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  • खरगोन में हनुमान मंदिर में तोड़फोड़ से बवाल, आरोपी गिरफ्तार, गांव में पुलिस बल तैनात

    खरगोन में हनुमान मंदिर में तोड़फोड़ से बवाल, आरोपी गिरफ्तार, गांव में पुलिस बल तैनात

    खरगोन । मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के झिरन्या क्षेत्र में हनुमान मंदिर में तोड़फोड़ और मूर्ति खंडित करने की घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया, जिससे स्थिति संवेदनशील हो गई।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी से पूछताछ जारी है ताकि घटना के पीछे के कारणों और संभावित साजिश का पता लगाया जा सके।

    घटना के बाद से ही गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए पुलिस बल को मौके पर तैनात कर दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर पहचान कर आरोपी को तेजी से पकड़ा गया ताकि स्थिति और अधिक न बिगड़े। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की अफवाह या उकसावे पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    एसपी ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस गश्त भी बढ़ा दी गई है। साथ ही सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर भी नजर रखी जा रही है ताकि माहौल खराब न हो।

    इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए और अधिक सतर्कता की आवश्यकता है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।

  • भिण्ड में अवैध हथियार लाइसेंस गिरोह पकड़ा गया, सरकारी सिस्टम में सेंध का खुलासा

    भिण्ड में अवैध हथियार लाइसेंस गिरोह पकड़ा गया, सरकारी सिस्टम में सेंध का खुलासा


    भिण्ड । मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में पुलिस ने एक बड़े और संगठित फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि जांच में कलेक्ट्रेट कार्यालय के दो कर्मचारियों की संलिप्तता भी सामने आने से प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

    पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि यह गिरोह लंबे समय से अवैध रूप से आर्म्स लाइसेंस तैयार कर लोगों को उपलब्ध करा रहा था। इसके बदले में आरोपियों द्वारा मोटी रकम वसूली जाती थी। जानकारी के अनुसार एक फर्जी शस्त्र लाइसेंस तैयार करने के लिए करीब तीन लाख रुपए तक लिए जाते थे। इस तरह यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा था और दस्तावेजों की प्रक्रिया में भी गड़बड़ी की जा रही थी।

    लहार क्षेत्र से सुनील शर्मा और उसके बेटे प्रांशु शर्मा की गिरफ्तारी इस मामले में अहम मानी जा रही है। पुलिस के अनुसार सुनील शर्मा के खिलाफ पहले से ही सात आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके बावजूद उसने अपने प्रभाव और नेटवर्क का उपयोग करते हुए अपने बेटे के नाम पर भी फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवा लिया था।

    जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इस पूरे रैकेट में केवल बाहरी लोग ही नहीं बल्कि सरकारी सिस्टम के भीतर से भी सहयोग मिल रहा था। कलेक्ट्रेट में कार्यरत दो कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, जिनसे पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। माना जा रहा है कि इनकी मदद से ही दस्तावेजों को आगे बढ़ाया जाता था और लाइसेंस जारी कराए जाते थे।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क हो सकता है। इसी संभावना को देखते हुए अब पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। डिजिटल रिकॉर्ड, आवेदन फाइलें और संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अब तक कितने फर्जी लाइसेंस जारी किए गए हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस रैकेट के जरिए कई ऐसे लोगों तक भी हथियार पहुंचे हैं जिनका आपराधिक रिकॉर्ड हो सकता है। इस कारण यह मामला सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद गंभीर माना जा रहा है।

    फिलहाल पुलिस ने सभी 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही कलेक्ट्रेट कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच तेज कर दी गई है। इस पूरे मामले ने सरकारी प्रक्रियाओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं और प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ी दोबारा न हो।

  • इंदौर में बड़ा खुलासा: पुलिसकर्मियों की शिकायत करने वाला व्यापारी खुद निकला आरोपी

    इंदौर में बड़ा खुलासा: पुलिसकर्मियों की शिकायत करने वाला व्यापारी खुद निकला आरोपी

    नई दिल्ली। इंदौर के लसूड़िया क्षेत्र में पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाले व्यापारी गौरव जैन को लेकर अब बड़ा खुलासा हुआ है। शुरुआती तौर पर जहां मामला पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर रहा था, वहीं अब जांच में सामने आया है कि शिकायतकर्ता खुद ही कई मामलों में आरोपी है। गौरव जैन के खिलाफ इंदौर समेत ग्वालियर, झाबुआ और शाजापुर में भी आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, जिनमें मारपीट, चेक बाउंस और अन्य गंभीर आरोप शामिल हैं।
    कई जिलों में दर्ज हैं केस और वारंट
    जानकारी के मुताबिक, गौरव जैन के खिलाफ ग्वालियर में दो गिरफ्तारी वारंट जारी हैं, जबकि झाबुआ और शाजापुर में भी उसके खिलाफ वारंट लंबित हैं। इससे साफ होता है कि वह पहले से ही पुलिस रिकॉर्ड में एक आदतन अपराधी के रूप में दर्ज है। इसके बावजूद उसने हाल ही में पांच पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद विभागीय कार्रवाई भी हुई थी।
    रिटायर्ड एसीपी को 100 से ज्यादा कॉल कर दी धमकी
    मामले में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। रिटायर्ड एसीपी राकेश गुप्ता ने गौरव जैन के खिलाफ मानसिक उत्पीड़न की शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि गौरव ने उन्हें 100 से अधिक बार फोन कर धमकाया। इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई और ऑडियो रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सौंपी गई, जिसमें गौरव कथित तौर पर खुलेआम धमकी देता सुनाई दे रहा है।
    विवादित फ्लैट और चल रहा कोर्ट केस
    गौरव जैन का एक और विवाद उसके निवास से जुड़ा हुआ है। वह जिस फ्लैट में पत्नी और बेटे के साथ रह रहा है, उसे लेकर भी विवाद चल रहा है। फ्लैट खाली न करने को लेकर मामला कोर्ट में विचाराधीन है। बताया जा रहा है कि समझौते के नाम पर वह फ्लैट पर कब्जा बनाए रखने का दबाव बना रहा था। इस मामले में दूसरी पार्टी की ओर से भी उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
    पुलिस पर लगाए थे गंभीर आरोप
    गौरव जैन ने 16 अप्रैल को पुलिस कमिश्नर और डीसीपी को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि एसआई समेत पांच पुलिसकर्मी उसके घर जबरन घुसे, ताला तोड़ा और कैश व सोना लेकर चले गए। उसने यह भी दावा किया कि पुलिस ने उसे ग्वालियर ले जाने के दौरान पैसे वसूले। हालांकि, पुलिस की ओर से इसे यात्रा और अन्य खर्च बताया गया है, जबकि गौरव इसे रिश्वत बता रहा है।
    पुलिस कमिश्नर का बयान
    मामले में पुलिस कमिश्नर ने साफ किया है कि जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी चाहे वह पुलिसकर्मी हो या शिकायतकर्ता खुद।

  • देवास में पुरानी रंजिश ने ली जान 19 वर्षीय युवक की गोली मारकर हत्या, 6 पर केस

    देवास में पुरानी रंजिश ने ली जान 19 वर्षीय युवक की गोली मारकर हत्या, 6 पर केस


    देवास । मध्यप्रदेश के देवास जिले में पुरानी रंजिश ने एक बार फिर खौफनाक रूप ले लिया जहां गुरुवार देर रात भवानी सागर क्षेत्र में हुई गोलीबारी की घटना में एक 19 वर्षीय युवक की जान चली गई जबकि उसका एक साथी गंभीर रूप से घायल हो गया इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव और दहशत का माहौल बना हुआ है

    जानकारी के अनुसार मृतक युवक लड्डू उर्फ शुभम पिता महेश नाथ अपने घर पर भोजन कर रहा था तभी उसके दोस्त गौतम का फोन आया जिसने बताया कि कुछ लोग उसे रोककर विवाद कर रहे हैं स्थिति को समझते हुए लड्डू रात करीब एक बजे मौके पर पहुंचा और विवाद को शांत कराने की कोशिश करने लगा लेकिन मामला शांत होने के बजाय और बिगड़ गया

    बताया जा रहा है कि पहले से चली आ रही पुरानी रंजिश के चलते दोनों पक्ष आमने सामने आ गए और देखते ही देखते विवाद हिंसक झड़प में बदल गया इसी दौरान दो आरोपियों ने पिस्टल निकालकर फायरिंग कर दी गोली सीधे लड्डू के सीने में लगी जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई वहीं गौतम के पैर में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया

    घटना के बाद आरोपियों ने हथियारों से मारपीट भी की और मौके पर मौजूद एक कार में तोड़फोड़ की जिससे स्थिति और भयावह हो गई परिजन और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और दोनों घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने लड्डू को मृत घोषित कर दिया जबकि गंभीर रूप से घायल गौतम को प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर कर दिया गया

    पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा था प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि मृतक लड्डू टेकरी क्षेत्र में नारियल प्रसाद और फोटो की दुकान चलाता था परिजनों का आरोप है कि आरोपी उससे वसूली की मांग करते थे और इससे पहले भी उसकी बाइक को आग के हवाले किया जा चुका था हालांकि पुलिस रिकॉर्ड में यह भी दर्ज है कि दोनों पक्षों पर पहले से कई मामले दर्ज हैं

    नाहर दरवाजा थाना पुलिस ने इस मामले में वरुण बाली सहित रितिक सिहोते तुषार सिहोते मट्टू सिहोते राहुल शूटर और विपिन बाली समेत अन्य के खिलाफ हत्या और अन्य गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग अलग टीमों को इंदौर और अन्य स्थानों पर रवाना किया है

    चौंकाने वाली बात यह है कि इस घटना के बाद मुख्य आरोपी वरुण बाली भी घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती पाया गया है जिससे पूरे मामले में कई नए पहलू सामने आने की संभावना है पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है

    घटना के बाद मृतक के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं उनका कहना है कि अस्पताल में भी उन्हें धमकियां दी गईं कि एक को मार दिया है अब दूसरे को भी देख लेंगे परिजनों ने सुरक्षा की मांग की है और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की अपील की है

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है इस वारदात ने एक बार फिर शहर में कानून व्यवस्था और आपसी रंजिश के बढ़ते मामलों पर सवाल खड़े कर दिए हैं

  • विदिशा में जुए के अड्डे पर पुलिस का छापा, 11 आरोपी गिरफ्तार

    विदिशा में जुए के अड्डे पर पुलिस का छापा, 11 आरोपी गिरफ्तार


    विदिशा । मध्यप्रदेश के विदिशा में सिविल लाइन थाना पुलिस ने जुए के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से नगदी, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल सहित करीब 4.44 लाख रुपये का मशरूका जब्त किया है। इस कार्रवाई से शहर में अवैध गतिविधियों पर शिकंजा कसने का स्पष्ट संदेश गया है।

    मुखबिर की सूचना पर हुई त्वरित कार्रवाई

    पुलिस को सूचना मिली थी कि बालाजी पैराडाइज कॉलोनी के पीछे स्थित खाली जमीन पर कुछ लोग अवैध रूप से जुआ खेल रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना देर किए मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान 11 आरोपी जुआ खेलते हुए रंगे हाथों पकड़े गए।

    मोबाइल, बाइक और नगदी बरामद

    छापेमारी में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 मोबाइल फोन, 3 मोटरसाइकिलें और बड़ी मात्रा में नगदी बरामद की। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत लगभग 4 लाख 44 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    इन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी

    पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में गौरव साहू, रवि बघेल, अक्षय खान, आसिफ खान, तौफीक खान, दिनेश मालवीय, गौरव सूर्यवंशी, इशान खान, आशीष लोधी, रानू सिलावट और साजिद खान शामिल हैं। ये सभी शहर के अलग-अलग इलाकों जैसे शिव नगर, पुरनपुरा, बजरिया और बेस दरवाजा के निवासी बताए जा रहे हैं।

    पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई

    यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के निर्देशन में की गई। साथ ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और नगर पुलिस अधीक्षक अतुल सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी आशुतोष सिंह राजपूत की टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।

    अवैध गतिविधियों पर सख्ती जारी

    पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शहर में जुआ, सट्टा और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन का उद्देश्य कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना और अपराध पर नियंत्रण करना है।

  • सेल्समैन के बाल पकड़कर पीटा, विरोध करने पर युवक ने की मारपीट

    सेल्समैन के बाल पकड़कर पीटा, विरोध करने पर युवक ने की मारपीट


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। बदरवास क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप पर काम कर रहे सेल्समैन के साथ दो युवकों ने सरेआम मारपीट कर दी। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया है।

    जल्दी पेट्रोल डालने को लेकर बढ़ा विवाद

    जानकारी के मुताबिक, बदरवास के वार्ड क्रमांक 07 निवासी 25 वर्षीय संजीव यादव स्थानीय पेट्रोल पंप पर सेल्समैन के रूप में कार्यरत हैं। 15 अप्रैल की शाम करीब 5 से 5:30 बजे के बीच वह अन्य ग्राहकों को ईंधन भर रहे थे। इसी दौरान दो युवक बाइक से पहुंचे और बिना लाइन में आए तुरंत पेट्रोल भरने का दबाव बनाने लगे।

    संजीव यादव ने भीड़ का हवाला देते हुए युवकों से वाहन को आगे लाने के लिए कहा, लेकिन यही बात आरोपियों को नागवार गुजर गई और उन्होंने गाली-गलौज शुरू कर दी।

    बाल पकड़कर की बेरहमी से पिटाई

    पीड़ित के अनुसार, जब वह विवाद से बचने के लिए पीछे हटे तो दोनों युवक और उग्र हो गए। आरोप है कि उन्होंने संजीव यादव का पीछा किया, उनके बाल पकड़ लिए और जमकर मारपीट की। इस दौरान आसपास मौजूद लोग भी सहम गए, लेकिन किसी ने बीच-बचाव नहीं किया।

     CCTV में कैद हुई पूरी वारदात

    पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों में यह पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह मामूली बात पर आरोपियों ने हिंसक रूप ले लिया। यह फुटेज अब पुलिस के पास अहम सबूत के रूप में मौजूद है।

    पुलिस ने शुरू की जांच, कार्रवाई की मांग

    पीड़ित संजीव यादव ने बदरवास थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

  • गोलीकांड निकला फर्जी उज्जैन पुलिस का बड़ा खुलासा आगजनी मामले में सख्त कार्रवाई

    गोलीकांड निकला फर्जी उज्जैन पुलिस का बड़ा खुलासा आगजनी मामले में सख्त कार्रवाई


    उज्जैन । मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में सामने आए गोलीकांड और आगजनी के मामलों में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए चौंकाने वाली सच्चाई उजागर की है। जांच में सामने आया है कि गोली लगने की घटना दरअसल एक सोची समझी साजिश थी जबकि आगजनी के मामले में 13 आरोपियों को नामजद कर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    पुलिस के अनुसार चिमनगंज थाना क्षेत्र में अतीक माहुरकर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे आला बाथम ने गोली मारी है। इस आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की लेकिन जांच के दौरान कई तरह के विरोधाभास सामने आए। घटनास्थल पर खून के निशान बेहद कम पाए गए जबकि दूसरे स्थान पर अधिक रक्त मिला जिससे पुलिस को संदेह हुआ।

    जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो पूरा मामला पलट गया। अतीक माहुरकर ने स्वीकार किया कि उसने अवैध देशी कट्टे से खुद को गोली मारकर दूसरे व्यक्ति को फंसाने की साजिश रची थी। उसने बताया कि कट्टा लोड करते समय अचानक फायर हो गया और गोली उसके पैर में लग गई। इसके बाद उसने फर्जी घटनास्थल तैयार कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की।

    इस साजिश में उसके कुछ साथियों की भूमिका भी सामने आई है जिन्होंने खून फैलाकर और सबूतों से छेड़छाड़ कर झूठा घटनाक्रम तैयार करने में मदद की। पुलिस अब इन सभी आरोपियों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है।

    वहीं दूसरी ओर ढांचा भवन क्षेत्र में रौनक गुर्जर के मकान पर हुई आगजनी की घटना में पुलिस ने 13 नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी पेट्रोल और हथियारों के साथ आते हुए दिखाई दिए जिन्होंने पहले इलाके की रैकी की और फिर सुनियोजित तरीके से आगजनी की वारदात को अंजाम दिया।

    पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है जबकि अन्य की तलाश जारी है। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के अनुसार गोलीकांड की घटना एफएसएल और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर खुद द्वारा की गई पाई गई है। वहीं आगजनी मामले में भी साक्ष्यों के आधार पर तेजी से कार्रवाई की जा रही है।

    बताया जा रहा है कि इन मामलों में शामिल कई आरोपी पहले से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहे हैं और कुछ पर जिलाबदर की कार्रवाई भी हो चुकी है। पुलिस अब सभी आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है। इन घटनाओं के खुलासे के बाद यह साफ हो गया है कि अपराधियों ने कानून को गुमराह करने के लिए किस हद तक साजिश रची लेकिन पुलिस की सतर्कता और जांच के चलते सच्चाई सामने आ गई।

  • मध्यप्रदेश में चौंकाने वाला मामला अंतिम संस्कार रुका पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

    मध्यप्रदेश में चौंकाने वाला मामला अंतिम संस्कार रुका पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के आमला नगर में एक महिला की संदिग्ध मौत के मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब अंतिम संस्कार के दौरान चिता से शव को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजना पड़ा। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

    जानकारी के अनुसार भीमनगर निवासी 62 वर्षीय शकुंतला गुजरे का मंगलवार को निधन हो गया था। परिजनों ने नियमानुसार उनका अंतिम संस्कार शुरू कर दिया और स्थानीय मोक्षधाम में चिता भी तैयार कर दी गई थी। इसी दौरान अचानक स्थिति बदल गई।

    महाराष्ट्र के सौसर क्षेत्र से पहुंची मृतका की बहन अंजली ने अंतिम दर्शन के दौरान शरीर पर कुछ संदिग्ध चोट के निशान देखे। इन निशानों को देखकर उन्होंने तुरंत हत्या की आशंका जताई और अंतिम संस्कार रोकने की मांग की। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।

    सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को गंभीरता से लेते हुए चिता से शव को उतरवाया गया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत स्वाभाविक थी या इसके पीछे किसी प्रकार की साजिश या हिंसा शामिल है। फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी गई है और सभी पहलुओं पर गंभीरता से पड़ताल की जा रही है।

    इस घटना ने पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया है और लोग इसे लेकर तरह-तरह की आशंकाएं जता रहे हैं। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।

  • दर्दनाक मामला: महिला ने जान देने से पहले वीडियो में किया खुलासा, आरोपी फरार

    दर्दनाक मामला: महिला ने जान देने से पहले वीडियो में किया खुलासा, आरोपी फरार


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के Indore से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां कथित दुष्कर्म के बाद एक महिला ने आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मामला Khudel थाना क्षेत्र के ग्राम सोनगुराड़िया का है, जहां पीड़िता ने मौत से पहले एक वीडियो बनाकर आरोपी का नाम उजागर किया।

    मौत से पहले VIDEO में बताई पूरी कहानी
    जानकारी के मुताबिक, 2 अप्रैल की रात महिला घर पर अकेली थी, जबकि परिवार के बाकी सदस्य सुंदरकांड कार्यक्रम में गए हुए थे। इसी दौरान उसका रिश्तेदार महेंद्र चौहान घर पहुंचा और महिला को अकेला पाकर जबरदस्ती की। घटना के बाद महिला ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने साफ तौर पर महेंद्र चौहान को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया। इसके अलावा एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उसने वही बात दोहराई और ससुराल पक्ष को निर्दोष बताया।

    मानसिक आघात में उठाया खौफनाक कदम
    दुष्कर्म की घटना के बाद महिला गहरे मानसिक तनाव में चली गई। 8 अप्रैल को उसने जहरीला पदार्थ (सल्फास) खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    पुलिस जांच में जुटी, आरोपी फरार
    मामले की जानकारी मिलते ही Madhya Pradesh Police ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 और 64(1) के तहत केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी फरार है और उसकी तलाश के लिए टीमें बनाई गई हैं।

    सुसाइड नोट बना अहम सबूत
    पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें महिला ने स्पष्ट रूप से आरोपी को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। यह नोट और वीडियो जांच में अहम सबूत माने जा रहे हैं, जिनके आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

    कानून और समाज के सामने बड़ी चुनौती
    इस तरह की घटनाएं न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाती हैं, बल्कि यह भी दिखाती हैं कि पीड़ितों को समय पर मानसिक और कानूनी सहायता मिलना कितना जरूरी है। अगर समय रहते मदद मिलती, तो शायद एक जान बचाई जा सकती थी।

  • इंदौर में दिल दहला देने वाली वारदात, दो युवतियों ने नाबालिग को बेरहमी से पीटा

    इंदौर में दिल दहला देने वाली वारदात, दो युवतियों ने नाबालिग को बेरहमी से पीटा


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के Indore से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग लड़की को फ्लैट में बुलाकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस हरकत में आ गई। मामला Tukoganj थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां इस शर्मनाक वारदात को अंजाम दिया गया।

    कमरे में बंद कर की पिटाई, VIDEO ने खोली पोल
    जानकारी के मुताबिक, घटना तुकोगंज स्थित रूस्तम के बगीचे इलाके की है। यहां एक फ्लैट में दो युवतियों ने अपनी ही एक नाबालिग सहेली को बुलाया और उसे कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद डंडों, लात-घूंसों से उसकी जमकर पिटाई की गई। आरोप है कि इस दौरान पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बनाया गया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    पुलिस हुई एक्टिव, जांच शुरू
    वीडियो सामने आने के बाद Madhya Pradesh Police हरकत में आई है। एमआईजी थाना प्रभारी जितेंद्र यादव के अनुसार, उन्हें इस घटना की जानकारी मीडिया के जरिए मिली, जिसके बाद तुरंत जांच शुरू की गई। पुलिस ने वीडियो के आधार पर संबंधित पक्षों को थाने बुलाकर पूछताछ की है और आरोपियों की पहचान कर ली गई है।

    सभी नाबालिग, शिकायत का इंतजार
    पुलिस के मुताबिक, इस मामले में मारपीट करने वाली और पीड़िता—सभी नाबालिग हैं। फिलहाल पीड़िता की ओर से कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    पुरानी रंजिश बनी वजह
    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पीड़िता और आरोपी युवतियों के बीच पहले किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। इसी रंजिश के चलते उसे बहाने से फ्लैट पर बुलाया गया और फिर इस वारदात को अंजाम दिया गया।

    पहले भी सामने आ चुके ऐसे मामले
    गौरतलब है कि कुछ दिन पहले Hiranagar इलाके में भी इसी तरह का एक मारपीट का वीडियो सामने आया था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने शहर में कानून-व्यवस्था और युवाओं के व्यवहार को लेकर चिंता बढ़ा दी है।