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  • MP: कॉल रिकॉर्ड खोलेंगे ट्विशा शर्मा की मौत का राज? 46 मोबाइल नंबर जांच के घेरे में

    MP: कॉल रिकॉर्ड खोलेंगे ट्विशा शर्मा की मौत का राज? 46 मोबाइल नंबर जांच के घेरे में


    भोपाल।
    भोपाल की ट्विशा शर्मा (Twisha Sharma) की मौत से जुड़े मामले में बुधवार को कई अहम घटनाएं सामने आईं. एक तरफ अदालत ने दोबारा पोस्टमार्टम (Post mortem) कराने की याचिका स्वीकार करने से इनकार कर दिया, वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के लिए औपचारिक पत्र भेजेगी.

    33 वर्षीय ट्विशा शर्मा मॉडलिंग और एक्टिंग से जुड़ी थीं, 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में स्थित अपने ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई थीं. परिजनों ने आरोप लगाया है कि विवाह के बाद से उन्हें दहेज को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था और मानसिक व शारीरिक रूप से परेशान किया जाता था.


    46 मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल सुरक्षित रखने की मांग

    इस बीच परिवार ने 46 मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन डाटा, व्हाट्सऐप और डिजिटल मेटाडाटा सुरक्षित रखने की भी मांग की है. इसमें परिवार, घरेलू कर्मचारी, ड्राइवर, करीबी सहयोगी और घटना से पहले व बाद में जुड़े लोगों के नंबर शामिल हैं.


    परिवार ने जांच पर उठाए सवाल

    ट्विशा के परिवार ने स्थानीय पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना वजह प्रशासनिक देरी से शव खराब हो सकता है और अहम फॉरेंसिक साक्ष्य नष्ट होने का खतरा है. परिवार ने आरोप लगाया कि जमानत पर बाहर मौजूद मुख्य आरोपी गिरिबाला सिंह ने न्यायिक कार्यालय परिसर का उपयोग कर मीडिया से बातचीत की और मृतका के खिलाफ बयान दिए.

    इस पर मृतका के पिता नवनीधि शर्मा ने मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई सी पटेल को संवैधानिक ज्ञापन सौंपकर गिरिबाला सिंह की अर्ध-न्यायिक पद पर भूमिका की समीक्षा की मांग की है.


    FIR और मेडिकल रिपोर्ट में क्या?

    परिवार ने कहा कि एफआईआर और प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ‘एंटीमॉर्टम हैंगिंग’ के साथ शरीर के अन्य हिस्सों पर कई चोटों का भी उल्लेख है. उनका कहना है कि इन तथ्यों ने परिवार के मन में मौत की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर गंभीर संदेह पैदा कर दिया है.


    पूर्व सैनिकों का प्रदर्शन

    इसी बीच भोपाल में 50 से अधिक पूर्व सैनिक मोटरसाइकिल रैली निकालकर ट्विशा शर्मा को न्याय दिलाने और मामले की जांच मध्य प्रदेश से बाहर कराने की मांग करते नजर आए. उल्लेखनीय है कि ट्विशा शर्मा के भाई भारतीय सेना में मेजर हैं।

  • MP: बैतूल के मुलताई और पाढुर्णा में महसूस किए गए 3.9 तीव्रता के भूकंप के झटके, दहशत में आए लोग

    MP: बैतूल के मुलताई और पाढुर्णा में महसूस किए गए 3.9 तीव्रता के भूकंप के झटके, दहशत में आए लोग


    बैतूल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बैतूल जिले (Betul district) में शनिवार रात को भूकम्प (Earthquake) के हल्के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल (Richter scale) पर जिनकी तीव्रता 3.9 मापी गई। इस बारे में नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) की तरफ से दी गई जानकारी में बताया गया कि, ये झटके रात 9 बजकर 31 मिनट व 2 सेकंड पर दर्ज किए गए। इस दौरान बैतूल के अलावा मुलताई (Multai), पांढुर्णा (Pandhurna) और आसपास के अन्य क्षेत्रों में धरती में कंपन महसूस किया गया। भूकंप के कारण कुछ देर के लिए लोगों में हल्की दहशत का माहौल बन गया।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार भूकंप का केंद्र बैतूल जिले में मुलताई के मानीखापा गांव के पास स्थित था। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, यह केंद्र पचमढ़ी से लगभग 68 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पूर्व दिशा में जमीन से करीब 10 किलोमीटर नीचे की तरफ था। हालांकि खबर लिखे जाने तक प्राप्त जानकारी के अनुसार इन झटकों की वजह से जिले में किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं थी।

    भूकंप की तीव्रता 3.9 रिक्टर स्केल होने के बाद भी केंद्र की गहराई कम होने के कारण धरती पर कंपन ज्यादा महसूस हुआ। इस दौरान मुलताई और पांढुर्णा सहित कई इलाकों में तो लोग डर की वजह से काफी देर तक घरों के बाहर खड़े रहे। इसके बाद लोगों ने एक-दूसरे को फोन कर जानकारी ली और सुरक्षा को लेकर उनका हालचाल जाना। हालांकि राहत की बात यह रही कि खबर लिखे जाने तक किसी प्रकार की जनहानि या बड़े नुकसान की कोई सूचना सामने नहीं आई थी।

    उधर प्रशासन ने भी भूकंप को लेकर लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सतर्क रहने की अपील की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र में हल्के कंपन महसूस हो रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मुख्य भूकंप के बाद आफ्टरशॉक्स की संभावना बनी रहती है। इसलिए प्रशासन ने लोगों को जर्जर भवनों से दूर रहने और सावधानी बरतने की सलाह दी है।


    उत्तराखंड के उत्तरकाशी में भी महसूस हुए भूकंप के झटके

    मध्य प्रदेश के अलावा उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद मुख्यालय क्षेत्र में भी शनिवार देर रात भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। भूकंप के कारण कुछ देर के लिए लोगों में हल्की दहशत का माहौल बन गया, हालांकि किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। जिला आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 2.4 मापी गई। भूकंप का केंद्र जिला मुख्यालय से उत्तर-पूर्व दिशा में करीब चार किलोमीटर दूर जमीन से पांच किलोमीटर नीचे स्थित था।

    प्रशासन के मुताबिक भूकंप के झटके केवल जिला मुख्यालय क्षेत्र तक सीमित रहे और जनपद की अन्य तहसीलों में इन्हें महसूस नहीं किया गया। राहत की बात यह रही कि कहीं से भी किसी प्रकार की क्षति की सूचना सामने नहीं आई है। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

  • MP: छतरपुर में नाबालिग को बस स्टैंड से उठा ले गए बदमाश… किया गैंगरेप, 10 हजार का इनाम घोषित

    MP: छतरपुर में नाबालिग को बस स्टैंड से उठा ले गए बदमाश… किया गैंगरेप, 10 हजार का इनाम घोषित


    छतरपुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छतरपुर (Chhatarpur) में एक 17 वर्षीय नाबालिग आदिवासी लड़की (Minor Tribal Girl) के साथ गैंगरेप का दर्दनाक मामला सामने आया है। शुक्रवार की रात बस स्टैंड पर जब पीड़िता होटल ढूंढ रही थी तब दो युवकों ने उसके साथ मारपीट की और जबरन स्कूटी पर बैठाकर एक कमरे में ले गए। वहां पहले से मौजूद एक अन्य साथी के साथ मिलकर तीनों आरोपियों ने लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और फिर मारपीट कर फरार हो गए। सुबह पीड़िता की शिकायत पर पुलिस तुरंत हरकत में आई। आरोपियों को पकड़ने के लिए 10 टीमें बनाई गई हैं। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। आरोपियों पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है।


    रात 12 बजे की घटना

    जानकारी के मुताबिक, यह घटना रात के करीब 12 बजे की है। लड़की अपने किसी जानने वाले के साथ बस स्टैंड आई थी। जब वह व्यक्ति चला गया तो लड़की रात गुजारने के लिए किसी होटल या लॉज को ढूंढने लगी। इसी बीच 2 लड़के वहां आए।


    लड़की के साथ मारपीट, किया अगवा; गैंगरेप

    आरोपी लड़कों ने लड़की के साथ मारपीट की और उसे जबरदस्ती अपनी स्कूटी पर बैठाकर एक कमरे में ले गए। उस कमरे में पहले से ही एक और लड़का मौजूद था। वहां इन तीनों ने मिलकर नाबालिग लड़की के साथ बारी-बारी से सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपी लड़की को पीटकर वहां से भाग गए।


    पुलिस ने आरोपियों को दबोचने के लिए बनाई 10 टीमें

    सुबह होते ही पीड़िता पुलिस के पास पहुंची और पूरी वारदात की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई। छतरपुर के सीएसपी अरुण सोनी ने बताया कि आरोपियों ने लड़की का विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की थी। पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों को पकड़ने के लिए एसपी के निर्देश पर 10 अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं जो लगातार छापेमारी कर रही हैं।


    सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस, आरोपियों पर घोषित किया इनाम

    पुलिस बस स्टैंड के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और वहां मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस ने तीनों आरोपियों की सूचना देने वालों के लिए ईनाम घोषित किया है। आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम रखा गया है। दावा किया है कि उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर इलाके में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • MP: देवास ब्लास्ट में गई 5 की जान, धूल का काम बताकर बिहार से बुलाए गए थे मजदूर

    MP: देवास ब्लास्ट में गई 5 की जान, धूल का काम बताकर बिहार से बुलाए गए थे मजदूर


    देवास।
    आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे (Agra-Mumbai National Highway) पर स्थित टोंककला इलाके की एक पटाखा फैक्ट्री (Firecracker factory) गुरुवार सुबह 11 बजे खंडहर में तब्दील हो गई. एक जोरदार धमाके के साथ उठी आग की लपटों ने वहाँ काम कर रहे दर्जनों मजदूरों को अपनी चपेट में ले लिया. हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फैक्ट्री की छत उड़ गई और घटनास्थल पर मानव अंग बिखरे पड़े मिले।

    शुरुआत में तीन मजदूरों की मौत की खबर आई थी, लेकिन देर रात अमलतास हॉस्पिटल में भर्ती दो और मजदूरों अमर और गुड्डू ने दम तोड़ दिया. दोनों 99% तक झुलस चुके थे. अस्पताल में भर्ती 25 अन्य घायलों का उपचार जारी है, जिनमें से कई की हालत नाजुक बनी हुई है।


    आरोपी पर NSA और 4 के खिलाफ FIR

    जिलाधिकारी ऋतुराज सिंह ने फैक्ट्री संचालक अनिल मालवीय के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए ‘राष्ट्रीय सुरक्षा कानून’ (NSA) लगाया है. पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट के अनुसार, लाइसेंस की शर्तों का घोर उल्लंघन किया गया था. टोंकखुर्द थाना पुलिस ने मामले में कुल 4 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है।


    ‘धूल का काम’ बताकर बिहार से लाए गए थे मजदूर

    हादसे में जीवित बचे बिहार के मजदूर नवीन कुमार ने रोंगटे खड़े कर देने वाली आपबीती सुनाई. नवीन ने एक न्यूज एजेंसी को बताया, ”मजदूरों को 14000 रुपये महीने की तनख्वाह पर यह कहकर लाया गया था कि उन्हें केवल धूल से जुड़ा काम करना होगा, लेकिन उन्हें बारूद के साथ 25×25 के छोटे कमरे में झोंक दिया गया।

    नवीन ने धुएं और मलबे के बीच से अपने भाई निरंजन को जलते हुए बाहर निकाला. उन्होंने आरोप लगाया कि फैक्ट्री में आग बुझाने का कोई इंतजाम नहीं था.


    भीषण गर्मी बनी धमाके की वजह?

    मजदूरों का आरोप है कि भीषण गर्मी के बावजूद बारूद वाले कमरे में पानी का छिड़काव नहीं किया गया. गौरतलब है कि देवास समेत पश्चिमी मध्य प्रदेश इस समय ‘हीट ज़ोन’ में है. केंद्रीय संगठन (PESO) और फोरेंसिक टीमें अब इस बात की तकनीकी जांच कर रही हैं कि क्या अत्यधिक तापमान के कारण बारूद में स्वतः स्फोट हुआ।

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये की सहायता और घायलों के मुफ्त इलाज का ऐलान किया है. उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना.


    विपक्ष का हमला

    कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने घटनास्थल का दौरा कर सरकार पर ‘बारूद माफिया’ को संरक्षण देने का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि कृषि गोदामों में अवैध रूप से पटाखे जमा थे और कलेक्टर को निलंबित करने की मांग की।


    लाइसेंस पर सवाल

    जांच में सामने आया कि अनिल मालवीय को दिसंबर 2025 तक के लिए दो लाइसेंस जारी किए गए थे, जिनका हाल ही में 6 मई को नवीनीकरण हुआ था. प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि रिहायशी इलाके के पास इतनी खतरनाक यूनिट को अनुमति कैसे मिली.


    दिल्ली से सीधे इंदौर पहुंचे मुख्यमंत्री

    CM मोहन यादव ने नई दिल्ली से इंदौर पहुंचकर अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती घायलों से भेंट की. मुख्यमंत्री ने सर्वप्रथम एयरपोर्ट से चोइथराम हॉस्पिटल पहुंचकर देवास के हादसे के कारण घायल हुए नागरिकों से मुलाकात की और उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों को जरूरी निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने एमवाय अस्पताल में दाखिल घायलों से भी मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य का हालचाल जाना. CM यादव ने सभी घायलों के समुचित उपचार के निर्देश चिकित्सा अधिकारियों को दिए. इस अवसर पर अन्य जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।

    बता दें कि गुरुवार दोपहर इस हादसे की जानकारी मिलते होते ही सीएम यादव ने देवास जिला प्रशासन को हादसे से प्रभावित नागरिकों की हर संभव सहायता के निर्देश दिए थे. इसके साथ ही CM ने दिवंगत नागरिकों के परिजन को मध्यप्रदेश शासन की ओर से 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने और घायलों का निःशुल्क इलाज करने का ऐलान किया।

  • MP: पूर्व CM दिग्विजय सिंह बोले- मेरा मॉडल कर रही लागू मोदी सरकार….. इसके लिए धन्यावाद!

    MP: पूर्व CM दिग्विजय सिंह बोले- मेरा मॉडल कर रही लागू मोदी सरकार….. इसके लिए धन्यावाद!


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश ( Madhya Pradesh) के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Former Chief Minister Digvijay Singh) ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार (Central government) पर अपनी सरकार के फैसले को अपनाने का जिक्र किया और बताया कि मोदी सरकार (Modi government) उनके मुख्यमंत्री काल के ‘पालक-शिक्षक संघ’ (Parent-Teacher Association- PTA) मॉडल को देश के 15 लाख सरकारी स्कूलों में लागू करने जा रही है। उन्होंने बताया कि यह फैसला उन्होंने साल 1993 से 2003 के बीच मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री रहने के दौरान लिया था। खास बात यह है कि इसके लिए उन्होंने केंद्र सरकार को धन्यवाद भी दिया। इस दौरान उन्होंने पूरे देश में लाखों सरकारी स्कूलों को बंद करने के फैसले पर भी आपत्ति जताई।

    इस बारे में ‘एक्स’ पर शेयर की अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, ‘मेरे मुख्यमंत्री काल का पालक शिक्षक संघ (PTA) का मॉडल जिसे अब केंद्र सरकार 15 लाख सरकारी स्कूलों में लागू करने जा रही हैं। धन्यवाद। मेरे मुख्यमंत्री कार्यकाल 1993-2003 में मध्य प्रदेश ने शिक्षा के क्षेत्र में जो उल्लेखनीय उपलब्धि में हासिल की थी मुझे उस पर गर्व है। अब BJP सरकार मेरे मॉडल को स्वीकार कर लागू कर रही है मुझे प्रसन्नता है। देर से आए दुरुस्त आए। ‘


    सरकारी स्कूल बंद करने के फैसले पर जताई आपत्ति

    आगे उन्होंने केंद्र सरकार के एक फैसले पर आपत्ति जताते हुए कहा कि, ‘देश के शासकीय स्कूलों में सुधार आवश्यक है। पूरे देश में लाखों शासकीय स्कूल बंद किए जा रहे हैं। ये उचित नहीं है। अब शासकीय स्कूलों में वही बच्चे पढ़ रहे हैं जो निजी स्कूलों में फीस नहीं दे पा रहे हैं। शासकीय स्कूलों में छात्रों के पालकों को व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी जाना चाहिए। इन शासकीय स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार आवश्यक है। जय सिया राम।’


    पोस्ट के साथ शेयर किया कार्यकर्ता की पोस्ट का लिंक

    अपनी पोस्ट के साथ दिग्विजय सिंह ने अपनी पार्टी के एक कार्यकर्ता की पोस्ट का लिंक भी शेयर किया था, जिसमें उसने केंद्र सरकार के फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि, ‘पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद श्री दिग्विजय सिंह जी का पालक-शिक्षक संघ (PTA) का वो मॉडल जिसे केंद्र सरकार 15 लाख सरकारी स्कूलों में लागू करने जा रही हैं। मध्य प्रदेश ने शिक्षा के क्षेत्र में जो उल्लेखनीय उपलब्धि आदरणीय दिग्विजय सिंह जी के 10 वर्षीय मुख्यमंत्री काल 1993-2003 में हासिल की, ये अभूतपूर्व हैं।’ अपनी पोस्ट के अंत में उस शख्स ने बताया कि ‘दिग्विजय सिंह जी वर्तमान में शिक्षा, महिला, बाल और खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष हैं।’


    शिक्षक-पालक संघ खुद लेगा इतने लाख रुपए तक के फैसले

    पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने जिस कार्यकर्ता की पोस्ट के लिंक को शेयर किया, उसने इस खबर से जुड़ा एक न्यूज आर्टिकल भी शेयर किया था, जिसमें केंद्र सरकार के इस फैसले की जानकारी दी गई थी। इसमें बताया गया कि ‘देश के लगभग 15 लाख स्कूलों का प्रबंधन अब सीधे तौर पर अभिभावकों के हाथों में होगा। नए नियमों के मुताबिक, स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (SMC) को 30 लाख रुपए तक के निर्माण कार्य बिना लोक निर्माण विभाग की मंजूरी के खुद कराने की वित्तीय शक्ति दी गई है। शिक्षा मंत्रालय ने इन सुधारों को नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 और शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) 2009 के तहत अंतिम रूप दिया है, जिससे अब स्कूल केवल सरकारी संस्थान न रहकर ‘सामुदायिक संपत्ति’ के रूप में विकसित होंगे।’

  • MP: इस नेता ने PM मोदी की अपील के विरुद्ध निकाली 200 गाड़ियों की रैली, CM का बड़ा एक्शन… नियुक्ति निरस्त

    MP: इस नेता ने PM मोदी की अपील के विरुद्ध निकाली 200 गाड़ियों की रैली, CM का बड़ा एक्शन… नियुक्ति निरस्त


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने गुरुवार को मध्य प्रदेश टेक्स्ट बुक कॉर्पोरेशन (Madhya Pradesh Text Book Corporation) के नवनियुक्त अध्यक्ष सौभाग्य सिंह (Saubhagya Singh) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह नोटिस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से सादगी बरतने की अपील के बावजूद 200 गाड़ियों की एक जश्न वाली रैली निकालने के लिए दिया गया है।

    अधिकारियों ने बताया कि नोटिस का जवाब मिलने तक सौभाग्य सिंह पर अपने ऑफिस में प्रवेश, सरकारी वाहनों और अन्य सुविधाओं का इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी गई है। उन्होंने आगे बताया कि जांच पूरी होने तक उन्हें सौंपी गई सभी प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियां तत्काल प्रभाव से खत्म कर दी गई हैं।

    उन्होंने कहा, ”मुख्यमंत्री कार्यालय ने मितव्ययिता उपायों के घोर उल्लंघन का संज्ञान लिया है। सरकार ने वाहन रैली को अनावश्यक और सरकार की सादगी की नीति के खिलाफ माना है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि दिखावा और अनुशासनहीनता बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”


    भाजपा नेता ने सैकड़ों गाड़ियों संग रैली निकाली, पार्टी ने पद से हटाया

    ऐसे ही एक मामले में सैकड़ों गाड़ियों के साथ रैली निकालने के आरोप में भाजपा ने मध्य प्रदेश के भिंड जिले के किसान मोर्चा अध्यक्ष को पद से हटा दिया है। पार्टी पदाधिकारियों के अनुसार, हाल ही में इस पद पर नियुक्त किए गए सज्जन सिंह यादव को मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के आदेश पर पद से हटाया गया है। बताया गया कि सज्जन सिंह यादव के किसान मोर्चा अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालने के अवसर पर बुधवार को भिंड शहर में एक रैली आयोजित की गई थी, जिसमें सैकड़ों वाहन शामिल हुए थे। भिंड शहर भोपाल से लगभग 500 किलोमीटर दूर है।

    भाजपा ने यादव को जारी पत्र में कहा कि उनका यह आचरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाओ अपील के विपरीत है और गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।


    नियुक्ति निरस्त की गई

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा, “यादव की नियुक्ति अनुशासनहीनता और ईंधन बचत एवं मितव्ययिता के उपायों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बार-बार की गई अपील का पालन नहीं करने के कारण निरस्त कर दी गई है।”

    गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को पेट्रोल और डीजल की खपत को कम करने, शहरों में अधिक से अधिक मेट्रो रेल सेवाओं का उपयोग करने, कारपूलिंग, इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने, पार्सल आवाजाही के लिए रेलवे सेवाओं का उपयोग करने और विदेशी मुद्रा बचाने के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ करने जैसे उपायों को प्रोत्साहित करने की अपील की थी।

  • MP: भोपाल में पुलिस ने अपने ही विभाग के कांस्टेबल और एक FRV ड्राइवर को रिश्वत लेते दबोचा

    MP: भोपाल में पुलिस ने अपने ही विभाग के कांस्टेबल और एक FRV ड्राइवर को रिश्वत लेते दबोचा


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक दुर्लभ मामला सामने आया है, जिसमें आरोपी और कार्रवाई करने वाली टीम, दोनों एक ही विभाग के हैं. पुलिस विभाग (Police Department.) के भीतर ही चले इस ‘क्लीनअप ऑपरेशन’ (‘Cleanup Operation’) में एक कांस्टेबल और एक FRV ड्राइवर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।

    पूरा मामला एक मकान मालिक और किरायेदार के बीच चल रहे आपसी विवाद से शुरू हुआ था. आरोप है कि जब फरियादी किरायेदार मदद के लिए पुलिस के पास पहुंचा, तो कोहेफिजा थाने में तैनात कांस्टेबल यशपाल तोमर ने उसके पक्ष में कार्रवाई करने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की।


    कमिश्नर तक पहुंची बात

    किरायेदार ने इस भ्रष्टाचार की शिकायत सीधे पुलिस कमिश्नर से कर दी. मामले की गंभीरता को देखते हुए कमिश्नर ने तत्काल जांच और कार्रवाई के आदेश दिए. कमिश्नर के निर्देश पर एसीपी अनिल वाजपेयी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई. टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया: जैसे ही कांस्टेबल और एफआरवी ड्राइवर ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, एसीपी की टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया।


    कोहेफिजा थाना अब जांच के दायरे में

    इस घटना ने पूरे थाने की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. कमिश्नर के सख्त रुख के बाद अब कोहेफिजा थाने के अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. यह देखा जा रहा है कि क्या इस वसूली रैकेट में अन्य सीनियर या जूनियर अधिकारी भी शामिल थे।

  • MP: भोपाल के होटल में हिंदू युवती के साथ पकड़ाया मुस्लिम युवक, हिंदू संगठनों ने जमकर पीटा, गोबर पोता

    MP: भोपाल के होटल में हिंदू युवती के साथ पकड़ाया मुस्लिम युवक, हिंदू संगठनों ने जमकर पीटा, गोबर पोता


    भोपाल।
    भोपाल (Bhopal) में एक बार फिर हिंदू युवती (Hindu girl) और मुस्लिम युवक (Muslim youth) को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. मामला गोविंदपुरा थाना क्षेत्र (Govindpura police station area.) के गौतम नगर (Gautam Nagar) स्थित प्राईड इन होटल का है, जहां हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने एक हिंदू युवती और मुस्लिम युवक को होटल के कमरे में पकड़ लिया. इसके बाद मौके पर जमकर हंगामा हुआ और युवक के साथ मारपीट की गई. घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।


    युवक की पिटाई के बाद लगाया गोबर और पोती स्याही

    जानकारी के मुताबिक हिंदू संगठन के कुछ कार्यकर्ताओं को सूचना मिली थी कि होटल में एक हिंदू युवती और मुस्लिम युवक ठहरे हुए हैं. इसके बाद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता होटल पहुंच गए. आरोप है कि कार्यकर्ता सीधे युवक-युवती के कमरे तक पहुंचे और दोनों को बाहर निकालकर सड़क पर ले आए. इस दौरान युवक के साथ लात-घूंसों से मारपीट की गई. इतना ही नहीं, युवक को अर्धनग्न कर उसके चेहरे पर गोबर और स्याही भी पोती गई. मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बना रहा.

    घटना की सूचना मिलते ही गोविंदपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया. पुलिस युवक और युवती को थाने लेकर पहुंची, जहां दोनों से पूछताछ की गई. हालांकि काफी देर तक चले घटनाक्रम के बाद भी किसी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई।


    एक दूसरे को पहले से जानते थे युवक-युवती

    पुलिस के अनुसार युवक की पहचान आरिफ खान के रूप में हुई है. पुलिस का कहना है कि आरिफ के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज रह चुके हैं. उस पर अड़ीबाजी, ब्लैकमेलिंग और मोबाइल चोरी जैसे आरोप लग चुके हैं. वहीं युवती भोपाल के अयोध्या नगर इलाके की रहने वाली बताई जा रही है. पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि दोनों पहले से एक-दूसरे को जानते थे और पहले भी रिलेशनशिप में रह चुके हैं।

    मामले को लेकर थाना प्रभारी अवधेश सिंह तोमर ने बताया कि पुलिस ने सभी पक्षों को समझाइश देकर छोड़ दिया है. किसी भी पक्ष ने कोई मामला दर्ज नहीं कराया है. उन्होंने कहा कि पुलिस ने सभी लोगों को चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसा कोई कार्य न करें, जिससे सामाजिक सौहार्द और कानून व्यवस्था प्रभावित हो।

  • MP: इंदौर में BJP नेता को थप्पड़ मारना महिला पुलिस अधिकारी को पड़ा महंगा, हंगामे के बाद 3 सस्पेंड

    MP: इंदौर में BJP नेता को थप्पड़ मारना महिला पुलिस अधिकारी को पड़ा महंगा, हंगामे के बाद 3 सस्पेंड


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) में शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) के कार्यकर्ताओं ने एक व्यस्त चौराहे को जाम कर दिया. यह विरोध प्रदर्शन तब हुआ जब एक महिला ट्रैफिक पुलिस अधिकारी (Female Traffic Police Officer) ने कथित तौर पर पार्टी के एक नेता को थप्पड़ मार दिया था. इस घटना के बाद पुलिस बल के तीन कर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।

    BJP नेता वीरेंद्र शेंडगे ने पत्रकारों को बताया कि यह घटना तब हुई जब वह अपने दोपहिया वाहन पर थे और महू नाका चौराहे पर ट्रैफिक सिग्नल के हरे से लाल होने से पहले उसे पार करने की कोशिश कर रहे थे। शेंडगे ने दावा किया कि एक महिला पुलिस अधिकारी ने उन पर गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन पर बात करने का आरोप लगाते हुए उन्हें थप्पड़ मार दिया।

    शेंडगे, जो यहां BJP के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 4 के प्रभारी हैं, ने कहा, “मैं अपने मोबाइल फोन पर बात नहीं कर रहा था. जब मैंने अपनी बात रखने की कोशिश की और थप्पड़ मारे जाने पर आपत्ति जताई, तो ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने मेरे साथ दुर्व्यवहार किया.” बाद में, BJP कार्यकर्ताओं ने शेंडगे के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस के खिलाफ नारे लगाए, जिसमें उन्होंने पुलिस पर मनमानी करने का आरोप लगाया. कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं को सड़क जाम करने के लिए पुलिस बैरिकेड्स का इस्तेमाल करते हुए भी देखा गया।

    सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) सुप्रिया चौधरी ने बताया कि ट्रैफिक पुलिस थाने की प्रभारी राधा यादव को कथित लापरवाही के आरोप में फील्ड ड्यूटी से हटाकर पुलिस उपायुक्त (DCP) कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है, जबकि सूबेदार (सब-इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी) लक्ष्मी धार्वे और कांस्टेबल शेखर गावड़े को निलंबित कर दिया गया है। ACP शिवेंदु जोशी ने बताया कि घटना के संबंध में CCTV फुटेज की जांच की जा रही है और विस्तृत जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • MP: धार की ऐतिहासिक भोजशाला में हिन्दुओं को मिले पूजा का अधिकार…. HC में हिन्दू पक्ष ने रखे तर्क

    MP: धार की ऐतिहासिक भोजशाला में हिन्दुओं को मिले पूजा का अधिकार…. HC में हिन्दू पक्ष ने रखे तर्क


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) की इंदौर पीठ (Indore Bench) के सामने शुक्रवार को धार की ऐतिहासिक भोजशाला (Historical Bhojshala) को लेकर एक अहम दलील पेश की गई. हिंदू याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को इस परिसर के मूल धार्मिक स्वरूप को बहाल करने का निर्देश दिया जाए और वहां केवल हिंदुओं को पूजा की अनुमति मिले।

    ‘हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस’ के वकील विष्णु शंकर जैन ने जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंच के सामने ASI के 7 अप्रैल 2003 के आदेश को कानून का उल्लंघन बताया।

    अभी हिंदुओं को मंगलवार को पूजा और मुस्लिमों को शुक्रवार को नमाज की अनुमति है. जैन ने कहा कि ‘प्राचीन स्मारक तथा पुरातत्वीय स्थल और अवशेष अधिनियम 1958’ के तहत किसी भी स्मारक का उपयोग उसके मूल स्वरूप के विपरीत नहीं किया जा सकता. उनके अनुसार, यह व्यवस्था हिंदुओं के मौलिक अधिकारों का हनन है।


    मंदिर बनाम मस्जिद

    याचिकाकर्ता कुलदीप तिवारी के वकील मनीष गुप्ता ने परिसर की बनावट पर बड़े सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि इस ढांचे में न तो कोई मीनार है और न ही वजूखाना, जो एक पारंपरिक मस्जिद की पहचान होते हैं. उन्होंने इस दावे को भी खारिज कर दिया कि भोजशाला एक जैन मंदिर था; उन्होंने कहा कि यह स्मारक असल में एक सरस्वती मंदिर है, जिसकी स्थापना 1034 ईस्वी में परमार वंश के राजा भोज ने की थी।


    मुस्लिम पक्ष और 1991 के कानून की दलील

    मुस्लिम पक्ष ने अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए ‘पूजा स्थल (विशेष उपबंध) अधिनियम 1991’ का सहारा लिया. 15 अगस्त 1947 को यह परिसर एक मस्जिद के रूप में अस्तित्व में था, इसलिए कानूनन इसके स्वरूप में बदलाव नहीं किया जा सकता। विष्णु शंकर जैन ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि भोजशाला एक ASI संरक्षित स्मारक है, इसलिए 1991 का अधिनियम इस पर लागू नहीं होता।

    हाई कोर्ट इस परिसर के धार्मिक स्वरूप से जुड़ी कुल पांच याचिकाओं और एक रिट अपील पर एक साथ सुनवाई कर रहा है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 11 मई की तारीख तय की है।