होगा। परियोजना को गति देने में भोपाल नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, रेलवे, पुलिस विभाग, स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और शहरवासियों का सहयोग मिल रहा है। अंडरग्राउंड काम पूरा होने के बाद भोपाल के व्यस्ततम हिस्सों में सड़क के ऊपर यातायात के साथ जमीन के नीचे मेट्रो का नया विकल्प उपलब्ध होगा।

  • MP में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव, भोपाल समेत कई जिलों में रातभर बरसे बादल, 21 जिलों में अलर्ट

    MP में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव, भोपाल समेत कई जिलों में रातभर बरसे बादल, 21 जिलों में अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में लंबे समय से कम बारिश के बाद अब मानसून ने जोर पकड़ लिया है। मानसून ट्रफ और लो प्रेशर एरिया के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश हो रही है। रविवार से कई जिलों में हालात बिगड़े और कुछ इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। राजधानी भोपाल में शनिवार रात से शुरू हुई बारिश सोमवार सुबह तक जारी रही। कभी तेज तो कभी रुक-रुककर हो रही बारिश से शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया है।

    रायसेन रोड स्थित पटेल नगर, सिटी की वसुंधरा कॉलोनी और शिवनगर समेत कई इलाकों में पानी भर गया। सोमवार सुबह VIP रोड पर बीच सड़क पेड़ गिरने से जाम की स्थिति बन गई। प्रदेश के 21 जिलों में आज हैवी रेन का अलर्ट जारी किया गया है।

    5 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
    मौसम केंद्र (IMD) के मुताबिक, सोमवार को राजगढ़, विदिशा, सीहोर, हरदा और देवास में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अगले 24 घंटे में इन जिलों में 8 इंच तक बारिश होने का अनुमान है। इसके अलावा उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, खंडवा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, जबलपुर, गुना, शिवपुरी और श्योपुर में भारी बारिश का अलर्ट है।

    कई जिलों में तेज बारिश का दौर
    भोपाल, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खरगोन, झाबुआ, नीमच, मंदसौर, रतलाम, ग्वालियर, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है।

    रायसेन में रामलीला मैदान जलमग्न
    रायसेन में बीती रात से हो रही तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया। शहर का रामलीला मैदान भी पानी में डूब गया है। लगातार बारिश से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    शुजालपुर में बारिश से किसानों को राहत की उम्मीद
    शुजालपुर में सोमवार तड़के करीब 3 बजे से तेज बारिश शुरू हुई। मानसून सीजन में यह पहला मौका है जब यहां इतनी तेज बारिश का दौर आया है। इससे किसानों और व्यापारियों की चिंता कुछ कम हुई है। आधा सावन बीतने के बावजूद कम बारिश के कारण शुजालपुर की नेवज और जमधड़ नदियों में पानी की धार नहीं चल पा रही थी। अब बारिश के बाद नदी-नालों में पानी आने की उम्मीद बढ़ी है।

    सीहोर में नदी-नाले उफान पर
    सीहोर के श्यामपुर क्षेत्र में रविवार और सोमवार की दरमियानी रात मूसलाधार बारिश हुई। इसके बाद नदी-नाले उफान पर आ गए हैं और कई घरों में पानी घुसने की आशंका बनी हुई है। सीहोर में रात करीब 12 बजे से तेज बारिश लगातार जारी है। सीवन नदी चद्दर पुल के ऊपर से बह रही है, जबकि सीटू नाला भी मछली पुल के ऊपर से पानी बहा रहा है।

    विदिशा में सड़कों पर भरने लगा पानी
    विदिशा में रविवार से रुक-रुककर बारिश हो रही है। सोमवार सुबह बारिश ने जोर पकड़ा, जिसके चलते शहर की सड़कों पर पानी भरने लगा। लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

  • MP में आज 3 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, भोपाल-इंदौर में बूंदाबांदी की संभावना

    MP में आज 3 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, भोपाल-इंदौर में बूंदाबांदी की संभावना


    भोपाल। मध्य प्रदेश के ऊपर से मानसून ट्रफ गुजर रही है, जिसके चलते रविवार को प्रदेश के तीन जिलों दतिया, रीवा और सीधी में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच तक बारिश हो सकती है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर समेत अन्य जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है।

    मौसम केंद्र के अनुसार, 8 अगस्त से पश्चिमी बंगाल और आसपास के राज्यों में बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से लो प्रेशर एरिया बन गया है। इसके आने वाले दिनों में और मजबूत होने की संभावना है। इसके प्रभाव से प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

    शनिवार को नरसिंहपुर में सबसे ज्यादा बारिश
    शनिवार को भी प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश हुई। नरसिंहपुर में 3 इंच, श्योपुर में 2.8 इंच और रीवा में 2.2 इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा शिवपुरी, सीधी, नर्मदापुरम, बालाघाट, छतरपुर, सागर, गुना, रायसेन, मंडला, ग्वालियर, दतिया, टीकमगढ़, उमरिया, छिंदवाड़ा, जबलपुर, सतना और शाजापुर समेत कई जिलों में बारिश हुई।

    शिवपुरी में उफान पर नदी-नाले, कई गांवों में घुसा पानी
    शिवपुरी जिले में शुक्रवार रात हुई तेज बारिश के बाद नदी-नाले उफान पर आ गए। पिछोर क्षेत्र में रात 1 से 3 बजे के बीच हुई भारी बारिश से महुअर नदी का जलस्तर बढ़ गया। इसके चलते खोड़-पिछोर मार्ग बंद हो गया और गुरुकुदवाया समेत कई गांवों में पानी घुस गया। खेतों में पानी भरने से फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।

    रविवार को इन जिलों में हल्की बारिश के आसार
    भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, सतना, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में हल्की बारिश की संभावना है। इनके अलावा दतिया, रीवा और सीधी में ही रविवार को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

    MP में अब तक 20% कम बारिश
    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक 17.2 इंच बारिश हुई है, जबकि औसत बारिश 21.5 इंच होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में अब तक 4.3 इंच यानी 20% कम बारिश दर्ज की गई है। क्षेत्रवार आंकड़ों के मुताबिक, पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 23% और पश्चिमी हिस्से में 18% कम बारिश हुई है।

    50 जिलों में बारिश का आंकड़ा औसत से नीचे
    पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कई जिलों में 5% से 49% तक कम बारिश दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया शामिल हैं।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, भोपाल, दतिया, धार, गुना, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन, बड़वानी और विदिशा में भी औसत से कम बारिश हुई है।

    सिर्फ 5 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
    मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी मध्य प्रदेश के ग्वालियर, भिंड, बुरहानपुर, देवास और खरगोन में ही अब तक औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

  • MP में आज 3 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, भोपाल-इंदौर समेत 52 जिलों में बूंदाबांदी के आसार

    MP में आज 3 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, भोपाल-इंदौर समेत 52 जिलों में बूंदाबांदी के आसार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की बेरुखी के बीच शनिवार को पन्ना, सतना और रीवा में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, इन तीनों जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान करीब 4 इंच तक बारिश हो सकती है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर समेत प्रदेश के 52 जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने का अनुमान है।

    IMD के अनुसार, प्रदेश में अब तक औसतन 16.8 इंच (426.6 मिमी) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक 21 इंच (533.6 मिमी) पानी गिरना चाहिए था। इस तरह प्रदेश में 4.2 इंच यानी 20% बारिश कम हुई है। सीजन में अब तक हुई बारिश सामान्य कोटे की आधी भी नहीं है। प्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश का आंकड़ा 37.3 इंच है।

    दतिया में 24 घंटे में 3.5 इंच बारिश
    शुक्रवार को दतिया में बारिश ने जोरदार दस्तक दी। यहां सुबह महज 4 घंटे में करीब 1.57 इंच (40 मिमी) बारिश रिकॉर्ड हुई, जबकि 24 घंटे में कुल 3.5 इंच पानी बरसा। तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव हो गया, जिसके बाद स्कूलों में छुट्टी घोषित करनी पड़ी।

    भांडेर और सेवढ़ा ब्लॉक में कक्षा 8वीं से ऊपर के स्कूलों को लेकर फैसला स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर संस्था प्रमुखों पर छोड़ दिया गया है। रायसेन में भी शुक्रवार सुबह करीब 15 मिनट तेज बारिश हुई। इसके बाद रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहा, जिससे कई सड़कों पर पानी भर गया।

    सीधी में सोन नदी के पुल पर पानी, 40 गांवों का संपर्क प्रभावित
    सीधी जिले के भंवरसेन घाट पर शुक्रवार सुबह हुई तेज बारिश के बाद सोन नदी के पुल पर पानी भर गया। सुरक्षा के मद्देनजर पुल को बंद कर दिया गया, जिससे करीब 40 गांवों का मुख्यालय से संपर्क कट गया।

    भंवरसेन पहाड़ी से मिट्टी और पत्थर भी खिसककर सड़क पर आ रहे हैं। इससे मार्ग पर हादसे का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा खरगोन, सतना, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा और रायसेन समेत कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।

    पूर्वी MP में 23% कम बारिश
    मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, शहडोल, रीवा और सागर संभाग में अब तक 23% कम बारिश हुई है। इन संभागों का कोई भी जिला औसत से आगे नहीं है।

    अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया में सामान्य से 5% से 48% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    पश्चिमी हिस्से में भी बारिश का आंकड़ा माइनस में
    भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग वाले पश्चिमी हिस्से में भी औसत से 17% कम बारिश हुई है। आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, भोपाल, दतिया, धार, गुना, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन, बड़वानी और विदिशा में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।

    इन 6 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश
    मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी हिस्से के सिर्फ ग्वालियर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, खंडवा और खरगोन में अब तक औसत से ज्यादा बारिश हुई है। बाकी अधिकांश जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है।