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  • विदिशा में जुए के अड्डे पर पुलिस का छापा, 11 आरोपी गिरफ्तार

    विदिशा में जुए के अड्डे पर पुलिस का छापा, 11 आरोपी गिरफ्तार


    विदिशा  मध्यप्रदेश के विदिशा में सिविल लाइन थाना पुलिस ने जुए के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से नगदी, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल सहित करीब 4.44 लाख रुपये का मशरूका जब्त किया है। इस कार्रवाई से शहर में अवैध गतिविधियों पर शिकंजा कसने का स्पष्ट संदेश गया है।

    मुखबिर की सूचना पर हुई त्वरित कार्रवाई

    पुलिस को सूचना मिली थी कि बालाजी पैराडाइज कॉलोनी के पीछे स्थित खाली जमीन पर कुछ लोग अवैध रूप से जुआ खेल रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना देर किए मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान 11 आरोपी जुआ खेलते हुए रंगे हाथों पकड़े गए।

    मोबाइल, बाइक और नगदी बरामद

    छापेमारी में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 मोबाइल फोन, 3 मोटरसाइकिलें और बड़ी मात्रा में नगदी बरामद की। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत लगभग 4 लाख 44 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    इन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी

    पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में गौरव साहू, रवि बघेल, अक्षय खान, आसिफ खान, तौफीक खान, दिनेश मालवीय, गौरव सूर्यवंशी, इशान खान, आशीष लोधी, रानू सिलावट और साजिद खान शामिल हैं। ये सभी शहर के अलग-अलग इलाकों जैसे शिव नगर, पुरनपुरा, बजरिया और बेस दरवाजा के निवासी बताए जा रहे हैं।

    पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई

    यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के निर्देशन में की गई। साथ ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और नगर पुलिस अधीक्षक अतुल सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी आशुतोष सिंह राजपूत की टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।

    अवैध गतिविधियों पर सख्ती जारी

    पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शहर में जुआ, सट्टा और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन का उद्देश्य कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना और अपराध पर नियंत्रण करना है।

  • सेल्समैन के बाल पकड़कर पीटा, विरोध करने पर युवक ने की मारपीट

    सेल्समैन के बाल पकड़कर पीटा, विरोध करने पर युवक ने की मारपीट


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। बदरवास क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप पर काम कर रहे सेल्समैन के साथ दो युवकों ने सरेआम मारपीट कर दी। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया है।

    जल्दी पेट्रोल डालने को लेकर बढ़ा विवाद

    जानकारी के मुताबिक, बदरवास के वार्ड क्रमांक 07 निवासी 25 वर्षीय संजीव यादव स्थानीय पेट्रोल पंप पर सेल्समैन के रूप में कार्यरत हैं। 15 अप्रैल की शाम करीब 5 से 5:30 बजे के बीच वह अन्य ग्राहकों को ईंधन भर रहे थे। इसी दौरान दो युवक बाइक से पहुंचे और बिना लाइन में आए तुरंत पेट्रोल भरने का दबाव बनाने लगे।

    संजीव यादव ने भीड़ का हवाला देते हुए युवकों से वाहन को आगे लाने के लिए कहा, लेकिन यही बात आरोपियों को नागवार गुजर गई और उन्होंने गाली-गलौज शुरू कर दी।

    बाल पकड़कर की बेरहमी से पिटाई

    पीड़ित के अनुसार, जब वह विवाद से बचने के लिए पीछे हटे तो दोनों युवक और उग्र हो गए। आरोप है कि उन्होंने संजीव यादव का पीछा किया, उनके बाल पकड़ लिए और जमकर मारपीट की। इस दौरान आसपास मौजूद लोग भी सहम गए, लेकिन किसी ने बीच-बचाव नहीं किया।

     CCTV में कैद हुई पूरी वारदात

    पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों में यह पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह मामूली बात पर आरोपियों ने हिंसक रूप ले लिया। यह फुटेज अब पुलिस के पास अहम सबूत के रूप में मौजूद है।

    पुलिस ने शुरू की जांच, कार्रवाई की मांग

    पीड़ित संजीव यादव ने बदरवास थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

  • गोलीकांड निकला फर्जी उज्जैन पुलिस का बड़ा खुलासा आगजनी मामले में सख्त कार्रवाई

    गोलीकांड निकला फर्जी उज्जैन पुलिस का बड़ा खुलासा आगजनी मामले में सख्त कार्रवाई


    उज्जैन । मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में सामने आए गोलीकांड और आगजनी के मामलों में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए चौंकाने वाली सच्चाई उजागर की है। जांच में सामने आया है कि गोली लगने की घटना दरअसल एक सोची समझी साजिश थी जबकि आगजनी के मामले में 13 आरोपियों को नामजद कर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    पुलिस के अनुसार चिमनगंज थाना क्षेत्र में अतीक माहुरकर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे आला बाथम ने गोली मारी है। इस आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की लेकिन जांच के दौरान कई तरह के विरोधाभास सामने आए। घटनास्थल पर खून के निशान बेहद कम पाए गए जबकि दूसरे स्थान पर अधिक रक्त मिला जिससे पुलिस को संदेह हुआ।

    जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो पूरा मामला पलट गया। अतीक माहुरकर ने स्वीकार किया कि उसने अवैध देशी कट्टे से खुद को गोली मारकर दूसरे व्यक्ति को फंसाने की साजिश रची थी। उसने बताया कि कट्टा लोड करते समय अचानक फायर हो गया और गोली उसके पैर में लग गई। इसके बाद उसने फर्जी घटनास्थल तैयार कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की।

    इस साजिश में उसके कुछ साथियों की भूमिका भी सामने आई है जिन्होंने खून फैलाकर और सबूतों से छेड़छाड़ कर झूठा घटनाक्रम तैयार करने में मदद की। पुलिस अब इन सभी आरोपियों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है।

    वहीं दूसरी ओर ढांचा भवन क्षेत्र में रौनक गुर्जर के मकान पर हुई आगजनी की घटना में पुलिस ने 13 नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी पेट्रोल और हथियारों के साथ आते हुए दिखाई दिए जिन्होंने पहले इलाके की रैकी की और फिर सुनियोजित तरीके से आगजनी की वारदात को अंजाम दिया।

    पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है जबकि अन्य की तलाश जारी है। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के अनुसार गोलीकांड की घटना एफएसएल और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर खुद द्वारा की गई पाई गई है। वहीं आगजनी मामले में भी साक्ष्यों के आधार पर तेजी से कार्रवाई की जा रही है।

    बताया जा रहा है कि इन मामलों में शामिल कई आरोपी पहले से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहे हैं और कुछ पर जिलाबदर की कार्रवाई भी हो चुकी है। पुलिस अब सभी आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है। इन घटनाओं के खुलासे के बाद यह साफ हो गया है कि अपराधियों ने कानून को गुमराह करने के लिए किस हद तक साजिश रची लेकिन पुलिस की सतर्कता और जांच के चलते सच्चाई सामने आ गई।

  • मध्यप्रदेश में चौंकाने वाला मामला अंतिम संस्कार रुका पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

    मध्यप्रदेश में चौंकाने वाला मामला अंतिम संस्कार रुका पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के आमला नगर में एक महिला की संदिग्ध मौत के मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब अंतिम संस्कार के दौरान चिता से शव को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजना पड़ा। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

    जानकारी के अनुसार भीमनगर निवासी 62 वर्षीय शकुंतला गुजरे का मंगलवार को निधन हो गया था। परिजनों ने नियमानुसार उनका अंतिम संस्कार शुरू कर दिया और स्थानीय मोक्षधाम में चिता भी तैयार कर दी गई थी। इसी दौरान अचानक स्थिति बदल गई।

    महाराष्ट्र के सौसर क्षेत्र से पहुंची मृतका की बहन अंजली ने अंतिम दर्शन के दौरान शरीर पर कुछ संदिग्ध चोट के निशान देखे। इन निशानों को देखकर उन्होंने तुरंत हत्या की आशंका जताई और अंतिम संस्कार रोकने की मांग की। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।

    सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को गंभीरता से लेते हुए चिता से शव को उतरवाया गया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत स्वाभाविक थी या इसके पीछे किसी प्रकार की साजिश या हिंसा शामिल है। फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी गई है और सभी पहलुओं पर गंभीरता से पड़ताल की जा रही है।

    इस घटना ने पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया है और लोग इसे लेकर तरह-तरह की आशंकाएं जता रहे हैं। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।

  • दर्दनाक मामला: महिला ने जान देने से पहले वीडियो में किया खुलासा, आरोपी फरार

    दर्दनाक मामला: महिला ने जान देने से पहले वीडियो में किया खुलासा, आरोपी फरार


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के Indore से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां कथित दुष्कर्म के बाद एक महिला ने आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मामला Khudel थाना क्षेत्र के ग्राम सोनगुराड़िया का है, जहां पीड़िता ने मौत से पहले एक वीडियो बनाकर आरोपी का नाम उजागर किया।

    मौत से पहले VIDEO में बताई पूरी कहानी
    जानकारी के मुताबिक, 2 अप्रैल की रात महिला घर पर अकेली थी, जबकि परिवार के बाकी सदस्य सुंदरकांड कार्यक्रम में गए हुए थे। इसी दौरान उसका रिश्तेदार महेंद्र चौहान घर पहुंचा और महिला को अकेला पाकर जबरदस्ती की। घटना के बाद महिला ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने साफ तौर पर महेंद्र चौहान को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया। इसके अलावा एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उसने वही बात दोहराई और ससुराल पक्ष को निर्दोष बताया।

    मानसिक आघात में उठाया खौफनाक कदम
    दुष्कर्म की घटना के बाद महिला गहरे मानसिक तनाव में चली गई। 8 अप्रैल को उसने जहरीला पदार्थ (सल्फास) खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    पुलिस जांच में जुटी, आरोपी फरार
    मामले की जानकारी मिलते ही Madhya Pradesh Police ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 और 64(1) के तहत केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी फरार है और उसकी तलाश के लिए टीमें बनाई गई हैं।

    सुसाइड नोट बना अहम सबूत
    पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें महिला ने स्पष्ट रूप से आरोपी को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। यह नोट और वीडियो जांच में अहम सबूत माने जा रहे हैं, जिनके आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

    कानून और समाज के सामने बड़ी चुनौती
    इस तरह की घटनाएं न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाती हैं, बल्कि यह भी दिखाती हैं कि पीड़ितों को समय पर मानसिक और कानूनी सहायता मिलना कितना जरूरी है। अगर समय रहते मदद मिलती, तो शायद एक जान बचाई जा सकती थी।

  • इंदौर में दिल दहला देने वाली वारदात, दो युवतियों ने नाबालिग को बेरहमी से पीटा

    इंदौर में दिल दहला देने वाली वारदात, दो युवतियों ने नाबालिग को बेरहमी से पीटा


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के Indore से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग लड़की को फ्लैट में बुलाकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस हरकत में आ गई। मामला Tukoganj थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां इस शर्मनाक वारदात को अंजाम दिया गया।

    कमरे में बंद कर की पिटाई, VIDEO ने खोली पोल
    जानकारी के मुताबिक, घटना तुकोगंज स्थित रूस्तम के बगीचे इलाके की है। यहां एक फ्लैट में दो युवतियों ने अपनी ही एक नाबालिग सहेली को बुलाया और उसे कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद डंडों, लात-घूंसों से उसकी जमकर पिटाई की गई। आरोप है कि इस दौरान पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बनाया गया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    पुलिस हुई एक्टिव, जांच शुरू
    वीडियो सामने आने के बाद Madhya Pradesh Police हरकत में आई है। एमआईजी थाना प्रभारी जितेंद्र यादव के अनुसार, उन्हें इस घटना की जानकारी मीडिया के जरिए मिली, जिसके बाद तुरंत जांच शुरू की गई। पुलिस ने वीडियो के आधार पर संबंधित पक्षों को थाने बुलाकर पूछताछ की है और आरोपियों की पहचान कर ली गई है।

    सभी नाबालिग, शिकायत का इंतजार
    पुलिस के मुताबिक, इस मामले में मारपीट करने वाली और पीड़िता—सभी नाबालिग हैं। फिलहाल पीड़िता की ओर से कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    पुरानी रंजिश बनी वजह
    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पीड़िता और आरोपी युवतियों के बीच पहले किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। इसी रंजिश के चलते उसे बहाने से फ्लैट पर बुलाया गया और फिर इस वारदात को अंजाम दिया गया।

    पहले भी सामने आ चुके ऐसे मामले
    गौरतलब है कि कुछ दिन पहले Hiranagar इलाके में भी इसी तरह का एक मारपीट का वीडियो सामने आया था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने शहर में कानून-व्यवस्था और युवाओं के व्यवहार को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

  • शहडोल हादसा ,क्रेटा कार में गांजा मिला खेत के कुएं, में मिली तीन लाशें

    शहडोल हादसा ,क्रेटा कार में गांजा मिला खेत के कुएं, में मिली तीन लाशें


    शहडोल । मध्यप्रदेश के शहडोल जिले से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है जहां अवैध नशे के कारोबार से जुड़े तीन युवकों की मौत ने पूरे इलाके को दहला दिया। यह घटना जैतपुर थाना क्षेत्र में हुई जहां पुलिस से बचने की कोशिश में तीनों युवक भागते हुए एक कुएं में गिर गए और डूबने से उनकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार घटना की शुरुआत देर रात हुई जब डायल 112 की पुलिस टीम नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान कामता कॉलेज तिराहे के पास एक दुर्घटनाग्रस्त सफेद क्रेटा कार खड़ी दिखाई दी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो कार में कोई मौजूद नहीं था लेकिन तलाशी लेने पर उसमें से करीब 5 किलो से अधिक गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मादक पदार्थ को जब्त किया और आगे की कार्रवाई के लिए लौट गई।

    हालांकि असली घटना का खुलासा अगले दिन सुबह हुआ जब पास के खेत में स्थित एक कुएं में तीन शव तैरते हुए मिले। यह खेत किसान कन्हैया लाल यादव का बताया जा रहा है। जैसे ही ग्रामीणों ने कुएं में लाशें देखीं इलाके में हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद एक एक कर तीनों शवों को कुएं से बाहर निकाला गया। मृतकों की पहचान रोहित शर्मा निवासी बुढार तनुज शुक्ला निवासी शहडोल और सचिन सिंह बघेल निवासी बुढार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि रोहित शर्मा पहले से ही गांजा तस्करी के मामलों में कुख्यात रहा है।

    प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि पुलिस की गाड़ी देखकर कार सवार युवकों ने भागने की कोशिश की। तेज रफ्तार के कारण उनकी कार अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के बाद घायल अवस्था में तीनों युवक अंधेरे का फायदा उठाकर खेतों की ओर भागे। लेकिन घबराहट और रात के अंधेरे में उन्हें सामने मौजूद कुआं दिखाई नहीं दिया और वे सीधे उसमें गिर गए। घायल होने के कारण वे खुद को बचा नहीं सके और कुएं से बाहर निकलने में असफल रहे जिससे तीनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    इस मामले में एसडीओपी विकास पाण्डेय ने बताया कि देर रात एक दुर्घटनाग्रस्त कार से गांजा बरामद हुआ था और उसी कार में सवार तीन युवक भागने के दौरान कुएं में गिर गए जिससे उनकी मौत हो गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस तस्करी के नेटवर्क में और कौन कौन लोग शामिल थे। यह घटना एक बार फिर यह बताती है कि अवैध नशे के कारोबार का अंजाम कितना खतरनाक हो सकता है जहां कानून से बचने की कोशिश कभी कभी सीधे मौत तक ले जाती है।

  • प्यार, धोखा और शोषण: शिवपुरी में लिव-इन रिलेशन का चौंकाने वाला मामला

    प्यार, धोखा और शोषण: शिवपुरी में लिव-इन रिलेशन का चौंकाने वाला मामला


    नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्किन केयर सिर्फ सुंदर दिखने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह हेल्थ का अहम हिस्सा बन चुका है। बढ़ते प्रदूषण, अनियमित खान-पान और तनाव के कारण लोगों की त्वचा पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। ऐसे में स्किन को हेल्दी और ग्लोइंग बनाए रखने के लिए सही देखभाल बेहद जरूरी हो गई है।
    सनस्क्रीन से आयुर्वेद तक बढ़ा ट्रेंड
    भारत में स्किन केयर ट्रेंड तेजी से बदल रहे हैं। पहले जहां लोग सिर्फ फेस वॉश या क्रीम तक सीमित रहते थे, वहीं अब सनस्क्रीन, सीरम और नैचुरल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल बढ़ गया है। खासतौर पर UV किरणों से बचाव के लिए सनस्क्रीन को डेली रूटीन का जरूरी हिस्सा माना जा रहा है। इसके अलावा आयुर्वेदिक और हर्बल प्रोडक्ट्स जैसे एलोवेरा, हल्दी और चंदन भी फिर से लोकप्रिय हो रहे हैं।
    लाइफस्टाइल का सीधा असर त्वचा पर
    स्किन एक्सपर्ट्स के अनुसार, खराब लाइफस्टाइल त्वचा की सबसे बड़ी दुश्मन है। देर रात तक जागना, जंक फूड खाना और पानी कम पीना त्वचा को डल और बेजान बना देता है। वहीं नियमित एक्सरसाइज, पर्याप्त नींद और संतुलित आहार त्वचा को अंदर से स्वस्थ बनाते हैं।
    हाइड्रेशन और डाइट का रखें ध्यान
    त्वचा को हेल्दी रखने के लिए दिनभर में पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। इसके अलावा फलों और हरी सब्जियों का सेवन स्किन को जरूरी पोषण देता है। विटामिन C, E और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर डाइट स्किन को चमकदार बनाए रखने में मदद करती है।
    बेसिक स्किन केयर रूटीन अपनाएं
    एक अच्छा स्किन केयर रूटीन अपनाना बेहद जरूरी है। इसमें क्लेंज़िंग, मॉइश्चराइजिंग और सन प्रोटेक्शन शामिल होना चाहिए। हफ्ते में 1-2 बार स्क्रब और फेस मास्क का इस्तेमाल भी फायदेमंद रहता है।
    नेचुरल उपाय भी कारगर
    घरेलू उपाय भी स्किन केयर में काफी असरदार साबित होते हैं। जैसे दही, बेसन, शहद और गुलाब जल का इस्तेमाल त्वचा को साफ और मुलायम बनाता है। हालांकि, किसी भी नए प्रोडक्ट या उपाय को अपनाने से पहले स्किन टाइप को समझना जरूरी है।

  • ग्वालियर में पुलिस पर सवाल: रेप केस में आरोपी इंस्पेक्टर गायब, जांच में तेजी

    ग्वालियर में पुलिस पर सवाल: रेप केस में आरोपी इंस्पेक्टर गायब, जांच में तेजी


    ग्वालियर ग्वालियर में एक फैशन डिजाइनर द्वारा लगाए गए दुष्कर्म के गंभीर आरोपों ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। 38 वर्षीय महिला की शिकायत पर झांसी रोड थाना पुलिस ने इंस्पेक्टर रूपेश शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने शादी का झांसा देकर महिला के साथ लंबे समय तक शारीरिक संबंध बनाए और बाद में सच सामने आने पर धमकियां भी दीं।

    FIR के बाद मोबाइल बंद कर हुआ फरार, पुलिस तलाश में जुटी
    मामला दर्ज होने के बाद आरोपी इंस्पेक्टर रूपेश शर्मा अचानक मोबाइल बंद कर फरार हो गए। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश जारी है और कई संभावित ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

    ट्रांसफर और रिलीविंग को लेकर भी उठे सवाल
    जानकारी के अनुसार, डीजीपी के आदेश पर सोमवार सुबह आरोपी इंस्पेक्टर का पुलिस ट्रेनिंग स्कूल (पीटीएस) तिघरा से पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) में ट्रांसफर किया गया था। इसके बाद उन्हें रिलीव भी कर दिया गया। हालांकि हैरानी की बात यह है कि पुलिस अभी भी उन्हें फरार मानकर तलाश कर रही है और यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने पीएचक्यू में जॉइन किया या नहीं।

    भितरवार और शिवपुरी में पुलिस की दबिश
    पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी इंस्पेक्टर रूपेश शर्मा भितरवार के श्रीराम कॉलोनी के निवासी हैं, जबकि उनकी ससुराल शिवपुरी में है। इसी आधार पर झांसी रोड थाना पुलिस की दो टीमें भितरवार और शिवपुरी भेजी गईं, जहां दबिश दी गई, लेकिन आरोपी का कोई पता नहीं चल सका।

    पीड़िता का मेडिकल और कोर्ट में बयान दर्ज
    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पीड़िता का ग्वालियर के कमलाराजा अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया। इसके बाद धारा 164 के तहत कोर्ट में पीड़िता के बयान दर्ज किए गए, जिसमें उसने FIR में दिए गए अपने आरोपों को दोहराया और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

    सोशल मीडिया से शुरू हुई पहचान और रिश्ते में बदल गई कहानी
    पुलिस जांच में सामने आया कि पीड़िता एक फैशन डिजाइनर हैं, जिनके पति का 2018 में निधन हो चुका है और उनका एक 9 साल का बच्चा है। वर्ष 2024 में फेसबुक के जरिए उनकी पहचान इंस्पेक्टर रूपेश शर्मा से हुई थी। शुरुआत में बातचीत दोस्ती में बदली और फिर नजदीकियां बढ़ गईं।

    शादी का झांसा देकर संबंध बनाने का आरोप
    पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने अपनी शादीशुदा स्थिति छुपाकर उससे शादी का वादा किया और 16 अगस्त 2024 को बुटीक में आकर जबरन संबंध बनाए। इसके बाद वह लगातार संपर्क में रहा और शादी का आश्वासन देता रहा। बाद में जब सच्चाई सामने आई तो उसने महिला को धमकाना शुरू कर दिया।

    9 महीने की गर्भवती पीड़िता, राजनीतिक दबाव के भी आरोप
    पीड़िता वर्तमान में 9 महीने की गर्भवती बताई जा रही है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि वह एक भाजपा नेत्री की करीबी हैं, जिससे मामले को लेकर राजनीतिक चर्चा भी तेज हो गई है। हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ रही है।

    पुलिस जांच जारी, गिरफ्तारी पर सबकी नजर
    फिलहाल पुलिस आरोपी इंस्पेक्टर की तलाश में लगातार जुटी हुई है और कई जगहों पर दबिश दी जा रही है। वहीं, मामला पुलिस विभाग के भीतर ही आरोपी होने के कारण और भी संवेदनशील हो गया है।

  • इश्क साजिश और कत्ल: 1 लाख की सुपारी देकर पति को मरवाने वाली पत्नी गिरफ्तार

    इश्क साजिश और कत्ल: 1 लाख की सुपारी देकर पति को मरवाने वाली पत्नी गिरफ्तार

    धार। मध्यप्रदेश के धार जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है जहां पति-पत्नी के रिश्ते को तार-तार करते हुए एक महिला ने अपने प्रेम संबंधों के चलते पति की हत्या की साजिश रच डाली। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने खुलासा किया कि मिर्च व्यापारी देवकृष्ण पुरोहित की हत्या किसी लूटपाट का परिणाम नहीं बल्कि एक सुनियोजित साजिश थी जिसकी मास्टरमाइंड उसकी पत्नी प्रियंका ही निकली।

    घटना सरदारपुर थाना क्षेत्र की है जहां सोमवार रात व्यापारी की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। शुरुआती जांच में इसे लूट की वारदात बताया जा रहा था लेकिन पुलिस को घटनास्थल और परिस्थितियों में कई ऐसे सुराग मिले जिन्होंने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया। जब पुलिस ने गहराई से जांच शुरू की और मृतक की पत्नी प्रियंका से पूछताछ की तो कहानी का चौंकाने वाला सच सामने आया।

    पूछताछ में खुलासा हुआ कि प्रियंका ने अपने प्रेमी कमलेश के साथ मिलकर इस हत्या की पूरी साजिश रची थी। दोनों के बीच लंबे समय से संबंध थे और इसी रिश्ते को आगे बढ़ाने के लिए प्रियंका अपने पति को रास्ते से हटाना चाहती थी। इसके लिए उसने करीब 1 लाख रुपये की सुपारी देकर अपने परिचितों के जरिए हत्या करवाने का प्लान बनाया।

    घटना की रात प्रियंका ने आरोपियों को घर की पूरी जानकारी दी और यह भी बताया कि उस समय घर में सिर्फ वही और उसका पति मौजूद हैं। योजना के मुताबिक आरोपी घर में घुसे पहले पत्नी को अलग करने का नाटक किया और फिर व्यापारी पर हमला कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद पूरे घर का सामान अस्त-व्यस्त कर दिया गया ताकि यह मामला डकैती जैसा लगे।

    इतना ही नहीं खुद को निर्दोष साबित करने के लिए प्रियंका ने अपने हाथ-पैर बंधवाकर एक झूठी कहानी भी गढ़ी। आरोपियों ने उसे शोर मचाने के लिए कहा ताकि घटना वास्तविक लगे। लेकिन पुलिस की सख्त जांच और तकनीकी साक्ष्यों ने इस झूठ की परतें खोल दीं।

    आरोपी कमलेश ने पूछताछ में बताया कि प्रियंका अपने पति से परेशान थी और इसी वजह से उसने उसे खत्म करने की योजना बनाई। हत्या के बाद प्रियंका ने आरोपियों को कुछ जेवर और 30 से 40 हजार रुपये नकद भी दिए थे।

    धार पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह एक सुनियोजित हत्या थी जिसे लूट का रूप देने की कोशिश की गई थी। पुलिस ने 12 घंटे के भीतर मामले का खुलासा कर आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है।

    यह घटना न केवल एक जघन्य अपराध को उजागर करती है बल्कि यह भी दिखाती है कि अवैध संबंध किस तरह एक परिवार को तबाह कर सकते हैं। रिश्तों में विश्वास की जगह जब साजिश ले लेती है तो परिणाम कितना भयावह हो सकता है इसका यह मामला एक कड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है।