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  • भोपाल: विजय मेवाड़ा मर्डर केस को लेकर सड़कों पर उतरे हिंदू संगठन, आरोपी के खिलाफ सख्‍त कार्रवाई की मांग

    भोपाल: विजय मेवाड़ा मर्डर केस को लेकर सड़कों पर उतरे हिंदू संगठन, आरोपी के खिलाफ सख्‍त कार्रवाई की मांग

    भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के अशोका गार्डन थाना क्षेत्र में हुए चर्चित हत्या मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी आसिफ उर्फ बम को शॉर्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई बुधवार को उस समय हुई, जब शहर में हिंदू संगठनों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा था।

    यह है मामला
    जानकारी के अनुसार, रविवार और सोमवार की दरमियानी रात अशोका गार्डन इलाके में एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था। इस दौरान 35 वर्षीय चाय कारोबारी विजय मेवाड़ा की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। विजय सुभाष कॉलोनी का निवासी था और अशोका गार्डन व कोलार इलाके में चाय की दो दुकानें संचालित करता था।

    घटना की रात करीब 1:30 बजे वह अपनी होटल बंद कर कर्मचारियों को छोड़ने प्रगति नगर गया था। इसी दौरान मुख्य आरोपी आसिफ उर्फ बम अपने साथियों फरमान, कालू और इमरान के साथ वहां पहुंचा और विवाद शुरू हो गया।

    पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने कर्मचारियों को अपने साथ चलने के लिए कहा, लेकिन उनके इनकार करने पर उनसे अभद्रता की गई। जब विजय ने बीच-बचाव करते हुए आसिफ को समझाने की कोशिश की और ‘बेटा’ कहकर संबोधित किया, तो विवाद और बढ़ गया। गुस्से में आकर आसिफ ने चाकू से विजय के पेट पर वार कर दिया, जबकि उसके साथियों ने भी मारपीट की। वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। घायल विजय को तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    केरवा के जंगल में छिपा था आरोपी

    हत्या के बाद से फरार चल रहे मुख्य आरोपी आसिफ उर्फ बम की तलाश में जुटी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि वह केरवा के जंगलों में छिपा हुआ है। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी की। खुद को घिरा देख आरोपी ने पुलिस पर हमला कर भागने की कोशिश की, जिसके जवाब में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसके पैर में गोली मारकर उसे पकड़ लिया।

    अशोका गार्डन थाना प्रभारी अनुराग लाल ने बताया कि आरोपी को रोकने और आत्मरक्षा के तहत यह कदम उठाया गया। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

    हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन

    वहीं, इस घटना के विरोध में बुधवार को विजय मेवाड़ा के परिजन और विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। सकल हिंदू समाज के आह्वान पर हिंदू उत्सव समिति और बजरंग दल समेत कई संगठनों के लोग रोशनपुरा चौराहे पर एकत्र हुए।

    प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ने लगी। प्रदर्शनकारी पॉलिटेक्निक चौराहे तक पहुंच गए, जो मुख्यमंत्री निवास से लगभग 100 मीटर दूर है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया और लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। साथ ही, प्रदर्शनकारियों में से पांच लोगों को मुख्यमंत्री से मिलने की अनुमति दी गई।

  • मुरैना हादसा: बाइक सवार युवक की मौके पर मौत, अवैध रेत खनन पर फिर गरमाया मुद्दा

    मुरैना हादसा: बाइक सवार युवक की मौके पर मौत, अवैध रेत खनन पर फिर गरमाया मुद्दा


    मुरैना । मध्यप्रदेश के मुरैना जिले से एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है जहां अवैध रेत से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली की टक्कर से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है और अवैध रेत परिवहन को लेकर प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

    जानकारी के अनुसार यह हादसा टेंटरा थाना क्षेत्र के ग्राम बावड़ी पूरा के पास देर रात हुआ। एक युवक अपनी मोटरसाइकिल से गुजर रहा था तभी तेज रफ्तार से आ रही ट्रैक्टर ट्रॉली ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

    बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर ट्रॉली अवैध रूप से रेत लेकर जा रही थी। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की। इस हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।

    लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत खनन और परिवहन जारी है लेकिन प्रशासन द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ऐसे अवैध वाहनों की वजह से सड़क पर चलना भी खतरनाक हो गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर ट्रैक्टर ट्रॉली चालक की तलाश शुरू कर दी है। साथ ही प्रशासन अब अवैध रेत परिवहन पर सख्ती की बात कह रहा है।

    यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर कब तक अवैध खनन और लापरवाही के कारण निर्दोष लोगों की जान जाती रहेगी। जरूरत इस बात की है कि ऐसे मामलों में कड़ीकार्रवाई हो और दोषियों को सख्त सजा मिले ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

  • भिंड: दोस्ती की आड़ में 'हवस का जाल'; दो बहनों ने छात्रा को फंसाया, भाई 6 महीने तक करता रहा रेप; गर्भवती होने पर खुला राज

    भिंड: दोस्ती की आड़ में 'हवस का जाल'; दो बहनों ने छात्रा को फंसाया, भाई 6 महीने तक करता रहा रेप; गर्भवती होने पर खुला राज


    भिंड । मध्यप्रदेश के भिंड जिले में एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक दलित छात्रा को उसकी ही सहेलियों ने साजिश के तहत अपने भाई की हवस का शिकार बनवा दिया। आरोपी साहिल ने छात्रा को डरा-धमकाकर 6 महीने तक उसके साथ दुष्कर्म किया। मामले का खुलासा तब हुआ जब छात्रा गर्भवती हो गई और उसकी तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने पूछताछ की। गुरुवार को पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है, जबकि आरोपी फिलहाल फरार है।

    साजिश: सहेलियों ने कमरे में किया बंद, भाई ने की दरिंदगी
    पुलिस जांच अधिकारी रवींद्र सिंह तोमर के अनुसार, छात्रा की दोस्ती मोहल्ले की ही दो बहनों से थी। परिजनों ने जो आरोप लगाए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं:

    आरोपी साहिल की बहनें अक्सर छात्रा को अपने घर बुलाती थीं। एक दिन उन्होंने साजिश के तहत छात्रा को कमरे में बुलाया और खुद बाहर से दरवाजा बंद कर दिया।कमरे में पहले से मौजूद साहिल ने छात्रा के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। विरोध करने पर उसने छात्रा को बदनाम करने और जान से मारने की धमकी दी। इस धमकी के दम पर आरोपी साहिल पिछले 6 महीनों से लगातार छात्रा का यौन शोषण करता रहा।

    जनाक्रोश: हिंदू संगठनों ने घेरा थाना, सख्त कार्रवाई की मांग
    जैसे ही यह मामला सार्वजनिक हुआ, भिंड में तनाव और आक्रोश फैल गया। बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में थाने पहुँचे।संगठन के नेताओं (नीतीश भारद्वाज, सुरेंद्र शुक्ला भोले) ने कहा कि दलित समाज की बेटियों को योजनाबद्ध तरीके से निशाना बनाया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    सख्त सजा की मांग: प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि आरोपी साहिल के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी एक्ट की गंभीर धाराओं में कार्रवाई कर जल्द से जल्द गिरफ्तारी की जाए।

  • भोपाल सुसाइड: रेप केस में फंसे हारमोनियम वादक ने तोड़ा दम, जमानत के बाद डिप्रेशन में था नेशनल अवार्ड विनर

    भोपाल सुसाइड: रेप केस में फंसे हारमोनियम वादक ने तोड़ा दम, जमानत के बाद डिप्रेशन में था नेशनल अवार्ड विनर


    भोपाल। राजधानी के बिलखिरिया थाना क्षेत्र में एक प्रतिभाशाली हारमोनियम वादक विवेक तिवारी (24) ने मंगलवार देर रात अपने घर में फांसी लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली। विवेक हाल ही में अपनी नाबालिग मंगेतर के साथ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के मामले में जेल से जमानत पर बाहर आया था। बुधवार सुबह अस्पताल से मिली सूचना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

    प्रतिष्ठा का बोझ: पुजारी पिता और ‘राष्ट्रीय सम्मान’ का साया
    विवेक तिवारी केवल एक सामान्य युवक नहीं था, बल्कि हारमोनियम वादन में उसे राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिल चुका था।

    पिता की साख: विवेक के पिता गांव के मंदिर में पुजारी हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि विवेक इस बात को लेकर गहरे मानसिक तनाव में था कि उसके ऊपर लगे ‘रेप’ के आरोपों से उसके पुजारी पिता की समाज में प्रतिष्ठा धूमिल हुई है।करीब 6 महीने जेल में रहने के बाद विवेक 20 दिन पहले ही रिहा हुआ था। घर लौटने के बाद से ही वह गुमसुम और तनावग्रस्त रहने लगा था।

    मामले की पृष्ठभूमि: नवंबर 2025 में दर्ज हुआ था केस
    यह कानूनी विवाद तब शुरू हुआ जब नवंबर 2025 में विवेक के खिलाफ उसकी नाबालिग मंगेतर के साथ दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ।दोनों परिवारों के बीच सहमति थी कि लड़की के बालिग होते ही दोनों का विवाह कर दिया जाएगा, लेकिन इससे पहले ही मामला पुलिस तक पहुँच गया।रेप की शिकायत के बाद जब पीड़िता के माता-पिता विवेक के घर पहुँचे, तो वहां विवाद हुआ। इस दौरान विवेक की माँ और बहन पर पीड़िता के परिजनों के साथ मारपीट और धमकी देने का भी मामला दर्ज किया गया था।

    पुलिस कार्रवाई: सुसाइड नोट गायब, कमरा सील
    बिलखिरिया टीआई उमेश चौहान के अनुसार, घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने विवेक के कमरे को सील कर दिया है और एफएसएल (FSL) टीम की मौजूदगी में कमरे की विस्तृत तलाशी ली जाएगी।फिलहाल परिजनों की स्थिति बयान देने योग्य नहीं है, जल्द ही उनके और पीड़िता के परिवार के बयान दर्ज कर आत्महत्या के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा।

  • भोपाल के होटल में 'खूनी' ड्रामा: पति के सीने पर बैठकर नर्स पत्नी ने ब्लेड से रेता शरीर, हमले के बाद पी शराब और सिगरेट

    भोपाल के होटल में 'खूनी' ड्रामा: पति के सीने पर बैठकर नर्स पत्नी ने ब्लेड से रेता शरीर, हमले के बाद पी शराब और सिगरेट


    भोपाल।  राजधानी के आनंद नगर स्थित ‘होटल कोमल पैलेस’ में शनिवार रात एक ऐसी वारदात हुई जिसने पति-पत्नी के रिश्ते को लहूलुहान कर दिया। सीहोर से भोपाल आई एक सरकारी नर्स ने मामूली विवाद के बाद अपने पति पर ब्लेड और कांच के गिलास से हमला कर दिया। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें महिला हमले के बाद बेखौफ होकर सिगरेट फूंकती और शराब पीती नजर आ रही है।

    विवाद की जड़: ‘खाने’ से शुरू हुआ झगड़ा, खून-खराबे पर थमा
    पुणे की एक मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत राजकुमार (परिवर्तित नाम) अपनी पत्नी निलिमा (परिवर्तित नाम) से मिलने होटल पहुँचा था। निलिमा शाजापुर की रहने वाली है और पेशे से नर्स है।

    झगड़े का बहाना: निलिमा ने होटल में खाना ऑर्डर किया था, लेकिन राजकुमार ने यह कहकर मना कर दिया कि वह घर से खाकर आया है। बस इतनी सी बात पर विवाद बढ़ा और पूरी रात हंगामा चलता रहा।

    तड़के हमला: सुबह करीब 7 बजे जब राजकुमार की नींद खुली, तो वह सिहर उठा। उसकी पत्नी उसके सीने पर बैठी थी और हाथ में धारदार सर्जिकल ब्लेड था।

    बर्बरता: पेट और हाथ पर वार, बाथरूम में छिपकर बचाई जान
    राजकुमार के अनुसार, निलिमा ने उस पर ब्लेड से ताबड़तोड़ वार शुरू कर दिए। दाहिने हाथ और पेट पर गहरे जख्म होने के बाद जब उसने बचने की कोशिश की, तो पत्नी ने कांच का गिलास सिर पर दे मारा। खून से लथपथ राजकुमार जान बचाने के लिए बाथरूम की ओर भागा और बाद में होटल से निकलकर सीधे अस्पताल पहुँचा।

    रिश्ते का काला सच: ‘रेप केस’ से शुरू हुई थी शादी
    पुलिस जांच में इस विवाद की एक पुरानी और कड़वी परत भी सामने आई है:

    पुराना केस: निलिमा ने पहले राजकुमार के खिलाफ बलात्कार (Rape) का केस दर्ज कराया था।

    समझौता शादी: उस कानूनी पचड़े से बचने के लिए राजकुमार ने आर्य समाज मंदिर में उससे शादी कर ली थी।

    तनाव: शादी के बाद से ही दोनों के बीच अनबन चल रही थी। आरोप है कि राजकुमार उसे तलाक देने के लिए दबाव बना रहा था, जिससे निलिमा आक्रोशित थी।

    पुलिस की कार्रवाई और संदेहास्पद परिस्थितियां
    पिपलानी थाना पुलिस ने राजकुमार की शिकायत पर धारदार हथियार से हमला करने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मामला पूरी तरह एकतरफा नहीं लग रहा है। पति द्वारा दी गई जानकारी और मौके के वीडियो के आधार पर पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।

    “यह घटना रिश्तों में बढ़ते अविश्वास और प्रतिशोध की भावना का चरम है। जहाँ एक नर्स (जीवनदायिनी) के हाथ में ब्लेड इलाज के लिए होना चाहिए था, वहां उसने इसे हिंसा का हथियार बना लिया। फिलहाल, भोपाल पुलिस इस ‘मिस्ट्री’ को सुलझाने में जुटी है।”

  • भोपाल में आठ साल की मासूम से रेप:पड़ोसी अधेड़ ने टॉफी का लालच देकर घर बुलाया, लोगों ने गंदी हरकत करते रंगे हाथ पकड़ा

    भोपाल में आठ साल की मासूम से रेप:पड़ोसी अधेड़ ने टॉफी का लालच देकर घर बुलाया, लोगों ने गंदी हरकत करते रंगे हाथ पकड़ा




    भोपाल।
     
    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के ईंटखेड़ी इलाके में इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। यहाँ एक 41 वर्षीय अधेड़ ने पड़ोसी होने का भरोसा तोड़ते हुए 8 साल की मासूम छात्रा को अपनी हवस का शिकार बनाया। हालांकि, आरोपी अपनी इस घिनौनी करतूत को छिपा पाता, उससे पहले ही स्थानीय लोगों की सतर्कता ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया और जमकर सबक सिखाया।

    वारदात: टॉफी का लालच और हैवानियत
    घटना शुक्रवार दोपहर की है, जब दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली मासूम अपने घर के बाहर खेल रही थी। तभी पड़ोस में रहने वाले धर्मेंद्र (41) की नीयत बिगड़ गई। उसने मासूम को टॉफी दिलाने का झांसा दिया और फुसलाकर अपने घर के भीतर ले गया। घर का दरवाजा बंद कर आरोपी ने बच्ची के साथ दरिंदगी शुरू कर दी।

    चीख ने खोली पोल: ग्रामीणों ने किया घेराव
    दरिंदगी के दौरान जब मासूम की चीखें घर से बाहर सुनाई दीं, तो आसपास के लोग अनहोनी की आशंका में तुरंत मौके पर पहुँचे। लोगों ने जब घर के भीतर का नजारा देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।

    रंगे हाथ गिरफ्तारी: गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी धर्मेंद्र को रंगे हाथ दबोच लिया।

    जनता का इंसाफ: पुलिस के पहुँचने से पहले आक्रोशित भीड़ ने आरोपी की जमकर धुनाई कर दी। सूचना मिलते ही ईंटखेड़ी पुलिस मौके पर पहुँची और लहूलुहान हालत में आरोपी को हिरासत में लिया।

    पुलिस की कार्रवाई: मेडिकल में हुई पुष्टि
    पुलिस ने तत्काल मासूम को मेडिकल जांच के लिए भेजा, जहाँ डॉक्टरों ने रेप की पुष्टि की है।

    सख्त धाराएं: पुलिस ने आरोपी के खिलाफ IPC (BNS) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत संगीन मामला दर्ज किया है।

    कोर्ट में पेशी: शुक्रवार दोपहर को ही आरोपी धर्मेंद्र को कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है।

    अपडेट: नाबालिग छात्रा केस में आरोपी माज खान का चौंकाने वाला खुलासा
    इधर, भोपाल के एक अन्य हाई-प्रोफाइल रेप केस (11वीं की छात्रा) में गिरफ्तार आरोपी माज खान ने पुलिस की पूछताछ में सनसनीखेज खुलासे किए हैं। माज ने कबूल किया है कि मुख्य आरोपी ओसाफ अली खान ने ‘थार’ गाड़ी के अंदर नाबालिग से रेप किया था।

    माज ने बताया कि यह सब एक सोची-समझी प्लानिंग का हिस्सा था। जब ओसाफ कार के अंदर था, तब माज बाहर खड़ा होकर कार के शीशे से अंदर झांक रहा था और उसने अपने मोबाइल से पूरी घटना का वीडियो शूट किया। पुलिस अब इस मामले में डिजिटल साक्ष्यों को और मजबूती से जुटा रही है।

  • भिंड: गुलाल लगाने पर मचा 'गदर'; अकोड़ा में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष, लाठी-डंडों से हमले में 4 घायल

    भिंड: गुलाल लगाने पर मचा 'गदर'; अकोड़ा में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष, लाठी-डंडों से हमले में 4 घायल


    भिंड।  मध्य प्रदेश के भिंड जिले के अकोड़ा गांव में शुक्रवार की सुबह रंगों के त्योहार का उल्लास उस वक्त चीख-पुकार में बदल गया, जब एक महिला को जबरन गुलाल लगाने की कोशिश ने हिंसक मोड़ ले लिया। मामूली कहासुनी से शुरू हुआ यह विवाद लाठी-डंडों के तांडव तक जा पहुँचा, जिसमें दोनों पक्षों के कुल चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। फिलहाल, उमरी थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    विवाद की शुरुआत: ‘मना करने पर बदसलूकी’
    घटना शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे की है। पीड़ित महिला सीमा के अनुसार, दो युवक आए और उन्हें जबरन गुलाल लगाने की कोशिश करने लगे। जब सीमा ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उनके साथ अभद्रता की और उन्हें जमीन पर पटक दिया।

    बीच-बचाव और हमला: सीमा की चीख सुनकर जब उनके पति और जीजा धर्मा मौके पर पहुँचे, तो आरोपी पक्ष के प्रदीप और हरविलास ने लाठी-डंडों से उन पर हमला बोल दिया। इस हमले में सीमा, उनके पति और जीजा को गंभीर चोटें आई हैं।

    दूसरा पक्ष: ‘हम पर हुआ हमला’
    वहीं, दूसरी ओर से अंजली प्रजापति ने अलग कहानी बयां की है। उनका आरोप है कि उनके भाई प्रदीप और दादा हरविलास के साथ कुछ लोग मारपीट कर रहे थे। जब वे लोग बीच-बचाव करने पहुँचे, तो विपक्षी पक्ष ने लाठी-डंडों से उन पर भी हमला कर दिया। इस संघर्ष में प्रदीप और बुजुर्ग हरविलास सहित उनके छोटे भाई को भी चोटें आई हैं।

    पुलिस की कार्रवाई और इलाज
    घटना की सूचना मिलते ही अकोड़ा चौकी पुलिस सक्रिय हुई और घायलों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए जिला अस्पताल भिजवाया।घायलों में से तीन की हालत नाजुक देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। उमरी थाना पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों को दर्ज कर मामले की तहकीकात कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद की असली वजह क्या गुलाल ही था या इसके पीछे कोई पुरानी रंजिश छिपी हुई थी।

  • इंदौर में वाहन ठगी गिरोह पर कार्रवाई: संजय कालरा का करीबी ऑटो डीलर गिरफ्तार

    इंदौर में वाहन ठगी गिरोह पर कार्रवाई: संजय कालरा का करीबी ऑटो डीलर गिरफ्तार


    इंदौरइंदौर में हाईप्रोफाइल वाहन ठगी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात आरोपी संजय कालरा के नेटवर्क से जुड़े ऑटो डील संचालक शावेज को गिरफ्तार कर लिया है। कार्रवाई अन्नपूर्णा थाना पुलिस ने की। पुलिस के मुताबिक सुदामा नगर निवासी संजय कालरा उर्फ संजय कालरा पुत्र अशोक कालरा के खिलाफ पहले से 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह लंबे समय से किराये की गाड़ियों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेचने का गोरखधंधा चला रहा था।

    जांच में सामने आया है कि कालरा किराये पर महंगी गाड़ियां लेता, उनके कागजात में हेरफेर कर सौदा तय करता और फिर अपने करीबी ऑटो डीलरों के जरिए उन्हें आगे बेच देता था। इसी कड़ी में शावेज की भूमिका सामने आई, जिसने कालरा के कहने पर कई गाड़ियां ठिकाने लगाने में मदद की। पुलिस के अनुसार दूध व्यवसायी राजकुमार की इनोवा कार किराये पर लेकर उसे नागदा निवासी अमन कुरैशी को सौंपा गया था। इस सौदे में शावेज ने 30 हजार रुपये कमीशन लिया।

    जब पुलिस अमन कुरैशी तक पहुंची तो वह फरार मिला। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उसने भी 20 हजार रुपये कमीशन लेकर वाहन को सूरत, गुजरात में बेच दिया। पुलिस ने शावेज को हिरासत में लेकर कोर्ट से रिमांड मांगा है ताकि पूरे नेटवर्क और अन्य संदिग्ध सौदों का खुलासा किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि यह संगठित तरीके से चलाया जा रहा वाहन ठगी गिरोह है और जल्द ही फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश तेज की जाएगी।

  • छिंदवाड़ा में बेटे का खूनी गुस्सा, तेज संगीत के विवाद में फावड़े से पिता की हत्या

    छिंदवाड़ा में बेटे का खूनी गुस्सा, तेज संगीत के विवाद में फावड़े से पिता की हत्या


    छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के परासिया क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां मामूली विवाद ने एक परिवार को हमेशा के लिए उजाड़ दिया। तेज आवाज में संगीत बजाने को लेकर हुए झगड़े में 36 वर्षीय बेटे ने अपने ही 72 वर्षीय पिता की फावड़े से हमला कर हत्या कर दी। घटना 3 फरवरी की रात करीब 10 बजे बी.जे. सायडिंग क्षेत्र की बताई जा रही है।

    जानकारी के अनुसार नीरज इवनाती अपने घर पर देर रात होम थिएटर तेज आवाज में चला रहा था। रात बढ़ने के साथ शोर भी बढ़ता गया। इसी दौरान उसकी मां ने उसे आवाज कम करने या बंद करने को कहा। आरोप है कि इस बात पर नीरज भड़क उठा और अपनी मां के साथ अभद्रता करते हुए गाली गलौज करने लगा। घर का माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।

    पत्नी के साथ हो रही बदसलूकी और घर में बढ़ते विवाद को देख 72 वर्षीय भारत लाल इवनाती ने बीच बचाव की कोशिश की। उन्होंने बेटे को समझाने का प्रयास किया, लेकिन गुस्से में बेकाबू नीरज ने स्थिति को और हिंसक बना दिया। बताया जा रहा है कि आंगन में रखा फावड़ा उठाकर उसने अपने पिता पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल भारत लाल को तत्काल उपचार के लिए ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

    घटना की सूचना मिलते ही परासिया पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस अधीक्षक अजय पांडे और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष खरे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी ईश्वर पटले के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी नीरज इवनाती को गिरफ्तार कर लिया। हत्या में प्रयुक्त खून से सना फावड़ा भी बरामद कर लिया गया है।

    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) हत्या सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना अचानक हुए गुस्से और आपसी विवाद का परिणाम है, हालांकि पुलिस पारिवारिक पृष्ठभूमि और अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है।

    इस घटना ने पूरे परासिया क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। पड़ोसी और स्थानीय लोग इस बात से हैरान हैं कि एक मामूली विवाद ने पिता पुत्र के रिश्ते को इस कदर खत्म कर दिया। जिस उम्र में माता पिता को संतान के सहारे की जरूरत होती है, उसी उम्र में एक पिता को अपने ही बेटे के हाथों जान गंवानी पड़ी।फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि क्षणिक आवेश और असंयमित व्यवहार किस तरह पूरे परिवार को बर्बादी की कगार पर पहुंचा सकता है।

  • इंदौर में छात्र से मारपीट और ब्लैकमेलिंग का सनसनीखेज मामला, न्यूड वीडियो बनाने के आरोप में 5 नाबालिगों पर केस

    इंदौर में छात्र से मारपीट और ब्लैकमेलिंग का सनसनीखेज मामला, न्यूड वीडियो बनाने के आरोप में 5 नाबालिगों पर केस


    इंदौर । शहर के जूनी इंदौर थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें एक नाबालिग छात्र के साथ मारपीट, अपहरण और ब्लैकमेलिंग किए जाने का आरोप लगा है। पुलिस के अनुसार, स्कूल में पढ़ने वाले कुछ नाबालिग लड़कों ने आपसी रंजिश के चलते पीड़ित छात्र को निशाना बनाया और उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पहले छात्र के साथ मारपीट की, इसके बाद जबरन उसे गाड़ी में बैठाकर शहर के खजराना क्षेत्र में स्थित एक कमरे में ले गए। वहां उसे बंद कर दोबारा बेरहमी से पीटा गया। आरोप है कि इसी दौरान पीड़ित के कपड़े उतरवाकर उसका आपत्तिजनक वीडियो बना लिया गया। बाद में आरोपियों ने इस वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर छात्र को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।

    पुलिस के मुताबिक, इस पूरे मामले की जड़ स्कूल से जुड़ी आपसी रंजिश बताई जा रही है। बताया गया है कि मुख्य आरोपी करण की बहन और पीड़ित छात्र एक ही स्कूल में पढ़ते हैं। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और पांच नाबालिगों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद आरोपियों ने पीड़ित को धमकी दी कि यदि उसने किसी को बताया या पुलिस में शिकायत की, तो उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा।

    पीड़ित छात्र ने पुलिस को बताया कि घटना के समय उसके पिता की तबीयत गंभीर रूप से खराब थी, जिसके कारण वह डर और मानसिक दबाव में रहा और तत्काल किसी को कुछ नहीं बता सका। इसी दौरान आरोपियों ने हद पार करते हुए वीडियो को पीड़ित के पिता के मोबाइल फोन पर भेज दिया। इसके बाद परिवार को पूरे मामले की जानकारी हुई और वे सीधे थाने पहुंचे।

    परिजनों की शिकायत पर जूनी इंदौर थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपहरण, मारपीट, ब्लैकमेलिंग, आईटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी पांचों आरोपियों को पकड़ लिया है। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी विधि-विवादित बालक नाबालिग हैं, जिनके खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं और वीडियो की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि वीडियो कहां-कहां भेजा गया और कहीं उसे वायरल तो नहीं किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नाबालिगों से जुड़े इस संवेदनशील मामले में हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।