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  • Maharashtra: सुनेत्रा अजीत पवार बनेंगी राज्य की पहली महिला उप-मुख्यमंत्री, आज लेंगी शपथ

    Maharashtra: सुनेत्रा अजीत पवार बनेंगी राज्य की पहली महिला उप-मुख्यमंत्री, आज लेंगी शपथ


    मुंबई।
    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा अजीत पवार) (Nationalist Congress Party – NCP Ajit Pawar) में शुक्रवार को तेजी से बदलते घटनाक्रम में महाराष्ट्र (Maharashtra) के दिवंगत पूर्व उप-मुख्यमंत्री की जगह पर उनकी पत्नी सुनेत्रा अजीत पवार (Sunetra Ajit Pawar) को सूबे की पहली महिला उप-मुख्यमंत्री बनाए जाने का निर्णय लिया गया है। इस पर सुनेत्रा पवार ने अपनी सहमति दे दी है।

    राकांपा (एपी) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने पत्रकारों को बताया कि शनिवार दोपहर दो बजे उनकी पार्टी के विधायकों की बैठक बुलाई गई है। बैठक में पार्टी के सभी नेता उपस्थित रहेंगे। बैठक के बाद सारी जानकारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को दी जाएगी।

    राकांपा के सूत्रों ने बताया कि आज पूर्व उप-मुख्यमंत्री अजीत पवार और प्रफुल्ल पटेल के राजनीतिक सलाहकार नरेश अरोरा बारामती में जाकर सुनेत्रा अजीत पवार और पार्थ पवार से मिले थे। इसके बाद प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, पार्थ पवार के बीच वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए बैठक हुई। इसके बाद नरेश अरोरा ने सुनेत्रा और पार्थ से इस संबंध में चर्चा की। इसपर दोनों सहमत हो गए हैं। नरेश अरोरा बारामती से मुंबई के लिए रवाना हो गए और शनिवार को सुबह अरोरा राकांपा एपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल से मुलाकात करेंगेे। इसके बाद सिर्फ औपचारिकता के लिए राकांपा एपी के विधायकों की बैठक होगी और शाम को राजभवन में शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

    इसकी पुष्टि करते हुए मंत्री माणिकराव कोकाटे ने कहा कि विधायक दल के बैठक की तो सिर्फ औपचारिकता है, सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री और राकांपा एपी का अध्यक्ष पद देना आम राकांपा कार्यकर्ताओं की इच्छा है। सुनेत्रा पवार को पार्टी कार्यकर्ता हर तरह से मदद करने को तैयार हैं।

    राकांपा एपी के कार्याध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल आज राकांपा नेताओं के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिले थे। इसके बाद प्रदेश कार्यालय में सुनील तटकरे ने राकांपा नेताओं के साथ बैठक की और राकांपा के सभी विधायकों को शनिवार को मुंबई में बुलाया गया है। शनिवार को दिन में ११ राकांपा विधायक दल की बैठक होगी और इसके बाद शाम को राजभवन में शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

  • बालासाहेब ठाकरे जी की जयंती पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अर्पित किया नमन

    बालासाहेब ठाकरे जी की जयंती पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अर्पित किया नमन


    नई दिल्ली । बालासाहेब ठाकरे जी की जयंती के अवसर पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने उन्हें सादर पूर्वक नमन करते हुए उनके राष्ट्रनिष्ठ जीवन, अडिग सिद्धांतों और स्वाभिमानपूर्ण नेतृत्व का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि बालासाहेब ठाकरे जी ने राष्ट्र, धर्म और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया और उनका यह योगदान सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।

    श्री अमित शाह ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे जी ऐसे जननेता थे, जिन्होंने कभी भी परिस्थितियों के दबाव में अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उनका जीवन मूल्यनिष्ठ राजनीति, स्पष्ट विचार और निडर अभिव्यक्ति का प्रतीक रहा है। उन्होंने कहा कि बालासाहेब जी का व्यक्तित्व केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं था, बल्कि वे पूरे देश के राष्ट्रप्रेमियों के लिए समान रूप से आदरणीय और प्रिय बने रहे। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे जी ने समाज में स्वाभिमान की भावना को जागृत किया और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए जनमानस को दिशा देने का कार्य किया। उनका विचार और संघर्ष आज भी युवाओं तथा समाज के विभिन्न वर्गों को राष्ट्रसेवा और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए प्रेरित करता है।

    श्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किए गए अपने संदेश में कहा, “बालासाहेब ठाकरे जी ने राष्ट्र, धर्म और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया। परिस्थितियाँ कैसी भी हों, सिद्धांतों से कभी समझौता न करने वाले बालासाहेब जी महाराष्ट्र ही नहीं, पूरे देश के राष्ट्रप्रेमियों के लिए सदैव प्रिय बने रहेंगे। बालासाहेब ठाकरे जी की जयंती पर उन्हें सादर पूर्वक नमन।” बालासाहेब ठाकरे जी की जयंती पर देशभर में उनके योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री का यह संदेश उनके विचारों, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति को सम्मान देने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का संदेश भी है।

  • बालासाहेब ठाकरे की जन्म शताब्दी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अर्पित की श्रद्धांजलि, उनके दूरदर्शी नेतृत्व और योगदान को किया स्मरण

    बालासाहेब ठाकरे की जन्म शताब्दी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अर्पित की श्रद्धांजलि, उनके दूरदर्शी नेतृत्व और योगदान को किया स्मरण


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महान बालासाहेब ठाकरे की जन्म शताब्दी के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बहुआयामी व्यक्तित्व और महाराष्ट्र के सामाजिक-राजनीतिक जीवन में दिए गए अमूल्य योगदान को भावपूर्ण स्मरण किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे ऐसी महान हस्ती थे जिन्होंने अपने विचारों, कार्यशैली और जनसंवाद के माध्यम से महाराष्ट्र के सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य को गहराई से आकार दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने बालासाहेब ठाकरे को कुशाग्र बुद्धि, दमदार भाषण कला और अडिग विश्वास का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनका जनमानस से जुड़ाव असाधारण था। वे जिस स्पष्टता और दृढ़ता के साथ अपने विचार रखते थे, वह उन्हें जननेता के रूप में विशिष्ट बनाती थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि बालासाहेब केवल एक राजनीतिक नेता नहीं थे, बल्कि वे जनता की भावनाओं को समझने और उन्हें स्वर देने वाले विचारक भी थे।

    प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में यह भी उल्लेख किया कि राजनीति से इतर बालासाहेब ठाकरे की संस्कृति, साहित्य और पत्रकारिता में गहरी रुचि थी। एक कार्टूनिस्ट के रूप में उनका करियर समाज के प्रति उनके सूक्ष्म अवलोकन, तीक्ष्ण दृष्टि और विभिन्न मुद्दों पर उनकी निडर टिप्पणी को दर्शाता है। उनके कार्टून सामाजिक सच्चाइयों को सरल, किंतु प्रभावशाली ढंग से सामने रखते थे और आम जन को सोचने के लिए प्रेरित करते थे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे का जीवन साहस, स्पष्ट विचार और सांस्कृतिक चेतना का संगम था। उनका दृष्टिकोण केवल समकालीन राजनीति तक सीमित नहीं था, बल्कि वे महाराष्ट्र के दीर्घकालीन विकास और गौरव को लेकर स्पष्ट विजन रखते थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि वे स्वयं महाराष्ट्र की प्रगति के लिए बालासाहेब ठाकरे के विजन से अत्यंत प्रेरित हैं और उस विजन को साकार करने के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।

    प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर भी बालासाहेब ठाकरे को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि बालासाहेब का जीवन और कार्य हमें निडरता, आत्मविश्वास और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की सीख देता है।बालासाहेब ठाकरे की जन्म शताब्दी के अवसर पर देशभर में उनके योगदान को स्मरण करते हुए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रधानमंत्री का यह संदेश न केवल एक महान नेता को श्रद्धांजलि है, बल्कि उनके विचारों और विजन को आगे बढ़ाने के संकल्प की भी अभिव्यक्ति है।

  • BMC चुनाव 2026: 22 शहरों में जीरो, मुंबई में भी दहाई का आंकड़ा नहीं, MNS का करारी हार का अलार्म, राज ठाकरे की पार्टी बेहाल

    BMC चुनाव 2026: 22 शहरों में जीरो, मुंबई में भी दहाई का आंकड़ा नहीं, MNS का करारी हार का अलार्म, राज ठाकरे की पार्टी बेहाल


    नई दिल्ली। महाराष्ट्र में BMC समेत 29 नगर निगम क्षेत्रों के 2869 वार्डों के लिए हुए चुनाव में बीजेपी और उसके गठबंधन ने निर्णायक बढ़त बनाई है। बीएमसी में पहली बार बीजेपी बहुमत की ओर बढ़ती दिख रही है, जबकि एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 282 वार्डों में बढ़त दर्ज की है।

    राज ठाकरे की पार्टी MNS का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। मुंबई की 227 सीटों में MNS केवल 5 सीटों पर बढ़त दर्ज कर पा रही है। कल्याण-डोंबिवली में 122 सीटों में सिर्फ 4 सीट, ठाणे की 131 सीटों में केवल 1 सीट, नासिक की 122 सीटों में सिर्फ 2 सीट और नवी मुंबई की 1 सीट पर ही पार्टी आगे है।

    पूरे महाराष्ट्र में MNS को केवल 12 सीटें मिलीं, जबकि 22 शहरों में पार्टी का खाता तक नहीं खुला। इन शहरों में पुणे, नागपुर, कोल्हापुर, सांगली-मिरज, मीरा-भायंदर, वसई-विरार, भिवंडी, पनवेल, परभणी, जलगांव, धुले, नांदेड़, लातूर, अमरावती, अकोला और चंद्रपुर शामिल हैं।

    बीजेपी गठबंधन का प्रदर्शन जोरदार रहा। बीजेपी ने 1064 वार्डों में बढ़त बनाई, वहीं एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 282 वार्डों में बढ़त दर्ज की। कांग्रेस को 222 सीटें मिली हैं।
    मुंबई में ठाकरे ब्रदर्स ने साथ आकर चुनाव लड़ा, लेकिन MNS को केवल 5 सीटें ही मिलीं।

    पुणे और नासिक में राज ठाकरे ने खास जोर लगाया था, लेकिन परिणाम बेहद कमजोर रहे।
    विश्लेषकों का कहना है कि बीजेपी और शिंदे की शिवसेना ने महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव में अपनी पकड़ मजबूत कर दी है। दूसरी ओर, MNS और उद्धव की शिवसेना का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, जिससे राज ठाकरे की राजनीतिक चमक पर सवाल खड़े हो गए हैं।
    इस चुनाव से यह साफ हो गया है कि महाराष्ट्र में बीजेपी गठबंधन की ताकत और विस्तार लगातार बढ़ रहा है, जबकि MNS अब सिर्फ कुछ शहरों तक ही सीमित नजर आ रही है।
  • महाराष्ट्र: मरठवाड़ा में 5 साल में 5000 से किसानों ने की खुदकुशी, हर दिन 3 किसान ले रहे अपनी जान

    महाराष्ट्र: मरठवाड़ा में 5 साल में 5000 से किसानों ने की खुदकुशी, हर दिन 3 किसान ले रहे अपनी जान


    मुम्बई।
    महाराष्ट्र (Maharashtra) के सूखाग्रस्त क्षेत्र (Drought-affected areas) के रूप में पहचाने जाने वाले मराठवाड़ा क्षेत्र (Marathwada region) में किसानों की हालत लगातार गंभीर बनी हुई है। एक आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले पाँच सालों में 5,000 से ज्यादा किसानों ने खुदकुशी कर ली है। हैरत की बात ये है कि 2025 में सबसे ज़्यादा आत्महत्या के मामले दर्ज किए गए हैं। डिविजनल कमिश्नर कार्यालय द्वारा तैयार की गई एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 में कुल 1,129 किसानों ने आत्महत्या की है, जो एक साल पहले 948 थी, जबकि 2021 से अब तक कुल पांच वर्षों में कुल 5,075 आत्महत्याएं दर्ज की गई हैं। आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि वहां हर दिन औसतन तीन किसान अपनी जीवन लीला खत्म कर रहे हैं।

    मराठवाड़ा डिवीजन में छत्रपति संभाजीनगर, जालना, परभणी, नांदेड़, बीड, धाराशिव, हिंगोली और लातूर जिले शामिल हैं। डिवीजनल कमिश्नर कार्यालय की रिपोर्ट के मुताबिक, 2021 में 887, 2022 में 1,023, 2023 में 1,088, 2024 में 948 और 2025 में 1,129 किसानों ने अपनी जिंदगी खत्म कर ली है। कुल मिलाकर 2021 से अब तक 5,075 किसानों की आत्महत्या हो चुकी है।


    बीड जिला सबसे ज़्यादा प्रभावित

    2025 में किसानों की आत्महत्या के सबसे ज़्यादा मामले बीड जिले से सामने आए, जहां 256 किसानों ने जान दे दी। इनमें से 193 परिवारों को अनुग्रह राशि दी गई है। 2025 में जिलेवार किसानों की आत्महत्याएं इस प्रकार रही हैं: छत्रपति संभाजीनगर- 224, जालना- 90, परभणी- 104, हिंगोली- 68, नांदेड़- 170, बीड- 256, लातूर- 76 और धाराशिव-141।


    बारिश और बाढ़ बनी बड़ी वजह

    अधिकारियों के अनुसार, पिछले साल मराठवाड़ा के कई हिस्सों में असमय बारिश हुई। मई महीने में कुछ इलाकों में 125 से 150 प्रतिशत तक अधिक वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा सितंबर–अक्टूबर 2025 में आई बाढ़ ने क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचाया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में हुई कुल आत्महत्याओं में से 537 मौतें मई से अक्टूबर के बीच हुईं, जब बारिश और प्राकृतिक आपदाओं ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी थीं।


    चिंता का विषय

    लगातार खराब मौसम, फसल नुकसान, बढ़ता कर्ज़ और आर्थिक दबाव मराठवाड़ा के किसानों को गहरे संकट में धकेल रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि हालात से निपटने के लिए स्थायी और प्रभावी नीतियों की ज़रूरत है, ताकि किसानों को राहत मिल सके।

  • महाराष्ट्र निकाय चुनाव में 4 बच्चों की मां का आवेदन स्वीकार, नियमों पर उठे सवाल, अब शरद पवार की पार्टी का क्या होगा?

    महाराष्ट्र निकाय चुनाव में 4 बच्चों की मां का आवेदन स्वीकार, नियमों पर उठे सवाल, अब शरद पवार की पार्टी का क्या होगा?


    महाराष्ट्र । महाराष्ट्र के नागपुर नगर निगम चुनाव में एक महिला उम्मीदवार का आवेदन स्वीकार कर लिया गया है जो चार बच्चों की मां हैं। यह मामला इसलिए विवादित हो गया है क्योंकि राज्य के नियमों के अनुसार दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवार नगर निगम चुनाव में नहीं भाग ले सकते। इस बार दक्षिण-पश्चिम नागपुर के वार्ड 36 से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की उम्मीदवार पुष्पा मुकेश वाघमारे का नामांकन स्वीकार कर लिया गया, जबकि उनके चार बच्चे हैं।

    नियमों की अनदेखी या प्रशासन की गलती

    महाराष्ट्र में एक कानून के तहत 1995 में लागू किए गए महाराष्ट्र नगर निगम और नगर परिषद नगर पंचायत और औद्योगिक टाउनशिप द्वितीय संशोधन अधिनियम के अनुसार दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवार नगर निगम चुनावों में भाग नहीं ले सकते। बावजूद इसके पुष्पा वाघमारे का नामांकन स्वीकार किया गया। महिला उम्मीदवार ने खुद अपने एफिडेविट में अपने चार बच्चों का विवरण दिया था और यह जानकारी स्पष्ट रूप से चुनाव अधिकारियों के पास थी, फिर भी उनका आवेदन मंजूर कर लिया गया।पुष्पा वाघमारे ने इस विवाद पर कहा मुझे नियमों के बारे में जानकारी नहीं थी क्योंकि मैं पहली बार चुनाव लड़ रही हूं। मेरा नामांकन स्वीकार कर लिया गया है और मैं अपनी जिम्मेदारी नहीं उठाऊंगी अगर इसमें कोई गलती हुई है। मैं चुनाव में बनी रहूंगी और मुझे बेवजह परेशान नहीं किया जाना चाहिए।

    क्या शरद पवार के लिए यह परेशानी का कारण बनेगा

    यह मामला राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है और सवाल उठने लगे हैं कि क्या यह विवाद NCP के लिए राजनीतिक परेशानी का कारण बनेगा। शरद पवार की पार्टी के तहत इस तरह के नियमों की अनदेखी ने विरोधियों को मौक़ा दिया है। वैसे भी महाराष्ट्र में भाजपा ने 2017 तक लगातार तीन कार्यकालों तक नागपुर नगर निगम पर अपना नियंत्रण बनाए रखा था और अब देखना यह है कि शरद पवार के नेतृत्व में NCP इस विवाद को कैसे संभालती है।

    पुष्पा वाघमारे का समाज में अच्छा प्रभाव

    पुष्पा वाघमारे को उनके क्षेत्र में एक छोटे से कैटरिंग व्यवसायी के रूप में जाना जाता है और वे एक समाजसेवी भी हैं। स्थानीय महिलाओं के बीच उनकी लोकप्रियता है, और उनका दावा है कि उनके क्षेत्र में जल निकासी की समस्या है, जो भारी बारिश के दौरान बाढ़ का कारण बनती है। वे इन समस्याओं को हल करने के लिए चुनाव में उतर रही हैं।

    नागपुर की चुनावी स्थिति और विवाद

    नागपुर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृह नगर है। 2017 में हुए नगर निगम चुनाव तक भाजपा ने इस नगर निगम पर लगातार तीन कार्यकालों तक अपना नियंत्रण बनाए रखा था। अब जब NCP ने इस सीट पर अपनी उम्मीदवार उतारी है तो यह मामला और भी संवेदनशील हो गया है। हालांकि यह साफ नहीं है कि प्रशासन की लापरवाही से पुष्पा का नामांकन स्वीकार किया गया या इसे जानबूझकर नज़रअंदाज़ किया गया लेकिन इस घटना ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठा दिए हैं। राजनीतिक हलकों में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या NCP इस विवाद से बचने के लिए जल्दी से कदम उठाएगी या पार्टी इसे अपने चुनावी अभियान का हिस्सा बनाएगी।

  • भाषा विवाद पर CM फडणवीस बोले – महाराष्ट्र में केवल मराठी अनिवार्य, अन्य भाषाओं का भी स्वागत….

    भाषा विवाद पर CM फडणवीस बोले – महाराष्ट्र में केवल मराठी अनिवार्य, अन्य भाषाओं का भी स्वागत….


    मुम्बई।
    महाराष्ट्र (Maharashtra) के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Chief Minister Devendra Fadnavis) ने एक बार फिर से भाषा विवाद (Language dispute) पर अपना रुख दोहराया है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में केवल मराठी भाषा ही अनिवार्य (Marathi language Compulsory) है, इसके अलावा दूसरी भाषाओं का स्वागत है, लेकिन कोई अनिवार्य नहीं है। गौरतलब है कि पिछले साल भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य में पहली कक्षा से हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में शुरू करने के अपने फैसले को तीव्र विरोध प्रदर्शनों के बाद रद्द कर दिया और इस मुद्दे की जांच के लिए एक समिति का गठन किया।

    सतारा में 99वें अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए फडणवीस ने कहा कि राज्य में भाषा की अनिवार्यता का मुद्दा व्यापक रूप से बहस का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री के तौर पर मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि महाराष्ट्र में केवल मराठी ही अनिवार्य है। कोई अन्य भाषा अनिवार्य नहीं है। हालांकि, तीन-भाषा प्रणाली को लेकर मतभेद थे। छात्रों को अपनी पसंद की कोई भी भारतीय भाषा सीखने की स्वतंत्रता है। सवाल सिर्फ यह था कि तीसरी भाषा किस कक्षा से शुरू की जानी चाहिए।’’

    विवाद का जिक्र करते हुए फडणवीस ने कहा कि महाविकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार के दौरान तैयार की गई एक रिपोर्ट में पहली कक्षा से ही हिंदी को अनिवार्य बनाने की सिफारिश की गई थी और उनकी सरकार ने शुरू में इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाया था। उन्होंने कहा, लेकिन पहली कक्षा से ही (हिंदी) भाषा को अनिवार्य बनाने को लेकर व्यापक बहस और विरोध हुआ, इसलिए नरेंद्र जाधव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हालांकि, मैं यह दोहराना चाहूंगा कि महाराष्ट्र में केवल मराठी ही अनिवार्य है, कोई अन्य भाषा नहीं।’’

    उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह भी कहना चाहूंगा कि हम अंग्रेजी, फ्रेंच और स्पेनिश जैसी भाषाओं का खुले दिल से स्वागत करते हैं… इन भाषाओं के प्रति हमारा रुख सकारात्मक है क्योंकि ये अंतरराष्ट्रीय भाषाएं हैं। लेकिन भारतीय भाषाओं का विरोध करते हुए अंतरराष्ट्रीय भाषाओं का स्वागत करना अनुचित है। मेरा मानना ​​है कि हमारी भारतीय भाषाओं को भी वही सम्मान मिलना चाहिए, और यही हमारा रुख है।’’

  • भाजपा को महाराष्ट्र में ऐतिहासिक सफलता40 साल बाद कम्पटी नगरपालिका में जीती पहली बार सत्ता

    भाजपा को महाराष्ट्र में ऐतिहासिक सफलता40 साल बाद कम्पटी नगरपालिका में जीती पहली बार सत्ता


    नागपुर । महाराष्ट्र में भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन को निकाय चुनावों में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। कुल 288 जिलों के निकायों में से 215 में महायुति ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की हैजिसमें भाजपा ने 129 सीटों पर जीत के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। लेकिन भाजपा को सबसे बड़ी और ऐतिहासिक जीत कम्पटी नगरपालिका परिषद में मिलीजहां 40 साल बाद पहली बार उसे सत्ता हासिल हुई है। कम्पटी नगरपालिका परिषद में भाजपा के कैंडिडेट अजय अग्रवाल ने 103 वोटों के मामूली अंतर से जीत दर्ज की। हालांकिकांग्रेस के कैंडिडेट शाकूर नागानी ने चुनाव परिणाम में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि वह पूरे दिन चुनाव में आगे चल रहे थेलेकिन आखिरी समय में गड़बड़ी कर के अजय अग्रवाल को जिताया गया।

    यह चुनाव परिणाम नागपुर जिले में काफी चर्चा में रहाखासकर इस सीट के लिए भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाजी के कारण। एक और दिलचस्प बात यह रही कि बहुजन रिपब्लिकन एकता मंच की नेता सुलेखा कुंभारे ने इस सीट पर अजय कदम को कैंडिडेट बनाया था। हालांकिभाजपा ने इस बार उनका समर्थन नहीं कियाक्योंकि पार्टी को इस बार महाराष्ट्र में भगवा लहर की उम्मीद थी। कुंभारे ने यह भी दावा किया कि नितिन गडकरी उन्हें अपनी बहन मानते रहे हैंलेकिन भाजपा ने उनका समर्थन नहीं किया।नागपुर की इस महत्वपूर्ण नगरपालिका परिषद में भाजपा की 40 साल बाद जीत एक बड़ी राजनीतिक घटना मानी जा रही है।

    कांग्रेस के भीतर भी टिकट बंटवारे को लेकर विवाद उभरेऔर यह सवाल उठने लगा कि भाजपा अब बीएमसी में जीत की कोशिश कर सकती है।
    केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का नागपुर संसदीय क्षेत्र होने के बावजूद इस नगरपालिका परिषद में भाजपा की जीत का यह लंबे समय से इंतजार थाजो अब समाप्त हुआ। कांग्रेस ने भी अपनी स्थिति को लेकर सवाल उठाएऔर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने यह कहा कि बीएमसी में कांग्रेस का कोई वजूद नहीं हैक्योंकि पिछले 30 सालों से वे ही लगातार जीत रहे हैं। इन नतीजों के बादविपक्षी गठबंधन महाअघाड़ी में भी विवाद शुरू हो गया हैजो भविष्य में महाराष्ट्र की राजनीति में और भी हलचल पैदा कर सकता है।

  • महाराष्ट्र निकाय चुनाव में BJP-महायुति की ऐतिहासिक जीत…. PM बोले- जनता को धन्यवाद

    महाराष्ट्र निकाय चुनाव में BJP-महायुति की ऐतिहासिक जीत…. PM बोले- जनता को धन्यवाद


    मुम्बई।
    महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों (Maharashtra Local Body Elections) में भाजपा-महायुति गठबंधन (BJP-Mahayuti alliance) की ऐतिहासिक जीत ने एक बार फिर राज्य में विकास की लहर को मजबूत कर दिया है। जनता ने नगर परिषदों और नगर पंचायतों में भारी बहुमत से महायुति को समर्थन दिया, जिससे भाजपा ने कई नए रिकॉर्ड अपने नाम किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने इस जीत पर महाराष्ट्र की जनता को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह जनकेंद्रित विकास में उनकी अटूट आस्था का प्रमाण है।

    पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर कहा कि महाराष्ट्र विकास के साथ मजबूती से खड़ा है। नगर परिषद और नगर पंचायत चुनाव में भाजपा और महायुति को आशीर्वाद देने के लिए महाराष्ट्र की जनता का आभारी हूं। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि यह जनकेंद्रित विकास के हमारे दृष्टिकोण में विश्वास को दर्शाता है। हम राज्य भर के प्रत्येक नागरिक की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए नई ऊर्जा के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस दौरान पीएम मोदी ने जमीनी स्तर पर किए गए अथक परिश्रम के लिए भाजपा और महायुति के पदाधिकारियों की सराहना की।


    भाजपा ने बनाया रिकॉर्ड

    वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Chief Minister Devendra Fadnavis) ने कहा कि भाजपा ने स्थानीय निकाय चुनावों में रिकॉर्ड बनाया है, जिसमें 48 प्रतिशत पार्षद पार्टी के चिह्न पर जीते हैं और पार्टी के उम्मीदवार 129 नगर परिषदों के अध्यक्ष चुने गए हैं। उन्होंने नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में महायुति गठबंधन की सफलता का श्रेय भाजपा के संगठन और सरकार के विकास एजेंडे को दिया। फडणवीस ने कहा कि 48 प्रतिशत पार्षद भाजपा के चिह्न पर निर्वाचित हुए हैं, जो एक रिकॉर्ड है। भाजपा ने 3300 पार्षदों के निर्वाचित होने के साथ एक और रिकॉर्ड बनाया है।

    अब तक प्राप्त रुझानों और परिणामों के अनुसार, भाजपा ने इस वर्ष 129 नगर परिषदों (45 प्रतिशत) में जीत हासिल की है, जो 2017 के 94 की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है। महायुति ने कुल 288 नगर परिषदों में से 215 नगर परिषदों (74.65 प्रतिशत) में जीत दर्ज की है।

  • माओवादियों को बड़ा झटका: MMC ज़ोन कमांडर समेत दो ACM का सरेंडर 20 लाख का इनाम था घोषित

    माओवादियों को बड़ा झटका: MMC ज़ोन कमांडर समेत दो ACM का सरेंडर 20 लाख का इनाम था घोषित


    नई दिल्ली महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ MMC ज़ोन में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। दर्रेकसा एरिया कमेटी के कमांडर रोशन उर्फ मारा इरिया वेदजा और दो ACM एरिया कमेटी मेंबर ने गोंदिया पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। इन तीनों पर कुल ₹20 लाख का इनाम था।  महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ MMC ट्राई-जंक्शन पर सक्रिय माओवादी संगठन को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। दर्रेकसा एरिया कमेटी के कमांडर समेत कुल तीन प्रमुख माओवादी कैडरों ने महाराष्ट्र के गोंदिया पुलिस के समक्ष हथियार डाल दिए हैं।
    आत्मसमर्पण करने वाले इन तीनों माओवादियों पर कुल ₹20 लाख रुपये का नकद इनाम घोषित था जो इनकी संगठनात्मक महत्ता को दर्शाता है। यह आत्मसमर्पण तीनों राज्यों महाराष्ट्र मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता है जो लंबे समय से इन क्षेत्रों में शांति बहाली के लिए प्रयासरत थीं।आत्मसमर्पण करने वाले प्रमुख माओवादी कैडर समर्पण करने वाले माओवादी दर्रेकसा एरिया कमेटी के प्रमुख सदस्य थे। इनमें निम्नलिखित लोग शामिल हैं:

    रोशन उर्फ मारा इरिया वेदजा 35:

    पद: दर्रेकसा एरिया कमेटी का कमांडर।मूल निवास: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले का मेंदरी गांव।इनाम राशि: ₹8 लाख रुपये घोषित। सुभाष उर्फ पोज्जा बंडू राववा 26: पद: एरिया कमेटी मेंबर ACM। मूल निवास: बीजापुर जिले की उसूर तहसील का वेरापल्ली गांव। इनाम राशि: ₹6 लाख रुपये घोषित। रतन उर्फ मनकू ओमा पोय्याम 25: पद: एरिया कमेटी मेंबर ACM। मूल निवास: नारायणपुर जिले का रेखापाल गांव। इनाम राशि: ₹6 लाख रुपये घोषित।तीनों माओवादियों ने गोंदिया में पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर विधिवत आत्मसमर्पण किया। अधिकारियों ने इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए बताया कि इन कैडरों ने माओवादी संगठन के भीतर बढ़ती असुरक्षा पुलिस और सुरक्षा बलों की लगातार और प्रभावी कार्रवाई तथा मुख्यधारा में लौटने की प्रबल इच्छा के कारण यह निर्णय लिया। सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर अब ये सामान्य जीवन जी सकेंगे।

    MMC ज़ोन में समर्पण की लहर
    यह आत्मसमर्पण MMC ज़ोन में चल रहे व्यापक आत्मसमर्पण अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। हाल के सप्ताहों में माओवादी कैडरों द्वारा मुख्यधारा में लौटने के मामलों में तेजी आई है जो सुरक्षा एजेंसियों के बढ़ते दबाव और सामुदायिक सहयोग का परिणाम है: 28 नवंबर का बड़ा सरेंडर: इससे पहले माओवादियों की एमएमएसी ज़ोन के प्रवक्ता और जेआरबी डिवीजन के इंचार्ज विकास नागपुरे उर्फ रमेश सय्याना भास्कर समेत दस अन्य माओवादियों ने भी गोंदिया पुलिस के सामने समर्पण किया था। 7 दिसंबर की कार्रवाई: 7 दिसंबर को भी 11 माओवादियों ने बालाघाट पुलिस मध्य प्रदेश के सामने हथियार डाले थे।

    8 दिसंबर की ऐतिहासिक सफलता: सबसे बड़ी कामयाबी 8 दिसंबर को छत्तीसगढ़ की सुरक्षा एजेंसियों को मिली जब माओवादियों के शीर्ष लीडर एक करोड़ पांच लाख रुपये के इनामी रामधेर और उनके 11 साथियों ने अविभाजित राजनांदगांव जिले में समर्पण किया। इन लगातार सफलताओं के बाद ऐसा प्रतीत होता है कि MMC ज़ोन में माओवादी हिंसकों के मुख्यधारा में लौटने का यह आखिरी दौर शुरू हो चुका है। पुलिस सूत्रों के अनुसार अब इस पूरे ज़ोन में केवल एक माओवादी रंजीत ही शेष बचा है और सुरक्षा एजेंसियां जल्द ही उसके भी समर्पण किए जाने का दावा कर रही हैं।यह घटना न केवल माओवादी संगठन की कमर तोड़ने का काम करती है बल्कि यह भी स्थापित करती है कि सरकार की पुनर्वास नीतियां माओवादियों को हिंसा का रास्ता छोड़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं जिससे इन क्षेत्रों में विकास और शांति की उम्मीदें मजबूत हुई हैं।