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  • झोपड़ी में स्कूल, फाइलों में कवर्ड गांव: बुरहानपुर के बोमल्यापाट में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल

    झोपड़ी में स्कूल, फाइलों में कवर्ड गांव: बुरहानपुर के बोमल्यापाट में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल


    बुरहानपुर । बुरहानपुर जिले के आदिवासी अंचल में स्थित मांडवा ग्राम पंचायत का बोमल्यापाट फाल्या आज भी बुनियादी शिक्षा सुविधाओं के लिए तरस रहा है। आजादी के 78 साल बाद भी यहां के करीब 60 बच्चे एक मजदूर की झोपड़ी में बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। सरकारी फाइलों में गांव को कवर्ड दिखाया गया है लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि न पक्का स्कूल भवन है न नियमित शिक्षक और न ही आने-जाने के लिए सड़क।

    ग्रामीणों के अनुसार बच्चे कपड़े बिछाकर झोपड़ी में बैठते हैं। बरसात में कीचड़ और गर्मी में तपती जमीन ही उनका क्लासरूम बनती है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यहां कक्षा 9वीं की छात्रा सीमा बडोले खुद छोटे बच्चों को पढ़ा रही हैं। उन्हें वन विभाग के एक नाकेदार कैलाश द्वारा 3000 रुपये प्रतिमाह देने का वादा किया गया है ताकि किसी तरह पढ़ाई जारी रह सके। सवाल उठता है कि क्या आदिवासी बस्ती की शिक्षा अब दान और व्यक्तिगत सहयोग पर चलेगी?

    ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र की जनप्रतिनिधि भी आदिवासी समाज से आती हैं इसके बावजूद बच्चों को बुनियादी स्कूल तक नसीब नहीं है। चुनाव के समय वादे होते हैं लेकिन उसके बाद हालात जस के तस बने रहते हैं। छात्र राजेश और राहुल सहित अन्य बच्चों का कहना है कि वे पढ़ना चाहते हैं लेकिन संसाधनों की कमी उनके सपनों के आड़े आ रही है। ग्राम के युवा मास्टर रावत ने शासन से तत्काल स्कूल भवन नियमित शिक्षक और सड़क की मांग की है।

    सरकारी योजनाओं के दावों के बीच बोमल्यापाट की स्थिति कई सवाल खड़े करती है। जब इस संबंध में नेपानगर के एसडीएम भागीरथ वाखला से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि यदि गांव धरती आभा योजना में छूट गया है तो प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा और शिक्षा विभाग से सर्वे कराया जाएगा। वहीं आदिवासी विभाग के उपसंचालक भारत जांचपुरे ने भरोसा दिलाया कि प्रस्ताव तैयार कर डीपीसी के माध्यम से भोपाल भेजा जाएगा और बच्चों का भविष्य बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा।

    हालांकि ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर कब तक सिर्फ सर्वे और प्रस्ताव की प्रक्रिया चलती रहेगी? 78 वर्षों बाद भी यदि एक गांव में स्कूल भवन और शिक्षक की व्यवस्था नहीं हो पाती तो यह व्यवस्था की गंभीर विफलता को दर्शाता है। बोमल्यापाट के बच्चे आज भी झोपड़ी में बैठकर भविष्य संवारने का सपना देख रहे हैं। अब देखना है कि शासन-प्रशासन इन बच्चों के लिए ठोस कदम उठाता है या यह बस्ती यूं ही कागजों में कवर्ड और जमीन पर उपेक्षित बनी रहेगी।

  • इंदौर में भाजयुमो और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प, पुलिस ने किया बैरिकेडिंग और वॉटर कैनन का इस्तेमाल

    इंदौर में भाजयुमो और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प, पुलिस ने किया बैरिकेडिंग और वॉटर कैनन का इस्तेमाल


    नई दिल्ली।  दिल्ली के ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ में यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन की आग अब मध्य प्रदेश तक पहुंच गई है। शनिवार को भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने प्रदेश भर में कांग्रेस कार्यालयों का घेराव किया, जिससे इंदौर में यह विरोध प्रदर्शन हिंसक झड़प में बदल गया।

    इंदौर में पथराव और पुलिस कार्रवाई
    इंदौर में जब भाजयुमो कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय (गांधी भवन) का घेराव करने पहुंचे, तो वहां पहले से मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं से उनकी भिड़ंत हो गई। दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर पत्थर, पानी की बोतलें, तेल की थैलियां, और संतरे-टमाटर फेंके। इस दौरान सुरक्षा में तैनात सब इंस्पेक्टर आरएस बघेल के सीने पर एक बड़ा पत्थर लगने से वह घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    स्थिति बेकाबू होने के बाद पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और बैरिकेड्स पार करने की कोशिश करने वाले कार्यकर्ताओं पर ठंडे पानी की बौछारें छोड़ीं, जिसके बाद भीड़ तितर-बितर हुई।

    भोपाल और ग्वालियर में विरोध प्रदर्शन
    भोपाल में भी सैकड़ों भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय की ओर बढ़ने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक लिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

    ग्वालियर में भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने विशाल रैली निकाली और राहुल गांधी का पुतला फूंका। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि कांग्रेस अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचा रही है।

    विरोध प्रदर्शन की जड़
    इस विरोध प्रदर्शन की शुरुआत दिल्ली के भारत मंडपम में हुए यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन से हुई। इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी के खिलाफ नारेबाजी की थी। भाजपा ने इसे राष्ट्रविरोधी बताते हुए कड़ी आलोचना की, जबकि कांग्रेस इसे बेरोजगारी और डेटा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अपनी आवाज उठाने का तरीका बता रही है।

    उज्जैन में भाजपा और कांग्रेस का आमना-सामना
    उज्जैन में भी भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए राहुल गांधी का पुतला फूंका और कांग्रेस कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात था और कांग्रेस नेता अमरीश मिश्रा ने आरोप लगाया कि भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने उनके कार्यकर्ताओं पर हमले की कोशिश की थी।

    जबलपुर में भी विरोध
    जबलपुर में यूथ कांग्रेस के समर्थन में प्रदर्शन हुआ, जहां कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स तोड़कर कांग्रेस कार्यालय के पास जाने की कोशिश की। इसके बाद वहां भी पुलिस को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा और 10 थानों की पुलिस को तैनात किया गया।

    दिल्ली में ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट’ के दौरान यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन के बाद, मध्य प्रदेश में भाजयुमो और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हिंसा और विरोध प्रदर्शन की घटनाओं ने सियासी माहौल को गर्म कर दिया है। पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए विभिन्न शहरों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बनाई है, लेकिन दोनों दलों के बीच बढ़ते तनाव और नोकझोंक ने इस विवाद को और जटिल बना दिया है।

  • अगले 4 दिन मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश का अलर्ट, दक्षिण-पूर्वी हिस्सा रहेगा ज्‍यादा प्रभावित

    अगले 4 दिन मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश का अलर्ट, दक्षिण-पूर्वी हिस्सा रहेगा ज्‍यादा प्रभावित



    भोपाल। मध्य प्रदेश में अगले चार दिनों तक आंधी और बारिश का मौसम जारी रहने वाला है। शुक्रवार को साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की सक्रियता के चलते प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में बारिश हुई। शनिवार को बादलों की छाया बनी हुई है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि 23 और 24 फरवरी को एक नया सिस्टम प्रभावी होगा, जो खासकर प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में ज्यादा असर दिखाएगा।

    पिछले तीन दिन से प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश का दौर जारी है। कुछ इलाकों में ओले भी गिरे। बीते 24 घंटों में भोपाल, रतलाम, मंदसौर, शाजापुर, धार, इंदौर, रायसेन, उज्जैन, सागर, छतरपुर सहित 20 से अधिक जिलों में वर्षा दर्ज की गई।पिछले तीन दिन से प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश का दौर जारी है। कुछ इलाकों में ओले भी गिरे। बीते 24 घंटों में भोपाल, रतलाम, मंदसौर, शाजापुर, धार, इंदौर, रायसेन, उज्जैन, सागर, छतरपुर सहित 20 से अधिक जिलों में वर्षा दर्ज की गई।

    तेज हवाओं और आंधी के चलते रतलाम, शाजापुर और उज्जैन में फसलों को नुकसान पहुंचा है। गेहूं की फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिससे दानों पर असर और किसानों की परेशानियाँ बढ़ सकती हैं। अनुमान है कि अगले तीन दिनों में 25 जिलों में फसल नुकसान हो सकता है। इसको देखते हुए सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे शुरू कर दिया है। राजस्व अमला मैदान में जाकर फसल नुकसान का आंकलन कर रहा है।

    अगले दो दिनों का मौसम का अंदाजा
    22 फरवरी: बारिश की संभावना नहीं, हालांकि बादल छाए रह सकते हैं।
    23 फरवरी: दक्षिणी जिलों में नया सिस्टम सक्रिय होने से बारिश होने की संभावना।

    बारिश की संभावना वाले जिले
    मौसम विभाग के अनुसार छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज जिलों में बारिश होने का अनुमान है। इनके आस-पास के क्षेत्रों में भी मौसम बदलने और बारिश की संभावना बनी रहेगी।

    जबलपुर में भी मौसम ने करवट ली है। शुक्रवार देर रात हल्के बादल छाए और वातावरण में नमी महसूस की गई। शनिवार सुबह करीब 6 बजे से शहर के कई इलाकों में बूंदाबांदी हुई, जिससे वातावरण सुहावना हो गया और ठंड का असर बढ़ गया। सुबह का न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

  • 52वाँ खजुराहो अंतर्राष्ट्रीय नृत्य समारोह: शास्त्रीय कला का भव्य संगम

    52वाँ खजुराहो अंतर्राष्ट्रीय नृत्य समारोह: शास्त्रीय कला का भव्य संगम



    खजुराहो। मध्यप्रदेश विश्व धरोहर स्थल खजुराहो में शुक्रवार से 52वाँ खजुराहो अंतर्राष्ट्रीय नृत्य समारोह प्रारंभ हो गया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि यह समारोह हमारी राष्ट्रीय धरोहर और शास्त्रीय संस्कृति का अनमोल संगम है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि खजुराहो “पत्थरों में प्राण” की भूमि है, जहां कंदरिया महादेव, चतुर्भुज, वामन, चित्रगुप्त और पार्वती मंदिर जैसे ऐतिहासिक देवालय मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि 52वाँ नृत्य समारोह इस वर्ष भगवान नटराज को समर्पित है और इसका आयोजन भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा को भगवान शिव के नटराज स्वरूप से जोड़ने का अद्वितीय प्रयास है।

    समारोह की प्रमुख विशेषताएँ
    मुख्य अतिथि: मुख्यमंत्री मोहन यादव

    विशिष्ट उपस्थितगण: संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास राज्य मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी, सांसद खजुराहो वी.डी. शर्मा, अपर मुख्य सचिव संस्कृति विभाग श्री शिवशेखर शुक्ला, संचालक संस्कृति श्री एन.पी. नामदेव और कलेक्टर छतरपुर श्री पार्थ जायसवाल।

    पुस्तक विमोचन: नटराज – भगवान शिव के नृत्य मुद्रा, खजुराहो एवं नृत्य समारोह कॉफी टेबल बुक, बुंदेली – इतिहास, संस्कृति और गौरव, बुन्देलखण्ड – मध्यप्रदेश की अमूल्य विरासत।

    आयोजन में सहयोग: संस्कृति विभाग, उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (दक्षिण मध्य क्षेत्र), मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन छतरपुर।

    पहली दिन की भव्य प्रस्तुतियाँ
    कथक नृत्य – सुश्री मैत्रेयी पहाड़ी, दिल्ली

    नृत्यनाटिका: प्रतिष्ठा: शाश्वत तत्वों का आह्वान

    पंचतत्वों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश) के प्रति श्रद्धांजलि।

    भरतनाट्यम नृत्य – सुश्री अनुराधा वेंकटरमन, चेन्नई

    मंगलाचरण में शिव के विभिन्न रूपों का दृश्य।

    राग हंसध्वनि एवं आदि ताल में संगीतबद्ध प्रस्तुति।

    ओडिसी नृत्य – सुश्री शुभदा वरडाकर, भुवनेश्वर

    प्रस्तुति: अभेदम्

    अद्वैत वेदान्त की गहन परंपरा के माध्यम से आत्मा और परमात्मा की एकता का संदेश।

    अगले दिन की झलक
    21 फरवरी, 2026, शाम 6:30 बजे

    श्री विश्वदीप (दिल्ली) – कथक

    श्री प्रभात मेहतो (झारखंड) – छाऊ

    सुश्री अक्मारल काइना रोवा (कजाकिस्तान) – भरतनाट्यम

    मुख्यमंत्री का संदेश
    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि खजुराहो नृत्य समारोह केवल प्रदर्शन नहीं, बल्कि भारत की शास्त्रीय कला, संस्कृति और आध्यात्मिकता का अंतर्राष्ट्रीय मंच है। उन्होंने कलाकारों का स्वागत करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश कला साधकों के लिए एक प्रेरणास्थल है, जहाँ वे बार-बार लौटना चाहेंगे।

  • MP में लंबे समय से रह रहे लोगों की लीज का नवीनीकरण संभव, नियमों में होगा संशोधन

    MP में लंबे समय से रह रहे लोगों की लीज का नवीनीकरण संभव, नियमों में होगा संशोधन


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश सरकार ने घोषणा की है कि वर्षों से किसी भूमि पर रह रहे या व्यापार कर रहे लोगों के लिए भूमि लीज के नवीनीकरण की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए नियमों में संशोधन किया जाएगा। भोपाल में विधानसभा में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि समय-समय पर व्यापारिक और आवासीय परियोजनाओं के लिए दी गई लीज में परिवार बढ़ने और भूमि विभाजन के कारण नवीनीकरण में समस्या आती है।

    मंत्री ने कहा कि लंबे समय से लोग किसी भूमि पर रह रहे हैं या कारोबार कर रहे हैं, ऐसे में भूमि हटाना व्यावहारिक नहीं है। इसलिए नियम में संशोधन करके ऐसा रास्ता निकाला जाएगा कि संबंधित निकाय की आय बढ़े और लीज का नवीनीकरण भी संभव हो। यह घोषणा उन्होंने विधानसभा में कांग्रेस के डॉ. हिरालाल अलावा और भाजपा के अभिलाष पांडेय के प्रश्नों के जवाब में की।

    डॉ. हिरालाल अलावा ने मनावर नगर पालिका परिषद की भूमि के अवैध हस्तांतरण का मामला उठाया। जांच में तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष, सीएमओ और अन्य कर्मचारी दोषी पाए गए थे, लेकिन चार वर्ष में भी अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई।
    इस बदलाव से न केवल भूमि संबंधी विवादों का समाधान होगा, बल्कि लीज नवीनीकरण की प्रक्रिया भी सरल और पारदर्शी बनेगी।

  • उज्जैन में युवक की पिटाई का VIDEO: महाकाल दर्शन को आया था, नाम सामने आते ही बजरंग दल ने घेरा

    उज्जैन में युवक की पिटाई का VIDEO: महाकाल दर्शन को आया था, नाम सामने आते ही बजरंग दल ने घेरा


    उज्जैन। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने धोती-कुर्ता माथे पर त्रिपुंड और गले में रुद्राक्ष की माला पहने एक युवक की पिटाई कर दी। युवक एक युवती के साथ मोहाली से उज्जैन आया था। घटना नानाखेड़ा क्षेत्र में सोमवार रात की बताई जा रही है जिसका वीडियो मंगलवार को सामने आया।

    वीडियो में युवक अपना नाम जफर खान बताते हुए खुद को भगवान शिव का भक्त बता रहा है। जानकारी के मुताबिक कार्यकर्ताओं को सूचना मिली थी कि अलग-अलग राज्यों से आए युवक-युवती एक होटल में ठहरे हैं। करीब एक घंटे इंतजार के बाद होटल के बाहर युवक को पकड़कर पूछताछ की गई।

    बताया जा रहा है कि युवक ने पहले हिंदू नाम बताया लेकिन बाद में अपना नाम जफर खान स्वीकार किया। उसने कहा कि वह शिव भक्त है और युवती उसे उज्जैन दर्शन कराने लाई थी। दोनों ने श्री महाकालेश्वर मंदिर हरसिद्धि मंदिर और काल भैरव मंदिर में दर्शन किए थे।

    नाम सामने आते ही मारपीट

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक को घेरकर पहले पूछताछ की गई और असली नाम सामने आने के बाद मारपीट शुरू कर दी गई। वीडियो में युवक के सिर से खून बहता भी दिखाई दे रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को अपने साथ ले गई।

    होटल में ठहरने को लेकर विवाद

    बजरंग दल के जिला संयोजक ऋषभ कुशवाह ने दावा किया कि युवक-युवती को कई होटलों में कमरा नहीं मिला था। बाद में वे नानाखेड़ा के एक होटल में रुके। आरोप है कि युवक ने होटल में हिंदू नाम दर्ज कराया था। पूछताछ के बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।

    पुलिस जांच में जुटी

    नानाखेड़ा थाना प्रभारी नरेंद्र यादव के मुताबिक युवक और युवती मोहाली के रहने वाले हैं। युवती की उम्र 32 वर्ष बताई गई है और दोनों अलग-अलग समुदाय से हैं। युवती को युवक के दूसरे धर्म से होने की जानकारी थी और दोनों पहले से एक-दूसरे को जानते थे। पुलिस आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    मंदिरों में प्रवेश को लेकर नई मांग

    इस घटना के बाद कुछ संगठनों ने श्री महाकालेश्वर मंदिर सहित शहर के प्रमुख मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई है।

  • मुरैना में मक्का से भरा ट्रक पलटा: गाय को बचाने की कोशिश में हादसा, चालक और क्लीनर घायल

    मुरैना में मक्का से भरा ट्रक पलटा: गाय को बचाने की कोशिश में हादसा, चालक और क्लीनर घायल


    मुरैना । मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में मंगलवार तड़के एक बड़ा सड़क हादसा होते होते टल गया, जब मक्का से भरा ट्रक अचानक सड़क पर आई गाय को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ट्रक चालक और क्लीनर घायल हो गए, जिन्हें तत्काल जिला अस्पताल मुरैना में भर्ती कराया गया।

    जानकारी के अनुसार ट्रक ग्वालियर से आगरा की ओर जा रहा था। आगरा मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग पर छोदा टोल प्लाजा के पास अचानक एक गाय सड़क पर आ गई। चालक ने उसे बचाने के लिए अचानक ब्रेक और मोड़ लेने की कोशिश की, लेकिन तेज रफ्तार और भारी लोड होने के कारण ट्रक का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क किनारे पलट गया।

    हादसे के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। सिविल लाइंस थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस के अनुसार दोनों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।

    ट्रक पलटने से सड़क पर मक्का बिखर गया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस ने क्रेन की मदद से ट्रक को हटवाया और मार्ग को सुचारु कराया। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि हादसा सड़क पर अचानक पशु के आ जाने से हुआ। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

  • एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की हकीकत: शाजापुर में 7 माह में सूख गए 151 पौधे, लाखों खर्च फिर भी नतीजा शून्य

    एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की हकीकत: शाजापुर में 7 माह में सूख गए 151 पौधे, लाखों खर्च फिर भी नतीजा शून्य


    शाजापुर । विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा शुरू किए गए एक पेड़ मां के नाम अभियान का उद्देश्य लोगों को अपनी मां के सम्मान में एक पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना था। यह पहल धरती माता की रक्षा और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई थी लेकिन मध्यप्रदेश के शाजापुर में इस अभियान की जमीनी तस्वीर निराशाजनक नजर आई।

    जुलाई 2025 में प्रदेशभर में इस अभियान की शुरुआत बड़े स्तर पर की गई। शाजापुर के भैरव डूंगरी में जिला प्रशासन जनप्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों की मौजूदगी में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित हुआ। लगभग एक लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन हकीकत में सिर्फ 151 पौधे ही लगाए जा सके। इनमें क्षेत्रीय सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी विधायक अरुण भीमावद भाजपा पदाधिकारी सामाजिक संस्थाएं और स्थानीय नागरिक शामिल हुए थे।

    कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां की गईं। स्थानीय लोगों के मुताबिक आयोजन पर लाखों रुपये खर्च किए गए। मंच बैनर प्रचार और व्यवस्थाओं में कोई कमी नहीं छोड़ी गई लेकिन पौधारोपण के बाद रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया गया।

    सात महीने बाद जब मीडिया ने मौके का निरीक्षण किया तो वहां एक भी पौधा जीवित नहीं मिला। जिन पौधों को बड़े उत्साह के साथ रोपा गया था वे अब सूखी लकड़ियों में तब्दील हो चुके हैं। स्थल पर न तो हरियाली दिखी और न ही किसी प्रकार की सुरक्षा या सिंचाई व्यवस्था। आरोप है कि पौधारोपण के बाद न प्रशासनिक अधिकारियों ने दोबारा निरीक्षण किया और न ही जनप्रतिनिधियों ने देखरेख की जिम्मेदारी निभाई।

    नगर पालिका अधिकारी भूपेंद्र कुमार दीक्षित ने पानी की समस्या को पौधों के सूखने का कारण बताया। उन्होंने कहा कि अब उस स्थान को अमृत 2 ट्री योजना के तहत लिया गया है और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के माध्यम से पौधों की देखभाल कराई जाएगी।

    हालांकि सवाल यह उठता है कि जब 151 पौधों की भी देखभाल नहीं हो सकी तो यदि लक्ष्य के अनुरूप एक लाख पौधे लगाए जाते तो उनका क्या हाल होता? यह मामला न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है बल्कि पर्यावरण संरक्षण जैसे गंभीर विषय पर दिखावे की राजनीति पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है।

  • पॉवर गॉसिप: शिवालय में गुप्त पूजा से इंदौर नगर में फेरबदल तक, अफसरशाही के हलकों में हलचल

    पॉवर गॉसिप: शिवालय में गुप्त पूजा से इंदौर नगर में फेरबदल तक, अफसरशाही के हलकों में हलचल


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश  की प्रशासनिक और नगरीय सत्ता के गलियारों में इन दिनों चर्चा का एक नया माहौल बन रहा है। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर जहां पूरे प्रदेश में भोलेनाथ की भक्ति और साधना का दौर जारी है, वहीं सत्ता गलियारों में भी ‘गुप्त पूजा’ और अफसरशाही की हलचल सुर्खियों में है। सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश के एक बड़े अफसर ने शिवालय में गुप्त अनुष्ठान आयोजित किया है, जो महाशिवरात्रि के दिन संपन्न होगा। यह साधना आठ घंटे तक चलेगी और अफसर को उम्मीद है कि पूजा सिद्ध होने के बाद उनका डेढ़ साल से अटका हुआ नर्मदा क्षेत्र का प्रोजेक्ट पूरी तरह से पूरा हो जाएगा। प्रशासनिक हलकों में इसे महाशिवरात्रि के दिन शक्ति और करिश्मा दोनों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

    इसी बीच आर्थिक राजधानी इंदौर में नगर निगम के प्रमुख पदों पर फेरबदल की चर्चा जोरों पर है। कुछ समय पहले गंदे पानी के मुद्दे के चलते नगर निगम के कई पदों में बदलाव हुए थे, लेकिन अब नए संकेत मिलने लगे हैं कि बजट सत्र समाप्त होते ही शीर्ष पदों पर नए चेहरों की ताजपोशी की जाएगी। अफसरशाही के इन फेरबदल के पीछे राजनीतिक और प्रशासनिक समीकरणों का गहरा प्रभाव माना जा रहा है। नगर निगम क्षेत्र में जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारी और कर्मचारी इस बदलाव की संभावित दिशा पर निगाह लगाए हुए हैं।

    प्रदेश के प्रमुख नगर निगम क्षेत्र में तैनात कार्यपालिक मजिस्ट्रेट भी इन दिनों चर्चाओं में हैं। अफसरशाही में प्रोटोकॉल का पालन हर अधिकारी करता है, लेकिन इस मामले में साहब का अंदाज अलग बताया जा रहा है। अपने पद के प्रभाव को दिखाने के लिए उन्होंने निजी वाहन पर भी बड़े अक्षरों में ‘कार्यपालिक मजिस्ट्रेट’ लिखवाया है। इसके अलावा बच्चों के स्कूल, मेमसाहब की किटी पार्टी या अन्य सामाजिक आयोजनों में भी उनके पद और प्रभाव की झलक दिखाई देती है। प्रशासनिक हलकों में इसे अपने अधिकार और प्रतिष्ठा का प्रदर्शन माना जा रहा है।

    वहीं, पदोन्नति के लिए प्रयासरत कलेक्टर भी चर्चा में हैं। आम तौर पर पदोन्नति की चाह रखने वाले अधिकारी नए-नए नवाचार और काम के जरिए अपनी छवि मजबूत करते हैं, लेकिन महाराज के प्रभाव वाले जिले में पदस्थ कलेक्टर अपने काम को सीमित रखते हैं। वे उतना ही काम करते हैं जितना उन्हें स्पष्ट रूप से कहा जाए। माना जा रहा है कि कलेक्टर इस रणनीति के जरिए पदोन्नति के बाद कमिश्नर बनने की राह आसान करना चाहते हैं। प्रशासनिक और राजनीतिक समीकरणों के बीच यह रणनीति अफसरशाही की परंपराओं और महत्वाकांक्षा का एक दिलचस्प उदाहरण है।

    कुल मिलाकर महाशिवरात्रि की आध्यात्मिकता और अफसरशाही की रणनीति एक साथ चल रही है। गुप्त पूजा से लेकर नगर निगम में संभावित फेरबदल और पदोन्नति की चाल तक, प्रशासनिक गलियारों में हलचल और उत्सुकता लगातार बनी हुई है। आने वाले दिनों में यह देखना रोचक होगा कि कौन-सी साधना और कौन-सा रणनीतिक कदम प्रशासनिक समीकरण बदलता है।

  • महाशिवरात्रि पर सीएम डॉ. मोहन यादव का संदेश: भोलेनाथ की कृपा से प्रदेश में सुख-शांति और समृद्धि की कामना

    महाशिवरात्रि पर सीएम डॉ. मोहन यादव का संदेश: भोलेनाथ की कृपा से प्रदेश में सुख-शांति और समृद्धि की कामना


    भोपाल। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। भक्ति और आस्था के इस महापर्व पर मुख्यमंत्री ने भगवान भोलेनाथ से समस्त प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, त्याग और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देने वाला उत्सव है, जो समाज को आध्यात्मिक रूप से जोड़ता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में लिखा कि भगवान भोलेनाथ की भक्ति के महापर्व महाशिवरात्रि की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। देवाधिदेव महादेवजी से प्रार्थना है कि हम सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें। उन्होंने कहा कि शिव की आराधना जीवन में संयम, धैर्य और समर्पण की भावना को मजबूत करती है। यह पर्व हमें बुराइयों से दूर रहकर सदाचार और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

    महाशिवरात्रि के अवसर पर राजधानी भोपाल सहित पूरे प्रदेश में भक्ति का वातावरण छाया हुआ है। शिवालयों में तड़के सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। भक्त जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। कई स्थानों पर रात्रि जागरण और भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया गया है। उपवास रखकर श्रद्धालु पूरे श्रद्धाभाव से भोलेनाथ की आराधना में लीन हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस अवसर पर भोपाल के प्रसिद्ध बड़वाले महादेव मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे। मंदिर परिसर में विशेष सजावट की गई है और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए गए हैं ताकि भक्तगण सुगमता से दर्शन कर सकें। मुख्यमंत्री की उपस्थिति को लेकर मंदिर परिसर में अतिरिक्त उत्साह और ऊर्जा का माहौल है।

    प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी महाशिवरात्रि को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित अनेक शहरों के प्रमुख शिव मंदिरों में आकर्षक सजावट और भव्य अनुष्ठानों का आयोजन हो रहा है। धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ सामाजिक समरसता और एकता का संदेश भी दिया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में यह भी कहा कि भगवान शिव का जीवन हमें विपरीत परिस्थितियों में भी संतुलित और करुणामय बने रहने की प्रेरणा देता है। उनका त्याग, तप और लोककल्याण की भावना समाज के लिए आदर्श है। महाशिवरात्रि का यह पावन पर्व हम सभी के जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता लेकर आए, यही कामना है। महाशिवरात्रि के इस शुभ अवसर पर पूरा मध्य प्रदेश शिवमय हो गया है और हर-हर महादेव के जयघोष से वातावरण गूंज रहा है।