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  • मप्र में जहरीले कफ सीरप से 25वीं मौत, 4 महीने कोमा में रहने के बाद जिंदगी की जंग हार गया एक और बच्चा

    मप्र में जहरीले कफ सीरप से 25वीं मौत, 4 महीने कोमा में रहने के बाद जिंदगी की जंग हार गया एक और बच्चा

    toxic cough syrup

    भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छिंदवाड़ा जिले (Chhindwara district) के परासिया क्षेत्र में हुए जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप कांड (Toxic Coldrif Cough Syrup Scandal) के शिकार एक और बच्चे की मौत हो गई। बैतूल जिले के चार वर्षीय हर्ष यदुवंशी की रविवार रात करीब नागपुर एम्स में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वह पिछले चार महीने से आईसीयू में भर्ती था और एम्स नागपुर में कोमा में जिंदगी की जंग लड़ रहा था। इस मौत के बाद प्रदेश में जहरीले कफ सीरप के सेवन से मरने वाले बच्चों की संख्या 25 हो गई है।

    जानकारी के अनुसार, बैतूल जिले के टीकाबर्री निवासी गोकुल यदुवंशी के पुत्र हर्ष को सर्दी खांसी की शिकायत पर एक अक्टूबर 2025 को छिंदवाड़ा जिले के परासिया में एसएस ठाकुर को दिखाया था। ठाकुर की क्लीनिक पर हर्ष को कोल्ड्रिफ सीरप दिया गया था। उसको पीने के बाद हर्ष की हालत बिगड़ गई। बच्चे को गंभीर हालत में परिजन ने नागपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। बाद में जब छिंदवाड़ा और बैतूल में कई बच्चों की मौत हो गई तो प्रशासन हरकत में आया। स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर हर्ष को भी निजी अस्पताल से निकालकर नागपुर एम्स में भर्ती कराया गया। तबसे वह एम्स में ही भर्ती था।

    डॉक्टरों ने हर्ष की स्थिति शुरुआत से ही नाजुक बताई थी, लेकिन वे धीरे-धीरे रिकवरी होने की बात कह रहे थे। बच्चे के दादा देवा यदुवंशी ने बताया कि उसे भर्ती कराने के बाद से होश नहीं आया। डॉक्टर रोज कहते थे कि अब थोड़ा बेहतर है, लेकिन कल रात वह हमें छोड़ गया।

    हर्ष के पिता गोकुल पेशे से किसान हैं। उनके दो बेटे हैं, जिनमें हर्ष बड़ा था। बच्चे के इलाज के लिए परिवार के सदस्य पिछले चार महीनों से नागपुर में ही डेरा जमाए हुए थे। एम्स में हर्ष का इलाज तो मुफ्त हुआ, लेकिन परिजनों के नागपुर में रहने और खाने-पीने पर इन चार महीनों में लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं। आमला एसडीएम शैलेंद्र बड़ोनिया ने बच्चे की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से बीमार हुए बच्चों में बैतूल जिले का हर्ष भी शामिल था, जिसे गंभीर हालत में नागपुर एम्स रेफर किया गया था।

    गौरतलब है कि पिछले वर्ष सितंबर-अक्टूबर महीने में जहरीले कफ सीरप कोल्ड्रिफ का सेवन करने वाले बच्चों की किडनी खराब होने की जानकारी सामने आई थी। लगातार मौतों के बाद कफ सीरप बनाने वाली तमिलनाडु की कंपनी और कफ सीरप लिखने वाले चिकित्सकों और दवा दुकानदारों के विरुद्ध कार्रवाई की गई थी। अब हर्ष की मौत के साथ ही यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। सोमवार को पोस्टमार्टम कराने के बाद स्वजन शव लेकर गांव पहुंचे और देर शाम उसका अंतिम संस्कार किया गया।

  • श्रद्धा, आस्था और रहस्य का अद्भुत संगम है बोरेश्वर महादेव मंदिर, रात में दर्शन को आते हैं नंदी महाराज

    श्रद्धा, आस्था और रहस्य का अद्भुत संगम है बोरेश्वर महादेव मंदिर, रात में दर्शन को आते हैं नंदी महाराज


    नई दिल्ली। उज्जैन और काशी को बाबा महाकाल की धरती के रूप में पूजा जाता है जहां हर मंदिर से कोई न कोई धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व जुड़ा हुआ है। उज्जैन की पावन भूमि पर बाबा महाकाल के अलावा भगवान शिव का एक और अद्भुत और रहस्यमयी स्वरूप विराजमान है जिसे बोरेश्वर महादेव के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि यहां केवल दर्शन मात्र से ही 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का फल प्राप्त हो जाता है।

    उज्जैन जिले के दंगवाड़ा गांव में स्थित बोरेश्वर महादेव मंदिर अन्य शिव मंदिरों से बिल्कुल अलग है। जहां अधिकांश मंदिरों में भगवान शिव शिवलिंग के रूप में पूजे जाते हैं वहीं यहां शिवलिंग बोर के आकार की आकृति में स्थापित है। यह शिवलिंग बेलनाकार लंबा और गोल दिखाई देता है और जमीन के ऊपर नहीं बल्कि नीचे की ओर धंसा हुआ है।

    यह मंदिर अत्यंत प्राचीन माना जाता है और इसकी ऐतिहासिक जड़ें ताम्र पाषाण काल से लेकर गुप्त काल तक फैली हुई बताई जाती हैं। मंदिर के गर्भगृह में विराजमान भगवान बोरेश्वर महादेव स्वयंभू हैं। मंदिर की सबसे अनोखी विशेषता इसकी जलाधारी है जिसमें कितना भी जल अर्पित किया जाए उसका स्तर कभी न बढ़ता है और न ही घटता है। यह रहस्य आज तक वैज्ञानिकों के लिए भी एक पहेली बना हुआ है।

    स्थानीय मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर में 12 ज्योतिर्लिंगों का समावेश है। यही कारण है कि दूर-दूर से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। कहा जाता है कि मंदिर में रात के समय चमत्कार होते हैं। भक्तों का विश्वास है कि रात्रि में नंदी महाराज स्वयं भगवान के दर्शन के लिए मंदिर आते हैं और उस दौरान मंदिर की घंटियां अपने आप बजने लगती हैं।मंदिर के समीप से चंबल नदी भी गुजरती है जो शिवलिंग की पूरी परिक्रमा नहीं बल्कि आधी परिक्रमा करती है। इसे भगवान शिव के सोमसूत्र के नियम का पालन माना जाता है जो इस स्थान को और भी रहस्यमयी बनाता है।

    महाशिवरात्रि के अवसर पर बोरेश्वर महादेव मंदिर में विशेष शृंगार किया जाता है और बाबा की भव्य सवारी नगर भ्रमण के लिए निकलती है जो वापस मंदिर में आकर संपन्न होती है। मान्यता है कि इस दौरान भगवान शिव स्वयं नगर में भ्रमण कर भक्तों को आशीर्वाद देते हैं। सावन मास में भी प्रत्येक सोमवार को बाबा की सवारी निकलती है जिसमें शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु दूर-दूर से आते हैं।

  • शीर्षक: उज्जैन: ट्रेन में बच्ची से छेड़छाड़, विरोध करने पर मारपीट; स्टेशन पर भड़का सांप्रदायिक तनाव

    शीर्षक: उज्जैन: ट्रेन में बच्ची से छेड़छाड़, विरोध करने पर मारपीट; स्टेशन पर भड़का सांप्रदायिक तनाव


    उज्जैन मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के नागदा रेलवे स्टेशन पर रविवार देर रात एक गंभीर घटना ने इलाके में तनाव पैदा कर दिया गुजरात के दाहोद जिले से अस्थि विसर्जन के लिए ट्रेन से उज्जैन आ रहे एक परिवार की बच्ची के साथ ट्रेन में कुछ युवकों ने छेड़छाड़ का प्रयास किया जब परिवार ने विरोध किया तो युवकों ने जमकर मारपीट शुरू कर दी

    पीड़ित परिवार के अनुसार महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और युवकों को बुरी तरह पीटा गया पूरी बोगी में हंगामा मच गया घटना की जानकारी जैसे ही नागदा में स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों को लगी बड़ी संख्या में लोग रेलवे स्टेशन पर जमा हो गए वहीं मुस्लिम समाज के लोग भी बड़ी तादाद में स्टेशन पहुंचे जिससे टकराव की स्थिति बन गई

    स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया सूत्रों के अनुसार मुस्लिम युवकों ने खाचरोद से अपने साथियों को बुला लिया और करीब 50-60 युवक ट्रेन में चढ़कर मारपीट में शामिल हो गए देर रात तक जिले भर से पुलिस बल नागदा पहुंचा और स्थिति को नियंत्रण में रखापीड़ित परिवार ने नागदा जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराई इसके बाद पुलिस ने सुरक्षा के बीच परिवार को निजी वाहन से उज्जैन पहुंचाया परिवार इतना डर गया कि स्टेशन पर कई सदस्य रोने लगे पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश कर रही है

    इस घटना ने इलाके में तनाव का माहौल बना दिया हालांकि फिलहाल पुलिस ने स्थिति नियंत्रण में रखी हुई है और दोनों समुदायों को शांत रहने की अपील की है स्थानीय प्रशासन ने भी सुरक्षा बढ़ा दी है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सकेइस घटना ने एक बार फिर ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था के महत्व को उजागर किया है प्रशासन और पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और दोषियों को पकड़ने के प्रयास में जुटी हुई है

  • MP में बदला मौसम, कोहरे और ठंडी हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन, 27-28 जनवरी को बारिश का अलर्ट

    MP में बदला मौसम, कोहरे और ठंडी हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन, 27-28 जनवरी को बारिश का अलर्ट



    भोपाल।  मध्य प्रदेश में मौसम ने फिर से बदलती मार दिखाई है। रविवार की सुबह प्रदेश के कई हिस्सों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे ठंड और बढ़ गई और आम जीवन प्रभावित हुआ। सड़कों पर कम दृश्यता के कारण लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ीं।

    मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि प्रदेश के लगभग आधे हिस्से में 27 और 28 जनवरी को बारिश और गरज-चमक के आसार हैं।

    विभाग के अनुसार, 26 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस काफी मजबूत है, जिसका असर मध्य प्रदेश पर भी पड़ेगा। ग्वालियर-चंबल संभाग में पहले से ही बादल, हल्की बारिश और कोहरे का दौर जारी है।

    विभाग ने बताया कि उत्तर भारत में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन, एक लो प्रेशर एरिया और ट्रफ लाइन सक्रिय हैं। इन मौसम प्रणालियों की वजह से पिछले 24 घंटों में ग्वालियर-चंबल के कई जिलों में बारिश दर्ज की गई।

    शनिवार को भी प्रदेश में मौसम ठंडा बना रहा। छतरपुर, रतलाम समेत 10 से अधिक जिलों में तेज हवाओं ने ठंडक बढ़ाई। भोपाल में दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही। वहीं, शनिवार देर शाम नरसिंहपुर के सालीचौका क्षेत्र में 20-25 मिनट तक तेज बारिश हुई।

    मौसम विभाग ने 27 जनवरी को भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, विदिशा, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम तथा 28 जनवरी को जबलपुर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, उमरिया, कटनी, दमोह, सागर, नरसिंहपुर, विदिशा और रायसेन में बारिश की संभावना जताई है।

    शनिवार की रात मंदसौर प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 7.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। राजगढ़ में 7.4, नीमच के मरुखेड़ा में 7.9, कल्याणपुर में 8.2, पचमढ़ी में 8.2 और कटनी के करौंदी में 9.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। बड़े शहरों में भोपाल 12.5, इंदौर 12.2, ग्वालियर 13.3, उज्जैन 12.8 और जबलपुर 15.3 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहे।

    सर्द हवाओं और कोहरे की वजह से ग्वालियर-चंबल संभाग में दिन के तापमान में तेज गिरावट देखी गई। दतिया सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान केवल 18.6 डिग्री था। खजुराहो में तापमान 21.4 डिग्री दर्ज हुआ, जबकि गुना 18.7, टीकमगढ़ 19, श्योपुर 19.4, ग्वालियर-धार 20, उज्जैन 21.5, रतलाम 21.2, इंदौर 22, नौगांव 22.5 और भोपाल 23.1 डिग्री सेल्सियस पर था। मौसम विभाग ने रविवार को भी दिन के तापमान में गिरावट की संभावना जताई है।

  • जहाँ देवी का मंदिर है, वहाँ इबादत कैसे स्वीकार होगी? भोजशाला विवाद पर विधायक रामेश्वर शर्मा का बड़ा बयान

    जहाँ देवी का मंदिर है, वहाँ इबादत कैसे स्वीकार होगी? भोजशाला विवाद पर विधायक रामेश्वर शर्मा का बड़ा बयान


    भोपाल । मध्य प्रदेश के धार जिले की ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर चल रहे विवाद में अब सियासी बयानबाजी ने तूल पकड़ लिया है। बसंत पंचमी के अवसर पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूजा और नमाज दोनों की अनुमति दिए जाने के बाद, भाजपा के प्रखर विधायक रामेश्वर शर्मा ने एक बड़ा और तीखा बयान जारी किया है। उन्होंने सीधे तौर पर मुस्लिम समुदाय से सद्भावना की अपील करते हुए सवाल उठाया है कि जिस स्थान पर देवी का अधिष्ठान है, वहाँ की गई इबादत का क्या अर्थ है।

    विधायक रामेश्वर शर्मा ने अपने संबोधन में तर्क दिया कि इबादत और आस्था के बीच एक स्पष्ट समझ होनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘मुसलमानों को स्वयं यह समझना चाहिए कि जहाँ मां वाग्देवी सरस्वती का प्राचीन मंदिर है, वहाँ आपकी इबादत कैसे स्वीकार हो सकती है? हमारे सनातनी समाज की यह मांग सदियों से रही है कि जहाँ विद्या की देवी माँ सरस्वती विराजमान हैं, उस पवित्र स्थल पर केवल पूजन और अर्चना ही होनी चाहिए।’ शर्मा ने आगे जोड़ा कि स्वयं मुस्लिम समाज के मान्यताओं में भी यह उल्लेख मिलता है कि मंदिर परिसर के भीतर की गई इबादत जायज नहीं होती, ऐसे में इस मुद्दे को राजनीति से प्रेरित करने के बजाय समझदारी से सुलझाना चाहिए।

    ऐतिहासिक संदर्भों का हवाला देते हुए विधायक ने याद दिलाया कि भोजशाला का निर्माण महान राजा भोज ने माँ सरस्वती की आराधना और ज्ञान के केंद्र के रूप में किया था। उन्होंने कहा कि यह विद्या की देवी का मंदिर है और इसे अनावश्यक विवादों में नहीं घसीटना चाहिए। ‘माँ जगत जननी की निरंतर पूजा-अर्चना हमारा अधिकार है। हम इसके लिए लोकतंत्र की चौखट पर भी जाएंगे और सर्वोच्च न्यायालय से भी बार-बार प्रार्थना करेंगे कि यहाँ केवल सनातन परंपरा का निर्वहन हो,’ उन्होंने स्पष्ट किया।

    रामेश्वर शर्मा का यह बयान ऐसे संवेदनशील समय में आया है जब धार प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार बसंत पंचमी पर हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों के लिए अलग-अलग समय और स्थान नियत किए हैं। जहाँ एक ओर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पूजा की जा रही है, वहीं दूसरी ओर विधायक की इस अपील ने सामाजिक और राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सबको मिलकर माँ सरस्वती की आरती-पूजा होने देनी चाहिए ताकि धार्मिक सौहार्द बना रहे और इतिहास के साथ न्याय हो सके।

  • मध्य प्रदेश: 10 दिन में 11 लाख वोटर्स को हटाने की साजिश? कांग्रेस का बड़ा आरोप, EC के दरवाज़े पर PCC चीफ

    मध्य प्रदेश: 10 दिन में 11 लाख वोटर्स को हटाने की साजिश? कांग्रेस का बड़ा आरोप, EC के दरवाज़े पर PCC चीफ


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, काटने और सुधार की प्रक्रिया 23 जनवरी को खत्म हो रही है। इसी बीच कांग्रेस ने बीजेपी पर वोटर लिस्ट से नाम हटाने की सुनियोजित साजिश का आरोप लगाया है।कांग्रेस का दावा है कि सिर्फ 10 दिनों में लगभग 11 लाख वोटरों के नाम काटने के लिए बीजेपी ने बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) को बड़े पैमाने पर फॉर्म-7 उपलब्ध कराए हैं।

    कांग्रेस का मुख्य आरोप: “प्रिंटेड फॉर्म-7” से वोटर हटाए जा रहे हैं
    कांग्रेस का कहना है कि जिन फॉर्म-7 के जरिए नाम हटाए जा रहे हैं, वे प्री-प्रिंटेड (पहले से भरे हुए) हैं।

    इन फॉर्मों में विधानसभा क्रमांक,विधानसभा का नाम,हटाने वाले मतदाता का नाम और विवरण पहले से दर्ज है।
    लेकिन आवेदक का नाम और हस्ताक्षर कहीं नहीं है।कांग्रेस इसे चुनाव आयोग की प्रक्रिया का उल्लंघन और लोकतंत्र पर हमला करार दे रही है।

    जीतू पटवारी ने चुनाव आयोग पर साधा निशाना
    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, बीजेपी चुनाव हारने के डर से मैदान में नहीं, वोटर लिस्ट में खेल रही है।
    बिना आवेदक के नाम और हस्ताक्षर वाले प्री-प्रिंटेड फॉर्म-7 लोकतंत्र की हत्या का प्रमाण हैं।
    SC, ST, अल्पसंख्यक और गरीब वर्ग के मताधिकार को छीनने की यह सोची-समझी साजिश है।”उन्होंने चेतावनी दी कि अगर चुनाव आयोग ने तत्काल हस्तक्षेप नहीं किया, तो कांग्रेस सड़कों से लेकर अदालत तक यह मुद्दा ले जाएगी।हम एक भी मतदाता का नाम गलत तरीके से कटने नहीं देंगे।

    कांग्रेस की मांग: EC तुरंत कार्रवाई करे
    कांग्रेस ने चुनाव आयोग से निम्नलिखित कार्रवाई की मांग की है
    सभी प्री-प्रिंटेड फॉर्म-7 की तुरंत जांच
    बिना वैध आवेदन और हस्ताक्षर वाले फॉर्मों को निरस्त
    दोषी अधिकारियों और राजनीतिक संरक्षण देने वालों पर कड़ी कार्रवाई
    कांग्रेस का कहना है कि यह सिर्फ राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि संविधान और मताधिकार की रक्षा का मामला है।

    एक व्यक्ति ने 25-25 आपत्तियां”कांग्रेस का नया आरोप
    पटवारी ने कहा कि नियमों के अनुसार एक व्यक्ति केवल एक ही आपत्ति दर्ज करा सकता है, लेकिन बीजेपी कार्यकर्ताओं ने एक ही व्यक्ति द्वारा 25-25 आपत्तियां दर्ज कराई हैं।उन्होंने कहा कि इसके प्रमाण चुनाव आयोग को सौंप दिए गए हैं।

    BLO को चेतावनी: अनियमितता मिली तो FIR
    पटवारी ने BLOs को चेतावनी दी कि, यदि किसी भी बूथ पर अनियमितता पाई गई, तो संबंधित BLO के खिलाफ FIR दर्ज कराई जाएगी।
    उन्होंने कहा कि कुछ BLO ईमानदारी से काम कर रहे हैं, लेकिन कुछ भाजपा नेताओं के दबाव में काम कर रहे हैं, जिससे उनकी सर्विस रिकॉर्ड (CR) खराब हो सकती है।

    फर्जी आपत्तियों का आरोप
    पटवारी ने आरोप लगाया कि कई मतदाताओं को जानकारी तक नहीं है, और उनके नाम से ऑनलाइन फर्जी आपत्तियां दर्ज की जा रही हैं।

    यह खासकर अल्पसंख्यक और आदिवासी क्षेत्रों में हो रहा है।उन्होंने कहा:वोट चोरी करके चुनाव जीतने की कोशिश की जा रही है।

    मंत्री विश्वास सारंग पर भी सवाल
    पटवारी ने कहा कि मंत्री विश्वास सारंग पिछले चुनाव हार चुके थे।
    उनकी सीट और दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों से करीब एक-एक लाख वोट कम हुए हैं, जहाँ जीत-हार का अंतर अक्सर इतना ही रहता है।उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त से मांग की कि इन गड़बड़ियों पर तत्काल रोक लगाई जाए।कांग्रेस ने SIR प्रक्रिया पर भारी आरोप लगाए हैं और इसे लोकतंत्र पर हमला बताया है।अब सवाल यह है कि चुनाव आयोग इस मामले में कब और क्या कार्रवाई करता है, क्योंकि 23 जनवरी तक समय बहुत कम है।

  • दावोस में पर्यटन निवेश पर वैश्विक मंच से मध्यप्रदेश का विज़न रखेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    दावोस में पर्यटन निवेश पर वैश्विक मंच से मध्यप्रदेश का विज़न रखेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    मध्यप्रदेश । देश का हृदय प्रदेश मध्यप्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में नए आत्मविश्वास, नई ऊर्जा और दूरदर्शी दृष्टिकोण के साथ वैश्विक स्तर पर अपनी सशक्त पहचान बना चुका है। प्रदेश, प्रकृति की अनुपम सुंदरता, समृद्ध ऐतिहासिक विरासत, गहन आध्यात्मिक आस्था और विविध वन्य जीवों का अद्भुत संगम है। इन्हीं विशेषताओं और निवेश संभावनाओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 21 जनवरी को दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में पर्यटन क्षेत्र में निवेश पर केंद्रित सत्र को संबोधित करेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के “विकास भी, विरासत भी” के दूरदर्शी दृष्टिकोण से प्रेरित होकर मध्यप्रदेश ने पर्यटन को समावेशी और सतत विकास के सशक्त माध्यम के रूप में विकसित किया है। इसके परिणामस्वरूप हाल के वर्षों में प्रदेश में 13.30 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया है, जो मध्यप्रदेश के प्रति बढ़ते राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय विश्वास को दर्शाता है।आध्यात्मिक पर्यटन मध्यप्रदेश की प्रमुख पहचान के रूप में स्थापित हुआ है। उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में 6.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन हो चुका है। इसके साथ ही खजुराहो, सांची, ओरछा, महेश्वर, अमरकंटक और चित्रकूट जैसे ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल देश-विदेश के पर्यटकों के प्रमुख आकर्षण केंद्र बने हुए हैं।

    राज्य सरकार द्वारा पर्यटन नीति-2025 एवं फिल्म पर्यटन नीति-2025 के माध्यम से निवेश प्रोत्साहन, रोजगार सृजन और सतत पर्यटन विकास को नई दिशा दी गई है। फिल्म पर्यटन नीति-2025 के अंतर्गत मध्यप्रदेश राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म निर्माण के लिए एक पसंदीदा डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है, जिससे स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।ग्रामीण पर्यटन को सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्रदेश के 81 गांवों में 370 से अधिक होमस्टे विकसित किए गए हैं, जिन्हें 1000 तक विस्तारित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को प्रत्यक्ष आय और रोजगार उपलब्ध करा रही है।

    पर्यटन अवसंरचना को मजबूत करने के लिए पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा के अंतर्गत भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, सिंगरौली और खजुराहो को हवाई संपर्क से जोड़ा गया है। साथ ही पीएमश्री पर्यटन हेली सेवा के माध्यम से पर्यटकों को तेज़, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। बेस्ट टूरिज्म स्टेट ऑफ द ईयर” सहित 18 राष्ट्रीय पुरस्कार, यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में प्रदेश के 4 धरोहर स्थलों का शामिल होना और देश की 69 यूनेस्को धरोहरों में से 15 का मध्यप्रदेश में स्थित होना प्रदेश की वैश्विक पर्यटन क्षमता और प्रतिष्ठा को सुदृढ़ करता है। मध्यप्रदेश आज पर्यटन, परंपरा और प्रगति के संगम के साथ वैश्विक निवेशकों और पर्यटकों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है।

  • प्रधानमंत्री मोदी के क्रांतिकारी विकास मार्ग पर अग्रसर मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रधानमंत्री मोदी के क्रांतिकारी विकास मार्ग पर अग्रसर मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    मध्यप्रदेश । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकास मॉडल को अपनाते हुए प्रदेश की आर्थिक प्रगति को नई गति देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में वरिष्ठ संपादक एवं लेखक पद्मश्री श्री आलोक मेहता द्वारा रचित पुस्तक ‘रिवॉल्यूशनरी राज – नरेन्द्र मोदी: 25 इयर्स’ कॉफी टेबल बुक ग्रहण करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर देशी-विदेशी निवेश को आकर्षित कर औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, स्टार्ट-अप्स, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाएँ प्रभावी रूप से क्रियान्वित की जा रही हैं।

    यह भेंट-वार्ता दिल्ली से दावोस स्विट्ज़रलैंड में आयोजित विश्व आर्थिक मंच की बैठक में भाग लेने से पूर्व हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री की नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अग्रणी भूमिका निभा रहा है। प्रदेश में पुस्तकों और पठन-संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से गीता भवन निर्माण योजना में पुस्तकालयों का प्रावधान भी किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार पत्रकारों, साहित्यकारों एवं सांस्कृतिक कलाकारों को सामाजिक जागरूकता के लिए हर संभव सहयोग, सहायता एवं प्रोत्साहन देती रहेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुस्तक में उल्लिखित समाज कल्याण, महिला सशक्तिकरण, युवाओं में अनुशासन तथा आत्मनिर्भर विकसित भारत के प्रधानमंत्री के सपनों को साकार करने के लिए वे पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने पुस्तक की विस्तृत भूमिका केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा लिखे जाने को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय मंत्री श्री शाह, प्रधानमंत्री के संकल्पों को क्रियान्वित करते हुए आतंकवाद और नक्सल समस्या से प्रभावी ढंग से निपट रहे हैं, जिससे देश विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। ऐसे विचारों को जन-जन तक पहुँचाने में यह पुस्तक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है और इसे शिक्षण संस्थानों व पुस्तकालयों तक पहुँचाया जाना चाहिए।उल्लेखनीय है कि पुस्तक का प्रकाशन शुभी पब्लिकेशंस द्वारा किया गया।

  • मध्‍य प्रदेश में 22-23 जनवरी के बाद हल्की बारिश के संकेत

    मध्‍य प्रदेश में 22-23 जनवरी के बाद हल्की बारिश के संकेत

    भोपाल। मध्य प्रदेश के आसपास सक्रिय दो साइक्लोनिक
    सर्कुलेशन के कारण मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। इसके असर से प्रदेश
    के पूर्वी जिलों में बादल छाए हुए हैं। आने वाने दिनों में प्रदेश के कुछ
    इलाकों में हल्की बारिश की संभावना है।

    बीते रविवार को भोपाल,
    नर्मदापुरम सहित कई इलाकों में आसमान में बादलों की मौजूदगी रही। मौसम
    विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक कड़ाके की ठंड से राहत मिलने की संभावना
    है, हालांकि इसके बाद बूंदाबांदी हो सकती है। सुबह के समय कोहरे का असर भी
    बना रहेगा। आज सोमवार सुबह ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़,
    छतरपुर, पन्ना और सतना में मध्यम स्तर का कोहरा देखा गया। वहीं भोपाल,
    इंदौर, उज्जैन समेत एक दर्जन से अधिक जिलों में हल्का कोहरा छाया रहा। इस
    बीच, तापमान में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई है।

    मौसम विभाग के
    मुताबिक, प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहने से तापमान में उतार-चढ़ाव
    देखा जा रहा है। रविवार को दिन के तापमान में बढ़ोतरी हुई। इसकी मुख्य वजह
    प्रदेश के ऊपरी हिस्से से गुजर रहे दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन हैं। इसके
    अलावा पाकिस्तान के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी मौसम को प्रभावित कर रहा
    है। 19 जनवरी और 21 जनवरी की रात से दो पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत
    में असर दिखा सकते हैं, जिसका प्रभाव मध्य प्रदेश में भी पड़ने की संभावना
    है। इसके चलते 22 और 23 जनवरी के बाद प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की
    बारिश हो सकती है।

    प्रदेश में सबसे कम तापमान शहडोल के कल्याणपुर में
    दर्ज किया गया, जहां न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री सेल्सियस रहा। खजुराहो में
    5.8 डिग्री, नौगांव और उमरिया में 6 डिग्री, रीवा में 6.4 डिग्री, पचमढ़ी
    में 6.8 डिग्री, मंडला में 7.2 डिग्री और मलाजखंड में 7.6 डिग्री सेल्सियस
    तापमान रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के पांच बड़े शहरों में न्यूनतम तापमान 10
    डिग्री से ऊपर रहा। भोपाल में 11 डिग्री, इंदौर में 12 डिग्री, ग्वालियर
    में 10 डिग्री, उज्जैन में 13 डिग्री और जबलपुर में 10.5 डिग्री सेल्सियस
    तापमान दर्ज हुआ।

  • बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव आज: नामांकन में मुख्यमंत्री मोहन यादव समेत मप्र के 20 दिग्गज नेता बनेंगे प्रस्तावक-समर्थक

    बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव आज: नामांकन में मुख्यमंत्री मोहन यादव समेत मप्र के 20 दिग्गज नेता बनेंगे प्रस्तावक-समर्थक


    भोपाल । भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनावी प्रक्रिया के तहत आज नई दिल्ली में नामांकन दाखिल किए जाएंगे, जिसमें मध्य प्रदेश की भूमिका अहम रहने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत राज्य के 20 वरिष्ठ नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए प्रस्तावक और समर्थक के रूप में भाग लेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार मौजूदा कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को ही सर्वसम्मति से पार्टी की कमान सौंपी जा सकती है।

    बीजेपी के संगठनात्मक चुनावों की यह प्रक्रिया पार्टी के संविधान के तहत संपन्न की जा रही है। आज होने वाले नामांकन कार्यक्रम में देशभर से वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। मध्य प्रदेश से दिल्ली पहुंचे नेताओं का दल इस चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएगा और राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए प्रस्ताव पेश करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगे, जो प्रदेश के लिए संगठनात्मक दृष्टि से बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

    मध्य प्रदेश से दिल्ली जाने वाले नेताओं में 5 मंत्री, 5 केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्य, 4 सांसद—जिनमें दो राज्यसभा सांसद शामिल हैं—और 5 अन्य वरिष्ठ पार्टी नेता शामिल हैं। यह दल न केवल नामांकन प्रक्रिया में शामिल होगा, बल्कि आगामी दो दिनों तक दिल्ली में रहकर पार्टी के केंद्रीय कार्यक्रमों में भी भाग लेगा। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ इन नेताओं की मौजूदगी को आगामी राजनीतिक रणनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल भी नामांकन प्रक्रिया में शामिल होंगे। इसके अलावा वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री प्रहलाद पटेल और मंत्री राकेश सिंह भी दिल्ली पहुंचे हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्यों में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, वीरेंद्र कुमार खटीक, दुर्गादास उईके और सावित्री ठाकुर शामिल हैं। इन सभी नेताओं की मौजूदगी से यह संकेत मिल रहा है कि पार्टी नेतृत्व इस चुनाव को पूरी तरह सर्वसम्मति और संगठनात्मक एकजुटता के साथ संपन्न करना चाहता है।

    सांसदों की बात करें तो फग्गन सिंह कुलस्ते, विष्णुदत्त शर्मा, सुमित्रा बाल्मीकि, कविता पाटीदार के साथ-साथ वरिष्ठ नेता जयभान सिंह पवैया, लाल सिंह आर्य, डॉ. नरोत्तम मिश्रा, गोपाल भार्गव और ओमप्रकाश धुर्वे भी दिल्ली में मौजूद हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी पहले से ही दिल्ली में रहकर पार्टी गतिविधियों में भाग ले रहे हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यदि नामांकन प्रक्रिया में एक ही उम्मीदवार का नाम सामने आता है, तो औपचारिक चुनाव की जरूरत नहीं पड़ेगी और नितिन नवीन को सर्वसम्मति से राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया जा सकता है। यह चुनाव न सिर्फ संगठनात्मक मजबूती का संदेश देगा, बल्कि आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों की रणनीति तय करने में भी अहम भूमिका निभाएगा।