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  • महाकाल नगरी में लापरवाही का वीडियो वायरल: ई-रिक्शा की छत पर बैठाकर घुमाया श्रद्धालु, पुलिस ने किया जब्त

    महाकाल नगरी में लापरवाही का वीडियो वायरल: ई-रिक्शा की छत पर बैठाकर घुमाया श्रद्धालु, पुलिस ने किया जब्त


    मध्यप्रदेश । उज्जैन में महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या के बीच यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क है। इसी बीच एक ई-रिक्शा चालक की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जिसने न केवल यातायात नियमों की अनदेखी की बल्कि एक यात्री की जान भी जोखिम में डाल दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और संबंधित चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई।

    वायरल वीडियो में ई-रिक्शा क्रमांक 4778 दिखाई दे रहा है, जिसमें निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई गई थीं। इतना ही नहीं, एक यात्री वाहन की छत पर बैठकर सफर करता नजर आया। सड़क पर चल रहे अन्य लोगों ने इस खतरनाक दृश्य का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जिसके बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया।

    वीडियो सामने आने के बाद उज्जैन यातायात पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। जांच में वीडियो सही पाए जाने पर ई-रिक्शा को जब्त कर लिया गया और चालक के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती थी।

    यातायात डीएसपी दिलीप परिहार ने बताया कि चालक द्वारा वाहन में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाना और यात्री को छत पर बैठाकर परिवहन करना गंभीर नियम उल्लंघन है। इसी आधार पर कार्रवाई करते हुए वाहन का चालान तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। साथ ही चालक का ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

    पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शहर में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले ऐसे मामलों को भी गंभीरता से लिया जा रहा है और दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

    पुलिस ने श्रद्धालुओं और वाहन चालकों से अपील की है कि यात्रा के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करें। कुछ समय बचाने या अधिक कमाई के लालच में नियमों की अनदेखी करना जानलेवा साबित हो सकता है। प्रशासन ने लोगों से आग्रह किया है कि वे ओवरलोड वाहनों में सफर न करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही दिखाई देने पर तुरंत इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।

  • महाकाल मंदिर में गर्भगृह प्रवेश पर फिर विवाद, डिजिटल क्रिएटर की तस्वीरों से उठा VIP कल्चर का मुद्दा; सांसद फिरोजिया ने जताई नाराजगी

    महाकाल मंदिर में गर्भगृह प्रवेश पर फिर विवाद, डिजिटल क्रिएटर की तस्वीरों से उठा VIP कल्चर का मुद्दा; सांसद फिरोजिया ने जताई नाराजगी


    मध्यप्रदेश ।उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर एक बार फिर गर्भगृह प्रवेश को लेकर विवादों में घिर गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुई कुछ तस्वीरों ने मंदिर प्रशासन की व्यवस्था और आम श्रद्धालुओं के साथ किए जा रहे व्यवहार को लेकर बहस छेड़ दी है। तस्वीरों में दिल्ली निवासी डिजिटल क्रिएटर अक्षय आनंद अपनी पत्नी और मित्रों के साथ महाकाल मंदिर के गर्भगृह में दर्शन करते दिखाई दे रहे हैं। इन तस्वीरों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने वीआईपी संस्कृति और दोहरे मापदंडों को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

    जानकारी के अनुसार यह तस्वीरें 15 जून की बताई जा रही हैं। उस दिन सोमवती अमावस्या होने के कारण महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी। इसी दौरान अक्षय आनंद ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर गर्भगृह में दर्शन करते हुए तस्वीरें साझा कीं। तस्वीरों में वे पारंपरिक धोती-सोला पहनकर गर्भगृह में मौजूद नजर आ रहे हैं। इतना ही नहीं, गर्भगृह परिसर में फोटो भी खिंचवाई गईं, जबकि मंदिर परिसर में फोटोग्राफी पर प्रतिबंध लागू है।

    तस्वीरें वायरल होने के बाद श्रद्धालुओं में नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि जब आम भक्तों को वर्षों से गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति नहीं है, तो कुछ चुनिंदा लोगों को विशेष सुविधा कैसे दी जा रही है। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने मंदिर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे वीआईपी कल्चर का उदाहरण बताया।

    विवाद बढ़ने के बाद महाकाल मंदिर प्रशासन की ओर से सफाई भी सामने आई। मंदिर प्रशासक ने बताया कि अक्षय आनंद और उनके साथ मौजूद अन्य लोग हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के साथ मंदिर पहुंचे थे। इसी वजह से उन्हें गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति दी गई थी। हालांकि इस स्पष्टीकरण के बाद भी लोगों की नाराजगी कम होती दिखाई नहीं दे रही है।

    मामले में उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया ने भी खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि महाकाल मंदिर में वीआईपी संस्कृति का बढ़ता प्रभाव चिंता का विषय है और वे इसके घोर विरोधी हैं। सांसद ने कहा कि वे स्वयं आज भी सामान्य श्रद्धालुओं की तरह लाइन में लगकर भगवान महाकाल के दर्शन करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी माताजी पिछले कई दशकों से नियमित रूप से महाकाल मंदिर जाती हैं और कभी किसी विशेष सुविधा का लाभ नहीं लेतीं।

    सांसद फिरोजिया ने कहा कि भगवान के दरबार में सभी समान हैं। यहां किसी राजा और रंक में कोई अंतर नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को भी चेताते हुए कहा कि उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि अंततः सभी को भगवान महाकाल की शरण में ही जाना है।

    उन्होंने मांग की कि प्रतिदिन कम से कम दो घंटे के लिए महाकाल मंदिर का गर्भगृह आम श्रद्धालुओं के लिए खोला जाए, ताकि भक्त स्वयं जलाभिषेक और पूजन कर सकें। उन्होंने बताया कि इस विषय पर वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी चर्चा कर चुके हैं।

    गौरतलब है कि महाकाल मंदिर का गर्भगृह जुलाई 2023 में श्रावण मास के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए आम श्रद्धालुओं के लिए बंद किया गया था। उस समय इसे अस्थायी व्यवस्था बताया गया था, लेकिन लंबे समय बीत जाने के बाद भी गर्भगृह आम भक्तों के लिए नहीं खोला गया। अब वायरल तस्वीरों ने एक बार फिर मंदिर में वीआईपी व्यवस्था और श्रद्धालुओं के अधिकारों को लेकर बहस को तेज कर दिया है।

  • महाकाल मंदिर में मुस्लिम युवक से मारपीट: आधार कार्ड देखने के बाद हुआ विवाद, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    महाकाल मंदिर में मुस्लिम युवक से मारपीट: आधार कार्ड देखने के बाद हुआ विवाद, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो


    मध्य प्रदेश । विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे एक युवक के साथ हुई मारपीट की घटना ने उज्जैन में चर्चा का विषय बना दिया है। घटना उस समय हुई जब युवक मंदिर की चलित भस्मारती में शामिल होने के लिए कतार में खड़ा था। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में कुछ लोग युवक से बहस करते और उसके साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। घटना के बाद पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर युवक को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और पूरे मामले की जानकारी जुटानी शुरू की।

    पुलिस के अनुसार, महाराष्ट्र के पुणे जिले के पिंपरी क्षेत्र का रहने वाला 26 वर्षीय सरफराज शेख एक हिंदू युवती के साथ महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने आया था। दोनों देर रात मंदिर पहुंचे और चलित भस्मारती में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं की कतार में लग गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवक ने माथे पर चंदन का त्रिपुंड लगाया हुआ था और ‘महाकाल’ भी लिखा हुआ था, जिससे वह सामान्य श्रद्धालुओं की तरह दिखाई दे रहा था।

    बताया जा रहा है कि कतार में खड़े कुछ लोगों को युवक पर संदेह हुआ। इसके बाद उसकी पहचान जानने के लिए आधार कार्ड देखा गया। आधार कार्ड में उसका नाम और पहचान सामने आने के बाद वहां मौजूद कुछ लोगों ने आपत्ति जताई। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। देखते ही देखते कुछ लोगों ने युवक के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी।

    घटना के दौरान युवक अपनी बात रखने और खुद को छोड़ने की गुहार लगाता रहा, लेकिन माहौल लगातार गर्माता गया। आसपास मौजूद लोगों में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस पूरे घटनाक्रम को वहां मौजूद कुछ लोगों ने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद मामला सार्वजनिक चर्चा में आ गया।

    सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस अधिकारियों ने युवक और उसके साथ आई युवती से पूछताछ की। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोनों दर्शन करने के उद्देश्य से उज्जैन आए थे। पुलिस ने किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए दोनों के परिजनों को भी उज्जैन बुलाया है।

    महाकाल थाना पुलिस का कहना है कि फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। हालांकि वायरल वीडियो और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यदि कोई शिकायत प्राप्त होती है तो कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

    यह घटना एक बार फिर धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था, पहचान को लेकर उत्पन्न होने वाले विवादों और सोशल मीडिया के प्रभाव पर चर्चा का कारण बनी है। प्रशासन का प्रयास है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न होने दी जाए। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और संबंधित लोगों से जानकारी जुटाई जा रही है।

  • महाकाल की शरण में पहुंचे नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद महेश केवट, बोले- जीत बाबा के आशीर्वाद और कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम

    महाकाल की शरण में पहुंचे नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद महेश केवट, बोले- जीत बाबा के आशीर्वाद और कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम


    मध्यप्रदेश । नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद Mahesh Kevat सोमवार को उज्जैन पहुंचे, जहां उन्होंने विश्व प्रसिद्ध Shri Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple में बाबा महाकाल के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने के बाद पहली बार महाकाल मंदिर पहुंचे केवट ने इसे अपने लिए आध्यात्मिक और भावनात्मक क्षण बताया। उन्होंने भगवान महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त कर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की कामना की।

    मंदिर पहुंचने पर भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान उनके साथ भाजपा जिला अध्यक्ष संजय अग्रवाल सहित संगठन के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। दर्शन के दौरान महेश केवट ने नंदी हॉल में बैठकर ध्यान लगाया और परंपरा के अनुसार नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामना भी व्यक्त की।

    दर्शन-पूजन के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए महेश केवट ने राज्यसभा चुनाव में भाजपा की सफलता को बाबा महाकाल का आशीर्वाद बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के तीनों प्रत्याशियों की जीत संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत और जनता के विश्वास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पूरी निष्ठा के साथ संगठन को मजबूत बनाने का कार्य किया है, जिसका सकारात्मक परिणाम चुनावों में देखने को मिला।

    इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। केवट ने दावा किया कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन निरस्त होना भाजपा की किसी रणनीति का परिणाम नहीं था, बल्कि कांग्रेस की अपनी प्रक्रियागत कमियों और लापरवाही का नतीजा था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार भ्रम और झूठ की राजनीति कर रही है तथा जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।

    महेश केवट ने कहा कि न्यायिक और संवैधानिक संस्थाओं के निर्णयों का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को अपनी आंतरिक कमजोरियों पर आत्ममंथन करने की आवश्यकता है, बजाय इसके कि वह हर मुद्दे पर दूसरे दलों को जिम्मेदार ठहराए।

    लोकसभा चुनावों को लेकर भी उन्होंने भाजपा की जीत का भरोसा जताया। केवट ने कहा कि मध्य प्रदेश में भाजपा को जनता का व्यापक समर्थन प्राप्त है और आने वाले चुनावों में भी पार्टी मजबूत प्रदर्शन करेगी। उन्होंने दावा किया कि जनता विकास, सुशासन और स्थिर नेतृत्व के पक्ष में खड़ी है।

    राज्यसभा सांसद के रूप में अपनी प्राथमिकताओं पर बात करते हुए महेश केवट ने कहा कि वे प्रदेश के विकास, गरीबों, किसानों, युवाओं और समाज के सभी वर्गों के हितों से जुड़े मुद्दों को संसद में मजबूती से उठाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने और मध्य प्रदेश के विकास को नई गति देने के लिए वे पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे।

    महाकाल मंदिर में दर्शन के बाद उन्होंने देशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि बाबा महाकाल का आशीर्वाद सभी पर बना रहे और प्रदेश निरंतर विकास की राह पर आगे बढ़ता रहे।

  • महाकाल मंदिर में भस्म आरती पासों की कथित दलाली पर बवाल, युवा कांग्रेस ने किया प्रदर्शन

    महाकाल मंदिर में भस्म आरती पासों की कथित दलाली पर बवाल, युवा कांग्रेस ने किया प्रदर्शन


    मध्यप्रदेश । उज्जैन स्थित Shri Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple में भस्म आरती के वीआईपी और प्रोटोकॉल पासों की कथित दलाली को लेकर सोमवार को राजनीतिक माहौल गरमा गया। युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए भस्म आरती की प्रोटोकॉल अनुमति व्यवस्था पर सवाल उठाए। संगठन ने आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं को मिलने वाले प्रवेश पासों की कथित रूप से खरीद-फरोख्त की जा रही है और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

    प्रदर्शन का नेतृत्व महिदपुर विधानसभा युवा कांग्रेस अध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह डोडिया ने किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भस्म आरती के प्रवेश पास 2 से 3 हजार रुपए या उससे अधिक राशि में बेचे जा रहे हैं। उनका दावा है कि जनप्रतिनिधियों को मिलने वाले प्रोटोकॉल पासों का दुरुपयोग कर उन्हें अन्य लोगों को बेचा जा रहा है। डोडिया ने आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं को निर्धारित शुल्क से कहीं अधिक राशि लेकर अनुमति दिलाने का लालच दिया जाता है, जिससे धार्मिक आस्था से जुड़े लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

    युवा कांग्रेस नेताओं का कहना है कि ऑनलाइन व्यवस्था के अलावा प्रतिदिन बड़ी संख्या में प्रोटोकॉल पास जारी किए जाते हैं और इसी व्यवस्था में पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। संगठन ने मांग की कि पूरे सिस्टम की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

    प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने डिप्टी कलेक्टर सरिता लाल को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि ज्ञापन में मीडिया में सामने आई खबरों और शिकायतों के आधार पर जांच की मांग की गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि ज्ञापन संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।

    युवा कांग्रेस ने अपने ज्ञापन में कई प्रमुख मांगें रखीं। इनमें वीआईपी और प्रोटोकॉल कोटे की संपूर्ण जांच, पासों की कथित खरीद-फरोख्त में शामिल एजेंटों और बिचौलियों की पहचान, दोषियों के खिलाफ एफआईआर, तथा पास आवंटन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाने की मांग शामिल है। संगठन ने यह भी कहा कि पिछले एक वर्ष में जारी विशेष श्रेणी के सभी पासों का ऑडिट कराया जाए और उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।

    ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि यदि किसी जनप्रतिनिधि या प्रभावशाली व्यक्ति के नाम का दुरुपयोग हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी तंत्र और शिकायत हेल्पलाइन शुरू करने की भी मांग की गई है।

    युवा कांग्रेस ने प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। संगठन का कहना है कि यदि निर्धारित समय के भीतर जांच शुरू नहीं हुई और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो महाकाल मंदिर के बाहर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

    गौरतलब है कि हाल के महीनों में भस्म आरती की अनुमति दिलाने के नाम पर कथित ठगी के कई मामले सामने आए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार कुछ मामलों में श्रद्धालुओं से पैसे लेने के आरोप में व्यक्तियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इनमें दिल्ली, मुंबई और अन्य शहरों से आए श्रद्धालुओं द्वारा शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। पुलिस ने उन मामलों में शिकायत के आधार पर जांच और कार्रवाई की थी। हालांकि प्रोटोकॉल पास व्यवस्था में किसी व्यापक अनियमितता के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है और संबंधित मामलों की जांच अलग-अलग स्तर पर जारी है।

  • मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर महाकाल दरबार में विशेष पूजन, भाजपा कार्यकर्ताओं ने की राष्ट्र समृद्धि की कामना

    मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर महाकाल दरबार में विशेष पूजन, भाजपा कार्यकर्ताओं ने की राष्ट्र समृद्धि की कामना


    मध्यप्रदेश। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा विशेष धार्मिक अनुष्ठान और पूजन-अर्चन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री के स्वस्थ, दीर्घायु और यशस्वी जीवन के साथ देश की प्रगति, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की गई।

    महाकाल मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम में सांसद अनिल फिरोजिया, बाल योगी उमेश नाथ, भाजपा नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की।

    कार्यक्रम के दौरान भगवान महाकाल का विधि-विधान से पूजन किया गया। साथ ही धार्मिक अनुष्ठानों के तहत 108 जाप का आयोजन भी किया गया। श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं ने राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य, सामाजिक समरसता और विकास की निरंतरता के लिए प्रार्थना की।

    भाजपा के मीडिया प्रभारी दिनेश जाटवा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने 12 वर्षों का कार्यकाल पूरा किया है। इस अवसर को उपलब्धियों और जनसेवा के संकल्प के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महाकालेश्वर मंदिर में आयोजित विशेष पूजा का उद्देश्य देश के विकास और जनकल्याण के लिए प्रार्थना करना है।

    उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक से अधिक समय में देश ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। सरकार की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से गरीब कल्याण, आधारभूत संरचना के विस्तार, डिजिटल सेवाओं के विकास, महिला सशक्तिकरण, राष्ट्रीय सुरक्षा और आत्मनिर्भरता जैसे क्षेत्रों में कार्य किए गए हैं। इन्हीं उपलब्धियों के उपलक्ष्य में भाजपा कार्यकर्ताओं ने महाकाल के दरबार में आकर आभार व्यक्त किया और राष्ट्र की निरंतर प्रगति की कामना की।

    धार्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुए इस आयोजन में कार्यकर्ताओं ने भगवान महाकाल के जयकारे लगाए और देश की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। मंदिर परिसर में पूरे समय श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नेताओं ने कहा कि जनता के विश्वास और सहयोग से देश विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।

    उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में से एक है और राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण अवसरों पर यहां विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाता रहा है। इसी परंपरा के तहत भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर यह धार्मिक आयोजन किया।

    कार्यक्रम का समापन राष्ट्र की उन्नति, समाज के कल्याण और नागरिकों के सुख-समृद्धि की मंगलकामनाओं के साथ हुआ।

  • महाकाल की भस्म आरती में पहुंचीं किंजल दवे और मोनल गज्जर, बाबा का लिया आशीर्वाद

    महाकाल की भस्म आरती में पहुंचीं किंजल दवे और मोनल गज्जर, बाबा का लिया आशीर्वाद


    मध्य प्रदेश । उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में रविवार तड़के भस्म आरती के दौरान श्रद्धा और भक्ति का अनोखा दृश्य देखने को मिला, जब प्रसिद्ध गुजराती गायिका किंजल दवे और फिल्म अभिनेत्री मोनल गज्जर ने बाबा महाकाल के दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया।

    दोनों कलाकार सुबह करीब 4 बजे मंदिर परिसर पहुंचीं और नंदी हॉल में बैठकर लगभग दो घंटे तक चलने वाली भस्म आरती में श्रद्धापूर्वक शामिल हुईं। इस दौरान वे लगातार भगवान महाकाल का जाप करती नजर आईं और पूरे समय भक्ति भाव में लीन रहीं। आरती के बीच उन्होंने नंदी महाराज का पूजन भी किया और अपनी मनोकामनाएं भगवान के चरणों में अर्पित कीं।

    भस्म आरती के पश्चात दोनों ने विधिवत रूप से भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। मंदिर प्रबंधन समिति की ओर से उप प्रशासक एस.एन. सोनी ने उनका स्वागत किया और सम्मान स्वरूप स्मृति चिन्ह भी प्रदान किए।

    इस अवसर पर गायिका किंजल दवे ने भावुक होकर कहा कि यह उनका लगभग दो महीनों में दूसरा महाकाल दर्शन है। उन्होंने कहा, “बाबा महाकाल ने मुझे दोबारा यहां बुलाया है, मैं स्वयं को अत्यंत सौभाग्यशाली मानती हूं।” उन्होंने मंदिर प्रबंधन और सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार भी व्यक्त किया।

    अभिनेत्री मोनल गज्जर, जो मुख्य रूप से गुजराती और तेलुगु फिल्मों में सक्रिय हैं, इससे पहले भी 8 अप्रैल को महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए आ चुकी हैं। इस बार भी वे पूरी श्रद्धा और सादगी के साथ आरती में शामिल हुईं।

    मंदिर परिसर में दोनों कलाकारों की उपस्थिति के दौरान भक्तों में उत्साह देखने को मिला, हालांकि पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण और धार्मिक मर्यादा के अनुरूप संपन्न हुआ।

    श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती को विशेष महत्व प्राप्त है, और इसमें शामिल होना श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत सौभाग्य की बात मानी जाती है। इस अवसर ने एक बार फिर उज्जैन की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक महत्व को उजागर किया।

  • कैलाश खेर ने महाकाल की भस्म आरती में लिया आशीर्वाद, बोले- “बाबा की कृपा से जन्मों के पाप धुल जाते हैं”

    कैलाश खेर ने महाकाल की भस्म आरती में लिया आशीर्वाद, बोले- “बाबा की कृपा से जन्मों के पाप धुल जाते हैं”


    मध्य प्रदेश । उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर एक बार फिर श्रद्धा और भक्ति के अद्भुत संगम का गवाह बना, जब प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर शुक्रवार तड़के भगवान महाकाल के दर्शन करने पहुंचे। वे विशेष रूप से भस्म आरती में शामिल हुए और पूरी श्रद्धा के साथ भगवान ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए।

    कैलाश खेर सुबह करीब 3 बजे मंदिर पहुंचे और नंदी हॉल में बैठकर भस्म आरती का दिव्य दृश्य देखा। आरती के दौरान वे पूरी तरह भक्ति में लीन नजर आए। लगभग दो घंटे तक उन्होंने आरती का अनुभव लिया और इसके बाद नंदी जी का पूजन-अभिषेक किया। उन्होंने नंदी के कान में अपनी मनोकामना भी व्यक्त की, जैसा कि परंपरा के अनुसार श्रद्धालु करते हैं।

    इसके बाद उन्होंने चांदी द्वार के माध्यम से पुजारी के जरिए भगवान महाकाल को जल अर्पित किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। दर्शन के पश्चात मंदिर प्रबंधन समिति की ओर से उनका सम्मान किया गया।

    इस आध्यात्मिक अनुभव के बाद कैलाश खेर ने कहा कि महाकाल के दरबार में पहुंचना स्वयं में एक दिव्य अनुभूति है। उनके अनुसार, जो भी श्रद्धालु यहां आता है, वह आध्यात्मिक रूप से शुद्ध होता है और जन्मों के पापों से मुक्ति का अनुभव करता है। उन्होंने भस्म आरती को अत्यंत पवित्र और दुर्लभ दर्शन बताया और कहा कि यह केवल भगवान महाकाल की विशेष कृपा से ही संभव हो पाता है।

    उन्होंने मंदिर प्रशासन की व्यवस्थाओं की भी प्रशंसा की और कहा कि लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बावजूद दर्शन और सुरक्षा व्यवस्था बेहद सुव्यवस्थित तरीके से संचालित की जा रही है।

    महाकाल मंदिर में हुई यह उपस्थिति एक बार फिर इस बात का प्रमाण है कि यह स्थान केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि देश-विदेश के श्रद्धालुओं और कलाकारों के लिए भी आध्यात्मिक आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।

  • महाकाल मंदिर को मिला राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार, AI आधारित सुरक्षा सिस्टम की हुई सराहना

    महाकाल मंदिर को मिला राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार, AI आधारित सुरक्षा सिस्टम की हुई सराहना


    मध्य प्रदेश । उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर अब केवल आस्था का प्रमुख केंद्र ही नहीं रहा, बल्कि यह देश के सबसे आधुनिक और हाईटेक धार्मिक स्थलों में भी शामिल हो गया है। केंद्र सरकार ने मंदिर की अत्याधुनिक एआई आधारित सुरक्षा प्रणाली को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 के लिए चयनित किया है। इस सम्मान के पीछे मंदिर परिसर में लागू की गई ‘त्रिनेत्र’ नामक स्मार्ट निगरानी व्यवस्था प्रमुख कारण बनी है।

    मंदिर परिसर और महाकाल रुद्रसागर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट एरिया (MRIDA) में 500 से अधिक एआई-सक्षम कैमरे लगाए गए हैं, जो 24 घंटे लगातार निगरानी करते हैं। यह प्रणाली भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा नियंत्रण और आपातकालीन स्थितियों में त्वरित कार्रवाई के लिए विकसित की गई है। फेसियल रिकॉग्निशन, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) और रियल टाइम वीडियो एनालिटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों ने इसे देश की सबसे उन्नत सुरक्षा प्रणालियों में शामिल कर दिया है।

    लाखों श्रद्धालुओं की दैनिक आवाजाही के बीच यह तकनीक हर गतिविधि पर नजर रखती है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की पहचान होते ही सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी करता है, जिससे प्रशासन को त्वरित कार्रवाई का अवसर मिलता है। इस कारण इसे “महाकाल की तीसरी आंख” भी कहा जाने लगा है।

    राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार के लिए चयन से पहले केंद्र सरकार की एक विशेषज्ञ टीम ने उज्जैन पहुंचकर पूरे सिस्टम का गहन निरीक्षण किया था। इसके बाद उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने 13 सदस्यीय जूरी के सामने इस परियोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। तकनीकी मूल्यांकन और प्रस्तुति के आधार पर ‘त्रिनेत्र’ परियोजना को देश की सर्वश्रेष्ठ डिजिटल और स्मार्ट गवर्नेंस परियोजनाओं में शामिल किया गया।

    यह पुरस्कार 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में प्रदान किया जाएगा। इस उपलब्धि के साथ उज्जैन ने डिजिटल प्रशासन और स्मार्ट धार्मिक प्रबंधन के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम की है।

    मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य लगातार ई-गवर्नेंस, नवाचार और तकनीक आधारित जनसेवा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया।

    आज महाकाल मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि तकनीक और सुरक्षा के क्षेत्र में भारत के अग्रणी मॉडल के रूप में उभर रहा है। एआई आधारित यह प्रणाली आने वाले समय में अन्य धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण साबित हो सकती है।

  • महाकाल दर्शन व्यवस्था पर सवाल, अवैध वसूली के खिलाफ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

    महाकाल दर्शन व्यवस्था पर सवाल, अवैध वसूली के खिलाफ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई


    मध्य प्रदेश । उज्जैन स्थित Shri Mahakaleshwar Temple में भस्म आरती की अनुमति दिलाने के नाम पर श्रद्धालुओं से अवैध वसूली का मामला सामने आया है। मंदिर प्रशासन के औचक निरीक्षण के दौरान यह खुलासा हुआ कि कुछ लोगों ने श्रद्धालुओं से प्रति व्यक्ति 2500 रुपए लेकर आरती में प्रवेश की व्यवस्था कराने का दावा किया था।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने तत्काल पुलिस को शिकायत सौंपी, जिसके आधार पर तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। घटना के सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन ने भविष्य में ऐसी अनियमितताओं को रोकने के लिए प्रवेश व्यवस्था में भी बदलाव करने का निर्णय लिया है।

    औचक निरीक्षण में सामने आई गड़बड़ी
    शुक्रवार तड़के मंदिर प्रशासक एवं अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक भस्म आरती की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न प्रवेश द्वारों से आने वाले श्रद्धालुओं से बातचीत की और उनकी अनुमति प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। नीलकंठ द्वार, मानसरोवर मार्ग और अन्य प्रवेश बिंदुओं पर अनुमति जांच के दौरान कुछ श्रद्धालुओं ने चौंकाने वाली जानकारी दी। तीन श्रद्धालुओं ने बताया कि उनसे भस्म आरती में शामिल होने की अनुमति दिलाने के नाम पर 2500-2500 रुपए लिए गए थे।

    श्रद्धालुओं की शिकायत से खुला मामला
    प्रशासक द्वारा पूछताछ किए जाने पर श्रद्धालुओं ने स्पष्ट रूप से बताया कि उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के अलावा अतिरिक्त राशि का भुगतान किया था। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने संबंधित दस्तावेजों और अनुमति प्रक्रिया की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि भस्म आरती की प्रोटोकॉल अनुमति किसी कथित ‘हिन्दू संगठन’ के नाम से कराई गई थी। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि श्रद्धालुओं से वसूली गई राशि किस व्यक्ति या समूह तक पहुंची।

    तीन लोगों के खिलाफ दर्ज हुई FIR
    मंदिर प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए Mahakal Police Station में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि श्रद्धालुओं से पैसे लेने में कौन-कौन लोग शामिल थे और क्या यह कोई संगठित नेटवर्क था या कुछ व्यक्तियों द्वारा की जा रही अवैध गतिविधि।

    प्रवेश व्यवस्था में होगा बड़ा बदलाव
    घटना के बाद मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब भस्म आरती में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए नीलकंठ द्वार को मुख्य और एकमात्र प्रवेश द्वार बनाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का मानना है कि एकल प्रवेश व्यवस्था से अनुमति प्रक्रिया की निगरानी आसान होगी और किसी भी प्रकार की दलाली या अवैध वसूली पर अंकुश लगाया जा सकेगा।

    भस्म आरती को लेकर रहती है भारी मांग
    महाकाल मंदिर की भस्म आरती देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। प्रतिदिन तड़के होने वाली इस आरती में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आवेदन करते हैं। सीमित संख्या में अनुमति मिलने के कारण कई बार दलालों और बिचौलियों के सक्रिय होने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं।

    ताजा मामले ने एक बार फिर आरती अनुमति प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे केवल अधिकृत माध्यमों से ही अनुमति प्राप्त करें।