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  • Holi 2026: MP समेत देश के विभिन्न राज्यों में कब रहेगी होली की छुट्टी… 3 या 4 मार्च को? देखें लिस्ट

    Holi 2026: MP समेत देश के विभिन्न राज्यों में कब रहेगी होली की छुट्टी… 3 या 4 मार्च को? देखें लिस्ट


    भोपाल।
    रंगों का त्योहार होली (Holi) हर साल खुशियां लेकर आता है, लेकिन इस बार त्योहार की तारीख को लेकर अलग अलग राज्यों में अंतर होने से छात्रों और अभिभावकों के बीच थोड़ा भ्रम बन गया था। कहीं होली 3 मार्च को मनाई जा रही है तो कहीं 4 मार्च को। अब कई राज्य सरकारों (State Governments) और शैक्षणिक संस्थानों (Educational Establishments) ने स्थिति साफ कर दी है, जिसके बाद स्कूलों की छुट्टियों का कार्यक्रम भी सामने आने लगा है। होली भारत का ऐसा पर्व है जिसे पूरे देश में बेहद उत्साह और परंपराओं के साथ मनाया जाता है। लोग एक दूसरे को रंग लगाते हैं, घरों में मिठाइयां बनती हैं, खास तौर पर गुजिया और पारंपरिक पकवानों का स्वाद लिया जाता है। परिवार और रिश्तेदार एक साथ मिलकर त्योहार की खुशियां बांटते हैं।


    उत्तर प्रदेश में तीन दिन की छुट्टी का ऐलान

    उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Government) ने होली के मौके पर तीन दिन का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के अनुसार 2 मार्च से 4 मार्च तक सरकारी दफ्तरों और शिक्षण संस्थानों में अवकाश रहेगा। साथ ही सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि फरवरी महीने का वेतन और पेंशन त्योहार से पहले जारी कर दिया जाए ताकि कर्मचारियों को किसी तरह की परेशानी न हो। प्रशासनिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए 28 फरवरी 2026, जो शनिवार है, उसे कार्य दिवस रखा गया है जबकि 3 मार्च को अवकाश रहेगा।


    दिल्ली में परीक्षा कार्यक्रम के कारण अलग व्यवस्था

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इस समय अधिकतर स्कूलों में परीक्षाएं चल रही हैं। इसलिए परीक्षा कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए होली के दिन कोई भी परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। सीबीएसई ने भी निर्णय लिया है कि 4 मार्च को कोई बोर्ड परीक्षा नहीं रखी जाएगी, ताकि विद्यार्थी बिना किसी तनाव के त्योहार मना सकें।


    किन राज्यों में 3 मार्च को मनाई जाएगी होली

    देश के कई राज्यों में होली 3 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। इन राज्यों में उसी दिन स्कूलों के बंद रहने की संभावना है।
    महाराष्ट्र
    मध्य प्रदेश
    उत्तराखंड
    असम
    तेलंगाना
    राजस्थान
    पश्चिम बंगाल
    गोवा
    झारखंड
    केरल
    आंध्र प्रदेश

    इन राज्यों में स्थानीय प्रशासन और स्कूल प्रबंधन द्वारा अवकाश की औपचारिक सूचना जारी की जा रही है।


    बिहार में दो दिन बंद रहेंगे स्कूल

    बिहार शिक्षा विभाग के शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार राज्य में 3 और 4 मार्च दोनों दिन स्कूल बंद रहेंगे। यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि यहां होली का उत्सव दो दिनों तक अलग अलग परंपराओं के अनुसार मनाया जाता है।


    इन राज्यों में 4 मार्च को मनाई जाएगी होली

    कुछ राज्यों में पंचांग और स्थानीय मान्यताओं के आधार पर होली 4 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। इन क्षेत्रों में उसी दिन स्कूलों में अवकाश रहेगा।
    गुजरात
    मिजोरम
    ओडिशा
    चंडीगढ़
    मणिपुर
    अरुणाचल प्रदेश
    जम्मू और कश्मीर
    उत्तर प्रदेश
    दिल्ली
    बिहार
    छत्तीसगढ़
    मेघालय
    हिमाचल प्रदेश
    छुट्टी को लेकर स्कूल अलग से जारी करेंगे नोटिस

    हालांकि राज्य स्तर पर अवकाश घोषित किए जा रहे हैं, लेकिन अंतिम निर्णय संबंधित स्कूल प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचना पर निर्भर करेगा। कई निजी स्कूल अपने परीक्षा कार्यक्रम, वार्षिक गतिविधियों और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार छुट्टी की तारीख तय करते हैं। इसलिए छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे अपने स्कूल से जारी नोटिस जरूर जांच लें और केवल सोशल मीडिया की जानकारी पर भरोसा न करें।


    क्यों अलग अलग तारीखों पर पड़ रही है होली

    दरअसल होली की तारीख फाल्गुन पूर्णिमा की तिथि और स्थानीय पंचांग गणना पर आधारित होती है। देश के विभिन्न हिस्सों में सूर्योदय और तिथि परिवर्तन के समय में अंतर होने से त्योहार की तारीख में एक दिन का फर्क आ जाता है। यही कारण है कि हर साल कुछ राज्यों में होली अलग दिन मनाई जाती है।


    त्योहार के साथ परीक्षाओं का भी ध्यान

    मार्च का महीना स्कूलों के लिए परीक्षा का समय होता है। ऐसे में शिक्षा विभाग इस बात का विशेष ध्यान रख रहे हैं कि त्योहार और परीक्षा एक ही दिन न पड़ें। इसी वजह से कई बोर्ड और स्कूलों ने परीक्षा तिथियों में बदलाव किया है या उस दिन परीक्षा नहीं रखने का निर्णय लिया है।

  • सोलापुर से बंधुआ मजदूरी के जाल में फंसे 18 मजदूर बैतूल में हुए मुक्त

    सोलापुर से बंधुआ मजदूरी के जाल में फंसे 18 मजदूर बैतूल में हुए मुक्त


    बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में एक गंभीर बंधुआ मजदूरी का मामला सामने आया है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 18 मजदूरों को महाराष्ट्र के सोलापुर जिले से बंधुआ मजदूरी की स्थिति से मुक्त कराया गया। मजदूरों ने बताया कि उन्हें रोजगार का झांसा देकर वहां ले जाया गया और तीन महीने तक जबरन गन्ना कटाई का काम कराया गया। इस दौरान उन्हें ना तो उचित वेतन मिला और ना ही उनकी स्वतंत्रता का सम्मान किया गया।

    मुक्त कराए गए मजदूरों ने ठेकेदार और एजेंट के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि उन्हें लगातार मानसिक और शारीरिक दबाव में रखा गया और काम के दौरान किसी भी तरह की सुरक्षा नहीं दी गई। मजदूरों ने यह भी कहा कि बकाया वेतन न मिलने के कारण उनका आर्थिक नुकसान हुआ है और इस मामले में न्याय की आवश्यकता है।

    स्थानीय प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई की पुष्टि की है। अधिकारियों ने बताया कि दोषियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और बकाया मेहनताना मजदूरों को दिलाने के लिए विशेष टीम लगाई गई है। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि बंधुआ मजदूरी जैसी अवैध प्रथाओं को प्रशासन बर्दाश्त नहीं करेगा और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना ने सामाजिक और कानूनी मोर्चे पर भी चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि मजदूरों को रोजगार का झांसा देकर बंधक बनाना गंभीर अपराध है, जो मानवाधिकारों के उल्लंघन के अंतर्गत आता है। उन्होंने लोगों से जागरूक रहने और किसी भी अनियमितता की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने की सलाह दी।

    मजदूरों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार द्वारा लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। इस कार्रवाई ने यह भी संकेत दिया कि राज्य और केंद्र सरकार बंधुआ मजदूरी जैसे मामलों में सक्रिय रूप से हस्तक्षेप कर रही है और प्रभावित मजदूरों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव उपाय कर रही है। मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि जल्द ही दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी। इस प्रकार यह घटना न केवल बैतूल बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में बंधुआ मजदूरी के खिलाफ एक चेतावनी स्वरूप भी है।

  • खंडवा में बेकाबू ट्रक हादसा: शिक्षक की मौत, घंटों की कोशिश के बाद निकाला शव

    खंडवा में बेकाबू ट्रक हादसा: शिक्षक की मौत, घंटों की कोशिश के बाद निकाला शव


    खंडवा । पिपलोद खास बस स्टैंड के पास मंगलवार तड़के करीब 3 बजे एक भयानक सड़क हादसा हुआ जिसमें शिक्षक सोहन सिंह चौहान की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार तेज रफ्तार ट्रक बस स्टैंड के टर्न पर पहुंचा तो ड्राइवर का स्टेयरिंग नियंत्रण से बाहर हो गया। ट्रक सीधे रोड से उतरते हुए वहां बनी तीन दुकानों और एक पेड़ को तोड़ता हुआ आगे बढ़ा।

    हादसे के समय ट्रक में रखी कपास की गठानें सड़क और फुटपाथ पर बिखर गईं। ट्रक के नीचे दबे शिक्षक का शव कई घंटे की मेहनत के बाद रेस्क्यू टीम ने बाहर निकाला। पुलिस के अनुसार ट्रक डेढ़ तलाई से इंदौर की ओर जा रहा था। हादसे में ट्रक ड्राइवर और क्लीनर को मामूली चोटें आई हैं।

    शिक्षक सोहन सिंह चौहान अपने स्कूल के काम से इंदौर जाने के लिए घर से तड़के 3 बजे निकले थे। बस स्टैंड के मोड़ पर वह एक दुकान के नीचे खड़े होकर बस का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।

    रेस्क्यू टीम ने ट्रक के नीचे फंसे शव को सुरक्षित बाहर निकाला और आसपास बिखरी कपास की गठानें हटाई। हादसे ने इलाके में सन्नाटा और शोक की लहर दौड़ा दी है। अधिकारियों ने कहा कि आगे ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सड़क सुरक्षा और वाहन की गति पर कड़ी नजर रखी जाएगी।

  • होली से ठीक पहले MP में बस हड़ताल, 20 हजार बसें एक दिन के लिए रहेंगी ठप

    होली से ठीक पहले MP में बस हड़ताल, 20 हजार बसें एक दिन के लिए रहेंगी ठप


    भोपाल। होली के त्योहार से ठीक पहले मध्य प्रदेश में यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी पैदा हो सकती है। ट्रेनों में पहले से लंबी वेटिंग चल रही है, वहीं 2 मार्च को प्रस्तावित बस हड़ताल के कारण करीब 20 हजार बसें प्रदेशभर में बंद रहेंगी। सामान्य दिनों में लगभग 12-15 हजार बसों का संचालन होता है, यानी हड़ताल के दिन लगभग पूरा निजी बस परिवहन ठप रहेगा।

    मध्य प्रदेश बस ऑनर एसोसिएशन के महामंत्री जय कुमार जैन ने कहा कि परिवहन विभाग की दमनकारी नीतियों और प्रस्तावित योजनाओं के विरोध में बस मालिकों को मजबूर होकर हड़ताल पर जाना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि सरकार परमिट नीति और राष्ट्रीयकरण के जरिए निजी बसों के व्यवसाय को बड़ी कंपनियों के हाथ में देने की तैयारी कर रही है।

    प्रदेश में कुल 12,780 परमिट वाली और 7,000 से अधिक कॉन्ट्रैक्ट वाली बसें हैं। जय कुमार जैन का कहना है कि परिवहन विभाग योजना बना रहा है कि निजी बस मालिकों से किराया लेकर कंपनियां बस चलाएँ, जबकि मोटर व्हीकल कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। इस विरोध में एसोसिएशन ने विस्तृत प्रेस नोट भी जारी किया है।

    हड़ताल में केवल कुछ ही नहीं, बल्कि सभी निजी बस ऑपरेटरों की भागीदारी रहेगी। इसमें कई कांग्रेस और बीजेपी से जुड़े नेताओं की बसें भी शामिल हैं। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि यह राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि व्यवसाय और परिवहन नीति से जुड़ा सवाल है।

    वर्तमान में VLT (व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग) प्रणाली लागू है, जो बस की लोकेशन, गति और रूट की जानकारी ऑनलाइन जोड़ती है। ऑपरेटरों का आरोप है कि तकनीकी खामियों और ठेकेदार व्यवस्था के कारण उन्हें बार-बार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

    यात्रियों पर असर:
    होली के दौरान गांव से शहर और शहर से गांव जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। ट्रेनों में लंबी वेटिंग की स्थिति में बसें सबसे बड़ा विकल्प होती हैं। ऐसे में 2 मार्च को हड़ताल होने से हजारों लोग मुश्किल में पड़ सकते हैं। अब सबकी नजर सरकार और बस मालिकों के बीच बातचीत पर टिकी है।

    बस मालिकों के आरोप और वजहें:

    निजी बस मालिकों के परमिट निरस्त कर राष्ट्रीयकरण की तैयारी।

    मल्टीनेशनल कंपनियों को बस संचालन का व्यापार देने का प्रयास।

    छोटे और पुराने बस मालिकों का व्यवसाय खतरे में।

    VLT प्रणाली और पंजीयन, फिटनेस प्रक्रियाओं में अवरोध।

    स्थायी अनुज्ञा और नवीनीकरण मामलों में लंबित निर्णय।

    अवैध वसूली और शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई का अभाव।

    बस ऑपरेटरों का कहना है कि पहले भी राज्य में परिवहन व्यवस्था के प्रयोग विफल रहे, जैसे MPSRTC का संचालन, और वर्तमान प्रस्ताव भी उसी तरह छोटे और मध्यम बस मालिकों को बाहर करने जैसा है।

    इस बार की हड़ताल का मकसद है कि प्राइवेट बस मालिकों का व्यवसाय सुरक्षित रहे और पेरेंट्स और यात्रियों पर अनावश्यक दबाव न डाला जाए।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत रत्न नानाजी देशमुख की पुण्य तिथि पर किया नमन

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत रत्न नानाजी देशमुख की पुण्य तिथि पर किया नमन


    भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राष्ट्रसेवक और महान समाज सुधारक नानाजी देशमुख की पुण्य तिथि पर उन्हें विनम्र नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि भारत रत्न से सम्मानित स्वर्गीय नानाजी देशमुख ने देश की प्रगति के लिए ग्रामीण विकास शिक्षा और गरीब कल्याण को आधार बनाया। उन्होंने समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की धारा पहुंचाने के लिए अपना जीवन समर्पित किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नानाजी देशमुख का कृतित्व उनके विचार और दूरदर्शी दृष्टिकोण राष्ट्र के नव निर्माण की दिशा में सदैव प्रेरणादायी रहेंगे। उन्होंने ग्रामोदय से राष्ट्रोदय की परिकल्पना को साकार करने के लिए जो कार्य किए वे आज भी प्रासंगिक हैं और आने वाली पीढ़ियों को मार्गदर्शन देते रहेंगे।डॉ. यादव ने ईश्वर से प्रार्थना की कि हम सभी नानाजी देशमुख के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।

  • 2 मार्च से प्रदेशभर में बसें थमने को तैयार: सुगम लोक परिवहन सेवा के विरोध में 29 हजार ऑपरेटरों की हड़ताल, होली में यात्रियों की मुश्किलें बढ़ेंगी

    2 मार्च से प्रदेशभर में बसें थमने को तैयार: सुगम लोक परिवहन सेवा के विरोध में 29 हजार ऑपरेटरों की हड़ताल, होली में यात्रियों की मुश्किलें बढ़ेंगी


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में 2 मार्च से लगभग 29 हजार बसों के संचालन पर संकट गहरा गया है। मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा की योजना के विरोध में प्रदेश भर के बस ऑपरेटर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने वाले हैं। उज्जैन में ही करीब 5 हजार बसें बंद रहने की संभावना है। यह हड़ताल विशेष रूप से होली की छुट्टियों के समय हो रही है, जब बड़ी संख्या में लोग अपने घर जाने के लिए बस सेवा पर निर्भर होते हैं, जिससे यात्रियों की परेशानियां बढ़ सकती हैं।

    बस संचालकों ने अपनी मांगों के समर्थन में बसों पर हड़ताल के पोस्टर लगाए हैं। मप्र बस ऑनर्स एसोसिएशन ने सरकार को पहले भी कई बार अपनी चिंताएं और विरोध पत्र सौंपे हैं। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा लागू होने पर ऑपरेटरों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा और कई लोग बेरोजगार हो जाएंगे। इसके अलावा, यदि नई नीति लागू होती है तो बस किराया लगभग 35 प्रतिशत तक बढ़ सकता है, जिससे आम यात्रियों को अतिरिक्त वित्तीय बोझ उठाना पड़ेगा।

    प्राइम रूट बस संगठन के अध्यक्ष पंडित गोविंद शर्मा ने स्पष्ट किया कि सरकार ने 24 दिसंबर को मोटर अधिनियम के तहत नई कंपनी बनाकर बस संचालन की घोषणा की है। नई नीति के अनुसार, जो भी कंपनी टेंडर में अधिक राशि देगी, वही बस सेवा का संचालन करेगी। यह कदम ऑपरेटरों के लिए अनुचित और अस्तित्व संकट का कारण बन सकता है। अगर सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती है तो 2 मार्च से प्रदेश भर में बसों के पहिए थम जाएंगे।

    हालांकि, सरकार का दावा है कि अप्रैल में नई कंपनी के तहत बसों का संचालन शुरू होगा। इसके लिए बसों को अनुबंधित (लीज पर लेने) किया जाएगा और संचालन चरणबद्ध तरीके से होगा। इंदौर संभाग में बस संचालन एआइसीटीएसएल के हाथ में रहेगा, जबकि अन्य संभागों में अलग-अलग सहायक कंपनियां जिम्मेदारी संभालेंगी। सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था से यात्रियों को सुरक्षित, अनुशासित और नियमित बस सेवा मिलेगी, और ऑपरेटरों की आय भी मौजूदा व्यवस्था से बेहतर होगी।

    बस ऑपरेटरों और सरकार के बीच यह टकराव यात्रियों के लिए चिंता का विषय बन गया है। विशेषज्ञ और यात्री संगठन हड़ताल से पहले वैकल्पिक परिवहन के लिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। निजी वाहन या ट्रेन के जरिए यात्रा की संभावना बढ़ सकती है। विशेषकर होली के समय यह हड़ताल लाखों यात्रियों के लिए मुश्किलें पैदा कर सकती है।

    इस पूरे मामले से यह स्पष्ट हो गया है कि प्रदेश में परिवहन नीति लागू करने से पहले सरकार और ऑपरेटरों के बीच संवाद और समाधान जरूरी है। दोनों पक्षों को साझा समाधान निकालना होगा ताकि यात्रियों की परेशानियां कम से कम हों। हड़ताल से आम जनता पर भारी असर पड़ सकता है, इसलिए प्रशासन को भी यातायात व्यवस्था के वैकल्पिक इंतजाम करने की आवश्यकता है।

    यदि बस ऑपरेटरों की मांगें नहीं मानी गईं तो 2 मार्च से प्रदेशभर में बस संचालन ठप रह सकता है, जिससे होली के समय यात्रा करने वालों को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। यात्रियों को अपने यात्रा प्लान में बदलाव करने और वैकल्पिक साधनों के लिए तैयार रहने की सलाह दी जा रही है।

  • मध्य प्रदेश ने लगातार दूसरे वर्ष एसएटीटीई 2026 में जीता ‘बेस्ट स्टेट टूरिज्म’ अवॉर्ड

    मध्य प्रदेश ने लगातार दूसरे वर्ष एसएटीटीई 2026 में जीता ‘बेस्ट स्टेट टूरिज्म’ अवॉर्ड


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश को दक्षिण एशिया के प्रमुख ट्रैवल एवं टूरिज्म प्रदर्शनी एसएटीटीई 2026 में प्रतिष्ठित “बेस्ट स्टेट टूरिज्म” अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। लगातार दूसरे वर्ष यह सम्मान प्राप्त कर राज्य ने भारत के प्रमुख और पसंदीदा पर्यटन स्थलों में अपनी मजबूत पहचान को और सुदृढ़ किया है।

    नई दिल्ली में गुरुवार को आयोजित एसएटीटीई अवॉर्ड्स समारोह के दौरान यह पुरस्कार प्रदान किया गया, जिसे मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के अपर प्रबंध संचालक डॉ. अभय अरविंद बेडेकर ने प्राप्त किया। विजेताओं का चयन प्रतिष्ठित विशेषज्ञों और उद्योग जगत के वरिष्ठ नेताओं की जूरी द्वारा किया गया।

    पर्यटन सचिव एवं मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी. ने बताया कि एसएटीटीई 2026 में लगातार दूसरे वर्ष ‘बेस्ट स्टेट टूरिज्म’ अवॉर्ड मिलना मध्य प्रदेश के पर्यटन इको सिस्टम को मजबूत करने के हमारे निरंतर प्रयासों का प्रमाण है। राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण के साथ सतत, जिम्मेदार और अनुभव-आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये सरकार निरंतर प्रयासरत है। बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी, पर्यटक सुविधाओं और नवाचारपूर्ण पहलों में लगातार सुधार ने मध्य प्रदेश को विरासत, वन्यजीव, आध्यात्मिक और इको-टूरिज्म के क्षेत्र में अग्रणी गंतव्य बना दिया है।

    प्रबंध संचालक डॉ. इलैया ने कहा कि मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड राज्य की विविधता को व्यापक रूप से प्रस्तुत कर रहा है। यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों जैसे खजुराहो समूह स्मारक, सांची स्तूप और भीमबेटका रॉक शेल्टर्स से लेकर प्रसिद्ध टाइगर रिजर्व, पवित्र आध्यात्मिक केंद्र जैसे उज्जैन और ओंकारेश्वर, जीवंत जनजातीय एवं लोक परंपराएं, ग्रामीण पर्यटन अनुभव, एडवेंचर सर्किट और उभरते हुए अनुभवात्मक गंतव्य तक सतत विकास, सामुदायिक भागीदारी और बेहतर पर्यटक अनुभव पर विशेष ध्यान देते हुए मध्यप्रदेश एक ऐसे गंतव्य के रूप में विकसित हो रहा है, जो देश और दुनिया भर के यात्रियों को गहराई, प्रामाणिकता और वर्षभर आकर्षण प्रदान करता है।

    उन्होंने कहा कि एसएटीटीई 2026 में मिला यह सम्मान इस बात की पुष्टि करता है कि मध्य प्रदेश घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह के पर्यटकों को आकर्षित करने में सफल रहा है और भारत में एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में अपनी स्थिति को निरंतर मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

  • एक लाख करोड़ के बजट से संवरेगा मध्य प्रदेश के किसान का जीवन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    एक लाख करोड़ के बजट से संवरेगा मध्य प्रदेश के किसान का जीवन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार सभी के कल्या

    Chief Minister

    ण के लिए काम कर रही है। किसान कल्याण के लिए इस साल बजट में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि प्रस्तावित है। किसान कल्याण वर्ष में कृषि आधारित व्यापार गतिविधियां बढ़ाने के लिए प्रयास जारी हैं, जिससे किसानों के जीवन में समृद्धि आएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को सागर जिले के गढ़ाकोटा के ऐतिहासिक रहस मेले के शुभारंभ एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के हितग्राहियों के राशि अंतरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सागर जिले के रहली क्षेत्र में कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन देते हुए फूड पार्क स्थापित किया जाएगा। इससे क्षेत्र के स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुंदेलखंड की धरती आल्हा-ऊदल जैसे वीरों की धरती है। सागर जिले का रहस मेला ऐतिहासिक है। उन्होंने रहस मेले के 217 साल पुराने गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए और उनके शौर्य को प्रणाम करते हुए कहा -“बड़े लडैया महोबा वाले, जिन की मार सही ना जाये। एक को मारे दोई मर जावे, तीजा खौफ खाये मर जाये।।”- ऐसी वीरता और पराक्रम का लोहा मनवाने वाले मातृभूमि पर सर्वस्व न्योछावर करने वाले महान योद्धाओं की भूमि को कोटिशः नमन।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में परमात्मा ने ऋतुओं और मौसम के साथ मेलों का अद्भुत संबंध बनाया है। जब धान और सोयाबीन कटे तो दीवाली और गेहूं की फसल आने पर होली मनाई जाती है। बुंदेलखंड की धरती पर आकर मन आनंदित हो जाता है। उन्होंने कहा कि किसान कल्याण वर्ष में राज्य सरकार पशुपालन और दूध उत्पादन बढ़ाने को प्राथमिकता दे रही है। बजट 2026-27 में नई यशोदा योजना की शुरुआत की गई है। अब हमारे स्कूलों में 8वीं तक के विद्यार्थियों को ट्रेटा पैक दूध नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। प्रदेश की बहनों के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपये की राशि मिल रही है।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लघु एवं कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए संकल्पित है। रहली में सूक्ष्म औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए कमेटी गठित की जाए। यहां पारम्परिक बीड़ी उद्योग के साथ हस्त शिल्प कलाओं को भी आगे बढ़ाया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की माह जनवरी पेड इन फरवरी 2026 की राशि हितग्राहियों के खातों में सिंगल क्लिक से अंतरित की। इस पेंशन योजनाओं में प्रति हितग्राही प्रतिमाह 600 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री ने 32.78 लाख से अधिक हितग्राहियों के खाते में 196.72 करोड़ की राशि ट्रांसफर की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रहली विधासभा क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूती देते हुए खेजरा-शाहपुर-मोकलपुर फ्लाईओवर के निर्माण की स्वीकृति दी। उन्होंने रहली एवं गढ़ाकोटा कृषि उपज मंडी के उन्नयन के लिए 5-5 करोड़ रुपये एवं शाहपुर उपमंडी के विकास हेतु एक करोड़ रुपये की स्वीकृति दी जिससे स्थानीय किसानों को अपनी उपज का सही दाम और आधुनिक सुविधाएं मिल सकें, इसके साथ ही उन्होंने रहली रमखरिया, सिमरिया नायक बहेरिया मढ़ि (लगभग 22 किलोमीटर) मार्ग के उन्नयन और चौड़ीकरण की भी घोषणा की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड में बीड़ी उद्योग और तेंदूपत्ता संग्रहण केवल व्यापार नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की जीविका रहा है। यहां बीड़ी, तेंदूपत्ते और हस्तकला आधारित लघु इकाइयों को मिलेगा प्रोत्साहन दिया जाएगा। बीड़ी बनाने वाले एवं तेंदूपत्ता का संग्रहण करने वाले व्यक्तियों के उन्नयन के लिए सांसद, विधायक एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि एक कमेटी बनाकर लिये गये निर्णय अनुसार कार्यवाही की जाएगी। इसके साथ ही क्षेत्र के खिलाड़ियों के लिए स्पोर्ट्स एवं स्टेडियम कॉम्प्लेक्स का निर्माण होगा। इसी प्रकार ढाना में शासकीय महाविद्यालय में वाणिज्य संकाय और इतिहास के नए विषय खोलने को भी मंजूरी दी।

    उन्होंने कहा कि बुजुर्गों की सेवा के लिए सरकार के खजाने में कोई कमी नहीं है। रहली क्षेत्र के विद्यार्थियों को भव्य सांदीपनि विद्यालय की सौगात मिली है। अब बच्चों को गणवेश, किताबें, साइकिलें नि:शुल्क वितरित की जा रही हैं। स्कूल टॉपर को स्कूटी दी जाती है। प्रदेश के सांदीपनि विद्यालय प्राइवेट स्कूलों को पीछे छोड़ रहे हैं।

    प्रमुख घोषणाएं

    – गढ़ाकोटा और रहली में मल्टी स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स बनेगा।
    – महाविद्यालय में वाणिज्य और इतिहास के नए संकाय की कक्षाएं शुरू होंगी।
    – क्षेत्र में नया फ्लाई-ओवर और सड़कों का उन्नयन किया जाएगा।
    – गढ़ाकोटा और रहली कृषि उपज मंडी में विकास कार्यों के लिए 5-5 करोड़ की राशि मिलेगी।
    – शाहपुरा कृषि उपज मंडी के विकास कार्यों के लिए भी एक करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
    – सोनार नदी के माध्यम से सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए प्रयास किए जाएंगे।

    कार्यक्रम में पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि रहस मेले की शुरुआत 217 साल पहले बुंदेलखंड के तत्कालीन शासक मर्दन सिंह जूदेव के राज्यारोहण के उपलक्ष में हुई थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व. सुंदरलाल पटवा भी वर्ष 1990 में यहां पधारे थे। मेला परंपरागत रूप से हर वर्ष भव्यता के साथ आयोजित हो रहा है। रहली-गढ़ाकोटा क्षेत्र पहले काफी पिछड़ा था, लेकिन 2003 में राज्य और उसके बाद वर्ष 2014 में केंद्र में हमारी सरकार बनने के बाद यहां विकास की गति तेज हुई। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विशेष आशीर्वाद से रहली क्षेत्र की जरूरी आवश्यकताएं पूर्ण हुई हैं। क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं को विस्तार देने की जरूरत है। भार्गव ने लव-कुश धाम निर्माण और राज्य के भीतर नदी जोड़ो प्रकल्प के तहत बुंदेलखंड में मां नर्मदा को सोनार नदी से जोड़ने का सुझाव दिया।

  • सहारा समूह पर बड़ा निवेशक घोटाला: मध्य प्रदेश में लगभग 6,689 करोड़ रुपए की राशि के गबन के 9 लाख से अधिक शिकायत आवेदन मिले

    सहारा समूह पर बड़ा निवेशक घोटाला: मध्य प्रदेश में लगभग 6,689 करोड़ रुपए की राशि के गबन के 9 लाख से अधिक शिकायत आवेदन मिले

    भोपाल । मध्य प्रदेश सहारा समूह से जुड़े निवेशकों की रकम के गबन का बड़ा मामला सामने आया है। राज्य सरकार को कुल लगभग 9 लाख से अधिक शिकायती आवेदन प्राप्त हुए हैं जिनमेंकुल 6 689 करोड़ रुपए की राशि के निवेशकों के साथ गबन होने का दावा किया गया है। यह जानकारी आज विधानसभा में राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने गृह विभाग की ओर से दी।

    मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने सहारा समूह को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि प्रदेश में सहारा के निवेशकों की राशि के संबंध में कुल कितनी शिकायतें मिली हैं और कितना पैसा निवेशकों को वापस मिला है। इसके उत्तर में राज्य मंत्री पटेल ने बताया कि सरकार को 9 06 661 शिकायत आवेदन मिले हैं और इनमें कुल राशि करीब 6 689 करोड़ रुपये के निवेशकों की है।

    सरकार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सहारा रिफंड पोर्टल बनाया गया है जिसके माध्यम से निवेशकों को उनकी राशि वापस करने की प्रक्रिया चल रही है। इस पोर्टल के तहत अब तक लगभग 355 करोड़ रुपये निवेशकों को वापस किये जा चुके हैं लेकिन कुल राशि की तुलना में यह राशि केवल एक छोटा हिस्सा है।

    इस घोटाले को लेकर सदन में स्पष्ट किया गया कि सहारा समूह की कई संपत्तियाँ न्यायालय के आदेश के अनुरूप अटैच की गई हैं और सुप्रीम कोर्ट के तहत निवेशकों की राशि वापस करने का काम जारी है। हालांकि शिवपुरी में दर्ज एफआईआर की संख्या के बारे में सरकार ने कहा कि 1 जनवरी 2024 के बाद समूह के खिलाफ लगभग 4 एफआईआर दर्ज की गई हैं और अन्य मामलों को मुरैना कोतवाली में मर्ज किया जा रहा है।

    विपक्ष ने सरकार से यह भी पूछा कि क्या राज्य सरकार के पास निवेशकों की राशि की वसूली या संपत्तियों के नीलामी के कोई ठोस कार्यक्रम हैं ताकि निवेशकों को उनका धन लौटाया जा सके। मंत्री ने जवाब दिया कि यह मामला न्यायिक प्रकृति का है और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जा रही है। यह विषय राज्य पुलिस की सीमा से बाहर है और उच्च न्यायालय तथा सर्वोच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में ही निवेशकों की राशि वापस की जाएगी।

    विशेषज्ञों और निवेशकों की मांग है कि सहारा मामले में पारदर्शिता और तेजी लाने की जरूरत है ताकि लंबे समय से अपना पैसा वापस पाने के लिए प्रतीक्षा कर रहे लाखों निवेशकों को न्याय मिल सके। निवेशकों की शिकायतें कई वर्षों से लंबित हैं और न्यायपालिका के आदेशों के बावजूद वापस प्राप्त राशि बहुत कम है। इस घोटाले की व्यापक प्रकृति के कारण देश भर में सहारा समूह के खिलाफ मामले दर्ज हैं और जांच एजेंसियाँ सक्रिय हैं।

  • नरसिंहपुर में बड़ी कार्रवाई: अंतर्राज्यीय तस्कर से 152 किलो गांजा जब्त, ग्वालियर निवासी चालक गिरफ्तार

    नरसिंहपुर में बड़ी कार्रवाई: अंतर्राज्यीय तस्कर से 152 किलो गांजा जब्त, ग्वालियर निवासी चालक गिरफ्तार


    नरसिंहपुर । नरसिंहपुर जिले में पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 152 किलो गांजा जब्त किया है। अंतर्राज्यीय स्तर पर गांजा की खेप ले जा रहे एक तस्कर को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने पिकअप वाहन को भी जब्त कर लिया है।

    पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव से उत्तर प्रदेश के झांसी की ओर एक पिकअप वाहन में भारी मात्रा में गांजा ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने जिले में सघन चेकिंग अभियान शुरू किया और संदिग्ध वाहन की तलाश की गई।

    रणनीति के तहत पुलिस टीम ने संभावित मार्गों पर घेराबंदी की। इसी दौरान एक संदिग्ध पिकअप वाहन को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान वाहन से 152 किलो गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से चालक रोहित सिंह, निवासी ग्वालियर को गिरफ्तार कर लिया।

    प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि गांजा की यह खेप अंतर्राज्यीय स्तर पर सप्लाई की जानी थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस तस्करी नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा गांजा कहां से लाया गया और किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।

    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जब्त किए गए गांजा की बाजार कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    एसपी डॉ. ऋषिकेश मीना ने कहा कि अंतर्राज्यीय तस्करी के मामलों में पुलिस विशेष सतर्कता बरत रही है। सीमावर्ती जिलों और प्रमुख मार्गों पर नियमित चेकिंग की जा रही है जिससे मादक पदार्थों की अवैध आवाजाही पर रोक लगाई जा सके।

    इस कार्रवाई को जिले में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का खुलासा करने का प्रयास कर रही है ताकि तस्करी की जड़ तक पहुंचा जा सके।