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  • इंदौर में दो दर्दनाक घटनाएं ई रिक्शा चालक ने इलाज के दौरान तोड़ा दम मासूम की मौत के मामले में ठेकेदार पर कसा शिकंजा

    इंदौर में दो दर्दनाक घटनाएं ई रिक्शा चालक ने इलाज के दौरान तोड़ा दम मासूम की मौत के मामले में ठेकेदार पर कसा शिकंजा


    इंदौर । इंदौर में दो अलग-अलग घटनाओं ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और निर्माण स्थलों पर बरती जाने वाली लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर सड़क हादसे में घायल ई रिक्शा चालक ने कई दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद अस्पताल में दम तोड़ दिया तो दूसरी ओर चार साल के मासूम की निर्माणाधीन मकान की खुली पानी की टंकी में डूबकर हुई मौत के मामले में पुलिस ने ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। दोनों घटनाओं ने शहरवासियों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

    पहली घटना बाणगंगा थाना क्षेत्र की है जहां पंचम की फेल निवासी 38 वर्षीय कपिल रमनवाल बीते 24 जुलाई की शाम अपने ई रिक्शा से गुजर रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रहे दूसरे वाहन को बचाने के प्रयास में उनका ई रिक्शा असंतुलित होकर पलट गया। हादसा इतना गंभीर था कि कपिल के सिर हाथ और पैर में गहरी चोटें आईं। राहगीरों और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल एमवाय अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा था। कई दिनों तक इलाज के बाद सोमवार देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली।

    पुलिस ने बताया कि कपिल पिछले कई वर्षों से ई रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे थे। उनके परिवार में माता पिता दो बच्चे और एक भाई हैं। उनकी असमय मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस ने मर्ग कायम कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और क्या इसमें किसी अन्य वाहन की भी भूमिका थी।

    दूसरी घटना कनाड़िया क्षेत्र की है जिसने पूरे शहर को झकझोर दिया। यहां चार वर्षीय रुद्र चौहान की निर्माणाधीन मकान परिसर में बनी खुली पानी की टंकी में गिरने से मौत हो गई थी। घटना 10 जुलाई की बताई गई है। पुलिस जांच में सामने आया कि बच्चे के पिता गोलू काम पर गए हुए थे जबकि मां पूजा घर पर दोनों बच्चों के साथ मौजूद थीं। खेलते खेलते रुद्र घर से निकलकर पास के निर्माणाधीन मकान तक पहुंच गया जहां सुरक्षा के कोई पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। खुली पानी की टंकी में गिरने से उसकी मौत हो गई।

    घटना के बाद परिजनों ने बच्चे को तुरंत अस्पताल पहुंचाया लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले की जांच के बाद पुलिस ने निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार राजेश पवैया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। जांच में यह सामने आया कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था जिससे यह दुखद हादसा हुआ।

    दोनों घटनाएं यह संकेत देती हैं कि सड़क पर सावधानी और निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही सीधे लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोनों मामलों में निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं स्थानीय लोगों ने भी मांग की है कि शहर में निर्माण स्थलों पर सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

  • पेपर लीक मामलों पर अब होगी त्वरित सुनवाई मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 4 विशेष अदालतों का किया गठन

    पेपर लीक मामलों पर अब होगी त्वरित सुनवाई मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 4 विशेष अदालतों का किया गठन


    जबलपुर । मध्य प्रदेश में पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के मामलों पर अब तेजी से न्यायिक कार्रवाई होगी। प्रदेश हाईकोर्ट ने भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में चार विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन का नोटिफिकेशन जारी किया है। इन अदालतों का उद्देश्य परीक्षा संबंधी अपराधों की शीघ्र सुनवाई सुनिश्चित करना और दोषियों के खिलाफ समयबद्ध फैसला देना है। माना जा रहा है कि इस व्यवस्था से लंबे समय से लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता मजबूत होगी।

    मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने यह निर्णय भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 8(3) के तहत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए लिया है। जारी अधिसूचना में राज्य के विधि एवं विधायी कार्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि इस नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। अदालत का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षा संबंधी गंभीर अपराधों की सुनवाई सामान्य मामलों की तरह लंबी प्रक्रिया में न फंसे और समयबद्ध तरीके से न्याय मिल सके।

    इन विशेष अदालतों में पब्लिक एग्जामिनेशन प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स एक्ट 2024 के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई की जाएगी। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता 2023 के अंतर्गत पंजीकृत परीक्षा संबंधी अपराध तथा राज्य या केंद्र सरकार की अधिकृत जांच एजेंसियों द्वारा जांचे जा रहे मामलों को भी इन्हीं अदालतों में भेजा जाएगा। इससे पेपर लीक, भर्ती परीक्षा में धोखाधड़ी, नकल माफिया और अन्य परीक्षा अपराधों से जुड़े मामलों के लिए अलग न्यायिक व्यवस्था उपलब्ध होगी।

    हाईकोर्ट ने इन विशेष अदालतों को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की शक्तियां भी प्रदान की हैं। इसके तहत अदालतें मामलों का संज्ञान लेने, प्रारंभिक न्यायिक प्रक्रिया पूरी करने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने में सक्षम होंगी। इससे मामलों को अलग अदालतों में भेजने की आवश्यकता कम होगी और सुनवाई की प्रक्रिया अधिक तेज तथा प्रभावी बन सकेगी।

    पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक तथा अनियमितताओं के मामलों ने प्रदेश सहित पूरे देश में चिंता बढ़ाई है। कई अभ्यर्थियों को परीक्षाएं रद्द होने और दोबारा आयोजित होने के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। ऐसे मामलों में लंबी न्यायिक प्रक्रिया के कारण दोषियों के खिलाफ कार्रवाई में भी देरी होती रही है। नई विशेष अदालतों के गठन से इन मामलों का जल्द निपटारा होने और दोषियों को शीघ्र सजा मिलने की संभावना बढ़ेगी।

    कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों की स्थापना से जांच एजेंसियों और अभियोजन पक्ष को भी मामलों की सुनवाई में बेहतर समन्वय मिलेगा। साथ ही यह व्यवस्था भविष्य में परीक्षा माफिया और संगठित अपराधों पर अंकुश लगाने में प्रभावी साबित हो सकती है। इससे भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और अभ्यर्थियों का सरकारी परीक्षाओं पर भरोसा भी मजबूत होगा।

    प्रदेश सरकार और न्यायपालिका की यह पहल परीक्षा प्रणाली को निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अब सभी की निगाह इस बात पर होगी कि नई अदालतें कितनी तेजी से मामलों का निपटारा करती हैं और पेपर लीक जैसे अपराधों पर कितना प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो पाता है।

  • MP की सियासत में हलचल: भुट्टा बेचने वाले युवक ने सीएम को सुनाई बेरोजगारी की हकीकत, कांग्रेस नेता को मंच से लौटते वक्त थप्पड़

    MP की सियासत में हलचल: भुट्टा बेचने वाले युवक ने सीएम को सुनाई बेरोजगारी की हकीकत, कांग्रेस नेता को मंच से लौटते वक्त थप्पड़


    मध्यप्रदेश मध्य प्रदेश की राजनीति में शनिवार का दिन कई ऐसे घटनाक्रमों का गवाह बना, जिन्होंने राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा बटोरी। एक ओर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने एक दिव्यांग युवक ने अपनी बेरोजगारी की कहानी सुनाकर व्यवस्था पर सवाल खड़े किए, वहीं राजगढ़ में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेता और जिला पंचायत अध्यक्ष चंदर सिंह सोंधिया के साथ हुई बदसलूकी ने सियासी माहौल गरमा दिया। इसके अलावा दतिया उपचुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद भावुक हुए पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के आंसुओं पर भाजपा नेताओं के अलग-अलग बयान भी चर्चा का विषय बने रहे।

    धार जिले के राजगढ़ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का काफिला गुजर रहा था, तभी सड़क किनारे भुट्टा बेच रहे एक दिव्यांग युवक ने उन्हें आवाज लगाई। मुख्यमंत्री ने काफिला रुकवाया, युवक से भुट्टा खरीदा, बातचीत की और उसे 500 रुपए भी दिए। बातचीत के दौरान युवक ने बताया कि उसने मास्टर ऑफ सोशल वर्क की पढ़ाई की है, लेकिन नौकरी नहीं मिलने के कारण उसे भुट्टा बेचने और चाय-पकौड़े की दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण करना पड़ रहा है। युवक की यह बात सामने आने के बाद बेरोजगारी को लेकर नई बहस शुरू हो गई। कई लोगों ने इसे पढ़े-लिखे युवाओं की मौजूदा स्थिति का उदाहरण बताया, जबकि राजनीतिक हलकों में भी इस घटना की चर्चा होती रही।

    उधर राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान बड़ा विवाद हो गया। प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप की मौजूदगी में जिला पंचायत अध्यक्ष और कांग्रेस नेता चंदर सिंह सोंधिया को पहले कार्यक्रम में प्रवेश से रोका गया। बाद में अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद उन्हें अंदर जाने दिया गया, लेकिन इस घटनाक्रम से नाराज होकर उन्होंने मंच के सामने बैठकर विरोध जताया। बाद में जब वह कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे, तभी एक व्यक्ति ने उन्हें थप्पड़ मार दिया। घटना के बाद पुलिस उन्हें थाने ले गई, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ।

    इसी बीच दतिया उपचुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद सार्वजनिक मंच पर भावुक हुए पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को लेकर भाजपा के भीतर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने कहा कि वर्ष 2018 में उनका भी टिकट कटा था और तब उनकी आंखों में भी आंसू आए थे, लेकिन किसी ने उनकी चिंता नहीं की। उन्होंने पार्टी के फैसले को उचित बताते हुए कहा कि नए लोगों को अवसर देने के लिए कभी-कभी पुराने नेताओं को पीछे हटना पड़ता है।

    वहीं भाजपा के वरिष्ठ विधायक गोपाल भार्गव ने अलग राय रखते हुए कहा कि राजनीति में सक्रिय व्यक्ति का भविष्य कभी समाप्त नहीं होता। उन्होंने संकेत दिया कि नरोत्तम मिश्रा की राजनीतिक भूमिका आगे भी महत्वपूर्ण रह सकती है। इन बयानों के बाद यह चर्चा तेज हो गई कि भाजपा में नेतृत्व परिवर्तन और भविष्य की रणनीति को लेकर अलग-अलग सोच मौजूद है।

    इधर प्रशासनिक गलियारों में भी नई चर्चाओं ने जोर पकड़ा। नए मुख्य सचिव की नियुक्ति के बाद वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव को लेकर मंत्रालय में हलचल बनी रही। आदेश जारी होने से पहले ही एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा मंत्रालय छोड़ने की तैयारी और बाद में उनकी नई पदस्थापना को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।

    इन तीनों घटनाओं ने एक बार फिर यह दिखाया कि मध्य प्रदेश की राजनीति में जमीनी मुद्दों, राजनीतिक टकराव और सत्ता के भीतर की हलचल लगातार सुर्खियां बटोर रही हैं।

  • पेपर लीक के खिलाफ MP में छात्रों का उबाल, इंदौर से श्योपुर तक सड़कों पर प्रदर्शन; पारदर्शी परीक्षा और कार्रवाई की मांग तेज

    पेपर लीक के खिलाफ MP में छात्रों का उबाल, इंदौर से श्योपुर तक सड़कों पर प्रदर्शन; पारदर्शी परीक्षा और कार्रवाई की मांग तेज


    इंदौर प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों और दिल्ली में आंदोलनरत छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध की आग अब मध्य प्रदेश तक पहुंच गई है। प्रदेश के कई शहरों में छात्रों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इंदौर के टंट्या भील चौराहे पर बड़ी संख्या में युवा धरने पर बैठे हैं। लगातार हो रही बारिश भी उनके हौसलों को डिगा नहीं सकी। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक परीक्षा प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी नहीं बनाई जाती और पेपर लीक के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

    इंदौर में छात्र हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सरकार के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। उनका कहना है कि लाखों युवाओं की वर्षों की मेहनत पेपर लीक जैसी घटनाओं से बर्बाद हो जाती है। इसलिए केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस और प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है। छात्रों ने निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग दोहराई।

    उधर, श्योपुर में भी छात्र संगठनों ने बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया। “समस्त छात्र शक्ति” के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र पीजी कॉलेज से रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। करीब चार किलोमीटर लंबी इस पदयात्रा के दौरान छात्रों ने हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर परीक्षा प्रणाली में सुधार तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। कलेक्ट्रेट पहुंचकर छात्रों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा और लगभग दो घंटे तक धरना देकर नारेबाजी की।

    रीवा, उमरिया और बड़वानी सहित अन्य जिलों में भी छात्र अलग-अलग स्थानों पर धरने और प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों का आरोप है कि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है, इसलिए सरकार को दोषियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।

    प्रदर्शनकारी युवाओं ने यह भी कहा कि केवल जांच बैठाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए मजबूत कानून, तकनीकी निगरानी और जवाबदेही तय करना जरूरी है। छात्रों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में ऐसे आंदोलन और व्यापक रूप ले सकते हैं।

    प्रदेशभर में बढ़ते छात्र आंदोलनों ने साफ कर दिया है कि युवाओं का धैर्य अब जवाब देने लगा है। प्रतियोगी परीक्षाओं में निष्पक्षता और पारदर्शिता की मांग को लेकर उठी यह आवाज अब सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रही, बल्कि मध्य प्रदेश के कई जिलों में भी आंदोलन का रूप ले चुकी है।

  • MP Weather Update: प्रदेश के 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, मानसून फिर हुआ एक्टिव; 50 से ज्यादा जिलों में बरसेंगे बादल

    MP Weather Update: प्रदेश के 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, मानसून फिर हुआ एक्टिव; 50 से ज्यादा जिलों में बरसेंगे बादल


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के पांच जिलों-श्योपुर, मंदसौर, रतलाम, आलीराजपुर और पन्ना में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान चार इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है।

    मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, झाबुआ, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, उज्जैन, देवास, आगर-मालवा, शाजापुर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी समेत अधिकांश जिलों में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी।

    गुरुवार को भी प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा डेढ़ इंच वर्षा टीकमगढ़ में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा रतलाम, छतरपुर, श्योपुर, धार, नर्मदापुरम, शिवपुरी, सीधी, इंदौर, उज्जैन, उमरिया, जबलपुर, रायसेन, राजगढ़, सागर, सतना, भोपाल, बैतूल, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, शाजापुर, सीहोर, विदिशा और देवास सहित कई जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई।

    प्रदेश में 24 जून को मानसून की दस्तक के बाद से अब तक औसतन 12.8 इंच (325.1 मिमी) बारिश रिकॉर्ड की गई है। हालांकि यह सामान्य से लगभग 10 प्रतिशत कम है। इस समय तक प्रदेश में 14.1 इंच (359.6 मिमी) बारिश होनी चाहिए थी। राहत की बात यह है कि पिछले तीन दिनों में बारिश की कमी लगातार कम हुई है। 20 जुलाई तक जहां प्रदेश में वर्षा सामान्य से 17 प्रतिशत कम थी, वहीं अब यह अंतर घटकर 10 प्रतिशत रह गया है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 13 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 6 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

    मौसम वैज्ञानिक शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार जुलाई के अंतिम सप्ताह में प्रदेशभर में तेज बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। लगातार सक्रिय हो रहे मानसूनी सिस्टम के कारण कई जिलों में अच्छी वर्षा होने की संभावना है, जिससे बारिश की कमी और कम हो सकती है।

    बारिश का असर कई इलाकों में दिखाई देने लगा है। रायसेन जिले के बेगमगंज क्षेत्र में बीना नदी का जलस्तर बढ़ने से एक दर्जन से अधिक गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। वहीं बड़वानी के सेंधवा स्थित बिजासन घाट में लगातार तीसरे दिन घना कोहरा और धुंध छाई रही। टीकमगढ़ में भी रुक-रुककर हो रही बारिश से मौसम सुहावना बना हुआ है।

    प्रदेश के वर्षा आंकड़ों पर नजर डालें तो फिलहाल 14 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हुई है, जबकि 41 जिलों में अब भी सामान्य से कम वर्षा हुई है। मौसम विभाग का मानना है कि आगामी दिनों में होने वाली लगातार बारिश से अधिकांश जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य स्तर के करीब पहुंच सकता है।

  • बिजली कंपनी के इंजीनियर पर लोकायुक्त का बड़ा शिकंजा आय से 258 प्रतिशत अधिक संपत्ति का खुलासा करोड़ों की फैक्ट्री आलीशान बंगले और लग्जरी गाड़ियां बरामद

    बिजली कंपनी के इंजीनियर पर लोकायुक्त का बड़ा शिकंजा आय से 258 प्रतिशत अधिक संपत्ति का खुलासा करोड़ों की फैक्ट्री आलीशान बंगले और लग्जरी गाड़ियां बरामद


    मध्य प्रदेशमध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच लोकायुक्त ने एक बड़ी छापेमार कार्रवाई करते हुए पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर फाइनेंस शिवराम सेमिल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का बड़ा मामला उजागर किया है। मंगलवार सुबह तड़के शुरू हुई इस कार्रवाई में इंदौर धार पीथमपुर बगदून मुरैना और अन्य स्थानों सहित कुल नौ ठिकानों पर एक साथ छापे मारे गए। शुरुआती जांच में सामने आया कि अधिकारी के पास उनकी वैध आय की तुलना में लगभग 258 प्रतिशत अधिक संपत्ति मौजूद है। इस खुलासे ने सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    लोकायुक्त की टीम ने जांच के दौरान कई अहम दस्तावेजों के साथ बड़ी मात्रा में नकदी और कीमती आभूषण भी बरामद किए। अधिकारियों के अनुसार घर से करीब चार किलो चांदी तीन सौ ग्राम सोना और लगभग तीन लाख रुपए नकद मिले हैं। इसके अलावा कई बैंक खातों निवेश संबंधी दस्तावेज और अचल संपत्तियों के रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में लिए गए हैं। टीम को कई ऐसे दस्तावेज मिले हैं जिनसे करोड़ों रुपए की संपत्तियों और निवेश का पता चला है।

    जांच में यह भी सामने आया कि अधिकारी ने केवल अपने नाम पर ही नहीं बल्कि बेटे बहू दामाद और अन्य रिश्तेदारों के नाम पर भी कई संपत्तियां खरीदी थीं। इनमें आलीशान बंगले प्लॉट व्यावसायिक भवन और औद्योगिक इकाइयां शामिल हैं। पीथमपुर क्षेत्र में करोड़ों रुपए की फैक्ट्री और अन्य निर्माण कार्य भी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। लोकायुक्त अब इन संपत्तियों के वास्तविक स्वामित्व और उनमें लगाए गए धन के स्रोत की गहन जांच कर रही है।

    छापेमारी के दौरान कई लग्जरी वाहन और महंगे घरेलू सामान भी जांच के दायरे में आए हैं। टीम ने संपत्तियों के मूल्यांकन के लिए विशेषज्ञों की मदद ली है ताकि वास्तविक बाजार मूल्य का आकलन किया जा सके। जांच एजेंसियों का मानना है कि आगे की पड़ताल में और भी कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

    लोकायुक्त पुलिस ने शिवराम सेमिल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। एसपी राजेश सहाय के नेतृत्व में डीएसपी सुनील तालान आनंद चौहान दिनेश पटेल दीपक शेजवार सहित कई अधिकारी अलग अलग स्थानों पर दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच में जुटे हैं। बैंक खातों लेनदेन बेनामी संपत्तियों और निवेश के हर पहलू की पड़ताल की जा रही है।

    जांच एजेंसियों का कहना है कि यदि संपत्ति के स्रोत संतोषजनक नहीं पाए गए तो संबंधित संपत्तियों की जब्ती और अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। इस कार्रवाई को मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में कई और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

  • पत्नी दो महीने से मायके में थी, मानसिक तनाव में युवक ने दी जान; आखिरी कॉल से खुली घटना की परत

    पत्नी दो महीने से मायके में थी, मानसिक तनाव में युवक ने दी जान; आखिरी कॉल से खुली घटना की परत


    मध्य प्रदेश। इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में रविवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। 39 वर्षीय युवक ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उसने अपने एक दोस्त को फोन कर कहा कि परिवार से कह देना कि अब मैं नहीं रहा। इसके कुछ ही देर बाद उसने यह कदम उठा लिया। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

    पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान साईं सुमन नगर निवासी विशाल चौहान के रूप में हुई है। वह एक निजी कंपनी में कार्यरत था। रविवार को अवकाश होने के कारण वह घर पर ही मौजूद था। घटना के समय परिवार के अन्य सदस्य घर से बाहर थे।

    मृतक के चचेरे भाई अनिल ने बताया कि उन्हें विशाल के दोस्त का फोन आया था, लेकिन बाइक चलाने के कारण वह कॉल नहीं उठा सके। कुछ देर बाद जब उन्होंने वापस फोन किया तो दोस्त ने बताया कि विशाल ने आखिरी बार फोन कर कहा था कि वह अब इस दुनिया में नहीं रहेगा और परिवार को इसकी जानकारी दे देना। यह सुनते ही अनिल ने विशाल के भाई से संपर्क किया, लेकिन वह भी घर पर मौजूद नहीं था। बाद में मां को सूचना दी गई। जब परिवार के लोग घर पहुंचे तो विशाल कमरे में फंदे से लटका मिला।

    परिजन उसे तुरंत पास के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।

    परिजनों के मुताबिक विशाल अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ अलग रहता था। उसकी पत्नी पिछले करीब दो महीने से एरोड्रम क्षेत्र स्थित अपने मायके में रह रही थी। परिवार का कहना है कि पत्नी के वापस नहीं आने से वह मानसिक तनाव में था। हालांकि, पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, इसलिए आत्महत्या के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।

    पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। परिजनों और परिचितों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव या आत्महत्या जैसे विचारों से जूझ रहा है, तो किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात करें या तुरंत स्थानीय मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ अथवा हेल्पलाइन से संपर्क करें। समय पर मदद मिलना बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है।

  • इंदौर में साइबर ठगों का डबल अटैक, इंजीनियर से ₹1.12 लाख और छात्रा से ₹40 हजार की ऑनलाइन ठगी

    इंदौर में साइबर ठगों का डबल अटैक, इंजीनियर से ₹1.12 लाख और छात्रा से ₹40 हजार की ऑनलाइन ठगी


    इंदौर  इंदौर में साइबर अपराधियों का जाल लगातार फैलता जा रहा है। शहर में ऑनलाइन ठगी के दो अलग-अलग मामलों में बदमाशों ने एक सिविल इंजीनियर और एक छात्रा को अपना शिकार बनाकर कुल 1.52 लाख रुपए से अधिक की धोखाधड़ी कर ली। दोनों मामलों में पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पहला मामला राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र का है, जहां धनवंतरी नगर स्थित साईं विला अपार्टमेंट निवासी सिविल इंजीनियर आनंद बनवडीकर के क्रेडिट कार्ड से बिना उनकी अनुमति के ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर दिए गए। आनंद के मुताबिक 8 जुलाई को दोपहर उनके मोबाइल पर लगातार ट्रांजेक्शन के मैसेज आए। जांच करने पर पता चला कि उनके आईसीआईसीआई बैंक के क्रेडिट कार्ड से दो बार 51-51 हजार रुपए और दूसरे क्रेडिट कार्ड से 10 हजार रुपए का भुगतान किया गया। इस तरह कुल 1 लाख 12 हजार रुपए उनके खाते से निकल गए।

    घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने बैंक से संपर्क कर दोनों क्रेडिट कार्ड तत्काल ब्लॉक करवा दिए। शिकायत में बताया गया है कि ट्रांजेक्शन अमेजन सेलर सर्विस और कैशफ्री इनोवेटिव रिटेल आईडी के माध्यम से किए गए। पुलिस अब संबंधित बैंक खातों और ऑनलाइन भुगतान के स्रोत की जांच कर रही है।

    दूसरा मामला भंवरकुआ थाना क्षेत्र का है, जहां एक छात्रा इंस्टाग्राम पर ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान साइबर ठगी का शिकार हो गई। छात्रा मोना नागर ने पुलिस को बताया कि उसने इंस्टाग्राम पर ‘सुमन वूमन’ नाम के अकाउंट से 999 रुपए की ड्रेस ऑर्डर की थी। ऑर्डर के बाद एक युवक ने फोन कर वेरिफिकेशन के नाम पर पहले 500 रुपए जमा कराने को कहा।

    युवक ने बातचीत के दौरान अलग-अलग प्रक्रिया बताकर कई बार ऑनलाइन भुगतान कराया। छात्रा उसकी बातों में आ गई और कुछ ही देर में उसके बैंक खाते से करीब 40 हजार रुपए निकल गए। ठगी का एहसास होने पर उसने तत्काल साइबर फ्रॉड की शिकायत दर्ज कराई।

    दोनों मामलों में पुलिस डिजिटल ट्रांजेक्शन, बैंक रिकॉर्ड और संबंधित ऑनलाइन अकाउंट की जांच कर रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, वेरिफिकेशन लिंक या सोशल मीडिया शॉपिंग ऑफर पर बिना पुष्टि किए भुगतान न करें और संदिग्ध ट्रांजेक्शन होने पर तुरंत बैंक तथा साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।

  • बारिश से पहले इंदौर में जर्जर भवनों पर चला बुलडोजर, जेल रोड का मकान ढहाया, एक मालिक को दो दिन की मोहलत

    बारिश से पहले इंदौर में जर्जर भवनों पर चला बुलडोजर, जेल रोड का मकान ढहाया, एक मालिक को दो दिन की मोहलत


    मध्य प्रदेश। मानसून के दौरान जर्जर भवनों से होने वाले संभावित हादसों को रोकने के लिए इंदौर नगर निगम ने शहरभर में विशेष अभियान शुरू कर दिया है। इसी क्रम में सोमवार को निगम की टीम ने जेल रोड स्थित एक खतरनाक मकान को मशीनों की मदद से ध्वस्त कर दिया। वहीं पास ही स्थित एक अन्य भवन की जर्जर गैलरी को हटाने के लिए मकान मालिक को दो दिन का अंतिम समय दिया गया है। इसके अलावा कुमार मोहल्ला में नगर निगम के पुराने और जर्जर क्वार्टरों को भी हटाने की कार्रवाई की गई।

    नगर निगम की कार्रवाई जोन क्रमांक-3 के अंतर्गत जेल रोड क्षेत्र में की गई, जहां लंबे समय से जर्जर हालत में खड़ा भवन लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ था। भवन अधिकारी पल्लवी पाल ने बताया कि नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के निर्देश पर शहर के जर्जर भवनों का सर्वे कराया जा रहा है और जिन इमारतों से दुर्घटना की आशंका है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर हटाया जा रहा है।

    अधिकारियों के अनुसार जेल रोड स्थित भवन के समीप मेट्रो स्टेशन का निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य के दौरान लगातार हो रहे कंपन के कारण भवन की गैलरी हिलने लगी थी और उसके कभी भी गिरने की आशंका बनी हुई थी। इसी खतरे को देखते हुए निगम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे भवन को गिरा दिया, ताकि बारिश के दौरान कोई बड़ा हादसा न हो।

    कार्रवाई के दौरान पास के एक अन्य मकान की गैलरी भी बेहद जर्जर पाई गई। भवन स्वामिनी विनोदिनी अग्रवाल मौके पर मौजूद नहीं थीं, इसलिए निगम ने उन्हें नोटिस जारी कर गैलरी हटाने के लिए दो दिन का समय दिया है। यदि निर्धारित अवधि में कार्रवाई नहीं की गई तो नगर निगम स्वयं गैलरी हटाकर खर्च की वसूली नियमानुसार करेगा।

    इसके बाद निगम का अमला कुमार मोहल्ला पहुंचा, जहां नगर निगम के पुराने और अनुपयोगी क्वार्टरों को हटाने की कार्रवाई की गई। कार्रवाई से पहले कर्मचारियों ने भवनों से सामान सुरक्षित बाहर निकलवाया और उसके बाद मशीनों की मदद से जर्जर ढांचों को तोड़ दिया गया।

    नगर निगम ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उनके मकान का कोई हिस्सा कमजोर या जर्जर हो चुका है तो उसे समय रहते हटवा लें। इससे बारिश के दौरान भवन गिरने जैसी घटनाओं से बचा जा सकेगा और जनहानि की आशंका भी कम होगी। अधिकारियों का कहना है कि मानसून के पूरे मौसम में शहरभर में ऐसे जर्जर भवनों की पहचान कर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

  • 5 दिन की राहत के बाद फिर बदलेगा मौसम, 16 जुलाई से एक्टिव होगा नया सिस्टम, मध्यप्रदेश में तेज बारिश की संभावना

    5 दिन की राहत के बाद फिर बदलेगा मौसम, 16 जुलाई से एक्टिव होगा नया सिस्टम, मध्यप्रदेश में तेज बारिश की संभावना


    मध्य प्रदेश। इंदौर के सुमन नगर इलाके में 23 जून को हुए गैस पाइपलाइन विस्फोट की भयावहता अब भी लोगों के जेहन में ताजा है। इस हादसे में गंभीर रूप से झुलसे 38 वर्षीय विजय पटेल उर्फ लल्ला पिछले 20 दिनों से अस्पताल के आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। उनका पूरा शरीर आग की लपटों में घिर गया था, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। जलती हुई हालत में करीब 200 मीटर तक दौड़ने और सड़क पर लेट-लेटकर आग बुझाने के बाद किसी तरह अपनी जान बचाई। अब उनका परिवार इलाज, मुआवजे और सरकारी मदद की उम्मीद लगाए बैठा है।

    23 जून की दोपहर सुमन नगर जैन मंदिर के पास अवंतिका गैस पाइपलाइन में अचानक विस्फोट हुआ। धमाके के साथ आग का विशाल गुबार उठा और कुछ ही सेकेंड में आसपास का इलाका उसकी चपेट में आ गया। विजय पटेल उस समय बाइक से ड्यूटी पर जा रहे थे और सीधे आग की लपटों में घिर गए। कुछ ही पलों में उनका पूरा शरीर जलने लगा। आसपास मौजूद लोग हादसा देखते रहे, लेकिन कोई उनकी मदद के लिए आगे नहीं आया।

    अपनी जान बचाने के लिए विजय ने जलती हुई बाइक छोड़ दी और दौड़ना शुरू कर दिया। करीब 200 मीटर तक भागने के बाद भी जब कहीं पानी नहीं मिला तो उन्होंने सड़क पर बार-बार लेटकर शरीर में लगी आग बुझाने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद आग तो बुझ गई, लेकिन तब तक उनका शरीर करीब 40 प्रतिशत तक झुलस चुका था।

    गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद विजय ने हिम्मत नहीं छोड़ी। किसी तरह अपने घर पहुंचे और पत्नी माया को आवाज लगाकर बताया कि वह आग में झुलस गए हैं। पति की हालत देखकर माया तुरंत उन्हें रिक्शे से नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचीं, लेकिन वहां बर्न यूनिट नहीं होने के कारण पहले अरविंदो अस्पताल और बाद में बॉम्बे हॉस्पिटल रेफर किया गया। फिलहाल उनकी दो सर्जरी हो चुकी हैं, जबकि तीसरी सर्जरी अभी बाकी है।

    माया पटेल का आरोप है कि हादसे के बाद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से समय पर मदद नहीं मिली। उनका कहना है कि कई बार गुहार लगाने के बावजूद शुरुआती दो दिनों तक किसी अधिकारी या जनप्रतिनिधि ने सुध नहीं ली। विरोध दर्ज कराने के बाद तीसरे दिन उनके पति को बेहतर इलाज के लिए बॉम्बे हॉस्पिटल शिफ्ट किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि राहत और मुआवजा प्रक्रिया में शुरुआत में उनके पति का नाम तक शामिल नहीं किया गया था। बाद में कानूनी मदद लेकर दस्तावेज पूरे किए गए, तब जाकर कार्रवाई आगे बढ़ सकी।

    डॉक्टरों के अनुसार विजय को पूरी तरह स्वस्थ होने में छह से सात महीने लग सकते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति भी अब गंभीर संकट में है क्योंकि विजय ही घर के एकमात्र कमाने वाले सदस्य हैं। लंबे इलाज और काम करने में असमर्थता के कारण परिवार पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।

    माया ने राज्य सरकार से पति के इलाज का पूरा खर्च उठाने, उचित मुआवजा देने और परिवार के भरण-पोषण के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस हादसे ने केवल उनके पति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार के भविष्य को संकट में डाल दिया है। अब उन्हें सरकार से सिर्फ न्याय, सहारा और संवेदनशील सहयोग की उम्मीद है।