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  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सुनी अनामिका बैगा की 'रोती' गुहार, डॉक्टर बनने का सपना हुआ पूरा

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सुनी अनामिका बैगा की 'रोती' गुहार, डॉक्टर बनने का सपना हुआ पूरा


    भोपाल । मध्य प्रदेश के सीधी जिले की अनामिका बैगा, जो गरीब बैगा आदिवासी परिवार से आती हैं, ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से अपने डॉक्टर बनने के सपने को साकार करने के लिए मदद की गुहार लगाई। मुख्यमंत्री ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे NEET की तैयारी, कोचिंग और छात्रावास के लिए सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।

    मध्य प्रदेश के सीधी जिले में एक बहादुर बेटी ने अपने सपनों को सच करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मदद की गुहार लगाई। सीधी जिले की अनामिका बैगा, जो बैगा आदिवासी समुदाय से हैं, का सपना है कि वह डॉक्टर बनें, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उनकी पढ़ाई में रुकावट आ रही थी। वह कई बार विधायक, सांसद और कलेक्टर से मदद की उम्मीद कर चुकी थीं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। अंत में, मुख्यमंत्री से मिली उम्मीद ने उनके जीवन को नया मोड़ दिया।

    सीधी दौरे के दौरान मुख्यमंत्री से मिलने पर अनामिका ने अपने दिल की बात रोते हुए साझा की। उन्होंने कहा, मैं बैगा आदिवासी हूं, मुझे डॉक्टर बनना है, लेकिन मेरे पापा के पास इतने पैसे नहीं हैं कि मैं NEET की तैयारी और कोचिंग ले सकूं। अनामिका की यह गुहार सीधा मुख्यमंत्री तक पहुंची, और उन्होंने तुरंत कार्रवाई करने का फैसला किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर पोस्ट करते हुए कहा कि उन्हें अनामिका के बारे में जानकारी मिली है, और उन्होंने उसे पूरी मदद देने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा अनामिका NEET की तैयारी कर रही हैं और उन्हें कोचिंग और छात्रावास की आवश्यकता है। इसके लिए उचित व्यवस्था की जाएगी। मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिलने पर राज्य सरकार हर संभव सहायता करेगी। मुझे पूरा विश्वास है कि वह एक दिन एक विख्यात चिकित्सक बनकर मध्य प्रदेश का नाम रोशन करेंगी। मुख्यमंत्री के इस संवेदनशील कदम से न केवल अनामिका का भविष्य उज्जवल हो रहा है बल्कि यह भी संदेश जा रहा है कि मध्य प्रदेश में कोई भी सपना आर्थिक तंगी के कारण अधूरा नहीं रहेगा।

    यह पहल आदिवासी समुदाय की एक युवा लड़की के लिए उम्मीद की किरण साबित हुई है। अनामिका के लिए यह अवसर न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को बदलने वाला होगा, बल्कि यह राज्य सरकार की नीतियों का भी एक सशक्त उदाहरण है, जो निर्धनता और सामाजिक स्थिति के बावजूद किसी भी युवा को उनका सपना पूरा करने का अवसर प्रदान करती है। मुख्यमंत्री के इस कदम से यह स्पष्ट हो जाता है कि राज्य सरकार अपनी योजनाओं के तहत हर उस व्यक्ति तक मदद पहुंचाने का प्रयास कर रही है, जो अपनी मेहनत और संघर्ष से कुछ बड़ा करना चाहता है।अब, अनामिका बैगा के पास डॉक्टर बनने की राह पहले से कहीं अधिक आसान हो गई है, और मध्य प्रदेश के आदिवासी समुदाय के लिए यह एक प्रेरणास्त्रोत बन गया है।

  • आज भोपाल में इन इलाकों में रहेगी बिजली कटौती साथ ही जानें शहर में क्या-क्या खास है

    आज भोपाल में इन इलाकों में रहेगी बिजली कटौती साथ ही जानें शहर में क्या-क्या खास है


    भोपाल । आज भोपाल शहर के कई इलाकों में बिजली कटौती की जाएगी। बिजली के कनेक्शन में आने वाले बदलावों से कुछ इलाकों में आज सुबह से लेकर दोपहर तक बिजली नहीं रहेगी। प्रभावित इलाकों में यह कटौती होगी ।

    सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक

    अब्बास नगर नई बस्ती सेक्टर-5 महावीर बस्ती और आसपास के क्षेत्र
    सुबह 10 से शाम 4 बजे तक ,
    प्रगति परिसर MLA रेस्ट हाउस खजूरी गुर्जर अपार्टमेंट साईं स्पर्श-2 पलक विहार 11 मील और आसपास
    सुबह 11 से दोपहर 230
    बजे तक दानिशकुंज-1 व 2 फाइन कैंपस हरे-कृष्ण होम्स और आसपास
    दोपहर 12 से 2 बजे तक
    लेबर कॉलोनी अंजता कॉम्प्लेक्स अप्सरा कॉम्प्लेक्स रविदास नगर शांति नगर भारत नगर कर्मवीर नगर भवानी नगर सहित आसपास के इलाके
    नए साल से ट्रेनों की टाइमिंग में बदलाव भोपाल रानी कमलापति और संत हिरदाराम नगर बैरागढ़ से चलने वाली 26 ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया है। अब रिजर्वेशन चार्ट 10 घंटे पहले जारी होगा।
    प्रमुख बदलाव इस प्रकार हैं ।
    22145 भोपाल–रीवा एक्सप्रेस रात 1105 की बजाय 1100 बजे
    19324 भोपाल–डॉ. अंबेडकर नगर एक्सप्रेस शाम 500 की बजाय 510 बजे
    14814 भोपाल–जोधपुर एक्सप्रेस शाम 455 की बजाय 440 बजे
    12185 रानी कमलापति–रीवा एक्सप्रेस रात 1000 की बजाय 955 बजे
    22172 रानी कमलापति–पुणे एक्सप्रेस दोपहर 350 की बजाय 340 बजे
    01665 रानी कमलापति–अगरतला स्पेशल दोपहर 340 की बजाय 320 बजे

    आज के खास आयोजनों की जानकारी

    धोती-कुर्ता में क्रिकेट संस्कृत में कमेंट्री, स्थान अंकुर खेल मैदान शिवाजी नगर वेदिक ब्राह्मणों का अनोखा क्रिकेट टूर्नामेंट जिसमें खिलाड़ी धोती-कुर्ता पहनकर खेलेंगे और संस्कृत में कमेंट्री की जाएगी। आयोजन महर्षि मैत्री मैच श्रृंखला-6 5 से 9 जनवरी

    शलाका आर्ट एग्जीबिशन

    स्थान जनजातीय संग्रहालय श्यामला हिल्स समय दोपहर 12 बजे से गोंड जनजाति की पारंपरिक शलाका चित्रकला की झलक प्रवेश निःशुल्क गायों के साथ वेलनेस तनाव और चिंता दूर करने वाला टूर स्थान वृंदावन आश्रम गौशाला कोलुआ कलां रोड सुबह का गाइडेड टूर शुल्क ₹249 आलोक नामा , सपनों का सफर स्थान ,रवींद्र भवन राजभवन रोड कविता और भावनाओं से सजी साहित्यिक शाम टिकट ₹249 खिलाओ और खेलो ,बच्चों के लिए फार्म फन डे स्थान, वृंदावन आश्रम गौशाला बच्चों के लिए फीडिंग गेम्स और ग्रामीण अनुभव शुल्क ₹249

    भर्ती की जानकारी

    आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका के 4767 पद आवेदन MP Online के जरिए

    अंतिम तिथि 10 जनवरी

    MPESB में 474 पदों पर सीधी भर्ती मेडिकल कॉलेज स्वास्थ्य संस्थान और विभागीय कार्यालय अंतिम तिथि 7 जनवरी 2026 संशोधन की आखिरी तारीख 12 जनवरी 2026खिलाओ और खेलो – बच्चों के लिए फार्म फन डे

  • मध्यप्रदेश में घने कोहरे और शीतलहर का असर ट्रेनें 14 घंटे लेट 24 जिलों में स्कूल बंद

    मध्यप्रदेश में घने कोहरे और शीतलहर का असर ट्रेनें 14 घंटे लेट 24 जिलों में स्कूल बंद


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में इस समय कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का प्रभाव देखने को मिल रहा है जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मंगलवार सुबह राज्य के कई हिस्सों में विजिबिलिटी सिर्फ 20 मीटर तक सिमट गई जिससे यातायात और रेल यात्रा पर बुरा असर पड़ा। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है।

    भोपाल ग्वालियर इंदौर जबलपुर उज्जैन और शहडोल सहित 30 से अधिक जिलों में घना कोहरा छाया रहा। इस वजह से सड़क पर वाहन रेंगते नजर आए और तापमान भी काफी नीचे गिर गया। शहडोल में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस दतिया में 4.4 डिग्री और राजगढ़-खजुराहो में 5.4 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल का तापमान 6.8 डिग्री ग्वालियर का 6.4 डिग्री और इंदौर का 8.6 डिग्री सेल्सियस रहा।

    इस घने कोहरे का सबसे बड़ा असर रेल यातायात पर पड़ा है। उत्तर भारत से आने वाली कई ट्रेनें 10 से 14 घंटे तक लेट रही हैं। श्रीधाम एक्सप्रेस इटारसी 13.5 घंटे की देरी से पहुंची जबकि अगरतला-रानी कमलापति स्पेशल ट्रेन लगभग 14 घंटे लेट रही। कई अन्य ट्रेनें जैसे मालवा सचखंड कर्नाटक और तमिलनाडु एक्सप्रेस भी 2 से 5 घंटे तक विलंब से चलीं। इस वजह से स्टेशन पर यात्रियों को ठंड में लंबा इंतजार करना पड़ा।

    बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इंदौर उज्जैन ग्वालियर जबलपुर रतलाम नीमच मंदसौर शाजापुर सहित 24 जिलों में नर्सरी से आठवीं तक के स्कूल बंद कर दिए गए हैं। वहीं भोपाल धार सीहोर बड़वानी मुरैना खरगोन और अनूपपुर में स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव किया गया है और अब स्कूल सुबह 930 या 10 बजे के बाद शुरू होंगे।

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाएं और नमी के कारण कोहरा और बढ़ा है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से जनवरी में ठंड का यह दौर और तेज हुआ है। नवंबर और दिसंबर में रिकॉर्ड ठंड के बाद जनवरी में भी राहत की उम्मीद कम है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सावधानी बरतें अनावश्यक यात्रा से बचें और विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान रखें। प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर स्कूलों के बारे में और निर्णय लिया जा सकता है।

  • भोपाल में घना कोहरा और कड़ाके की ठंड: 20 जिलों में स्कूल बंद, भोपाल में समय बदला

    भोपाल में घना कोहरा और कड़ाके की ठंड: 20 जिलों में स्कूल बंद, भोपाल में समय बदला


    नई दिल्ली। राजधानी भोपाल में पिछले तीन दिनों से घना कोहरा और कड़ाके की ठंड का असर देखने को मिल रहा है। सोमवार सुबह 6 से 8 बजे के बीच विजिबिलिटी 20 से 50 मीटर तक ही रही, यानी कोहरा इतना घना था कि 20 मीटर दूर भी देख पाना मुश्किल था। इसी बीच, नन्हें बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे। सुबह के समय स्कूल वैन और बसों द्वारा बच्चों को लेने के दौरान हादसे का खतरा भी बना रहा।
    कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की वजह से प्रदेश के 20 जिलों में स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। भोपाल ऐसा जिला है, जहां नर्सरी से आठवीं तक की कक्षाओं की शुरुआत समय बदलकर सुबह 9.30 बजे कर दी गई, जबकि उच्च कक्षाओं (9वीं से 12वीं) के छात्रों को सामान्य समय पर स्कूल आना पड़ा।

    भोपाल में विशेष व्यवस्था
    भोपाल में नर्सरी से 8वीं तक के स्कूल सोमवार से सुबह 9.30 बजे खुलेंगे। इसके पहले जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र अहिरवार ने आदेश जारी किया था।

    छोटे बच्चों के लिए टाइमिंग बढ़ाने का मकसद उन्हें ठिठुरते हुए स्कूल जाने से बचाना है। लेकिन 9वीं से 12वीं के छात्रों को घने कोहरे के बीच स्कूल पहुंचना पड़ा।

    अभिभावक मयंक लिमये ने कहा, पूरे प्रदेश में तेज सर्दी और कोहरा छाया हुआ है। कई जिलों में स्कूल बंद किए गए हैं, लेकिन भोपाल में बच्चों को ठंड और कोहरे में स्कूल भेजा गया। यह असुरक्षा का सवाल है।

    हादसे का डर
    सुबह के समय घना कोहरा रहने के कारण स्कूल वैन और बसें घर से बच्चों को लेने गईं।

    अभिभावकों का डर है कि कोहरे में वाहन दुर्घटना हो सकती है। उनका कहना है कि जब तक विजिबिलिटी सामान्य नहीं होती, स्कूल बंद रखना चाहिए।
    प्रदेश के 20 जिलों में छुट्टी की सूची
    इंदौर: कक्षा 1 से 8 तक, तीन दिन की छुट्टी।
    उज्जैन: नर्सरी से 5वीं तक, एक दिन छुट्टी।
    मंदसौर: नर्सरी से 8वीं तक, दो दिन छुट्टी।
    शाजापुर: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को अवकाश।
    विदिशा: नर्सरी से 5वीं तक, 5–6 जनवरी को अवकाश।
    ग्वालियर: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को छुट्टी, 7 जनवरी से स्कूल।
    अशोकनगर: 5 जनवरी को स्कूल व आंगनबाड़ी बंद।
    रायसेन: नर्सरी से 5वीं तक, 7 जनवरी तक छुट्टी।
    आगर-मालवा: कक्षा 1 से 8 तक, दो दिन अवकाश (आंगनबाड़ी भी बंद)।
    भिंड: नर्सरी से 8वीं तक, दो दिन अवकाश।
    टीकमगढ़: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को छुट्टी।
    हरदा: नर्सरी से 8वीं तक, सोमवार को अवकाश।
    नीमच: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को छुट्टी।
    रतलाम: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी दो दिन अवकाश।
    राजगढ़: कक्षा 8वीं तक के स्कूलों में दो दिन अवकाश।
    मंडला: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी दो दिन अवकाश, आंगनबाड़ी बंद।
    जबलपुर: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी दो दिन अवकाश, आंगनबाड़ी बंद; परीक्षाएं यथावत।
    दमोह: प्री-प्राइमरी से 8वीं तक एक दिन अवकाश, आंगनबाड़ी बंद।
    डिंडौरी: नर्सरी से 5वीं, 5–6 जनवरी दो दिन अवकाश।
    नर्मदापुरम: 6–7 जनवरी कक्षा 8वीं तक छुट्टी।
    भोपाल में घने कोहरे और ठंड के बीच बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए। जबकि अन्य जिलों में स्कूल पूरी तरह बंद किए गए हैं, राजधानी में केवल छोटे बच्चों के समय में बदलाव किया गया। अभिभावक और शिक्षक उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन भविष्य में मौसम की गंभीरता को देखते हुए और भी सावधानी बरते।
  • मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

    मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में जनवरी की शुरुआत के साथ ही ठंड और घने कोहरे ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शीतलहर के कारण दिन-प्रतिदिन तापमान गिर रहा है और सड़कों पर सन्नाटा छा रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है जिससे आने वाले दिनों में और ठंड और कोहरे का सामना करना पड़ सकता है।

    9 जिलों में अति घने कोहरे का अलर्ट

    मौसम विभाग ने ग्वालियर दतिया भिंड रीवा सतना पन्ना छतरपुर टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में अति घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में अगले 24 से 48 घंटे तक कोहरे का असर रहने की संभावना जताई गई है साथ ही कुछ इलाकों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट हो सकती है।

    पचमढ़ी रहा प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान

    प्रदेश का प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी एक बार फिर सबसे ठंडा स्थान रहा जहां न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे ठिठुरन और बढ़ गई है और खासकर पहाड़ी इलाकों में लोगों को ठंड से राहत मिलना मुश्किल हो रहा है।

    प्रमुख शहरों का न्यूनतम तापमान

    शिवपुरी – 6 डिग्री ,टीकमगढ़ – 8 डिग्री,राजगढ़ – 9 डिग्री,रीवा – 9.2 डिग्री,भोपाल – 10.6 डिग्री,ग्वालियर – 10.2 डिग्री,इंदौर – 12.4 डिग्री,बैतूल – 10 मीटर से कम विजिबिलिटी

    बैतूल में सबसे घना कोहरा

    बैतूल जिले में इस मौसम का अब तक का सबसे घना कोहरा दर्ज किया गया है। कई इलाकों में दृश्यता 10 मीटर से भी कम रही जिससे सड़क यातायात में परेशानी आई। कोहरे के कारण उत्तर भारत से आने-जाने वाली कई ट्रेनें भी देरी से चल रही हैं। मौसम विभाग ने अगले एक-दो दिन में और घने कोहरे की संभावना जताई है खासकर सुबह के समय। इस मौसम में ठंड और कोहरे का असर शहरों और कस्बों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी देखा जा रहा है जहां लोग गर्म कपड़े और हीटर का इस्तेमाल बढ़ा चुके हैं।

  • इंदौर में जहरीले पानी से मौतों का मामला नगर निगम कमिश्नर हटाए गए 15 मौतों के बीच सरकार ने हाईकोर्ट में केवल 4 मौतें मानी

    इंदौर में जहरीले पानी से मौतों का मामला नगर निगम कमिश्नर हटाए गए 15 मौतों के बीच सरकार ने हाईकोर्ट में केवल 4 मौतें मानी


    इंदौर । इंदौर में दूषित और जहरीले पानी के कारण हुई मौतों का मामला प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर गंभीर रूप ले चुका है। सरकारी तंत्र की लापरवाही और बढ़ते जनआक्रोश के बीच मध्य प्रदेश सरकार ने इंदौर नगर निगम के कमिश्नर दिलीप यादव को पद से हटा दिया। साथ ही एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर संजीव श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई तब की गई जब इंदौर के भागीरथपुरा और आसपास के क्षेत्रों में नर्मदा जल आपूर्ति से जुड़े पानी को पीने के बाद सैकड़ों लोग बीमार पड़े और कई की जान चली गई।

    स्थानीय लोगों ने पहले ही पानी में गंदगी और बदबू की शिकायत की थी लेकिन प्रशासन ने समय पर पानी की आपूर्ति को रोकने के बजाय इसे नजरअंदाज किया। इसके परिणामस्वरूप कई मौतें हुईं जिनकी संख्या को लेकर विवाद बना हुआ है। मृतकों के परिजनों और अस्पतालों के अनुसार अब तक 15 लोगों की जान जा चुकी है जबकि राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में अपनी रिपोर्ट में केवल 4 मौतों की पुष्टि की है।

    हाईकोर्ट में प्रस्तुत की गई रिपोर्ट के अनुसार सरकार ने बताया कि सभी मृतकों की उम्र 60 वर्ष से अधिक थी। मृतकों की सूची में उर्मिला 28 दिसंबर तारा 60 नंदा 70 और हीरालाल 65 शामिल हैं। सरकार ने इसे एक “प्रारंभिक रिपोर्ट” बताया जबकि अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 6 जनवरी को तय की है।

    इंदौर के अस्पतालों और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हसानी द्वारा की गई जांच में पानी को पीने योग्य नहीं पाया गया। लैब रिपोर्ट में फीकल कॉलिफॉर्म ई-कोलाई विब्रियो और प्रोटोजोआ जैसे खतरनाक बैक्टीरिया पाए गए हैं। विशेष रूप से हैजा फैलाने वाला बैक्टीरिया विब्रियो कोलेरी भी पानी में मौजूद था हालांकि सरकार इसे सार्वजनिक नहीं करना चाहती। नगर निगम की लैब में भेजे गए सैंपल भी असंतोषजनक पाए गए।इस घटनाक्रम के बाद इंदौर नगर निगम में तीन नए अपर आयुक्त नियुक्त किए गए हैं। इनमें खरगोन के सीईओ आकाश सिंह आलीराजपुर के सीईओ प्रखर सिंह और इंदौर उप परिवहन आयुक्त आशीष कुमार पाठक शामिल हैं।

    राजनीतिक स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर तीखी बयानबाजी हो रही है। कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने इंदौर में लोगों को “पानी नहीं जहर” बांटने का आरोप लगाया। वहीं मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान भी विवादों में रहे जिससे विपक्ष ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। इंदौर के प्रभावित इलाकों में अब लोग टैंकरों बोतलबंद पानी और बोरिंग पर निर्भर हैं। प्रशासन ने पानी की आपूर्ति की निगरानी और जांच तेज करने का दावा किया है लेकिन मौतों के वास्तविक आंकड़े और जिम्मेदारी तय होने पर सवाल अभी भी खड़े हैं।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खाचरौद में 78.61 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का किया लोकार्पण

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खाचरौद में 78.61 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का किया लोकार्पण


    उज्जैन । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन जिले के खाचरौद में 78.61 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस कार्यक्रम में उन्होंने क्षेत्र में शिक्षा, कृषि, और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने के लिए कई योजनाओं का उद्घाटन किया।
    मुख्यमंत्री ने खाचरौद में 39 विकास कार्यों की शुरुआत की, जिनमें 16 पूर्ण और 23 नए कार्य शामिल हैं। इनमें 35.40 करोड़ रुपये की लागत से सांदीपनि विद्यालय भवन और 11.30 करोड़ रुपये की लागत से नई कृषि उपज मंडी प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालय में आधुनिक शिक्षा सुविधाओं का प्रबंध किया जाएगा, जिससे छात्रों का भविष्य उज्जवल होगा।
    इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में स्मार्ट क्लासेस, संयुक्त तहसील कार्यालय, जनपद पंचायत भवन और स्वच्छ भारत मिशन से जुड़ी परियोजनाओं का भी भूमिपूजन किया। कृषि उपज मंडी में विश्राम भवन, भोजनालय और पेयजल की सुविधा भी प्रदान की जाएगी, ताकि किसानों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर खाचरौद में फूड प्रोसेसिंग पार्क की घोषणा की, जो क्षेत्र के कृषि उत्पादों को बेहतर बाजार प्रदान करेगा। इसके अलावा, उन्होंने नागदा से खाचरौद होते हुए उज्जैन और जावरा तक फोरलेन हाईवे बनाने की योजना की भी जानकारी दी, जिससे क्षेत्र के नागरिकों को इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र से सीधा लाभ मिलेगा।
    किसानों के हित में मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ घोषित किया और बताया कि सरकार गेहूं खरीदी पर 175 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दे रही है। इसके साथ ही, अगले तीन वर्षों में 32 लाख किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे वे अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगे।
    मुख्यमंत्री ने पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजना और केन-बेतवा परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे प्रदेश की सिंचाई क्षमता 100 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाई जाएगी, जिससे किसानों को  फायदेमंद होगा।कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों ने इन विकास कार्यों को क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक बताया। इस मौके पर उज्जैन सांसद अनि फिरोजिया, राज्यसभा सदस्य उमेशनाथ महाराज, खाचरौद विधायक डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान सहित अन्य जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे।

  • टीकमगढ़ में पुलिस महकमे में शोक ड्यूटी से लौटकर प्रधान आरक्षक ने खाया जहर झांसी में इलाज के दौरान मौत

    टीकमगढ़ में पुलिस महकमे में शोक ड्यूटी से लौटकर प्रधान आरक्षक ने खाया जहर झांसी में इलाज के दौरान मौत


    टीकमगढ़ । मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है जहाँ कोतवाली थाने में तैनात एक जांबाज प्रधान आरक्षक ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीले पदार्थ का सेवन कर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस घटना के बाद से पुलिस विभाग और मृतक के परिजनों में मातम पसरा हुआ है।

    ड्यूटी से लौटने के बाद उठाया आत्मघाती कदम प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रधान आरक्षक मोहनलाल चढ़ार की तैनाती टीकमगढ़ कोतवाली थाने में थी। गुरुवार को नव वर्ष के उपलक्ष्य में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए उनकी ड्यूटी प्रसिद्ध ‘बगाज माता मंदिर’ में लगाई गई थी। दिनभर मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभाने के बाद शाम को जब वे वापस लौटे तो उन्होंने टीकमगढ़ के चकरा तिराहा के पास अचानक सल्फास जहरीला पदार्थ खा लिया।

    झांसी मेडिकल कॉलेज में थमी सांसें जहर का सेवन करने के कुछ ही देर बाद मोहनलाल की स्थिति बिगड़ने लगी। उन्हें तत्काल स्थानीय जिला अस्पताल ले जाया गया जहाँ डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें झांसी मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। झांसी में इलाज के दौरान उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ और अंतत उन्होंने दम तोड़ दिया।

    पुलिस जांच में जुटी कारणों का खुलासा नहीं प्रधान आरक्षक ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया इसका कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। कोतवाली थाना प्रभारी बृजेन्द्र सिंह घोषी ने बताया कि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। थाना प्रभारी के अनुसार मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पीएम रिपोर्ट आने और परिजनों व सहकर्मियों के बयान दर्ज होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी कि उन्होंने यह कदम मानसिक तनाव या किसी अन्य कारण से उठाया।

    सहकर्मियों में शोक की लहर मोहनलाल चढ़ार के निधन की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। उनके सहकर्मियों का कहना है कि वे एक कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारी थे और गुरुवार को ड्यूटी के दौरान भी वे सामान्य नजर आ रहे थे। पुलिस प्रशासन अब इस मामले के हर पहलू की जांच कर रहा है ताकि आत्महत्या के पीछे के सही कारणों का पता लगाया जा सके। महत्वपूर्ण जानकारी एक नजर में विवरण जानकारी मृतक का नाम मोहनलाल चढ़ार पदप्रधान आरक्षक थाना कोतवाली टीकमगढ़ घटना स्थल चकरा तिराहा के पासड्यूटी स्थलबगाज माता मंदिर नव वर्ष ड्यूटी मृत्यु का स्थानझांसी मेडिकल कॉलेज

  • खेत में मवेशी घुसाने का विरोध करने पर महिला की पीट-पीटकर हत्या कटनी के बरही में तनाव

    खेत में मवेशी घुसाने का विरोध करने पर महिला की पीट-पीटकर हत्या कटनी के बरही में तनाव


    कटनी । मध्य प्रदेश के कटनी जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ के बरही थाना क्षेत्र स्थित ग्राम धवैया में महज फसल चराने के विवाद को लेकर एक दबंग युवक ने महिला पर लाठियों से हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। मृतका की पहचान धवैया निवासी कलावती कुशवाहा पति भोला प्रसाद कुशवाहा के रूप में हुई है। गुरुवार देर रात जिला अस्पताल में उपचार के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया जिसके बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धाराएं बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    विवाद की जड़ फसल और मवेशी

    घटनाक्रम के अनुसार यह पूरा विवाद 29 दिसंबर को शुरू हुआ था। कलावती कुशवाहा के खेत में गेहूं की फसल लगी हुई थी। आरोप है कि गांव के ही रज्जन पाठक ने जानबूझकर अपने मवेशी महिला के खेत में घुसा दिए। जब महिला ने अपनी मेहनत से उगाई फसल को उजड़ते देख विरोध किया और मवेशियों को बाहर निकालने को कहा तो आरोपी रज्जन आक्रोशित हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी ने आव देखा न ताव और अपने पास रखी लाठी से कलावती पर हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार आरोपी ने महिला के सिर और पीठ पर ताबड़तोड़ वार किए जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ी। हमले के बाद आरोपी ने जाते-जाते महिला को जान से मारने की धमकी भी दी।

    पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

    घटना के तुरंत बाद घायल महिला थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। प्राथमिक उपचार के लिए उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरही ले जाया गया जहाँ से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में मामले को गंभीरता से नहीं लिया और घटना के बाद आरोपी पर मामूली धाराओं के तहत केस दर्ज किया। परिजनों का कहना है कि जब महिला की हालत बिगड़ने लगी और मामला तूल पकड़ने लगा तब जाकर पुलिस ने दो दिन बाद हत्या के प्रयास धारा 307 का मामला जोड़ा। अब महिला की मौत के बाद पुलिस पर दबाव है कि इसे हत्या धारा 302 के मामले में तब्दील किया जाए।

    आरोपी हिरासत में गांव में मातम

    गुरुवार की रात महिला की मौत की खबर मिलते ही गांव में सन्नाटा पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बरही थाना पुलिस सक्रियता दिखाते हुए आरोपी रज्जन पाठक को हिरासत में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मृतका के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और रिपोर्ट के आधार पर मामले में हत्या की धाराएं बढ़ाई जा रही हैं। यह घटना ग्रामीण अंचलों में बढ़ते विवादों और कानून व्यवस्था के प्रति अपराधियों के निडर रवैये को दर्शाती है। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है ताकि पीड़िता के परिवार को न्याय मिल सके।

  • श्योपुर में अवैध कॉलोनियों पर कड़ा प्रहार बुलडोजर कलेक्टर ने माफिया के खिलाफ शुरू की सख्त कार्रवाई

    श्योपुर में अवैध कॉलोनियों पर कड़ा प्रहार बुलडोजर कलेक्टर ने माफिया के खिलाफ शुरू की सख्त कार्रवाई


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जीरो टॉलरेंस नीति अब सिर्फ कागजों पर नहीं बल्कि जमीन पर भी दिखाई दे रही है। श्योपुर जिले में कलेक्टर अर्पित वर्मा के नेतृत्व में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ एक जबरदस्त अभियान चलाया गया है जिससे कॉलोनी माफिया की कमर टूट गई है। प्रशासन ने श्योपुर जैदा और जाटखेड़ा क्षेत्रों में पांच अवैध कॉलोनियों पर एक साथ बुलडोजर कार्रवाई की और यह स्पष्ट कर दिया कि अब अवैध कॉलोनी विकास और सरकारी भूमि के गलत इस्तेमाल को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।शनिवार को प्रशासन ने अवैध कॉलोनियों में बनी सड़कें सीसी रोड और आंतरिक मार्ग ध्वस्त किए और जमीन की बुनियाद पर सीधा वार किया। इस कार्रवाई के दौरान एसडीएम श्योपुर गगन सिंह मीणा तहसीलदार मनीषा मिश्रा और पूरा राजस्व अमला मौके पर मौजूद था।

    शांतिपूर्ण लेकिन सख्त कार्रवाई
    काफी पुलिस बल की मौजूदगी में यह कार्रवाई शांतिपूर्ण लेकिन सख्त रही। तहसीलदार मनीषा मिश्रा ने बताया कि जैदा के सर्वे क्रमांक 75/8 पर अवैध कॉलोनी में बने मार्ग तोड़े गए जबकि जाटखेड़ा में अवैध सीसी सड़कें और रास्ते ध्वस्त किए गए। इसके अलावा श्योपुर कस्बे में पंजाब नेशनल बैंक के पीछे और अस्पताल के पास बने अवैध कॉलोनी के निर्माणों को भी तोड़ा गया।

    कलेक्टर ने 23 कॉलोनियों को रडार पर लिया

    कलेक्टर अर्पित वर्मा ने जिले की 23 कॉलोनियों को संदेह के घेरे में लिया है। उन्होंने एसडीएम श्योपुर को इन कॉलोनियों की जांच के निर्देश दिए हैं जो जमीन पर जाकर हर पहलू की पड़ताल करेंगे। यह जांच कागजी नहीं होगी और इसमें भूमि के मूल स्वरूप कॉलोनी विकास अनुमति ड्रेनेज मार्गों पर अतिक्रमण वृक्षों की अवैध कटाई और प्लॉट विक्रय जैसे सभी बिंदुओं की गहन जांच होगी।

    दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई

    कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि यदि किसी कॉलोनी में अवैध गतिविधियाँ पाई जाती हैं तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए एक जिला कॉलोनी सेल का गठन किया गया है जो अवैध कॉलोनियों की जांच करेगी और आम जनता को यह जानकारी देगी कि कौन सी कॉलोनी वैध है और कौन सी अवैध।

    रजिस्ट्री-नामांतरण पर प्रतिबंध
    कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए हैं कि बिना कॉलोनी विकास अनुमति या नियमितीकरण प्रमाणपत्र के किसी भी भूखंड की रजिस्ट्री और नामांतरण पर पूर्ण प्रतिबंध होगा। संबंधित सर्वे नंबरों पर अवैध कॉलोनियों की प्रविष्टि की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार का क्रय-विक्रय संभव न हो सके। इस निर्णय से कॉलोनी माफिया को बड़ा झटका लगा है क्योंकि यह उनके व्यापार को सीधा नुकसान पहुंचाएगा।