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  • MP: उज्जैन में 9 वर्षीय मासूम से दुष्कर्म की कोशिश, बोरी में भरकर पीटा, मौत

    MP: उज्जैन में 9 वर्षीय मासूम से दुष्कर्म की कोशिश, बोरी में भरकर पीटा, मौत

    उज्जैन। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उज्जैन जिले (Ujjain district) में 9 साल की मासूम (A 9-year-old Innocent Girl) के साथ दरिंदगी की सनसनीखेज घटना सामने आई है। आरोपी एक पड़ोसी युवक है जिसने बच्ची क साथ दुष्कर्म की कोशिश की। बच्ची के चिल्लाने पर आरोपी ने उसे बोरी में भरा और मोगरी से इतना पीटा की वह बेहोश हो गई। बच्ची के परिजन जब उसे तलाशने लगे तो आरोपी उसे लेकर पहुंचा और बोला कि वह छत से गिर गई है। बच्ची को गंभीर हालत में रतलाम के अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    प्राप्त जानकारी के मुताबिक, उज्जैन जिले के खाचरोद तहसील के एक गांव में रविवार को स्कूल की छुट्टी होने के कारण बच्ची अपनी दो बहनों के साथ नानी के घर आई थी। नानी और बड़ी बहनें छत पर बैठी थीं। बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। वह काफी देर तक घर नहीं आई तो नानी ने उसकी बहन को उसे देखने भेजा लेकिन वह कहीं नहीं दिखी। इसके बाद परिवार के लोग बच्ची को खोजने लगे।

    इसी दौरान पड़ोस का रियाज खान अपने घर से बेहोश बच्ची को उठाकर लाया। उसने कहा कि बच्ची छत से गिर गई है। परिवार ने देखा कि बच्ची का मुंह सूजा था। बच्ची के सिर, नाक और आंख पर चोट लगी थी। घावों से खून निकल रहा था। परिजन उसे लेकर खाचरोद अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने उसे रतलाम रेफर कर दिया। इसके बाद उसे रतलाम ले जाया गया जहां इलाज के दौरान सोमवार को उसकी मौत हो गई।

    पुलिस ने बताया कि बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। इस दौरान बच्ची को पड़ोसी घर में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म की कोशिश करने लगा। इस दौरान बच्ची चीखने चिल्लाने और हाथ-पैर पटकने लगी। गुस्से में आकर आरोपी ने बच्ची को धक्का दे दिया। आरोपी ने चिल्लाने पर बच्ची को बोरी में बंद कर दिया। फिर मोगरी से लगातार वार किए। आरोपी बच्ची को मरा समझकर घर से बाहर निकल गया।

    बाद में वह लौटा तो देखा कि बच्ची की सांस चल रही है। फिर वह बच्ची को उसकी नानी के पास ले गया और छत से गिरने की झूठी कहानी सुनाई। खाचरोद एसडीओपी आकांक्षा बिछोटे ने कहा की डॉक्टर से बात करने पर पता चला कि बच्ची को चोट छत से गिरने से नहीं वरन किसी भारी वस्तु से पीटने से हुई है। पुलिस ने डॉग स्क्वाड और फोरेंसिक टीम को भेजकर रियाज के घर से सबूत इकट्ठा किए।

    इसके बाद पुलिस ने आरोपी रियाज को संदिग्ध मानकर उसके साथ पूछताछ शुरू की। सख्ती पर वह टूट गया और अपना गुनाह कबूल लिया। आरोपी रियाज ने बताया कि घर में कोई नहीं था। बच्ची को अकेला पाकर गलत काम करने की कोशिश की। बच्ची के चिल्लाने पर उसने धक्का दे दिया। इससे वह जमीन पर गिरकर बेसुध हो गई। बाद में उसने बच्ची को बोरी में भरकर मोगरी से पीटा।

  • MP: इंदौर में जमीन के अंदर चलेगी मेट्रो, घनी आबादी वाले 3.3 KM में बनेगा भूमिगत ट्रैक

    MP: इंदौर में जमीन के अंदर चलेगी मेट्रो, घनी आबादी वाले 3.3 KM में बनेगा भूमिगत ट्रैक


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) में घनी आबादी वाले क्षेत्र में मेट्रो (Metro) जमीन के नीचे से गुजरेगी। पहले इसे एलिवेटेड कॉरिडोर (Elevated corridor) के रूप में बनाया जाना था। सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने रविवार को इंदौर में विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। सीएम ने महाराजा यशवंतराव अस्पताल की नई इमारत की आधारशिला भी रखी।

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को घोषणा की कि इंदौर के घनी आबादी वाले आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों से गुजरने वाली 3.3 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन अब एलिवेटेड कॉरिडोर के बजाय भूमिगत बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि मार्ग में बदलाव से होने वाली लगभग 900 करोड़ रुपए की अतिरिक्त अनुमानित लागत राज्य सरकार वहन करेगी। अधिकारियों ने बताया कि इंदौर मेट्रो परियोजना में 31.32 किलोमीटर लंबे मार्ग की परिकल्पना की गई थी, जिसकी प्रस्तावित लागत 7500.8 करोड़ रुपए थी।

    शहर में मेट्रो लाइन का निर्माण कार्य 2019 से चल रहा है, लेकिन घनी आबादी वाले आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों में इस परियोजना को लगातार बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। इन इलाकों के लोगों ने व्यावसायिक गतिविधियों में व्यवधान का हवाला देते हुए परियोजना का विरोध किया था।

    मुख्यमंत्री यादव ने रविवार को राज्य की वित्तीय राजधानी इंदौर में विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा कि हमने निर्णय लिया है कि शहर में मेट्रो रेल लाइन के एक महत्वपूर्ण हिस्से का निर्माण अब भूमिगत किया जाएगा। यह निर्णय बेहतर यातायात प्रबंधन, जनसुविधा और शहर के विकास एवं सौंदर्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से मेट्रो परियोजना की लागत में 800-900 करोड़ रुपए की वृद्धि होगी जिसे राज्य के खजाने से वहन किया जाएगा।

    अधिकारियों ने बताया कि खजराना चौक और रेलवे स्टेशन के बीच 3.3 किलोमीटर का मेट्रो मार्ग भूमिगत चलेगा। यहां पहले एक एलिवेटेड कॉरिडोर का प्रस्ताव था। यह क्षेत्र घनी आबादी वाला है और इसमें आवासीय और व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि बैठक में प्रस्तावित इंदौर महानगर क्षेत्र का विस्तार करने का भी निर्णय लिया गया। यह अब पश्चिमी मध्य प्रदेश में 14000 वर्ग किलोमीटर में फैला होगा। उन्होंने कहा कि महानगर क्षेत्र में इंदौर के साथ-साथ उज्जैन, देवास, धार, रतलाम और शाजापुर जिलों के कुछ हिस्से भी शामिल होंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर महानगर क्षेत्र को व्यापार, उद्योग और पर्यटन के एक प्रमुख राष्ट्रीय केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। सीएम ने शहर में सरकारी महाराजा यशवंतराव अस्पताल (एमवाईएच) की नई इमारत की आधारशिला भी रखी। अधिकारियों ने बताया कि 773 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली इस इमारत में 1450 मरीजों के लिए बेड की सुविधा होगी। एमवाईएच राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक है।

  • पन्ना की शेरनी! 3 माह की मासूम के लिए सियार से भिड़ी मां, डंडे से पीटकर खदेड़ा

    पन्ना की शेरनी! 3 माह की मासूम के लिए सियार से भिड़ी मां, डंडे से पीटकर खदेड़ा

    पन्‍ना। मध्य प्रदेश के पन्ना ज़िले में एक मां ने हिम्मत दिखाते हुए अपनी तीन महीने की बच्ची की जान बचा ली. देर रात एक सियार उनके घर में घुस आया और सो रही बच्ची पर हमला कर दिया. बच्ची की रोने की आवाज़ सुनकर मां तुरंत वहां पहुंची और पहले सियार पर बर्तन फेंके, फिर डंडे से उसे भगाया. काफी मशक्कत के बाद सियार भाग गया और बच्ची की जान बच गई. बच्ची के सिर और आंख के पास चोटें आई हैं. प्राथमिक उपचार के बाद उसे गुनौर से ज़िला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है. इस घटना से पूरे इलाके में डर का माहौल है और मां की बहादुरी की तारीफ़ हो रही है.

    3 माह की मासूम के लिए सियार से भिड़ी मां
    दरअसल, पन्ना जिले के ग्रामीण अंचलों में जंगली जानवरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है. हाल ही में सिमरिया गांव में सोती हुई एक 3 माह की मासूम बच्ची पर एक सियार (क्षेत्रीय भाषा में लड़इया कहते है)ने घर पर जानलेवा हमला कर दिया. ​बच्ची के रोने की आवाज सुनकर, उसकी मां शब्बो बानो ने साहस दिखाते हुए पहले बर्तन फेंक कर और फिर डंडा लेकर वह सियार से भिड़ गईं. संघर्ष के बाद मां अपनी बच्ची को बचाने में कामयाब रहीं.

    देर तक सियार से लड़ती रही मां
    अपनी बेटी की चीख सुनकर मां ने हाथ में पकड़ी सारी चीज़ें गिरा दीं. बिना कुछ सोचे-समझे वह बाहर भागी. सामने का नज़ारा देखकर किसी का भी दिल दहल जाता, लेकिन मां ने अपने डर को किनारे कर दिया. उसने पास पड़े कुछ बर्तन उठाए और पूरी ताकत से सियार पर फेंक दिए. वह चीखती रही और सियार से लड़ती रही. कुछ देर तक सियार और मां के बीच लड़ाई चलती रही. मां ने हिम्मत नहीं हारी और सियार से तब तक लड़ती रही जब तक वह भाग नहीं गया.

    बच्ची के सिर और आंख के पास चोटें
    घायल बच्ची के सिर और आंख के पास चोटें आई हैं. उसे गुनौर से ज़िला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है. इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई है.

  • MP: इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड में सोनम की दो सहेलियों की हुई पेशी, चेहरा छुपाकर पहुंची कोर्ट

    MP: इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड में सोनम की दो सहेलियों की हुई पेशी, चेहरा छुपाकर पहुंची कोर्ट


    इंदौर।
    राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी (Sonam Raghuvanshi) की दो करीबी सहेलियां गुरुवार को शिलॉन्ग कोर्ट (Shillong Court) में पेश हुईं। इंदौर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (Video conferencing) के जरिए हुई इस सुनवाई में अदालत ने दोनों युवतियों पर सवालों की झड़ी लगा दी। अदालत की सख्त निगरानी में हुए इस बयान दर्जीकरण से केस एक बार फिर उबाल पर आ गया है।

    दीपांशी और प्रियांशी दोनों सोनम के भाई गोविंद की फैक्ट्री में कंप्यूटर का काम करती हैं। ई-सेवा पोर्टल के जरिए सुनवाई में जुड़ीं इन युवतियों को कोर्ट ने सीधे-सीधे सोनम के व्यवहार, स्वभाव और उसके पिछले चाल-चलन पर जवाब देने को कहा। सूत्रों के मुताबिक, अदालत ने पहले सोनम की पहचान कराई, फिर तीखे शब्दों में पूछा—’हत्या से पहले सोनम का रवैया कैसा था? क्या तुम राजा को जानती थीं?’ दीपांशी का बयान कोर्ट ने दर्ज कर लिया, जबकि प्रियांशी से अगली सुनवाई में पूछताछ होगी। दोनों युवतियाँ बिना मीडिया से आंख मिलाए कोर्ट परिसर से निकल गईं।

    सरकारी वकील ने दोनों की पेशी की मांग की थी, जिसके लिए 27 नवंबर को नोटिस जारी हुआ। यह दूसरा नोटिस था, पहले नोटिस पर दोनों कोर्ट पहुंचने तक की हिम्मत नहीं जुटा सकी थीं।


    खाई में मिला था राजा का शव

    11 मई को सोनम से शादी करने वाले इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी 20 मई को हनीमून पर मेघालय रवाना हुए थे। 22 मई को वे सोहरा घूमने निकले और 24 मई से परिवार का संपर्क उनसे टूट गया। 27 मई को सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ, बारिश के कारण एक दिन रुका और 2 जून को खाई से राजा का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सनसनीखेज खुलासा हुआ कि राजा की हत्या पेड़ काटने वाले तेज हथियार से की गई थी। इसके बाद पुलिस सोनम की तलाश में पागलों की तरह दौड़ी और 9 जून को वह यूपी के गाजीपुर के एक ढाबे पर मिली। वहीं से केस की परतें खुलती गईं और पुलिस ने कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें से तीन जमानत पर बाहर हैं।


    790 पन्नों की चार्जशीट

    6 सितंबर को मेघालय पुलिस की एसआईटी ने शिलॉन्ग कोर्ट में 790 पन्नों की चार्जशीट पेश की। इसमें साफ-साफ लिखा है कि राजा की हत्या में सोनम, उसके बॉयफ्रेंड राज कुशवाह और तीन अन्य सीधे शामिल हैं। पांचों आरोपी अभी न्यायिक हिरासत में हैं।


    विपिन रघुवंशी का दर्दनाक आरोप

    शिलॉन्ग रवाना होने से पहले राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मैंने ही राजा और सोनम के लापता होने की शिकायत की थी। अभी तक हमें चार्जशीट नहीं मिली, इसलिए हत्या का असली मोटिव छुपा हुआ है। लेकिन जितना समझ पा रहा हूं राज और सोनम ने प्यार नहीं, हवस के लिए मेरे भाई की हत्या की। लोग प्यार में कुर्बानी देते हैं, लेकिन इन दोनों ने अपनी वासना पूरी करने के लिए उसे मार डाला।

    बता दें, राजा की लाश 2 जून को शिलॉन्ग में मिली थी और केस के पाँच आरोपी अभी जेल में बंद हैं। एसआईटी 790 पेज में पूरी साजिश कोर्ट को सौंप चुकी है।

  • MP: सतना में बुजुर्ग की दिलेरी… सीने में गोली लगने बाद भी हमलावर का कृत्रिम पैर और कट्टा छीना

    MP: सतना में बुजुर्ग की दिलेरी… सीने में गोली लगने बाद भी हमलावर का कृत्रिम पैर और कट्टा छीना


    सतना।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के सतना जिले (Satna district) में गुरुवार की रात एक ऐसी सनसनीखेज वारदात हुई, जिसकी कहानी किसी फिल्म की पटकथा (Film script) जैसी लगती है। यहां एक 60 वर्षीय बुजुर्ग ने गोली लगने के बावजूद वो दिलेरी दिखाई, जिसे सुनकर पुलिस भी दंग रह गई है। बिजली विभाग के कर्मचारी (Electricity department employees) को एक दिव्यांग बदमाश ने सीने में गोली मार दी। खून से लथपथ होने के बाद भी बुजुर्ग ने हार नहीं मानी और हमलावर से भिड़ गए। छीना-झपटी में उन्होंने हमलावर का कृत्रिम पैर और कट्टा छीन लिया, जिसके बाद बदमाश लंगड़ाते हुए भाग निकला।


    ड्यूटी से घर लौटते वक्त किया हमला

    बिजली विभाग के घायल कर्मचारी की पहचान रामनरेश बर्मन (60 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से अमदरा थाना क्षेत्र के नौगांव के निवासी हैं और सतना के प्रेम नगर स्थित विद्युत विभाग कार्यालय में चपरासी हैं। उन्होंने बताया कि गुरुवार शाम जब वह ड्यूटी खत्म करके ट्रेन पकड़ने के लिए पैदल स्टेशन की ओर जा रहे थे, और जैसे ही वह पटरी किनारे चलते हुए प्रेम नगर अंडरब्रिज के पास पहुंचे, तभी अंधेरे में छिपे एक दिव्यांग व्यक्ति ने उन्हें रोका और कट्टे से फायर कर दिया। गोली सीधे उनके बाएं सीने में लगी।


    मौत सामने थी, पर नहीं टूटा हौसला

    गोली लगते ही रामनरेश के शरीर से खून बहने लगा, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और गजब की जीवटता दिखाई। वे गिरने के बजाय हमलावर पर टूट पड़े। इसके बाद दोनों के बीच जमकर गुत्थम-गुत्था हुई और इस दौरान दिव्यांग हमलावर जमीन पर गिर गया। रामनरेश ने मौका देखते ही उसका नकली पैर खींच लिया और हाथ से कट्टा भी छीन लिया। अपना पैर और हथियार छिनता देख हमलावर घबरा गया और एक पैर से लंगड़ाते हुए मौके से फरार हो गया।


    झोले में नकली पैर और कट्टा लेकर थाने पहुंचे

    इस खौफनाक घटना और सीने में गोली लगी होने के बावजूद रामनरेश बर्मन झोले में हमलावर का नकली पैर और कट्टा भरकर सीधे सिटी कोतवाली पहुंचे। उनके एक हाथ में हमलावर का कृत्रिम पैर था और दूसरे हाथ में कट्टा था। यह दृश्य देखकर पुलिसकर्मी भी सन्न रह गए है। पुलिस ने तत्काल उन्हें वाहन से जिला अस्पताल भेज दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह तुरंत जिला अस्पताल पहुंचे और घायल के बयान लिए।


    आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस

    उधर सतना सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि रामनरेश बर्मन जो कि विद्युत विभाग में चपरासी के पद पदस्थ हैं। वह रोज की तरह ड्यूटी खत्म करके ट्रेन से घर जाने के लिए निकले थे तभी रास्ते पर अंधेरे में एक अज्ञात व्यक्ति आया और आकर रामनरेश पर कट्टे से फायर कर दिया। पुलिस ने कहा कि फायर करने वाला व्यक्ति विकलांग था उसका नकली पैर भी वहीं छूट गया है। आगे उन्होंने कहा कि हो सकता है अंधेरे का फायदा उठाकर बदमाश ने लूट के इरादे से गोली मारी होगी। पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला पंजीबद्ध कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

  • MP: पाकिस्तानी पति-पति का पारिवारिक विवाद पहुंचा इंदौर HC, पत्नी ने लगाई पति को वापस भेजने की गुहार

    MP: पाकिस्तानी पति-पति का पारिवारिक विवाद पहुंचा इंदौर HC, पत्नी ने लगाई पति को वापस भेजने की गुहार


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) में पारिवारिक विवाद का एक बेहद खास मामला सुनवाई के लिए आया है, जिसमें पति-पत्नी दोनों पाकिस्तान (Husband and Wife Pakistani) के रहने वाले हैं, हालांकि पति बीते कुछ सालों से भारत में रह रहा है। अब इस कपल ने पारिवारिक सुलह के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। दरअसल इस हिंदू जोड़े की शादी साल 2020 में पाकिस्तान में हुई थी, और शादी के कुछ समय बाद से ही यह दोनों अलग-अलग देशों में रह रहे हैं। इस दौरान सुलह-समझौते की तमाम कोशिशें नाकाम होने के बाद दोनों के बीच विवाद का यह मुद्दा मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय पहुंच गया है। महिला ने पति पर आरोप लगाया है कि वह दूसरी शादी करने की तैयारी कर रहा है, वहीं पति का कहना है कि उसकी पत्नी उससे धन ऐंठने के लिए यह सब कर रही है।


    पत्नी का आरोप- पति करने जा रहा दूसरी शादी

    प्राप्त जानकारी के अनुसार पाकिस्तानी महिला निकिता देवी (28) ने उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ में रिट याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता निकिता पाकिस्तान के कराची शहर की रहने वाली है। उसने अपने पति विक्रम कुमार नागदेव (35) पर बिना तलाक दिए दूसरी शादी की तैयारी करने का आरोप लगाया है और अदालत से उसे भारत से वापस पाकिस्तान भेजने की गुहार लगाई है।


    लॉन्ग टर्म वीजा पर इंदौर में रह रहा पाकिस्तानी शख्स

    अधिकारियों के मुताबिक पति-पत्नी पाकिस्तान के नागरिक हैं और उनकी शादी 26 जनवरी 2020 को वहां के सिंध प्रांत में हुई थी। फिलहाल महिला का पति लंबी अवधि के वीजा (LTV) के आधार पर इंदौर में रह रहा है। पाकिस्तानी महिला ने याचिका में आरोप लगाया है कि उसके पति ने उसे छोड़ दिया है और वह भारत में रहने वाली एक महिला से मार्च 2026 में गैरकानूनी तौर पर दूसरी शादी की तैयारी कर रहा है।

    याचिकाकर्ता के वकील दिनेश रावत ने गुरुवार को बताया कि पाकिस्तान में अपने मायके में रह रही निकिता ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत याचिका दायर की है जिस पर अगले हफ्ते सुनवाई हो सकती है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 226 उच्च न्यायालयों को मौलिक अधिकारों और अन्य कानूनी अधिकारों के मामलों में अलग-अलग रिट (औपचारिक आदेश) जारी करने की शक्ति देता है।


    महिला की गुहार- पति उठा रहा बेजा फायदा

    पाकिस्तानी महिला के वकील ने बताया, ‘मेरी मुवक्किल ने याचिका में उच्च न्यायालय से गुहार लगाई है कि कानूनी जटिलताओं का बेजा फायदा उठा रहे उनके पति को भारत में दूसरी शादी करने से रोका जाए और वापस पाकिस्तान भेज दिया जाए।’


    पति बोला- वह अपनी मर्जी से पाकिस्तान लौटी थी

    उधर, निकिता के पति ने अपनी पत्नी के आरोपों को खारिज किया है। नागदेव ने कहा, ‘पाकिस्तान में शादी के बाद हम भारत आ गए थे। इसके थोड़े समय बाद मेरी पत्नी अपनी मर्जी से पाकिस्तान लौट गई थी। वह भारत आने या आपसी सहमति से तलाक लेने को राजी नहीं हुई। मैंने अपने समुदाय की पंचायतों के जरिए भी पारिवारिक विवाद सुलझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मानी।’


    शख्स ने कहा- अब पत्नी को तलाक देना चाहता हूं

    शख्स ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी पारिवारिक विवाद के बहाने उससे धन ऐंठने की कोशिश कर रही है। नागदेव का कहना है कि वह एलटीवी के आधार पर इंदौर में रह रहा है और तमाम भारतीय कानूनों का पालन कर रहा है। उसने कहा, ‘अब मैं अपनी पत्नी को तलाक देना चाहता हूं। उसने मुझे देश-विदेश में बदनाम करके मानसिक रूप से परेशान कर दिया है।’


    सिंधी पारिवारिक परामर्श केंद्र भी पहुंचा था मामला

    पाकिस्तानी दंपति का यह पारिवारिक विवाद उच्च न्यायालय से पहले, इंदौर के ‘सिंधी पंच मध्यस्थता एवं विधिक परामर्श केंद्र’ पहुंचा था, लेकिन वहां कोई समझौता नहीं हो सका। केंद्र के प्रमुख और सामाजिक कार्यकर्ता किशोर कोडवानी ने बताया, ‘मेरी कई कोशिशों के बाद भी दोनों पक्षों के बीच सुलह-समझौता नहीं हो सका। इसके बाद मैंने जिला प्रशासन के सामने पेश अपनी रिपोर्ट में सिफारिश की कि नागदेव को वापस पाकिस्तान भेज दिया जाना चाहिए क्योंकि वह और उसकी पत्नी दोनों पाकिस्तानी नागरिक हैं तथा उनके पारिवारिक विवाद का न्याय क्षेत्र पाकिस्तान है।’

    मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी कहलाने वाले इंदौर में लंबी अवधि के वीजा (एलटीवी) या रेजिडेंशियल परमिट के आधार पर सिंधी हिंदू समुदाय के उन शरणार्थियों की बड़ी आबादी रहती है जो कथित प्रताड़ना के चलते पाकिस्तान से पलायन कर भारत आए हैं।

  • MP: खंडवा के इस पूरे गांव को बताया था वक्फ प्रॉपर्टी.. जिला प्रशासन ने चलाया बुलडोजर, हटाया अतिक्रमण

    MP: खंडवा के इस पूरे गांव को बताया था वक्फ प्रॉपर्टी.. जिला प्रशासन ने चलाया बुलडोजर, हटाया अतिक्रमण


    खंडवा।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के खंडवा जिले (Khandwa district) के सिहाड़ा गांव (Sihada village) में मंगलवार को तब हड़कंप मच गया जब प्रशासन ने दरगाह पीर मौजा परिसर (Dargah Peer Mouza Complex) के आसपास अवैध कब्जों पर बुलडोजर (Bulldozers Illegal Encroachments) चला दिया। इस दौरान 6 थाने की पुलिस मौजूद रही। इससे पूरे क्षेत्र में हलचल मच गई। दरगाह कमेटी में इस जमीन को वक्फ की बताया था। कमेटी में जिस खसरा नंबर पर दावा किया था वह खसरा पूरे गांव का खसरा था। खसरे के मुताबिक पूरे गांव की जमीन को वक्फ प्रॉपर्टी बता दिया गया था। इसको लेकर हड़कंप मच गया था।

    मामले की शुरुआत तब हुई जब सिहाड़ा ग्राम पंचायत ने सरकारी जमीन पर दुकान निर्माण के लिए दरगाह कमेटी को नोटिस भेजा था। सिहाड़ा ग्राम पंचायत सरपंच प्रतिनिधि हेमंत सिंह चौहान का कहना है कि जिस जगह पर अवैध कब्जा किया गया है। वह सरकारी जमीन है। ग्राम पंचायत ने जमीन पर बाजार बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए ग्राम पंचायत ने फरवरी में संबंधित पक्ष को नोटिस दिया था। कब्जाधारी पक्ष की ओर से कहा गया कि जमीन वक्फ की है आप वहां बाजार नहीं बना सकते हैं। इसके बाद सिहाड़ा ग्राम पंचायत ने तहसीलदार से गुहार लगाई थी।

    तहसीलदार की ओर से भी कब्जाधारियों को नोटिस जारी किया गया था लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके बजाए दरगाह कमेटी ने दुकान की जमीन समेत पूरे सिहाड़ा गांव की 14.500 हेक्टयर भूमि (जिस पर गांव बसा है) को वक्फ की बता दिया था। इतना ही नहीं कब्जाधारियों ने पूरे गांव को वक्त की संपत्ति बताकर भोपाल वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील तक कर दी थी। इधर जिस रकबे पर पूरा गांव बसा है उसे वक्फ का बताए जाने को लेकर सिहाड़ा के लोगों में खलबली मच गई थी।

    हालांकि समिति ने बाद में कहा कि देखिए जी खसरा नंबर में टाइपो एरर होने के चलते यह स्थिति बन गई है। फिर वक्फ ट्रिब्यूनल में सुनवाई शुरू हो गई। वक्फ ट्रिब्यूनल ने ग्राम पंचायत को नोटिस जारी किया था। साथ ही वक्फ बोर्ड से भी दावे के पक्ष में दस्तावेज मांगे थे। वक्फ बोर्ड को इसके लिए टाइम दिया गया था। सरपंच प्रतिनिधि हेमंत चौहान ने भी अपने अधिवक्ता के माध्यम से गांव का पक्ष रखा। आखिरकार ट्रिब्यूनल का फैसला आया और उसने कब्जाधारियों के दावे को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि वक्फ बोर्ड ने निर्धारित समय में अपने दावे के पक्ष में जरूरी दस्तावेज पेश नहीं किए हैं इसलिए उनका दावा खारिज किया जाता है।

    ग्राम पंचायत ने सरकारी जमीन से अवैध कब्जे हटाने के लिए जिला प्रशासन को आवेदन दिया था। फैसला आते ही प्रशासन का अमला पूरे दलबल के साथ मौके पर पहुंचा और अवैध कब्जे के खिलाफ ऐक्शन शुरू कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि फैसले के बाद दरगाह पीर मौजा परिसर के आसपास का अतिक्रमण हटाया गया। दरगाह पीर मौज परिसर में दुकान तक बना दी गई गई थी जिसे बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। एक शौचालय और तार फेंसिंग को भी बुलडोजर चलाकर हटा दिया गया।

    बताया जाता है कि दरगाह परिसर में ही सामुदायिक भवन था। गौर करने वाली बात यह कि इस सामुदायिक भवन में मदरसा चलाया जा रहा था। प्रशासन के ऐक्शन के बाद मदरसे का संचालन बंद करा दिया गया है। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान राजस्व और पुलिस के आला अधिकारी मौजूद रहे। खंडवा एसडीएम बजरंग बहादुर ने बताया कि ग्राम सिहाड़ा में कुछ लोगों ने सरकार की जमीन को वक्फ की संपत्ति बता कर अवैत तरीके से कब्जा कर लिया था। दुकान बना ली गई थी। प्रशासन ने बुलडोजर लगाकर अवैध कब्जों को हटा दिया है। दरगाह क्षेत्र से पूरे अतिक्रमण को हटा दिया गया है।

  • MP: पन्ना में गरीबी की मार झेल रहे दो युवकों की किस्मत चमकी…मिला 50 लाख का हीरा

    MP: पन्ना में गरीबी की मार झेल रहे दो युवकों की किस्मत चमकी…मिला 50 लाख का हीरा


    पन्ना।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के पन्ना में 24 वर्षीय सतीश खटीक और 23 वर्षीय साजिद मोहम्मद की किस्मत तब एकाएक चमक (Suddenly Luck Shines) गई, जब उनको खदान से 50 लाख रुपये कीमत का हीरा (Diamond worth Rs 50 lakh) मिला। दोनों ही युवा आर्थिक परेशानियों को लेकर भारी दबाव में थे और इसे बाहर निकलने की उम्मीद में 20 दिन पहले खदान को लीज पर लेने का दांव खेला था। हीरा अधिकारी रवि पटेल ने बताया कि यह कीमत रत्न 15.34 कैरेट का हीरा है, जिसे दोनों युवाओं ने पन्ना हीरा कार्यालय में जमा कराया है। इसकी कीमत 50 लाख रुपये से ज्यादा होने का अनुमान है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, पन्ना के रानीगंज मोहल्ला निवासी सतीश खटीक (24) और साजिद मोहम्मद (23) ने करीब 20 दिन पहले हीरा कार्यालय से कृष्णा कल्याणपुर क्षेत्र की उथली खदान का पट्टा लिया था। दोनों गरीबी की मार झेल रहे थे। दोनों अपने परिवार की आर्थिक तंगी दूर करने और बहनों की शादी के लिए पैसों की जरूरत के चलते किस्मत आजमा रहे थे।

    परिवार की इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए साजिद ने दोस्त सतीश के साथ खदान खोदी और महज 20 दिन में बड़ी सफलता हासिल कर ली। सतीश एक मीट शॉप चलाता है जबकि साजिद फलों के ठेले पर काम करके अपना गुजारा करता है। साजिद के दादा और पिता ने भी दशकों तक अपनी किस्मत आजमाई लेकिन उन्हें कभी बड़ी सफलता नहीं मिली। दोनों दोस्त अपनी बहनों की शादी करना चाहते हैं।

    दोनों युवकों ने हीरा मिलने के बाद उसे तुरंत हीरा कार्यालय पन्ना में जमा करा दिया। अधिकारियों के अनुसार, यह हीरा ‘जैम क्वालिटी’ का है। इसकी कीमत नीलामी में 50 लाख से भी अधिक तक पहुंच सकती है। हीरा आगामी नीलामी में रखा जाएगा। इसके बाद मिलने वाली राशि दोनों में बराबर बांटी जाएगी।

    दोनों ने बताया कि नीलामी से मिली रकम से वे सबसे पहले अपनी बहनों की शादी करेंगे। बाकी रकम अपने छोटे कारोबार को बढ़ाने में लगाएंगे। हीरा अधिकारी रवि पटेल ने बताया कि हीरे का वजन आकार और चमक बेहतरीन स्तर की है। विशेषज्ञ अनुपम सिंह ने इसे साल का अब तक का सबसे उम्दा हीरा बताया है। दो युवाओं को मिली इस कामयाबी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पन्ना जिले की धरती मेहनतकश लोगों की किस्मत पलटने की क्षमता रखती है। सतीश और साजिद की सफलता पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

  • MP: जबलपुर में 96 घंटे डिजिटल अरेस्ट रहे बुजुर्ग दंपति, पुलिस ने लूटने से बचाया

    MP: जबलपुर में 96 घंटे डिजिटल अरेस्ट रहे बुजुर्ग दंपति, पुलिस ने लूटने से बचाया


    जबलपुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के जबलपुर (Jabalpur) से साइबर ठगों (Cyber ​​fraudsters) की खौफनाक करतूत सामने आई है। साइबर ठगों ने एक रिटायर स्कूल प्रधानाचार्य और उनके पति को खुद को एटीएस अधिकारी बताकर चार दिन तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ किए रखा। ठगों ने दंपति को आतंकवादियों से संबंध और 70 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाकर उनकी निजी व बैंक संबंधी जानकारी ले ली और एक ऐप डाउनलोड कराकर उन पर निगरानी रखी।

    मंगलवार को महिला को बैंक भेजा गया, तो उसने एक वकील को सूचना दी। इसके बाद एएसपी-क्राइम ब्रांच जितेंद्र सिंह घमपुर इलाके में दंपति के घर पहुंचे और उन्हें डिजिटल गिरफ्तारी से बचाया।

    उन्होंने बताया कि छह दिसंबर को एक व्यक्ति ने खुद को एटीएस अधिकारी बताकर दंपति से कहा कि उनके संबंध एक ‘आतंकवादी’ के साथ हैं और उनके बैंक खाते के जरिए 70 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की गई है। ठगों ने बुजुर्ग दंपत्ति पर आरोप लगाया कि उन्हें कमीशन के रूप में 70 लाख रुपये मिले हैं।

    एएसपी के अनुसार, फोन करने वाले ने दोनों को यह भी बताया कि उनके नाम पर पंजीकृत सिम कार्ड का उपयोग करके देश के बारे में गोपनीय जानकारी विदेश भेजी जा रही है। फोन करने वाले ने दंपति से उनके परिवार के सदस्यों, मोबाइल फोन, आधार कार्ड, बैंक खातों और एफडी के बारे में जानकारी मांगी।

    पुलिस अधिकारी ने बताया कि इसके बाद आरोपियों ने उन्हें एक लिंक से भेजे ऐप को डाउनलोड करने के लिए कहा। आरोपियों ने दंपति को 4 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा। मंगलवार दोपहर को महिला किसी काम के लिए बैंक गई। घर से निकलने के बाद महिला ने एक वकील को अपनी स्थिति के बारे में सूचित किया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। अभी पता नहीं चल सका है कि दंपति ने डिजिटल अरेस्ट होने के दौरान ठगों को कोई पैसा ट्रांसफर किया था या नहीं।

  • मप्रः रीवा में जीएसटी विभाग का छापा, किराना दुकान में मिले संदिग्ध बिल और कागजात

    मप्रः रीवा में जीएसटी विभाग का छापा, किराना दुकान में मिले संदिग्ध बिल और कागजात


    रीवा।
    मध्य प्रदेश के रीवा में शुक्रवार शाम शहर के व्यस्त बाजार क्षेत्र में जीएसटी विभाग की टीम ने रतन किराना स्टोर पर अचानक छापा मारा। लंबे समय से दुकान पर जीएसटी चोरी की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद विभाग ने बिना पूर्व जानकारी के कार्रवाई करने का निर्णय लिया। टीम के पहुंचते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कुछ ही मिनटों में दुकान के बाहर लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई।

    विभाग के अधिकारियों ने दुकान के अंदर जाकर दस्तावेजों की जांच शुरू की। सूत्रों के अनुसार, टीम को कई ऐसे बिल और कागजात मिले हैं जिनमें बिलिंग से जुड़ी अनियमितताओं के संकेत मिलते हैं। बताया जा रहा है कि कुछ बिल रिकॉर्ड में दर्ज नहीं थे, जबकि कुछ में जीएसटी की गणना संदिग्ध पाई गई है। अधिकारियों ने इन सभी दस्तावेजों को जब्त कर लिया है और दुकान के कंप्यूटर सिस्टम का बैकअप भी लिया गया है, ताकि डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच की जा सके।

    कार्रवाई के दौरान दुकान मालिक से भी पूछताछ की गई और विभाग ने लेखा-जोखा से जुड़े कई प्रश्नों के उत्तर मांगे। हालांकि, दुकान संचालक ने अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि वह सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए तैयार है और किसी प्रकार की जानबूझकर की गई गलती नहीं हुई है।

    जीएसटी विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई शिकायतों और प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर की गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अभी जांच प्रारंभिक चरण में है और दस्तावेजों की विस्तृत जांच के बाद ही यह तय होगा कि दुकान के खिलाफ क्या कानूनी कदम उठाए जाएंगे।