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  • उज्जैन में चंद्र ग्रहण के कारण मंदिरों के पट बंद, श्रद्धालु करेंगे बाहर से पूजा; महाकाल मंदिर में रहेगी विशेष व्यवस्था!

    उज्जैन में चंद्र ग्रहण के कारण मंदिरों के पट बंद, श्रद्धालु करेंगे बाहर से पूजा; महाकाल मंदिर में रहेगी विशेष व्यवस्था!

     उज्जैनउज्जैन में मंगलवार को चंद्र ग्रहण के चलते शहर के कई प्रमुख मंदिरों के पट बंद कर दिए गए। सुबह 6:47 बजे शुरू हुए सूतक काल के दौरान महाकालेश्वर मंदिर के अलावा अन्य मंदिरों में दर्शन वर्जित रहे। सूतक शाम 6:47 बजे तक रहेगा, जिसके बाद मंदिरों में शुद्धिकरण और संध्या आरती के बाद दर्शन फिर से शुरू होंगे।

    महाकाल मंदिर के पट खुले रहने के बावजूद गर्भगृह में पुजारियों ने मंत्रोच्चार किया। श्रद्धालु मंदिर परिसर के बाहर से ही भगवान के दर्शन कर रहे थे। इस दौरान मंदिर में केवल मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठान चल रहे थे। शहर के अन्य प्रमुख मंदिर जैसे सांदीपनि आश्रम, मंगलनाथ मंदिर, अंगारेश्वर मंदिर और गोपाल मंदिर में सुबह 5 बजे तक नियमित पूजा हुई, उसके बाद सूतक लगते ही पट बंद कर दिए गए।

    सूतक के दौरान भक्तों ने मंदिर के बाहर ही भगवान के दर्शन किए। मंगलनाथ मंदिर में भी पट बंद रहने के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। अंगारेश्वर, गोपाल, चिंताहरण हनुमान और सिद्धेश्वर मंदिर सहित हजारों मंदिरों में दर्शन रोक दिए गए थे। मंदिर प्रशासन ने कहा कि शाम को सूतक समाप्त होने के बाद सभी मंदिरों की सफाई और शुद्धिकरण के बाद भगवान का स्नान, श्रृंगार और संध्या आरती की जाएगी।

    ज्योतिषाचारियों के अनुसार सूतक काल में पूजा, भोग और मूर्ति के स्पर्श वर्जित होते हैं। यही कारण है कि अधिकांश मंदिरों में यह व्यवस्था लागू की गई। हालांकि महाकाल मंदिर में भक्त दर्शन कर सकते हैं, लेकिन गर्भगृह में पुजारियों ने ही मंत्रोच्चार और अनुष्ठान जारी रखा।

    सूतक से पहले होली का उत्सव भी मंदिरों में पारंपरिक रूप से मनाया गया। भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण के साथ हर्बल गुलाल और फूलों से होली खेली। इसके बाद विधि-विधान से मंदिरों के पट बंद कर दिए गए और दर्शन वर्जित कर दिए गए।

    मंदिर प्रशासन ने भक्तों से अपील की कि वे सूतक के दौरान मंदिर परिसर में प्रवेश न करें और बाहर से ही पूजा करें। संध्या में पट खुलने के बाद सभी मंदिरों में धार्मिक गतिविधियां सामान्य रूप से शुरू हो जाएंगी।

    इस तरह, चंद्र ग्रहण के दौरान उज्जैन के मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और धार्मिक परंपरा दोनों का ध्यान रखा गया। भक्तों ने मंदिरों के बाहर भी पूजा कर अपनी आस्था व्यक्त की। सूतक समाप्ति के बाद मंदिरों में संपूर्ण शुद्धिकरण और भव्य संध्या आरती के साथ दर्शन शुरू होंगे, जिससे शहर में धार्मिक माहौल पूरी तरह लौट आएगा।

  • उज्जैन में युवक की पिटाई का VIDEO: महाकाल दर्शन को आया था, नाम सामने आते ही बजरंग दल ने घेरा

    उज्जैन में युवक की पिटाई का VIDEO: महाकाल दर्शन को आया था, नाम सामने आते ही बजरंग दल ने घेरा


    उज्जैन। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने धोती-कुर्ता माथे पर त्रिपुंड और गले में रुद्राक्ष की माला पहने एक युवक की पिटाई कर दी। युवक एक युवती के साथ मोहाली से उज्जैन आया था। घटना नानाखेड़ा क्षेत्र में सोमवार रात की बताई जा रही है जिसका वीडियो मंगलवार को सामने आया।

    वीडियो में युवक अपना नाम जफर खान बताते हुए खुद को भगवान शिव का भक्त बता रहा है। जानकारी के मुताबिक कार्यकर्ताओं को सूचना मिली थी कि अलग-अलग राज्यों से आए युवक-युवती एक होटल में ठहरे हैं। करीब एक घंटे इंतजार के बाद होटल के बाहर युवक को पकड़कर पूछताछ की गई।

    बताया जा रहा है कि युवक ने पहले हिंदू नाम बताया लेकिन बाद में अपना नाम जफर खान स्वीकार किया। उसने कहा कि वह शिव भक्त है और युवती उसे उज्जैन दर्शन कराने लाई थी। दोनों ने श्री महाकालेश्वर मंदिर हरसिद्धि मंदिर और काल भैरव मंदिर में दर्शन किए थे।

    नाम सामने आते ही मारपीट

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक को घेरकर पहले पूछताछ की गई और असली नाम सामने आने के बाद मारपीट शुरू कर दी गई। वीडियो में युवक के सिर से खून बहता भी दिखाई दे रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को अपने साथ ले गई।

    होटल में ठहरने को लेकर विवाद

    बजरंग दल के जिला संयोजक ऋषभ कुशवाह ने दावा किया कि युवक-युवती को कई होटलों में कमरा नहीं मिला था। बाद में वे नानाखेड़ा के एक होटल में रुके। आरोप है कि युवक ने होटल में हिंदू नाम दर्ज कराया था। पूछताछ के बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।

    पुलिस जांच में जुटी

    नानाखेड़ा थाना प्रभारी नरेंद्र यादव के मुताबिक युवक और युवती मोहाली के रहने वाले हैं। युवती की उम्र 32 वर्ष बताई गई है और दोनों अलग-अलग समुदाय से हैं। युवती को युवक के दूसरे धर्म से होने की जानकारी थी और दोनों पहले से एक-दूसरे को जानते थे। पुलिस आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    मंदिरों में प्रवेश को लेकर नई मांग

    इस घटना के बाद कुछ संगठनों ने श्री महाकालेश्वर मंदिर सहित शहर के प्रमुख मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई है।

  • उज्जैन महाकाल की शरण में शिल्पा और शमिता शेट्टी: शयन आरती में हुईं शामिल, कहा- बाबा का बुलावा आया और हम दौड़े आए

    उज्जैन महाकाल की शरण में शिल्पा और शमिता शेट्टी: शयन आरती में हुईं शामिल, कहा- बाबा का बुलावा आया और हम दौड़े आए


    उज्जैन । फिल्म इंडस्ट्री की मशहूर अभिनेत्रियां शिल्पा शेट्टी और शमिता शेट्टी ने हाल ही में उज्जैन में स्थित भगवान महाकालेश्वर के मंदिर में दर्शन किए। दोनों बहनें महाकाल की दिव्य शयन आरती में शिरकत करने के लिए मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने भगवान महाकाल से आशीर्वाद प्राप्त किया।

    आरती के बाद शिल्पा शेट्टी ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि उनके लिए यह अवसर बहुत खास था। उन्होंने कहा, “ऐसा लगता है जैसे बाबा ने हमें खुद बुलाया है, इसलिए हम सब कुछ छोड़कर दौड़े चले आए। यहाँ की ऊर्जा और शांति अद्भुत है। आज पहली बार शाम की आरती में शामिल होकर मुझे अपार शांति और संतोष मिला है।

    मंदिर प्रबंध समिति ने अभिनेत्रियों का स्वागत किया

    शिल्पा शेट्टी ने महाकाल मंदिर की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए मंदिर प्रबंधन का धन्यवाद किया और कहा कि वह जल्द ही फिर से यहां आना चाहेंगी। मंदिर प्रबंध समिति के सहायक प्रशासक ने दोनों बहनों का स्वागत किया और उनका सत्कार भी किया।

  • एक्ट्रेस नुसरत भरूचा के महाकाल दर्शन पर भड़के मौलाना.. बोले- पश्चाताप करो.. कलमा पढ़ो

    एक्ट्रेस नुसरत भरूचा के महाकाल दर्शन पर भड़के मौलाना.. बोले- पश्चाताप करो.. कलमा पढ़ो


    उज्जैन।
    बॉलीवुड एक्ट्रेस नुसरत भरूचा (Bollywood actress Nushrratt Bharuccha) हाल ही में उज्जैन (Ujjain) पहुंची थीं, जहां उन्होंने प्रातःकालीन भस्म आरती (Bhasma Aarti) में शामिल होकर पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान महाकाल के दर्शन (Lord Mahakal Darshan) किए। इस दौरान उन्होंने ना केवल पूजा-पाठ किया, बल्कि महाकाल पर जल भी चढ़ाया, और पटका भी पहना। उनके ऐसा करने पर मुस्लिम धर्मगुरु भड़क गए हैं और उन्होंने इसे गुनाह-ए-अजीम (महापाप) बताते हुए एक्ट्रेस के खिलाफ फतवा जारी कर दिया है। इस बारे में प्रतिक्रिया देते हुए ऑल इंडिया मुस्लिम जमात (All India Muslim Jamaat) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी (Maulana Shahabuddin Razvi) ने कहा कि अभिनेत्री ने जो किया है उसकी इजाजत इस्लाम नहीं देता है और उन्हें इसके लिए तौबा (पश्चाताप) करना होगा।

    इस बारे में मीडिया से बात करते हुए मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा, ‘नुसरत भरूचा ने उज्जैन के महाकाल मंदिर में जाकर के दर्शन किए, पूजा-पाठ की, जल चढ़ाया, माथे पर तिलक लगाया और वहां की अन्य मजहबी परंपराओं को निभाया, इन तमाम चीजों की इजाजत इस्लाम नहीं देता है। उन पर शरीयत हुक्म लगाती है कि नुसरत भरूचा तौबा करें, अस्तगफार की दुआ पढ़ें (अल्लाह से अपने गुनाहों और गलतियों की माफी मांगना) और कलमा पढ़ें। उन्होंने इस्लाम के उसूलों के खिलाफ काम किया है, इसलिए वह शरीयत की गिरफ्त में आ गई हैं, और वह सख्त गुनाह-ए-अजीम (महापाप) की शिकार हैं, इसलिए उनके लिए तौबा करना जरूरी है।’


    नुसरत बोलीं- मन करता है मैं हर साल आऊं

    इस मौके पर एक वीडियो शेयर करते हुए नुसरत भरूचा ने कहा, ‘जय श्री महाकाल, मैं दूसरी बार आई हूं, ये न्यू ईयर का टाइम है, फिर भी दर्शन करने पहुंची हूं, सबने बहुत ही प्यार से और बहुत ही संभाल के, सिर्फ मुझे ही नहीं, जितने भी भक्त आए हैं आज, क्योंकि नए साल का टाइम है, इतनी भीड़ है, इतने लोग श्रद्धा से आते हैं, साल खत्म हो रहा है, नया साल शुरू करने जा रहे हैं, और सब बस आशीर्वाद लेने आते हैं, और इन्होंने इतने अच्छे से पूरी व्यवस्थाएं की हैं, सबको लेकर आए हैं, बहुत प्यार से, सबका दर्शन हुआ है। मुझे एक चीज बहुत अच्छी लगी, कि अगर आपको जल चढ़ाना है, और अगर आपको आगे जाने नहीं मिलता तो इनकी एक अलग जगह है, वहां सभी श्रद्धालु जल चढ़ा सकते हैं, और वो जल पाइप के जरिए सीधे महाकाल जी को ही चढ़ता है। यह मुझे बहुत अच्छा लगा, जो इन्होंने इतनी छोटी सी चीज को सोचकर जो किया है। मैं दूसरी बार आई हूं और मेरा मन करता है कि बस मैं आती रहूं हर साल… जय महाकाल।’

  • उज्जैन में आस्था का महासैलाब: साल के आखिरी रविवार महाकाल दरबार पहुंचे डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु

    उज्जैन में आस्था का महासैलाब: साल के आखिरी रविवार महाकाल दरबार पहुंचे डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु


    उज्जैन।साल के अंतिम रविवार को धार्मिक नगरी उज्जैन में आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ उमड़ पड़ी। सर्दियों की छुट्टियां शुरू होते ही देशभर से भक्त उज्जैन पहुंचने लगे हैं। इसी क्रम में रविवार को करीब डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन कर साल के अंतिम दिनों को आध्यात्मिक रूप से सार्थक बनाया। सुबह तड़के भस्म आरती के बाद से ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भक्तों की लंबी कतारें लग गई थीं। श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन को दर्शन व्यवस्था में कई बदलाव करने पड़े। सामान्य दर्शनार्थियों को चारधाम मंदिर पार्किंग से शक्तिपथ होते हुए त्रिवेणी संग्रहालय द्वार से मंदिर में प्रवेश दिया गया।

    शीघ्र दर्शन के लिए खोला गया सम्राट अशोक सेतु

    शनिवार को सुरक्षा कारणों से बंद किया गया सम्राट अशोक सेतु रविवार को पुनः खोला गया, लेकिन इसे केवल 250 रुपये के शीघ्र दर्शन टिकट वाले श्रद्धालुओं के लिए आरक्षित रखा गया। इसके चलते सामान्य और शीघ्र दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की अलग-अलग व्यवस्थाएं बनाई गईं, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।महाकाल मंदिर में श्री महाकाल लोक के निर्माण के बाद से सप्ताहांत और विशेष अवसरों पर श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। साल का आखिरी रविवार भी इसका साक्षी बना, जब सुबह से देर रात तक मंदिर परिसर में भक्तों का सैलाब उमड़ता रहा।

    प्रशासन को करना पड़ा इंतजामों में बदलाव

    शनिवार से ही श्रद्धालुओं का उज्जैन पहुंचना शुरू हो गया था। जनदबाव बढ़ने के कारण जिला प्रशासन और मंदिर समिति को अपनी व्यवस्थाओं में बदलाव करना पड़ा। रविवार को उत्तर और पूर्व दिशा के सभी द्वार बंद रखे गए जबकि केवल पश्चिम दिशा से श्री महाकाल लोक और सम्राट अशोक सेतु के माध्यम से श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया गया।भीड़ को देखते हुए 31 दिसंबर और 1 जनवरी के लिए भी प्रशासन ने अतिरिक्त तैयारियां शुरू कर दी हैं। चारधाम पार्किंग में जिगजैग बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जा रही है, ताकि कतारों को सुव्यवस्थित रखा जा सके। इसके अलावा, पेयजल, चिकित्सा और सुरक्षा से जुड़े अतिरिक्त इंतजाम भी किए जा रहे हैं।

    अन्य मंदिरों में भी उमड़ी श्रद्धा

    महाकाल मंदिर के अलावा उज्जैन के अन्य प्रमुख मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। काल भैरव मंदिर में रविवार को 75 हजार से अधिक भक्तों ने दर्शन किए। भीड़ के चलते काल भैरव मंदिर में प्रोटोकॉल दर्शन व्यवस्था अस्थायी रूप से स्थगित रही और जिला प्रशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार ही दर्शन कराए गए।इसके अलावा मंगलनाथ मंदिर, अंगारेश्वर महादेव मंदिर और चिंतामन गणेश मंदिर में भी दिनभर श्रद्धालुओं का आना-जाना बना रहा। सभी मंदिरों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया।

    अव्यवस्थाओं पर उठे सवाल

    भारी भीड़ के बावजूद महाकाल मंदिर के बाहर अव्यवस्थाएं देखने को मिलीं। आसपास की गलियों और शहनाई गेट के सामने अवैध पार्किंग से यातायात बाधित रहा। वहीं, मुख्य द्वार के पास फूल-माला और पूजन सामग्री की दुकानों के अतिक्रमण के कारण श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। भीड़ के बीच इस अव्यवस्था पर नियंत्रण को लेकर प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।

    आगे और बढ़ सकती है भीड़
    प्रशासन का अनुमान है कि नववर्ष के अवसर पर उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ सकती है। होटल, धर्मशालाएं और गेस्ट हाउस लगभग पूरी तरह भर चुके हैं। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और धैर्य बनाए रखें, ताकि सभी को सुगम दर्शन का अवसर मिल सके।

  • महाकाल मंदिर को 111 किलो पीतल के नंदी का दान, जयपुर के भक्त ने अर्पित की श्रद्धा

    महाकाल मंदिर को 111 किलो पीतल के नंदी का दान, जयपुर के भक्त ने अर्पित की श्रद्धा


    उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धा और आस्था का एक और अनुपम उदाहरण देखने को मिला। जयपुर निवासी भक्त विपिन बंसल ने अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर भगवान महाकाल को 111 किलोग्राम वजन के पीतल के नंदी दान स्वरूप अर्पित किए। इस अवसर पर मंदिर समिति द्वारा दानदाता का विधिवत सम्मान किया गया।

    मंदिर प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जयपुर निवासी विपिन बंसल ने पुजारी राजेश शर्मा की प्रेरणा से भगवान महाकाल के चरणों में यह विशेष दान अर्पित किया। पीतल से निर्मित इन नंदी प्रतिमाओं का कुल वजन 111 किलोग्राम है, जो अपनी कलात्मकता और भव्यता के कारण विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।दान स्वीकार किए जाने के बाद श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति ने दानदाता विपिन बंसल को भगवान महाकाल का प्रसाद और दुपट्टा भेंट कर सम्मानित किया। मंदिर समिति के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने बताया कि दान में प्राप्त इन सुंदर पीतल के नंदी को मंदिर परिसर में उचित और सुरक्षित स्थान पर विधिवत स्थापित किया जाएगा, ताकि श्रद्धालु इनके दर्शन कर सकें।

    मंदिर समिति के अधिकारियों ने कहा कि महाकालेश्वर मंदिर में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु अपनी आस्था और विश्वास के अनुसार दान करते हैं। कोई सोने-चांदी के आभूषण अर्पित करता है, तो कोई नकद राशि या धार्मिक सामग्री भेंट करता है। भक्तों का मानना है कि भगवान महाकाल अपने भक्तों की सच्ची मनोकामनाएं अवश्य पूरी करते हैं, और उसी कृतज्ञता स्वरूप वे इस तरह के दान अर्पित करते हैं।जयपुर के भक्त द्वारा किया गया यह दान भी उसी अटूट श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक है। मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी पीतल के नंदी के दान को सराहा और इसे भगवान महाकाल के प्रति भक्त की गहरी आस्था बताया।

    श्री महाकालेश्वर मंदिर, जो बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है, न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यहां भक्तों द्वारा किए जाने वाले दान और सेवा कार्य भी इसकी महिमा को और बढ़ाते हैं। इस प्रकार के दान मंदिर की परंपराओं और आध्यात्मिक गरिमा को सशक्त बनाते हैं।