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  • चंबल के बीहड़ों में शूट हुई नाना पाटेकर की आखिरी फिल्म शक्ति शालिनी, ग्वालियर-दतिया-मुरैना में फिल्माए गए सीन

    चंबल के बीहड़ों में शूट हुई नाना पाटेकर की आखिरी फिल्म शक्ति शालिनी, ग्वालियर-दतिया-मुरैना में फिल्माए गए सीन


    मध्य प्रदेश : बॉलीवुड अभिनेता नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर 2026 को निधन हो गया। बताया जा रहा है कि उनकी आखिरी फिल्म ‘शक्ति शालिनी’ है, जिसकी शूटिंग मध्य प्रदेश के ग्वालियर, दतिया और मुरैना में की गई थी। फिल्म में नाना पाटेकर तांत्रिक की भूमिका निभाने वाले हैं। यह फिल्म वर्ष 2027 में सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। नाना पाटेकर ने निधन से पहले फिल्म से जुड़े अपने हिस्से की शूटिंग पूरी कर ली थी।

    नाना पाटेकर का मध्य प्रदेश से लंबे समय से जुड़ाव रहा है। अपने करीब पांच दशक के फिल्मी करियर के दौरान उन्होंने प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में कई फिल्मों की शूटिंग की। इनमें ‘राजनीति’, ‘तरकीब’ और ‘थोड़ा सा रूमानी हो जाएं’ जैसी फिल्में शामिल हैं। अंतिम समय तक वह ‘शक्ति शालिनी’ पर काम कर रहे थे और फिल्म के लिए मध्य प्रदेश भी पहुंचे थे। मई 2026 में उन्होंने ग्वालियर और दतिया में फिल्म के कई दृश्यों की शूटिंग की थी।

    ‘शक्ति शालिनी’ मैडॉक हॉरर कॉमेडी यूनिवर्स का हिस्सा है। फिल्म में नाना पाटेकर के अलावा अभिनेत्री अनीत पड्डा और अभिनेता विनीत कुमार सिंह भी नजर आएंगे। नाना ने इन कलाकारों के साथ फिल्म के कई सीन शूट किए थे। फिल्म की कहानी में चंबल के डाकुओं और बीहड़ों से जुड़ा एंगल भी बताया जा रहा है। इसी वजह से ग्वालियर और दतिया के इलाकों को शूटिंग के लिए चुना गया था।

    फिल्म के कुछ हिस्सों की शूटिंग मुरैना में भी हुई। दतिया के करण सागर इलाके में शूटिंग के दौरान स्थानीय लोगों ने नाना पाटेकर को देखा था। फिल्म में उनके किरदार को लेकर अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन बताया गया है कि वह तांत्रिक की भूमिका निभाएंगे। फिल्म की रिलीज की बात करें तो ‘शक्ति शालिनी’ वर्ष 2027 में सिनेमाघरों में प्रदर्शित होगी।

    मध्य प्रदेश में नाना पाटेकर की फिल्मों का जुड़ाव इससे पहले भी रहा है। वर्ष 2010 में रिलीज हुई फिल्म ‘राजनीति’ की शूटिंग के लिए वह भोपाल आए थे और कुछ दिन राजधानी में बिताए थे। इस फिल्म में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके अलावा उनकी फिल्म ‘थोड़ा सा रूमानी हो जाएं’ की शूटिंग भी मध्य प्रदेश के पचमढ़ी में हुई थी। यह फिल्म वर्ष 1990 में रिलीज हुई थी।

    वर्ष 2000 में आई क्राइम थ्रिलर फिल्म ‘तरकीब’ की शूटिंग भी पचमढ़ी में की गई थी। पचमढ़ी वर्तमान में नर्मदापुरम जिले में स्थित है, जबकि पहले इस जिले का नाम होशंगाबाद था। इस तरह नाना पाटेकर का मध्य प्रदेश से जुड़ाव भोपाल से लेकर पचमढ़ी और चंबल क्षेत्र तक रहा है। अब उनकी आखिरी बताई जा रही फिल्म ‘शक्ति शालिनी’ में ग्वालियर, दतिया और मुरैना के इलाके भी बड़े पर्दे पर दिखाई दे सकते हैं।

  • मोहन यादव से मिले हर्ष गोयनका, जबलपुर, रतलाम, सागर और उज्जैन में निवेश की संभावनाओं पर हुई अहम चर्चा

    मोहन यादव से मिले हर्ष गोयनका, जबलपुर, रतलाम, सागर और उज्जैन में निवेश की संभावनाओं पर हुई अहम चर्चा

    मध्यप्रदेश । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुंबई के होटल द सेंट रेजिस में आयोजित ‘मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर संवाद’ कार्यक्रम के तहत आरपीजी समूह के अध्यक्ष हर्ष गोयनका से मुलाकात की। बैठक में मध्यप्रदेश में विद्युत पारेषण, टायर निर्माण और सूचना प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को लेकर चर्चा हुई। बातचीत के दौरान संभावित निवेश परियोजनाओं और उनके लिए उपयुक्त स्थानों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

    बैठक में हर्ष गोयनका ने जबलपुर में निवेश कर विद्युत पारेषण क्षेत्र में काम करने की इच्छा व्यक्त की। इस दौरान मध्यप्रदेश की औद्योगिक अवसंरचना, भौगोलिक स्थिति, कुशल कार्यबल और राज्य सरकार की निवेश अनुकूल नीतियों के आधार पर नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। जबलपुर में ट्रांसमिशन क्षेत्र से जुड़े निवेश को लेकर आगे की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।

    आरपीजी समूह ने मध्यप्रदेश में टायर निर्माण इकाई स्थापित करने की संभावना पर भी चर्चा की। इसके लिए राज्य की केंद्रीय भौगोलिक स्थिति और कच्चे माल की उपलब्धता को महत्वपूर्ण आधार के रूप में देखा गया। बातचीत में रतलाम, सागर और जबलपुर को संभावित निवेश स्थलों के तौर पर रखा गया। इन स्थानों पर उपलब्ध औद्योगिक सुविधाओं और अन्य आवश्यकताओं का आकलन करने के बाद आगे की संभावनाओं पर विचार किया जा सकता है।

    सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश को लेकर भी बैठक में सकारात्मक चर्चा हुई। आरपीजी समूह की टीम ने संभावित निवेश स्थलों का दौरा कर वहां उपलब्ध सुविधाओं और व्यावसायिक संभावनाओं का आकलन करने की इच्छा जताई। इस क्रम में उज्जैन के आईटी बिल्ट-अप पार्क में उपलब्ध प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं के इस्तेमाल की संभावना पर भी विचार किया गया। तैयार बुनियादी ढांचे के जरिए समूह को आईटी क्षेत्र में अपनी गतिविधियां शुरू करने का अवसर मिल सकता है।

    बैठक में संभावित परियोजनाओं के लिए उपयुक्त भूमि, आवश्यक अनुमतियों, निवेश प्रोत्साहनों और एकल-खिड़की व्यवस्था के जरिए सहयोग उपलब्ध कराने जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। प्राथमिकता वाले निवेश प्रस्तावों और संभावित स्थानों की पहचान कर आगे की प्रक्रिया को आसान बनाने पर जोर दिया गया। इससे प्रस्तावित परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं पर विचार किया गया।

    आरपीजी समूह अवसंरचना, मोबिलिटी, टायर, सूचना प्रौद्योगिकी, फार्मास्यूटिकल्स, ऊर्जा समाधान और उभरती प्रौद्योगिकियों सहित विभिन्न क्षेत्रों में काम करता है। समूह के प्रमुख व्यवसायों में केईसी इंटरनेशनल, सिएट और जेनसार टेक्नोलॉजीज शामिल हैं। समूह की वैश्विक उपस्थिति छह महाद्वीपों के 135 से अधिक देशों में बताई गई है।

    आरपीजी समूह का मध्यप्रदेश से लंबे समय से जुड़ाव रहा है। वर्ष 1951 से आरपीजी ट्रांसमिशन लिमिटेड के माध्यम से समूह की राज्य में उपस्थिति रही है। इसकी प्रमुख कंपनी केईसी इंटरनेशनल ने नीमच अंतरराज्यीय पारेषण प्रणाली सहित मध्यप्रदेश की विद्युत पारेषण अवसंरचना के विकास में योगदान दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और हर्ष गोयनका के बीच हुई बैठक में ट्रांसमिशन, टायर निर्माण और आईटी क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।

  • MP News: 3,357 कर्मचारियों की पदोन्नति, 44 आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति, अगले साल 1 लाख भर्तियों का लक्ष्य

    MP News: 3,357 कर्मचारियों की पदोन्नति, 44 आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति, अगले साल 1 लाख भर्तियों का लक्ष्य


    भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के रवींद्र भवन में किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के पदोन्नत शासकीय सेवकों द्वारा आयोजित अभिनंदन कार्यक्रम में कर्मचारियों और उनके परिवारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी दी। इस दौरान विभिन्न विभागों के 44 दिवंगत शासकीय सेवकों के आश्रित सदस्यों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारियों की पदोन्नति केवल उनके लिए खुशी का विषय नहीं है, बल्कि सरकार के लिए भी संतोष की बात है कि वह अपने अधिकारी-कर्मचारियों के हितों की चिंता कर रही है।

    मुख्यमंत्री के अनुसार, कुल 3,357 शासकीय सेवकों को पदोन्नति मिली है। इनमें 1,725 अधिकारी-कर्मचारी, कृषि विपणन बोर्ड के 1,439 कर्मचारी और कृषि अभियांत्रिकी के 139 कर्मचारी शामिल हैं। उन्होंने सभी पदोन्नत शासकीय सेवकों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ-साथ उन परिवारों की भी चिंता कर रही है, जिन्होंने असमय अपने किसी स्वजन को खोया है। इसी क्रम में अब तक करीब 300 अनुकंपा प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है और 44 युवाओं को सहायक वर्ग-3 के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी जा रही है।

    डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े बाकी लंबित प्रकरणों का भी जल्द निराकरण किया जाए और इन्हें शून्य लंबित मामलों की स्थिति तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि असमय अपने लोगों को खोने वाले परिवारों के दर्द को समझना जरूरी है। इसी संवेदनशीलता के साथ सरकार और संबंधित विभाग इन परिवारों के साथ खड़े हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हर विभाग में कर्मचारियों की समय पर पदोन्नति और अनुकंपा नियुक्ति के लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।

    रोजगार को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष मंडियों में 600 उपनिरीक्षकों सहित 1,500 से अधिक पदों पर नई भर्तियां की जाएंगी। उन्होंने बताया कि अब तक 85,000 नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। इसके साथ ही अगले वर्ष 1 लाख भर्तियों का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पदोन्नति, अनुकंपा नियुक्ति और नई भर्ती की प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने पर सरकार का जोर है, ताकि कर्मचारियों से जुड़े मामलों का निपटारा समय पर हो सके और विभागों में आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध रहे।

  • सीएम मोहन यादव ने SIR को बताया जरूरी, मतदाता सूची को विश्वसनीय बनाने नागरिकों से प्रक्रिया में भाग लेने की अपील

    सीएम मोहन यादव ने SIR को बताया जरूरी, मतदाता सूची को विश्वसनीय बनाने नागरिकों से प्रक्रिया में भाग लेने की अपील

    मध्यप्रदेश। के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत निर्वाचन आयोग की ओर से संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को जरूरी प्रक्रिया बताया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने में प्रत्येक जागरूक मतदाता की भूमिका महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री के अनुसार, लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची का अद्यतन, पारदर्शी और विश्वसनीय होना आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे मतदाता सूची के सत्यापन की इस प्रक्रिया में अपनी जिम्मेदारी निभाएं और विश्वसनीय मतदाता सूची के निर्माण में सहभागी बनें।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत मतदाता सूची का सत्यापन किया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से इस प्रक्रिया को समझने और निर्धारित नियमों के अनुसार अपनी जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता की भागीदारी केवल मतदान तक सीमित नहीं है, बल्कि सही और विश्वसनीय मतदाता सूची के निर्माण में भी नागरिकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल होने का आग्रह किया।

    SIR को लेकर मुख्यमंत्री ने नागरिकों से किसी भी तरह के भ्रम या अफवाह पर ध्यान नहीं देने को कहा है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़ी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित की जा रही है। फॉर्म 6 और घोषणा पत्र सहित प्रक्रिया से जुड़े प्रावधान निर्धारित हैं। मुख्यमंत्री ने लोगों से कहा कि वे इस संबंध में केवल निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी और तय प्रक्रिया पर ही भरोसा करें। उनका कहना है कि सही जानकारी के आधार पर प्रक्रिया में भाग लेना आवश्यक है।

    मुख्यमंत्री ने 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं से अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जिन युवाओं की उम्र 18 वर्ष पूरी हो चुकी है, उन्हें मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य दर्ज कराना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने प्रत्येक नागरिक से अपनी जानकारी और मतदाता सूची में दर्ज नाम की पुष्टि करने की अपील की। मुख्यमंत्री के अनुसार, मतदाता सूची में नाम की जांच और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करना नागरिक की जिम्मेदारी का हिस्सा है।

    डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए हर जागरूक मतदाता की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए मतदाता सूची के सत्यापन की प्रक्रिया में सहयोग करें। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण को ऐसी प्रक्रिया बताया, जिसके माध्यम से मतदाता सूची को अद्यतन, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे भ्रम या अफवाहों से प्रभावित हुए बिना निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें और अपनी मतदाता संबंधी जानकारी की पुष्टि करें। साथ ही, उन्होंने युवाओं से भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।

  • छतरपुर में अंतिम संस्कार में जा रहे परिवार की बोलेरो ट्रक से टकराई, पांच लोगों की मौत, बच्चों के सिर से उठा माता-पिता का साया

    छतरपुर में अंतिम संस्कार में जा रहे परिवार की बोलेरो ट्रक से टकराई, पांच लोगों की मौत, बच्चों के सिर से उठा माता-पिता का साया

    मध्य प्रदेश: के छतरपुर जिले में शनिवार शाम एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई। चौका गांव के पास बोलेरो और ट्रक के बीच जोरदार टक्कर हो गई। दुर्घटना में तीन महिलाओं समेत पांच लोगों की जान चली गई, जबकि बोलेरो चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। परिवार के पांच सदस्यों की एक साथ मौत से क्षेत्र में शोक का माहौल है।

    जानकारी के अनुसार, बोलेरो में चालक समेत कुल छह लोग सवार थे। सभी लोग एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान चौका गांव के नजदीक बोलेरो की ट्रक से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बोलेरो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोग वाहन के भीतर फंस गए। दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत और बचाव का प्रयास शुरू किया।

    हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान बिजावर निवासी दौलत रैकवार, उनकी पत्नी बीना रैकवार, श्याम बाई रैकवार, संजय रैकवार और कौशल्या रैकवार के रूप में हुई है। दुर्घटना में बोलेरो चालक छोटू रैकवार की जान बच गई, लेकिन उसे गंभीर चोटें आई हैं। घायल चालक को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया। हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उसे आगे के इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया।

    घटना की सूचना मिलते ही मातगुवां पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। इसके बाद दुर्घटनाग्रस्त वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। पुलिस ने मृतकों के शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद घटनास्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एकत्र हो गए। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

    बताया जा रहा है कि परिवार के लोग एक अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जा रहे थे। मृतक दौलत रैकवार की बेटी अलका का विवाह पिछले वर्ष छतरपुर जिले के बगौता गांव में हुआ था। हाल ही में अलका के ससुर का निधन हो गया था। इसी वजह से परिवार के सदस्य अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जा रहे थे। लेकिन रास्ते में चौका गांव के पास हुए हादसे ने परिवार की खुशियों और उम्मीदों को गहरे दुख में बदल दिया।

    दुर्घटना में जान गंवाने वाले पांचों लोग एक ही परिवार से जुड़े थे। हादसे की खबर मिलते ही उनके परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिवार के सदस्य राजू रैकवार ने बताया कि दुर्घटना में उनकी मां श्यामबाई, भाई दौलत, भाभी बीना, बहू कौशल्या और भतीजे संजय की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि इस हादसे के बाद उनके भाई और भाभी के बच्चे अनाथ हो गए हैं।

    परिवार के पांच सदस्यों को एक साथ खोने का दर्द बयान करते हुए राजू रैकवार फूट-फूटकर रो पड़े। हादसे में बच्चों के माता-पिता और अन्य परिजनों की मौत से परिवार के सामने अब उनके पालन-पोषण और भविष्य की चुनौती भी खड़ी हो गई है।

    छतरपुर में हुई इस दुर्घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे परिजनों को रास्ते में ही अपनी जान गंवानी पड़ी। स्थानीय प्रशासन और पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की जांच में जुटे हैं।

  • सतना में शादी से इनकार पर महिला पर चाकू से जानलेवा हमला, 300 किलोमीटर स्कूटी चलाकर पहुंचा आरोपी गिरफ्तार

    सतना में शादी से इनकार पर महिला पर चाकू से जानलेवा हमला, 300 किलोमीटर स्कूटी चलाकर पहुंचा आरोपी गिरफ्तार


    मध्य प्रदेश: के सतना में शादी करने से इनकार करने पर एक युवक ने 32 वर्षीय महिला पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। घटना गुरुवार को धवारी तिराहे के पास कलेक्ट्रेट के नजदीक हुई। महिला घर से पैदल अपनी ड्यूटी पर जा रही थी, तभी स्कूटी से पहुंचे आरोपी ने पीछे से उस पर चाकू से वार कर दिया। हमले में महिला के पेट और कमर के बीच के हिस्से के अलावा गले में भी गंभीर चोटें आईं। घायल महिला को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने घटना के बाद फरार हो रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला सतना के बजरहा टोला की रहने वाली है और शहर के एक होटल में नौकरी करती है। गुरुवार को वह रोजाना की तरह घर से पैदल होटल में ड्यूटी करने जा रही थी। इसी दौरान धवारी के पास कलेक्ट्रेट के नजदीक स्कूटी से पहुंचे सूरज जाटव ने उस पर पीछे से चाकू से हमला कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी स्कूटी लेकर मौके से फरार हो गया।

    महिला की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1) के तहत हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की मदद से आरोपी की पहचान की।

    पीड़िता की पारिवारिक स्थिति के अनुसार, वह शादी के बाद अपने पति के साथ दिल्ली में रहती थी। वर्ष 2020 में पति की मौत हो गई थी। इसके बाद वह अपने दोनों बच्चों के साथ सतना में मायके आकर रहने लगी। बच्चों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उठाने के लिए उसने शहर के एक होटल में नौकरी शुरू की।

    महिला ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2024 में एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के लिए वह सागर गई थी। वहां उसकी मुलाकात सूरज जाटव से हुई। इसके बाद दोनों के बीच सोशल मीडिया के माध्यम से बातचीत शुरू हुई। महिला का आरोप है कि पिछले करीब दो वर्षों से सूरज उस पर शादी करने का दबाव बना रहा था। उसके इनकार करने पर आरोपी उसे बार-बार धमकियां देता था।

    महिला के मुताबिक, शादी के लिए सहमति नहीं मिलने पर आरोपी सागर से स्कूटी लेकर सतना पहुंचा। उसने लगभग 300 किलोमीटर की दूरी तय की और महिला के घर से निकलते ही उसका पीछा करना शुरू कर दिया। धवारी के पास कलेक्ट्रेट के नजदीक पहुंचने पर उसने चलती स्कूटी से महिला पर चाकू से हमला कर दिया।

    दिनदहाड़े हुई वारदात की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। नगर पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी के नेतृत्व में सिटी कोतवाली थाना प्रभारी हेमंत शर्मा की अगुवाई में टीम गठित की गई। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान सूरज जाटव के रूप में हुई। वह सागर जिले के मोतीनगर थाना क्षेत्र के सुभाष नगर, गुलाब गली, वार्ड नंबर तीन का निवासी है। उसके पिता का नाम इमरत लाल जाटव बताया गया है।

    पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को स्कूटी सहित गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मामले में पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। कार्रवाई में उप निरीक्षक अभिषेक कुमार पांडेय, प्रधान आरक्षक राहुल सिंह, चीतेन्द्र पांडेय और आरक्षक अजीत सिंह शामिल रहे।

  • खंडवा में गणेश विसर्जन की धूम, मंत्री विजय शाह ने की आरती, क्रेन पर चढ़कर कृत्रिम कुंड का निरीक्षण

    खंडवा में गणेश विसर्जन की धूम, मंत्री विजय शाह ने की आरती, क्रेन पर चढ़कर कृत्रिम कुंड का निरीक्षण

    मध्य प्रदेश: के खंडवा जिले में गणेश उत्सव के समापन के साथ भगवान गणेश की प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला धूमधाम से जारी है। विसर्जन स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है और गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। इस दौरान प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री विजय शाह ने विसर्जन स्थल पहुंचकर भगवान गणेश की आरती की और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।

    मंत्री विजय शाह ने विसर्जन के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। उनके साथ खंडवा की महापौर अमृता यादव सहित कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय नेता मौजूद रहे। इस दौरान अधिकारियों से विसर्जन स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और प्रतिमाओं के विसर्जन की व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई।

    खंडवा में गणेश प्रतिमाओं के सुरक्षित विसर्जन के लिए नगर निगम की ओर से शहर में तीन कृत्रिम कुंड तैयार किए गए हैं। इन कुंडों के माध्यम से प्रतिमाओं के विसर्जन की व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके और विसर्जन के दौरान आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए जा सकें।

    मंत्री विजय शाह ने महापौर अमृता यादव और नगर निगम परिषद के सदस्यों के साथ भैरव तालाब परिसर में बनाए गए कृत्रिम विसर्जन कुंड का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों और नगर निगम के प्रतिनिधियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

    निरीक्षण के दौरान मंत्री विजय शाह विसर्जन में इस्तेमाल की जा रही क्रेन पर भी चढ़े और वहां से कुंड की व्यवस्था का जायजा लिया। विसर्जन के लिए क्रेन के इस्तेमाल से प्रतिमाओं को निर्धारित स्थान तक पहुंचाने और विसर्जन की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने की व्यवस्था की गई है।

    गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए प्रशासन और नगर निगम की ओर से सुविधाओं का प्रबंध किया गया है। नगर निगम की टीम विसर्जन स्थलों पर व्यवस्था बनाए रखने और श्रद्धालुओं को सुविधाजनक तरीके से विसर्जन कराने में जुटी हुई है।

    मंत्री विजय शाह ने नगर निगम की ओर से बनाए गए कृत्रिम कुंडों की व्यवस्था पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि जनभावनाओं के अनुरूप भगवान गणेश के विसर्जन के लिए कुंड तैयार करना सराहनीय पहल है। उन्होंने खंडवा नगर निगम की पूरी टीम को इस व्यवस्था के लिए बधाई दी।

    मंत्री ने कहा कि नगर निगम ने लोगों की भावनाओं और विश्वास के अनुरूप व्यवस्था की है। उन्होंने भगवान गणेश के विसर्जन को सम्मानपूर्वक संपन्न कराने की पहल की सराहना करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए विसर्जन की व्यवस्था की गई है।

    विजय शाह ने यह भी कहा कि भगवान गणेश का विसर्जन मां नर्मदा के पवित्र जल में सम्मानपूर्वक किया जा रहा है। गणेश उत्सव के अंतिम चरण में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए लेकर पहुंच रहे हैं।

    खंडवा में तीन कृत्रिम कुंडों की व्यवस्था और नगर निगम की तैयारियों के बीच गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन लगातार जारी है। प्रशासन और नगर निगम की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा तथा विसर्जन प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने पर ध्यान दिया जा रहा है।

  • मध्य प्रदेश के सात शहरों में 351 बसों के साथ आज से शुरू होगी सुगम परिवहन सेवा, यात्रियों को मिलेगी नई सुविधा

    मध्य प्रदेश के सात शहरों में 351 बसों के साथ आज से शुरू होगी सुगम परिवहन सेवा, यात्रियों को मिलेगी नई सुविधा

    मध्य प्रदेश: में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत शुक्रवार, 25 सितंबर को 351 बसों के साथ की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल के गोविंदपुरा स्थित बीएचईएल दशहरा मैदान में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में बसों को हरी झंडी दिखाएंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी शामिल होंगे। इस सेवा का उद्देश्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को दोबारा व्यवस्थित करना और यात्रियों को शहरों के भीतर तथा एक शहर से दूसरे शहर तक आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना है।

    योजना के पहले चरण में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड को शामिल किया गया है। इन सात शहरों में कुल 351 बसों का संचालन शुरू होगा। इनमें 120 बसें इंटरसिटी सेवा के लिए और 231 बसें इंट्रासिटी सेवा के लिए निर्धारित की गई हैं। इंटरसिटी बसें अलग-अलग शहरों के बीच यात्रियों को आवागमन की सुविधा देंगी, जबकि इंट्रासिटी बसें शहरों के अंदर संचालित होंगी।

    बसों का शहरवार वितरण भी निर्धारित किया गया है। इंदौर में सबसे अधिक 145 बसें चलाई जाएंगी। इनमें 50 इंटरसिटी और 95 इंट्रासिटी बसें शामिल हैं। भोपाल में कुल 106 बसें संचालित होंगी, जिनमें 23 इंटरसिटी और 83 इंट्रासिटी बसें रहेंगी। जबलपुर में 67 बसों का संचालन होगा। इनमें 14 बसें शहरों के बीच और 53 बसें शहर के भीतर चलेंगी।

    इसके अलावा रीवा में 18, देवास में 10, कटनी में तीन और भिंड में दो इंटरसिटी बसें शुरू की जाएंगी। इस तरह पहले चरण में बड़े शहरों के साथ अन्य क्षेत्रों को भी सार्वजनिक बस सेवा से जोड़ने की व्यवस्था की गई है।

    परिवहन विभाग ने इंटरसिटी बसों के लिए किराया दो रुपये प्रति किलोमीटर निर्धारित किया है। भोपाल में भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के साथ पीएम बस सेवा का संचालन किया जा रहा है। वहीं इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन सहित अन्य शहरों में बस सेवाओं को एक विभागीय व्यवस्था के तहत संचालित करने की योजना है।

    सेवा के शुभारंभ से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार देर रात बीएचईएल दशहरा मैदान पहुंचे और कार्यक्रम की तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने मंच, सभा स्थल और यात्रियों तथा कार्यक्रम से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने बसों का निरीक्षण किया और वहां मौजूद चालकों से बातचीत भी की। इस दौरान परिवहन सचिव मनीष सिंह भी मौजूद रहे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 21 साल बाद प्रदेश में लोक परिवहन बस सेवा की शुरुआत की जा रही है। उन्होंने आधुनिक ई-बसों और सुविधायुक्त बसों का नेटवर्क चरणबद्ध तरीके से नगरों और जिलों तक विस्तारित करने की बात कही। योजना के तहत बस स्टॉप, बस स्टैंड, इलेक्ट्रॉनिक सुविधाओं और बेहतर नियंत्रण व्यवस्था को विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा।

    सरकार की योजना सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क का विस्तार करते हुए यात्रियों को सुविधाजनक आवागमन उपलब्ध कराने की है। पहले चरण में सात शहरों से शुरू हो रही यह सेवा आगे प्रदेश के अन्य नगरों और जिलों तक पहुंचाई जाएगी। इसके तहत बसों के संचालन और परिवहन सुविधाओं को व्यवस्थित करने की दिशा में काम किया जाएगा।

  • मध्य प्रदेश में 20 साल बाद सुगम परिवहन की शुरुआत, पहले चरण में 351 बसें चलेंगी, रात में भी मिलेगी सेवा

    मध्य प्रदेश में 20 साल बाद सुगम परिवहन की शुरुआत, पहले चरण में 351 बसें चलेंगी, रात में भी मिलेगी सेवा

    मध्य प्रदेश: में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत की जा रही है। करीब 20 साल बाद प्रदेश में परिवहन व्यवस्था को नए स्वरूप में विकसित करने की दिशा में यह पहल की गई है। इसके तहत इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक, किफायती और बेहतर कनेक्टिविटी वाला सफर मिल सकेगा। योजना का पहला चरण 351 बसों के साथ शुरू होगा।

    इस सेवा के तहत भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड सहित विभिन्न शहरों में बसें संचालित की जाएंगी। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2031 तक पूरे प्रदेश में 15 हजार बसें चलाने का है। इस लक्ष्य के पूरा होने पर प्रदेश के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क का विस्तार होगा और अधिक लोगों को नियमित बस सेवा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

    नई व्यवस्था में यात्रियों को निर्धारित स्टॉप पर बसों का इंतजार कम करना पड़ेगा। बसों के संचालन का अंतराल मार्ग और सेवा के अनुसार 5 से 30 मिनट तक रहने की जानकारी दी गई है। कुछ मार्गों पर यात्रियों को हर 10 से 15 मिनट में बस मिलने की सुविधा भी मिलेगी। इससे रोजाना कामकाज, पढ़ाई और अन्य जरूरी गतिविधियों के लिए बस से यात्रा करने वाले लोगों को सहूलियत होगी।

    यात्रियों को बसों की जानकारी हासिल करने के लिए भी डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मोबाइल फोन पर बस की लाइव लोकेशन देखी जा सकेगी। इसके अलावा ऑनलाइन टिकट की सुविधा भी मिलेगी। इससे यात्रियों को बस के आने का अनुमान लगाने और टिकट प्राप्त करने में आसानी होगी। निर्धारित किराया व्यवस्था लागू होने से मनमाने किराए पर भी नियंत्रण रखने का प्रयास किया जाएगा।

    बसों का किराया लगभग दो रुपये प्रति किलोमीटर निर्धारित किए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे नियमित यात्रियों को यात्रा खर्च में राहत मिलने की उम्मीद है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर भी जोर दिया गया है। इन बसों से सीधे धुएं का उत्सर्जन नहीं होगा, जिससे वायु प्रदूषण कम करने में सहायता मिल सकती है। भोपाल जैसे शहर में, जहां झीलों और पर्यावरण का विशेष महत्व है, इलेक्ट्रिक बसों का संचालन प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में उपयोगी माना जा रहा है।

    नई बसों में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक व्यवस्थाएं भी उपलब्ध रहेंगी। बसों में सीसीटीवी कैमरे और पैनिक बटन लगाए जाएंगे। इससे यात्रा के दौरान सुरक्षा संबंधी जरूरतों पर ध्यान दिया जा सकेगा। दिव्यांग यात्रियों के लिए भी बसों में चढ़ने और उतरने की सुविधा बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है।

    इस सेवा की एक महत्वपूर्ण विशेषता रात में भी बसों का संचालन है। इससे देर शाम या रात के समय यात्रा करने वाले लोगों को सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मिल सकेगा। खासकर उन यात्रियों को फायदा हो सकता है, जिन्हें कामकाज या अन्य कारणों से सामान्य समय के बाद भी आवागमन करना पड़ता है।

    कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के जरिए प्रदेश में बस यात्रा को अधिक नियमित, सुरक्षित और डिजिटल बनाने की योजना है। पहले चरण में 351 बसों से शुरू होने वाली यह व्यवस्था आगे चलकर बड़े परिवहन नेटवर्क का हिस्सा बनेगी। वर्ष 2031 तक 15 हजार बसों के संचालन का लक्ष्य पूरा करने के लिए आने वाले वर्षों में सेवा का विस्तार किया जाएगा।

  • बिप्लब कुमार देव को मिली एमपी बीजेपी प्रभारी की जिम्मेदारी, जानिए कैसा रहा उनका राजनीतिक सफर

    बिप्लब कुमार देव को मिली एमपी बीजेपी प्रभारी की जिम्मेदारी, जानिए कैसा रहा उनका राजनीतिक सफर

    मध्य प्रदेश : में भारतीय जनता पार्टी ने अपने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए नए प्रदेश प्रभारी और सह प्रभारी की नियुक्ति की है। त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री और लोकसभा सांसद बिप्लब कुमार देव को मध्य प्रदेश का नया प्रभारी बनाया गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश की नेता और सांसद रेखा वर्मा को सह प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। इस बदलाव के साथ प्रदेश में प्रभारी पद को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी विराम लग गया है।

    बिप्लब कुमार देव का राजनीतिक सफर संगठनात्मक गतिविधियों से शुरू हुआ। वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे और बाद में दिल्ली में संगठन के वरिष्ठ नेता के.एन. गोविंदाचार्य के सहायक के तौर पर काम करते हुए राजनीतिक संगठन का अनुभव हासिल किया। वर्ष 2016 में उन्हें त्रिपुरा बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली।

    उनके नेतृत्व में बीजेपी ने वर्ष 2018 के त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। इस चुनाव के बाद राज्य में बीजेपी की सरकार बनी और लंबे समय से सत्ता में रहे वाम दल के शासन का अंत हुआ। 9 मार्च 2018 को बिप्लब कुमार देव ने त्रिपुरा के 10वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। वह वर्ष 2018 से 2022 तक मुख्यमंत्री पद पर रहे।

    वर्ष 2022 में बिप्लब देव ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में संगठन से जुड़ी जिम्मेदारियां दी गईं। वह राज्यसभा के सदस्य भी रहे और हरियाणा बीजेपी के प्रभारी के तौर पर काम किया। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने त्रिपुरा पश्चिम सीट से जीत दर्ज की और लोकसभा पहुंचे।

    इसके बाद पार्टी संगठन में उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली। बिप्लब कुमार देव को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया। अब उन्हें मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्य का प्रभारी नियुक्त किया गया है। प्रदेश में संगठन को मजबूत करने और केंद्रीय नेतृत्व तथा राज्य इकाई के बीच समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी उनके पास होगी।

    मध्य प्रदेश में बिप्लब देव के साथ रेखा वर्मा को सह प्रभारी नियुक्त किया गया है। रेखा वर्मा उत्तर प्रदेश की नेता हैं और धौरहरा लोकसभा सीट से दो बार सांसद रह चुकी हैं। पार्टी की राष्ट्रीय टीम में उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी दी गई है। अब वह मध्य प्रदेश में प्रभारी के साथ मिलकर संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने का काम करेंगी।

    इससे पहले मध्य प्रदेश के प्रभारी की जिम्मेदारी डॉ. महेंद्र सिंह के पास थी। अब उन्हें उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में वहां संगठन से जुड़े कामों में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी। मध्य प्रदेश में उनके स्थान पर बिप्लब कुमार देव को जिम्मेदारी दी गई है।

    सह प्रभारी के स्तर पर भी बदलाव हुआ है। इससे पहले यह जिम्मेदारी सतीश कुमार उपाध्याय संभाल रहे थे। अब उनकी जगह रेखा वर्मा को मध्य प्रदेश का सह प्रभारी बनाया गया है। इस बदलाव के बाद प्रदेश संगठन में प्रभारी और सह प्रभारी की नई टीम काम करेगी।

    प्रदेश प्रभारी का मुख्य काम पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व और राज्य संगठन के बीच तालमेल बनाए रखना होता है। वह प्रदेश अध्यक्ष और अन्य नेताओं के साथ मिलकर संगठनात्मक गतिविधियों, पार्टी कार्यक्रमों और चुनावी तैयारियों से जुड़े मामलों पर काम करते हैं। राज्य संगठन से मिलने वाली जानकारी और फीडबैक को केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचाने में भी प्रभारी की भूमिका होती है। सह प्रभारी संगठनात्मक कार्यों में प्रभारी का सहयोग करते हैं।