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  • मध्यप्रदेश में UCC लागू करने की तैयारी तेज शादी लिव इन और तलाक के लिए बनेंगे एक समान कानून गुजरात मॉडल पर तैयार ड्राफ्ट

    मध्यप्रदेश में UCC लागू करने की तैयारी तेज शादी लिव इन और तलाक के लिए बनेंगे एक समान कानून गुजरात मॉडल पर तैयार ड्राफ्ट


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम बढ़ा दिया है। राज्य के लिए यूसीसी का प्रारूप तैयार हो चुका है और इसे मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के समक्ष प्रस्तुत भी किया गया है। मुख्यमंत्री की ओर से दिए गए सुझावों को शामिल करने के बाद समिति अंतिम ड्राफ्ट सरकार को सौंपेगी। माना जा रहा है कि यह कानून लागू होने के बाद शादी तलाक लिव इन रिलेशनशिप उत्तराधिकार और वसीयत जैसे पारिवारिक मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था लागू करेगा।

    सूत्रों के अनुसार मध्यप्रदेश का प्रस्तावित यूसीसी काफी हद तक गुजरात में लागू समान नागरिक संहिता के मॉडल पर आधारित है। बताया जा रहा है कि ड्राफ्ट के अधिकांश प्रावधान गुजरात कानून से प्रेरित हैं। सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव यह है कि धर्म परिवर्तन कर चुके आदिवासी भी इस कानून के दायरे में आएंगे जबकि अपनी पारंपरिक जनजातीय रीति रिवाजों का पालन करने वाले आदिवासियों को इससे बाहर रखा जाएगा।

    प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार धार्मिक परंपराओं में किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। सभी समुदाय अपनी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार विवाह कर सकेंगे। हिंदू विवाह के फेरे मुस्लिम निकाह सिख आनंद कारज ईसाई चर्च विवाह और अन्य मान्य पद्धतियां पहले की तरह जारी रहेंगी। अंतर केवल इतना होगा कि विवाह से जुड़े कानूनी अधिकार और जिम्मेदारियां सभी नागरिकों के लिए समान होंगी।

    ड्राफ्ट में प्रत्येक विवाह का पंजीकरण अनिवार्य करने का प्रावधान रखा गया है। विवाह होने के 60 दिन के भीतर उसका रजिस्ट्रेशन कराना होगा। यदि निर्धारित समय में पंजीकरण नहीं हो पाता है तो बाद में तय प्रक्रिया के तहत इसे कराया जा सकेगा। हालांकि केवल रजिस्ट्रेशन न होने से विवाह अमान्य नहीं माना जाएगा लेकिन नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई संभव होगी। नई शादियों के साथ पहले से हुए विवाह और तलाक का भी सरकारी रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा ताकि भविष्य में दस्तावेजों और कानूनी विवादों में पारदर्शिता बनी रहे।

    यूसीसी के तहत पति पत्नी और बच्चों के अधिकारों को लेकर भी समान नियम प्रस्तावित किए गए हैं। भरण पोषण की परिभाषा केवल भोजन और आवास तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि शिक्षा स्वास्थ्य वस्त्र और अन्य आवश्यक जरूरतें भी इसमें शामिल होंगी। अदालत परिस्थितियों के अनुसार स्थायी गुजारा भत्ता तय कर सकेगी। बच्चों की अभिरक्षा और देखभाल से जुड़े मामलों में भी समान कानूनी प्रावधान लागू होंगे।

    संपत्ति और उत्तराधिकार के मामलों में भी एक समान नियम लागू करने की तैयारी है। यदि कोई व्यक्ति बिना वसीयत के निधन करता है तो उसकी संपत्ति का बंटवारा तय कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगा। गर्भ में पल रहे बच्चे के अधिकारों को भी मान्यता दी जाएगी। वहीं यदि कोई व्यक्ति मृतक की हत्या का दोषी पाया जाता है तो उसे संपत्ति में हिस्सा नहीं मिलेगा। बीमारी या शारीरिक दिव्यांगता के आधार पर किसी भी उत्तराधिकारी के अधिकार समाप्त नहीं किए जा सकेंगे।

    ड्राफ्ट में वसीयत तैयार करने उसे संशोधित करने या निरस्त करने की प्रक्रिया भी स्पष्ट की गई है। यदि किसी वसीयत के पीछे दबाव धोखाधड़ी या जबरदस्ती साबित होती है तो उसे अमान्य माना जाएगा। संपत्ति विवाद की स्थिति में अदालत संपत्ति की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठा सकेगी और जरूरत पड़ने पर संरक्षक नियुक्त कर सकेगी।

    प्रस्तावित कानून के तहत शादी तलाक और अन्य पारिवारिक मामलों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इसके लिए रजिस्ट्रार जनरल और रजिस्ट्रार की नियुक्ति होगी। यदि किसी व्यक्ति का आवेदन अस्वीकार किया जाता है तो उसे अपील का अधिकार भी मिलेगा। रिकॉर्ड में छेड़छाड़ झूठी जानकारी देने या फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने पर दंड का प्रावधान भी रखा गया है। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से पारिवारिक मामलों में पारदर्शिता बढ़ेगी और सभी नागरिकों को समान कानूनी संरक्षण मिल सकेगा।

  • एमपी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, सात जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट; सड़कों पर बही बाइकें, कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात

    एमपी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, सात जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट; सड़कों पर बही बाइकें, कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात


    मध्य प्रदेश :
    में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और इसके साथ ही कई जिलों में भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने बालाघाट और डिंडौरी में अति भारी वर्षा तथा देवास, हरदा, बैतूल, पांढुर्णा और छिंदवाड़ा सहित कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। लगातार हो रही वर्षा के कारण कई स्थानों पर जलभराव, तेज बहाव और यातायात बाधित होने जैसी स्थितियां सामने आई हैं।

    प्रदेश में मानसून अब जबलपुर, भोपाल, रीवा, शहडोल, नर्मदापुरम, सागर और इंदौर संभाग के अधिकांश हिस्सों तक पहुंच चुका है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले एक-दो दिनों में मानसून उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग के शेष क्षेत्रों को भी पूरी तरह कवर कर लेगा। इसके साथ ही प्रदेशभर में बारिश की गतिविधियां और तेज होने की संभावना जताई गई है।

    सीहोर जिले के आष्टा में मंगलवार को हुई तेज बारिश के बाद सड़कें नदी जैसी दिखाई देने लगीं। कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया और तेज बहाव के कारण सड़क किनारे खड़ी मोटरसाइकिलें बहने लगीं। स्थानीय लोगों ने वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का प्रयास किया, जबकि कई स्थानों पर आवागमन कुछ समय के लिए प्रभावित रहा। इस घटना के वीडियो भी व्यापक रूप से सामने आए, जिनमें बारिश की तीव्रता स्पष्ट दिखाई दे रही है।

    बालाघाट में बुधवार तड़के से लगातार हो रही बारिश ने किसानों के लिए राहत लेकर आई है। लंबे इंतजार के बाद अच्छी वर्षा मिलने से अब खेतों में बोनी का कार्य तेज होने की उम्मीद है। हालांकि प्रशासन ने लोगों को आकाशीय बिजली, तेज हवाओं और भारी वर्षा के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। लगातार बारिश को देखते हुए कुछ सरकारी सेवाओं के संचालन समय में भी बदलाव किया गया है।

    मौसम विभाग ने भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल, सतना, सिवनी, मंडला, सीधी, सिंगरौली और कई अन्य जिलों में तेज बारिश के साथ आंधी चलने की संभावना व्यक्त की है। वहीं प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों के कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान लगाया गया है।

    लगातार वर्षा के कारण कई स्थानों पर जोखिम भरी घटनाएं भी सामने आई हैं। खरगोन जिले में तेज बहाव के बावजूद यात्रियों से भरी एक निजी बस को पुलिया पार कराए जाने का मामला चर्चा में रहा। दूसरी ओर प्रदेश के विभिन्न जिलों में आकाशीय बिजली गिरने और तेज बहाव की घटनाओं में जनहानि की भी सूचना मिली है। प्रशासन ने लोगों से नदी, नालों और पुल-पुलियों को पार करने में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

    मौसम विभाग के अनुसार जून महीने में प्रदेश में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई थी, लेकिन जुलाई में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहने के संकेत हैं। प्रदेश की वार्षिक औसत वर्षा का बड़ा हिस्सा जुलाई में ही दर्ज होता है और इसी अवधि में खेती-किसानी के लिए सबसे महत्वपूर्ण बारिश होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आगामी दिनों में वर्षा का यह क्रम बना रहता है तो कृषि गतिविधियों को गति मिलेगी, हालांकि अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियों पर लगातार निगरानी बनाए रखना आवश्यक होगा।

  • दिग्विजय सिंह पर कांग्रेस महासचिव का बड़ा हमला, संगठन को कमजोर करने का लगाया आरोप, हाईकमान से कड़ी कार्रवाई की मांग तेज

    दिग्विजय सिंह पर कांग्रेस महासचिव का बड़ा हमला, संगठन को कमजोर करने का लगाया आरोप, हाईकमान से कड़ी कार्रवाई की मांग तेज


    मध्य प्रदेश:
    कांग्रेस में लंबे समय से जारी अंदरूनी मतभेद एक बार फिर सार्वजनिक रूप से सामने आ गए हैं। इस बार पार्टी की प्रदेश महासचिव निधि सत्यव्रत चतुर्वेदी ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर सीधा और तीखा हमला बोलते हुए उनके व्यवहार को संगठन के हितों के विपरीत बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के वरिष्ठ नेता होने के बावजूद दिग्विजय सिंह ने संगठनात्मक मर्यादाओं का पालन नहीं किया और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ सार्वजनिक मंच से बयान देकर पार्टी की एकजुटता को नुकसान पहुंचाया।

    निधि चतुर्वेदी ने कहा कि उज्जैन भूमि विवाद और वीर भारत न्यास से जुड़े मामलों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकती है, लेकिन किसी भी स्थिति में पार्टी के वरिष्ठ नेता द्वारा मीडिया के सामने प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ खुलकर बयान देना उचित नहीं माना जा सकता। उनका कहना है कि यदि किसी मुद्दे पर मतभेद थे तो उन्हें पार्टी के आंतरिक मंचों पर रखा जाना चाहिए था, न कि सार्वजनिक रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर संगठन की छवि प्रभावित की जाती।

    उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के भीतर संवाद और अनुशासन की परंपरा रही है तथा वरिष्ठ नेताओं से अपेक्षा की जाती है कि वे संगठनात्मक प्रक्रिया का सम्मान करें। उनके अनुसार सार्वजनिक बयानबाजी से पार्टी कार्यकर्ताओं में भ्रम की स्थिति पैदा होती है और विपक्ष को राजनीतिक हमला करने का अवसर मिल जाता है। उन्होंने इसे संगठनात्मक अनुशासन के विपरीत बताते हुए गंभीर चिंता व्यक्त की।

    प्रदेश महासचिव ने दिग्विजय सिंह पर व्यक्तिगत राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को संगठन से ऊपर रखने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि प्रदेश नेतृत्व को लेकर सार्वजनिक विवाद खड़ा करना पार्टी की मजबूती के बजाय कमजोरी का कारण बन रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस प्रकार की गतिविधियां कार्यकर्ताओं के मनोबल को प्रभावित करती हैं और संगठन की सामूहिक लड़ाई को कमजोर करती हैं।

    निधि चतुर्वेदी ने यह भी कहा कि वर्तमान समय में कांग्रेस कार्यकर्ता विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर सक्रिय रूप से संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे समय में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा सार्वजनिक स्तर पर एक-दूसरे के खिलाफ बयान देना कार्यकर्ताओं के विश्वास को प्रभावित करता है। उनके अनुसार संगठन के भीतर असहमति होना स्वाभाविक है, लेकिन उसका समाधान पार्टी की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होना चाहिए।

    उन्होंने वर्ष 2020 में मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार के गिरने, उसके बाद हुए विधानसभा और लोकसभा चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन तथा हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि लगातार सामने आने वाले आंतरिक विवादों ने संगठन को नुकसान पहुंचाया है। उनका मानना है कि यदि समय रहते संगठनात्मक अनुशासन को मजबूत नहीं किया गया तो भविष्य में भी ऐसी परिस्थितियां पार्टी के लिए चुनौती बन सकती हैं।

    अपने बयान के अंत में निधि चतुर्वेदी ने कांग्रेस नेतृत्व से आग्रह किया कि संगठन की विश्वसनीयता और कार्यकर्ताओं के मनोबल को बनाए रखने के लिए इस पूरे मामले का गंभीरता से संज्ञान लिया जाए। उन्होंने मांग की कि पार्टी अनुशासन का उल्लंघन करने वाले किसी भी नेता के खिलाफ समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि संगठन में स्पष्ट संदेश जाए कि व्यक्तिगत मतभेदों से ऊपर पार्टी का सामूहिक हित सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मजबूती संगठनात्मक एकजुटता, अनुशासन और सामूहिक नेतृत्व से ही संभव है तथा सभी नेताओं को इसी भावना के साथ कार्य करना चाहिए।

  • शादी का झांसा देकर महिला से 28 लाख ऐंठे विदेश भागने की फिराक में आरोपी क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ा

    शादी का झांसा देकर महिला से 28 लाख ऐंठे विदेश भागने की फिराक में आरोपी क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ा


    मध्य प्रदेश। आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खुद को भारतीय सेना का अधिकारी बताकर इंदौर की एक महिला का भरोसा जीता और बीमारी का बहाना बनाकर उससे करीब 28 लाख रुपये ठग लिए। पुलिस के मुताबिक आरोपी लंबे समय से फरार था और गिरफ्तारी से पहले यूरोप भागने की तैयारी कर रहा था।

    क्राइम ब्रांच अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान जीतू उर्फ जितेंद्र पुत्र राकेश छोनकर के रूप में हुई है। वह नोएडा क्षेत्र का रहने वाला है और रूस के मॉस्को में कंस्ट्रक्शन सुपरवाइजर के रूप में काम करता है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुका है और उसने अपनी शैक्षणिक एवं पेशेवर जानकारी का इस्तेमाल लोगों को प्रभावित करने के लिए किया।

    जांच के दौरान पता चला कि आरोपी ने मैट्रिमोनियल वेबसाइट जीवनसाथी डॉट कॉम पर फर्जी प्रोफाइल बनाई थी। उसने खुद को भारतीय सेना का अधिकारी बताकर इंदौर की एक महिला से संपर्क किया। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और शादी की चर्चा शुरू हो गई। विश्वास कायम होने के बाद आरोपी ने महिला को अपनी गंभीर बीमारी की झूठी कहानी सुनाई और इलाज के लिए आर्थिक मदद मांगी।
    पुलिस के मुताबिक वर्ष 2024 के दौरान आरोपी ने अलग अलग किस्तों में महिला से करीब 28 लाख रुपये अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिए। जब पूरी रकम मिल गई तो उसने शादी करने से साफ इनकार कर दिया और महिला से संपर्क भी कम कर दिया। खुद को ठगा हुआ महसूस करने पर पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद मामले की जांच शुरू हुई।

    क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया कि आरोपी अधिकतर समय विदेश में रह रहा था जिससे उसकी गिरफ्तारी आसान नहीं थी। हाल ही में वह अपने परिवार से मिलने दिल्ली आया था। पुलिस को जैसे ही उसकी मौजूदगी की जानकारी मिली टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और उसे गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों के अनुसार आरोपी दिल्ली से यूरोप जाने वाली फ्लाइट पकड़ने की तैयारी में था लेकिन उससे पहले ही उसे हिरासत में ले लिया गया।

    पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों मोबाइल फोन और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि उसने इसी तरीके से अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया हो सकता है। जांच एजेंसियां उसके ऑनलाइन नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस तरह की ठगी के और कितने मामले उससे जुड़े हुए हैं।

    क्राइम ब्रांच ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन मैट्रिमोनियल वेबसाइट या सोशल मीडिया के जरिए बनने वाले रिश्तों में आर्थिक लेनदेन करने से पहले पूरी तरह जांच पड़ताल करें। किसी भी व्यक्ति की पहचान और दावों की पुष्टि किए बिना बड़ी रकम भेजना गंभीर नुकसान का कारण बन सकता है। पुलिस ने मामले में आगे की जांच जारी होने की जानकारी दी है।
  • बारिश से पहले नगर निगम सख्त इंदौर में उद्यान की जमीन कराई कब्जामुक्त जर्जर भवन भी तोड़ा

    बारिश से पहले नगर निगम सख्त इंदौर में उद्यान की जमीन कराई कब्जामुक्त जर्जर भवन भी तोड़ा


    इंदौर इंदौर में बारिश के मौसम से पहले नगर निगम ने अतिक्रमण और जर्जर भवनों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। मंगलवार को निगम की टीम ने शहर के दो अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई करते हुए एक ओर नगर निगम की बगीचे की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया तो दूसरी ओर लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक जर्जर मकान के खतरनाक हिस्से को हटाया। दोनों स्थानों पर पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई शांतिपूर्वक संपन्न हुई।

    पहली कार्रवाई जोन क्रमांक 16 के छोटा बांगड़दा क्षेत्र में की गई। नगर निगम को शिकायत मिली थी कि उद्यान के लिए आरक्षित सरकारी जमीन पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर निर्माण कर लिया है। शिकायत की जांच के बाद निगम ने कार्रवाई का निर्णय लिया। मंगलवार सुबह नगर निगम की टीम जेसीबी मशीनों और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और अवैध निर्माण को हटाकर जमीन को कब्जामुक्त कराया।

    रिमूवल अधिकारी अंकेश बिरथरिया ने बताया कि नगर निगम की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच में अतिक्रमण की पुष्टि होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई और सरकारी जमीन को मुक्त कराया गया।

    इसके बाद नगर निगम का अमला छोटी ग्वालटोली इलाके में पहुंचा जहां एक मकान का ऊपरी हिस्सा काफी जर्जर हो चुका था। भवन की स्थिति को देखते हुए उसके गिरने का खतरा बना हुआ था जिससे आसपास रहने वाले लोगों और राहगीरों की सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा था। इसी कारण निगम ने एहतियात के तौर पर भवन के ऊपरी हिस्से में बने दो कमरों और छज्जे को हटाने की कार्रवाई की।

    अधिकारियों ने बताया कि इस स्थान पर मशीनों की बजाय मैन्युअल तरीके से तोड़फोड़ की गई ताकि आसपास की इमारतों और दुकानों को कोई नुकसान न पहुंचे। कार्रवाई शुरू करने से पहले सुरक्षा के मद्देनजर नीचे संचालित दुकानों को अस्थायी रूप से बंद कराया गया और पूरे क्षेत्र को सुरक्षित कर लिया गया।

    नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार दोनों स्थानों पर कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार का विरोध सामने नहीं आया। पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी की गई। निगम का कहना है कि मानसून के दौरान जर्जर भवनों के गिरने और अतिक्रमण से होने वाली समस्याओं को रोकने के लिए शहरभर में लगातार सर्वे किया जा रहा है। जहां भी अवैध कब्जे या खतरनाक भवन चिन्हित किए जा रहे हैं वहां नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

    नगर निगम ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई जर्जर भवन या सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा दिखाई दे तो इसकी सूचना प्रशासन को दें ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर जनहानि और दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

  • निर्मला सप्रे दल-बदल मामले में कांग्रेस को झटका, विधायकी रद्द करने की याचिका हाईकोर्ट ने खारिज की..

    निर्मला सप्रे दल-बदल मामले में कांग्रेस को झटका, विधायकी रद्द करने की याचिका हाईकोर्ट ने खारिज की..

    मध्य प्रदेश: की राजनीति में चर्चित विधायक निर्मला सप्रे के कथित दल-बदल मामले में कांग्रेस को बड़ा कानूनी झटका लगा है। हाईकोर्ट ने उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध रिकॉर्ड में ऐसे पर्याप्त और आधिकारिक साक्ष्य नहीं हैं, जिनके आधार पर यह माना जा सके कि विधायक ने औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है या उन्हें कांग्रेस से निष्कासित किया गया है। ऐसे में इस स्तर पर हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं बनता।

    यह मामला कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार द्वारा दायर याचिका से जुड़ा था। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को निर्देश देने की मांग की थी कि बीना विधानसभा क्षेत्र की विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता दल-बदल कानून के तहत समाप्त की जाए। उनका तर्क था कि विधायक ने लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा के पक्ष में सक्रिय प्रचार किया और पार्टी से जुड़ी गतिविधियों में भाग लिया, जिससे उनकी सदस्यता समाप्त की जानी चाहिए।

    मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई ठोस दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया है, जिससे यह प्रमाणित हो कि निर्मला सप्रे को आधिकारिक रूप से कांग्रेस से निष्कासित किया गया है। अदालत ने यह भी कहा कि भाजपा की विधिवत सदस्यता ग्रहण करने का भी कोई प्रमाण रिकॉर्ड पर उपलब्ध नहीं है। केवल आरोपों या सार्वजनिक गतिविधियों के आधार पर तत्काल कार्रवाई का निर्देश देना उचित नहीं माना जा सकता।

    अदालत ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि दल-बदल से संबंधित कार्यवाही पहले से विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष लंबित है। ऐसे मामलों में निर्णय लेने का अधिकार संविधान और कानून के तहत विधानसभा अध्यक्ष को प्राप्त है। इसलिए न्यायालय इस स्तर पर विधानसभा अध्यक्ष को किसी निश्चित समय सीमा में निर्णय लेने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। अदालत ने माना कि इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की कोई ऐसी असाधारण परिस्थिति नहीं है, जो न्यायिक आदेश की आवश्यकता पैदा करे।

    पूरा विवाद वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान सामने आया था। कांग्रेस का आरोप था कि निर्मला सप्रे ने भाजपा के पक्ष में चुनाव प्रचार किया और पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मई 2024 में विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर उनकी सदस्यता समाप्त करने की मांग की थी। जब इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ तो मामला हाईकोर्ट पहुंचा।

    सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पक्ष ने यह भी दावा किया कि सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर मौजूद तस्वीरें एवं वीडियो विधायक के भाजपा से जुड़ाव को दर्शाते हैं। हालांकि अदालत ने माना कि इस प्रकार की सामग्री अपने आप में औपचारिक सदस्यता का पर्याप्त कानूनी प्रमाण नहीं मानी जा सकती। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि दल-बदल से जुड़े मामलों में निर्णय तथ्यों और वैधानिक प्रक्रिया के आधार पर ही लिया जाएगा।

    निर्मला सप्रे ने वर्ष 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर सागर जिले की बीना विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंची थीं। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार महेश राय को 6,155 मतों के अंतर से पराजित किया था। हाईकोर्ट के ताजा आदेश के बाद फिलहाल उनकी विधानसभा सदस्यता बरकरार रहेगी, जबकि दल-बदल से जुड़ी आगे की प्रक्रिया विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष जारी रहेगी।

  • मध्य प्रदेश में आज रहेगा सियासी और प्रशासनिक हलचल का दिन, सीएम के कार्यक्रम, बीजेपी की ऑनलाइन परीक्षा और राज्यपाल के कार्यकाल पर रहेगी नजर

    मध्य प्रदेश में आज रहेगा सियासी और प्रशासनिक हलचल का दिन, सीएम के कार्यक्रम, बीजेपी की ऑनलाइन परीक्षा और राज्यपाल के कार्यकाल पर रहेगी नजर


    मध्य प्रदेश:  में शुक्रवार का दिन राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दिनभर राजधानी भोपाल में आयोजित विभिन्न सरकारी और सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। वहीं लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान समारोह, भारतीय जनता पार्टी के डिजिटल प्रशिक्षण अभियान, राज्यपाल के कार्यकाल को लेकर संभावित चर्चाओं और प्रशासनिक समीक्षा बैठकों से जुड़े मुद्दों पर भी पूरे प्रदेश की नजर बनी रहेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का दिन दोपहर से शुरू होने वाले कई सार्वजनिक कार्यक्रमों से व्यस्त रहेगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वह दोपहर 12 बजे रविंद्र भवन पहुंचकर लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन में शामिल होंगे। इसके बाद शाम साढ़े चार बजे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के सम्मान समारोह में भाग लेंगे। शाम पांच बजे आयोजित अभिनंदन कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी रहेगी, जबकि शाम छह बजे मानस भवन में आयोजित एक स्थानीय कार्यक्रम में भी मुख्यमंत्री सहभागिता करेंगे।

    आपातकाल दिवस के अवसर पर राजधानी भोपाल में लोकतंत्र सेनानियों और मीसाबंदी परिवारों के सम्मान के लिए विशेष समारोह आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में करीब दो हजार मीसाबंदी परिवारों के सदस्य शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले मीसाबंदियों और उनके परिजनों का सम्मान करेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में योगदान देने वाले लोगों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करना है।

    भारतीय जनता पार्टी भी शुक्रवार को अपने संगठनात्मक अभियान के तहत बड़े स्तर पर डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करेगी। बूथ और मंडल स्तर के लगभग सात लाख कार्यकर्ताओं की ऑनलाइन परीक्षा संगठन के डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से आयोजित की जाएगी। इस प्रशिक्षण में पार्टी की विचारधारा, संगठन का विकास, केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाएं और नेतृत्व से जुड़े विषय शामिल किए गए हैं। पार्टी का लक्ष्य छह जुलाई तक पूरे प्रदेश में डिजिटल प्रशिक्षण अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करना है।

    प्रदेश की राजनीति में राज्यपाल के पद को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। वर्तमान राज्यपाल मंगूभाई पटेल का कार्यकाल छह जुलाई को पूरा होने जा रहा है। करीब डेढ़ दशक बाद ऐसा अवसर आया है जब मध्य प्रदेश का कोई राज्यपाल अपना निर्धारित पांच वर्षीय कार्यकाल पूरा करेगा। अब यह निर्णय राष्ट्रपति स्तर पर लिया जाएगा कि मंगूभाई पटेल को दूसरा कार्यकाल दिया जाएगा या राज्य को नया राज्यपाल मिलेगा। इस विषय पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजर बनी हुई है।

    इधर प्रशासनिक स्तर पर भी हाल ही में आयोजित कलेक्टर-कमिश्नर सम्मेलन की चर्चा जारी है। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान कई जिलों के प्रदर्शन पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने स्वास्थ्य संकेतकों में अपेक्षित सुधार नहीं होने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में कमी पर अधिकारियों को गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को लेकर अधिकारियों से जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

    कुल मिलाकर शुक्रवार को मध्य प्रदेश में शासन, प्रशासन और राजनीति से जुड़े कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आने वाले हैं। मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों से लेकर संगठनात्मक गतिविधियों, प्रशासनिक समीक्षा और संवैधानिक पदों से जुड़े संभावित निर्णयों तक, पूरे दिन प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गतिविधियां सुर्खियों में बनी रहने की संभावना है।

  • मध्य प्रदेश में मानसून ने दी दस्तक, आज 46 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी

    मध्य प्रदेश में मानसून ने दी दस्तक, आज 46 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी

    भोपाल। मध्य प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र के 15 जिलों में मानसून की आधिकारिक एंट्री हो चुकी है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 2 से 3 दिनों में मानसून प्रदेश के शेष हिस्सों को भी कवर कर लेगा। हालांकि ग्वालियर-चंबल संभाग में मानसून सबसे आखिर में पहुंचने की संभावना जताई गई है।

    मौसम विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के 46 जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं सीधी जिले में लू चलने की आशंका है। इसके अलावा नीमच, मंदसौर, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, रीवा और सिंगरौली में उमस और गर्मी का असर बना रह सकता है।

    विभाग के अनुसार भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, सतना, सीधी, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी के साथ बारिश होने का अनुमान है।

    इन जिलों में पहुंच चुका है मानसून

    आलीराजपुर, इंदौर, हरदा, धार, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, खरगोन, सिवनी, बालाघाट, मंडला, बड़वानी और डिंडौरी जिलों में मानसून के आगमन की घोषणा की जा चुकी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो से चार दिनों के भीतर मानसून पूरे प्रदेश में सक्रिय हो जाएगा।

    इस बार सामान्य से कम बारिश के संकेत

    मौसम केंद्र (आईएमडी) के पूर्वानुमान के अनुसार इस वर्ष भोपाल, इंदौर, जबलपुर सहित प्रदेश के 47 जिलों में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है। प्रदेश में औसत 37.3 इंच बारिश के मुकाबले 30 से 32 इंच तक वर्षा दर्ज होने का अनुमान लगाया गया है।

    मानसून की देरी से बारिश में 50 प्रतिशत की कमी

    मानसून के विलंब से पहुंचने के कारण 24 जून तक प्रदेश में सूखे जैसे हालात बने रहे। एक जून से अब तक जहां औसतन 84.8 मिमी (3.6 इंच) बारिश होनी चाहिए थी, वहीं केवल 42 मिमी (1.6 इंच) वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से करीब 50 प्रतिशत कम है। इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर समेत प्रदेश के 48 जिलों में सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

  • मानसून ने दी मध्य प्रदेश में दस्तक, कई जिलों में शुरू हुई बारिश; मौसम विभाग ने जारी किया तेज हवाओं और गरज-चमक का चेतावनी संदेश

    मानसून ने दी मध्य प्रदेश में दस्तक, कई जिलों में शुरू हुई बारिश; मौसम विभाग ने जारी किया तेज हवाओं और गरज-चमक का चेतावनी संदेश


    मध्य प्रदेश: में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मानसून ने दस्तक दे दी है। मौसम विभाग ने बुधवार को राज्य में मानसून के प्रवेश की आधिकारिक घोषणा कर दी। इस बार मानसून सामान्य तिथि से नौ दिन देरी से प्रदेश पहुंचा है, जिससे किसानों के साथ-साथ आम लोगों को भी राहत की उम्मीद जगी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले तीन से चार दिनों के भीतर मानसून प्रदेश के अधिकांश हिस्सों को कवर कर लेगा और वर्षा गतिविधियों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

    मौसम विभाग के अनुसार मानसून ने बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन और बड़वानी के रास्ते मध्य प्रदेश में प्रवेश किया है। दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी जिलों में मानसून की सक्रियता के साथ ही कई क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। विशेष रूप से बैतूल और बुरहानपुर में मानसून की पहली बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट और मौसम में ठंडक महसूस की गई।

    मानसून के आगमन के साथ मौसम विभाग ने प्रदेश के 33 जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। हरदा, बैतूल, खंडवा, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बुरहानपुर सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा की संभावना जताई गई है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, उज्जैन, इंदौर, देवास, सीहोर, शाजापुर, खरगोन, नर्मदापुरम, सागर, दमोह, जबलपुर, कटनी, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, रीवा, मऊगंज और सिंगरौली समेत अनेक जिलों में भी मौसम के सक्रिय बने रहने का अनुमान है।

    पिछले 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ दिखाई दिया। कुल 39 जिलों में तेज हवाओं और बारिश की गतिविधियां दर्ज की गईं। कई स्थानों पर तेज बारिश के साथ आंधी चली, जबकि बालाघाट जिले में ओलावृष्टि की भी सूचना मिली। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में वर्षा का दायरा और अधिक विस्तृत होगा।

    हालांकि प्रदेश के कुछ हिस्सों में अभी भी गर्मी का प्रभाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। मौसम विभाग ने जबलपुर, मंडला, दमोह और उमरिया में हीटवेव की स्थिति बने रहने की चेतावनी जारी की है। वहीं प्रदेश के कई जिलों में दिन का तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है। दतिया में सर्वाधिक 42.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि ग्वालियर में भी तापमान 40 डिग्री के पार रहा।

    सोमवार और मंगलवार को प्री-मानसूनी गतिविधियों ने प्रदेश के मौसम को पूरी तरह बदल दिया। धार में लगभग दो इंच वर्षा दर्ज की गई, जबकि भोपाल में पौन इंच बारिश रिकॉर्ड हुई। इंदौर, खंडवा, रायसेन, राजगढ़, उज्जैन, छिंदवाड़ा, जबलपुर, सागर, सतना, सिवनी, बड़वानी, शाजापुर और सीहोर सहित कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिला। पचमढ़ी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के आगे बढ़ने के साथ तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी। इससे खेती-किसानी की गतिविधियों को गति मिलेगी और जलाशयों में जलस्तर बढ़ने की संभावना भी बनेगी। प्रदेश के किसानों के लिए यह बारिश खरीफ सीजन की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। समय पर और पर्याप्त वर्षा होने से सोयाबीन, धान, मक्का तथा अन्य खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलेगी।

    मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार मध्य प्रदेश में मानसून के प्रवेश की सामान्य तिथि 15 जून मानी जाती है। वर्ष 2021 में मानसून 9 जून को ही प्रदेश पहुंच गया था, जबकि वर्ष 2018 में इसकी सबसे देर से एंट्री 25 जून को दर्ज की गई थी। पिछले वर्ष मानसून 16 जून को पहुंचा था और पूरे सीजन में सामान्य से अधिक वर्षा हुई थी।

    फिलहाल मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज होगी। इसके साथ ही आंधी, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां भी जारी रह सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

  • मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक अब बस दो दिन दूर, आज 42 जिलों में बारिश का अलर्ट

    मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक अब बस दो दिन दूर, आज 42 जिलों में बारिश का अलर्ट

    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून का इंतजार अब खत्म होने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून प्रदेश की सीमा तक पहुंच चुका है और अगले दो से तीन दिनों में इसकी औपचारिक एंट्री होने की संभावना है। अनुमान है कि मानसून बालाघाट, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा के रास्ते राज्य में प्रवेश करेगा। इसके पहले प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां लगातार बनी रहेंगी।

    मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश के 42 जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई है। भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में मौसम का मिजाज बदला रह सकता है।

    नरसिंहपुर में लू की चेतावनी
    बारिश की संभावना के बीच मौसम विभाग ने नरसिंहपुर जिले में हीटवेव का अलर्ट भी जारी किया है। वहीं ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, अशोकनगर, श्योपुर, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन और आगर-मालवा जिलों में गर्मी का असर बना रहने की संभावना है।

    कई जिलों में बरसे बादल, तापमान में आई गिरावट
    मंगलवार को प्रदेश के अनेक हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहा। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बालाघाट में सवा इंच और रायसेन में पौन इंच वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा धार, नर्मदापुरम, इंदौर, खरगोन, राजगढ़, छिंदवाड़ा, जबलपुर, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ और बड़वानी सहित कई जिलों में बारिश हुई।

    बारिश और तेज हवाओं के कारण दिन के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। पचमढ़ी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। खरगोन में 30.4 डिग्री, धार में 31 डिग्री, सिवनी में 32.2 डिग्री, छिंदवाड़ा में 35.3 डिग्री, बैतूल और मंडला में 35.5 डिग्री तथा रायसेन में 35.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।

    ग्वालियर में 41 डिग्री पार, दतिया और सीधी सबसे गर्म
    प्रदेश के प्रमुख शहरों में इंदौर का अधिकतम तापमान 33.9 डिग्री, भोपाल का 32.2 डिग्री, उज्जैन का 34.8 डिग्री और जबलपुर का 35.4 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं ग्वालियर में पारा 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। दतिया और सीधी प्रदेश के सबसे गर्म जिले रहे, जहां अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।