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  • रिश्तों में क्या हुआ ऐसा दर्द? नई-नवेली दुल्हन ने लगाई फांसी, हादसे ने बचा ली जान

    रिश्तों में क्या हुआ ऐसा दर्द? नई-नवेली दुल्हन ने लगाई फांसी, हादसे ने बचा ली जान


    ग्वालियर ।
    ग्वालियर के महाराजपुरा इलाके से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शादी के महज दो दिन बाद ही एक नवविवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। हालांकि किस्मत ने उसका साथ दिया और फंदा तथा कुर्सी टूट जाने के कारण उसकी जान बच गई। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।

    जानकारी के मुताबिक, भिंड जिले के गोरमी क्षेत्र की रहने वाली 22 वर्षीय सपना गुर्जर की शादी 25 अप्रैल 2026 को ग्वालियर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र स्थित लक्ष्मणगढ़ निवासी सौरभ गुर्जर के साथ हुई थी। शादी के बाद सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन दो दिन बाद ही ससुराल में किसी बात को लेकर विवाद हो गया। बताया जा रहा है कि इसी विवाद से आहत होकर सपना ने अपने कमरे में जाकर फांसी लगाने का प्रयास किया।

    घटना के दौरान अचानक फंदा और पैरों के नीचे रखी कुर्सी टूट गई, जिससे तेज आवाज हुई। आवाज सुनकर परिजन तुरंत कमरे में पहुंचे, जहां सपना बेसुध हालत में मिली। परिजनों ने बिना समय गंवाए उसे तुरंत Jayarogya Hospital पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे भर्ती कर इलाज शुरू किया। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत गंभीर जरूर है, लेकिन फिलहाल स्थिर बनी हुई है। उसके गले पर फंदे के निशान पाए गए हैं, जिससे आत्महत्या के प्रयास की पुष्टि होती है।

    घटना की सूचना मिलते ही महाराजपुरा थाना पुलिस भी अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, नवविवाहिता अभी बयान देने की स्थिति में नहीं है। जैसे ही वह होश में आएगी, उसके बयान दर्ज किए जाएंगे, जिससे इस पूरे घटनाक्रम की असली वजह सामने आ सकेगी। फिलहाल पुलिस ससुराल पक्ष के लोगों से पूछताछ कर रही है और मायके पक्ष को भी सूचना दे दी गई है।

    उधर, सपना के परिजन भी भिंड से ग्वालियर पहुंच चुके हैं और मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर शादी के दो दिन बाद ही ऐसा क्या हुआ, जिसने नवविवाहिता को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। यदि जांच में किसी प्रकार की प्रताड़ना या दबाव की बात सामने आती है, तो संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला कई सवाल खड़े कर रहा है और सभी की निगाहें नवविवाहिता के बयान पर टिकी हैं, जो इस पूरे घटनाक्रम की असली वजह उजागर करेगा।

  • प्रेमिका की शादी के दिन युवक ने ली आखिरी सांस ,गुना में सुसाइड से मचा हड़कंप

    प्रेमिका की शादी के दिन युवक ने ली आखिरी सांस ,गुना में सुसाइड से मचा हड़कंप


    गुना । मध्य प्रदेश के गुना से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जहां एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है 25 वर्षीय प्रद्युम्न सिंह सहरिया की मौत ने न केवल उसके परिवार को झकझोर कर रख दिया है बल्कि प्रेम संबंधों के जटिल पहलुओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं

    जानकारी के अनुसार प्रद्युम्न ने मंगलवार शाम नेशनल हाईवे के किनारे जहरीला पदार्थ निगल लिया था इसके बाद वह खुद ही बदहवास हालत में पुलिस चौकी पहुंचा और अपनी स्थिति के बारे में जानकारी दी पुलिस ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया लेकिन हालत गंभीर होने के कारण बुधवार तड़के इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई

    प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि इस आत्मघाती कदम के पीछे एक प्रेम संबंध की कहानी जुड़ी हुई है बताया जा रहा है कि प्रद्युम्न पहले से शादीशुदा था लेकिन करीब पांच साल पहले उसका एक युवती के साथ प्रेम संबंध शुरू हुआ था यह रिश्ता धीरे धीरे इतना गहरा हो गया कि उसने अपनी शादीशुदा जिंदगी से दूरी बना ली

    परिजनों के अनुसार प्रद्युम्न ने अपनी प्रेमिका के कहने पर करीब दो साल पहले अपनी पत्नी को छोड़ दिया था उसे उम्मीद थी कि अब वह अपनी प्रेमिका के साथ नई जिंदगी शुरू करेगा लेकिन हालात उसके मुताबिक नहीं रहे दोनों के बीच लगातार तनाव बना रहा और आखिरकार युवती ने उसके साथ रहने से इनकार कर दिया

    घटना ने तब और भी दुखद मोड़ ले लिया जब पता चला कि जिस दिन प्रद्युम्न की हालत अस्पताल में गंभीर बनी हुई थी उसी दिन उसकी प्रेमिका की शादी की रस्में बमोरी क्षेत्र में चल रही थीं इस संयोग ने इस पूरी घटना को और भी मार्मिक बना दिया

    स्थानीय लोगों के अनुसार प्रद्युम्न मानसिक रूप से काफी परेशान था और रिश्ते में आई दूरी को वह सहन नहीं कर पा रहा था हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना के पीछे और कोई कारण तो नहीं है

    यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि भावनात्मक तनाव और रिश्तों में असंतुलन व्यक्ति को किस हद तक प्रभावित कर सकता है जरूरत इस बात की है कि ऐसे मामलों में समय रहते संवाद और समझदारी से स्थिति को संभाला जाए फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और परिजनों के बयान भी लिए जा रहे हैं वहीं पूरे इलाके में इस घटना को लेकर शोक और चर्चा का माहौल बना हुआ है

  • सेना की ट्रेन रोकने की साजिश का अंत खंडवा रेलवे कोर्ट ने ट्रैकमैन को सुनाई 6 साल की सजा

    सेना की ट्रेन रोकने की साजिश का अंत खंडवा रेलवे कोर्ट ने ट्रैकमैन को सुनाई 6 साल की सजा


    खंडवा । मध्य प्रदेश के खंडवा में सेना की विशेष ट्रेन को रोकने के सनसनीखेज मामले में आखिरकार न्याय की प्रक्रिया पूरी हो गई है और रेलवे कोर्ट ने इस गंभीर अपराध में शामिल आरोपी को कड़ी सजा सुनाई है इस फैसले ने न केवल रेलवे सुरक्षा को लेकर सख्त संदेश दिया है बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही या साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

    इस मामले में आरोपी रेलवे कर्मचारी साबिर उर्फ शब्बीर को दोषी करार देते हुए कोर्ट ने उसे 6 साल के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है यह घटना 18 सितंबर 2024 की है जब जम्मू कश्मीर से कर्नाटक जा रही सेना की विशेष ट्रेन को खंडवा के डोंगरगांव और सागफाटा स्टेशनों के बीच अचानक रोकना पड़ा था

    दरअसल रेलवे ट्रैक पर लगाए गए डेटोनेटर के फटने से ट्रेन को आपात स्थिति में रोकना पड़ा था जिससे यात्रियों और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया था यह मामला बेहद संवेदनशील था क्योंकि इसमें सेना की विशेष ट्रेन शामिल थी ऐसे में किसी भी बड़ी घटना की आशंका को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की गई

    घटना के बाद रेलवे पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी थी रेलवे टीआई संजीव कुमार और उनकी टीम ने मौके से डेटोनेटर के अवशेष बरामद किए और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया इस दौरान आरपीएफ की टीम और श्वान दस्ते के कुत्ते जेम्स की मदद से करीब 8 किलोमीटर तक सर्चिंग अभियान चलाया गया

    इस सर्चिंग के दौरान मिले सुरागों के आधार पर रेलवे कर्मचारी साबिर की पहचान हुई पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया जिससे जांच एजेंसियों को मामले की कड़ी जोड़ने में आसानी हुई इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए आईबी एनआईए और एटीएस जैसी केंद्रीय एजेंसियां भी जांच में शामिल हुई थीं

    जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य जुटाए गए और इसके बाद मामला रेलवे कोर्ट में पेश किया गया जहां विस्तृत सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई इस फैसले को रेलवे सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है

    यह मामला इस बात का उदाहरण है कि रेलवे जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था में कार्यरत कर्मचारियों की जिम्मेदारी कितनी बड़ी होती है और किसी भी प्रकार की लापरवाही या आपराधिक कृत्य कितने गंभीर परिणाम ला सकते हैं अदालत के इस फैसले से यह संदेश गया है कि देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा

    इस पूरे घटनाक्रम ने रेलवे सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके और यात्रियों के साथ साथ देश की महत्वपूर्ण सेवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके

  • उज्जैन यूनिवर्सिटी में दहशत का साया नई बिल्डिंग पर लिखी धमकी ने बढ़ाई चिंता सुरक्षा पर उठे सवाल

    उज्जैन यूनिवर्सिटी में दहशत का साया नई बिल्डिंग पर लिखी धमकी ने बढ़ाई चिंता सुरक्षा पर उठे सवाल


    उज्जैन । मध्यप्रदेश के उज्जैन में स्थित सम्राट विक्रम विश्वविद्यालय एक अजीब और चिंताजनक घटना के बाद सुर्खियों में आ गया है जहां शिक्षा के माहौल के बीच अचानक दहशत का साया छा गया है विश्वविद्यालय की कृषि अध्ययनशाला की नई बिल्डिंग में अज्ञात शरारती तत्वों की हरकत ने छात्रों और स्टाफ दोनों को भयभीत कर दिया है

    करीब 17 करोड़ की लागत से तैयार इस नई इमारत को हाल ही में शैक्षणिक गतिविधियों के लिए शुरू किया गया था लेकिन अब यह बिल्डिंग एक सनसनीखेज घटना की वजह से चर्चा में है बताया जा रहा है कि सुबह जब लोग परिसर पहुंचे तो मुख्य द्वार पर लाल रंग से लिखे शब्दों ने सभी को हैरान कर दिया गेट पर बड़े अक्षरों में तुम सब मरोगे लिखा हुआ था जिसे देखकर मौके पर मौजूद लोगों के बीच हड़कंप मच गया

    सिर्फ यही नहीं बल्कि गेट के पास कुछ संदिग्ध सामान भी रखा हुआ मिला जिसमें एक मटकी लाल कपड़ा और अन्य वस्तुएं शामिल थीं इन चीजों को देखकर कई लोगों ने तंत्र क्रिया जैसी आशंका जताई हालांकि इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है लेकिन इस तरह का दृश्य देखकर छात्रों और कर्मचारियों में डर का माहौल बनना स्वाभाविक था

    घटना की जानकारी मिलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन तुरंत सक्रिय हुआ और सबसे पहले मौके से उस संदिग्ध सामान को हटाया गया साथ ही दीवार पर लिखे धमकी भरे शब्दों को भी मिटा दिया गया विभागाध्यक्ष ने इस पूरी घटना को असामाजिक तत्वों की शरारत बताया है और उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी गई है

    इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहा है क्योंकि जिस स्थान पर यह घटना हुई वहां सीसीटीवी कैमरे तक नहीं लगे हैं ऐसे में यह पता लगाना मुश्किल हो गया है कि यह हरकत किसने और कब की छात्रों का कहना है कि अगर परिसर में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम होते तो शायद ऐसी घटना को रोका जा सकता था

    करीब 1100 छात्रों और स्टाफ के बीच इस घटना के बाद भय का माहौल है कई छात्र अब अकेले उस बिल्डिंग की ओर जाने से भी हिचकिचा रहे हैं शिक्षा का माहौल जहां सुरक्षित और सकारात्मक होना चाहिए वहां इस तरह की घटनाएं चिंता बढ़ाने वाली हैं

    प्रशासन अब पूरे मामले की जांच में जुट गया है और यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि इसके पीछे कौन लोग हैं और उनका उद्देश्य क्या था साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर भी विचार किया जा रहा है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो

    यह घटना सिर्फ एक शरारत नहीं बल्कि एक गंभीर चेतावनी भी हो सकती है जो यह संकेत देती है कि शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा को लेकर और अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है फिलहाल सभी की नजरें जांच के नतीजों पर टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस रहस्य से पर्दा उठेगा

  • दिल दहला देने वाली सुबह: रात तक हंसी-ठिठोली, सुबह फंदे पर झूलता मिला पति-पत्नी का शव

    दिल दहला देने वाली सुबह: रात तक हंसी-ठिठोली, सुबह फंदे पर झूलता मिला पति-पत्नी का शव


    सागर । मध्यप्रदेश के सागर जिले से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है जहां एक पति और पत्नी ने एक साथ अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली इस घटना ने न केवल परिवार बल्कि पूरे मोहल्ले को गहरे सदमे में डाल दिया है मामला शाहगढ़ थाना क्षेत्र के नगर परिषद के वाल्मीकि वार्ड का है जहां रहने वाले 45 वर्षीय उत्तम अहिरवार और उनकी 42 वर्षीय पत्नी हरिबाई का शव उनके ही घर में फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला

    हैरानी की बात यह है कि जिस दंपती ने यह खौफनाक कदम उठाया वह कुछ घंटों पहले तक पूरी तरह सामान्य नजर आ रहे थे बताया जा रहा है कि घटना वाली रात दोनों अपने घर के बाहर पड़ोसियों के साथ बैठे थे बातचीत कर रहे थे और माहौल पूरी तरह सामान्य था किसी को भी इस बात का अंदेशा नहीं था कि यह उनकी जिंदगी की आखिरी रात साबित होगी

    सुबह जब घर के अंदर से कोई हलचल नहीं हुई तो परिजनों और आसपास के लोगों को शक हुआ दरवाजा खोलकर देखा गया तो अंदर का दृश्य रोंगटे खड़े कर देने वाला था पति और पत्नी दोनों फंदे पर झूल रहे थे यह दृश्य देखते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई

    घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई जिसके बाद शाहगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को नीचे उतारकर पंचनामा कार्रवाई की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया प्रारंभिक जांच में किसी तरह का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है जिससे यह घटना और भी ज्यादा रहस्यमयी बन गई है

    मृतक दंपती के भतीजे ने पुलिस को घटना की जानकारी दी वहीं उनके बेटे को भी सूचना दी गई जो उस समय सागर में मौजूद था परिवार के लोग इस घटना से पूरी तरह टूट चुके हैं और किसी को समझ नहीं आ रहा कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि दोनों ने एक साथ इतना बड़ा कदम उठा लिया

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है आत्महत्या के पीछे की वजह जानने के लिए परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कहीं कोई मानसिक दबाव या पारिवारिक विवाद तो इसकी वजह नहीं बना

    इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि हमारे आसपास रहने वाले लोग कितनी चुपचाप अपने अंदर संघर्ष झेल रहे होते हैं और हमें इसकी भनक तक नहीं लगती एक सामान्य दिखने वाली जिंदगी के पीछे छिपे दर्द का अंदाजा लगाना अक्सर मुश्किल हो जाता है फिलहाल पूरे मामले का सच पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही सामने आ पाएगा लेकिन इस दर्दनाक घटना ने इलाके में गहरा सन्नाटा जरूर छोड़ दिया है

  • गार्डन से बच्चों का अपहरण रच रहे थे पड़ोसी पुलिस ने 7 घंटे में बचाए मासूम और दबोचे आरोपी

    गार्डन से बच्चों का अपहरण रच रहे थे पड़ोसी पुलिस ने 7 घंटे में बचाए मासूम और दबोचे आरोपी


    इंदौर । मध्यप्रदेश के इंदौर में एक सनसनीखेज किडनैपिंग केस ने पूरे शहर को हिला दिया जहां शॉर्टकट से पैसा कमाने की चाह में पड़ोसियों ने मासूम बच्चों के अपहरण की साजिश रच डाली। लालाराम नगर इलाके में गुरुवार शाम 9 वर्षीय नैतिक और 11 वर्षीय सम्राट को बहला फुसलाकर उठाया गया लेकिन पुलिस और परिवार की तत्परता के चलते महज 7 घंटे के भीतर दोनों बच्चों को सुरक्षित छुड़ा लिया गया और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

    इस पूरी साजिश के पीछे बेरोजगारी और आर्थिक तंगी बड़ा कारण बनकर सामने आई है। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी विनीत और उसकी बहन राधिका ने अपने साथियों ललित और उसकी पत्नी तनीषा के साथ मिलकर यह प्लान तैयार किया था। आरोपियों ने अपने इलाके के गार्डन में कई दिनों तक रेकी की क्योंकि वहां बड़े परिवारों के बच्चे खेलने आते थे और उन्हें लगा कि ऐसे बच्चों के अपहरण से मोटी फिरौती वसूली जा सकती है।

    योजना के तहत राधिका ने अपनी साथी तनीषा को खास परिवार के बच्चों को निशाना बनाने के लिए कहा था लेकिन गलती से उन्होंने दूसरे परिवार के बच्चों को उठा लिया। आरोपियों को यह अंदाजा नहीं था कि जिन बच्चों को उन्होंने टारगेट बनाया है वे साधारण परिवार से हैं। नैतिक के पिता जूस का ठेला लगाते हैं जबकि सम्राट के पिता ढोलक बजाकर जीविका चलाते हैं।

    घटना का खुलासा नैतिक के चचेरे भाई ध्रुव की सतर्कता से हुआ। वह कुछ समय के लिए घर गया था और वापस लौटने पर नैतिक को गायब पाया। एक दोस्त से जानकारी मिलने पर उसने तुरंत परिवार को सूचना दी। परिवार ने आसपास तलाश शुरू की और पड़ोस में लगे सीसीटीवी कैमरों में दोनों बच्चे एक महिला के साथ जाते हुए नजर आए। इसके बाद अपहरण की आशंका पर पुलिस को सूचना दी गई।

    बच्चों ने बताया कि आरोपियों ने उन्हें बहाने से अपने साथ ले जाकर एक कमरे में रखा जहां उन्हें खाना दिया गया और मोबाइल पर गेम भी खेलने दिया गया ताकि वे शांत रहें। बाद में आरोपियों ने फिरौती के लिए फोन किया और पैसे न मिलने पर नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो बच्चों को छिपाने की कोशिश भी की गई लेकिन पुलिस की सूझबूझ से सभी आरोपी पकड़ लिए गए।

    पूरे ऑपरेशन के दौरान पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह लगातार निगरानी में रहे और हर गतिविधि पर नजर बनाए रखी। मोबाइल लोकेशन और संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर टीम ने सही जगह पर दबिश दी और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। जरूरत पड़ने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए थे जिससे पुलिस की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

    जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले ज्वेलरी शॉप लूटने की योजना बना चुके थे लेकिन असफल रहने के बाद उन्होंने बच्चों के अपहरण का रास्ता चुना। यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि आर्थिक तंगी और लालच किस हद तक लोगों को अपराध की ओर धकेल सकता है। वहीं दूसरी ओर परिवार और पुलिस की सतर्कता ने यह साबित कर दिया कि समय पर उठाया गया कदम किसी भी बड़ी अनहोनी को टाल सकता है।

  • खरगोन में हनुमान मंदिर में तोड़फोड़ से बवाल, आरोपी गिरफ्तार, गांव में पुलिस बल तैनात

    खरगोन में हनुमान मंदिर में तोड़फोड़ से बवाल, आरोपी गिरफ्तार, गांव में पुलिस बल तैनात

    खरगोन । मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के झिरन्या क्षेत्र में हनुमान मंदिर में तोड़फोड़ और मूर्ति खंडित करने की घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया, जिससे स्थिति संवेदनशील हो गई।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी से पूछताछ जारी है ताकि घटना के पीछे के कारणों और संभावित साजिश का पता लगाया जा सके।

    घटना के बाद से ही गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए पुलिस बल को मौके पर तैनात कर दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर पहचान कर आरोपी को तेजी से पकड़ा गया ताकि स्थिति और अधिक न बिगड़े। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की अफवाह या उकसावे पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    एसपी ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस गश्त भी बढ़ा दी गई है। साथ ही सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर भी नजर रखी जा रही है ताकि माहौल खराब न हो।

    इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए और अधिक सतर्कता की आवश्यकता है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।

  • भिण्ड में अवैध हथियार लाइसेंस गिरोह पकड़ा गया, सरकारी सिस्टम में सेंध का खुलासा

    भिण्ड में अवैध हथियार लाइसेंस गिरोह पकड़ा गया, सरकारी सिस्टम में सेंध का खुलासा


    भिण्ड । मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में पुलिस ने एक बड़े और संगठित फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि जांच में कलेक्ट्रेट कार्यालय के दो कर्मचारियों की संलिप्तता भी सामने आने से प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

    पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि यह गिरोह लंबे समय से अवैध रूप से आर्म्स लाइसेंस तैयार कर लोगों को उपलब्ध करा रहा था। इसके बदले में आरोपियों द्वारा मोटी रकम वसूली जाती थी। जानकारी के अनुसार एक फर्जी शस्त्र लाइसेंस तैयार करने के लिए करीब तीन लाख रुपए तक लिए जाते थे। इस तरह यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा था और दस्तावेजों की प्रक्रिया में भी गड़बड़ी की जा रही थी।

    लहार क्षेत्र से सुनील शर्मा और उसके बेटे प्रांशु शर्मा की गिरफ्तारी इस मामले में अहम मानी जा रही है। पुलिस के अनुसार सुनील शर्मा के खिलाफ पहले से ही सात आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके बावजूद उसने अपने प्रभाव और नेटवर्क का उपयोग करते हुए अपने बेटे के नाम पर भी फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवा लिया था।

    जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इस पूरे रैकेट में केवल बाहरी लोग ही नहीं बल्कि सरकारी सिस्टम के भीतर से भी सहयोग मिल रहा था। कलेक्ट्रेट में कार्यरत दो कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, जिनसे पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। माना जा रहा है कि इनकी मदद से ही दस्तावेजों को आगे बढ़ाया जाता था और लाइसेंस जारी कराए जाते थे।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क हो सकता है। इसी संभावना को देखते हुए अब पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। डिजिटल रिकॉर्ड, आवेदन फाइलें और संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अब तक कितने फर्जी लाइसेंस जारी किए गए हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस रैकेट के जरिए कई ऐसे लोगों तक भी हथियार पहुंचे हैं जिनका आपराधिक रिकॉर्ड हो सकता है। इस कारण यह मामला सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद गंभीर माना जा रहा है।

    फिलहाल पुलिस ने सभी 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही कलेक्ट्रेट कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच तेज कर दी गई है। इस पूरे मामले ने सरकारी प्रक्रियाओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं और प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ी दोबारा न हो।

  • इंदौर में बड़ा खुलासा: पुलिसकर्मियों की शिकायत करने वाला व्यापारी खुद निकला आरोपी

    इंदौर में बड़ा खुलासा: पुलिसकर्मियों की शिकायत करने वाला व्यापारी खुद निकला आरोपी

    नई दिल्ली। इंदौर के लसूड़िया क्षेत्र में पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाले व्यापारी गौरव जैन को लेकर अब बड़ा खुलासा हुआ है। शुरुआती तौर पर जहां मामला पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर रहा था, वहीं अब जांच में सामने आया है कि शिकायतकर्ता खुद ही कई मामलों में आरोपी है। गौरव जैन के खिलाफ इंदौर समेत ग्वालियर, झाबुआ और शाजापुर में भी आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, जिनमें मारपीट, चेक बाउंस और अन्य गंभीर आरोप शामिल हैं।
    कई जिलों में दर्ज हैं केस और वारंट
    जानकारी के मुताबिक, गौरव जैन के खिलाफ ग्वालियर में दो गिरफ्तारी वारंट जारी हैं, जबकि झाबुआ और शाजापुर में भी उसके खिलाफ वारंट लंबित हैं। इससे साफ होता है कि वह पहले से ही पुलिस रिकॉर्ड में एक आदतन अपराधी के रूप में दर्ज है। इसके बावजूद उसने हाल ही में पांच पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद विभागीय कार्रवाई भी हुई थी।
    रिटायर्ड एसीपी को 100 से ज्यादा कॉल कर दी धमकी
    मामले में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। रिटायर्ड एसीपी राकेश गुप्ता ने गौरव जैन के खिलाफ मानसिक उत्पीड़न की शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि गौरव ने उन्हें 100 से अधिक बार फोन कर धमकाया। इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई और ऑडियो रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सौंपी गई, जिसमें गौरव कथित तौर पर खुलेआम धमकी देता सुनाई दे रहा है।
    विवादित फ्लैट और चल रहा कोर्ट केस
    गौरव जैन का एक और विवाद उसके निवास से जुड़ा हुआ है। वह जिस फ्लैट में पत्नी और बेटे के साथ रह रहा है, उसे लेकर भी विवाद चल रहा है। फ्लैट खाली न करने को लेकर मामला कोर्ट में विचाराधीन है। बताया जा रहा है कि समझौते के नाम पर वह फ्लैट पर कब्जा बनाए रखने का दबाव बना रहा था। इस मामले में दूसरी पार्टी की ओर से भी उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
    पुलिस पर लगाए थे गंभीर आरोप
    गौरव जैन ने 16 अप्रैल को पुलिस कमिश्नर और डीसीपी को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि एसआई समेत पांच पुलिसकर्मी उसके घर जबरन घुसे, ताला तोड़ा और कैश व सोना लेकर चले गए। उसने यह भी दावा किया कि पुलिस ने उसे ग्वालियर ले जाने के दौरान पैसे वसूले। हालांकि, पुलिस की ओर से इसे यात्रा और अन्य खर्च बताया गया है, जबकि गौरव इसे रिश्वत बता रहा है।
    पुलिस कमिश्नर का बयान
    मामले में पुलिस कमिश्नर ने साफ किया है कि जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी चाहे वह पुलिसकर्मी हो या शिकायतकर्ता खुद।

  • देवास में पुरानी रंजिश ने ली जान 19 वर्षीय युवक की गोली मारकर हत्या, 6 पर केस

    देवास में पुरानी रंजिश ने ली जान 19 वर्षीय युवक की गोली मारकर हत्या, 6 पर केस


    देवास । मध्यप्रदेश के देवास जिले में पुरानी रंजिश ने एक बार फिर खौफनाक रूप ले लिया जहां गुरुवार देर रात भवानी सागर क्षेत्र में हुई गोलीबारी की घटना में एक 19 वर्षीय युवक की जान चली गई जबकि उसका एक साथी गंभीर रूप से घायल हो गया इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव और दहशत का माहौल बना हुआ है

    जानकारी के अनुसार मृतक युवक लड्डू उर्फ शुभम पिता महेश नाथ अपने घर पर भोजन कर रहा था तभी उसके दोस्त गौतम का फोन आया जिसने बताया कि कुछ लोग उसे रोककर विवाद कर रहे हैं स्थिति को समझते हुए लड्डू रात करीब एक बजे मौके पर पहुंचा और विवाद को शांत कराने की कोशिश करने लगा लेकिन मामला शांत होने के बजाय और बिगड़ गया

    बताया जा रहा है कि पहले से चली आ रही पुरानी रंजिश के चलते दोनों पक्ष आमने सामने आ गए और देखते ही देखते विवाद हिंसक झड़प में बदल गया इसी दौरान दो आरोपियों ने पिस्टल निकालकर फायरिंग कर दी गोली सीधे लड्डू के सीने में लगी जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई वहीं गौतम के पैर में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया

    घटना के बाद आरोपियों ने हथियारों से मारपीट भी की और मौके पर मौजूद एक कार में तोड़फोड़ की जिससे स्थिति और भयावह हो गई परिजन और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और दोनों घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने लड्डू को मृत घोषित कर दिया जबकि गंभीर रूप से घायल गौतम को प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर कर दिया गया

    पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा था प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि मृतक लड्डू टेकरी क्षेत्र में नारियल प्रसाद और फोटो की दुकान चलाता था परिजनों का आरोप है कि आरोपी उससे वसूली की मांग करते थे और इससे पहले भी उसकी बाइक को आग के हवाले किया जा चुका था हालांकि पुलिस रिकॉर्ड में यह भी दर्ज है कि दोनों पक्षों पर पहले से कई मामले दर्ज हैं

    नाहर दरवाजा थाना पुलिस ने इस मामले में वरुण बाली सहित रितिक सिहोते तुषार सिहोते मट्टू सिहोते राहुल शूटर और विपिन बाली समेत अन्य के खिलाफ हत्या और अन्य गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग अलग टीमों को इंदौर और अन्य स्थानों पर रवाना किया है

    चौंकाने वाली बात यह है कि इस घटना के बाद मुख्य आरोपी वरुण बाली भी घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती पाया गया है जिससे पूरे मामले में कई नए पहलू सामने आने की संभावना है पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है

    घटना के बाद मृतक के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं उनका कहना है कि अस्पताल में भी उन्हें धमकियां दी गईं कि एक को मार दिया है अब दूसरे को भी देख लेंगे परिजनों ने सुरक्षा की मांग की है और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की अपील की है

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है इस वारदात ने एक बार फिर शहर में कानून व्यवस्था और आपसी रंजिश के बढ़ते मामलों पर सवाल खड़े कर दिए हैं