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  • राष्ट्रीय युवा दिवस पर मध्यप्रदेश में सामूहिक सूर्य नमस्कार: सीएम बोले—नशा छोड़ो, योग और अध्ययन को जीवन का हिस्सा बनाओ

    राष्ट्रीय युवा दिवस पर मध्यप्रदेश में सामूहिक सूर्य नमस्कार: सीएम बोले—नशा छोड़ो, योग और अध्ययन को जीवन का हिस्सा बनाओ


    भोपाल। स्वामी विवेकानंद जयंती और राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश में युवा जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का आयोजन बड़े पैमाने पर किया गया। सुबह 9:30 से 10:15 बजे तक प्रदेशभर के शासकीय और निजी शिक्षण संस्थानों में एक साथ सूर्य नमस्कार और प्राणायाम कराया गया। इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं में योग अनुशासन मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पैदा करना रहा।

    राजधानी भोपाल के सुभाष एक्सीलेंस स्कूल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी विद्यार्थियों के साथ सूर्य नमस्कार किया। इस अवसर पर सीएम ने युवाओं को नशे और बुरी आदतों से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि आज का युवा तेजी से गलत आदतों की ओर बढ़ रहा है जो न केवल उनके व्यक्तिगत विकास बल्कि समाज के भविष्य के लिए भी खतरा है। उन्होंने युवाओं से प्रतिदिन कम से कम आधा घंटा योग करने की सलाह दी और कहा कि अगर पूरा योग संभव न हो तो केवल सूर्य नमस्कार को भी दैनिक जीवन में शामिल करना पर्याप्त है।सीएम मोहन यादव ने युवाओं में घटती पढ़ाई की आदत पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मोबाइल और डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग के बीच पुस्तकें पढ़ने की आदत कमजोर हो रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे केवल पाठ्यक्रम की किताबें ही नहीं बल्कि रुचि और प्रेरणा के अनुसार साहित्य पढ़ें। उन्होंने युवाओं को खेलकूद योग और अध्ययन को संतुलित जीवनशैली का हिस्सा बनाने की भी सलाह दी।

    अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद के विचारों को याद करते हुए सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों पर जोर दिया। उन्होंने कह-गर्व से कहिए हम हिंदू हैं। इस बयान पर कार्यक्रम स्थल पर मौजूद विद्यार्थियों और शिक्षकों ने तालियों के साथ प्रतिक्रिया दी।प्रदेश के अन्य जिलों में भी सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का आयोजन हुआ। रायसेन में लगभग तीन हजार बच्चों ने एक साथ सूर्य नमस्कार किया उज्जैन के दशहरा मैदान में करीब 1500 विद्यार्थियों ने योगाभ्यास किया। ग्वालियर में 2000 से अधिक स्थानों पर सामूहिक सूर्य नमस्कार कराया गया जिसमें प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने भी भाग लिया।

    हालांकि कुछ जिलों में आयोजन में अधिकारियों की उपस्थिति कम रही। रतलाम में जिला स्तरीय कार्यक्रम में कलेक्टर सहित वरिष्ठ अधिकारी अनुपस्थित रहे जबकि भिंड में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने दूरी बनाए रखी। इसके बावजूद प्रदेशभर के शिक्षण संस्थानों सामाजिक संगठनों और युवाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी ने कार्यक्रम की सफलता और महत्व को रेखांकित किया।राष्ट्रीय युवा दिवस के इस अवसर पर सामूहिक सूर्य नमस्कार और योगाभ्यास ने युवाओं को न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए प्रेरित किया बल्कि अनुशासन अध्ययन और सांस्कृतिक मूल्यों को अपनाने का संदेश भी दिया।

  • इंदौर पानी त्रासदी: सिर्फ ‘ट्रेलर’, देश के छह बड़े शहरों में भी दूषित पानी से बढ़ रही स्वास्थ्य आपातस्थिति

    इंदौर पानी त्रासदी: सिर्फ ‘ट्रेलर’, देश के छह बड़े शहरों में भी दूषित पानी से बढ़ रही स्वास्थ्य आपातस्थिति


    इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी पीने से 20 लोगों की मौत और कई गंभीर बीमारियों की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। यह मामला सिर्फ इंदौर तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के अन्य प्रमुख शहरों में भी दूषित पानी पीने से नागरिकों की सेहत पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इंदौर की यह त्रासदी एक चेतावनी की तरह है, जिससे पता चलता है कि कई शहरों में पानी की गुणवत्ता पर नियंत्रण की व्यवस्था गंभीर रूप से कमजोर है।

    इंदौर हादसे की जांच में सामने आया कि देश के सात बड़े शहर पानी की गुणवत्ता मानकों पर फेल हो गए हैं।

    इन शहरों में गुजरात का गांधीनगर, तेलंगाना का हैदराबाद, उत्तर प्रदेश का ग्रेटर नोएडा, मध्य प्रदेश के इंदौर और भोपाल, और हरियाणा के रोहतक और झज्जर शामिल हैं। गांधीनगर में दूषित पानी के कारण टाइफाइड के 108 मामले दर्ज किए गए, और दो लोगों की मौत भी हुई। हैदराबाद में छह सैंपल में से चार में सीवेज, कोलीफॉर्म बैक्टीरिया और औद्योगिक वेस्ट पाए गए।
     इसके चलते नगर निगम ने जमीन के नीचे के पानी पर रोक लगा दी है।

    दूषित पानी के सेवन से आम लोगों में दस्त, उल्टी, हैजा, टाइफाइड और डायरिया जैसी गंभीर बीमारियां देखी जा रही हैं।

    कुछ मामलों में गिलियन बैरे सिंड्रोम जैसे न्यूरोलॉजिकल रोग भी सामने आए हैं। इसके मुख्य लक्षणों में लगातार दस्त और उल्टी, तेज बुखार और कमजोरी, चक्कर आना या पेशाब कम होना, शरीर या आंखों में पीलापन और बच्चों एवं बुजुर्गों में डिहाइड्रेशन के संकेत शामिल हैं।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर इन शहरों में पानी की शुद्धता पर तुरंत कार्रवाई नहीं की गई, तो यह केवल स्वास्थ्य आपात स्थिति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बड़े पैमाने पर सामाजिक और आर्थिक संकट भी पैदा कर सकता है। नागरिकों को साफ और सुरक्षित पानी सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम और राज्य सरकारों की ओर से तत्काल कदम उठाना बेहद जरूरी है।

    इंदौर की घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि दूषित पानी सिर्फ एक शहर की समस्या नहीं है, बल्कि देश के कई शहरों में स्वास्थ्य सुरक्षा की गंभीर चुनौती बन गई है। इसलिए प्रशासन को अब निष्क्रियता छोड़कर, सख्त निरीक्षण और त्वरित सुधार लागू करना होगा, ताकि लोगों की जान और स्वास्थ्य सुरक्षित रहे।

  • भोपाल में 30 हजार किसान निकालेंगे ट्रैक्टर रैली, ट्रैफिक डायवर्शन और जाम से बचने के लिए देखें रूट प्लान

    भोपाल में 30 हजार किसान निकालेंगे ट्रैक्टर रैली, ट्रैफिक डायवर्शन और जाम से बचने के लिए देखें रूट प्लान


    भोपाल । आज भोपाल में कृषि कल्याण वर्ष का शुभारंभ होने जा रहा है, जिसमें 30 हजार से अधिक किसान भाग लेंगे। इस कार्यक्रम का आयोजन जम्बूरी मैदान में होगा, जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हरी झंडी दिखाकर इसकी शुरुआत करेंगे। इस आयोजन में 1101 ट्रैक्टरों और 800 से 900 बसों के माध्यम से किसान प्रदेशभर से पहुंचेंगे। ऐसे में राजधानी भोपाल में भारी ट्रैफिक और मार्गों पर बदलाव होने की संभावना है, जिससे जाम और यात्रा में परेशानी हो सकती है।

    ट्रैफिक डायवर्शन की जानकारी

    जम्बूरी मैदान जाने वाले मार्गों पर भारी वाहनों की एंट्री रोक दी गई है, और कई मुख्य सड़कें डायवर्ट की जाएंगी। खासतौर पर उन रास्तों पर ज्यादा दबाव रहेगा, जो ट्रैक्टर रैली और किसानों के वाहन ले जा रहे होंगे। इसके अलावा, परीक्षार्थियों के लिए विशेष मार्ग व्यवस्था की गई है, ताकि वे बिना किसी रुकावट के अपनी परीक्षा में शामिल हो सकें।

    मुख्य रूट डायवर्शन और वैकल्पिक मार्ग

    भोपाल मिसरोद-सलैया क्षेत्र 11 मील बायपास रोड, खजूरी कला, पटेल नगर चौराहा, प्रेस्टीज कॉलेज के सामने लाइन अप। भोपाल फंदा ब्लॉक-बैरासिया रोड खजूरी सड़क, मोबारकपुर बायपास, लांबाखेड़ा बायपास चौराहा, चोपड़ा कला बायपास चौराहा, अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय के सामने लाइन अप। रायसेन और विदिशा से आने वाले ट्रैक्टर संबंधित मार्गों से होते हुए प्रेस्टीज कॉलेज के सामने लाइन अप करेंगे।

    जम्बूरी मैदान पार्किंग

    जन सामान्य जीप/कार/दो पहिया वाहन गोविन्दपुरा टर्निंग, महात्मा गांधी चौराहा, सेंट जेवियर स्कूल के सामने। वीआईपी वाहन: गोविन्दपुरा टर्निंग, महात्मा गांधी चौराहा, अयप्पा मंदिर, गैस गोदाम, सेंट जेवियर स्कूल के सामने। मीडिया वाहन गोविन्दपुरा टर्निंग, महात्मा गांधी चौराहा, जम्बूरी मैदान पानी की टंकी के पास।

    ऑप्शनल मार्ग

    बोर्ड ऑफिस, गोविन्दपुरा टर्निंग, अन्नानगर, सद्भावना चौराहा, महात्मा गांधी चौराहा, सेंट जेवियर स्कूल, अवधपुरी तिराहा तक मार्ग पर अत्यधिक यातायात रहेगा। इसके अलावा, पटेल नगर बायपास, आनंद नगर, रत्नागिरी तिराहा, पिपलानी पेट्रोल पंप तक मार्ग पर भी भारी दबाव रहेगा।

    विशेष मार्ग व्यवस्था
    परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए पिपलानी चौराहा से पटेल नगर चौराहा तक विशेष मार्ग व्यवस्था की गई है। वहीं, भारी वाहनों के लिए भोपाल-बाईपास खजूरी सड़क से 11 मील तक पर डायवर्जन लागू होगा।

    किसान रैली में शामिल होने वाले जिलों की सूची

    भोपाल से 601, विदिशा से 250 और रायसेन से 250 ट्रैक्टर रैली में शामिल होंगे। इसके अलावा, द्वितीय कार्यक्रम सभा और कृषि कल्याण वर्ष के शुभारंभ में 30,000 किसान भाग लेंगे। इसमें भोपाल से 12,000, सिहोर और रायसेन से 6,000-6,000, विदिशा से 4,000, राजगढ़ और नर्मदापुरम से 1,000-1,000 किसान शामिल होंगे।
  • ग्वालियर समेत MP के 7 जिलों में शीतलहर का अलर्ट, 20 जिले कोहरे की चपेट में; 3 दिन बाद फिर लौटेगी कड़ाके की ठंड

    ग्वालियर समेत MP के 7 जिलों में शीतलहर का अलर्ट, 20 जिले कोहरे की चपेट में; 3 दिन बाद फिर लौटेगी कड़ाके की ठंड


    नई दिल्ली! मध्यप्रदेश ठिठुर रहा है। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में शीतलहर का असर महसूस हो रहा है। रविवार को ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना और सतना में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, प्रदेश के 20 से अधिक जिले सुबह कोहरे की चपेट में हैं।

    मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिन तापमान में उतार-चढ़ाव रहेगा, लेकिन तीन दिन बाद फिर से कड़ाके की ठंड शुरू होगी। रविवार को ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना और सतना में सर्द हवाएं चलेंगी, जिससे दिन का तापमान भी सामान्य से कम रहेगा।

    सुबह के समय ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, इंदौर, भोपाल, उज्जैन, रायसेन, शाजापुर, देवास, सीहोर, गुना, अशोकनगर और विदिशा में कहीं घना तो कहीं मध्यम कोहरा रहा।

    सबसे ठंडा पचमढ़ी, पारा 5.8 डिग्री
    शनिवार-रविवार की रात में प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 5 बड़े शहरों में इंदौर सबसे ठंडा रहा, यहां तापमान 7 डिग्री तक गिरा।

    20 से अधिक जिलों में कोहरे के कारण दिल्ली से आने वाली ट्रेनों की टाइमिंग प्रभावित हुई।

    भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, पचमढ़ी, खजुराहो, नौगांव, मंडला, उमरिया, रीवा, राजगढ़, रायसेन, दतिया, मलाजखंड, दमोह, सतना, छिंदवाड़ा, खंडवा, सीधी, खरगोन और टीकमगढ़ में तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया।

    वेस्टर्न डिस्टरबेंस से बढ़ेगी ठंड
    सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, उत्तरी हिस्से में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण अगले दो दिन ठंड और कोहरे का असर जारी रहेगा। यह सिस्टम आगे बढ़ने के बाद तापमान में गिरावट और तेज ठंड ला सकता है। वर्तमान में उत्तर-पश्चिम भारत पर समुद्र तल से 12.6 किलोमीटर ऊंचाई पर जेट स्ट्रीम हवाएं 252 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से बह रही हैं, जिसका असर मध्यप्रदेश पर भी देखा जा रहा है।

    कोहरे से ट्रेनों की टाइमिंग प्रभावित
    दिल्ली से प्रदेश में आने वाली ट्रेनों की टाइमिंग कोहरा के कारण प्रभावित हो रही है। खासकर मालवा एक्सप्रेस, पंजाब मेल और जन शताब्दी जैसी ट्रेनें लगातार लेट हो रही हैं। मालवा एक्सप्रेस भोपाल में 5 से 6 घंटे तक देरी से पहुंच रही है।

    जनवरी में कड़ाके की ठंड का रिकॉर्ड
    इस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी के रिकॉर्ड टूटे हैं। जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। भोपाल में इस साल ठंड ने पिछले 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ा है। मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर और जनवरी में प्रदेश में उत्तर भारत से आने वाली सर्द हवाओं के कारण तापमान में भारी गिरावट आती है।

    एमपी के बड़े शहरों में ठंड का ट्रेंड
    भोपाल में जनवरी में रात का तापमान 0.6 डिग्री तक पहुंच चुका है। इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और भोपाल में दिन में भी ठंड का असर रहता है। पिछले 10 साल के आंकड़े बताते हैं कि दिसंबर और जनवरी में सर्द हवाओं के कारण कड़ाके की ठंड और कोहरा सामान्य है।

  • MP में शीतलहर का कहर जारी, नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण 7 जिलों में अलर्ट

    MP में शीतलहर का कहर जारी, नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण 7 जिलों में अलर्ट


    भोपाल । मध्य प्रदेश में ठंड का असर लगातार बढ़ता जा रहा है, और अब सर्दी का सितम और ज्यादा बढ़ने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है, जिसके कारण अगले दो दिनों तक कड़ाके की ठंड बनी रहेगी। सुबह के समय घने कोहरे के कारण विजिबलिटी में कमी आ रही है, जिससे यात्रा करना और भी कठिन हो रहा है। कई जिलों में धूप भी अब बेअसर हो गई है, और ठंड का प्रकोप और ज्यादा महसूस किया जा रहा है।

    मौसम विभाग ने 7 जिलों ग्वालियर, चंबल, रीवा समेत अन्य इलाकों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा, 20 से अधिक जिलों में घना कोहरा रहने की संभावना है। शनिवार को खजुराहो सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.6°C दर्ज किया गया। वहीं दतिया में 4.6°C, राजगढ़ में 4.4°C, शिवपुरी में 4°C, नौगांव में 5°C और रीवा में 5.5°C तापमान रहा।

    मौसम का हाल

    प्रदेश के प्रमुख शहरों में भी ठंड का असर देखने को मिला है। इंदौर का तापमान 6.9°C, भोपाल का 7°C और ग्वालियर का 5.9°C दर्ज किया गया। जबलपुर में हालांकि थोड़ा राहत का मौसम रहा, जहां तापमान 9.4°C था। प्रदेश के 25 शहरों में रात का तापमान 10°C से नीचे रहा।पश्चिमी विक्षोभ के कारण अगले दो दिन ठंड का कहर और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। जनवरी में हो रही यह रिकॉर्ड ठंड ने नवंबर और दिसंबर के तापमान के रिकॉर्ड भी तोड़ दिए हैं, और लोग ठंड से राहत पाने के लिए परेशान हो गए हैं।
  • मध्य प्रदेश: CM मोहन यादव ने 2 साल बाद भूपेंद्र के क्षेत्र का किया पहला दौरा; राजपूत भी रहे मौजूद

    मध्य प्रदेश: CM मोहन यादव ने 2 साल बाद भूपेंद्र के क्षेत्र का किया पहला दौरा; राजपूत भी रहे मौजूद

    भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव शनिवार को खुरई पहुंचे, यह उनका अपने पद संभालने के दो साल बाद भूपेंद्र सिंह के क्षेत्र का पहला दौरा था। इस अवसर पर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव भी यादव के साथ मौजूद रहे। खुरई में आयोजित रोड शो और जनसैलाब ने मुख्यमंत्री को काफी भावुक कर दिया।

    मुख्यमंत्री यादव ने खुरई के लिए 312 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की घोषणा की। यादव ने स्वागत और उत्साह देख कर कहा कि वह यहां ठहरने का मन कर रहे थे। यादव ने पिछले दो सालों में लगभग सभी भाजपा विधायकों के क्षेत्रों का दौरा किया है, लेकिन भूपेंद्र सिंह इस दौरान ज्यादातर दौरों में अनुपस्थित रहे।

    राजनीतिक माहौल पर नजर डालें तो सागर में पिछले दो साल से भूपेंद्र और गोविंद के बीच सियासी प्रतिस्पर्धा जारी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने हाल ही में सागर दौरे के दौरान दोनों नेताओं को एक मंच पर लाने की कोशिश की थी। इस दौरे के दौरान दोनों नेताओं को एक साथ मंच पर देखा गया।

    राजपूत का भाषण विवाद

    कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री यादव को भाषण के बाद फोन किया। लेकिन इसके बावजूद गोविंद सिंह राजपूत ने अपना भाषण दे दिया। भूपेंद्र ने समय की कमी का हवाला दिया, बावजूद इसके राजपूत ने अपनी बात रखी, जिससे हल्का विवाद देखने को मिला।

    मुख्यमंत्री मोहन यादव का खुरई दौरा दो वर्षों के बाद भूपेंद्र सिंह के क्षेत्र में विकास योजनाओं की घोषणाओं और राजनीतिक समीकरणों को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मंच पर दोनों नेताओं की उपस्थिति और राजपूत का भाषण विवाद इस दौरे की चर्चा का प्रमुख हिस्सा बना।

  • मप्र में अब सरकारी बंगलों में नहीं चलेगा कब्जा: कई को बंगला खाली करने का नोटिस

    मप्र में अब सरकारी बंगलों में नहीं चलेगा कब्जा: कई को बंगला खाली करने का नोटिस


    भोपाल। मध्यप्रदेश में कई पूर्व मंत्री और अधिकारी सरकारी आवास खाली करने को तैयार नहीं हैं। इसे देखते हुए संपदा संचालनालय ने अब सख्ती शुरू कर दी है। सरकार ने साफ कर दिया है कि नियम सबके लिए बराबर हैं, चाहे वे अपनी ही पार्टी के बड़े नेता क्यों न हों। बिना पात्रता के सरकारी बंगलों का आनंद ले रहे पूर्व मंत्रियों, पूर्व सांसदों और आईएएस अधिकारियों को अब ‘बेदखली’ का डर सताने लगा है।
    अब सरकार ने पात्रता खत्म होने के बावजूद सरकारी बंगलों में जमे पूर्व मंत्रियों और आईएएस अफसरों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्व. प्रभात झा के परिवार को 13 जनवरी तक बंगला खाली करने का आखिरी अल्टीमेटम दिया गया है, अन्यथा बलपूर्वक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही 4 आईएएस और कई पूर्व मंत्रियों को भी नोटिस जारी कर भारी जुर्माने की चेतावनी दी गई है।

    सरकारी बंगलों से कब्जा हटाने के लिए एक्शन
    राजधानी भोपाल के पॉश इलाकों में स्थित सरकारी बंगलों पर अवैध रूप से काबिज रसूखदारों के खिलाफ मोहन सरकार ने मोर्चा खोल दिया है। 2023 के विधानसभा चुनाव में हारने वाले पूर्व मंत्रियों और कार्यकाल पूरा कर चुके पूर्व सांसदों ने अभी तक अपने सरकारी आवास नहीं छोड़े हैं। अब सरकार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तय समय पर बंगले खाली नहीं हुए, तो पुलिस बल का प्रयोग कर सामान बाहर कर दिया जाएगा।

    प्रभात झा के परिवार को 13 जनवरी तक का अल्टीमेटम
    बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्व. प्रभात झा के परिवार को 74 बंगले स्थित बी-टाइप आवास खाली करने के लिए 13 जनवरी तक का समय दिया गया है।

    नोटिस में साफ कहा गया है कि इस तारीख के बाद प्रशासन ‘बल प्रयोग’ करेगा। हालांकि, उनके बेटे तुशमुल झा का कहना है कि वे खुद ही बंगला खाली करने की प्रक्रिया में हैं और यह एक सहज प्रक्रिया है।

    पूर्व मंत्री रामपाल सिंह को नोटिस
    इधर, पूर्व मंत्री रामपाल सिंह 2023 में चुनाव हार गए थे, लेकिन 2 साल बाद भी उन्होंने लिंक रोड-1 स्थित अपना सरकारी बंगला (C-15) खाली नहीं किया है। इस मामले में उनका कहना है कि उन्होंने सरकार से थोड़ा समय और मांगा है।

    पद नहीं फिर भी सरकारी आवास पर डेरा
    मध्यप्रदेश में नेताओं की कुर्सी तो चली गई, लेकिन नेता सरकारी बंगलों का मोह नहीं त्याग पा रहे हैं। पूर्व राजस्व मंत्री रामपाल सिंह, पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा और पूर्व सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया जैसे दिग्गज नेता 2023 का विधानसभा चुनाव हार चुके हैं, लेकिन करीब दो साल बीत जाने के बाद भी इन्होंने सरकारी बंगलों पर अपना कब्जा बरकरार रखा है। यही हाल पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया का है, जो वर्तमान में विधायक भी नहीं हैं, फिर भी मंत्री रहते आवंटित हुए आवास में रह रही हैं। भोपाल की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की स्थिति भी अलग नहीं है; संसद की सदस्यता खत्म होने के बाद भी उन्होंने सरकारी बंगला खाली नहीं किया है।

    सरकार सख्त, कब्जेदारों को नोटिस
    संपदा संचालनालय के मुताबिक, कार्रवाई की सुगबुगाहट तेज हो चुकी है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्व. प्रभात झा के परिवार को 6 जनवरी को ही नोटिस थमाया जा चुका है, वहीं रामपाल सिंह को भी पहले ही चेतावनी दी जा चुकी है।

    मोहन सरकार ने अब कड़ा रुख अख्तियार करते हुए साफ कर दिया है कि पात्रता खत्म होने के बाद सरकारी आवास पर किसी भी तरह का ‘अवैध कब्जा’ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियम स्पष्ट हैं—पद गया, तो बंगला भी छोड़ना होगा।

    30 गुना तक किराया वसूलने को मंजूरी
    विधि विभाग ने सख्त नियम लागू करते हुए भारी-भरकम किराए की वसूली को मंजूरी दे दी है। नियमों के मुताबिक, पात्रता खत्म होने के शुरुआती तीन महीनों तक तो सामान्य किराया लगेगा, लेकिन इसके बाद भी बंगला खाली नहीं हुआ तो अगले तीन महीनों के लिए 10 गुना किराया वसूला जाएगा। जब छह महीने बाद भी कब्जा बरकरार रहा, ऐसी स्थिति में रसूखदारों को 30 गुना ज्यादा हर्जाना भरना होगा। सरकार के मकसद साफ है—या तो समय से बंगला खाली कर दें, वरना लाखों के जुर्माने के लिए तैयार रहें।

    IAS अफसरों पर भी गिरी गाज
    प्रशासन ने सुधीर कोचर, अदिति गर्ग, रत्नाकर झा और निधि सिंह समेत 4 आईएएस और 3 अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी बेदखली का नोटिस थमाया है।

    विधायक रह रहे मंत्रियों वाले बंगलों में
    सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी, भूपेंद्र सिंह, गोपाल भार्गव और मीना सिंह जैसे विधायक पात्रता से ऊपर की श्रेणी (B और C टाइप) के बंगलों में रह रहे हैं।

  • कड़ाके की ठंड और घना कोहरा, मध्य प्रदेश के कई इलाके प्रभावित, ग्वालियर-चंबल सबसे अधिक

    कड़ाके की ठंड और घना कोहरा, मध्य प्रदेश के कई इलाके प्रभावित, ग्वालियर-चंबल सबसे अधिक


    भोपाल। उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं के चलते मध्य प्रदेश में ठंड का प्रकोप तेज हो गया है। विशेषकर ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में तापमान लगातार घट रहा है। मौसम विभाग के अनुसार कई जिलों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। वहीं, 15 से अधिक जिलों में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो रहा है।

    शुक्रवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी रही। मौसम विभाग ने बताया कि शनिवार को भी ठंड की स्थिति समान रहने की संभावना है। दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में दिनभर तापमान सामान्य से कम रहने के कारण कोल्ड डे अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर से आ रही सर्द हवाओं के कारण प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में ठंड और बढ़ गई है।

    राज्य के प्रमुख शहरों में तापमान में गिरावट

    राजधानी भोपाल के साथ ही इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में रातें बेहद ठंडी रही। ग्वालियर-चंबल अंचल में दिन का तापमान भी सामान्य से कम रहा। गुरुवार-शुक्रवार की रात प्रदेश में सबसे ठंडा खजुराहो (छतरपुर) रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दतिया में 3.9, शिवपुरी में 4, राजगढ़ में 5, पचमढ़ी में 5.8, मंडला में 5.9, रीवा में 6, उमरिया में 6.4 और सीधी व टीकमगढ़ में 6.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5 डिग्री था।

    भोपाल में पारा 8, इंदौर में 9.4, उज्जैन में 8.3 और जबलपुर में 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिन तक ठंड और कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है, इसलिए लोग आवश्यक सावधानी बरतें।

    घना कोहरा और यातायात में परेशानी

    घने कोहरे के कारण रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है। मालवा एक्सप्रेस सहित दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने-जाने वाली दर्जनभर ट्रेनें देरी से चल रही हैं। पंजाब मेल, जनशताब्दी और सचखंड एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों में भी समय की अनियमितता देखी जा रही है।

    सड़क मार्ग पर भी घना कोहरा ड्राइवरों के लिए चुनौती बना हुआ है। अधिकारियों ने लोगों से वाहन सावधानीपूर्वक चलाने और समय निकालकर यात्रा करने की सलाह दी है।

    मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच ग्वालियर-चंबल अंचल सबसे अधिक प्रभावित हैं। तापमान में गिरावट और कोहरे से सड़क और रेल यातायात बाधित है। अगले दो दिन मौसम की यह स्थिति बनी रहने की संभावना है।

  • दूषित पानी से हुई मौतों पर भाजपा सांसद का शर्मनाक बयान, जनता से सरकार के भरोसे न बैठने की अपील

    दूषित पानी से हुई मौतों पर भाजपा सांसद का शर्मनाक बयान, जनता से सरकार के भरोसे न बैठने की अपील


    खंडवा । मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से लगभग 18 लोगों की मौत हो गई जिसे लेकर शासन-प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद लोगों की उम्मीदें टूटती जा रही हैं और अब भाजपा नेताओं के विवादास्पद बयानों ने इन उम्मीदों को और बिखेर दिया है। पहले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और अब खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने जनता से अपील की कि वे सरकार के भरोसे न बैठें और अपनी जिम्मेदारी खुद निभाएं।

    सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल खंडवा में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए थे। जब उनसे इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा, चाहे खंडवा हो, नगर परिषद हो या ग्राम पंचायत हो, इंदौर की घटना से हम सभी को सबक लेना चाहिए। सिर्फ सरकार ही सब कुछ करे सरकार के भरोसे हम रहे, ये भी ठीक नहीं है। जनता की भी एक जिम्मेदारी बनती है। इस बयान से उन्होंने एक तरह से साफ कर दिया कि गंदगी और दूषित पानी की समस्या के लिए अब जिम्मेदारी सरकार के बजाय जनता पर डाल दी गई है।

    सांसद का यह बयान विवादों में घिर चुका है क्योंकि इसने सीधे तौर पर जनता पर सफाई का जिम्मा थोप दिया। सवाल यह उठता है कि क्या अब जनता खुद सड़कें खोदकर पाइपलाइन लगाएगी या फिर नगर निगम की टंकियों को साफ कर घर-घर पानी पहुंचाने का काम करेगी अगर यही जिम्मेदारी जनता की है, तो फिर सवाल यह भी है कि सांसद जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे लोग क्या कर रहे हैं क्या उनके कर्तव्यों में ऐसी समस्याओं का समाधान करना नहीं आता ।

    यह पहली बार नहीं है जब भाजपा नेताओं के बयानों ने विवाद उठाया है। इससे पहले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पत्रकार से अभद्रता करते हुए ‘घंटा’ शब्द कहा था, जिसके बाद कांग्रेस ने इस बयान के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था। इस घटना के बाद विजयवर्गीय भी बयान देने से बचते नजर आ रहे हैं। इंदौर में हुए हादसे के बाद से प्रशासन की नाकामी और नेताओं के विवादास्पद बयानों ने लोगों के विश्वास को तोड़ा है। अब सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार लोग अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे या फिर इस बार भी जनता को ही दोषी ठहराया जाएगा।

  • कड़ाके की ठंड ने मचाई परेशानी, ग्वालियर-चंबल अंचल में अगले दो दिन और सर्दी का असर रहेगा

    कड़ाके की ठंड ने मचाई परेशानी, ग्वालियर-चंबल अंचल में अगले दो दिन और सर्दी का असर रहेगा


    भोपाल । मध्य प्रदेश में इस समय कड़ाके की सर्दी का दौर जारी है, और गुरुवार को कई इलाकों में कोल्ड डे की स्थिति रही। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक मौसम का मिजाज इसी तरह सर्द और शीतल रहेगा। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग के जिलों में घना कोहरा और शीतल दिन बने रहने की संभावना है। इस ठंड का असर फसलों पर भी पड़ सकता है, जिससे पाला पड़ने का खतरा बढ़ गया है।
    गुरुवार को प्रदेश में खजुराहो में सबसे कम तापमान 3.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा, शहडोल में भी शीतलहर का प्रभाव देखा गया। ग्वालियर और दतिया में अति घना कोहरा था, जिससे तापमान में गिरावट आई। ग्वालियर में अधिकतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो उसके न्यूनतम तापमान 7.1 डिग्री सेल्सियस से महज 3.3 डिग्री अधिक था, और यह अब तक का सबसे कम दिन का तापमान था। प्रदेश के अन्य इलाकों में भी सर्दी का असर बना हुआ है। मुरैना, भिंड, श्यौपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर जैसे जिलों में शीतल दिन की स्थिति बनी रही।
    इन इलाकों में सुबह से ही घना कोहरा और सर्द हवाएं चल रही हैं, जिससे दिन के तापमान में अधिक वृद्धि नहीं हो पा रही है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि इस कड़ाके की ठंड के कारण अगले दो दिनों तक प्रदेश में मौसम का यही हाल रहेगा। खासकर ग्वालियर, चंबल, रीवा, और सागर जैसे इलाकों में घना कोहरा और शीतल दिन का असर बने रहने की संभावना है। इसके अलावा, शीतलहर के चलते किसानों के लिए चिंता बढ़ गई है। ठंड के कारण फसलों पर पाले का असर पड़ सकता है, जिससे उत्पादकों को नुकसान होने का खतरा है।
    इस दौरान गेहूं, सरसों और अन्य ठंडी फसलों पर पाले का प्रभाव हो सकता है। इस सर्दी के कारण जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है। लोग ठंड से बचने के लिए घरों में कैद हो गए हैं, और सड़कों पर भी कम लोग नजर आ रहे हैं। खासकर सुबह और शाम के समय सर्दी का असर ज्यादा महसूस हो रहा है। ठंड के बढ़ते असर को देखते हुए सरकार और प्रशासन ने भी सतर्कता बरतने की अपील की है और लोगों से घनी धुंध में गाड़ी चलाते समय सावधानी बरतने की चेतावनी दी है।