Tag: MP

  • MP: गुना के चौचौड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस टीम पर हमला… कांस्टेबल को बंधक बनाकर पीटा

    MP: गुना के चौचौड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस टीम पर हमला… कांस्टेबल को बंधक बनाकर पीटा


    गुना।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में पुलिस टीम (Police team) पर हमला करने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों की भीड़ ने पुलिस पर लाठी डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। भीड़ ने पहले एक कांस्टेबल को बंधक बनाकर पीटा। उसे छुड़ाने पहुंची पुलिस टीम पर भी ग्रामीणों ने हमला कर दिया। इस दौरान एक ASI गंभीर रूप से घायल हो गया।

    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के गुना जिले (Guna district) के चांचौड़ा थाना क्षेत्र के पेंची गांव में ग्रामीणों की भीड़ ने पुलिस पर लाठी डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। भीड़ ने पहले एक कांस्टेबल को बंधक बनाया, जिसे छुड़ाने पहुंची पुलिस टीम पर भी हमला करदिया। इस दौरान एक ASI गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं कॉन्स्टेबल भी घायल हुआ।

    घटना की पृष्ठभूमि 28 दिसंबर को दर्ज एक युवती की गुमशुदगी से जुड़ी है। मोहम्मदपुर निवासी लोधा समाज की युवती एक मीना समाज के युवक के साथ लापता हो गई थी। दोनों ने 1 जनवरी को प्रेम विवाह कर लिया था। सोमवार को इसी मामले को लेकर ग्रामीण और समाजबंधु बीनागंज चौकी पहुंचे और युवती को परिवार के सुपुर्द करने की मांग करने लगे।

    युवती के बालिग होने के कारण पुलिस ने उसके बयान दर्ज किए। युवती ने युवक के साथ रहने और अपनी सुरक्षा की मांग की। इसके बाद पुलिस ने उसे वन-स्टॉप सेंटर भेज दिया। यह फैसला होने के बाद ग्रामीण चौकी से लौट गए। पेंची गांव पहुंचने के बाद कुछ लोगों ने एनएच-46 पर चक्काजाम की कोशिश शुरू कर दी। इसी दौरान युवक के घर में आग लगाने की धमकियां भी दी गईं, जिससे तनाव और बढ़ गया। स्थिति बिगड़ने की सूचना पर एक कांस्टेबल मौके पर पहुंचा, लेकिन भीड़ ने उसे घेर लिया और बंधक बनाकर लाठी-डंडों से मारपीट शुरू कर दी।

    कांस्टेबल को छुड़ाने चौकी प्रभारी के साथ पुलिस और एसएएफ के आधा दर्जन जवान गांव पहुंचे। इसी दौरान खेतों और घरों की आड़ से आई भीड़ ने पुलिस टीम पर पथराव और लाठियों से हमला कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस बल गांव में तैनात किया गया है। घायल पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

  • MP: शिवपुरी में रोड शो के दौरान चोटिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महाआर्यमन

    MP: शिवपुरी में रोड शो के दौरान चोटिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महाआर्यमन


    शिवपुरी।
    केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के पुत्र और एमपीसीए अध्यक्ष महाआर्यमन सिंधिया (Mahaaryaman Scindia) शिवपुरी दौरे (Shivpuri Tour) के दौरान मामूली रूप से चोटिल हो गए। स्टेडियम में लोगों का अभिवादन करते समय गाड़ी में अचानक ब्रेक लगने से उनके सीने में चोट आई जिसके बाद वह जिला अस्पताल पहुंचे। वहां उनका इलाज हुआ। अपने दौरे के दौरान उन्होंने महिला क्रिकेट खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और खुद भी क्रिकेट खेली। महाआर्यमन ने मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में क्रिकेट को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए तीन स्तरीय रणनीति साझा की जिसमें स्काउटिंग बेहतर बनाने, एकेडमी विकसित करने और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए डेटा कलेक्शन पर जोर दिया गया है।


    सीने में लगी चोट

    प्राप्त जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के पुत्र और मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष महाआर्यमन सिंधिया जब शिवपुरी के स्टेडियम में लोगों को अभिवादन कर रहे थे तभी गाड़ी में अचानक ब्रेक लगाने से उन्हें मामूली चोट आई। सीने में चोट से दर्द की शिकायत के बाद महाआर्यमन सिंधिया जिला अस्पताल पहुंचे जहां उन्होंने सीटी स्कैन कराकर प्राथमिक उपचार लिया।


    भव्य रोड शो में हुए शामिल

    महाआर्यमन सिंधिया पहली बार शिवपुरी दौरे पर है। उनका दूसरा दिन रहा एमपीसीए अध्यक्ष बनने के बाद यह उनका पहला शिवपुरी आगमन रहा। इससे पहले रविवार शाम को शिवपुरी पहुंचने पर वह भव्य रोड शो में शामिल हुए। इस रोड शो में बड़ी संख्या में सिंधिया समर्थक मौजूद रहे।


    खेली क्रिकेट

    दौरे के दूसरे दिन महाआर्यमन सिंधिया श्रीमंत माधवराव सिंधिया खेल परिसर पहुंचे। उन्होंने शिवपुरी में आयोजित 69वीं महिला अंडर-19 क्रिकेट प्रतियोगिता में भाग ले रहीं खिलाड़ियों से मुलाकात की। उन्होंने महिला खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और खेल को लेकर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने क्रिकेट खेला और खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया।

    सूबे कैसे मजबूत होगी क्रिकेट? बताया प्लान
    महाआर्यमन सिंधिया ने बताया कि मध्य प्रदेश में क्रिकेट को मजबूत करने के लिए तीन स्तरीय रणनीति तैयार की गई है। पहले चरण में डिविजन और जिला स्तर के टूर्नामेंट्स कराए जाएंगे और स्काउटिंग सिस्टम को बेहतर बनाया जाएगा। दूसरे चरण में हर डिविजन में मजबूत क्रिकेट एकेडमी और कोचिंग सिस्टम विकसित किया जाएगा ताकि स्थानीय प्रतिभाओं पर निरंतर नजर रखी जा सके। तीसरे चरण में खिलाड़ियों के प्रदर्शन से जुड़ा डेटा कलेक्शन किया जाएगा, जिसमें रन, विकेट, फील्डिंग और ऐतिहासिक रिकॉर्ड शामिल होंगे ताकि चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी हो सके।

  • मध्यप्रदेश में छोटे दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में अनावश्यक निरीक्षणों पर रोक

    मध्यप्रदेश में छोटे दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में अनावश्यक निरीक्षणों पर रोक


    भोपाल! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दिशा निर्देशों के अनुसार मध्यप्रदेश शासन श्रम विभाग द्वारा मध्य प्रदेश दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 1958 में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। यह संशोधन राज्य में इज ऑफ डुईंग बिजनेस को बढ़ावा देने तथा दुकानदारों एवं प्रतिष्ठान संचालकों पर अनुपालन का अनावश्यक भार कम करने के उद्देश्य से किया गया है। संशोधन के अंतर्गत अब ऐसी दुकानें एवं संस्थान, जिनमें 20 से कम कर्मचारी कार्यरत हैं, उनके यहाँ श्रम निरीक्षकों द्वारा निरीक्षण केवल राज्य सरकार की पूर्व अनुमति से ही किया जा सकेगा। इससे अनावश्यक निरीक्षणों पर रोक लगेगी।

    श्रम विभाग के अपर सचिव श्री बसंत कुर्रे ने बताया है कि इस निर्णय से छोटे दुकानदारों एवं उद्यमियों को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलेगी। साथ ही दुकानदारों में स्व-अनुपालन की भावना को प्रोत्साहन मिलेगा। व्यापार एवं रोजगार सृजन के लिए अनुकूल वातावरण विकसित होगा। इससे समय, संसाधन एवं लागत की बचत होगी।मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा छोटे दुकानदारों के प्रति संवेदनशीलता बरती जा रही है।

    श्रम विभाग ने सभी दुकानदारों, व्यापार संघों एवं उद्यमियों से अपेक्षा की है कि वे श्रम कानूनों का स्वेच्छा से पालन करें और इस सकारात्मक सुधार का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय का विस्तार करें।

  • मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव खाचरौद में 74.35 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की देंगे सौगात

    मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव खाचरौद में 74.35 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की देंगे सौगात

    भोपाल ! मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को उज्जैन जिले के खाचरौद में 74.35 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के विभिन्‍न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे। इसमें 48.51 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और 25.84 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि-पूजन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव खाचरौद में 35.40 करोड़ की लागत से निर्मित सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण करेंगे। साथ ही खाचरौद में 9 करोड़ 10 लाख रूपये की लागत से बनने वाले संयुक्त तहसील कार्यालय भवन का भूमि-पूजन करेंगे।
  • MP: उज्जैन में दिखा कपिल देव का खास अंदाज… बच्चों संग गली में खेली क्रिकेट, लगाए शॉट्स

    MP: उज्जैन में दिखा कपिल देव का खास अंदाज… बच्चों संग गली में खेली क्रिकेट, लगाए शॉट्स


    उज्जैन।
    भारतीय क्रिकेट मशहूर शख्सियत (Indian Cricket Personality) और 1983 विश्व कप विजेता कप्तान (1983 World Cup winning captain) कपिल देव (Kapil Dev) अपने एक पुराने मित्र से मिलने उज्जैन (Ujjain) पहुंचे। इस दौरान कपिल देव (Kapil Dev) का एक बेहद खास अंदाज देखने को मिला। कपिल देव बिना किसी सुरक्षा प्रोटोकॉल के एक गली में बच्चों के साथ क्रिकेट खेली और तगड़े शॉट्स लगाए। बच्चों के साथ इस मौज-मस्ती का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। महान क्रिकेटर को अचानक अपने बीच पाकर बच्चे उत्साहित नजर आए। यही नहीं वहां से गुजरने वाले लोग भी कपिल देव की इस सादगी को देखकर हैरान रह गए।


    नहीं लिया वीआईपी सुरक्षा का तामझाम

    बताया जाता है कि कपिल देव अपने पुराने पारिवारिक मित्र मोहनलाल सोनी और सरला सोनी से मिलने उनके निवास पर आए थे। इस अल्प प्रवास के दौरान उन्होंने किसी भी प्रकार का सुरक्षा प्रोटोकॉल या वीआईपी तामझाम नहीं लिया और बेहद सहजता के साथ समय बिताया। सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है जिसमें वे फ्रीगंज की गलियों में बच्चों के साथ प्लास्टिक के बल्ले से क्रिकेट खेलते नजर आ रहे हैं।


    बच्चों संग फोटो भी खिंचाई

    महान क्रिकेटर को अचानक अपने बीच गली में बल्लेबाजी करते देख बच्चों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। स्थानीय लोग भी कपिल देव की सादगी देखकर अभूभूत हुए। कपिल देव ने न केवल बच्चों के साथ क्रिकेट का आनंद लिया वरन उनके साथ फोटो भी खिंचाई और काफी वक्त बिताया। उन्होंने उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा से भी शिष्टाचार मुलाकात की। अपनी बातचीत के दौरान कपिल देव ने उज्जैन की शांति और सुंदरता की तारीफ की।


    उज्जैन की तारीफ की

    कपिलदेव ने कहा कि उज्जैन का माहौल इतना सुखद है कि यहीं बस जाने का मन करता है। हालांकि इन दिनों महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और लोगों को असुविधा ना हो, इस वजह से वह मंदिर नहीं गए। कपिल देव के उज्जैन में होने की खबर जैसे फैली प्रशंसकों की भीड़ उनके मित्र के घर पहुंचने लगी लेकिन तब तक वह वापस लौट चुके थे। उनकी सादगी की चर्चा सोशल मीडिया पर हो रही है।

  • MP: सतना में 26 साल पुराना कर्ज उतारने के लिए सफाईकर्मी के घर पहुंचे DSP

    MP: सतना में 26 साल पुराना कर्ज उतारने के लिए सफाईकर्मी के घर पहुंचे DSP


    सतना।
    पद और प्रतिष्ठा मिल जाए, लेकिन इंसान को अपना अतीत और किसी का उपकार कभी नहीं भूलना चाहिए। मध्य प्रदेश पुलिस (Madhya Pradesh Police) के चर्चित और संवेदनशील अधिकारी DSP संतोष पटेल ने इस बात को साबित कर दिखाया है। वे अपने ऊपर चढ़े हुए 26 साल पुराने एक कर्ज (A 26-year-old Debt) को उतारने के लिए सतना (Santa) की तंग गलियों में मौजूद एक झुग्गी बस्ती (Slum) में पहुंचे। यह कर्ज पैसों का नहीं था, बल्कि खून का था। जिस सफाईकर्मी संतु मास्टर ने बचपन में अपना खून देकर संतोष पटेल की जान बचाई थी, वे उसी से मिलने के लिए शहर में आए थे। हालांकि यहां पहुंचकर उन्हें पता चला कि संतु अब दुनिया में नहीं रहे, जिसके बाद वे उनके परिवार का पता लगाकर उनसे मिलने के लिए यहां आ गए। यहां संतु मास्टर की बेटियों से मिलकर वह भावुक हो गए और इस दौरान उन्होंने उनकी बड़ी बेटी के चरण स्पर्श कर परिवार की जिम्मेदारी उठाने का संकल्प लिया।

    यहां पहुंचकर DSP संतोष पटेल ने एकबार फिर अपने बचपन का वो डरावना मंजर याद किया, जब उनकी जान पर बन आई थी। बात साल 1999 की है, जब वे महज 8-9 साल के थे। एक गंभीर बीमारी ने उन्हें जकड़ लिया था। शरीर का खून पानी बनकर मवाद में बदल गया था। इस दौरान उनके पिता और दादा ने 6 महीने झाड़-फूंक में गंवा दिए। हालत बिगड़ने पर उन्हें पन्ना जिला अस्पताल और फिर सतना के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने साफ कह दिया कि तत्काल ऑपरेशन करना होगा, और खून की सख्त जरूरत है।


    खून देने से पहले पिता को लगाई थी फटकार

    DSP ने बताया कि उस दौर में रक्तदान को लेकर कई भ्रांतियां थीं और कोई डोनर नहीं मिल रहा था। लेकिन इसी बीच अस्पताल में एक अजीब संयोग बना। संतोष के पिता ने गलती से पान-सुपारी खाकर अस्पताल परिसर में थूक दिया। वहां सफाई कर रहे संतु ने उन्हें देखा और दौड़कर आया। इसके बाद उसने पिता को डांटा-फटकारा और चला गया। हालांकि इसी दौरान जब बेटे की हालत की वजह से संतोष के पिता जब वहां पर निराश बैठे हुए थे, तो उसी सफाईकर्मी संतु ने उनके कंधे पर हाथ रखकर कहा था, ‘आप हताश मत हो, आपका बेटा जिंदा रहेगा।’

    इसी बीच जब संतु मास्टर को पता चला कि बच्चे को खून की जरूरत है, तो उसने बिना किसी स्वार्थ के अपना ब्लड डोनेट किया था। उसी खून से ऑपरेशन सफल रहा और आज संतोष पटेल जिंदा हैं और पुलिस अधिकारी है।

    ‘अधिकारी नहीं, बेटा बनकर आया हूं’
    DSP बनने के बाद संतोष पटेल सतना के उसी अस्पताल पहुंचे। वे संतु मास्टर को गले लगाना चाहते थे, लेकिन वहां पता चला कि उनका निधन हो चुका है और पत्नी भी नहीं रहीं। अस्पताल की एक बुजुर्ग महिला कर्मचारी ने बताया कि संतु की दो बेटियां झुग्गी बस्ती में रहती हैं। इसके बाद DSP उनका पता लेकर तुरंत यहां पहुंचे। वर्दी पहने एक बड़े अफसर को अपनी झोपड़ी में देख बेटियां सहम गईं, लेकिन जब DSP ने झुककर उनके पैर छुए, तो सबकी आंखें नम हो गईं।


    DSP बोले- मैं करूंगा कन्यादान

    DSP ने संतु की बेटियों से कहा,मैं संतु मास्टर का मुंह नहीं देख पाया, इसका अफसोस जीवन भर रहेगा, लेकिन मेरी रगों में भी उनका खून दौड़ रहा है। इसके साथ ही उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि वे लोग अकेले नहीं हैं। DSP ने संकल्प लिया कि वे संतु मास्टर की छोटी बेटी की शादी धूमधाम से कराएंगे। उन्होंने कहा, ‘अगर समय और संयोग रहा, तो मैं खुद भाई और पिता का फर्ज निभाते हुए कन्यादान भी करूंगा’।

  • MP: जबलपुर में चाय की गुमटी में घुसी बेकाबू SUV… BJP युवा मोर्चा के पूर्व उपाध्यक्ष समेत दो की मौत

    MP: जबलपुर में चाय की गुमटी में घुसी बेकाबू SUV… BJP युवा मोर्चा के पूर्व उपाध्यक्ष समेत दो की मौत


    जबलपुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के जबलपुर जिले (Jabalpur district) में तेज रफ्तार एसयूवी इनोवा कार (SUV Innova Car) ने चाय की गुमटी पर खड़े चार लोगों को रौंद दिया। इस हादसे में भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व उपाध्यक्ष समेत 2 युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में दो अन्य लोगों को मामूली चोट आई हैं।

    बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार एसयूवी जबलपुर से अमरकंटक की तरफ जा रही थी। इसी दौरान सदाफल से कुंडम तरफ आ रहे बाइक सवारों को बचाने के चक्कर में कार चालक ने सड़क किनारे स्थित चाय की टपरी में कार घुसा दी। जानकारी अनुसार कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि उसने पहले सड़क किनारे खड़े 3 से 4 वाहनों को टक्कर मारी फिर जाकर सीधे गुमटी में घुस गई। इस हादसे में कार भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

    इस हादसे में आकाश विश्वकमां, दीपक महोबिया, दीपक चक्रवर्ती व शरद इसकी चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को 108 एम्बुलेंस से इलाज के लिए कुंडम अस्पताल पहुंचाया गया। जहां आकाश विश्वकर्मा व दीपक महोबिया की मौत हो गई।


    ग्रामीणों ने जबलपुर-अमरकंटक रोड की जाम

    एक्सीडेंट के बाद चारों तरफ अफरातफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने दोनों युवकों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने दोनों युवकों को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद नाराज ग्रामीणों ने जबलपुर अमरकंटक रोड पर चक्काजाम कर दिया। हंगामा होने की सूचना पर पहुंचे अधिकारियों की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ।


    प्रदर्शन के बीच ग्रामीणों ने क्या मांग की?

    घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने कुंडम बायपास पर चकाजाम कर प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि सदाफल क्रॉसिंग और कॉलेज व सिलोंड़ी रोड क्रॉसिंग के पास से वाहन तेज रफ्तार से भागते हैं, जिससे आए दिन हादसे होते है। ग्रामीणों का कहना था कि इस मार्ग पर ब्रेकर बनाने व स्टॉपर रखे जाने की मांग की गई, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिए जाने से लोग हादसे का शिकार हो रहे है।


    क्या बोले अधिकारी?

    जबलपुर एडिशनल एसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि कार नंबर के आधार पर वाहन मालिक व चालक के संबंध में जानकारी जुटाई गई। कार सवार डिंडौरी के रहने वाले हैं जो किसी काम से जबलपुर आए थे और वापस लौट रहे थे। घायलों में दीपक और शरद निजी अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस ने मौके से चालक को हिरासत में लेते हुए जांच शुरू कर दी है।

  • MP: अशोकनगर में कुख्यात सट्टा किंग के 3 मंजिला होटल पर चला प्रशासन का बुलडोजर

    MP: अशोकनगर में कुख्यात सट्टा किंग के 3 मंजिला होटल पर चला प्रशासन का बुलडोजर

    अशोकनगर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के अशोकनगर (Ashoknagar) में प्रशासन ने होटल आजाद पैलेस (Hotel Azad Palace) पर बुलडोजर (Bulldozer) चला दिया। बिना अनुमति निर्माण और नियमों के उल्लंघन के कारण तीन मंजिला होटल के अगले और पिछले हिस्से को जमींदोज कर दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स मौजूद रही। मौके पर ड्रोन भी तैनात किए गए थे। यह होटल आजाद खान नाम के शख्स का बताया जाता है। आजाद खान जेल में बंद है। इससे पहले उसके फार्म हाउस पर भी कार्रवाई की जा चुकी है।


    क्या आरोप?

    आजाद खान पर ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क चलाने का आरोप है। उसका नाम कई आपराधिक मामलों में भी सामने आया है। ये सारे प्रकरण जांच की केंद्र और न्यायिक दायरे में हैं। प्रशासन की मुख्य कार्रवाई उसके तीन मंजिला होटल आजाद पैलेस पर हुई। नगर पालिका की टीम ने पुलिस के साथ मिलकर होटल के अवैध हिस्सों को जमींदोज कर दिया। इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए होटल के आसपास की दुकानों को बंद करा दिया गया था।


    क्या बोला प्रशासन?

    एसडीएम सुब्रत त्रिपाठी ने कहा- होटल आजाद पैलेस, आजाद खान और शाहिद खान का है जिन पर 5 लाख रुपये बकाया भी है। यह होटल नगर निगम की मंजूरी के बिना अवैध रूप से चलाया जा रहा था। नगर निगम ने उन्हें तीन नोटिस जारी किए थे। अब होटल के खिलाफ तोड़फोड़ की कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों का कोलुआ में एक और फार्महाउस भी था, जिसे बिना इजाजत के बनाया गया था।


    100 पुलिसकर्मी रहे तैनात, ड्रोन से निगरानी

    साथ ही आसपास बैरिकेडिंग कर दी गई थी। मौके पर लगभग 100 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। ड्रोन और वीडियो कैमरों की निगरानी में जेसीबी ने होटल के अगले और पिछले हिस्सों को जमींदोज कर दिया।


    वित्तीय गड़बड़ी का भी आरोप

    बताया जाता है कि आजाद खान की भूमिका कथित सट्टा नेटवर्क तब उजागर हुई थी जब गुना और अशोकनगर पुलिस ने कुछ सटोरियों के बैंक ट्रांजैक्शन की जांच की। जांच में सामने आया कि आरोपी सट्टा के साथ ही एक कोऑपरेटिव सोसाइटी की आड़ में कथित तौर पर वित्तीय अनियमितताएं भी कर रहा था। आरोपी आजाद खान की मुश्किलें तब बढ़ गईं जब देहात थाना क्षेत्र में दो भाइयों की आत्महत्या के मामले में उस पर उकसाने का आरोप लगा।


    आलीशान फार्म हाउस पर भी हो चुका है ऐक्शन

    इसके बाद पुलिस ने आजाद खान को गिरफ्तार कर के उसे जेल भेज दिया। आजाद खान की गिरफ्तारी के समय वह घायल अवस्था में लंगड़ाते हुए देखा गया था। इससे पहले प्रशासन ने कोलुआ गांव के पास स्थित उसके दो मंजिला आलीशान फार्म हाउस पर भी कार्रवाई की थी। प्रशासन का कहना था कि वह बिना मंजूरी के सड़क के बहुत करीब बना था। अब सारे आरोप न्यायिक कार्यवाही और जांच के दायरे में बताए जाते हैं।


    भाई पर भी आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप

    इतना ही नहीं, आजाद खान के भाई राशिद खान उर्फ चिन्ना पर भी आरोप है कि उसने आत्महत्या करने वाले भाइयों के परिवार को धमकाया और राजीनामे का दबाव बनाया। मौजूदा वक्त में सरकार ने आजाद खान की केबीएन साख सहकारी संस्था के सभी लेनदेन पर रोक लगा दी है। मंत्री विश्वास सारंग ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई ने शहर में खलबली मचा दी है।

  • MP: नर्मदा तट पर पेशाब… भड़के IAS अफसर ने युवक को जड़े थप्पड़, जमीन में गाड़ने की दी धमकी

    MP: नर्मदा तट पर पेशाब… भड़के IAS अफसर ने युवक को जड़े थप्पड़, जमीन में गाड़ने की दी धमकी


    नरसिंहपुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के नरसिंहपुर जिले (Narsinghpur district) में नर्मदा नदी (Narmada River) पर बने एक घाट से कुछ दूरी पर एक युवक को पेशाब करता देख एक IAS अधिकारी का पारा इतना चढ़ गया कि उन्होंने उसे दो थप्पड़ रसीद कर दिए। इतना ही नहीं उनकी देखादेखी उनके गार्ड ने भी युवक को एक चांटा जड़ दिया। हाथ उठाने वाले अधिकारी की पहचान गजेंद्र नागेश (Gajendra Nagesh) के रूप में हुई है, और इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हो गया है, जिसमें नागेश उस युवक को गालियां देते और थप्पड़ मारते नजर आ रहे हैं।

    घटना के वक्त वहां मौजूद लोगों ने बताया कि युवक घाट के पीछे पेशाब करने के लिए गया था, तभी वहां आरोपी अधिकारी आ पहुंचे और उसे समझाने की बजाय उस पर हाथ उठाया शुरू कर दिया। एक रिपोर्ट के अनुसार अधिकारी ने जिस युवक को सरेआम थप्पड़ मारे उसकी पहचान बृजेश नौरिया के रूप में हुई है, जो कि घाट के पास एक जनरल स्टोर्स चलाता है।


    अधिकारी ने कहा- इधर आ लौंडे

    घटना का जो वीडियो सामने आया है, उसमें वह अधिकारी कहते दिखाई दे रहे हैं, ‘नर्मदाजी के घाट क्या पेशाब करने के लिए हैं। इधर आओ लौंडे।’ इसी बीच वहां खड़ा एक बुजुर्ग पुजारी अपनी परेशानी बताते हुए IAS अधिकारी से कहता है, ‘क्या करें सर, कहां जाएं, कोई व्यवस्था नहीं है।’ तब वह अधिकारी कहते हैं, ‘तो कहीं दूर जाकर करोगे या नर्मदा के घाट पर ही करोगे।’


    ‘हटवाओ इसकी दुकान, फिंकवाओ इसके यहां से’

    इसके बाद अधिकारी उस युवक के पास जाते हैं और कहते हैं, ‘साले वहां पेशाब करने गया था’, इतना कहते ही वे उस पर हाथ उठा देते हैं, और इसके बाद उसका नाम पूछते हुए एकबार फिर उसे जोरदार थप्पड़ मार देते हैं और कहते हैं साले वहां पेशाब करने गया था, इसके बाद वह अपने साथ आए अमले से कहते हैं हटवाओ इसकी दुकान कहां है, फिंकवाओ इसको यहां से, क्या नाम है इसका, ये मुझे दिखना नहीं चाहिए एक महीने तक।’ इसके बाद जब वहां खड़े बुजुर्ग उस अधिकारी को समझाने की कोशिश करते हैं, तो अधिकारी गुस्से में उनसे कहता है, ‘मैं तुम्हें रेत में गड़वा दूंगा, जितना ऊपर दिख रहे हो ना, उतना ही अंदर करवा दूंगा।’

    प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना शहर के बरमान रेत घाट पर शनिवार को हुई थी, और इसका वीडियो सोमवार को वायरल हो गया। जिसके बाद लोगों में गुस्सा भी फैल गया और वे उस अधिकारी पर युवक का अपमान, पद का दुरुपयोग और दुर्व्यवहार करने जैसे आरोप लगाने लगे।

    उधर अधिकारी ने जिस बुजुर्ग पुजारी को जमीन में गाड़ने की धमकी दी, उनकी पहचान कैलाश चंद्र मिश्रा के रूप में हुई है, जिन्होंने वहां सार्वजनिक शौचालय नहीं होने को लेकर शिकायत की तो अधिकारी ने उन्हें भी डपट दिया था। इसके बाद मिश्रा ने यह भी दावा किया कि उसे वहां सजा भी दी गई और बतौर सजा उठक-बैठक लगाने के लिए मजबूर भी किया गया।

    इस घटना को लेकर जिले के पुजारियों और ब्राह्मण समुदाय के लोगों में भारी नाराजगी है और इसे लेकर उन्होंने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को एक लिखित शिकायत भी कर दी है। वहीं इलाके के एक पुलिस अधिकारी ने भी इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि ब्राह्मण समुदाय के 25-30 लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल आया था और उन्होंने IAS अधिकारी के संबंध एक ज्ञापन भी सौंपा है। उधर IAS अधिकारी ने अपने किए का बचाव करते हुए कहा कि उनका इरादा सिर्फ नदी की पवित्रता की रक्षा करना था।

  • MP: भोपाल एयरपोर्ट यात्री संतुष्टि सर्वे में लगातार दूसरी बार देश में नंबर बन, खजुराहो एयरपोर्ट भी अव्वल

    MP: भोपाल एयरपोर्ट यात्री संतुष्टि सर्वे में लगातार दूसरी बार देश में नंबर बन, खजुराहो एयरपोर्ट भी अव्वल


    भोपाल।
    भारतीय विमानन प्राधिकरण (एएआई) (Aviation Authority of India -AAI) के एक सर्वेक्षण में भोपाल और खजुराहो एयरपोर्ट (Bhopal and Khajuraho Airport) ने देश के 62 हवाईअड्डों को पीछे छोड़ दिया है। यह सर्वेक्षण रिपोर्ट देश भर के 62 हवाई अड्डों में से 58 से प्राप्त फीडबैक पर आधारित है। असम का रूपासी हवाई अड्डा सबसे निचले स्थान पर रहा, जिसे 5 में से केवल 3 अंक मिले।

    भारतीय विमानन प्राधिकरण (एएआई) के अखिल भारतीय ग्राहक संतुष्टि सर्वेक्षण (All India Customer Satisfaction Survey) में मध्य प्रदेश के भोपाल और खजुराहो के हवाईअड्डों को सबसे ज्यादा अंक प्राप्त हुए हैं। एक अधिकारी ने बताया कि सर्वेक्षण रिपोर्ट देश भर के 62 हवाईअड्डों में से 58 से मिले फीडबैक पर आधारित है।

    अधिकारी ने बताया कि जनवरी से जून के बीच आयोजित सर्वेक्षण के पहले चरण में ग्राहक संतुष्टि के मामले में भोपाल, खजुराहो और राजस्थान के उदयपुर के हवाई अड्डों ने पूरे अंक प्राप्त करके शीर्ष स्थान हासिल किया। सर्वेक्षण का दूसरा चरण जून से दिसंबर के बीच आयोजित किया गया। इस दौरान भोपाल, खजुराहो और महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के हवाई अड्डों को 5 में से 4.99 अंक प्राप्त हुए।

    चार हवाई अड्डों – शिमला (हिमाचल प्रदेश), भावनगर (गुजरात), तेजपुर (असम) और कालाबुर्गी (कर्नाटक) को यात्री उड़ानें नहीं होने के कारण सर्वेक्षण में शामिल नहीं किया गया। असम का रूपासी हवाई अड्डा सबसे निचले स्थान पर रहा, जिसे 5 में से केवल 3 अंक मिले।

    मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित खजुराहो अपनी मंदिर शिल्पकला के लिए प्रसिद्ध है। यहां भारी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक आते हैं। सर्वेक्षण रिपोर्ट से पता चलता है कि विश्व स्तरीय यात्री सेवाएं अब भारत के छोटे शहरों में भी पहुंच रही हैं।

    खजुराहो हवाई अड्डे के निदेशक संतोष सिंह ने बताया कि 2025 में लगातार दो बार शीर्ष स्थान प्राप्त करना गर्व की बात है। यह हमारी पूरी टीम की प्रतिबद्धता, कड़ी मेहनत और यात्रियों को सर्वोत्तम सुविधाएं प्रदान करने के हमारे निरंतर प्रयासों का परिणाम है।