शांतिपूर्ण लेकिन सख्त कार्रवाई
कलेक्टर ने 23 कॉलोनियों को रडार पर लिया
दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
रजिस्ट्री-नामांतरण पर प्रतिबंध

कलेक्टर ने 23 कॉलोनियों को रडार पर लिया
दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई

सत्ता के दबाव का आरोप और पुलिस से तीखी झड़प
अधिकारियों में मचा हड़कंप
न्यायालय से नहीं मिली है राहत

बहादुर नाविक ने पेश की मानवता की मिसाल
खतरे का केंद्र बनता पुराना पुल

सोने से पहले गूंजी धमाके की आवाज
जमीन पर तड़पते मिले प्रतीक
वेंटिलेटर पर तोड़ा दम

इन सेवाओं में मिलेगी कैशलेस सुविधा
मंदिर प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रद्धालु बिना किसी आर्थिक उलझन के बाबा के दर्शन कर सकें। वर्तमान में निम्नलिखित सेवाओं में ई-वॉलेट और डिजिटल भुगतान का लाभ मिल रहा है भस्म आरती बुकिंग ऑनलाइन पोर्टल पर ई-वॉलेट के जरिए बुकिंग पहले से जारी है। शीघ्र दर्शन टिकट सशुल्क दर्शन के लिए काउंटर पर डिजिटल पेमेंट की सुविधा। दान काउंटर मंदिर के विभिन्न दान काउंटरों पर बारकोड के माध्यम से सीधा भुगतान। लड्डू प्रसाद अब महाकाल का सुप्रसिद्ध लड्डू प्रसाद भी ऑनलाइन पेमेंट के जरिए लिया जा सकेगा। धर्मशाला एवं अन्न क्षेत्र महाकालेश्वर और हरसिद्धि धर्मशाला में रुकने का शुल्क और अन्न क्षेत्र का सहयोग भी कैशलेस किया गया है।
नेटवर्क की चिंता नहीं नकद भुगतान भी रहेगा जारी
डिजिटल सुविधाओं को बढ़ावा देने के साथ-साथ मंदिर समिति ने व्यवहारिकता का भी ध्यान रखा है। अक्सर मंदिर परिसर में भीड़ और तकनीकी कारणों से नेटवर्क की समस्या आ जाती है। इसे देखते हुए समिति ने स्पष्ट किया है कि नकद भुगतान की सुविधा भी अनिवार्य रूप से बनी रहेगी। यदि ई-पेमेंट में कोई तकनीकी खामी आती हैतो दर्शनार्थी पुराने तरीके से भी भुगतान कर सकेंगे ताकि उनकी व्यवस्था प्रभावित न हो।
मंदिर परिसर में हर जगह उपलब्ध हैं बारकोड
भक्तों की सुविधा के लिए मंदिर परिसर के प्रमुख स्थानोंविश्राम धाम और कार्यालयों के बाहर बारकोड लगाए गए हैं। श्रद्धालु अपने मोबाइल से किसी भी यूपीआई ऐप जैसे PhonePeGoogle PayPaytm के माध्यम से सुरक्षित रूप से दान राशि जमा कर सकते हैं। इसकी रसीद भी डिजिटल या भौतिक रूप से प्राप्त करने की व्यवस्था की जा रही है।
प्रशासक का विजन सुलभ और पारदर्शी व्यवस्था
मंदिर समिति के अनुसारइस कदम से न केवल भक्तों को सुविधा होगीबल्कि मंदिर के कोष और लेखा-जोखा में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। डिजिटल लेन-देन से रिकॉर्ड रखने में आसानी होती है और सुरक्षा की दृष्टि से भी यह बेहतर है। सुविधा दानप्रसादऔर बुकिंग के लिए कैशलेस व्यवस्था। माध्यम बारकोडक्यूआर कोड और ई-वॉलेट। विकल्प डिजिटल के साथ नकद भुगतान की सुविधा भी बरकरार। स्थान महाकालेश्वर मंदिरउज्जैन।

विरोध की ज्वाला और आंदोलन की चेतावनी
अपनों ने भी उठाए थे सवाल
क्या थी लैंड पूलिंग योजना और क्यों था विरोध
किसानों के विरोध के मुख्य बिंदु निम्नलिखित थे
स्थायी कब्जा बनाम अस्थायी उपयोग दशकों से परंपरा रही है कि सिंहस्थ के लिए किसान केवल 5-6 महीनों के लिए अपनी जमीन सरकार को उपयोग हेतु देते थे और मेला समाप्त होने पर जमीन वापस मिल जाती थी। लैंड पूलिंग के तहत जमीन का स्वरूप स्थायी रूप से बदल जाता। रोजी-रोटी का संकट किसानों को डर था कि स्थायी निर्माण के बाद वे खेती नहीं कर पाएंगे जिससे उनकी आजीविका छिन जाएगी।
अधिकारों का हनन किसान अपनी जमीन पर मालिकाना हक खोने को तैयार नहीं थे।
निष्कर्ष पुरानी परंपरा ही रहेगी बरकरार

खेत में काम कर रहे थे माता-पिता
अस्पताल पहुंचने से पहले ही तोड़ा दम
पोस्टमार्टम के बाद सौंपा जाएगा शव
पीड़ित परिवार को मिलेगी आर्थिक सहायता
गांव में शोक का माहौल

युवक पर कैंची से जानलेवा हमला
थाना परिसर में तीन किन्नरों ने पीया फिनाइल
विवाद निपटाने की विधायक की पहल

मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार ने दो वर्षों में महत्वपूर्ण योजनाओं पर काम कियाजिनमें जल प्रबंधन और लॉ एंड ऑर्डर सुधार सबसे प्रमुख रहे। विशेष रूप से पार्वतीकालीसिंधचंबलकेन-बेतवा और ताप्ती नदी जोड़ो परियोजनाओं को लेकर उन्होंने कहा कि यह योजनाएं नए युग की शुरुआत हैंजो प्रदेश के जल संकट को दूर करने में मददगार साबित होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजनाएं न सिर्फ जल प्रबंधन में सुधार करेंगीबल्कि प्रदेश की कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी बदलाव लाएंगी।
मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएं
क्षिप्रा जल योजना
नदी जोड़ो परियोजना
लॉ एंड ऑर्डर सुधार
सरकार की आगामी योजनाएं
मुख्यमंत्री ने दो साल की समीक्षा के बाद आगामी तीन वर्षों के लिए एक व्यापक कार्य योजना बनाई है। इस कार्य योजना में मंत्री विभागवार प्रेजेंटेशन देंगेजिससे हर विभाग के कार्यों और योजनाओं का लक्ष्य तय किया जाएगा।
सीएम ने कहा कि उनकी सरकार ने विकास के हर क्षेत्र में सुधार किया हैऔर वे आगामी वर्षों में और अधिक विकास कार्यों को मूर्त रूप देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने किसानोंयुवाओंमहिलाओं और अन्य वर्गों के लिए भी योजनाओं की घोषणा कीजिनसे प्रदेश में समग्र विकास सुनिश्चित होगा।
सीएम डॉ. मोहन यादव के अनुसारउनकी सरकार ने दो वर्षों में कई ऐतिहासिक कार्य किए हैंजिनका लाभ प्रदेशवासियों को मिलने वाला है। जल प्रबंधन और लॉ एंड ऑर्डर में सुधारदोनों ही मामलों में सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। साथ हीआने वाले वर्षों में सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर क्षेत्र में समृद्धि लाना और माओवाद जैसी समस्याओं का पूरी तरह से समाधान करना है।

दमोह सिंचाई परियोजना को 165 करोड़ की मंजूरी
मुख्यमंत्री ने बताया कि दमोह जिले की बहुप्रतीक्षित झापड़ नाला माध्यम सिंचाई परियोजना को 165 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी गई है। इस परियोजना से हजारों किसानों को पानी मिलेगा और कृषि उत्पादकता में वृद्धि होगी।प्रदेश सरकार का लक्ष्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और सिंचाई सुविधाओं को अधिक से अधिक क्षेत्रों तक पहुंचाना है।सागर में बनेगा विशाल इंडस्ट्रियल पार्क30 हजार रोजगार बैठक में सबसे बड़ी घोषणा सागर को लेकर की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सागर जिले में एक बड़ा इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किया जाएगा। इसमें 24 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आएगा।
30 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।
इंडस्ट्रियल पार्क से बुंदेलखंड और महाकौशल क्षेत्र में औद्योगिक विकास को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।साथ ही यहां निवेशक सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगाजिससे नए उद्योगों को आकर्षित किया जा सके।पर्यटन को बढ़ावा: खजुराहो में फाइव स्टार होटल और कन्वेंशन सेंटर का बेहतर उपयोग खजुराहोजो विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैअब और बेहतर सुविधाएँ प्राप्त करेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि- कन्वेंशन सेंटर के साथ पीपीपी मॉडल पर फाइव स्टार होटल बनाने की योजना है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पन्ना नेशनल पार्क में 10 नई कैंटर बसें शुरू की गई हैं ताकि बड़े ग्रुप भी एक साथ सफारी का आनंद ले सकें। G-20 की सफलता के बाद खजुराहो को लगातार अंतरराष्ट्रीय आयोजन स्थलों की सूची में मजबूत करने की योजना पर भी चर्चा हुई।
पन्ना नेशनल पार्क व वन्यजीव संरक्षण को नया प्रोत्साहन
पन्ना टाइगर रिजर्व में मंत्री मंडल ने रोमांचक सफारी का अनुभव लिया। मंत्री प्रहलाद पटेलविजय शाहइंदर सिंह परमार और लखन पटेल ने दो बार बाघ देखने का अनुभव साझा किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि- कूनो में 28 और गांधीसागर में 2 चीते हैं। जनवरी में बोत्सवाना से 8 नए चीते मध्यप्रदेश लाए जाएंगे। उन्हें नौरादेही और दुर्गावती अभयारण्य में पुनर्स्थापित किया जाएगा। पन्ना पार्क में हाथियों की संख्या भी लगातार बढ़ रही हैजिससे भविष्य में यह हाथियों के लिए भी आदर्श आवास बन सकता है। युवाओं को विदेश भेजने की योजनाअस्पतालों का उन्नयनबैठक में शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी कई योजनाओं को मंजूरी दी गई- पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के 600 युवाओं को जर्मनी और जापान भेजने की योजना तैयार की गई है। प्रदेश के 12 अस्पतालों को अपग्रेड किया जाएगा। एमपी में अग्निशमन सेवा विस्तार के लिए 397 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए।
कैनबिनेट मीटिंग से पहले- बाद के कार्यक्रम
मंगलवार सुबह सभी मंत्रियों ने पन्ना टाइगर रिजर्व पहुंचकर सफारी का आनंद लिया। फील्ड डायरेक्टर नरेश यादव ने मंत्रियों का स्वागत कर उन्हें पीटीआर की विशेष कैप पहनाकर प्रवेश दिलाया।मंत्रियों ने कहा कि यह अनुभव बेहद शानदार रहा और पन्ना का वन्यजीव संरक्षण मॉडल देश के लिए उदाहरण बन सकता है।इसके अलावा मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की बैठक भी लीजिसमें योजनाओं की समीक्षा और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की गई।खजुराहो की इस कैबिनेट बैठक ने बुंदेलखंड को मेडिकल कॉलेजसिंचाई परियोजनापर्यटन विकास और औद्योगिक प्रगति जैसी बड़ी सौगातें दी हैं। आने वाले वर्षों में क्षेत्र में रोजगारस्वास्थ्य सेवाओं और पर्यटन के नए अवसर पैदा होंगे।