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  • मप्र: हाजिरी पर सख्ती, सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति को किया गया चेक

    मप्र: हाजिरी पर सख्ती, सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति को किया गया चेक


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश के बाद राजधानी भोपाल के तीन प्रमुख शासकीय कार्यालय (वल्लभ भवन, सतपुड़ा भवन और विंध्याचल भवन) में अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर बड़ी कार्रवाई शुरू की गई है।

    गुरुवार को सामान्य प्रशासन विभाग के दल द्वारा मंत्रालय, वल्लभ भवन, विंध्याचल भवन एवं सतपुड़ा भवन में स्थित शासकीय कार्यालयों में शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों की प्रात: 10 बजे उपस्थित सुनिश्चित कराये जाने के संबंध में जानकारी प्राप्ति की गई। इस दौरान सभी प्रमुख विभागों के कार्यालय में जाकर उपस्थिति रजिस्टर चेक किए। वहीं अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों से भी ऐसा करने को कहा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नववर्ष-2026 के उपलक्ष्य में ली गई बैठक में निर्देश दिये थे कि सभी अधिकारी-कर्मचारी कार्यालयीन शासकीय निर्धारित समय प्रात: 10 से 6 बजे तक उपस्थित रहेंगे। गुरूवार को हुए आकस्मिक निरीक्षण में कई अधिकारियों का अपने दायित्व निर्वाहन किये जाने संबंध में विधानसभा सत्र के दौरान विधानसभा में भी उपस्थिति पाई गई।

    शुक्रवार को मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा ली जायेगी जानकारी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर शुक्रवार 27 फरवरी को प्रात: 10 से 10.30 के बीच मुख्य सचिव कार्यालय से भी सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं सचिवों को दूरभाष पर संपर्क कर उनके कार्यालय के अधीनस्थ अधिकारी-कर्मचारियों के उपस्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त की जायेगी।

  • MP: मुरैना में 10वीं का पेपर देने पहुंची छात्रा परीक्षा केन्द्र में अचानक बेहोश होकर गिरी और हो गई मौत..

    MP: मुरैना में 10वीं का पेपर देने पहुंची छात्रा परीक्षा केन्द्र में अचानक बेहोश होकर गिरी और हो गई मौत..


    मुरैना।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुरैना जिले (Morena district) के बानमोर कस्बे में सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब 10वीं बोर्ड परीक्षा (10th Board Exam) देने पहुंची एक छात्रा अचानक परीक्षा केंद्र पर बेहोश होकर गिर पड़ी और बाद में उसकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार बमौर स्थित पंडित नेहरू कॉलेज परीक्षा केंद्र पर गणित का पेपर चल रहा था। इसी दौरान ग्वालियर जिले के हस्तिनापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत चकुनारा गांव निवासी देवेंद्र कुशवाह की बेटी वर्षा कुशवाह अचानक अपनी सीट से गिरकर बेहोश हो गई। परीक्षा ड्यूटी में तैनात स्टाफ ने तुरंत छात्रा को संभाला और अधिकारियों को सूचना दी।

    वर्षा अपने भाई अंकेश कुशवाह के साथ परीक्षा देने आई थी।दोनों भाई-बहन 10वीं कक्षा में थे और बानमोर के ही स्कूल से बोर्ड परीक्षा का फॉर्म भरा था। सूचना मिलते ही परिजन भी परीक्षा केंद्र पहुंच गए।आनन-फानन में छात्रा को इलाज के लिए ग्वालियर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परीक्षा केंद्र पर शोक का माहौल छा गया।

    हार्ट अटैक की आशंका
    प्रारंभिक तौर पर अचानक हार्ट अटैक आने का कारण माना जा रहा है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है।

    कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने कहा छात्रा की मौत काफी दुःखद है।मैंने खुद ग्वालियर के डॉक्टरों से इस मामले में संपर्क किया है। प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर अभी सिर्फ यह सामने आया है कि छात्रा अतिकुपोषित थी। गंभीर एनीमिया से भी पीड़ित थी।इस कारण संभवतः हार्ट अटैक आया होगा। स्पष्ट कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आएगा।

  • एटीएस ने पकड़ा फर्जी पासपोर्ट गिरोह, अफगान सहित 11 आरोपी गिरफ्तार

    एटीएस ने पकड़ा फर्जी पासपोर्ट गिरोह, अफगान सहित 11 आरोपी गिरफ्तार


    भोपाल। मध्य प्रदेश एटीएस ने 44 फर्जी पासपोर्ट से जुड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि विदेशी नागरिकों के लिए अस्तित्वहीन पतों पर पुलिस वेरिफिकेशन कराया गया और रिश्वत देकर पासपोर्ट डिलीवरी बीच रास्ते में ही हासिल कर ली गई।

    एटीएस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में जिया उल रहमान, सुल्तान मोहम्मद, रजा खान, सैयद मोहम्मद और जफर खान शामिल हैं। इसके अलावा पांच अफगान नागरिकों को कोलकाता से गिरफ्तार कर जबलपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें 25 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया।

    जांच में 300 मोतीनाला तालाब सदर, 410 उपरैनगंज और 870 छोटी ओमती जैसे पते फर्जी पाए गए। इसके बावजूद पुलिस वेरिफिकेशन दिखाकर पासपोर्ट जारी कर दिए गए। आरोपियों ने कथित तौर पर एक पोस्टमैन को लगभग तीन हजार रुपये देकर पासपोर्ट डाक वितरण से पहले ही हासिल कर लिए।

    मामले का खुलासा मुख्य आरोपी सोहबत खान की गिरफ्तारी के बाद हुआ। अगस्त 2025 में सोशल मीडिया पर एटी-47 के साथ तस्वीर साझा करने के आधार पर उसे पकड़ा गया। पूछताछ में उसने पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। इसके अलावा दिनेश गर्ग, महेंद्र कुमार सुखदान और चंदन सिंह की भूमिका भी सामने आई, जिन्होंने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में मदद की।

    एटीएस सूत्रों के मुताबिक गिरोह 2018-19 के दौरान अफगानिस्तान के काबुल से दिल्ली होते हुए कोलकाता पहुंचा था। एक आरोपी मेडिकल वीजा पर भारत आया, जबकि अन्य के अवैध प्रवेश की आशंका जताई गई। बाद में इनकी मुलाकात जबलपुर निवासी सोहबत खान से हुई, जिसने प्रति व्यक्ति ढाई लाख रुपये में भारतीय पासपोर्ट बनवाने का सौदा किया।

    इस प्रकरण ने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था और दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जबलपुर पुलिस ने वेरिफिकेशन प्रक्रिया की आंतरिक जांच शुरू कर दी है। एटीएस ने बताया कि 10 अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है और पूरे नेटवर्क की वित्तीय लेन-देन और संपर्कों की भी पड़ताल की जाएगी।

  • MP: जबलपुर में रेलवे क्रॉसिंग ब्रिज का हिस्सा गिरा… NH-15 पर करोड़ों की लागत से 5 साल पहले ही बना था पुल

    MP: जबलपुर में रेलवे क्रॉसिंग ब्रिज का हिस्सा गिरा… NH-15 पर करोड़ों की लागत से 5 साल पहले ही बना था पुल


    जबलपुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के जबलपुर (Jabalpur) में रविवार शाम नेशनल हाइवे (National Highway) नंबर-45 का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। हाइवे का ये क्षतिग्रस्त हिस्सा शहपुरा के पास रेलवे क्रॉसिंग (Railway crossing) के ऊपर बने ब्रिज का है। सड़क धंसने के बाद प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर मार्ग को बंद कर दिया है।

    मौके पर पहुंची पुलिस ने बैरेकेडिंग कर दी है और ताकि कोई भी वाहन ब्रिज के इस हिस्से तक न पहुंच सके। मौके पर पुलिसबल भी मौजूद है और स्थिति को संभालने में जुटा है और ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था को भी संभाल जा रहा है। आपको बता दें कि इस ब्रिज पर हैवी ट्रैफिक रहता है और नीचे से ट्रेनें गुजरती हैं। इस ब्रिज पर आने और जाने के दो रास्ते हैं।

    एक हिस्सा दिसंबर में भी क्षतिग्रस्त हुआ था
    बताया जा रहा है कि ब्रिज का एक हिस्सा दिसंबर में भी क्षतिग्रस्त हुआ था जिसके चलते एक ही लेन से वाहनों का आवागमन हो रहा था। मगर अब मरम्मत के बीच ही ब्रिज का एक और हिस्सा टूट चुका है। टेक्नीकल टीम मौके ने पहुंचकर ब्रिज के धंसे हुए हिस्से का मुआयना किया है। अधिकारियों ने कहा कि निर्माण पूरा होने तक आवागमन पर असर जारी रहेगा।


    ट्रैफिक वैकल्पिक रूट पर शिफ्ट

    जबलपुर-भोपाल मार्ग पर वाहनों का आवागमन प्रभावित होने के चलते ट्रैफिक को शहपुरा बस्ती मार्ग की ओर डायवर्ट किया गया है। इस वैकल्पिक रूट पर सिर्फ हल्के वाहनों को जाने की अनुमति दी गई है जबकि भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है। बहरहाल ब्रिज के दो हिस्सों के बीते कुछ दिनों में ही टूटने पर गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।


    अभी गारंटी पीरियड में है ब्रिज

    इस ब्रिज का निर्माण कार्य 2015 में शुरू हुआ था और 2020 में इस पूरा कर लिया गया था। बताया जा रहा है कि ये ब्रिज अभी गारंटी पीरियड में है। ब्रिज का निर्माण मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) की देखरेख में हुआ था। इसके निर्माण में करीब 628.45 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे।

  • MP: CM मोहन यादव की बड़ी घोषणा… विश्वविद्यालयों में शुरू किया जाएगा मंदिर प्रवंधन का कोर्स

    MP: CM मोहन यादव की बड़ी घोषणा… विश्वविद्यालयों में शुरू किया जाएगा मंदिर प्रवंधन का कोर्स


    भोपाल।
    एमपी (MP) के सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने घोषणा की है कि अब राज्य के विश्वविद्यालयों (Universities) में मंदिर प्रबंधन (Temple Management) को एक सब्जेक्ट के रूप में पढ़ाया जाएगा। इसका मकसद धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देकर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। इन पाठ्यक्रमों में मंदिरों की सुरक्षा, वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय (Vikram University) ने डिप्लोमा और पीजी कोर्स शुरू भी कर दिए हैं।


    अकादमिक पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को घोषणा की कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देकर अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य के विश्वविद्यालयों में मंदिर प्रबंधन को एक विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा। इंदौर में संवाददाताओं से बात करते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा कि उन्होंने मंदिर प्रबंधन को यूनिवर्सिटी की पढ़ाई से जोड़ने और इस विषय पर अकादमिक पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है।


    मंदिरों की वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा की पढ़ाई

    सीएम मोहन यादव ने बताया कि इन पाठ्यक्रमों में धार्मिक पर्यटन के साथ ही मंदिरों की वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा की पढ़ाई कराई जाएगी। उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय ने इस दिशा में पहल करते हुए मंदिर प्रबंधन विषय पर डिप्लोमा और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। इनके जरिए विद्यार्थियों को विद्वानों द्वारा सैद्धांतिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।


    13 तीर्थस्थलों पर बनाए जा रहे धार्मिक गलियारे

    मोहन यादव ने कहा कि मंदिर हमेशा से हमारी आस्था और विश्वास के केंद्र रहे हैं। हम मंदिरों के सही प्रबंधन से अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। उज्जैन के महाकाल महालोक की तरह राज्य के 13 तीर्थस्थलों पर धार्मिक गलियारे बनाए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने महाकाल महालोक परिसर से फाइबर की मूर्तियां हटाकर वहां पत्थर और धातु की प्रतिमाएं लगाने का फैसला किया है।


    उज्जैन में बनाई जा रही प्रतिमाएं

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि देश की प्राचीन स्थापत्य कला पर आधारित ये प्रतिमाएं उज्जैन में ही गढ़ी जा रही हैं। इससे स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिल रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को एक अन्य कार्यक्रम में कहा कि मध्य प्रदेश दिव्यांग खेलों का प्रमुख केंद्र बन रहा है और यहां के खिलाड़ी दुनिया भर में नाम रोशन कर रहे हैं। सीएम भोपाल में राष्ट्रीय दिव्यांगजन क्रिकेट खेल महोत्सव के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे।

  • MP: मुस्लिम MLA ने गाय को लेकर उठाई मांग पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद खुश… बोले-ये हिंदू विधायकों पर कलंक जैसा

    MP: मुस्लिम MLA ने गाय को लेकर उठाई मांग पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद खुश… बोले-ये हिंदू विधायकों पर कलंक जैसा

    Swami Avimukteshwaranand 

    भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल के एक मुस्लिम विधायक (Muslim MLA) ने गौमाता को लेकर ऐसी कुछ मांग कर दी है कि जिससे ज्योतिर्मठ पीठ (Jyotirmath Peeth) के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Shankaracharya Swami Avimukteshwarananda Saraswati) बहुत खुश हो गए हैं और उन्होंने विधायक की जमकर तारीफ करते हुए हिंदू विधायकों को उनसे सीख लेने के लिए कहा है। दरअसल भोपाल उत्तर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने हाल ही में मध्य प्रदेश विधानसभा में एक अशासकीय संकल्प पेश करते हुए गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की है, साथ ही गाय की मृत्यु पर उसकी अंतिम संस्कार करने और उसके मांस व चमड़े के व्यापार पर रोक लगाने की मांग भी की है। विधायक की इस मांग के बारे में जानने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद प्रतिक्रिया देते हुए ना केवल मुस्लिम MLA की तारीफ की बल्कि यहां तक कह दिया कि अगर उनका यह प्रस्ताव असफल रहता है तो यह हिंदू विधायकों के ऊपर बहुत बड़ा कलंक होगा।

    इस मामले को लेकर जारी एक वीडियो में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, ‘उस वक्त बड़ा आश्चर्य होता है, जब हम जिससे आशा करते हैं वह हमारी आशा को पूरा नहीं करता है, और जिससे हमारी आशा ही ना हो, वह आगे बढ़कर के हमारे हृदय के पास खड़ा हो जाता है। ऐसा ही एक दृश्य मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से निकलकर आया है। जहां पर भोपाल उत्तर सीट से विधायक आतिफ अकील ने विधानसभा में एक अशासकीय संकल्प पेश करते हुए गौमाता को राष्ट्रीय पशु का दर्जा देने की मांग की है। साथ ही उन्होंने गौमाता के मांस और चमड़े के व्यापार पर भी पूरी तरह से रोक लगाने और गोकशी करने वाले लोगों के ऊपर सख्ती बरतने के लिए कहा है।’ शंकराचार्य ने बताया कि अकील ने गौमाता की मृत्यु होने पर पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार करने की व्यवस्था करने की मांग भी की है।’


    ‘हिंदू अपना धर्म पालन करने में चूक रहे’

    आगे राज्य के हिंदू विधायकों को निशाने पर लेते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि ‘यह मांग स्वयं को हिंदू कहने वाले विधायकों के द्वारा की जानी चाहिए थी, यह संकल्प उनके द्वारा प्रस्तुत किया जाना चाहिए था, लेकिन हिंदू ना केवल अपना धर्म पालन करने में चूक रहे हैं, बल्कि अपने आप को हिंदू कहलवाने में भी चूक रहे हैं।’


    ‘हिंदू विधायकों के पास अब भी एक मौका’

    आगे अकील की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, ‘आज MP विधानसभा में जितने भी हिंदू विधायक हैं, आतिफ अकील कहीं ना कहीं उनसे बढ़त ले चुके हैं। लेकिन कोई बात नहीं, अभी भी मौका है, इनके द्वारा जो संकल्प प्रस्तुत किया गया है, उस संकल्प को पारित करके सभी विधायक, इस अच्छे कार्य में अपने आप को सहभागी बना सकते हैं और सभी अभिनंदनीय हो सकते हैं।’


    ‘तो हिंदू विधायकों पर होगा बहुत बड़ा कलंक’

    आगे उन्होंने मध्य प्रदेश के हिंदू विधायकों को कहीं ना कहीं चुनौती देते हुए कहा कि ‘अगर यह प्रस्ताव असफल रहता है तो मध्य प्रदेश के हिंदू विधायकों के ऊपर बहुत बड़ा कलंक होगा, यही हम कहना चाहते हैं। साथ ही हम भोपाल उत्तर विधानसभा सीट के कांग्रेस विधायक आतिफ अकील का खूब-खूब अभिनंदन करना चाहेंगे, साथ ही उनके परिवार को और उनके इष्ट मित्रों का भी अभिनंदन करना चाहेंगे जिन्होंने उनको यह बल दिया कि वह विधानसभा में इस तरह का प्रस्ताव ला सकें।’


    ‘संसद में भी यही हाल, मुस्लिम सांसद कर रहे मांग’

    आगे उन्होंने कहा कि संसद में भी हम देख रहे हैं कि मुस्लिम सांसद तो कह रहे हैं कि गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करो, लेकिन तथाकथित जो अपने आप को हिंदू कहने वाली पार्टी है, या जो अपने आप को हिंदू कहने वाले सांसद हैं, दूसरी पार्टियों के, वो लोग कहीं ना कहीं इस मामले में चूक रहे हैं। इसलिए इस मामले में हमारा सबसे यही कहना है कि, आपकी जो भी आस्था है, या आपकी आस्था अगर मर भी गई है तो भी आप जिनके प्रतिनिधि हैं उस जनता की तरफ से इस प्रस्ताव का समर्थन करने की और इस तरह का प्रस्ताव लाने की आवश्यकता है।


    हिंदुओं से की गौमाता के पक्ष में खड़े होने की अपील

    अपनी बात खत्म करते हुए अंत में अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, ‘हर हिंदू से हम कहना चाहेंगे, गौमाता के पक्ष में खड़े होकर के अपने आपको असली हिंदू घोषित करिए, नहीं तो जनता की नजर में आप नकली हिंदू होंगे, नकली हिंदू का कोई मतलब नहीं। इसलिए गौमाता के पक्ष में खड़े होइये।’


    आतिफ अकील बोले- भाजपा की कथनी और करनी में फर्क

    बता दें कि भोपाल उत्तर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने मंगलवार 17 फरवरी को विधानसभा में एक अशासकीय संकल्प प्रस्तुत करते हुए गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की थी। इस बारे में बताते हुए आतिफ अकील ने कहा था, ‘मैंने गाय को लेकर विधानसभा में अशासकीय संकल्प लगाया है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करना चाहिए। क्योंकि हिंदू धर्म अगर गाय को माता मानता है तो बिल्कुल उसे राष्ट्रीय पशु घोषित करना चाहिए। वहीं गाय की मौत होने पर उसका अंतिम संस्कार भी होना चाहिए और गाय के चमड़े का व्यापार भी बंद होना चाहिए।’ आगे उन्होंने भाजपा की कथनी और करनी में अंतर का आरोप लगाते हुए कहा कि साल 2017 में मेरे पिता ने भी यही मांग की थी, और उस वक्त भी भाजपा की सरकार थी, लेकिन बहुमत होने के बाद भी यह संकल्प पारित नहीं हो पाया था।

  • MP: विधानसभा में कैलाश विजयवर्गीय की नेता प्रतिपक्ष पर असंसदीय टिप्पणी, भड़की कांग्रेस

    MP: विधानसभा में कैलाश विजयवर्गीय की नेता प्रतिपक्ष पर असंसदीय टिप्पणी, भड़की कांग्रेस


    भोपाल।
    मध्यप्रदेश विधानसभा (Madhya Pradesh Assembly) में गुरुवार को संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) द्वारा की गई एक आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर विवाद हो गया, जिसके बाद उस पर विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने अफसोस जताया और मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने माफी मांगी। दरअसल विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा चल रही थी, इसी दौरान विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार (Umang Singhar.) के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिससे यह पूरा हंगामा खड़ा हो गया।


    सिंघार ने अदाणी का नाम लेकर सरकार पर लगाया आरोप

    चर्चा में हिस्सा लेते हुए सिंघार ने सिंगरौली में सरकार और अदाणी के बीच हुए करार का मुद्दा उठाया और दावा किया कि सरकार बिजली खरीद के नाम पर 25 साल में अदाणी की कंपनी को एक से सवा लाख करोड़ रुपए देने की तैयारी में है। इस पर मंत्री विश्वास सारंग ने आपत्ति जताई और कहा कि जो व्यक्ति सदन में मौजूद नहीं है, उसका नाम नहीं लिया जाना चाहिए जबकि विजयवर्गीय ने सिंघार पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया।


    विजयवर्गीय ने सिंघार के लिए किया आपत्तिजन शब्द का इस्तेमाल

    सिंघार ने कहा कि वह हर बात प्रमाण के साथ करते हैं और जरूरत पड़ने पर प्रमाण दे सकते हैं। इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला और इसी दौरान विजयवर्गीय ने सिंघार के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर दिया। इसके बाद, विपक्षी कांग्रेस के सदस्य हंगामा करते हुए विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग करने लगे। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से हंगामा और नारेबाजी की गई।


    स्पीकर तोमर बोले- गुस्सा नहीं आना चाहिए लेकिन आज आ गया

    हंगामा बढ़ता देख तोमर ने सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित कर दी। बाद में जब सदन की कार्यवाही आरंभ हुई तो विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा की एक गौरवशाली परंपरा रही है लेकिन आज असहज स्थिति बन गई, जिसका कि उन्हें अफसोस है। तोमर ने कहा, ‘गुस्सा आना नहीं चाहिए लेकिन आज आ गया, दोनों पक्षों की तरफ से। उसके कारण असहज स्थिति बनी। मुझे इसका रंज है इसके लिए पक्ष और प्रतिपक्ष जिम्मेदार हैं।’


    सीएम यादव ने जाने-अनजाने में निकले शब्द के लिए मांगी माफी

    तोमर ने कहा, ‘संसदीय कार्य मंत्री बहुत अनुभवी हैं फिर भी आज सीमा कैसे टूट गई यह हम सभी के लिए चिंता का विषय है।’ इसके बाद, विधानसभा अध्यक्ष ने दोनों पक्षों से विवाद का पटाक्षेप करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि जाने-अनजाने में कुछ शब्द निकले हैं, इसके लिए वह सदन से माफी मांगते हैं।


    सिंघार ने भी खेद व्यक्त कर मामले का पटाक्षेप किया

    सिंघार ने कहा मुख्यमंत्री ने जो भाव दिखाया, वह उसका सम्मान करते हैं और संसदीय मर्यादा का ध्यान रखते हैं। उन्होंने कहा, ‘अगर मेरी ओर से कुछ हुआ है तो मैं भी खेद व्यक्त करता हूं।’


    विजयवर्गीय ने अपने व्यवहार पर जताई नाखुशी

    इस बीच, विजयवर्गीय ने कहा कि करीब 37 साल का उनका राजनीतिक अनुभव रहा है लेकिन आज के अपने व्यवहार से वह खुश नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग अगर संसदीय मर्यादाओं का पालन नहीं करेंगे तो बाकी सदस्य कैसे करेंगे। उन्होंने कहा कि आज पता नहीं कैसे यह सब हो गया। विजयवर्गीय ने कहा, ‘उमंग के हाव-भाव थोड़े अलग थे… मैं उमंग को प्यार करता हूं… मैं अपने व्यवहार से दुखी हूं।’


    विजयवर्गीय बोले- किसी ज्योतिष से पूछना पड़ेगा

    वहीं विधानसभा की कार्यवाही खत्म होने के बाद मीडियाकर्मियों ने जब उनसे उनके गुस्से को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि ‘कभी-कभी आ जाता है’। वहीं एक अन्य मीडियाकर्मी ने जब उनसे पूछा कि ऐसा नहीं लगता कि पिछले एक-डेढ़ महीने से आपकी जुबान पर शनि बैठा हुआ है, तो विजयवर्गीय ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा- ‘किसी ज्योतिष से पूछूंगा यार।’


    सिंघार बोले- मैं अपनी ‘औकात’ में ही हूं

    बाद में सिंघार ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर संविधान की फोटो के साथ एक पोस्ट करते हुए विजयवर्गीय पर निशाना साधा और कहा कि ‘माननीय कैलाश विजयवर्गीय जी, मैं अपनी औकात में हूँ।’ उन्होंने कहा, ‘मेरी औकात मध्यप्रदेश की 7.5 करोड़ जनता के सवालों को आपकी अहंकारी सत्ता के सामने मुखरता से रखने की है। मेरी इसी औकात ने आपको इतना बौना बना दिया कि आपके अंदर का असली चेहरा बाहर आ गया, मेरी इसी औकात ने आपको भगीरथपुरा पर बहस करने पर मजबूर किया।’

    उन्होंने कहा कि विजयवर्गीय द्वारा इस्तेमाल किए गए अपशब्द केवल उमंग सिंघार या किसी एक नेता प्रतिपक्ष के लिए नहीं थे, यह मध्यप्रदेश की 7.5 करोड़ जनता का अपमान है। उन्होंने कहा, ‘जनता को कीड़े-मकोड़े समझने की मानसिकता रखने वाले मंत्री विजयवर्गीय ने असल में अपने अहंकार का परिचय दिया है…।’ उन्होंने कहा, ‘सत्ता का मद इतना चढ़ गया है कि जनप्रतिनिधि खुद को जनता से ऊपर समझने लगे हैं।’


    पटवारी ने कहा- कांग्रेस पुतले जलाकर विरोध करेगी

    कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने विजयवर्गीय के व्यवहार को सत्ता के अहंकार की पराकाष्ठा करार दिया और कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘नए भारत’ का नया परिचय है। उन्होंने घोषणा की‌ कि कांग्रेस विजयवर्गीय के पुतले जलाकर इसका विरोध करेगी। पटवारी की इस घोषणा के कुछ ही देर बाद राजधानी भोपाल में युवक कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने विजयवर्गीय के आवास के बाहर उनका एक पोस्टर जलाया।

  • MP में मौसम बदला, 22 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट

    MP में मौसम बदला, 22 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मौसम फिर करवट लेने वाला है। बुधवार को प्रदेश के 22 जिलों में आंधी, बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है। इसमें इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन सहित कई जिले शामिल हैं। मंगलवार रात रतलाम के अलग-अलग हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक पश्चिमी विक्षोभ के असर से पूरे राज्य में मौसम बदलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को भी ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में हल्की बारिश और गरज-चमक का असर रहेगा।

    बुधवार को बारिश की संभावना वाले जिले

    इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, धार, आलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, शाजापुर, राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में मौसम विभाग ने बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। भोपाल, बड़वानी, खरगोन, देवास, सीहोर, विदिशा, सागर, दमोह, पन्ना और सतना में बादल छाए रहेंगे। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम प्रभावित होगा। बुधवार को ज्यादा जिलों में असर दिखेगा और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

    गुरुवार को भी असर

    मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को ग्वालियर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में हल्की बारिश और गरज-चमक हो सकती है। इसके बाद सिस्टम कमजोर हो जाएगा और बारिश का अलर्ट समाप्त हो जाएगा। फरवरी के शुरुआत में प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रहा था, जिससे फसलों को नुकसान हुआ। प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया गया था। अब 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश में बारिश और आंधी देखने को मिलेगी।

    रात और सुबह ठंड
    वर्तमान में प्रदेश में हल्की सर्दी जारी है। रात और सुबह ठंड का असर रहेगा। ज्यादातर शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से ऊपर रहेगा। 18 फरवरी को 22 जिलों में बारिश और गरज-चमक का अलर्ट। कुछ जगहों पर आंधी भी चल सकती है। 19 फरवरी को ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के कुछ जिलों में सिस्टम का असर दिखेगा। सिस्टम के असर से पहले प्रदेश में तापमान में हल्की बढ़ोतरी हुई। सोमवार-मंगलवार की रात में कटनी का करौंदी सबसे ठंडा रहा (8 डिग्री)। शहडोल के कल्याणपुर में 8.1 डिग्री, पचमढ़ी में 8.8 डिग्री और रीवा में 9.6 डिग्री दर्ज किया गया।

    बड़े शहरों में रात का तापमान

    भोपाल: 14 डिग्री
    इंदौर: 16.8 डिग्री
    ग्वालियर: 13 डिग्री
    उज्जैन: 16.2 डिग्री
    जबलपुर: 13.1 डिग्री
    दिन के समय अधिकतम तापमान 30 डिग्री से ऊपर पहुंचा, जिससे मौसम में गर्माहट का असर भी हुआ।
  • MP में टैलेंट हंट प्रोग्राम’ के जरिए प्रवक्ता खोज कर रही कांग्रेस… BJP ने उठाए सवाल

    MP में टैलेंट हंट प्रोग्राम’ के जरिए प्रवक्ता खोज कर रही कांग्रेस… BJP ने उठाए सवाल


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की सियासत में अब ‘टैलेंट’ (‘Talent’) भी बहस का विषय बन गया है. प्रदेश कांग्रेस (MP Congress) ने संगठन में नए और ऊर्जावान चेहरों को मौका देने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए प्रवक्ताओं के चयन के लिए ‘टैलेंट हंट प्रोग्राम’ (Talent Hunt Program) शुरू किया है. हालांकि इस पहल पर बीजेपी (BJP) ने तंज कसते हुए कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाए हैं.

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी (Jeetu Patwari) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा की. उन्होंने कहा कि बदलते राजनीतिक परिदृश्य में पार्टी को ऐसे प्रवक्ताओं की जरूरत है जो वैचारिक रूप से प्रतिबद्ध हों, समसामयिक मुद्दों पर गहरी पकड़ रखते हों और कांग्रेस की विचारधारा को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचा सकें. पार्टी का दावा है कि अब चयन प्रक्रिया योग्यता, अध्ययन और संवाद क्षमता के आधार पर होगी।


    क्या है टैलेंट हंट की पूरी प्रक्रिया?

    – कार्यक्रम जिला, संभाग, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक आयोजित होगा
    – 28 फरवरी तक आवेदन जमा किए जा सकेंगे
    – संभाग स्तर पर इंटरव्यू होंगे
    – AICC नामित कोऑर्डिनेटर, टैलेंट हंट कमेटी, वरिष्ठ नेता और जिला अध्यक्ष मिलकर मूल्यांकन करेंगे
    – अंतिम निर्णय अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी लेगी
    – 20 प्रदेश प्रवक्ताओं का चयन किया जाएगा
    – साथ ही मीडिया पैनलिस्ट, संभाग और जिला स्तर पर दो-दो अधिकृत प्रवक्ता, राष्ट्रीय स्तर पर दो पैनलिस्ट और एक विशेष अंग्रेजी मीडिया पैनलिस्ट नियुक्त किए जाएंगे.

    इस बीच बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा समेत मंत्रियों गोविंद सिंह राजपूत और प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कांग्रेस पर चुटकी लेते हुए कहा कि पार्टी में टैलेंट की कमी है, इसलिए बाहर से तलाश की जा रही है. मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने तो कहा कि कांग्रेस को टैलेंट से ज्सादा एक्सपियरेंस की जरूरत है नहीं तो सब एक-एक कार कांग्रेस छोड़ कर चले जाएंगे।

    कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश की राजनीति में अब प्रवक्ताओं का चयन भी सियासी संग्राम का हिस्सा बन गया है. एक तरफ कांग्रेस नई ऊर्जा के साथ संगठन को धार देने की कोशिश में है, तो दूसरी तरफ बीजेपी इसे कांग्रेस की मजबूरी बता रही है। अब देखना होगा कि यह टैलेंट हंट वाकई कांग्रेस को मजबूत और मुखर आवाजें देता है या फिर यह पहल भी सियासी बयानबाजी तक ही सीमित रह जाती है।

  • MP Assembly बजट सत्र 2026: आवारा कुत्तों के आतंक पर सदन में हंगामा, कांग्रेस विधायकों ने किया ध्यानाकर्षण

    MP Assembly बजट सत्र 2026: आवारा कुत्तों के आतंक पर सदन में हंगामा, कांग्रेस विधायकों ने किया ध्यानाकर्षण


    भोपाल । मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन सदन में आवारा कुत्तों के आतंक का मुद्दा गूंजा। कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने सदन का ध्यानाकर्षण किया और कुत्तों के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई।

    2025 में भोपाल में 19 हजार से अधिक डॉग बाइट के मामले दर्ज हुए लेकिन लगातार करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद आवारा कुत्तों की संख्या घटने का नाम नहीं ले रही। सीएम मोहन यादव ने कहा कि नसबंदी की बात राष्ट्रीय स्तर तक जाएगी और आवारा श्वान सदियों से हमारे बीच रहे हैं। नगर निगम की टीम लगातार श्वानों की नसबंदी और एंटी-रैबीज टीकाकरण कर रही है।

    कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि डॉग्स लवर की वजह से कई निर्णय रुक गए और लोग कुत्तों के हमलों में मारे जा रहे हैं। वहीं राजन मंडलोई ने सदन में मांग की कि डॉग बाइट के कारण हुई मौतों के मुआवजे की जानकारी भी दी जाए।

    भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि नसबंदी के लिए डॉक्टरों की संख्या कम है और सरकार दूसरे राज्यों से विशेषज्ञ बुलाएगी। उन्होंने लोगों को श्वानों के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास दिलाया। स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने एंटी-रैबीज टीके की गुणवत्ता में कोई कमी न होने की पुष्टि की। सदन में इस मुद्दे पर मंथन और सुझाव लेने की प्रक्रिया जारी रहने की घोषणा की गई।