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  • मप्रः मुख्यमंत्री ने जनजातीय परिवार के घर किया भोजन, बहनों से बंधवाई राखी

    मप्रः मुख्यमंत्री ने जनजातीय परिवार के घर किया भोजन, बहनों से बंधवाई राखी


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को झाबुआ जिले के थांदला में जनजातीय समुदाय के बसंत सिंह बामनिया के घर पहुंचकर उनके परिवार के साथ समय बिताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवार के सदस्यों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने जनजातीय बहनों से सावन मास में रक्षाबंधन से पूर्व राखी बंधवाई तथा बच्चों को स्नेह-दुलार देकर उन्हें अपनेपन का एहसास कराया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव थांदला में आयोजित प्रदेश स्तरीय स्व-सहायता समूहों के क्षमतावर्धन एवं ऋण वितरण कार्यक्रम में होंगे शामिल होने के लिए पहुंचे थे। उनके साथ प्रभारी मंत्री विजय शाह और निर्मला भूरिया तथा सांसद अनिता नागर सिंह चौहान भी उपस्थित रहीं। सभी अतिथियों ने परिवार के बीच बैठकर उनके साथ भोजन ग्रहण किया।

    गोदड़ी पर बैठकर पत्तल में किया भोजन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामान्य जन की तरह गोदड़ी पर बैठकर पत्तल में भोजन किया। मिट्टी और गारे से बने सादे घर के आंगन में परिवार के बीच बैठकर उन्होंने आत्मीय वातावरण में भोजन ग्रहण किया। परिवार की महिलाओं ने अपने हाथों से पारंपरिक जनजातीय व्यंजन बड़े प्रेम और आत्मीयता के साथ परोसे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से उड़द की दाल-पानिया का स्वाद लिया तथा भोजन की सराहना करते हुए परिवार द्वारा दिये गये प्रेम और सम्मान का आभार जताया।

    बहनों ने बांधी राखी, मुख्यमंत्री ने दिया स्नेह और सम्मान

    मुख्यमंत्री डॉ.यादव की कलाई पर जनजातीय समुदाय की बहनों ने राखी बांधकर उनके मंगलमय जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों को शुभकामनाएं दीं।


    लाड़ली बहनों और लाड़ली लक्ष्मी बेटियों से मिले

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवार की लाड़ली बहनों और लाड़ली लक्ष्मी बेटियों से हालचाल जाना तथा उनसे अपनत्व भरी बातचीत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा हर परिवार की खुशहाली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवार के बच्चों से भी बड़े स्नेहपूर्वक मुलाकात की। बच्चों के साथ सहज बातचीत करते हुए उन्होंने उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने नन्हे शिवांश को स्नेहपूर्वक दुलारा।

    जनजातीय परिवार से किया आत्मीय संवाद

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोजन के बाद परिवार के सदस्यों से चर्चा की। उन्होंने जनजातीय समाज की परंपराओं, आजीविका, शिक्षा, बच्चों के भविष्य तथा शासन की योजनाओं से मिलने वाले लाभों के संबंध में जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपराएं और जीवन-मूल्य मध्यप्रदेश की अमूल्य धरोहर हैं। राज्य सरकार उनके सर्वांगीण विकास और सम्मान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री आवास योजना से मिला पक्का घर, फिर भी परंपरा और बुजुर्गों की स्मृतियों से जुड़ा है परिवार
    बसंत सिंह बामनिया ने बताया कि उन्हें पीएम आवास योजना के अंतर्गत सभी मूलभूत सुविधाओं से युक्त पक्का आवास प्राप्त हो चुका है। परिवार आज भी अपने पुराने गारे-मिट्टी के घर में रहना पसंद करता है। उनका कहना है कि यह घर केवल एक मकान नहीं, बल्कि परिवार की कई पीढ़ियों की यादों, परंपराओं और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। बुजुर्गों की स्मृतियों को संजोए इस घर से उनका विशेष लगाव है। साथ ही, उनका मानना है कि मिट्टी के घर का प्राकृतिक और शुद्ध वातावरण आज भी उन्हें आत्मीय सुकून और अपनापन प्रदान करता है। इसलिए परिवार के साथ यहां भी रहते है। श्री बसंत मप्र शासन की संबल योजना के भी हितग्राही है।

  • MP: पन्ना के जिला अस्पताल में एक माह में 22 बच्चों की मौत! स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप

    MP: पन्ना के जिला अस्पताल में एक माह में 22 बच्चों की मौत! स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप


    पन्ना।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के पन्ना जिला अस्पताल (Panna District Hospital) एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। यहां नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई यानी एसएनसीयू (Special Newborn Care Unit – SNCU) में पिछले एक महीने के दौरान जन्म से लेकर एक वर्ष तक की उम्र के 22 मासूम बच्चों की मौत ने हड़कंप मचा दिया है। लगातार हो रही इन मौतों के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं, इलाज की गुणवत्ता और जिम्मेदारी को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी स्वयं जिला अस्पताल पहुंचे और एसएनसीयू वार्ड का निरीक्षण किया।

    पन्ना जिला चिकित्सालय की एसएनसीयू यूनिट, जहां गंभीर रूप से बीमार नवजात और छोटे बच्चों का इलाज किया जाता है, इन दिनों चर्चा का केंद्र बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले एक माह में यहां 22 बच्चों की मौत हुई है। यह संख्या सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। लगातार हो रही मौतों ने परिजनों की चिंता भी बढ़ा दी है।


    सीएमएचओ खुद पहुंचे

    स्थिति का जायजा लेने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी राजेश प्रसाद तिवारी जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने एसएनसीयू वार्ड का निरीक्षण किया और डॉक्टरों व स्टाफ से उपचार व्यवस्था, उपलब्ध संसाधनों, दवाइयों, उपकरणों तथा स्टाफ की स्थिति की जानकारी ली। साथ ही सभी मामलों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश भी दिए।


    स्वास्थ्य विभाग की अलग दलील

    सीएमएचओ राजेश प्रसाद तिवारी का कहना है कि एसएनसीयू में भर्ती होने वाले अधिकांश बच्चे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के साथ रेफर होकर आते हैं। सभी मामलों की जांच की जा रही है और प्रत्येक मौत के कारणों की विस्तृत समीक्षा के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं दूसरी ओर परिजनों का कहना है कि अस्पताल में बेहतर इलाज और पर्याप्त सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


    वो सवाल जिनके जवाब का हर किसी को इंतजार

    अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर एक महीने में 22 मासूमों की मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या हैं? क्या सभी मौतें केवल गंभीर चिकित्सकीय स्थितियों के कारण हुईं या फिर अस्पताल की व्यवस्थाओं में भी कहीं कोई कमी रही? इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मामले की समीक्षा शुरू कर दी है और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

  • MP: धार में भोजशाला परिसर के सटी जमीन पर आज होगी जुमे की नमाज…. SC ने तय की जगह

    MP: धार में भोजशाला परिसर के सटी जमीन पर आज होगी जुमे की नमाज…. SC ने तय की जगह


    धार।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के धार स्थित भोजशाला (Bhojshala)-कमाल मौला मस्जिद (Kamal Maula Mosque) विवाद में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मुस्लिम पक्ष को शुक्रवार की नमाज के लिए वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी राज्य की संवैधानिक जिम्मेदारी है।


    भोजशाला विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने क्या निर्देश दिया?

    सुप्रीम कोर्ट ने अपने पहले दिए गए अंतरिम आदेश को स्पष्ट करते हुए मुस्लिम समाज के लोगों के लिए नमाज अदा करने का स्थान तय कर दिया। अब शुक्रवार को जुमे की नमाज भोजशाला परिसर से सटी दरगाह की जमीन पर अदा की जाएगी। यहां हर शुक्रवार दोपहर के समय दो घंटे तक नमाज पढ़ी जा सकेगी।


    मुस्लिम पक्ष की शिकायत पर कोर्ट ने क्या कहा?

    मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने यह निर्देश मुस्लिम पक्ष की उस शिकायत पर दिया, जिसमें कहा गया था कि प्रशासन भोजशाला के निकट स्थित वैकल्पिक स्थलों पर नमाज की अनुमति नहीं दे रहा है। केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के.एम. नटराज ने कहा कि राज्य किसी भी पक्ष के अधिकारों की प्रतिस्पर्धा में नहीं पड़ना चाहता और उसकी प्राथमिकता केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। इस पर न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची ने कहा कि धार्मिक अधिकारों की रक्षा करना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना, दोनों राज्य की संवैधानिक जिम्मेदारी हैं।


    प्रशासन ने क्या तैयारियां की हैं?

    जिला प्रशासन ने तय स्थान पर सफाई और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। शुक्रवार को एएसपी, सीएसपी, डीएसपी और एसडीओपी स्तर के अधिकारियों सहित करीब 350 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। नगर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस की मोबाइल बाइक टीमें लगातार गश्त करेंगी।

  • मप्र में किसान आंदोन के बीच मूंग खरीदी का लक्ष्य बढ़ाने की मांग, कृषि मंत्री ने शिवराज सिंह को लिखा पत्र

    मप्र में किसान आंदोन के बीच मूंग खरीदी का लक्ष्य बढ़ाने की मांग, कृषि मंत्री ने शिवराज सिंह को लिखा पत्र


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में किसानों के आंदोलन के बीच ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी का लक्ष्य बढ़ाने की मांग तेज हो गई है। प्रदेश के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने मंगलवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर प्रदेश के लिए तय मूंग खरीदी के लक्ष्य को 4.54 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 8.06 लाख मीट्रिक टन करने का अनुरोध किया है।

    कृषि मंत्री कंषाना ने अपने पत्र में लिखा है कि प्रदेश सरकार ने 14 मई और 3 जुलाई 2026 को ग्रीष्मकालीन मूंग उपार्जन के लिए केंद्र सरकार को 8.06 लाख मीट्रिक टन खरीदी का प्रस्ताव भेजा था। इसके मुकाबले केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश के लिए 4.54 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया है।

    उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग का रकबा करीब 14.30 लाख हेक्टेयर है। अनुमानित उत्पादकता 1410 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर के आधार पर कुल उत्पादन करीब 20.16 लाख मीट्रिक टन होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कुल उत्पादन का 40 प्रतिशत यानी 8.06 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदी का लक्ष्य निर्धारित किया जाना चाहिए।

    कृषि मंत्री के अनुसार, पिछले वर्ष केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश के लिए 4.19 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदी का लक्ष्य तय किया था, जबकि प्रदेश में वास्तविक खरीदी 7.72 लाख मीट्रिक टन तक पहुंची थी। इस वर्ष मूंग उपार्जन का लाभ लेने के लिए 3.47 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है, लेकिन अब तक करीब 82 हजार किसानों से ही खरीदी हो सकी है।

    उन्होंने कहा कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का अधिकतम लाभ दिलाने और उन्हें भविष्य में दलहन उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने के लिए खरीदी सीमा बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने केंद्र से राष्ट्रीय स्तर पर तय लक्ष्य में अन्य मूंग उत्पादक राज्यों की बचत मात्रा का हिस्सा मध्यप्रदेश को देने की मांग की है।

    इससे पहले मध्य प्रदेश सरकार की मूंग खरीदी सीमा बढ़ाने की मांग पर केंद्र सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने पहले जवाब दिया था कि ग्रीष्मकालीन सीजन 2025-26 में देशभर के लिए मंजूर 5.23 लाख मीट्रिक टन मूंग में से 4.54 लाख मीट्रिक टन यानी करीब 87 प्रतिशत मात्रा मध्य प्रदेश को दी गई है। केंद्र का कहना है कि यह प्रदेश को अब तक दिया गया सबसे बड़ा मूंग खरीदी कोटा है। पीएम-आशा योजना के तहत किसानों को एमएसपी का लाभ दिलाने के लिए केंद्र सरकार लगातार सहयोग कर रही है। इससे पहले वर्ष 2024-25 में मध्य प्रदेश में 4.19 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदी को मंजूरी दी गई थी।

    भोपाल में बीच सड़क पर डटे हजारों किसान, बुधवार को सीएम हाउस कूच

    इधर, प्रदेश में मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी की मांग को लेकर करीब दो हजार किसान भोपाल पहुंच गए हैं और होशंगाबाद रोड पर डटे हुए हैं। मुख्यमंत्री आवास घेरने जा रहे किसानों को मंगलवार शाम को पुलिस ने काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च- एडवांस मैटेरियल एंड प्रोसेसेज रिसर्च इंस्टीट्यूट के सामने रोक दिया, जिसके बाद वे सड़क पर ही बैठ गए।

    किसान नेताओं ने ऐलान किया है कि वे रात सड़क पर ही गुजारेंगे और बुधवार सुबह मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करेंगे। उनका कहना है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, एडिशनल एसपी अनिल शर्मा ने कहा कि किसानों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और यह किसानों का आखिरी पॉइंट तय किया गया है।

    संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में प्रदेश के 19 किसान संगठन इस आंदोलन में शामिल हैं। सोमवार को बरखेड़ा से शुरू हुई किसान क्रांति पैदल यात्रा मंगलवार को औबेदुल्लागंज, मंडीदीप और 11 मील होते हुए भोपाल पहुंची। रास्ते में कई जगह पुलिस ने किसानों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन किसान बैरिकेडिंग हटाते हुए आगे बढ़ते रहे।

    भोपाल में प्रवेश के बाद किसान हाथों में तिरंगा लेकर आगे बढ़े। इस दौरान वे लगातार ‘जय जवान-जय किसान’ के नारे लगाते रहे। किसानों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों का काफिला भी शहर में आगे बढ़ता रहा, लेकिन 11 मील बायपास पर पुलिस और किसानों के बीच बैरिकेडिंग को लेकर धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए बैरिकेड लगाए थे, लेकिन किसान बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ गए। इसके बाद किसान 11 मील से मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच कर गए। किसानों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहन भी चल रहे थे।

    भोपाल कूच में शामिल किसान लंबी लड़ाई की तैयारी के साथ पहुंचे हैं। वे ट्रैक्टर-ट्रॉली में सात दिन का राशन और पानी लेकर आए हैं। कई किसान दाल-बाटी भी बनाकर साथ लाए हैं। किसानों का कहना है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा और वे किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं।

    मुख्यमंत्री ने अफसरों और कृषि मंत्री के साथ की बैठक

    किसान आंदोलन को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार देश शाम अपने निवास पर अधिकारियों और कृषि मंत्री के साथ बैठक की। बैठक में किसानों की मांगों और आंदोलन की स्थिति को लेकर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और जरूरी व्यवस्थाओं को लेकर निर्देश दिए।

  • मप्र में आठ आईएएस अधिकारियों का तबादला, चार जिलों के कलेक्टर बदले

    मप्र में आठ आईएएस अधिकारियों का तबादला, चार जिलों के कलेक्टर बदले


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के आठ अधिकारियों का तबादला करते हुए उनकी नवी पदस्थापना की है। इनमें चार जिलों के कलेक्टर बदले गए हैं। इस संबंध में मंगलवार शाम को सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किए हैं।

    जारी आदेश के अनुसार, बड़ा फेरबदल 2016 बैच की आईएएस अधिकारी मिशा सिंह की पोस्टिंग को लेकर किया गया है। दो दिन पहले जारी तबादला सूची में उन्हें शहडोल कलेक्टर बनाया गया था, लेकिन अब संशोधित आदेश में उनकी पोस्टिंग नगरीय विकास एवं आवास विभाग भोपाल में अपर आयुक्त के पद पर कर दी है। मिशा सिंह प्रेग्नेंट हैं, इसी वजह से उन्होंने भोपाल या इंदौर में पदस्थापना का अनुरोध किया था।

    इसके साथ ही पार्थ जायसवाल को छतरपुर से शहडोल कलेक्टर, मृणाल मीणा को बालाघाट से छतरपुर कलेक्टर और ग्वालियर के अपर कलेक्टर कुमार सत्यम को बालाघाट का कलेक्टर बनाया गया है। अदिति गर्ग को मंदसौर कलेक्टर पद से हटाकर परियोजना संचालक, मध्य प्रदेश स्किल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट और मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ), राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड बनाया गया है।

    इसके अलावा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर सचिव दिनेश जैन को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में उप आयुक्त-सह-संचालक बनाया गया है। वहीं गिरीश शर्मा को अपर सचिव, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के उप सचिव अंकित अस्थाना को उप सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग के साथ संचालक कर्मचारी चयन मंडल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

    तबादला आदेश के मुताबिक, स्वरोचिष सोमवंशी को आगामी आदेश तक आयुक्त, आर्थिक एवं सांख्यिकी के साथ सचिव, राज्य योजना आयोग तथा संचालक, अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। इससे पहले इस संस्थान के संचालक का अतिरिक्त प्रभार मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक ऋषि गर्ग के पास था।

  • MP: मंदसौर में फसल बीमा राशि बहुत कम मिलने से किसानों में आक्रोश… किया प्रदर्शन

    MP: मंदसौर में फसल बीमा राशि बहुत कम मिलने से किसानों में आक्रोश… किया प्रदर्शन


    मंदसौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मंदसौर जिले (Mandsaur district) की दलौदा तहसील में सोमवार शाम खरीफ 2025 की फसल बीमा राशि (Crop Insurance Amount) को लेकर किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि उन्हें फसल नुकसान के बदले मात्र 55 से 60 रुपए प्रति बीघा तक की बीमा राशि मिली है, जो बेहद कम है। सैकड़ों किसानों ने तहसील कार्यालय पहुंचकर बीमा कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की और मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।

    किसानों ने बताया कि उन्हें फसल नुकसान के बाद उचित मुआवजे की उम्मीद थी, लेकिन इतनी कम राशि मिलने से वे ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने बीमा कंपनी के अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए बीमा राशि का दोबारा मूल्यांकन कर उचित भुगतान करने की मांग की।

    प्रदर्शन के दौरान ग्राम बेहपुर के किसानों ने एक अलग ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदसौर जिले के अधिकांश गांवों में खरीफ 2025 की फसल बीमा राशि वितरित हो चुकी है, लेकिन बेहपुर के किसानों को अब तक कोई राशि नहीं मिली है।

    बेहपुर के किसानों के अनुसार, वर्ष 2025 में उनके गांव में खरीफ फसल को भारी नुकसान हुआ था। उनके आसपास के गांवों के किसानों को बीमा राशि मिल गई है, लेकिन बेहपुर के किसानों को इस लाभ से वंचित रखा गया है, जिससे उनमें गहरा आक्रोश है।

    मुख्यमंत्री के नाम दिए गए ज्ञापन में किसानों ने मांग की है कि बीमा कंपनी को निर्देश दिए जाएं कि ग्राम बेहपुर सहित जिन किसानों को अब तक फसल बीमा राशि नहीं मिली है, उन्हें जल्द से जल्द पात्रता के अनुसार भुगतान किया जाए। साथ ही, जिन किसानों को बेहद कम राशि मिली है, उनके मामलों की पुनः जांच कर उचित मुआवजा दिया जाए। इस संबंध में तहसीलदार बृजेश मालवीय ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनके ज्ञापन को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।

  • MP: भोपाल के बुजुर्ग से शेयर मार्केट में मुनाफे का झांसा देकर 3.91 करोड़ रुपये की साइबर ठगी

    MP: भोपाल के बुजुर्ग से शेयर मार्केट में मुनाफे का झांसा देकर 3.91 करोड़ रुपये की साइबर ठगी


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) के चूना भट्टी इलाके में रहने वाले 67 वर्षीय बुजुर्ग साइबर ठगों (Cyber ​​Fraudsters) के ऐसे जाल में फंस गए कि उन्होंने करीब 3.91 करोड़ रुपये गंवा दिए। आरोपियों ने शेयर बाजार (Stock Market) और आईपीओ (IPO) में कई गुना मुनाफे का लालच देकर पहले भरोसा कायम किया और फिर अलग-अलग बैंक खातों से रकम ट्रांसफर करा ली। ठगों ने इसके लिए फेसबुक विज्ञापन, फर्जी ट्रेडिंग ऐप और नकली सेबी पंजीयन प्रमाण पत्र का इस्तेमाल किया।


    फेसबुक विज्ञापन से शुरू हुआ संपर्क

    पीड़ित के मुताबिक, 29 मई को फेसबुक मैसेज के जरिए एक विज्ञापन का लिंक उनके पास पहुंचा था। इसके बाद ‘अनन्या कुलकर्णी’ नाम की युवती ने उन्हें फोन किया। उसने खुद को फिनसोल सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड की अधिकारी बताया। युवती ने बुजुर्ग को ‘सारथी प्लान’ के जरिए निवेश करने की सलाह दी और कई सौ गुना तक मुनाफा होने का दावा किया। बातों पर भरोसा होने के बाद बुजुर्ग ने निवेश शुरू कर दिया। आरोपियों ने उन्हें एक फर्जी ट्रेडिंग ऐप पर निवेश और मुनाफे की जानकारी दिखाई, जिससे उन्हें लगा कि उनका पैसा तेजी से बढ़ रहा है।


    11 जून से 9 जुलाई तक ट्रांसफर किए करोड़ों

    पुलिस को दी शिकायत के अनुसार, बुजुर्ग ने 11 जून से 9 जुलाई के बीच अपने अलग-अलग बैंक खातों से आरटीजीएस और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए आरोपियों को करीब 3 करोड़ 91 लाख रुपये भेजे। ठग लगातार निवेश पर भारी रिटर्न मिलने का भरोसा दिलाते रहे। ठगी का सबसे बड़ा संकेत तब मिला, जब फर्जी ऐप पर पीड़ित के निवेश खाते में 62 अरब 31 करोड़ रुपये की रकम दिखाई गई। इतनी बड़ी रकम देखकर उन्हें लगा कि उनका निवेश जबरदस्त मुनाफे में पहुंच गया है।


    रकम निकालने के लिए मांगा 20 फीसदी टैक्स

    जब बुजुर्ग ने ऐप में दिखाई जा रही रकम निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने नया बहाना बना दिया। उनसे कहा गया कि रकम निकालने से पहले कुल राशि का 20 फीसदी टैक्स या प्रोसेसिंग फीस जमा करनी होगी। रकम निकालने में असफल रहने और लगातार अतिरिक्त पैसे मांगे जाने पर बुजुर्ग को संदेह हुआ। इसके बाद उन्हें अपने साथ हुई साइबर ठगी का पता चला। उन्होंने मामले की शिकायत साइबर पुलिस में दर्ज कराई।


    फर्जी दस्तावेजों से बनाया भरोसा

    प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, ठगों ने बुजुर्ग का भरोसा जीतने के लिए फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के साथ नकली सेबी पंजीयन प्रमाण पत्र का भी इस्तेमाल किया। निवेश को वैध दिखाने के लिए शेयर बाजार और आईपीओ में बड़े रिटर्न का लालच दिया गया। शिकायत मिलने के बाद साइबर पुलिस अब मामले की जांच कर रही है। पुलिस आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, बैंक खातों, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और फर्जी ट्रेडिंग ऐप से जुड़े डिजिटल सुरागों के आधार पर पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।

  • मप्र: नरसिंहपुर में हाईवे पर सड़क हादसे में नहीं गई थी 5 लोगों की जान, कारोबारी रंजिश में हुई थी हत्या

    मप्र: नरसिंहपुर में हाईवे पर सड़क हादसे में नहीं गई थी 5 लोगों की जान, कारोबारी रंजिश में हुई थी हत्या


    नरसिंहपुर।
    मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में एक सप्ताह पहले जबलपुर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग-45 पर एक सड़क हादसे में हुई पांच लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने रविवार को बड़ा खुलासा किया है। पुलिस की जांच में सामने आया कि यह हादसा नहीं, बल्कि रेत के अवैध कारोबार में वर्चस्व की लड़ाई में रची गई सुनियोजित हत्या थी।

    रेत कारोबारी राजेंद्र लोधी को रास्ते से हटाने के लिए कथित तौर पर उसकी गाड़ी को पहले से सड़क के दोनों ओर खड़े हाईवा से कुचलकर हादसे का रूप दिया गया था। पुलिस ने जांच के बाद मुख्य आरोपी शहपुरा जनपद पंचायत सदस्य आनंद पटेल समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तीन आरोपी फिलहाल फरार हैं। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश के साथ हत्या की साजिश से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच में जुटी है।

    गौरतलब है कि नरसिंहपुर जिले के जबलपुर-भोपाल नेशनल हाईवे-45 पर गत 19 जुलाई को एक बेकाबू हाईवा ने सड़क किनारे अपनी कार खड़ी करके सेल्फी ले रहे 6 युवकों को कुचल दिया था। इस हादसे में जबलपुर के पावला निवासी राजेंद्र लोधी (28) की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि वीरेंद्र लोधी (20), राजपाल लोधी (21), जयपाल लोधी (30) और नीरज लोधी (30) ने अस्पताल पहुंचने से पहले रास्ते में दम तोड़ दिया था। वहीं, एक युवक गंभीर रूप से घायल है, जिसका इलाज जबलपुर में चल रहा है।

    पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया कि राजेंद्र लोधी और आरोपी आनंद पटेल दोनों बेलखेड़ा क्षेत्र में अवैध रेत खनन और परिवहन के कारोबार से जुड़े थे। दोनों के बीच अवैध रेत कारोबार में वर्चस्व और आर्थिक हितों को लेकर विवाद था। जबलपुर के डॉ. अमित खरे की भी राजेंद्र से रुपये के लेनदेन को लेकर रंजिश थी, इसीलिए आनंद और डॉ. अमित खरे ने हत्या की साजिश रची। जबलपुर स्थित स्मार्ट सिटी अस्पताल के संचालक डॉ. अमित खरे ने मुख्य आरोपी को घटना को हादसा दिखाने व साक्ष्य छिपाने के तरीके बताए। घटना वाले दिन आरोपी राजा, अरविंद और भरत पटेल लगातार राजेंद्र लोधी की लोकेशन मुख्य आरोपी आनंद पटेल तक पहुंचा रहे थे। राजेंद्र साथियों के साथ जैसे ही वहां पहुंचा, हाईवा से उनकी गाड़ी को कुचल दिया।

    नरसिंहपुर के पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीणा ने बताया कि वर्चस्व की लड़ाई को लेकर मुख्य आरोपी आनंद राजपूत और मृतक राजेंद्र पटेल के बीच व्यापार की पुरानी रंजिश थी। इसी रंजिश में राजेंद्र पटेल सहित पांच युवकों को हाईवा से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो हत्या में इस्तेमाल हाईवा हीरापुर-बंदरोहा के जंगल से बरामद हो गई। पूछताछ में राजा पटेल ने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। इसके बाद आरोपी भी पकड़े गए।

    पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि शुभम, प्रीतम और ऋतुराज फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। हत्या में इस्तेमाल हाईवा के अलावा थार और फॉर्च्यूनर गाड़ी भी जब्त की गई हैं। पुलिस ने बताया कि साजिश में जबलपुर के अस्पताल संचालक अमित खरे भी शामिल था। उसने आनंद पटेल को हत्या को हादसा दिखाने के तरीके बताए थे। वहीं, राजा पटेल ने राजेंद्र लोधी की रेकी कर उसकी लोकेशन आरोपियों तक पहुंचाई।

  • MP: जबलपुर में युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार महानाट्य का हुआ मंचन

    MP: जबलपुर में युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार महानाट्य का हुआ मंचन


    जबलपुर।
    मध्य प्रदेश के जबलपुर में संस्कृति विभाग के सहयोग से रविवार देर शाम मानस भवन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आद्य सरसंघचालक ‘युगप्रवर्तक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार’ विषय पर आधारित महानाट्य मंचन हुआ। नागपुर के ‘नादब्रह्म’ संस्था के कलाकारों ने डॉ. हेडगेवार’ के जीवन के संघर्षों और विचारों को मंच पर जीवंत कर दिया।

    कार्यक्रम में प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि मप्र उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायमूर्ति दिनेश कुमार पालीवाल, उद्योगपति एवं समाजसेवी एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. कैलाश गुप्ता थे।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जैसे महान व्यक्तित्व के बारे में बोलना सौभाग्य के साथ-साथ जिम्मेदारी का विषय है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के कार्यों का सही मूल्यांकन उसके विचारों और उनके दीर्घकालीन प्रभाव से होता है। डॉ. हेडगेवार ने अपने 51 वर्ष के जीवन में मात्र 15 वर्षों के संघ कार्य के माध्यम से जिस संगठन की नींव रखी, वह आज विश्व के लिए आश्चर्य का विषय है।

    मंत्री सिंह ने कहा कि डॉ. हेडगेवार के मन में बचपन से ही देश की स्वतंत्रता और राष्ट्र निर्माण का संकल्प था। उन्होंने क्रांतिकारी के रूप में कार्य किया, शिक्षा के लिए कलकत्ता गए और स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। बाद में देश की आजादी के लिए कार्य किया तथा वर्ष 1930 में जंगल कानून के विरोध में सत्याग्रह करने पर एक वर्ष का कठोर कारावास भी भुगता।

    उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार केवल देश की स्वतंत्रता तक सीमित नहीं रहे, बल्कि स्वतंत्र भारत के निर्माण को लेकर भी चिंतित थे। इसी उद्देश्य से उन्होंने वर्ष 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की और अपना पूरा जीवन राष्ट्र निर्माण, चरित्र निर्माण तथा संगठन निर्माण के लिए समर्पित कर दिया। उनके प्रयासों का परिणाम है कि आज संघ विश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठनों में शामिल है।

    मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि यदि हम डॉ. हेडगेवार के जीवन से थोड़ी भी प्रेरणा लेकर उसे अपने जीवन में अपनाएं, तो यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस महानाट्य के माध्यम से उनके जीवन और विचारों को समझना अधिक सहज होगा तथा यह प्रस्तुति समाज और राष्ट्र के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में सहायक बनेगी।

    कार्यक्रम के प्रारंभ में आयोजकों ने बताया कि नागपुर के ‘नादब्रह्म’ द्वारा निर्मित ‘युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार’ (संघ सृजन का भव्य नाट्य आविष्कार) महानाट्य का यह 57वां मंचन है तथा इसकी 151 प्रस्तुतियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक महाराष्ट्र, गोवा, राजस्थान, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों में इसका सफल मंचन हो चुका है। मध्य प्रदेश में यह इसका आठवां प्रदर्शन रहा।

    इस महानाट्य के संयोजक निखिल देशकर, संरक्षक रविजी भुसारी (ज्येष्ठ प्रचारक, रा.स्व.संघ), निर्माता पद्माकर धानोरकर, लेखक डॉ. अजय प्रधान, निर्देशक सुबोध सुर्जकर और संगीत शैलेश दाणी द्वारा तैयार किया गया था। कार्यक्रम में महाकौशल प्रांत के प्रांत संचालक , विधायक अशोक रोहाणी, डॉ. अभिलाष पाण्डेय, जेडीए अध्यक्ष संदीप जैन, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, भाजपा नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, प्रदेश भाजपा कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, डॉ. जितेन्द्र जामदार, भाजपा के प्रदेश दिव्यांगजन प्रकोष्ठ के अध्यक्ष संदीप रजक सहित गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित थे।

  • MP में 20 IAS अधिकारियों का ट्रांसफर…. ASC मंडलोई को 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की जिम्मेदारी

    MP में 20 IAS अधिकारियों का ट्रांसफर…. ASC मंडलोई को 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की जिम्मेदारी


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में 20 आईएएस अधिकारियों (20 IAS officers) का तबादला किया गया है। राज्य के मुख्य सचिव का पद संभालने के बाद अशोक बरनवाल (Ashok Barnwal) ने मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) से सलाह-मशविरा के बाद यह फैसला लिया।

    एक अधिकारी ने बताया कि इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) नीरज मंडलोई को ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027’ के आयोजन की जिम्मेदारी दी गई है। अधिकारी ने शुक्रवार देर रात हुए इस बदलाव के बारे में बताया कि मुख्यमंत्री के ACS होने के साथ-साथ मंडलोई उद्योग और MSME विभागों की भी कमान संभालेंगे। वे राघवेंद्र सिंह की जगह लेंगे, जिनका तबादला वन विभाग के प्रधान सचिव के पद पर कर दिया गया है।

    अधिकारी के अनुसार, राघवेंद्र सिंह ने संदीप यादव की जगह ली है। संदीप यादव को जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव के तौर पर अहम ‘केन-बेतवा’ और ‘पार्वती-कालीसिंध’ प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण और राजस्व विभाग की कमान ई. रमेश कुमार को सौंपी गई है। यादव और कुमार दोनों ही सबसे सीनियर आईएएस अधिकारी डॉ. राजेश राजोरा की जगह ले रहे हैं, जिन्हें RCPV नरोन्हा एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन एंड मैनेजमेंट का डायरेक्टर जनरल नियुक्त किया गया है।

    लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुखवीर सिंह को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा विभागों की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन विभागों का काम पहले बरनवाल देखते थे, जिन्हें बाद में मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था। सामान्य प्रशासन विभाग के उप सचिव अजय कटेसरिया को उनकी कड़ी मेहनत के लिए पुरस्कृत किया गया है। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार में आठ साल के अंतराल के बाद प्रमोशन नियमों को सफलतापूर्वक लागू करने में अहम भूमिका निभाई और रतलाम के कलेक्टर के तौर पर यूनिफॉर्म सिविल कोड को भी लागू किया।

    अधिकारी ने बताया कि इंदौर डिवीजन के कमिश्नर के तौर पर काम कर रहे सीनियर आईएएस अधिकारी सुदाम खाड़े को मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव के पद पर तैनात किया गया है। कुमार पुरुषोत्तम को मंडी बोर्ड की जिम्मेदारियों के साथ-साथ मुख्यमंत्री कार्यालय में उप-सचिव नियुक्त किया गया है। भास्कर लक्ष्यकार अब इंदौर के नए डिविजनल कमिश्नर होंगे।

    केसी गुप्ता को कृषि उत्पादन आयुक्त के साथ-साथ बागवानी विभाग का प्रभार भी सौंपा गया है, जबकि प्रधान सचिव मनीष सिंह अब ऊर्जा विभाग का कार्यभार संभालेंगे। सचिन सिन्हा को लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में ACS के पद पर तैनात किया गया है। वह RCPV नरोन्हा एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन एंड मैनेजमेंट के महानिदेशक के पद पर कार्यरत थे।

    जॉन किंग्सले एआर को औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। साथ ही उन्हें MSME विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। वह बागवानी और खाद्य प्रसंस्करण विभाग के सचिव थे। अधिकारी ने बताया कि उज्जैन के एडिशनल कमिश्नर के तौर पर काम कर रहे रत्नाकर झा को अनूपपुर का कलेक्टर बनाया गया है। वह हर्षल पंचोली की जगह लेंगे, जिनका तबादला भोपाल में एनवायरनमेंट प्लानिंग एंड कोऑर्डिनेशन ऑर्गनाइजेशन के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर किया गया है।

    शहडोल के कलेक्टर के तौर पर काम कर रहे केदार सिंह को भोपाल में पीडब्ल्यूडी का एडिशनल सेक्रेटरी बनाया गया है। सिंह की जगह मिशा सिंह लेंगी जो अभी रतलाम की कलेक्टर हैं। मंदसौर की कलेक्टर रहीं अदिति गर्ग को भोपाल में खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग का कमिश्नर बनाया गया है। गर्ग की जगह दिव्यांक सिंह लेंगे, जो अभी भोपाल नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर हैं।

    अधिकारी ने बताया कि मुख्य सचिव के ऑफिस में डिप्टी सेक्रेटरी के तौर पर काम कर रहे गुरु प्रसाद को खरगोन का कलेक्टर बनाया गया है। सतना नगर निगम के कमिश्नर शेर सिंह मीणा को आगर-मालवा का कलेक्टर नियुक्त किया गया है। उनकी जगह प्रीति यादव को भेजा गया है, जिन्हें एमपी औद्योगिक विकास निगम इंदौर का एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनाया गया है।

    इंदौर जिला पंचायत के सीईओ सिद्धार्थ जैन को भोपाल में मुख्य सचिव के कार्यालय में डिप्टी सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है। अधिकारी ने बताया कि जैन की जगह एमपी औद्योगिक विकास निगम के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हिमांशु प्रजापति को इंदौर जिला पंचायत का सीईओ बनाया गया है।