Tag: Mumbai

  • जुलाई में भारत के निजी क्षेत्र की रफ्तार धीमी, कंपोजिट पीएमआई 54.3 पर; निर्यात मांग ने मैन्युफैक्चरिंग को दिया मजबूत सहारा

    जुलाई में भारत के निजी क्षेत्र की रफ्तार धीमी, कंपोजिट पीएमआई 54.3 पर; निर्यात मांग ने मैन्युफैक्चरिंग को दिया मजबूत सहारा

    नई दिल्ली । जुलाई महीने में भारत के निजी क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि का क्रम जारी रहा, हालांकि इसकी रफ्तार जून की तुलना में कुछ धीमी दर्ज की गई। ताजा आंकड़ों के अनुसार जुलाई में कंपोजिट परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) 54.3 रहा। यह स्तर इस बात का संकेत है कि देश की आर्थिक गतिविधियां अब भी विस्तार के चरण में हैं, क्योंकि पीएमआई का 50 से ऊपर रहना आर्थिक वृद्धि का संकेत माना जाता है। हालांकि जून में यह सूचकांक 57.1 था, जिससे स्पष्ट है कि जुलाई में विकास की गति कुछ कम हुई है।

    जुलाई के दौरान निजी क्षेत्र के प्रदर्शन में सर्विस सेक्टर की सुस्ती प्रमुख कारण रही। कारोबार से जुड़े नए ऑर्डरों की रफ्तार कमजोर पड़ी और ग्राहकों की ओर से पूछताछ में कमी देखने को मिली। कई कंपनियों ने मांग में नरमी और कुछ ऑर्डर रद्द होने की वजह से सेवा गतिविधियों में अपेक्षाकृत धीमी बढ़ोतरी दर्ज की। इसके चलते सर्विस सेक्टर का बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स घटकर 53.1 पर पहुंच गया, जो पिछले 53 महीनों का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है।

    इसके विपरीत मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। वैश्विक बाजारों से लगातार मिल रही मजबूत मांग और निर्यात ऑर्डरों में बढ़ोतरी के कारण उत्पादन गतिविधियां मजबूत बनी रहीं। मुख्य मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई में मामूली गिरावट के बावजूद फैक्ट्री उत्पादन सूचकांक में सुधार दर्ज किया गया। इससे संकेत मिलता है कि औद्योगिक उत्पादन की गति बनी हुई है और विनिर्माण क्षेत्र देश की आर्थिक गतिविधियों को सहारा देता रहा।

    व्यापारिक संस्थानों ने भविष्य की संभावित चुनौतियों को देखते हुए अपनी तैयारियां भी तेज कर दी हैं। वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितताओं और आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ने वाले संभावित असर को ध्यान में रखते हुए कंपनियों ने कच्चे माल की खरीद बढ़ाई है। इसके साथ ही तैयार माल और इनपुट इन्वेंट्री में भी वृद्धि दर्ज की गई है, ताकि किसी भी आपूर्ति व्यवधान की स्थिति में उत्पादन प्रभावित न हो।

    सर्वेक्षण के अनुसार लागत का दबाव भी जुलाई में बढ़ा है। कच्चे माल और अन्य इनपुट की कीमतों में वृद्धि के कारण कंपनियों की लागत बढ़ी, जिसका असर उत्पादों और सेवाओं की कीमतों पर भी दिखाई दिया। कई कंपनियों ने बढ़ती लागत के बीच अपने लाभ मार्जिन को सुरक्षित रखने के लिए कीमतों में आवश्यक बदलाव किए। इसके बावजूद रोजगार के मोर्चे पर स्थिति सकारात्मक बनी रही और कंपनियों ने कर्मचारियों की नियुक्ति जारी रखी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक परिस्थितियों में उतार-चढ़ाव और क्षेत्रीय तनाव के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था का निजी क्षेत्र अभी भी मजबूती का संकेत दे रहा है। निर्यात आधारित मांग, उत्पादन गतिविधियों की स्थिरता और रोजगार सृजन जैसे कारक आर्थिक विस्तार को समर्थन दे रहे हैं। हालांकि घरेलू मांग में सुधार और सर्विस सेक्टर की गति बढ़ाना आने वाले महीनों में आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।

    कुल मिलाकर जुलाई के आंकड़े यह संकेत देते हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था विस्तार के मार्ग पर बनी हुई है, लेकिन विकास की गति को बनाए रखने के लिए घरेलू मांग को मजबूत करना, निवेश बढ़ाना और वैश्विक अनिश्चितताओं के प्रभाव को सीमित करना आवश्यक होगा। यदि आने वाले महीनों में मांग और कारोबारी विश्वास में सुधार होता है तो निजी क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियां फिर से तेज रफ्तार पकड़ सकती हैं।

  • सोना-चांदी लगातार दूसरे दिन फिसले, मजबूत डॉलर के दबाव में कीमती धातुओं में 0.6% तक की गिरावट

    सोना-चांदी लगातार दूसरे दिन फिसले, मजबूत डॉलर के दबाव में कीमती धातुओं में 0.6% तक की गिरावट

    नई दिल्ली । घरेलू सर्राफा और वायदा बाजार में शुक्रवार को लगातार दूसरे कारोबारी दिन सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। मजबूत अमेरिकी डॉलर और वैश्विक बाजारों में बने दबाव के कारण दोनों कीमती धातुओं में कमजोरी देखने को मिली। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियों और विदेशी मुद्रा बाजार में आए बदलाव का सीधा असर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ रहा है। निवेशकों की सतर्कता और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने के अगस्त डिलीवरी वाले वायदा अनुबंध की शुरुआत पिछले बंद भाव की तुलना में कमजोर स्तर पर हुई। कारोबार के दौरान सोने की कीमतों में लगातार गिरावट दर्ज की गई और यह करीब 0.61 प्रतिशत टूटकर 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे कारोबार करता दिखाई दिया। कारोबार के दौरान सोने ने दिन का निचला और ऊपरी स्तर भी दर्ज किया, जिससे बाजार में अस्थिरता का संकेत मिला। लगातार दूसरे दिन आई इस गिरावट ने अल्पकालिक निवेशकों को सतर्क कर दिया है।

    सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी कमजोरी बनी रही। एमसीएक्स पर सितंबर डिलीवरी वाले चांदी के वायदा अनुबंध में शुरुआती कारोबार से ही दबाव देखा गया। कारोबार के दौरान चांदी की कीमत करीब 0.40 प्रतिशत तक फिसल गई। बाजार में खरीदारी सीमित रहने और वैश्विक संकेत कमजोर होने के कारण चांदी में भी गिरावट का रुख बना रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि औद्योगिक मांग और निवेशकों की रणनीति दोनों का प्रभाव चांदी की कीमतों पर लगातार पड़ रहा है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोना और चांदी दबाव में रहे। कॉमैक्स पर सोने और चांदी दोनों में गिरावट दर्ज की गई, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया। वैश्विक निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों को लेकर नई रणनीति अपनाई, जिससे कीमती धातुओं की कीमतों में नरमी बनी रही। विदेशी बाजारों की चाल का असर भारतीय वायदा बाजार पर तेजी से देखने को मिला और घरेलू कीमतें भी उसी दिशा में आगे बढ़ीं।

    विशेषज्ञों के अनुसार डॉलर इंडेक्स में मजबूती इस गिरावट की प्रमुख वजहों में शामिल है। अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने पर सोने और चांदी जैसी धातुएं विदेशी निवेशकों के लिए अपेक्षाकृत महंगी हो जाती हैं, जिससे उनकी मांग प्रभावित होती है। हाल के दिनों में वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक घटनाक्रमों के कारण डॉलर में मजबूती देखने को मिली है। इसी का असर कीमती धातुओं के बाजार पर भी पड़ा है।

    बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, डॉलर की चाल और वैश्विक आर्थिक संकेतक सोने और चांदी की कीमतों की दिशा तय करेंगे। यदि डॉलर मजबूत बना रहता है तो कीमती धातुओं पर दबाव जारी रह सकता है, जबकि वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित निवेश की मांग फिर से बढ़ सकती है। फिलहाल निवेशकों को बाजार की बदलती परिस्थितियों पर नजर रखते हुए सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।

  • राघव जुयाल बोले- 'भाई तेरा स्टार है' से लौटेगी गोविंदा दौर की साफ-सुथरी कॉमेडी, हर वर्ग के दर्शकों को हंसाने का दावा

    राघव जुयाल बोले- 'भाई तेरा स्टार है' से लौटेगी गोविंदा दौर की साफ-सुथरी कॉमेडी, हर वर्ग के दर्शकों को हंसाने का दावा

    नई दिल्ली । अभिनेता राघव जुयाल अपनी आगामी फिल्म ‘भाई तेरा स्टार है’ के जरिए दर्शकों के सामने ऐसी पारिवारिक कॉमेडी पेश करने की तैयारी में हैं, जिसका केंद्र केवल मनोरंजन और सहज हास्य है। उनका मानना है कि मौजूदा दौर में दर्शकों के जीवन में बढ़ते तनाव के बीच ऐसी फिल्मों की जरूरत पहले से अधिक है, जिन्हें पूरा परिवार साथ बैठकर देख सके और कुछ समय के लिए रोजमर्रा की चिंताओं से दूर होकर मुस्कुरा सके। राघव का कहना है कि उनकी कोशिश सिर्फ हंसाने तक सीमित नहीं है, बल्कि दर्शकों को पुराने दौर की साफ-सुथरी कॉमेडी का अनुभव कराना भी है।

    राघव जुयाल के अनुसार, इस फिल्म की सबसे बड़ी प्रेरणा उन फिल्मों की शैली रही है, जिनमें अभिनेता गोविंदा अपनी सहज अदाकारी, हास्य और पारिवारिक मनोरंजन के लिए पहचाने जाते थे। उनका मानना है कि उस दौर की फिल्मों में बिना किसी बनावटीपन के ऐसा हास्य होता था, जिससे हर उम्र का दर्शक जुड़ जाता था। इसी सोच को ध्यान में रखते हुए ‘भाई तेरा स्टार है’ की कहानी और प्रस्तुति तैयार की गई है ताकि परिवार के सभी सदस्य एक साथ बैठकर इसका आनंद उठा सकें।

    फिल्म में राघव अजय सिंह नाम के एक ऐसे युवक की भूमिका निभा रहे हैं, जो खुद को बेहद प्रतिभाशाली अभिनेता मानता है और बड़े पर्दे का सुपरस्टार बनने के सपने देखता है। हालांकि उसकी अभिनय क्षमता उसके आत्मविश्वास के बिल्कुल विपरीत होती है। अपनी कमजोर अदाकारी के बावजूद वह लगातार खुद को साबित करने की कोशिश करता रहता है और इसी दौरान कई ऐसी परिस्थितियां सामने आती हैं, जो कहानी को हास्य और मनोरंजन से भर देती हैं। घटनाक्रम उसे एक प्रभावशाली डॉन के साथ ऐसे विवाद में पहुंचा देता है, जहां उसे आर्थिक और व्यक्तिगत दोनों तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

    राघव का कहना है कि फिल्म का हास्य किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है। इसे इस तरह तैयार किया गया है कि छोटे शहरों से लेकर महानगरों तक के दर्शक कहानी और किरदारों से जुड़ाव महसूस कर सकें। उनका मानना है कि जब दर्शक किसी पात्र में अपने आसपास के लोगों की झलक देखते हैं, तब मनोरंजन का प्रभाव और अधिक बढ़ जाता है। यही कारण है कि फिल्म के किरदारों और परिस्थितियों को सामान्य जीवन से जोड़ने का प्रयास किया गया है।

    फिल्म में राघव के साथ निहारिका एनएम, संजय कपूर, बरखा सिंह, चंदन रॉय सान्याल, विवान भटेना, निकी अनेजा वालिया और विकल्प मेहता जैसे कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे। अनुभवी और युवा कलाकारों का यह संयोजन फिल्म को अलग रंग देने का प्रयास करता है, जिससे कहानी में विविधता और संतुलन बना रहे।

    निर्देशक विवेक बी. अग्रवाल के निर्देशन में बनी यह फिल्म पारिवारिक मनोरंजन, हल्के-फुल्के हास्य और छोटे शहरों की पृष्ठभूमि को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। निर्माताओं को उम्मीद है कि यह फिल्म ऐसे दर्शकों को आकर्षित करेगी जो लंबे समय बाद बिना किसी भारी संदेश या जटिल कथानक के केवल मनोरंजन से भरपूर कॉमेडी देखना चाहते हैं। ‘भाई तेरा स्टार है’ 30 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी और इसके जरिए राघव जुयाल दर्शकों के बीच सहज, स्वच्छ और पारिवारिक कॉमेडी की उस परंपरा को फिर से मजबूत करने की उम्मीद लेकर आ रहे हैं।

  • तिमाही नतीजों के बाद इंडसइंड बैंक के शेयरों में बड़ी गिरावट, मजबूत मुनाफे के बावजूद निवेशकों ने दिखाई सतर्कता

    तिमाही नतीजों के बाद इंडसइंड बैंक के शेयरों में बड़ी गिरावट, मजबूत मुनाफे के बावजूद निवेशकों ने दिखाई सतर्कता

    नई दिल्ली । पहली तिमाही के वित्तीय नतीजों के बाद निजी क्षेत्र के इंडसइंड बैंक के शेयरों में गुरुवार को शुरुआती कारोबार के दौरान छह प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। बैंक ने मुनाफे और परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार के आंकड़े पेश किए, लेकिन इसके बावजूद बाजार की प्रतिक्रिया नकारात्मक रही। निवेशकों ने बैंक से जुड़े व्यापक जोखिमों और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सतर्क रुख अपनाया, जिसका असर शेयर की कीमत पर साफ दिखाई दिया।

    कारोबार के दौरान बैंक का शेयर तेज दबाव में आ गया और छह प्रतिशत से अधिक गिरकर दिन के निचले स्तर तक पहुंच गया। शुरुआती सत्र में ही स्टॉक में लगातार बिकवाली देखी गई, जिससे यह प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल हो गया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि केवल वित्तीय नतीजे ही नहीं, बल्कि निवेशकों की धारणा और बैंक से जुड़े अन्य मुद्दों ने भी इस गिरावट में भूमिका निभाई।

    वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में बैंक का समेकित शुद्ध लाभ पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में उल्लेखनीय रूप से बढ़ा। प्रावधान और आकस्मिक खर्चों में कमी आने से बैंक के मुनाफे को मजबूती मिली। इसके साथ ही बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम में भी मामूली वृद्धि दर्ज की गई, जो मुख्य बैंकिंग कारोबार की स्थिरता का संकेत देती है।

    परिसंपत्ति गुणवत्ता के मोर्चे पर भी बैंक ने सुधार दिखाया। सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति अनुपात में कमी दर्ज की गई, जबकि नए फंसे हुए ऋणों की मात्रा भी पिछले वर्ष की तुलना में घटी। आम तौर पर ऐसे संकेत बैंक की वित्तीय स्थिति को बेहतर मानने के लिए सकारात्मक माने जाते हैं, लेकिन इस बार निवेशकों ने इन आंकड़ों के बावजूद सतर्कता बनाए रखी।

    बाजार विश्लेषकों का कहना है कि हाल के महीनों में बैंक से जुड़ी कुछ घटनाओं ने निवेशकों के भरोसे को प्रभावित किया है। जून में बैंक को लेकर विभिन्न स्तरों पर कथित कॉरपोरेट गवर्नेंस संबंधी शिकायतों की खबरें सामने आई थीं। इन रिपोर्टों में इनसाइडर ट्रेडिंग, वित्तीय रिकॉर्ड में कथित अनियमितताओं, ऑडिट प्रक्रियाओं और प्रबंधन से जुड़े कुछ आरोपों का उल्लेख किया गया था। हालांकि इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है, लेकिन ऐसी खबरों का असर निवेशकों की धारणा पर पड़ता है।

    इसी कारण बेहतर वित्तीय प्रदर्शन के बावजूद बाजार ने अपेक्षित सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी। निवेशक केवल तिमाही लाभ पर नहीं, बल्कि बैंक की दीर्घकालिक विश्वसनीयता, प्रबंधन की पारदर्शिता और नियामकीय स्थिति पर भी नजर बनाए हुए हैं। आने वाले समय में इन पहलुओं पर स्पष्टता मिलने के बाद ही बाजार का रुख अधिक स्थिर हो सकता है।

    शेयर बाजार में किसी भी बैंक के मूल्यांकन पर वित्तीय नतीजों के साथ-साथ निवेशकों का भरोसा, जोखिम प्रबंधन और कॉरपोरेट गवर्नेंस का भी बड़ा प्रभाव होता है। इंडसइंड बैंक के मामले में पहली तिमाही के नतीजों ने परिचालन प्रदर्शन में सुधार का संकेत जरूर दिया है, लेकिन बाजार फिलहाल व्यापक तस्वीर को देखते हुए सावधानी बरत रहा है। अब निवेशकों की निगाह बैंक के आगामी तिमाही प्रदर्शन, नियामकीय घटनाक्रम और प्रबंधन की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर रहेगी, जो आगे शेयर की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

  • फिल्म 'दुल्हनिया ले आएगी' के प्रमोशनल इवेंट में हादसे की खबर से चिंता: बिस्तर से उठने में असमर्थ पीयूष मिश्रा के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना

    फिल्म 'दुल्हनिया ले आएगी' के प्रमोशनल इवेंट में हादसे की खबर से चिंता: बिस्तर से उठने में असमर्थ पीयूष मिश्रा के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा एवं रंगमंच के दिग्गज अभिनेता, गीतकार और लेखक पीयूष मिश्रा के प्रशंसकों के लिए चिंताजनक खबर सामने आई है। अभिनेता अपने घर के बाथरूम में अचानक फिसलकर गिर पड़े, जिससे वे गंभीर रूप से चोटिल हो गए हैं। इस अचानक हुए हादसे में उनके एक हाथ में गंभीर फ्रैक्चर आ गया है। डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें पूर्ण रूप से बेड रेस्ट की सलाह दी है। हादसे के कारण वे अपनी आगामी फिल्म ‘दुल्हनिया ले आएगी’ के प्रचार अभियानों और साक्षात्कारों का हिस्सा नहीं बन पा रहे हैं। इस दुखद घटना की जानकारी फिल्म के निर्देशक द्वारा एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान दी गई, जिसके बाद से ही मनोरंजन जगत और प्रशंसकों के बीच उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थनाएं की जा रही हैं।

    मुंबई में आयोजित फिल्म ‘दुल्हनिया ले आएगी’ के एक विशेष प्रमोशनल कार्यक्रम के दौरान जब मुख्य भूमिका निभा रहे पीयूष मिश्रा अनुपस्थित रहे, तो मीडिया द्वारा उनकी स्थिति पर सवाल पूछा गया। इस पर फिल्म के निर्देशक आकाशादित्य लामा ने घटना का विवरण साझा करते हुए बताया कि अभिनेता के मैनेजर ने उन्हें हादसे की सूचना दी। निर्देशक के अनुसार, पीयूष मिश्रा पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी अन्य समस्याओं से भी जूझ रहे थे, लेकिन इसके बावजूद वे अपने पेशेवर प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए प्रयासरत थे। हालांकि, इस दुर्घटना के बाद उनकी शारीरिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे फिलहाल बिस्तर से उठ सकें, जिसके कारण वे आगामी सभी कार्यक्रमों से दूर रहेंगे।

    आकाशादित्य लामा के निर्देशन में बनी फिल्म ‘दुल्हनिया ले आएगी’ आगामी 24 जुलाई को देशभर के सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह फिल्म कॉमेडी, पारिवारिक रिश्तों, रोमांस और सामाजिक ताने-बाने से भरपूर एक मनोरंजक सिनेमा प्रस्तुत करने का दावा करती है। हाल ही में जारी हुए इसके ट्रेलर को दर्शकों द्वारा काफी सराहा गया है। फिल्म की मुख्य स्टारकास्ट में पीयूष मिश्रा के साथ-साथ अभिनेत्री खुशाली कुमार, वरिष्ठ अभिनेता महेश मांजरेकर, ओंकार कपूर, लैरिसा बोनेसी और स्नेहिल दीक्षित मेहरा जैसे कई नामचीन कलाकार प्रमुख भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं।

    फिल्म की रिलीज से ठीक पहले मुख्य कलाकार के इस तरह चोटिल हो जाने से फिल्म की पूरी टीम चिंतित है। हालांकि, निर्माताओं और सह-कलाकारों ने पीयूष मिश्रा के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि इस समय उनका स्वास्थ्य और पूर्ण इलाज सबसे पहली प्राथमिकता है। सिनेमा जगत के तमाम हस्तियों और उनके प्रशंसकों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अभिनेता के जल्द से जल्द स्वस्थ होकर काम पर लौटने की कामना की है। 24 जुलाई को रिलीज हो रही इस फिल्म से पूरी टीम को काफी उम्मीदें हैं, और दर्शक भी पर्दे पर पीयूष मिश्रा के अभिनय को देखने का उत्सुकता से इंतजार कर रहे हैं।

  • चाल में रहने को मजबूर हैदर अली खान, पूर्व पत्नी ईवा ग्रोवर ने बयां की पूरी कहानी..

    चाल में रहने को मजबूर हैदर अली खान, पूर्व पत्नी ईवा ग्रोवर ने बयां की पूरी कहानी..

    नई दिल्ली । हिंदी मनोरंजन जगत में उस वक्त हड़कंप मच गया जब मशहूर टीवी अभिनेत्री ईवा ग्रोवर ने एक साक्षात्कार के दौरान अपने पूर्व पति और अभिनेता आमिर खान के सौतेले भाई हैदर अली खान की वर्तमान परिस्थितियों को लेकर बेहद चौंकाने वाले खुलासे किए। ईवा के अनुसार, कभी मुख्यधारा के सिनेमा का हिस्सा रहे हैदर अली खान आज अपने जीवन के सबसे कठिन और अंधकारमय दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि हैदर के पास वर्तमान में न तो खुद का कोई स्थायी आशियाना बचा है और न ही दो वक्त के भोजन की बुनियादी व्यवस्था है। जीवनयापन के लिए वे दूसरों की मदद पर निर्भर हैं और मुंबई की एक छोटी सी चाल में रहने को विवश हो गए हैं।

    अभिनेत्री ने अपनी पिछली शादीशुदा जिंदगी के कड़वे अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि प्रेम विवाह के बाद से ही उनके दांपत्य जीवन में मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सिलसिला शुरू हो गया था। ईवा के मुताबिक, शादी के शुरुआती दिनों में ही उन्हें हैदर के हिंसक व्यवहार और गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का पता चला था। अत्यधिक शराब के सेवन और करियर में मिली असफलता ने स्थिति को और अधिक विकराल बना दिया, जिसके चलते उन्हें गहरे घरेलू तनाव का सामना करना पड़ा। ईवा ने यह भी दावा किया कि आमिर खान को विवाह से पूर्व ही इन परिस्थितियों का अंदेशा था और उन्होंने इस रिश्ते को लेकर चेतावनी भी दी थी, जिसे उस समय नजरअंदाज कर दिया गया था।

    घरेलू हिंसा और लगातार बिगड़ते हालातों के बीच पांच वर्षों के संघर्ष के बाद दोनों का तलाक हो गया था। हालांकि, अपनी आपबीती बयां करने के बावजूद ईवा ने अपने पूर्व पति की मौजूदा स्थिति पर गहरी मानवीय संवेदना और दुख व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि हैदर का स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति अब पूरी तरह चरमरा चुकी है। उनके आसपास मौजूद कुछ लोग उनकी इस कमजोरी का गलत फायदा उठाकर उन्हें निरंतर शराब के गर्त में धकेल रहे हैं, जिससे उनकी स्थिति दिन-ब-दिन और अधिक दयनीय होती जा रही है।

    ईवा ग्रोवर द्वारा किए गए इन दावों के बाद से सोशल मीडिया और फिल्मी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। जहां एक तरफ प्रशंसक ईवा के साहस और अतीत के संघर्षों के प्रति अपनी सहानुभूति प्रकट कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ परिवार की चुप्पी को लेकर भी तरह-तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, इस पूरे मामले पर परिवार की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इस घटनाक्रम ने एक बार फिर बॉलीवुड के चकाचौंध के पीछे छिपे कड़वे सच को उजागर कर दिया है।

  • प्रदर्शन में शामिल फहाद अहमद को पुलिस ने हिरासत में लिया, स्वरा भास्कर का तीखा बयान, लोकतंत्र और शांतिपूर्ण विरोध को लेकर उठे सवा

    प्रदर्शन में शामिल फहाद अहमद को पुलिस ने हिरासत में लिया, स्वरा भास्कर का तीखा बयान, लोकतंत्र और शांतिपूर्ण विरोध को लेकर उठे सवा


    नई दिल्ली ।
    राष्ट्रीय राजधानी में छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों की गूंज मुंबई तक पहुंची, जहां प्रदर्शन के दौरान राजनीतिक कार्यकर्ता फहाद अहमद को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के बाद अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस और सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल लोगों के साथ की गई कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है और इस पूरे घटनाक्रम पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

    बताया गया कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों और परीक्षा प्रणाली को लेकर आयोजित प्रदर्शन में कई लोग शामिल हुए थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने अनुमति से संबंधित नियमों का हवाला देते हुए कार्रवाई की और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। इन्हीं में राजनीतिक कार्यकर्ता फहाद अहमद भी शामिल थे। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद घटनास्थल से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किए जाने लगे, जिनमें पुलिस प्रदर्शनकारियों को अपने साथ ले जाती दिखाई दे रही है।

    स्वरा भास्कर ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि फहाद अहमद और अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर माहिम पुलिस थाने में रखा गया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक बताते हुए लिखा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं कही जा सकती। अपने संदेश में उन्होंने समर्थकों से शांतिपूर्ण तरीके से एकजुट रहने की भी अपील की।

    सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में फहाद अहमद पुलिसकर्मियों से हिरासत में लिए जाने का कारण पूछते हुए दिखाई दे रहे हैं। एक अन्य वीडियो में उन्हें पुलिस वाहन के भीतर बैठकर घटनास्थल की स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए देखा जा सकता है। इन वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई को लेकर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। कुछ लोगों ने पुलिस की कार्रवाई का समर्थन किया, जबकि कई अन्य ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार से जोड़कर सवाल उठाए।

    इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दलों और कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शनकारियों के साथ हुई कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। वहीं प्रशासन की ओर से यह कहा गया कि सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।

    लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखने का मुद्दा लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। ऐसे मामलों में प्रशासन का दायित्व सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है, जबकि प्रदर्शनकारी अपने संवैधानिक अधिकारों के तहत अपनी बात रखने का दावा करते हैं। यही कारण है कि इस तरह की घटनाएं अक्सर राजनीतिक बहस का केंद्र बन जाती हैं।

    फिलहाल फहाद अहमद को हिरासत में लिए जाने और उससे जुड़े घटनाक्रम को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और विभिन्न पक्षों के बयानों के बीच इस मामले ने राजनीतिक और सार्वजनिक विमर्श को नया आयाम दिया है। आने वाले दिनों में प्रशासन की आगे की कार्रवाई और इस विषय पर विभिन्न पक्षों की प्रतिक्रिया पर सभी की नजर बनी रहेगी।

  • आमिर खान के नाम कथित धमकी से बढ़ी सुरक्षा चिंता, सोशल मीडिया पोस्ट और ऑडियो संदेश की मुंबई पुलिस कर रही जांच

    आमिर खान के नाम कथित धमकी से बढ़ी सुरक्षा चिंता, सोशल मीडिया पोस्ट और ऑडियो संदेश की मुंबई पुलिस कर रही जांच

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान को लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के नाम पर कथित धमकी मिलने का मामला सामने आने के बाद मुंबई पुलिस सतर्क हो गई है। अधिकारियों के अनुसार सोशल मीडिया पर प्रसारित एक पोस्ट और उससे जुड़े ऑडियो संदेश की जांच की जा रही है। हालांकि, इस मामले में अभी तक अभिनेता आमिर खान या उनकी ओर से किसी प्रतिनिधि ने पुलिस के पास कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और संदेश की प्रामाणिकता सहित सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं।

    मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्ट और ऑडियो संदेश का विस्तृत परीक्षण किया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संदेश किसने जारी किया, उसका वास्तविक स्रोत क्या है और उसमें किए गए दावों की सत्यता कितनी है। जांच एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे का समय रहते आकलन किया जा सके।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह कथित संदेश आरजू बिश्नोई और टायसन बिश्नोई नाम से जुड़े सोशल मीडिया खातों के माध्यम से साझा किया गया है। इन व्यक्तियों ने स्वयं को लॉरेंस बिश्नोई का सहयोगी बताया है। संदेश में आमिर खान पर कथित रूप से “लव जिहाद” को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया है। यह दावा अभिनेता के निजी जीवन और हाल के वैवाहिक संबंधों का उल्लेख करते हुए किया गया है। हालांकि, इन आरोपों या संदेश में किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस इन्हें जांच के दायरे में रखकर आगे बढ़ रही है।

    कथित ऑडियो संदेश में राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में एक किशोरी से जुड़े आपराधिक मामले का भी उल्लेख किया गया है। साथ ही कुछ राजनीतिक नेताओं को चेतावनी देने जैसी बातें भी कही गई हैं। पुलिस इन सभी संदर्भों की अलग-अलग जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि संदेश का उद्देश्य क्या था और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।

    यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इससे पहले अभिनेता सलमान खान को भी लंबे समय से लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की ओर से धमकियां मिलने के कई मामले सामने आ चुके हैं। वर्ष 1998 के काले हिरण शिकार प्रकरण के बाद से सलमान खान का नाम इस विवाद से जुड़ता रहा है। पिछले कुछ वर्षों में उनके आवास के बाहर गोलीबारी की घटना और लगातार मिलती धमकियों के बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था भी कई स्तरों पर मजबूत की गई थी।

    आमिर खान से जुड़ी कथित धमकी के मामले में फिलहाल पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार का आपराधिक तत्व सामने आता है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले पर सतर्कता बनाए हुए है और किसी भी संभावित सुरक्षा जोखिम को गंभीरता से देखते हुए सभी आवश्यक कदम उठा रही है।

  • '10 मिनट तक थम गई थी धड़कन', श्रेयस तलपड़े ने सुनाया जिंदगी की सबसे कठिन लड़ाई का दर्दनाक अनुभव

    '10 मिनट तक थम गई थी धड़कन', श्रेयस तलपड़े ने सुनाया जिंदगी की सबसे कठिन लड़ाई का दर्दनाक अनुभव

    नई दिल्ली । अभिनेता श्रेयस तलपड़े ने हाल ही में अपने जीवन के सबसे कठिन दौर को याद करते हुए उस घटना का जिक्र किया, जब उन्हें अचानक कार्डियक अरेस्ट आया था। उन्होंने बताया कि इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि उनकी दिल की धड़कन करीब 10 मिनट तक बंद रही थी। यह अनुभव उनके लिए जीवन बदल देने वाला साबित हुआ और इसके बाद उन्होंने स्वास्थ्य को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता बना लिया।

    श्रेयस ने कहा कि घटना से पहले उन्हें लगातार थकान महसूस हो रही थी, लेकिन व्यस्त दिनचर्या के कारण उन्होंने इन संकेतों को गंभीरता से नहीं लिया। काम पूरा करने के बाद उन्हें बेचैनी, सांस लेने में परेशानी और हाथ में दर्द महसूस हुआ। शुरुआत में उन्होंने इसे सामान्य समस्या समझा, लेकिन कुछ ही देर में उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। समय रहते अस्पताल पहुंचने के कारण उन्हें तुरंत आपातकालीन उपचार मिल सका।

    अस्पताल में डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को गंभीर देखते हुए तुरंत आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया शुरू की। उपचार के दौरान उनकी एंजियोप्लास्टी की गई और लगातार प्रयासों के बाद उनकी जान बचाई जा सकी। होश में आने के बाद जब उन्हें पूरी घटना के बारे में जानकारी मिली तो उन्हें एहसास हुआ कि वह मौत के बेहद करीब पहुंच चुके थे। उन्होंने कहा कि उस पल ने उन्हें जीवन की असली अहमियत समझा दी।

    श्रेयस के अनुसार इस घटना के बाद उनकी सोच पूरी तरह बदल गई। पहले वह लगातार काम को प्राथमिकता देते थे, लेकिन अब परिवार, स्वास्थ्य और मानसिक शांति को सबसे अधिक महत्व देते हैं। उन्होंने अपनी दिनचर्या में नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच को शामिल किया है। उनका मानना है कि शरीर के छोटे-छोटे संकेतों को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

    उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, अत्यधिक थकान या किसी भी तरह की असामान्य शारीरिक परेशानी महसूस हो तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। उनके अनुसार कई बार लोग व्यस्तता या लापरवाही के कारण शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है। समय पर इलाज मिलने से कई गंभीर परिस्थितियों से बचा जा सकता है।

    अभिनेता ने यह भी कहा कि इस अनुभव ने उन्हें परिवार और रिश्तों की अहमियत पहले से कहीं अधिक समझाई। अब वह हर दिन को एक नए अवसर की तरह जीने की कोशिश करते हैं और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने माना कि सफलता और व्यस्तता से कहीं अधिक जरूरी स्वस्थ रहना है, क्योंकि अच्छा स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। कार्डियक अरेस्ट से उबरने के बाद उन्होंने धीरे-धीरे अपने पेशेवर जीवन में वापसी की और अब अपने अनुभव के जरिए लोगों को हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश भी दे रहे हैं।

  • भारतीय शेयर बाजार में बड़ी कंपनियों की दमदार वापसी, शीर्ष 10 में शामिल पांच दिग्गजों का मार्केटकैप 1.54 लाख करोड़ रुपये बढ़ा

    भारतीय शेयर बाजार में बड़ी कंपनियों की दमदार वापसी, शीर्ष 10 में शामिल पांच दिग्गजों का मार्केटकैप 1.54 लाख करोड़ रुपये बढ़ा


    नई दिल्ली ।
    भारतीय शेयर बाजार के लिए बीता सप्ताह सकारात्मक संकेतों के साथ समाप्त हुआ। मजबूत निवेशक धारणा, चुनिंदा क्षेत्रों में खरीदारी और बेहतर कॉरपोरेट प्रदर्शन के कारण देश की शीर्ष 10 सूचीबद्ध कंपनियों में से पांच के बाजार पूंजीकरण में संयुक्त रूप से 1.54 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस दौरान सूचना प्रौद्योगिकी और बैंकिंग क्षेत्र की प्रमुख कंपनियां निवेशकों के आकर्षण का केंद्र रहीं, जबकि कुछ बड़ी कंपनियों के बाजार मूल्यांकन में गिरावट भी देखने को मिली।

    सप्ताह के दौरान सबसे अधिक लाभ टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज को मिला। कंपनी के बाजार पूंजीकरण में 72 हजार करोड़ रुपये से अधिक का इजाफा हुआ, जिससे उसका कुल बाजार मूल्य 8.20 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया। कंपनी के बेहतर तिमाही नतीजों और आने वाली तिमाहियों में कारोबार की संभावनाओं को लेकर प्रबंधन के सकारात्मक संकेतों ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया। इसके परिणामस्वरूप आईटी क्षेत्र में खरीदारी तेज हुई और कंपनी के शेयरों में मजबूती देखने को मिली।

    निजी क्षेत्र के आईसीआईसीआई बैंक ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। सप्ताहभर में बैंक के बाजार पूंजीकरण में 29 हजार करोड़ रुपये से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाजार मूल्य में भी लगभग 24 हजार करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। वित्तीय क्षेत्र की प्रमुख कंपनी बजाज फाइनेंस और सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने भी बाजार पूंजीकरण में उल्लेखनीय बढ़त दर्ज कर निवेशकों को सकारात्मक रिटर्न दिया।

    हालांकि सभी बड़ी कंपनियों का प्रदर्शन एक जैसा नहीं रहा। इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की प्रमुख कंपनी लार्सन एंड टुब्रो के बाजार मूल्यांकन में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा भारतीय जीवन बीमा निगम, भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक और हिंदुस्तान यूनिलीवर के बाजार पूंजीकरण में भी कमी देखने को मिली। इसके बावजूद इन कंपनियों की बाजार स्थिति मजबूत बनी रही और वे देश की सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनियों में शामिल रहीं।

    सप्ताह के अंत तक रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे अधिक बाजार मूल्य वाली सूचीबद्ध कंपनी बनी रही। इसके बाद एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, भारतीय जीवन बीमा निगम, लार्सन एंड टुब्रो और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा। यह क्रम भारतीय कॉरपोरेट जगत में इन कंपनियों की मजबूत उपस्थिति और निवेशकों के विश्वास को दर्शाता है।

    समूचे शेयर बाजार का प्रदर्शन भी उत्साहजनक रहा। सप्ताह के दौरान सेंसेक्स में 582 अंकों से अधिक की बढ़त दर्ज हुई, जबकि निफ्टी भी 127 अंकों से अधिक मजबूत होकर बंद हुआ। विभिन्न सेक्टरों में सूचना प्रौद्योगिकी सबसे अधिक लाभ देने वाला सूचकांक रहा। इसके अलावा कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मीडिया, प्राइवेट बैंक, ऑयल एंड गैस, ऑटो, सर्विसेज, सार्वजनिक उपक्रम और ऊर्जा क्षेत्रों में भी सकारात्मक बढ़त देखने को मिली।

    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत कॉरपोरेट नतीजों, बेहतर आर्थिक संकेतकों और निवेशकों के बढ़ते विश्वास के कारण भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है। यदि आने वाले समय में कंपनियों के तिमाही परिणाम अपेक्षाओं के अनुरूप रहते हैं और वैश्विक परिस्थितियां स्थिर बनी रहती हैं, तो बाजार में यह सकारात्मक रुझान आगे भी जारी रह सकता है। फिलहाल शीर्ष कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में आई यह बढ़ोतरी भारतीय इक्विटी बाजार की मजबूती और निवेशकों के भरोसे का महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है।