भोपाल। भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई। इनमें वित्तीय शोध संस्थान की स्थापना, उज्जैन एयरपोर्ट के लिए फंड और छात्रों के लिए स्कॉलरशिप बढ़ाने के फैसले प्रमुख हैं।
भोपाल में खुलेगा FTRI
कैबिनेट ने राज्य में वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने के लिए फाइनेंशियल ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (FTRI) खोलने की मंजूरी दी है। यह संस्थान बजट विश्लेषण, वित्तीय रिसर्च और प्रशासनिक प्रशिक्षण के क्षेत्र में काम करेगा। शुरुआती संचालन प्रशासन अकादमी, भोपाल से किया जाएगा।
उज्जैन एयरपोर्ट के लिए ₹590 करोड़
सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में एयरपोर्ट विकसित करने के लिए 590 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह राशि भूमि अधिग्रहण पर खर्च होगी। केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत बनने वाले इस एयरपोर्ट से एयरबस जैसे बड़े विमानों का संचालन संभव होगा, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बड़ी सुविधा मिलेगी। धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर और सांदीपनि आश्रम जैसे प्रमुख स्थल स्थित हैं, जहां हर साल बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।
SC छात्रों को ₹10,000 प्रतिमाह स्कॉलरशिप
कैबिनेट ने अनुसूचित जाति वर्ग के छात्रों के लिए स्कॉलरशिप बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रतिमाह करने का फैसला किया है। पहले यह राशि 2,000 रुपये थी। यह लाभ ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों को मिलेगा।
विकास योजनाओं पर हजारों करोड़ मंजूर
राज्य सरकार ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों के लिए कुल 16,720 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है।
– वाणिज्यिक कर विभाग की योजनाओं के लिए 2030-31 तक 2,952 करोड़
– चना और मसूर उपार्जन के लिए 3,174 करोड़
– वन संरक्षण और पुनर्स्थापना के लिए 5,215 करोड़
– RTE के तहत फीस प्रतिपूर्ति के लिए 3,039 करोड़
– पीएम श्री स्कूल योजना के लिए 940 करोड़
– कक्षा 9 से 12 तक मुफ्त किताबों के लिए 693 करोड़
कातना सिंचाई परियोजना को मंजूरी
मंदसौर जिले की कातना सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 88.41 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे 3,500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी और 120 गांवों के 1,358 परिवारों को लाभ होगा।
चना और मसूर खरीदी का फैसला
सरकार ने चना और मसूर की खरीदी को भी मंजूरी दी है। चने का समर्थन मूल्य 5,000 रुपये और मसूर का 5,800 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। सरकार चने का 25% और मसूर का 100% उपार्जन करेगी।
