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  • MP में मकर संक्रांति पर पतंगबाजी की घटनाओं में दो बच्चों की मौत, चीनी मांझे से 7 घायल

    MP में मकर संक्रांति पर पतंगबाजी की घटनाओं में दो बच्चों की मौत, चीनी मांझे से 7 घायल


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में पतंगबाजी (Kite flying) के कारण हुए हादसों में 2 बच्चों (2 Children) की मौत हो गई जबकि 7 लोग गंभीर रूप से घायल (7 People seriously injured) हो गए। रीवा में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने और पन्ना में चट्टान से गिरने के कारण 2 किशोरों की जान चली गई। इंदौर, उज्जैन और इटारसी में चाइनीज मांझे की चपेट में आने से कई लोगों के गले और पैर कट गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ड्रोन कैमरों से निगरानी कर रही है और मांझा बेचने वालों पर सख्ती बरत रही है, फिर भी लोग इसका उपयोग कर रहे हैं।

    उज्जैन में चार मामले
    उज्जैन में 4 दुर्घटनाएं हुईं। इन हादसों में दो लोगों को हल्की चोटें आईं जबकि एक युवक का गला कट गया और एक महिला के पैरों में गंभीर घाव हो गए। दोनों घायलों को इलाज के लिए सरकारी चरक भवन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ईंट भट्टे पर काम करने वाले एक शख्स के गले में बाइक चलाते समय मांझा फंस गया जिससे आठ टांके लगाने पड़े। वहीं सब्जी खरीदने निकलीं सीमा के पैरों में मांझा उलझने से गहरा कट लगा और उन्हें सात टांके लगाने पड़े।


    उज्जैन में दो की हालत गंभीर

    उज्जैन के शासकीय चरक भवन के ईएनटी सर्जन डॉ. विश्राम रत्नाकर ने बताया कि बुधवार को दोपहर तक चाइनीज मांझे से घायल होने के कुल चार मामले सामने आए। इनमें से दो को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई जबकि दो गंभीर घायल थे जिनका इलाज चल रहा है।


    रीवा में पतंगबाजी ने ली एक की जान

    रीवा जिले में बिछिया थाना क्षेत्र की चौरसिया कॉलोनी में 15 साल का कुश चौरसिया छत पर पतंग उड़ाते वक्त 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। उसकी पतंग कटकर बिजली की लाइन में फंस गई थी जिसे निकालने के लिए उसने लोहे की रॉड का इस्तेमाल किया। जैसे ही रॉड बिजली के तारों से टच हुई उसे जोरदार करंट लगा। इससे वह बुरी तरह झुलस गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हादसे के वक्त परिवार मेला देखने गया था।


    पन्ना में भी एक ने गंवाई जान

    वहीं पन्ना जिले के धरमपुर थाना क्षेत्र के इचोलिया में मकर संक्रांति मेले के दौरान एक हादसा हो गया। पतंग उड़ाते समय चट्टान से गिरने से 15 साल के विभव सिंह की मौत हो गई। मृतक खोरा गांव का रहने वाला बताया जा रहा है। पतंग उड़ाते समय चट्टान के किनारे संतुलन बिगड़ने से वह नीचे गिर गया जिससे सिर में चोट आने से उसकी मौके पर मौत हो गई।


    इंदौर में 4 जख्मी

    इंदौर में चाइनीज मांझे से चार लोग घायल हुए। पहला हादसा भंवरकुआं क्षेत्र में हुआ जहां बाइक से जा रहे हेमराज चौरसिया का गला कट गया। नंदानगर निवासी महेश सोनी भी चीनी मांझे की चपेट में आकर घायल हुए। जूनी इंदौर में दूध बांटने जा रहे प्रेम भंडारी के गले में मांझा फंसने से 8 टांके आए हैं। चौथी घटना रामानंद नगर में हुई जहां पतंग लेने जा रहे घनश्याम वसुनिया की दाढ़ी पूरी तरह कट गई जिसके कारण उन्हें 10 टांके लगाने पड़े।


    नर्मदापुरम में एक घायल

    नर्मदापुरम जिले के इटारसी में शाम साढ़े चार बजे के करीब चीनी मांझे से बाइक सवार का गला कट गया। गंभीर रूप से घायल हालत में युवक को इटारसी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शुभम मोटरसाइकिल से बुधवार को शाम साढ़े चार बजे घर से लाइब्रेरी जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में उसके गले में चाइनीज मांझा फंस गया। मांझे से युवक का गला 3 इंच तक कट गया।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस-2026 में होंगे शामिल

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस-2026 में होंगे शामिल


    भोपाल!
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार 15 जनवरी को भोपाल में ‘मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस-2026’ में एआई-सक्षम शासन और आर्थिक परिवर्तन के लिए मध्यप्रदेश के रणनीतिक रोडमैप को प्रस्तुत करेंगे। यह कांफ्रेंस एआई इनेबल्ड गवर्नेंस फॉर एन एम्पावर्ड भारत की थीम पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा इंडिया एआई मिशन के सहयोग से आयोजित की जा रही है।इससे एआई आधारित शासन,तकनीक एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अकादमिक और उद्योग समन्वय को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ प्रदेश सरकार एआई को नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी और कुशल शासन की आधारशिला के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है।

    कांफ्रेंस में मध्यप्रदेश ‘इनोवेशन एक्सपो’ का शुभारंभ भी किया जाएगा, जिसमें इंडिया एआई पेवेलियन, मध्यप्रदेश पेवेलियन, स्टार्ट-अप शो-केस, हैकाथॉन एरिना और स्टार्ट-अप प्रतियोगिता शामिल होंगी। कांफ्रेंस में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अपर सचिव एवं सीईओ इंडिया एआई श्री अभिषेक सिंह और आईआईटी इंदौर के निदेशक श्री सुहास एस. जोशी संबोधित करेंगे।

    अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री संजय दुबे द्वारा “एआई फॉर पीपल,प्लेनेट एंड प्रोग्रेस – मध्यप्रदेश रोडमैप टू इंपैक्ट ” पर राज्य का प्रमुख एआई विजन प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन कांफ्रेंस को संबोधित करेंगे। कांफ्रेंस में स्पेसटेक नीति लांच होगी, विभिन्न समझौता ज्ञापनों और नवाचार एवं युवा एआई पहलों से संबंधित महत्वपूर्ण घोषणाएं की जाएंगी।

    कांफ्रेंस में तीन उच्चस्तरीय थीमैटिक सत्र—टेक्नोलॉजी लेड गवर्नेंस फॉर ऑल, एआई फॉर इकोनॉमिक ग्रोथ एंड सोशल गुड और रेज़िलिएंस, इनोवेशन एंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर आयोजित किए जाएंगे। इनमें डिजिटल इंडिया- भाषिणी, यूआईडीएआई, एनईपीडी विभिन्न राज्य सरकारों और गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, डिलोट्टी और ईवाई जैसे अग्रणी संगठनों के विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे। साथ ही एमपी इनोटेक स्टार्ट-अप पिच कंटेस्ट और उज्जैन महाकुंभ हैकाथॉन के विजेताओं की घोषणा भी की जाएगी।

    यह कांफ्रेंस इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट-2026 की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट-2026 की घोषणा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा फ्रांस एआई एक्शन समिट में की गई थी। सम्मेलन का आयोजन 16 से 20 फरवरी 2026 तक नई दिल्ली में किया जाएगा।

  • सीवेज प्रदूषण पर NGT सख्त, MP-UP-राजस्थान से जवाब तलब, इंदौर में मौतें और भोपाल में 'ई-कोलाई' का खतरा

    सीवेज प्रदूषण पर NGT सख्त, MP-UP-राजस्थान से जवाब तलब, इंदौर में मौतें और भोपाल में 'ई-कोलाई' का खतरा


    नई दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की प्रधान पीठ ने नई दिल्ली में बुधवार को इंदौर, भोपाल और राजस्थान के शहरों में पेयजल में सीवेज की मिलावट से जुड़ी गंभीर समस्याओं पर स्वतः संज्ञान लिया। NGT ने मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की राज्य सरकारों से जवाब तलब किया है। ट्रिब्यूनल ने इंदौर में गंदे पानी के कारण मौतों और भोपाल में पेयजल में ‘ई-कोलाई’ बैक्टीरिया मिलने के मामलों का हवाला दिया।
    मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इंदौर में गंदे पानी के सेवन से मौतें हुई हैं, जबकि भोपाल के कुछ इलाकों में ट्यूबवेल से रिसाव के कारण पेयजल में ई-कोलाई बैक्टीरिया पाया गया। वहीं, राजस्थान के उदयपुर, जोधपुर, कोटा, बांसवाड़ा, जयपुर और अजमेर जैसे शहरों में पुरानी और जर्जर पाइपलाइन प्रणाली के चलते सीवेज के पानी का पेयजल में मिलना जारी है। ग्रेटर नोएडा में भी सीवेज मिला पानी पीने से कई लोग बीमार पड़े, जिनमें बच्चे भी शामिल थे।
    एनजीटी ने इन घटनाओं को गंभीर पर्यावरणीय और जनस्वास्थ्य से जुड़ा मामला माना। पीठ ने संबंधित राज्य सरकारों, प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) से स्पष्ट जवाब तलब किया है। कहा गया है कि यह मामला पर्यावरणीय कानूनों का पालन सुनिश्चित करने, जिम्मेदारी तय करने और नागरिकों के सुरक्षित पेयजल के अधिकार की रक्षा के लिए विचाराधीन रहेगा।

    इसके अलावा, NGT ने मध्यप्रदेश में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई के मामलों को भी संज्ञान में लिया। रिपोर्ट के अनुसार, सड़क, रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग और कोयला खदान परियोजनाओं के लिए 50 से 100 वर्ष पुराने लगभग 15 लाख पेड़ काटे जा चुके हैं या काटे जाने का प्रस्ताव है। सिंगरौली, खंडवा, विदिशा, भोपाल और इंदौर में भारी संख्या में पेड़ों की कटाई से वायु गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।

    पीठ ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य वन विभागों को नोटिस जारी करते हुए निर्देश दिया कि वे अगली सुनवाई तक शपथ पत्र के माध्यम से अपना जवाब दाखिल करें। अगली सुनवाई 9 मार्च 2026 को होगी।

  • मध्य प्रदेश में सर्द हवाओं का सितम जारी, लेकिन कोहरे से मिली राहत, 15 से बदलेगा मौसम

    मध्य प्रदेश में सर्द हवाओं का सितम जारी, लेकिन कोहरे से मिली राहत, 15 से बदलेगा मौसम


    भोपाल। मध्य प्रदेश में ठंड का दौर लगातार जारी है, हालांकि पिछले कुछ दिनों की तुलना में कोहरे से लोगों को कुछ राहत मिली है। ज्यादातर इलाकों में आसमान साफ रहा और दिन में धूप निकलने से हल्की राहत महसूस की गई। भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में सुबह हल्का से मध्यम कोहरा देखने को मिला। उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं का असर प्रदेश के उत्तरी जिलों में ज्यादा दिखाई दे रहा है।
    मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार को राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा और धूप खिलने की संभावना है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों में दिन के समय तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी होगी, लेकिन रात की ठंड बरकरार रहेगी। ग्वालियर-चंबल अंचल के साथ सागर और रीवा संभाग में सर्दी का असर अभी कम होने के आसार नहीं हैं।

    बुधवार सुबह ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में कोहरे के कारण दृश्यता प्रभावित रही। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, सीहोर, शाजापुर, देवास समेत 15 से अधिक जिलों में विजिबिलिटी 2 से 4 किलोमीटर के बीच दर्ज की गई। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगले चार दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा। फिलहाल कहीं भी शीतलहर या कोल्ड डे का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

    उत्तरी हिस्सों में कड़ाके की ठंड, ग्वालियर–कटनी रहे सबसे ठंडे
    प्रदेश के उत्तरी जिलों में बर्फीली हवाओं के कारण न्यूनतम तापमान काफी नीचे चला गया है। मंगलवार रात ग्वालियर, छतरपुर का नौगांव और कटनी का करौंदी प्रदेश के सबसे ठंडे स्थान रहे। ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री, कटनी के करौंदी में 4.7 डिग्री, सतना के चित्रकूट में 5.3 डिग्री और नौगांव में 5.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। कोहरे की वजह से रेल यातायात पर भी असर पड़ा और कई ट्रेनें देरी से चलीं। प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में तापमान 5.8 डिग्री दर्ज किया गया। खजुराहो में 6 डिग्री, दतिया में 6.2 डिग्री, मंडला और राजगढ़ में 6.4 डिग्री तथा रीवा में 6.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री, इंदौर में 9.5 डिग्री, उज्जैन में 11 डिग्री और जबलपुर में 9.5 डिग्री दर्ज हुआ।

    दिन में भी ठंड का असर
    मंगलवार को दिन के तापमान में भी खास बढ़ोतरी नहीं हो सकी। ग्वालियर में अधिकतम तापमान 24.3 डिग्री, दतिया में 23.4 डिग्री और श्योपुर में 23.2 डिग्री रहा। पचमढ़ी में 21.8 डिग्री, खजुराहो में 23.4 डिग्री, नौगांव में 23.5 डिग्री, रीवा में 22.4 डिग्री, सीधी में 23 डिग्री, टीकमगढ़ और उमरिया में 24 डिग्री तथा मलाजखंड में 23 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

    15 जनवरी से बदलेगा मौसम का मिजाज
    मौसम विभाग ने बताया कि 15 जनवरी से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से दो से तीन दिन बाद मध्य प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। खास तौर पर उत्तरी जिलों में मावठा गिरने की संभावना जताई गई है।

  • मध्यप्रदेश पुलिस की चोरी, डकैती एवं नकबजनी केविरूद्ध बड़ी सफलताएं

    मध्यप्रदेश पुलिस की चोरी, डकैती एवं नकबजनी केविरूद्ध बड़ी सफलताएं


    भोपाल
    । मध्यप्रदेश पुलिस ने विगत चार दिनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में संपत्ति संबंधी गंभीर अपराधों पर त्वरित, प्रभावीएवंसमन्वितकार्रवाईकरतेहुए उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने चोरी, डकैती, नकबजनीएवं संगठित आपराधिक गिरोहों का पर्दाफाश करते हुए लगभग 89 लाख 40 हजार रूपए से अधिक की संपत्ति जब्‍त की हैं। यह उपलब्धियां न केवल पुलिस की सतर्कता, बल्कि आधुनिक तकनीक, मजबूत मुखबिर तंत्र एवं जमीनी स्तर पर किए गए सतत प्रयासों का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं।

    विदिशा

    जिले की कोतवाली पुलिस ने अरिहंत ज्वैलर्स डकैती कांड का सफल खुलासा किया। 260 से अधिक सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण, 180 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ एवं 08 विशेष टीमों की संयुक्त कार्रवाई के परिणामस्वरूप 03 आरोपियों एवं 02 विधि विरुद्ध बालकों को गिरफ्तार किया। इस प्रकरण में लगभग 13 लाखरूपए की संपत्ति जब्‍त की है।

    छतरपुर

    जिला के थाना लवकुश नगर क्षेत्र में ग्राम प्रतापपुरा की चोरी का पुलिस ने24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 2.6 तोला सोना, 1.435 किलोग्राम चांदी एवं नगद राशि सहित लगभग 5 लाख रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।

     इंदौर

    शहर में थाना हीरानगरपुलिस ने मोबाइल टावरों से 5G नेटवर्क उपकरण चोरी करने वाली गैंग का पर्दाफाश कर चोरी किए गए नेटवर्क उपकरण एवं घटना में प्रयुक्त वाहन सहित लगभग 9 लाख 30हजार का सामान बरामद किया है। इसी प्रकार एक अन्‍य कार्यवाही में थाना द्वारकापुरी पुलिस ने नकबजनी की 04 वारदातों में संलिप्त शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लगभग 5 लाख 20हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।

     देवास

    जिलेमें ऑपरेशन “त्रिनेत्रम” के अंतर्गत लगे सीसीटीवी कैमरों की सहायता से सूने घरों को निशाना बनाने वाले गिरोह का देवास पुलिस ने पर्दाफाश कर 03 चोरी की घटनाओं का खुलासा किया। इन घटनाओं को अंजाम देने वाले 04 आरोपियों एवं 01 नाबालिग को पुलिस ने गिरफ्तार कर 10 लाखरूपए के सोने-चांदी के आभूषण एवं नगद राशि जब्‍त की है।

     उज्जैन

    पुलिस ने लॉकर चोरी की घटना पर त्‍वरित कार्यवाही करते हुए 24 घंटे के भीतरएक आरोपी को गिरफ्तार कर लगभग 35 लाखरूपए230 ग्राम सोना जब्‍त कियाहै।

     सीहोर

    जिले के थाना रेहटी पुलिस द्वारा ग्राम कोसमी से चोरी हुई धान से भरी ट्रैक्टर–ट्रॉली को मात्र तीन दिनों के भीतर बरामद करते हुए लगभग 10 लाख रूपए की संपत्ति शत-प्रतिशत जब्‍त की गई।

     मुरैना

    जिले की थाना पोरसा पुलिस ने क्षेत्र में हुई चोरी की घटना का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 80 हजार रूपए के चोरी किए सोने–चांदी के आभूषणजब्त किए।  

    मंडला

    थाना कोतवाली पुलिस ने केबल वायर चोरी के आरोपी को गिरफ्तार कर लगभग 1लाख 10हजार रूपएका चोरी गया सामान जब्‍त किया है।

    इन कार्यवाहियों से यह स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश पुलिस गंभीर अपराधों पर नियंत्रण एवं अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी के प्रति पूर्णतः सक्रिय, तत्पर और संवेदनशील है। तकनीकी संसाधनों के उपयोग, उत्कृष्ट टीम वर्क और त्वरित फील्ड एक्शन के माध्यम से पुलिस ने अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। ऐसी कार्यवाहियाँ प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ एवं नागरिकों के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत बना रही हैं।

  • संक्रांति के बाद मध्य प्रदेश में मौसम बदलेगा करवट, उत्तर में मावठे के आसार

    संक्रांति के बाद मध्य प्रदेश में मौसम बदलेगा करवट, उत्तर में मावठे के आसार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में शीतलहर का असर अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में कड़ाके की ठंड के बीच मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि संक्रांति के बाद मौसम की चाल बदल सकती है। भारतीय मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 जनवरी से उत्तरी हिमालय क्षेत्र में नया पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी इलाकों में दो से तीन दिन बाद मावठे की स्थिति बन सकती है।
    इस बीच ग्वालियर, चंबल, रीवा और सागर संभाग में तेज सर्दी के साथ मध्यम स्तर का कोहरा छाए रहने की संभावना है। मंगलवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा जिलों में कोहरे का असर दर्ज किया गया। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन, खजुराहो, गुना, शिवपुरी, शाजापुर और सीहोर में भी सुबह के समय धुंध देखने को मिली। अधिकतर क्षेत्रों में दृश्यता घटकर 1 से 2 किलोमीटर के बीच रही।

    उत्तरी भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के सीधे असर के चलते प्रदेश के उत्तर हिस्सों में ठंड और ज्यादा तीखी हो गई है। ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है, वहीं दतिया और श्योपुर में भी सर्दी का असर बरकरार है। राजधानी भोपाल, इंदौर, जबलपुर और उज्जैन में रात का पारा लगातार 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया जा रहा है।

    रविवार और सोमवार की रात बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। भोपाल में 9 डिग्री, इंदौर में 9.6 डिग्री, उज्जैन में 9.4 डिग्री और जबलपुर में 9.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। वहीं शहडोल जिले के कल्याणपुर में प्रदेश का सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस रहा। दतिया में 5.4 डिग्री, राजगढ़ और पचमढ़ी में 5.6 डिग्री, मंडला में 5.9 डिग्री और खजुराहो में 6.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। प्रदेश के अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है।

    दिन के तापमान की बात करें तो सोमवार को दतिया सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। ग्वालियर में अधिकतम तापमान 21.8 डिग्री, पचमढ़ी में 21.2 डिग्री, नौगांव में 21.6 डिग्री, रीवा में 22.2 डिग्री, खजुराहो और श्योपुर में 22.6 डिग्री तथा मलाजखंड में 22.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    नए साल की शुरुआत से ही प्रदेश में घना कोहरा और तेज ठंड का दौर जारी है, जिसका सीधा असर रेल सेवाओं पर पड़ रहा है। दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं। इनमें मालवा एक्सप्रेस सबसे अधिक प्रभावित बताई जा रही है। इसके अलावा पंजाब मेल, जनशताब्दी, झेलम और सचखंड एक्सप्रेस सहित करीब एक दर्जन ट्रेनें अपने तय समय से विलंब से पहुंच रही हैं।

  • MP: बच्चे चीनी मांझे से पतंग उड़ाते पकड़े गए तो माता-पिता होंगे जिम्मेदार, HC के सख्त निर्देश

    MP: बच्चे चीनी मांझे से पतंग उड़ाते पकड़े गए तो माता-पिता होंगे जिम्मेदार, HC के सख्त निर्देश

    भोपाल। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) ने चीनी मांझे (Chinese kite string) पर लगे प्रतिबंध को कड़ाई से लागू करने का निर्देश दिया है। अदालत ने साफ किया है कि यदि कोई बच्चा इस घातक डोर से पतंग उड़ाते पकड़ा गया तो उसके माता-पिता (Parents) को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। साथ ही चीनी मांझे की बिक्री या उपयोग करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (1) (लापरवाहीपूर्ण कृत्य के कारण होने वाली मृत्यु) के तहत कार्रवाई होगी।


    बेचने वालों पर भी चलेगा लापरवाही से मौत का केस

    मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने आदेश दिया है कि लोगों को जागरूक किया जाए कि चीनी मांझे को बेचने या इस्तेमाल करने पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (1) के तहत मामला दर्ज हो सकता है। यह धारा लापरवाही के कारण होने वाली मृत्यु से संबंधित है। अदालत ने पिछले साल 11 दिसंबर को चीनी मांझे से होने वाली मौतों और हादसों पर चिंता जताते हुए खुद जनहित याचिका के तौर पर संज्ञान लिया।


    सरकार ने कहा- चलाएंगे अभियान

    मध्य प्रदेश सरकार ने न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की अदालत को बताया कि चीनी मांझे की बिक्री पर रोक लगाने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। चीनी मांझे से होने वाले हादसों को रोकने के लिए कई सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। चीनी मांझे के इस्तेमाल और बिक्री को हतोत्साहित करने के लिए अखबारों और टीवी चैनलों के माध्यम से एक बड़ा जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।


    अभिभावक को भी ठहराया जा सकता है जिम्मेदार

    अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि जागरूकता अभियान में यह साफ बताया जाए कि चीनी मांझे की बिक्री या इस्तेमाल करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (1) के तहत केस चलेगा। यदि कोई नाबालिग बच्चा इस खतरनाक मांझे से पतंग उड़ाता पाया गया तो इसके लिए उसके माता-पिता या अभिभावक को भी कानूनन जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।


    आसपास के जिलों में भी किया जाएगा लागू

    इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि प्रशासन जल्द निर्देशों का पालन करते हुए जरूरी आदेश जारी करेगा। अदालत को यह भी भरोसा दिया गया कि निर्देशों को इंदौर आसपास के जिलों में भी लागू किया जाएगा। बता दें कि पिछले डेढ़ महीने में इंदौर में चीनी मांझे से गला कटने के कारण दो लोगों की जान जा चुकी है। प्रशासन ने चीनी मांझे पर पूरी तरह रोक लगा रखी है फिर भी कई लोग चोरी से इसका इस्तेमाल कर रहे हैं।

  • पदोन्नति नियम 2025 के दो प्रावधानों को असंवैधानिक करार देने की मांग, हाई कोर्ट में याचिका दायर

    पदोन्नति नियम 2025 के दो प्रावधानों को असंवैधानिक करार देने की मांग, हाई कोर्ट में याचिका दायर


    जबलपुर। मध्य प्रदेश शासन के पदोन्नति नियम 2025 के तहत कुछ प्रावधानों को असंवैधानिक करार देने के लिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका में यह दावा किया गया है कि इन नियमों का पालन सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करता है। यह मामला अब हाई कोर्ट में सुनवाई के लिए रखा गया है और कोर्ट ने 13 जनवरी को मामले की सुनवाई निर्धारित की है।

    याचिकाकर्ता सिवनी निवासी ज्वाइंट डायरेक्टर सुरेश कुमरे हैं, जो मध्य प्रदेश शासन के पदोन्नति नियम 2025 के दो महत्वपूर्ण प्रावधानों को चुनौती दे रहे हैं। याचिकाकर्ता के अनुसार इन नियमों में उल्लेखित कुछ बातें आरक्षित वर्ग और अनारक्षित वर्ग के कर्मचारियों के लिए भेदभावपूर्ण हैं और इससे संविधान की मूल भावना का उल्लंघन हो रहा है। विशेष रूप से पदोन्नति के संबंध में नियम 11 में कहा गया है कि पहले आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों की सूची बनाई जाएगी, उसके बाद अनारक्षित वर्ग की सूची बनेगी। इसके कारण, अनारक्षित वर्ग के कर्मचारी यदि मेरिट में बेहतर हैं, तो भी वे आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों से पीछे रह सकते हैं और उन्हें पदोन्नति का मौका नहीं मिल सकता।

    इस नियम को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के खिलाफ बताया गया है, जिनमें यह साफ किया गया था कि पदोन्नति के लिए आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों को प्राथमिकता देना एक सीमा तक ही उचित है, और यदि अनारक्षित वर्ग के कर्मचारी मेरिट में बेहतर हैं तो उन्हें पदोन्नति का अवसर दिया जाना चाहिए। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह नियम अनारक्षित वर्ग के कर्मचारियों के साथ अन्यायपूर्ण भेदभाव करता है और इसे संविधान के अनुच्छेद 14 समानता का अधिकार के तहत असंवैधानिक करार दिया जाना चाहिए।
    इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करेंगे।

    हाई कोर्ट ने इस मामले को पहले से लंबित याचिकाओं के साथ संलग्न कर दिया है जिससे यह मामला एक व्यापक दृष्टिकोण से देखा जाएगा।सुरेश कुमरे ने कहा कि यदि यह नियम लागू होता है तो यह न केवल उन कर्मचारियों के लिए अन्यायपूर्ण होगा बल्कि यह सरकारी प्रशासन में भी असंतुलन पैदा कर सकता है। इसलिए वे इस नियम को चुनौती देने के लिए कोर्ट पहुंचे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी कर्मचारियों को समान अवसर मिले और कोई भी वर्ग अपने मेरिट के आधार पर पदोन्नति से वंचित न रहे। हाई कोर्ट में इस मामले की सुनवाई 13 जनवरी को तय की गई है और अब सबकी निगाहें इस सुनवाई पर टिकी हैं।

  • खजुराहो में आकार ले रहा ‘विरासत वन’, 17 एकड़ में प्रकृति-संस्कृति का अनूठा संगम; बंगाल के कलाकार गढ़ रहे जीवंत मूर्तियां

    खजुराहो में आकार ले रहा ‘विरासत वन’, 17 एकड़ में प्रकृति-संस्कृति का अनूठा संगम; बंगाल के कलाकार गढ़ रहे जीवंत मूर्तियां


    खजुराहो /पर्यटन नगरी खजुराहो अब केवल अपने विश्वप्रसिद्ध मंदिरों के लिए ही नहीं बल्कि प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण की एक अनूठी पहल के लिए भी पहचानी जाने वाली है। खजुराहो के खर्रोही क्षेत्र में 17 एकड़ भूमि पर विरासत वन विकसित किया जा रहा है जो हरियाली जैव विविधता और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण बनेगा। यह वन खास तौर पर बच्चों और युवाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है ताकि वे घूमते-घूमते जंगल पर्यावरण और प्रकृति के महत्व को खुद समझ सकें।

    विरासत वन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे पारंपरिक उद्यान की तरह नहीं बल्कि एक लिविंग क्लासरूम के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां लगाए गए पेड़-पौधे वन्यजीवों की आकृतियां और थीम आधारित वन क्षेत्र बच्चों को किताबों से बाहर निकलकर सीखने का अवसर देंगे। वन विभाग की इस पहल के तहत एक समय के बंजर भू-भाग को हरित स्वरूप में बदल दिया गया है जो अब पर्यावरण संरक्षण का मिसाल बन रहा है।विरासत वन में आधुनिक तकनीक का भी खास इस्तेमाल किया गया है। यहां पेड़ों और प्रमुख स्थलों पर क्यूआर कोड लगाए गए हैं। जैसे ही कोई बच्चा या पर्यटक क्यूआर कोड स्कैन करेगा उससे जुड़ी जानकारी सीधे मोबाइल स्क्रीन पर आ जाएगी। इसमें उस पेड़ या पौधे का नाम उसकी प्रजाति औषधीय गुण पर्यावरण में भूमिका और उससे जुड़े रोचक तथ्य डिजिटल रूप में उपलब्ध होंगे। इससे बच्चों में तकनीक के माध्यम से सीखने की रुचि भी बढ़ेगी।

    इस वन को और आकर्षक बनाने के लिए जंगल के जानवरों की जीवंत मूर्तियां भी स्थापित की जा रही हैं। खास बात यह है कि इन मूर्तियों को अंतिम रूप देने के लिए बंगाल से आए अनुभवी कलाकार काम कर रहे हैं। कलाकारों द्वारा बनाई जा रही ये मूर्तियां इतनी वास्तविक होंगी कि देखने वालों को जंगल में होने का अहसास कराएंगी। अधिकारियों के अनुसार इस मूर्तिकला का लगभग 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और जल्द ही यह वन पूरी तरह तैयार होकर लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।विरासत वन में 200 से अधिक प्रजातियों के 25 हजार से ज्यादा पौधे लगाए गए हैं। यहां अलग-अलग विषयों पर आधारित वन विकसित किए गए हैं जिनमें नवग्रह वन नक्षत्र वन सप्तऋषि वन लक्ष्मी वन औषधीय वन और जैव विविधता वन शामिल हैं। हर वन का अपना अलग महत्व और उद्देश्य है जिससे भारतीय संस्कृति ज्योतिष आयुर्वेद और प्रकृति के गहरे संबंध को समझा जा सके।

    वन विभाग का मानना है कि विरासत वन न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद करेगा बल्कि पर्यटन को भी नया आयाम देगा। खजुराहो आने वाले पर्यटक अब मंदिरों के साथ-साथ प्रकृति और पर्यावरण से जुड़े इस विशेष केंद्र का भी अनुभव ले सकेंगे। यह पहल आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने में अहम भूमिका निभाएगी।

  • रतलाम में गोमांस तस्करी के शक पर चक्काजाम: हिंदू संगठनों का दो घंटे प्रदर्शन, एक संदेही हिरासत में

    रतलाम में गोमांस तस्करी के शक पर चक्काजाम: हिंदू संगठनों का दो घंटे प्रदर्शन, एक संदेही हिरासत में


    रतलाम (म.प्र.)। मध्यप्रदेश के रतलाम शहर में मंगलवार सुबह गोमांस तस्करी के शक को लेकर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बाइक से गोमांस ले जाने के आरोप में बाजना बस स्टैंड पर करीब दो घंटे तक चक्काजाम किया। प्रदर्शन के कारण इलाके में यातायात पूरी तरह बाधित रहा और आम लोगों को रोजमर्रा की गतिविधियों में परेशानी का सामना करना पड़ा।

    प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उन्हें रात में ही सूचना मिली थी कि शहर में अवैध रूप से गोमांस का परिवहन किया जा रहा है। सुबह कार्यकर्ता संदिग्ध वाहनों की तलाश में निकल पड़े और बाजना बस स्टैंड पर एक बाइक को घेर लिया। उनके अनुसार बाइक पर मांस से भरे कट्टे थे। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे इलाके का वातावरण तनावपूर्ण हो गया।सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया, औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी, डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव और हाट चौकी प्रभारी पंकज राजपूत सहित अन्य पुलिस कर्मी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं से बात कर उन्हें समझाया और मांस की जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। लगभग दो घंटे बाद चक्काजाम समाप्त हुआ।

    प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि मौके पर तीन से चार बाइक थीं, जिनमें से तीन बाइक सवार भागने में सफल हो गए। पुलिस ने एक बाइक को पकड़ लिया, लेकिन चालक फरार हो गया। जांच में पकड़े गए मांस के दो कट्टों में से एक को पशु चिकित्सालय भेजा गया, जबकि दूसरा कट्टा मौके पर रखा गया। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में यह मांस भैंस के बच्चों का पाया गया।डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव ने बताया कि पकड़े गए व्यक्ति की पहचान रतलाम जिले के रावटी निवासी लालचंद पिता देवचंद के रूप में हुई है। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। आरोपी ने प्रारंभिक बयान में दावा किया कि उसने मांस रतलाम की एक लाइसेंसी दुकान से खरीदा और गांव में आयोजित कार्यक्रम के लिए ले जा रहा था।

    पुलिस का कहना है कि मामले की पूरी जांच जारी है और मांस की अंतिम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की और भरोसा दिलाया कि कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई होगी।रतलाम में यह घटना स्थानीय लोगों और प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण रही। हिंदू संगठनों ने स्पष्ट किया कि वे ऐसे मामलों पर सख्त नजर रखेंगे, जबकि पुलिस ने आश्वासन दिया कि अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।