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  • महाकाल की नगरी उज्जैन में भक्ति का उत्सव: लगातार 16 घंटे नृत्यांजलि, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

    महाकाल की नगरी उज्जैन में भक्ति का उत्सव: लगातार 16 घंटे नृत्यांजलि, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़


    उज्जैन। उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में गंगा दशहरा के अवसर पर भक्ति और कला का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। मंगलवार सुबह 6:30 बजे से यहां अखंड नृत्य आराधना का आयोजन शुरू हुआ, जो लगातार 16 घंटे तक बिना रुके चलेगा और भगवान महाकाल की शयन आरती तक भक्तिमय प्रस्तुतियों का सिलसिला जारी रहेगा।

    इस विशेष आयोजन में विभिन्न आयु वर्ग के कलाकार भाग ले रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि 4 वर्ष की छोटी बच्चियों से लेकर 40 वर्ष तक की महिला कलाकार इस नृत्यांजलि में अपनी प्रस्तुतियां दे रही हैं। सभी कलाकार भगवान शिव, गणेश वंदना, माता की आराधना, भजन और लोकगीतों पर आधारित नृत्य प्रस्तुत कर रहे हैं, जिससे पूरा मंदिर परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया है।

    कार्यक्रम में 50 से अधिक कलाकारों की भागीदारी है। प्रत्येक समूह को 15 से 20 मिनट का समय निर्धारित किया गया है, ताकि लगातार चलने वाली इस नृत्य आराधना में भक्ति की धारा निर्बाध रूप से बहती रहे। इसके साथ ही विद्यार्थियों द्वारा किया जा रहा तबला वादन भी कार्यक्रम का विशेष आकर्षण बना हुआ है।

    महाकालेश्वर मंदिर में आयोजित यह नृत्य आराधना केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भक्ति और परंपरा का जीवंत रूप है। मंदिर परिसर में गूंजते भजनों और नृत्य की लय ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया है। दूर-दूर से आए भक्त इस अद्भुत दृश्य को देखकर भावविभोर हो रहे हैं।

    इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता इसकी निरंतरता और अनुशासन है, जिसमें कलाकार बिना किसी विराम के अपनी प्रस्तुतियां दे रहे हैं। पूरा वातावरण शिव भक्ति में डूबा हुआ नजर आ रहा है।

    यह परंपरा रसराज प्रभात नृत्य संस्थान द्वारा पिछले 38 वर्षों से लगातार निभाई जा रही है। संस्थान द्वारा इस आयोजन की तैयारी लगभग एक महीने पहले से शुरू कर दी जाती है। कलाकारों ने शहर के विभिन्न स्थानों पर अभ्यास कर इस भव्य प्रस्तुति के लिए खुद को तैयार किया है।

    कार्यक्रम में संस्थापक राज कुमुद ठोलिया सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि अर्पण भारद्वाज और गोविंद गंधे ने भी आयोजन की सराहना की। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में संजय मिश्रा, पंडित विशाल शुक्ला और भारती सिंह राजपूत की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया।

    महाकाल मंदिर का यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि भारतीय संस्कृति, नृत्य और संगीत की समृद्ध परंपरा को भी जीवंत रूप में प्रस्तुत करता है।

  • महाकाल भस्म आरती के नाम पर 42 हजार की ठगी: गूगल से नंबर लेकर संपर्क किया, सागर के युवक पर केस दर्ज

    महाकाल भस्म आरती के नाम पर 42 हजार की ठगी: गूगल से नंबर लेकर संपर्क किया, सागर के युवक पर केस दर्ज



    उज्जैन। उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन और भस्म आरती के नाम पर श्रद्धालुओं से ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ताजा मामले में गुजरात से आई दो महिलाओं से विशेष दर्शन और नंदी हॉल में बैठाकर भस्म आरती कराने का झांसा देकर 42 हजार रुपए ठग लिए गए। महाकाल थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    गूगल सर्च से मिला नंबर, खुद को बताया मंदिर से जुड़ा व्यक्ति
    गुजरात निवासी वीणा धनेरिया ने पुलिस को बताया कि वह अपनी मित्र अल्पना पटेल के साथ 15 मई को बाबा महाकाल की भस्म आरती में शामिल होने उज्जैन आई थीं। आरती बुकिंग के लिए उन्होंने इंटरनेट पर सर्च किया, जहां उन्हें पंडित दीपक मिश्रा नाम से एक मोबाइल नंबर मिला।

    महिलाओं का आरोप है कि फोन पर बात करने वाले व्यक्ति ने खुद को मंदिर से जुड़ा बताया और नंदी हॉल में बैठाकर विशेष दर्शन कराने का भरोसा दिया। इसके बाद आरोपी ने अलग-अलग किश्तों में ऑनलाइन कुल 42 हजार रुपए ट्रांसफर करवा लिए।

    पैसे लेने के बाद करता रहा बहाने
    महिलाओं के मुताबिक आरोपी लगातार बुकिंग कन्फर्म होने की बात कहता रहा। बाद में 16 मई की शाम उसने फोन कर बताया कि बुकिंग नहीं हो पाई है और वह रकम वापस कर देगा।

    संदेह होने पर जब दोनों महिलाएं मंदिर के आधिकारिक काउंटर पहुंचीं, तब उन्हें पता चला कि इस तरह की कोई प्रक्रिया नहीं होती और मंदिर में इस नाम का कोई अधिकृत पुजारी भी नहीं है। इसके बाद उन्होंने महाकाल थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

    आरोपी सागर का निवासी, पुलिस तलाश में जुटी
    महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सागर जिले का रहने वाला है और उज्जैन के विभिन्न मंदिरों में पूजन-पाठ का काम करता है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है और जल्द गिरफ्तारी की बात कही जा रही है।

    पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
    इससे पहले 13 मई को महाराष्ट्र के पुणे निवासी मानव गायकवाड़ ने भी ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि आशुतोष शर्मा नामक व्यक्ति ने नंदी हॉल में दर्शन कराने के नाम पर उनसे और उनके दोस्तों से 5 हजार रुपए ले लिए थे, लेकिन दर्शन नहीं कराए।

    श्रद्धालुओं के लिए मंदिर प्रशासन की अपील
    श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि भस्म आरती और विशेष दर्शन की बुकिंग केवल आधिकारिक माध्यम से ही करें।

    भस्म आरती की बुकिंग केवल अधिकृत वेबसाइट से करें

    तत्काल बुकिंग एक दिन पहले सुबह 8 बजे उपलब्ध होती है

    भस्म आरती शुल्क 200 रुपए प्रति व्यक्ति निर्धारित है

    सामान्य दर्शन सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक निशुल्क हैं

    प्रोटोकॉल दर्शन के लिए अधिकृत काउंटर से टिकट लें

    सोशल मीडिया, गूगल नंबर या अनजान व्यक्तियों पर भरोसा न करें

    मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं को साइबर ठगी से सावधान रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस या मंदिर प्रशासन को सूचना देने की सलाह दी है।

  • उज्जैन में टीम इंडिया की जीत का जश्न, नंदी के कान में मांगी मनोकामना

    उज्जैन में टीम इंडिया की जीत का जश्न, नंदी के कान में मांगी मनोकामना

    उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार सुबह आस्था और खेल का अनोखा संगम देखने को मिला, जब भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने बाबा महाकाल के दरबार में हाजिरी लगाई। टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर और कोच सहित पूरी टीम तड़के करीब 3 बजे मंदिर पहुंची और भस्म आरती में शामिल होकर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया।

    भस्म आरती में दो घंटे तक डूबी रही टीम, श्रद्धा और भावनाओं का दृश्य
    महाकालेश्वर मंदिर में आयोजित भस्म आरती के दौरान खिलाड़ी पूरी तरह भक्ति भाव में नजर आईं। करीब दो घंटे तक टीम आरती में शामिल रही और मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल के दर्शन किए। इस दौरान मंदिर परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।

    नंदी हॉल में विशेष पूजा, नंदी के कान में कही मनोकामना
    आरती के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर, कोच और अन्य खिलाड़ियों ने नंदी हॉल में पहुंचकर पूजन-अभिषेक किया। परंपरा के अनुसार खिलाड़ियों ने नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामना भी कही और इसके बाद चांदी द्वार से भगवान महाकाल को जल अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

    टीम का भव्य स्वागत, मंदिर समिति ने किया सम्मान
    मंदिर में मौजूद श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम का स्वागत और सम्मान किया। इस दौरान टीम के कई प्रमुख खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ भी मौजूद रहे, जिन्होंने धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया।

    आस्था और खेल का संगम बना महाकाल धाम
    इस अवसर पर महाकाल मंदिर में आस्था और खेल का अद्भुत संगम देखने को मिला। खिलाड़ियों की मौजूदगी ने मंदिर परिसर को और अधिक विशेष बना दिया, जहां भक्ति और श्रद्धा का वातावरण पूरे समय बना रहा।

    महाकालेश्वर धाम में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की यह उपस्थिति न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रही, बल्कि यह भी दिखाती है कि खेल जगत के दिग्गज भी आध्यात्मिक ऊर्जा से प्रेरणा लेते हैं। बाबा महाकाल के दरबार में यह क्षण हमेशा यादगार बन गया।

  • महाकाल मंदिर में 5 लाख का ब्रेसलेट गायब, CCTV से खुला राज और 1.5 घंटे में रिकवरी

    महाकाल मंदिर में 5 लाख का ब्रेसलेट गायब, CCTV से खुला राज और 1.5 घंटे में रिकवरी


    नई दिल्ली। उज्जैन जिला अस्पताल में चिकित्सकीय व्यवस्था को लेकर एक बार फिर प्रशासन की सख्ती देखने को मिली है। गुरुवार को जिला पंचायत सीईओ श्रेयांश कुमट ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, जिसमें ओपीडी व्यवस्था, उपस्थिति रजिस्टर और विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली की गहन जांच की गई। निरीक्षण के दौरान कई चिकित्सक निर्धारित समय पर ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए, जिस पर सीईओ ने कड़ी नाराजगी जताई।

    निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि कुछ विभागों में डॉक्टर सुबह 9 बजे से निर्धारित ड्यूटी समय पर मौजूद नहीं थे। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए सीईओ ने अनुपस्थित चिकित्सकों का एक दिन का वेतन काटने और सभी संबंधित डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    सीईओ श्रेयांश कुमट ने यह भी दोहराया कि शासन और स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों के अनुसार सभी चिकित्सकों को सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक और शाम 5 बजे से 6 बजे तक नियमित रूप से अस्पताल में उपस्थित रहना अनिवार्य है, ताकि मरीजों को समय पर उपचार मिल सके। इसके बावजूद लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ डॉक्टर ड्यूटी समय का पालन नहीं कर रहे हैं।

    उन्होंने बताया कि इससे पहले भी कई बार चिकित्सकों को चेतावनी दी जा चुकी है और कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए थे, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इसी कारण अब सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया गया है।

    निरीक्षण के दौरान सीईओ ने केवल उपस्थिति व्यवस्था ही नहीं, बल्कि अस्पताल की साफ-सफाई, वार्डों की स्थिति, मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं, रिकॉर्ड प्रबंधन और अन्य चिकित्सकीय सेवाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल की लिफ्ट व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी अधिकारियों से चर्चा की और सुधार के निर्देश दिए।

    अस्पताल की सिविल सर्जन डॉ. संगीता पलसानिया ने बताया कि अस्पताल में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह निरीक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि आगामी राष्ट्रीय असेसमेंट को ध्यान में रखते हुए अस्पताल की व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जा रहा है, ताकि सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हो सके।

    इस कार्रवाई के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप की स्थिति है और अब सभी चिकित्सकों को उपस्थिति व्यवस्था को लेकर सख्त पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

  • उज्जैन में प्रदीप पांडे चिंटू ने किए महाकाल दर्शन, बोले-जीवन का सबसे दिव्य पल

    उज्जैन में प्रदीप पांडे चिंटू ने किए महाकाल दर्शन, बोले-जीवन का सबसे दिव्य पल

    नई दिल्ली । आस्था और भक्ति के पवित्र संगम के रूप में प्रसिद्ध उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग एक बार फिर सुर्खियों में रहा, जहां भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के लोकप्रिय अभिनेता Pradeep Pandey Chintuने बाबा महाकाल के दर्शन कर आध्यात्मिक अनुभव साझा किया। अपनी फिल्मों में रोमांस, एक्शन और भावनात्मक किरदारों के लिए पहचाने जाने वाले चिंटू इस बार पूरी तरह भक्ति भाव में डूबे नजर आए।

    उज्जैन पहुंचने के बाद उन्होंने मंदिर परिसर में विधिवत पूजा-अर्चना की और बाबा महाकाल के दरबार में शीश नवाया। इस दौरान उन्होंने भस्म आरती में भी भाग लिया, जिसे हिंदू धर्म में अत्यंत दिव्य और दुर्लभ माना जाता है। सुबह के समय होने वाली इस आरती में शामिल होने के लिए देशभर से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।

    दर्शन के बाद अपने अनुभव को साझा करते हुए अभिनेता ने कहा कि यह उनकी पहली महाकाल यात्रा थी और यह पल उनके जीवन में हमेशा याद रहने वाला है। उन्होंने बताया कि भस्म आरती का दृश्य इतना अद्भुत और आध्यात्मिक था कि उसे शब्दों में व्यक्त करना कठिन है। पूरे वातावरण में गूंजते मंत्रोच्चार, भक्तों की आस्था और दिव्यता ने उनके मन को गहराई तक प्रभावित किया।

    उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर में मौजूद ऊर्जा और शांति ने उन्हें एक अलग ही अनुभूति कराई, जिसे वह जीवन भर नहीं भूल पाएंगे। उनके अनुसार, यह यात्रा केवल एक धार्मिक अनुभव नहीं बल्कि आत्मिक शांति का भी माध्यम बनी।

    महाकाल मंदिर की भस्म आरती को लेकर यह मान्यता है कि यह आरती भगवान शिव को समर्पित सबसे विशेष अनुष्ठानों में से एक है। इसमें शामिल होने वाले श्रद्धालु इसे जीवन का सौभाग्य मानते हैं। यही कारण है कि यहां हर साल लाखों भक्त देश और विदेश से पहुंचते हैं।

    इस पवित्र स्थल पर केवल आम श्रद्धालु ही नहीं, बल्कि फिल्म और मनोरंजन जगत की कई प्रसिद्ध हस्तियां भी समय-समय पर दर्शन के लिए आती रहती हैं। हाल के वर्षों में कई कलाकार यहां आकर महाकाल के दर्शन कर चुके हैं और अपने अनुभव साझा कर चुके हैं, जिससे इस मंदिर की लोकप्रियता और भी बढ़ी है।

    अगर अभिनेता के करियर की बात करें तो उन्होंने वर्ष 2009 में अपने अभिनय सफर की शुरुआत की थी। शुरुआती सफलता के बाद उन्होंने लगातार कई लोकप्रिय फिल्मों में काम किया और भोजपुरी सिनेमा में अपनी मजबूत पहचान बनाई। उनकी फिल्मों ने दर्शकों के बीच खास जगह बनाई है और वह आज इंडस्ट्री के प्रमुख कलाकारों में गिने जाते हैं।

    उनकी हालिया आध्यात्मिक यात्रा ने एक बार फिर यह दिखाया कि व्यस्त फिल्मी जीवन के बीच भी कलाकार आस्था और संस्कृति से जुड़े रहते हैं। उज्जैन की यह यात्रा उनके लिए केवल एक धार्मिक पड़ाव नहीं, बल्कि एक भावनात्मक और आत्मिक अनुभव बनकर सामने आई।

  • तमन्ना भाटिया का दिव्य अनुभव: महाकाल मंदिर में भस्म आरती के दौरान दिखी गहरी श्रद्धा

    तमन्ना भाटिया का दिव्य अनुभव: महाकाल मंदिर में भस्म आरती के दौरान दिखी गहरी श्रद्धा


    नई दिल्ली ।
    आस्था और आध्यात्मिकता का अनुभव जब किसी व्यक्ति के भीतर गहराई से उतरता है, तो वह क्षण केवल एक यात्रा नहीं रहता, बल्कि जीवन का एक यादगार अध्याय बन जाता है। ऐसा ही अनुभव हाल ही में अभिनेत्री तमन्ना भाटिया के उज्जैन दौरे के दौरान देखने को मिला, जहां वह तड़के सुबह भगवान महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचीं।

    सुबह लगभग 3 बजे, जब शहर अभी नींद में था, उस समय तमन्ना भाटिया पवित्र नगरी उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर पहुंचीं। इस समय मंदिर परिसर में होने वाली भस्म आरती अपने आप में एक अद्भुत और दिव्य अनुभव मानी जाती है। इसी आरती में शामिल होकर उन्होंने पूरी श्रद्धा के साथ भगवान महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया।

    मंदिर में प्रवेश करते ही उनका व्यवहार पूरी तरह साधारण और भक्तिमय नजर आया। पारंपरिक परिधान में सजी तमन्ना ने बिना किसी दिखावे के आरती में भाग लिया और पूरी प्रक्रिया को ध्यान से देखा। भस्म आरती के दौरान वातावरण में मंत्रोच्चार और आध्यात्मिक ऊर्जा का जो प्रभाव होता है, उसने उन्हें गहराई से प्रभावित किया।

    आरती के दौरान वे शांत भाव में बैठी रहीं और पूरी तरह भक्ति में लीन दिखाई दीं। इसके बाद उन्होंने नंदी जी के पास जाकर परंपरागत रूप से अपनी मनोकामना व्यक्त की। यह क्षण मंदिर में मौजूद अन्य श्रद्धालुओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र रहा।

    दर्शन के पश्चात अपने अनुभव को साझा करते हुए तमन्ना भाटिया भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि महाकाल के दरबार में आकर उन्हें एक ऐसी ऊर्जा का अनुभव हुआ जिसे शब्दों में बयान करना कठिन है। उनके अनुसार, यह स्थान केवल एक मंदिर नहीं बल्कि एक ऐसी शक्ति का केंद्र है, जहां पहुंचकर मन को असीम शांति प्राप्त होती है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा महसूस होता है जैसे यहां तक पहुंचना किसी विशेष आशीर्वाद से ही संभव होता है।

    उनकी यह आध्यात्मिक यात्रा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में उन्हें पूरी तरह भक्ति में डूबा हुआ देखा जा सकता है। दर्शकों ने उनके इस सरल और आध्यात्मिक रूप की सराहना करते हुए कहा कि यह रूप उनके व्यक्तित्व का एक अलग ही पहलू सामने लाता है।

    आधुनिक जीवनशैली और व्यस्त फिल्मी करियर के बीच तमन्ना भाटिया का यह धार्मिक अनुभव यह दर्शाता है कि आस्था और अध्यात्म आज भी लोगों के जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। यह यात्रा केवल एक दर्शन नहीं थी, बल्कि एक आंतरिक शांति और आत्मिक जुड़ाव का अनुभव भी थी, जिसे उन्होंने पूरे मन से महसूस किया।

    महाकाल के दरबार में बिताए गए इन पलों ने उनके इस दौरे को बेहद खास बना दिया है और यह अनुभव उनके लिए लंबे समय तक याद रहने वाला साबित होगा।

  • MP: उज्जैन में फिर गरजा प्रशासन का बुलडोजर… महाकाल मंदिर मार्ग में बाधा बनी 5 इमारतें जमींदोज

    MP: उज्जैन में फिर गरजा प्रशासन का बुलडोजर… महाकाल मंदिर मार्ग में बाधा बनी 5 इमारतें जमींदोज


    उज्जैन।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उज्जैन (Ujjain) में विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर (Mahakaleshwar Temple) के पास स्थित बेगम बाग क्षेत्र में शनिवार को एक बार फिर बुलडोजर कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इस दौरान 5 बहुमंजिला इमारतों को जमींदोज कर दिया गया। ये सभी इमारतें महाकाल मंदिर पहुंच मार्ग पर बनी थीं और इनकी लीज खत्म हो चुकी थी, साथ ही इनमें अवैध रूप से व्यवसायिक गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था।

    कार्रवाई के बारे में जानकारी देते हुए प्रशासन ने बताया कि जिस भूमि पर ये सभी इमारतें बनी हुई थीं, वो जमीन उज्जैन विकास प्राधिकरण की है, और जिसे 30 वर्ष की लीज पर आवासीय उपयोग के लिए दिया गया था, लेकिन यहां रहने वाले लोगों ने नियम विरुद्ध जाकर इसका व्यावसायिक उपयोग शुरू कर दिया था। जिसके चलते लीज समाप्ति के बाद उसका नवीनीकरण नहीं किया गया। वहीं जब उज्जैन विकास प्राधिकरण ने इस बारे में लोगों को नोटिस जारी किए तो संबंधित लोग न्यायालय पहुंच गए। हालांकि लोअर कोर्ट, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से स्टे खारिज होने के बाद अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ अब यह कार्रवाई की गई।


    कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने नहीं किया विरोध

    अधिकारियों ने बताया कि शनिवार सुबह 9 बजे शुरू हुई कार्रवाई में स्थानीय लोगों द्वारा किसी प्रकार का कोई विरोध देखने को नही मिला। इससे पहले जब यहां इसी प्रकार से बनी 58 इमारतों पर बुलडोजर कार्रवाई की जा रही थी, तब जरूर लोगों ने विरोध किया था, हालांकि शनिवार को हुई कार्रवाई शांतिपूवक चलती रही।


    संवेदनशील इलाका होने की वजह से थी कड़ी सुरक्षा

    प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि जिस जगह पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही है, वह महाकाल मंदिर पहुंच मार्ग है और मुस्लिम बाहुल्य इलाका होने के कारण अति संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। ऐसे में कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए इस रास्ते से वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह बन्द कर दिया गया और केवल श्रद्धालुओं को पैदल जाने की अनुमति दी गई।


    यह है पूरा मामला, UDA की है जमीन

    उज्जैन विकास प्राधिकरण ने सन् 1985 में बेगम बाग क्षेत्र में 30 साल की लीज पर आवासीय उपयोग के लिए भूखंड दिए थे। लेकिन भूखंड धारकों ने इनका उपयोग आवासीय तौर पर करने की बजाय पूरी तरह व्यावसायिक तौर पर करना शुरू कर दिया। जो कि पूरी तरह नियम विरुद्ध था। इसके बाद वर्ष 2014-15 में 30 वर्षीय लीज भी खत्म हो गई और प्राधिकरण द्वारा उसका नवीनीकरण नहीं किया गया।


    आवासीय जमीन का हो रहा था व्यवसायिक उपयोग

    इसके बाद भूखंड के दुरुपयोग को लेकर उज्जैन विकास प्राधिकरण ने लगातार नोटिस दिए। फिर आगे चलकर वर्ष 2023-24 में उज्जैन विकास प्राधिकरण ने भूखंड धारकों की लीज भी समाप्त कर दी। जिसको लेकर भूखंड धारक न्यायालय पहुंच गए और जहां से उन्हें स्टे मिल गया। इसके बाद अलग-अलग न्यायालय में इन भूखंडों का मामला विचाराधीन रहा। न्यायालय का स्टे हटते ही तोड़ने की कार्यवाही शुरू कर दी गई।


    सालभर के दौरान 58 इमारतों को गिराया जा चुका

    अधिकारियों ने बताया कि पिछले एक साल के दौरान यहां छह चरणों में इस तरह अवैध रूप से बनी 58 बिल्डिंगों को गिराया जा चुका है। खास बात यह है कि उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा आवंटित इन भूखंडों में से 45 भूखंड ऐसे थे, जिनमें प्रत्येक का साइज करीब 2400 स्क्वेयर फीट था, लेकिन भूखंड धारकों ने इनके अलग-अलग टुकड़े कर करीब 90 बिल्डिंगें बना ली थीं। और इन 90 इमारतों में से 63 बिल्डिंग्स को जमीदोंज किया जा चुका है, शेष 27 बिल्डिंगों को भी जल्द ही कानूनी प्रक्रिया के तहत तोड़ा जाएगा।


    दो भूखंडों पर बना दी गई, छह इमारतें

    प्रशासन ने बताया कि शनिवार को जिन 5 बिल्डिंगों पर कार्रवाई की जा रही है, वो कुल दो भूखंड थे, जिन पर छह इमारतें बना दी गई थीं और न्यायालय ने इनका स्टे खारिज कर दिया था। इसके बाद विकास प्राधिकरण की ओर से नोटिस दिया गया था, जिनकी समय सीमा समाप्त हो गई है। भवन मालिकों से बातचीत की गई और उन्हें न्यायालयीन प्रक्रिया के बारे में समझाया गया। इसके बाद उन्होंने स्वतः अपनी बिल्डिंग खाली करना शुरू कर दिया। इसी वजह से यह कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से चल रही है।

    उधर इस बारे में जानकारी देते हुए उज्जैन विकास प्राधिकरण सीईओ संदीप कुमार सोनी ने बताया कि माननीय न्यायालय से स्टे खारिज होने के बाद यह कार्रवाई की जा रही है। भूखंड धारक को भूखंड आवासीय तौर पर दिए गए थे, जिसका उन्होंने व्यावसायिक उपयोग किया। इसके अलावा लीज समाप्त होने के बाद लीज नवीनीकरण भी नहीं हो सका, इसलिए यह कार्रवाई की गई। जिस जगह यह कार्यवाही चल रही है यहां आगामी सिहंस्थ 2028 में ब्रिज निर्माण प्रस्तावित है।

  • MP: उज्जैन में महाकाल मंदिर के पास अवैध कत्लखाने का खुलासा…दो आरोपी गिरफ्तार

    MP: उज्जैन में महाकाल मंदिर के पास अवैध कत्लखाने का खुलासा…दो आरोपी गिरफ्तार


    उज्जैन।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उज्जैन शहर (Ujjain city.) में प्रतिबंध के बावजूद प्रतिबंध क्षेत्र में चोरी छिपे कत्लखाना (Slaughterhouse) चल रहा था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बड़ी कार्यवाही करते हुए दो आरोपी को गिरफ्तार किया है और साथ ही मौके से भारी मात्रा में मांस, धारदार हथियार,जिन्दा गाय के बछड़े सहित तोलने का सामान जब्त किया है। पुलिस को देखते ही दोनों आरोपी भागने का प्रयास कर रहे थे, हालांकि पुलिस टीम ने उन्हें तुरंत पकड़ लिया।

    बताया जा रहा है कि महाकाल मंदिर (Mahakal Temple) के पास किसी भी तरह के मांस विक्रय पर प्रतिबंध लगा हुआ है। पुलिस ने अवैध रूप से गोवंश (पाडे) काटने और मांस बेचने के संबंध में पशु क्रूरता अधिनियम 11(1)(घ) और अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कर आरोपी हाजी मुस्तकीम (निवासी: बम्बईया गली, कोट मोहल्ला) वसीम बम्बईया (निवासी: बम्बईया गली, कोट मोहल्ला) गिरिफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि घटना 12 अप्रेल की है और पुलिस इसमें गोपनीय तरीके से जांच पड़ताल कर रही थी।

    चोरी-छिपे पशु काटने का अवैध कत्लखाना
    उज्जैन शहर के महाकाल थाना क्षेत्र में पुलिस को सूचना मिल रही थी कि एक संदिग्ध मकान में चोरी-छिपे पशु काटने का अवैध कत्लखाना चल रहा है, इस पर पुलिस ने अपने खुफिया तंत्र को इस काम पर लगाया और 12 अप्रैल को सूचना मिलते ही महाकाल पुलिस ने दबिश देकर जिंदा गाय के बछड़े सहित मौके से भारी मात्रा में मांस, धारदार हथियार और एक इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटा बरामद किया है। आरोपी पाड़ों का मांस बेचने की तैयारी में थे। बता दें कि धार्मिक नगरी होने के कारण उज्जैन में बूचड़खाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है।

    पशु अधिनियम क्रूरता में मामला दर्ज
    पुलिस ने इस मामले में हाजी मुस्तकीम और वसीम बम्बईया नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह दोनों कोट मोहल्ला महाकाल क्षेत्र के निवासी हैं। उनके खिलाफ मध्य प्रदेश कृषि पशु परिरक्षण एवं पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11 (घ) और आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह अवैध कारोबार किस नेटवर्क के तहत संचालित हो रहा था और काटे गए मांस की आपूर्ति कहां की जानी थी।

    दबिश में पुलिस को मिला भारी मात्रा में मांस
    पुलिस को मौके से एक पाडे के कटे हुए चार पैर। 2 जीवित पाडे और 1 पाडी, जिन्हें क्रूरतापूर्वक रस्सियों से बांधकर रखा गया था। मांस तोलने के उपकरण, एक डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक कांटा, लोहे की तराजू और विभिन्न बाट। एक धारदार बक्का और एक धारदार लोहे की छुरी और मांस काटने का लकड़ी का ठिया।

    महाकाल थाना पुलिस ने बताया कि शासन द्वारा मांस की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद, आरोपी हाजी मुस्तकीम और उसका भाई वसीम अपने घर के नीचे बने एक कमरे में अवैध रूप से पाडे (मवेशी) काटकर उनका मांस बेच रहे हैं। जब पुलिस ने गवाहों के साथ वहां दबिश दी, तो दोनों आरोपी अपने हथियार (छुरे) मौके पर छोड़कर पीछे के रास्ते से भाग निकलने का प्रयास कर रहे थे, इस दौरान पुलिस ने मौके की वीडियोग्राफी करवाई और वहां से साक्ष्य बरामद किए।

  • वैशाख कृष्ण एकादशी पर महाकालेश्वर मंदिर में दिव्य भस्म आरती का भव्य आयोजन

    वैशाख कृष्ण एकादशी पर महाकालेश्वर मंदिर में दिव्य भस्म आरती का भव्य आयोजन

    उज्जैन। वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी पर सोमवार तड़के महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती का दिव्य आयोजन श्रद्धा और आस्था के वातावरण में संपन्न हुआ। प्रातः लगभग चार बजे मंदिर के कपाट खुलते ही धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हुई और गर्भगृह में विशेष पूजा-अर्चना के साथ भगवान महाकाल का अभिषेक किया गया। इस पवित्र अवसर पर मंदिर परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष संचार महसूस किया गया और श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए।

    कपाट खुलने के पश्चात पुजारियों ने विधि-विधान से सभी देवी-देवताओं का पूजन किया और भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। इसके बाद पंचामृत से अभिषेक किया गया जिसमें दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस का उपयोग किया गया। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार की ध्वनि से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और श्रद्धालु ध्यानमग्न होकर इस दिव्य अनुष्ठान का साक्षी बने।

    अभिषेक के पश्चात भगवान महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया जिसमें भांग, चंदन और आभूषणों का प्रयोग किया गया। भगवान के मस्तक पर शिवलिंग, डमरू और अन्य प्रतीकों से अलंकरण किया गया, जिससे उनका स्वरूप अत्यंत आकर्षक और दिव्य दिखाई दिया। सुगंधित पुष्पों और रुद्राक्ष की मालाओं से सजाए गए इस श्रृंगार ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इसके साथ ही रजत निर्मित शेषनाग मुकुट और मुण्डमाल अर्पित कर श्रृंगार को भव्य रूप दिया गया।

    भस्म आरती से पूर्व प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया और मंत्रोच्चार के साथ भगवान का ध्यान किया गया। इसके बाद कपूर आरती की गई और ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर भस्म अर्पित की गई। यह प्राचीन परंपरा आज भी उसी श्रद्धा और विधि से निभाई जा रही है, जो इस आरती को विशेष महत्व प्रदान करती है।

    असुबह आयोजित इस आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान महाकाल के दर्शन किए और पुण्य लाभ अर्जित किया। मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही और हर ओर जयकारों की गूंज सुनाई देती रही। श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के दर्शन कर उनके कान में अपनी मनोकामनाएं व्यक्त कीं और आशीर्वाद प्राप्त किया।

    आरती के दौरान मंदिर परिसर में व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की गईं ताकि श्रद्धालुओं को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित दर्शन का अवसर मिल सके। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, आस्था और अनुशासन का अद्भुत समन्वय देखने को मिला।

  • महाकाल मंदिर पहुंचीं अभिनेत्री सारा अर्जुन, मां के जन्मदिन पर लिया आशीर्वाद, भस्म आरती में हुईं शामिल

    महाकाल मंदिर पहुंचीं अभिनेत्री सारा अर्जुन, मां के जन्मदिन पर लिया आशीर्वाद, भस्म आरती में हुईं शामिल


    उज्जैन।
    मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार तड़के फिल्म ‘धुरंधर’ की अभिनेत्री सारा अर्जुन अपने परिवार के साथ दर्शन करने पहुंचीं। इस अवसर पर उनके पिता राज अर्जुन और मां सान्या भी मौजूद रहीं। अभिनेत्री सारा ने सुबह करीब 4 बजे होने वाली प्रसिद्ध भस्म आरती में भाग लिया और करीब दो घंटे तक पूरे श्रद्धा भाव के साथ पूजा-अर्चना की। उन्होंने नंदी हॉल से भगवान महाकाल के दर्शन कर “जय महाकाल” के जयकारे लगाए।


    मां के जन्मदिन पर लिया आशीर्वाद

    सारा अर्जुन पहली बार महाकाल मंदिर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि वे अपनी मां के जन्मदिन के अवसर पर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लेने आई हैं। दर्शन के दौरान उन्होंने सभी के अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना की। भस्म आरती के बाद सारा ने नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामना कही। इसके बाद गर्भगृह की देहरी से जल अर्पित कर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया। मंदिर प्रबंध समिति द्वारा उनका स्वागत भी किया गया। दर्शन के बाद सारा ने कहा कि महाकाल के दरबार में आकर उन्हें बेहद शांति और सुकून का अनुभव हुआ। उन्होंने मंदिर की व्यवस्थाओं की भी सराहना की।


    सारा अर्जुन का करियर

    सारा अर्जुन ने बहुत कम उम्र में विज्ञापनों से अपने करियर की शुरुआत की थी। हाल ही में रिलीज फिल्म ‘धुरंधर’ से उन्हें खास पहचान मिली है। वे हिंदी के अलावा तमिल, तेलुगु और मलयालम फिल्मों में भी काम कर चुकी हैं।


    भस्म आरती में दिखा अलौकिक नजारा

    इधर शनिवार तड़के महाकाल मंदिर के कपाट खुलते ही विधि-विधान से पूजन शुरू हुआ। भस्म अर्पण से पहले प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया और मंत्रोच्चार के बीच भगवान का ध्यान किया गया। भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर पंचामृत (दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस) से अभिषेक किया गया। कपूर आरती के बाद ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर भस्म रमाई गई। इसके बाद भगवान का रजत मुकुट, रुद्राक्ष माला, बिल्वपत्र और सुगंधित पुष्पों से विशेष श्रृंगार किया गया। मस्तक पर त्रिपुण्ड, त्रिशूल और डमरू का अलंकरण किया गया, जिससे भगवान महाकाल का राजाधिराज स्वरूप प्रकट हुआ। कपूर आरती के पश्चात महानिर्वाणी अखाड़ा की ओर से भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।


    भक्तिमय हुआ वातावरण

    भस्म आरती के दौरान सैकड़ों श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। “जय श्री महाकाल” के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामनाएं भी व्यक्त कीं।