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  • कॉकरोच प्रोटेस्ट से जुड़े कथित आपत्तिजनक पोस्ट पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई, पीएम मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा मामले में एफआईआर दर्ज

    कॉकरोच प्रोटेस्ट से जुड़े कथित आपत्तिजनक पोस्ट पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई, पीएम मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा मामले में एफआईआर दर्ज


    नई दिल्ली । कॉकरोच प्रोटेस्ट से जुड़े कथित आपत्तिजनक पोस्ट और वीडियो को लेकर दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित रूप से अभद्र और आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल के आरोप में पुलिस ने मामला दर्ज किया है। इस कार्रवाई के तहत कुछ न्यूज पोर्टलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सक्रिय कई हैंडल को नोटिस जारी कर संबंधित जानकारी मांगी गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच कानून के प्रावधानों के तहत आगे बढ़ाई जा रही है।

    पुलिस के अनुसार दर्ज एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित आपत्तिजनक वीडियो और पोस्ट सबसे पहले किस माध्यम से प्रसारित किए गए, उन्हें किन-किन सोशल मीडिया खातों से साझा किया गया और उनका मूल स्रोत क्या था। इस संबंध में संबंधित व्यक्तियों और संस्थाओं से आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए नोटिस भी भेजे गए हैं।

    प्राथमिक जानकारी के अनुसार आरोप है कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) से जुड़े एक विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद उससे जुड़े वीडियो और अन्य सामग्री सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हुई। जांच के दौरान पुलिस ने संबंधित प्लेटफॉर्म से ऐसे वीडियो हटाने और उनके प्रसार से जुड़ी तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि संबंधित सामग्री किन खातों के माध्यम से व्यापक स्तर पर साझा की गई।

    दिल्ली पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम लगातार विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सामग्री की निगरानी कर रही है। अधिकारियों के अनुसार यदि किसी पोस्ट या वीडियो में कानून का उल्लंघन या आपत्तिजनक सामग्री पाए जाने की आशंका होती है, तो संबंधित सोशल मीडिया इंटरमीडियरी को नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई के लिए कहा जाता है। अधिकारियों का दावा है कि ऐसे कई पोस्ट और वीडियो पहले ही हटाए जा चुके हैं, जिनमें प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया था।

    इसी क्रम में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जुड़े एक अन्य मामले का भी उल्लेख सामने आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 23 जुलाई को साझा की गई एक सेल्फी वीडियो कुछ समय के लिए प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद केंद्र सरकार ने संबंधित कंपनी से स्पष्टीकरण मांगा था। कंपनी ने इसे तकनीकी त्रुटि बताते हुए खेद व्यक्त किया, लेकिन सरकार ने उपलब्ध कराए गए जवाब को पर्याप्त नहीं माना और विस्तृत जानकारी की मांग की।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित कंपनी के अधिकारी को भी तलब किया गया है। सरकार का कहना है कि वह इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी चाहती है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि संबंधित सामग्री हटाने की परिस्थितियां क्या थीं और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस का कहना है कि कॉकरोच प्रोटेस्ट से जुड़े कथित आपत्तिजनक पोस्ट और वीडियो की जांच तथ्यों एवं उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।

  • विकसित भारत के लिए मंत्रालयों में बेहतर तालमेल, स्वदेशी तकनीक और साइबर सुरक्षा पर जोर: प्रधानमंत्री मोदी

    विकसित भारत के लिए मंत्रालयों में बेहतर तालमेल, स्वदेशी तकनीक और साइबर सुरक्षा पर जोर: प्रधानमंत्री मोदी


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को केंद्र सरकार के सचिवों के साथ दूसरी उच्चस्तरीय बैठक में विकसित भारत के लक्ष्य को तेजी से हासिल करने के लिए मंत्रालयों के बीच बेहतर तालमेल, महत्वपूर्ण क्षेत्रों में स्वदेशी तकनीक के विकास, ऊर्जा आत्मनिर्भरता, साइबर सुरक्षा को मजबूत करने और रणनीतिक क्षेत्रों से जुड़ी गलत सूचनाओं का प्रभावी जवाब देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार को हमेशा युवा सोच, गतिशील और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप काम करना चाहिए।

    प्रधानमंत्री ने अपने आवास पर बैठक में वित्त एवं अर्थव्यवस्था, वाणिज्य एवं उद्योग तथा प्रौद्योगिकी से जुड़े मंत्रालयों के कामकाज और विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा की।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी मंत्रालयों और विभागों को टीम भावना के साथ काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विभागों के बीच बेहतर तालमेल होगा तो योजनाओं का लाभ लोगों तक तेजी और प्रभावी ढंग से पहुंचेगा।

    उन्होंने कहा कि सरकार की हर नीति और फैसला आम नागरिक को ध्यान में रखकर होना चाहिए। लोगों का हित और उनकी अपेक्षाएं ही शासन का आधार होना चाहिए।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास हो रहा है, लेकिन इसके साथ ही स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देना भी जरूरी है। उन्होंने महत्वपूर्ण क्षेत्रों में देश की अपनी तकनीकी क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया।

    उन्होंने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक मजबूती और लोगों के हित के लिए जरूरी है। इसके लिए नवाचार, नए ऊर्जा स्रोतों और क्षमता बढ़ाने पर ध्यान देना होगा।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि अच्छी व्यवस्था के लिए समय-समय पर सुधार जरूरी हैं। कार्यप्रणाली, कामकाज की संस्कृति और संस्थागत क्षमता में लगातार सुधार किया जाना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर सुरक्षा को भी मजबूत करना होगा। उन्होंने युवाओं, स्टार्टअप और नवाचार करने वाले उद्यमियों को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया।

    प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि रणनीतिक क्षेत्रों में सरकार की बड़ी पहलों के बारे में सही जानकारी लोगों तक समय पर पहुंचनी चाहिए, ताकि गलत सूचनाओं और अफवाहों का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके।

    उन्होंने कहा कि भविष्य के उद्योगों की जरूरतों के अनुसार उद्योग जगत के सहयोग से नए शैक्षणिक पाठ्यक्रम तैयार किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को हमेशा नई सोच के साथ काम करना चाहिए और बदलती चुनौतियों के अनुसार खुद को लगातार तैयार रखना चाहिए।

    बैठक में विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों ने अपने-अपने क्षेत्रों की प्रगति, प्राथमिकताओं, नई संभावनाओं और कामकाज में आने वाली चुनौतियों पर अपने विचार रखे। बैठक में कैबिनेट सचिव, विभिन्न मंत्रालयों के सचिव, प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

    बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि बैठक में वित्त एवं अर्थव्यवस्था, वाणिज्य एवं उद्योग तथा प्रौद्योगिकी जैसे अहम क्षेत्रों पर चर्चा हुई। उन्होंने नागरिक-केंद्रित शासन, बेहतर बुनियादी ढांचे, स्वदेशी तकनीक के विकास और युवाओं की अधिक भागीदारी पर जोर देने की बात कही।

  • एंटी पेपर लीक विधेयक पर चर्चा से पहले एनडीए बैठक में शामिल हुए नए सहयोगी सांसद, पीएम मोदी की मौजूदगी में हुई रणनीतिक चर्चा

    एंटी पेपर लीक विधेयक पर चर्चा से पहले एनडीए बैठक में शामिल हुए नए सहयोगी सांसद, पीएम मोदी की मौजूदगी में हुई रणनीतिक चर्चा

    नई दिल्ली । संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में एंटी पेपर लीक विधेयक पर चर्चा से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की साप्ताहिक ‘मंगल मिलन’ बैठक आयोजित की गई। संसद भवन परिसर स्थित लाइब्रेरी भवन में हुई इस बैठक की खास बात यह रही कि पहली बार एनसीपीआई के सांसद भी इसमें शामिल हुए। ये सांसद पहले तृणमूल कांग्रेस से जुड़े थे और बाद में अपनी नई राजनीतिक भूमिका के तहत एनडीए का समर्थन कर चुके हैं।

    बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी सहित कई वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री और एनडीए के सांसद मौजूद रहे। संसदीय रणनीति और आगामी विधायी कार्यों को लेकर हुई इस बैठक में गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच समन्वय बढ़ाने और संसद में प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने पर चर्चा की गई।

    बैठक में शामिल होने के बाद एनसीपीआई सांसद सायोनी घोष ने इसे सकारात्मक और ज्ञानवर्धक अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में हुई चर्चा से कई महत्वपूर्ण विषयों को समझने का अवसर मिला। उनके अनुसार बैठक में मुक्त व्यापार समझौतों सहित विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया, जिससे सांसदों को व्यापक दृष्टिकोण प्राप्त हुआ।

    सायोनी घोष के साथ एनसीपीआई की अन्य सांसद काकोली घोष और शताब्दी रॉय भी पहली बार एनडीए संसदीय दल की बैठक में शामिल हुईं। तीनों सांसद पहले तृणमूल कांग्रेस का हिस्सा थीं। एनसीपीआई में शामिल होने के बाद उन्होंने एनडीए के प्रति अपना समर्थन दोहराया और गठबंधन की संसदीय गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की शुरुआत की।

    बैठक के दौरान सरकार ने सांसदों से ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026’ के समर्थन की भी अपील की। यह विधेयक सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से लाया गया है। सरकार का कहना है कि इस कानून के जरिए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, विश्वसनीयता और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा।

    प्रस्तावित संशोधनों के तहत परीक्षा में अनियमितताओं के मामलों में कड़े दंड का प्रावधान किया गया है। इसमें दोषी पाए जाने पर लंबी अवधि की सजा, भारी आर्थिक दंड, अवैध गतिविधियों से जुड़ी संपत्ति जब्त करने तथा मामलों के शीघ्र निपटारे की व्यवस्था जैसे प्रावधान शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इन उपायों से संगठित परीक्षा अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।

    यह बैठक ऐसे समय आयोजित हुई, जब संसद के भीतर एंटी पेपर लीक विधेयक पर चर्चा की तैयारी चल रही है और दूसरी ओर विपक्ष जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन तथा प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस बल प्रयोग के मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है। ऐसे राजनीतिक माहौल में एनडीए की यह बैठक संसदीय समन्वय और रणनीतिक तैयारी के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    ‘मंगल मिलन’ बैठक एनडीए संसदीय दल की नियमित रणनीतिक बैठक का नया स्वरूप है। इसका उद्देश्य सहयोगी दलों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना, संसद में विभिन्न विषयों पर प्रभावी चर्चा सुनिश्चित करना और फ्लोर मैनेजमेंट को मजबूत बनाना है। साथ ही यह मंच गठबंधन के सभी घटक दलों को अपनी भूमिका स्पष्ट करने, जिम्मेदारियों का समन्वय करने और संसद के भीतर साझा रणनीति के साथ आगे बढ़ने का अवसर भी प्रदान करता है।

  • 'मन की बात' के 136वें एपिसोड की एनडीए नेताओं ने की सराहना, बोले- समाज के सकारात्मक प्रयासों को मिलती है राष्ट्रीय पहचान

    'मन की बात' के 136वें एपिसोड की एनडीए नेताओं ने की सराहना, बोले- समाज के सकारात्मक प्रयासों को मिलती है राष्ट्रीय पहचान

    नई दिल्ली ।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 136वें एपिसोड को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के कई नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने इस कार्यक्रम को जनभागीदारी, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्र निर्माण को प्रोत्साहित करने वाला प्रभावी मंच बताया। नेताओं का कहना है कि यह कार्यक्रम राजनीति से अलग समाज के सकारात्मक प्रयासों, नवाचारों और प्रेरणादायी कहानियों को राष्ट्रीय पहचान देने का कार्य करता है।

    भाजपा नेताओं ने कहा कि ‘मन की बात’ के माध्यम से देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे उल्लेखनीय कार्यों को व्यापक स्तर पर सामने लाया जाता है। उनका मानना है कि इस कार्यक्रम से आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय स्तर पर काम कर रहे लोगों के प्रयासों को सम्मान मिलता है, जिससे अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलती है। उन्होंने इसे समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने का माध्यम बताया।

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में राज्य से जुड़े विभिन्न प्रयासों का उल्लेख किए जाने पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में बस्तर ओलंपिक्स, बस्तर पांडुम, मल्हार से जुड़े ऐतिहासिक संदर्भ और इस बार जल संरक्षण अभियान के तहत कोरबा की पहल का जिक्र राज्य के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने स्थानीय मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील को भी महत्वपूर्ण बताया।

    त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि ‘मन की बात’ की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सकारात्मक सोच और जनता से लगातार संवाद बनाए रखना है। उनके अनुसार, कार्यक्रम में त्रिपुरा में स्वदेशी रूप से तैयार किए गए पहले संगीत वाद्ययंत्र का उल्लेख होने से राज्य के कारीगरों और कलाकारों का उत्साह बढ़ा है। उन्होंने इसे स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाला प्रयास बताया।

    केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कार्यक्रम में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर वीर सैनिकों को दी गई श्रद्धांजलि, पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के योगदान के स्मरण और राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के संदर्भ को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय हस्तशिल्प, हथकरघा और स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करने का संदेश देश के कारीगरों के लिए उत्साहवर्धक है।

    केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि कार्यक्रम में राजनीतिक विषयों के बजाय समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा किए जा रहे प्रेरक कार्यों को प्रमुखता दी जाती है। उन्होंने जल संरक्षण, वृक्षारोपण, स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक हस्तशिल्प जैसे विषयों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने को इस कार्यक्रम की विशेषता बताया। वहीं भाजपा सांसद राधामोहन दास अग्रवाल ने कहा कि कार्यक्रम नागरिकों के योगदान को महत्व देता है और वर्षों से देशभर की प्रेरक कहानियों को लोगों तक पहुंचा रहा है।

    उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने ‘मन की बात’ को दुनिया के लोकप्रिय मासिक कार्यक्रमों में से एक बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से ऐसे लोगों की प्रेरक कहानियां सामने आती हैं, जिनकी मेहनत और उपलब्धियां सामान्यतः चर्चा में नहीं आ पातीं। वहीं बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने इसे देश के विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों को जोड़ने वाला मंच बताया। पूर्व मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह ने कारगिल विजय दिवस पर वीर सैनिकों के साहस और बलिदान को याद करने को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी संदेश बताया।

  • इंडोनेशिया के साथ रक्षा समझौतों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, वैश्विक स्तर पर बढ़ी भारतीय रक्षा तकनीक की साख

    इंडोनेशिया के साथ रक्षा समझौतों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, वैश्विक स्तर पर बढ़ी भारतीय रक्षा तकनीक की साख

    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को प्रसारित ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 136वें एपिसोड में भारत की बढ़ती रक्षा क्षमताओं और स्वदेशी रक्षा तकनीक पर दुनिया के बढ़ते विश्वास का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रक्षा उत्पादन, रक्षा निर्यात और मित्र देशों के साथ रणनीतिक सहयोग के क्षेत्र में भारत लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। प्रधानमंत्री ने हाल ही में हुई अपनी इंडोनेशिया यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइलों से जुड़े महत्वपूर्ण समझौते भारत की रक्षा तकनीक पर वैश्विक भरोसे को दर्शाते हैं।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का रक्षा क्षेत्र अब केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश स्वदेशी तकनीक के दम पर मित्र देशों के लिए भी एक भरोसेमंद रक्षा साझेदार बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक रक्षा उपकरणों के विकास और निर्यात में भारत की बढ़ती भागीदारी आत्मनिर्भर भारत अभियान की सफलता को भी मजबूत कर रही है।

    इंडोनेशिया के साथ हुए समझौतों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि दोनों देशों ने ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल और अस्त्र एयर-टू-एयर मिसाइल से जुड़े महत्वपूर्ण रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाया है। इसके अलावा समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने के लिए भी दोनों देशों ने साझा रूपरेखा तैयार की है। उन्होंने कहा कि इस तरह के समझौते भारत की तकनीकी क्षमता और वैश्विक विश्वसनीयता को नई पहचान दे रहे हैं।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर वर्ष 1999 के युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। उन्होंने कहा कि 26 जुलाई हर भारतीय के लिए गर्व का दिन है, क्योंकि इसी दिन भारतीय सैनिकों ने कठिन परिस्थितियों में अदम्य साहस और वीरता का परिचय देते हुए कारगिल की चोटियों पर विजय प्राप्त की थी। उन्होंने कहा कि देश अपने वीर सैनिकों के बलिदान को कभी नहीं भूल सकता और नई पीढ़ी तक उनकी गाथाएं पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है।

    उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से इस वर्ष विशेष ‘शौर्य विजय यात्रा’ का आयोजन किया गया है। यह मोटरसाइकिल अभियान राष्ट्रीय युद्ध स्मारक, नई दिल्ली से शुरू होकर कारगिल युद्ध स्मारक, द्रास तक पहुंचेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह अभियान देशवासियों को सैनिकों के बलिदान और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण की याद दिलाने का माध्यम बनेगा।

    प्रधानमंत्री ने भारतीय नौसेना में शामिल आधुनिक युद्धपोत आईएनएस महेंद्रगिरी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह युद्धपोत भारत में डिजाइन और निर्मित किया गया है तथा इसमें 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग हुआ है। उनके अनुसार यह भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमता और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का सशक्त उदाहरण है।

    उन्होंने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन द्वारा विकसित पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट प्रणाली और अन्य स्वदेशी रक्षा प्रणालियों का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन उपलब्धियों के पीछे भारतीय वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की वर्षों की मेहनत और नवाचार की भावना है। उन्होंने हाल में सफल रहे स्वदेशी मिसाइल परीक्षणों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत लगातार अपनी रक्षा तैयारियों को आधुनिक और सशक्त बना रहा है।

    प्रधानमंत्री ने देशवासियों से कारगिल विजय दिवस के अवसर पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देने और सुरक्षित, सक्षम तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के संकल्प को और मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत अपने सैनिकों के साहस और स्वदेशी तकनीक की शक्ति के बल पर वैश्विक मंच पर नई पहचान बना रहा है।

  • कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए पीएम मोदी का भारतीय दल को संदेश, कहा- खिलाड़ियों का जज्बा देश को नई प्रेरणा देगा

    कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए पीएम मोदी का भारतीय दल को संदेश, कहा- खिलाड़ियों का जज्बा देश को नई प्रेरणा देगा

    नई दिल्ली । कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के शुभारंभ के साथ भारत ने भी अपने अभियान की शुरुआत कर दी है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय दल को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि देश के खिलाड़ी पूरे जोश, दृढ़ संकल्प और उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ प्रतियोगिता में उतरेंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय एथलीट केवल पदक जीतने के लिए ही नहीं, बल्कि अपने अनुशासन, मेहनत और समर्पण से देश के करोड़ों लोगों को प्रेरित करने के लिए भी पहचाने जाते हैं। प्रधानमंत्री का यह संदेश ऐसे समय आया है जब भारतीय खेल जगत की निगाहें ग्लासगो में होने वाले मुकाबलों पर टिकी हैं।

    प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि भारतीय खिलाड़ियों की प्रतिभा और कठिन परिश्रम हमेशा देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार भी भारतीय दल खेल भावना का परिचय देते हुए शानदार प्रदर्शन करेगा और अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगे का मान बढ़ाएगा। उनके संदेश को खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के लिए उत्साहवर्धक माना जा रहा है।

    स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का उद्घाटन रंगारंग समारोह के साथ हुआ। उद्घाटन की औपचारिक घोषणा किंग चार्ल्स तृतीय ने की। वर्ष 2014 के बाद दूसरी बार ग्लासगो इस बहु-खेल प्रतियोगिता की मेजबानी कर रहा है। उद्घाटन समारोह में विभिन्न देशों के खिलाड़ियों ने परेड ऑफ नेशंस में भाग लिया और अपनी सांस्कृतिक पहचान का प्रदर्शन किया।

    भारतीय दल की अगुवाई इस बार ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू और मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने की। मीराबाई चानू ने हाथों में तिरंगा लेकर भारतीय खिलाड़ियों का नेतृत्व किया, जबकि लवलीना बोरगोहेन ने कॉमनवेल्थ बैटन के साथ समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व किया। दोनों खिलाड़ियों की मौजूदगी ने भारतीय दल का उत्साह और बढ़ा दिया।

    भारत ने इस बार 126 सदस्यीय दल भेजा है, जो पैरा स्पोर्ट्स सहित 13 खेलों में चुनौती पेश करेगा। भारतीय खिलाड़ियों का लक्ष्य कॉमनवेल्थ खेलों में अपने मजबूत प्रदर्शन की परंपरा को आगे बढ़ाना है। प्रतियोगिता के शुरुआती चरण में ही भारत का अभियान शुरू हो चुका है और कुछ खिलाड़ियों ने प्रभावशाली शुरुआत भी की है। मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन पहले ही सेमीफाइनल में पहुंचकर भारत के लिए एक पदक सुनिश्चित कर चुकी हैं, जिससे दल का आत्मविश्वास बढ़ा है।

    भारत की पदक उम्मीदें कई अनुभवी और स्टार खिलाड़ियों पर टिकी हैं। भाला फेंक में नीरज चोपड़ा, वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू और मुक्केबाजी में लवलीना बोरगोहेन से शानदार प्रदर्शन की अपेक्षा की जा रही है। इनके अलावा कई युवा खिलाड़ी भी पहली बार बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए तैयार हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारतीय खिलाड़ी अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन करते हैं तो इस बार भी पदक तालिका में भारत मजबूत स्थान हासिल कर सकता है।

    कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 74 देशों और क्षेत्रों के खिलाड़ी 11 दिनों तक विभिन्न खेलों में प्रतिस्पर्धा करेंगे। यह आयोजन न केवल खिलाड़ियों के कौशल की परीक्षा है, बल्कि खेल भावना, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का भी महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। भारतीय दल का लक्ष्य बेहतर प्रदर्शन के साथ देश का गौरव बढ़ाना और वैश्विक खेल मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराना रहेगा।

  • पेपर लीक मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट के फैसले का मंत्रियों ने किया स्वागत, युवाओं के हित में बताया बड़ा कदम

    पेपर लीक मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट के फैसले का मंत्रियों ने किया स्वागत, युवाओं के हित में बताया बड़ा कदम

    नई दिल्ली । पेपर लीक के मामलों में त्वरित सुनवाई और दोषियों को शीघ्र सजा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन के केंद्र सरकार के फैसले को केंद्रीय मंत्रिपरिषद के कई वरिष्ठ सदस्यों ने महत्वपूर्ण कदम बताया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश के बाद संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही गई है। मंत्रियों का कहना है कि यह व्यवस्था युवाओं के भविष्य की सुरक्षा और भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता को मजबूत करने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगी।

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उनके अनुसार, पेपर लीक जैसे मामलों में तेजी से न्याय सुनिश्चित करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से ऐसे लोगों के खिलाफ शीघ्र और कठोर कार्रवाई संभव होगी जो युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हैं।

    केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भी इस निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि युवाओं का हित और उनका उज्ज्वल भविष्य सरकार के संकल्प का हिस्सा है। उनके अनुसार, फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से पेपर लीक के मामलों में त्वरित सुनवाई और दोषियों को सख्त दंड देने की व्यवस्था लागू होने से भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और विश्वास को मजबूती मिलेगी। उन्होंने इसे युवाओं के हित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया।

    केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार, पेपर लीक जैसी गंभीर चुनौती से निपटने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का निर्णय सरकार की संवेदनशीलता और जवाबदेही को दर्शाता है। उन्होंने इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इस विषय पर सार्थक चर्चा होनी चाहिए।

    कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश की युवा शक्ति विकसित भारत की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन एक महत्वपूर्ण पहल है। उनके अनुसार, सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को कानून के दायरे से बाहर न रहने दिया जाए।

    पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि सरकार का यह निर्णय युवाओं के विश्वास और उनके सपनों की रक्षा के लिए उठाया गया कदम है। उन्होंने कहा कि त्वरित न्यायिक प्रक्रिया से भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता को बढ़ावा मिलेगा। वहीं केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट यह सुनिश्चित करेंगे कि पेपर लीक में शामिल लोगों को शीघ्र सजा मिले और युवाओं को निष्पक्ष अवसर प्राप्त हों।

    केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी इस मुद्दे पर विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार ने केवल बयानबाजी नहीं बल्कि व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कड़े कानूनों के बाद अब फास्ट ट्रैक कोर्ट का निर्णय न्याय प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि संसद इस विषय पर चर्चा के लिए सर्वोत्तम मंच है और युवाओं को राजनीतिक विवाद नहीं बल्कि निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और समयबद्ध न्याय की आवश्यकता है।

  • NEET पेपर लीक पर पीएम मोदी के फास्ट ट्रैक कोर्ट ऐलान का JDU ने किया समर्थन, विपक्ष को दी सदन में चर्चा की नसीहत

    NEET पेपर लीक पर पीएम मोदी के फास्ट ट्रैक कोर्ट ऐलान का JDU ने किया समर्थन, विपक्ष को दी सदन में चर्चा की नसीहत

    नई दिल्ली । नीट पेपर लीक मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की घोषणा के बाद जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) की ओर से पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। पार्टी ने प्रधानमंत्री के फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि इस कदम से दोषियों के खिलाफ त्वरित और प्रभावी कार्रवाई का रास्ता मजबूत होगा। साथ ही यह भी उम्मीद जताई गई कि मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से उन्हें कठोर सजा मिलेगी।

    जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता और विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार ने कहा कि नीट पेपर लीक केवल परीक्षा में शामिल छात्रों का मुद्दा नहीं है, बल्कि इससे लाखों अभिभावकों की भावनाएं भी जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि पूरे देश में इस घटना को लेकर चिंता और नाराजगी का माहौल है। ऐसे समय में प्रधानमंत्री द्वारा फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा यह संदेश देती है कि सरकार मामले को गंभीरता से लेकर त्वरित न्याय सुनिश्चित करना चाहती है।

    उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मामलों में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि दोषियों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द कानून के दायरे में लाया जाए। यदि न्यायिक प्रक्रिया तेज होगी तो इससे छात्रों और अभिभावकों का विश्वास भी मजबूत होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे संयम बनाए रखें और न्याय व्यवस्था पर भरोसा रखें, क्योंकि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की पूरी संभावना है।

    जेडीयू ने इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठाए। नीरज कुमार ने कहा कि यदि इस विषय पर संसद के भीतर विस्तार से चर्चा होती तो पूरे मामले के अलग-अलग पहलुओं पर गंभीर विचार-विमर्श संभव होता। उनके अनुसार, केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से समस्या का समाधान नहीं निकलेगा, बल्कि सभी दलों को मिलकर परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में काम करना चाहिए।

    उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न राज्यों में अतीत में भी कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों से सबक लेते हुए राजनीतिक दलों को अपनी-अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। उनका मानना है कि परीक्षा प्रणाली को प्रभावित करने वाले संगठित नेटवर्क और आधुनिक तकनीकों के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर साझा रणनीति तैयार की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

    नीट पेपर लीक को लेकर देश के कई हिस्सों में छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। विभिन्न शहरों में छात्र निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग कर रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बीच प्रधानमंत्री द्वारा फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की घोषणा को सरकार की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि जांच और न्यायिक प्रक्रिया कितनी तेजी से आगे बढ़ती है तथा इससे छात्रों और अभिभावकों का भरोसा किस हद तक बहाल हो पाता है। आने वाले दिनों में इस मामले में होने वाली कानूनी कार्रवाई और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े व्यापक विमर्श को भी नई दिशा दे सकती हैं।

  • वैश्विक अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की सतर्कता से शेयर बाजार दबाव में, सेंसेक्स 77,500 के नीचे बंद, लार्जकैप शेयरों में बढ़ी बिकवाली

    वैश्विक अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की सतर्कता से शेयर बाजार दबाव में, सेंसेक्स 77,500 के नीचे बंद, लार्जकैप शेयरों में बढ़ी बिकवाली

    नई दिल्ली । कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे आज अपना 84वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित सत्ता और विपक्ष के कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से जारी संदेशों में उनके स्वस्थ, दीर्घायु और सक्रिय सार्वजनिक जीवन की कामना की गई। जन्मदिन के मौके पर नेताओं के शुभकामना संदेशों ने लोकतांत्रिक परंपराओं और राजनीतिक शिष्टाचार की भावना को भी रेखांकित किया।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मल्लिकार्जुन खरगे को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि ईश्वर उन्हें स्वस्थ और लंबा जीवन प्रदान करें। प्रधानमंत्री के संदेश के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी अपने-अपने स्तर पर उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

    लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी मल्लिकार्जुन खरगे को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके सुखद, स्वस्थ और मंगलमय जीवन की कामना की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी उन्हें बधाई संदेश भेजते हुए स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की शुभकामनाएं व्यक्त कीं। सत्ता पक्ष के वरिष्ठ नेताओं की ओर से आए इन संदेशों को राजनीतिक सौहार्द का सकारात्मक उदाहरण माना जा रहा है।

    कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। पार्टी नेताओं ने उनके लंबे राजनीतिक जीवन, संगठनात्मक क्षमता और सामाजिक न्याय, संविधान तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनके समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में पार्टी जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

    उत्तर प्रदेश कांग्रेस सहित पार्टी की विभिन्न प्रदेश इकाइयों ने भी उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके नेतृत्व को करोड़ों कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणादायक बताया। संदेशों में उनके सार्वजनिक जीवन के लंबे अनुभव, संगठन निर्माण में योगदान और लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का उल्लेख किया गया। साथ ही उनके स्वस्थ, यशस्वी और दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की गई।

    समाजवादी पार्टी ने भी मल्लिकार्जुन खरगे को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके स्वस्थ, प्रसन्न और दीर्घायु जीवन की कामना की। विभिन्न दलों के नेताओं द्वारा भेजे गए शुभकामना संदेशों ने यह भी दर्शाया कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बावजूद व्यक्तिगत सम्मान और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का निर्वहन भारतीय राजनीति की महत्वपूर्ण परंपरा का हिस्सा है।

    मल्लिकार्जुन खरगे भारतीय राजनीति के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। उन्होंने लंबे समय तक संगठन और संसदीय राजनीति में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। वर्तमान में वह कांग्रेस अध्यक्ष के साथ-साथ राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं। उनके राजनीतिक अनुभव और संसदीय कार्यशैली को राष्ट्रीय राजनीति में विशेष महत्व दिया जाता है।

    जन्मदिन के अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सामाजिक सेवा से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया। कई स्थानों पर रक्तदान शिविर, पौधारोपण, जरूरतमंदों की सहायता और अन्य जनकल्याणकारी गतिविधियां आयोजित की गईं। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने संगठन को और मजबूत बनाने तथा जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

  • कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का जन्मदिन आज, सत्ता और विपक्ष के नेताओं ने दी बधाई; दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का जन्मदिन आज, सत्ता और विपक्ष के नेताओं ने दी बधाई; दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना

    नई दिल्ली । कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे आज अपना 84वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित सत्ता और विपक्ष के कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सफल सार्वजनिक जीवन की कामना की। विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से आए शुभकामना संदेशों ने लोकतांत्रिक परंपराओं और राजनीतिक शिष्टाचार की एक सकारात्मक तस्वीर भी प्रस्तुत की।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मल्लिकार्जुन खरगे को जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा कि वह उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं और ईश्वर से उनके दीर्घायु तथा उत्तम स्वास्थ्य की कामना करते हैं। प्रधानमंत्री के संदेश के बाद विभिन्न दलों के नेताओं ने भी अपने-अपने संदेशों के माध्यम से उन्हें जन्मदिन की बधाई दी।

    लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी मल्लिकार्जुन खरगे को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ, प्रसन्न और मंगलमय जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में उनका अनुभव लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी उन्हें जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की।

    कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। पार्टी नेताओं ने उनके लंबे राजनीतिक जीवन, संगठनात्मक अनुभव और सामाजिक न्याय, संविधान तथा जनसेवा के प्रति समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों और जनहित के मुद्दों को मजबूती से आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है।

    उत्तर प्रदेश कांग्रेस सहित पार्टी की विभिन्न प्रदेश इकाइयों ने भी उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके नेतृत्व को कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणादायक बताया। शुभकामना संदेशों में उनके लंबे सार्वजनिक जीवन और संगठन को मजबूत बनाने में निभाई गई भूमिका का उल्लेख किया गया। साथ ही उनके स्वस्थ, सक्रिय और यशस्वी जीवन की कामना भी की गई।

    समाजवादी पार्टी ने भी मल्लिकार्जुन खरगे को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके स्वस्थ, प्रसन्न और दीर्घायु जीवन की प्रार्थना की। विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से आए इन संदेशों को लोकतांत्रिक परंपरा और राजनीतिक सौहार्द का प्रतीक माना जा रहा है, जहां वैचारिक मतभेदों के बावजूद व्यक्तिगत सम्मान और शुभकामनाओं का आदान-प्रदान जारी रहता है।

    मल्लिकार्जुन खरगे भारतीय राजनीति के वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। वर्तमान में वह कांग्रेस अध्यक्ष होने के साथ-साथ राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका भी निभा रहे हैं। संसदीय राजनीति, संगठन और प्रशासनिक अनुभव के कारण उन्हें राष्ट्रीय राजनीति के प्रमुख नेताओं में शामिल किया जाता है।

    उनके जन्मदिन के अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सेवा और जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रमों का भी आयोजन किया। कई स्थानों पर रक्तदान शिविर, पौधारोपण, जरूरतमंदों को खाद्य सामग्री वितरण और अन्य सामाजिक गतिविधियां आयोजित की गईं। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने संगठन को और मजबूत बनाने तथा जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।