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  • MP: मुरैना में निर्माणाधीन मंदिर की गुमंद टूटकर गिरने से तीन बच्चियों की मौत, पति-पत्नी और 5 बच्चियां घायल

    MP: मुरैना में निर्माणाधीन मंदिर की गुमंद टूटकर गिरने से तीन बच्चियों की मौत, पति-पत्नी और 5 बच्चियां घायल


    मुरैना।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुरैना जिले (Morena district) के ग्राम अहरौली में सोमवार को दोपहर में निर्माणाधीन चामड़ माता के मंदिर (Chamad Mata Temple) की गुमंद गिर गई। इस हादसे में मलबे में दबकर तीन बच्चियों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य बच्चियां और एक दंपत्ति घायल हो गए हैं।

    जानकारी के अनुसार, कैलारस थाना क्षेत्र अंतर्गत अहरौली गांव के चामड़ माता मंदिर पर सोमवार को दोपहर करीब दो बजे मुंगावली निवासी सतीश गौड़ अपनी पत्नी गुड्डी व बच्ची मानसी के साथ पूजा करने गया था। पूजा के पश्चात गांव की बच्चियों को बुलाकर प्रसाद ग्रहण कराया जा रहा था। इसी दौरान निर्माणाधीन गुमंद की पटिया टूटकर नीचे गिर गईं, जिसमें आठ बच्चियों सहित सतीश व उसकी पत्नी गुड्डी भी दब गए। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और हादसे की सूचना पुलिस प्रशासन को दी। मलबा हटाकर घायलों और शवों को बाहर निकाला। सूचना पर एसडीएम जौरा शुभम शर्मा, पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। घायलों को कैलारस अस्पताल में भर्ती कराया। यहां सामान्य घायल दो बच्चियों का इलाज किया जा रहा है। वहीं, गंभीर घायल पति-पत्नी व पांच बच्चियों सहित 7 घायलों को मुरैना जिला चिकित्सालय लाया गया। इनमें से एक बालिका को इलाज के लिए ग्वालियर भेज दिया गया है। हादसे में तीन बच्चियों की मौके मौत हो गई।

    मृतक बच्चों की पहचान वैष्णवी सिकरवार (11) पुत्री जीतू सिकरवार, करिश्मा गोस्वामी (9) पुत्री अशोक गोस्वामी और छाया गोस्वामी (7) पुत्री अशोक गोस्वामी के रूप में हुई है। देर शाम तीनों मृतक बच्चियों का कैलारस के अस्पताल में पोस्टमार्टम करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिये गये। हादसे में गुंजन (12) पुत्री योगेंद्र सिंह, परी (8) पुत्री योगेंद्र सिंह, विद्या (6) पुत्री योगेंद्र सिंह, सतीश गौड (45), पृथ्वी गौड (40) पत्नी सतीश गौड, मानसी गौड (14) पुत्री सतीश गौड और पल्लवी गोस्वामी घायल हुई। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

    हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय विधायक पंकज उपाध्याय मौके पर पहुंच गये। इसके साथ ही उन्होंने कैलारस चिकित्सालय में घायलों का बेहतर इलाज करने हेतु प्रबंधन को अवगत कराया। विधायक पंकज उपाध्याय ने मौके के बाद अस्पताल पहुंचकर मृतक बच्चियों के परिजनों को ढांढ़स बंधाया, वहीं हरसंभव मदद का भरोसा भी जताया। इसके साथ ही जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी कमलेश भार्गव ने जांच कराने का आश्वासन दिया है। इसमें दोषी पाये जाने पर कार्यवाही की जायेगी। सीईओ ने मृतक व घायल परिजनों को नियमानुसार आर्थिक सहायता दिये जाने का भरोसा दिलाया।

  • MP: खरगोन में शख्स ने 20 साल की उम्र में चुराया था 100 रु का गेहूं, पुलिस ने 45 साल बाद किया गिरफ्तार

    MP: खरगोन में शख्स ने 20 साल की उम्र में चुराया था 100 रु का गेहूं, पुलिस ने 45 साल बाद किया गिरफ्तार


    खरगोन।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के खरगोन जिले (Khargone district) से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, क्योंकि यहां पर पुलिस ने एक बार फिर यह साबित करके दिखा दिया है कि कानून के हाथ बहुत लंबे (Law Arm too Long) होते हैं और अपराधी चाहकर भी उसके चंगुल से नहीं बच सकता है। दरअसल यहां पर पुलिस 65 वर्षीय एक बुजुर्ग को उस अपराध के मामले में गिरफ्तार किया है, जो उसने 45 साल पहले किया था और जिस समय उसकी उम्र मात्र 20 साल थी। आरोपी की पहचान सलीम के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक सलीम की गिरफ्तारी साल 1980 में दर्ज गेहूं चोरी के एक मामले को लेकर हुई है।


    1980 में चुराया था 100 रुपए का गेहूं

    मंडलेश्वर की अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (SDOP) श्वेता शुक्ला ने मामले की जानकारी देते हुए रविवार को बताया कि सलीम और उसके छह अन्य साथियों ने साल 1980 में बालसमुंद के काकड़ इलाके में खेतों से गेहूं चुराया था। आरोपियों ने वारदात के वक्त जो गेहूं चोरी किया था, वह करीब एक क्विंटल यानी 100 किलोग्राम था और उस समय उसकी कीमत लगभग 100 रुपए थी। क्योंकि तब अच्छी गुणवत्ता वाले गेहूं की कीमत करीब 1.15 रुपए प्रति किलोग्राम थी।


    किराने की दुकान चला रहा था आरोपी

    SDOP ने आगे बताया कि बलकवाड़ा थाना क्षेत्र के बलखड गांव का रहने वाला सलीम चोरी की उस घटना के बाद भाग गया था और पड़ोसी धार जिले के बाग कस्बे में जाकर अपने बेटे के साथ किराने की दुकान चलाने लगा। उन्होंने कहा कि यह मामला अदालतों में लंबित रहा इस दौरान सलीम के खिलाफ कई बार वारंट भी जारी किया गया था।


    पुलिस को यूं मिला आरोपी का सुराग

    खलटका थाने के प्रभारी मिथुन चौहान ने बताया कि एक अन्य आरोपी को तलाश करने के दौरान पुलिस को पता चला कि सलीम किराने की दुकान के जरिए जीवन यापन चला रहा है। उन्होंने कहा कि पहचान की पुष्टि होने के बाद उसे शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया।

    पुलिस अधिकारी श्वेता शुक्ला ने कहा कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसका मानना था कि इतने सालों के बाद मामले को भुला दिया गया होगा और वह कानूनी कार्रवाई से बच गया है। हालांकि उसका ये अनुमान पूरी तरह गलत साबित हो गया। चौहान ने बताया कि सलीम को यहां एक अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

  • MP: स्वामी परमहंस सच्चिदानंद महाराज का परलोक गमन, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने व्यक्त किया दु:ख

    MP: स्वामी परमहंस सच्चिदानंद महाराज का परलोक गमन, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने व्यक्त किया दु:ख


    भोपाल।
    उत्तर प्रदेश- मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की सीमा पर सतना जिले (Satna district) में स्थित देश में प्रसिद्ध धारकुंडी आश्रम (Dharkundi Ashram) के संस्थापक महंत स्वामी परमहंस सच्चिदानंद महाराज (Mahant Swami Paramhans Sachchidanand Maharaj) शनिवार को ब्रह्मलीन हो गए। उन्होंने 102 वर्ष की आयु में मुंबई में अंतिम सांस ली। स्वामी परमहंस सच्चिदानंद महाराज के ब्रह्मलीन होने की खबर मिलते ही देशभर में फैले लाखों श्रद्धालुओं में शोक की लहर दौड़ गई।

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परम पूज्य स्वामी परमहंस सच्चिदानंद महाराज के परलोक गमन पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि स्वामी परमहंस सच्चिदानंद महाराज का सम्पूर्ण जीवन सेवा, साधना और मानवता के कल्याण को समर्पित रहा। मुख्यमंत्री ने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोकाकुल अनुयायियों को यह अपार दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिए प्रार्थना की है।

    धारकुंडी आश्रम के प्रमुख संत एवं शिष्य स्वामी संजय बाबा ने बताया कि स्वामी परमहंस सच्चिदानंद महाराज पिछले कुछ महीनों से मुंबई स्थित आश्रम में प्रवास कर रहे थे। एक जनवरी को उन्होंने चित्रकूट के धारकुंडी आश्रम में भक्तों के बीच अपना 102वां जन्मदिवस मनाया था। इसके बाद स्वास्थ्य खराब होने पर वे इलाज के लिए मुंबई गए थे। स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद वे बदलापुर स्थित आश्रम में ठहरे हुए थे, जहां शनिवार को उन्होंने अंतिम सांस ली।

    उन्होंने बताया कि मुंबई से उनका पार्थिव शरीर शनिवार देर रात चित्रकूट स्थित धारकुंडी आश्रम लाया गया, जहां श्रद्धालुओं ने नम आंखों से अपने आराध्य को श्रद्धांजलि अर्पित की। रविवार को आश्रम परिसर में अंतिम दर्शन कराए जाएंगे, जबकि सोमवार को आश्रम की परंपरा के अनुसार समाधि दी जाएगी।

    स्वामी परमहंस सच्चिदानंद महाराज के अंतिम दर्शन और समाधि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए स्वामी अड़गड़ानंद महाराज विशेष विमान से धारकुंडी पहुंच चुके हैं। चित्रकूट सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में साधु, संत और महंत भी आश्रम पहुंच रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए यूपी–एमपी सीमा पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। चित्रकूट प्रभारी एसपी सत्यपाल सिंह और सतना एसपी हंसराज सिंह स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं।


    1956 में हुई थी आश्रम की स्थापना

    स्वामी परमहंस सच्चिदानंद महाराज ने अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन स्वामी परमानंद के आशीर्वाद से 22 नवंबर 1956 को धारकुंडी आश्रम की स्थापना की थी। उस समय यह क्षेत्र बेहद पिछड़ा माना जाता था और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं थीं। कहा जाता है कि स्वामी जी ने आश्रम परिसर में बहने वाली स्वच्छ और निरंतर जलधाराओं से बिजली उत्पादन की व्यवस्था शुरू कराई थी। आश्रम में स्थित दो झरनों का पानी वर्ष भर लगातार बहता रहता है, जो आगे चलकर नदी का रूप ले लेता है। मान्यता है कि स्थापना काल से लेकर वर्ष 1970 तक कई बार शेर भी आश्रम परिसर में आते-जाते थे और स्वामी जी के सान्निध्य में रहते थे। इससे जुड़ी अनेक कथाएं आज भी श्रद्धालुओं के बीच प्रचलित हैं।

  • MP में बड़े पैमाने में चल रहा था नशे का कारोबार.. अवैध ड्रग्स फैक्ट्री से 320 Kg केमिकल जब्त, 5 गिरफ्तार

    MP में बड़े पैमाने में चल रहा था नशे का कारोबार.. अवैध ड्रग्स फैक्ट्री से 320 Kg केमिकल जब्त, 5 गिरफ्तार


    राजगढ़।
    राजस्थान (Rajasthan) की झालावाड़ पुलिस (Jhalawar Police) और जिला स्पेशल टीम ने मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में चल रही एक ड्रग्स फैक्ट्री (Drugs Factory) का पर्दाफाश किया। पुलिस ने 320.72 किलोग्राम संदिग्ध केमिकल के साथ पांच तस्करों को गिरफ्तार किया है, जो एमडी जैसे खतरनाक सिंथेटिक ड्रग्स बनाने में उपयोग होने वाला था।

    झालावाड़ पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि मंगलवार रात को झालरापाटन थानाधिकारी अल्का और डीएसटी प्रभारी मोहन लाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ग्रोथ सेंटर चौराहे पर खड़ी संदिग्ध पिकअप और महिंद्रा टीयूवी की जांच की। तलाशी के दौरान पिकअप में घरेलू सामान के नीचे छिपाए गए छह ड्रम बरामद हुए, जिनमें केमिकल भरा हुआ था।

    प्रारंभिक पूछताछ में पकड़े गए तस्करों – दीपक (30), जितेंद्र सिंह (41) और शैलेंद्र विलाला (26) ने बताया कि वे यह केमिकल ट्रांसपोर्ट के जरिए महाराष्ट्र से कोटा मंगवाते थे और फिर इसे मध्यप्रदेश के आगर में डिलीवरी देने जा रहे थे। इस सूचना पर पुलिस ने मध्यप्रदेश के सुसनेर में दबिश दी और मुख्य रिसीवर जयनारायण मामू और उसके साथी रामलाल को गिरफ्तार किया।

    पूछताछ में पता चला कि मुख्य सरगना रघुनंदन पाटीदार, जो इस ड्रग्स नेटवर्क का अहम हिस्सा था, फरार हो गया। पुलिस ने उसकी तलाश जारी रखी और उसके घर पर दबिश दी, जहां एक पूरी ड्रग्स फैक्ट्री संचालित हो रही थी। वहां से भारी मात्रा में ड्रग्स बनाने के उपकरण और केमिकल बरामद किए गए।

    इस ऑपरेशन में डीआरआई जयपुर के इनपुट ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है और अब इस नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है, कि यह केमिकल कहां से सप्लाई हो रहा था और इसका जाल राजस्थान और मध्यप्रदेश के किन हिस्सों में फैला है।

  • MP: इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड केस में दो आरोपियों को क्लीनचिट… पुलिस ने चार्जशीट से नाम हटाए

    MP: इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड केस में दो आरोपियों को क्लीनचिट… पुलिस ने चार्जशीट से नाम हटाए


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर शहर (Indore city) के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी (Transporter Raja Raghuvanshi) की हत्या के मामले में नया मोड़ आया है। पुलिस ने इस हत्याकांड में पहले गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों को क्लीनचिट (Two Accused Clean chit) दे दी है और उनके नाम चार्जशीट से हटा दिए हैं। ये आरोपी थे बलवीर अहिरवार (गार्ड) और लोकेंद्र सिंह तोमर (बिल्डिंग मालिक), जिन्हें पहले साक्ष्य नष्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

    पुलिस की जांच में न तो इन आरोपियों के खिलाफ हत्या से जुड़े कोई ठोस प्रमाण मिले और न ही साक्ष्य नष्ट करने के आरोपों की पुष्टि हो सकी। इससे मामले में शिलांग पुलिस की जांच पर सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद जांच में उनकी संलिप्तता न मिलने पर उन्हें क्लीन चिट दे दी गई।


    गिरफ्तारी के बाद किया गया बरी

    शुरुआत में शिलांग पुलिस ने बलवीर और लोकेंद्र को साक्ष्य छुपाने के शक में गिरफ्तार किया था, क्योंकि राजा रघुवंशी की हत्या के बाद मृतक की पत्नी सोनम ने लोकेंद्र की हीरा नगर स्थित बिल्डिंग में ठहरने के लिए कमरे किराए पर लिए थे। ब्रोकर शिलोम जेम्स ने सोनम को छिपने के लिए यह रूम दिलवाया था। हालांकि, विस्तृत जांच के बाद पुलिस ने इन दोनों की संलिप्तता से इनकार कर दिया।


    पुलिस अधीक्षक का बयान

    ईस्ट खासी हिल्स जिले के पुलिस अधीक्षक विवेक सिएम ने बताया, “शुरुआत में उपलब्ध परिस्थितियों और सूचनाओं के आधार पर इन दोनों को गिरफ्तार किया गया था। लेकिन बाद की जांच और सत्यापन में उनकी कोई भूमिका नहीं पाई गई, इसलिए उन्हें दोषमुक्त कर दिया गया।”

    अब पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी है और तीन आरोपियों में से केवल शिलोम जेम्स के खिलाफ ही कार्रवाई जारी है। बाकी सभी आरोपितों, जिनमें मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी और राज कुशवाह भी शामिल हैं, के खिलाफ जांच जारी है और वे न्यायिक हिरासत में हैं।

  • MP के इस जिले को मिली रोप-वे और म्यूजियम का तोहफा, शिवराज ने दी बड़ी खुशखबरी!

    MP के इस जिले को मिली रोप-वे और म्यूजियम का तोहफा, शिवराज ने दी बड़ी खुशखबरी!


    रायसेन।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के विदिशा-रायसेन संसदीय क्षेत्र (Vidisha-Raisen Parliamentary Constituency) में सोमवार को चल रहे सांसद खेल महोत्सव (MP Sports Festival) का समापन हुआ, और इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने रायसेन को एक महत्वपूर्ण सौगात दी। शिवराज ने घोषणा की कि उन्हें भारत सरकार से रायसेन के किले तक रोप-वे बनाने की अनुमति मिल गई है। इसके अलावा, किले के भीतर एक भव्य म्यूजियम भी बनेगा, जिसमें रायसेन के इतिहास और धरोहर को प्रदर्शित किया जाएगा।


    किले तक पहुँचने का आसान रास्ता मिलेगा: रोप-वे का निर्माण होगा

    रायसेन का किला एक ऊंची पहाड़ी की चोटी पर स्थित है, जिससे वहां पहुंचना हमेशा ही चुनौतीपूर्ण रहा है। अब रोप-वे के निर्माण से श्रद्धालु और पर्यटक आसानी से किले तक पहुँच सकेंगे। शिवराज ने इस बारे में रायसेन के विधायक प्रभुराम चौधरी को भारत सरकार से प्राप्त आदेश की कॉपी भी सौंपी। उन्होंने इस अवसर पर बताया कि किले तक रोप-वे निर्माण के साथ-साथ वहां एक शानदार म्यूजियम भी स्थापित किया जाएगा, जो इलाके के समृद्ध इतिहास को संजोएगा। म्यूजियम में रायसेन की ऐतिहासिक धरोहर और संस्कृति की झलक मिल सकेगी, जो न केवल स्थानीय लोगों, बल्कि पर्यटकों के लिए भी एक आकर्षण का केंद्र बनेगा।


    रायसेन में होगा किसान कुंभ और मेला

    कार्यक्रम के दौरान, शिवराज सिंह चौहान ने यह भी घोषणा की कि अप्रैल महीने में 12, 13 और 14 तारीख को रायसेन में ‘किसान कुंभ’ और किसानों का मेला आयोजित किया जाएगा। इसमें किसानों को खेती से जुड़ी नई तकनीकों और प्रशिक्षण के बारे में जानकारी दी जाएगी। शिवराज ने कहा, “रायसेन अब सिर्फ ऐतिहासिक नहीं, बल्कि एक आदर्श जिले के रूप में भी विकसित होगा।”

    शिवराज ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा, “रायसेन के लोग, आपकी मुस्कान ही मेरी जिंदगी है। मैं वचन देता हूँ कि आपकी खुशियों के लिए मामा कोई कसर नहीं छोड़ेगा।” उनका यह वक्तव्य कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों के लिए उत्साहवर्धक था, और उन्होंने रायसेन के विकास की दिशा में और भी योजनाएं बनाने की बात की।


    प्रभुराम चौधरी ने दी रायसेन के विकास की दिशा में नई दिशा

    कार्यक्रम के दौरान रायसेन के विधायक और पूर्व मंत्री प्रभुराम चौधरी ने सोशल मीडिया पर खुशी व्यक्त करते हुए लिखा, “रायसेन के मेरे प्रिय भाई-बहनों, आज हमारे लिए ऐतिहासिक दिन है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के प्रयासों से हमें रायसेन किले में रोप-वे निर्माण की अनुमति मिली है। अब श्रद्धालु और पर्यटक रोप-वे के माध्यम से किले तक पहुंच सकेंगे। इसके साथ ही, किले में एक भव्य म्यूजियम भी बनेगा, जिससे रायसेन की समृद्ध विरासत को नई पहचान मिलेगी। हम अपने जिले के विकास और पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

    रायसेन किला: ऐतिहासिक धरोहर का प्रतीक
    रायसेन का किला मध्य प्रदेश के प्रमुख किलों में से एक है, और यह राजधानी भोपाल से लगभग 40 किलोमीटर दूर एक ऊंची पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। किले का निर्माण 11वीं शताब्दी में हुआ था, और यह पहले हिंदू राजाओं का गढ़ हुआ करता था। बाद में इस किले पर अफगान और मुग़ल शासकों का भी अधिकार रहा। किले में हिंदू और मुग़ल वास्तुकला का अद्भुत मिश्रण देखने को मिलता है। किले के अंदर कई महत्वपूर्ण स्थल हैं जैसे बादल महल, रानी महल, जलाशय, मंदिर और हजरत पीर फतेह उल्लाह शाह बाबा की दरगाह, जहां हर साल उर्स के मौके पर हजारों श्रद्धालु आते हैं।

    किले तक रोप-वे बनने से, न केवल किले तक पहुंचना आसान होगा, बल्कि यह क्षेत्र के पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। किले में बने म्यूजियम से रायसेन की ऐतिहासिक विरासत को एक नई पहचान मिलेगी, जो पर्यटकों को आकर्षित करेगी और स्थानीय संस्कृति को संजोने में मदद करेगी।


    समारोह में भारतीय क्रिकेटर रविंद्र जडेजा की उपस्थिति

    मध्य प्रदेश में सांसद खेल महोत्सव के समापन समारोह में भारतीय टीम के स्टार क्रिकेटर रविंद्र जडेजा भी मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। उन्होंने इस अवसर पर एक रोड शो में हिस्सा लिया और खेल महोत्सव में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को संबोधित किया। इस कार्यक्रम ने क्षेत्रीय खेलों को बढ़ावा देने और युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


    नए विकास की दिशा में शिवराज की पहल

    शिवराज सिंह चौहान ने इस मौके पर जोर दिया कि रायसेन में और भी विकास योजनाएं बनाई जा रही हैं, जिनसे जिले का समग्र विकास होगा। उन्होंने यह भी कहा कि रायसेन अब हिंदुस्तान के आदर्श जिलों में शामिल होगा, जहां शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और किसानों के लिए योजनाएं संचालित की जाएंगी। कुल मिलाकर, रायसेन को रोप-वे और म्यूजियम जैसी महत्वपूर्ण सौगातें मिल रही हैं, जो न केवल जिले के विकास को गति देंगी, बल्कि पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर को भी संरक्षित करेंगी।

  • MP: जबलपुर में सेक्स रैकेट के अड्डे पर पुलिस की रेड…. उज्बेकिस्तान की महिला सहित दो गिरफ्तार

    MP: जबलपुर में सेक्स रैकेट के अड्डे पर पुलिस की रेड…. उज्बेकिस्तान की महिला सहित दो गिरफ्तार


    जबलपुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के जबलपुर (Jabalpur) में विदेशी महिलाओं (Foreign Women) को बुलाकर देह व्यापार कराए जाने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक उज्बेकिस्तान की महिला (Uzbekistan Women) समेत एक अन्य महिला को हिरासत में लिया है। जांच में सामने आया है कि बाहर से लाई गई युवतियों से देह व्यापार के बदले 5 से 10 हजार रुपये दिलाने की बात कही जाती थी, लेकिन उन्हें महज 2 से 3 हजार रुपये ही दिए जाते थे।

    पुलिस पूछताछ में उज्बेकिस्तान से आई महिला ने बताया कि वह एक दिन पहले ही जबलपुर पहुंची थी। जांच में यह भी सामने आया है कि इस रैकेट का मुख्य आरोपी एक आदतन अपराधी है, जो अपने परिवार के साथ रहकर अलग-अलग किराए के मकानों में यह अवैध धंधा चलाता था। छापेमारी के बाद से आरोपी फरार है और उसकी तलाश जारी है। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि इस नेटवर्क से जुड़ी करीब 10 अन्य युवतियों को भी देह व्यापार के लिए बुलाया गया था, जिनकी खोजबीन की जा रही है।

    दरअसल, जबलपुर जिले के माढ़ोताल थाना क्षेत्र स्थित ग्रीन सिटी इलाके में बीते कुछ समय से अनैतिक गतिविधियों की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। बताया जा रहा था कि एक किराए के मकान में देह व्यापार संचालित हो रहा है, जहां देश ही नहीं बल्कि विदेश से भी लड़कियों को लाया जाता था। इन सूचनाओं के आधार पर एसपी संपत उपाध्याय के निर्देश पर सीएसपी आशीष जैन और महिला थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी की।

    पुलिस कार्रवाई में मौके से एक विदेशी महिला और एक अन्य महिला को पकड़ा गया, जो उज्बेकिस्तान की निवासी बताई जा रही है। पूछताछ में महिला ने बताया कि उसे कभी विमान तो कभी ट्रेन के जरिए दिल्ली होते हुए जबलपुर लाया गया। उसने यह भी खुलासा किया कि उज्बेकिस्तान से मुंबई आने के दौरान उसकी पहचान शिव चौधरी नामक व्यक्ति से हुई थी, जिसने अधिक कमाई का लालच देकर उसे देह व्यापार में शामिल होने के लिए जबलपुर बुलाया।


    पति के इशारों पर पत्नी दूसरे देश से बुलाती थी

    मिली जानकारी के अनुसार प्रिया अपने पति शिवा चौधरी के इशारे पर दूसरे देश से महिलाओं को लाकर यहां रहने वाले अमीर लोगों के सामने परोसा करती थी। पुलिस ने मौके से उज्बेकिस्तान महिला के साथ एक अन्य महिला को पकड़ा है, हालांकि इसका मास्टरमाइंड और गिरोह का सरगना मौके से जरूर फरार हो गया, जिसकी पुलिस तलाश में जुटी है। पुलिस हिरासत में महिला ने बताया कि 2011 में उसकी शादी हुई थी। 2023 में पति की मौत के बाद वह मुंबई आ गई, यहां पर उसने दूसरी शादी की, इसी दौरान दिल्ली निवासी प्रिया कौर से सोशल मीडिया के माध्यम से उसकी दोस्ती हुई, पति की मौत के बाद वह इस गौरखधंधे में उतर आई। महिला का कहना है कि कुछ दिनों पहले शिव चौधरी और उसकी पत्नी सुषमा चौधरी से उसकी दोस्ती हुई, इसके बाद ट्रेन से उसे शुक्रवार को जबलपुर बुलाया गया था।


    किराए पर लिया था मकान

    सीएसपी आशीष जैन ने बताया कि महिला के पति शिव चौधरी ने ग्रीन सिटी में 15 दिन पहले ही किराए पर मकान लिया था। पुलिस को शुरुआती जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी शिव चौधरी आदतन अपराधी है, जो कि शहर के कई ठिकानों में किराए के मकान लेकर देह व्यापार का काम किया करता था। पुलिस को शक न हो इसके लिए आरोपी पत्नी और बच्चों को भी रखा करता था। जानकारी के मुताबिक जबलपुर शहर के अलावा जिले के कई अन्य इलाकों में भी इसने देह व्यापार का अड्डा खोल रखा है। फिलहाल आरोपी शिव चौधरी पुलिस गिरफ्त से बाहर है जिसकी तलाश जारी है।


    2 से 5 हजार रुपए देने का वादा

    सीएसपी ने बताया कि भारत के छोटे शहरों में छिपकर देह व्यापार चल रहा है, जहां अच्छी-खासी रकम मिलती है। प्रिया कौर जो कि दिल्ली निवासी है, उसके संपर्क में आने के बाद यह महिला दिल्ली से होते हुए जबलपुर पुहंची, जहां उसे एक दिन के 2 से 5 हजार रुपए देने का वादा किया था। सीएसपी आशीष जैन का कहना है कि अभी तक उज्बेकिस्तान से आई एक महिला को हिरासत में लिया है। करीब 10 लड़कियां जबलपुर शहर लाई गई हैं, वह अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं, जिनकी तलाश जारी है। लगातार कार्रवाई जारी है। स्पा सेंटर का लाइसेंस नगर निगम से जारी किया जाता है, अब यह भी देखा जा रहा है कि नगर निगम की टीम किस आधार पर स्पा सेंटर को लाइसेंस दे रही है।

  • MP: इंदौर में दूषित पानी से एक और मरीज की मौत, मृतकों की संख्या बढ़कर 31 हुई

    MP: इंदौर में दूषित पानी से एक और मरीज की मौत, मृतकों की संख्या बढ़कर 31 हुई


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर शहर (​​Indore city) के भागीरथपुरा क्षेत्र (Bhagirathpura area) में दूषित पानी (Contaminated Water) पीने से फैली बीमारी के कारण शुक्रवार को एक और मरीज की मौत हो गई। इसके बाद क्षेत्र में दूषित पानी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 31 हो गई है।

    मृतक की पहचान 72 वर्षीय एकनाथ सूर्यवंशी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, एकनाथ सूर्यवंशी को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद 29 दिसंबर 2025 को पहले शैल्बी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ तो उन्हें 3 जनवरी 2026 को बॉम्बे हॉस्पिटल रेफर किया गया। यहां 4 जनवरी को तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर पर शिफ्ट कर दिया गया। उनका इलाज करीब 30 दिनों तक चला, जिसमें वे 25 दिन से अधिक समय तक वेंटिलेटर पर रहे। गुरुवार शाम को परिजन अपनी सहमति से उन्हें डिस्चार्ज कराकर घर ले गए थे, जहां शुक्रवार को उनकी मौत हो गई।

    डॉक्टरों के मुताबिक एकनाथ सूर्यवंशी की दोनों किडनियां फेल हो चुकी थीं, लिवर खराब था और बीमारी का असर हार्ट और ब्रेन तक पहुंच गया था। दूषित पानी के कारण ज्यादातर मरीजों में मल्टी ऑर्गन फेल्योर की स्थिति बनी।

    इंदौर में हुई इस मौत के बाद मृतकों का आंकड़ा 31 पहुंच गया है। मृतकों में उर्मिला यादव (69), नंदलाल पाल (75), उमा कोरी (31), मंजूला (74), ताराबाई कोरी (60), गोमती रावत (50), सीमा प्रजापत (50) जीवन लाल बरेडे (80), अव्यान साहू (5 माह), शंकर भाया (70), संतोष बिगोलिया (72), अरविंद लिखर (40), गीताबाई (60), अशोक लाल पंवार (70), ओमप्रकाश शर्मा (69), हरकुंवर बाई (75), रामकली, सुमित्रा बाई (50), श्रवण खुपराव (81), हीरालाल (65), सुनीता वर्मा (49), कमला बाई (59), भगवानदास (64), शुभद्राबाई (78), हेमंत गायकवाड़ (51), विद्या बाई (82), बद्री प्रसाद (63), राजाराम बौरासी (75), खूबचंद (63), लक्ष्मी रजक (62) और एकनाथ सूर्यवंशी (75) शामिल हैं।

    इधर, भागीरथपुरा दूषित पानी मामले में अब तक 450 से ज्यादा मरीज इलाज के बाद डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। फिलहाल चार मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से तीन बॉम्बे हॉस्पिटल के आईसीयू में और एक अरविंदो हॉस्पिटल में इलाजरत है। इलाके में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अब भी 24 घंटे संचालित है और दो एम्बुलेंस तैनात की गई हैं। फिलहाल डायरिया के एक-दो हल्के मामले ही सामने आ रहे हैं, लेकिन हालात सुधरने के बावजूद क्षेत्र के रहवासी अब भी सहमे हुए हैं।

  • MP: रायसेन में आसमान से विदेशी मशीन गिरने से मची अफरा-तफरी… जानें क्या है पूरा मामला?

    MP: रायसेन में आसमान से विदेशी मशीन गिरने से मची अफरा-तफरी… जानें क्या है पूरा मामला?


    रायसेन।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के रायसेन जिले (Raisen district) के एक गांव में मलेशिया के वायुमंडलीय डेटा संग्रह उपकरण रेडियो-सोंडे (Atmospheric Data Collection Instrument Radio-Sonde) के गिरने से कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया। इस मामले की जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने बताया कि जिला मुख्यालय से 80 किलोमीटर दूर बेगमगंज क्षेत्र के ग्राम मरखंडी के एक रिहायशी इलाके में बुधवार शाम आसमान से यह रेडियो-सोंडे गिरा, जिसे संदिग्ध यंत्र समझकर और किसी अनहोनी की आशंका के मद्देनजर ग्रामीणों ने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी।

    बेगमगंज की अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (SDOP) सोनल गुप्ता ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और यंत्र को जब्त कर लिया। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह कोई विस्फोटक नहीं बल्कि मौसम विज्ञान में इस्तेमाल होने वाला रेडियो-सोंडे उपकरण है। गुप्ता ने बताया इस उपकरण पर स्पष्ट रूप से मलेशिया मौसम विज्ञान विभाग लिखा हुआ है, जो यह दर्शाता है कि यह मलेशिया मूल का है।

    पुलिस का मानना है कि ऊपरी वायुमंडल की तेज हवाओं और जेट स्ट्रीम के कारण यह हजारों किलोमीटर का सफर तय कर भारत पहुंचा है। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी उपकरण को न छुएं और तुरंत पुलिस को सूचना दें। अधिकारी ने बताया कि यंत्र के गिरने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और वे घबराहट में अपने घर छोड़कर इधर-उधर दूर खेतों की ओर भागने लगे।

    रेडियो-सोंडे वायुमंडलीय डेटा संग्रह का एक महत्वपूर्ण उपकरण है। इसमें हाइड्रोजन से भरे गुब्बारों का उपयोग किया जाता है, जो पृथ्वी की सतह से करीब 15-20 किलोमीटर ऊपर वायुमंडलीय दाब, तापमान, हवा की दिशा और गति को रिकॉर्ड कर रेडियो संकेतों के माध्यम से डेटा प्रेषित करता है। पुलिस के मुताबिक इस प्रकार के गुब्बारे अक्सर ‘प्रस्थान बिंदु’ से सैकड़ों किलोमीटर दूर गिरते हैं और इसमें घबराने वाली कोई बात नहीं है।

  • MP: इंदौर में नहाते वक्त महीनेभर में दो युवकों की संदिग्ध मौत…. PM रिपोर्ट से हुआ चौकाने वाला खुलासा

    MP: इंदौर में नहाते वक्त महीनेभर में दो युवकों की संदिग्ध मौत…. PM रिपोर्ट से हुआ चौकाने वाला खुलासा


    इंदौर।
    अगर आप भी किसी ऐसे व्यक्ति, परिवार या संस्था को जानते हैं, जिनके यहां पर नहाते समय गर्म पानी करने के लिए गैस गीजर का उपयोग किया जाता है, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर शहर (Indore City) में एक माह के भीतर दो ऐसे दर्दनाक मामले सामने आए हैं, जिनमें बाथरूम (Bathroom) बंद करके नहा रहे दो युवकों की अलग-अलग घटनाओं में मौत हो गई। प्रारंभिक तौर पर चिकित्सकों और परिजनों को मौत का कारण दिल का दौरा (हार्ट अटैक- Heart attack) लगा, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने चौंकाने वाला सच उजागर कर दिया।


    हार्ट अटैक से नहीं इस वजह से हुई थी मौत

    पीएम रिपोर्ट में सामने आया कि दोनों युवकों की मौत गैस गीजर से निकली जहरीली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के कारण हुई थी। दोनों मृतकों की उम्र करीब 20 साल थी और उन्हें किसी भी प्रकार की गंभीर बीमारी भी नहीं थी। जानकारी के अनुसार, एक युवक अपने दोस्त के घर पर रह रहा था, जबकि दूसरा अपने परिवार के साथ रहता था। घटना के बाद एमजीएम मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी विभाग में शवों का पोस्टमार्टम किया गया। विभागाध्यक्ष डॉ. बी.के. सिंह और सहायक प्राध्यापक डॉ. अंकित पी.जैन ने बताया कि मौत का स्पष्ट कारण गैस गीजर से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस थी।


    कार्बन मोनोऑक्साइड की वजह से सांस नहीं फूलती

    विशेषज्ञों के मुताबिक, जब बंद जगह में गैस गीजर चलाया जाता है और वहां ताजी हवा नहीं आने से ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। ऐसी स्थिति में कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी अत्यंत जहरीली गैस बनने लगती है, जो बेहद खतरनाक होती है। डॉक्टरों ने बताया कि यह गैस न तो दिखाई देती है और न ही इसकी कोई गंध होती है। यहां तक कि इसे ले रहे व्यक्ति को सांस फूलने या घबराहट का अहसास भी नहीं होता। ऐसे में कुछ ही मिनटों में वह बेहोश हो जाता है और समय पर मदद न मिलने पर उसकी मौत हो सकती है। पोस्टमार्टम के दौरान कार्बन मोनोऑक्साइड गैस से हुई मौत में शव पर पिंक हाइपोस्टेसिस और शरीर के अंगों का गुलाबी रंग दिखाई देता है।


    वेंटिलेशन की कमी बनी मौत की वजह

    विशेषज्ञों का कहना है कि बंद बाथरूम में गैस गीजर का उपयोग और वेंटिलेशन (हवा आने-जाने) की कमी ऐसे हादसों का मुख्य कारण है। इससे पहले भी इंदौर में इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। करीब छह माह पहले 24 वर्षीय युवती की मौत भी गैस गीजर से निकलने वाली जहरीली गैस के कारण हुई थी। जागरूकता की कमी लोगों की जान पर भारी पड़ रही है।


    इन सावधानियों का जरूर करें पालन

    – गैस गीजर को बाथरूम या बंद कमरे में न लगवाएं। इसे बालकनी, छत या खुले स्थान पर लगाएं।
    – यदि बाथरूम में गैस गीजर लगा हो तो नहाते समय दरवाजा या खिड़की खुली रखें।
    – केवल उच्च गुणवत्ता और भारतीय मानक प्रमाणित गैस गीजर का ही उपयोग करें।
    – गीजर लगवाते समय यह सुनिश्चित करें कि तकनीशियन द्वारा उचित वेंटिलेशन की व्यवस्था की गई हो।