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  • 22 साल बाद 'इंडियन आइडल' के मंच पर लौटे अभिजीत सावंत, 'मोहब्बतें लुटाऊंगा' ने जगाईं सुनहरी यादें, अमित सना संग रीयूनियन बना

    22 साल बाद 'इंडियन आइडल' के मंच पर लौटे अभिजीत सावंत, 'मोहब्बतें लुटाऊंगा' ने जगाईं सुनहरी यादें, अमित सना संग रीयूनियन बना

    नई दिल्ली। लोकप्रिय संगीत रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल’ के 75वें एपिसोड, जिसे डायमंड जुबली स्पेशल के रूप में प्रस्तुत किया गया, में दर्शकों को एक भावुक और यादगार पल देखने को मिला। शो के पहले विजेता अभिजीत सावंत और पहले सीजन के चर्चित प्रतिभागी अमित सना करीब 22 साल बाद एक बार फिर उसी मंच पर साथ दिखाई दिए, जहां से उनके संगीत सफर की शुरुआत हुई थी। दोनों कलाकारों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को खास बना दिया और दर्शकों के बीच पुरानी यादें ताजा हो गईं।

    कार्यक्रम के दौरान अभिजीत सावंत ने अपना लोकप्रिय गीत ‘मोहब्बतें लुटाऊंगा’ प्रस्तुत किया, जिसने कभी उन्हें देशभर में अलग पहचान दिलाई थी। जैसे ही यह गीत शुरू हुआ, स्टूडियो में मौजूद दर्शकों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी पुरानी यादों का सिलसिला शुरू हो गया। कई प्रशंसकों ने इसे शो का सबसे भावुक और यादगार क्षण बताया।

    अभिजीत सावंत ने इस अवसर को अपने जीवन का बेहद खास पल बताते हुए कहा कि ‘इंडियन आइडल’ ने उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी। उन्होंने कहा कि इसी मंच से उन्हें देशभर के लोगों का प्यार और पहचान मिली। वर्षों बाद उसी मंच पर लौटना उनके लिए भावनात्मक अनुभव रहा। उन्होंने यह भी कहा कि नई पीढ़ी के प्रतिभाशाली गायकों को इसी मंच पर आगे बढ़ते देखना यह साबित करता है कि यह शो आज भी उतना ही प्रासंगिक और प्रेरणादायक है।

    अमित सना ने भी पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि जब वह पहली बार इस प्रतियोगिता में शामिल हुए थे, तब उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि वर्षों बाद फिर उसी मंच पर लौटने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि छोटे शहर से आने वाले एक साधारण युवा के लिए यह सफर किसी सपने के सच होने जैसा था। उनके अनुसार, उस समय किसी प्रतिभागी ने नहीं सोचा था कि शो भारतीय टेलीविजन के इतिहास का इतना बड़ा अध्याय बन जाएगा।

    कार्यक्रम में मौजूद संगीतकार और जज विशाल ददलानी ने भी दोनों कलाकारों की यात्रा की सराहना की। उन्होंने कहा कि पहले सीजन के प्रतियोगियों ने भारतीय संगीत उद्योग और टेलीविजन पर गहरा प्रभाव छोड़ा। उनके मुताबिक, उस दौर ने यह विश्वास मजबूत किया कि प्रतिभा के दम पर कोई भी कलाकार राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है। उन्होंने दोनों गायकों की उपलब्धियों को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक बताया।

    गौरतलब है कि ‘इंडियन आइडल’ का पहला सीजन वर्ष 2004-05 में प्रसारित हुआ था और उसने भारतीय टेलीविजन पर संगीत आधारित रियलिटी शो की लोकप्रियता को नई ऊंचाई दी थी। इसी मंच से अभिजीत सावंत, अमित सना, राहुल वैद्य और प्राजक्ता शुक्रे जैसे कई कलाकारों ने अपने करियर की शुरुआत की। पहले सीजन के विजेता बनने के बाद अभिजीत सावंत का पहला एल्बम रिलीज हुआ, जिसमें शामिल ‘मोहब्बतें लुटाऊंगा’ आज भी उनके सबसे लोकप्रिय गीतों में गिना जाता है।

    डायमंड जुबली स्पेशल एपिसोड ने यह दिखाया कि समय भले ही बदल गया हो, लेकिन अच्छी संगीत प्रतिभा और उससे जुड़ी यादें कभी पुरानी नहीं होतीं। अभिजीत सावंत और अमित सना की मंच पर वापसी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि दर्शकों के दिलों में उनके लिए आज भी वही अपनापन और सम्मान कायम है।

  • मुंबई महापौर और पूर्व मेयर के बीच बढ़ा सियासी टकराव, कार्यालय में जबरन प्रवेश और गोपनीय दस्तावेजों की रिकॉर्डिंग के गंभीर आरोप

    मुंबई महापौर और पूर्व मेयर के बीच बढ़ा सियासी टकराव, कार्यालय में जबरन प्रवेश और गोपनीय दस्तावेजों की रिकॉर्डिंग के गंभीर आरोप

    नई दिल्ली। मुंबई महानगरपालिका मुख्यालय में राजनीतिक तनाव उस समय और बढ़ गया जब महापौर रितू तावड़े ने विपक्ष की नेता एवं पूर्व महापौर किशोरी पेडनेकर पर उनके कार्यालय में बिना अनुमति प्रवेश करने और संवेदनशील दस्तावेजों की वीडियो रिकॉर्डिंग करने का गंभीर आरोप लगाया। इस घटना के बाद नगर निगम की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और मामले को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।

    महापौर रितू तावड़े का दावा है कि घटना उस समय हुई जब वह शहर में मैनहोल सुरक्षा व्यवस्था और निरीक्षण कार्यों की समीक्षा के लिए कार्यालय से बाहर थीं। उनके अनुसार इसी दौरान पूर्व महापौर बिना पूर्व अनुमति सीधे महापौर के निजी कार्यालय में पहुंचीं और वहां मौजूद दस्तावेजों तथा कार्यालय परिसर की वीडियो रिकॉर्डिंग करने का प्रयास किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह केवल सामान्य निरीक्षण नहीं बल्कि कार्यालय की गतिविधियों की ‘रेकी’ करने जैसा कृत्य था।

    महापौर ने कहा कि उनके कार्यालय में प्रवेश के दौरान कर्मचारियों के साथ तीखी बहस भी हुई। आरोप है कि कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों पर दबाव बनाया गया और उन्हें कथित रूप से धमकाया भी गया। उनका कहना है कि पूरे घटनाक्रम के सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध हैं, जिनके आधार पर मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने दावा किया कि घटना निर्धारित समय पर हुई और उसके डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित हैं।

    रितू तावड़े ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक निर्वाचित जनप्रतिनिधि को प्रशासनिक जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है, लेकिन इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया और नियमों का पालन करना आवश्यक होता है। उनके अनुसार किसी भी संवेदनशील कार्यालय में बिना अनुमति प्रवेश करना और वहां की रिकॉर्डिंग करना प्रशासनिक मर्यादाओं के विपरीत है। उन्होंने इस घटना को नगर निगम की कार्यप्रणाली और संस्थागत व्यवस्था के लिए गंभीर विषय बताया।

    महापौर ने कहा कि मामले को लेकर संबंधित पुलिस थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम के इतिहास में इस प्रकार की घटना पहले कभी सामने नहीं आई और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की जाएगी। उनका मानना है कि सार्वजनिक संस्थानों की सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

    दूसरी ओर, इस पूरे घटनाक्रम ने मुंबई की स्थानीय राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। साकीनाका मैनहोल हादसे के बाद पहले से ही राजनीतिक माहौल गर्म था और अब इस आरोप के बाद दोनों पक्षों के बीच टकराव और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। नगर निगम के भीतर भी इस मामले को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा जारी है।

    फिलहाल इस मामले में आरोप लगाए गए हैं और संबंधित एजेंसियों द्वारा आगे की प्रक्रिया अपनाई जानी बाकी है। यदि पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज होती है तो उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा सकती है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी तथ्यात्मक पुष्टि होती है और आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है।

  • 'हेरा फेरी 3' को लेकर नया विवाद, प्रियदर्शन का बड़ा खुलासा, बोले- निर्माता के व्यवहार से आहत होकर छोड़ी फिल्म, बड़े दावे भी किए

    'हेरा फेरी 3' को लेकर नया विवाद, प्रियदर्शन का बड़ा खुलासा, बोले- निर्माता के व्यवहार से आहत होकर छोड़ी फिल्म, बड़े दावे भी किए

    मुंबई। बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘हेरा फेरी 3’ एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। कलाकारों और निर्माण से जुड़े विवादों के बीच अब निर्देशक प्रियदर्शन ने पहली बार खुलकर बताया है कि उन्होंने इस फिल्म से खुद को अलग करने का फैसला क्यों लिया। उनके हालिया बयान ने फिल्म को लेकर चल रही चर्चाओं को और तेज कर दिया है। हालांकि, इस मामले में संबंधित पक्ष की ओर से सार्वजनिक रूप से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

    प्रियदर्शन ने एक इंटरव्यू में दावा किया कि फिल्म के निर्माता ने स्पष्ट रूप से यह शर्त रखी थी कि फिल्म का निर्माण तो उनके अधिकारों के तहत होगा, लेकिन निर्देशन उनके हाथों में नहीं होना चाहिए। निर्देशक के अनुसार, यह बात उनके लिए बेहद निराशाजनक थी और इसी कारण उन्होंने परियोजना से दूरी बनाने का फैसला किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अतीत में भी निर्माता की ओर से कई बार उनके प्रति सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया गया।

    निर्देशक ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वर्ष 2000 में रिलीज हुई ‘हेरा फेरी’ के समय भी उन्हें कई कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा था। उनका दावा है कि फिल्म देखने के बाद निर्माता ने उसकी प्रस्तुति को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। प्रियदर्शन के अनुसार, उस वक्त उन्हें फिल्म के लंबे संस्करण को काफी संपादित कर छोटा करना पड़ा, ताकि इसे निर्धारित प्रारूप में रिलीज किया जा सके।

    प्रियदर्शन ने बताया कि उन्होंने शुरुआत में केवल अभिनेता अक्षय कुमार के आग्रह और विश्वास के कारण ‘हेरा फेरी 3’ का निर्देशन करने में रुचि दिखाई थी। उनका मानना था कि इस लोकप्रिय फ्रेंचाइजी को नई ऊंचाइयों तक ले जाया जा सकता है और इसे भारतीय सिनेमा की सबसे सफल कॉमेडी सीरीज में शामिल किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्हें फिल्म बनाने का अवसर मिलता तो वह इसे और अधिक बड़े स्तर पर प्रस्तुत करते।

    निर्देशक के अनुसार, अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी और परेश रावल तीनों चाहते थे कि वही फिल्म का निर्देशन करें। उन्होंने कहा कि कलाकारों का उन पर भरोसा उनके लिए महत्वपूर्ण था, लेकिन परिस्थितियां ऐसी बनीं कि परियोजना से अलग होना पड़ा। इस बयान के बाद फिल्म के निर्माण से जुड़े घटनाक्रम को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

    गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से ‘हेरा फेरी 3’ लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। पहले कलाकारों के फिल्म से जुड़ने और अलग होने की खबरें सामने आईं, वहीं अब निर्देशन और निर्माण को लेकर भी अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। इससे फिल्म के भविष्य और निर्माण प्रक्रिया को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ गई है।

    फिल्म उद्योग के जानकारों का मानना है कि लोकप्रिय फ्रेंचाइजी की सफलता केवल कलाकारों पर ही नहीं, बल्कि मजबूत निर्देशन और टीमवर्क पर भी निर्भर करती है। ऐसे में निर्माण से जुड़े मतभेद किसी भी बड़े प्रोजेक्ट की गति को प्रभावित कर सकते हैं। फिलहाल दर्शकों की नजर इस बात पर टिकी है कि फिल्म से जुड़े सभी विवादों के बीच ‘हेरा फेरी 3’ की आगे की दिशा क्या होगी और निर्माण प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ेगी।

  • 'मुन्ना भाई एमबीबीएस' के सेट से अचानक क्यों गायब हो जाते थे संजय दत्त? सह-कलाकार यतिन कार्येकर ने सालों बाद बयां किया शूटिंग का अनसुना दर्द

    'मुन्ना भाई एमबीबीएस' के सेट से अचानक क्यों गायब हो जाते थे संजय दत्त? सह-कलाकार यतिन कार्येकर ने सालों बाद बयां किया शूटिंग का अनसुना दर्द

    नई दिल्ली । बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता संजय दत्त के जीवन में एक दौर ऐसा भी था, जब वे अपनी पेशेवर प्रतिबद्धताओं और गंभीर कानूनी लड़ाइयों के बीच बुरी तरह फंसे हुए थे। साल 2003 में आई ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ की शूटिंग के दौरान सेट पर बने रहने के लिए उन्हें जिस मानसिक और शारीरिक संघर्ष से गुजरना पड़ा, उसका एक बेहद भावुक और अनसुना पहलू अब सामने आया है। फिल्म में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सह-कलाकार और अनुभवी अभिनेता यतिन कार्येकर ने हाल ही में उस दौर की परिस्थितियों को याद करते हुए कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।

    यतिन कार्येकर ने बताया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान संजय दत्त आर्म्स एक्ट मामले और टाडा अदालत की सख्त कानूनी प्रक्रियाओं का सामना कर रहे थे। स्थिति इतनी अनिश्चित थी कि सेट पर काम करते समय भी अभिनेता का पूरा ध्यान अपनी अदालती तारीखों और कानूनी मामलों पर लगा रहता था। सेट पर मौजूद हर व्यक्ति इस बात से वाकिफ था कि संजय दत्त किस भारी मानसिक दबाव और तनाव के साए में कैमरे के सामने अभिनय कर रहे थे।

    शूटिंग के दिनों के माहौल को साझा करते हुए कार्येकर ने बताया कि अक्सर सेट पर अचानक एक फोन कॉल आता था और उसे सुनते ही संजय दत्त बिना किसी से कुछ कहे या बिना कोई औपचारिकता निभाए चुपचाप सेट छोड़कर चले जाते थे। उन्हें अचानक अदालत की कार्यवाही में शामिल होने के लिए तुरंत रवाना होना पड़ता था। ऐसे अनपेक्षित घटनाक्रमों के कारण फिल्म के निर्देशक राजकुमार हिरानी को कई बार भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।

    संजय दत्त के अचानक चले जाने के बाद निर्देशक को पूरी स्थिति को संभालने के लिए तुरंत अपने पूर्व-निर्धारित शूटिंग शेड्यूल में बदलाव करने पड़ते थे। निर्देशक हिरानी को अक्सर उन दृश्यों या शॉट्स को पूरी तरह बदलना पड़ता था, जिनमें संजय दत्त की मौजूदगी अनिवार्य थी। अभिनेता की अनुपस्थिति के कारण सेट पर मौजूद अन्य कलाकारों के साथ अलग दृश्यों की योजना बनाई जाती थी ताकि शूटिंग का कीमती समय बर्बाद न हो और काम सुचारू रूप से चलता रहे।

    इस भारी व्यक्तिगत संकट और कानूनी दबाव के बावजूद संजय दत्त ने कभी भी अपने काम की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया। जब भी वे अदालत की कार्यवाही से लौटकर वापस सेट पर आते थे, तो वे पूरी तरह से अपने किरदार ‘मुन्ना भाई’ में ढल जाते थे। कार्येकर के अनुसार, संजय दत्त की यह क्षमता अद्भुत थी कि वे इतनी बड़ी मानसिक उथल-पुथल के बीच भी कैमरे के सामने आते ही अपने सारे गम और तनाव भूलकर एक जीवंत प्रदर्शन देने में सफल रहते थे।

    फिल्म के क्रू और साथी कलाकारों ने भी उस कठिन समय में संजय दत्त का भरपूर सहयोग किया। सेट पर मौजूद सभी लोग अभिनेता की बेबसी और उनकी पारिवारिक परिस्थितियों को गहराई से समझते थे। उनके पिता सुनील दत्त भी उस समय बेटे को इस संकट से निकालने के लिए हर संभव कानूनी और नैतिक प्रयास कर रहे थे। यही कारण था कि पूरी टीम ने बिना किसी शिकायत के हर विपरीत परिस्थिति में निर्देशक और अभिनेता के साथ तालमेल बिठाया।

    ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ न केवल संजय दत्त के करियर की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक साबित हुई, बल्कि इसने उनके गिरते हुए करियर को एक नई संजीवनी भी प्रदान की थी। आज सालों बाद जब सेट के ये वाकये सामने आ रहे हैं, तो यह साफ होता है कि पर्दे पर दर्शकों को हंसाने और गुदगुदाने वाले ‘मुन्ना भाई’ के पीछे एक अभिनेता का कितना बड़ा व्यक्तिगत दर्द और अदालती संघर्ष छिपा हुआ था, जिसने भारतीय सिनेमा इतिहास की एक कालजयी फिल्म को आकार दिया।

  • मॉनसून की जोरदार बारिश से पानी-पानी हुई मुम्बई….. सड़कें बनी तालाब, ट्रैफिक हुआ ठप

    मॉनसून की जोरदार बारिश से पानी-पानी हुई मुम्बई….. सड़कें बनी तालाब, ट्रैफिक हुआ ठप


    मुंबई।
    मुंबई (Mumbai) में मॉनसून (Monsoon) की जोरदार बारिश (Heavy Rain) ने शहर के कई इलाकों को पानी-पानी कर दिया है. सड़कें तालाब बन गई हैं, ट्रैफिक ठप हो गया है. लोगों को घरों से निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. अंधेरी सबवे (अंडरपास) में इतना पानी भर गया है कि उसे यातायात के लिए बंद कर दिया गया है।

    रातभर की बारिश से अंधेरी, बांद्रा, खार, मालाड, गोरेगांव, जुहू, वर्सोवा जैसे इलाकों में सबसे ज्यादा असर देखा गया है. वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर भी पानी भरने से गाड़ियों की रफ्तार धीमी हो गई. बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के मुताबिक, अंधेरी सबवे में पानी भर गया है, जिसके बाद उसे बंद करना पड़ा।

    बता दें कि अंधेरी सबवे मुंबई का एक ऐसा रास्ता है जो पूर्व और पश्चिम को जोड़ता है. हर रोज हजारों गाड़ियां और लोग यहां से गुजरते हैं. मॉनसून की बारिश में अंधेरी सबवे में जलजमाव होना पुरानी समस्या है।

    शहर के निचले इलाकों में कई जगहों पर भारी जलभराव की तस्वीरें सामने आ रही हैं. जलजमाव को देखते हुए एहतियातन अंधेरी सबवे को देर रात 1:45 बजे से यातायात के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है. किसी भी अप्रिय घटना या हादसे को रोकने के लिए सबवे के बाहर पुलिस बंदोबस्त किया गया है।

    एक तरफ जोरदार बारिश से मुंबईवासियों को उमस और गर्मी से तो बड़ी राहत मिली है, तो वहीं सुबह-सुबह दफ्तर और काम पर जाने वालों को परेशानी का सामना भी करना पड़ सकता है.

    भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई और आसपास के इलाकों के लिए आज भी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है. बता दें कि मॉनसून इस बार 13 दिन देरी से मुंबई पहुंचा था।

  • मुंबई पुलिस ने मुहर्रम जुलूस पर बड़ी साजिश नाकाम की, 30 हजार कैप्सूल और 50 किलो जहरीला केमिकल बरामद, आरोपी गिरफ्तार

    मुंबई पुलिस ने मुहर्रम जुलूस पर बड़ी साजिश नाकाम की, 30 हजार कैप्सूल और 50 किलो जहरीला केमिकल बरामद, आरोपी गिरफ्तार

    नई दिल्ली । मुंबई में मुहर्रम जुलूस के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी और गंभीर साजिश का खुलासा करते हुए उसे नाकाम कर दिया है। पुलिस के अनुसार यह मामला सामूहिक जहरखुरानी की योजना से जुड़ा था, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को निशाना बनाने की आशंका जताई गई थी। इस कार्रवाई के बाद पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि पुणे निवासी एक व्यक्ति को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है, जिसके पास से बड़ी मात्रा में जहरीले रसायन से भरे कैप्सूल बरामद हुए हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपी लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों की योजना बना रहा था और उसने ऑनलाइन माध्यम से भारी मात्रा में केमिकल सामग्री और खाली कैप्सूल मंगाए थे।

    अधिकारियों के मुताबिक आरोपी ने इन कैप्सूल्स को सामान्य दवाओं के रूप में बांटने की योजना बनाई थी, जिससे लोगों को भ्रमित कर उन्हें नुकसान पहुंचाया जा सके। पुलिस को यह जानकारी एक संदिग्ध घटना के बाद मिली, जब जुलूस में शामिल एक व्यक्ति की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसे तुरंत अस्पताल ले जाना पड़ा। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हुईं और जांच को आगे बढ़ाया गया।

    जांच के दौरान आरोपी को मुंबई के एक ठिकाने से गिरफ्तार किया गया, जहां वह पिछले कई दिनों से छिपा हुआ था। उसके पास से भारी मात्रा में जहरीला पदार्थ और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है। पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीर मानते हुए विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों को भी जांच में शामिल किया है।

    अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे मामले की तह तक जाने के लिए तकनीकी और वित्तीय जांच भी की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी का कोई बड़ा नेटवर्क या संपर्क किसी संगठित समूह से तो नहीं जुड़ा है। साथ ही उसके पिछले लेन-देन और यात्रा रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।

    इस घटना के बाद मुंबई पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।

  • मुंबई: मुहर्रम जुलूस के दौरान 14,900 जहरीले कैप्सूल जब्त, पुलिस ने बड़ी साजिश की आशंका जताई

    मुंबई: मुहर्रम जुलूस के दौरान 14,900 जहरीले कैप्सूल जब्त, पुलिस ने बड़ी साजिश की आशंका जताई


    मुंबई। मुहर्रम जुलूस के दौरान मुंबई पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर उसके पास से जहर मिले चूहे मारने वाले 14,900 कैप्सूल बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी बिना किसी अनुमति के लोगों में कैप्सूल बांटता हुआ मिला था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है और इसे संभावित बड़ी साजिश के रूप में भी देख रही है।

    डीसीपी जयंत मीणा ने बताया कि मुहर्रम जुलूस के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति पर पुलिस की नजर पड़ी। पूछताछ में पता चला कि वह बिना अनुमति कैप्सूल वितरित कर रहा था। इसी बीच सुबह करीब चार बजे सूचना मिली कि एक व्यक्ति को उल्टी और पेट दर्द की शिकायत हुई है। इसके बाद पुलिस ने संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि उसका उद्देश्य मुहर्रम जुलूस को निशाना बनाना था।

    पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान फैयाज प्रेमजी के रूप में हुई है, जो पुणे का निवासी है और पेंट के कारोबार से जुड़ा बताया गया है। जांच में सामने आया कि उसने कथित तौर पर 50 किलोग्राम जिंक फॉस्फाइड मंगाया था और अपने ठिकाने पर कैप्सूल में करीब एक-एक ग्राम जहर भरने का काम कर रहा था। पुलिस का कहना है कि आरोपी वर्ष 2025 में ईरान और इराक भी गया था।

    जांच एजेंसियों के मुताबिक, अब तक 14,900 कैप्सूल जब्त किए जा चुके हैं, जबकि आरोपी का लक्ष्य करीब 30,000 कैप्सूल तैयार करने का था। पुलिस का दावा है कि समय रहते कार्रवाई होने के कारण ये कैप्सूल लोगों तक नहीं पहुंच पाए।

    डीसीपी जयंत मीणा ने कहा कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से एक संभावित बड़ी त्रासदी टल गई। उन्होंने बताया कि आरोपी के मकसद, उसके संपर्कों और इस पूरे मामले के पीछे किसी बड़े नेटवर्क या साजिश की संभावना की गहन जांच की जा रही है। पुलिस फिलहाल सभी पहलुओं से मामले की पड़ताल कर रही है।

  • '3 इडियट्स' के सीक्वल पर राजकुमार हिरानी का बड़ा बयान; रैंचो, फरहान और राजू की जिंदगी में 20 साल बाद आए पारिवारिक और मानसिक तनाव पर केंद्रित होगी नई कहानी

    '3 इडियट्स' के सीक्वल पर राजकुमार हिरानी का बड़ा बयान; रैंचो, फरहान और राजू की जिंदगी में 20 साल बाद आए पारिवारिक और मानसिक तनाव पर केंद्रित होगी नई कहानी

    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में शुमार ‘3 इडियट्स’ के सीक्वल को लेकर दर्शकों का लंबा इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। प्रख्यात फिल्म निर्देशक राजकुमार हिरानी ने इस बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट की प्रगति और इसकी मूल कहानी को लेकर पहली बार आधिकारिक रूप से स्थिति साफ की है। एक विशेष साक्षात्कार के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी फिल्म का कथानक कॉलेज जीवन या पुरानी यादों के इर्द-गिर्द बिल्कुल भी नहीं बुना जाएगा। इसके बजाय, कहानी को समय के चक्र में आगे बढ़ाते हुए मुख्य किरदारों के वयस्क जीवन, उनके पारिवारिक दायित्वों और समकालीन युग की वास्तविक चुनौतियों के साथ पर्दे पर उतारा जाएगा।

    निर्देशक ने इस बात की पुष्टि की है कि वह वर्तमान में इस महत्वाकांक्षी सीक्वल की पटकथा के लेखन पर बेहद गंभीरता से काम कर रहे हैं। यद्यपि स्क्रिप्ट को अंतिम रूप देने में अभी काफी समय और रचनात्मक प्रयास बाकी हैं, लेकिन इसकी वैचारिक दिशा पूरी तरह तय हो चुकी है। सीक्वल में मूल फिल्म की कहानी से करीब 15 से 20 साल आगे का समय दिखाया जाएगा। दर्शकों के चहेते तीनों मुख्य किरदारों—रैंचो, फरहान और राजू की जिंदगी अब कॉलेज के दिनों से बहुत आगे निकल चुकी है। वे अब न केवल विवाहित हैं, बल्कि बच्चों के माता-पिता भी बन चुके हैं, जिससे कहानी में एक परिपक्व और नया दृष्टिकोण देखने को मिलेगा।

    राजकुमार हिरानी के अनुसार, फिल्म का मुख्य फोकस इस बात पर होगा कि उम्र के इस नए पड़ाव पर आने वाले मानसिक, पारिवारिक और सामाजिक तनाव का सामना यह तीनों दोस्त किस प्रकार करते हैं। जहां साल 2009 में रिलीज हुई मूल फिल्म ‘3 इडियट्स’ में देश की शिक्षा प्रणाली पर तीखा व्यंग्य करते हुए युवाओं को अपने जुनून का पालन करने का एक मजबूत संदेश दिया गया था, वहीं सीक्वल में भी एक व्यापक सामाजिक मुद्दा उठाया जाएगा। निर्देशक ने हंसते हुए इस बात पर मुहर लगाई है कि इस बार भी फिल्म के माध्यम से समाज को एक बहुत बड़ा और प्रासंगिक संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है, जो आज के दौर के परिवारों के लिए मार्गदर्शक साबित होगा।

    इस नए सफर में दर्शकों को अपने पुराने और पसंदीदा चेहरे एक बार फिर पर्दे पर एक साथ देखने को मिलेंगे। सीक्वल के लिए आमिर खान उर्फ फुंसुक वांगडू (रैंचो), आर माधवन उर्फ फरहान कुरैशी, शर्मन जोशी उर्फ राजू रस्तोगी और करीना कपूर खान उर्फ पिया सहस्रबुद्धे की मुख्य भूमिकाओं में वापसी पूरी तरह पक्की मानी जा रही है। हालांकि, मूल फिल्म के अन्य बेहद लोकप्रिय किरदारों जैसे चतुर रामलिंगम (ओमी वैद्य), वीरू सहस्रबुद्धे उर्फ वायरस (बोमन ईरानी), मोना सिंह और जावेद जाफरी के किरदारों को नए कथानक में किस प्रकार शामिल किया जाएगा, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

    उल्लेखनीय है कि अभिजात जोशी और राजकुमार हिरानी द्वारा संयुक्त रूप से लिखित ‘3 इडियट्स’ एक कड़क सैटायरिकल कॉमेडी-ड्रामा थी, जिसने बॉक्स ऑफिस के तत्कालीन तमाम रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए थे। फिल्म के अंत में रैंचो को लद्दाख में एक सफल वैज्ञानिक और शिक्षक के रूप में, फरहान को एक स्थापित वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर और राजू को एक कॉर्पोरेट अधिकारी के रूप में सेटल होते दिखाया गया था। अब, दो दशकों के बाद इन किरदारों के जीवन में आए बदलावों और उनकी नई सामाजिक-पारिवारिक लड़ाइयों को देखने के लिए सिनेमाप्रेमियों के बीच अभी से भारी उत्साह देखा जा रहा है।

  • 'सिकंदर' के सेट पर फिजियोथेरेपी और भारी सुरक्षा घेरे के बीच काम होने का हुआ प्रामाणिक खुलासा

    'सिकंदर' के सेट पर फिजियोथेरेपी और भारी सुरक्षा घेरे के बीच काम होने का हुआ प्रामाणिक खुलासा


    नई दिल्ली ।
    भारतीय सिनेमा जगत के शीर्ष अभिनेताओं में शुमार सलमान खान के पेशेवर जीवन और उनकी कार्यशैली को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण खुलासा सामने आया है। अभिनेता विशाल वशिष्ठ ने फिल्म ‘सिकंदर’ के निर्माण के दौरान सेट पर बने वास्तविक हालातों को साझा करते हुए बताया कि सुपरस्टार सलमान खान ने अत्यंत प्रतिकूल परिस्थितियों, मानसिक तनाव और असहनीय शारीरिक दर्द के बावजूद इस फिल्म के फिल्मांकन को पूरा किया था। यह खुलासा ऐसे समय में आया है जब इस फिल्म के निर्माण और अभिनेता की सेट पर उपस्थिति को लेकर विभिन्न प्रकार की चर्चाएं चल रही थीं। सह-कलाकार के इस बयान ने अभिनेता के काम के प्रति उनके गहरे समर्पण और उच्च व्यावसायिक प्रतिबद्धता को मजबूती से रेखांकित किया है।

    इस फिल्म के निर्माण का दौर अभिनेता के व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन के लिहाज से बेहद संवेदनशील और अत्यंत कठिन माना जा रहा था। साल 2024 में अपने बेहद करीबी मित्र और अनुभवी राजनेता बाबा सिद्दीकी की अचानक हुई हत्या के बाद सलमान खान गहरे मानसिक आघात और भावनात्मक संकट से गुजर रहे थे। इसके साथ ही, लगातार मिल रही सुरक्षा धमकियों के कारण उनके इर्द-गिर्द सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से कड़ा करना पड़ा था। इस प्रकार के भारी सुरक्षा घेरे, मानसिक तनाव और हर पल बने रहने वाले जान के खतरे के बीच सेट पर आकर काम करना पूरी टीम और स्वयं अभिनेता के लिए एक बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य बन चुका था।

    मानसिक और बाहरी दबावों के अलावा अभिनेता उस समय गंभीर शारीरिक समस्याओं और असहनीय कष्ट से भी जूझ रहे थे। फिल्म के मुख्य दृश्यों के फिल्मांकन के दौरान सलमान खान की पसली में गंभीर चोट आई थी, जिससे उन्हें उठने-बैठने, झुकने और सामान्य रूप से चलने में भी तीव्र दर्द का सामना करना पड़ रहा था। सेट पर मौजूद रहे सह-कलाकारों के अनुसार, यह कोई बनाई हुई कहानी नहीं थी बल्कि पूरी टीम ने इस दर्द को बेहद करीब से महसूस किया था। अभिनेता जैसे-तैसे बेहद धीमी गति से चलकर कैमरे के सामने अपने दृश्यों को पूरा करते थे और निर्देशक के कट बोलते ही तुरंत अपनी फिजियोथेरेपी प्रक्रिया के लिए चले जाते थे।

    इस भीषण शारीरिक कष्ट के बावजूद फिल्म की कहानी की मांग के अनुसार उन्हें लगातार भारी एक्शन दृश्यों की शूटिंग करनी पड़ी थी, जिसे उन्होंने बिना किसी शिकायत के पूरा किया। विशाल वशिष्ठ ने अभिनेता की प्रशंसा करते हुए कहा कि मनोरंजन उद्योग में इतने लंबे समय तक रहने और शीर्ष मुकाम पर होने के बाद भी उनका ऐसा समर्पण देखना किसी भी कलाकार के लिए प्रेरणा से कम नहीं है। सेट के बाहर उनके जीवन में क्या खतरनाक उथल-पुथल चल रही थी, इसका नकारात्मक प्रभाव उन्होंने कभी भी अपने काम की गति और सेट के माहौल पर नहीं पड़ने दिया।

    यह प्रामाणिक बयान हाल ही में निर्देशक एआर मुरुगाडोस के उन कथनों के परिप्रेक्ष्य में बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है, जिसमें उन्होंने फिल्म के कठिन शेड्यूल और शूटिंग के समय में किए गए बड़े बदलावों का जिक्र किया था। आंतरिक और बाहरी चुनौतियों के कारण कई बार दिन के शेड्यूल को रात में बदलना पड़ा था, जिससे क्रू को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। सह-कलाकार के इस नए वक्तव्य ने साफ कर दिया है कि समय में हुए वे बदलाव किसी लापरवाही का परिणाम नहीं बल्कि अभिनेता की गंभीर चिकित्सीय स्थिति और सुरक्षा कारणों की अनिवार्य आवश्यकता थे।

  • अमेरिकी फेड के सख्त संकेतों के बीच भारतीय बाजार की सतर्क शुरुआत, सेंसेक्स-निफ्टी फ्लैट; 24,100 के अहम स्तर पर टिकी निवेशकों की नजर

    अमेरिकी फेड के सख्त संकेतों के बीच भारतीय बाजार की सतर्क शुरुआत, सेंसेक्स-निफ्टी फ्लैट; 24,100 के अहम स्तर पर टिकी निवेशकों की नजर

    नई दिल्ली । वैश्विक वित्तीय बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की हालिया मौद्रिक नीति के प्रभाव के बीच भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को कारोबार की शुरुआत बेहद सीमित दायरे में की। शुरुआती कारोबार में प्रमुख सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी में मामूली उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जबकि निवेशकों का रुख फिलहाल सतर्क लेकिन सकारात्मक बना हुआ दिखाई दिया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के दिनों में आई तेजी के बाद निवेशक अब वैश्विक आर्थिक संकेतकों और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

    कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर के मुकाबले हल्की गिरावट के साथ खुला, जबकि एनएसई निफ्टी भी मामूली कमजोरी के साथ कारोबार करता नजर आया। हालांकि शुरुआती मिनटों में ही दोनों प्रमुख सूचकांकों ने कुछ हद तक स्थिरता दिखाई और सीमित दायरे में कारोबार जारी रखा। इससे संकेत मिला कि निवेशक फिलहाल बड़े दांव लगाने के बजाय बाजार की अगली दिशा का इंतजार कर रहे हैं।

    व्यापक बाजार की बात करें तो मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन दर्ज किया गया। दोनों श्रेणियों के सूचकांक बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि घरेलू निवेशकों का भरोसा अभी भी मजबूत बना हुआ है। विश्लेषकों का कहना है कि मजबूत घरेलू आर्थिक गतिविधियों और कॉर्पोरेट आय की उम्मीदों के कारण मिडकैप तथा स्मॉलकैप शेयरों में निवेशकों की रुचि बनी हुई है।

    सेक्टोरल प्रदर्शन पर नजर डालें तो सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र दबाव में रहा। आईटी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली, जिसके पीछे अमेरिकी बाजारों से जुड़े संकेत और ब्याज दरों को लेकर बढ़ती चिंताएं प्रमुख कारण मानी जा रही हैं। दूसरी ओर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, धातु और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं से जुड़े शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे इन सेक्टरों ने बाजार को कुछ हद तक सहारा दिया।

    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर भविष्य के संकेत निवेशकों की रणनीति को प्रभावित कर रहे हैं। फेडरल रिजर्व द्वारा दरों को यथावत रखने के बावजूद भविष्य में संभावित सख्ती के संकेतों ने वैश्विक बाजारों में सतर्कता बढ़ा दी है। इसका असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला, जहां शुरुआती कारोबार में निवेशकों ने सीमित गतिविधि दिखाई।

    हालांकि वैश्विक स्तर पर कुछ सकारात्मक घटनाक्रम भी बाजार के लिए सहायक बने हुए हैं। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े जोखिमों में कमी आने से कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बना है। तेल कीमतों में नरमी भारत जैसे आयातक देशों के लिए राहत की खबर मानी जा रही है, क्योंकि इससे महंगाई और चालू खाते के संतुलन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

    तकनीकी संकेतकों की बात करें तो बाजार की मौजूदा संरचना अब भी सकारात्मक बनी हुई है। विश्लेषकों के अनुसार प्रमुख तकनीकी संकेतक खरीदारी की ताकत को दर्शा रहे हैं। निफ्टी के लिए 24,100 का स्तर निकट अवधि में महत्वपूर्ण अवरोध माना जा रहा है। यदि सूचकांक इस स्तर के ऊपर मजबूती से टिकने में सफल रहता है तो आगे और तेजी का रास्ता खुल सकता है। वहीं नीचे की ओर 23,900 से 23,800 के बीच का क्षेत्र मजबूत समर्थन प्रदान कर सकता है। ऐसे में निवेशकों की नजर आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक संकेतों के साथ-साथ इस महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर पर बनी रहेगी।