Tag: MadhyaPradesh

  • रामलला के दर पर पहुंचे दिग्विजय सिंह: पहली बार अयोध्या में भगवान श्रीराम के दर्शन, बोले काफी अच्छा लगा

    रामलला के दर पर पहुंचे दिग्विजय सिंह: पहली बार अयोध्या में भगवान श्रीराम के दर्शन, बोले काफी अच्छा लगा


    भोपाल । मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने अयोध्या स्थित भगवान राम मंदिर में पहली बार श्रीरामलला के दर्शन किए अयोध्या में राम मंदिर के शिलान्यास के बाद यह उनका पहला दौरा था दर्शन के बाद दिग्विजय सिंह ने कहा कि राम मंदिर आकर काफी अच्छा लगा उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी जल्द स्वस्थ हों और हमारा नेतृत्व करते रहें

    पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए 1 लाख 11 हजार रुपए का चंदा दिया था और मंदिर के पूरा होने के बाद दर्शन करने की इच्छा जताई थी अब मंदिर पूरा हो गया है तो वे दर्शन करने आए हैं उनके इस कदम से कांग्रेस के भीतर और राज्य में सियासी हलचल भी बढ़ गई है

    दिग्विजय सिंह के रामलला दर्शन पर सियासत गरमाई पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि राम मंदिर बीजेपी की बपौती नहीं है राघोगढ़ में भी भगवान राम विराजमान हैं वहां उनके नाम की ज्योति जलती है राम मंदिर निर्माण के लिए दिग्विजय सिंह ने चेक से राशि दी थी और मंदिर पूरा होने पर दर्शन करने आए हैं भगराम राम सबके हैं

    वहीं बीजेपी प्रवक्ता डॉ हितेष बाजपेयी ने कहा कि दिग्विजय सिंह चतुर और उद्देश्य परख राजनीति करते हैं राज्यसभा की सीट पर चुनाव होने वाला है और इसी उद्देश्य को लेकर वे पहुंचे होंगे उन्होंने कहा कि वैसे कांग्रेस और राम मंदिर का दृष्टिकोण विरोधाभाषी रहा है

    इस तरह पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का रामलला दर्शन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी चर्चा का विषय बन गया है उनके कदम ने कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी समीकरणों को भी नई दिशा दी है

  • बृजेश्वरी कॉलोनी अग्निकांड का खुलासा शॉर्ट सर्किट बना मौत का कारण, जांच जारी

    बृजेश्वरी कॉलोनी अग्निकांड का खुलासा शॉर्ट सर्किट बना मौत का कारण, जांच जारी


    इंदौर । इंदौर के कनाड़िया रोड स्थित बृजेश्वरी एनएक्स कॉलोनी में 18 मार्च को हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था उस समय एक ही परिवार के आठ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी और इस घटना की वजह लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं लेकिन अब पुलिस जांच में अहम सुराग सामने आए हैं और स्पष्ट हुआ है कि यह हादसा शॉर्ट सर्किट के कारण हुआ था

    जांच के दौरान पुलिस को बताया गया कि घर में खड़ी इलेक्ट्रिक कार को रोजाना की तरह रात में चार्ज पर लगाया गया था परिवार के सदस्यों सौरभ पुगलिया सौमिल पुगलिया और हर्षित पुगलिया ने पुलिस को बयान दिया कि भले ही सौरभ ने कार की चार्जिंग बंद कर दी थी लेकिन रात करीब 11 बजे हर्षित ने कार को फिर से चार्ज पर लगा दिया इसी दौरान अचानक शॉर्ट सर्किट से आग भड़क उठी और देखते ही देखते पूरा घर अपनी चपेट में आ गया

    इस दर्दनाक हादसे में मनोज पुगलिया उनकी बहू सिमरन और अन्य परिवार के छह सदस्य समेत कुल आठ लोगों की जान चली गई जिसमें बच्चे भी शामिल थे इस घटना ने पूरे इलाके में मातम और शोक की लहर दौड़ा दी आग लगने के तुरंत बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और उन्हें ढांढस बंधाया

    शुरुआती दौर में परिवार की ओर से आग लगने की वजह घर के पास स्थित इलेक्ट्रिक पोल बताई गई थी लेकिन अब जांच में स्पष्ट हो गया कि असली कारण घर के भीतर चार्जिंग के दौरान हुए शॉर्ट सर्किट की वजह से आग भड़की थी इसके बाद जब परिवार के सदस्य जले हुए घर में सामान देखने पहुंचे तो उन्हें कुछ अवशेष मिले जिन्हें पुलिस की मौजूदगी में परिवार ने दफना दिया

    एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग से जुड़े नियमों और सुरक्षा उपायों की सख्ती से निगरानी की जाएगी ताकि आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके

    इस घटना ने इलेक्ट्रिक वाहनों और घरों में चार्जिंग की सुरक्षा के मुद्दे पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि छोटे से लापरवाही का कितना भयावह परिणाम हो सकता है इंदौर अग्निकांड ने सभी को आग और इलेक्ट्रिक सुरक्षा के प्रति सचेत किया है और प्रशासन की जांच आगे इसे रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है

  • अस्पताल के चक्कर से मिलेगी राहत मध्यप्रदेश सरकार का बड़ा फैसला जन्म प्रमाण पत्र अब सीधे वॉट्सएप पर

    अस्पताल के चक्कर से मिलेगी राहत मध्यप्रदेश सरकार का बड़ा फैसला जन्म प्रमाण पत्र अब सीधे वॉट्सएप पर


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश सरकार अब आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा और आधुनिक कदम उठाने जा रही है जिसके तहत जन्म प्रमाण पत्र बनवाने की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल स्वरूप दिया जाएगा इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद लोगों को अस्पतालों में लंबी लाइनों में खड़े रहने या बार बार चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी बल्कि अब महज सात दिनों के भीतर जन्म प्रमाण पत्र सीधे वॉट्सएप के माध्यम से घर बैठे प्राप्त किया जा सकेगा

    यह नई पहल फिलहाल भोपाल के हमीदिया अस्पताल में प्रयोग के तौर पर शुरू की गई थी जहां इसे लोगों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली जिसके बाद सरकार ने इसे पूरे प्रदेश में लागू करने का निर्णय लिया है इस मॉडल के तहत जन्म के तुरंत बाद अस्पताल द्वारा आवश्यक जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज की जाएगी और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होते ही प्रमाण पत्र सीधे परिजनों के मोबाइल पर भेज दिया जाएगा

    नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और तेज हो जाएगी अब तक जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए परिजनों को कई बार अस्पताल जाना पड़ता था आवेदन की स्थिति जानने के लिए अलग से प्रयास करने पड़ते थे और कई बार अनावश्यक देरी का सामना करना पड़ता था लेकिन इस डिजिटल मॉडल के लागू होने के बाद यह सभी समस्याएं खत्म हो जाएंगी और पूरी प्रक्रिया सरल और सुगम बन जाएगी

    सरकार का मानना है कि इस पहल से विशेष रूप से नवजात शिशुओं के माता पिता को बड़ी राहत मिलेगी क्योंकि बच्चे के जन्म के बाद कई अन्य जिम्मेदारियों के बीच दस्तावेजी प्रक्रिया एक बड़ी चुनौती बन जाती थी अब यह काम बिना किसी अतिरिक्त प्रयास के स्वतः पूरा हो जाएगा और प्रमाण पत्र समय पर उपलब्ध हो जाएगा

    इसके साथ ही यह पहल डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी क्योंकि इससे सरकारी सेवाओं को तकनीक के माध्यम से सीधे नागरिकों तक पहुंचाने का उद्देश्य साकार होगा नई व्यवस्था लागू होने के बाद न केवल सरकारी बल्कि निजी अस्पतालों में भी जन्म पंजीकरण की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और प्रभावी हो जाएगी

    यह कदम प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाने के साथ साथ नागरिकों के समय और संसाधनों की भी बचत करेगा साथ ही भ्रष्टाचार और अनावश्यक देरी जैसी समस्याओं पर भी अंकुश लगेगा कुल मिलाकर मध्यप्रदेश सरकार की यह पहल शासन व्यवस्था को आधुनिक और जनहितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है अब देखना यह होगा कि इसे पूरे प्रदेश में कितनी तेजी और प्रभावशीलता के साथ लागू किया जाता है और आम लोगों को इसका कितना लाभ मिल पाता है

  • कूनो नदी में 10 घड़ियाल और कछुए करेंगे आज सुबह प्राकृतिक आवास में प्रवेश, CM मोहन यादव करेंगे उद्धार अभियान का शुभारंभ

    कूनो नदी में 10 घड़ियाल और कछुए करेंगे आज सुबह प्राकृतिक आवास में प्रवेश, CM मोहन यादव करेंगे उद्धार अभियान का शुभारंभ


    मध्यप्रदेश के मोहन यादव आज 1 मार्च 2026 को श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में वन्यजीव संरक्षण अभियान के तहत घड़ियाल और कछुए छोड़ने के कार्यक्रम में शामिल होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री दोपहर करीब एक बजे हेलीकॉप्टर से कूनो पहुंचेंगे। यहां कूनो नदी में 10 घड़ियालों और कुछ कछुओं को प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा। यह पहल राज्य सरकार की वन्यजीव संरक्षण नीति का हिस्सा है और इसका उद्देश्य कूनो नेशनल पार्क में जैव विविधता को मजबूत करना तथा नदी पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित बनाए रखना है।

    बताया गया है कि यह कार्यक्रम पहले 28 फरवरी को प्रस्तावित था, लेकिन उस दिन मुख्यमंत्री उपस्थित नहीं हो सके थे। उस समय बोत्सवाना से लाए गए नौ चीतों को कूनो में छोड़ने की योजना थी, जिसमें केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री ने भाग लिया। आज का कार्यक्रम पुनर्निर्धारित रूप से घड़ियाल और कछुए संरक्षण अभियान को आगे बढ़ाने के लिए आयोजित किया गया है।

    सीएम के आगमन को देखते हुए कूनो क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस, वन विभाग और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से कार्यक्रम स्थल, हेलीपैड और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं ताकि किसी भी स्तर पर सुरक्षा में कोई चूक न हो।

    विशेषज्ञों के अनुसार घड़ियाल और कछुए नदी पारिस्थितिकी तंत्र के महत्वपूर्ण घटक हैं। इनकी उपस्थिति से जलाशयों का प्राकृतिक संतुलन बना रहता है। इस तरह के संरक्षण प्रयास लुप्तप्राय प्रजातियों की सुरक्षा में मदद करते हैं और क्षेत्र को इको-टूरिज्म के रूप में पहचान दिलाने में भी सहायक होते हैं।

    कूनो में लगभग एक घंटे का प्रवास पूरा करने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव हेलीकॉप्टर से अशोकनगर के लिए रवाना होंगे। यह कार्यक्रम न केवल वन्यजीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि राज्य में जैव विविधता और पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा देने का प्रतीक भी माना जा रहा है।

  • पंधाना थाना पुलिस ने 9 जुआरी पकड़े बाइक और कार समेत लाखों की संपत्ति जब्त

    पंधाना थाना पुलिस ने 9 जुआरी पकड़े बाइक और कार समेत लाखों की संपत्ति जब्त


    खंडवा जिले के पंधाना थाना क्षेत्र में पुलिस ने देर रात अवैध जुआ खेल रहे 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई में पुलिस ने नगदी, तीन मोटरसाइकिल और दो कारें जब्त की हैं। कुल जब्त सामग्री की कीमत 3,79,465 रुपए आंकी गई है।

    टीआई दिलीपसिंह देवड़ा को सूचना मिली कि खापरी गांव के बाहर ईंट भट्टे के पास कुछ लोग ताश के पत्तों पर हार-जीत का दांव लगाकर जुआ खेल रहे हैं। सूचना के आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति से पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राय और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व डीएसपी मुख्यालय के मार्गदर्शन में टीम गठित कर दबिश दी गई।

    पुलिस टीम ने मौके पर पंचों के साथ घेराबंदी कर 9 लोगों को पकड़ा। सभी आरोपी और जब्त सामान विधिवत थाने लाए गए। आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट की धारा 13 के तहत अपराध क्रमांक 81/26 दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।

    गिरफ्तार आरोपी:

    भूपेंद्र यादव (33), घुघरिया खेड़ी, थाना गोगावा

    दिलावर शाह (48), ग्राम टेमी

    कृष्णा सेन (40), ग्राम बगमार

    योगेंद्र राजावत (24), ग्राम जामली

    जितेंद्र पटेल (30), बगमार

    अक्तर खान (38), पंधाना

    सलीम खान (40), पंधाना

    वसीम (36), सिविल लाइन, खंडवा

    अशफाक खान (42), पंधाना

    मौके से जब्त सामान:

    नगदी: 24,465 रुपए

    52 ताश के पत्ते

    मोटरसाइकिल MP-12-MW-9725 (करीब 20 हजार रुपए)

    मोटरसाइकिल MP-12-MW-6281 (करीब 15 हजार रुपए)

    मोटरसाइकिल MP-12-MW-7690 (करीब 20 हजार रुपए)

    टाटा कार MP-12-ZG-6502 (करीब 1.20 लाख रुपए)

    मारुति सुजुकी आर्टिगा MP-09-WD-8070 (करीब 1.80 लाख रुपए)

    पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई जारी है और बाकी सहयोगियों की पहचान के लिए जांच बढ़ाई जा रही है।

  • दिव्यांगों के 22 हजार खाली पदों पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब अगली सुनवाई 15 अप्रैल

    दिव्यांगों के 22 हजार खाली पदों पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब अगली सुनवाई 15 अप्रैल


    जबलपुर: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दिव्यांगों के रिक्त पदों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। जस्टिस डीडी बंसल की एकल पीठ ने शुक्रवार को सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला और मध्य प्रदेश वेयरहाउस एंड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक अनुराग वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने जवाब 15 अप्रैल तक देने का निर्देश दिया है।

    कोर्ट ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार से पूछा कि पूर्व आदेश के बावजूद विभिन्न विभागों में दिव्यांगों के रिक्त पद अब तक क्यों नहीं भरे गए। यह मामला करीब 22 हजार खाली पदों का है। कोर्ट ने 30 जनवरी 2024 को दिए गए आदेशों के अनुपालन की स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।

    दरअसल, नरसिंहपुर निवासी दिव्यांग अभ्यर्थी राजेंद्र मेहरा ने याचिका दायर की थी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में दिव्यांगों के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। इससे पहले भी इसी संबंध में याचिका दायर की गई थी, जिस पर हाईकोर्ट ने रिक्त पद भरने के आदेश दिए थे।

    सुनवाई में याचिकाकर्ता के वकील शिवम त्रिपाठी ने दावा किया कि संबंधित अधिकारी जानबूझकर अदालत के आदेश की अवहेलना कर रहे हैं। उन्होंने इसे अवमानना का मामला बताया। कोर्ट ने प्रमुख सचिव सहित अन्य अधिकारियों को 15 अप्रैल तक जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।

    अगली सुनवाई में हाईकोर्ट इस बात का जायजा लेगा कि कितने पद भरे गए और किन कारणों से अभी तक रिक्त पदों को भरने में देरी हो रही है। यह मामला दिव्यांगों के अधिकारों और सरकारी जवाबदेही की दिशा में अहम माना जा रहा है।

  • रजक समाज ने भोपाल में किया जोरदार प्रदर्शन, एक प्रदेश, एक आरक्षण की मांग

    रजक समाज ने भोपाल में किया जोरदार प्रदर्शन, एक प्रदेश, एक आरक्षण की मांग


    भोपाल में गुरुवार को रजक समाज ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। एक प्रदेश, एक समुदाय, एक आरक्षण का नारा लगाते हुए प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री निवास के घेराव के लिए आगे बढ़े, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। इसके बाद आंदोलनकारी वहीं धरने पर बैठ गए और अपनी मांगों को जोरदार तरीके से उठाया।

    प्रदर्शन के दौरान समाज के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक मुख्यमंत्री से सीधी मुलाकात नहीं होगी और ठोस आश्वासन नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा। कुछ नेताओं ने आमरण अनशन की भी घोषणा की। इस मौके पर संयुक्त मोर्चा के प्रदेश संयोजक कैलाश नाहर ने बताया कि वर्तमान में रजक/धोबी जाति को केवल भोपाल, सीहोर और रायसेन जिलों में अनुसूचित जाति का दर्जा प्राप्त है, जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में यही जाति पिछड़ा वर्ग में शामिल है।

    कैलाश नाहर ने कहा कि एक ही राज्य में एक ही समुदाय के लिए अलग-अलग आरक्षण व्यवस्था लागू करना सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। विवाह के बाद बच्चों की श्रेणी बदल जाना प्रशासनिक और सामाजिक विसंगति पैदा करता है, जिसे समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि 14 जुलाई 2006 को मध्यप्रदेश शासन ने रजक/धोबी समाज को पूरे प्रदेश में अनुसूचित जाति में शामिल करने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा था, लेकिन आदिम जाति अनुसंधान संस्थान की टिप्पणी के आधार पर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।

    प्रदेश संयोजक मोनू लक्ष्मण ने कहा कि समाज अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगा। ज्ञापन में मुख्यमंत्री से यह मांग की गई है कि सामाजिक न्याय और समान अवसर की भावना को ध्यान में रखते हुए ऐतिहासिक निर्णय लिया जाए और केंद्र सरकार को पुनः प्रस्ताव भेजकर रजक/धोबी समाज को संपूर्ण मध्यप्रदेश में अनुसूचित जाति में शामिल किया जाए।

    प्रदर्शन के दौरान रजक समाज के लोग शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें प्रस्तुत करते रहे और पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया। हालांकि आंदोलनकारियों ने यह स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक जवाब नहीं मिला तो आंदोलन तेज और व्यापक स्तर पर जारी रहेगा।

    इस पूरे घटनाक्रम ने प्रदेश में सामाजिक न्याय और आरक्षण की नीति पर चर्चा को नया आयाम दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य में समान जाति के लिए अलग-अलग आरक्षण व्यवस्था सामाजिक असमानता पैदा कर सकती है और इसके समाधान के लिए स्पष्ट सरकारी कदम जरूरी हैं।

    रजक समाज का यह प्रदर्शन राजधानी में सामाजिक न्याय की मांग और लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति सजगता को दर्शाता है। आमरण अनशन और ज्ञापन के माध्यम से उनका उद्देश्य सरकार को संवैधानिक और सामाजिक उत्तरदायित्व की याद दिलाना है।

  • भोपाल-उज्जैन की हलचल: बजट चर्चा, किसान महाचौपाल, अमेरिका ट्रेड डील विरोध और बिजली आपूर्ति प्रभावित

    भोपाल-उज्जैन की हलचल: बजट चर्चा, किसान महाचौपाल, अमेरिका ट्रेड डील विरोध और बिजली आपूर्ति प्रभावित


    मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र मंगलवार को अपने सातवें दिन पहुंच गया है। सदन में आज विभागीय वार बजट पर चर्चा होगी, जिसमें नगरीय विकास, जनजातीय कार्य, स्कूल और शिक्षा, परिवहन और उच्च शिक्षा पर विचार किया जाएगा। बजट की अनुदान मांगों के साथ जमीन बंदोबस्त और नहर सीमेंटीकरण के मामले भी ध्यानाकर्षण के लिए उठेंगे। इसके अलावा किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने का मुद्दा, भोपाल गैस त्रासदी, राहत और पुनर्वास, और लोक परिसंपत्ति विभाग की अनुदान मांगों पर भी चर्चा होगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज सुबह 10 बजे विधानसभा में कैबिनेट बैठक में शामिल होंगे। इसके बाद सुबह 11 बजे विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेंगे। दोपहर 1:40 बजे वे भोपाल से उज्जैन के लिए रवाना होंगे और स्थानीय कार्यक्रम में भाग लेंगे। शाम 4:35 बजे वे कार्तिक मेला ग्राउंड पहुंचेंगे, जहां ग्रामीण डाक सम्मेलन का आयोजन होगा। शाम 5:15 से 6:05 बजे वे उज्जैन हेलीपैड से भोपाल वापसी करेंगे और शाम 7 बजे भोपाल रेलवे स्टेशन पर भोपाल-धनबाद/चोपन एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे।

    कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद राहुल गांधी आज भोपाल दौरे पर रहेंगे। दोनों नेता राजधानी में आयोजित किसान महाचौपाल में शामिल होंगे। राहुल गांधी दोपहर 12 बजे दिल्ली से भोपाल रवाना होंगे और करीब 1 बजे भोपाल एयरपोर्ट पहुंचेंगे। 1:30 बजे वे जवाहर चौक के लिए प्रस्थान करेंगे और 1:55 बजे वहां पहुंचेंगे। दोपहर 2 बजे से 3:30 बजे तक किसान महा चौपाल में उपस्थित रहकर किसानों से संवाद करेंगे। इसके बाद वे एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे और शाम 4:15 बजे भोपाल से दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।

    अमेरिका के साथ होने वाली ट्रेड डील के विरोध में कांग्रेस भोपाल में प्रदर्शन करेगी। यह प्रदर्शन अटल पथ पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे मंच से संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में मंच पर 250 नेता मौजूद रहेंगे और लगभग एक लाख किसानों के शामिल होने का दावा किया गया है। मुख्य रूप से भोपाल के आसपास के 11 जिलों के किसान इसमें शामिल होंगे।

    भोपाल में मंगलवार को बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। सुबह 10 से शाम 4 बजे तक एमएलए रेस्ट हाउस, एमएलए क्वार्टर, गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया, टीटी नगर, मालवीय नगर, जवाहर चौक, प्रियदर्शनी और गंगौत्री भवन में बिजली नहीं रहेगी। सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक मीनाखेड़ी, बैरागढ़ चीचली, सतगढ़ी, गेहूंखेड़ा और अमराई में बिजली कटौती होगी। दीपड़ी में सुबह 11 से शाम 4 बजे तक बिजली सप्लाई प्रभावित रहेगी।

  • जयपुर इंडिया स्टोन मार्ट 2026 में मध्यप्रदेश की दमदार उपस्थिति 9 एमएसएमई इकाइयों ने स्टोन उद्योग में दिखाई ताकत

    जयपुर इंडिया स्टोन मार्ट 2026 में मध्यप्रदेश की दमदार उपस्थिति 9 एमएसएमई इकाइयों ने स्टोन उद्योग में दिखाई ताकत


    भोपाल। मध्यप्रदेश की स्टोन आधारित एमएसएमई इकाइयों ने जयपुर में आयोजित इंडिया स्टोन मार्ट 2026 में प्रभावशाली सहभागिता दर्ज कर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। 5 से 8 फरवरी तक आयोजित इस प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी में देश और विदेश से बड़ी संख्या में उद्योग प्रतिनिधि व्यापारी और क्रेता शामिल हुए। इस मंच पर मध्यप्रदेश की कुल 9 स्टोन आधारित इकाइयों ने अपने उत्पादों और नवाचार क्षमता का प्रदर्शन किया।

    ग्वालियर से 6 इकाइयों ने भागीदारी की जिनमें तंवर स्टोन इंडस्ट्रीज जैन स्टोन इंडस्ट्रीज के आर स्टोन इंडस्ट्रीज महाकाय इंडस्ट्रीज अभ्युदय इंटरप्राइजेज और श्री साईं राम स्टोन शामिल हैं। कटनी से एमके ग्रेनाइट एंड मार्बल कंपनी और श्री राम मार्बल्स ने प्रतिनिधित्व किया जबकि इंदौर से द राईट एंगल्स ने प्रदर्शनी में हिस्सा लिया। इन सभी इकाइयों को मध्यप्रदेश शासन के एमएसएमई विभाग द्वारा विभागीय सहयोग प्रदान किया गया। चयनित उद्यमों को निःशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए गए और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गईं ताकि वे अपने उत्पादों को बेहतर ढंग से प्रस्तुत कर सकें।

    इकाइयों का चयन मुख्यालय स्तर पर एमएसएमई विभाग के माध्यम से किया गया। चयन के लिए उत्पादों की गुणवत्ता नवाचार क्षमता बाजार संभावनाएं और वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना में शामिल होना प्रमुख आधार रहे। स्टोन इंडस्ट्रीज के उत्पादों की विविधता और उनकी वैश्विक मांग को ध्यान में रखते हुए इन इकाइयों को मंच प्रदान किया गया।

    प्रदर्शनी के दौरान उद्यमियों ने ग्रेनाइट मार्बल और अन्य प्राकृतिक पत्थरों से बने उत्पादों का प्रभावी प्रदर्शन किया। देश विदेश से आए व्यापारिक प्रतिनिधियों और क्रेताओं के साथ सार्थक व्यावसायिक संवाद स्थापित किए गए। इस सहभागिता से मध्यप्रदेश की विशाल स्टोन धरोहर और उत्पादन क्षमता का परिचय व्यापक स्तर पर हुआ। कई आगंतुकों ने प्रदेश के उत्पादों की गुणवत्ता और डिजाइन की सराहना की।

    यह पहल केवल प्रदर्शन तक सीमित नहीं रही बल्कि स्थानीय एमएसएमई इकाइयों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। इससे निर्यात संभावनाओं के विस्तार के साथ साथ नए व्यापारिक समझौतों की राह भी खुली है। साथ ही महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने और छोटे उद्योगों को सशक्त बनाने की दिशा में भी यह प्रयास अहम माना जा रहा है।

    माना जा रहा है कि एमएसएमई विभाग की यह पहल प्रदेश में उद्यमिता को नई गति देगी। स्टोन उद्योग मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इस तरह के अंतरराष्ट्रीय मंच पर भागीदारी से रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी। जयपुर में आयोजित इंडिया स्टोन मार्ट में प्रदेश की सक्रिय भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मध्यप्रदेश का स्टोन उद्योग वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार है और आने वाले समय में निर्यात के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकता है।

  • खंडवा में भाजपा नेता की मौत से सियासी हलचल मृत्यु पूर्व वीडियो में कांग्रेस नेता पर कर्ज वसूली और प्रताड़ना के आरोप पुलिस जांच में जुटी

    खंडवा में भाजपा नेता की मौत से सियासी हलचल मृत्यु पूर्व वीडियो में कांग्रेस नेता पर कर्ज वसूली और प्रताड़ना के आरोप पुलिस जांच में जुटी


    इंदौर। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में भाजपा नेता और पूर्व पार्षद जितेंद्र चौधरी उर्फ जीतू की मंगलवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। उनकी मृत्यु के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। मृत्यु से पहले रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में उन्होंने कांग्रेस नेता गणेश सकरगाये पर कर्ज वसूली और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो बयान लेनदेन से जुड़े दस्तावेज और संबंधित लोगों के बयान के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी।

    मृत्यु से पहले बनाए गए वीडियो को जांच का अहम आधार माना जा रहा है। वीडियो में चौधरी ने कहा कि वे लंबे समय से भारी आर्थिक दबाव में थे और लगातार मानसिक उत्पीड़न झेल रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग पचास लाख रुपये के लेनदेन को लेकर वे पिछले पांच वर्षों से ब्याज चुका रहे थे इसके बावजूद उन पर दबाव बनाया जा रहा था। उनके अनुसार यह मानसिक तनाव इतना बढ़ गया था कि वे पूरी तरह टूट चुके थे।

    चौधरी ने वीडियो में यह भी कहा कि कर्ज और सामाजिक दबाव के कारण उनकी बेटी का रिश्ता टूट गया। उन्होंने बताया कि उन पर कुल मिलाकर लगभग एक करोड़ रुपये का कर्ज था लेकिन अन्य लेनदारों ने इस तरह का दबाव नहीं बनाया। उनका आरोप था कि भुगतान को लेकर लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था और इससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा पर भी असर पड़ा।

    जानकारी के अनुसार आनंद नगर स्थित लव कुश नगर सेक्टर तीन निवासी चौधरी मंगलवार सुबह करीब दस बजे घर से निकले और कांग्रेस नेता गणेश सकरगाये के घर पहुंचे। आरोप है कि वहां उन्होंने सल्फास की गोलियां खा लीं। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले आनंद नगर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। करीब चार घंटे तक चले इलाज के बाद उनकी मृत्यु हो गई। बताया जा रहा है कि अस्पताल में भर्ती कराने के बाद सकरगाये वहां से चले गए।

    सूत्रों के अनुसार चौधरी लंबे समय से आर्थिक और पारिवारिक तनाव से जूझ रहे थे। बताया जाता है कि पिछले दो वर्षों से वे अपनी बहन के घर भोजन कर रहे थे और कर्ज के बोझ के चलते पारिवारिक संबंधों में भी दूरी आ गई थी। उनके बेटे ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की है जबकि बेटी उच्च शिक्षित है। हर महीने पांच से दस तारीख के बीच ब्याज चुकाने का दबाव रहता था और दस फरवरी को भुगतान की अंतिम तिथि बताई जा रही थी। मित्रों से आर्थिक मदद की कोशिश की गई लेकिन सहायता नहीं मिल सकी। आरोप है कि भुगतान न करने की स्थिति में मकान बिकवाने की चेतावनी दी जा रही थी।

    घटना की सूचना मिलते ही जिला अस्पताल में राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग पहुंच गए और शोक व्यक्त किया। हालांकि परिवार के कुछ सदस्य मौके पर मौजूद नहीं थे। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।