Tag: Mahakal Temple

  • महाकाल के दर्शन करने उज्‍जैन पहुंचे धर्मेंद्र प्रधान, सपत्नीक भस्म आरती में हुए शामिल

    महाकाल के दर्शन करने उज्‍जैन पहुंचे धर्मेंद्र प्रधान, सपत्नीक भस्म आरती में हुए शामिल


    उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शुक्रवार तड़के केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपनी पत्नी के साथ पहुंचे। उन्होंने बाबा महाकाल के गर्भगृह में प्रवेश कर विधिपूर्वक पूजन-अर्चन किया और भस्म आरती में शामिल होकर दिव्य दर्शन किए।

    तड़के होने वाली भस्म आरती में भाग लेने के बाद धर्मेंद्र प्रधान करीब दो घंटे तक नंदी हॉल में बैठकर ध्यान में लीन रहे। इस दौरान मंदिर परिसर में गूंजते वैदिक मंत्र, ढोल-नगाड़ों की ध्वनि और भक्तिमय वातावरण ने पूरे अनुभव को आध्यात्मिक बना दिया।

    आरती के बाद केंद्रीय मंत्री ने गर्भगृह में भगवान महाकाल का अभिषेक कर देश की उन्नति, समाज की समृद्धि और विश्व शांति की कामना की। उन्होंने कहा कि भस्म आरती का अनुभव आत्मिक संतोष देने वाला होता है और यह आंतरिक शांति व ऊर्जा का स्रोत है।

    मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में शांति और सद्भाव की आवश्यकता पहले से अधिक है। ऐसे समय में भगवान महाकाल के चरणों में उन्होंने देश की प्रगति, सनातन संस्कृति के विस्तार और विश्व कल्याण की प्रार्थना की।

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी इस अनुभव को साझा करते हुए बताया कि उज्जैन में श्री अंगारेश्वर महादेव मंदिर में उन्हें गौसेवा का अवसर मिला, जिसे उन्होंने भारतीय संस्कृति की करुणा और लोकमंगल की भावना का प्रतीक बताया।

  • उज्जैन में गैस संकट: रेस्टोरेंट संचालकों ने डीजल लकड़ी भट्टियों का सहारा लिया, 10 दिन की वेटिंग

    उज्जैन में गैस संकट: रेस्टोरेंट संचालकों ने डीजल लकड़ी भट्टियों का सहारा लिया, 10 दिन की वेटिंग


    उज्जैन । मध्यप्रदेश के उज्जैन शहर में रेस्टोरेंट संचालकों और व्यवसायियों के लिए गैस संकट एक बड़ी चुनौती बन गया है। इजराइल और ईरान के बीच युद्ध की स्थिति के चलते पूरे देश में एलपीजी गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है। उज्जैन सहित प्रदेश के कई शहरों में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद कर दी गई है। इससे रेस्टोरेंट संचालकों को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि शहर के लगभग 700 रेस्टोरेंट प्रतिदिन सिलेंडर पर ही निर्भर रहते हैं।

    गैस संकट के कारण रेस्टोरेंट संचालक अब डीजल और लकड़ी की भट्टियों का विकल्प तलाशने लगे हैं। हालांकि फैक्ट्री संचालकों के पास अचानक इतनी डिमांड बढ़ गई कि डिलीवरी में 10 से 15 दिन का समय लग रहा है। ढांचा भवन अवंतीपूरा कोयला फाटक और ढाबा रोड पर स्थित कई फैक्ट्री में डीजल भट्टियां 20–22 हजार रुपये में बन रही हैं जबकि लकड़ी की भट्टियां 60 हजार से डेढ़ लाख रुपये तक में मिल रही हैं।

    राजेश शर्मा जो ढांचा भवन स्थित डायमंड फैक्ट्री के संचालक हैं ने बताया कि गैस की दिक्कत आने के बाद दो दिन में बड़ी संख्या में लोग डीजल भट्टियों के लिए पूछताछ करने आ रहे हैं। पहले महीने में एक या दो लोग ही आते थे अब रोजाना 10–15 लोग भट्टियों की जानकारी लेने आते हैं। हमारी क्षमता सीमित है इसलिए डिलीवरी में 10 दिन तक का समय लग रहा है उन्होंने कहा।

    रेस्टोरेंट संचालक महावीर जैन ने बताया कि उनके अस्पताल की कैंटीन में प्रतिदिन 6 सिलेंडर लगते हैं। सिलेंडर उपलब्ध नहीं होने पर उन्होंने दो ड्रम की भट्टियां और 1.40 हजार रुपये कीमत वाली ब्लोवर वाली भट्टियों की बुकिंग करवाई है। आर्डर के तीन दिन बाद भी हमें भट्टी सप्लाई नहीं हो पा रही है। लेकिन खाना बनाना जरूरी है इसलिए विकल्प अपनाना पड़ रहा है उन्होंने कहा।

    इसी तरह लकड़ी भट्टियों का विकल्प चुनने वालों में लोकेश भाकचंदानी शामिल हैं। उन्होंने कहा एलपीजी मिल नहीं रही लेकिन रेस्टोरेंट बंद नहीं कर सकते। इसलिए जो विकल्प मिलेगा वही करेंगे।

    इसके अलावा शहर में इंडेक्शन कुकर की बिक्री भी बढ़ गई है। इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों में पहले रोजाना 3–5 इंडेक्शन बिकते थे लेकिन अब 20–25 इंडेक्शन रोजाना बिक रहे हैं। उज्जैन में प्रतिदिन करीब डेढ़ लाख श्रद्धालु महाकाल मंदिर दर्शन के लिए आते हैं और उनमें से लगभग एक लाख बाहर से आए लोग विभिन्न रेस्टोरेंट में भोजन करते हैं। इस वजह से गैस की किल्लत का असर पूरे शहर के रेस्टोरेंट व्यवसाय पर पड़ा है।

    प्रदेश में एलपीजी गैस की ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम भी सही ढंग से काम नहीं कर रही है। कई जगह वेटिंग 7–8 दिन तक पहुंच गई है और कई बार बुकिंग के बावजूद सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। इससे उपभोक्ता और व्यवसाय दोनों ही परेशान हैं।

  • महाकाल मंदिर क्षेत्र में गैस संकट: रेस्टोरेंट अब कोयला-लकड़ी पर बनाएंगे खाना, सिलेंडर सप्लाई आधी रह गई

    महाकाल मंदिर क्षेत्र में गैस संकट: रेस्टोरेंट अब कोयला-लकड़ी पर बनाएंगे खाना, सिलेंडर सप्लाई आधी रह गई


    उज्जैन। अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर अब धार्मिक नगरी उज्जैन तक पहुंच गया है। कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई में भारी कमी आने से Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple क्षेत्र के रेस्टोरेंट और भोजनालयों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। हालात ऐसे हैं कि कई रेस्टोरेंट के पास सिर्फ एक-दो दिन का ही गैस स्टॉक बचा है, जिसके चलते संचालकों ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर कोयला और लकड़ी पर खाना बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।

    जानकारी के मुताबिक मंदिर क्षेत्र में संचालित करीब 350 से अधिक रेस्टोरेंट और भोजनालय कमर्शियल गैस सिलेंडरों पर निर्भर हैं। लेकिन हाल के दिनों में सप्लाई करीब 50 प्रतिशत तक कम हो गई है। इसका सीधा असर भोजन व्यवस्था पर पड़ने लगा है, क्योंकि यहां रोजाना हजारों श्रद्धालु भोजन के लिए इन रेस्टोरेंट्स पर आते हैं।

    बताया जा रहा है कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव, खासकर Iran, Israel और United States के बीच चल रहे विवाद के कारण ऊर्जा सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिसका असर अब स्थानीय स्तर पर भी देखने को मिल रहा है।

    महाकाल मंदिर के पास स्थित एक भोजनालय के संचालक चंद्रशेखर काले ने बताया कि उनके यहां आमतौर पर हर दो दिन में तीन कमर्शियल सिलेंडर की जरूरत पड़ती है। लेकिन हाल ही में मांग करने के बावजूद समय पर सिलेंडर नहीं मिल पाया, जिससे खाना तैयार होने में करीब डेढ़ घंटे की देरी हुई। पहले जहां रोजाना चार सिलेंडर इस्तेमाल होते थे, अब तीन सिलेंडरों में ही काम चलाना पड़ रहा है।

    उज्जैन बस स्टैंड क्षेत्र के कई भोजनालय संचालकों का कहना है कि फिलहाल उनके पास सीमित गैस स्टॉक है, लेकिन आगे की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। गैस एजेंसियों से संपर्क करने पर कई बार फोन तक रिसीव नहीं हो रहा, जिससे चिंता और बढ़ गई है।

    इधर शहर की गैस एजेंसियों पर भी लोगों की भीड़ बढ़ने लगी है। एजेंसी कर्मचारियों के अनुसार फिलहाल केवल ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से ही सिलेंडर दिए जा रहे हैं और डिलीवरी के लिए करीब 20 से 25 दिन तक का इंतजार करना पड़ सकता है।

    अगर जल्द ही गैस सप्लाई सामान्य नहीं होती है तो महाकाल मंदिर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को भोजन व्यवस्था में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में रेस्टोरेंट संचालक कोयला और लकड़ी के चूल्हों को अस्थायी विकल्प के रूप में अपनाने की तैयारी कर रहे हैं।

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  • रंगपंचमी पर सबसे पहले महाकाल को चढ़ा रंग, भस्म आरती में केसर जल अर्पित, शिव परिवार को लगाया हर्बल गुलाल

    रंगपंचमी पर सबसे पहले महाकाल को चढ़ा रंग, भस्म आरती में केसर जल अर्पित, शिव परिवार को लगाया हर्बल गुलाल


    उज्जैन। रंगपंचमी के अवसर पर रविवार तड़के विश्व प्रसिद्ध उज्‍जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में परंपरा के अनुसार भगवान महाकाल को सबसे पहले रंग अर्पित कर पर्व की शुरुआत की गई। सुबह 4 बजे मंदिर के पट खुलने के बाद भस्म आरती के दौरान भगवान महाकालेश्वर का विशेष पूजन किया गया और उन्हें एक लोटा केसर युक्त जल अर्पित किया गया। इसके बाद भगवान का त्रिपुंड, मुंडमाल और रजत आभूषणों से राजा स्वरूप में भव्य श्रृंगार किया गया।
    शिव परिवार को लगाया हर्बल रंग

    रंगपंचमी के मौके पर भस्म आरती के साथ विशेष पूजा-अर्चना की गई। पुजारियों ने गर्भगृह में विराजित सभी देवी-देवताओं का पूजन कर सबसे पहले भगवान महाकाल को रंग अर्पित किया। इस दौरान भगवान महाकाल के साथ माता पार्वती, भगवान गणेश, कार्तिकेय और नंदी को भी हर्बल रंग चढ़ाया गया।

    पूजन के दौरान प्रथम घंटाल बजाकर मंत्रोच्चार के साथ हरिओम का जल अर्पित किया गया। इसके बाद भगवान का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। कपूर आरती के बाद भगवान के मस्तक पर भांग, चंदन और त्रिपुंड लगाकर विशेष श्रृंगार किया गया।

    श्रृंगार पूर्ण होने के बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढंककर भस्म अर्पित की गई। इसके बाद भगवान को रजत मुकुट, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों की मालाएं अर्पित कर फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया।

    सुरक्षा के चलते रंग लाने पर रोक

    दो साल पहले धुलेंडी के दिन गर्भगृह में आग लगने की घटना को देखते हुए इस बार भी मंदिर में श्रद्धालुओं, पंडे-पुजारियों को रंग लाने की अनुमति नहीं दी गई। दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को सख्त जांच के बाद ही मंदिर में प्रवेश दिया गया।

    पहले हर साल श्रद्धालु रंग-गुलाल लेकर मंदिर पहुंचते थे, जिससे पूरा माहौल ब्रज की होली जैसा दिखाई देता था। इस बार भगवान को अर्पित किया जाने वाला केसर युक्त जल भी मंदिर की कोठार शाखा से ही पुजारियों को उपलब्ध कराया गया।

    मंदिर प्रशासन ने गर्भगृह, नंदी मंडपम, गणेश मंडपम, कार्तिकेय मंडपम और पूरे मंदिर परिसर में रंग या गुलाल ले जाने, उड़ाने या लगाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया है। साथ ही किसी भी उपकरण से रंग उड़ाने की भी अनुमति नहीं दी गई है।

    शाम की आरती में भी चढ़ेगा रंग

    संध्या आरती के दौरान भगवान महाकाल को एक लोटा केसर युक्त जल और लगभग 500 ग्राम गुलाल अर्पित किया जाएगा। यह सामग्री मंदिर की कोठार शाखा द्वारा भस्म आरती और शासकीय पुजारियों को उपलब्ध कराई जाएगी।

  • MP: उज्जैन में महाकाल मंदिर के पास हेरिटेज होटल में नॉनवेज बनते CCTV फुटेज से हड़कंप… जानें क्या बोले मैनेजर?

    MP: उज्जैन में महाकाल मंदिर के पास हेरिटेज होटल में नॉनवेज बनते CCTV फुटेज से हड़कंप… जानें क्या बोले मैनेजर?


    उज्जैन।
    महाकाल मंदिर (Mahakal Temple) के पास मध्य प्रदेश पर्यटन निगम (Madhya Pradesh Tourism Corporation- MPT) के ‘सम्राट विक्रमादित्य द हेरिटेज होटल’ (Samrat Vikramaditya The Heritage Hotel) विवादों के घेरे में है. सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दावा किया जा रहा है कि इस शुद्ध शाकाहारी होटल के किचन में छिपाकर नॉनवेज (मांस-मछली) पकाया जा रहा है।

    सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दावा है कि महाकाल मंदिर के पास पर्यटन विभाग की होटल में नॉनवेज पकाया जाता है और पूरा स्टफ उसे खाता है. इतना ही नहीं ये भी दावा किया गया है कि ये गतिविधि होटल प्रबंधक की निगरानी में की जाती है।

    वीडियो में कथित तौर पर कर्मचारी यह कहते सुने जा रहे हैं कि “मुर्गा-मछली के हाथ लगे हैं, अच्छे से हाथ धो लेना.” यह भी आरोप है कि नॉनवेज पकाते समय सीसीटीवी कैमरों का एंगल जानबूझकर बदल दिया जाता है।


    ‘नॉनवेज नहीं, दही के शोले थे’

    होटल के मैनेजर सतीश पाठक ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने महाकाल थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि यह वीडियो होटल के उन पूर्व कर्मचारियों ने वायरल किया है जो 3-4 महीने पहले काम छोड़ चुके हैं और अब होटल की छवि खराब करना चाहते हैं।

    मैनेजर का दावा है कि जिस सामग्री को वीडियो में नॉनवेज बताया जा रहा है, वह दरअसल होटल की एक प्रसिद्ध वेज डिश ‘दही के शोले’ है. इसमें पनीर, वेजिटेबल्स और दही का उपयोग होता है, जिसे भ्रामक तरीके से पेश किया गया. महाकाल मंदिर के आसपास नॉनवेज पूरी तरह प्रतिबंधित है और होटल प्रशासन इसकी गरिमा का पूरा ख्याल रखता है।


    पुलिस कार्रवाई और आस्था का सवाल

    चूंकि यह होटल महाकाल मंदिर के बिल्कुल नजदीक है, इसलिए देशभर से आने वाले श्रद्धालु इसे ‘शुद्ध शाकाहारी’ मानकर यहां ठहरते हैं. ऐसे में इन आरोपों ने भक्तों की आस्था को झकझोर दिया है। होटल मैनेजर ने बताया कि उन्होंने इस दुष्प्रचार के खिलाफ महाकाल थाने में FIR दर्ज करा दी है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

  • उज्जैन में चंद्र ग्रहण के कारण मंदिरों के पट बंद, श्रद्धालु करेंगे बाहर से पूजा; महाकाल मंदिर में रहेगी विशेष व्यवस्था!

    उज्जैन में चंद्र ग्रहण के कारण मंदिरों के पट बंद, श्रद्धालु करेंगे बाहर से पूजा; महाकाल मंदिर में रहेगी विशेष व्यवस्था!

     उज्जैनउज्जैन में मंगलवार को चंद्र ग्रहण के चलते शहर के कई प्रमुख मंदिरों के पट बंद कर दिए गए। सुबह 6:47 बजे शुरू हुए सूतक काल के दौरान महाकालेश्वर मंदिर के अलावा अन्य मंदिरों में दर्शन वर्जित रहे। सूतक शाम 6:47 बजे तक रहेगा, जिसके बाद मंदिरों में शुद्धिकरण और संध्या आरती के बाद दर्शन फिर से शुरू होंगे।

    महाकाल मंदिर के पट खुले रहने के बावजूद गर्भगृह में पुजारियों ने मंत्रोच्चार किया। श्रद्धालु मंदिर परिसर के बाहर से ही भगवान के दर्शन कर रहे थे। इस दौरान मंदिर में केवल मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठान चल रहे थे। शहर के अन्य प्रमुख मंदिर जैसे सांदीपनि आश्रम, मंगलनाथ मंदिर, अंगारेश्वर मंदिर और गोपाल मंदिर में सुबह 5 बजे तक नियमित पूजा हुई, उसके बाद सूतक लगते ही पट बंद कर दिए गए।

    सूतक के दौरान भक्तों ने मंदिर के बाहर ही भगवान के दर्शन किए। मंगलनाथ मंदिर में भी पट बंद रहने के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। अंगारेश्वर, गोपाल, चिंताहरण हनुमान और सिद्धेश्वर मंदिर सहित हजारों मंदिरों में दर्शन रोक दिए गए थे। मंदिर प्रशासन ने कहा कि शाम को सूतक समाप्त होने के बाद सभी मंदिरों की सफाई और शुद्धिकरण के बाद भगवान का स्नान, श्रृंगार और संध्या आरती की जाएगी।

    ज्योतिषाचारियों के अनुसार सूतक काल में पूजा, भोग और मूर्ति के स्पर्श वर्जित होते हैं। यही कारण है कि अधिकांश मंदिरों में यह व्यवस्था लागू की गई। हालांकि महाकाल मंदिर में भक्त दर्शन कर सकते हैं, लेकिन गर्भगृह में पुजारियों ने ही मंत्रोच्चार और अनुष्ठान जारी रखा।

    सूतक से पहले होली का उत्सव भी मंदिरों में पारंपरिक रूप से मनाया गया। भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण के साथ हर्बल गुलाल और फूलों से होली खेली। इसके बाद विधि-विधान से मंदिरों के पट बंद कर दिए गए और दर्शन वर्जित कर दिए गए।

    मंदिर प्रशासन ने भक्तों से अपील की कि वे सूतक के दौरान मंदिर परिसर में प्रवेश न करें और बाहर से ही पूजा करें। संध्या में पट खुलने के बाद सभी मंदिरों में धार्मिक गतिविधियां सामान्य रूप से शुरू हो जाएंगी।

    इस तरह, चंद्र ग्रहण के दौरान उज्जैन के मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और धार्मिक परंपरा दोनों का ध्यान रखा गया। भक्तों ने मंदिरों के बाहर भी पूजा कर अपनी आस्था व्यक्त की। सूतक समाप्ति के बाद मंदिरों में संपूर्ण शुद्धिकरण और भव्य संध्या आरती के साथ दर्शन शुरू होंगे, जिससे शहर में धार्मिक माहौल पूरी तरह लौट आएगा।

  • उज्जैन में युवक की पिटाई का VIDEO: महाकाल दर्शन को आया था, नाम सामने आते ही बजरंग दल ने घेरा

    उज्जैन में युवक की पिटाई का VIDEO: महाकाल दर्शन को आया था, नाम सामने आते ही बजरंग दल ने घेरा


    उज्जैन। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने धोती-कुर्ता माथे पर त्रिपुंड और गले में रुद्राक्ष की माला पहने एक युवक की पिटाई कर दी। युवक एक युवती के साथ मोहाली से उज्जैन आया था। घटना नानाखेड़ा क्षेत्र में सोमवार रात की बताई जा रही है जिसका वीडियो मंगलवार को सामने आया।

    वीडियो में युवक अपना नाम जफर खान बताते हुए खुद को भगवान शिव का भक्त बता रहा है। जानकारी के मुताबिक कार्यकर्ताओं को सूचना मिली थी कि अलग-अलग राज्यों से आए युवक-युवती एक होटल में ठहरे हैं। करीब एक घंटे इंतजार के बाद होटल के बाहर युवक को पकड़कर पूछताछ की गई।

    बताया जा रहा है कि युवक ने पहले हिंदू नाम बताया लेकिन बाद में अपना नाम जफर खान स्वीकार किया। उसने कहा कि वह शिव भक्त है और युवती उसे उज्जैन दर्शन कराने लाई थी। दोनों ने श्री महाकालेश्वर मंदिर हरसिद्धि मंदिर और काल भैरव मंदिर में दर्शन किए थे।

    नाम सामने आते ही मारपीट

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक को घेरकर पहले पूछताछ की गई और असली नाम सामने आने के बाद मारपीट शुरू कर दी गई। वीडियो में युवक के सिर से खून बहता भी दिखाई दे रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को अपने साथ ले गई।

    होटल में ठहरने को लेकर विवाद

    बजरंग दल के जिला संयोजक ऋषभ कुशवाह ने दावा किया कि युवक-युवती को कई होटलों में कमरा नहीं मिला था। बाद में वे नानाखेड़ा के एक होटल में रुके। आरोप है कि युवक ने होटल में हिंदू नाम दर्ज कराया था। पूछताछ के बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।

    पुलिस जांच में जुटी

    नानाखेड़ा थाना प्रभारी नरेंद्र यादव के मुताबिक युवक और युवती मोहाली के रहने वाले हैं। युवती की उम्र 32 वर्ष बताई गई है और दोनों अलग-अलग समुदाय से हैं। युवती को युवक के दूसरे धर्म से होने की जानकारी थी और दोनों पहले से एक-दूसरे को जानते थे। पुलिस आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    मंदिरों में प्रवेश को लेकर नई मांग

    इस घटना के बाद कुछ संगठनों ने श्री महाकालेश्वर मंदिर सहित शहर के प्रमुख मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई है।

  • उज्जैन महाकाल की शरण में शिल्पा और शमिता शेट्टी: शयन आरती में हुईं शामिल, कहा- बाबा का बुलावा आया और हम दौड़े आए

    उज्जैन महाकाल की शरण में शिल्पा और शमिता शेट्टी: शयन आरती में हुईं शामिल, कहा- बाबा का बुलावा आया और हम दौड़े आए


    उज्जैन । फिल्म इंडस्ट्री की मशहूर अभिनेत्रियां शिल्पा शेट्टी और शमिता शेट्टी ने हाल ही में उज्जैन में स्थित भगवान महाकालेश्वर के मंदिर में दर्शन किए। दोनों बहनें महाकाल की दिव्य शयन आरती में शिरकत करने के लिए मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने भगवान महाकाल से आशीर्वाद प्राप्त किया।

    आरती के बाद शिल्पा शेट्टी ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि उनके लिए यह अवसर बहुत खास था। उन्होंने कहा, “ऐसा लगता है जैसे बाबा ने हमें खुद बुलाया है, इसलिए हम सब कुछ छोड़कर दौड़े चले आए। यहाँ की ऊर्जा और शांति अद्भुत है। आज पहली बार शाम की आरती में शामिल होकर मुझे अपार शांति और संतोष मिला है।

    मंदिर प्रबंध समिति ने अभिनेत्रियों का स्वागत किया

    शिल्पा शेट्टी ने महाकाल मंदिर की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए मंदिर प्रबंधन का धन्यवाद किया और कहा कि वह जल्द ही फिर से यहां आना चाहेंगी। मंदिर प्रबंध समिति के सहायक प्रशासक ने दोनों बहनों का स्वागत किया और उनका सत्कार भी किया।

  • एक्ट्रेस नुसरत भरूचा के महाकाल दर्शन पर भड़के मौलाना.. बोले- पश्चाताप करो.. कलमा पढ़ो

    एक्ट्रेस नुसरत भरूचा के महाकाल दर्शन पर भड़के मौलाना.. बोले- पश्चाताप करो.. कलमा पढ़ो


    उज्जैन।
    बॉलीवुड एक्ट्रेस नुसरत भरूचा (Bollywood actress Nushrratt Bharuccha) हाल ही में उज्जैन (Ujjain) पहुंची थीं, जहां उन्होंने प्रातःकालीन भस्म आरती (Bhasma Aarti) में शामिल होकर पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान महाकाल के दर्शन (Lord Mahakal Darshan) किए। इस दौरान उन्होंने ना केवल पूजा-पाठ किया, बल्कि महाकाल पर जल भी चढ़ाया, और पटका भी पहना। उनके ऐसा करने पर मुस्लिम धर्मगुरु भड़क गए हैं और उन्होंने इसे गुनाह-ए-अजीम (महापाप) बताते हुए एक्ट्रेस के खिलाफ फतवा जारी कर दिया है। इस बारे में प्रतिक्रिया देते हुए ऑल इंडिया मुस्लिम जमात (All India Muslim Jamaat) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी (Maulana Shahabuddin Razvi) ने कहा कि अभिनेत्री ने जो किया है उसकी इजाजत इस्लाम नहीं देता है और उन्हें इसके लिए तौबा (पश्चाताप) करना होगा।

    इस बारे में मीडिया से बात करते हुए मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा, ‘नुसरत भरूचा ने उज्जैन के महाकाल मंदिर में जाकर के दर्शन किए, पूजा-पाठ की, जल चढ़ाया, माथे पर तिलक लगाया और वहां की अन्य मजहबी परंपराओं को निभाया, इन तमाम चीजों की इजाजत इस्लाम नहीं देता है। उन पर शरीयत हुक्म लगाती है कि नुसरत भरूचा तौबा करें, अस्तगफार की दुआ पढ़ें (अल्लाह से अपने गुनाहों और गलतियों की माफी मांगना) और कलमा पढ़ें। उन्होंने इस्लाम के उसूलों के खिलाफ काम किया है, इसलिए वह शरीयत की गिरफ्त में आ गई हैं, और वह सख्त गुनाह-ए-अजीम (महापाप) की शिकार हैं, इसलिए उनके लिए तौबा करना जरूरी है।’


    नुसरत बोलीं- मन करता है मैं हर साल आऊं

    इस मौके पर एक वीडियो शेयर करते हुए नुसरत भरूचा ने कहा, ‘जय श्री महाकाल, मैं दूसरी बार आई हूं, ये न्यू ईयर का टाइम है, फिर भी दर्शन करने पहुंची हूं, सबने बहुत ही प्यार से और बहुत ही संभाल के, सिर्फ मुझे ही नहीं, जितने भी भक्त आए हैं आज, क्योंकि नए साल का टाइम है, इतनी भीड़ है, इतने लोग श्रद्धा से आते हैं, साल खत्म हो रहा है, नया साल शुरू करने जा रहे हैं, और सब बस आशीर्वाद लेने आते हैं, और इन्होंने इतने अच्छे से पूरी व्यवस्थाएं की हैं, सबको लेकर आए हैं, बहुत प्यार से, सबका दर्शन हुआ है। मुझे एक चीज बहुत अच्छी लगी, कि अगर आपको जल चढ़ाना है, और अगर आपको आगे जाने नहीं मिलता तो इनकी एक अलग जगह है, वहां सभी श्रद्धालु जल चढ़ा सकते हैं, और वो जल पाइप के जरिए सीधे महाकाल जी को ही चढ़ता है। यह मुझे बहुत अच्छा लगा, जो इन्होंने इतनी छोटी सी चीज को सोचकर जो किया है। मैं दूसरी बार आई हूं और मेरा मन करता है कि बस मैं आती रहूं हर साल… जय महाकाल।’

  • उज्जैन में आस्था का महासैलाब: साल के आखिरी रविवार महाकाल दरबार पहुंचे डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु

    उज्जैन में आस्था का महासैलाब: साल के आखिरी रविवार महाकाल दरबार पहुंचे डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु


    उज्जैन।साल के अंतिम रविवार को धार्मिक नगरी उज्जैन में आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ उमड़ पड़ी। सर्दियों की छुट्टियां शुरू होते ही देशभर से भक्त उज्जैन पहुंचने लगे हैं। इसी क्रम में रविवार को करीब डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन कर साल के अंतिम दिनों को आध्यात्मिक रूप से सार्थक बनाया। सुबह तड़के भस्म आरती के बाद से ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भक्तों की लंबी कतारें लग गई थीं। श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन को दर्शन व्यवस्था में कई बदलाव करने पड़े। सामान्य दर्शनार्थियों को चारधाम मंदिर पार्किंग से शक्तिपथ होते हुए त्रिवेणी संग्रहालय द्वार से मंदिर में प्रवेश दिया गया।

    शीघ्र दर्शन के लिए खोला गया सम्राट अशोक सेतु

    शनिवार को सुरक्षा कारणों से बंद किया गया सम्राट अशोक सेतु रविवार को पुनः खोला गया, लेकिन इसे केवल 250 रुपये के शीघ्र दर्शन टिकट वाले श्रद्धालुओं के लिए आरक्षित रखा गया। इसके चलते सामान्य और शीघ्र दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की अलग-अलग व्यवस्थाएं बनाई गईं, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।महाकाल मंदिर में श्री महाकाल लोक के निर्माण के बाद से सप्ताहांत और विशेष अवसरों पर श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। साल का आखिरी रविवार भी इसका साक्षी बना, जब सुबह से देर रात तक मंदिर परिसर में भक्तों का सैलाब उमड़ता रहा।

    प्रशासन को करना पड़ा इंतजामों में बदलाव

    शनिवार से ही श्रद्धालुओं का उज्जैन पहुंचना शुरू हो गया था। जनदबाव बढ़ने के कारण जिला प्रशासन और मंदिर समिति को अपनी व्यवस्थाओं में बदलाव करना पड़ा। रविवार को उत्तर और पूर्व दिशा के सभी द्वार बंद रखे गए जबकि केवल पश्चिम दिशा से श्री महाकाल लोक और सम्राट अशोक सेतु के माध्यम से श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया गया।भीड़ को देखते हुए 31 दिसंबर और 1 जनवरी के लिए भी प्रशासन ने अतिरिक्त तैयारियां शुरू कर दी हैं। चारधाम पार्किंग में जिगजैग बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जा रही है, ताकि कतारों को सुव्यवस्थित रखा जा सके। इसके अलावा, पेयजल, चिकित्सा और सुरक्षा से जुड़े अतिरिक्त इंतजाम भी किए जा रहे हैं।

    अन्य मंदिरों में भी उमड़ी श्रद्धा

    महाकाल मंदिर के अलावा उज्जैन के अन्य प्रमुख मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। काल भैरव मंदिर में रविवार को 75 हजार से अधिक भक्तों ने दर्शन किए। भीड़ के चलते काल भैरव मंदिर में प्रोटोकॉल दर्शन व्यवस्था अस्थायी रूप से स्थगित रही और जिला प्रशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार ही दर्शन कराए गए।इसके अलावा मंगलनाथ मंदिर, अंगारेश्वर महादेव मंदिर और चिंतामन गणेश मंदिर में भी दिनभर श्रद्धालुओं का आना-जाना बना रहा। सभी मंदिरों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया।

    अव्यवस्थाओं पर उठे सवाल

    भारी भीड़ के बावजूद महाकाल मंदिर के बाहर अव्यवस्थाएं देखने को मिलीं। आसपास की गलियों और शहनाई गेट के सामने अवैध पार्किंग से यातायात बाधित रहा। वहीं, मुख्य द्वार के पास फूल-माला और पूजन सामग्री की दुकानों के अतिक्रमण के कारण श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। भीड़ के बीच इस अव्यवस्था पर नियंत्रण को लेकर प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।

    आगे और बढ़ सकती है भीड़
    प्रशासन का अनुमान है कि नववर्ष के अवसर पर उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ सकती है। होटल, धर्मशालाएं और गेस्ट हाउस लगभग पूरी तरह भर चुके हैं। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और धैर्य बनाए रखें, ताकि सभी को सुगम दर्शन का अवसर मिल सके।