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  • रफ्तार बनी काल मऊगंज में बाइक रेस का खतरनाक अंत ट्रक से टकराकर तीन युवकों की मौत

    रफ्तार बनी काल मऊगंज में बाइक रेस का खतरनाक अंत ट्रक से टकराकर तीन युवकों की मौत


    मऊगंज । मध्यप्रदेश के मऊगंज में 14 अप्रैल को हुआ दर्दनाक सड़क हादसा अब एक नए पहलू के साथ सामने आया है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे का एक लाइव वीडियो सामने आया है जो न केवल दिल दहला देने वाला है बल्कि रफ्तार और लापरवाही के खतरनाक अंजाम को भी साफ तौर पर दिखाता है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे देखने वाला हर व्यक्ति सिहर उठ रहा है।

    घटना नेशनल हाईवे 135 पर पथरिहा मोड़ के पास की है जहां पांच दोस्त दो बाइकों पर सवार होकर तेज रफ्तार में एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ में लगे हुए थे। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवक सड़क पर स्टंट करते हुए एक दूसरे को ओवरटेक कर रहे थे और इस पूरे घटनाक्रम को मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड भी कर रहे थे। उस समय शायद उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि यह रोमांच कुछ ही सेकंड में मौत के तांडव में बदल जाएगा।

    कुछ ही पलों बाद कैमरे में एक भयावह टक्कर कैद हो जाती है जिसमें सामने खड़े ईंटों से लदे ट्रेलर से उनकी सीधी भिड़ंत हो जाती है। रफ्तार इतनी ज्यादा थी कि युवकों को संभलने या ब्रेक लगाने का मौका तक नहीं मिला। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान उपलक्ष कोल अमरीश कोल और हेमराज कोल के रूप में हुई है जो आपस में सगे भाई थे। एक ही परिवार के तीन बेटों की मौत ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है।

    इस हादसे में दूसरी बाइक पर सवार प्रशांत और प्रदीप द्विवेदी गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। वीडियो में यह भी दिखाई देता है कि पीछे बैठा युवक पूरी रेसिंग को रिकॉर्ड कर रहा था जो अब इस हादसे का सबसे बड़ा सबूत बन गया है।

    हादसे का  अब केवल एक वायरल क्लिप नहीं बल्कि समाज के लिए चेतावनी बनकर सामने आया है। यह दिखाता है कि सड़क पर स्टंटबाजी और तेज रफ्तार का जुनून किस तरह कुछ ही सेकंड में जिंदगियों को खत्म कर सकता है। जिस उत्साह और रोमांच के साथ यह युवक रेस कर रहे थे वही उनके लिए काल बन गया।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि इस घटना ने उन्हें अंदर तक हिला दिया है और आज  सामने आया है तो पुराने जख्म फिर से ताजा हो गए हैं। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में गहरा मातम पसरा हुआ है।

    यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर कब युवा सड़क सुरक्षा नियमों को गंभीरता से लेंगे। यह वीडियो एक सख्त संदेश देता है कि रफ्तार कोई खेल नहीं बल्कि जानलेवा खतरा है। जरूरत इस बात की है कि युवाओं को समय रहते जागरूक किया जाए ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

  • बारात में रास्ते को लेकर बड़ा बवाल ,शाजापुर में दो पक्ष भिड़े छह घायल ,पांच थानों का पुलिस बल तैनात

    बारात में रास्ते को लेकर बड़ा बवाल ,शाजापुर में दो पक्ष भिड़े छह घायल ,पांच थानों का पुलिस बल तैनात


    शाजापुर । शाजापुर जिले के बेरछा क्षेत्र में शनिवार रात एक बारात के दौरान उपजा मामूली सा विवाद देखते ही देखते बड़े हिंसक टकराव में बदल गया। घटना रात लगभग नौ से दस बजे के बीच की बताई जा रही है जब बेरछा बायपास स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के पास से हिंदू समाज की बारात गुजर रही थी। इसी दौरान रास्ते से एक ट्रक निकालने को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई जो धीरे धीरे उग्र हो गई और मारपीट में तब्दील हो गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने सामने आ गए और लाठी डंडों के साथ हमला शुरू हो गया। इस घटना में छह बाराती घायल हो गए जिन्हें तुरंत उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्रित हो गए।

    फरियादी रवि समोरा उम्र बत्तीस वर्ष निवासी बेरछा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि ट्रक चालक शाहरूख शेख ने पहले बारात के लोगों से गाली गलौज की और कथित रूप से जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। इसके बाद वह कुछ अन्य लोगों को साथ लेकर वापस आया और बारातियों पर हमला कर दिया। आरोप है कि इसी दौरान सूरज भिलाला पर चाकू से वार किया गया जबकि राजू मिस्त्री द्वारा अरिहंत जैन पर हमला किया गया जिससे स्थिति और अधिक बिगड़ गई।

    घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है जिनमें शाहरूख शेख, फखरूद्दीन का बेटा, वसीम पिता हनीफ खां, पप्पू पिता शरीफ खां, राजू पिता नसीरूद्दीन, इकरार पिता अकरम खां, अनिश पिता हन्नु पटेल, सद्दाम मंसूरी और ताजउद्दीन पिता अकबर खां शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार इनमें से चार आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है और सुरक्षा कारणों से उन्हें अन्य थाने में रखा गया है।

    एडिशनल एसपी घनश्याम मालवीय ने बताया कि यह विवाद वाहन को रास्ता देने को लेकर शुरू हुआ था जिसमें एक वाहन मुस्लिम समाज के चालक द्वारा चलाया जा रहा था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में तनाव बढ़ा और बाद में मारपीट की स्थिति उत्पन्न हो गई। पुलिस के अनुसार घायल पक्ष की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है और सभी पहलुओं की गंभीरता से पड़ताल की जा रही है।

    घटना के बाद हालात को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने तुरंत भारी पुलिस बल तैनात किया। सुंदरसी, सलसलाई, सुनेरा, अकोदिया और शाजापुर थानों से अतिरिक्त बल बुलाया गया जिससे पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया। रात करीब एक बजे एसडीएम मनीषा वास्कले और नायब तहसीलदार गौरव पोरवाल भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

    विवाद के बाद थाने पर भी भारी भीड़ जमा हो गई जहां प्रदर्शन और नारेबाजी की स्थिति बन गई। कुछ लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए तीखी टिप्पणी की और कार्रवाई की मांग की। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

    थाने में देर रात तक हंगामे और बहस का माहौल बना रहा। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के जुलूस की मांग की जिसे लेकर अधिकारियों और भीड़ के बीच कई बार तीखी बहस भी हुई। बाद में पुलिस अधिकारियों द्वारा उचित कार्रवाई और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिए जाने के बाद स्थिति को नियंत्रित किया जा सका और लोग शांत होकर वापस लौटे।

  • आखिरी 100 मीटर बना जिंदगी का अंत शादी से लौटते तीन युवकों की सड़क हादसे में मौत

    आखिरी 100 मीटर बना जिंदगी का अंत शादी से लौटते तीन युवकों की सड़क हादसे में मौत


    आलीराजपुर । मध्यप्रदेश के आलीराजपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है जहां खुशियों से भरी एक रात अचानक मातम में बदल गई बोरी गांव में देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई सबसे दर्दनाक बात यह रही कि हादसा उनके घर से महज 100 मीटर की दूरी पर हुआ

    जानकारी के अनुसार तीनों युवक एक शादी समारोह में शामिल होकर देर रात करीब 2 बजे बाइक से अपने गांव लौट रहे थे रास्ते में जैसे ही वे घर के पास पहुंचे तभी तेज रफ्तार से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों युवकों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उन्होंने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया

    मृतकों की पहचान रोशन उम्र 17 वर्ष अनिल उम्र 14 वर्ष और सावन उम्र 15 वर्ष के रूप में हुई है तीनों अलग अलग परिवारों से थे लेकिन आपस में गहरे दोस्त थे शादी में साथ जाना और साथ लौटना उनकी दोस्ती की पहचान थी लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा

    हादसे की खबर मिलते ही गांव में अफरा तफरी मच गई स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया वहीं घटना की गंभीरता को देखते हुए आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को संभाला जा सके

    इस हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है जिन घरों में कुछ घंटे पहले तक खुशियां थीं वहां अब रोने की आवाजें गूंज रही हैं परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है

    पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश शुरू कर दी गई है आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और संदिग्ध वाहनों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है

    यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से ड्राइविंग के खतरनाक परिणामों को उजागर करता है कुछ ही पलों की लापरवाही ने तीन परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं और पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया

  • भोपाल से चंदेरी और ओरछा अब आसमान के रास्ते सीएम ने लॉन्च की पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा

    भोपाल से चंदेरी और ओरछा अब आसमान के रास्ते सीएम ने लॉन्च की पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा


    भोपाल । मध्यप्रदेश में पर्यटन को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राजधानी भोपाल से पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा की शुरुआत की इस नई पहल के तहत भोपाल से ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के दो प्रमुख स्थलों चंदेरी और ओरछा को सीधे हवाई मार्ग से जोड़ा गया है

    स्टेट हैंगर से सेवा का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने यात्रियों को बोर्डिंग पास वितरित किए और इस योजना को प्रदेशवासियों के लिए एक बड़ी सौगात बताया उन्होंने कहा कि यह सेवा न सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा देगी बल्कि यात्रियों का समय भी काफी बचाएगी जिससे लोग कम समय में ज्यादा स्थानों की यात्रा कर सकेंगे

    यह हेली सेवा सप्ताह में पांच दिन बुधवार से रविवार तक संचालित होगी जिससे पर्यटकों को लचीला विकल्प मिलेगा किराए की बात करें तो भोपाल से चंदेरी के लिए 5500 रुपये और भोपाल से ओरछा के लिए 6500 रुपये तय किए गए हैं वहीं 14500 रुपये के विशेष पैकेज में टैक्सी वीआईपी दर्शन प्रसाद और अन्य सुविधाएं शामिल की गई हैं जो यात्रियों को एक संपूर्ण और सुविधाजनक अनुभव प्रदान करेंगी

    इसके अलावा स्थानीय पर्यटकों और रोमांच के शौकीनों के लिए चंदेरी और ओरछा में 3500 रुपये में जॉय राइड की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है जिससे लोग इन ऐतिहासिक शहरों का हवाई दृश्य भी देख सकेंगे यह पहल खासतौर पर उन लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी जो कम समय में अनोखा अनुभव लेना चाहते हैं

    इस सेवा को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत संचालित किया जा रहा है जिसमें सुरक्षा और सुविधा दोनों का विशेष ध्यान रखा गया है यात्रियों के लिए 6 सीटों वाले आधुनिक हेलीकॉप्टर का उपयोग किया जा रहा है साथ ही होटल बुकिंग भोजन और स्थानीय भ्रमण के लिए गाइड की व्यवस्था पहले से तय रहेगी ताकि यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े

    बुकिंग के लिए यात्रियों को ऑनलाइन सुविधा भी दी गई है वे आसानी से IRCTC पोर्टल और फ्लायओला वेबसाइट के माध्यम से अपनी सीट आरक्षित कर सकते हैं जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सरल बनती है

    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि यह सेवा भगवान परशुराम की जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को समर्पित की गई है उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार धार्मिक स्थलों को हवाई सेवा से जोड़ने की दिशा में लगातार काम कर रही है ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा में सुविधा मिल सके

    उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मध्यप्रदेश पहले ही एयर एम्बुलेंस सेवा शुरू कर देश में अग्रणी भूमिका निभा चुका है और अब हेली पर्यटन सेवा के जरिए राज्य को चारों दिशाओं से हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है कुल मिलाकर यह पहल मध्यप्रदेश में पर्यटन के विकास के साथ साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगी और राज्य को एक नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी

  • सुहाग का सौदा , धार में पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर करवाई पति की हत्या ,सच्चाई ने किया हैरान

    सुहाग का सौदा , धार में पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर करवाई पति की हत्या ,सच्चाई ने किया हैरान

    धार । मध्य प्रदेश के धार जिले में सामने आए एक सनसनीखेज हत्याकांड ने रिश्तों की बुनियाद को झकझोर कर रख दिया है इस पूरे मामले में एक पत्नी का ऐसा खौफनाक चेहरा सामने आया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है प्रियंका नाम की महिला ने अपने ही पति की हत्या की साजिश रचकर उसे अंजाम दिलाया और इसके बाद खुद को बेगुनाह साबित करने के लिए लूट और डकैती की कहानी गढ़ दी

    जानकारी के अनुसार प्रियंका और उसके पति देव कृष्ण पुरोहित के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था दोनों के रिश्तों में दरार इतनी गहरी हो चुकी थी कि आए दिन झगड़े होते थे हाल ही में सामने आए कुछ वीडियो में यह साफ दिखाई दे रहा है कि दोनों के बीच फोन पर बात करने को लेकर तीखी बहस होती थी प्रियंका किसी से फोन पर बात कर रही थी और जब उसके पति ने इस बारे में पूछा तो उसने जवाब देने से इनकार कर दिया जिससे विवाद और बढ़ गया

    एक वीडियो में दोनों के बीच झगड़ा इतना बढ़ जाता है कि प्रियंका अपने पति के साथ मारपीट पर उतर आती है बताया जा रहा है कि झगड़े के दौरान उसने अपने पति के हाथ पर काट लिया था और उसकी कॉलर पकड़कर जोरदार बहस की थी इन घटनाओं से यह साफ संकेत मिलते हैं कि दोनों के रिश्ते सामान्य नहीं थे इसके बावजूद पति अपने रिश्ते को बचाने की कोशिश करता रहा

    बताया जा रहा है कि प्रियंका का किसी अन्य व्यक्ति कमलेश के साथ प्रेम संबंध था और वही उसके दिमाग में बसा हुआ था कुछ समय पहले वह घर छोड़कर भी चली गई थी लेकिन उसका पति उसे वापस घर ले आया उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि यही फैसला उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा खतरा बन जाएगा

    पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि प्रियंका ने अपने प्रेमी कमलेश और एक सुपारी किलर सुरेंद्र के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की साजिश रची उसने एक लाख रुपए देकर हत्या की सुपारी दी और घर के दरवाजे खुले छोड़ दिए ताकि आरोपी आसानी से अंदर आ सकें और वारदात को अंजाम दे सकें

    हत्या के बाद प्रियंका ने ऐसा नाटक किया मानो घर में लूटपाट हुई हो ताकि किसी को उस पर शक न हो लेकिन पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच की और महज बारह घंटे के भीतर पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर दिया पुलिस ने प्रियंका और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया और उनसे पूछताछ की जा रही है

    इस मामले को और भी चौंकाने वाला बनाने वाली बात यह है कि बताया जा रहा है कि पति की हत्या के बाद प्रियंका ने उसके शव के पास ही अपने प्रेमी के साथ संबंध बनाए यह जानकारी सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और लोग इस घटना को लेकर स्तब्ध हैं

    यह घटना न केवल एक आपराधिक साजिश की कहानी है बल्कि यह भी दर्शाती है कि जब रिश्तों में विश्वास खत्म हो जाता है तो परिणाम कितने भयावह हो सकते हैं फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपियों को अदालत में पेश करने की तैयारी कर रही है

  • मध्यप्रदेश में फिरौती गैंग पर बड़ा प्रहार मुरैना से लॉरेंस बिश्नोई गैंग का गुर्गा प्रदीप शुक्ला गिरफ्तार

    मध्यप्रदेश में फिरौती गैंग पर बड़ा प्रहार मुरैना से लॉरेंस बिश्नोई गैंग का गुर्गा प्रदीप शुक्ला गिरफ्तार


    भोपाल । मध्यप्रदेश में संगठित अपराध और फिरौती के नेटवर्क के खिलाफ चल रही जांच में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल की है जहां पुलिस ने मुरैना से प्रदीप शुक्ला को गिरफ्तार किया है जिसे कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग और हैरी बॉक्सर गैंग से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है यह गिरफ्तारी राज्य में सक्रिय फिरौती गैंग के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है

    गिरफ्तारी के बाद अदालत ने आरोपी को 15 अप्रैल 2026 तक SIT मध्यप्रदेश की रिमांड पर भेज दिया है जिसके बाद उससे भोपाल में गहन पूछताछ की जा रही है जांच एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान गैंग के कई छिपे हुए राज सामने आ सकते हैं और पूरे नेटवर्क की परतें खुल सकती हैं

    प्रदीप शुक्ला पर आरोप है कि उसने अशोकनगर के एक कारोबारी को करोड़ों रुपये की फिरौती देने की धमकी दी थी इसके अलावा भोपाल इंदौर और खरगोन जैसे शहरों में भी कई कारोबारियों को हैरी बॉक्सर गैंग के नाम पर धमकियां मिली थीं अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इन सभी मामलों के पीछे एक ही मास्टरमाइंड या वही नेटवर्क सक्रिय था

    सूत्रों के अनुसार प्रदीप शुक्ला को इस पूरे गिरोह का महत्वपूर्ण सदस्य माना जा रहा है जबकि अन्य कई आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है SIT को उम्मीद है कि आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर गैंग के अन्य सदस्यों तक पहुंचना आसान होगा और उनके काम करने के तरीके यानी मॉडस ऑपरेंडी का भी खुलासा हो सकेगा

    इस कार्रवाई ने राज्य में सक्रिय संगठित अपराध गिरोहों के खिलाफ सख्त रुख को और स्पष्ट कर दिया है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े कई और नाम सामने आ सकते हैं जिससे फिरौती और धमकी के मामलों में बड़ा खुलासा होने की संभावना है

  • बीजेपी पार्षद पर हमला करने का आरोपः बिजली कर्मचारियों से मारपीट, गाड़ी में तोड़फोड़ से हड़कंप

    बीजेपी पार्षद पर हमला करने का आरोपः बिजली कर्मचारियों से मारपीट, गाड़ी में तोड़फोड़ से हड़कंप


    सिंगरौली । मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में एक बार फिर जनप्रतिनिधि की दबंगई का मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोतवाली थाना क्षेत्र के कचनी मोड़ पर हुई इस घटना ने बिजली विभाग के कर्मचारियों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। आरोप है कि बीजेपी पार्षद संतोष शाह ने अपने साथियों के साथ मिलकर बिजली विभाग की मेंटेनेंस टीम पर हमला करवा दिया, जिसमें न केवल कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई बल्कि विभागीय वाहन को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया।

    बताया जा रहा है कि बिजली विभाग की टीम नियमित मेंटेनेंस कार्य के लिए क्षेत्र में पहुंची थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक रूप ले बैठा। आरोप है कि पार्षद के इशारे पर मौजूद लोगों ने टीम को घेर लिया और उनके साथ अभद्रता करते हुए मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान विभाग की गाड़ी के शीशे तोड़ दिए गए और मौके पर अफरा तफरी का माहौल बन गया।

    घटना के बाद किसी तरह कर्मचारी वहां से अपनी जान बचाकर निकले और सीधे कोतवाली थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। कर्मचारियों का कहना है कि वे अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे थे, लेकिन उनके साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया वह बेहद निंदनीय और अस्वीकार्य है। उन्होंने इस पूरे मामले में तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    इस घटना के बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों में भारी रोष है। कर्मचारियों ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे काम बंद आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इससे न केवल सिंगरौली जिले की बिजली व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, बल्कि आम जनता को भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि ही कानून को हाथ में लेंगे तो आम कर्मचारियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।

    यह घटना न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सरकारी कामकाज में लगे कर्मचारियों को कई बार किस तरह के दबाव और जोखिम का सामना करना पड़ता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करता है, ताकि कर्मचारियों में विश्वास बहाल हो सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

  • एमएसपी पर गेहूं खरीद की तैयारी पूरी, इंदौर संभाग में 1 अप्रैल से शुरू, किसानों को मिलेगा बोनस का फायदा

    एमएसपी पर गेहूं खरीद की तैयारी पूरी, इंदौर संभाग में 1 अप्रैल से शुरू, किसानों को मिलेगा बोनस का फायदा

    मध्यप्रदेश के इंदौर संभाग में किसानों के लिए राहत और उत्साह की खबर सामने आई है। प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी पर गेहूं की सरकारी खरीद 1 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। प्रशासन ने इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। इस बार गेहूं खरीद को लेकर किसानों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है, जिसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बड़ी संख्या में किसानों ने पंजीकरण कराया है।

    इंदौर संभाग में इस बार कुल 1.91 लाख किसानों ने गेहूं बेचने के लिए अपना पंजीयन कराया है। यह संख्या पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक है, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि सरकारी खरीद व्यवस्था पर किसानों का भरोसा बढ़ा है। पूरे प्रदेश की बात करें तो करीब 19.04 लाख किसानों ने इस योजना के तहत पंजीकरण कराया है, जो राज्य में व्यापक स्तर पर होने वाली खरीदी को दर्शाता है।

    जिलावार आंकड़ों की बात करें तो इंदौर जिले में सबसे अधिक 71,713 किसानों ने पंजीकरण कराया है। इसके बाद धार में 44,466, खंडवा में 35,104, खरगोन में 27,557 और झाबुआ में 7,120 किसानों ने पंजीकरण कराया है। वहीं बड़वानी में 4,724, बुरहानपुर में 523 और अलीराजपुर में 476 किसानों ने भी इस प्रक्रिया में भाग लिया है। इन आंकड़ों से साफ है कि पूरे संभाग में किसानों ने इस योजना में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है।

    खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने जानकारी दी है कि इंदौर के साथ-साथ उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभागों में भी 1 अप्रैल से गेहूं की खरीदी शुरू की जाएगी। जबकि अन्य संभागों में यह प्रक्रिया 7 अप्रैल से प्रारंभ होगी। खरीद का समय सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक निर्धारित किया गया है और यह केवल सरकारी कार्यदिवसों में ही संचालित होगी, जिससे व्यवस्था को बेहतर तरीके से संभाला जा सके।

    इस बार सरकार ने किसानों को अतिरिक्त लाभ देने के लिए गेहूं की एमएसपी के साथ प्रति क्विंटल ₹40 का बोनस देने का निर्णय लिया है। इस बोनस के बाद किसानों को गेहूं का कुल भाव ₹2,625 प्रति क्विंटल प्राप्त होगा। यह कदम किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें उनकी उपज का बेहतर मूल्य देने के उद्देश्य से उठाया गया है।

    प्रशासन ने खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली हैं, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। खरीद केंद्रों पर तौल, परिवहन और भुगतान की प्रक्रिया को भी सरल और तेज बनाने की दिशा में काम किया गया है।

     इस बार की गेहूं खरीद प्रक्रिया किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित होने की उम्मीद है। पंजीकरण में आई बढ़ोतरी और सरकार द्वारा दिए जा रहे बोनस ने किसानों की उम्मीदों को और मजबूत किया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि खरीद प्रक्रिया कितनी सुचारू और सफल रहती है।

  • सागर में सनसनीखेज मामला, चलती कार में आग से पत्नी की मौत, डॉक्टर पति पर उठे सवाल, भाई ने जताई हत्या की आशंका

    सागर में सनसनीखेज मामला, चलती कार में आग से पत्नी की मौत, डॉक्टर पति पर उठे सवाल, भाई ने जताई हत्या की आशंका


    मध्यप्रदेश के सागर जिले में शनिवार तड़के एक दर्दनाक और रहस्यमयी घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। गढ़ाकोटा रोड पर चलती कार में अचानक आग लग गई, जिसमें सवार एक महिला की जलकर मौत हो गई, जबकि उनके डॉक्टर पति सुरक्षित बच निकले। यह घटना सुबह करीब चार बजे के आसपास हुई, जब दोनों पति-पत्नी इलाज के सिलसिले में सागर की ओर जा रहे थे।

    कार में सवार डॉक्टर नीलेश कुर्मी और उनकी पत्नी सीमा कुर्मी इस हादसे का शिकार हुए। बताया जा रहा है कि गाड़ी एक सीएनजी कार थी, जिसमें अचानक आग लगने से स्थिति बेकाबू हो गई। आग इतनी तेजी से फैली कि महिला को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला और वह कार के अंदर ही जल गईं। वहीं, डॉक्टर पति किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहे।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी और महिला की जान जा चुकी थी। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए हैं, ताकि आग लगने के कारणों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने पूरे मामले को संदिग्ध मानते हुए हर पहलू से जांच शुरू कर दी है।

    इस बीच मृतका के भाई लोकेश पटेल ने इस घटना को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि अगर यह एक सामान्य दुर्घटना होती, तो घटनास्थल पर स्पष्ट निशान दिखाई देते, लेकिन वहां ऐसा कुछ नहीं मिला। उन्होंने आशंका जताई कि या तो उनकी बहन को पहले ही बेहोश किया गया या फिर उन्हें मृत अवस्था में कार में बैठाया गया। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

    लोकेश ने यह भी बताया कि घटना से पहले उन्हें डॉक्टर नीलेश का फोन आया था, जिसमें उन्होंने बताया कि सीमा को हार्ट अटैक आया है और वे उसे अस्पताल लेकर जा रहे हैं। कुछ समय बाद फिर से फोन आया और बताया गया कि रास्ते में दुर्घटना हो गई और कार में आग लग गई, जिसमें सीमा की मौत हो गई। इस बदलते बयान ने भी मामले को और संदिग्ध बना दिया है।

    स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होने की बात भी सामने आई है, जो जांच के दायरे में एक अहम बिंदु बन गया है। पुलिस अब दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है और मामले की गहराई से जांच कर रही है।

    फिलहाल पुलिस हर एंगल से इस घटना की पड़ताल कर रही है, जिसमें हादसा, तकनीकी खराबी या किसी साजिश की संभावना शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि सच्चाई जल्द सामने लाई जाएगी और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और लोग इस रहस्यमयी मौत को लेकर कई सवाल उठा रहे हैं।

  • छोटा नेहरू स्टेडियम का नाम बदलने पर इंदौर में सियासत तेज छत्रपति शिवाजी स्टेडियम बनाने के प्रस्ताव पर कांग्रेस भाजपा आमने सामने

    छोटा नेहरू स्टेडियम का नाम बदलने पर इंदौर में सियासत तेज छत्रपति शिवाजी स्टेडियम बनाने के प्रस्ताव पर कांग्रेस भाजपा आमने सामने


    इंदौर /मध्य प्रदेश के Indore में स्थित Chhota Nehru Stadium का नाम बदलने के प्रस्ताव के बाद शहर की राजनीति अचानक गरमा गई है। नगर निगम की मेयर इन काउंसिल बैठक में स्टेडियम का नाम बदलकर Chhatrapati Shivaji Maharaj के नाम पर रखने का प्रस्ताव पारित किया गया है। जैसे ही यह प्रस्ताव सामने आया वैसे ही इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई और Bharatiya Janata Party तथा Indian National Congress आमने सामने आ गए।

    दरअसल नगर निगम मुख्यालय में आयोजित मेयर इन काउंसिल की बैठक में शहर के ऐतिहासिक छोटे नेहरू स्टेडियम का नाम बदलने का प्रस्ताव रखा गया था जिसे बैठक में मंजूरी दे दी गई। प्रस्ताव के अनुसार अब इस स्टेडियम का नाम छत्रपति शिवाजी स्टेडियम रखने की बात कही जा रही है। यह निर्णय सामने आते ही शहर की राजनीति में बहस और बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है।

    इस मुद्दे पर कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया है। कांग्रेस के प्रवक्ता नीलाभ शुक्ला का कहना है कि यदि शहर में कोई नया और भव्य स्टेडियम बनाया जाता है तो उसका नाम छत्रपति शिवाजी के नाम पर रखा जाना सम्मान की बात होगी लेकिन पहले से मौजूद छोटे नेहरू स्टेडियम का नाम बदलना उचित नहीं है। उनका कहना है कि यह केवल एक नाम बदलने का मामला नहीं है बल्कि इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े व्यक्तित्वों के सम्मान से भी जुड़ा विषय है। कांग्रेस का आरोप है कि जब भी स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े किसी नाम या विरासत की बात सामने आती है तब भाजपा नेताओं की असहजता और राजनीतिक सोच दिखाई देने लगती है।

    वहीं दूसरी ओर भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार किया है। इंदौर के महापौर Pushyamitra Bhargav ने कहा कि नगर निगम ने फिलहाल केवल प्रस्ताव पारित किया है और इस पर अंतिम निर्णय की प्रक्रिया आगे चलेगी। उन्होंने कांग्रेस से सवाल करते हुए कहा कि पहले यह स्पष्ट किया जाए कि छोटा नेहरू आखिर कौन हैं और इस नाम के पीछे किस ऐतिहासिक संदर्भ को जोड़ा जाता है।

    महापौर ने यह भी कहा कि कांग्रेस की राजनीति में ऐसा कौन सा व्यक्तित्व रहा है जिसे छोटा नेहरू के नाम से जाना गया हो। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि देश आज भी नेहरू की नीतियों के परिणाम भुगत रहा है और कांग्रेस को इतिहास के नाम पर राजनीति करने के बजाय स्पष्टता से जवाब देना चाहिए।

    स्टेडियम के नाम बदलने को लेकर शुरू हुई यह बहस अब केवल नगर निगम के प्रस्ताव तक सीमित नहीं रही बल्कि यह शहर की सियासत का बड़ा मुद्दा बन गई है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस प्रस्ताव पर आगे क्या फैसला होता है और क्या वास्तव में छोटा नेहरू स्टेडियम का नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी स्टेडियम किया जाएगा या फिर राजनीतिक दबाव के चलते इस पर पुनर्विचार किया जाएगा। फिलहाल इस मुद्दे ने इंदौर की राजनीति में एक नया विवाद जरूर खड़ा कर दिया है।