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  • MP: बॉयफ्रेंड को घर में रखना चाहती है पत्नी…पति ने जान का खतरा बताकर लगाई सुरक्षा की गुहार

    MP: बॉयफ्रेंड को घर में रखना चाहती है पत्नी…पति ने जान का खतरा बताकर लगाई सुरक्षा की गुहार


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) में एक पति ने अपनी ही पत्नी से जान का खतरा बताते हुए पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है. पीड़ित पति (Victimized Husband) का आरोप है कि उसकी पत्नी अपने बॉयफ्रेंड (Boyfriend) को घर में साथ रखना चाहती थी. जब उसने इसका विरोध किया तो पत्नी ने उसे जान से मारने की धमकी दी और घर में रखे सोने-चांदी के जेवर, नगदी और बच्चों को लेकर चली गई. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

    मामला ग्वालियर के सिकंदर कम्पू इलाके का है. यहां रहने वाले राजकुमार कुशवाह मंगलवार को एसपी ऑफिस में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचे. उन्होंने पुलिस अधिकारियों को शिकायत देते हुए बताया कि साल 2008 में उनकी शादी पूनम कुशवाह से हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी. शादी के बाद उनके तीन बेटियां और एक बेटा हुआ.

    राजकुमार का आरोप है कि कुछ समय से उसकी पत्नी का किसी दूसरे युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था. उसे इस बात की जानकारी तब हुई जब 22 जनवरी 2026 को उसकी पत्नी बिना बताए घर छोड़कर चली गई. करीब दो महीने बाद मार्च में जब वह वापस लौटी तो पूछताछ में उसने बताया कि वह आशु उर्फ कमल सेन नाम के युवक के साथ थी और अब उसी के साथ रहना चाहती है।

    पीड़ित पति के मुताबिक पत्नी ने उसके सामने ऐसी शर्त रखी जिसे सुनकर वह हैरान रह गया. राजकुमार का कहना है कि उसकी पत्नी ने कहा कि अगर उसे साथ रखना है तो उसका बॉयफ्रेंड भी उसी घर में रहेगा और तीनों एक ही छत के नीचे रहेंगे. जब उसने इसका विरोध किया तो घर में विवाद बढ़ गया।

    राजकुमार ने आरोप लगाया कि 5 मई 2026 को उसकी पत्नी फिर घर छोड़कर चली गई और दोपहर में वापस आने पर उसने झूठे केस में फंसाने और जिंदगी बर्बाद करने की धमकी दी. पीड़ित के अनुसार इसी दौरान पत्नी ने उसके सिर पर हमला भी किया. इसके बाद वह घर में रखे सोने-चांदी के जेवर, नगदी और अपने चारों बच्चों को लेकर चली गई.


    एसपी ऑफिस पहुंच पति ने मांगी पुलिस सुरक्षा

    पीड़ित पति का कहना है कि जाते-जाते उसकी पत्नी उसे धमकी देकर गई है कि वह उसकी हत्या करवा देगी. इसी डर के चलते वह एसपी ऑफिस पहुंचा और पुलिस से अपनी जान-माल की सुरक्षा की मांग की. वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पति द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि पत्नी बच्चों समेत घर छोड़कर किन परिस्थितियों में गई. पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • MP: बांधवगढ़ रिजर्व क्षेत्र में बाघ ने घर में घुसकर किया हमला महिला की मौत, 3 घायल

    MP: बांधवगढ़ रिजर्व क्षेत्र में बाघ ने घर में घुसकर किया हमला महिला की मौत, 3 घायल


    उमरिया।
    बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (Bandhavgarh Tiger Reserve) के पास स्थित पनपथा गांव के खेरवा टोला (Kherwa Tola, Panpatha village) में रविवार तड़के करीब 3 बजे एक बाघ रिहायशी इलाके में घुस आया. बाघ ने अचानक ग्रामीणों पर हमला बोल दिया, जिसमें फूल बाई पाल (40) की मौके पर ही मौत हो गई. बाघ के इस हमले में तीन अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं

    फील्ड डायरेक्टर अनुपम सहाय के अनुसार, हमले के बाद बाघ मृतिका के घर के अंदर ही घुस गया. जब वन विभाग की टीम बचाव अभियान के लिए पहुंची और बाघ को बेहोश करने के लिए ट्रैंक्विलाइजर किया, तो उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. जांच करने पर पता चला कि बाघ की पहले ही मौत हो चुकी थी. अधिकारियों ने ‘ओवरडोज’ के आरोपों से इनकार किया है।


    गुस्साए ग्रामीणों का वन अधिकारियों पर हमला

    बाघ के बार-बार होने वाले हमलों से गुस्साए ग्रामीणों का सब्र इस घटना के बाद टूट गया. ग्रामीणों ने कथित तौर पर वन रेंजर प्रतीक श्रीवास्तव को निशाना बनाया, जिससे वे घायल हो गए. एक महिला वन कर्मचारी के साथ भी हाथापाई की गई।

    ग्रामीणों का कहना है कि मदद के लिए बार-बार फोन करने के बावजूद अधिकारी समय पर नहीं पहुंचे. विरोध के कारण बचाव अभियान में देरी हुई और ग्रामीणों ने करीब दो घंटे तक महिला का शव पोस्टमार्टम के लिए ले जाने से रोक दिया.


    बाघ का दोबारा होगा पोस्टमार्टम

    बाघ की संदिग्ध मौत को देखते हुए प्रशासन ने नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) के प्रोटोकॉल के तहत कड़े कदम उठाए हैं. बाघ के शव को SWFH जबलपुर के डीप फ्रिज में सुरक्षित रखा गया है। दिल्ली और नागपुर के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में तीन पशु चिकित्सकों की टीम दोबारा शव का परीक्षण करेगी, ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके।


    मुआवजा और सहायता का ऐलान

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया और ‘X’ के माध्यम से राहत राशि की घोषणा की. मृतका फूल बाई पाल के परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. वहीं, घायलों का मुफ्त इलाज होगा और अस्पताल में रहने के दौरान उन्हें 500 रुपये प्रतिदिन का खर्च दिया जाएगा. गांव में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।


    बढ़ता मानव-बाघ संघर्ष

    हाल ही में ऐसी घटनाओं में इजाफा हुआ है. शुक्रवार को ही महाराष्ट्र के चंद्रपुर में भी बाघ के हमले में चार महिलाओं की मौत हो गई थी. बांधवगढ़ में हुई यह घटना वन्यजीव प्रबंधन और ग्रामीणों की सुरक्षा के बीच बढ़ती खाई को दर्शाती है।

  • MP: छतरपुर में बेकाबू ट्रक ने ई-रिक्शा को रौंदा, एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत, 5 घायल

    MP: छतरपुर में बेकाबू ट्रक ने ई-रिक्शा को रौंदा, एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत, 5 घायल


    छतरपुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छतरपुर जिले (Chhatarpur district) में रविवार को दर्दनाक सड़क हादसा (Tragic Road Accident) हो गया। बिजावर रोड स्थित मतगुवा पेट्रोल पंप के पास ई-रिक्शा और ट्रक की जोरदार टक्कर में एक ही परिवार के तीन लोगों (Three people) की मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

    जानकारी के मुताबिक, हटनाई थाना ईशानगर निवासी करंजू आदिवासी अपने परिवार के साथ बटन नंदगाय, सटई से ई-रिक्शा में सवार होकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान मतगुवा की ओर से तेज रफ्तार में आ रहे ट्रक ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ई-रिक्शा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हादसे में सुमन आदिवासी (16 वर्ष), सोमवती आदिवासी (8 वर्ष) और भूरा आदिवासी (5 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई। तीनों एक ही परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं। वहीं हादसे में करंजू आदिवासी (41 वर्ष), कन्हैया आदिवासी (14 वर्ष), गेंदा आदिवासी (38 वर्ष) और अन्य लोग घायल हुए हैं। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    बताया गया है कि घायल किशन आदिवासी विजयपुरा सटई निवासी हैं, जो टैक्सी चालक और मृतकों के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। हादसे के बाद मृतकों के परिवार में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों ने सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

  • MP: धार भोजशाला परिसर के नीचे दबी है हनुमान प्रतिमा….! जाने क्या उठी नई मांग?

    MP: धार भोजशाला परिसर के नीचे दबी है हनुमान प्रतिमा….! जाने क्या उठी नई मांग?


    धार।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के धार (Dhar) स्थित भोजशाला परिसर (Bhojshala Complex) में श्रद्धालुओं के निःशुल्क प्रवेश की मांग को लेकर एक याचिकाकर्ता ने बुधवार को ASI (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) को आवेदन भेजा। वहीं, दूसरे याचिकाकर्ता ने अलग अर्जी में दावा किया कि इस मध्यकालीन स्मारक की जमीन के नीचे भगवान हनुमान और अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां दबी हो सकती हैं। ये ताजा आवेदन उन दो याचिकाकर्ताओं ने भेजे हैं, जिनकी ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करने के बाद मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (Madhya Pradesh High Court) की इंदौर पीठ ने इस ASI संरक्षित परिसर को 15 मई को वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर घोषित किया था।

    सामाजिक संगठन ‘हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस’ से जुड़े याचिकाकर्ता आशीष गोयल ने ASI को भेजे आवेदन में कहा कि श्रद्धालुओं को उपासना के अधिकार के तहत भोजशाला में निःशुल्क प्रवेश दिया जाना चाहिए। आवेदन में कहा गया कि ASI द्वारा श्रद्धालुओं से वर्तमान में लिया जा रहा एक रुपए का प्रवेश शुल्क बंद किया जाए क्योंकि इस वसूली से उच्च न्यायालय के आदेश की ‘अवहेलना’ हो रही है।


    भोजशाला में लगे इस्लामी प्रतीकों को हटाने की मांग

    आवेदन में भोजशाला परिसर की दक्षिण-पूर्व दिशा में स्थित बंद कमरे को तत्काल खोलने की मांग भी की गई है। याचिकाकर्ता का दावा है कि यह कमरा मूल मंदिर परिसर का हिस्सा है। आवेदन में यह भी कहा गया है कि चूंकि उच्च न्यायालय ने भोजशाला को वाग्देवी मंदिर घोषित कर दिया है, इसलिए परिसर में ‘अनाधिकृत रूप से लगाए गए’ इस्लामी प्रतीकों को हटाया जाना चाहिए।


    मुस्लिम प्रतीकों को किसी अन्य कमरे में रखने की मांग

    भोजशाला मामले के एक अन्य याचिकाकर्ता कुलदीप तिवारी ने भी केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय और ASI को भेजे अलग आवेदन में ऐसी ही मांग की और कहा कि इस्लामी प्रतीकों को मुस्लिम समुदाय के किसी भवन में सुरक्षित तौर पर रखा जाना चाहिए।


    याचिकाकर्ता का दावा- भोजशाला में दबी है हनुमान जी की मूर्ति

    तिवारी ने अपने आवेदन में दावा किया कि धार के लोगों की मान्यता है कि भोजशाला परिसर की जमीन के नीचे भगवान हनुमान और अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में सच का पता लगाने के लिए वैज्ञानिक तरीके से खुदाई करके इन मूर्तियों को बाहर निकाला जाना चाहिए और इन्हें परिसर में धार्मिक विधि-विधान के साथ स्थापित किया जाना चाहिए।


    पिछले शुक्रवार को आया था भोजशाला को लेकर ऐतिहासिक फैसला

    उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने 15 मई को अपने फैसले में भोजशाला परिसर की धार्मिक प्रकृति वाग्देवी (सरस्वती) मंदिर के रूप में निर्धारित की थी। साथ ही अदालत ने ASI के सात अप्रैल 2003 के उस आदेश को भी रद्द कर दिया था जिसमें मुस्लिम समुदाय को हर शुक्रवार इस परिसर में नमाज अदा करने की इजाजत दी गई थी। इस आदेश में हिंदुओं को केवल मंगलवार को स्मारक में पूजा-अर्चना की अनुमति दी गई थी।

  • MP: कॉल रिकॉर्ड खोलेंगे ट्विशा शर्मा की मौत का राज? 46 मोबाइल नंबर जांच के घेरे में

    MP: कॉल रिकॉर्ड खोलेंगे ट्विशा शर्मा की मौत का राज? 46 मोबाइल नंबर जांच के घेरे में


    भोपाल।
    भोपाल की ट्विशा शर्मा (Twisha Sharma) की मौत से जुड़े मामले में बुधवार को कई अहम घटनाएं सामने आईं. एक तरफ अदालत ने दोबारा पोस्टमार्टम (Post mortem) कराने की याचिका स्वीकार करने से इनकार कर दिया, वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के लिए औपचारिक पत्र भेजेगी.

    33 वर्षीय ट्विशा शर्मा मॉडलिंग और एक्टिंग से जुड़ी थीं, 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में स्थित अपने ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई थीं. परिजनों ने आरोप लगाया है कि विवाह के बाद से उन्हें दहेज को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था और मानसिक व शारीरिक रूप से परेशान किया जाता था.


    46 मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल सुरक्षित रखने की मांग

    इस बीच परिवार ने 46 मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन डाटा, व्हाट्सऐप और डिजिटल मेटाडाटा सुरक्षित रखने की भी मांग की है. इसमें परिवार, घरेलू कर्मचारी, ड्राइवर, करीबी सहयोगी और घटना से पहले व बाद में जुड़े लोगों के नंबर शामिल हैं.


    परिवार ने जांच पर उठाए सवाल

    ट्विशा के परिवार ने स्थानीय पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना वजह प्रशासनिक देरी से शव खराब हो सकता है और अहम फॉरेंसिक साक्ष्य नष्ट होने का खतरा है. परिवार ने आरोप लगाया कि जमानत पर बाहर मौजूद मुख्य आरोपी गिरिबाला सिंह ने न्यायिक कार्यालय परिसर का उपयोग कर मीडिया से बातचीत की और मृतका के खिलाफ बयान दिए.

    इस पर मृतका के पिता नवनीधि शर्मा ने मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई सी पटेल को संवैधानिक ज्ञापन सौंपकर गिरिबाला सिंह की अर्ध-न्यायिक पद पर भूमिका की समीक्षा की मांग की है.


    FIR और मेडिकल रिपोर्ट में क्या?

    परिवार ने कहा कि एफआईआर और प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ‘एंटीमॉर्टम हैंगिंग’ के साथ शरीर के अन्य हिस्सों पर कई चोटों का भी उल्लेख है. उनका कहना है कि इन तथ्यों ने परिवार के मन में मौत की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर गंभीर संदेह पैदा कर दिया है.


    पूर्व सैनिकों का प्रदर्शन

    इसी बीच भोपाल में 50 से अधिक पूर्व सैनिक मोटरसाइकिल रैली निकालकर ट्विशा शर्मा को न्याय दिलाने और मामले की जांच मध्य प्रदेश से बाहर कराने की मांग करते नजर आए. उल्लेखनीय है कि ट्विशा शर्मा के भाई भारतीय सेना में मेजर हैं।

  • MP: बैतूल के मुलताई और पाढुर्णा में महसूस किए गए 3.9 तीव्रता के भूकंप के झटके, दहशत में आए लोग

    MP: बैतूल के मुलताई और पाढुर्णा में महसूस किए गए 3.9 तीव्रता के भूकंप के झटके, दहशत में आए लोग


    बैतूल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बैतूल जिले (Betul district) में शनिवार रात को भूकम्प (Earthquake) के हल्के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल (Richter scale) पर जिनकी तीव्रता 3.9 मापी गई। इस बारे में नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) की तरफ से दी गई जानकारी में बताया गया कि, ये झटके रात 9 बजकर 31 मिनट व 2 सेकंड पर दर्ज किए गए। इस दौरान बैतूल के अलावा मुलताई (Multai), पांढुर्णा (Pandhurna) और आसपास के अन्य क्षेत्रों में धरती में कंपन महसूस किया गया। भूकंप के कारण कुछ देर के लिए लोगों में हल्की दहशत का माहौल बन गया।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार भूकंप का केंद्र बैतूल जिले में मुलताई के मानीखापा गांव के पास स्थित था। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, यह केंद्र पचमढ़ी से लगभग 68 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पूर्व दिशा में जमीन से करीब 10 किलोमीटर नीचे की तरफ था। हालांकि खबर लिखे जाने तक प्राप्त जानकारी के अनुसार इन झटकों की वजह से जिले में किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं थी।

    भूकंप की तीव्रता 3.9 रिक्टर स्केल होने के बाद भी केंद्र की गहराई कम होने के कारण धरती पर कंपन ज्यादा महसूस हुआ। इस दौरान मुलताई और पांढुर्णा सहित कई इलाकों में तो लोग डर की वजह से काफी देर तक घरों के बाहर खड़े रहे। इसके बाद लोगों ने एक-दूसरे को फोन कर जानकारी ली और सुरक्षा को लेकर उनका हालचाल जाना। हालांकि राहत की बात यह रही कि खबर लिखे जाने तक किसी प्रकार की जनहानि या बड़े नुकसान की कोई सूचना सामने नहीं आई थी।

    उधर प्रशासन ने भी भूकंप को लेकर लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सतर्क रहने की अपील की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र में हल्के कंपन महसूस हो रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मुख्य भूकंप के बाद आफ्टरशॉक्स की संभावना बनी रहती है। इसलिए प्रशासन ने लोगों को जर्जर भवनों से दूर रहने और सावधानी बरतने की सलाह दी है।


    उत्तराखंड के उत्तरकाशी में भी महसूस हुए भूकंप के झटके

    मध्य प्रदेश के अलावा उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद मुख्यालय क्षेत्र में भी शनिवार देर रात भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। भूकंप के कारण कुछ देर के लिए लोगों में हल्की दहशत का माहौल बन गया, हालांकि किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। जिला आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 2.4 मापी गई। भूकंप का केंद्र जिला मुख्यालय से उत्तर-पूर्व दिशा में करीब चार किलोमीटर दूर जमीन से पांच किलोमीटर नीचे स्थित था।

    प्रशासन के मुताबिक भूकंप के झटके केवल जिला मुख्यालय क्षेत्र तक सीमित रहे और जनपद की अन्य तहसीलों में इन्हें महसूस नहीं किया गया। राहत की बात यह रही कि कहीं से भी किसी प्रकार की क्षति की सूचना सामने नहीं आई है। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

  • MP: छतरपुर में नाबालिग को बस स्टैंड से उठा ले गए बदमाश… किया गैंगरेप, 10 हजार का इनाम घोषित

    MP: छतरपुर में नाबालिग को बस स्टैंड से उठा ले गए बदमाश… किया गैंगरेप, 10 हजार का इनाम घोषित


    छतरपुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छतरपुर (Chhatarpur) में एक 17 वर्षीय नाबालिग आदिवासी लड़की (Minor Tribal Girl) के साथ गैंगरेप का दर्दनाक मामला सामने आया है। शुक्रवार की रात बस स्टैंड पर जब पीड़िता होटल ढूंढ रही थी तब दो युवकों ने उसके साथ मारपीट की और जबरन स्कूटी पर बैठाकर एक कमरे में ले गए। वहां पहले से मौजूद एक अन्य साथी के साथ मिलकर तीनों आरोपियों ने लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और फिर मारपीट कर फरार हो गए। सुबह पीड़िता की शिकायत पर पुलिस तुरंत हरकत में आई। आरोपियों को पकड़ने के लिए 10 टीमें बनाई गई हैं। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। आरोपियों पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है।


    रात 12 बजे की घटना

    जानकारी के मुताबिक, यह घटना रात के करीब 12 बजे की है। लड़की अपने किसी जानने वाले के साथ बस स्टैंड आई थी। जब वह व्यक्ति चला गया तो लड़की रात गुजारने के लिए किसी होटल या लॉज को ढूंढने लगी। इसी बीच 2 लड़के वहां आए।


    लड़की के साथ मारपीट, किया अगवा; गैंगरेप

    आरोपी लड़कों ने लड़की के साथ मारपीट की और उसे जबरदस्ती अपनी स्कूटी पर बैठाकर एक कमरे में ले गए। उस कमरे में पहले से ही एक और लड़का मौजूद था। वहां इन तीनों ने मिलकर नाबालिग लड़की के साथ बारी-बारी से सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपी लड़की को पीटकर वहां से भाग गए।


    पुलिस ने आरोपियों को दबोचने के लिए बनाई 10 टीमें

    सुबह होते ही पीड़िता पुलिस के पास पहुंची और पूरी वारदात की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई। छतरपुर के सीएसपी अरुण सोनी ने बताया कि आरोपियों ने लड़की का विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की थी। पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों को पकड़ने के लिए एसपी के निर्देश पर 10 अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं जो लगातार छापेमारी कर रही हैं।


    सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस, आरोपियों पर घोषित किया इनाम

    पुलिस बस स्टैंड के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और वहां मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस ने तीनों आरोपियों की सूचना देने वालों के लिए ईनाम घोषित किया है। आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम रखा गया है। दावा किया है कि उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर इलाके में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • MP: देवास ब्लास्ट में गई 5 की जान, धूल का काम बताकर बिहार से बुलाए गए थे मजदूर

    MP: देवास ब्लास्ट में गई 5 की जान, धूल का काम बताकर बिहार से बुलाए गए थे मजदूर


    देवास।
    आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे (Agra-Mumbai National Highway) पर स्थित टोंककला इलाके की एक पटाखा फैक्ट्री (Firecracker factory) गुरुवार सुबह 11 बजे खंडहर में तब्दील हो गई. एक जोरदार धमाके के साथ उठी आग की लपटों ने वहाँ काम कर रहे दर्जनों मजदूरों को अपनी चपेट में ले लिया. हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फैक्ट्री की छत उड़ गई और घटनास्थल पर मानव अंग बिखरे पड़े मिले।

    शुरुआत में तीन मजदूरों की मौत की खबर आई थी, लेकिन देर रात अमलतास हॉस्पिटल में भर्ती दो और मजदूरों अमर और गुड्डू ने दम तोड़ दिया. दोनों 99% तक झुलस चुके थे. अस्पताल में भर्ती 25 अन्य घायलों का उपचार जारी है, जिनमें से कई की हालत नाजुक बनी हुई है।


    आरोपी पर NSA और 4 के खिलाफ FIR

    जिलाधिकारी ऋतुराज सिंह ने फैक्ट्री संचालक अनिल मालवीय के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए ‘राष्ट्रीय सुरक्षा कानून’ (NSA) लगाया है. पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट के अनुसार, लाइसेंस की शर्तों का घोर उल्लंघन किया गया था. टोंकखुर्द थाना पुलिस ने मामले में कुल 4 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है।


    ‘धूल का काम’ बताकर बिहार से लाए गए थे मजदूर

    हादसे में जीवित बचे बिहार के मजदूर नवीन कुमार ने रोंगटे खड़े कर देने वाली आपबीती सुनाई. नवीन ने एक न्यूज एजेंसी को बताया, ”मजदूरों को 14000 रुपये महीने की तनख्वाह पर यह कहकर लाया गया था कि उन्हें केवल धूल से जुड़ा काम करना होगा, लेकिन उन्हें बारूद के साथ 25×25 के छोटे कमरे में झोंक दिया गया।

    नवीन ने धुएं और मलबे के बीच से अपने भाई निरंजन को जलते हुए बाहर निकाला. उन्होंने आरोप लगाया कि फैक्ट्री में आग बुझाने का कोई इंतजाम नहीं था.


    भीषण गर्मी बनी धमाके की वजह?

    मजदूरों का आरोप है कि भीषण गर्मी के बावजूद बारूद वाले कमरे में पानी का छिड़काव नहीं किया गया. गौरतलब है कि देवास समेत पश्चिमी मध्य प्रदेश इस समय ‘हीट ज़ोन’ में है. केंद्रीय संगठन (PESO) और फोरेंसिक टीमें अब इस बात की तकनीकी जांच कर रही हैं कि क्या अत्यधिक तापमान के कारण बारूद में स्वतः स्फोट हुआ।

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये की सहायता और घायलों के मुफ्त इलाज का ऐलान किया है. उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना.


    विपक्ष का हमला

    कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने घटनास्थल का दौरा कर सरकार पर ‘बारूद माफिया’ को संरक्षण देने का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि कृषि गोदामों में अवैध रूप से पटाखे जमा थे और कलेक्टर को निलंबित करने की मांग की।


    लाइसेंस पर सवाल

    जांच में सामने आया कि अनिल मालवीय को दिसंबर 2025 तक के लिए दो लाइसेंस जारी किए गए थे, जिनका हाल ही में 6 मई को नवीनीकरण हुआ था. प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि रिहायशी इलाके के पास इतनी खतरनाक यूनिट को अनुमति कैसे मिली.


    दिल्ली से सीधे इंदौर पहुंचे मुख्यमंत्री

    CM मोहन यादव ने नई दिल्ली से इंदौर पहुंचकर अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती घायलों से भेंट की. मुख्यमंत्री ने सर्वप्रथम एयरपोर्ट से चोइथराम हॉस्पिटल पहुंचकर देवास के हादसे के कारण घायल हुए नागरिकों से मुलाकात की और उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों को जरूरी निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने एमवाय अस्पताल में दाखिल घायलों से भी मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य का हालचाल जाना. CM यादव ने सभी घायलों के समुचित उपचार के निर्देश चिकित्सा अधिकारियों को दिए. इस अवसर पर अन्य जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।

    बता दें कि गुरुवार दोपहर इस हादसे की जानकारी मिलते होते ही सीएम यादव ने देवास जिला प्रशासन को हादसे से प्रभावित नागरिकों की हर संभव सहायता के निर्देश दिए थे. इसके साथ ही CM ने दिवंगत नागरिकों के परिजन को मध्यप्रदेश शासन की ओर से 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने और घायलों का निःशुल्क इलाज करने का ऐलान किया।

  • MP: पूर्व CM दिग्विजय सिंह बोले- मेरा मॉडल कर रही लागू मोदी सरकार….. इसके लिए धन्यावाद!

    MP: पूर्व CM दिग्विजय सिंह बोले- मेरा मॉडल कर रही लागू मोदी सरकार….. इसके लिए धन्यावाद!


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश ( Madhya Pradesh) के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Former Chief Minister Digvijay Singh) ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार (Central government) पर अपनी सरकार के फैसले को अपनाने का जिक्र किया और बताया कि मोदी सरकार (Modi government) उनके मुख्यमंत्री काल के ‘पालक-शिक्षक संघ’ (Parent-Teacher Association- PTA) मॉडल को देश के 15 लाख सरकारी स्कूलों में लागू करने जा रही है। उन्होंने बताया कि यह फैसला उन्होंने साल 1993 से 2003 के बीच मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री रहने के दौरान लिया था। खास बात यह है कि इसके लिए उन्होंने केंद्र सरकार को धन्यवाद भी दिया। इस दौरान उन्होंने पूरे देश में लाखों सरकारी स्कूलों को बंद करने के फैसले पर भी आपत्ति जताई।

    इस बारे में ‘एक्स’ पर शेयर की अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, ‘मेरे मुख्यमंत्री काल का पालक शिक्षक संघ (PTA) का मॉडल जिसे अब केंद्र सरकार 15 लाख सरकारी स्कूलों में लागू करने जा रही हैं। धन्यवाद। मेरे मुख्यमंत्री कार्यकाल 1993-2003 में मध्य प्रदेश ने शिक्षा के क्षेत्र में जो उल्लेखनीय उपलब्धि में हासिल की थी मुझे उस पर गर्व है। अब BJP सरकार मेरे मॉडल को स्वीकार कर लागू कर रही है मुझे प्रसन्नता है। देर से आए दुरुस्त आए। ‘


    सरकारी स्कूल बंद करने के फैसले पर जताई आपत्ति

    आगे उन्होंने केंद्र सरकार के एक फैसले पर आपत्ति जताते हुए कहा कि, ‘देश के शासकीय स्कूलों में सुधार आवश्यक है। पूरे देश में लाखों शासकीय स्कूल बंद किए जा रहे हैं। ये उचित नहीं है। अब शासकीय स्कूलों में वही बच्चे पढ़ रहे हैं जो निजी स्कूलों में फीस नहीं दे पा रहे हैं। शासकीय स्कूलों में छात्रों के पालकों को व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी जाना चाहिए। इन शासकीय स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार आवश्यक है। जय सिया राम।’


    पोस्ट के साथ शेयर किया कार्यकर्ता की पोस्ट का लिंक

    अपनी पोस्ट के साथ दिग्विजय सिंह ने अपनी पार्टी के एक कार्यकर्ता की पोस्ट का लिंक भी शेयर किया था, जिसमें उसने केंद्र सरकार के फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि, ‘पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद श्री दिग्विजय सिंह जी का पालक-शिक्षक संघ (PTA) का वो मॉडल जिसे केंद्र सरकार 15 लाख सरकारी स्कूलों में लागू करने जा रही हैं। मध्य प्रदेश ने शिक्षा के क्षेत्र में जो उल्लेखनीय उपलब्धि आदरणीय दिग्विजय सिंह जी के 10 वर्षीय मुख्यमंत्री काल 1993-2003 में हासिल की, ये अभूतपूर्व हैं।’ अपनी पोस्ट के अंत में उस शख्स ने बताया कि ‘दिग्विजय सिंह जी वर्तमान में शिक्षा, महिला, बाल और खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष हैं।’


    शिक्षक-पालक संघ खुद लेगा इतने लाख रुपए तक के फैसले

    पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने जिस कार्यकर्ता की पोस्ट के लिंक को शेयर किया, उसने इस खबर से जुड़ा एक न्यूज आर्टिकल भी शेयर किया था, जिसमें केंद्र सरकार के इस फैसले की जानकारी दी गई थी। इसमें बताया गया कि ‘देश के लगभग 15 लाख स्कूलों का प्रबंधन अब सीधे तौर पर अभिभावकों के हाथों में होगा। नए नियमों के मुताबिक, स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (SMC) को 30 लाख रुपए तक के निर्माण कार्य बिना लोक निर्माण विभाग की मंजूरी के खुद कराने की वित्तीय शक्ति दी गई है। शिक्षा मंत्रालय ने इन सुधारों को नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 और शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) 2009 के तहत अंतिम रूप दिया है, जिससे अब स्कूल केवल सरकारी संस्थान न रहकर ‘सामुदायिक संपत्ति’ के रूप में विकसित होंगे।’

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    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने गुरुवार को मध्य प्रदेश टेक्स्ट बुक कॉर्पोरेशन (Madhya Pradesh Text Book Corporation) के नवनियुक्त अध्यक्ष सौभाग्य सिंह (Saubhagya Singh) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह नोटिस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से सादगी बरतने की अपील के बावजूद 200 गाड़ियों की एक जश्न वाली रैली निकालने के लिए दिया गया है।

    अधिकारियों ने बताया कि नोटिस का जवाब मिलने तक सौभाग्य सिंह पर अपने ऑफिस में प्रवेश, सरकारी वाहनों और अन्य सुविधाओं का इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी गई है। उन्होंने आगे बताया कि जांच पूरी होने तक उन्हें सौंपी गई सभी प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियां तत्काल प्रभाव से खत्म कर दी गई हैं।

    उन्होंने कहा, ”मुख्यमंत्री कार्यालय ने मितव्ययिता उपायों के घोर उल्लंघन का संज्ञान लिया है। सरकार ने वाहन रैली को अनावश्यक और सरकार की सादगी की नीति के खिलाफ माना है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि दिखावा और अनुशासनहीनता बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”


    भाजपा नेता ने सैकड़ों गाड़ियों संग रैली निकाली, पार्टी ने पद से हटाया

    ऐसे ही एक मामले में सैकड़ों गाड़ियों के साथ रैली निकालने के आरोप में भाजपा ने मध्य प्रदेश के भिंड जिले के किसान मोर्चा अध्यक्ष को पद से हटा दिया है। पार्टी पदाधिकारियों के अनुसार, हाल ही में इस पद पर नियुक्त किए गए सज्जन सिंह यादव को मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के आदेश पर पद से हटाया गया है। बताया गया कि सज्जन सिंह यादव के किसान मोर्चा अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालने के अवसर पर बुधवार को भिंड शहर में एक रैली आयोजित की गई थी, जिसमें सैकड़ों वाहन शामिल हुए थे। भिंड शहर भोपाल से लगभग 500 किलोमीटर दूर है।

    भाजपा ने यादव को जारी पत्र में कहा कि उनका यह आचरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाओ अपील के विपरीत है और गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।


    नियुक्ति निरस्त की गई

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा, “यादव की नियुक्ति अनुशासनहीनता और ईंधन बचत एवं मितव्ययिता के उपायों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बार-बार की गई अपील का पालन नहीं करने के कारण निरस्त कर दी गई है।”

    गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को पेट्रोल और डीजल की खपत को कम करने, शहरों में अधिक से अधिक मेट्रो रेल सेवाओं का उपयोग करने, कारपूलिंग, इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने, पार्सल आवाजाही के लिए रेलवे सेवाओं का उपयोग करने और विदेशी मुद्रा बचाने के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ करने जैसे उपायों को प्रोत्साहित करने की अपील की थी।