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  • MP: इंदौर में रोड पर लावारिश पड़े मिले 3 बैगों से 2.83 करोड़ रुपये कैश बरामद, जांच में जुटी पुलिस

    MP: इंदौर में रोड पर लावारिश पड़े मिले 3 बैगों से 2.83 करोड़ रुपये कैश बरामद, जांच में जुटी पुलिस


    इंदौर।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में इंदौर (Indore) के सांवेर-उज्जैन रोड (Sanwer-Ujjain Road) पर गुरुवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सड़क किनारे पड़े तीन लावारिस बैगों (Unclaimed bags) से करोड़ों रुपये की संदिग्ध नकदी बरामद हुई. बैगों में 500 रुपये के नोटों की सैकड़ों गड्डियां मिलीं, लेकिन जांच में सामने आया कि कई गड्डियों में असली नोटों के साथ नकली नोट और रंगीन कागज भी रखे गए थे।

    सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी. दरअसल इंदौर जिले के सांवेर-उज्जैन रोड स्थित भुट्टा चौराहे के पास गुरुवार सुबह एक संदिग्ध मामला सामने आया. सड़क किनारे पेड़ के नीचे रखे तीन लावारिस बैगों को देखकर स्थानीय किसान को शक हुआ, जिसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी।

    सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बैगों को कब्जे में लेकर जांच शुरू की. जब बैग खोले गए तो उनके अंदर 500 रुपये के नोटों की बड़ी संख्या में गड्डियां मिलीं. शुरुआती अनुमान के मुताबिक कुल रकम करीब 2 करोड़ 83 लाख रुपये बताई जा रही है. हालांकि जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गड्डियों के ऊपर रखे कुछ नोट असली दिखाई दे रहे थे, लेकिन अंदर नकली नोटों के साथ रंगीन सादे कागज भरे गए थे।

    आशंका जताई जा रही है कि किसी बड़ी ठगी या अवैध लेनदेन के लिए इन बैगों को तैयार किया गया होगा. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आसपास के इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है. हाईवे और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बैग वहां कौन छोड़कर गया और इसके पीछे क्या मकसद था. फिलहाल पुलिस ने संदिग्ध नोटों को जब्त कर लिया है और पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।

  • MP: बड़वानी में सरकारी डॉक्टर मरीजों को प्राइवेट लेब भेजने के बदले लेते थे मोटा कमीशन… रंगेहाथों धराए

    MP: बड़वानी में सरकारी डॉक्टर मरीजों को प्राइवेट लेब भेजने के बदले लेते थे मोटा कमीशन… रंगेहाथों धराए


    बड़वानी।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बड़वानी जिले (Barwani district) में लोकायुक्त पुलिस (Lokayukta Police) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 सरकारी डॉक्टरों (3 Government Doctors) को मरीजों से जुड़ी जांच के बदले निजी लैब से कमीशन लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है. यह कार्रवाई राजपुर कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में तैनात डॉक्टरों के खिलाफ की गई है, जो सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को निजी पैथोलॉजी लैब (Private Pathology Lab) में भेजने के बदले मोटा कमीशन वसूल रहे थे।

    DSP सुनील तालन ने राजपुर कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात इन तीनों अधिकारियों की पहचान डॉ. अमित शाक्य, डॉ. दिव्या साई और डॉ. मनोहर गोदारा के रूप में की. उन्होंने बताया कि इन तीनों को उनके घरों पर ही कमीशन की रकम लेते हुए पकड़ा गया। पुलिस अधिकारी ने कहा, “यह कार्रवाई राजपुर स्थित एक निजी पैथोलॉजी लैब के मैनेजर अदनान अली की शिकायत पर बिछाए गए एक जाल के बाद की गई।

    शिकायतकर्ता ने दावा किया था कि ये तीनों डॉक्टर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीजों को जांच के लिए उसकी लैब में भेजने के बदले उससे 20 प्रतिशत कमीशन लेते थे। डीएसपी ने बताया कि शाक्य ने पिछले महीने के कमीशन के तौर पर 18 हजार रुपये, साई ने 8 हजार रुपये और गोदारा ने 21 हजार 800 रुपये की मांग की थी, लेकिन बाद में वे कम रकम लेने पर राजी हो गए. उन्होंने आगे बताया कि शाक्य को 8000 रुपये, साई को 5000 रुपये और गोदारा को 12000 रुपये लेते हुए पकड़ा गया।

    उन्होंने बताया कि लोकायुक्त पुलिस ने इन तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर लिया है, हालांकि अभी तक इनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है।

  • MP: गेहूं ऊपार्जन के लिए तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर किया गया रात 10 बजे तक

    MP: गेहूं ऊपार्जन के लिए तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर किया गया रात 10 बजे तक


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में अभी तक 7 लाख 48 हजार किसानों से 39 लाख 2 हजार मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। वहीं गेहूं उपार्जन के लिए तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक तथा देयक जारी करने का समय रात 12 तक कर दिया गया है।

    यह जानकारी सोमवार को प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने दी। उन्होंने बताया कि अभी तक 14 लाख 75 हजार किसानों द्वारा गेहूँ उपार्जन के लिए स्लॉट बुक कराए गए हैं। किसानों के हित में गेहूँ उपार्जन की अवधि 9 मई से बढ़ाकर 23 मई 2026 तक की गई। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई तथा तौल कांटों की संख्या में वृद्धि का अधिकार जिलों को दिए जाने का निर्णय लिया गया। साथ ही एनआईसी सर्वर की क्षमता एवं संख्या में वृद्धि कराई गई। खाद्य विभाग द्वारा प्रति घंटा स्लॉट बुकिंग एवं उपार्जन की मॉनिटरिंग की जा रही है।

    मंत्री राजपूत ने बताया कि किसानों को 6490.56 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थान, जन सुविधाए आदि की व्यवस्थाएँ की गई हैं।

    उन्होंने बताया कि किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके, इस हेतु समस्त आवश्यक व्यवस्थाएँ की गई हैं। इसमें बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्प्यूटर, नेट कनेक्शन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि की व्यवस्था की गई है। उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध सुविधाओं के फोटो ग्राफ्स भारत सरकार के PCSAP पोर्टल पर अपलोड करने की कार्यवाही की जा रही है।

    खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूँ की भर्ती जूट बारदाने के साथ साथ पीपी एचडीपी बेग एवं जूट के एक भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये भण्डारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई, जिससे उपार्जित गेहूँ का सुरक्षित भण्डारण किया जा सके।

  • MP: भोजशाला मामले में HC बोला- ASI सर्वे की वीडियोग्राफी पर मुस्लिम पक्ष 3 दिन में दर्ज कराएं आपत्तियां

    MP: भोजशाला मामले में HC बोला- ASI सर्वे की वीडियोग्राफी पर मुस्लिम पक्ष 3 दिन में दर्ज कराएं आपत्तियां


    इंदौर
    मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) की इंदौर पीठ (Indore Bench) ने धार के विवादित भोजशाला परिसर (Disputed Bhojshala complex) के वैज्ञानिक सर्वेक्षण की वीडियोग्राफी पर मुस्लिम पक्ष को 3 दिन के भीतर अपनी लिखित आपत्तियां दर्ज करने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष के वकील ने तकनीकी समस्याओं के कारण वीडियोग्राफी नहीं देख पाने की बात कही। इसके बाद अदालत ने आईटी विभाग को तुरंत एक्सेस देने और वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद (Salman Khurshid) के साथ इसे साझा करने का आदेश दिया। उधर, एएसआई ने स्पष्ट किया कि 1904 से यह स्मारक उनके संरक्षण में है। एएसआई ने दो-टूक कहा कि 1935 के ‘मस्जिद’ घोषित करने वाले दावे की अब कोई कानूनी मान्यता नहीं है।

    भोजशाला को हिंदू समुदाय वाग्देवी (देवी सरस्वती) का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इस स्मारक को कमाल मौला मस्जिद बताता है। यह विवादित परिसर एएसआई द्वारा संरक्षित है। धार की मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी के वकील तौसीफ वारसी ने जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी के सामने तकनीकी समस्याओं का हवाला दिया।

    तौसीफ वारसी ने कहा कि उन्हें इस परिसर में एएसआई के वैज्ञानिक सर्वेक्षण के दौरान की गई वीडियोग्राफी तक पहुंच नहीं मिल सकी है। उधर, एएसआई के एक वकील ने कहा कि अदालत के निर्देशानुसार इस वीडियोग्राफी को गूगल ड्राइव पर उपलब्ध कराया गया था। मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी के वकील को उसका एक्सेस भी दे दिया गया था।

    खंडपीठ ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद वारसी को वीडियोग्राफी देखने की सुविधा उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए और इसके लिए हाई कोर्ट के आईटी अनुभाग को जरूरी व्यवस्था करने के लिए कहा। अदालत ने यह भी कहा कि मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद के ई-मेल पते पर अतिरिक्त पहुंच उपलब्ध कराते हुए उनसे वीडियोग्राफी जल्द से जल्द साझा की जाए।


    पेश कीं दलीलें

    खंडपीठ ने निर्देश दिया कि मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी इस वीडियोग्राफी पर 7 मई तक अपनी लिखित आपत्तियां प्रस्तुत करे। सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सुनील कुमार जैन ने ASI की ओर से धार के विवादित परिसर के संरक्षण के इतिहास के बारे में दलीलें पेश कीं।


    मुस्लिम पक्ष का दावा- मस्जिद घोषित था स्मारक

    अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सुनील कुमार जैन ने कहा कि यह परिसर साल 1904 से एक संरक्षित स्मारक है। यह एएसआई के नियामकीय नियंत्रण में रहा है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में मुस्लिम पक्ष के एक याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि 1935 में तत्कालीन धार रियासत के दरबार ने 11वीं सदी के इस स्मारक को मस्जिद घोषित किया था।


    5 मई को भी जारी रहेंगी दलीलें

    अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सुनील कुमार जैन ने मुस्लिम पक्ष के दावे को काटते हुए कहा कि यह ऐलान ASI संरक्षित स्मारकों से जुड़े प्रावधानों के कारण निष्प्रभावी हो चुका है। इसे कोई कानूनी मान्यता हासिल नहीं है। सुनील कुमार जैन की दलीलें 5 मई को भी जारी रहेंगी। अदालत ने भोजशाला मंदिर-कमाल मौला मस्जिद परिसर के धार्मिक स्वरूप को लेकर दायर 4 याचिकाओं और एक रिट अपील पर 6 अप्रैल से नियमित सुनवाई कर रहा है।

  • MP: उज्जैन के नागदा में सीढ़ियां चढ़कर बैंक के अंदर पहुंचे नंदी, देखते ही भाग खड़े हुए ग्राहक

    MP: उज्जैन के नागदा में सीढ़ियां चढ़कर बैंक के अंदर पहुंचे नंदी, देखते ही भाग खड़े हुए ग्राहक


    उज्जैन।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उज्जैन (Ujjain) जिले के नागदा (Nagda) में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। महिदपुर रोड स्थित श्रीराम फाइनेंस बैंक (Shriram Finance Bank) में अचानक एक नंदी और गाय घुस गए। बैंक के अंदर मवेशियों को देख स्टाफ और ग्राहकों में अफरा-तफरी मच गई।

    दरअसल, मध्य प्रदेश में आवारा मवेशियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बार आवारा मवेशियों ने बैंक के अंदर बवाल काटा! जानकारी के मुताबिक, नागदा शहर के महिदपुर रोड स्थित पुराने बस स्टैंड क्षेत्र में श्रीराम फाइनेंस बैंक में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक नंदी और गाय अचानक बैंक के अंदर घुस गए। बैंक में मौजूद ग्राहक और कर्मचारी घबराकर बाहर निकल आए। कुछ देर तक बैंक का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया। इस घटना को किसी ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया, जिसका वीडियो भी सामने आया है।

    वीडियो में देखा जा सकता है कि बैंक के अंदर नंदी और गाय इधर-उधर भागते हुए नजर आ रही है, वहीं कुछ लोग उसे बाहर निकालने का प्रयास करते हुए दिखाई दे रहे है। हालांकि कुछ ही देर बाद नंदी गाय बैंक के बाहर निकल गए। लेकिन इस घटना से एक बार फिर प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह पहली बार नहीं है, आवारा मवेशी अक्सर इस इलाके में नजर आते हैं और कई बार दुकानों और संस्थानों के अंदर भी घुस जाते हैं। ऐसे में हर बार स्थानीय गौ-सेवा संगठनों की मदद लेनी पड़ती है।

  • MP: दतिया में महूअर नदी में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत, खेल-खेल में गई भाई-बहन की जान

    MP: दतिया में महूअर नदी में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत, खेल-खेल में गई भाई-बहन की जान


    दतिया।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के दतिया जिले (Datia district) में रविवार को एक हृदयविदारक हादसे में सगे भाई-बहन की महुअर नदी (Mahuar River) में डूबने से मौत हो गई। खेलते-खेलते नदी किनारे पहुंचे दोनों मासूम गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते जिंदगी की जंग हार बैठे। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। मृतक भाई सुमित केवट की उम्र 7 साल और बहिन ज्योतिष केवट की उम्र 5 साल है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, भैंसा सुनारी के सिद्धपुरा इलाके में रहने वाले महेश केवट के बेटे सुमित केवट और ज्योतिष केवट अन्य बच्चों के साथ खेल रहे थे। खेलते-खेलते वे महुअर नदी के किनारे पहुंच गए।बताया जा रहा है कि नदी किनारे फिसलन अधिक थी और पानी भी गहरा था, जिससे संतुलन बिगड़ने पर दोनों बच्चे सीधे नदी में जा गिरे और डूबने लगे।घटना के समय आसपास मौजूद लोगों ने बच्चों को डूबता देख तुरंत उन्हें बाहर निकाला और बिना देरी किए जिला अस्पताल पहुंचाया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।

    बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त बच्चों के माता-पिता दतिया शहर में रिश्तेदारी के एक कार्यक्रम के लिए खरीदारी करने गए थे। बच्चों को परिवार के अन्य सदस्यों के भरोसे छोड़ा गया था।जैसे ही हादसे की सूचना मिली, परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और घर में कोहराम मच गया। सूचना मिलते ही बड़ौनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मर्ग कायम कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि छोटे बच्चों की निगरानी में जरा सी लापरवाही भी कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। प्रशासन और ग्रामीणों के लिए यह जरूरी है कि नदी-तालाब जैसे खतरनाक स्थलों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

    प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि नदी के किनारे काफी फिसलन थी और पानी भी गहरा था।इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से दोनों बच्चे अचानक नदी में गिर पड़े और देखते ही देखते गहरे पानी में चले गए। इस दुखद घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर जरा सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है। खासकर गांवों में नदी, तालाब और कुओं के आसपास बच्चों का अकेले जाना बेहद खतरनाक हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी किनारे सुरक्षा के कोई विशेष इंतजाम नहीं हैं, जिससे ऐसे हादसे होने की आशंका बनी रहती है।

  • MP: रीवा एयरपोर्ट पर 72 की जगह पहुंचा 48 सीटर विमान…. यात्रियों को चढ़ने से रोका…जमकर हुआ हंगामा

    MP: रीवा एयरपोर्ट पर 72 की जगह पहुंचा 48 सीटर विमान…. यात्रियों को चढ़ने से रोका…जमकर हुआ हंगामा


    रीवा।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रीवा एयरपोर्ट (Rewa Airport) से लापरवाही भरी ऐसी खबर सामने आई है, जिसे सुनकर आप भी अपने सिर के बाल खींचने लग सकते हैं। दरअसल 72 सीटों वाला यात्री विमान (72-Seater Passenger Aircraft) बुक था, लेकिन एयरपोर्ट पर 48 सीटर विमान पहुंचा, तो स्टाफ ने कई यात्रियों को यात्रा करने से रोक दिया। घटना के दौरान एयरपोर्ट पर काफी हंगामा हुआ। एक युवती ने इसका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है।


    2 घंटे पहले आ गई, लेकिन फिर भी नहीं चढ़ने दिया

    वीडियो शेयर करने वाली युवती अमरपाटन निवासी है। उसने एयरलाइन और एयरपोर्ट प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक वीडियो जारी किया है। युवती के अनुसार, उसने Alliance Air की फ्लाइट के लिए दिल्ली का टिकट बुक किया था। वह तय समय से लगभग 2 घंटे पहले एयरपोर्ट पहुंच गई। लेकिन, जब वह बोर्डिंग के लिए आगे बढ़ी, तो उसे यह कहकर रोक दिया गया कि उसके नाम का कोई टिकट उपलब्ध नहीं है।


    एयरपोर्ट पर दिखी तीखी झड़प

    युवती ने अपनी टिकट भी शेयर की, जिसमें 3 मई की हवाई यात्रा दर्ज है। फ्लाइट रात 9.05 बजे से रीवा एयरपोर्ट से उड़ान भरकर दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रात 11.15 बजे पहुंचनी थी। लेकिन, एयरपोर्ट स्टाफ ने उसे यात्रा करने से रोक दिया। वीडियो में युवती के साथ मौजूद शख्स स्टाफ के साथ तीखी बहस करता हुआ नजर आया।


    72 सीटों की जगह भेज दिया 48 सीटर विमान

    हैरानी की बात ये है कि ऐसा केवल उसके साथ ही नहीं हुआ, बल्कि कई अन्य यात्रियों को भी बोर्डिंग करने से रोक दिया गया। इस कारण एयरपोर्ट पर यात्रियों में खासा गुस्सा देखने को मिला। युवती ने आरोप लगाया कि जिस फ्लाइट के लिए 72 सीटों की बुकिंग की गई थी, उसकी जगह 48 सीटों वाली छोटा विमान भेज दिया गया है।

    रीवा से दिल्ली के लिए नवंबर महीने में 72 सीटर विमान सेवा की शुरुआत की गई थी। इसका उद्देश्य लोगों को रीवा से डायरेक्ट दिल्ली की सुविधा देना था, ताकि लोगों का समय बच सके। मगर अब इसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे है। फिलहाल इस मामले में संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

  • MP: कोचिंग संचालिका को दिल्ली से भोपाल बुलाया…. बंधक बनाकर लूटे 1.89 करोड़, मास्टरमाइंड समेत 6 गिरफ्तार

    MP: कोचिंग संचालिका को दिल्ली से भोपाल बुलाया…. बंधक बनाकर लूटे 1.89 करोड़, मास्टरमाइंड समेत 6 गिरफ्तार


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) में क्राइम ब्रांच (Crime Branch) ने IAS अकैडमी की डायरेक्टर (Director of IAS Academy) से 1.89 करोड़ रुपए की संगठित लूट के मामले का खुलासा करते हुए मास्टरमाइंड (Mastermind.) समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने सेमिनार और नए सेंटर खोलने का झांसा देकर डायरेक्टर को दिल्ली से भोपाल बुलाया और फिर हथियारों के दम पर बंधक बनाकर रकम ट्रांसफर कराई।

    क्राइम ब्रांच के मुताबिक, मुख्य आरोपी प्रियांक शर्मा जो कि अकैडमी का पूर्व छात्र है, उसने पूरी साजिश रची. उसने अपने साथियों के साथ मिलकर पीड़िता शुभ्रा रंजन को एक अज्ञात स्थान पर ले जाकर पिस्टल और कट्टे की नोक पर डराया-धमकाया और 1.89 करोड़ रुपए अपनी सोसायटी ‘जनकशिला’ और ‘आरएस इंटरप्राइजेस’ के खातों में ट्रांसफर करवा ली।


    फाइव स्टार होटल में ठहरी थीं शुभ्रा

    घटना सामने आते ही क्राइम ब्रांच ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की और चंद घंटों के भीतर पूरी राशि को बैंक खातों में होल्ड करा दिया. पुलिस का कहना है कि रिफंड की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही पूरी रकम पीड़िता को वापस मिल जाएगी. शुभ्रा दिल्ली से आकर भदभदा के पास बने एक फाइव स्टार होटल में ठहरी थीं. वहीं से आरोपी प्रियांक शर्मा उन्हें अपने साथ फ्रेंचायसी के लिए जगह दिखाने के नाम पर बागसेवनिया ले गया और यहां स्थित एक फ्लैट में दो दिन तक बंधक बनाकर रखा. इस दौरान उनके खाते से ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवाए गए।


    बंधक बनाकर बनाया फर्जी वीडियो

    आरोपियों ने पीड़िता को डराने के लिए अपने ही एक साथी के अपहरण का फर्जी वीडियो बनाया, ताकि वह पुलिस में शिकायत न करे और भविष्य में भी पैसे देती रहे. चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपियों ने वारदात से एक दिन पहले ही किराए का मकान लिया और उसी दिन सुंदरकांड का आयोजन कराया, ताकि शोर-शराबे में पीड़ितों की चीख-पुकार बाहर न जा सके.


    बाहर से बुलाए गए हथियारबंद बदमाश

    वारदात को अंजाम देने के लिए दतिया और रीवा से बदमाश बुलाए गए थे, जिन्होंने हथियारों के दम पर पूरी घटना को अंजाम दिया. घटना के बाद आरोपी प्रियांक शर्मा ने बीमारी का झूठा बहाना बनाकर खुद को एम्स अस्पताल के ICU में भर्ती करा लिया, ताकि पुलिस से बच सके. हालांकि पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया. इस दौरान आरोपी की मां और पत्नी ने अस्पताल में हंगामा भी किया।


    विदेश भागने की थी तैयारी

    जांच में सामने आया है कि वारदात के बाद आरोपी विदेश फरार होने की तैयारी में था. फिलहाल उसकी पत्नी की भूमिका की भी जांच की जा रही है. फिलहाल पुलिस ने मास्टरमाइंड प्रियांक शर्मा समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

  • MP: आधी रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 62 IPS अधिकारियों का तबादला, 19 जिलों के एसपी बदले

    MP: आधी रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 62 IPS अधिकारियों का तबादला, 19 जिलों के एसपी बदले


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में शनिवार देर रात बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए राज्य सरकार ने 62 आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। गृह विभाग द्वारा जारी इस जंबो आदेश में एडीजी, डीआईजी, एसपी और डीसीपी स्तर तक व्यापक फेरबदल किया गया है। यह लंबे समय से लंबित सूची मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और डीजीपी कैलाश मकवाणा के बीच चर्चा के बाद जारी हुई।

    सिंगरौली में हाल ही में हुए बैंक डकैती कांड के बाद एसपी मनीष खत्री को हटा दिया गया है। उन्हें एआईजी पीएचक्यू बनाया गया है। सिवनी जिले में सामने आए हवाला कांड के चलते एसपी सुनील मेहता को भी हटा दिया गया है। उन्हें डीसीपी इंदौर बनाया गया है। एडीजी प्रशिक्षण राजा बाबू सिंह को एडीजी रेल बनाया गया है। छह जिलों के पुलिस अधीक्षकों को दोबारा कप्तानी मिली है। जिन पुलिस अधीक्षकों को बदल गया है, उन में कुछ ऐसे भी हैं जिनमें तीन वर्ष पूरे हो गए थे। साथ ही 13 पुलिस अधीक्षक डीआईजी के पद पर पदोन्नति होने के कारण उनकी जगह नई पदस्थापना की गई है।


    किसे कहां से कहां भेजा

    रवि कुमार गुप्ता स्पेशल डीजी रेल से स्पेशल डीजी प्रशिक्षण ,राजा बाबू सिंह एडीजी प्रशिक्षण से एडीजी रेल , डीपी गुप्ता एडीजी शिकायत से एडीजी सामुदायिक पुलिसिंग, सोलोमन यश कुमार मिंज एडीजी पुलिस मुख्यालय से एडीजी शिकायत लेखा एवं कल्याण, अमित सिंह अतिरिक्त पुलिस आयुक्त इंदौर से डीआईजी बिस्वाल इंदौर, अवधेश गोस्वामी अतिरिक्त पुलिस आयुक्त भोपाल से डीआइजी पुलिस मुख्यालय ,अमित सांघी डीआइजी ग्वालियर रेंज से डीआइजी होमगार्ड , बीरेंद्र कुमार सिंह ,डीआईजी चयन से डीआइजी नर्मदापुरम, प्रशांत खरे डीआइजी नर्मदापुरम से-डीआइजी पुलिस मुख्यालय

    मनीष अग्रवाल डीआईजी होमगार्ड से डीआईजी पुलिस मुख्यालय ,मनोज कुमार राय -एसपी खंडवा से डीआईजी पुलिस मुख्यालय, रियाज इकबाल एसएसपी रेडियो से डीआईजी पुलिस मुख्यालय, राहुल कुमार लोढ़ा एसपी रेल भोपाल से डीआइजी पुलिस मुख्यालय, सिमाला प्रसाद एसपी रेल जबलपुर से डीआईजी पुलिस मुख्यालय, असित यादव पुलिस अधीक्षक भिंड से डीआईजी ग्वालियर, विवेक सिंह पुलिस उपायुक्त भोपाल से डीआईजी शहडोल,

    शैलेंद्र सिंह चौहान पुलिस अधीक्षक रीवा से अतिरिक्त पुलिस आयुक्त भोपाल, कुमार प्रतीक पुलिस उपायुक्त इंदौर से डीआईजी नारकोटिक्स इंदौर, शिवदयाल एसपी झाबुआ से डीआईजी पुलिस मुख्यालय, मयंक अवस्थी एसपी धार से अतिरिक्त पुलिस आयुक्त इंदौर,

    अरविंद तिवारी सहायक पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय से सेनानी 34वीं वाहिनी विशसबल , सूरज कुमार वर्मा पुलिस अधीक्षक दतिया से पुलिस अधीक्षक भिंड, यांगचीन भूरिया पुलिस अधीक्षक देहात इंदौर से पुलिस अधीक्षक शिवपुरी, गुरुकरण सिंह सेनानी 24वी वाहिनी से पुलिस अधीक्षक रीवा, दीपक कुमार शुक्ला पुलिस अधीक्षक सीहोर से सेनानी 32 में वाहिनी,

    अमन सिंह राठौड़ पुलिस अधीक्षक शिवपुरी से पुलिस उपायुक्त इंदौर, अनुराग सुजानिया सहायक पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय से पुलिस अधीक्षक सागर, सचिन शर्मा संयुक्त आवासीय आयुक्त मध्य प्रदेश भवन नई दिल्ली से पुलिस अधीक्षक धार, वाहिनी सिंह पुलिस अधीक्षक डिंडोरी से पुलिस अधीक्षक पीटीसी इंदौर,

    विकास कुमार सहवाल पुलिस अधीक्षक सागर से पुलिस उपायुक्त भोपाल, धर्मराज मीणा सेनानी 32वीं वाहिनी से पुलिस अधीक्षक मुरैना, समीर सौरभ पुलिस अधीक्षक मुरैना से एसएसपी रेडियो भोपाल, रजत सकलेचा पुलिस अधीक्षक मंडला से पुलिस अधीक्षक छतरपुर, आगम जैन पुलिस अधीक्षक छतरपुर से पुलिस अधीक्षक खंडवा, मनीष खत्री पुलिस अधीक्षक सिंगरौली से सहायक पुलिस महानिदेशक पुलिस मुख्यालय भोपाल,

    सुनील कुमार मेहता पुलिस अधीक्षक सिवनी से पुलिस उपयुक्त इंदौर, देवेंद्र कुमार पाटीदार पुलिस अधीक्षक बुरहानपुर से पुलिस अधीक्षक झाबुआ, रामशरण प्रजापति पुलिस अधीक्षक देहात भोपाल से सहायक पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय, सुंदर सिंह कनेस पुलिस अधीक्षक पांढुर्णा से पुलिस अधीक्षक रेल जबलपुर, राजेश व्यास पुलिस उपायुक्त इंदौर से पुलिस अधीक्षक नीमच,

    विनोद कुमार सिंह पुलिस अधीक्षक आगर मालवा से सेनानी 24वी वाहिनी, पंकज कुमार पांडेय सहायक पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय से पुलिस से अधीक्षक देहात भोपाल, प्रकाश चंद्र परिहार पुलिस उपायुक्त इंदौर से पुलिस अधीक्षक पांढुरना, दिलीप कुमार सोनी पुलिस अधीक्षक मऊगंज से पुलिस से अधिक आगर मालवा, राजेंद्र कुमार वर्मा पुलिस अधीक्षक पीटीसी इंदौर से पुलिस अधीक्षक देहात इंदौर, विक्रांत मुराब सहायक पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय से पुलिस से अधीक्षक अनूपपुर,

    सुरेंद्र कुमार जैन पुलिस अधीक्षक पीटीएस रीवा से पुलिस से अधीक्षक मऊगंज, आशीष खरे जोनल पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा जबलपुर से पुलिस अधीक्षक डिंडोरी, अंकित जायसवाल पुलिस अधीक्षक नीमच से पुलिस अधीक्षक रेल भोपाल, राजेश रघुवंशी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खंडवा से पुलिस अधीक्षक मंडला, मोतिउर रहमान पुलिस अधीक्षक अनूपपुर से सेनानी 9वी वाहिनी रीवा, श्रुति कीर्ति सोमवंशी पुलिस अधीक्षक जिला दमोह से सेनानी 13वीं वाहिनी ग्वालियर, मयूर खंडेलवाल पुलिस उपायुक्त भोपाल से पुलिस अधीक्षक दतिया, सोनाक्षी सक्सेना पुलिस उपायुक्त भोपाल से पुलिस अधीक्षक सीहोर,

    सियाज के एम सेनानी हाकफोर्स बालाघाट से पुलिस अधीक्षक सिंगरौली, आनंद कलगी पुलिस उपायुक्त इंदौर से पुलिस अधीक्षक दमोह, कृष्ण लालचंदानी पुलिस उपायुक्त इंदौर से पुलिस अधीक्षक सिवनी, आयुष गुप्ता अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जबलपुर से पुलिस उपायुक्त जोन 3 भोपाल, आदर्श कांत शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जबलपुर से पुलिस उपायुक्त जोन 4 भोपाल, नरेंद्र रावत, राज्यपाल के परिसहाय से पुलिस उपायुक्त जोन एक इंदौर, अभिषेक रंजन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उज्जैन से पुलिस उपायुक्त जोन 3 इंदौर और राहुल देशमुख सीएसपी कोतवाली उज्जैन से राज्यपाल के परिसहाय।

  • MP: उज्जैन में फिर गरजा प्रशासन का बुलडोजर… महाकाल मंदिर मार्ग में बाधा बनी 5 इमारतें जमींदोज

    MP: उज्जैन में फिर गरजा प्रशासन का बुलडोजर… महाकाल मंदिर मार्ग में बाधा बनी 5 इमारतें जमींदोज


    उज्जैन।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उज्जैन (Ujjain) में विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर (Mahakaleshwar Temple) के पास स्थित बेगम बाग क्षेत्र में शनिवार को एक बार फिर बुलडोजर कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इस दौरान 5 बहुमंजिला इमारतों को जमींदोज कर दिया गया। ये सभी इमारतें महाकाल मंदिर पहुंच मार्ग पर बनी थीं और इनकी लीज खत्म हो चुकी थी, साथ ही इनमें अवैध रूप से व्यवसायिक गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था।

    कार्रवाई के बारे में जानकारी देते हुए प्रशासन ने बताया कि जिस भूमि पर ये सभी इमारतें बनी हुई थीं, वो जमीन उज्जैन विकास प्राधिकरण की है, और जिसे 30 वर्ष की लीज पर आवासीय उपयोग के लिए दिया गया था, लेकिन यहां रहने वाले लोगों ने नियम विरुद्ध जाकर इसका व्यावसायिक उपयोग शुरू कर दिया था। जिसके चलते लीज समाप्ति के बाद उसका नवीनीकरण नहीं किया गया। वहीं जब उज्जैन विकास प्राधिकरण ने इस बारे में लोगों को नोटिस जारी किए तो संबंधित लोग न्यायालय पहुंच गए। हालांकि लोअर कोर्ट, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से स्टे खारिज होने के बाद अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ अब यह कार्रवाई की गई।


    कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने नहीं किया विरोध

    अधिकारियों ने बताया कि शनिवार सुबह 9 बजे शुरू हुई कार्रवाई में स्थानीय लोगों द्वारा किसी प्रकार का कोई विरोध देखने को नही मिला। इससे पहले जब यहां इसी प्रकार से बनी 58 इमारतों पर बुलडोजर कार्रवाई की जा रही थी, तब जरूर लोगों ने विरोध किया था, हालांकि शनिवार को हुई कार्रवाई शांतिपूवक चलती रही।


    संवेदनशील इलाका होने की वजह से थी कड़ी सुरक्षा

    प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि जिस जगह पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही है, वह महाकाल मंदिर पहुंच मार्ग है और मुस्लिम बाहुल्य इलाका होने के कारण अति संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। ऐसे में कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए इस रास्ते से वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह बन्द कर दिया गया और केवल श्रद्धालुओं को पैदल जाने की अनुमति दी गई।


    यह है पूरा मामला, UDA की है जमीन

    उज्जैन विकास प्राधिकरण ने सन् 1985 में बेगम बाग क्षेत्र में 30 साल की लीज पर आवासीय उपयोग के लिए भूखंड दिए थे। लेकिन भूखंड धारकों ने इनका उपयोग आवासीय तौर पर करने की बजाय पूरी तरह व्यावसायिक तौर पर करना शुरू कर दिया। जो कि पूरी तरह नियम विरुद्ध था। इसके बाद वर्ष 2014-15 में 30 वर्षीय लीज भी खत्म हो गई और प्राधिकरण द्वारा उसका नवीनीकरण नहीं किया गया।


    आवासीय जमीन का हो रहा था व्यवसायिक उपयोग

    इसके बाद भूखंड के दुरुपयोग को लेकर उज्जैन विकास प्राधिकरण ने लगातार नोटिस दिए। फिर आगे चलकर वर्ष 2023-24 में उज्जैन विकास प्राधिकरण ने भूखंड धारकों की लीज भी समाप्त कर दी। जिसको लेकर भूखंड धारक न्यायालय पहुंच गए और जहां से उन्हें स्टे मिल गया। इसके बाद अलग-अलग न्यायालय में इन भूखंडों का मामला विचाराधीन रहा। न्यायालय का स्टे हटते ही तोड़ने की कार्यवाही शुरू कर दी गई।


    सालभर के दौरान 58 इमारतों को गिराया जा चुका

    अधिकारियों ने बताया कि पिछले एक साल के दौरान यहां छह चरणों में इस तरह अवैध रूप से बनी 58 बिल्डिंगों को गिराया जा चुका है। खास बात यह है कि उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा आवंटित इन भूखंडों में से 45 भूखंड ऐसे थे, जिनमें प्रत्येक का साइज करीब 2400 स्क्वेयर फीट था, लेकिन भूखंड धारकों ने इनके अलग-अलग टुकड़े कर करीब 90 बिल्डिंगें बना ली थीं। और इन 90 इमारतों में से 63 बिल्डिंग्स को जमीदोंज किया जा चुका है, शेष 27 बिल्डिंगों को भी जल्द ही कानूनी प्रक्रिया के तहत तोड़ा जाएगा।


    दो भूखंडों पर बना दी गई, छह इमारतें

    प्रशासन ने बताया कि शनिवार को जिन 5 बिल्डिंगों पर कार्रवाई की जा रही है, वो कुल दो भूखंड थे, जिन पर छह इमारतें बना दी गई थीं और न्यायालय ने इनका स्टे खारिज कर दिया था। इसके बाद विकास प्राधिकरण की ओर से नोटिस दिया गया था, जिनकी समय सीमा समाप्त हो गई है। भवन मालिकों से बातचीत की गई और उन्हें न्यायालयीन प्रक्रिया के बारे में समझाया गया। इसके बाद उन्होंने स्वतः अपनी बिल्डिंग खाली करना शुरू कर दिया। इसी वजह से यह कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से चल रही है।

    उधर इस बारे में जानकारी देते हुए उज्जैन विकास प्राधिकरण सीईओ संदीप कुमार सोनी ने बताया कि माननीय न्यायालय से स्टे खारिज होने के बाद यह कार्रवाई की जा रही है। भूखंड धारक को भूखंड आवासीय तौर पर दिए गए थे, जिसका उन्होंने व्यावसायिक उपयोग किया। इसके अलावा लीज समाप्त होने के बाद लीज नवीनीकरण भी नहीं हो सका, इसलिए यह कार्रवाई की गई। जिस जगह यह कार्यवाही चल रही है यहां आगामी सिहंस्थ 2028 में ब्रिज निर्माण प्रस्तावित है।