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  • कन्नड़ राज्योत्सव पर बेंगलुरु-मुंबई को मिली नई सौगात, अश्विनी वैष्णव ने शुरू की वंदे भारत स्लीपर सेवा

    कन्नड़ राज्योत्सव पर बेंगलुरु-मुंबई को मिली नई सौगात, अश्विनी वैष्णव ने शुरू की वंदे भारत स्लीपर सेवा

    नई दिल्ली । कर्नाटक के स्थापना दिवस यानी कन्नड़ राज्योत्सव के अवसर पर बेंगलुरु और मुंबई के बीच रेल कनेक्टिविटी को नई सुविधा मिली है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार, 1 नवंबर 2026 को बेंगलुरु के एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल (एसएमवीटी) से वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस नई ट्रेन सेवा का उद्देश्य देश के दो प्रमुख शहरों के बीच रात के समय यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाना है। इससे तकनीकी और आर्थिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र बेंगलुरु का संपर्क देश की वित्तीय राजधानी मुंबई से बेहतर होगा।

    उद्घाटन समारोह में केंद्रीय रेल राज्यमंत्री वी. सोमन्ना, केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी और एचडी कुमारस्वामी मौजूद रहे। इनके अलावा केंद्रीय राज्यमंत्री शोभा करंदलाजे, भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या, पी.सी. मोहन और सी.एन. मंजूनाथ तथा राज्यसभा सदस्य लहर सिंह सिरोया और जगेश ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

    इस अवसर पर अश्विनी वैष्णव ने कर्नाटक और बेंगलुरु के लोगों को कन्नड़ राज्योत्सव की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस विशेष अवसर पर बेंगलुरु और मुंबई के बीच वंदे भारत स्लीपर सेवा की शुरुआत की जा रही है। उनके अनुसार, यह देश की तीसरी वंदे भारत स्लीपर सेवा होगी। उन्होंने इस रेल सेवा को तकनीकी क्षेत्र में अग्रणी बेंगलुरु और आर्थिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र मुंबई को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सुविधा बताया।

    रेल मंत्री ने बताया कि ट्रेन के निर्माण और डिजाइन में यात्रियों की सुविधा तथा सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। इसमें यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई नए फीचर शामिल किए गए हैं। लोकोमोटिव पायलटों के लिए विशेष सुविधाएं विकसित की गई हैं। इसके अलावा बर्थ पर आसानी से चढ़ने और उतरने के लिए भी अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। दिव्यांग यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भी ट्रेन में विशेष प्रावधान किए गए हैं।

    वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस में कुल 823 यात्रियों के सफर करने की क्षमता होगी। ट्रेन में 11 एसी थ्री-टियर कोच होंगे, जिनमें 611 यात्रियों के लिए जगह उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा चार एसी टू-टियर कोच में 188 यात्री सफर कर सकेंगे। ट्रेन में एक फर्स्ट एसी कोच भी होगा, जिसकी क्षमता 24 यात्रियों की होगी। इस तरह अलग-अलग श्रेणियों के यात्रियों को एक ही ट्रेन में यात्रा का विकल्प मिलेगा।

    रेल राज्यमंत्री वी. सोमन्ना ने इस मौके पर केंद्र सरकार की रेलवे विकास योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में कर्नाटक में रेलवे के विकास पर 52 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं। उनके मुताबिक, देशभर में 14 हजार रेलवे ओवरब्रिज बनाए गए हैं, जिनमें 900 से अधिक ओवरब्रिज कर्नाटक में हैं। उन्होंने उत्तरी, मध्य और दक्षिणी कर्नाटक में रेलवे कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर भी जोर दिया।

    दक्षिण पश्चिम रेलवे इस नई सेवा का संचालन और रखरखाव करेगा। इसके लिए ट्रेन को दो नंबर दिए गए हैं। ट्रेन संख्या 27652 बेंगलुरु के एसएमवीटी से मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) के बीच चलेगी, जबकि 27651 मुंबई से बेंगलुरु के लिए निर्धारित की गई है।

    बेंगलुरु से मुंबई जाने वाली ट्रेन शाम 7 बजकर 45 मिनट पर रवाना होगी और अगले दिन सुबह 11 बजकर 55 मिनट पर सीएसएमटी पहुंचेगी। इस यात्रा में करीब 16 घंटे लगेंगे। वापसी में ट्रेन मुंबई से रात 8 बजकर 10 मिनट पर रवाना होगी और अगले दिन दोपहर बेंगलुरु पहुंचेगी। यह सेवा सप्ताह में छह दिन संचालित होगी। बेंगलुरु से मुंबई की यात्रा सोमवार को और मुंबई से बेंगलुरु की वापसी मंगलवार को ट्रेन नहीं चलेगी। रातभर की इस रेल सेवा से दोनों शहरों के बीच यात्रियों को सीधी कनेक्टिविटी का विकल्प मिलेगा।

  • प्रदूषण जागरूकता अभियान के लिए फीस मांगने वाले सेलिब्रिटीज पर बॉम्बे हाई कोर्ट नाराज, BMC और पुलिस को दिए सख्त निर्देश

    प्रदूषण जागरूकता अभियान के लिए फीस मांगने वाले सेलिब्रिटीज पर बॉम्बे हाई कोर्ट नाराज, BMC और पुलिस को दिए सख्त निर्देश


    नई दिल्ली । महाराष्ट्र में त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान बढ़ते वायु और ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए चलाए जा रहे प्रयासों के बीच बॉम्बे हाई कोर्ट ने जागरूकता अभियान में सहयोग के लिए फीस मांगने वाले सेलिब्रिटीज पर नाराजगी जताई है। अदालत ने कहा कि प्रदूषण के खिलाफ अभियान में योगदान देने के लिए ऐसे लोगों से संपर्क करने की जरूरत नहीं है, जो इसके बदले भुगतान की मांग करते हैं। पीठ ने उम्मीद जताई कि फिल्मी हस्तियां अपने शहर के प्रति जुड़ाव और सामाजिक जिम्मेदारी दिखाते हुए इस तरह के जनहित अभियान में सहयोग करेंगी।

    सोमवार को सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सरकारी वकील ज्योति चव्हाण ने अदालत को बताया कि अधिकारियों ने प्रदूषण के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए कुछ सेलिब्रिटीज से संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने अभियान में शामिल होने के लिए फीस मांगी। इस पर जस्टिस जीएस कुलकर्णी और जस्टिस नीला गोखले की पीठ ने नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि यदि सेलिब्रिटीज अपने ही शहर के प्रति जागरूक नहीं हैं और केवल फीस लेकर अभियान में शामिल होना चाहते हैं, तो यह खेदजनक है।

    पीठ ने यह भी सवाल किया कि जब फिल्मी हस्तियां पुलिस विभाग के कार्यक्रमों में शामिल हो सकती हैं, तो प्रदूषण के खिलाफ जागरूकता अभियान में सहयोग क्यों नहीं कर सकतीं। अदालत ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े संदेशों के प्रचार का खर्च सरकारी खजाने पर नहीं डाला जाना चाहिए। सुनवाई के दौरान प्रदूषण नियंत्रण के लिए जारी निर्देशों को लोगों तक पहुंचाने और उनके प्रभावी पालन पर भी चर्चा हुई।

    यह मामला त्योहारों और धार्मिक जुलूसों के दौरान होने वाले वायु तथा ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए अदालत की ओर से स्वत: संज्ञान लेकर शुरू की गई जनहित याचिका से जुड़ा है। हाई कोर्ट ने 22 सितंबर को आदेश दिया था कि त्योहारों के दौरान सार्वजनिक सड़कों और रास्तों पर पटाखे नहीं फोड़े जाएंगे। अदालत ने लेजर लाइट और तेज रोशनी वाली बीम लाइट के इस्तेमाल पर भी रोक लगाई थी। सुनवाई के दौरान पीठ ने अधिकारियों से पूछा कि गणपति उत्सव और नवरात्रि के समय इन आदेशों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए क्या कदम उठाए गए।

    सुनवाई में शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था का मुद्दा भी उठा। अदालत की सहायता कर रहे एमिकस क्यूरी अस्पी चिनॉय ने प्रशासन की ओर से दाखिल हलफनामों में शिकायतों के लिए समर्पित और रिकॉर्ड की जाने वाली हेल्पलाइन का स्पष्ट विवरण नहीं होने की बात कही। इसके जवाब में बृहन्मुंबई महानगरपालिका की ओर से पेश वकील जोएल कार्लोस ने बताया कि ध्वनि प्रदूषण से जुड़ी शिकायतें 24 घंटे चालू रहने वाली आपदा हेल्पलाइन 1916 पर दर्ज कराई जा सकती हैं।

    अदालत ने मुंबई की बड़ी झुग्गी बस्तियों में प्रदूषण संबंधी नियमों के उल्लंघन पर भी चिंता जताई। पीठ के मुताबिक, इन इलाकों में देर रात तक पटाखे फोड़ने की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे क्षेत्रों में विशेष जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत बताई गई। जस्टिस जीएस कुलकर्णी ने स्पष्ट किया कि अदालत किसी समुदाय के खिलाफ नहीं है, लेकिन कानून का पालन सभी के लिए जरूरी है। पीठ ने नागरिक अधिकारियों को स्थानीय वार्ड पार्षदों को भी जागरूकता अभियान में सक्रिय रूप से शामिल करने का निर्देश दिया।

    हाई कोर्ट ने BMC, पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ निगरानी जारी रखने और नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 25 नवंबर को होगी। उस दौरान प्रदूषण रोकने और अदालत के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन की ओर से उठाए गए कदमों पर विचार किया जाएगा।

  • मुंबई में बीच में रोका गया शिल्पा राव का परफॉर्मेंस, माइक बंद होने पर भावुक हुईं सिंगर….

    मुंबई में बीच में रोका गया शिल्पा राव का परफॉर्मेंस, माइक बंद होने पर भावुक हुईं सिंगर….

    नई दिल्ली । मुंबई में 24 अक्टूबर को आयोजित एक बॉलीवुड म्यूजिक प्रोजेक्ट की 10वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम में सिंगर शिल्पा राव की परफॉर्मेंस बीच में रोक दिए जाने का मामला चर्चा में है। कार्यक्रम के दौरान उनका माइक बंद कर दिया गया और स्टेज की लाइटें भी बुझा दी गईं। बताया गया कि इस घटनाक्रम के कारण शिल्पा को अपनी प्रस्तुति पूरी करने और दर्शकों से ठीक से विदा लेने का मौका नहीं मिला। करीब 15 मिनट तक चले इस घटनाक्रम से सिंगर के साथ वहां मौजूद दर्शक भी हैरान रह गए।

    कार्यक्रम में कई कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। हालांकि, शिल्पा राव की परफॉर्मेंस बीच में रोके जाने की घटना ने लोगों का ध्यान खींचा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इवेंट का निर्धारित शेड्यूल देरी से चल रहा था। इसी वजह से उनकी प्रस्तुति को बीच में रोकने का फैसला लिया गया। उस समय दर्शक शिल्पा को सुनने के लिए उत्साहित थे और लगातार उनका नाम लेकर आवाज लगा रहे थे।

    बताया गया कि माइक बंद होने के बाद शिल्पा को अपने प्रशंसकों से ठीक से विदा लेने का अवसर भी नहीं मिला। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई। हालांकि, कार्यक्रम में परफॉर्मेंस रोकने के फैसले को लेकर आयोजकों की ओर से किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी सामने नहीं आई है।

    इस घटनाक्रम के बाद शिल्पा राव ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट साझा कर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि मुंबई में उस रात उनके दिल का एक हिस्सा टूट गया। सिंगर ने कहा कि जब किसी खूबसूरत मंच पर चल रही प्रस्तुति को इस तरह बीच में रोक दिया जाता है, तो दुख होता है। उनकी पोस्ट से कार्यक्रम के दौरान हुए अनुभव और दर्शकों के साथ उनके जुड़ाव का पता चला।

    शिल्पा ने अपनी पोस्ट में उन प्रशंसकों का भी आभार जताया, जो संगीत बंद होने के बाद भी उनका समर्थन करते रहे। उन्होंने बताया कि परफॉर्मेंस रुकने के बावजूद दर्शक उनका नाम पुकारते रहे। उनके मुताबिक, प्रशंसकों की आवाज में मौजूद प्यार ने उन्हें भावनात्मक रूप से सहारा दिया। इस घटना के दौरान संगीत भले ही रुक गया, लेकिन दर्शकों का उत्साह कम नहीं हुआ।

    सिंगर ने अपनी पोस्ट में कहा कि उस रात उनकी और दर्शकों की कहानी अधूरी रह गई। इसके साथ ही उन्होंने मुंबई लौटकर दोबारा परफॉर्म करने का वादा भी किया। शिल्पा ने यह भी स्पष्ट किया कि वह मुंबई से बहुत प्यार करती हैं और आगे भी करती रहेंगी। उनकी इस बात से संकेत मिला कि कार्यक्रम में हुए अनुभव के बावजूद शहर और वहां के प्रशंसकों के प्रति उनका लगाव बना हुआ है।

    शिल्पा राव की पोस्ट सामने आने के बाद उनके प्रशंसकों का समर्थन भी चर्चा का हिस्सा बन गया। कार्यक्रम में उनकी प्रस्तुति रोके जाने की वजह से जहां निराशा की बात सामने आई, वहीं संगीत बंद होने के बाद भी दर्शकों द्वारा उनका नाम पुकारते रहने को उन्होंने खास महत्व दिया। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी में कार्यक्रम के शेड्यूल में देरी को परफॉर्मेंस रोकने की वजह बताया गया है। आयोजकों की ओर से इस मामले पर आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने की जानकारी नहीं है।

  • मुंबई में रैपिडो राइडर गिरफ्तार, जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंध और टेलीग्राम पर भड़काऊ भाषण साझा करने का आरोप

    मुंबई में रैपिडो राइडर गिरफ्तार, जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंध और टेलीग्राम पर भड़काऊ भाषण साझा करने का आरोप

    नई दिल्ली । महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंध होने के संदेह में 33 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मोहम्मद हसन अबू सरमद अख्तर के रूप में हुई है। उसे माहिम मेट्रो स्टेशन के पास से पकड़ा गया। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी रैपिडो राइडर के रूप में काम करने के साथ इत्र बेचने का व्यवसाय भी करता था। उसके सोशल मीडिया इस्तेमाल और मोबाइल फोन में मिली संदिग्ध सामग्री की जांच की जा रही है।

    एटीएस का आरोप है कि आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों के बीच नफरत फैलाने वाली सामग्री साझा कर रहा था। जांच एजेंसी के मुताबिक, वह टेलीग्राम पर एक समूह भी संचालित करता था। आरोप है कि इस समूह में उसने 1 जून को जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर के भड़काऊ भाषण साझा किए थे। इन भाषणों में बाबरी मस्जिद सहित कुछ अन्य मुद्दों का उल्लेख होने की बात कही गई है।

    जांचकर्ताओं का यह भी दावा है कि आरोपी पाकिस्तान समर्थित बताए जा रहे ‘इब्न-ए-कासिम’ नाम के टेलीग्राम चैनल से जुड़ा हुआ था। हालांकि, उसके कथित संबंधों और गतिविधियों की वास्तविक प्रकृति का पता लगाने के लिए जांच जारी है। मोबाइल फोन से मिली सामग्री, सोशल मीडिया पर उसकी गतिविधियों और संबंधित डिजिटल संपर्कों की पड़ताल की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में था और उसके ऑनलाइन समूह में किस तरह की सामग्री साझा की जाती थी।

    इसी बीच, गुजरात में भी जैश-ए-मोहम्मद से कथित तौर पर जुड़े मामले में पांच लोगों की गिरफ्तारी के बाद जांच आगे बढ़ रही है। गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते ने बिलाल आबिदभाई शेरा, मोहम्मद अयूब कदीवाला, मोहम्मद पालनपुरी उर्फ खाली अयूब सुनसारा, शफिया रईस मुख्ती और मोहम्मद हसन करदिया को गिरफ्तार किया था। इन पांचों को गुजरात के पाटन जिले के खडियाल गांव से पकड़े जाने की जानकारी दी गई है।

    अधिकारियों के मुताबिक, जैश-ए-मोहम्मद के आठ कथित सदस्यों से संबंधित जांच के दौरान इन पांच लोगों के नाम सामने आए थे। मामले में उनकी भूमिका और अन्य संदिग्धों के साथ उनके संपर्कों की पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसी यह स्पष्ट करने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों के बीच किस तरह का संपर्क था और कथित गतिविधियों में उनकी क्या भूमिका रही।

    अदालती कार्यवाही के दौरान सरकारी वकील पी.आर. दंतानी ने पांचों आरोपियों से पूछताछ की आवश्यकता बताई थी। उनके अनुसार, एक आरोपी पर टाइम बम बनाने की कोशिश करने का आरोप है। जांच एजेंसी को कथित तौर पर बम बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और प्रतिबंधित संगठन से संबंधित उर्दू में लिखे साहित्य की तलाश है।

    एटीएस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संदिग्ध सामग्री कहां से लाई गई, उसे कहां रखा गया था और प्रतिबंधित संगठन से जुड़ी बताई जा रही सामग्री आरोपियों तक कैसे पहुंची। इन सवालों के जवाब जुटाने के लिए आरोपियों से पूछताछ की आवश्यकता बताई गई थी। अदालत ने पांचों आरोपियों को एटीएस की हिरासत में भेज दिया था।

    मुंबई और गुजरात के इन मामलों में जांच एजेंसियां कथित आतंकी संपर्कों, डिजिटल गतिविधियों और संदिग्ध सामग्री से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही

  • टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग मामले में नया दावा, सलमान खान की तारीफ से जुड़ रही हमले की वजह

    टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग मामले में नया दावा, सलमान खान की तारीफ से जुड़ रही हमले की वजह

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई के जुहू इलाके में हुई फायरिंग के मामले में जांच के दौरान एक नया दावा सामने आया है। गिरफ्तार आरोपी फूल सिंह ने पूछताछ में कथित तौर पर बताया कि अभिनेता को निशाना बनाने के पीछे सलमान खान की तारीफ से जुड़ी पुरानी बात हो सकती है। हालांकि, पुलिस ने इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है और मामले के सभी पहलुओं की जांच जारी है।

    पूछताछ में सामने आए दावे के मुताबिक, फूल सिंह ने जांचकर्ताओं को बताया कि उसे कथित साजिश की पूरी वजह की जानकारी नहीं थी। उसके अनुसार, मामले में वांछित आरोपी अनिल पंडित ने उसे बताया था कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग टाइगर श्रॉफ से बदला लेना चाहता है। आरोपी के इस बयान के आधार पर पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित रंजिश की बात कितनी विश्वसनीय है और फायरिंग की घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था।

    बताया जा रहा है कि इस दावे का संबंध वर्ष 2022 में फिल्म ‘हीरोपंती 2’ के प्रचार के दौरान टाइगर श्रॉफ के एक बयान से जोड़ा गया है। उस समय अभिनेता से फिल्म की ईद पर रिलीज को लेकर सवाल पूछा गया था। जवाब में उन्होंने सलमान खान की तारीफ करते हुए कहा था कि फिल्म इंडस्ट्री में असली ‘टाइगर’ सलमान खान हैं और उनके सामने वह खुद को बिल्ली की तरह मानते हैं।

    टाइगर का यह बयान उस समय चर्चा में आया था। अब फायरिंग मामले में आरोपी की ओर से इसे कथित रंजिश की वजह बताए जाने के बाद पुलिस इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है। हालांकि, केवल इस बयान के आधार पर हमले का कारण तय नहीं किया गया है। जांच पूरी होने और तथ्यों की पुष्टि होने के बाद ही मामले की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

    लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम पहले भी सलमान खान से जुड़ी धमकियों के मामलों में सामने आता रहा है। वर्ष 1998 के काले हिरण शिकार मामले को लेकर सलमान खान से माफी मांगने की मांग किए जाने की खबरें भी सामने आई थीं। इसी पृष्ठभूमि में फिल्म जगत की अन्य हस्तियों को कथित तौर पर धमकियां दिए जाने की घटनाओं की भी जांच होती रही है।

    मामले से जुड़ी जानकारी के अनुसार, अनिल पंडित और गैंग के एक अन्य सदस्य हरमन संधू से जुड़े बताए गए ऑडियो संदेशों में सलमान खान के साथ काम करने वाले फिल्मी सितारों को निशाना बनाने की चेतावनी दिए जाने का दावा किया गया था। हालांकि, टाइगर श्रॉफ और उनके पिता जैकी श्रॉफ ने किसी तरह की धमकी मिलने से इनकार किया था। फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी ने भी धमकी मिलने की बात से इनकार किया था। रणवीर सिंह, आमिर खान और आयुष शर्मा के नाम भी पहले कथित धमकियों के संदर्भ में चर्चा में आ चुके हैं।

    टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना 18 अक्टूबर की शाम मुंबई के जुहू इलाके में हुई थी। सामने आई जानकारी के मुताबिक, उनकी कार पर पांच से छह राउंड गोलियां चलाई गई थीं। इस घटना में टाइगर सुरक्षित बच गए, जबकि उनके ड्राइवर और एक व्लॉगर के घायल होने की जानकारी दी गई थी।

    घटना के बाद अनिल पंडित ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए लॉरेंस बिश्नोई गैंग से संबंध होने का दावा करते हुए फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी। पुलिस इस दावे और घटना में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। मामले में अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी गई है।

    जांच अधिकारी इस संभावना की भी पड़ताल कर रहे हैं कि गोलीबारी का उद्देश्य फिल्म जगत में भय पैदा करना या गैंग का प्रचार करना था। फिलहाल, सलमान खान की तारीफ को हमले की वजह बताए जाने वाला दावा जांच के दायरे में है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के पीछे व्यक्तिगत रंजिश थी या इसके तार किसी संगठित साजिश से जुड़े हैं।

  • मुंबई की मेयर को धमकी भरा ईमेल, दिलजीत दोसांझ के 27 नवंबर के कॉन्सर्ट और अमिताभ बच्चन का भी जिक्र

    मुंबई की मेयर को धमकी भरा ईमेल, दिलजीत दोसांझ के 27 नवंबर के कॉन्सर्ट और अमिताभ बच्चन का भी जिक्र

    नई दिल्ली । मुंबई की मेयर को शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को एक धमकी भरा ईमेल मिला। इस ईमेल में मेयर के कार्यालय को निशाना बनाने की धमकी दी गई है। इसके अलावा पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ के मुंबई में होने वाले संगीत कार्यक्रम और बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन का भी उल्लेख किया गया है। ईमेल में इन तीनों को निशाना बनाने की बात सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। फिलहाल धमकी भेजने वाले की पहचान और ईमेल की विश्वसनीयता के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

    ईमेल में दिलजीत दोसांझ के इंडिया टूर के तहत मुंबई में आयोजित होने वाले कार्यक्रम का विशेष रूप से जिक्र किया गया है। यह कॉन्सर्ट 27 नवंबर 2026 को महालक्ष्मी रेसकोर्स में प्रस्तावित है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रशंसकों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए धमकी का मामला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि धमकी के बाद आयोजकों या संबंधित अधिकारियों की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर क्या कदम उठाए गए हैं।

    ईमेल में अमिताभ बच्चन को भी निशाना बनाने की धमकी दी गई है। इस तरह एक ही संदेश में मेयर के कार्यालय, संगीत कार्यक्रम और फिल्म अभिनेता का नाम आने से मामले की गंभीरता बढ़ गई है। लेकिन धमकी देने वाले व्यक्ति या समूह के बारे में कोई पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसी तरह यह भी स्पष्ट नहीं है कि ईमेल में किए गए दावों की जांच में अब तक क्या निष्कर्ष सामने आए हैं।

    दिल्ली में दिलजीत के कार्यक्रम को नहीं मिली अनुमति

    मुंबई में धमकी भरे ईमेल का मामला ऐसे समय सामने आया है, जब इससे एक दिन पहले दिल्ली पुलिस ने दिलजीत दोसांझ के प्रस्तावित संगीत कार्यक्रम को अनुमति देने से इनकार कर दिया था। यह कार्यक्रम 30 अक्टूबर को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित होना था। पुलिस ने विशेष खतरे से जुड़ी जानकारी, सुरक्षा संबंधी चिंताओं और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी।

    दिल्ली पुलिस के दक्षिणी जिले के उपायुक्त अनंत मित्तल ने 21 अक्टूबर को कार्यक्रम आयोजित करने का अनुरोध करने वाली कंपनी के निदेशक अनिल मखीजा को पत्र लिखकर निर्णय की जानकारी दी थी। पत्र में कहा गया कि सुरक्षा से जुड़ी विशेष सूचनाओं, त्योहारों के दौरान पुलिस की अन्य जिम्मेदारियों और कानून-व्यवस्था संबंधी परिस्थितियों को देखते हुए कार्यक्रम की मंजूरी देना संभव नहीं है। आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना भी सुरक्षा प्रबंधन के लिहाज से महत्वपूर्ण थी।

    भारत दौरे में सात शहरों का कार्यक्रम था प्रस्तावित

    दिल्ली में होने वाला संगीत कार्यक्रम दिलजीत दोसांझ के ‘ऑरा वर्ल्ड टूर’ के भारत चरण की शुरुआत करने वाला था। इसके बाद गायक के इंदौर, अहमदाबाद, मुंबई, बेंगलुरु, लखनऊ और चंडीगढ़ में कार्यक्रम प्रस्तावित थे। इस तरह भारत दौरे में दिल्ली के बाद छह अन्य शहर शामिल थे।

    दिलजीत दोसांझ इससे पहले अपने विश्व दौरे के तहत उत्तर अमेरिका, यूरोप के कई देशों और ऑस्ट्रेलिया में प्रस्तुतियां दे चुके हैं। मुंबई में 27 नवंबर को होने वाले कॉन्सर्ट को लेकर धमकी भरा ईमेल सामने आने से अब कार्यक्रम की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित हो गया है। हालांकि, ईमेल और कार्यक्रम के बीच सुरक्षा संबंधी कार्रवाई की स्थिति को लेकर अभी अतिरिक्त पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।

    फिलहाल इस मामले में धमकी की विश्वसनीयता, भेजने वाले की पहचान और संभावित सुरक्षा कदमों से जुड़े विवरण सामने आने बाकी हैं। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी है।

  • नवरात्रि में ऑनलाइन फूड डिलीवरी की धूम, नोएडा में 11 हजार की व्रत थाली और मुंबई में रसगुल्लों का बड़ा ऑर्डर

    नवरात्रि में ऑनलाइन फूड डिलीवरी की धूम, नोएडा में 11 हजार की व्रत थाली और मुंबई में रसगुल्लों का बड़ा ऑर्डर


    नई दिल्ली । नवरात्रि के दौरान देशभर में व्रत के व्यंजनों और पारंपरिक मिठाइयों की ऑनलाइन मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। दुर्गा अष्टमी, महा नवमी और दशहरे के आसपास त्योहार का उत्साह खाने-पीने के ऑर्डर में भी दिखाई दिया। इस दौरान लोगों ने साबूदाने से बने व्यंजनों, विशेष व्रत थालियों और मिठाइयों को प्राथमिकता दी। नवरात्रि के दौरान कुछ ग्राहकों के बड़े ऑर्डर भी चर्चा में रहे। नोएडा में एक ग्राहक ने 13 व्रत थालियों के लिए 11,072 रुपये खर्च किए, जबकि मुंबई में एक ग्राहक ने मिठाइयों और कॉफी रसगुल्ला तिरामिसु के लिए 9,870 रुपये का ऑर्डर दिया।

    17 से 20 अक्टूबर 2026 के बीच व्रत के व्यंजनों में साबूदाने से बनी चीजें सबसे ज्यादा पसंद की गईं। इस अवधि में हर घंटे औसतन 1,794 साबूदाने के व्यंजन ग्राहकों तक पहुंचाए गए। इसके बाद नवरात्रि व्रत थालियों, सिंघाड़े से बनी चीजों और कुट्टू तथा राजगिरा से तैयार विशेष व्यंजनों की मांग रही। समा के चावल और मखाने से बने पकवान भी लोगों के पसंदीदा विकल्पों में शामिल रहे।

    नवरात्रि के दौरान केवल अलग-अलग व्यंजनों ही नहीं, बल्कि पूरे भोजन के कॉम्बो भी ग्राहकों को आकर्षित करते रहे। विशेष व्रत थालियों में सिंघाड़े की पूरी वाली थाली की मांग सबसे आगे रही। इसके अलावा राजगिरा की पूरी और आलू-हींग से तैयार तीन कोर्स वाली थाली भी खूब पसंद की गई। इस तरह की थालियों के ऑर्डर दिल्ली, बेंगलुरु, गुरुग्राम और नोएडा जैसे शहरों से अधिक आए।

    शहरों के हिसाब से देखें तो मुंबई और बेंगलुरु में साबूदाना खिचड़ी की मांग सबसे ज्यादा रही। पुणे और जयपुर में भी इस व्यंजन को पसंद किया गया। व्रत के दौरान ऐसे भोजन की मांग बढ़ी, जिसे पारंपरिक स्वाद के साथ एक संपूर्ण भोजन के रूप में मंगाया जा सके। व्रत थालियों में अलग-अलग पकवानों के संयोजन ने ग्राहकों को कई विकल्प दिए।

    मिठाइयों की बात करें तो नवरात्रि के दौरान रसगुल्ला सबसे लोकप्रिय विकल्प बनकर सामने आया। 17 से 20 अक्टूबर के बीच देशभर में इसके हर घंटे औसतन 495 ऑर्डर मिले। दिल्ली, मुंबई और गुरुग्राम में रसगुल्ले की मांग विशेष रूप से अधिक रही। कुल मिलाकर पारंपरिक मिठाइयों के ऑर्डर में पिछले वर्ष की तुलना में 36.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

    रसगुल्ले के अलावा गुलाब जामुन, काजू कतली, जलेबी और रसमलाई भी त्योहार के दौरान खूब मंगाई गईं। बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में मिठाइयों की मांग अधिक रही। वहीं पटना, देहरादून, जोधपुर, गया और तिरुवनंतपुरम जैसे शहरों में भी मिठाइयों के ऑर्डर में अच्छी गतिविधि देखने को मिली। छोटे शहरों में अगरतला, शिलांग, पलवल और भटिंडा में भी मिठाइयों की मांग उल्लेखनीय रही।

    इस अवधि के सबसे बड़े मिठाई ऑर्डरों में मुंबई के ग्राहक का 9,870 रुपये का ऑर्डर शामिल रहा। इसमें कई तरह की मिठाइयों के साथ कॉफी रसगुल्ला तिरामिसु भी मंगाया गया। यह मिठाई पारंपरिक भारतीय रसगुल्ले और इटली की प्रसिद्ध मिठाई तिरामिसु का फ्यूजन रूप है। त्योहार के दौरान इस तरह के नए स्वाद वाले विकल्प भी ग्राहकों के भोजन और मिठाई के चुनाव का हिस्सा बने।

    नवरात्रि के इन आंकड़ों से पता चलता है कि त्योहार के दौरान ग्राहकों की पसंद पारंपरिक व्रत के भोजन और मिठाइयों के इर्द-गिर्द रही। साबूदाने के व्यंजनों और व्रत थालियों की मांग के साथ रसगुल्ले सहित पारंपरिक मिठाइयों के ऑर्डर में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई।

  • मुंबई अंडरवर्ल्ड में दाऊद की डी-कंपनी से लॉरेंस बिश्नोई नेटवर्क तक बदला अपराध का तरीका

    मुंबई अंडरवर्ल्ड में दाऊद की डी-कंपनी से लॉरेंस बिश्नोई नेटवर्क तक बदला अपराध का तरीका

    नई दिल्ली । मुंबई में अंडरवर्ल्ड का इतिहास कई दशकों पुराना है। 1980 और 1990 के दशक में दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी का प्रभाव इतना व्यापक माना जाता था कि उसका नाम फिल्म उद्योग, कारोबार और आपराधिक गतिविधियों से जुड़ने लगा था। उस दौर में हाजी मस्तान, करीम लाला और वरदराजन मुदलियार जैसे नामों के बाद दाऊद का नेटवर्क तेजी से उभरा। अब फिल्मी हस्तियों से जुड़ी गोलीबारी की घटनाओं के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग की गतिविधियों और मुंबई में उसकी मौजूदगी को लेकर चर्चा बढ़ गई है।

    डी-कंपनी का प्रभाव 1980 के दशक के आखिरी वर्षों और 1990 के शुरुआती दौर में बढ़ा। उस समय दाऊद इब्राहिम, छोटा शकील, अबू सलेम और छोटा राजन जैसे नाम मुंबई के आपराधिक जगत में चर्चित थे। आरोप लगते रहे कि अंडरवर्ल्ड ने फिल्मों में अवैध धन लगाया और कलाकारों, निर्माताओं तथा फिल्म वितरण से जुड़े लोगों पर दबाव बनाया। कुछ फिल्मी हस्तियों और निर्माताओं को सुरक्षा भी मांगनी पड़ी थी। इस दौर में अपराध जगत और बॉलीवुड के संबंधों को लेकर कई मामले सामने आए।

    1993 के मुंबई बम धमाकों के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने अंडरवर्ल्ड नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी। दाऊद इब्राहिम भारत से बाहर चला गया। मुंबई पुलिस की अपराध शाखा की कार्रवाई, गिरफ्तारियों और महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून यानी मकोका के इस्तेमाल से पुराने गिरोहों पर दबाव बढ़ा। छोटा राजन के जेल जाने और डी-कंपनी के नेटवर्क के कमजोर पड़ने के साथ मुंबई में संगठित अपराध का पुराना स्वरूप भी बदलने लगा। फिल्म उद्योग में कॉर्पोरेट निवेश और स्टूडियो व्यवस्था के विस्तार ने अवैध धन पर निर्भरता कम करने में भूमिका निभाई।

    इसी बीच उत्तर भारत में लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ का नेटवर्क विकसित हुआ। उपलब्ध विवरणों के अनुसार, करीब 2012 में पंजाब विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति और छात्र संगठन एसओपीयू से जुड़े विवादों के दौरान लॉरेंस का गिरोह सक्रिय हुआ। कॉलेज के झगड़ों, आपसी रंजिश और स्थानीय विवादों के बीच उसने युवाओं को अपने साथ जोड़ना शुरू किया। 2013 में एक विरोधी उम्मीदवार की हत्या के बाद संपत नेहरा का नाम भी गिरोह से जुड़ा। 2018 में सलमान खान को निशाना बनाने के इरादे से मुंबई में रेकी किए जाने की बात भी सामने आई थी।

    वर्ष 2015 से अलग-अलग जेलों में बंद रहने के बावजूद लॉरेंस बिश्नोई का नेटवर्क विभिन्न राज्यों में फैला। गोल्डी बराड़, काला जठेड़ी, रोहित गोदारा और अनमोल बिश्नोई जैसे नाम इस नेटवर्क से जुड़े बताए जाते हैं। इस गिरोह की गतिविधियों में सोशल मीडिया, विदेश से संपर्क और जेल के भीतर से कथित तौर पर संचालित संचार व्यवस्था की भूमिका की चर्चा होती रही है। हालांकि, किसी विशेष घटना में गिरोह की भूमिका का निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही किया जा सकता है।

    मुंबई में हाल की घटनाओं ने इस नेटवर्क को फिर चर्चा में ला दिया है। फरवरी 2026 में फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर के बाहर गोलीबारी हुई थी। इस मामले में बिश्नोई गैंग के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद 18 अक्टूबर 2026 को अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर जुहू इलाके में गोलीबारी की खबर आई। उपलब्ध विवरण के अनुसार, इस घटना में अभिनेता सुरक्षित रहे। इन मामलों के बाद फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा और जबरन वसूली की आशंकाओं को लेकर सवाल उठे हैं।

    हालांकि, इन घटनाओं के आधार पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग को 1990 के दशक की डी-कंपनी के समान व्यापक नियंत्रण वाला संगठन मानना जल्दबाजी होगी। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, मुंबई में रंगदारी के मामले 2024 में 199 थे, जो 2025 में बढ़कर 314 हो गए। लेकिन सभी मामलों को बिश्नोई गैंग से जोड़कर नहीं देखा जा सकता। पुलिस के अनुसार, इनमें स्थानीय स्तर पर सक्रिय छोटे अपराधियों से जुड़े मामले भी शामिल हैं।

    डी-कंपनी का प्रभाव बंदरगाहों, हवाला, रियल एस्टेट, स्थानीय कारोबार और फिल्म उद्योग तक फैला हुआ बताया जाता था। इसके विपरीत, लॉरेंस बिश्नोई गैंग के मुंबई में स्थायी आर्थिक और जमीनी ढांचे को लेकर ऐसी व्यापक तस्वीर सामने नहीं आई है। उसके नेटवर्क पर उत्तर भारत और विदेश में मौजूद लोगों के जरिए गतिविधियां चलाने तथा सोशल मीडिया पर वारदातों की जिम्मेदारी लेकर प्रचार हासिल करने के आरोप लगते रहे हैं। इसलिए मुंबई में अंडरवर्ल्ड का बदलता दौर केवल नामों का बदलाव नहीं, बल्कि अपराध के तरीकों, संपर्क व्यवस्था और पुलिस के सामने खड़ी चुनौतियों में आए परिवर्तन से भी जुड़ा है।

  • टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा, बॉडीगार्ड के साथ पुलिसकर्मी तैनात, तीन आरोपी गिरफ्तार

    टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा, बॉडीगार्ड के साथ पुलिसकर्मी तैनात, तीन आरोपी गिरफ्तार


    नई दिल्ली ।
    बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना के बाद उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मुंबई पुलिस ने अभिनेता की सुरक्षा के लिए बॉडीगार्ड के साथ पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया है। मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अभिनेता को निशाना बनाने के पीछे क्या वजह थी और इस घटना में किन लोगों की भूमिका रही है।

    फायरिंग की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था में किए गए बदलाव के तहत टाइगर श्रॉफ के साथ निजी सुरक्षा कर्मियों के अलावा पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए हैं। उनके नजदीकी पुलिस थाने से एक अधिकारी और कुछ जवानों को सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि, पुलिस ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि अभिनेता को किस स्तर की सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है। जांच अधिकारी मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रहे हैं।

    प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि फायरिंग के पीछे लोगों के बीच डर पैदा करने और अभिनेता से पैसे वसूलने की कोशिश हो सकती है। जांच के दौरान लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की संभावित भूमिका का पहलू भी सामने आया है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक हमले के उद्देश्य या किसी गिरोह की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ ही घटना के पीछे की परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।

    इस मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है। जानकारी के अनुसार, तीनों को सोमवार सुबह राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन से पकड़ा गया। पुलिस ने करीब 15 मिनट तक चले अभियान के बाद उन्हें हिरासत में लिया। उस समय तीनों पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस के सामान्य श्रेणी के डिब्बे में सफर कर रहे थे। ट्रेन सुबह 10 बजकर 17 मिनट पर कोटा स्टेशन पहुंची थी।

    कोटा की पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में बिहार के बेगूसराय निवासी ऋतिक उर्फ रोशन और हरियाणा के सोनीपत निवासी रेहान शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी में तीसरे आरोपी की पहचान का पूरा विवरण नहीं दिया गया है। पुलिस गिरफ्तारी के बाद आरोपियों से पूछताछ और मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

    जांच का एक अहम पहलू यह पता लगाना है कि फायरिंग की योजना कैसे बनाई गई और आरोपियों के बीच क्या संपर्क था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना को अंजाम देने के पीछे आर्थिक मांग, धमकी या किसी अन्य कारण की भूमिका रही है या नहीं। फिलहाल इन संभावनाओं को जांच के स्तर पर देखा जा रहा है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस सभी संबंधित साक्ष्यों और आरोपियों से मिली जानकारी का परीक्षण कर रही है।

    टाइगर श्रॉफ की सुरक्षा बढ़ाए जाने के बाद अब मामले की जांच और आरोपियों से पूछताछ पर ध्यान केंद्रित है। पुलिस यह स्पष्ट करने की कोशिश कर रही है कि फायरिंग की घटना में गिरफ्तार लोगों की क्या भूमिका थी और क्या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय था। हमले के कारणों, संभावित साजिश और अन्य संबंधित लोगों के बारे में स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

  • इंदौर एयरपोर्ट से 25 अक्टूबर को बदलेगा फ्लाइट शेड्यूल, मुंबई और अहमदाबाद के यात्रियों को मिलेंगे नए विकल्प

    इंदौर एयरपोर्ट से 25 अक्टूबर को बदलेगा फ्लाइट शेड्यूल, मुंबई और अहमदाबाद के यात्रियों को मिलेंगे नए विकल्प

    मध्य प्रदेश: के इंदौर स्थित देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट पर 25 अक्टूबर 2026 से उड़ानों का नया विंटर शेड्यूल लागू होने जा रहा है। इसके तहत मुंबई और अहमदाबाद जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त उड़ानों के विकल्प मिलेंगे। अहमदाबाद के लिए तीसरी सीधी फ्लाइट शुरू करने की तैयारी है, जबकि मुंबई के लिए सुबह की नई उड़ान उपलब्ध होगी। इसके अलावा गोवा और पुणे के रास्ते कोच्चि जाने वाले यात्रियों के लिए भी कनेक्टिंग फ्लाइट के विकल्प रहेंगे।

    नए शेड्यूल में अहमदाबाद और मुंबई के रूट पर विशेष बदलाव किए गए हैं। इन दोनों शहरों के बीच इंदौर से बड़ी संख्या में लोग कारोबार, नौकरी, पढ़ाई और अन्य निजी कार्यों के लिए यात्रा करते हैं। उड़ानों के समय में बदलाव और नए विकल्प मिलने से यात्रियों को अपनी जरूरत के अनुसार यात्रा की योजना बनाने में सुविधा होगी।

    अहमदाबाद के लिए तीसरी सीधी उड़ान

    इंदौर से अहमदाबाद जाने वाले यात्रियों को नए विंटर शेड्यूल में तीसरी सीधी उड़ान का विकल्प मिलेगा। इस रूट पर पहले से संचालित दोनों उड़ानों के समय में भी बदलाव किया जाएगा। दोनों मौजूदा फ्लाइट अब अपने वर्तमान प्रस्थान समय से 30 मिनट पहले रवाना होंगी। इससे यात्रियों को उपलब्ध उड़ानों के समय के अनुसार अपना कार्यक्रम तय करना होगा।

    नई उड़ान दोपहर 12:05 बजे अहमदाबाद से इंदौर पहुंचेगी। इसके बाद विमान शाम 5 बजे इंदौर से अहमदाबाद के लिए रवाना होगा। वापसी के क्रम में अहमदाबाद से शाम 7:25 बजे उड़ान भरने के बाद विमान रात 8:35 बजे इंदौर पहुंचेगा। इस तरह अहमदाबाद रूट पर उड़ानों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को यात्रा के समय के अधिक विकल्प मिल सकेंगे।

    अहमदाबाद व्यापार और कारोबार के लिहाज से इंदौर के लिए महत्वपूर्ण शहर है। दोनों शहरों के बीच व्यावसायिक गतिविधियों के साथ निजी कामों के लिए भी यात्रियों की आवाजाही होती है। ऐसे में तीसरी सीधी उड़ान शुरू होने से यात्रियों को पहले से उपलब्ध सेवाओं के अलावा एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।

    मुंबई के लिए सुबह 8 बजे उड़ान

    मुंबई जाने वाले यात्रियों के लिए भी 25 अक्टूबर से नया विकल्प उपलब्ध होगा। एयर इंडिया इस रूट पर तीसरी इंदौर-मुंबई उड़ान शुरू करेगी। यह फ्लाइट सुबह 8 बजे इंदौर से रवाना होगी। इससे मुंबई जाने वाले यात्रियों को सुबह के समय हवाई यात्रा करने का एक और विकल्प मिलेगा।

    इंदौर और मुंबई के बीच कारोबारी बैठकों, नौकरी, पढ़ाई और अन्य जरूरी कामों के लिए लगातार यात्रा होती है। कई यात्रियों को सुबह मुंबई पहुंचने की आवश्यकता होती है। नई उड़ान से वे अपनी जरूरत और निर्धारित समय के अनुसार यात्रा की योजना बना सकेंगे।

    गोवा और पुणे के रास्ते कोच्चि की कनेक्टिंग फ्लाइट

    इंदौर से कोच्चि जाने वाले यात्रियों के लिए गोवा और पुणे के रास्ते कनेक्टिंग फ्लाइट की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। गोवा के रास्ते जाने वाले यात्रियों की उड़ान शाम 5:25 बजे इंदौर से रवाना होकर शाम 7 बजे गोवा पहुंचेगी। इसके बाद रात 8 बजे गोवा से कोच्चि के लिए विमान रवाना होगा और रात 9:20 बजे कोच्चि पहुंचेगा।

    वापसी में कोच्चि से दोपहर 1:20 बजे उड़ान भरने वाला विमान दोपहर 3:10 बजे गोवा पहुंचेगा। वहां से शाम 4:50 बजे इंदौर पहुंचने का निर्धारित समय है।

    पुणे के रास्ते कोच्चि जाने के लिए इंदौर से रात 10:25 बजे उड़ान मिलेगी। यह विमान रात 11:40 बजे पुणे पहुंचेगा। इसके बाद रात 12:40 बजे पुणे से कोच्चि के लिए रवाना होगा और अगले दिन तड़के 2:25 बजे कोच्चि पहुंचेगा।

    टिकट बुक करने से पहले जांचें समय

    25 अक्टूबर या उसके बाद यात्रा करने वाले यात्रियों को टिकट बुक करने से पहले नई उड़ानों का समय जांच लेना चाहिए। जिन यात्रियों ने पहले ही टिकट बुक कर लिया है, उन्हें भी अपनी फ्लाइट का प्रस्थान समय दोबारा देखना चाहिए। विंटर शेड्यूल लागू होने के साथ उड़ानों के समय और संचालन में बदलाव हो सकता है। इसलिए यात्रा से पहले संबंधित एयरलाइन की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर उपलब्ध नवीनतम जानकारी की पुष्टि करना उपयोगी रहेगा।