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  • IRIS DENA पर मोदी सरकार की चुप्पी से भड़के खरगे, कहा-देश की विदेश नीति को बर्बाद कर रहे…

    IRIS DENA पर मोदी सरकार की चुप्पी से भड़के खरगे, कहा-देश की विदेश नीति को बर्बाद कर रहे…

    नई दिल्‍ली। इजरायल और अमेरिका द्वारा मिलकर ईरान पर किए गए हमले ने वैश्विक राजनीति के साथ-साथ भारत की घरेलू राजनीति को भी तेज कर दिया है। ईरानी जहाज को हिंद महासागर में अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा डुबोए जाने पर भारत सरकार की चुप्पी को लेकर विपक्ष ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हिंद महासागर में हुई इस घटना पर पीएम नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की चुप्पी से साफ है कि देश के रणनीतिक और राष्ट्रीय हितों की घोर उपेक्षा की जा रही है। यह न सिर्फ भारत के राष्ट्रीय सिद्धांतों का अपमान है, बल्कि हमारी उस विदेश नीति का भी अपमान है, जिसे तमाम सरकारों ने बड़ी मेहनत से बनाया और अपनाया है।

    सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखे एक पोस्ट में खरगे ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “ईरान का जो जहाज टारपीडो की चपेट में आने से डूबा है यह जहाज बिना सैन्य साजो सामान के था और भारत में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू 2026 से लौट रहा था।

    ईरानी नौसेना का जहाज ईरिस डेना भारत का आमंत्रित अतिथि था और यह विशाखापत्तनम में 15 से 26 फरवरी तक आयोजित अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू 2026 में शामिल हुआ था। इस आयोजन में 70 से ज्यादा देशों की नौसेनाएं शामिल हुईं थीं।

    कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आश्चर्य की बात यह है कि इस अतिथि के डूबने पर भारत की तरफ से कोई चिंता या संवेदना व्यक्त नहीं की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पर चुप हैं। पीएम मोदी पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि जब आप अपने ही आंगन में हो रही घटनाओं पर प्रतिक्रिया नहीं दे सकते हैं तो हमें महासागर सिद्धांतों और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के ‘नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर’ होने के सिद्धांतों पर उपदेश क्यों दे रहे हैं।
    होर्मुज की खाड़ी में फंसे 1100 भारतीय नाविक: खरगे

    कांग्रेस अध्यक्ष ने इस युद्ध की वजह से होर्मुज की खाड़ी में फंसे भारतीयों को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि होर्मुज की खाड़ी में 38 भारतीय ध्वज वाले जहाज और 1100 नाविक फंसे हुए हैं।

    प्टन आशीष कुमार समेत दो भारतीय नाविकों की कथित तौर पर मौत हो गई है। समुद्री बचाव या राहत अभियान क्यों नहीं चलाया जा रहा है? पीएम मोदी कहते हैं कि कच्चे तेल और अन्य तेल का भंडार केवल 25 दिनों के लिए बचा है। तेल की बढ़ती कीमतों के बीच, हमारी ऊर्जा संबंधी इमरजेंसी योजना क्या है, खासकर भारत सरकार द्वारा रूसी तेल का आयात रोकने की मांग को लगभग स्वीकार करने के बाद। खाड़ी देशों के साथ अन्य प्रमुख वस्तुओं के व्यापार का क्या होगा।
    विदेश नीति को बर्बाद कर रहे हैं: खरगे

    कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए और कहा कि विदेश मंत्रालय के 3 मार्च के बयान के अनुसार, “कुछ भारतीय नागरिकों की जान चली गई है या वे लापता हैं”। खाड़ी देशों में एक करोड़ भारतीय रहते हैं। मेडिकल छात्र मदद की गुहार लगाते हुए हताश वीडियो संदेश जारी कर रहे हैं।

    भारत सरकार उनकी सुरक्षा कैसे सुनिश्चित कर रही है? क्या प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को निकालने की कोई योजना बनाई गई है? उन्होंने कहा कि इन सब स्थितियों के बीच “स्पष्ट रूप से, मोदी जी का आत्मसमर्पण राजनीतिक और नैतिक दोनों है। यह भारत के मूल राष्ट्रीय हितों का अपमान करता है और हमारी उस विदेश नीति को खत्म कर रहा है, जिसे वर्षों से लगातार सरकारों द्वारा सावधानीपूर्वक और मेहनत से बनाया और अपनाया गया है।”

    गौरतलब है कि इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले के साथ शुरू हुई यह जंग अब पश्चिम एशिया से आगे बढ़कर हिंद महासागर में पहुंच गई है।

    भारत में फ्लीट रिव्यू कार्यक्रम के तहत आए ईरानी युद्धपोत को अमेरिकी पनडुब्बी ने श्रीलंका के करीब डुबो दिया। इस घटना में 80 से ज्यादा ईरानी नौसैनिकों के मारे जाने की आशंका है। बाकियों को श्रीलंकाई नेवी से बचाव अभियान के तहत बचाया था। फिलहाल यह सैनिक श्रीलंका में मौजूद हैं।
  • नेतन्याहू ने मोदी को बताया ‘भाई’, कट्टरपंथ के खिलाफ ‘आयरन एलायंस’ बनाने की घोषणा

    नेतन्याहू ने मोदी को बताया ‘भाई’, कट्टरपंथ के खिलाफ ‘आयरन एलायंस’ बनाने की घोषणा


    यरुशलम।
    इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu) ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Indian Prime Minister Narendra Modi) की यात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि वह इससे पहले कभी इतने भावुक नहीं हुए। इजराइल की संसद नेसेट में अपने संबोधन के दौरान नेतन्याहू ने मोदी को “महान मित्र” और “विश्व मंच के बड़े नेता” की संज्ञा दी।

    उन्होंने कहा, “नरेन्द्र, मेरे प्रिय मित्र, आपके यहां आने से मैं काफी भावुक हूं… मैं यह कहने का साहस करता हूं कि आप केवल मित्र ही नहीं, बल्कि भाई जैसे हैं।” नेतन्याहू ने दोनों देशों के बीच तकनीकी और रणनीतिक सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि हाल के वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार दोगुना और सहयोग कई गुना बढ़ा है।

    ‘कट्टरपंथी इस्लाम’ के खिलाफ आयरन एलायंस

    नेतन्याहू ने अपने भाषण में कहा कि भारत और इजराइल “कट्टरपंथी इस्लाम” के खतरे के खिलाफ एक “आयरन एलायंस” (मजबूत गठबंधन) का निर्माण करेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों देश आज पहले से अधिक मजबूत हैं और साझा मूल्यों — प्रगति, मानव गरिमा और पारस्परिक सम्मान — में विश्वास रखते हैं।

    उन्होंने 07 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद भारत के समर्थन के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया। नेतन्याहू ने इजराइल की कार्रवाई को “रक्षात्मक युद्ध” बताते हुए कहा कि यह मानवता और सत्य के भविष्य के लिए संघर्ष है।

    आईएमईसी और नए समझौते

    नेतन्याहू ने कहा कि भारत और इजराइल मिलकर अमेरिका समर्थित इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकॉनमिक कॉरिडोर (आईएमईसी) पहल को आगे बढ़ा रहे हैं। इस परियोजना का उद्देश्य समुद्र और रेल मार्ग के जरिए भारत को मध्य पूर्व के रास्ते यूरोप से जोड़ना है।

    उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर तभी सफल हो सकता है जब इसके मार्ग में स्थिर और सुरक्षित देश हों, और इस धुरी पर भारत और इजराइल से अधिक सुरक्षित देश कोई नहीं है।

    नेतन्याहू ने यह भी बताया कि यात्रा के दौरान पर्यटन, संस्कृति, कृषि, जल प्रबंधन और आव्रजन जैसे क्षेत्रों में कई समझौतों को लागू किया जाएगा। उन्होंने इसे अब्राहम समझौते की भावना के अनुरूप शांति और सहयोग की दिशा में अहम कदम बताया।

    इससे पहले, तेल अवीव एयरपोर्ट पर इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अपनी पत्नी सारा नेतन्याहू के साथ पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। नेतन्याहू के आमंत्रण पर 25-26 फरवरी तक हो रहा यह दौरा भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।

    तेल अवीव पहुंचने पर सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ उनका स्वागत किया गया। भारतीय प्रवासी समुदाय में इस दौरे को लेकर खासा उत्साह देखा गया। प्रवासियों ने इसे दोनों देशों के रिश्तों के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया। इसी मौके पर भारतीय मूल की नेत्रहीन गायिका दीना सेमटे ने पीएम मोदी के समक्ष प्रस्तुति दी। मणिपुर से ताल्लुक रखने वाली दीना ने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री के सामने प्रस्तुति देने पर गर्व है और संगीत लोगों को जोड़ने का माध्यम है।

    उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री बनने के बाद यह मोदी का दूसरा इजराइल दौरा है। इससे पहले वे 2017 में इजराइल गए थे, जो किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी। वर्ष 2018 में नेतन्याहू ने भारत का दौरा कर संबंधों को और मजबूती दी थी।

    इस बार की यात्रा को केवल द्विपक्षीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत-इजराइल संबंधों की लंबी ऐतिहासिक यात्रा का हिस्सा माना जा रहा है। दोनों देश रक्षा, प्रौद्योगिकी, जल प्रबंधन, कृषि और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। पीएम मोदी ने नेतन्याहू के साथ मुलाकात में टेक्नोलॉजी, वॉटर मैनेजमेंट, एग्रीकल्चर, टैलेंट पार्टनरशिप और अन्य क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।

    इस यात्रा को भारत–इजराइल संबंधों में नई मजबूती और रणनीतिक साझेदारी के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।

  • जयशंकर ने ब्राजील के राष्ट्रपति लूला से की मुलाकात, रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने पर हुई चर्चा

    जयशंकर ने ब्राजील के राष्ट्रपति लूला से की मुलाकात, रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने पर हुई चर्चा


    नई दिल्ली/ भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की मुलाकात के बाद जयशंकर ने कहा कि भारत के राजकीय दौरे पर आए राष्ट्रपति लूला से मिलकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं उन्होंने बताया कि लूला ने साझा हितों और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए अपनी गाइडेंस और गर्मजोशी भरी भावनाओं का प्रदर्शन किया उन्होंने यह भी कहा कि आज बाद में पीएम नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बैठक से द्विपक्षीय संबंधों को नई रफ्तार मिलेगी इसके बाद ब्राजील के राष्ट्रपति ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और पीएम मोदी से भी मुलाकात की और उसके बाद दोनों नेता द्विपक्षीय बैठक करेंगे विदेश मंत्रालय ने पहले ही बताया था
    कि दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा करेंगे प्रधानमंत्री आने वाले गणमान्य व्यक्ति के सम्मान में लंच होस्ट करेंगे और आपसी हितों के क्षेत्रीय और ग्लोबल मुद्दों पर विचार करेंगे जिसमें बहुपक्षीय फोरम में सहयोग रिफॉर्म्ड मल्टीलेटरलिज्म ग्लोबल गवर्नेंस और ग्लोबल साउथ से जुड़े मुद्दे शामिल हैं राष्ट्रपति लूला दूसरे एआई इम्पैक्ट समिट के लिए 18 फरवरी को भारत आए उनके साथ करीब 14 मंत्री और ब्राजील की कंपनियों के टॉप सीईओ का डेलीगेशन भी है जो अपने भारतीय समकक्षों के साथ मीटिंग करेंगे
    यह राष्ट्रपति लूला का भारत का छठा दौरा है वे पहली बार 2004 में रिपब्लिक डे सेलिब्रेशन के गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में भारत आए थे और आखिरी बार सितंबर 2023 में जी20 समिट के लिए भारत आए थे प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति लूला अक्सर मिलते रहे हैं प्रधानमंत्री 7 से 8 जुलाई 2025 तक राजकीय दौरे पर ब्रासीलिया में थे और नवंबर 2025 में जी20 के दौरान जोहान्सबर्ग में भी उनकी मुलाकात हुई भारत और ब्राजील के बीच करीबी और रणनीतिक साझेदारी साझा डेमोक्रेटिक मूल्यों लोगों के बीच गहरे रिश्तों और खास सेक्टरों में बढ़ते सहयोग पर आधारित है दोनों देश 2006 से रणनीतिक साझेदार हैं
    ब्राजील एलएसी इलाके में भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है और व्यापार निवेश रक्षा कृषि स्वास्थ्य फार्मास्यूटिकल्स ऊर्जा जिसमें रिन्यूएबल्स जरूरी मिनरल्स रेयर अर्थ मटीरियल्स साइंस टेक्नोलॉजी और नवाचार शामिल हैं जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों का जुड़ाव लगातार गहरा होता जा रहा है
    इसमें डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर एआई स्पेस और लोगों के बीच जुड़ाव के क्षेत्र में सहयोग भी शामिल है दोनों देश यूएन रिफॉर्म्स क्लाइमेट चेंज और आतंकवाद से लड़ने जैसे अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर समान विचार रखते हैं विदेश मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रपति लूला का यह राजकीय दौरा दोनों पक्षों को आपसी फायदे के मुद्दों पर रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और द्विपक्षीय क्षेत्रीय और ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर सहयोग को और गहरा करने का अवसर देगा
  • प्रधानमंत्री मोदी का गुजरात दौरा: धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों मे

    प्रधानमंत्री मोदी का गुजरात दौरा: धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों मे


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार शाम से गुजरात दौरे की शुरुआत करेंगे। वे शाम 8 बजे सोमनाथ मंदिर में ओंकार मंत्र का जाप करने वाले भक्तों के साथ शामिल होंगे। इसके बाद मंदिर परिसर में आयोजित विशेष ड्रोन शो का अवलोकन करेंगे, जो धार्मिक और सांस्कृतिक समर्पण का प्रतीक माना जा रहा है।

    सोमनाथ स्वाभिमान पर्व और शौर्य यात्रा

    11 जनवरी को प्रधानमंत्री सुबह 9:45 बजे ‘शौर्य यात्रा’ में भाग लेंगे, जिसमें उन वीर योद्धाओं को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने सोमनाथ मंदिर की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। इसके बाद सुबह 10:15 बजे मंदिर में दर्शन और पूजा होगी। सुबह 11 बजे ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के तहत एक सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित होगा।

    राजकोट में वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन

    सोमनाथ के कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री राजकोट के लिए रवाना होंगे। वहां वे कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए आयोजित ‘वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन’ में शामिल होंगे। दोपहर 1:30 बजे वे सम्मेलन के व्यापार शो और प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे, इसके बाद दोपहर 2 बजे मारवाड़ी विश्वविद्यालय में क्षेत्रीय सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन होगा और प्रतिभागियों को संबोधित करेंगे।

    अहमदाबाद मेट्रो का उद्घाटन

    राजकोट से प्रधानमंत्री अहमदाबाद जाएंगे। शाम 5:15 बजे महात्मा मंदिर मेट्रो स्टेशन पर सेक्टर 10A से महात्मा मंदिर तक अहमदाबाद मेट्रो के चरण 2 के शेष खंड का उद्घाटन करेंगे। यह परियोजना शहर की परिवहन सुविधा को और बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    अहमदाबाद में जर्मन चांसलर से द्विपक्षीय बैठक

    12 जनवरी को प्रधानमंत्री मोदी अहमदाबाद में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज से मुलाकात करेंगे। सुबह 9:30 बजे दोनों नेता साबरमती आश्रम का दौरा करेंगे और 10 बजे साबरमती रिवरफ्रंट पर अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में भाग लेंगे। इसके बाद 11:15 बजे महात्मा मंदिर, गांधीनगर में द्विपक्षीय वार्ता होगी। यह बैठक भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी की 25 वर्ष की प्रगति की समीक्षा करेगी।

    तीन दिवसीय दौरे का महत्व

    प्रधानमंत्री मोदी का यह तीन दिवसीय दौरा धार्मिक स्थलों, क्षेत्रीय विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को जोड़ने वाला माना जा रहा है। सोमनाथ और अहमदाबाद में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ राजकोट में वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन में उद्योग और व्यापार पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। यह दौरा गुजरात की सामाजिक, आर्थिक और कूटनीतिक महत्वाकांक्षाओं को मजबूत करने में सहायक होगा।

  • US में लोकप्रियता की तुलना… एक्सपर्ट बोले- मोदी 10 साल से सत्ता में… ट्रंप 3 साल में हो जाएंगे बाहर

    US में लोकप्रियता की तुलना… एक्सपर्ट बोले- मोदी 10 साल से सत्ता में… ट्रंप 3 साल में हो जाएंगे बाहर


    वाशिंगटन।
    वेनेजुएला (Venezuela) के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) की निगाहें दूसरे देशों पर भी हैं। वहीं, इसी बीच वह भारत (India) को टैरिफ को लेकर फिर से धमकाते नजर आ रहे हैं। अब जानकारों का मानना है कि वेनेजुएला ऑपरेशन के बाद थोड़े समय के लिए मिल रहे ये फायदे ट्रंप के पद छोड़ने के बाद खत्म हो सकते हैं। साथ ही राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की लोकप्रियता की तुलना की जा रही है।

    जियोपॉलिटिकल एक्सपर्ट इयान ब्रेमर को अमेरिका को होने वाले लॉन्ग टर्म फायदों पर संदेह है। उन्होंने कहा कि जब ट्रंप 2029 में दफ्तर छोड़ेंगे, तो ये थोड़े समय के फायदों पर विराम लग सकता है। उन्होंने कहा कि भारत की तरह नहीं है, जहां प्रधानमंत्री मोदी लोकप्रियता के कारण 10 सालों से ज्यादा सत्ता में है। वहीं, ओवल ऑफिस में ट्रंप का कार्यकाल सीमित है।

    उन्होंने कहा कि चीन, रूस और भारत के विपरीत अमेरिका में हर चार साल में नेतृत्व बदलता है। उन्होंने कहा कि इसके चलते अमेरिका में सरकारी उपायों में निरंतरता नहीं रह जाती है और नतीजों में समय लगता है। साथ ही उन्होंने कहा कि अगला राष्ट्रपति ट्रंप के किए कई कामों को पलट सकता है, ठीक वैसे ही जैसे ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति के कामों के साथ किया।

    ब्रेमर ने कहा, ‘ट्रंप ने जो किया उसे अगला राष्ट्रपति बदल भी सकता है। यह शी जिनपिंग नहीं है, यह मोदी भी नहीं है जो 10 साल से ज्यादा समय से देश चला रहे हैं और लोकतंत्र में लोकप्रिय बने हुए हैं। यह ट्रंप हैं, जो 80 साल के हैं और अलोकप्रिय हैं और 3 साल में पद छोड़ देंगे।’

    तेल पर बोले
    ब्रेमर ने कहा कि तेल की वैश्विक दरें, वेनेजुएला में राजनीतिक स्थिरता और ट्रंप के बाद क्या होगा, ये सब तय करेंगे कि काराकास के तेल भंडार का अमेरिका को फायदा हो रहा है या नहीं। उन्होंने कहा, ‘और तेल। आप जानते हैं कि वेनेजुएला अभी सिर्फ 8 लाख बैरल रोज बना रहा है। यह आंकड़ा 30 लाख बैरल हुआ करता था। इसे बढ़ाने के लिए आपको राजनीतिक स्थिरता चाहिए।’

    उन्होंने कहा, ‘आपको एक ऐसे आर्थिक पर्यावरण की जरूरत है, जिसमें तेल कंपनियां भरोसा कर सकें। आपको उस भरोसे की जरूरत है कि वो बैरल फायदेमंद होंगी और अभी एनर्जी की कीमतें काफी कम हैं।’

    उन्होंने वेनेजुएला से तेल निकाले जाने को लेकर कहा कि तेल कंपनियों का निवेश चक्र, दफ्तर में अमेरिकी राष्ट्रपतियों के रहने से ज्यादा होता है। उन्होंने कहा, ‘आपको इस भरोसे की भी जरूरत होगी कि जिस राजनीतिक व्यवस्था का समर्थन ट्रंप कर रहे हैं, वो 2029 में उनके जाने के बाद भी बनी रहेगी।’

  • विजय हजारे ट्रॉफी में शतक बनाने वाले बिहार के वैभव सूर्यवंशी ने पीएम मोदी से की मुलाकात, कहा–जीवन का सबसे खास पल

    विजय हजारे ट्रॉफी में शतक बनाने वाले बिहार के वैभव सूर्यवंशी ने पीएम मोदी से की मुलाकात, कहा–जीवन का सबसे खास पल


    नई दिल्ली।भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, जो उनके करियर और जीवन के लिए एक अविस्मरणीय क्षण साबित हुई। पीएम से मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। बिहार के मोतिहारी जिले से ताल्लुक रखने वाले 15 वर्षीय वैभव को हाल ही में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। क्रिकेट के क्षेत्र में असाधारण उपलब्धि के लिए यह सम्मान पाने वाले वे देश के पहले क्रिकेटर बन गए।प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा साझा की गई तस्वीरों में वैभव और पीएम मोदी के बीच आत्मीय बातचीत दिखाई दे रही है। प्रधानमंत्री ने वैभव की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें देश के युवाओं के लिए प्रेरणा बताया। वैभव ने भी कहा कि पीएम से मिला प्रोत्साहन उन्हें और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा।

    वैभव सूर्यवंशी का नाम चर्चा में तब आया, जब उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी के मैच में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ 84 गेंदों में 190 रन की ऐतिहासिक पारी खेली। इस पारी में उन्होंने 16 चौके और 15 छक्के जड़े। इसके साथ ही वैभव लिस्ट-ए क्रिकेट में शतक बनाने वाले दुनिया के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए और पाकिस्तान के जहूर इलाही का 39 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा।वैभव बाएं हाथ के आक्रामक बल्लेबाज हैं और कम उम्र में ही उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई है। विजय हजारे ट्रॉफी जैसे बड़े मंच पर उनका प्रदर्शन चयनकर्ताओं और क्रिकेट विशेषज्ञों को चौंकाने वाला रहा। माना जा रहा है कि भविष्य में वे भारत के अंडर-19 और सीनियर स्तर के क्रिकेट में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

    प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 5 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों को कला, खेल, नवाचार, सामाजिक सेवा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में असाधारण योगदान के लिए दिया जाता है। वैभव का इस सूची में शामिल होना न केवल बिहार बल्कि पूरे देश के युवा खिलाड़ियों के लिए गर्व की बात है। इससे पहले इस मंच पर शतरंज खिलाड़ी आर प्रज्ञानानंद और आर वैशाली जैसे नाम अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं।वैभव की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 2025 की शुरुआत में वे गूगल पर सबसे ज्यादा सर्च किए जाने वाले भारतीय क्रिकेटरों में शामिल थे। विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गजों के बीच एक किशोर खिलाड़ी का इस तरह चर्चा में आना भारतीय क्रिकेट के बदलते परिदृश्य को दर्शाता है।

    बीसीसीआई सूत्रों के अनुसार, वैभव के प्रदर्शन पर लगातार नजर रखी जा रही है। अगर वह अपनी फॉर्म और फिटनेस बनाए रखते हैं, तो जल्द ही उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर और बड़े मौके मिल सकते हैं। प्रधानमंत्री से हुई यह मुलाकात और मिला सम्मान उनके करियर को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।इस उपलब्धि और सम्मान ने वैभव सूर्यवंशी को केवल एक क्रिकेटर ही नहीं, बल्कि युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बना दिया है। उनका यह सफर यह दिखाता है कि कड़ी मेहनत, टैलेंट और सही दिशा मिलने पर कम उम्र में भी असाधारण उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

  • कैप्टन अमरिंदर सिंह का बीजेपी और कांग्रेस पर 'दमदार' हमला, सिद्धू को दी क्रिकेट कमेंट्री की सलाह

    कैप्टन अमरिंदर सिंह का बीजेपी और कांग्रेस पर 'दमदार' हमला, सिद्धू को दी क्रिकेट कमेंट्री की सलाह


    नई दिल्‍ली । पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने बयानों से राजनीतिक हलचल मचा दी है। उन्होंने बीजेपी के कार्यशैली पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के फैसले दिल्ली से होते हैं और जमीनी नेताओं से कोई सलाह नहीं ली जाती। इसके साथ ही, उन्होंने कांग्रेस में वापसी की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया, यह कहते हुए कि उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने का दर्द अभी भी ताजा है, इसलिए कांग्रेस में लौटने का सवाल ही नहीं उठता।

    बीजेपी पर हमला:
    कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बीजेपी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी में बड़े फैसले दिल्ली से होते हैं और जमीनी नेताओं की राय की कोई अहमियत नहीं है, हालांकि उनके पास 60 साल का राजनीतिक अनुभव है। इस बयान के साथ उन्होंने कांग्रेस में वापसी की संभावना को पूरी तरह से नकारा किया।

    प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ, सिद्धू पर प्रहार:
    हालांकि, अमरिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की और कहा कि मोदी जी का पंजाब के प्रति विशेष स्नेह है। वहीं, नवजोत कौर सिद्धू पर तीखा हमला करते हुए उन्होंने कहा कि सिद्धू को राजनीति छोड़कर क्रिकेट कमेंट्री पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। अमरिंदर ने सिद्धू और उनकी पत्नी को ‘अस्थिर’ करार दिया।

    अकाली दल से गठबंधन की जरूरत पर जोर:
    पंजाब की राजनीतिक स्थिति पर बोलते हुए, अमरिंदर सिंह ने बीजेपी को मजबूत बनाने के लिए शिरोमणि अकाली दल (SAD) के साथ गठबंधन करने की सलाह दी। उनका मानना था कि बिना गठबंधन के पंजाब में सरकार बनाना मुश्किल है।

    ‘आप’ सरकार पर तीखा हमला:
    आम आदमी पार्टी (AAP) पर भी अमरिंदर सिंह ने करारा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब अब सबसे खराब दौर से गुजर रहा है और मुख्यमंत्री भगवंत मान केवल टीवी पर चुटकुले सुनाते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में असली फैसले दिल्ली से किए जा रहे हैं और मान केवल नाममात्र के मुख्यमंत्री हैं। इसके अलावा, अमरिंदर ने पंजाब को ‘भिखारी राज्य’ करार दिया, जो मुफ्त योजनाओं की वजह से बर्बाद हो गया है।

    बीजेपी-अकाली गठबंधन पर प्रतिक्रिया:
    अमरिंदर सिंह के बीजेपी और अकाली दल के गठबंधन के सुझाव पर बीजेपी नेताओं ने खारिज कर दिया और कहा कि पार्टी अकेले पंजाब में चुनाव लड़ेगी। हालांकि, अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने इस सुझाव का समर्थन किया और कहा कि बीजेपी पंजाब में अकेले सरकार नहीं बना सकती।

    AAP का पलटवार:
    आम आदमी पार्टी ने अमरिंदर सिंह के ‘भिखारी राज्य’ वाले आरोपों पर तीखा पलटवार किया। ‘आप’ के नेताओं ने अमरिंदर सिंह पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और कहा कि उनकी सरकार के दौरान खनन और केबल माफिया फल-फूल रहे थे। ‘आप’ ने यह भी कहा कि पंजाब की जनता ने पिछले भ्रष्ट शासन के खिलाफ खड़े होकर ‘आप’ को बहुमत दिया।

    कांग्रेस और ‘आप’ का तंज:
    कांग्रेस और ‘आप’ ने कैप्टन के बीजेपी और अकाली दल के गठबंधन सुझाव पर तंज कसते हुए कहा कि दोनों दल अकेले ही इतने कमजोर हैं कि उनका गठबंधन भी किसी असरदार बदलाव का कारण नहीं बनेगा।

    इस तरह, कैप्टन अमरिंदर सिंह के हमले और उनके सुझावों पर विभिन्न दलों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। पंजाब की राजनीतिक स्थिति में यह बयान एक नई बहस का आगाज कर सकते हैं।