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  • सात सीटों में से अधिकांश पर भाजपा की बढ़त, कुछ जगह मुकाबला रोमांचक…

    सात सीटों में से अधिकांश पर भाजपा की बढ़त, कुछ जगह मुकाबला रोमांचक…

    नई दिल्ली।देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा उपचुनावों की मतगणना जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, राजनीतिक माहौल लगातार बदलता हुआ दिखाई दे रहा है। शुरुआती रुझानों ने कई जगहों पर स्पष्ट बढ़त और कुछ स्थानों पर कड़े मुकाबले की तस्वीर पेश की है। कुल मिलाकर सात विधानसभा सीटों पर हुए इन उपचुनावों ने सियासी हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है, जहां हर अपडेट के साथ समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं।

    महाराष्ट्र की बारामती सीट इस पूरे चुनावी परिदृश्य का सबसे अहम केंद्र बनी हुई है। यहां से सुनेत्रा पवार आगे चल रही हैं और मजबूत बढ़त बनाए हुए हैं। इस सीट पर मतदाताओं का रुझान शुरुआत से ही खास चर्चा में रहा है, क्योंकि यह क्षेत्र राज्य की राजनीति में लंबे समय से प्रभावशाली भूमिका निभाता आया है। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार यहां मुकाबला एक तरफ झुकता हुआ दिखाई दे रहा है, जिससे राजनीतिक विश्लेषक भी इसके संभावित परिणामों पर नजर बनाए हुए हैं।

    इसी राज्य की राहुरी सीट पर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार अक्षय कर्डिले ने बढ़त हासिल कर ली है। वे लगातार मजबूत स्थिति बनाए हुए हैं और उनके निकटतम प्रतिद्वंदी पीछे चलते नजर आ रहे हैं। इस सीट पर चुनाव प्रचार के दौरान दोनों प्रमुख दलों ने पूरी ताकत लगाई थी, लेकिन शुरुआती रुझानों में भाजपा का पलड़ा भारी दिखाई दे रहा है।

    कर्नाटक की दावणगेरे साउथ सीट पर भी भाजपा उम्मीदवार ने बढ़त बना रखी है, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार पीछे चल रहे हैं। वहीं इसी राज्य की बागलकोट सीट पर स्थिति इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही है, जहां कांग्रेस उम्मीदवार आगे चल रहे हैं और भाजपा उम्मीदवार दूसरे स्थान पर हैं। यह स्थिति कर्नाटक में चुनावी प्रतिस्पर्धा को और दिलचस्प बना रही है, क्योंकि दोनों दल अलग-अलग सीटों पर बढ़त और नुकसान का सामना कर रहे हैं।

    त्रिपुरा की धर्मनगर सीट पर भी भाजपा उम्मीदवार आगे चल रहे हैं। यहां मतगणना के शुरुआती चरण से ही पार्टी को बढ़त मिलती दिख रही है। इसी तरह गुजरात की उमरेठ सीट पर भी भाजपा ने मजबूत पकड़ बनाई हुई है और उम्मीदवार ने बड़ी बढ़त दर्ज की है। नागालैंड की कोरिडांग सीट पर भी भाजपा उम्मीदवार मामूली अंतर से आगे हैं, जिससे यहां मुकाबला अभी पूरी तरह खत्म नहीं माना जा सकता।

    इन सभी सीटों के शुरुआती रुझानों से यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि कई राज्यों में सत्तारूढ़ दल का प्रभाव अभी भी मजबूत बना हुआ है, जबकि कुछ स्थानों पर विपक्षी दलों ने भी कड़ा संघर्ष किया है। हालांकि अभी अंतिम परिणाम आना बाकी है, इसलिए कई सीटों पर स्थिति बदलने की संभावना भी बनी हुई है।

    कुल मिलाकर इन उपचुनावों ने राजनीतिक माहौल को और अधिक सक्रिय और रोचक बना दिया है। हर राउंड की गिनती के साथ बढ़त और हार का अंतर बदल रहा है, जिससे यह स्पष्ट हो रहा है कि अंतिम नतीजे तक किसी भी तरह का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। अब सभी की नजरें अंतिम परिणामों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि राजनीतिक समीकरण किस दिशा में आगे बढ़ेंगे।

  • Maharashtra: दागी MPs-MLAs के सामने खड़े नहीं होंगे अधिकारी… प्रोटोकॉल नियम में बदलाव

    Maharashtra: दागी MPs-MLAs के सामने खड़े नहीं होंगे अधिकारी… प्रोटोकॉल नियम में बदलाव


    मुंबई।
    महाराष्ट्र (Maharashtra) की देवेंद्र फडणवीस सरकार (Devendra Fadnavis government) ने एक नया सरकारी प्रस्ताव (GR) जारी करते हुए प्रोटोकॉल नियमों (Protocol Rules) में अहम बदलाव किए हैं। नए नियमों के मुताबिक, राज्य के अधिकारियों को अब से वैसे माननीय विधायकों या सांसदों के लिए खड़े होकर उनका अभिवादन करने की जरूरत नहीं है, जिन्हें दोषी ठहराया गया है, या जिन्हें किसी जांच/सुनवाई के लिए बुलाया गया है, या जो चुनाव से जुड़ी प्रक्रियाओं के लिए किसी सरकारी दफ्तर में मौजूद हैं।

    राज्य सरकार ने इस संबंध में मंगलवार (28 अप्रैल) को एक सरकारी प्रस्ताव (GR) जारी किया, जिसमें 20 नवंबर, 2025 के पिछले निर्देशों में संशोधन किया गया है। पहले के निर्देशों में अधिकारियों के लिए यह अनिवार्य था कि जब चुने हुए प्रतिनिधि किसी बैठक के लिए आएं और बैठक खत्म होने के बाद जाएं, तो वे खड़े होकर उनका अभिवादन करें।


    नए नियमों के मुख्य बिंदु:

    मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल द्वारा 28 अप्रैल, 2026 को हस्ताक्षरित इस आदेश के अनुसार, अधिकारियों को उन स्थितियों में माननीयों को विशेष प्रोटोकॉल (जैसे खड़ा होना या विशेष अभिवादन) देने की जरूरत नहीं है, जब उनके सामने कोई ऐसे जनप्रतिनिधि आते हों जो किसी आपराधिक या अन्य मामले में दोषी ठहराए गए हों, या अगर उन्हें किसी जांच/सुनवाई के लिए अपीलकर्ता या पक्षकार के तौर पर बुलाया गया है, या अगर वे चुनाव से जुड़ी प्रक्रियाओं (जैसे नामांकन पत्र दाखिल करना, जांच-पड़ताल या सुनवाई) के लिए किसी सरकारी दफ़्तर में मौजूद हैं।

    आम नागरिकों जैसा ही व्यवहार करें
    GR में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि ऐसे मामलों में, संबंधित अधिकारियों से यह उम्मीद की जाती है कि वे कानून, नियमों और मौजूदा परिस्थितियों के अनुसार, बिना किसी विशेष प्रोटोकॉल के चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ आम नागरिकों जैसा ही व्यवहार करें। इससे पहले नवंबर 2025 में, तत्कालीन मुख्य सचिव राजेश कुमार ने सरकारी अधिकारियों के लिए दिशानिर्देश जारी किए थे कि वे विधायकों या सांसदों के साथ सम्मानपूर्वक और सौहार्दपूर्ण ढंग से व्यवहार करें। संशोधित खंड में कहा गया था, “अधिकारियों को विधानसभा/संसद के सदस्यों के बैठक के लिए आने पर और बैठक खत्म होने के बाद उनके जाने पर खड़े होकर उनका अभिवादन करना चाहिए।”


    मूल दिशानिर्देशों में संशोधन क्यों?

    सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह बदलाव केवल दोषी ठहराए गए व्यक्तियों और उन लोगों के संबंध में किया गया है जो जांच का सामना कर रहे हैं। अधिकारी ने कहा, “यह जरूरी है कि सरकारी अधिकारी निष्पक्ष तरीके से व्यवहार करें। जांच के लिए बुलाए गए लोगों के लिए खड़े होने का स्वाभाविक मतलब यह होगा कि अधिकारी दूसरे पक्ष के प्रति जरूरत से ज्यादा विनम्रता दिखा रहा है, जिसका असर सुनवाई के नतीजे पर पड़ सकता है। नतीजतन, हमने मूल दिशानिर्देशों में संशोधन करने का फैसला किया है।”


    एक सावधानी भी

    हालांकि, नए प्रोटोकॉल में यह बात स्पष्ट तौर पर कही गई है कि जो विधायक या सांसद किसी अपराध में दोषी नहीं हैं या किसी सामान्य काम से आए हैं, उनके लिए पुराना प्रोटोकॉल लागू रहेगा। यानी अधिकारियों को उन्हें सम्मानपूर्वक खड़े होकर अभिवादन करना होगा। उनके पत्रों का जवाब भी दो महीने के भीतर देना अनिवार्य होगा।

  • अमरावती यौन शोषण मामले में मुख्य आरोपी के घर पर चला बुलडोजर, SIT कर रही जांच

    अमरावती यौन शोषण मामले में मुख्य आरोपी के घर पर चला बुलडोजर, SIT कर रही जांच


    नई दिल्ली
    /अमरावती। महाराष्ट्र के अमरावती जिले में लड़कियों को झांसा देकर यौन उत्पीड़न करने और आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने के मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। बुधवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अयान अहमद तनवीर अहमद (19) के घर पर बुलडोजर चलाया।

    परतवाड़ा निवासी अयान अहमद को इस मामले का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है और वह एक राजनीतिक दल का कार्यकर्ता भी है। पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें अदालत ने 21 अप्रैल तक पुलिस रिमांड में भेज दिया है। मामले की जांच के लिए आईपीएस डॉ. शुभम कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है।

    जांच अब कई गंभीर पहलुओं पर केंद्रित है, जिनमें संगठित शोषण नेटवर्क, ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्मांतरण के आरोप शामिल हैं। भाजपा सांसद डॉ. अनिल बोंडे ने दावा किया है कि यह नेटवर्क अन्य शहरों तक फैला हो सकता है। वहीं प्रशासन ने कहा है कि सभी एंगल से जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

    मोबाइल से मिले आपत्तिजनक वीडियो और फोटो
    पुलिस जांच में सामने आया है कि इस मामले में 180 से अधिक लड़कियों के शोषण और 350 से ज्यादा आपत्तिजनक फोटो-वीडियो के प्रसार की आशंका है। आरोपियों ने कथित तौर पर ट्यूशन और कोचिंग सेंटरों के बाहर लड़कियों को निशाना बनाया। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं, जिनसे अब तक 18 वीडियो और 39 तस्वीरें बरामद की गई हैं। गिरफ्तार आरोपियों में उजेर इकबाल खान, तबरेज खान तसलीम खान और मोहम्मद साद मोहम्मद साबिर शामिल हैं। पुलिस ने पीड़ितों की पहचान गोपनीय रखने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

  • श्रीरामपुर में रामनवमी जुलूस बना निशाना मस्जिद के पास पथराव से बिगड़ा माहौल

    श्रीरामपुर में रामनवमी जुलूस बना निशाना मस्जिद के पास पथराव से बिगड़ा माहौल


    नई दिल्ली:  महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के श्रीरामपुर शहर में रामनवमी के पावन अवसर पर निकाले जा रहे जुलूस के दौरान उस समय अचानक तनाव फैल गया जब जुलूस पर पथराव की घटना सामने आई यह घटना गुरुवार शाम करीब चार बजे की बताई जा रही है जब श्रद्धालु पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ जुलूस में शामिल होकर भजन कीर्तन करते हुए आगे बढ़ रहे थे

    जानकारी के अनुसार जुलूस जब सय्यद बाबा चौक से होते हुए एक स्थानीय मस्जिद के पास पहुंचा तभी अचानक मस्जिद के पीछे की ओर से कुछ अज्ञात लोगों ने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया इस अप्रत्याशित पथराव से जुलूस में अफरा तफरी मच गई और लोग इधर उधर भागने लगे इस घटना में तीन लोग घायल हो गए जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है घायल व्यक्ति को तुरंत श्रीरामपुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसका उपचार जारी है

    घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया और कुछ समय के लिए माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया हालांकि स्थिति को बिगड़ने से पहले ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मोर्चा संभाल लिया पुलिस बल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित किया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की इसके बाद स्थिति धीरे धीरे सामान्य हुई

    पुलिस ने इस मामले में सख्ती दिखाते हुए मस्जिद के मौलाना सहित 10 से 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी गई है अधिकारियों के अनुसार घटना की हर पहलू से जांच की जा रही है ताकि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके

    इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है जिनमें धारा 190 191(1) 191(2) 192 110 और 118(1) शामिल हैं इन धाराओं के तहत आरोपियों पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी

    घटना के बाद पूरे श्रीरामपुर शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है

    गौरतलब है कि श्रीरामपुर में हर वर्ष रामनवमी का त्योहार बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है इस अवसर पर शहर में विशाल जुलूस निकाला जाता है जिसमें हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं और पूरे शहर में मेले जैसा माहौल रहता है हालांकि इस बार हुई इस घटना ने उत्सव के माहौल को कुछ समय के लिए प्रभावित जरूर किया लेकिन प्रशासन की तत्परता से हालात पर काबू पा लिया गया

    फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और शहर में शांति बनी हुई है पुलिस द्वारा लगातार गश्त की जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके प्रशासन का कहना है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी

  • नासिक में बाबा ने ‘ज्योतिष’ की आड़ में कई महिलाओं से किया दुष्‍कर्म, आरोपी गिरफ्तार

    नासिक में बाबा ने ‘ज्योतिष’ की आड़ में कई महिलाओं से किया दुष्‍कर्म, आरोपी गिरफ्तार


    नासिक
    । महाराष्ट्र के नासिक से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां आध्यात्मिकता और ज्योतिष के नाम पर महिलाओं के साथ कथित यौन शोषण किए जाने का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में 67 वर्षीय ज्योतिषी अशोक खरात को गिरफ्तार किया है, जिस पर 35 वर्षीय महिला के साथ बार-बार दुष्कर्म करने का आरोप है।

    पीड़िता के मुताबिक, आरोपी ने अनुष्ठान के बहाने उसे अपने पास बुलाया, नशीला पदार्थ पिलाया और सम्मोहित कर उसकी आस्था का फायदा उठाते हुए यौन उत्पीड़न किया। जांच में यह भी सामने आया है कि यह मामला केवल एक महिला तक सीमित नहीं है, बल्कि कई अन्य महिलाओं के साथ भी इसी तरह की वारदातें की गईं।

    एफआईआर के अनुसार, अशोक खरात खुद को ‘कैप्टन’ बताता था और मर्चेंट नेवी से सेवानिवृत्त होने का दावा करता था। वह महिलाओं को उनकी व्यक्तिगत और पारिवारिक समस्याओं के समाधान का झांसा देकर अपने कार्यालय में बुलाता था। वहां पहुंचने के बाद उन्हें नशीला पदार्थ देकर काबू में कर लिया जाता था और फिर डर तथा अंधविश्वास का सहारा लेकर उनका शोषण किया जाता था। आरोपी महिलाओं को उनके पतियों की मौत या तंत्र-मंत्र से जुड़े भय दिखाकर चुप रहने के लिए मजबूर करता था।

    जांच एजेंसियों को आरोपी के ठिकाने से एक पेन ड्राइव बरामद हुई है, जिसमें कथित तौर पर 58 महिलाओं से जुड़े आपत्तिजनक वीडियो क्लिप मिले हैं। इससे संकेत मिलता है कि यह एक सुनियोजित और लंबे समय से चल रहा अपराध हो सकता है।

    आरोपी नासिक के पॉश कैनेडा कॉर्नर इलाके में ‘ओकस प्रॉपर्टी डीलर्स एंड डेवलपर्स’ के नाम से कार्यालय चलाता था, लेकिन पुलिस के अनुसार वहां असल में आपराधिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। उसने समाज में खुद को एक प्रभावशाली ज्योतिषी और ‘दैवीय शक्तियों’ के जानकार के रूप में स्थापित कर रखा था।

    मीरगांव में उसके पास ईशान्येश्वर मंदिर और एक आलीशान विश्राम गृह भी है, जहां कथित तौर पर प्रभावशाली लोग आते-जाते थे। सिन्नर स्थित श्री ईशान्येश्वर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में भी उसकी पहचान थी और कई राजनेताओं, व्यवसायियों तथा अन्य चर्चित लोगों से उसके संबंध होने की चर्चा है।

    गिरफ्तारी का नाटकीय घटनाक्रम
    पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए बेहद गोपनीय अभियान चलाया। जानकारी लीक न हो, इसके लिए टीम ने रात के अंधेरे में ‘चोर-चोर’ का शोर मचाकर उसके फार्महाउस के बाहर अफरा-तफरी पैदा की और इसी दौरान घर में घुसकर उसे शयनकक्ष से गिरफ्तार कर लिया।

    छापेमारी के दौरान फार्महाउस से एक पिस्तौल, जिंदा कारतूस और कई खाली खोखे बरामद हुए। इसके अलावा मंदिर और आश्रम में भी तलाशी ली गई, जहां से कई संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं। पुलिस अब आरोपी की अन्य संपत्तियों और नेटवर्क की भी जांच कर रही है।

    एसआईटी गठित, जांच जारी
    मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने आईपीएस अधिकारी तेजस्विनी सतपुते के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। नासिक क्राइम ब्रांच की टीम बरामद वीडियो और दस्तावेजों की विस्तृत जांच में जुटी है।

    राजनीतिक बयानबाजी तेज
    घटना सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया भी शुरू हो गई है। उद्धव ठाकरे गुट की नेता सुषमा अंधारे ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महिलाओं का शोषण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और सरकार को इस मामले में तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।

    फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस मामले में और कितने लोग शामिल हो सकते हैं तथा कितनी महिलाएं इसका शिकार बनीं।

  • महाराष्ट्र विधानसभा में ‘महाराष्ट्र धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2026’ विधेयक पेश

    महाराष्ट्र विधानसभा में ‘महाराष्ट्र धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2026’ विधेयक पेश


    मुंबई।
    महाराष्ट्र विधानसभा में देवेंद्र फडणवीस सरकार ने शुक्रवार को ‘महाराष्ट्र धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2026’ नामक विधेयक पेश किया। इस विधेयक का मकसद गैर-कानूनी धर्मांतरण पर रोक लगाना है।

    विधानसभा में यह विधेयक पेश करने वाले गृह राज्य मंत्री पंकज भोयर ने कहा, “बिल का मकसद धर्म की आज़ादी के अधिकार की रक्षा करना है। इसका मकसद ज़बरदस्ती, धोखाधड़ी, लालच या शादी के ज़रिए किए गए गैर-कानूनी धर्मांतरण पर भी रोक लगाना है। बिल में गैर-कानूनी धर्मांतरण को ज़बरदस्ती, धोखाधड़ी, गलत जानकारी, ज़बरदस्ती, गलत असर या लालच देकर किया गया धर्मांतरण बताया गया है। बिल के मुताबिक, कोई भी व्यक्ति या संस्था किसी दूसरे व्यक्ति को तोहफ़े, कैश, नौकरी, मुफ़्त शिक्षा, शादी का वादा, बेहतर लाइफ़स्टाइल, या भगवान का का लालच देकर गैर-हिंदू धर्म में अन्य धर्म में बदलने की कोशिश नहीं कर सकती, जिसे लालच माना गया है। लालच, ज़बरदस्ती, धोखा या गलत जानकारी, ज़बरदस्ती या धमकी, धोखाधड़ी के तरीके और गलत असर डालना गैर-कानूनी होगा। विधेयक में ज़बरदस्ती किसी व्यक्ति या ग्रुप को उसकी मर्जी के खिलाफ़ धर्म बदलने के लिए मजबूर करने के काम गैरकानूनी धर्म परिवर्तन बतलाया गया है।

    यह विधेयक गैर-हिंदू धर्म में बदलने की प्रोसेस में शामिल लोगों के रिश्तेदारों या करीबी परिवार के सदस्यों को गैर-कानूनी धर्म परिवर्तन का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करने की इजाज़त देता है, जिससे पुलिस जांच शुरू हो सकती है। कानून के तहत अपराध गैर-ज़मानती होंगे, जिससे पुलिस को ज़बरदस्ती धर्म परिवर्तन के आरोप में केस दर्ज करने और जांच शुरू करने की इजाज़त मिलेगी। विधेयक पुलिस स्टेशन के इंचार्ज के लिए किसी भी व्यक्ति की शिकायत दर्ज करना ज़रूरी बनाता है। बिल के सेक्शन 14 में गैर-हिंदू धर्मों में धर्म बदलने के लिए उकसाने वाले संगठनों पर बैन लगाने और उन्हें सज़ा देने के कानूनी प्रावधान हैं।

    दूसरे राज्यों में लागू ऐसे ही कानूनों के आधार पर बिल में शामिल कानूनी प्रावधानों में, जो लोग गैर-हिंदू धर्मों में धर्म बदलना चाहते हैं, उनके लिए एक तय सरकारी अथॉरिटी से पहले इजाज़त लेना, धर्म बदलने से 60 दिन पहले पहले से बताना और धर्म बदलने के बाद उसे रजिस्टर कराना शामिल है। महाराष्ट्र फ्रीडम ऑफ रिलिजन एक्ट, 2026 के ड्राफ्ट के प्रावधानों के अनुसार, धर्म बदलने को रजिस्टर न करने या प्रक्रियाओं का पालन न करने पर कोई भी धर्म बदलना अमान्य हो सकता है। विधेयक के अनुसार, शादी का झांसा देकर गैर-कानूनी धर्म बदलने में शामिल पाए जाने वालों को सात साल की जेल और 1 लाख रुपये का जुर्माना भी देना होगा। किसी नाबालिग, पागल व्यक्ति या महिला या अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति का धर्म बदलने के लिए उकसाने की कोशिश करने पर सात साल की जेल और 5 लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है। विधेयक के मुताबिक, बड़े पैमाने पर धर्म बदलने के लिए उकसाने वालों को सात साल की जेल और 5 लाख रुपये का जुर्माना होगा, जबकि बार-बार ऐसा करने वालों को 10 साल की जेल और 5 लाख रुपये का जुर्माना होगा। विधेयक के मुताबिक, ज़बरदस्ती धर्म बदलने के दोषी पाए जाने वालों को 7 साल तक की जेल और 3 लाख रुपये का जुर्माना होगा।

    फडणवीस की महायुति सरकार का कहना है कि अल्पसंख्यकों के बनाए शिकारी धर्म बदलने के रैकेट से कमज़ोर बहुसंख्यक हिंदुओं को बचाने के लिए ऐसा धर्म बदलने के खिलाफ़ कानून ज़रूरी है। महाराष्ट्र धर्म की आज़ादी बिल, 2026 उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे दूसरे राज्यों के ऐसे ही धर्म बदलने के खिलाफ़ कानूनों पर आधारित है।

  • Weather Update: दिल्ली में मार्च की गर्मी 35.7°C पार, 50 साल का रिकॉर्ड टूटा, इन राज्यों में बारिश की संभावना

    Weather Update: दिल्ली में मार्च की गर्मी 35.7°C पार, 50 साल का रिकॉर्ड टूटा, इन राज्यों में बारिश की संभावना



    नई दिल्ली । मार्च की शुरुआत होते ही देश के कई हिस्सों में गर्मी ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। कई राज्यों में तापमान तेजी से बढ़ते हुए 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। राजस्थान के अकोला में अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी तेज गर्मी का असर महसूस किया जा रहा है।

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी मार्च की गर्मी ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। शनिवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 35.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले करीब 50 वर्षों में मार्च के पहले ही सप्ताह में दर्ज सबसे अधिक तापमान है। दिन के समय तेज धूप के कारण लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र, मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और आंध्र प्रदेश में हीटवेव को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम विभाग के अनुसार, मैदानी इलाकों में जब तापमान 40 डिग्री या उससे अधिक पहुंच जाता है और सामान्य से 4-6 डिग्री अधिक होता है, तब हीटवेव की स्थिति मानी जाती है। ऐसे समय लोगों को लू लगने और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।

    हालांकि, आने वाले कुछ दिनों में पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के प्रभाव से पहाड़ी क्षेत्रों में राहत मिल सकती है। 8 से 12 मार्च के बीच जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। कश्मीर घाटी के कुपवाड़ा, गांदरबल, बांदीपोरा और अनंतनाग में भी हल्की बर्फबारी हो सकती है।

    इसके अलावा सिक्किम, ओडिशा और केरल में बारिश के आसार हैं। पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश में मौसम बदलने से लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

    मौसम विभाग ने लोगों से आगाह किया है कि तेज धूप में घर से बाहर निकलते समय सुरक्षा उपाय अपनाएं, पर्याप्त पानी पीएं और बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें। इस मार्च की गर्मी ने देशभर में गर्मी की शुरुआती चेतावनी दे दी है और आने वाले दिनों में मौसम पर नजर रखना जरूरी है।

  • अजित पवार के बेटे ने वीडियो शेयर कर VSR वेंचर्स की उड़ानों पर रोक की मांग की

    अजित पवार के बेटे ने वीडियो शेयर कर VSR वेंचर्स की उड़ानों पर रोक की मांग की


    नई दिल्ली । महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता Ajit Pawar के बेटे जय पवार ने 28 जनवरी 2026 को हुए विमान हादसे के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड की उड़ानों को तुरंत रोकने की मांग की है। इस हादसे में उनके पिता का निधन हुआ था, जिसे लेकर जय पवार ने गंभीर सुरक्षा और लापरवाही के आरोप लगाए हैं।

    वीडियो में कंपनी के मालिक रोहित सिंह मुख्य पायलट सीट पर उड़ान के दौरान सोते हुए दिखाई दे रहे हैं। जय पवार ने लिखा कि “मैंने अपने पिता को खो दिया है… यह पीड़ा जिंदगी भर मेरे साथ रहेगी। ऐसे लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती।” उन्होंने DGCA (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) से अपील की है कि VSR की सभी उड़ानों को ग्राउंड किया जाए और रोहित सिंह के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

    DGCA की जांच के मुताबिक, 28 जनवरी को बारामती में VSR वेंचर्स के Learjet 45 (VT-SSK) विमान के क्रैश के बाद स्पेशल सेफ्टी ऑडिट कराया गया। ऑडिट में एयरवर्दीनेस, एयर सेफ्टी और फ्लाइट ऑपरेशन के नियमों के कई उल्लंघन सामने आए। इसके बाद DGCA ने चार एयरक्राफ्ट  को तुरंत ग्राउंड कर दिया।

    जय पवार ने इंस्टाग्राम पोस्ट में कहा कि महाराष्ट्र में हुए इस हादसे की पूरी और पारदर्शी जांच होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। उन्होंने VSR वेंचर्स की उड़ानों पर तत्काल रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जोरदार मांग की।

    यह मामला न केवल पवार परिवार के लिए बल्कि देश की नागरिक हवाई सुरक्षा के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बन गया है। DGCA ने नियमों का उल्लंघन सामने आने के बाद सख्त कदम उठाए हैं और जांच जारी है।

  • प्रधानमंत्री ने नागपुर फैक्टरी विस्फोट पीड़ितों के लिए पीएमएनआरएफ से अनुग्रह राशि की घोषणा की

    प्रधानमंत्री ने नागपुर फैक्टरी विस्फोट पीड़ितों के लिए पीएमएनआरएफ से अनुग्रह राशि की घोषणा की

    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र के नागपुर में एक फैक्टरी में हुए दुखद विस्फोट पर गहरा शोक व्यक्त किया है। इस हादसे में कई लोगों की जान चली गई और कई घायल हुए। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता में पूरी तत्परता से लगा हुआ है।

    प्रधानमंत्री ने प्रत्येक मृतक के परिजन के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष पीएमएनआरएफ से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। इसके अलावा विस्फोट में घायल हुए लोगों को 50, 000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

    प्रधानमंत्री ने अपने एक्‍स संदेश में कहा महाराष्ट्र के नागपुर में फैक्टरी में हुआ विस्फोट अत्यंत दुखद है। मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है। प्रत्येक मृतक के परिजन को पीएमएनआरएफ से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50 000 रुपये दिए जाएंगे।

    यह राहत राशि पीड़ित परिवारों को तत्काल वित्तीय सहायता प्रदान करने और उन्हें इस मुश्किल समय में सहारा देने का उद्देश्य रखती है। स्थानीय प्रशासन भी प्रभावित परिवारों की मदद के लिए लगातार काम कर रहा है और राहत एवं बचाव कार्यों को गति दी गई है।

    प्रधानमंत्री की यह पहल न केवल पीड़ितों के लिए सहारा है बल्कि यह संकट में सरकार की तत्परता और संवेदनशीलता का प्रतीक भी है। राहत राशि के अलावा प्रशासन और विभिन्न एजेंसियों द्वारा प्रभावित लोगों को आवश्यक चिकित्सा सुरक्षा और पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

    इस प्रकार नागपुर फैक्टरी विस्फोट पर केंद्र और राज्य सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया और पीएमएनआरएफ से अनुग्रह राशि की घोषणा प्रभावित परिवारों के लिए राहत और समर्थन का महत्वपूर्ण कदम है।

  • Maharashtra: सुनेत्रा पवार की जगह बेटे पार्थ को राज्यसभा भेजेगी NCP, आधी रात को लिया गया फैसला

    Maharashtra: सुनेत्रा पवार की जगह बेटे पार्थ को राज्यसभा भेजेगी NCP, आधी रात को लिया गया फैसला


    मुंबई।
    महाराष्ट्र (Maharashtra) की सात राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव (Rajya Sabha Election) से पहले राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है। महायुति की सरकार में शामिल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (Nationalist Congress Party- NCP) ने इस संबंध में अपने उम्मीदवार को लेकर बड़ा फैसला किया है। सूत्रों के अनुसार,सोमवार की रात प्रफुल्ल पटेल (Prafull Patel) के आवास पर पार्टी की कोर कमेटी की हुई बैठक में पार्थ पवार को राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाने पर सहमति बनी है। इस अहम बैठक मुंबई में प्रफुल्ल पटेल के अलावा उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

    सूत्रों ने बताया कि बैठक में केवल राज्यसभा उम्मीदवार ही नहीं, बल्कि पार्टी की आगामी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। 26 फरवरी को होने वाली इस बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव पर मुहर लग सकती है, जहां सुनेत्रा पवार का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। यह बैठक मुंबई के वर्ली डोम में आयोजित होने की संभावना है।


    बीजेपी कोर कमेटी की आज बैठक

    दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) भी अपने उम्मीदवारों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। ABP माझा के मुताबिक, इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निवास पर मंगलवार की रात करीब 10 बजे कोर कमेटी की बैठक बुलाई गई है। पार्टी इस बार राज्यसभा की चार सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। इनमें रामदास अठावले का नाम लगभग तय माना जा रहा है, जबकि विनोद तावड़े, विजया रहाटकर और धैर्यशील पाटिल के नामों पर अंतिम निर्णय होना बाकी है।


    बीजेपी चार सांसद भेज सकती है

    महाराष्ट्र में इस बार राज्यसभा की 7 सीटें खाली हैं और 286 विधायकों के आधार पर एक उम्मीदवार को जीत के लिए 37 वोटों की जरूरत होगी। आंकड़ों के अनुसार, सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के पास स्पष्ट बढ़त है। अकेले BJP के पास एक निर्दलीय को मिलाकर कुल (131+1) यानी 132 विधायकों का समर्थन है, जिससे वह 3 से 4 सांसद आसानी से भेज सकती है। वहीं शिवसेना (शिंदे गुट) अपने 58 विधायकों के साथ एक सीट सुरक्षित कर सकती है, जबकि NCP (अजित पवार गुट) भी एक सीट जीतने की स्थिति में है क्योंकि अजित पवार की मौत के बाद उसके पास 40 विधायक हैं।


    महाविकास अघाड़ी के पास एक को भेजने की क्षमता

    इसके मुकाबले महाविकास अघाड़ी (MVA), जिसमें कांग्रेस, NCP (शरद पवार गुट) और शिवसेना (ठाकरे गुट) शामिल हैं, के पास कुल मिलाकर लगभग 49 विधायकों का समर्थन है। इस संख्या के आधार पर MVA केवल एक सीट ही सुरक्षित कर सकती है। राजनीतिक समीकरणों के हिसाब से महायुति गठबंधन 6 सीटों पर मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है, जबकि विपक्षी गठबंधन को सीमित सफलता मिलने की संभावना है। ऐसे में राज्यसभा चुनाव 2026 में सत्ता पक्ष का पलड़ा भारी दिखाई दे रहा है, लेकिन उम्मीदवारों के चयन और अंतिम रणनीति पर सबकी नजरें टिकी हैं।