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  • उतार-चढ़ाव के बीच मामूली बढ़त पर बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 43 अंक चढ़ा और निफ्टी 24,583 पर पहुंचा

    उतार-चढ़ाव के बीच मामूली बढ़त पर बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 43 अंक चढ़ा और निफ्टी 24,583 पर पहुंचा


    नई दिल्ली । हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में पूरे सत्र के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने को लेकर समझौते की अनिश्चितता का असर निवेशकों के रुख पर दिखाई दिया। कारोबार के दौरान बाजार में कई बार तेजी और कमजोरी के दौर आए, लेकिन अंत में प्रमुख सूचकांक मामूली बढ़त के साथ बंद हुए।

    कारोबार समाप्त होने पर सेंसेक्स 43.27 अंक यानी 0.06 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,542.44 के स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी50 में 13.15 अंक यानी 0.05 प्रतिशत की मामूली तेजी दर्ज की गई और यह 24,583.80 के स्तर पर पहुंच गया। दोनों प्रमुख सूचकांकों की सीमित बढ़त से संकेत मिला कि निवेशकों ने मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सतर्क रुख बनाए रखा।

    व्यापक बाजार में हालांकि तस्वीर कुछ अलग रही। निफ्टी मिडकैप सूचकांक में 0.62 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 0.27 प्रतिशत कमजोर होकर बंद हुआ। इसके बावजूद दोनों सूचकांक अपने-अपने रिकॉर्ड उच्च स्तरों के आसपास बने हुए हैं। इससे व्यापक बाजार में अब भी मजबूती कायम रहने का संकेत मिलता है।

    क्षेत्रवार कारोबार में निफ्टी पीएसयू बैंक सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला क्षेत्र रहा और इसमें करीब 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। फार्मा और एफएमसीजी क्षेत्र के शेयरों में भी दबाव देखने को मिला। इसके विपरीत निफ्टी रियल्टी ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया और बाजार की कमजोरी के बीच मजबूती दिखाई।

    निफ्टी50 में टाइटन, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, बजाज फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस, ग्रासिम और टाटा स्टील प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे। इन कंपनियों के शेयरों में खरीदारी का रुख दिखाई दिया और इन्होंने सूचकांक को संभालने में योगदान दिया।

    दूसरी ओर एसबीआई, इटरनल, आईटीसी, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, टीसीएस, विप्रो और कोल इंडिया के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इन प्रमुख शेयरों में बिकवाली के कारण बाजार की बढ़त सीमित रही और कारोबार का समग्र रुख सपाट बना रहा।

    आने वाले कारोबारी सत्रों में निफ्टी के लिए 24,750 से 24,800 का स्तर महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस क्षेत्र माना जा रहा है। यदि सूचकांक इस दायरे के ऊपर मजबूती से टिकता है तो आगे 24,950 और फिर 25,100 के स्तर की ओर बढ़ने की संभावना बन सकती है।

    वहीं, बाजार में कमजोरी आने पर 24,450 से 24,420 का क्षेत्र निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट जोन रहेगा। इस स्तर के ऊपर सूचकांक के बने रहने तक बाजार की व्यापक संरचना सकारात्मक रहने की उम्मीद है। ऐसे में वैश्विक घटनाक्रम, विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी स्थिति, आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण संकेतक बनी रहेगी।

  • शेयर बाजार की शीर्ष कंपनियों में बड़ा बदलाव, एसबीआई की वैल्यूएशन में सबसे ज्यादा बढ़त

    शेयर बाजार की शीर्ष कंपनियों में बड़ा बदलाव, एसबीआई की वैल्यूएशन में सबसे ज्यादा बढ़त

    नई दिल्ली ।भारतीय शेयर बाजार की शीर्ष 10 सबसे अधिक मूल्यवान कंपनियों में बीते सप्ताह बाजार पूंजीकरण के स्तर पर मिला-जुला रुझान देखने को मिला। शीर्ष दस में शामिल चार कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यूएशन में 1.43 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हुई, जबकि छह कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण करीब 1.23 लाख करोड़ रुपये घट गया। इस दौरान भारतीय स्टेट बैंक यानी एसबीआई सबसे अधिक लाभ पाने वाली कंपनी रही।

    एसबीआई के बाजार पूंजीकरण में सप्ताह के दौरान 63,922.03 करोड़ रुपये की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके साथ ही बैंक की कुल बाजार वैल्यूएशन बढ़कर 10,11,721.84 करोड़ रुपये हो गई। बैंक के वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के बेहतर वित्तीय प्रदर्शन को इस बढ़त की प्रमुख वजहों में माना गया।

    मार्केटकैप में बढ़ोतरी के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज दूसरे प्रमुख लाभार्थियों में रही। कंपनी की बाजार वैल्यूएशन 32,816.4 करोड़ रुपये बढ़कर 18,01,925.19 करोड़ रुपये पहुंच गई। इससे कंपनी शीर्ष मूल्यवान कंपनियों की सूची में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखने में सफल रही।

    सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी टीसीएस के बाजार पूंजीकरण में भी अच्छी बढ़त दर्ज हुई। कंपनी की वैल्यूएशन 31,875.35 करोड़ रुपये बढ़कर 8,87,770.13 करोड़ रुपये हो गई। इंजीनियरिंग और निर्माण क्षेत्र की प्रमुख कंपनी लार्सन एंड टुब्रो का मार्केटकैप भी 14,637.76 करोड़ रुपये बढ़ा और 5,56,482.45 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

    दूसरी ओर, शीर्ष 10 कंपनियों में छह कंपनियों को बाजार पूंजीकरण के स्तर पर नुकसान उठाना पड़ा। इनमें सबसे बड़ी गिरावट भारतीय जीवन बीमा निगम यानी एलआईसी में रही। कंपनी की बाजार वैल्यूएशन 40,543.23 करोड़ रुपये कम होकर 4,96,891.82 करोड़ रुपये रह गई।

    बजाज फाइनेंस के बाजार पूंजीकरण में 37,168.96 करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई। इसके बाद कंपनी की कुल वैल्यूएशन 6,73,648.55 करोड़ रुपये रह गई। एचडीएफसी बैंक का मार्केटकैप भी 24,183.16 करोड़ रुपये घटकर 11,27,967.47 करोड़ रुपये पर आ गया।

    आईसीआईसीआई बैंक की बाजार वैल्यूएशन में 9,507.67 करोड़ रुपये की गिरावट आई और यह 10,20,370.63 करोड़ रुपये रह गई। भारती एयरटेल का बाजार पूंजीकरण 7,581.65 करोड़ रुपये घटकर 12,22,423.98 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

    हिंदुस्तान यूनिलीवर भी उन कंपनियों में शामिल रही जिनके मार्केटकैप में गिरावट दर्ज की गई। कंपनी की बाजार वैल्यूएशन 4,793.16 करोड़ रुपये घटकर 4,88,808.97 करोड़ रुपये रह गई। इस तरह शीर्ष 10 कंपनियों के बीच सप्ताह के दौरान बाजार मूल्यांकन में स्पष्ट रूप से अलग-अलग दिशा देखने को मिली।

    इसी अवधि में भारतीय शेयर बाजार कुल मिलाकर बढ़त के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स 404.53 अंक यानी 0.51 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ। वहीं, निफ्टी में 187.05 अंक यानी 0.76 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। बाजार की इस तेजी के बीच कुछ बड़ी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी बढ़ी, जबकि कई प्रमुख कंपनियों के मूल्यांकन में गिरावट रही।

    बाजार पूंजीकरण में हुए इस बदलाव से शीर्ष कंपनियों के बीच निवेशकों के रुझान में अंतर भी सामने आया। खास तौर पर एसबीआई की मजबूत बढ़त ने सप्ताह के दौरान उसके कुल बाजार मूल्यांकन को 10 लाख करोड़ रुपये के स्तर से ऊपर पहुंचा दिया। वहीं, कुछ अन्य बड़ी कंपनियों में गिरावट के कारण उनके बाजार पूंजीकरण में कमी दर्ज हुई।

  • तेजस्वी प्रकाश ने बताया क्यों एकता कपूर की लोकप्रियता आज भी कायम है, बदलाव की क्षमता को बताया सबसे बड़ी ताकत

    तेजस्वी प्रकाश ने बताया क्यों एकता कपूर की लोकप्रियता आज भी कायम है, बदलाव की क्षमता को बताया सबसे बड़ी ताकत

    नई दिल्ली । टेलीविजन और मनोरंजन की दुनिया में बदलते दर्शकों की पसंद के बीच अभिनेत्री तेजस्वी प्रकाश ने निर्माता एकता कपूर की कार्यशैली और बदलाव को अपनाने की क्षमता की सराहना की है। तेजस्वी का कहना है कि एकता कपूर ने खुद को केवल टेलीविजन सीरियल्स तक सीमित नहीं रखा, बल्कि समय के साथ अपने काम और कंटेंट के तरीके में जरूरी बदलाव किए हैं। उनके मुताबिक लंबे समय से मनोरंजन उद्योग में सक्रिय रहने के बावजूद एकता कपूर की प्रासंगिकता बनी हुई है।

    तेजस्वी प्रकाश इन दिनों गेमिंग रियलिटी शो ‘प्लेग्राउंड’ के पांचवें सीजन को लेकर चर्चा में हैं। इसी सिलसिले में उन्होंने एकता कपूर के काम और उनके व्यावसायिक नजरिए पर अपनी राय साझा की। तेजस्वी ने कहा कि एकता को केवल टेलीविजन की निर्माता के रूप में देखना उनके काम के व्यापक दायरे को सीमित करना होगा। उन्होंने एकता को एक कुशल रणनीतिकार और समझदार बिजनेसवुमन बताया।

    तेजस्वी के अनुसार, एकता कपूर को यह समझने की क्षमता है कि किसी समय दर्शकों के बीच किस तरह का कंटेंट पसंद किया जा रहा है। इसी समझ के आधार पर वह अपने काम की दिशा में बदलाव करती हैं। तेजस्वी ने कहा कि मनोरंजन उद्योग में दर्शकों की पसंद लगातार बदलती रहती है और ऐसे माहौल में पुराने तरीकों पर लगातार निर्भर रहने के बजाय बदलाव को स्वीकार करना जरूरी है।

    अभिनेत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने अपने आसपास कई ऐसे लोगों को देखा है, जो काम करने के पुराने तरीकों को बदलने के लिए तैयार नहीं होते। चाहे उनका तरीका प्रभावी रहे या नहीं, वे उसी दिशा में काम करते रहते हैं। तेजस्वी के मुताबिक ऐसी सोच विकास की संभावनाओं को सीमित कर सकती है। उन्होंने कहा कि आगे बढ़ने के लिए यह समझना जरूरी है कि कब अपने तरीके में बदलाव किया जाना चाहिए।

    तेजस्वी ने एकता कपूर के संदर्भ में कहा कि उन्होंने अपने काम के दौरान हुई गलतियों को समझा और उनसे सीख लेकर आवश्यक बदलाव किए। उनके अनुसार, अपनी गलतियों से सीखना और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण है। यही क्षमता एकता कपूर के लंबे करियर में भी दिखाई देती है।

    तेजस्वी प्रकाश का एकता कपूर के साथ काम करने का अनुभव भी रहा है। वह चर्चित टेलीविजन शो ‘नागिन 6’ में नजर आई थीं। इस दौरान उन्हें एकता कपूर के प्रोडक्शन से जुड़े काम को करीब से देखने का अवसर मिला। तेजस्वी ने अपने अनुभव के आधार पर एकता की कार्यशैली को लेकर सकारात्मक बात कही।

    उन्होंने रियलिटी शो ‘लॉक अप’ को लेकर भी एकता कपूर की टीम की प्रशंसा की। तेजस्वी ने कहा कि शो के दूसरे सीजन की सफलता से उन्हें खुशी और गर्व महसूस हुआ। वह खुद भी ‘लॉक अप’ का हिस्सा रह चुकी हैं और उन्होंने बताया कि शो से उनका जुड़ाव भले ही सीमित स्तर पर रहा हो, लेकिन उसके मंच का हिस्सा बनना उनके लिए अच्छा अनुभव था।

    तेजस्वी ने यह भी कहा कि एकता कपूर की पहचान केवल टेलीविजन तक सीमित नहीं है। वह फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं और आने वाले समय में उनके कई नए प्रोजेक्ट्स हैं। तेजस्वी का मानना है कि एकता कपूर ने बदलते मनोरंजन बाजार के अनुरूप अपनी भूमिका और काम के दायरे को लगातार विस्तार दिया है। इसी कारण उन्हें लगता है कि एकता कपूर की लोकप्रियता और चमक अभी भी कायम है।

  • निफ्टी-सेंसेक्स की तेजी के बाद अगले हफ्ते निवेशकों की नजर कच्चे तेल और घरेलू आंकड़ों पर रहेगी

    निफ्टी-सेंसेक्स की तेजी के बाद अगले हफ्ते निवेशकों की नजर कच्चे तेल और घरेलू आंकड़ों पर रहेगी

    नई दिल्ली ।भारतीय शेयर बाजार के लिए 10 से 14 अगस्त के बीच आने वाला कारोबारी सप्ताह कई महत्वपूर्ण घटनाक्रमों के कारण अहम माना जा रहा है। वैश्विक स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, घरेलू महंगाई के आंकड़े और कंपनियों के पहली तिमाही के नतीजे निवेशकों के रुख को प्रभावित कर सकते हैं। बाजार की दिशा तय करने में इन सभी कारकों की भूमिका महत्वपूर्ण रहने की संभावना है।

    अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव पर निवेशकों की विशेष नजर रहेगी। फिलहाल दोनों देशों के बीच हमले रुके हुए हैं और इसी वजह से कच्चे तेल की कीमत करीब 83 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है। तेल की कीमतों में किसी भी बड़े बदलाव का असर भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार पर दिखाई दे सकता है, क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है।

    घरेलू मोर्चे पर खुदरा और थोक महंगाई के आंकड़े अगले सप्ताह जारी किए जाएंगे। महंगाई के आंकड़े अर्थव्यवस्था में वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों के दबाव के साथ मांग और आपूर्ति की स्थिति का संकेत देते हैं। ऐसे में निवेशक इन आंकड़ों का विश्लेषण करके बाजार की आगे की दिशा को लेकर अपनी रणनीति तय कर सकते हैं।

    इसके अलावा कई सूचीबद्ध कंपनियों के पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे भी बाजार की गतिविधियों को प्रभावित करेंगे। 10 से 14 अगस्त के बीच स्काईगोल्ड, बॉश, बॉम्बे डाइंग, डॉलर, डीबीएल, आईटीडीसी, वोडाफोन आइडिया, आइडियाफोर्ज, हिंदुस्तान कॉपर, लिंडे इंडिया, वीगार्ड, जी, बाटा इंडिया, ईपैक, ईपीएल, आईएफसीआई और जेएनके इंडिया समेत कई कंपनियों के नतीजे सामने आने हैं।

    बीते कारोबारी सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार में कुल मिलाकर मजबूती देखने को मिली। निफ्टी 187.05 अंक यानी 0.77 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,570.65 पर बंद हुआ। वहीं सेंसेक्स में 404.53 अंक यानी 0.52 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और यह 78,499.17 के स्तर पर बंद हुआ।

    बाजार में व्यापक तेजी का असर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दिखाई दिया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 548.25 अंक यानी 0.87 प्रतिशत बढ़कर 63,463.55 पर पहुंच गया। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 528.15 अंक यानी 2.73 प्रतिशत की मजबूत तेजी दर्ज हुई और यह 19,867.80 पर बंद हुआ।

    सेक्टर आधारित प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी पीएसयू बैंक सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सूचकांक रहा और इसमें 5.01 प्रतिशत की तेजी दर्ज हुई। निफ्टी इंडिया डिफेंस 4.30 प्रतिशत, निफ्टी मेटल 3.70 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो 3.14 प्रतिशत और निफ्टी आईटी 2.73 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।

    इसी तरह निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग में 2.04 प्रतिशत, निफ्टी कमोडिटीज में 1.32 प्रतिशत, निफ्टी इंफ्रा में 1.01 प्रतिशत और निफ्टी एफएमसीजी में 0.64 प्रतिशत की मजबूती रही। दूसरी ओर निफ्टी मीडिया 3.94 प्रतिशत गिरा। निफ्टी रियल्टी में 1.72 प्रतिशत और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 0.48 प्रतिशत की कमजोरी रही। निफ्टी प्राइवेट बैंक 0.47 प्रतिशत और निफ्टी हेल्थकेयर 0.28 प्रतिशत नीचे रहे।

    कुल मिलाकर अगले सप्ताह बाजार की निगाह घरेलू आर्थिक आंकड़ों और कंपनियों के प्रदर्शन के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर रहेगी। कच्चे तेल की कीमत, अमेरिका-ईरान तनाव और महंगाई के आंकड़ों में होने वाले बदलाव निवेशकों के लिए प्रमुख संकेतक रहेंगे। तिमाही नतीजों से कंपनियों के कारोबार और कमाई की तस्वीर भी स्पष्ट होगी, जिससे अलग-अलग शेयरों और क्षेत्रों में गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

  • मशहूर टीवी शो में काम करने का ऐसा चढ़ा जुनून, छिंदवाड़ा से 900 किमी दूर मुंबई फिल्म सिटी पहुंचा नाबालिग

    मशहूर टीवी शो में काम करने का ऐसा चढ़ा जुनून, छिंदवाड़ा से 900 किमी दूर मुंबई फिल्म सिटी पहुंचा नाबालिग

    मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले का निवासी एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़का अभिनय क्षेत्र में अपना करियर बनाने और एक प्रसिद्ध टेलीविजन धारावाहिक में काम करने की चाहत में बिना बताए घर से निकलकर मुंबई पहुंच गया। लगभग 900 किलोमीटर की दूरी तय करके पहुंचे इस किशोर को मुंबई की गोरेगांव स्थित फिल्म सिटी परिसर में पुलिस की सतर्कता से सकुशल बरामद कर लिया गया है।

    प्राप्त विवरण के अनुसार, आरे पुलिस स्टेशन की गश्ती टीम को गोरेगांव स्थित फिल्म सिटी के पास एक नाबालिग अकेले घूमता हुआ दिखाई दिया। संदिग्ध स्थिति में घूम रहे लड़के को सुरक्षाकर्मियों और पुलिसकर्मियों ने रोककर पूछताछ की। शुरुआती पूछताछ के बाद उसे आरे पुलिस स्टेशन लाया गया, जहां उसने अपने घर से भागकर मुंबई आने की पूरी जानकारी पुलिस अधिकारियों के सामने साझा की।

    नाबालिग ने बताया कि वह गुरुवार दोपहर को अपने घर से स्कूल जाने का बहाना बनाकर निकला था, लेकिन वह स्कूल न जाकर सीधे छिंदवाड़ा रेलवे स्टेशन पहुंच गया। वहां से उसने ट्रेन पकड़कर पहले नागपुर का सफर किया और फिर नागपुर से कनेक्टिंग ट्रेन लेकर मुंबई के लिए रवाना हो गया। अगले दिन सुबह गोरेगांव रेलवे स्टेशन उतरने के बाद वह पैदल ही फिल्म सिटी परिसर तक पहुंच गया।

    पूछताछ में लड़के ने स्वीकार किया कि वह देश के लोकप्रिय कॉमेडी टेलीविजन धारावाहिक ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ से अत्यधिक प्रभावित था और उसमें अभिनय का अवसर प्राप्त करना चाहता था। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से अभिनय के जुनून में आए इस लड़के के संदर्भ में जब मुंबई पुलिस ने स्थानीय पुलिस और परिजनों से संपर्क किया, तो पता चला कि परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा रखी थी।

    मुंबई पुलिस ने बालक के परिजनों को उसके सुरक्षित मिलने की जानकारी दे दी है। फिलहाल नाबालिग को आरे पुलिस स्टेशन में सुरक्षा और देखरेख में रखा गया है। सूचना मिलने के बाद उसके पिता छिंदवाड़ा से मुंबई के लिए रवाना हो चुके हैं, ताकि कानूनी औपचारिकताओं को पूरा कर अपने पुत्र को सकुशल घर वापस ले जा सकें।

  • उमर खालिद और शरजील इमाम की रिहाई के नारे मामले में सात छात्रों को जमानत, दो पर कोर्ट की सख्ती

    उमर खालिद और शरजील इमाम की रिहाई के नारे मामले में सात छात्रों को जमानत, दो पर कोर्ट की सख्ती


    नई दिल्ली ।
    टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंस से जुड़े एक मामले में मुंबई की अदालत ने नौ आरोपी छात्रों में से सात को अग्रिम जमानत दे दी, जबकि दो छात्रों की याचिकाएं खारिज कर दी गईं। मामला पिछले वर्ष संस्थान परिसर में हुई एक सभा के दौरान कथित तौर पर उमर खालिद और शरजील इमाम की रिहाई के समर्थन में नारे लगाए जाने से जुड़ा है।

    मुंबई सेशंस कोर्ट के न्यायाधीश वीबी बोहरा ने दो छात्रों को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि छात्र होने के नाते आरोपियों से देश के कानून का सम्मान करने की अपेक्षा की जाती है। जिन दो छात्रों की याचिकाएं खारिज हुई हैं, उनमें एक 32 वर्षीय गोवंडी निवासी और दूसरा 23 वर्षीय देवनार निवासी बताया गया है।

    मामला 12 अक्टूबर 2025 को TISS में आयोजित एक सभा से जुड़ा है। यह कार्यक्रम दिवंगत पूर्व प्रोफेसर और मानवाधिकार कार्यकर्ता जीएन साईबाबा को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित किया गया था। सभा के दौरान छात्रों ने उनकी तस्वीर लगाई, मोमबत्तियां जलाईं और उनकी कविताएं पढ़ीं। कुछ प्लेकार्ड पर रेस्ट इन पावर जैसे संदेश भी लिखे थे।

    अदालत ने माना कि जीएन साईबाबा को श्रद्धांजलि देना अपने आप में कोई गैरकानूनी गतिविधि नहीं है। विशेष रूप से अदालत ने यह भी ध्यान में रखा कि उन्हें 2024 में बॉम्बे हाईकोर्ट से राहत मिल चुकी थी। हालांकि, अदालत के अनुसार सभा के दौरान कथित तौर पर लगाए गए कुछ नारे इसे केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखते।

    जांच एजेंसियों के अनुसार, सभा में करीब 10 से 12 छात्र शामिल हुए थे और आरोप है कि वहां उमर खालिद तथा शरजील इमाम की रिहाई की मांग को लेकर नारे लगाए गए। पुलिस के अनुसार, इस सभा के लिए संस्थान प्रशासन से पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी। शुरुआती प्राथमिकी में नौ लोगों के नाम दर्ज किए गए थे और बाद में जांच ट्रॉम्बे पुलिस से अपराध जांच विभाग को सौंप दी गई।

    मामले की जांच के दौरान कुछ आरोपियों के लैपटॉप और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। अभियोजन पक्ष का दावा है कि इन उपकरणों में माओवादी संगठनों से संबंधित किताबें और अन्य सामग्री मिली। जांचकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ डिजिटल जानकारी हटाई गई थी।

    अदालत ने जांच में मिली सामग्री के आधार पर कहा कि आरोपियों में से कुछ के माओवादी विचारधारा से प्रभावित होने के संकेत मिलते हैं। अदालत ने यह संभावना भी जताई कि सभा के जरिए संस्थान के अन्य छात्रों को प्रभावित करने का प्रयास किया गया हो सकता है। हालांकि, न्यायाधीश ने यह महत्वपूर्ण टिप्पणी भी की कि केवल माओवादी संगठनों का साहित्य डाउनलोड करना अपने आप में अपराध नहीं माना जा सकता।

    अदालत ने यह भी कहा कि कैंपस में बिना अनुमति रेस्ट इन पावर जैसे शब्दों का इस्तेमाल अकेले कोई अपराध नहीं है। लेकिन कथित नारे, सभा की परिस्थितियां और जांच के दौरान सामने आई सामग्री को एक साथ देखने पर आरोपियों के कथित इरादों की जांच जरूरी हो जाती है।

    जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान आपराधिक कार्रवाई में हुई देरी का मुद्दा भी उठाया गया। अदालत ने कहा कि मुकदमों में देरी के पीछे कई प्रशासनिक और न्यायिक कारण हो सकते हैं, जिनमें लंबित मामलों की संख्या और न्यायाधीशों की उपलब्धता शामिल है। न्यायाधीश ने कहा कि इन अर्जियों पर भी दाखिल होने के नौ महीने से अधिक समय बाद आदेश दिया जा रहा है।

    फिलहाल मामले की जांच जारी है। सात छात्रों को अग्रिम जमानत मिलने से उन्हें अंतरिम कानूनी राहत मिली है, जबकि दो छात्रों को अदालत से यह संरक्षण नहीं मिला। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और मामले की न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर तय होगी।

  • SBI Q1 Results: पहली तिमाही में मुनाफा 10.23 प्रतिशत बढ़कर 21,121 करोड़ रुपये, एनपीए में भी बड़ी गिरावट दर्ज

    SBI Q1 Results: पहली तिमाही में मुनाफा 10.23 प्रतिशत बढ़कर 21,121 करोड़ रुपये, एनपीए में भी बड़ी गिरावट दर्ज

    नई दिल्ली । भारतीय स्टेट बैंक ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 10.23 प्रतिशत बढ़कर 21,121.22 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2026 की समान तिमाही में बैंक का शुद्ध मुनाफा 19,160.44 करोड़ रुपये रहा था। मुनाफे में वृद्धि के साथ बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में भी सुधार दर्ज किया गया है।

    बैंक की ब्याज से होने वाली आय में भी पहली तिमाही के दौरान अच्छी वृद्धि रही। अप्रैल से जून 2026 की अवधि में ब्याज आय सालाना आधार पर 8.5 प्रतिशत बढ़कर 1,27,896.46 करोड़ रुपये हो गई। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह आय 1,17,830.28 करोड़ रुपये रही थी।

    ब्याज आय के साथ अन्य आय को जोड़ने पर बैंक की कुल आय भी बढ़ी। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कुल आय 6.2 प्रतिशत बढ़कर 1,43,819.15 करोड़ रुपये रही। एक साल पहले इसी अवधि में एसबीआई की कुल आय 1,35,341.56 करोड़ रुपये थी।

    बैंक के खर्च में भी इस दौरान वृद्धि हुई। पहली तिमाही में एसबीआई का कुल खर्च 5.2 प्रतिशत बढ़कर 1,10,289.97 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में यह आंकड़ा 1,04,797.09 करोड़ रुपये था। खर्च बढ़ने के बावजूद बैंक ने अपने मुनाफे में दोहरे अंक की वृद्धि दर्ज की।

    एसबीआई की नेटवर्थ में भी तिमाही आधार पर उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के अंत में बैंक की नेटवर्थ 4,95,244.32 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछली तिमाही में यह 4,08,108.34 करोड़ रुपये थी। इससे बैंक की पूंजीगत स्थिति में मजबूती का संकेत मिलता है।

    बैंक के प्रदर्शन में सबसे अहम सुधार एनपीए के मोर्चे पर देखने को मिला। एसबीआई का ग्रॉस एनपीए वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही के 1.83 प्रतिशत से घटकर वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में 1.47 प्रतिशत रह गया। यानी खराब ऋणों के अनुपात में स्पष्ट कमी दर्ज की गई।

    इसी तरह बैंक का नेट एनपीए भी घटा है। पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 0.47 प्रतिशत रहा नेट एनपीए वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में घटकर 0.38 प्रतिशत हो गया। ग्रॉस और नेट एनपीए में गिरावट बैंक की ऋण परिसंपत्तियों की गुणवत्ता में सुधार का संकेत देती है।

    एसबीआई के डेट-टू-इक्विटी रेश्यो में भी सुधार दर्ज हुआ। पहली तिमाही में यह अनुपात 0.54 रहा, जबकि वित्त वर्ष 2026 की समान तिमाही में यह 0.65 था। अनुपात में कमी बैंक की वित्तीय संरचना में आए सुधार को दर्शाती है।

    तिमाही नतीजों के बाद शेयर बाजार में भी एसबीआई के शेयर में तेजी देखी गई। दोपहर 2:30 बजे बैंक का शेयर 3.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,119 रुपये पर कारोबार कर रहा था। मजबूत मुनाफे, बढ़ी ब्याज आय और एनपीए में गिरावट ने बैंक के तिमाही प्रदर्शन को मजबूती दी है।

  • ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन के लिए मुम्बई में प्राप्त हुए 1550 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव

    ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन के लिए मुम्बई में प्राप्त हुए 1550 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव


    भोपाल।
    केन्द्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में मंगलवार को मुम्बई में आयोजित राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन के लिए 1550 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स ने 700 करोड़, अनंत सिस्टम्स ने 400 करोड़, स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज़ लिमिटेड ने 200 करोड़, वीएनटी ने 150 करोड़ और टेसकॉम ने 100 करोड़ के निवेस का प्रस्ताव दिया है।

    यह जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दी। यह कॉन्फ्रेंस ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफेक्चरिंग जोन में उद्योगपति और निवेशकों को आमंत्रित करने के लिए आयोजित की थी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार और प्रदेश सरकार ने मिलकर ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग जोन स्थापित किया है। गत ढाई वर्ष में राज्य सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियों- नियमों के कारण मध्य प्रदेश में लगभग हर क्षेत्र में अभूतपूर्व निवेश प्राप्त हुआ है। यह क्रम निरंतर जारी है। पिछले ढाई वर्षों में राज्य सरकार ने उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिये अनेक निवेश अनुकूल और आकर्षक नीतियां लागू की हैं। इन नीतियों से मध्य प्रदेश को देश-विदेश के निवेशकों का अभूतपूर्व विश्वास प्राप्त हुआ है और बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव मिले हैं।

    उन्होंने कहा कि उद्योग जगत का यह विश्वास प्रदेश की पारदर्शी नीतियों और सुशासन का सबसे बड़ा प्रमाण है। मध्य प्रदेश सभी सेक्टर्स में तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है। देश-दुनिया के निवेशकों का भरोसा हमारे साथ है। भारत और दुनिया की सबसे सस्ती बिजली मध्य प्रदेश में मिलती है। औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए कौशल युक्त श्रमिक मध्य प्रदेश में उपलब्ध हैं। अगर रोजगार आधारित उद्योग शुरू किये जाएं तो सरकार 5 से 10 वर्ष तक वेतन में भी सहयोग प्रदान करती है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मेक इन एमपी’ और ‘फेथ इन एमपी’ के विश्वास पर पिछले दिनों दिल्ली में हुई पहली राउंड टेबल मीटिंग में 3 हजार 500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले, जिसके फलस्वरूप 14 हजार लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह केंद्र और राज्य सरकार के साथ पहली इन्वेस्टर राउंड टेबल मिटिंग थी, जिसमें अभूतपूर्व सफलता मिली। मध्य प्रदेश सरकार ने देश के अलग-अलग शहरों में निवेश आकर्षित करने के लिए रोड-शो आयोजित किए हैं। मध्य प्रदेश सभी औद्योगिक घरानों और निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। एक बार जो यहां आकर व्यापार-व्यवसाय करता है, यहां की निवेश उन्मुख सुविधाओं और शासन-प्रशासन की सुविधाओं से प्रभावित होकर मध्य प्रदेश का ही बनकर रह जाता है।

    उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश देश का दिल है, पूर्व-पश्चिम-उत्तर-दक्षिण कोई किसी भी दिशा में जाएं, मध्य प्रदेश से जरूर गुजरता है। मध्य प्रदेश की कानून व्यवस्था सबसे बेहतर है। यहां श्रमिकों की समस्या नहीं है। भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की सफलता के बाद अगले वर्ष फिर जीआईएस-2027 का आयोजन होने जा रहा है। नर्मदापुरम जिले में बाबई-मोहासा में इलेक्ट्रिकल उपकरण पार्क में भूमि-पूजन के दिन ही 1000 एकड़ क्षेत्र में भूखंड आवंटित हो गए। धार जिले में विकसित हो रहा पीएम मित्र पार्क, टेक्सटाइल सेक्टर का देश का सबसे बड़ा क्लस्टर है। यहां भी भूमि-पूजन के होते ही सभी भूखंड आवंटित हो गए। लगभग 170 एकड़ क्षेत्र में प्लग एंड प्ले मॉडल पर विकसित किये जाना वाला टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग जोन देश का पहला इंटीग्रेटेड टेलीकॉम टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम बनकर उभरेगा। यह महत्वाकांक्षी परियोजना दूरसंचार विनिर्माण, अनुसंधान, डिजाइन, टेस्टिंग एवं इनोवेशन को एक ही परिसर में विकसित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग जोन एक नई और विशेष सौगात है, जो नई दिल्ली-एनसीआर से ज्यादा दूर नहीं है। ग्वालियर शहर को सिंधिया राजघराने का भी सहयोग मिलता रहा है। बदलते दौर में राज्यों के बीच सौहार्द्रपूर्ण संबंध बनाते हुए मध्य प्रदेश ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। तीन राज्यों के साथ नदी जोड़ो परियोजना के अनुबंध करके जल प्रबंधन के कार्य किए जा रहे हैं। राजस्थान के साथ करीब 40 साल पुराने जल बंटवारे के विवाद को आपसी सहमति से हल करते हुए पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना पर हम आगे बढ़ रहे हैं। मध्य प्रदेश सरकार सभी क्षेत्रों में भारत सरकार के सहयोग से कार्य करते हुए प्रदेश के तीव्र विकास के लिए कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज मध्य प्रदेश में एमएसएमई, विनिर्माण, इंजीनियरिंग, रक्षा उत्पादन, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स सहित अनेक क्षेत्रों में तेज़ी से निवेश बढ़ रहा है। ‘मेक इन एमपी’ और ‘मेड इन एमपी’ जैसे अभियान उद्योग जगत का व्यापक विश्वास अर्जित करने में सफल रहे हैं। दिल्ली में आयोजित पहले राउंड टेबल मीटिंग सहित विभिन्न निवेशक बैठकों और रोड-शो के माध्यम से प्रदेश को बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे बड़ी संख्या में रोजगार सृजन की संभावनाएं बनी हैं।

    उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी विशेषता केवल उसकी भौगोलिक स्थिति नहीं, बल्कि निवेशकों के प्रति सरकार की साझेदारी की भावना है। राज्य सरकार उद्योगों को केवल स्थापित नहीं कराती, बल्कि उनके दीर्घकालिक विकास और विस्तार में भी सहभागी बनती है। यही कारण है कि प्रदेश के औद्योगिक पार्कों और क्लस्टर्स को निवेशकों का लगातार उत्कृष्ट प्रतिसाद मिल रहा है। साथ ही भूमि आवंटन और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय गति आई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन दूरसंचार उद्योग के लिए आधुनिक अधोसंरचना, बेहतर आपूर्ति श्रृंखला और वैश्विक स्तर की विनिर्माण सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। इससे निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा भारत की डिजिटल और औद्योगिक प्रगति को नई गति मिलेगी।

    उन्होंने उद्योगपतियों से आग्रह किया कि वे मध्य प्रदेश को अपने उद्योगों के विस्तार का विश्वसनीय भागीदार बनाएं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मध्य प्रदेश में निवेश करने का यही सबसे उपयुक्त समय है। मध्य प्रदेश आइए, हमारे विकास के सहभागी बनिए और विकसित भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाइए।

  • जैकी भगनानी ने भांजी दिवियाना के जन्मदिन पर लिखा भावुक संदेश, बोले- जिंदगी के हर कदम पर हमेशा साथ खड़ा रहूंगा

    जैकी भगनानी ने भांजी दिवियाना के जन्मदिन पर लिखा भावुक संदेश, बोले- जिंदगी के हर कदम पर हमेशा साथ खड़ा रहूंगा


    नई दिल्ली ।
    अभिनेता से निर्माता बने जैकी भगनानी ने अपनी भांजी दिवियाना के जन्मदिन के मौके पर एक भावुक और खास संदेश साझा किया है। जैकी ने सोशल मीडिया पर दिवियाना के साथ बिताए खूबसूरत पलों का वीडियो कोलाज पोस्ट करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि जीवन में दिवियाना जो भी कदम उठाएगी, वह हर समय उसके साथ खड़े रहेंगे और उसका हाथ थामे रहेंगे।

    जैकी भगनानी द्वारा साझा किए गए वीडियो में दिवियाना के बचपन से लेकर अब तक के कई यादगार पल शामिल थे। तस्वीरों और छोटी-छोटी वीडियो क्लिप्स में दिवियाना को परिवार के साथ हंसते, खेलते और खुशहाल पलों को जीते हुए देखा गया। इस खास वीडियो के जरिए जैकी ने अपने और दिवियाना के बीच के मजबूत पारिवारिक रिश्ते को जाहिर किया।

    दिवियाना जैकी भगनानी की बहन दीपशिखा देशमुख की बेटी हैं। दीपशिखा देशमुख की शादी अभिनेता रितेश देशमुख के भाई धीरज देशमुख से हुई है। फिल्मी परिवार से ताल्लुक रखने वाली दिवियाना अक्सर पारिवारिक आयोजनों और खास मौकों पर नजर आती हैं। जैकी ने अपने संदेश के जरिए परिवार के बीच मौजूद प्यार और अपनापन दिखाया।

    अपने पोस्ट में जैकी ने दिवियाना को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए लिखा कि वह जीवन में जो भी रास्ता चुनेगी, वह हर परिस्थिति में उसका साथ देंगे। उन्होंने कहा कि उसकी खुशियों को मनाना और उसे एक बेहतर इंसान बनते देखना उनके जीवन की सबसे बड़ी खुशियों में से एक है।

    जैकी ने अपने संदेश में यह भी कहा कि दिवियाना को कभी अकेले आगे नहीं बढ़ना पड़ेगा, क्योंकि उसके मामा हमेशा उसके साथ मौजूद रहेंगे। उन्होंने अपने प्यार और आशीर्वाद के साथ दिवियाना के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। जैकी का यह संदेश सोशल मीडिया पर परिवार और प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बना।

    जैकी भगनानी फिल्म जगत में अभिनेता और निर्माता दोनों भूमिकाओं के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने साल 2009 में फिल्म ‘कल किसने देखा’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वह ‘फालतू’, ‘अजब गजब लव’, ‘रंगरेज’, ‘यंगिस्तान’ और ‘वेलकम टू कराची’ जैसी फिल्मों में नजर आए।

    अभिनय के अलावा जैकी ने निर्माण के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई। उन्होंने अपनी बहन दीपशिखा देशमुख के साथ मिलकर कई फिल्मों का निर्माण किया। साल 2016 में आई फिल्म ‘सरबजीत’ उनके प्रोडक्शन सफर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शामिल रही। इस फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी।

    अभिनेता के तौर पर जैकी भगनानी आखिरी बार साल 2018 में रिलीज हुई फिल्म ‘मित्रों’ में दिखाई दिए थे। इसके बाद उन्होंने फिल्म निर्माण और मनोरंजन क्षेत्र से जुड़े अन्य कामों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित किया। वर्तमान में भी वह फिल्म इंडस्ट्री में निर्माता के रूप में सक्रिय हैं और नए प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं।

    दिवियाना के जन्मदिन पर जैकी का यह संदेश परिवार के प्रति उनके लगाव और जिम्मेदारी को दर्शाता है। सोशल मीडिया पर साझा की गई इस पोस्ट के जरिए उन्होंने यह संदेश दिया कि जीवन में सफलता के साथ-साथ रिश्तों को मजबूत बनाए रखना भी बेहद जरूरी है।

  • वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में एचयूएल की आय बढ़ी, लेकिन मुनाफे में कमी से शेयर 5 प्रतिशत से अधिक फिसले

    वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में एचयूएल की आय बढ़ी, लेकिन मुनाफे में कमी से शेयर 5 प्रतिशत से अधिक फिसले


    नई दिल्ली । देश की प्रमुख एफएमसीजी कंपनियों में शामिल हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एचयूएल) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के वित्तीय परिणाम जारी किए हैं। अप्रैल से जून 2026 की अवधि में कंपनी के स्टैंडअलोन मुनाफे में सालाना आधार पर लगभग 4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। बढ़ती लागत का असर कंपनी की लाभप्रदता पर साफ दिखाई दिया, जबकि कुल आय में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई। तिमाही नतीजों के बाद निवेशकों की प्रतिक्रिया भी नकारात्मक रही और शेयर बाजार में कंपनी के शेयरों में पांच प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली।

    कंपनी के अनुसार, पहली तिमाही में उसका स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ घटकर 2,631 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 2,732 करोड़ रुपये था। इसी प्रकार कंसोलिडेटेड आधार पर भी कंपनी का मुनाफा करीब 3.17 प्रतिशत घटकर 2,680 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो एक वर्ष पहले इसी अवधि में 2,741 करोड़ रुपये था। इससे स्पष्ट है कि आय में वृद्धि के बावजूद बढ़ते खर्च ने कंपनी के मुनाफे को प्रभावित किया।

    वित्तीय परिणामों में यह भी सामने आया कि अप्रैल-जून तिमाही के दौरान कंपनी की कुल आय में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। इस अवधि में कुल आय सालाना आधार पर लगभग 9.8 प्रतिशत बढ़कर 17,529 करोड़ रुपये पहुंच गई, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह 15,958 करोड़ रुपये थी। इससे संकेत मिलता है कि कंपनी के उत्पादों की मांग और कारोबार का विस्तार जारी रहा, लेकिन बढ़ी हुई लागत ने आय में हुई वृद्धि का पूरा लाभ मुनाफे में नहीं बदलने दिया।

    कंपनी का कुल खर्च भी इसी अवधि में उल्लेखनीय रूप से बढ़ा। पहली तिमाही में कुल व्यय करीब 10 प्रतिशत बढ़कर 13,822 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक वर्ष पहले समान अवधि में यह 12,565 करोड़ रुपये था। कंपनी का मानना है कि मध्य पूर्व क्षेत्र में बढ़ी भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण लागत पर अतिरिक्त दबाव बना, जिसका सीधा असर लाभ पर पड़ा।

    कंपनी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक प्रिया नायर ने कहा कि वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने मजबूती बनाए रखी है। उन्होंने बताया कि सरकार और केंद्रीय बैंक की सक्रिय नीतियों ने आर्थिक गतिविधियों को समर्थन दिया, जिससे बाजार में मांग स्थिर बनी रही। उनके अनुसार कंपनी का प्रदर्शन उसके मजबूत ब्रांड पोर्टफोलियो, प्रतिस्पर्धी उत्पादों और रणनीतिक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है।

    उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी लगातार बाजार विस्तार, वितरण नेटवर्क को मजबूत करने और अपने उत्पाद पोर्टफोलियो में निवेश कर रही है। इन पहलों का उद्देश्य दीर्घकालिक विकास को गति देना और बदलते बाजार माहौल में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त बनाए रखना है। कंपनी का विश्वास है कि ये निवेश आने वाले समय में बेहतर व्यावसायिक प्रदर्शन की नींव तैयार करेंगे।

    हालांकि, तिमाही नतीजों के तुरंत बाद शेयर बाजार में निवेशकों की प्रतिक्रिया कमजोर रही। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में दोपहर के कारोबार के दौरान एचयूएल का शेयर लगभग 5.60 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,052 रुपये पर कारोबार करता दिखाई दिया। इससे यह संकेत मिला कि बाजार ने मुनाफे में आई गिरावट और बढ़ती लागत को लेकर सतर्क रुख अपनाया है। आने वाली तिमाहियों में कंपनी के लिए लागत नियंत्रण, मांग में निरंतरता और लाभप्रदता में सुधार प्रमुख चुनौतियां और प्राथमिकताएं बनी रहेंगी।