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  • झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से किसान की मौत, गलत इंजेक्शन लगाते ही बिगड़ी हालत, आरोपी फरार

    झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से किसान की मौत, गलत इंजेक्शन लगाते ही बिगड़ी हालत, आरोपी फरार

    भिण्ड । मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले के मिहोना कस्बे में झोलाछाप डॉक्टर की गंभीर लापरवाही से एक किसान की जान चली गई। सर्दी-खांसी के सामान्य इलाज के लिए क्लिनिक पहुंचे 40 वर्षीय किसान को डॉक्टर द्वारा गलत इंजेक्शन लगाए जाने से उसकी हालत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही मिनटों में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद से आरोपी झोलाछाप डॉक्टर फरार बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, मृतक किसान की पहचान जगनपुरा गांव निवासी अखिलेंद्र सिंह राजावत 40 के रूप में हुई है। अखिलेंद्र को सर्दी खांसी और जुकाम की शिकायत थी जिसके चलते वह 13 दिसंबर 2025 की दोपहर इलाज के लिए मिहोना कस्बे के कश्मीर क्षेत्र में संचालित झोलाछाप डॉक्टर विजय बंगाली की क्लिनिक पर गया था। परिजनों को उम्मीद थी कि सामान्य इलाज के बाद वह जल्द ठीक हो जाएगा लेकिन यह फैसला उसके लिए जानलेवा साबित हुआ।

    इलाज के दौरान जैसे ही डॉक्टर ने अखिलेंद्र को इंजेक्शन लगाया उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इंजेक्शन लगते ही किसान को बेचैनी होने लगी और वह तड़पने लगा। परिजन और आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते या उसे किसी बड़े अस्पताल ले जाने का प्रयास करते इससे पहले ही उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अचानक हुई इस घटना से परिजनों में कोहराम मच गया।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रारंभिक जांच में डॉक्टर की लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी झोलाछाप डॉक्टर विजय बंगाली के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि बिना वैध डिग्री और पंजीकरण के इलाज करना कानूनन अपराध है और इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    घटना के बाद से ही आरोपी डॉक्टर क्लिनिक बंद कर फरार हो गया है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। वहीं इस घटना के बाद इलाके में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे फर्जी डॉक्टर खुलेआम क्लिनिक चला रहे हैं, जिन पर प्रशासन की सख्त निगरानी जरूरी है। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को भी अवैध रूप से संचालित क्लिनिकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की बात कही गई है।

  • मैहर में मानवता शर्मसार: घूमने निकली 14 वर्षीय किशोरी से तीन दरिंदों ने किया सामूहिक दुष्कर्म, जंगल में बनाया बंधक

    मैहर में मानवता शर्मसार: घूमने निकली 14 वर्षीय किशोरी से तीन दरिंदों ने किया सामूहिक दुष्कर्म, जंगल में बनाया बंधक

    मैहर । मध्य प्रदेश के मैहर जिले से एक बेहद सनसनीखेज और रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है जहाँ एक 14 वर्षीय किशोरी सामूहिक दुष्कर्म का शिकार हुई है। अमरपाटन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इलाके में तीन अज्ञात बदमाशों ने किशोरी को बंधक बनाकर इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद से क्षेत्र में भारी तनाव और आक्रोश का माहौल है जबकि पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।दोस्तों के साथ गई थी घूमने जानकारी के अनुसार, कक्षा 9वीं में पढ़ने वाली किशोरी शनिवार को अपने दो दोस्तों के साथ घर से घूमने के लिए निकली थी। इसी दौरान रास्ते में तीन अज्ञात युवकों ने उन्हें रोक लिया। आरोपियों ने डरा-धमकाकर किशोरी के दोस्तों को वहां से भगा दिया या उन्हें किनारे कर किशोरी को जबरन बंधक बना लिया। इसके बाद आरोपी उसे पास के एक घने जंगल की ओर ले गए।

    जंगल में दरिंदगी और जख्मी हालत में वापसी पीड़िता के अनुसार, सुनसान जंगल का फायदा उठाकर तीनों अज्ञात युवकों ने उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया। दरिंदगी की इस घटना के बाद आरोपी पीड़िता को गंभीर हालत में छोड़कर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद दहशत और सदमे में डूबी किशोरी किसी तरह अगले दिन यानी रविवार को लहूलुहान और जख्मी हालत में अपने घर पहुंची। अपनी बेटी की हालत देखकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई जिसके बाद किशोरी ने आपबीती सुनाई। पुलिस की कार्रवाई और मेडिकल जांच परिजनों ने तत्काल इसकी सूचना अमरपाटन थाना पुलिस को दी।

    पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल अज्ञात आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म गैंगरेप और पॉक्सो एक्ट POCSO Act के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पीड़िता को तत्काल उपचार और मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि संदिग्धों की धरपकड़ के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं और घटना स्थल के आसपास के रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर महिला सुरक्षा और नाबालिगों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दरिंदों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उन्हें कठोरतम सजा दी जाए।
  • सरेराह युवक की हत्या, दो बाइक पर सवार छह युवकों ने चाकू से किया हमला, CCTV के सहारे जांच में जुटी पुलिस

    सरेराह युवक की हत्या, दो बाइक पर सवार छह युवकों ने चाकू से किया हमला, CCTV के सहारे जांच में जुटी पुलिस


    जबलपुर । मध्यप्रदेश के पाटन थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई एक सनसनीखेज हत्या की वारदात से इलाके में हड़कंप मच गया। दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए छह युवकों ने सरेराह एक युवक पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है।एसडीओपी बरगी अर्जुन अयंक मिश्रा के अनुसार, मृतक की पहचान अभिषेक उर्फ महेन्द्र साहू 27 वर्ष के रूप में हुई है, जो पाटन थाना क्षेत्र का निवासी था। महेन्द्र पेशे से ट्रैवल्स एजेंसी का संचालन करता था और साथ ही लोगों को प्राथमिक उपचार भी उपलब्ध कराता था। वह अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। परिवार में उसकी पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं।

    उज्जैन जाने के दौरान हुई वारदात

    पुलिस के मुताबिक, महेन्द्र बीते दिन अपने दोस्तों के साथ उज्जैन जाने के लिए घर से निकला था। यात्रा के दौरान सहजपुर के पास उसकी स्कॉर्पियो गाड़ी खराब हो गई। रात होने के कारण उसने गाड़ी को सड़क किनारे खड़ा कर दिया और वहीं रुक गया। अगले दिन सुबह उसने वाहन सुधारने के लिए एक मैकेनिक को बुलाया और दोपहर करीब एक बजे गाड़ी में बैठकर उसके आने का इंतजार कर रहा था।

    दो बाइक पर पहुंचे आरोपी, मच गई अफरातफरी

    इसी दौरान अचानक दो मोटरसाइकिलों पर सवार छह युवक मौके पर पहुंचे। आरोपियों ने महेन्द्र को जबरन गाड़ी से बाहर निकाला और उस पर चाकू से लगातार वार करने लगे। अचानक हुए हमले से महेन्द्र संभल नहीं पाया और गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही आरोपी वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए।

    भागते समय बदले कपड़े

    प्रत्यक्षदर्शियों और CCTV फुटेज के अनुसार, आरोपी कुछ दूरी पर जाकर रुके और अपनी पहचान छिपाने के इरादे से आपस में कपड़े बदल लिए। इसके बाद चार युवक मोटरसाइकिलों पर सवार होकर फरार हो गए, जबकि दो युवक पैदल ही अलग दिशा में निकल गए। यह पूरी गतिविधि आसपास लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है।

    CCTV फुटेज बनी जांच का आधार

    पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। फुटेज में आरोपी युवक, उनकी मोटरसाइकिलें और वारदात के बाद भागने का तरीका स्पष्ट रूप से नजर आ रहा है। इन्हीं फुटेज के आधार पर पुलिस अज्ञात आरोपियों की पहचान और उनकी तलाश कर रही है।

    अस्पताल में मृत घोषित, हत्या का केस दर्ज

    घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल महेन्द्र को अस्पताल भिजवाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर लिया गया है।

    पुरानी रंजिश या साजिश की जांच

    पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि हत्या के पीछे कोई पुरानी रंजिश, आपसी विवाद या साजिश तो नहीं है। मृतक के दोस्तों, परिजनों और परिचितों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

    इलाके में दहशत का माहौल

    दिनदहाड़े हुई इस वारदात के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। वहीं मृतक के घर में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्होंने पुलिस से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है।पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और CCTV फुटेज के आधार पर लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।

  • भोपाल से दिल्ली-दुबई तक ठगी का जाल, ईरानी गिरोह पर शिकंजा, कार्रवाई के दौरान पुलिस पर पथराव

    भोपाल से दिल्ली-दुबई तक ठगी का जाल, ईरानी गिरोह पर शिकंजा, कार्रवाई के दौरान पुलिस पर पथराव


    भोपाल।मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल का कुख्यात ईरानी डेरा एक बार फिर गंभीर आपराधिक गतिविधियों को लेकर चर्चा में है। निशातपुरा थाना क्षेत्र की अमन कॉलोनी में रविवार को उस समय तनावपूर्ण हालात बन गए जब भोपाल पुलिस ठगी और लूट के एक बड़े मामले में मुख्य आरोपी राजू ईरानी को गिरफ्तार करने पहुंची। पुलिस कार्रवाई की सूचना मिलते ही इलाके में भीड़ जमा हो गई और देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए।पुलिस पर अचानक पथराव और हमला किया गया जिसमें कई जवानों को चोटें आईं। हालात संभालने के लिए अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बलवा शासकीय कार्य में बाधा और पुलिस पर हमले के आरोप में 34 लोगों को हिरासत में लिया है।

    CBI अफसर और पत्रकार बनकर करते थे ठगी

    पुलिस के मुताबिक राजू ईरानी और उसका गिरोह खुद को कभी CBI अधिकारी तो कभी राष्ट्रीय मीडिया संस्थानों का पत्रकार बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। यह गिरोह अलग-अलग राज्यों में सर्राफा व्यापारियों कारोबारियों और संपन्न लोगों को निशाना बनाता था।हाल ही में सागर जिले में सामने आए एक मामले में गिरोह के सदस्यों ने CBI अधिकारी बनकर एक सर्राफा व्यापारी से ठगी की थी। इसी केस में राजू ईरानी की तलाश की जा रही थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी अमन कॉलोनी में छिपा हुआ है जिसके बाद दबिश दी गई।

    कार्रवाई के दौरान भड़की हिंसा

    रविवार को जब पुलिस टीम अमन कॉलोनी पहुंची तो कुछ ही देर में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए। पुलिस के अनुसार भीड़ ने गिरफ्तारी का विरोध करते हुए पथराव शुरू कर दिया। हालात बिगड़ते देख पुलिस को इलाके में सुरक्षा घेरा बनाना पड़ा। कई वाहनों को नुकसान पहुंचा और पुलिसकर्मियों को चोटें आईं।स्थिति नियंत्रण में आने के बाद पुलिस ने उपद्रव में शामिल 34 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

    पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा

    गिरफ्तार आरोपियों में शामिल काला ईरानी से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। उसने कबूल किया कि गिरोह भरोसा जीतने के लिए फर्जी पहचान का इस्तेमाल करता था। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर एक न्यूज चैनल की माइक आईडी भी बरामद की है जिसका उपयोग खुद को पत्रकार बताने के लिए किया जाता था।पुलिस को संदेह है कि गिरोह लंबे समय से इसी तरीके से ठगी की वारदातों को अंजाम देता आ रहा था और कई राज्यों में इसके पीड़ित मौजूद हैं।

    दिल्ली और दुबई तक फैले तार
    जांच में यह भी सामने आया है कि ईरानी डेरे का नेटवर्क केवल भोपाल तक सीमित नहीं है। इसी वर्ष जुलाई में दिल्ली पुलिस ने मुठभेड़ के बाद ईरानी गिरोह के दो कुख्यात सदस्यों को गिरफ्तार किया था जिन पर कई राज्यों में लूट और ठगी के गंभीर मामले दर्ज थे।इसके अलावा दिसंबर में रानी कमलापति रेलवे स्टेशन क्षेत्र में मोबाइल झपटमारी के मामले में पकड़े गए आरोपी भी इसी इलाके से जुड़े पाए गए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि लूटे गए महंगे मोबाइल पहले मुंबई भेजे जाते थे और फिर दुबई तक तस्करी की जाती थी।

    पहले भी हो चुके हैं हमले

    ईरानी डेरे में पुलिस पर हमले का यह पहला मामला नहीं है। वर्ष 2020 में सागर जिले की पुलिस टीम पर भी इसी इलाके में पथराव और मिर्च पाउडर फेंके जाने की घटना हुई थी। उस समय कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे और स्थिति संभालने के लिए सख्त कदम उठाने पड़े थे।

    जांच जारी


    भोपाल पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और गिरोह के पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि ठगी और लूट से हासिल की गई रकम और सामान किन रास्तों से बाहर भेजा गया और इसमें और कौन-कौन शामिल है।