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  • मप्र के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी प्रतिष्ठित 'ग्रीन डेस्टिनेशंस ब्रॉन्ज' सर्टिफिकेट से सम्मानित

    मप्र के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी प्रतिष्ठित 'ग्रीन डेस्टिनेशंस ब्रॉन्ज' सर्टिफिकेट से सम्मानित


    भोपाल।
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजनरी नेतृत्व और प्रदेश में ‘रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म’ को बढ़ावा देने के प्रयासों के फलस्वरूप मध्य प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। जर्मनी के बर्लिन में आयोजित ‘आईटीबी बर्लिन ट्रैवल मार्ट’ में प्रदेश के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी को प्रतिष्ठित ‘ग्रीन डेस्टिनेशंस ब्रॉन्ज’ सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया है।

    इसके साथ ही पचमढ़ी यह अंतरराष्ट्रीय गौरव हासिल करने वाला देश का पहला हिल स्टेशन बन गया है। मप्र टूरिज्म बोर्ड की ओर से उज्जैन कमिश्नर आशीष सिंह ने यह सम्मान प्राप्त किया। यह प्रमाणन नीदरलैंड स्थित ‘ग्रीन डेस्टिनेशंस फाउंडेशन’ द्वारा प्रदान किया जाता है, जो ‘ग्लोबल सस्टेनेबल टूरिज्म काउंसिल’ से मान्यता प्राप्त संस्था है।

    मप्र के पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ने गुरुवार को उक्त जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश पर्यटन नित नई ऊँचाइयों को छू रहा है। पचमढ़ी को मिला यह ‘ग्रीन डेस्टिनेशन ब्रॉन्ज’ सर्टिफिकेट इस बात का प्रमाण है कि हम पर्यटन विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय संस्कृति को सहेजने में भी अग्रणी हैं। यह उपलब्धि पचमढ़ी को वैश्विक स्तर पर एक ‘सस्टेनेबल टूरिज्म डेस्टिनेशन’ के रूप में स्थापित करेगी, जिससे यहाँ अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी।

    मप्र टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी ने कहा कि यह सम्मान पचमढ़ी में विरासत संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन ऊर्जा और जलवायु संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों की वैश्विक पहचान है। इस उपलब्धि के साथ ही अब पचमढ़ी देश के अन्य पहाड़ी पर्यटन स्थलों और इको-टूरिज्म साइट्स के लिए एक ‘रेप्लिकेबल मॉडल’ (अनुकरणीय मॉडल) के रूप में उभरा है। यह मान्यता प्रदेश में ‘रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म’ को और अधिक सशक्त बनाएगी।

    स्थिरता और पर्यावरण संरक्षण का वैश्विक मानक

    ‘ग्रीन डेस्टिनेशंस’ अंतर्राष्ट्रीय स्तर का एक प्रतिष्ठित प्रमाणन कार्यक्रम है, जो आर्थिक, पर्यावरणीय और सामाजिक-सांस्कृतिक स्थिरता के 3 मुख्य स्तंभों पर केंद्रित है।

    कठोर परीक्षण में मिली सफलता

    पचमढ़ी का चयन अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित एक अत्यंत जटिल और सूक्ष्म मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद किया गया। इसके तहत डेस्टिनेशन मैनेजमेंट, प्रकृति एवं परिदृश्य, पर्यावरण और जलवायु, संस्कृति एवं परंपरा, सामाजिक कल्याण और व्यापारिक संचार जैसे 6 प्रमुख विषयों के 75 कड़े मापदंडों पर पचमढ़ी का परीक्षण किया गया। मूल्यांकन में पचमढ़ी ने 10 में से 6.5 का स्कोर और 40% का GSTC अनुपालन स्तर हासिल किया।

    पर्यटन बोर्ड के प्रयासों का परिणाम

    मप्र टूरिज्म बोर्ड द्वारा इस दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे थे। इस परियोजना के तहत नवंबर 2025 में पचमढ़ी में दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई थी, जिसके बाद व्यापक फील्ड वर्क, डेटा कलेक्शन और दस्तावेजीकरण किया गया। फरवरी 2026 में अंतरराष्ट्रीय ऑडिटर द्वारा ऑन-साइट ऑडिट के बाद इस उपलब्धि पर मुहर लगी।

  • मध्य प्रदेश में जल संवर्धन के हो रहे हैं अच्छे प्रयास: केन्द्रीय मंत्री पाटिल

    मध्य प्रदेश में जल संवर्धन के हो रहे हैं अच्छे प्रयास: केन्द्रीय मंत्री पाटिल


    भोपाल।
    केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने गुरुवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से मध्य प्रदेश में जल संरक्षण के लिए किये गये जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में जल संवर्धन और सरंक्षण के अच्छे प्रयास किये जा रहे हैं।

    केन्द्रीय मंत्री पाटिल ने कहा कि मध्य प्रदेश के बड़े भू-भाग में वन हैं। मध्य प्रदेश में महाराष्ट्र के बाद सर्वाधिक बांध हैं। मध्य प्रदेश अपनी नदियों और बांधों से उत्तरप्रदेश, झारखण्ड, बिहार, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र को पानी दे रहा है। जल गंगा जन भागीदारी अभियान में मध्य प्रदेश के खण्डवा जिले को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। खण्डवा की तरह प्रदेश के हर जिले में जल संरक्षण का प्रयास करें। लोगों को जल संरक्षण के लिए जागरूक करने का भी अभियान चलाए। आमजनता की भागीदारी से ही जल संरक्षण का अभियान पूरा होगा।

    उन्होंने कहा कि हर पक्के भवन में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाकर छत का पानी धरती में पहुंचाए। हर बड़े खेत में वर्षा जल को धरती में भेजने के लिए रिचार्जिंग संरचना का निर्माण कराएं। गांव का पानी गांव में और खेत का पानी खेत में रहेगा, तभी जल संवर्धन होगा। गांव में पानी की पर्याप्त उपलब्धता होने पर खेती समृद्ध होगी और किसान खुशहाल होगा। वनों में भी हर बड़े वृक्ष के पास जल संरक्षण के लिए कंटूर और ट्रेन्च बनाएं।

    बैठक में वीडियो कान्फ्रेंसिंग से शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जल संरक्षण के आहवान पर मध्य प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में लगातार जल संरक्षण के प्रयास किये जा रहे हैं। गत वर्ष खण्डवा जिले में एक लाख 29 हजार जल संरचनाओं का निर्माण करके देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। मध्य प्रदेश में पिछले दो वर्षों में जल संरक्षण के लिए 2 लाख 79 हजार जल संरक्षण का निर्माण किया गया है।

    उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश 250 से अधिक नदियों का मायका है। नदियों के उद्गम स्थलों की साफ-सफाई तथा वृक्षारोपण का अभियान शुरू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी चंबल नदी से यमुना नदी को सोन नदी से गंगा नदी को शक्ति मिलती है। हमारी नदियों में जल संचय का स्राेत हमारे वन हैं। वनों के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रदेश को वित्तीय सहायता की आवश्यकता है।

    उन्होंने कहा कि इस वर्ष हम 19 मार्च से जल गंगा संवर्धन अभियान शुरू कर रहे हैं। सभी कलेक्टर कार्ययोजना बनाकर जल संरक्षण के कार्य शुरू कराएं। प्रदेश को जल संरक्षण में देश में प्रथम स्थान पर लाना है। नहरों की साफ-सफाई, हैण्डपंप में रिचार्ज पिट तथा हर पक्के भवन में वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था कराएं।

    बैठक में जल शक्ति विभाग के सचिव बीएल कांता राव ने जल गंगा जन भागीदारी अभियान की उपलब्धियों तथा मध्य प्रदेश के कार्यों की जानकारी दी। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश राजौरा ने मध्य प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान की तैयारियों, कार्ययोजना एवं गत वर्ष की उपलब्धियों की जानकारी दी। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में खण्डवा, राजगढ़ और इंदौर जिलों की उपलब्धियों को प्रस्तुत किया गया। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल तथा अन्य अधिकारी शामिल हुए।

  • अर्मेनिया में युद्ध के बीच फंसी उज्जैन की महिला पहलवान प्रियांशी प्रजापत सुरक्षित लौटीं, सीएम मोहन यादव ने किया त्वरित हस्तक्षेप

    अर्मेनिया में युद्ध के बीच फंसी उज्जैन की महिला पहलवान प्रियांशी प्रजापत सुरक्षित लौटीं, सीएम मोहन यादव ने किया त्वरित हस्तक्षेप

    नई दिल्ली। अर्मेनिया में आयोजित कुश्ती वर्ल्ड चैंपियनशिप में हिस्सा लेने गई उज्जैन की प्रियांशी प्रजापत पिछले चार दिनों से युद्ध के कारण फंसी थीं। अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के चलते उनका दुबई के रास्ते भारत लौटना असंभव हो गया।

    इस मुश्किल समय में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पहलवान से लाइव बातचीत कर उनकी सुरक्षित वापसी के लिए तुरंत कदम उठाए। सीएम के निर्देश और मध्यप्रदेश कुश्ती संघ के सहयोग से प्रियांशी को अर्मेनिया से तुर्की और कजाकिस्तान के मार्ग से भारत लाया गया। गुरुवार सुबह प्रियांशी देश लौट आईं और उनके परिवार व खेल प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई।

    प्रियांशी मध्यप्रदेश की एकमात्र खिलाड़ी थीं जो इस विश्व चैम्पियनशिप में प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रही थीं। उनकी सुरक्षित वापसी ने राज्य सरकार के त्वरित और प्रभावी हस्तक्षेप की अहमियत को भी दर्शाया।

    इन हालात में उनके पिता ने मध्यप्रदेश कुश्ती संघ के अध्यक्ष नारायण यादव से संपर्क किया और मदद के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सूचित किया। मुख्यमंत्री ने तुरंत हस्तक्षेप किया और प्रियांशी से ऑनलाइन बातचीत कर उन्हें युद्ध के खतरनाक हालात में सुरक्षित मार्ग से लौटने का भरोसा दिया।

    सीएम के निर्देशों और मध्यप्रदेश कुश्ती संघ के सहयोग से प्रियांशी को अर्मेनिया से तुर्की और कजाकिस्तान के मार्ग से सुरक्षित भारत लाया गया। गुरुवार सुबह वे देश लौट आईं, और उनके परिवार, प्रशिक्षक और खेल प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई। प्रियांशी की वापसी ने राज्य सरकार की तत्परता और संकट प्रबंधन क्षमता को उजागर किया।

    प्रियांशी इस चैम्पियनशिप में मध्यप्रदेश की एकमात्र प्रतिनिधि खिलाड़ी थीं। उनके साथियों और प्रशिक्षकों ने बताया कि यह उनका सपना था कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करें, लेकिन युद्ध और अंतरराष्ट्रीय तनाव ने उन्हें अचानक कठिनाई में डाल दिया। इस बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सक्रिय भूमिका और त्वरित निर्णय ने उनकी जान को सुरक्षित रखने में अहम योगदान दिया।

    प्रियांशी के सुरक्षित लौटने के बाद प्रदेश की खेल प्रतिष्ठा भी बढ़ी है। युवा खिलाड़ी और उनके परिवार ने मुख्यमंत्री और मध्यप्रदेश कुश्ती संघ को धन्यवाद दिया। इसके अलावा, इस घटना ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय संकट में राज्य सरकार और खेल संस्थाएं मिलकर खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती हैं।

    प्रियांशी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह चार दिन उनके जीवन के सबसे तनावपूर्ण रहे। उन्होंने बताया कि दुबई और अर्मेनिया में युद्ध के कारण भय का माहौल था, लेकिन उन्हें विश्वास था कि मुख्यमंत्री और संबंधित अधिकारी उनकी मदद करेंगे। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री ने मुझे व्यक्तिगत रूप से आश्वस्त किया और सही मार्ग से भारत लौटने में मदद की। यह अनुभव यादगार तो है, लेकिन काफी डराने वाला भी रहा।”

    इस घटना ने यह संदेश भी दिया कि खेल और खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए प्रशासनिक तत्परता बेहद जरूरी है। प्रियांशी अब सुरक्षित हैं और अपने परिवार के साथ हैं, जबकि मध्यप्रदेश सरकार की इस सक्रिय भूमिका को खेल जगत में सराहा जा रहा है।

  • खाली कुर्सियों से कैसे होगा किसान कल्याण, जीतू पटवारी का पीएम मोदी को पत्र, MP के कृषि विभाग में हजारों पद खाली

    खाली कुर्सियों से कैसे होगा किसान कल्याण, जीतू पटवारी का पीएम मोदी को पत्र, MP के कृषि विभाग में हजारों पद खाली


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में कृषि व्यवस्था को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Jitu Patwari ने प्रधानमंत्री Narendra Modi को पत्र लिखकर राज्य के कृषि और उससे जुड़े विभागों में बड़ी संख्या में खाली पड़े पदों का मुद्दा उठाया है। पटवारी ने मुख्यमंत्री Mohan Yadav द्वारा वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” घोषित किए जाने पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जब विभागों में कर्मचारियों की भारी कमी है, तब केवल घोषणाओं से किसानों का भला संभव नहीं है।

    अपने पत्र में पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकारी उदासीनता के कारण प्रदेश का कृषि तंत्र कमजोर होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए जो प्रशासनिक ढांचा होना चाहिए, वह ही अधूरा पड़ा है। ऐसे में “कृषक कल्याण वर्ष” जैसी घोषणाएं जमीन पर प्रभावी साबित नहीं होंगी।

    पटवारी ने आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि मध्य प्रदेश के कृषि विभाग में कुल 14,537 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 8,468 पद खाली पड़े हैं। यानी विभाग का लगभग 60 प्रतिशत स्टाफ मौजूद नहीं है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर पद रिक्त होने से किसानों तक सरकारी योजनाएं सही तरीके से नहीं पहुंच पा रही हैं।

    उन्होंने खास तौर पर ‘ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी’ जैसे अहम पदों का जिक्र करते हुए कहा कि इनकी कमी के कारण खेत स्तर पर किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन नहीं मिल पा रहा है। साथ ही फसल नुकसान का सर्वे, मृदा परीक्षण और Soil Health Card Scheme जैसी योजनाओं का क्रियान्वयन भी प्रभावित हो रहा है।

    पटवारी ने अपने पत्र में कृषि से जुड़े अन्य विभागों की स्थिति भी सामने रखी।

    उनके अनुसार उद्यानिकी विभाग में 3,079 पदों में से 1,459 पद खाली हैं, जो लगभग 47 प्रतिशत हैं। मत्स्य पालन विभाग में 1,290 पदों में से 722 पद रिक्त हैं। पशुपालन एवं डेयरी विभाग में 7,992 पदों में से 1,797 पद खाली बताए गए हैं। इसके अलावा खाद्य विभाग के जिला कार्यालयों में 598 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 245 कर्मचारी कार्यरत हैं। वहीं कृषि अभियांत्रिकी विभाग में 1,065 पदों में से 557 पद खाली पड़े हैं।

    इस मुद्दे पर पटवारी ने केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Shivraj Singh Chouhan पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चौहान लंबे समय तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे, लेकिन कृषि व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए संस्थागत ढांचे पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।

    पटवारी के अनुसार वर्तमान सरकार भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए घोषणाएं कर रही है, जबकि जमीनी व्यवस्था कमजोर बनी हुई है।

    कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री से इस पूरे मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया कि मध्य प्रदेश के कृषि और उससे जुड़े विभागों में खाली पदों की तत्काल समीक्षा कराई जाए और राज्य सरकार को जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए जाएं। इसके साथ ही उन्होंने कृषि योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए जमीनी स्तर पर संस्थागत क्षमता बढ़ाने की राष्ट्रीय रणनीति तैयार करने की भी मांग की।

    पटवारी ने अपने पत्र में कहा कि मध्य प्रदेश का किसान पहले ही मौसम की मार और बाजार की अनिश्चितताओं से जूझ रहा है। ऐसे में सरकारी विभागों में खाली पदों की वजह से उसे आवश्यक सेवाएं भी समय पर नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से लेगी और किसानों के हित में ठोस कदम उठाएगी।

    पटवारी द्वारा भेजे गए इस पत्र की प्रतिलिपि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भी भेजी गई है। इसके बाद प्रदेश की राजनीति में कृषि व्यवस्था और सरकारी भर्तियों को लेकर बहस तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

  • एमपी में मार्च की शुरुआत से तपिश तेज, 35 से ज्यादा जिलों में पारा 33 डिग्री पार, होली पर रहेगी चटक धूप

    एमपी में मार्च की शुरुआत से तपिश तेज, 35 से ज्यादा जिलों में पारा 33 डिग्री पार, होली पर रहेगी चटक धूप


    भोपाल। मार्च की शुरुआत के साथ ही मध्य प्रदेश में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। खासतौर पर मालवा-निमाड़ क्षेत्र में तापमान तेजी से चढ़ रहा है। मंगलवार को प्रदेश के 35 से अधिक जिलों में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया, जिससे साफ है कि इस बार गर्मी समय से पहले असर दिखा रही है। धार, नर्मदापुरम, खरगोन, खंडवा और रतलाम सबसे ज्यादा गर्म जिलों में शामिल रहे।
    मालवा-निमाड़ में सबसे ज्यादा असर
    मौसम विभाग के अनुसार धार में 35.9 डिग्री, नर्मदापुरम में 35.4 डिग्री, खरगोन में 35.2 डिग्री, खंडवा में 35.1 डिग्री और रतलाम में 35 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर, शाजापुर, गुना, टीकमगढ़, दमोह, सागर, सतना, मंडला, छतरपुर, सिवनी, उमरिया, सीधी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और रायसेन में भी पारा 33 डिग्री या उससे अधिक रहा।

    मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री तक की बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में मार्च के पहले पखवाड़े में ही तापमान 40 डिग्री तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हल्की बारिश के आसार भी बने हुए हैं।

    होली पर खिलेगी तेज धूप
    आज होली के दिन प्रदेशभर में मौसम साफ रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार को कहीं भी बादल या बारिश के संकेत नहीं हैं। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन में तापमान 35 डिग्री के पार जा सकता है, जिससे त्योहार पर तेज धूप लोगों को गर्मी का अहसास कराएगी।

    रातें भी देने लगी गर्मी का अहसास
    दिन के साथ-साथ रात का तापमान भी बढ़ने लगा है। सोमवार-मंगलवार की दरम्यानी रात जबलपुर, सागर, सिवनी, टीकमगढ़, नरसिंहपुर, गुना, धार, नर्मदापुरम, खंडवा, खरगोन, रतलाम और श्योपुर में न्यूनतम तापमान 16 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया गया। इनमें धार में 18.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 18.4 डिग्री और खंडवा में 18 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ।

    मार्च में राहत, अप्रैल-मई में चलेगी लू
    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मार्च में लू चलने की संभावना नहीं है, लेकिन अप्रैल और मई में 15 से 20 दिन तक हीट वेव का असर देखने को मिल सकता है। अभी मार्च के शुरुआती दिनों में ही तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जो आने वाले महीनों में और तीखी हो सकती है।

    6 मार्च से बदलेगा मौसम का मिजाज
    पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हो रहा एक पश्चिमी विक्षोभ 6 मार्च से असर दिखाएगा। इसके प्रभाव से अगले दो से तीन दिनों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम बदल सकता है और हल्की बारिश की संभावना बन सकती है।

    अप्रैल-मई में पड़ेगी सबसे ज्यादा गर्मी
    मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि इस वर्ष अप्रैल और मई सबसे अधिक गर्म रहेंगे। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच सकता है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी भीषण गर्मी की चपेट में रहेंगे।

  • लुधियाना में दर्दनाक हादसा: खाना खाने जा रहे ड्राइवर को पिकअप ने रौंदा, मौके पर मौत; आरोपी गिरफ्तार

    लुधियाना में दर्दनाक हादसा: खाना खाने जा रहे ड्राइवर को पिकअप ने रौंदा, मौके पर मौत; आरोपी गिरफ्तार


    नई दिल्ली। Ludhiana के मोती नगर स्थित ट्रांसपोर्ट नगर इलाके में सोमवार दोपहर एक तेज रफ्तार महिंद्रा पिकअप ने पैदल जा रहे ड्राइवर को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी चालक को गिरफ्तार कर वाहन को कब्जे में ले लिया।

    मृतक की पहचान राम प्रसाद पाटीदार के रूप में हुई है, जो मध्य प्रदेश का निवासी था और पिछले तीन वर्षों से ट्रांसपोर्ट कारोबारी रसील चंद के यहां ड्राइवर के रूप में कार्यरत था। जानकारी के मुताबिक 2 मार्च को दोपहर करीब 3 बजे राम प्रसाद पैदल ही खाना खाने के लिए जा रहा था। इसी दौरान ट्रांसपोर्ट नगर के पास अचानक तेज टक्कर की आवाज सुनाई दी।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिंद्रा पिकअप तेज और लापरवाही से चलाई जा रही थी। वाहन चालक ने सामने पैदल जा रहे राम प्रसाद को नहीं देखा और सीधे टक्कर मार दी। सिर और शरीर पर गंभीर चोटें लगने के कारण राम प्रसाद की मौके पर ही मौत हो गई।

    जांच अधिकारी ने बताया कि आरोपी चालक की पहचान गणेश कुमार निवासी गांव नड्ड, जिला सांबा, जम्मू-कश्मीर के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे मौके से ही हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक जांच में लापरवाही से वाहन चलाना हादसे की मुख्य वजह सामने आई है।

    थाना मोती नगर पुलिस ने शिकायतकर्ता के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 और धारा 106(1) के तहत मामला दर्ज किया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।

    यह हादसा एक बार फिर शहर में लापरवाह ड्राइविंग पर सवाल खड़े करता है। पुलिस का कहना है कि दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

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  • कृषि कैबिनेट बैठक में दूरी दिखी, विजयवर्गीय इंदौर में त्रिपुरा सीएम से मिले, प्रहलाद भोपाल में रहे

    कृषि कैबिनेट बैठक में दूरी दिखी, विजयवर्गीय इंदौर में त्रिपुरा सीएम से मिले, प्रहलाद भोपाल में रहे


    नई दिल्ली। बड़वानी में आयोजित मध्य प्रदेश की कृषि कैबिनेट बैठक में मंत्रियों की अनुपस्थिति ने राजनीतिक चर्चा को जन्म दिया। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल बैठक में शामिल नहीं हुए। इस दौरान प्रहलाद पटेल दिनभर भोपाल में मौजूद रहे, जबकि कैलाश विजयवर्गीय आलीराजपुर के भगोरिया मेले में भाग लेने के बाद इंदौर में पहुंचे और वहां त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा से मुलाकात की।

    सोमवार को बड़वानी में कैबिनेट बैठक आयोजित की गई, लेकिन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शारीरिक रूप से बैठक में हिस्सा नहीं लिया। वे सुबह आलीराजपुर में भगोरिया उत्सव में मौजूद रहे, जहां उन्होंने नागर सिंह चौहान और सांसद अनीता चौहान के साथ आदिवासी परंपराओं का सम्मान किया। दोपहर में इंदौर पहुंचे विजयवर्गीय ने त्रिपुरा के सीएम माणिक साहा से मुलाकात की और रात को इंदौर के फाग उत्सव में भाग लिया।

    वहीं, मंत्री प्रहलाद पटेल भोपाल में रहे और वहां बीजेपी किसान मोर्चा के नए प्रदेश महामंत्री कप्तान सिंह यादव से मिले। इस दौरान कप्तान सिंह ने पटेल से आशीर्वाद लिया और फोटो सोशल मीडिया पर साझा की। प्रहलाद पटेल ने दमोह की जरारूधाम गौ अभ्यारण्य के कोषाध्यक्ष सुशील गुप्ता से भी मुलाकात की और शाम को विदिशा के लिए रवाना हुए।

    शनिवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल ने अलग-अलग मुलाकातें की थीं। माना जा रहा है कि विधानसभा बजट सत्र के दौरान विजयवर्गीय के बयानों से मंत्री और मुख्यमंत्री के बीच अंदरूनी खींचतान चल रही है।

    सोमवार को आलीराजपुर भगोरिया मेले में विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कैलाश विजयवर्गीय के बीच वाक विवाद भी देखने को मिला। सिंघार ने “औकात” वाले बयान को लेकर विजयवर्गीय से सवाल किए, जबकि विजयवर्गीय ने कहा कि वे राजनीति करने नहीं, बल्कि भगोरिया उत्सव और आदिवासी समाज को सम्मान देने आए हैं। उन्होंने दावा किया कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से हर आदिवासी परिवार को सालाना 30–50 हजार रुपए का लाभ मिल रहा है।

    इससे स्पष्ट है कि कृषि कैबिनेट की बैठक के दौरान मंत्री दोनों अलग-अलग कार्यों और स्थानों में व्यस्त रहे, जिससे राजनीतिक और प्रशासनिक रूप से दूरी का संदेश गया। वहीं, भगोरिया मेले और त्रिपुरा सीएम से मुलाकात से विजयवर्गीय की सक्रियता और संपर्क भी दिखा।

  • मध्य प्रदेश में नया आदेश: मंत्री खुद लिखेंगे अपने स्टाफ की गोपनीय वार्षिक रिपोर्ट, सिर्फ 7 दिन में जमा करना अनिवार्य

    मध्य प्रदेश में नया आदेश: मंत्री खुद लिखेंगे अपने स्टाफ की गोपनीय वार्षिक रिपोर्ट, सिर्फ 7 दिन में जमा करना अनिवार्य


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने मंत्रालयीन कर्मचारियों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (सीआर) को लेकर अहम निर्देश जारी किए हैं। अब मंत्री स्थापना में पदस्थ कर्मचारियों की सीआर सीधे संबंधित मंत्री द्वारा लिखी जाएगी, जिससे उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन सीधे जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा हो सके।

    इस आदेश के अनुसार 31 मार्च 2026 को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष के लिए सीआर रिपोर्ट सिर्फ एक हफ्ते में तैयार कर जमा करनी होगी। यह रिपोर्ट 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 की अवधि को कवर करेगी।

    सीआर तैयार करने वाले कर्मचारी और प्रक्रिया:

    सहायक अनुभाग अधिकारी: रिपोर्ट अनुभाग अधिकारी लिखेंगे, अवर सचिव और उप सचिव जांच करेंगे, अपर सचिव अंतिम मंजूरी देंगे।

    सहायक ग्रेड-1: अनुभाग अधिकारी लिखेंगे, अवर सचिव और उप सचिव जांच करेंगे, अपर सचिव मंजूरी देंगे।

    सहायक ग्रेड-2, ग्रेड-3 और स्टेनोटायपिस्ट: अनुभाग अधिकारी लिखेंगे, अवर सचिव जांच करेंगे, उप सचिव फाइनल करेंगे।

    निज सहायक: जिन अधिकारी के साथ पदस्थ हैं, वही उनकी सीआर लिखेंगे और फाइनल मंजूरी देंगे।

    मंत्री स्थापना में पदस्थ कर्मचारी: संबंधित मंत्री खुद रिपोर्ट लिखेंगे और फाइनल मंजूरी भी देंगे।

    लक्ष्य और महत्व:
    इस नए आदेश का मकसद सीआर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और मंत्रालयीन कर्मचारियों के प्रदर्शन और कार्यकुशलता का सीधे मूल्यांकन करना है। यह कदम मंत्री स्तर पर निगरानी बढ़ाने और कर्मचारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

  • टी-20 विश्वकप में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की जीत पर मध्य प्रदेश में जश्न, जमकर हुई आतिशबाजी

    टी-20 विश्वकप में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की जीत पर मध्य प्रदेश में जश्न, जमकर हुई आतिशबाजी


    भोपाल।
    टी-20 विश्वकप के सुपर 8 मैच में वेस्ट इंडीज के खिलाफ भारत की शानदार जीत पर मध्य प्रदेश में क्रिकेट प्रेमियों ने जमकर जश्न मनाया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और गुना समेत कई दूसरे शहरों में क्रिकेट फैंस ने बड़ी स्क्रीन पर मैच देखा और भारतीय टीम की जीत का जश्न मनाने के लिए सड़कों पर उतर आए। इस दौरान जमकर आतिशबाजी की गई।

    भारतीय क्रिकेट टीम ने कोलकाता के ईडन गार्डन्स मैदान पर खेले गए टी-20 विश्व कप में सुपर-8 के आखिरी मुकाबले में वेस्टइंडीज को 5 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। इस जीत के हीरो रहे संजू सैमसन ने नाबाद 97 रन की मैच विनिंग पारी खेली। इस जीत के बाद मध्य प्रदेश के क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और गुना समेत कई शहरों में भारत की जीत का जश्न मनाया। प्रमुख चौराहों पर देर रात तक सड़कों पर उत्सव का माहौल बना रहा।

    क्रिकेट प्रेमी डीजे की धुनों पर थिरकते नजर आए, कई जगह आतिशबाजी की गई। भोपाल के बड़वाले महादेव मंदिर में देशभक्ति गीतों के बीच जीत का उत्सव मनाया गया। क्रिकेट प्रेमी एक-दूसरे को बधाई देते दिखे, तिरंगा लहराया गया और ‘भारत माता की जय’ के नारों से माहौल गूंज उठा। अब सभी की नजरें सेमीफाइनल मुकाबले पर टिकी हैं।

    भारत की जीत का जश्न इंदौर में भी देखने को मिल रहा है। इंदौर में बच्चे भी जश्न मना रहे हैं। हालांकि, इंदौर के राजवाड़ा पर माहौल नॉर्मल है। पिछली बार भारत की जीत के बाद भीड़ को कंट्रोल करना मुश्किल हो गया था। लाइट बंद करके हालात को कंट्रोल किया गया था। इसी को ध्यान में रखते हुए आज पुलिस यहां किसी को रुकने नहीं दे रही है। युवा भी माहौल देखकर सीधे निकलते जा रहे हैं।

    भोपाल में युवा तिरंगा लेकर सड़कों पर जश्न मनाते नजर आए। भारत माता की जय के नारे लगाते हुए बड़ी स्क्रीन, पटाखे, ढोल-नगाड़े बजाकर डांस कर रहे हैं। देशभक्ति के गाने गाकर और एक-दूसरे को गुलाल लगाकर जश्न मना रहे हैं। प्रमुख चौराहों पर देर रात तक उत्साह का माहौल नजर आ रहा है। वहीं, उज्जैन के टावर चौक पर क्रिकेट फैंस देर रात तक भारत की जीत का जश्न मना रहे हैं। सड़क पर आतिशबाजी कर रहे हैं।

  • मध्य प्रदेश में होली पर तीन मार्च के साथ चार मार्च को भी सार्वजनिक अवकाश

    मध्य प्रदेश में होली पर तीन मार्च के साथ चार मार्च को भी सार्वजनिक अवकाश


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में इस वर्ष होली के त्यौहार पर दो दिन अवकाश रहेगा। खग्रास चंद्रग्रहण के कारण रंगों का उत्सव 3 मार्च की बजाय 4 मार्च को मनाया जाएगा। राज्य सरकार ने 3 मार्च के साथ 4 मार्च को भी सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की अधिसूचना जारी कर दी है।

    सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा रविवार को जारी आदेश में कहा गया है कि होली के पावन पर्व के उपलक्ष्य में 4 मार्च को भी निगोशिएबल इन्स्ट्रूमेंट्स एक्ट-1881 के अधीन सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाश घोषित किया गया है। राज्य शासन द्वारा होली के पावन पर्व पर पूर्व में 3 मार्च को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जा चुका है।

    इधर प्रदेश में होली की तैयारियां जोरों पर हैं। प्रदेश के हजारों स्थानों पर सोमवार को होलिका दहन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस बार होली का मुख्य दिन कुछ अलग रहेगा, क्योंकि तीन मार्च को खग्रास चंद्रग्रहण है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के दौरान सूतक काल लागू रहता है और इस अवधि में उत्सव नहीं मनाया जाता है, इसलिए इस साल होली का रंगोत्सव दहन के दूसरे दिन के बजाए चार मार्च बुधवार को तीसरे दिन मनाया जाएगा।

    इस बार होली उत्सव की शुरुआत दो मार्च की रात से होगी, जब पूरे राज्य में होलिका दहन का आयोजन किया जाएगा। उसके बाद रंग उत्सव चार मार्च को मनाया जाएगा। प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी जिलों में होली समारोह को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

    होली का पर्व धार्मिक रीति-रिवाज और खगोलीय स्थितियों को ध्यान में रखते हुए मनाया जाता है। जनता को रंगों और खुशियों के साथ-साथ सावधानी और अनुशासन बनाए रखने की अपील की गई है। यह बदलाव इस पर्व को सुरक्षित और आनंददायक बनाने के लिए किया गया है।