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  • देशभर में सक्रिय हुआ मानसून…. दिल्ली-यूपी समेत 18 राज्यों में आज भारी बारिश का अलर्ट!

    देशभर में सक्रिय हुआ मानसून…. दिल्ली-यूपी समेत 18 राज्यों में आज भारी बारिश का अलर्ट!


    नई दिल्ली।
    देशभर में मानसून (Monsoon) अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और कई राज्यों में इसका असर लगातार तेज होता जा रहा है. इसी बीच मौसम विभाग ने 10 जुलाई के लिए दिल्ली (Delhi), उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) सहित 18 राज्यों में भारी बारिश (Heavy rain), तेज आंधी और खराब मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है. विभाग के अनुसार कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. ऐसे में लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने और मौसम से जुड़ी आधिकारिक सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

    मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले 48 घंटे के दौरान बारिश का दौर और तेज हो सकता है. दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में तेज बारिश के साथ आंधी चलने की संभावना है. कई स्थानों पर जलभराव, यातायात प्रभावित होने और पेड़ गिरने जैसी घटनाएं भी सामने आ सकती हैं।


    पहाड़ी राज्यों में बढ़ सकता है खतरा

    हिमालयी राज्यों में लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन, चट्टानें गिरने और नदियों-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका जताई गई है. पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है. प्रशासन भी संवेदनशील इलाकों पर नजर बनाए हुए है.


    पूर्वी भारत में बिजली गिरने का खतरा

    पूर्वी भारत के कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है. मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है.


    देश के 18 राज्यों में बारिश और तेज आंधी का अलर्ट

    भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 10 जुलाई के लिए देश के 18 राज्यों में भारी बारिश और तेज आंधी की चेतावनी जारी की है. प्रभावित राज्यों में उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, मेघालय, महाराष्ट्र और केरल शामिल हैं. विभाग के अनुसार कई इलाकों में 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं, कुछ राज्यों में बड़े आकार के ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है।


    मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी

    समुद्र और नदी किनारे रहने वाले लोगों के साथ-साथ मछुआरों को भी सतर्क रहने को कहा गया है. विभाग ने खराब मौसम को देखते हुए समुद्र में नहीं जाने और नदी तटीय क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह जारी की है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है. इसके साथ ही मानसून ट्रफ उत्तर-पश्चिम राजस्थान से उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है. यही प्रणाली कई राज्यों में लगातार बारिश और तेज हवाओं की वजह बन रही है।


    किन राज्यों पर रहेगी सबसे ज्यादा नजर?

    मौसम विभाग के अनुसार 10 जुलाई को दिल्ली, उत्तर प्रदेश समेत कुल 18 राज्यों में कहीं भारी तो कहीं बहुत भारी बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक का दौर देखने को मिल सकता है. कई जिलों के लिए अलग-अलग स्तर के अलर्ट भी जारी किए गए हैं. आगे हम राज्यवार और जिला स्तर पर जानेंगे कि 10 जुलाई को कहां सबसे ज्यादा बारिश की संभावना है, किन जिलों में तेज आंधी चल सकती है और किन इलाकों में लोगों को विशेष सतर्क रहने की जरूरत होगी।

  • बारिश से बेहाल मध्यप्रदेश अंडरब्रिज डूबे नदियां उफान पर कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी

    बारिश से बेहाल मध्यप्रदेश अंडरब्रिज डूबे नदियां उफान पर कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में मानसून अब पूरे शबाब पर है और लगातार हो रही बारिश ने प्रदेश के कई जिलों में जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। बीते चौबीस घंटे के दौरान 40 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। धार में सबसे अधिक करीब 2.4 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई जबकि राजगढ़ रतलाम शिवपुरी टीकमगढ़ खरगोन भोपाल और उज्जैन सहित कई जिलों में झमाझम बारिश हुई। लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर नदी नाले उफान पर आ गए हैं और लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है।

    शाजापुर जिले में हालात ऐसे बन गए कि शिक्षकों को जान जोखिम में डालकर उफनता नाला पार कर स्कूल पहुंचना पड़ा। वहीं रतलाम में सागोद रोड से ईश्वर नगर जाने वाले अंडरब्रिज में पानी भर जाने से आवागमन प्रभावित हो गया। कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं और लोगों को लंबा रास्ता तय कर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा।

    प्रदेश के कई हिस्सों में बुधवार सुबह से रिमझिम और तेज बारिश का दौर जारी है। कहीं पिछले 16 घंटे से लगातार मध्यम और तेज बारिश हो रही है तो कहीं सुबह से आसमान में बादल छाए रहने के साथ लगातार फुहारें पड़ रही हैं। इस बारिश से जहां उमस और गर्मी से राहत मिली है वहीं निचले इलाकों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में नदी नालों के उफान ने लोगों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं।

    भोपाल के जलस्रोतों पर भी बारिश का सकारात्मक असर दिखाई देने लगा है। कुलांस नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है जिससे राजधानी के बड़े तालाब में पानी की आवक तेज हो गई है। दूसरी ओर ग्रामीण इलाकों में लगातार बारिश के कारण कई छोटे बड़े नाले उफान पर हैं। कई गांवों का संपर्क अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ है और प्रशासन लोगों से अनावश्यक रूप से नदी नाले पार नहीं करने की अपील कर रहा है।

    मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के लिए प्रदेश में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार कई स्थानों पर चौबीस घंटे के दौरान चार से आठ इंच तक बारिश हो सकती है। श्योपुर शिवपुरी गुना अशोकनगर सागर और टीकमगढ़ जिलों के लिए अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है जहां लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

    इसके अलावा ग्वालियर मुरैना भिंड दतिया निवाड़ी छतरपुर दमोह कटनी जबलपुर नरसिंहपुर रायसेन नर्मदापुरम विदिशा सीहोर राजगढ़ आगर मालवा उज्जैन इंदौर धार झाबुआ नीमच और मंदसौर में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल देवास हरदा बैतूल खरगोन बड़वानी खंडवा बुरहानपुर छिंदवाड़ा सिवनी मंडला बालाघाट पन्ना सतना रीवा सीधी शहडोल और सिंगरौली सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
    इसके अलावा ग्वालियर मुरैना भिंड दतिया निवाड़ी छतरपुर दमोह कटनी जबलपुर नरसिंहपुर रायसेन नर्मदापुरम विदिशा सीहोर राजगढ़ आगर मालवा उज्जैन इंदौर धार झाबुआ नीमच और मंदसौर में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल देवास हरदा बैतूल खरगोन बड़वानी खंडवा बुरहानपुर छिंदवाड़ा सिवनी मंडला बालाघाट पन्ना सतना रीवा सीधी शहडोल और सिंगरौली सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

    मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान नदी नालों से दूर रहें जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करें। लगातार सक्रिय मानसून को देखते हुए आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर और तेज होने की संभावना बनी हुई है।

  • उत्तराखंड में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, 32 सड़कें बंद, नदियां उफान पर

    उत्तराखंड में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, 32 सड़कें बंद, नदियां उफान पर


    नई दिल्ली। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। प्रदेश के कई हिस्सों में भूस्खलन की घटनाओं के कारण पहाड़ों से चट्टानें और मलबा सड़क पर आ गया है, जिससे आवागमन बाधित हो गया है। वहीं, लगातार बारिश से अलकनंदा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और वे उफान पर बह रही हैं।

    राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, भूस्खलन और मलबा आने की वजह से प्रदेश में फिलहाल 32 सड़कें बंद हैं। प्रशासन ने बताया कि प्रभावित मार्गों से चट्टानें और मलबा हटाने का काम युद्ध स्तर पर किया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द यातायात बहाल किया जा सके। इसके लिए संबंधित विभागों की टीमें लगातार मौके पर जुटी हुई हैं।

    मंगलवार को राज्य के कई इलाकों में भारी वर्षा दर्ज की गई। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के मुताबिक सबसे अधिक 107 मिमी बारिश पंतनगर में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा चोरगलिया में 79.5 मिमी, रुद्रपुर में 43.5 मिमी, यमकेश्वर में 38 मिमी और किच्छा में 32.5 मिमी वर्षा हुई। खानपुर में 27 मिमी, जबकि देहरादून और लक्सर में 19-19 मिमी बारिश दर्ज की गई। अन्य क्षेत्रों में हाथीबड़कला में 15 मिमी, पिथौरागढ़ में 8.9 मिमी और लोहाघाट में 8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।

    मौसम विज्ञान केंद्र ने बुधवार को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। साथ ही देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों के कुछ इलाकों में भारी बारिश का अनुमान व्यक्त किया गया है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है।

  • मुंबई-दक्षिण गुजरात में बारिश बनी रेल संकट की वजह, पश्चिम रेलवे की 40 से अधिक ट्रेनें प्रभावित; हजारों यात्रियों को झेलनी पड़ी परेशानी

    मुंबई-दक्षिण गुजरात में बारिश बनी रेल संकट की वजह, पश्चिम रेलवे की 40 से अधिक ट्रेनें प्रभावित; हजारों यात्रियों को झेलनी पड़ी परेशानी

    नई दिल्ली। मुंबई और दक्षिण गुजरात में मानसून की तेज बारिश ने सोमवार को पश्चिम रेलवे के रेल परिचालन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया। कई स्थानों पर रेल पटरियों पर जलभराव होने से लंबी दूरी की ट्रेनों की आवाजाही बाधित हो गई। इसके चलते 40 से अधिक ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं और हजारों यात्रियों को देरी, रद्दीकरण तथा मार्ग परिवर्तन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। स्थिति को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने राहत एवं सहायता कार्य तेज करते हुए प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों के लिए भोजन, पेयजल और सहायता केंद्रों की व्यवस्था की है।

    सबसे अधिक असर वसई रोड-विरार तथा सफाले-पालघर रेलखंड पर देखने को मिला, जहां भारी जलभराव के कारण ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई। दोपहर तक विरार, वाणगांव, पालघर, दहानू रोड और वलसाड सहित कई स्टेशनों पर लंबी दूरी की अनेक ट्रेनों को रोकना पड़ा। जलभराव के कारण कई रेलगाड़ियों की गति धीमी करनी पड़ी, जबकि कुछ ट्रेनों को सुरक्षा कारणों से निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई।

    रेलवे अधिकारियों के अनुसार, दिनभर में 40 से अधिक ट्रेन सेवाएं किसी न किसी रूप में प्रभावित रहीं। इनमें कई ट्रेनों का समय बदला गया, कुछ को रद्द करना पड़ा और कई रेलगाड़ियों को उनके निर्धारित गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही समाप्त कर दिया गया। इससे देश के विभिन्न हिस्सों से आने-जाने वाले यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।

    महाराष्ट्र के पालघर जिले में स्थिति सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण रही, जहां सुबह कुछ ही घंटों के भीतर अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण रेल पटरियां जलमग्न हो गईं, जिससे परिचालन सामान्य बनाए रखना मुश्किल हो गया। इसके प्रभाव से कई प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनें रास्ते में फंस गईं। वहीं, गुजरात की ओर से आने वाली कुछ ट्रेनों को एहतियातन वापी और सूरत जैसे स्टेशनों पर रोक दिया गया ताकि प्रभावित रेलखंड पर अतिरिक्त दबाव न बढ़े।

    यात्रियों की सुविधा के लिए पश्चिम रेलवे ने राहत व्यवस्था भी शुरू की। विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से फंसे यात्रियों को भोजन और पेयजल उपलब्ध कराया गया। प्रमुख स्टेशनों पर सहायता केंद्र स्थापित किए गए, जहां यात्रियों को ट्रेन संचालन से जुड़ी जानकारी और आवश्यक सहयोग दिया जा रहा है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

    भारी बारिश का असर केवल लंबी दूरी की ट्रेनों तक सीमित नहीं रहा। मुंबई की उपनगरीय लोकल रेल सेवाएं भी प्रभावित हुईं। बोरीवली और चर्चगेट के बीच लोकल ट्रेनें निर्धारित समय से देरी से चलीं, जबकि विरार-दहानू खंड पर परिचालन सबसे अधिक प्रभावित रहा। इससे दैनिक यात्रियों को भी कार्यालय और अन्य गंतव्यों तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

    रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन की ताजा स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। अधिकारियों का कहना है कि मौसम की परिस्थितियों के अनुसार परिचालन में आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं और जैसे ही जलभराव की स्थिति सामान्य होगी, ट्रेन सेवाओं को पूरी तरह बहाल करने का प्रयास किया जाएगा। फिलहाल प्रभावित रेलखंडों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आवश्यक तकनीकी एवं राहत दल मौके पर तैनात हैं।

  • MP में जुलाई में मानसून मेहरबान, आज 23 जिलों में आज भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट

    MP में जुलाई में मानसून मेहरबान, आज 23 जिलों में आज भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून पूरी रफ्तार में है। जुलाई की शुरुआत से ही प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। अब तक राज्य में औसतन 163.1 मिमी (6.4 इंच) वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। रविवार को 20 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश हुई, जबकि सोमवार के लिए मौसम विभाग ने 23 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

    मौसम केंद्र, भोपाल के अनुसार सोमवार को सागर, दमोह, बैतूल, देवास, आलीराजपुर, उमरिया, सिवनी, छिंदवाड़ा और अनूपपुर जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं रतलाम, उज्जैन, धार, शाजापुर, सीहोर, विदिशा, गुना, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और पन्ना में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    इसके अलावा ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, झाबुआ, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, आगर-मालवा, राजगढ़ और भोपाल में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है।

    रविवार को भी कई जिलों में जमकर बरसे बादल
    रविवार को प्रदेश के 25 से ज्यादा जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सीहोर में दिन के समय घने बादलों के कारण अंधेरा छा गया, जबकि मंदसौर में इस मानसून सीजन में अब तक 6.04 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। शाजापुर में सर्वाधिक 28 मिमी वर्षा हुई, जिससे कालीसिंध नदी उफान पर पहुंच गई।

    मौसम विभाग के मुताबिक, छिंदवाड़ा में ढाई इंच से अधिक बारिश हुई। सिवनी, उज्जैन और श्योपुर में करीब पौन इंच, जबकि टीकमगढ़ और ग्वालियर में लगभग आधा इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा दतिया, गुना, इंदौर, राजगढ़, जबलपुर, मंडला, नरसिंहपुर, रीवा, सागर, सीधी, बालाघाट, शाजापुर, भिंड, विदिशा, सीहोर, मंदसौर और पांढुर्णा में भी बारिश और आंधी का असर देखने को मिला।

    तापमान में आई गिरावट
    लगातार हो रही बारिश के चलते प्रदेशभर में तापमान में भी कमी दर्ज की गई। इंदौर का अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री सेल्सियस, भोपाल 32.2 डिग्री, उज्जैन 32.7 डिग्री, जबलपुर 34 डिग्री और ग्वालियर 37.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। खजुराहो सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि बैतूल में सबसे कम 27 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    सामान्य से 6 प्रतिशत कम बारिश
    इस वर्ष जून महीने से ही प्रदेश में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी है। 5 जुलाई तक मध्य प्रदेश में कुल 163.1 मिमी यानी 6.4 इंच वर्षा दर्ज की गई है। हालांकि यह सामान्य औसत 172.8 मिमी (6.8 इंच) की तुलना में लगभग 6 प्रतिशत कम है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सामान्य से 29 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 17 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

  • बारिश में भीग गया स्मार्टफोन? घबराने की बजाय तुरंत अपनाएं ये आसान उपाय, सही समय पर उठाया कदम बचा सकता है आपका मोबाइल

    बारिश में भीग गया स्मार्टफोन? घबराने की बजाय तुरंत अपनाएं ये आसान उपाय, सही समय पर उठाया कदम बचा सकता है आपका मोबाइल

    नई दिल्ली । मानसून के मौसम में अचानक होने वाली बारिश अक्सर लोगों के स्मार्टफोन के लिए बड़ी परेशानी बन जाती है। बाहर निकलते समय जेब या बैग में रखा मोबाइल कई बार पानी की चपेट में आ जाता है। ऐसे में घबराकर जल्दबाजी में उठाया गया एक गलत कदम फोन को हमेशा के लिए खराब कर सकता है। इसलिए मोबाइल भीगने के बाद सही तरीके अपनाना बेहद जरूरी होता है।

    अगर फोन बारिश में भीग जाए तो सबसे पहले उसे तुरंत स्विच ऑफ कर देना चाहिए। यदि डिवाइस पहले से बंद है तो उसे चालू करने की कोशिश बिल्कुल नहीं करनी चाहिए। पानी के संपर्क में आने के बाद फोन के अंदर शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में फोन ऑन रहने या बार-बार चालू करने का प्रयास करने से मदरबोर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।

    भीगे हुए मोबाइल को तुरंत चार्जिंग पर लगाना भी नुकसानदायक साबित हो सकता है। कई लोग यह जांचने के लिए कि फोन काम कर रहा है या नहीं, उसे चार्जर से जोड़ देते हैं। ऐसा करने से शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है और फोन पूरी तरह खराब हो सकता है। इसलिए जब तक फोन पूरी तरह सूख न जाए, उसे चार्जिंग से दूर रखना ही सुरक्षित माना जाता है।

    फोन बंद करने के बाद सिम कार्ड और मेमोरी कार्ड को बाहर निकाल लेना चाहिए। यदि मोबाइल की बैटरी निकालना संभव हो तो उसे भी अलग कर देना बेहतर रहता है। इससे डिवाइस के अंदर हवा का प्रवाह बढ़ता है और नमी जल्दी सूखने में मदद मिलती है। साथ ही सिम और मेमोरी कार्ड को भी संभावित नुकसान से बचाया जा सकता है।

    इसके बाद फोन के बाहरी हिस्से को साफ और सूखे सूती कपड़े या टिश्यू पेपर से धीरे-धीरे पोंछना चाहिए। स्क्रीन, बैक पैनल और किनारों पर मौजूद पानी को सावधानी से हटाएं। इस दौरान फोन को जोर से हिलाने या झटकने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे पानी अंदर तक पहुंच सकता है और नुकसान बढ़ सकता है।

    मोबाइल को सुखाने के लिए हेयर ड्रायर या किसी अन्य गर्म हवा वाले उपकरण का उपयोग नहीं करना चाहिए। तेज गर्म हवा फोन के अंदर मौजूद प्लास्टिक और अन्य संवेदनशील हिस्सों को नुकसान पहुंचा सकती है। इसके अलावा हवा का दबाव पानी को बाहर निकालने के बजाय अंदर की ओर धकेल सकता है, जिससे समस्या और गंभीर हो सकती है।

    मानसून के दौरान मोबाइल को सुरक्षित रखने के लिए वॉटरप्रूफ कवर या सुरक्षित पाउच का इस्तेमाल करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। यदि फोन लंबे समय तक पानी में रहा हो या पूरी तरह सूखने के बाद भी सामान्य रूप से काम न करे, तो उसे स्वयं खोलने की बजाय सर्विस सेंटर में जांच कराना बेहतर रहेगा। सही समय पर बरती गई सावधानियां स्मार्टफोन को गंभीर नुकसान से बचाने के साथ उसकी कार्यक्षमता बनाए रखने में भी मदद करती हैं।

  • बारिश में जूतों से आने वाली बदबू से हैं परेशान? घर की 4 आसान चीजें मिनटों में दूर करें नमी, बैक्टीरिया और दुर्गंध की समस्या

    बारिश में जूतों से आने वाली बदबू से हैं परेशान? घर की 4 आसान चीजें मिनटों में दूर करें नमी, बैक्टीरिया और दुर्गंध की समस्या

    नई दिल्ली । मानसून का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन इसके साथ कई छोटी-बड़ी परेशानियां भी लेकर आता है। इनमें जूतों से आने वाली बदबू एक आम समस्या है, जिससे कई लोग रोजमर्रा की जिंदगी में असहज महसूस करते हैं। ऑफिस, स्कूल, कॉलेज या किसी सामाजिक कार्यक्रम में जूते उतारते समय अगर उनमें से तेज दुर्गंध आने लगे तो यह शर्मिंदगी का कारण बन सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार इसकी मुख्य वजह बारिश के मौसम में बढ़ी हुई नमी और बैक्टीरिया का तेजी से पनपना है।

    बारिश के दिनों में पैर अक्सर पसीने या पानी के संपर्क में रहते हैं। जब नमी लंबे समय तक जूतों के अंदर बनी रहती है तो बैक्टीरिया और फंगस विकसित होने लगते हैं। यही सूक्ष्म जीव दुर्गंध पैदा करते हैं। यदि समय रहते जूतों की सफाई और देखभाल न की जाए तो समस्या और बढ़ सकती है।

    इस परेशानी से राहत पाने के लिए महंगे उत्पादों की जरूरत नहीं होती। घर में मौजूद कुछ सामान्य चीजों का सही तरीके से उपयोग कर जूतों की बदबू को काफी हद तक कम किया जा सकता है। सबसे प्रभावी उपायों में बेकिंग सोडा शामिल है। रात में सोने से पहले जूतों के अंदर थोड़ा-सा बेकिंग सोडा छिड़कने से यह अतिरिक्त नमी और दुर्गंध को सोख लेता है। सुबह जूतों को अच्छी तरह झाड़कर साफ कर दें। इससे जूते अधिक ताजगी भरे महसूस होते हैं।

    सूखी चाय की पत्ती या इस्तेमाल किए गए और अच्छी तरह सुखाए गए टी-बैग भी इस समस्या में उपयोगी साबित हो सकते हैं। इन्हें कुछ घंटों के लिए जूतों के अंदर रखने से नमी कम होती है और दुर्गंध पैदा करने वाले बैक्टीरिया की सक्रियता घटती है। यह तरीका विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभदायक है जो रोजाना लंबे समय तक जूते पहनते हैं।

    अगर बारिश में जूते भीग गए हों तो उन्हें तुरंत सुखाना बेहद जरूरी है। इसके लिए पुराने अखबार का इस्तेमाल किया जा सकता है। अखबार को मोड़कर जूतों के अंदर भर देने से वह तेजी से नमी सोख लेता है। यदि अखबार पूरी तरह गीला हो जाए तो उसे बदलकर दूसरा सूखा अखबार रख दें। इससे जूतों के अंदर नमी जमा नहीं होती और बैक्टीरिया के पनपने की संभावना कम हो जाती है।

    इसके अलावा, जब भी मौसम साफ हो और धूप निकले, जूतों को कुछ समय के लिए खुली हवा और धूप में जरूर रखें। सूर्य की किरणें प्राकृतिक रूप से नमी कम करने के साथ बैक्टीरिया और फंगस की वृद्धि को भी रोकने में मदद करती हैं। नियमित रूप से जूतों को हवा लगने देने से उनमें ताजगी बनी रहती है और दुर्गंध की समस्या दोबारा होने की संभावना कम होती है।

    मानसून के दौरान जूतों की साफ-सफाई और सही देखभाल पर थोड़ा-सा ध्यान देकर बदबू की समस्या से आसानी से बचा जा सकता है। घरेलू उपाय न केवल किफायती हैं, बल्कि नियमित उपयोग से जूतों की स्वच्छता बनाए रखने और पैरों को संक्रमण से सुरक्षित रखने में भी मददगार साबित होते हैं।

  • पूरे देश में सक्रिय हुआ मानसून….. आज दिल्ली-NCR समेत 20 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट

    पूरे देश में सक्रिय हुआ मानसून….. आज दिल्ली-NCR समेत 20 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट


    नई दिल्ली।
    मानसून (Monsoon) देश के सभी राज्यों में पहुंच चुका है। गुजरात (Gujarat) में शुक्रवार रात और शनिवार सुबह तेज बारिश से बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। गुजरात (Gujarat) के मेंडरडा इलाके (Mendarda) में समधियाला गांव के पास बाढ़ के पानी में चार गाड़ियां फंस गईं, जिसमें से 19 लोगों का बचाया गया। महाराष्ट्र (Maharashtra) के भिवंडी में बाजार में करीब 3 फीट तक पानी भर गया। दुकानें बंद हो गईं। लोग कमर तक डूबकर सड़क पार कर रहे हैं।

    राजस्थान के जयपुर में तेज बारिश के बाद सवाई मानसिंह हॉस्पिटल के माइनर ओटी में पानी भर गया। यहां से मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया। मध्य प्रदेश के भोपाल-इंदौर समेत 26 से ज्यादा जिलों में शुक्रवार को तेज बारिश हुई। उज्जैन में दो दिन पहले पुलिया पार करते समय बाइक समेत बहे पंचायत सहायक का शव भी बरामद हुआ है। उत्तर प्रदेश के 20 जिलों में बारिश हुई। कानपुर में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में पानी भर गया। कारें-बाइक आधी डूब गईं।

    वहीं जम्मू-कश्मीर में शनिवार सुबह रामनगर-उधमपुर रोड पर कौघा के पास भूस्खलन (लैंडस्लाइड)से सड़क पर बड़े-बड़े पत्थर और मलबा आ गया, जिसके कारण रास्ता बंद कर दिया गया। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग स्थित केदारघाटी में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से जेसीबी और उसके दो कर्मचारी नदी के तेज बहाव में फंस गए। एसडीआरएफ और जल पुलिस की टीम ने तत्काल बचाव अभियान चलाकर चालक और उसके सहयोगी को सुरक्षित बाहर निकाला।


    किन 20 राज्यों के लिए आंधी-बारिश का अलर्ट हुआ जारी?

    मौसम विभाग ने रविवार के लिए 20 राज्यों में आंधी-बारिश और तूफान को लेकर अलर्ट जारी किया है। बारिश की चेतावनी वाले राज्यों में दिल्ली से लेकर यूपी-बिहार और राजस्थान सहित पंजाब-हरियाणा भी शामिल है। 61 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अलर्ट भी जारी किया गया है। अगले चार दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून गुजरात, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के बाकी हिस्सों में आगे बढ़ेगा। विभाग के अनुसार, अगले चार-पांच दिनों तक मध्य भारत में मानसून सक्रिय रहेगा।


    दिल्ली एनसीआर के लिए मौसम विभाग ने यलो अलर्ट किया जारी

    दिल्ली एनसीआर के कई इलाकों में भी शनिवार को बारिश हुई, जिससे लोगों की गर्मी से राहत मिली। दिन के ज्यादातर समय आसमान में बादल छाए रहे और सुबह के समय हवा में नमी 77 प्रतिशत थी। मौसम विभाग ने रविवार के लिए भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी-तूफान की संभावना है।


    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट, स्कूल-कॉलेज बंद कराए

    बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (बीएमसी) ने मुंबई में स्कूल और कॉलेज दोपहर के सत्र के लिए बंद करा दिए हैं। मौसम विभाग ने यहां बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। बीएमसी ने नागरिकों से यह भी अपील की है कि वे घर से तभी निकलें जब बहुत जरूरी हो। इस बीच मुंबई के ठाणे शहर के कलवा इलाके में शनिवार सुबह भारी बारिश के दौरान दो-पहिया वाहनों पर पेड़ गिरने से दो लोग घायल हो गए। दहिसर ईस्ट और अंधेरी वेस्ट के बीच मेट्रो में तकनीकी खराबी के कारण पीक आवर्स में ट्रेनों की सर्विस डेढ़ घंटे प्रभावित रही। लाइन 2-ए पर दहिसर ईस्ट और कंदरपाड़ा मेट्रो स्टेशनों के बीच भी तकनीकी खराबी के कारण परिचालन प्रभावित हुआ।


    हिमाचल : लाहौल में सड़क बही नीलकंठ झील यात्रा रुकी

    हिमाचल प्रदेश में लाहौल घाटी में उफनाए चोखंग नाले ने मूरिंग-नैनगार सड़क का करीब 200 मीटर हिस्सा बहा दिया। इससे प्रसिद्ध नीलकंठ झील यात्रा रोक दी गई है। रामपुर के गानवी खड्ड पर बना अस्थायी पुल भी बह गया, जिससे कई पंचायतों का संपर्क कट गया। कुल्लू में ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने पर राफ्टिंग पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। चंबा-तीसा मार्ग भूस्खलन से कुछ समय के लिए बंद रहा, जबकि 12 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।


    भारी बारिश से उड़ानों पर असर, पांच विमान दूसरे हवाई अड्डों पर उतारे गए

    मुंबई में शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा। खराब मौसम, कम दृश्यता और सुरक्षित लैंडिंग में दिक्कत के कारण मुंबई आने वाली पांच उड़ानों को दूसरे हवाई अड्डों की ओर मोड़ना पड़ा। हवाई अड्डे के सूत्रों के अनुसार, इनमें इंडिगो की तीन और एअर इंडिया की दो उड़ानें शामिल थीं। इसके अलावा 17 अन्य उड़ानों के पायलटों ने भी मौसम की स्थिति को देखते हुए मार्ग में बदलाव किया।

  • एमपी में आज इंदौर समेत 20 जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट, 9 जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी

    एमपी में आज इंदौर समेत 20 जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट, 9 जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और लगातार हो रही बारिश से प्रदेश का अधिकांश हिस्सा तरबतर हो गया है। शनिवार को 20 से अधिक जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई, जबकि मौसम विभाग ने रविवार के लिए प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में सबसे अधिक असर रहने की संभावना जताई गई है।

    मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, रविवार को रतलाम, धार, बड़वानी, शाजापुर, बैतूल, पांढुर्णा, मंडला, बालाघाट और डिंडौरी जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

    इसके अलावा नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, उज्जैन, इंदौर, खरगोन, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, नर्मदापुरम, रायसेन, छिंदवाड़ा, सिवनी, अनूपपुर, कटनी, पन्ना, झाबुआ और अलीराजपुर में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक वर्षा होने का अनुमान है।

    वहीं ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, भोपाल, सागर, नरसिंहपुर, जबलपुर, उमरिया, शहडोल, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, सतना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है।

    लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित
    शनिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में हुई तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा। कई नदियां और नाले उफान पर आ गए, जिससे अनेक गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया। कई स्थानों पर घरों और खेतों में पानी भर गया, जबकि पुल-पुलियों और सड़कों पर पानी बहने से यातायात बाधित हुआ।

    हरदा जिले में भारी बारिश के कारण कई गांवों का संपर्क कट गया। ग्राम मांदला के पास कालीमाचक नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी पुल से करीब तीन फीट ऊपर बहने लगा, जिसके चलते नर्मदापुरम-खंडवा स्टेट हाईवे पर आवागमन रोकना पड़ा।

    20 से अधिक जिलों में बरसे बादल, तापमान में आई गिरावट
    शनिवार को बैतूल, धार, इंदौर, खरगोन, पचमढ़ी, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, हरदा, सीहोर, पन्ना, बड़वानी, देवास और रतलाम सहित 20 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई।

    बारिश के चलते दिन के तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट आई। धार प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बैतूल में 26 डिग्री, मलाजखंड में 26.5 डिग्री, खंडवा में 28.1 डिग्री और सिवनी में 29.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    प्रदेश के प्रमुख शहरों में इंदौर का अधिकतम तापमान 26.2 डिग्री, भोपाल का 30.8 डिग्री, उज्जैन का 31.8 डिग्री, जबलपुर का 33.8 डिग्री और ग्वालियर का 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

  • Monsoon: कहीं मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त -व्यस्त.. तो कहीं बूंदाबांदी

    Monsoon: कहीं मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त -व्यस्त.. तो कहीं बूंदाबांदी


    नई दिल्ली
    । देश के लगभग 95 फीसदी क्षेत्रों में पहुंचा दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) कहीं आंधी-तूफान (Thunderstorm) और मूसलाधार बौछारों (Torrential downpours) से कहर बरपा रहा है तो कहीं बूंद-बूंद के लिए तरसा रहा है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से लेकर पूर्वी भारत के ओडिशा, पश्चिम के गुजरात और मध्य के मुंबई में आफत की बारिश हो रही है। हिमाचल में फिर बादल फटा है, जिसके बाद पानी के साथ आए मलबे में कई वाहन दब गए। मुंबई में जल प्रलय जैसे हालात हो गए हैं और पांच घंटे के भीतर ही 70 मिमी तक वर्षा हुई है। वहीं, दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में बादल मंडरा तो रहे हैं, लेकिन बूंदा-बांदी से ज्यादा बरस नहीं रहे।

    भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, बीते 24 घंटों में जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, असम, नागालैंड और कर्नाटक के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई है। ओडिशा, गुजरात, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ में बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) हुई है। वहीं, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी राजस्थान और मध्य महाराष्ट्र में 60-125 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आए तूफान ने तबाही मचाई है। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा और गुजरात राज्य में कुछ जगहों पर 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चली हैं। मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी देते हुए रेड अलर्ट जारी किया है।

    आदि कैलाश यात्रा की गई निलंबित
    मानसूनी बारिश में भूस्खलन के जोखिम और श्रद्धालुों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा को निलंबित कर दिया गया है। धारचुला के एसडीएम आशीष जोशी ने बताया कि 1 मई को यात्रा शुरू होने के दो महीनों के अंदर 52,441 तीर्थयात्रियों ने आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन किए। उन्होंने कहा कि आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा के लिए इनर लाइन परमिट अब आगे के आदेशों के बाद ही जारी किए जाएंगे। यात्रा रोके जाने से पहले, एक जुलाई को आखिरी बार 103 तीर्थयात्रियों को परमिट जारी किए गए थे।

    मुंबई में जल प्रलय जैसे हालात, और बारिश की चेतावनी जारी
    देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के कई इलाके भारी बारिश के कारण जलमग्न हो गए हैं। शुक्रवार को पांच घंटे की झमाझम बरसात ने जलप्रलय जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। सबसे ज्यादा बांद्रा में 73.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। बीएमसी ने कहा कि शुक्रवार सुबह 8 बजे तक बीते 24 घंटों के दौरान 100 मिमी वर्षा हुई है। हालांकि, प्रशासन ने मेट्रो, उपनगरीय रेल और बस सेवा के सामान्य संचालन का दावा किया है, लेकिन यात्रियों ने कहा कि उपनगरीय ट्रेन और बसें देर से चलीं। मौसम विभाग ने और बारिश की संभावना जताई है और अलर्ट जारी किया है।

    बारिश से मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर जगह-जगह गड्डे बन जाने से पालघर के पास एक के बाद एक कम से कम 15 आपस में टकरा गए। हालांकि, इसमें किसी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। वहीं, नांदेड़ में लगातार हो रही बारिश से बाढ़ की आशंका बढ़ गई है, जिसको देखते हुए 30 सितंबर तक राज्य आपदा मोचन बल की एक टीम को तैनात किया गया है।

    उज्जैन में शिप्रा का जलस्तर बढ़ा
    मध्य प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण शुक्रवार को उज्जैन के कई हिस्सों में गंभीर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। भारी बारिश के बाद शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे राम घाट के पास स्थित कई मंदिर पानी में डूब गए हैं।

    उत्तराखंड में उफान पर नदी-नाले
    उत्तराखंड में भी बारिश से हालात बदहाल होने लगे हैं। उत्तरकाशी जिले की हर्षिल घाटी में मूसलाधार बारिश के बाद तेलगाड नदी उफान पर आ गई है जिससे मलबा गंगोत्री हाईवे तक पहुंचने से पुल निर्माण के लिए रखी सामग्री मलबे में दब गई है। साथ ही वहां पर पुल की निर्माणाधीन दीवारों को भी नुकसान हुआ है। भागीरथी नदी के बाद अब तेलगाड नदी का जलस्तर बढ़ने से लोग भयभीत हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गत वर्ष भी तेलगाड के मुहाने पर भूस्खलन के कारण झील बन गई थी। तेज बारिश से इसके टूटने का खतरा बढ़ गया है।