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  • सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की रेनोवेशन के खिलाफ याचिका, 'मन्नत' में प्रस्तावित बदलावों को मिली कानूनी मंजूरी; नियमों के तहत निर्माण पर लगी मुहर

    सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की रेनोवेशन के खिलाफ याचिका, 'मन्नत' में प्रस्तावित बदलावों को मिली कानूनी मंजूरी; नियमों के तहत निर्माण पर लगी मुहर

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान और उनकी पत्नी गौरी खान को उनके मुंबई स्थित प्रतिष्ठित बंगले ‘मन्नत’ के रेनोवेशन मामले में महत्वपूर्ण कानूनी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें बंगले के प्रस्तावित पुनर्विकास और अतिरिक्त निर्माण को चुनौती दी गई थी। शीर्ष अदालत के इस फैसले के बाद अब रेनोवेशन योजना के तहत प्रस्तावित बदलावों और दो नई मंजिलों के निर्माण का मार्ग पूरी तरह साफ हो गया है। यह फैसला लंबे समय से चल रही कानूनी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

    मामला मुंबई के बांद्रा स्थित शाहरुख खान के बंगले ‘मन्नत’ में प्रस्तावित निर्माण से जुड़ा था। योजना के अनुसार इमारत में सातवीं और आठवीं मंजिल जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया था। इसके लिए संबंधित वैधानिक प्राधिकरण से आवश्यक अनुमति भी प्राप्त की गई थी। हालांकि, इस मंजूरी को चुनौती देते हुए एक याचिका दायर की गई थी, जिसमें निर्माण को तटीय क्षेत्र से जुड़े नियमों के विरुद्ध बताया गया था। याचिकाकर्ता का तर्क था कि प्रस्तावित निर्माण पर्यावरणीय मानकों और नियामकीय प्रक्रियाओं के अनुरूप नहीं है।

    इससे पहले यह विवाद राष्ट्रीय हरित अधिकरण तक भी पहुंचा था। वहां याचिका पर विस्तृत सुनवाई के बाद अधिकरण ने संबंधित प्राधिकरणों द्वारा दी गई अनुमति को वैध मानते हुए चुनौती को खारिज कर दिया था। इसके बाद इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की गई, जहां मामले की दोबारा सुनवाई हुई। शीर्ष अदालत ने उपलब्ध रिकॉर्ड, अनुमति प्रक्रिया और संबंधित नियमों का परीक्षण करने के बाद हस्तक्षेप से इनकार कर दिया।

    सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने स्पष्ट किया कि जब सक्षम प्राधिकरण निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत अनुमति दे चुके हैं और रिकॉर्ड में किसी स्पष्ट कानूनी त्रुटि का आधार नहीं है, तब न्यायालय के हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं बनती। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति की लोकप्रियता या सार्वजनिक पहचान न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित नहीं करती। न्यायालय का निर्णय केवल उपलब्ध तथ्यों, कानून और नियमों के आधार पर लिया गया है।

    इस फैसले के साथ अब ‘मन्नत’ के रेनोवेशन की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य भवन की संरचना और उपयोगिता को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करना बताया गया है। आवश्यक अनुमतियों के अनुरूप निर्माण कार्य किए जाने की संभावना है। हालांकि, संबंधित सभी गतिविधियां निर्धारित नियमों और स्वीकृत शर्तों के अनुसार ही पूरी की जाएंगी।

    मुंबई के प्रमुख स्थलों में शामिल ‘मन्नत’ केवल एक निजी आवास नहीं, बल्कि शाहरुख खान के प्रशंसकों के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र है। अभिनेता के जन्मदिन सहित कई अवसरों पर देश और विदेश से बड़ी संख्या में प्रशंसक उनके निवास के बाहर पहुंचते हैं। वर्षों से यह बंगला मुंबई के सबसे चर्चित और पहचान वाले स्थलों में शामिल रहा है और फिल्म प्रेमियों के बीच इसकी अलग पहचान बनी हुई है।

    इस बीच शाहरुख खान अपने आगामी फिल्मी प्रोजेक्ट्स को लेकर भी चर्चा में हैं। अभिनेता जल्द ही निर्देशक सिद्धार्थ आनंद की फिल्म ‘किंग’ में नजर आएंगे। ऐसे समय में ‘मन्नत’ से जुड़े मामले में मिला यह कानूनी फैसला उनके लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। अदालत के निर्णय के बाद अब रेनोवेशन परियोजना को लेकर बनी अनिश्चितता समाप्त हो गई है और निर्धारित योजना के अनुरूप आगे की प्रक्रिया पूरी किए जाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

  • 10 महीनों में 50 लाख यूजर्स का आंकड़ा पार, 'अदाणी वन' ऐप ने एयरपोर्ट लॉयल्टी प्रोग्राम में बनाई मजबूत पहचान, यात्रियों के लिए जल्द आएंगी नई प्रीमियम सुविधाएं

    10 महीनों में 50 लाख यूजर्स का आंकड़ा पार, 'अदाणी वन' ऐप ने एयरपोर्ट लॉयल्टी प्रोग्राम में बनाई मजबूत पहचान, यात्रियों के लिए जल्द आएंगी नई प्रीमियम सुविधाएं

    नई दिल्ली । देश में तेजी से बढ़ते डिजिटल एयरपोर्ट इकोसिस्टम के बीच अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड के कंज्यूमर ऐप ‘अदाणी वन’ ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी के एयरपोर्ट लॉयल्टी प्रोग्राम ‘अदाणी रिवार्ड्स’ ने लॉन्च होने के महज 10 महीनों के भीतर 50 लाख सदस्यों का आंकड़ा पार कर लिया है। यह उपलब्धि इस बात का संकेत मानी जा रही है कि यात्रियों के बीच डिजिटल सेवाओं और रिवार्ड आधारित सुविधाओं की स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है। कंपनी का मानना है कि यह बढ़ती भागीदारी यात्रियों को अधिक सुविधाजनक, तेज और लाभकारी एयरपोर्ट अनुभव उपलब्ध कराने की दिशा में सकारात्मक संकेत देती है।

    ‘अदाणी रिवार्ड्स’ देश के सात राज्यों में स्थित अदाणी एयरपोर्ट्स द्वारा संचालित सभी आठ एयरपोर्ट पर उपलब्ध है। इस कार्यक्रम के तहत यात्री ‘अदाणी वन’ ऐप के माध्यम से एयरपोर्ट परिसर में खरीदारी, खानपान और अन्य सेवाओं का उपयोग करते समय रिवार्ड पॉइंट अर्जित कर सकते हैं। बाद में इन पॉइंट्स का उपयोग विभिन्न सुविधाओं और विशेष लाभों के लिए किया जा सकता है। इससे यात्रियों को अपनी नियमित यात्रा के दौरान अतिरिक्त लाभ प्राप्त करने का अवसर मिलता है।

    कंपनी के अनुसार, डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से यात्रियों को एकीकृत सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास लगातार किया जा रहा है। ऐप के जरिए टिकट, एयरपोर्ट सेवाएं और रिवार्ड सिस्टम को एक ही मंच पर उपलब्ध कराने से उपयोगकर्ताओं का अनुभव अधिक सरल और सुविधाजनक बना है। यही वजह है कि कम समय में बड़ी संख्या में लोगों ने इस प्लेटफॉर्म को अपनाया है और लॉयल्टी प्रोग्राम से जुड़ना पसंद किया है।

    कंपनी ने यह भी जानकारी दी है कि वर्ष के अंत तक टियर-बेस्ड मेंबरशिप मॉडल शुरू करने की योजना बनाई गई है। इस नई व्यवस्था के तहत नियमित और अधिक यात्रा करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त लाभ, विशेष सुविधाएं और उनकी जरूरतों के अनुरूप व्यक्तिगत सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे यात्रियों की भागीदारी बढ़ाने के साथ-साथ एयरपोर्ट अनुभव को और बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

    कंपनी के प्रतिनिधियों का कहना है कि 50 लाख सदस्यों का आंकड़ा पार करना ‘अदाणी रिवार्ड्स’ के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। आने वाले समय में नए फीचर्स, बेहतर ऑफर्स और अतिरिक्त सुविधाएं जोड़ी जाएंगी ताकि अधिक से अधिक यात्री इस प्लेटफॉर्म से जुड़ सकें। कंपनी का उद्देश्य अपने सभी एयरपोर्ट पर यात्रियों को एक समान और आधुनिक डिजिटल अनुभव प्रदान करना है।

    यात्रियों के लिए इस प्रोग्राम से जुड़ना भी काफी आसान बनाया गया है। एयरपोर्ट पर खरीदारी या अन्य सेवाओं का उपयोग करते समय केवल मोबाइल नंबर के माध्यम से तुरंत सदस्यता ली जा सकती है। इसके बाद अर्जित रिवार्ड पॉइंट्स का उपयोग मुफ्त खानपान, प्रीमियम एयरपोर्ट सेवाओं और अन्य विशेष सुविधाओं के लिए किया जा सकता है। इससे यात्रियों को नियमित यात्रा के दौरान अतिरिक्त मूल्य प्राप्त होता है।

    कंपनी ने यह भी बताया कि दिवाली, विंटरफेस्ट और समर कार्निवल जैसे विशेष अभियान उपयोगकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाने में प्रभावी साबित हुए हैं। इन अभियानों के दौरान विशेष ऑफर्स और चुनिंदा अनुभव उपलब्ध कराए गए, जिससे ऐप के उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। वर्तमान में कंपनी मुंबई, अहमदाबाद, लखनऊ, जयपुर, मंगलुरु, गुवाहाटी, तिरुवनंतपुरम और नवी मुंबई सहित आठ एयरपोर्ट का संचालन कर रही है। आने वाले महीनों में लॉयल्टी प्रोग्राम का और विस्तार कर यात्रियों को अधिक डिजिटल सुविधाएं और बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना पर काम किया जा रहा है।

  • अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने घटाया एटीएंडसी लॉस, हजारों छापों से करोड़ों की चोरी का हुआ खुलासा

    अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने घटाया एटीएंडसी लॉस, हजारों छापों से करोड़ों की चोरी का हुआ खुलासा


    नई दिल्ली ।
    बिजली चोरी के खिलाफ लगातार चलाए गए सघन अभियान का असर अब बिजली वितरण व्यवस्था के प्रदर्शन में भी दिखाई देने लगा है। अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान अपने एग्रीगेट टेक्निकल एंड कमर्शियल (एटीएंडसी) लॉस को घटाकर 4.46 प्रतिशत तक पहुंचाने का दावा किया है। कंपनी के अनुसार यह पिछले वित्त वर्ष की तुलना में बेहतर प्रदर्शन है और इससे वितरण प्रणाली की दक्षता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

    कंपनी का कहना है कि एटीएंडसी लॉस में आई कमी का सीधा लाभ उन उपभोक्ताओं को मिलेगा जो नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान करते हैं। बिजली चोरी कम होने से वितरण कंपनियों पर वित्तीय दबाव घटता है, जिससे नेटवर्क को बेहतर बनाने और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण सेवा उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। साथ ही बिजली आपूर्ति व्यवस्था भी अधिक स्थिर और विश्वसनीय बनती है।

    बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए पूरे वर्ष बड़े स्तर पर विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान हजारों स्थानों पर छापेमारी की गई और चोरी के मामलों में सैकड़ों प्राथमिकी दर्ज कराई गईं। अभियान के दौरान सुबह, देर शाम और अवकाश के दिनों में भी विशेष कार्रवाई की गई, ताकि चोरी के ऐसे मामलों को रोका जा सके जो सामान्य निरीक्षण के दौरान सामने नहीं आ पाते।

    जांच के दौरान बड़ी मात्रा में अवैध बिजली खपत का पता चला। इसके साथ ही बिजली चोरी में इस्तेमाल किए जा रहे भारी मात्रा में अवैध तार और अन्य उपकरण भी जब्त किए गए। कंपनी का कहना है कि इस कार्रवाई से करोड़ों रुपये मूल्य की अवैध बिजली खपत का खुलासा हुआ, जिससे वितरण व्यवस्था को होने वाले आर्थिक नुकसान को कम करने में मदद मिली।

    अभियान के दौरान औद्योगिक गतिविधियों से जुड़े कुछ बड़े मामलों का भी पता चला, जहां कथित रूप से सीधे बिजली आपूर्ति का उपयोग कर अवैध तरीके से बिजली का इस्तेमाल किया जा रहा था। ऐसे मामलों में संबंधित स्थानों पर कार्रवाई करते हुए अवैध कनेक्शन हटाए गए और कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। कंपनी का कहना है कि इस प्रकार की कार्रवाई भविष्य में बिजली चोरी पर प्रभावी रोक लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि बिजली चोरी केवल आर्थिक नुकसान का विषय नहीं है, बल्कि इससे पूरे वितरण नेटवर्क पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। अधिक भार के कारण ट्रांसफॉर्मर, केबल और अन्य उपकरणों के खराब होने की संभावना बढ़ जाती है। विशेष रूप से अधिक मांग वाले घनी आबादी वाले क्षेत्रों में इसका असर बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और रखरखाव लागत दोनों पर पड़ता है।

    बिजली अधिनियम के प्रावधानों के तहत बिजली चोरी को गंभीर अपराध माना गया है। दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ जुर्माना, कारावास अथवा दोनों प्रकार की कार्रवाई का प्रावधान है। इसी कारण कंपनी स्थानीय प्रशासन और पुलिस के सहयोग से नियमित संयुक्त अभियान चलाकर ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है।

    कंपनी का मानना है कि बिजली चोरी पर प्रभावी नियंत्रण से न केवल वितरण प्रणाली अधिक मजबूत होगी, बल्कि उपभोक्ताओं को प्रतिस्पर्धी दरों पर बेहतर सेवा उपलब्ध कराने में भी सहायता मिलेगी। आने वाले समय में भी विशेष निगरानी अभियान जारी रखने की योजना है, ताकि एटीएंडसी लॉस को और कम किया जा सके तथा बिजली वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और सक्षम बनाया जा सके।

  • 'आत्मसम्मान से कभी समझौता नहीं किया', इंडस्ट्री के कठिन दौर को याद कर छलका कल्पना अय्यर का दर्द, सम्मान बचाने के लिए छोड़ दिया अभिनय

    'आत्मसम्मान से कभी समझौता नहीं किया', इंडस्ट्री के कठिन दौर को याद कर छलका कल्पना अय्यर का दर्द, सम्मान बचाने के लिए छोड़ दिया अभिनय

    नई दिल्ली । अभिनेत्री कल्पना अय्यर ने अपने लंबे अभिनय सफर और उससे जुड़े संघर्षों को याद करते हुए बताया कि उन्होंने अपने करियर में कई कठिन दौर देखे, लेकिन कभी भी आत्मसम्मान और सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उन्होंने कहा कि मनोरंजन जगत में काम करना उनके लिए केवल पेशा नहीं था, बल्कि अपने मूल्यों के साथ आगे बढ़ने का माध्यम भी था। जब परिस्थितियां ऐसी बनने लगीं कि सम्मान से समझौता किए बिना काम करना मुश्किल हो गया, तब उन्होंने अभिनय से दूरी बनाने का निर्णय लिया।

    कल्पना अय्यर ने सोशल मीडिया पर अपनी पुरानी तस्वीरें साझा करते हुए अपने करियर के विभिन्न पड़ावों को याद किया। उन्होंने बताया कि टेलीविजन की दुनिया में उनका प्रवेश एक ऐसे अवसर से हुआ, जिसने उनके अभिनय जीवन को नई दिशा दी। उन्होंने उस महिला निर्देशक का विशेष रूप से उल्लेख किया, जिन्होंने उनकी पहले से बनी छवि से अलग एक किरदार में उनकी क्षमता को पहचाना और उन पर भरोसा जताया। उसी विश्वास के कारण उन्होंने अपना पहला टेलीविजन शो करने का निर्णय लिया, जिसने उनके लिए नए अवसरों के द्वार खोल दिए।

    उन्होंने कहा कि शुरुआती सफलता के बाद उन्हें कई लोकप्रिय धारावाहिकों में अभिनय करने का मौका मिला। इन परियोजनाओं ने उन्हें एक कलाकार के रूप में पहचान दिलाई और लंबे समय तक वह लगातार काम करती रहीं। इस दौरान उन्हें रचनात्मक संतुष्टि के साथ आर्थिक स्थिरता भी मिली। उन्होंने स्वीकार किया कि वह अपने करियर और निजी जीवन दोनों से संतुष्ट थीं और उस दौर को अपने जीवन का महत्वपूर्ण अध्याय मानती हैं।

    अभिनेत्री ने बताया कि समय के साथ मनोरंजन उद्योग में कई बदलाव आए। नई कार्यशैली और बदलते माहौल ने कलाकारों के लिए परिस्थितियां अलग बना दीं। उनके अनुसार धीरे-धीरे ऐसे अवसर सामने आने लगे, जहां सम्मानजनक व्यवहार की कमी महसूस होने लगी। कई बार छोटे किरदारों और कम पारिश्रमिक के साथ काम करने का दबाव भी बढ़ा। उन्हें यह महसूस होने लगा कि यदि इंडस्ट्री में बने रहना है तो बिना सवाल किए हर तरह की शर्त स्वीकार करनी होगी।

    कल्पना अय्यर ने कहा कि उन्होंने इस स्थिति पर गंभीरता से विचार किया और अपने जीवन के मूल्यों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया। उनके लिए आत्मसम्मान किसी भी पेशेवर अवसर से अधिक महत्वपूर्ण था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह केवल काम करते रहने के लिए अपनी ईमानदारी, गरिमा और सिद्धांतों से समझौता नहीं कर सकती थीं। यही कारण रहा कि उन्होंने अभिनय से दूर होकर जीवन में आगे बढ़ने का फैसला किया।

    उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए यह भी संकेत दिया कि हर कलाकार के सामने ऐसे क्षण आते हैं, जब उसे सफलता और आत्मसम्मान के बीच चुनाव करना पड़ता है। उनके अनुसार किसी भी पेशे में सम्मान और नैतिक मूल्यों का महत्व सबसे अधिक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन में लिए गए कुछ फैसले आसान नहीं होते, लेकिन यदि वे अपने सिद्धांतों की रक्षा करते हैं तो लंबे समय में वही सबसे सही साबित होते हैं।

    कल्पना अय्यर की यह भावनात्मक टिप्पणी मनोरंजन जगत में बदलते कार्य परिवेश और कलाकारों के सामने आने वाली चुनौतियों पर भी ध्यान आकर्षित करती है। उनका मानना है कि किसी भी व्यक्ति की सबसे बड़ी पहचान उसका आत्मसम्मान और उसके मूल्य होते हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने अपने करियर का कठिन लेकिन महत्वपूर्ण फैसला लिया और आज भी उसे सही मानती हैं।

  • दूसरी प्रेग्नेंसी के अंतिम चरण में दीपिका पादुकोण, सोशल मीडिया पोस्ट से साझा की थर्ड ट्राइमेस्टर की चुनौतियां, जल्द घर आएगा नया मेहमान

    दूसरी प्रेग्नेंसी के अंतिम चरण में दीपिका पादुकोण, सोशल मीडिया पोस्ट से साझा की थर्ड ट्राइमेस्टर की चुनौतियां, जल्द घर आएगा नया मेहमान

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी के अंतिम चरण में हैं और जल्द ही अपने दूसरे बच्चे का स्वागत करने वाली हैं। लंबे समय से सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रह रही अभिनेत्री ने सोशल मीडिया पर एक हल्के-फुल्के अंदाज में वीडियो साझा कर अपने प्रशंसकों को प्रेग्नेंसी से जुड़ा नया अपडेट दिया। उनकी इस पोस्ट को बड़ी संख्या में लोगों ने पसंद किया और उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए शुभकामनाएं दीं।

    दीपिका ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें गर्भावस्था की तीसरी तिमाही के दौरान होने वाली सामान्य शारीरिक असुविधाओं को हास्यपूर्ण अंदाज में दिखाया गया है। वीडियो में एक गर्भवती महिला को धीरे-धीरे चलते हुए दिखाया गया है, जो अंतिम महीनों में होने वाली शारीरिक चुनौतियों की झलक पेश करता है। अभिनेत्री ने इस पोस्ट के साथ केवल एक साधारण इमोजी साझा किया, लेकिन बिना अधिक शब्दों के भी उनका संदेश प्रशंसकों तक आसानी से पहुंच गया।

    प्रेग्नेंसी के इस अंतिम दौर में दीपिका की पोस्ट को सोशल मीडिया पर व्यापक प्रतिक्रिया मिली। प्रशंसकों ने उनकी सहज अभिव्यक्ति की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने गर्भावस्था के अनुभव को बेहद स्वाभाविक और सकारात्मक तरीके से साझा किया है। कई लोगों ने उनके स्वस्थ रहने और सुरक्षित डिलीवरी की शुभकामनाएं भी दीं।

    दीपिका पादुकोण और अभिनेता रणवीर सिंह ने इसी वर्ष अप्रैल में दूसरी बार माता-पिता बनने की खुशखबरी साझा की थी। दोनों ने सोशल मीडिया के माध्यम से यह जानकारी अपने प्रशंसकों तक पहुंचाई थी, जिसके बाद फिल्म जगत और उनके चाहने वालों ने उन्हें बधाई दी थी। इससे पहले दोनों ने सितंबर 2024 में अपनी पहली संतान, बेटी दुआ का स्वागत किया था। बेटी के जन्म के बाद भी यह जोड़ी लगातार अपने पारिवारिक जीवन को लेकर चर्चा में रही है।

    गर्भावस्था के दौरान भी दीपिका ने अपने पेशेवर दायित्वों को प्राथमिकता दी। जानकारी के अनुसार उन्होंने अपनी आगामी फिल्म ‘किंग’ की अंतरराष्ट्रीय शूटिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा पूरा किया और उसके बाद भारत लौट आईं। इस फिल्म में उनके साथ शाहरुख खान, सुहाना खान और अभिषेक बच्चन भी प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे। यह फिल्म वर्ष 2026 के अंत में सिनेमाघरों में रिलीज होने की तैयारी में है और इसे लेकर दर्शकों के बीच पहले से ही उत्सुकता बनी हुई है।

    इसके अलावा दीपिका आने वाले समय में कई अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स का भी हिस्सा हैं। बताया जा रहा है कि वह निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘लव एंड वॉर’ में विशेष भूमिका निभाती दिखाई देंगी। साथ ही वह अभिनेता अल्लू अर्जुन की बहुप्रतीक्षित पैन इंडिया फिल्म ‘राका’ से भी जुड़ी हुई हैं। हालांकि फिलहाल अभिनेत्री अपना अधिकतर समय परिवार और स्वास्थ्य पर केंद्रित कर रही हैं।

    दीपिका पादुकोण की हालिया सोशल मीडिया पोस्ट ने यह भी दिखाया कि वह अपने निजी अनुभवों को प्रशंसकों के साथ सहजता से साझा करना पसंद करती हैं। उनकी यह सादगी और सकारात्मक प्रस्तुति लोगों को पसंद आई है। अब उनके प्रशंसक बेसब्री से उस पल का इंतजार कर रहे हैं, जब दीपिका और रणवीर अपने दूसरे बच्चे के आगमन की खुशखबरी साझा करेंगे।

  • रियल्टी सेक्टर में Oberoi Realty की मजबूत उड़ान, तकनीकी संकेतों से बढ़ा भरोसा; जानकारों ने ₹2,000 से ऊपर का लक्ष्य बताया

    रियल्टी सेक्टर में Oberoi Realty की मजबूत उड़ान, तकनीकी संकेतों से बढ़ा भरोसा; जानकारों ने ₹2,000 से ऊपर का लक्ष्य बताया

    नई दिल्ली । शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच रियल एस्टेट क्षेत्र की प्रमुख कंपनी Oberoi Realty के शेयर निवेशकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। कंपनी के शेयरों में लगातार खरीदारी देखने को मिल रही है, जिसके चलते स्टॉक ने हाल ही में अपना नया 52-वीक हाई दर्ज किया है। बाजार खुलने के बाद भी शेयर मजबूती के साथ कारोबार करता दिखाई दिया और निवेशकों का भरोसा इस काउंटर पर बना रहा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा तकनीकी संकेत आगे भी तेजी की संभावना की ओर इशारा कर रहे हैं।

    शुरुआती कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर लगभग 1.60 प्रतिशत की बढ़त के साथ करीब ₹1,904 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया। हाल के दिनों में स्टॉक ने जिस तरह लगातार ऊंचे स्तर बनाए हैं, उससे यह संकेत मिल रहा है कि निवेशकों की दिलचस्पी इस शेयर में लगातार बढ़ रही है। मजबूत खरीदारी और सकारात्मक बाजार धारणा ने शेयर की चाल को और मजबूती दी है।

    तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार Oberoi Realty के साप्ताहिक चार्ट पर Inverse Head & Shoulders पैटर्न विकसित होता दिखाई दे रहा है। यह पैटर्न आमतौर पर तेजी का संकेत माना जाता है और इसके बनने के बाद स्टॉक में आगे भी अच्छी बढ़त देखने की संभावना रहती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि शेयर इस संरचना की पुष्टि करता है तो आने वाले समय में इसमें नई तेजी का दौर शुरू हो सकता है।

    बाजार जानकारों का मानना है कि शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स के लिए यह स्टॉक अवसर प्रदान कर सकता है। उनका कहना है कि यदि मौजूदा तेजी बरकरार रहती है और शेयर महत्वपूर्ण स्तरों के ऊपर टिकने में सफल रहता है तो निकट अवधि में इसका भाव ₹2,000 के स्तर को पार कर सकता है। हालांकि किसी भी निवेश निर्णय से पहले जोखिम प्रबंधन और उचित स्टॉप-लॉस का पालन करना आवश्यक माना गया है।

    विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी शेयर में केवल तकनीकी संकेतों के आधार पर निवेश करना पर्याप्त नहीं होता। निवेशकों को कंपनी के मूलभूत प्रदर्शन, रियल एस्टेट सेक्टर की स्थिति, आर्थिक माहौल और बाजार की समग्र दिशा पर भी ध्यान देना चाहिए। यदि व्यापक बाजार में सकारात्मक माहौल बना रहता है तो ऐसे मजबूत शेयरों में निवेशकों की रुचि और बढ़ सकती है।

    रियल एस्टेट सेक्टर में पिछले कुछ समय से बेहतर गतिविधियां देखने को मिली हैं, जिसका लाभ कई सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों को मिला है। Oberoi Realty भी इसी सकारात्मक माहौल का फायदा उठाने वाली प्रमुख कंपनियों में शामिल है। कंपनी के शेयरों में लगातार बनी हुई मजबूती यह संकेत देती है कि बाजार प्रतिभागी इसके भविष्य को लेकर आशावादी नजर आ रहे हैं। हालांकि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक प्रक्रिया है, इसलिए निवेशकों को किसी भी प्रकार का निर्णय सोच-समझकर और अपने वित्तीय लक्ष्यों के अनुरूप ही लेना चाहिए। आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की निगाह इस बात पर रहेगी कि क्या Oberoi Realty का शेयर ₹2,000 के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर नई ऊंचाई हासिल करने में सफल होता है या नहीं।

  • आईटी शेयरों की दमदार खरीदारी से बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा उछला, निफ्टी ने फिर पार किया 24,200 का अहम स्तर

    आईटी शेयरों की दमदार खरीदारी से बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा उछला, निफ्टी ने फिर पार किया 24,200 का अहम स्तर

    नई दिल्ली । भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में मजबूती का माहौल देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में निवेशकों की मजबूत खरीदारी के चलते सेंसेक्स 700 अंक से अधिक उछल गया, जबकि निफ्टी ने 24,200 के स्तर को फिर से पार कर लिया। बाजार में यह तेजी केवल चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि आईटी, मेटल, ऑयल एंड गैस, ऑटो और वित्तीय क्षेत्र के कई प्रमुख शेयरों में भी अच्छी खरीदारी दर्ज की गई। इससे निवेशकों का भरोसा एक बार फिर मजबूत होता दिखाई दिया।

    बाजार की इस तेजी में सबसे बड़ा योगदान आईटी सेक्टर का रहा। प्रमुख आईटी कंपनियों के बेहतर कारोबारी संकेतों और सकारात्मक तिमाही प्रदर्शन की उम्मीदों ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया। इसका असर यह रहा कि आईटी क्षेत्र के बड़े शेयरों में शुरुआती कारोबार से ही मजबूत खरीदारी देखने को मिली। इस तेजी का प्रभाव निफ्टी आईटी इंडेक्स पर भी स्पष्ट दिखाई दिया, जिसमें उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की गई। इससे पूरे बाजार का निवेशक मनोबल मजबूत हुआ और अन्य क्षेत्रों में भी खरीदारी का रुख बना रहा।

    आईटी क्षेत्र की मजबूती के साथ-साथ मेटल और ऑयल एंड गैस सेक्टर के शेयरों ने भी बाजार को सहारा दिया। धातु कंपनियों में बढ़ती खरीदारी और ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में निवेशकों की सक्रियता ने बाजार की व्यापक मजबूती को और बल दिया। बड़े औद्योगिक समूहों के शेयरों में भी अच्छी तेजी दर्ज की गई, जिससे प्रमुख सूचकांकों को अतिरिक्त समर्थन मिला। ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयरों में भी सकारात्मक कारोबार देखने को मिला और कई दिग्गज कंपनियों के शेयर हरे निशान में कारोबार करते रहे।

    वित्तीय क्षेत्र की कुछ प्रमुख गैर-बैंकिंग कंपनियों में भी निवेशकों की रुचि बनी रही। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कॉरपोरेट नतीजे उम्मीद के अनुरूप आते हैं और वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलते रहते हैं तो घरेलू शेयर बाजार में यह मजबूती आगे भी जारी रह सकती है। लगातार दूसरे दिन आई तेजी ने यह संकेत दिया है कि हाल की गिरावट के बाद निवेशक फिर से गुणवत्ता वाले शेयरों में निवेश करने के लिए सक्रिय हो रहे हैं।

    तकनीकी विश्लेषण के अनुसार निफ्टी के लिए 24,100 का स्तर फिलहाल महत्वपूर्ण सपोर्ट के रूप में उभरकर सामने आया है। जब तक सूचकांक इस स्तर के ऊपर बना रहता है, तब तक बाजार में सकारात्मक रुझान जारी रहने की संभावना बनी रह सकती है। यदि खरीदारी का यह सिलसिला आगे भी कायम रहता है तो निफ्टी आने वाले कारोबारी सत्रों में नए ऊंचे स्तरों की ओर बढ़ सकता है। हालांकि बाजार विशेषज्ञ निवेशकों को वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, तिमाही नतीजों और अन्य प्रमुख आर्थिक संकेतकों पर भी लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं।

    कारोबार के शुरुआती घंटों में दिखी व्यापक खरीदारी ने यह संकेत दिया कि निवेशकों का भरोसा धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में संतुलित तेजी और बड़े शेयरों में निवेशकों की सक्रिय भागीदारी से बाजार का समग्र वातावरण सकारात्मक बना रहा। आने वाले दिनों में कंपनियों के तिमाही परिणाम और वैश्विक बाजारों से मिलने वाले संकेत यह तय करेंगे कि घरेलू शेयर बाजार अपनी इस तेजी को कितनी मजबूती के साथ आगे बढ़ा पाता है।

  • वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों ने बढ़ाया निवेशकों का भरोसा, सेंसेक्स 77 हजार के पार पहुंचा, शुरुआती कारोबार में दिखी चौतरफा तेजी

    वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों ने बढ़ाया निवेशकों का भरोसा, सेंसेक्स 77 हजार के पार पहुंचा, शुरुआती कारोबार में दिखी चौतरफा तेजी

    नई दिल्ली । मजबूत वैश्विक संकेतों और घरेलू निवेशकों की लगातार खरीदारी के चलते भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को सकारात्मक शुरुआत की। कारोबार के शुरुआती चरण में ही सेंसेक्स 77 हजार अंक के स्तर को पार कर गया, जबकि निफ्टी भी उल्लेखनीय बढ़त के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार में आई इस मजबूती ने निवेशकों के बीच भरोसे को और मजबूत किया तथा अधिकांश प्रमुख सेक्टरों में खरीदारी का माहौल देखने को मिला।

    शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 683 अंकों की बढ़त के साथ 77,425 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 205 अंक मजबूत होकर 24,168 के करीब कारोबार करता दिखा। प्रमुख सूचकांकों में आई इस तेजी का असर व्यापक बाजार पर भी दिखाई दिया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीदारी दर्ज की गई, जिससे यह संकेत मिला कि निवेशकों की रुचि केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि मध्यम और छोटी कंपनियों के शेयरों में भी सकारात्मक माहौल बना रहा।

    बाजार की इस तेजी में सूचना प्रौद्योगिकी और मेटल सेक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आईटी कंपनियों के शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली, जिससे संबंधित सूचकांक प्रमुख बढ़त वाले सेक्टरों में शामिल रहे। इसके अलावा ऑयल एंड गैस, प्राइवेट बैंक, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और कमोडिटी क्षेत्र से जुड़े शेयरों ने भी बाजार को मजबूती प्रदान की। दूसरी ओर फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में सीमित दबाव देखने को मिला, हालांकि इसका व्यापक बाजार की दिशा पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा।

    प्रमुख कंपनियों के शेयरों में भी सकारात्मक रुझान दर्ज किया गया। बैंकिंग, सूचना प्रौद्योगिकी, ऑटोमोबाइल, सीमेंट और मेटल क्षेत्र की कई बड़ी कंपनियों के शेयर शुरुआती कारोबार में बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। इससे यह स्पष्ट हुआ कि निवेशकों का विश्वास विभिन्न सेक्टरों में व्यापक रूप से बना हुआ है और बाजार की तेजी केवल चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के कारोबारी सत्रों में बाजार में आई गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी को प्राथमिकता दी है। इसके साथ ही विदेशी निवेशकों की बिकवाली में कमी आने और घरेलू संस्थागत निवेशकों की सक्रिय भागीदारी ने भी बाजार की धारणा को मजबूत किया है। यही कारण है कि बाजार में निवेशकों का विश्वास लगातार बेहतर होता दिखाई दे रहा है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजारों का सकारात्मक रुख भी भारतीय बाजार के लिए सहायक साबित हुआ। एशिया के अधिकांश प्रमुख शेयर बाजार बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए, जबकि अमेरिकी बाजार भी पिछले कारोबारी सत्र में मजबूती के साथ बंद हुए थे। वैश्विक स्तर पर निवेशकों के बेहतर रुझान का सीधा असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला, जिससे शुरुआती कारोबार में खरीदारी का दबदबा बना रहा।

    विदेशी संस्थागत निवेशकों ने पिछले कारोबारी सत्र में सीमित निकासी दर्ज की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बाजार में उल्लेखनीय निवेश जारी रखा। घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी ने विदेशी बिकवाली के प्रभाव को काफी हद तक संतुलित किया और बाजार को स्थिरता प्रदान की। यही संतुलन शुक्रवार की शुरुआत में भी सकारात्मक माहौल बनाए रखने में महत्वपूर्ण रहा।

    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं और घरेलू निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है, तो आने वाले कारोबारी सत्रों में भी भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक रुझान देखने को मिल सकता है। हालांकि निवेशकों को वैश्विक घटनाक्रम, विदेशी निवेश प्रवाह और कॉरपोरेट परिणामों पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि यही कारक निकट भविष्य में बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

  • दुनिया में रहने लायक सबसे अच्छे शहरों की सूची में दिल्ली 120वें स्थान पर, मुम्बई उससे भी पीछे

    दुनिया में रहने लायक सबसे अच्छे शहरों की सूची में दिल्ली 120वें स्थान पर, मुम्बई उससे भी पीछे


    नई दिल्ली।
    दुनिया भर में रहने के लिहाज से सबसे अच्छे शहरों (Best Cities) की ताजा लिस्ट आ गई है। इस हफ्ते ‘द इकोनॉमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट’ ने अपनी नई ‘ग्लोबल लिवेबिलिटी इंडेक्स 2026’ (Global Liveability Index 2026) रिपोर्ट जारी की है। इस सूचकांक में कुल 173 शहरों को वहां मौजूद सुविधाओं और रहने की स्थितियों के अलग-अलग पैमानों पर परखा गया है। अगर भारतीय शहरों की बात करें तो नई दिल्ली (New Delhi) को 120वां स्थान मिला है। वहीं, डेनमार्क का शहर कोपेनहेगन (Copenhagen) दुनिया के सबसे बेहतरीन और रहने लायक शहरों की लिस्ट में नंबर वन पर बरकरार है। कोपेनहेगन ने ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना को पीछे छोड़ते हुए अपना पहला स्थान बरकरार रखा है। द इकोनॉमिस्ट मैगजीन की सहयोगी संस्था ईआईयू ने दुनिया भर के 173 शहरों को शिक्षा, स्थिरता, हेल्थकेयर, इंफ्रास्ट्रक्चर और संस्कृति जैसे पैमानों पर परखा है।


    भारतीय शहरों की रैंकिंग

    रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के प्रमुख शहरों की रैंकिंग कुछ इस प्रकार है:
    – नई दिल्ली: 120वें पायदान पर
    – मुंबई: 121वें पायदान पर
    – चेन्नई: 123वें पायदान पर
    – बेंगलुरु: 127वें पायदान पर

    गौर करने वाली बात यह है कि देश की राजधानी नई दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई की रैंकिंग में पिछले साल के मुकाबले कोई बदलाव नहीं आया है। ये दोनों शहर अपनी पुरानी स्थिति पर ही बने हुए हैं।


    दुनिया के 10 सबसे बेहतरीन शहर

    रहने के लिहाज से डेनमार्क के कोपेनहेगन ने ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना और ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न को पछाड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया है:


    कोपेनहेगन क्यों है नंबर वन?

    रिपोर्ट के मुताबिक, कोपेनहेगन को स्थिरता, इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षा के मामले में “परफेक्ट” स्कोर मिला है। ईआईयू के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस शहर की शानदार स्थिरता और बुनियादी ढांचे के साथ-साथ बेहतरीन संस्कृति, पर्यावरण और उच्च गुणवत्ता वाली सार्वजनिक सेवाओं के बेजोड़ तालमेल ने इसे शीर्ष पर बनाए रखा है।


    अमेरिका और कनाडा का क्या है हाल?

    टॉप-10 की ग्लोबल लिस्ट में उत्तरी अमेरिका का केवल एक शहर जगह बना पाया है, और वह है कनाडा का वैंकूवर (9वां स्थान)। अगर अमेरिकी शहरों की बात करें तो न्यूयॉर्क तीन पायदान की छलांग लगाकर 66वें नंबर पर आ गया है। अपराध दर में कमी और आतंकी घटनाओं के कम होते खतरे की वजह से इसके ‘स्टेबिलिटी स्कोर’ में काफी सुधार हुआ है। हालांकि, दो पायदान नीचे खिसकने के बावजूद होनोलूलू (25वां स्थान) अभी भी अमेरिका का सबसे ऊंची रैंकिंग वाला शहर बना हुआ है।


    एशिया के स्कोर में सुधार, यूरोप में ठहराव

    इंडेक्स के आंकड़ों के अनुसार, पश्चिमी यूरोप अभी भी रहने के लिहाज से दुनिया का सबसे शानदार क्षेत्र बना हुआ है, हालांकि अब इसके औसत स्कोर में एक ठहराव आ गया है। इसके उलट, एशिया के औसत स्कोर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। साल 2025 की तुलना में इस बार चीन के 10 शहरों ने अपनी रैंकिंग में सुधार किया है। इसके अलावा, रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि ईरान युद्ध की वजह से पूरे खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता प्रभावित हुई है।


    एशिया के हेल्थकेयर में सुधार से रैंकिंग उछली

    इस साल एशिया के औसत लिवेबिलिटी स्कोर में 0.3 अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे यह 73.9 हो गया है। इसकी सबसे बड़ी वजह यहां की स्वास्थ्य सेवाओं (हेल्थकेयर) का मजबूत होना है। चीन के कई शहरों की रैंकिंग में भी उछाल आया है, जैसे फुझोऊ सात पायदान चढ़कर 93वें नंबर पर पहुंच गया है। ईआईयू की इंडस्ट्री डायरेक्टर एना निकोल्स के मुताबिक, एशिया के स्कोर में बढ़ोतरी का नतीजा यह है कि अब टॉप-20 में यूरोप के सात शहरों के साथ एशिया के नौ शहर शामिल हो गए हैं। वहीं, पश्चिमी यूरोप अभी भी रहने के लिहाज से सबसे मजबूत क्षेत्र बना हुआ है, हालांकि पिछले साल के मुकाबले इसका औसत स्कोर थोड़ा गिरकर 91.7 हो गया है।


    युद्ध की वजह से खाड़ी देशों को भारी नुकसान

    ईरान युद्ध के नतीजे खाड़ी (गल्फ) क्षेत्र के शहरों की रैंकिंग में साफ दिखाई दे रहे हैं, जहां स्थिरता स्कोर में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मस्कट 14 पायदान गिरकर 123वें नंबर पर और कुवैत सिटी 12 स्थान खिसककर 105वें नंबर पर आ गया है। लिस्ट में सबसे नीचे सीरिया का दमिश्क शहर है, जो अभी भी दुनिया में रहने के लिहाज से सबसे खराब शहर माना गया है। इसके अलावा, युद्ध के कारण ईरान की राजधानी तेहरान खिसककर 164वें और यूक्रेन का कीव 166वें नंबर पर पहुंच गया है।

  • बुजुर्ग माता-पिता की अनदेखी बच्चों पर पड़ सकती है भारी, देखभाल न होने पर संपत्ति वापस लेने का अधिकार बरकरार: हाई कोर्ट

    बुजुर्ग माता-पिता की अनदेखी बच्चों पर पड़ सकती है भारी, देखभाल न होने पर संपत्ति वापस लेने का अधिकार बरकरार: हाई कोर्ट


    नई दिल्ली ।
    बुजुर्ग माता-पिता के अधिकारों को मजबूत करने वाले एक महत्वपूर्ण फैसले में हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि माता-पिता ने अपनी संपत्ति इस शर्त पर बच्चों को हस्तांतरित की है कि वे उनकी देखभाल करेंगे, लेकिन बाद में बच्चे इस जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं करते, तो माता-पिता को वह संपत्ति वापस लेने का कानूनी अधिकार है। अदालत ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करना कानून का उद्देश्य है और इस अधिकार का लाभ केवल आर्थिक रूप से कमजोर माता-पिता तक सीमित नहीं है।

    यह मामला मुंबई के लोअर परेल स्थित एक फ्लैट से जुड़ा था, जहां एक बुजुर्ग दंपति और उनका बेटा एक ही घर में रहते थे। पिता ने कई वर्ष पहले अपनी कमाई से फ्लैट खरीदा था और बाद में विश्वास के आधार पर उसे उपहार स्वरूप अपने बेटे के नाम कर दिया। उपहार के साथ यह शर्त भी तय की गई थी कि बेटा अपने माता-पिता को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा तथा उनके बुढ़ापे में उनकी उचित देखभाल करेगा।

    समय बीतने के साथ परिवार के संबंधों में तनाव बढ़ता गया। माता-पिता का आरोप था कि बेटे का व्यवहार बदल गया और उन्हें अपेक्षित सम्मान तथा देखभाल नहीं मिली। हालात इतने खराब हो गए कि उन्हें अपना ही घर छोड़ना पड़ा। इसके बाद उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए बनाए गए कानून के तहत संबंधित न्यायाधिकरण का दरवाजा खटखटाया और अपनी संपत्ति वापस दिलाने की मांग की।

    मामले की सुनवाई के बाद न्यायाधिकरण ने बेटे और उसके परिवार को निर्धारित अवधि के भीतर फ्लैट खाली कर उसका कब्जा माता-पिता को सौंपने का निर्देश दिया। बेटे ने इस आदेश को चुनौती देते हुए अदालत में कहा कि उसके पिता आर्थिक रूप से सक्षम हैं, उनका अपना व्यवसाय है और उनके पास अन्य संपत्तियां भी हैं। इसलिए उन्हें इस कानून के तहत राहत नहीं मिलनी चाहिए।

    हाई कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के संरक्षण से जुड़े कानून की धारा 23 स्पष्ट रूप से यह व्यवस्था करती है कि यदि संपत्ति का हस्तांतरण देखभाल और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसी शर्तों के साथ किया गया हो और प्राप्तकर्ता उन शर्तों का पालन न करे, तो संबंधित न्यायाधिकरण उस उपहार को निरस्त घोषित कर सकता है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस अधिकार का संबंध माता-पिता की आर्थिक स्थिति से नहीं, बल्कि उनके साथ किए गए वादे और उसकी पूर्ति से है।

    अदालत ने माना कि वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि सम्मान, देखभाल और सुरक्षित जीवन भी उनकी मूल आवश्यकताओं का हिस्सा हैं। यदि परिवार का कोई सदस्य संपत्ति प्राप्त करने के बाद अपनी जिम्मेदारियों से पीछे हटता है, तो कानून ऐसे बुजुर्गों को प्रभावी कानूनी संरक्षण प्रदान करता है।

    कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला उन अनेक वरिष्ठ नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण मिसाल साबित हो सकता है, जिन्होंने विश्वास के आधार पर अपनी संपत्ति बच्चों के नाम कर दी, लेकिन बाद में उपेक्षा या दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा। इससे यह संदेश भी जाता है कि संपत्ति का हस्तांतरण केवल अधिकार नहीं बल्कि जिम्मेदारी भी साथ लेकर आता है। यदि उस जिम्मेदारी का पालन नहीं किया जाता, तो कानून बुजुर्ग माता-पिता को न्याय दिलाने के लिए उनके पक्ष में खड़ा है।