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  • आखिरी 100 मीटर बना जिंदगी का अंत शादी से लौटते तीन युवकों की सड़क हादसे में मौत

    आखिरी 100 मीटर बना जिंदगी का अंत शादी से लौटते तीन युवकों की सड़क हादसे में मौत


    आलीराजपुर । मध्यप्रदेश के आलीराजपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है जहां खुशियों से भरी एक रात अचानक मातम में बदल गई बोरी गांव में देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई सबसे दर्दनाक बात यह रही कि हादसा उनके घर से महज 100 मीटर की दूरी पर हुआ

    जानकारी के अनुसार तीनों युवक एक शादी समारोह में शामिल होकर देर रात करीब 2 बजे बाइक से अपने गांव लौट रहे थे रास्ते में जैसे ही वे घर के पास पहुंचे तभी तेज रफ्तार से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों युवकों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उन्होंने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया

    मृतकों की पहचान रोशन उम्र 17 वर्ष अनिल उम्र 14 वर्ष और सावन उम्र 15 वर्ष के रूप में हुई है तीनों अलग अलग परिवारों से थे लेकिन आपस में गहरे दोस्त थे शादी में साथ जाना और साथ लौटना उनकी दोस्ती की पहचान थी लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा

    हादसे की खबर मिलते ही गांव में अफरा तफरी मच गई स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया वहीं घटना की गंभीरता को देखते हुए आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को संभाला जा सके

    इस हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है जिन घरों में कुछ घंटे पहले तक खुशियां थीं वहां अब रोने की आवाजें गूंज रही हैं परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है

    पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश शुरू कर दी गई है आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और संदिग्ध वाहनों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है

    यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से ड्राइविंग के खतरनाक परिणामों को उजागर करता है कुछ ही पलों की लापरवाही ने तीन परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं और पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया

  • भोपाल से चंदेरी और ओरछा अब आसमान के रास्ते सीएम ने लॉन्च की पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा

    भोपाल से चंदेरी और ओरछा अब आसमान के रास्ते सीएम ने लॉन्च की पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा


    भोपाल । मध्यप्रदेश में पर्यटन को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राजधानी भोपाल से पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा की शुरुआत की इस नई पहल के तहत भोपाल से ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के दो प्रमुख स्थलों चंदेरी और ओरछा को सीधे हवाई मार्ग से जोड़ा गया है

    स्टेट हैंगर से सेवा का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने यात्रियों को बोर्डिंग पास वितरित किए और इस योजना को प्रदेशवासियों के लिए एक बड़ी सौगात बताया उन्होंने कहा कि यह सेवा न सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा देगी बल्कि यात्रियों का समय भी काफी बचाएगी जिससे लोग कम समय में ज्यादा स्थानों की यात्रा कर सकेंगे

    यह हेली सेवा सप्ताह में पांच दिन बुधवार से रविवार तक संचालित होगी जिससे पर्यटकों को लचीला विकल्प मिलेगा किराए की बात करें तो भोपाल से चंदेरी के लिए 5500 रुपये और भोपाल से ओरछा के लिए 6500 रुपये तय किए गए हैं वहीं 14500 रुपये के विशेष पैकेज में टैक्सी वीआईपी दर्शन प्रसाद और अन्य सुविधाएं शामिल की गई हैं जो यात्रियों को एक संपूर्ण और सुविधाजनक अनुभव प्रदान करेंगी

    इसके अलावा स्थानीय पर्यटकों और रोमांच के शौकीनों के लिए चंदेरी और ओरछा में 3500 रुपये में जॉय राइड की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है जिससे लोग इन ऐतिहासिक शहरों का हवाई दृश्य भी देख सकेंगे यह पहल खासतौर पर उन लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी जो कम समय में अनोखा अनुभव लेना चाहते हैं

    इस सेवा को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत संचालित किया जा रहा है जिसमें सुरक्षा और सुविधा दोनों का विशेष ध्यान रखा गया है यात्रियों के लिए 6 सीटों वाले आधुनिक हेलीकॉप्टर का उपयोग किया जा रहा है साथ ही होटल बुकिंग भोजन और स्थानीय भ्रमण के लिए गाइड की व्यवस्था पहले से तय रहेगी ताकि यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े

    बुकिंग के लिए यात्रियों को ऑनलाइन सुविधा भी दी गई है वे आसानी से IRCTC पोर्टल और फ्लायओला वेबसाइट के माध्यम से अपनी सीट आरक्षित कर सकते हैं जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सरल बनती है

    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि यह सेवा भगवान परशुराम की जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को समर्पित की गई है उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार धार्मिक स्थलों को हवाई सेवा से जोड़ने की दिशा में लगातार काम कर रही है ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा में सुविधा मिल सके

    उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मध्यप्रदेश पहले ही एयर एम्बुलेंस सेवा शुरू कर देश में अग्रणी भूमिका निभा चुका है और अब हेली पर्यटन सेवा के जरिए राज्य को चारों दिशाओं से हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है कुल मिलाकर यह पहल मध्यप्रदेश में पर्यटन के विकास के साथ साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगी और राज्य को एक नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी

  • सुहाग का सौदा , धार में पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर करवाई पति की हत्या ,सच्चाई ने किया हैरान

    सुहाग का सौदा , धार में पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर करवाई पति की हत्या ,सच्चाई ने किया हैरान

    धार । मध्य प्रदेश के धार जिले में सामने आए एक सनसनीखेज हत्याकांड ने रिश्तों की बुनियाद को झकझोर कर रख दिया है इस पूरे मामले में एक पत्नी का ऐसा खौफनाक चेहरा सामने आया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है प्रियंका नाम की महिला ने अपने ही पति की हत्या की साजिश रचकर उसे अंजाम दिलाया और इसके बाद खुद को बेगुनाह साबित करने के लिए लूट और डकैती की कहानी गढ़ दी

    जानकारी के अनुसार प्रियंका और उसके पति देव कृष्ण पुरोहित के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था दोनों के रिश्तों में दरार इतनी गहरी हो चुकी थी कि आए दिन झगड़े होते थे हाल ही में सामने आए कुछ वीडियो में यह साफ दिखाई दे रहा है कि दोनों के बीच फोन पर बात करने को लेकर तीखी बहस होती थी प्रियंका किसी से फोन पर बात कर रही थी और जब उसके पति ने इस बारे में पूछा तो उसने जवाब देने से इनकार कर दिया जिससे विवाद और बढ़ गया

    एक वीडियो में दोनों के बीच झगड़ा इतना बढ़ जाता है कि प्रियंका अपने पति के साथ मारपीट पर उतर आती है बताया जा रहा है कि झगड़े के दौरान उसने अपने पति के हाथ पर काट लिया था और उसकी कॉलर पकड़कर जोरदार बहस की थी इन घटनाओं से यह साफ संकेत मिलते हैं कि दोनों के रिश्ते सामान्य नहीं थे इसके बावजूद पति अपने रिश्ते को बचाने की कोशिश करता रहा

    बताया जा रहा है कि प्रियंका का किसी अन्य व्यक्ति कमलेश के साथ प्रेम संबंध था और वही उसके दिमाग में बसा हुआ था कुछ समय पहले वह घर छोड़कर भी चली गई थी लेकिन उसका पति उसे वापस घर ले आया उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि यही फैसला उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा खतरा बन जाएगा

    पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि प्रियंका ने अपने प्रेमी कमलेश और एक सुपारी किलर सुरेंद्र के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की साजिश रची उसने एक लाख रुपए देकर हत्या की सुपारी दी और घर के दरवाजे खुले छोड़ दिए ताकि आरोपी आसानी से अंदर आ सकें और वारदात को अंजाम दे सकें

    हत्या के बाद प्रियंका ने ऐसा नाटक किया मानो घर में लूटपाट हुई हो ताकि किसी को उस पर शक न हो लेकिन पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच की और महज बारह घंटे के भीतर पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर दिया पुलिस ने प्रियंका और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया और उनसे पूछताछ की जा रही है

    इस मामले को और भी चौंकाने वाला बनाने वाली बात यह है कि बताया जा रहा है कि पति की हत्या के बाद प्रियंका ने उसके शव के पास ही अपने प्रेमी के साथ संबंध बनाए यह जानकारी सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और लोग इस घटना को लेकर स्तब्ध हैं

    यह घटना न केवल एक आपराधिक साजिश की कहानी है बल्कि यह भी दर्शाती है कि जब रिश्तों में विश्वास खत्म हो जाता है तो परिणाम कितने भयावह हो सकते हैं फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपियों को अदालत में पेश करने की तैयारी कर रही है

  • मध्यप्रदेश में फिरौती गैंग पर बड़ा प्रहार मुरैना से लॉरेंस बिश्नोई गैंग का गुर्गा प्रदीप शुक्ला गिरफ्तार

    मध्यप्रदेश में फिरौती गैंग पर बड़ा प्रहार मुरैना से लॉरेंस बिश्नोई गैंग का गुर्गा प्रदीप शुक्ला गिरफ्तार


    भोपाल । मध्यप्रदेश में संगठित अपराध और फिरौती के नेटवर्क के खिलाफ चल रही जांच में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल की है जहां पुलिस ने मुरैना से प्रदीप शुक्ला को गिरफ्तार किया है जिसे कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग और हैरी बॉक्सर गैंग से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है यह गिरफ्तारी राज्य में सक्रिय फिरौती गैंग के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है

    गिरफ्तारी के बाद अदालत ने आरोपी को 15 अप्रैल 2026 तक SIT मध्यप्रदेश की रिमांड पर भेज दिया है जिसके बाद उससे भोपाल में गहन पूछताछ की जा रही है जांच एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान गैंग के कई छिपे हुए राज सामने आ सकते हैं और पूरे नेटवर्क की परतें खुल सकती हैं

    प्रदीप शुक्ला पर आरोप है कि उसने अशोकनगर के एक कारोबारी को करोड़ों रुपये की फिरौती देने की धमकी दी थी इसके अलावा भोपाल इंदौर और खरगोन जैसे शहरों में भी कई कारोबारियों को हैरी बॉक्सर गैंग के नाम पर धमकियां मिली थीं अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इन सभी मामलों के पीछे एक ही मास्टरमाइंड या वही नेटवर्क सक्रिय था

    सूत्रों के अनुसार प्रदीप शुक्ला को इस पूरे गिरोह का महत्वपूर्ण सदस्य माना जा रहा है जबकि अन्य कई आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है SIT को उम्मीद है कि आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर गैंग के अन्य सदस्यों तक पहुंचना आसान होगा और उनके काम करने के तरीके यानी मॉडस ऑपरेंडी का भी खुलासा हो सकेगा

    इस कार्रवाई ने राज्य में सक्रिय संगठित अपराध गिरोहों के खिलाफ सख्त रुख को और स्पष्ट कर दिया है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े कई और नाम सामने आ सकते हैं जिससे फिरौती और धमकी के मामलों में बड़ा खुलासा होने की संभावना है

  • बीजेपी पार्षद पर हमला करने का आरोपः बिजली कर्मचारियों से मारपीट, गाड़ी में तोड़फोड़ से हड़कंप

    बीजेपी पार्षद पर हमला करने का आरोपः बिजली कर्मचारियों से मारपीट, गाड़ी में तोड़फोड़ से हड़कंप


    सिंगरौली । मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में एक बार फिर जनप्रतिनिधि की दबंगई का मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोतवाली थाना क्षेत्र के कचनी मोड़ पर हुई इस घटना ने बिजली विभाग के कर्मचारियों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। आरोप है कि बीजेपी पार्षद संतोष शाह ने अपने साथियों के साथ मिलकर बिजली विभाग की मेंटेनेंस टीम पर हमला करवा दिया, जिसमें न केवल कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई बल्कि विभागीय वाहन को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया।

    बताया जा रहा है कि बिजली विभाग की टीम नियमित मेंटेनेंस कार्य के लिए क्षेत्र में पहुंची थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक रूप ले बैठा। आरोप है कि पार्षद के इशारे पर मौजूद लोगों ने टीम को घेर लिया और उनके साथ अभद्रता करते हुए मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान विभाग की गाड़ी के शीशे तोड़ दिए गए और मौके पर अफरा तफरी का माहौल बन गया।

    घटना के बाद किसी तरह कर्मचारी वहां से अपनी जान बचाकर निकले और सीधे कोतवाली थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। कर्मचारियों का कहना है कि वे अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे थे, लेकिन उनके साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया वह बेहद निंदनीय और अस्वीकार्य है। उन्होंने इस पूरे मामले में तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    इस घटना के बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों में भारी रोष है। कर्मचारियों ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे काम बंद आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इससे न केवल सिंगरौली जिले की बिजली व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, बल्कि आम जनता को भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि ही कानून को हाथ में लेंगे तो आम कर्मचारियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।

    यह घटना न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सरकारी कामकाज में लगे कर्मचारियों को कई बार किस तरह के दबाव और जोखिम का सामना करना पड़ता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करता है, ताकि कर्मचारियों में विश्वास बहाल हो सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

  • एमएसपी पर गेहूं खरीद की तैयारी पूरी, इंदौर संभाग में 1 अप्रैल से शुरू, किसानों को मिलेगा बोनस का फायदा

    एमएसपी पर गेहूं खरीद की तैयारी पूरी, इंदौर संभाग में 1 अप्रैल से शुरू, किसानों को मिलेगा बोनस का फायदा

    मध्यप्रदेश के इंदौर संभाग में किसानों के लिए राहत और उत्साह की खबर सामने आई है। प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी पर गेहूं की सरकारी खरीद 1 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। प्रशासन ने इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। इस बार गेहूं खरीद को लेकर किसानों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है, जिसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बड़ी संख्या में किसानों ने पंजीकरण कराया है।

    इंदौर संभाग में इस बार कुल 1.91 लाख किसानों ने गेहूं बेचने के लिए अपना पंजीयन कराया है। यह संख्या पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक है, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि सरकारी खरीद व्यवस्था पर किसानों का भरोसा बढ़ा है। पूरे प्रदेश की बात करें तो करीब 19.04 लाख किसानों ने इस योजना के तहत पंजीकरण कराया है, जो राज्य में व्यापक स्तर पर होने वाली खरीदी को दर्शाता है।

    जिलावार आंकड़ों की बात करें तो इंदौर जिले में सबसे अधिक 71,713 किसानों ने पंजीकरण कराया है। इसके बाद धार में 44,466, खंडवा में 35,104, खरगोन में 27,557 और झाबुआ में 7,120 किसानों ने पंजीकरण कराया है। वहीं बड़वानी में 4,724, बुरहानपुर में 523 और अलीराजपुर में 476 किसानों ने भी इस प्रक्रिया में भाग लिया है। इन आंकड़ों से साफ है कि पूरे संभाग में किसानों ने इस योजना में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है।

    खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने जानकारी दी है कि इंदौर के साथ-साथ उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभागों में भी 1 अप्रैल से गेहूं की खरीदी शुरू की जाएगी। जबकि अन्य संभागों में यह प्रक्रिया 7 अप्रैल से प्रारंभ होगी। खरीद का समय सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक निर्धारित किया गया है और यह केवल सरकारी कार्यदिवसों में ही संचालित होगी, जिससे व्यवस्था को बेहतर तरीके से संभाला जा सके।

    इस बार सरकार ने किसानों को अतिरिक्त लाभ देने के लिए गेहूं की एमएसपी के साथ प्रति क्विंटल ₹40 का बोनस देने का निर्णय लिया है। इस बोनस के बाद किसानों को गेहूं का कुल भाव ₹2,625 प्रति क्विंटल प्राप्त होगा। यह कदम किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें उनकी उपज का बेहतर मूल्य देने के उद्देश्य से उठाया गया है।

    प्रशासन ने खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली हैं, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। खरीद केंद्रों पर तौल, परिवहन और भुगतान की प्रक्रिया को भी सरल और तेज बनाने की दिशा में काम किया गया है।

     इस बार की गेहूं खरीद प्रक्रिया किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित होने की उम्मीद है। पंजीकरण में आई बढ़ोतरी और सरकार द्वारा दिए जा रहे बोनस ने किसानों की उम्मीदों को और मजबूत किया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि खरीद प्रक्रिया कितनी सुचारू और सफल रहती है।

  • सागर में सनसनीखेज मामला, चलती कार में आग से पत्नी की मौत, डॉक्टर पति पर उठे सवाल, भाई ने जताई हत्या की आशंका

    सागर में सनसनीखेज मामला, चलती कार में आग से पत्नी की मौत, डॉक्टर पति पर उठे सवाल, भाई ने जताई हत्या की आशंका


    मध्यप्रदेश के सागर जिले में शनिवार तड़के एक दर्दनाक और रहस्यमयी घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। गढ़ाकोटा रोड पर चलती कार में अचानक आग लग गई, जिसमें सवार एक महिला की जलकर मौत हो गई, जबकि उनके डॉक्टर पति सुरक्षित बच निकले। यह घटना सुबह करीब चार बजे के आसपास हुई, जब दोनों पति-पत्नी इलाज के सिलसिले में सागर की ओर जा रहे थे।

    कार में सवार डॉक्टर नीलेश कुर्मी और उनकी पत्नी सीमा कुर्मी इस हादसे का शिकार हुए। बताया जा रहा है कि गाड़ी एक सीएनजी कार थी, जिसमें अचानक आग लगने से स्थिति बेकाबू हो गई। आग इतनी तेजी से फैली कि महिला को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला और वह कार के अंदर ही जल गईं। वहीं, डॉक्टर पति किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहे।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी और महिला की जान जा चुकी थी। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए हैं, ताकि आग लगने के कारणों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने पूरे मामले को संदिग्ध मानते हुए हर पहलू से जांच शुरू कर दी है।

    इस बीच मृतका के भाई लोकेश पटेल ने इस घटना को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि अगर यह एक सामान्य दुर्घटना होती, तो घटनास्थल पर स्पष्ट निशान दिखाई देते, लेकिन वहां ऐसा कुछ नहीं मिला। उन्होंने आशंका जताई कि या तो उनकी बहन को पहले ही बेहोश किया गया या फिर उन्हें मृत अवस्था में कार में बैठाया गया। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

    लोकेश ने यह भी बताया कि घटना से पहले उन्हें डॉक्टर नीलेश का फोन आया था, जिसमें उन्होंने बताया कि सीमा को हार्ट अटैक आया है और वे उसे अस्पताल लेकर जा रहे हैं। कुछ समय बाद फिर से फोन आया और बताया गया कि रास्ते में दुर्घटना हो गई और कार में आग लग गई, जिसमें सीमा की मौत हो गई। इस बदलते बयान ने भी मामले को और संदिग्ध बना दिया है।

    स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होने की बात भी सामने आई है, जो जांच के दायरे में एक अहम बिंदु बन गया है। पुलिस अब दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है और मामले की गहराई से जांच कर रही है।

    फिलहाल पुलिस हर एंगल से इस घटना की पड़ताल कर रही है, जिसमें हादसा, तकनीकी खराबी या किसी साजिश की संभावना शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि सच्चाई जल्द सामने लाई जाएगी और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और लोग इस रहस्यमयी मौत को लेकर कई सवाल उठा रहे हैं।

  • छोटा नेहरू स्टेडियम का नाम बदलने पर इंदौर में सियासत तेज छत्रपति शिवाजी स्टेडियम बनाने के प्रस्ताव पर कांग्रेस भाजपा आमने सामने

    छोटा नेहरू स्टेडियम का नाम बदलने पर इंदौर में सियासत तेज छत्रपति शिवाजी स्टेडियम बनाने के प्रस्ताव पर कांग्रेस भाजपा आमने सामने


    इंदौर /मध्य प्रदेश के Indore में स्थित Chhota Nehru Stadium का नाम बदलने के प्रस्ताव के बाद शहर की राजनीति अचानक गरमा गई है। नगर निगम की मेयर इन काउंसिल बैठक में स्टेडियम का नाम बदलकर Chhatrapati Shivaji Maharaj के नाम पर रखने का प्रस्ताव पारित किया गया है। जैसे ही यह प्रस्ताव सामने आया वैसे ही इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई और Bharatiya Janata Party तथा Indian National Congress आमने सामने आ गए।

    दरअसल नगर निगम मुख्यालय में आयोजित मेयर इन काउंसिल की बैठक में शहर के ऐतिहासिक छोटे नेहरू स्टेडियम का नाम बदलने का प्रस्ताव रखा गया था जिसे बैठक में मंजूरी दे दी गई। प्रस्ताव के अनुसार अब इस स्टेडियम का नाम छत्रपति शिवाजी स्टेडियम रखने की बात कही जा रही है। यह निर्णय सामने आते ही शहर की राजनीति में बहस और बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है।

    इस मुद्दे पर कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया है। कांग्रेस के प्रवक्ता नीलाभ शुक्ला का कहना है कि यदि शहर में कोई नया और भव्य स्टेडियम बनाया जाता है तो उसका नाम छत्रपति शिवाजी के नाम पर रखा जाना सम्मान की बात होगी लेकिन पहले से मौजूद छोटे नेहरू स्टेडियम का नाम बदलना उचित नहीं है। उनका कहना है कि यह केवल एक नाम बदलने का मामला नहीं है बल्कि इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े व्यक्तित्वों के सम्मान से भी जुड़ा विषय है। कांग्रेस का आरोप है कि जब भी स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े किसी नाम या विरासत की बात सामने आती है तब भाजपा नेताओं की असहजता और राजनीतिक सोच दिखाई देने लगती है।

    वहीं दूसरी ओर भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार किया है। इंदौर के महापौर Pushyamitra Bhargav ने कहा कि नगर निगम ने फिलहाल केवल प्रस्ताव पारित किया है और इस पर अंतिम निर्णय की प्रक्रिया आगे चलेगी। उन्होंने कांग्रेस से सवाल करते हुए कहा कि पहले यह स्पष्ट किया जाए कि छोटा नेहरू आखिर कौन हैं और इस नाम के पीछे किस ऐतिहासिक संदर्भ को जोड़ा जाता है।

    महापौर ने यह भी कहा कि कांग्रेस की राजनीति में ऐसा कौन सा व्यक्तित्व रहा है जिसे छोटा नेहरू के नाम से जाना गया हो। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि देश आज भी नेहरू की नीतियों के परिणाम भुगत रहा है और कांग्रेस को इतिहास के नाम पर राजनीति करने के बजाय स्पष्टता से जवाब देना चाहिए।

    स्टेडियम के नाम बदलने को लेकर शुरू हुई यह बहस अब केवल नगर निगम के प्रस्ताव तक सीमित नहीं रही बल्कि यह शहर की सियासत का बड़ा मुद्दा बन गई है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस प्रस्ताव पर आगे क्या फैसला होता है और क्या वास्तव में छोटा नेहरू स्टेडियम का नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी स्टेडियम किया जाएगा या फिर राजनीतिक दबाव के चलते इस पर पुनर्विचार किया जाएगा। फिलहाल इस मुद्दे ने इंदौर की राजनीति में एक नया विवाद जरूर खड़ा कर दिया है।

  • ग्वालियर में एयरफोर्स ऑफिसर से 'डिजिटल डकैती': 2 क्रेडिट कार्ड से ठगों ने उड़ाए ₹1.66 लाख, एक साथ खरीदे 8 मोबाइल

    ग्वालियर में एयरफोर्स ऑफिसर से 'डिजिटल डकैती': 2 क्रेडिट कार्ड से ठगों ने उड़ाए ₹1.66 लाख, एक साथ खरीदे 8 मोबाइल


    ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर स्थित महाराजपुरा एयरफोर्स स्टेशन में पदस्थ एक ज्वाइंट वारेंट ऑफिसर साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं। शातिर ठगों ने अधिकारी के दो अलग-अलग बैंकों के क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर महज कुछ ही मिनटों में ₹1.66 लाख की ऑनलाइन खरीदारी कर डाली। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़ित अधिकारी ने न तो किसी के साथ अपना ओटीपी OTP साझा किया और न ही किसी संदिग्ध कॉल पर कोई जानकारी दी। पुलिस को अंदेशा है कि यह पूरा खेल मोबाइल में भेजी गई एक घातकAPKफाइल के जरिए रचा गया है।

    मूल रूप से जम्मू के रहने वाले अधिकारी ऋषि नरगोवाजो वर्तमान में महाराजपुरा एयरफोर्स स्टेशन में तैनात हैंउनके साथ यह घटना 6 फरवरी की रात घटित हुई। रात करीब 10:11 बजे अचानक उनके मोबाइल पर ट्रांजैक्शन के मैसेज आने शुरू हुए। ठगों ने उनके स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के क्रेडिट कार्ड से ₹95,020 और इंडसइंड बैंक के कार्ड से ₹70,753 की चपत लगाई।

    अगले दिन जब अधिकारी बैंक पहुंचेतो पता चला कि इन पैसों से कुल 8 महंगे मोबाइल फोन खरीदे गए हैं। अधिकारी ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराईजिसके बादई-जीरो एफआईआरके माध्यम से मामला महाराजपुरा थाने भेजा गया है।

    पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि अधिकारी के मोबाइल पर कोई संदिग्ध लिंक याAPKफाइल आई होगीजिसे अनजाने में ओपन करने से उनके फोन का पूरा एक्सेस ठगों के पास चला गया। इससे ठगों ने बिना कॉल किए ही ओटीपी और कार्ड की डिटेल्स हैक कर लीं। फिलहालसाइबर सेल उस आईडी और डिलीवरी एड्रेस को ट्रैक कर रही हैजहाँ इन 8 मोबाइल फोनों को मंगवाया गया है। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि किसी भी अनजान लिंक या फाइल को ओपन करना वित्तीय जोखिम का कारण बन सकता है।

  • मंत्रि-परिषद के बड़े फैसले: जनजातीय व महिला-बाल विकास योजनाओं को 2031 तक निरंतरता, 7,133 करोड़ की स्वीकृति; पेंशन नियम 2026 को मंजूरी

    मंत्रि-परिषद के बड़े फैसले: जनजातीय व महिला-बाल विकास योजनाओं को 2031 तक निरंतरता, 7,133 करोड़ की स्वीकृति; पेंशन नियम 2026 को मंजूरी


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के सामाजिक कल्याण, जनजातीय विकास, ऊर्जा, न्यायिक सेवा और पेंशन व्यवस्था से जुड़े कई बड़े और दूरगामी निर्णय लिए गए। बैठक की शुरुआत वंदे-मातरम् के सामूहिक गायन से हुई।

    मंत्रि-परिषद ने वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जनजातीय कार्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की निरंतरता के लिए कुल 7,133 करोड़ 17 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की। इस स्वीकृति के तहत जनजातीय कार्य विभाग की प्रमुख योजनाओं में पीवीटीजी आहार अनुदान योजना के लिए 2,350 करोड़ रुपये, एकीकृत छात्रावास योजना के लिए 1,703 करोड़ 15 लाख रुपये, सीएम राइज विद्यालय योजना के लिए 1,416 करोड़ 91 लाख रुपये और आवास सहायता योजना के लिए 1,110 करोड़ रुपये शामिल हैं।

    इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा मंडल को शुल्क प्रतिपूर्ति, अनुसूचित जाति-जनजाति के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति तथा कक्षा 9वीं की छात्रवृत्ति के लिए 522 करोड़ 8 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग की मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना के लिए 31 करोड़ 3 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है।

    मंत्रि-परिषद ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत जनजातीय क्षेत्रों में बिजली पहुंचाने के लिए भी बड़ा फैसला लिया। इसके तहत 63,077 अविद्युतीकृत घरों और 650 शासकीय संस्थानों के विद्युतीकरण के लिए 366 करोड़ 72 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसमें केंद्र सरकार का अंश 220 करोड़ 3 लाख रुपये और राज्य सरकार का अंश 146 करोड़ 69 लाख रुपये रहेगा। इसके साथ ही म.प्र. ऊर्जा विकास निगम द्वारा 8,521 घरों के ऑफ-ग्रिड सोलर + बैटरी विद्युतीकरण के लिए लगभग 97 करोड़ रुपये की अतिरिक्त स्वीकृति दी गई है।

    बैठक में उच्च न्यायालय और जिला न्यायालय के आईटी संवर्ग में कार्यरत कर्मचारियों को तकनीकी संवर्ग की भर्ती प्रक्रियाओं में भाग लेने के लिए एक बार के लिए आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट देने का निर्णय भी लिया गया। मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा पेंशन नियम 2026 और पेंशन के सारांशीकरण नियम 2026 को मंजूरी दी। इन नियमों के तहत पेंशन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। खास बात यह है कि अब परिवार पेंशन के पात्र सदस्यों में अविवाहित, विधवा और तलाकशुदा पुत्री को भी शामिल किया गया है।

    इसके साथ ही मध्यप्रदेश सिविल सेवा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली नियम 2026 और एनपीएस के अंतर्गत उपदान संदाय नियम 2026 को भी मंजूरी दी गई है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। इनमें अभिदाता की मृत्यु पर परिवार पेंशन, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति, ई-सेवा पुस्तिका, उपदान भुगतान और विभागीय जांच से जुड़े स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं। सरकार के इन फैसलों को सामाजिक सुरक्षा, जनजातीय उत्थान और प्रशासनिक सुधार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।