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  • MP: सतना के नागौद राजघराने में दो पत्नियों का विवाद….. दूसरी पत्नी ने पहली पर चलाई गोलियां, हालत गंभीर

    MP: सतना के नागौद राजघराने में दो पत्नियों का विवाद….. दूसरी पत्नी ने पहली पर चलाई गोलियां, हालत गंभीर


    सतना।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सतना जिले (Satna district) में नागौद राजघराने (Nagod Royal Family) से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां परसमनिया गढ़ी में लंबे समय से चल रहा पारिवारिक विवाद अचानक खूनी संघर्ष में बदल गया. विवाद में कथित तौर पर दूसरी पत्नी ने पहली पत्नी पर गोली चला दी, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया. यह मामला नागौद राजघराने से जुड़ा है. रूपेंद्र सिंह (Rupendra Singh) उर्फ बाबा राजा, जो पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक नागेंद्र सिंह के भतीजे बताए जाते हैं, उनकी पहली पत्नी सुनीता सिंह और दूसरी पत्नी योगिता सिंह के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था. दोनों के बीच पारिवारिक तनाव लगातार बढ़ता जा रहा था।

    जानकारी के अनुसार, विवाद को सुलझाने के लिए योगिता सिंह दो दिन पहले अपने परिजनों के साथ परसमनिया गढ़ी पहुंची थीं. यहां दोनों पक्षों के बीच बातचीत चल रही थी, लेकिन गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे स्थिति अचानक बिगड़ गई और विवाद बढ़ गया. इसी दौरान आरोप है कि सुनीता सिंह ने अपनी लाइसेंसी 22 बोर राइफल उठा ली और कई राउंड फायरिंग कर दी. बताया जा रहा है कि करीब नौ राउंड गोलियां चलाई गईं. फायरिंग के दौरान एक गोली योगिता सिंह के पेट में जा लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ीं।

    घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और घायल महिला को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया. पहले उन्हें सतना में प्राथमिक इलाज दिया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर रीवा के विंध्य अस्पताल रेफर कर दिया गया. अस्पताल में डॉक्टरों ने जटिल सर्जरी कर उनके पेट में फंसी गोली निकाल दी. फिलहाल योगिता सिंह आईसीयू में हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई. परसमनिया गढ़ी में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।


    संपत्ति और पारिवारिक विवाद के एंगल से भी हो रही पड़ताल

    पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी सुनीता सिंह को हिरासत में ले लिया है. साथ ही घटना में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी राइफल भी जब्त कर ली गई है. सतना के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रेम लाल कुर्वे ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह विवाद लंबे समय से चल रहा था और मामला संपत्ति या पारिवारिक कारणों से जुड़ा हो सकता है. पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद किस तरह इतना बढ़ गया कि गोली चलाने की नौबत आ गई।

  • MP: उज्जैन में महाकाल की सवारी से पहले हाई वॉल्टेज ड्रामा, हाथी' के ब्लड सैंपल देने से महावत का इनकार

    MP: उज्जैन में महाकाल की सवारी से पहले हाई वॉल्टेज ड्रामा, हाथी' के ब्लड सैंपल देने से महावत का इनकार


    उज्जैन।
    साल 2016 से बाबा महाकाल (Baba Mahakal) की सवारी में सेवा देने वाले हाथी को लेकर उज्जैन (Ujjain) में हाई वॉल्टेज ड्रामा (High-voltage drama) देखने को मिला. दरअसल डॉक्टर्स की एक टीम श्यामू हाथी (Shyamu Elephant) की जांच के लिए महावत के निवास पहुंची थी. टीम का मानना था कि श्यामू अब सवारी के लिए अनफिट है, लेकिन महावत का कहना था कि एक साजिश के तहत उसके हाथी को न सिर्फ सवारी से दूर किया जा रहा है, बल्कि उसे ‘वनतारा’ जू भेजने की तैयारी की जा रही है. महावत का कहना था कि उनका हाथी पूरी तरह से फिट है. उज्जैन का ये मामला गुरूवार को पूरे दिन सुर्खियों में रहा.

    दरअसल, डेढ़ माह बाद 30 जुलाई से पवित्र श्रावण मास शुरू होने वाला है, जिसमें विश्व विख्यात महाकाल बाबा की सवारी निकाली जाएगी. इस सवारी में हर वर्ष की तरह श्यामू हाथी भी शामिल होगा। हाथी मालिक के अनुसार, 2016 से 2025 तक हर सवारी में श्यामू शामिल रहा है और आगे भी चलेगा. लेकिन अब उसे अनफिट बताया जा रहा है।

    गुरुवार को पन्ना टाइगर रिजर्व के डॉ. संजय गुप्ता, इंदौर जू प्रभारी डॉ. उत्तम यादव और उज्जैन के पशु चिकित्सक डॉ. मुकेश जैन इंदौर रोड स्थित सांईधाम कॉलोनी पहुंचे. चिकित्सकों को हाथी के स्वास्थ्य की जांच के लिए ब्लड सैंपल लेना था, मगर महावत और उसके परिवार वाले इस बात के लिए तैयार नहीं थे.


    मालिक का बड़ा आरोप

    महावत का कहना था कि हाथी पूरी तरह से फिट है, एक साजिश के तहत उसे बीते 9 महीने से परेशान किया जा रहा है. ये लोग हाथी को अनफिट बताकर उसे वनतारा जू भेजने की तैयारी में लगे हैं, इस बात से वे बहुत परेशान हैं। हाथी की जांच को लेकर दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक कहासुनी होती रही. अंत में डॉक्टर्स की टीम को पीछे हटना पड़ा. बाद में समझाइश पर महावत परिवार ने हाथी का मल-मूत्र डाक्टर्स को सौंपा, जिसके आधार पर टीम इस बात का पता लगाएगी कि श्यामू हाथी कितना फिट है.

    वैसे डाक्टर्स का कहना था कि हाथी के पैर अंदर की तरफ मुड़ने लगे हैं, जिससे वह ज्यादा चलने योग्य नहीं है, हो सकता है कहीं पर जानवर गिर जाए और हादसे की नौबत आ जाए. श्यामू हाथी को लेकर सिंतबर 2025 से विवाद चला आ रहा है. हालांकि, महाकाल मंदिर प्रशासन ने अभी तक ये स्पष्ट नहीं किया है कि सवारी में श्यामू शामिल होगा या नहीं।

    बता दें कि महाकाल सवारी के दौरान हाथी की पीठ पर बाबा महाकाल का एक विग्रह बैठाया जाता है, जिसे संभालने के लिए महावत के अलावा एक या दो पंडित भी हाथी पर सवार रहते हैं. भारी भीड़ के बीच हाथी भी पांच से छह किलामीटर का सफर तय करता है।

  • MP: रीवा में वाहन से 5 क्विंटल अवैध विस्फोटक बरामद…. चालक गिरफ्तार

    MP: रीवा में वाहन से 5 क्विंटल अवैध विस्फोटक बरामद…. चालक गिरफ्तार


    रीवा।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रीवा जिले (Rewa district) में अवैध विस्फोटक (Illegal explosives) बरामद किया गया है। घटना रायपुर कर्चुलियान थाना क्षेत्र की है। पुलिस ने अवैध विस्फोटकों के परिवहन पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, गश्त के दौरान भारी मात्रा में अवैध विस्फोटक सामग्री ले जा रही एक गाड़ी को पकड़ा है। यह विस्फोटक करीब 5 क्विंटल है, जिसमे जिलेटिंन सहित अन्य विस्फोटक सामग्री शामिल है। यह विस्फोटक मानिकवार क्षेत्र से बेला की ओर ले जाया जा रहा था। यह क्रेशर या माइनिंग में उपयोग किया जाता है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया है, जिससे पूछताछ की जा रही है।

    इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए डीएसपी उदित मिश्रा ने बताया- पुलिस टीम रूटीन गश्त पर थी। तभी मुखबिर से एक संदिग्ध वाहन के बारे में सूचना मिली, जब पुलिस ने घेराबंदी कर गाड़ी को रोका और उसकी तलाशी ली, तो उसमें अवैध विस्फोटक भरा हुआ पाया गया। पुलिस द्वारा वाहन चालक से जब इस विस्फोटक के संबंध में वैध दस्तावेज और लाइसेंस मांगे गए, तो वह कोई भी कागजात पेश नहीं कर सका। शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि इन विस्फोटकों का इस्तेमाल क्रशर्स और माइनिंग में ब्लास्टिंग के लिए किया जाना था।

    पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए चालक को हिरासत में ले लिया है। और विस्फोटक अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। विस्फोटकों की तीव्रता और खतरे का आकलन करने के लिए, बम डिस्पोजल स्क्वाड की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस गाड़ी का असली मालिक कौन है। यह विस्फोटक मऊगंज के पास से कहां ले जाया जा रहा था, और क्या इससे पहले भी इस तरह की अवैध सप्लाई की गई है। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन को भी सूचित कर दिया गया है ताकि इन विस्फोटकों का सुरक्षित तरीके से डिस्पोजल किया जा सके।

  • MP: इंदौर में गंभीर नदी को पुनर्जीवित करने की तैयारी, 10 हजार ट्रेंच के साथ होगा महा-वृक्षारोपण

    MP: इंदौर में गंभीर नदी को पुनर्जीवित करने की तैयारी, 10 हजार ट्रेंच के साथ होगा महा-वृक्षारोपण


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर संभाग (Indore Division) के महू क्षेत्र (Mhow region) में गंभीर नदी (Gambhir River) को नया जीवन देने और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नदी के जलागम क्षेत्र को सुरक्षित करने और भू-जल स्तर को बढ़ाने के उद्देश्य से भमती और रिछा पहाड़ियों के सीमांकन का कार्य आधिकारिक रूप से शुरू कर दिया गया है। इस अभियान को गति देने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का जमीनी निरीक्षण किया।


    पहाड़ियों का सीमांकन और विस्तृत कार्ययोजना पर मंथन

    निरीक्षण दल में शामिल अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) महू राकेश परमार, जनपद पंचायत डॉ. अंबेडकर नगर महू के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गिरीराज दुबे और तहसीलदार महू विवेक सोनी ने भमती एवं रिछा पहाड़ी क्षेत्र का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों ने गंभीर नदी के जलागम क्षेत्र में मिट्टी और जल संरक्षण के लिए बनाई गई प्रस्तावित कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की। योजना के तहत इस पहाड़ी क्षेत्र में लगभग 10 हजार सतत कंटूर ट्रेंच (सीसीटी) का निर्माण किया जाना तय हुआ है।


    जल संवर्धन और वृक्षारोपण से बदलेगी तस्वीर

    प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार सतत कंटूर ट्रेंच के निर्माण के साथ-साथ इस पूरे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान भी चलाया जाएगा। इस दोहरी रणनीति से वर्षा के जल को बहने से रोका जा सकेगा और वह अधिकतम मात्रा में जमीन के भीतर समाहित होगा। इस प्रक्रिया से न केवल क्षेत्र के भू-जल स्तर में सुधार होगा, बल्कि मिट्टी के कटाव पर भी प्रभावी रोक लगेगी। यह पूरा प्रयास गंभीर नदी के प्राकृतिक जल प्रवाह को दीर्घकालिक मजबूती प्रदान करेगा।


    मुख्यमंत्री के संकल्प को धरातल पर उतारने का प्रयास

    यह पूरा अभियान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) के जल संरक्षण संबंधी संकल्पों के अनुरूप संचालित किया जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भमती और रिछा पहाड़ियां गंभीर नदी के लिए मुख्य जल स्रोत (जलागम क्षेत्र) का कार्य करती हैं, इसलिए यहां किए जा रहे संरक्षण कार्य नदी के पुनर्जीवन में सबसे निर्णायक और महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    जनभागीदारी से अभियान को सफल बनाने की अपील
    जनपद पंचायत डॉ. अंबेडकर नगर महू ने इस महत्वाकांक्षी अभियान को पूरी तरह सफल बनाने के लिए सामुदायिक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया है। प्रशासन की ओर से स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से इस कार्य में सक्रिय रूप से जुड़ने की अपील की गई है। सरकार का मुख्य लक्ष्य आम जनता के सहयोग से गंभीर नदी को एक बार फिर से अविरल, निर्मल और जीवनदायिनी बनाना है।

  • MP में CM मोहन यादव का बड़ा फैसला….शासकीय नौकरी में दो बच्चों की अधिकतम सीमा समाप्त

    MP में CM मोहन यादव का बड़ा फैसला….शासकीय नौकरी में दो बच्चों की अधिकतम सीमा समाप्त


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में सरकारी कर्मचारियों (Government Employees) और इसके लिए आवेदन करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। अब उन्हें 2 बच्चों वाले नियम का पालन नहीं करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने गुरुवार को ना सिर्फ नए प्रस्ताव को वापस लेने का आदेश दिया, बल्कि पुराने नियमों को भी खत्म करने को कहा है। यादव ने प्रस्तावित सिविल सर्विसेज रूल्स के मसौदे से उस नियम को हटाने का आदेश दिया, जिसके तहत सरकारी नौकरियों के लिए अधिकतम दो बच्चों की सीमा निर्धारित करने की बात कही गई थी।

    मोहन यादव ने आधिकारिक पोर्टल से ट्राफ्ट को तुरंत हटाने को कहा है। हालांकि, यह नियम प्रदेश में काफी पुराना है। 2001 में सामान्य प्रशासन विभाग ने इस प्रावधान को लागू किया था। इसके तहत दो से अधिक जीवित बच्चों वाले उम्मीदवारों को सीधी भर्ती या विभागों में नियुक्ति के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया था।

    सीएम ने नया आदेश प्रकाशित करने को कहा
    मध्य प्रदेश में 2001 में लागू किए गए नियम के मुताबिक, 26 जनवरी 2001 के बाद दो से अधिक जीवित संतान वाले लोग सरकारी नौकरी के योग्य नहीं थे। इसके अलावा एमपी सिविल सर्विसेज (कंडक्ट) रूल्स 1965 के तहत दो से अधिक बच्चे होना सरकारी कर्मचारियों के लिए कदाचार माना जाता था। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस मुद्दे पर अब तक के सबी नियमों को हटाने का आदेश दिया है। उन्होंने नया मसौदा तैयार करने का आदेश दिया है।

    नए मसौदे के बाद सीएम का ऐक्शन
    दरअसल, मध्य प्रदेश में सेवा की सामान्य शर्तें नियम 2026 का मसौदा तैयार किया गया था और इस पर आम लोगों से 15 जून तक सुझाव मांगे गए थे। इसमें लाए गए कई नए नियमों के बीच बच्चे वाले पुराने नियम को भी शामिल किया गया था। लेकिन अब मोहन यादव सरकार ने इसे खत्म करने का आदेश दे दिया है।

  • MP: नामांकन रद्द होने पर मीनाक्षी नटराजन ने BJP पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- फर्जी बात पेश की

    MP: नामांकन रद्द होने पर मीनाक्षी नटराजन ने BJP पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- फर्जी बात पेश की


    भोपाल।
    मंगलवार को मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) से कांग्रेस (Congress) की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन (Rajya Sabha candidate Meenakshi Natarajan) का नामांकन रद्द कर दिया गया. चुनाव अधिकारियों ने पाया कि उनके नामांकन पत्रों के साथ जमा किए गए हलफनामे में एक मामले से जुड़ी जानकारी कथित तौर पर छिपाई गई थी।

    यह घटनाक्रम तब हुआ, जब बीजेपी नेताओं ने रिटर्निंग ऑफिसर के सामने औपचारिक आपत्ति दर्ज कराते हुए नटराजन की उम्मीदवारी रद्द करने की मांग की. बीजेपी का आरोप था कि लीडर नेता ने तेलंगाना में चल रहे एक अदालती मामले की जानकारी अपने चुनावी हलफनामे में नहीं दी थी, यह एक जरूरी दस्तावेज है, जिसे उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करते समय जमा करना होता है। पार्टी ने तर्क दिया कि जानकारी न देना ज़रूरी जानकारी छिपाने के बराबर है और इसके आधार पर उनका नामांकन रद्द किया जाना चाहिए।

    मीनाक्षी नटराजन ने नामांकन रद्द होने के बाद बीजेपी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि जब बीजेपी ने देखा कि कांग्रेस का पूरा विधायक दल एकजुट है और सभी विधायक लगातार पार्टी बैठकों में शामिल हो रहे हैं, तब उसे समझ आ गया कि खरीद-फरोख्त की राजनीति सफल नहीं होगी. उनके मुताबिक, बीजेपी ने तीसरा उम्मीदवार उतारकर पहले ही यह दिखा दिया था कि उसकी राजनीतिक शुचिता किस स्तर पर पहुंच चुकी है. जब उन्हें लगा कि कांग्रेस के विधायकों में कोई टूट नहीं है, तब इस स्थिति से निपटने के लिए एक ‘फर्जी बात’ पेश कर दी।

    मीनाक्षी ने कहा कि जिस मामले को आधार बनाकर उनका नामांकन रद्द किया गया, वह केवल एक कानूनी नोटिस था. उस पर न तो किसी अदालत ने संज्ञान लिया था और न ही कोई मामला दर्ज हुआ था. उन्होंने कहा कि वह मामला प्री-कॉग्निसेंस स्टेज पर था, इसलिए उसे चुनावी हलफनामे में दर्ज करने का सवाल ही नहीं उठता. उन्होंने सवाल उठाया कि जब कोई कानूनी मामला ही अस्तित्व में नहीं है, तब जानकारी छिपाने का आरोप कैसे लगाया जा सकता है. उनके मुताबिक, अगर किसी मामले में अदालत संज्ञान ले चुकी होती या उनके खिलाफ आरोप तय हो चुके होते और वह उसे छिपातीं, तब यह आरोप उचित माना जा सकता था।

    कांग्रेस लीडर ने यह भी आरोप लगाया कि रिटर्निंग ऑफिसर के आखिरी आदेश में उनकी तरफ से रखे गए कानूनी तर्कों का कोई उल्लेख नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि इससे साफ हो जाता है कि यह फैसला किस राजनीतिक दबाव और मंशा से प्रेरित था. मीनाक्षी नटराजन ने कहा, “यह ऐसी कानूनी लड़ाई नहीं है, जिसे हम अदालत में हार गए हों, बल्कि यह वह लड़ाई है जिसे हमने राजनीतिक इच्छाशक्ति के सामने गंवाया है।

    उन्होंने आगे कहा कि यह लोकतंत्र को कुचलने की कोशिश है, जो पहले वोट चोरी से शुरू हुई और अब सीट चोरी तक पहुंच गई है. चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग निष्पक्ष संवैधानिक संस्था की तरह नहीं, बल्कि सत्तारूढ़ दल के एक फ्रंटल संगठन की तरह काम कर रहा है. उनके मुताबिक, इस पूरे घटनाक्रम ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • MP में कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों की बल्ले-बल्ले….. मोहन यादव सरकार ने बढ़ाया वेतन

    MP में कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों की बल्ले-बल्ले….. मोहन यादव सरकार ने बढ़ाया वेतन


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) ने कॉन्ट्रैक्ट (Contract.) पर काम करने वाले लगभग 1.25 लाख कर्मचारियों अधिकारियों को सौगात दी है। मोहन यादव सरकार (Mohan Yadav Govt) ने इन कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों अधिकारियों के सालाना वेतन में 4.46 फीसदी की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों अधिकारियों (Contract Employees and Officers) की सेलरी में यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी। फैसला राज्य की 2023 की कॉन्ट्रैक्ट एम्प्लॉयमेंट पॉलिसी के तहत कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के आधार पर लिया गया है।


    1.25 लाख कर्मचारियों को फायदा

    मध्य प्रदेश के वित्त विभाग के अनुसार, मोहन यादव सरकार ने सोमवार को कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के वेतन में 4.46 फीसदी की सालाना बढ़ोतरी को मंजूरी दी। यह बढ़ोतरी इसी साल 1 अप्रैल से लागू कर दी जाएगी। इससे लगभग 1.25 लाख कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों अधिकारियों को फायदा होगा। यह बढ़ोतरी राज्य की कॉन्ट्रैक्ट एम्प्लॉयमेंट पॉलिसी के तहत की गई है। इस नीति को 22 जुलाई 2023 को अमल में लाया गया था।


    कितनी होगी बढ़ोतरी?

    बता दें कि कॉन्ट्रैक्ट एम्प्लॉयमेंट पॉलिसी में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के आधार पर सालाना वेतनमान में बदलाव का प्रावधान किया गया है। मध्य प्रदेश सरकार के इस फैसले पर एमपी कॉन्ट्रैक्टुअल ऑफिसर्स एंड एम्प्लॉइज एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश राठौर ने सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि इस बदलाव से कर्मचारियों के वेतन में पे स्केल के आधार पर लगभग 1,000 रुपये से 2,500 रुपये प्रति माह की बढ़ोतरी हो जाएगी।


    एक जैसे कॉन्ट्रैक्ट पदों के लिए समान वेतन

    मध्य प्रदेश के वित्त विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, इस बार कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की सेलरी में पिछली बार से अधिक बढ़ोतरी की गई है। इस साल 1 अप्रैल से सालाना बढ़ोतरी की दर 4.46 प्रतिशत तय की गई है जबकि पिछले साल यह 2.94 फीसदी थी। बता दें कि 2023 की पॉलिसी से पहले अलग-अलग विभागों में एक जैसे कॉन्ट्रैक्ट पदों के लिए अलग-अलग वेतन मिलता था। इस पॉलिसी से अलग-अलग विभागों में एक जैसे कॉन्ट्रैक्ट पदों के लिए समान वेतन तय है।


    कर्मचारी संघ ने की है यह मांग

    बता दें कि नई नीति के तहत कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों का वेतन चपरासी पद के लिए 21,800 रुपये से लेकर असिस्टेंट इंजीनियर और असिस्टेंट मैनेजर के लिए 70,000 रुपये प्रति माह तक रखा गया है। कर्मचारी संघ की मांग है कि जिन विभागों में 2023 की पॉलिसी लागू नहीं हुई है वे भी कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों को बढ़ी हुई सेलरी जारी करें।

  • RS चुनाव : MP में नटराजन का विरोध, झारखंड में JMM-कांग्रेस के बीच खींचतान…. BJP में उम्मीद जगी

    RS चुनाव : MP में नटराजन का विरोध, झारखंड में JMM-कांग्रेस के बीच खींचतान…. BJP में उम्मीद जगी


    नई दिल्ली।
    राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha elections) में मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में कांग्रेस (Congress) और झारखंड (Jharkhand) में झामुमो-कांग्रेस (JMM-Congress) के बीच जारी खींचतान में भाजपा (BJP) को अपने लिए नई उम्मीद नजर आ रही है। मध्यप्रदेश में जहां कांग्रेस में बाहरी मीनाक्षी नटराजन (Meenakshi Natarajan) को उम्मीदवार बनाने से असंतोष है, वहीं सहमति के बिना कांग्रेस के झारखंड में उम्मीदवार घोषित करने से झामुमो नाराज है। इस स्थिति से खुश भाजपा जरूरी संख्याबल की कमी के बावजूद झारखंड में एक और मप्र में तीसरा उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रही है।

    दरअसल मध्यप्रदेश में पूर्व सीएम दिग्विजय की ना के बाद दूसरे पूर्व सीएम कलमनाथ को उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा थी। हालांकि बृहस्पतिवार को जारी सूची में पार्टी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की करीबी और तेलंगाना की प्रभारी मीनाक्षी नटराजन का नाम था। सूची जारी होने के बाद कांग्रेस में असंतोष है और यह असंतोष पिछले चुनाव की तरह ही क्रॉस वोटिंग का कारण बन सकता है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, कमलनाथ को राज्यसभा टिकट नहीं मिलने से छिंदवाड़ा क्षेत्र के पांच कांग्रेस विधायकों को झटका लगा है। उन्हें उम्मीद थी कि पार्टी पूर्व सीएम को उम्मीदवार बनाएगी। ऐसे में अब इन विधायकों का रुख क्या रहता है, इस पर सभी की नजरें है।

    हालांकि असंतोष की भनक के बाद सतर्क कांग्रेस नेतृत्व ने शनिवार को विधायकों की बैठक बुलाई है। बिहार, हरियाणा और ओडिशा जैसे राज्यों में क्रॉस वोटिंग का नुकसान झेल चुकी पार्टी इस बार मध्य प्रदेश में कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। यही वजह है कि हाल ही में हाईकमान ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस नेतृत्व ने साफ संदेश दिया है कि क्रॉस वोटिंग की स्थिति में जवाबदेही तय की जाएगी।


    झारखंड में भी उबाल

    राज्य में दो सीटों पर चुनाव है। यहां एक सीट के लिए प्रथम वरीयता के 28 मतों की जरूरत है। विपक्षी गठबंधन के पास दो सीट जीतने के लिए ठीक 56 मत हैं। जबकि भाजपा के पास 24 मत हैं। यहां झामुमो बिना चर्चा के कांग्रेस के उम्मीदवार उतारने से नाराज है। सीएम हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को विधायकों की बैठक् बुलाई, जिसमें एक सुर में दोनों सीटों पर उम्मीदवार उतारने की मांग की गई। चूंकि कांग्रेस के पास महज 16 विधायक हैं, ऐसे में उसे 12 मत हासिल करने के लिए सहयोगियों का समर्थन चाहिए। दूसरी ओर भाजपा पहले से ही एक उम्मीदवार उतारने की घोषणा कर चुकी है। ऐसे में यहां भी विपक्ष के सामने एकजुटता बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई है।


    क्या है गणित

    प्रदेश विधानसभा में इस समय 229 विधायक हैं। इनमें भाजपा के पास 164, कांग्रेस के पास 64 विधायक हैं। एक सीट के लिए जरूरत 58 विधायकों के समर्थन की है। इस प्रकार दो सीट जीतने के बाद भाजपा के पास प्रथम वरीयता के अतिरिक्त 48 वोट होंगे। दूसरी ओर कांग्रेस के पास 64 वोट हैं जो जरूरी संख्या बल से 6 ज्यादा हैं। ऐसे में तीसरे उम्मीदवार को जिताने के लिए भाजपा को दस अतिरिक्त मत की जरूरत पड़ेगी, जबकि कांग्रेस का हर हाल में एकजुटता दिखानी होगी।

  • MP: मऊगंज में छात्रा ने फांसी लगाकर दी फांसी… NEET परीक्षा रद्द होने से डिप्रेशन में थी…

    MP: मऊगंज में छात्रा ने फांसी लगाकर दी फांसी… NEET परीक्षा रद्द होने से डिप्रेशन में थी…


    मऊगंज।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के नवगठित जिले मऊगंज (Mauganj District ) मगनिया गांव (Maganiya Village) की रहने वाली एक छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी ने घर में लगें पंखे पर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली परिजनों का आरोप है बेटी NEET की तैयारी कर रही थी. उसे हाल में दी परीक्षा में 650 अंक भी आने की उम्मीद थी लेकिन पेपर लीक होने और रद्द के बाद से वह डिप्रेशन में थी और उसने इस तरह का कदम उठा लिया जिसके बाद पूरा परिवार सदमे में हैं।


    कुक की नौकरी की, पिता ने लोन लेकर कराई तैयारी

    आकांक्षा के घर की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं होने के बाद भी आकांशा के किसान क्रेडिट कार्ड से 3 लाख रुपए लोन लिए थे. परिवार वाले उसे नागपुर के एक निजी कोचिंग में तैयारी करा रहे थे। पिता कृष्ण कुमार चतुर्वेदी किसानी करते थे लेकिन बेटी को पढ़ाने के लिए नागपुर में कुक की नौकरी करने लगे थे और वहीं बेटी को पढ़ा रहे थे. नीट का पेपर भी जब हुआ तो पूरे परिवार को भरोसा था कि इस बार चयन हो जाएगा और उनकी बेटी डाक्टर बन जाएगी लेकिन पेपर लीक होने के बाद वह ड्रिपेशन में चली गई और पूरे परिवार खुशियां चली गईं।

    ‘सॉरी, मम्मी पापा.. अब हिम्मत नहीं है’
    मौके पर एक सुसाइड नोट भी मिला है जिसमें उसने लिखा था कि सॉरी, मम्मी पापा आपको भरोसा था कि मेरी बेटी पढ़ लेगी और डाक्टर बनेगी पर दोबारा नीट का पेपर देने की हिम्मत नहीं है. मैंने आप दोनों को बर्बाद कर दिया दोबारा पेपर अच्छा जाए, इसकी कोई गारंटी नहीं है।


    नीट पेपर लीक मामला

    NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने से देशभर के लाखों अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है. 3 मई को आयोजित परीक्षा के बाद पेपर लीक की आशंका सामने आई थी. NTA के मुताबिक 7 मई की शाम परीक्षा में अनियमितताओं की जानकारी मिली, जिसके बाद मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दी गई. 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई और दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया. इसके बाद 15 मई को शिक्षा मंत्रालय और NTA ने 21 मई को री-एग्जाम आयोजित करने की घोषणा की. पूरे मामले की जांच CBI कर रही है और अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

    एक ओर सुप्रीम कोर्ट में लगातार नई याचिकाएं दायर की जा रही हैं और परीक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव, जैसे पेन-पेपर मोड के स्थान पर कंप्यूटर आधारित परीक्षा लागू करने की मांग उठ रही है. वहीं दूसरी ओर, लीक मामले से जुड़े नेटवर्क के सदस्यों पर जांच एजेंसियां और कानून लगातार शिकंजा कस रहे हैं तथा उनके खिलाफ कार्रवाई तेज होती जा रही है।

  • MP: भोपाल में IPS अधिकारी की नाबालिग बेटी की लगाई फांसी…. जांच में जुटी पुलिस

    MP: भोपाल में IPS अधिकारी की नाबालिग बेटी की लगाई फांसी…. जांच में जुटी पुलिस


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) के पॉश और हाई-प्रोफाइल इलाके ‘चार इमली (High-profile area ‘Char Imli’)’ में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक वरिष्ठ IPS अधिकारी की नाबालिग बेटी (Minor Daughter) ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. मृतका की उम्र 17 वर्ष थी और वह 11वीं कक्षा की पढ़ाई पूरी कर इस साल 12वीं में पहुंची थी।

    जानकारी के मुताबिक मृतका अपने परिवार के साथ चार इमली स्थित सरकारी आवास में रहती थी. घटना के समय परिवार के सदस्य घर में ही मौजूद थे. इसी दौरान छात्रा अपने कमरे में गई और फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

    हबीबगंज थाना प्रभारी संजीव चौकसे ने बताया कि फिलहाल मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है. ऐसे में आत्महत्या के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है. हर पहलू को ध्यान में रखकर मामले की जांच की जा रही है. छात्रा के मोबाइल फोन की जांच की जा रही है. इसके अलावा उसके दोस्तों, परिचितों और संपर्क में रहने वाले लोगों की जानकारी भी जुटाई जा रही है. यह पता लगाया जा सके कि छात्रा किसी मानसिक तनाव या अन्य परेशानी से गुजर रही थी या नहीं।

    पुलिस क पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
    पुलिस ने बताया कि घटना के बाद से ही परिवार गहरे सदमे में है. इसके बावजूद, पुलिस हर पहलू को स्पष्ट करने के लिए परिवार के सदस्यों, घरेलू सहायकों और मृतका के करीबी दोस्तों से पूछताछ कर रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही समय और स्थिति को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ हो पाएगी. फिलहाल जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।