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  • भोजशाला फैसले पर सियासी बयानबाज़ी तेज, ‘न्यायपालिका के जरिए सनातनियों की जीत’ पर गरमाई बहस

    भोजशाला फैसले पर सियासी बयानबाज़ी तेज, ‘न्यायपालिका के जरिए सनातनियों की जीत’ पर गरमाई बहस

    मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा धार स्थित भोजशाला परिसर को लेकर दिए गए फैसले के बाद पूरे क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। अदालत के इस निर्णय के बाद विभिन्न पक्षों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और इसे ऐतिहासिक एवं महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है।

    फैसले के बाद कुछ जनप्रतिनिधियों और नेताओं ने इसे सत्य की विजय बताया और कहा कि लंबे समय से चल रहे विवाद पर अब स्थिति स्पष्ट हुई है। उनके अनुसार, यह निर्णय आस्था और परंपरा से जुड़े मुद्दे पर न्यायपालिका की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है। कुछ नेताओं ने यह भी कहा कि वर्षों से जिस स्थान को लेकर विवाद था, अब उस पर न्यायिक दृष्टिकोण से स्पष्टता आ गई है, जिससे स्थानीय लोगों में संतोष का माहौल देखा जा रहा है।

    इसी क्रम में कुछ जनप्रतिनिधियों ने बयान दिया कि यह निर्णय समाज में आस्था से जुड़े विषयों पर लंबे समय से चल रही अनिश्चितता को समाप्त करता है। उनके अनुसार, धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाले स्थलों को लेकर जो विवाद थे, वे अब न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से एक दिशा में आगे बढ़े हैं। उन्होंने इसे सामाजिक दृष्टि से भी एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया।

    वहीं याचिकाकर्ताओं और पक्षकारों ने भी फैसले को ऐतिहासिक बताया और कहा कि इससे उनके लंबे संघर्ष को न्याय मिला है। उन्होंने यह दावा किया कि भोजशाला का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व बहुत पुराना है और इससे जुड़े कई साक्ष्य पहले से मौजूद हैं। उनके अनुसार, अब इस स्थल के संरक्षण और पुनर्स्थापना को लेकर आगे की प्रक्रिया पर ध्यान दिया जाएगा।

    कुछ याचिकाकर्ताओं ने यह भी कहा कि ऐतिहासिक तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर इस स्थान की वास्तविक पहचान को लेकर उनकी ओर से अदालत में दलीलें पेश की गई थीं। अब फैसले के बाद वे आगे की योजना पर काम करेंगे, जिसमें धार्मिक प्रतीकों और परंपराओं से जुड़े पहलुओं को पुनर्स्थापित करने की बात कही गई है।

    इस पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में चर्चा और बहस का माहौल बना हुआ है। अलग-अलग पक्ष अपने-अपने नजरिए से इस निर्णय की व्याख्या कर रहे हैं। जहां एक ओर इसे न्यायिक प्रक्रिया की जीत बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसे ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है।

  • राजस्थान की गर्म हवाओं का असर: सागर में पारा 43°C पार, लू का अलर्ट

    राजस्थान की गर्म हवाओं का असर: सागर में पारा 43°C पार, लू का अलर्ट


    नई दिल्ली । सागर शहर इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। राजस्थान की ओर से आ रही गर्म हवाओं ने पूरे वातावरण को और अधिक तप्त बना दिया है, जिससे दिन के साथ-साथ रातें भी गर्म महसूस की जा रही हैं।

    शुक्रवार को सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर देखने को मिला। दोपहर तक हालात ऐसे हो गए कि बाजारों में सन्नाटा पसर गया और लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हो गए।

    मौसम विभाग के अनुसार सागर का अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि सक्रिय मौसमीय सिस्टम और ट्रफ लाइन की वजह से हवा भट्टी जैसी गर्म हो रही है।

    राजस्थान से आने वाली गर्म हवाएं स्थिति को और गंभीर बना रही हैं, जिससे लू चलने की संभावना भी बढ़ गई है। अनुमान है कि रात का तापमान भी 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

    मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। दोपहर 12 से 3 बजे के बीच विशेष सावधानी बरतने, पर्याप्त पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है।

  • सागर में बिजली संकट: दो ट्रांसफार्मर जलकर खाक, पूरे इलाके में अफरा-तफरी

    सागर में बिजली संकट: दो ट्रांसफार्मर जलकर खाक, पूरे इलाके में अफरा-तफरी


    नई दिल्ली। सागर शहर में गुरुवार देर रात एक के बाद एक दो बिजली ट्रांसफार्मरों में आग लगने से हड़कंप मच गया। सिविल लाइन क्षेत्र में लगे ट्रांसफार्मर में अचानक धमाके के साथ आग भड़क उठी, जिससे आसपास का इलाका दहल गया।

    इसके कुछ ही समय बाद इतवारा बाजार के कचेरन कुआं क्षेत्र में भी एक अन्य ट्रांसफार्मर में आग लगने की घटना सामने आई। दोनों जगहों पर आग लगने से बिजली आपूर्ति पूरी तरह प्रभावित हो गई और कई इलाकों में अंधेरा छा गया।

    स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड और बिजली विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंची दमकल टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद करीब एक घंटे में आग पर काबू पाया। इस दौरान ट्रांसफार्मरों में लगातार धमाके और चिंगारियां निकलती रहीं, जिससे लोग दहशत में आ गए।

    आग के कारण दर्जनों घरों की बिजली सप्लाई ठप हो गई। गर्मी के मौसम में बिजली गुल होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह करीब 6 बजे तक मरम्मत कार्य के बाद आपूर्ति बहाल की जा सकी।

    बिजली विभाग की टीम फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक अनुमान में ओवरलोड या तकनीकी खराबी को वजह माना जा रहा है।

  • क्षतिग्रस्त पुल का काम खिंचा, बीहर नदी पर यातायात बहाली अभी टली

    क्षतिग्रस्त पुल का काम खिंचा, बीहर नदी पर यातायात बहाली अभी टली


    नई दिल्ली ।  रीवा के बायपास मार्ग स्थित बीहर नदी पर बने क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत का कार्य अभी भी धीमी गति से चल रहा है, जिससे यातायात बहाल होने की उम्मीदें टलती नजर आ रही हैं। पुल की मौजूदा स्थिति को देखते हुए अब यह स्पष्ट नहीं है कि इसे कब तक पूरी तरह से सुरक्षित किया जा सकेगा।

    मौके पर स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। गर्डर उठाने की प्रक्रिया के दौरान एलाइनमेंट बिगड़ने से तकनीकी समस्याएं और बढ़ गई हैं। वहीं, पिलरों के बीच गैप बढ़ने की भी जानकारी सामने आई है, जिससे संरचना की मजबूती पर सवाल खड़े हो गए हैं।

    सूत्रों के अनुसार, मरम्मत कार्य में लगी डीजीसी इंफ्रा की टीम ने प्रारंभिक तौर पर सुझाव दिया था कि पुल को पूरी तरह तोड़कर नए सिरे से निर्माण करना अधिक सुरक्षित विकल्प होगा। हालांकि, इस पर अंतिम निर्णय जिला प्रशासन को लेना है और फिलहाल मरम्मत का काम ही जारी है।

    एमपीआरडीसी के अधिकारी इस मामले में स्पष्ट जानकारी देने से बच रहे हैं। वहीं, इंजीनियरों का मानना है कि जल्दबाजी में यातायात बहाल करना जोखिम भरा हो सकता है। अनुमान है कि पुल को सुरक्षित बनाने में अभी एक महीने से अधिक समय लग सकता है।

    गौरतलब है कि प्रशासन ने पहले 10 मई तक पुल पर यातायात बहाल करने का दावा किया था, लेकिन तय समय सीमा बीतने के बाद भी काम अधूरा है। इससे लोगों को निराशा का सामना करना पड़ रहा है।

    इस बीच भारी वाहनों को शहर के भीतर से गुजरना पड़ रहा है, जिससे ट्रैफिक जाम, धूल और दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है और स्थानीय लोगों को लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है।

  • हर्षा रिछारिया उर्फ हर्षानंद फिर चर्चा में, प्रवचन रोकने का लगाया आरोप

    हर्षा रिछारिया उर्फ हर्षानंद फिर चर्चा में, प्रवचन रोकने का लगाया आरोप


    नई दिल्ली । उज्जैन के लक्ष्मीपुरा में आयोजित सात दिवसीय देवी प्रवचन कार्यक्रम का समापन इस बार विवादों में घिर गया। मॉडल से संन्यास लेकर साध्वी बनीं हर्षा रिछारिया उर्फ स्वामी हर्षानंद गिरि ने मंच से आरोप लगाया कि कुछ संत उनके प्रवचन को रोकने और उसका समय घटाने की कोशिश कर रहे थे।

    हर्षानंद ने कहा कि शुरुआती दिनों में कार्यक्रम सामान्य रहा, लेकिन जैसे-जैसे श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ी, उनके प्रवचन के समय को सीमित करने का प्रयास किया गया। उन्होंने दावा किया कि विरोध के बावजूद श्रद्धालुओं की उपस्थिति लगातार बढ़ती रही और पंडाल तक बढ़ाना पड़ा।

    कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मंच से युवतियों को ‘लव जिहाद’ से सतर्क रहने की शपथ दिलाई। इसके साथ ही युवतियों को तलवारबाजी, घुड़सवारी और शस्त्र प्रशिक्षण सीखने की सलाह भी दी गई। करणी सेना की ओर से कार्यक्रम में युवतियों को तलवारें भी वितरित की गईं।

    आयोजन के समापन पर करीब 11 युवतियों को प्रतीकात्मक रूप से तलवारें सौंपी गईं, जबकि लक्ष्य 101 तलवारें बांटने का था।

    हर्षानंद ने यह भी कहा कि वे मां भगवती की कृपा से इस कार्यक्रम में डटी रहीं और कोई भी उन्हें रोक नहीं सका।

    करीब एक माह पहले उन्होंने उज्जैन के मौनी तीर्थ आश्रम में संन्यास लेकर नया नाम “स्वामी हर्षानंद गिरि” अपनाया था। संन्यास से पहले वे मॉडलिंग और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के रूप में सक्रिय थीं और अब धार्मिक प्रवचनों के जरिए चर्चा में रहती हैं।

  • गर्मी से हाहाकार: शाजापुर-नौगांव सबसे गर्म, MP में मौसम विभाग का अलर्ट

    गर्मी से हाहाकार: शाजापुर-नौगांव सबसे गर्म, MP में मौसम विभाग का अलर्ट


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश एक बार फिर भीषण गर्मी की चपेट में आ गया है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के लिए राज्य के करीब 40 जिलों में लू और गर्म हवाओं का अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे लोगों को दिन के समय सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    शाजापुर और छतरपुर के नौगांव में गुरुवार को अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक तापमान रहा। इसके अलावा खरगोन, खंडवा, रतलाम, खजुराहो और अन्य जिलों में भी पारा 44 डिग्री के आसपास रहा।

    राज्य के प्रमुख शहरों की बात करें तो उज्जैन में 44 डिग्री, भोपाल में 43.4 डिग्री, जबलपुर में 43.3 डिग्री, इंदौर में 43 डिग्री और ग्वालियर में 41.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच गर्मी का असर सबसे ज्यादा रहेगा। इस दौरान लोगों को घरों से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।

    इंदौर, उज्जैन, रतलाम, देवास और धार जैसे जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां तेज लू के साथ रात में भी गर्मी का असर यानी ‘वॉर्म नाइट’ देखने को मिल सकता है।

    हालांकि, पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में फिलहाल लू का असर कम है, लेकिन वहां भी तेज गर्मी बनी हुई है।

    मौसम में यह बदलाव लंबे समय से चल रहे बारिश और आंधी के दौर के बाद आया है। मई महीने के शुरुआती दिनों में लगातार बारिश के कारण तापमान सामान्य बना हुआ था, लेकिन अब अचानक मौसम ने करवट ली है और गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है।

  • हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: आयुष चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया पर लगी रोक

    हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: आयुष चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया पर लगी रोक


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ ने आयुष चिकित्सा अधिकारियों (आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी) की भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह आदेश 31 दिसंबर 2025 को जारी विज्ञापनों के तहत चल रही भर्ती प्रक्रिया पर लागू होगा, जिससे फिलहाल सभी आगे की कार्रवाई रोक दी गई है।

    मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने यह फैसला तीन याचिकाओं की सुनवाई के दौरान दिया। अदालत ने राज्य सरकार और मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और मामले की अगली सुनवाई 23 जून 2026 तय की गई है।

    विवाद का मुख्य मुद्दा 50 प्रतिशत आरक्षण से जुड़ा है, जो उन संविदा आयुष चिकित्सा अधिकारियों को देने का प्रावधान है जिन्होंने पांच साल की सेवा पूरी कर ली है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि समान पद पर कार्यरत होने के बावजूद उन्हें इस लाभ से वंचित किया जा रहा है।

    सरकार की 11 मार्च 2025 की अधिसूचना में यह प्रावधान किया गया था कि ऐसे संविदा चिकित्सक, जो निर्धारित सेवा अवधि पूरी कर चुके हैं, उन्हें नियमित भर्ती में आरक्षण का लाभ मिलेगा, बशर्ते वे समकक्ष पद पर कार्यरत हों।

    याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि वे उसी पद पर काम कर रहे हैं, जिसके लिए भर्ती निकाली गई है, और केवल वेतनमान के आधार पर भेदभाव उचित नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार पहले ही कुछ मामलों में संविदा चिकित्सकों के वेतनमान को नियमित स्तर पर लाने की प्रक्रिया स्वीकार कर चुकी है।

    हाईकोर्ट के इस अंतरिम आदेश से प्रदेश भर के हजारों संविदा आयुष चिकित्सकों को फिलहाल राहत मिली है, जबकि भर्ती प्रक्रिया अनिश्चितकाल के लिए रुक गई है। अब सरकार के जवाब के बाद ही इस मामले में आगे की दिशा तय होगी।

  • उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला: लापरवाही से प्रसूता की मौत, अस्पताल को देना होगा मुआवजा

    उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला: लापरवाही से प्रसूता की मौत, अस्पताल को देना होगा मुआवजा


    नई दिल्ली । ग्वालियर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने एक निजी अस्पताल की गंभीर लापरवाही को साबित मानते हुए उस पर आर्थिक दंड लगाया है। मामला न्यू लाइफ लाइन हॉस्पिटल का है, जहां प्रसव के बाद एक महिला की हालत बिगड़ने पर समय पर उचित उपचार नहीं दिया गया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।

    परिजनों के अनुसार महिला को 30 सितंबर 2023 को डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सिजेरियन डिलीवरी के बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और ऑक्सीजन स्तर तेजी से गिरकर 80 तक पहुंच गया। इसके बावजूद समय पर न तो उचित ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया और न ही उसे बड़े अस्पताल रेफर किया गया।

    स्थिति गंभीर होने पर मरीज को कमला राजा अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    जांच में यह भी सामने आया कि अस्पताल में न तो योग्य विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद थे और न ही वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम जैसी बुनियादी सुविधाएं थीं। यहां तक कि अस्पताल का रजिस्ट्रेशन और व्यवस्थाएं भी संदिग्ध पाई गईं।

    उपभोक्ता आयोग ने इसे “सेवा में गंभीर कमी” मानते हुए अस्पताल पर कुल ₹3.12 लाख का मुआवजा लगाने का आदेश दिया है। इसमें ₹3 लाख आर्थिक क्षतिपूर्ति, ₹10 हजार मानसिक क्षति और ₹2 हजार कानूनी खर्च शामिल हैं। आदेश के अनुसार यह राशि 45 दिनों के भीतर देनी होगी, अन्यथा 6% वार्षिक ब्याज भी देना होगा।

    आयोग ने स्पष्ट कहा कि यदि मरीज को समय पर बेहतर अस्पताल रेफर किया जाता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। बिना बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं के अस्पताल चलाना मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ है।

  • ट्रक से छलांग लगाते ही गई जान: होमगार्ड जवान की हाईवे पर दर्दनाक मौत

    ट्रक से छलांग लगाते ही गई जान: होमगार्ड जवान की हाईवे पर दर्दनाक मौत


    नई दिल्ली । ग्वालियर जिले के घाटीगांव क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां शिवपुरी में पदस्थ 25 वर्षीय होमगार्ड जवान धर्मेन्द्र आदिवासी की चलती पुलिस ट्रक से कूदने के बाद मौत हो गई। यह घटना आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर सिमरिया मोड़ के पास हुई।

    जानकारी के अनुसार, जवान अपने साथियों के साथ सरकारी कार्य के लिए राइफल जमा करने ग्वालियर आ रहा था। इसी दौरान वह पुलिस के मिनी ट्रक में सवार था। रास्ते में उसके मोबाइल पर घर से एक कॉल आया, जिसके बाद उसका व्यवहार अचानक बदल गया।

    साथी जवानों के मुताबिक, फोन पर लंबी बातचीत के बाद वह तनावग्रस्त और उत्तेजित दिखाई देने लगा। जैसे ही वाहन सिमरिया मोड़ के पास पहुंचा, उसने अचानक चिल्लाते हुए चलती गाड़ी से छलांग लगा दी। सिर के बल गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

    साथियों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया।

    पुलिस अब इस मामले की गहन जांच कर रही है और जवान के मोबाइल की कॉल डिटेल्स खंगाली जा रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिरी कॉल में क्या बातचीत हुई थी, जिससे वह मानसिक रूप से विचलित हुआ।

    फिलहाल पुलिस इसे संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत मानकर सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

  • ग्वालियर में बढ़े पेट्रोल-डीजल रेट: लोगों की जेब पर भारी पड़ा असर

    ग्वालियर में बढ़े पेट्रोल-डीजल रेट: लोगों की जेब पर भारी पड़ा असर


    नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर अब ग्वालियर में भी साफ दिखाई दे रहा है। तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है, जिसके बाद शहर में पेट्रोल ₹109.74 प्रति लीटर और डीजल ₹94.93 प्रति लीटर तक पहुंच गया है।

    एक दिन पहले तक पेट्रोल ₹106.45 और डीजल ₹91.83 प्रति लीटर बिक रहा था। अचानक हुई इस बढ़ोतरी से आम लोगों के बजट पर सीधा असर पड़ा है। खासकर दैनिक यात्रियों और ट्रांसपोर्ट कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है।

    पेट्रोल पंपों पर इसका असर भी देखने को मिला है। पहले जहां लंबी कतारें लगती थीं, अब वहां भीड़ काफी कम हो गई है। पेट्रोल पंप कर्मचारियों के अनुसार बिक्री में लगभग 40 से 50 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है।

    ग्राहकों का कहना है कि बढ़ती कीमतों के कारण अब वाहन का उपयोग सोच-समझकर करना पड़ेगा। कुछ लोग इलेक्ट्रिक वाहनों को बेहतर विकल्प मान रहे हैं, जबकि कई लोगों ने महंगाई को सीधे आम जनता पर बोझ बताया है।

    विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होने से यह बढ़ोतरी हुई है। युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव के चलते तेल की कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं, जिसका असर भारत के ईंधन बाजार पर भी पड़ रहा है।

    ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में भी इसका असर दिखने लगा है और आने वाले समय में किराए और वस्तुओं की कीमतों में और बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।