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  • ‘हेरा फेरी 3’ के सस्पेंस के बीच ‘भागम भाग 2’ की तैयारी, निर्देशक राज शांडिल्य और परेश रावल ने सोशल मीडिया पर दिए बड़े संकेत

    ‘हेरा फेरी 3’ के सस्पेंस के बीच ‘भागम भाग 2’ की तैयारी, निर्देशक राज शांडिल्य और परेश रावल ने सोशल मीडिया पर दिए बड़े संकेत

    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा जगत में कल्ट क्लासिक का दर्जा हासिल कर चुकी अभिनेता अक्षय कुमार और परेश रावल की प्रसिद्ध कॉमेडी फिल्म ‘भागम भाग’ के सीक्वल को लेकर मनोरंजन उद्योग में हलचल तेज हो गई है। ‘हेरा फेरी 3’ के निर्माण को लेकर चल रहे विवादों और अनिश्चितताओं के बीच, प्रसिद्ध निर्देशक राज शांडिल्य ने इस सुपरहिट कॉमेडी फ्रेंचाइजी के दूसरे भाग का निर्माण करने का एक बड़ा परोक्ष संकेत दिया है। इस घोषणा के बाद से ही सिनेमा प्रेमियों और प्रशंसकों के बीच भारी उत्सुकता देखी जा रही है, जो लंबे समय से इस प्रसिद्ध जोड़ी को दोबारा पर्दे पर देखने का इंतजार कर रहे हैं।

    इस नए घटनाक्रम की शुरुआत उस समय हुई जब निर्देशक राज शांडिल्य ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक अत्यंत उत्सुकता बढ़ाने वाला संदेश साझा किया। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि प्रशंसकों को बस थोड़ा और इंतजार करने की आवश्यकता है, क्योंकि जल्द ही सारे ‘सिग्नल’ खुलने वाले हैं। उल्लेखनीय है कि ‘सिग्नल’ शब्द का प्रयोग वर्ष 2006 में आई मूल फिल्म ‘भागम भाग’ के एक अत्यंत लोकप्रिय और सुपरहिट गीत के संदर्भ में किया गया था। इस मूल गीत को प्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम चक्रवर्ती ने तैयार किया था, जिसे रेमो फर्नांडीस और सुजैन डी’मेलो ने अपनी आवाज दी थी।

    इस पूरे मामले में प्रशंसकों की उत्सुकता और सिनेमाई गलियारों में चर्चा तब और अधिक बढ़ गई, जब फिल्म के मुख्य अभिनेता परेश रावल ने स्वयं इस पोस्ट पर अपनी त्वरित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने निर्देशक राज शांडिल्य के संदेश को रीपोस्ट करते हुए सकारात्मक लहजे में सहमति जताई। इस बात की पूरी संभावना व्यक्त की जा रही है कि इस बहुप्रतीक्षित सीक्वल में अक्षय कुमार मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। हालांकि, मूल फिल्म में उनके साथ सह-अभिनेता के रूप में धमाल मचाने वाले प्रसिद्ध अभिनेता गोविंदा इस नए प्रोजेक्ट का हिस्सा होंगे या नहीं, इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

    ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो प्रसिद्ध निर्देशक प्रियदर्शन के निर्देशन में बनी मूल फिल्म ‘भागम भाग’ ने अपने बेहतरीन स्क्रीनप्ले और हास्य दृश्यों के दम पर दर्शकों के दिलों में एक अमिट छाप छोड़ी है। इस फिल्म की मुख्य कहानी एक ड्रामा थिएटर ग्रुप के तीन कलाकारों के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक नाटक के मंचन के सिलसिले में लंदन की यात्रा पर जाते हैं। वहां की यात्रा के दौरान वे अनजाने में एक बेहद पेचीदा और हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में फंस जाते हैं, जिसके बाद फिल्म में पैदा होने वाली परिस्थितियां दर्शकों को हंसने पर मजबूर कर देती हैं।

    व्यावसायिक स्तर पर इस फिल्म के दूसरे भाग यानी ‘भागम भाग 2’ को धरातल पर उतारने से पहले कुछ बेहद पेचीदा कानूनी और व्यावसायिक अड़चनों का सामना करना पड़ा था। वर्ष 2026 के मार्च महीने में जब राज शांडिल्य को आधिकारिक तौर पर इस फिल्म के निर्देशन की कमान सौंपी गई, तब एक बड़ा अनुबंधात्मक विवाद सामने आया। राज शांडिल्य ने पूर्व में प्रसिद्ध फिल्म निर्माता एकता कपूर के प्रोडक्शन हाउस के साथ तीन फिल्मों का एक विशेष अनुबंध साइन किया था, जबकि यह नई फिल्म उस बैनर के अंतर्गत नहीं बन रही थी।

    इस कारण निर्माता कंपनी की ओर से उन पर अनुबंध के उल्लंघन और अग्रिम राशि न लौटाने के आरोप लगाए गए थे, क्योंकि उन्होंने अन्य प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी एनओसी प्राप्त नहीं किया था। हालांकि, फिल्म जगत के लिए राहत की बात यह रही कि मई 2026 में दोनों पक्षों ने आपसी बातचीत के माध्यम से इस पूरे कानूनी विवाद को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझा लिया। दोनों फिल्मकारों ने सोशल मीडिया पर एक साथ तस्वीरें साझा कर इस विवाद के समाप्त होने की पुष्टि की थी, जिसके बाद अब इस कल्ट कॉमेडी फिल्म के निर्माण का मार्ग पूरी तरह से प्रशस्त हो गया है।

  • महाराष्ट्र में नए सियासी उलटफेर के संकेत, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस संग एनसीपी के दोनों धड़ों की गोपनीय बैठक से गरमाया राजनीतिक माहौल

    महाराष्ट्र में नए सियासी उलटफेर के संकेत, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस संग एनसीपी के दोनों धड़ों की गोपनीय बैठक से गरमाया राजनीतिक माहौल

    नई दिल्ली । महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बहुत बड़े सियासी फेरबदल के संकेत मिल रहे हैं, जिसने राज्य के राजनीतिक गलियारों में भारी हलचल पैदा कर दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आधिकारिक आवास पर मंगलवार देर रात राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुटों के वरिष्ठ नेताओं की ताबड़तोड़ बैठकें हुईं। इन गोपनीय मुलाकातों के बाद से ही कयासों का बाजार बेहद गर्म है और विपक्षी खेमे में भारी बेचैनी देखी जा रही है। सबसे बड़ी चर्चा इस बात को लेकर है कि क्या शरद पवार के नेतृत्व वाली पार्टी कांग्रेस और महाविकास अघाड़ी गठबंधन को बड़ा झटका देकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए के पाले में जाने की तैयारी कर रही है।

    प्राप्त विवरण के अनुसार, एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने पहले दक्षिण मुंबई स्थित शरद पवार के आवास ‘सिल्वर ओक’ पर जाकर उनसे बेहद लंबी मंत्रणा की। इसके तुरंत बाद वे देर शाम सीधे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करने पहुंचे। इस दौरान राजनीतिक तापमान तब और बढ़ गया जब सत्ताधारी एनसीपी (अजित पवार गुट) के वरिष्ठ नेता सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल भी अलग से मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे। हालांकि बैठक में शामिल किसी भी नेता या मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से इस चर्चा के मुख्य एजेंडे पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है, लेकिन दोनों ही गुटों के सूत्रों ने इस बात को स्वीकार किया है कि पर्दे के पीछे किसी बड़े राजनीतिक समझौते की पटकथा लिखी जा रही है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जुलाई 2023 में पार्टी के विभाजन के बाद यह पहली बार है जब शरद पवार की पार्टी सबसे बड़े रणनीतिक संकट का सामना कर रही है। अंदरूनी सूत्रों की मानें तो शरद पवार गुट के कुल 10 विधायकों में से कम से कम आधे से अधिक विधायक भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन में शामिल होने के प्रबल पक्ष में हैं। लंबे समय तक विपक्षी खेमे में रहने के कारण इन विधायकों को अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों के लिए आवश्यक विकास निधि जुटाने और प्रशासनिक मंजूरियां हासिल करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था, जिससे उनके जमीनी राजनीतिक कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे थे।

    पार्टी के प्रांतीय नेतृत्व ने हाल ही में अपने विधायकों की इस गंभीर भावना और चिंताओं से शीर्ष आलाकमान को विस्तार से अवगत कराया था। यद्यपि शरद पवार ने इस पूरे घटनाक्रम पर अभी तक अपनी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है और न ही पार्टी के अगले कदम को लेकर कोई सार्वजनिक घोषणा की है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह माना जा रहा है कि वे अपने विधायकों के भारी दबाव के कारण इस नए विकल्प पर बेहद गंभीरता से विचार कर रहे हैं। इस साल की शुरुआत में मुंबई महानगरपालिका चुनावों के बाद से ही दोनों धड़ों के एक होने या शरद गुट के कांग्रेस में विलय की खबरें आती रही हैं, लेकिन कांग्रेस के स्थानीय नेताओं के कड़े विरोध के कारण अब बाजी पूरी तरह एनडीए की ओर मुड़ती हुई दिखाई दे रही है।

    संख्या बल के रणनीतिक गणित को देखें तो विधानसभा में शरद पवार गुट के पास वर्तमान में 10 विधायक और लोकसभा में 8 सांसद मौजूद हैं। हालांकि यह महाराष्ट्र के प्रमुख राजनीतिक दलों में संख्या के हिसाब से छोटा समूह प्रतीत हो सकता है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा नीत एनडीए के लिए इसकी उपयोगिता बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। केंद्र सरकार आगामी संसद सत्रों में सीमांकन विधेयक जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कानूनों को पारित कराने की योजना बना रही है, जिसके लिए उसे उच्च सदन और निम्न सदन दोनों में अतिरिक्त मतों की आवश्यकता है। ऐसे समय में एनडीए के शीर्ष रणनीतिकार शरद पवार गुट से मिलने वाले किसी भी संभावित वैधानिक समर्थन का खुले दिल से स्वागत करने के लिए तैयार दिख रहे हैं।

    यह राजनीतिक उथल-पुथल सिर्फ शरद पवार खेमे तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अजित पवार गुट के भीतर भी भारी अंतर्विरोध और मंथन का दौर जारी है। इस साल जनवरी के अंत में एक दुखद विमान हादसे में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार के असामयिक निधन के बाद से राज्य की राजनीति का पूरा परिदृश्य बदल चुका है। उनके निधन के बाद से दोनों गुटों के दोबारा एक होने की सुगबुगाहट तो तेज हुई थी, लेकिन नेतृत्व को लेकर बात नहीं बन सकी। अब सुनेत्रा पवार के नेतृत्व को लेकर पार्टी के भीतर ही कानूनी आपत्तियां उठाई जा रही हैं, जिसने संगठन के आंतरिक असंतोष को उजागर कर दिया है। इन सभी बदलते हालातों के बीच दिल्ली से लेकर मुंबई तक की राजनीतिक नजरें अब शरद पवार के अंतिम फैसले पर टिकी हुई हैं।

  • वैश्विक अस्थिरता और सप्लाई चेन संकट का असर, भारत में प्रीमियम हाउसिंग की कीमतों में 28% तक उछाल; महानगरों में मजबूत बनी मांग

    वैश्विक अस्थिरता और सप्लाई चेन संकट का असर, भारत में प्रीमियम हाउसिंग की कीमतों में 28% तक उछाल; महानगरों में मजबूत बनी मांग


    नई दिल्ली ।
    वैश्विक स्तर पर बढ़ती आर्थिक अनिश्चितताओं, आपूर्ति श्रृंखलाओं में रुकावट और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत का प्रीमियम आवास बाजार मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2026 की पहली छमाही में देश के प्रमुख शहरों में प्रीमियम आवासों की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। ताजा बाजार विश्लेषण के अनुसार कई प्रमुख शहरों में प्रीमियम संपत्तियों के मूल्य में सालाना आधार पर 28 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च आय वर्ग के खरीदार अब बेहतर गुणवत्ता, विश्वसनीय डेवलपर और रणनीतिक लोकेशन वाली परियोजनाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं।

    रिपोर्ट के अनुसार मुंबई, नोएडा, गुरुग्राम, बेंगलुरु और दिल्ली जैसे प्रमुख रियल एस्टेट बाजारों में प्रीमियम आवासों की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। निर्माणाधीन प्रीमियम परियोजनाओं की कीमतों में मुंबई में लगभग 10 से 15 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई, जबकि नोएडा में यह बढ़ोतरी 4 से 28 प्रतिशत के बीच रही। गुरुग्राम में करीब 2 प्रतिशत और बेंगलुरु में 3 से 11 प्रतिशत तक की वार्षिक वृद्धि देखी गई। यह संकेत देता है कि विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों और बेहतर कनेक्टिविटी वाले कॉरिडोर में निवेशकों तथा खरीदारों का भरोसा कायम है।

    तैयार प्रीमियम आवासों के बाजार में भी तेजी बनी हुई है। दिल्ली में लग्जरी फ्लोर और तैयार प्रीमियम घरों की औसत कीमतों में 10 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। बेंगलुरु में यह वृद्धि 8 से 10 प्रतिशत और मुंबई में 2 से 7 प्रतिशत के बीच रही। विशेषज्ञों का मानना है कि तैयार संपत्तियों की बढ़ती मांग उन खरीदारों से आ रही है जो तुरंत रहने योग्य, आधुनिक सुविधाओं से युक्त और उच्च गुणवत्ता वाले घरों की तलाश में हैं।

    रियल एस्टेट क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि बाजार अब केवल तेज कीमत वृद्धि पर आधारित नहीं है, बल्कि दीर्घकालिक मूल्य सृजन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रीमियम परियोजनाओं में बेहतर निर्माण गुणवत्ता, आधुनिक डिजाइन, ऊर्जा दक्षता, हरित सुविधाएं और वेलनेस आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे पहलुओं को अधिक महत्व दिया जा रहा है। यही कारण है कि उच्च आय वर्ग के खरीदार अब केवल संपत्ति खरीदने के बजाय दीर्घकालिक निवेश और बेहतर जीवनशैली को ध्यान में रखकर निर्णय ले रहे हैं।

    बाजार विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान का असर निर्माण सामग्री की लागत पर भी पड़ा है। कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि और लॉजिस्टिक लागत बढ़ने से परियोजनाओं की कुल लागत प्रभावित हुई है, जिसका असर प्रीमियम आवासों की कीमतों में भी दिखाई दिया। इसके बावजूद मांग में कमी नहीं आई है, क्योंकि बेहतर आय, मजबूत निवेश क्षमता और गुणवत्तापूर्ण आवासों की बढ़ती आवश्यकता इस वर्ग के बाजार को समर्थन दे रही है।

    विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि खरीदार अब पहले की तुलना में अधिक जागरूक हो चुके हैं। वे परियोजना की लोकेशन, डेवलपर की विश्वसनीयता, निर्माण गुणवत्ता, भविष्य की संभावनाओं और उपलब्ध सुविधाओं का गहन मूल्यांकन करने के बाद ही निवेश का निर्णय ले रहे हैं। इस बदलते रुझान ने डेवलपर्स को भी गुणवत्ता और पारदर्शिता पर अधिक ध्यान देने के लिए प्रेरित किया है।

    रियल एस्टेट बाजार के मौजूदा संकेत बताते हैं कि भारत के प्रीमियम आवास क्षेत्र में आने वाले समय में भी स्थिर मांग बनी रह सकती है। बेहतर शहरी बुनियादी ढांचे, नई कनेक्टिविटी परियोजनाओं, बढ़ती आय और गुणवत्तापूर्ण आवासों की प्राथमिकता के कारण यह वर्ग निवेशकों और खरीदारों दोनों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आर्थिक परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो प्रीमियम हाउसिंग बाजार आने वाले वर्षों में भी संतुलित और मजबूत वृद्धि दर्ज कर सकता है।

  • सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की रेनोवेशन के खिलाफ याचिका, 'मन्नत' में प्रस्तावित बदलावों को मिली कानूनी मंजूरी; नियमों के तहत निर्माण पर लगी मुहर

    सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की रेनोवेशन के खिलाफ याचिका, 'मन्नत' में प्रस्तावित बदलावों को मिली कानूनी मंजूरी; नियमों के तहत निर्माण पर लगी मुहर

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान और उनकी पत्नी गौरी खान को उनके मुंबई स्थित प्रतिष्ठित बंगले ‘मन्नत’ के रेनोवेशन मामले में महत्वपूर्ण कानूनी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें बंगले के प्रस्तावित पुनर्विकास और अतिरिक्त निर्माण को चुनौती दी गई थी। शीर्ष अदालत के इस फैसले के बाद अब रेनोवेशन योजना के तहत प्रस्तावित बदलावों और दो नई मंजिलों के निर्माण का मार्ग पूरी तरह साफ हो गया है। यह फैसला लंबे समय से चल रही कानूनी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

    मामला मुंबई के बांद्रा स्थित शाहरुख खान के बंगले ‘मन्नत’ में प्रस्तावित निर्माण से जुड़ा था। योजना के अनुसार इमारत में सातवीं और आठवीं मंजिल जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया था। इसके लिए संबंधित वैधानिक प्राधिकरण से आवश्यक अनुमति भी प्राप्त की गई थी। हालांकि, इस मंजूरी को चुनौती देते हुए एक याचिका दायर की गई थी, जिसमें निर्माण को तटीय क्षेत्र से जुड़े नियमों के विरुद्ध बताया गया था। याचिकाकर्ता का तर्क था कि प्रस्तावित निर्माण पर्यावरणीय मानकों और नियामकीय प्रक्रियाओं के अनुरूप नहीं है।

    इससे पहले यह विवाद राष्ट्रीय हरित अधिकरण तक भी पहुंचा था। वहां याचिका पर विस्तृत सुनवाई के बाद अधिकरण ने संबंधित प्राधिकरणों द्वारा दी गई अनुमति को वैध मानते हुए चुनौती को खारिज कर दिया था। इसके बाद इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की गई, जहां मामले की दोबारा सुनवाई हुई। शीर्ष अदालत ने उपलब्ध रिकॉर्ड, अनुमति प्रक्रिया और संबंधित नियमों का परीक्षण करने के बाद हस्तक्षेप से इनकार कर दिया।

    सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने स्पष्ट किया कि जब सक्षम प्राधिकरण निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत अनुमति दे चुके हैं और रिकॉर्ड में किसी स्पष्ट कानूनी त्रुटि का आधार नहीं है, तब न्यायालय के हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं बनती। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति की लोकप्रियता या सार्वजनिक पहचान न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित नहीं करती। न्यायालय का निर्णय केवल उपलब्ध तथ्यों, कानून और नियमों के आधार पर लिया गया है।

    इस फैसले के साथ अब ‘मन्नत’ के रेनोवेशन की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य भवन की संरचना और उपयोगिता को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करना बताया गया है। आवश्यक अनुमतियों के अनुरूप निर्माण कार्य किए जाने की संभावना है। हालांकि, संबंधित सभी गतिविधियां निर्धारित नियमों और स्वीकृत शर्तों के अनुसार ही पूरी की जाएंगी।

    मुंबई के प्रमुख स्थलों में शामिल ‘मन्नत’ केवल एक निजी आवास नहीं, बल्कि शाहरुख खान के प्रशंसकों के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र है। अभिनेता के जन्मदिन सहित कई अवसरों पर देश और विदेश से बड़ी संख्या में प्रशंसक उनके निवास के बाहर पहुंचते हैं। वर्षों से यह बंगला मुंबई के सबसे चर्चित और पहचान वाले स्थलों में शामिल रहा है और फिल्म प्रेमियों के बीच इसकी अलग पहचान बनी हुई है।

    इस बीच शाहरुख खान अपने आगामी फिल्मी प्रोजेक्ट्स को लेकर भी चर्चा में हैं। अभिनेता जल्द ही निर्देशक सिद्धार्थ आनंद की फिल्म ‘किंग’ में नजर आएंगे। ऐसे समय में ‘मन्नत’ से जुड़े मामले में मिला यह कानूनी फैसला उनके लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। अदालत के निर्णय के बाद अब रेनोवेशन परियोजना को लेकर बनी अनिश्चितता समाप्त हो गई है और निर्धारित योजना के अनुरूप आगे की प्रक्रिया पूरी किए जाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

  • 10 महीनों में 50 लाख यूजर्स का आंकड़ा पार, 'अदाणी वन' ऐप ने एयरपोर्ट लॉयल्टी प्रोग्राम में बनाई मजबूत पहचान, यात्रियों के लिए जल्द आएंगी नई प्रीमियम सुविधाएं

    10 महीनों में 50 लाख यूजर्स का आंकड़ा पार, 'अदाणी वन' ऐप ने एयरपोर्ट लॉयल्टी प्रोग्राम में बनाई मजबूत पहचान, यात्रियों के लिए जल्द आएंगी नई प्रीमियम सुविधाएं

    नई दिल्ली । देश में तेजी से बढ़ते डिजिटल एयरपोर्ट इकोसिस्टम के बीच अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड के कंज्यूमर ऐप ‘अदाणी वन’ ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी के एयरपोर्ट लॉयल्टी प्रोग्राम ‘अदाणी रिवार्ड्स’ ने लॉन्च होने के महज 10 महीनों के भीतर 50 लाख सदस्यों का आंकड़ा पार कर लिया है। यह उपलब्धि इस बात का संकेत मानी जा रही है कि यात्रियों के बीच डिजिटल सेवाओं और रिवार्ड आधारित सुविधाओं की स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है। कंपनी का मानना है कि यह बढ़ती भागीदारी यात्रियों को अधिक सुविधाजनक, तेज और लाभकारी एयरपोर्ट अनुभव उपलब्ध कराने की दिशा में सकारात्मक संकेत देती है।

    ‘अदाणी रिवार्ड्स’ देश के सात राज्यों में स्थित अदाणी एयरपोर्ट्स द्वारा संचालित सभी आठ एयरपोर्ट पर उपलब्ध है। इस कार्यक्रम के तहत यात्री ‘अदाणी वन’ ऐप के माध्यम से एयरपोर्ट परिसर में खरीदारी, खानपान और अन्य सेवाओं का उपयोग करते समय रिवार्ड पॉइंट अर्जित कर सकते हैं। बाद में इन पॉइंट्स का उपयोग विभिन्न सुविधाओं और विशेष लाभों के लिए किया जा सकता है। इससे यात्रियों को अपनी नियमित यात्रा के दौरान अतिरिक्त लाभ प्राप्त करने का अवसर मिलता है।

    कंपनी के अनुसार, डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से यात्रियों को एकीकृत सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास लगातार किया जा रहा है। ऐप के जरिए टिकट, एयरपोर्ट सेवाएं और रिवार्ड सिस्टम को एक ही मंच पर उपलब्ध कराने से उपयोगकर्ताओं का अनुभव अधिक सरल और सुविधाजनक बना है। यही वजह है कि कम समय में बड़ी संख्या में लोगों ने इस प्लेटफॉर्म को अपनाया है और लॉयल्टी प्रोग्राम से जुड़ना पसंद किया है।

    कंपनी ने यह भी जानकारी दी है कि वर्ष के अंत तक टियर-बेस्ड मेंबरशिप मॉडल शुरू करने की योजना बनाई गई है। इस नई व्यवस्था के तहत नियमित और अधिक यात्रा करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त लाभ, विशेष सुविधाएं और उनकी जरूरतों के अनुरूप व्यक्तिगत सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे यात्रियों की भागीदारी बढ़ाने के साथ-साथ एयरपोर्ट अनुभव को और बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

    कंपनी के प्रतिनिधियों का कहना है कि 50 लाख सदस्यों का आंकड़ा पार करना ‘अदाणी रिवार्ड्स’ के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। आने वाले समय में नए फीचर्स, बेहतर ऑफर्स और अतिरिक्त सुविधाएं जोड़ी जाएंगी ताकि अधिक से अधिक यात्री इस प्लेटफॉर्म से जुड़ सकें। कंपनी का उद्देश्य अपने सभी एयरपोर्ट पर यात्रियों को एक समान और आधुनिक डिजिटल अनुभव प्रदान करना है।

    यात्रियों के लिए इस प्रोग्राम से जुड़ना भी काफी आसान बनाया गया है। एयरपोर्ट पर खरीदारी या अन्य सेवाओं का उपयोग करते समय केवल मोबाइल नंबर के माध्यम से तुरंत सदस्यता ली जा सकती है। इसके बाद अर्जित रिवार्ड पॉइंट्स का उपयोग मुफ्त खानपान, प्रीमियम एयरपोर्ट सेवाओं और अन्य विशेष सुविधाओं के लिए किया जा सकता है। इससे यात्रियों को नियमित यात्रा के दौरान अतिरिक्त मूल्य प्राप्त होता है।

    कंपनी ने यह भी बताया कि दिवाली, विंटरफेस्ट और समर कार्निवल जैसे विशेष अभियान उपयोगकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाने में प्रभावी साबित हुए हैं। इन अभियानों के दौरान विशेष ऑफर्स और चुनिंदा अनुभव उपलब्ध कराए गए, जिससे ऐप के उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। वर्तमान में कंपनी मुंबई, अहमदाबाद, लखनऊ, जयपुर, मंगलुरु, गुवाहाटी, तिरुवनंतपुरम और नवी मुंबई सहित आठ एयरपोर्ट का संचालन कर रही है। आने वाले महीनों में लॉयल्टी प्रोग्राम का और विस्तार कर यात्रियों को अधिक डिजिटल सुविधाएं और बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना पर काम किया जा रहा है।

  • अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने घटाया एटीएंडसी लॉस, हजारों छापों से करोड़ों की चोरी का हुआ खुलासा

    अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने घटाया एटीएंडसी लॉस, हजारों छापों से करोड़ों की चोरी का हुआ खुलासा


    नई दिल्ली ।
    बिजली चोरी के खिलाफ लगातार चलाए गए सघन अभियान का असर अब बिजली वितरण व्यवस्था के प्रदर्शन में भी दिखाई देने लगा है। अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान अपने एग्रीगेट टेक्निकल एंड कमर्शियल (एटीएंडसी) लॉस को घटाकर 4.46 प्रतिशत तक पहुंचाने का दावा किया है। कंपनी के अनुसार यह पिछले वित्त वर्ष की तुलना में बेहतर प्रदर्शन है और इससे वितरण प्रणाली की दक्षता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

    कंपनी का कहना है कि एटीएंडसी लॉस में आई कमी का सीधा लाभ उन उपभोक्ताओं को मिलेगा जो नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान करते हैं। बिजली चोरी कम होने से वितरण कंपनियों पर वित्तीय दबाव घटता है, जिससे नेटवर्क को बेहतर बनाने और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण सेवा उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। साथ ही बिजली आपूर्ति व्यवस्था भी अधिक स्थिर और विश्वसनीय बनती है।

    बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए पूरे वर्ष बड़े स्तर पर विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान हजारों स्थानों पर छापेमारी की गई और चोरी के मामलों में सैकड़ों प्राथमिकी दर्ज कराई गईं। अभियान के दौरान सुबह, देर शाम और अवकाश के दिनों में भी विशेष कार्रवाई की गई, ताकि चोरी के ऐसे मामलों को रोका जा सके जो सामान्य निरीक्षण के दौरान सामने नहीं आ पाते।

    जांच के दौरान बड़ी मात्रा में अवैध बिजली खपत का पता चला। इसके साथ ही बिजली चोरी में इस्तेमाल किए जा रहे भारी मात्रा में अवैध तार और अन्य उपकरण भी जब्त किए गए। कंपनी का कहना है कि इस कार्रवाई से करोड़ों रुपये मूल्य की अवैध बिजली खपत का खुलासा हुआ, जिससे वितरण व्यवस्था को होने वाले आर्थिक नुकसान को कम करने में मदद मिली।

    अभियान के दौरान औद्योगिक गतिविधियों से जुड़े कुछ बड़े मामलों का भी पता चला, जहां कथित रूप से सीधे बिजली आपूर्ति का उपयोग कर अवैध तरीके से बिजली का इस्तेमाल किया जा रहा था। ऐसे मामलों में संबंधित स्थानों पर कार्रवाई करते हुए अवैध कनेक्शन हटाए गए और कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। कंपनी का कहना है कि इस प्रकार की कार्रवाई भविष्य में बिजली चोरी पर प्रभावी रोक लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि बिजली चोरी केवल आर्थिक नुकसान का विषय नहीं है, बल्कि इससे पूरे वितरण नेटवर्क पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। अधिक भार के कारण ट्रांसफॉर्मर, केबल और अन्य उपकरणों के खराब होने की संभावना बढ़ जाती है। विशेष रूप से अधिक मांग वाले घनी आबादी वाले क्षेत्रों में इसका असर बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और रखरखाव लागत दोनों पर पड़ता है।

    बिजली अधिनियम के प्रावधानों के तहत बिजली चोरी को गंभीर अपराध माना गया है। दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ जुर्माना, कारावास अथवा दोनों प्रकार की कार्रवाई का प्रावधान है। इसी कारण कंपनी स्थानीय प्रशासन और पुलिस के सहयोग से नियमित संयुक्त अभियान चलाकर ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है।

    कंपनी का मानना है कि बिजली चोरी पर प्रभावी नियंत्रण से न केवल वितरण प्रणाली अधिक मजबूत होगी, बल्कि उपभोक्ताओं को प्रतिस्पर्धी दरों पर बेहतर सेवा उपलब्ध कराने में भी सहायता मिलेगी। आने वाले समय में भी विशेष निगरानी अभियान जारी रखने की योजना है, ताकि एटीएंडसी लॉस को और कम किया जा सके तथा बिजली वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और सक्षम बनाया जा सके।

  • 'आत्मसम्मान से कभी समझौता नहीं किया', इंडस्ट्री के कठिन दौर को याद कर छलका कल्पना अय्यर का दर्द, सम्मान बचाने के लिए छोड़ दिया अभिनय

    'आत्मसम्मान से कभी समझौता नहीं किया', इंडस्ट्री के कठिन दौर को याद कर छलका कल्पना अय्यर का दर्द, सम्मान बचाने के लिए छोड़ दिया अभिनय

    नई दिल्ली । अभिनेत्री कल्पना अय्यर ने अपने लंबे अभिनय सफर और उससे जुड़े संघर्षों को याद करते हुए बताया कि उन्होंने अपने करियर में कई कठिन दौर देखे, लेकिन कभी भी आत्मसम्मान और सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उन्होंने कहा कि मनोरंजन जगत में काम करना उनके लिए केवल पेशा नहीं था, बल्कि अपने मूल्यों के साथ आगे बढ़ने का माध्यम भी था। जब परिस्थितियां ऐसी बनने लगीं कि सम्मान से समझौता किए बिना काम करना मुश्किल हो गया, तब उन्होंने अभिनय से दूरी बनाने का निर्णय लिया।

    कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया पर अपनी पुरानी तस्वीरें साझा करते हुए अपने करियर के विभिन्न पड़ावों को याद किया। उन्होंने बताया कि टेलीविजन की दुनिया में उनका प्रवेश एक ऐसे अवसर से हुआ, जिसने उनके अभिनय जीवन को नई दिशा दी। उन्होंने उस महिला निर्देशक का विशेष रूप से उल्लेख किया, जिन्होंने उनकी पहले से बनी छवि से अलग एक किरदार में उनकी क्षमता को पहचाना और उन पर भरोसा जताया। उसी विश्वास के कारण उन्होंने अपना पहला टेलीविजन शो करने का निर्णय लिया, जिसने उनके लिए नए अवसरों के द्वार खोल दिए।

    उन्होंने कहा कि शुरुआती सफलता के बाद उन्हें कई लोकप्रिय धारावाहिकों में अभिनय करने का मौका मिला। इन परियोजनाओं ने उन्हें एक कलाकार के रूप में पहचान दिलाई और लंबे समय तक वह लगातार काम करती रहीं। इस दौरान उन्हें रचनात्मक संतुष्टि के साथ आर्थिक स्थिरता भी मिली। उन्होंने स्वीकार किया कि वह अपने करियर और निजी जीवन दोनों से संतुष्ट थीं और उस दौर को अपने जीवन का महत्वपूर्ण अध्याय मानती हैं।

    अभिनेत्री ने बताया कि समय के साथ मनोरंजन उद्योग में कई बदलाव आए। नई कार्यशैली और बदलते माहौल ने कलाकारों के लिए परिस्थितियां अलग बना दीं। उनके अनुसार धीरे-धीरे ऐसे अवसर सामने आने लगे, जहां सम्मानजनक व्यवहार की कमी महसूस होने लगी। कई बार छोटे किरदारों और कम पारिश्रमिक के साथ काम करने का दबाव भी बढ़ा। उन्हें यह महसूस होने लगा कि यदि इंडस्ट्री में बने रहना है तो बिना सवाल किए हर तरह की शर्त स्वीकार करनी होगी।

    कल्पना अय्यर ने कहा कि उन्होंने इस स्थिति पर गंभीरता से विचार किया और अपने जीवन के मूल्यों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया। उनके लिए आत्मसम्मान किसी भी पेशेवर अवसर से अधिक महत्वपूर्ण था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह केवल काम करते रहने के लिए अपनी ईमानदारी, गरिमा और सिद्धांतों से समझौता नहीं कर सकती थीं। यही कारण रहा कि उन्होंने अभिनय से दूर होकर जीवन में आगे बढ़ने का फैसला किया।

    उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए यह भी संकेत दिया कि हर कलाकार के सामने ऐसे क्षण आते हैं, जब उसे सफलता और आत्मसम्मान के बीच चुनाव करना पड़ता है। उनके अनुसार किसी भी पेशे में सम्मान और नैतिक मूल्यों का महत्व सबसे अधिक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन में लिए गए कुछ फैसले आसान नहीं होते, लेकिन यदि वे अपने सिद्धांतों की रक्षा करते हैं तो लंबे समय में वही सबसे सही साबित होते हैं।

    कल्पना अय्यर की यह भावनात्मक टिप्पणी मनोरंजन जगत में बदलते कार्य परिवेश और कलाकारों के सामने आने वाली चुनौतियों पर भी ध्यान आकर्षित करती है। उनका मानना है कि किसी भी व्यक्ति की सबसे बड़ी पहचान उसका आत्मसम्मान और उसके मूल्य होते हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने अपने करियर का कठिन लेकिन महत्वपूर्ण फैसला लिया और आज भी उसे सही मानती हैं।

  • दूसरी प्रेग्नेंसी के अंतिम चरण में दीपिका पादुकोण, सोशल मीडिया पोस्ट से साझा की थर्ड ट्राइमेस्टर की चुनौतियां, जल्द घर आएगा नया मेहमान

    दूसरी प्रेग्नेंसी के अंतिम चरण में दीपिका पादुकोण, सोशल मीडिया पोस्ट से साझा की थर्ड ट्राइमेस्टर की चुनौतियां, जल्द घर आएगा नया मेहमान

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी के अंतिम चरण में हैं और जल्द ही अपने दूसरे बच्चे का स्वागत करने वाली हैं। लंबे समय से सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रह रही अभिनेत्री ने सोशल मीडिया पर एक हल्के-फुल्के अंदाज में वीडियो साझा कर अपने प्रशंसकों को प्रेग्नेंसी से जुड़ा नया अपडेट दिया। उनकी इस पोस्ट को बड़ी संख्या में लोगों ने पसंद किया और उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए शुभकामनाएं दीं।

    दीपिका ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें गर्भावस्था की तीसरी तिमाही के दौरान होने वाली सामान्य शारीरिक असुविधाओं को हास्यपूर्ण अंदाज में दिखाया गया है। वीडियो में एक गर्भवती महिला को धीरे-धीरे चलते हुए दिखाया गया है, जो अंतिम महीनों में होने वाली शारीरिक चुनौतियों की झलक पेश करता है। अभिनेत्री ने इस पोस्ट के साथ केवल एक साधारण इमोजी साझा किया, लेकिन बिना अधिक शब्दों के भी उनका संदेश प्रशंसकों तक आसानी से पहुंच गया।

    प्रेग्नेंसी के इस अंतिम दौर में दीपिका की पोस्ट को सोशल मीडिया पर व्यापक प्रतिक्रिया मिली। प्रशंसकों ने उनकी सहज अभिव्यक्ति की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने गर्भावस्था के अनुभव को बेहद स्वाभाविक और सकारात्मक तरीके से साझा किया है। कई लोगों ने उनके स्वस्थ रहने और सुरक्षित डिलीवरी की शुभकामनाएं भी दीं।

    दीपिका पादुकोण और अभिनेता रणवीर सिंह ने इसी वर्ष अप्रैल में दूसरी बार माता-पिता बनने की खुशखबरी साझा की थी। दोनों ने सोशल मीडिया के माध्यम से यह जानकारी अपने प्रशंसकों तक पहुंचाई थी, जिसके बाद फिल्म जगत और उनके चाहने वालों ने उन्हें बधाई दी थी। इससे पहले दोनों ने सितंबर 2024 में अपनी पहली संतान, बेटी दुआ का स्वागत किया था। बेटी के जन्म के बाद भी यह जोड़ी लगातार अपने पारिवारिक जीवन को लेकर चर्चा में रही है।

    गर्भावस्था के दौरान भी दीपिका ने अपने पेशेवर दायित्वों को प्राथमिकता दी। जानकारी के अनुसार उन्होंने अपनी आगामी फिल्म ‘किंग’ की अंतरराष्ट्रीय शूटिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा पूरा किया और उसके बाद भारत लौट आईं। इस फिल्म में उनके साथ शाहरुख खान, सुहाना खान और अभिषेक बच्चन भी प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे। यह फिल्म वर्ष 2026 के अंत में सिनेमाघरों में रिलीज होने की तैयारी में है और इसे लेकर दर्शकों के बीच पहले से ही उत्सुकता बनी हुई है।

    इसके अलावा दीपिका आने वाले समय में कई अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स का भी हिस्सा हैं। बताया जा रहा है कि वह निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘लव एंड वॉर’ में विशेष भूमिका निभाती दिखाई देंगी। साथ ही वह अभिनेता अल्लू अर्जुन की बहुप्रतीक्षित पैन इंडिया फिल्म ‘राका’ से भी जुड़ी हुई हैं। हालांकि फिलहाल अभिनेत्री अपना अधिकतर समय परिवार और स्वास्थ्य पर केंद्रित कर रही हैं।

    दीपिका पादुकोण की हालिया सोशल मीडिया पोस्ट ने यह भी दिखाया कि वह अपने निजी अनुभवों को प्रशंसकों के साथ सहजता से साझा करना पसंद करती हैं। उनकी यह सादगी और सकारात्मक प्रस्तुति लोगों को पसंद आई है। अब उनके प्रशंसक बेसब्री से उस पल का इंतजार कर रहे हैं, जब दीपिका और रणवीर अपने दूसरे बच्चे के आगमन की खुशखबरी साझा करेंगे।

  • रियल्टी सेक्टर में Oberoi Realty की मजबूत उड़ान, तकनीकी संकेतों से बढ़ा भरोसा; जानकारों ने ₹2,000 से ऊपर का लक्ष्य बताया

    रियल्टी सेक्टर में Oberoi Realty की मजबूत उड़ान, तकनीकी संकेतों से बढ़ा भरोसा; जानकारों ने ₹2,000 से ऊपर का लक्ष्य बताया

    नई दिल्ली । शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच रियल एस्टेट क्षेत्र की प्रमुख कंपनी Oberoi Realty के शेयर निवेशकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। कंपनी के शेयरों में लगातार खरीदारी देखने को मिल रही है, जिसके चलते स्टॉक ने हाल ही में अपना नया 52-वीक हाई दर्ज किया है। बाजार खुलने के बाद भी शेयर मजबूती के साथ कारोबार करता दिखाई दिया और निवेशकों का भरोसा इस काउंटर पर बना रहा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा तकनीकी संकेत आगे भी तेजी की संभावना की ओर इशारा कर रहे हैं।

    शुरुआती कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर लगभग 1.60 प्रतिशत की बढ़त के साथ करीब ₹1,904 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया। हाल के दिनों में स्टॉक ने जिस तरह लगातार ऊंचे स्तर बनाए हैं, उससे यह संकेत मिल रहा है कि निवेशकों की दिलचस्पी इस शेयर में लगातार बढ़ रही है। मजबूत खरीदारी और सकारात्मक बाजार धारणा ने शेयर की चाल को और मजबूती दी है।

    तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार Oberoi Realty के साप्ताहिक चार्ट पर Inverse Head & Shoulders पैटर्न विकसित होता दिखाई दे रहा है। यह पैटर्न आमतौर पर तेजी का संकेत माना जाता है और इसके बनने के बाद स्टॉक में आगे भी अच्छी बढ़त देखने की संभावना रहती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि शेयर इस संरचना की पुष्टि करता है तो आने वाले समय में इसमें नई तेजी का दौर शुरू हो सकता है।

    बाजार जानकारों का मानना है कि शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स के लिए यह स्टॉक अवसर प्रदान कर सकता है। उनका कहना है कि यदि मौजूदा तेजी बरकरार रहती है और शेयर महत्वपूर्ण स्तरों के ऊपर टिकने में सफल रहता है तो निकट अवधि में इसका भाव ₹2,000 के स्तर को पार कर सकता है। हालांकि किसी भी निवेश निर्णय से पहले जोखिम प्रबंधन और उचित स्टॉप-लॉस का पालन करना आवश्यक माना गया है।

    विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी शेयर में केवल तकनीकी संकेतों के आधार पर निवेश करना पर्याप्त नहीं होता। निवेशकों को कंपनी के मूलभूत प्रदर्शन, रियल एस्टेट सेक्टर की स्थिति, आर्थिक माहौल और बाजार की समग्र दिशा पर भी ध्यान देना चाहिए। यदि व्यापक बाजार में सकारात्मक माहौल बना रहता है तो ऐसे मजबूत शेयरों में निवेशकों की रुचि और बढ़ सकती है।

    रियल एस्टेट सेक्टर में पिछले कुछ समय से बेहतर गतिविधियां देखने को मिली हैं, जिसका लाभ कई सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों को मिला है। Oberoi Realty भी इसी सकारात्मक माहौल का फायदा उठाने वाली प्रमुख कंपनियों में शामिल है। कंपनी के शेयरों में लगातार बनी हुई मजबूती यह संकेत देती है कि बाजार प्रतिभागी इसके भविष्य को लेकर आशावादी नजर आ रहे हैं। हालांकि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक प्रक्रिया है, इसलिए निवेशकों को किसी भी प्रकार का निर्णय सोच-समझकर और अपने वित्तीय लक्ष्यों के अनुरूप ही लेना चाहिए। आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की निगाह इस बात पर रहेगी कि क्या Oberoi Realty का शेयर ₹2,000 के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर नई ऊंचाई हासिल करने में सफल होता है या नहीं।

  • आईटी शेयरों की दमदार खरीदारी से बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा उछला, निफ्टी ने फिर पार किया 24,200 का अहम स्तर

    आईटी शेयरों की दमदार खरीदारी से बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा उछला, निफ्टी ने फिर पार किया 24,200 का अहम स्तर

    नई दिल्ली । भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में मजबूती का माहौल देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में निवेशकों की मजबूत खरीदारी के चलते सेंसेक्स 700 अंक से अधिक उछल गया, जबकि निफ्टी ने 24,200 के स्तर को फिर से पार कर लिया। बाजार में यह तेजी केवल चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि आईटी, मेटल, ऑयल एंड गैस, ऑटो और वित्तीय क्षेत्र के कई प्रमुख शेयरों में भी अच्छी खरीदारी दर्ज की गई। इससे निवेशकों का भरोसा एक बार फिर मजबूत होता दिखाई दिया।

    बाजार की इस तेजी में सबसे बड़ा योगदान आईटी सेक्टर का रहा। प्रमुख आईटी कंपनियों के बेहतर कारोबारी संकेतों और सकारात्मक तिमाही प्रदर्शन की उम्मीदों ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया। इसका असर यह रहा कि आईटी क्षेत्र के बड़े शेयरों में शुरुआती कारोबार से ही मजबूत खरीदारी देखने को मिली। इस तेजी का प्रभाव निफ्टी आईटी इंडेक्स पर भी स्पष्ट दिखाई दिया, जिसमें उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की गई। इससे पूरे बाजार का निवेशक मनोबल मजबूत हुआ और अन्य क्षेत्रों में भी खरीदारी का रुख बना रहा।

    आईटी क्षेत्र की मजबूती के साथ-साथ मेटल और ऑयल एंड गैस सेक्टर के शेयरों ने भी बाजार को सहारा दिया। धातु कंपनियों में बढ़ती खरीदारी और ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में निवेशकों की सक्रियता ने बाजार की व्यापक मजबूती को और बल दिया। बड़े औद्योगिक समूहों के शेयरों में भी अच्छी तेजी दर्ज की गई, जिससे प्रमुख सूचकांकों को अतिरिक्त समर्थन मिला। ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयरों में भी सकारात्मक कारोबार देखने को मिला और कई दिग्गज कंपनियों के शेयर हरे निशान में कारोबार करते रहे।

    वित्तीय क्षेत्र की कुछ प्रमुख गैर-बैंकिंग कंपनियों में भी निवेशकों की रुचि बनी रही। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कॉरपोरेट नतीजे उम्मीद के अनुरूप आते हैं और वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलते रहते हैं तो घरेलू शेयर बाजार में यह मजबूती आगे भी जारी रह सकती है। लगातार दूसरे दिन आई तेजी ने यह संकेत दिया है कि हाल की गिरावट के बाद निवेशक फिर से गुणवत्ता वाले शेयरों में निवेश करने के लिए सक्रिय हो रहे हैं।

    तकनीकी विश्लेषण के अनुसार निफ्टी के लिए 24,100 का स्तर फिलहाल महत्वपूर्ण सपोर्ट के रूप में उभरकर सामने आया है। जब तक सूचकांक इस स्तर के ऊपर बना रहता है, तब तक बाजार में सकारात्मक रुझान जारी रहने की संभावना बनी रह सकती है। यदि खरीदारी का यह सिलसिला आगे भी कायम रहता है तो निफ्टी आने वाले कारोबारी सत्रों में नए ऊंचे स्तरों की ओर बढ़ सकता है। हालांकि बाजार विशेषज्ञ निवेशकों को वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, तिमाही नतीजों और अन्य प्रमुख आर्थिक संकेतकों पर भी लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं।

    कारोबार के शुरुआती घंटों में दिखी व्यापक खरीदारी ने यह संकेत दिया कि निवेशकों का भरोसा धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में संतुलित तेजी और बड़े शेयरों में निवेशकों की सक्रिय भागीदारी से बाजार का समग्र वातावरण सकारात्मक बना रहा। आने वाले दिनों में कंपनियों के तिमाही परिणाम और वैश्विक बाजारों से मिलने वाले संकेत यह तय करेंगे कि घरेलू शेयर बाजार अपनी इस तेजी को कितनी मजबूती के साथ आगे बढ़ा पाता है।