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  • कमजोर तिमाही बिजनेस अपडेट से ट्रेंट के शेयर में बड़ी बिकवाली, निवेशकों की उम्मीदों को झटका, एक ही दिन में 11 प्रतिशत से अधिक लुढ़का स्टॉक

    कमजोर तिमाही बिजनेस अपडेट से ट्रेंट के शेयर में बड़ी बिकवाली, निवेशकों की उम्मीदों को झटका, एक ही दिन में 11 प्रतिशत से अधिक लुढ़का स्टॉक

    नई दिल्ली । टाटा समूह की प्रमुख रिटेल कंपनी ट्रेंट के शेयरों में मंगलवार को तेज गिरावट दर्ज की गई, जब कंपनी की जून तिमाही से जुड़ा कारोबारी अपडेट बाजार की अपेक्षाओं से कमजोर रहा। कारोबार के शुरुआती घंटों में कंपनी का शेयर 11 प्रतिशत से अधिक टूट गया, जिससे निवेशकों की धारणा पर स्पष्ट असर दिखाई दिया। विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी की आय वृद्धि अनुमान से कम रहने और नए स्टोर जोड़ने की रफ्तार धीमी पड़ने के कारण बाजार ने नकारात्मक प्रतिक्रिया दी।

    जून तिमाही के दौरान ट्रेंट ने 5,666 करोड़ रुपये की स्टैंडअलोन आय दर्ज की, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 4,781 करोड़ रुपये था। हालांकि कंपनी की आय में सालाना आधार पर वृद्धि हुई, लेकिन यह वृद्धि बाजार की उम्मीदों से कम रही। निवेशकों और विश्लेषकों को इस अवधि में लगभग 22 से 23 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद थी, जबकि वास्तविक वृद्धि करीब 19 प्रतिशत के आसपास रही। इसी अंतर ने शेयर बाजार में दबाव बढ़ा दिया।

    तिमाही के अंत तक कंपनी के कुल स्टोरों की संख्या बढ़कर 1,312 हो गई। इनमें 301 वेस्टसाइड स्टोर, 982 जूडियो आउटलेट और लाइफस्टाइल श्रेणी के 29 स्टोर शामिल रहे। इसके बावजूद नए स्टोर खोलने की गति पहले की तुलना में अपेक्षाकृत धीमी रहने को लेकर बाजार ने चिंता जताई। रिटेल क्षेत्र में विस्तार की रफ्तार निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण संकेतक मानी जाती है और इसी वजह से इस पहलू पर भी विशेष ध्यान दिया गया।

    बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि तिमाही प्रदर्शन अपेक्षाओं से कमजोर जरूर रहा, लेकिन इसे कंपनी के कारोबार में किसी स्थायी या संरचनात्मक समस्या का संकेत नहीं माना जाना चाहिए। उनका मानना है कि रिटेल कारोबार में तिमाही दर तिमाही उतार-चढ़ाव सामान्य बात है और किसी एक तिमाही के आंकड़ों के आधार पर कंपनी की दीर्घकालिक संभावनाओं का आकलन करना उचित नहीं होगा। आने वाली तिमाहियों में कंपनी के विस्तार और बिक्री की गति पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।

    हाल के महीनों में ट्रेंट के शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया था और निवेशकों को सकारात्मक रिटर्न भी मिला था। मंगलवार की बड़ी गिरावट के बावजूद पिछले एक महीने के दौरान कंपनी का शेयर लगभग 9 प्रतिशत का लाभ दे चुका है। हालांकि एक वर्ष की अवधि में इसमें करीब 19 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इसके विपरीत, यदि लंबे समय के प्रदर्शन पर नजर डालें तो पिछले पांच वर्षों में ट्रेंट ने लगभग 390 प्रतिशत का उल्लेखनीय रिटर्न देकर निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है।

    कंपनी के पिछले वित्तीय प्रदर्शन पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 2025-26 की मार्च तिमाही में ट्रेंट ने 5,028 करोड़ रुपये की आय दर्ज की थी। इस दौरान कुल खर्च 4,117 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का ऑपरेटिंग मुनाफा 911 करोड़ रुपये और कर के बाद शुद्ध लाभ 413 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। ऑपरेटिंग मार्जिन भी बढ़कर 18 प्रतिशत पर पहुंच गया था, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 15 प्रतिशत से अधिक था। इससे स्पष्ट है कि कंपनी की लाभप्रदता में सुधार देखने को मिला था, लेकिन मौजूदा तिमाही के कारोबारी संकेतकों ने निवेशकों की उम्मीदों को फिलहाल कुछ हद तक निराश किया है।

  • सेंसेक्स-निफ्टी सीमित बढ़त के साथ खुले, आईटी सेक्टर में खरीदारी रही हावी, एफपीआई के रुख में बदलाव से बाजार को मिला सहारा

    सेंसेक्स-निफ्टी सीमित बढ़त के साथ खुले, आईटी सेक्टर में खरीदारी रही हावी, एफपीआई के रुख में बदलाव से बाजार को मिला सहारा

    नई दिल्ली । भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को कारोबारी सत्र की शुरुआत सीमित बढ़त के साथ की। शुरुआती कारोबार में प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी लगभग सपाट स्तर पर कारोबार करते दिखाई दिए, जबकि आईटी क्षेत्र के शेयरों में अच्छी खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया। निवेशकों का रुझान फिलहाल चुनिंदा सेक्टरों की ओर बना हुआ है और बाजार में सतर्क आशावाद का माहौल देखने को मिल रहा है।

    शुरुआती कारोबार में आईटी कंपनियों के शेयर सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र बने। इस क्षेत्र में लगातार खरीदारी के कारण संबंधित सेक्टोरल इंडेक्स अन्य सूचकांकों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करता नजर आया। इसके अलावा वित्तीय सेवाएं, निजी बैंक, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, ऑटो, हेल्थकेयर, ऑयल एंड गैस, रियल्टी और सर्विसेज सेक्टर में भी सकारात्मक कारोबार देखने को मिला, जिससे बाजार का समग्र रुख संतुलित बना रहा।

    दूसरी ओर धातु, रक्षा, मीडिया, मैन्युफैक्चरिंग, सार्वजनिक उपक्रमों और कमोडिटी से जुड़े शेयरों में दबाव देखने को मिला। इन क्षेत्रों में बिकवाली के कारण कुछ प्रमुख कंपनियों के शेयर लाल निशान में कारोबार करते रहे। इससे यह संकेत मिला कि निवेशक फिलहाल मजबूत बुनियादी संकेतों वाले क्षेत्रों में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं।

    लार्जकैप कंपनियों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी सीमित उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। व्यापक बाजार में किसी बड़ी तेजी या गिरावट के बजाय संतुलित कारोबार देखने को मिला। इससे यह स्पष्ट हुआ कि निवेशक फिलहाल बड़े फैसले लेने के बजाय बाजार के अगले संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।

    आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के साथ कुछ वित्तीय और उपभोक्ता कंपनियों के शेयरों में अच्छी मजबूती देखने को मिली। वहीं कुछ औद्योगिक, स्टील, फार्मा और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के शेयरों पर दबाव बना रहा। बाजार का यह मिश्रित प्रदर्शन निवेशकों की सेक्टर आधारित रणनीति को दर्शाता है, जहां अलग-अलग उद्योगों में अलग रुख अपनाया जा रहा है।

    वैश्विक बाजारों का प्रभाव भी भारतीय शेयर बाजार पर सीमित रूप से दिखाई दिया। अधिकांश एशियाई बाजारों में कमजोरी का माहौल रहा, जबकि अमेरिकी बाजार पिछले कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए थे। विशेष रूप से तकनीकी कंपनियों में आई मजबूती का सकारात्मक असर भारतीय आईटी शेयरों पर भी दिखाई दिया।

    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के दिनों में जिन दो प्रमुख कारणों से बाजार पर दबाव बना हुआ था, उनमें अब राहत के संकेत दिखाई दे रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी से आयात लागत को लेकर चिंताएं कम हुई हैं। इसके साथ ही विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों का रुख भी बदलता नजर आ रहा है। लगातार बिकवाली के बाद अब विदेशी निवेशकों की ओर से खरीदारी शुरू होना बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

    घरेलू संस्थागत निवेशकों की सक्रिय खरीदारी भी बाजार को स्थिरता प्रदान कर रही है। विदेशी और घरेलू निवेशकों की भागीदारी से बाजार में संतुलन बना हुआ है, जिससे आने वाले समय में निवेशकों का भरोसा और मजबूत हो सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं और विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है तो भारतीय शेयर बाजार को आगे भी समर्थन मिल सकता है। फिलहाल निवेशकों की नजर आगामी आर्थिक संकेतकों, कॉर्पोरेट नतीजों और वैश्विक बाजारों की दिशा पर बनी हुई है।

  • भारी बारिश के बीच भी हर रविवार निभाई परंपरा, अमिताभ बच्चन ने फैंस से मुलाकात कर कहा- आपका स्नेह मुझे हर बार भावुक कर देता है

    भारी बारिश के बीच भी हर रविवार निभाई परंपरा, अमिताभ बच्चन ने फैंस से मुलाकात कर कहा- आपका स्नेह मुझे हर बार भावुक कर देता है


    नई दिल्ली ।
    मुंबई में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच भी महानायक अमिताभ बच्चन ने अपने प्रशंसकों से मिलने की वर्षों पुरानी परंपरा को कायम रखा। हर रविवार की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में फैंस उनके आवास ‘जलसा’ के बाहर पहुंचे, जहां बिग बी ने उनका अभिवादन स्वीकार किया। खराब मौसम के बावजूद प्रशंसकों का उत्साह और समर्पण देखकर अभिनेता भावुक नजर आए। उन्होंने अपने आधिकारिक ब्लॉग के माध्यम से सभी का आभार व्यक्त करते हुए लोगों से बारिश के दौरान सावधानी बरतने की अपील भी की।

    अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि मौसम चाहे धूप का हो, ठंड का हो या फिर तेज बारिश का, उनके प्रशंसक हर सप्ताह उसी उत्साह और प्रेम के साथ उनसे मिलने आते हैं। उन्होंने कहा कि यह स्नेह और अपनापन उन्हें हर बार भावुक कर देता है। उन्होंने बताया कि वह हाथ जोड़कर, हाथ हिलाकर और ऑटोग्राफ देकर अपने प्रशंसकों के प्रति आभार व्यक्त करने का प्रयास करते हैं, लेकिन उनके प्रेम का मूल्य शब्दों में व्यक्त करना आसान नहीं है।

    मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश को लेकर भी अभिनेता ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बारिश जहां जलस्रोतों और झीलों के लिए लाभदायक है, वहीं दूसरी ओर कई इलाकों में लोगों की दैनिक जिंदगी प्रभावित हो रही है। जलभराव, यातायात में बाधा और सामान्य जनजीवन पर पड़ रहे असर को देखते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि स्थिति जल्द सामान्य होगी और लोगों को राहत मिलेगी।

    अमिताभ बच्चन ने अपने संदेश में सभी नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि मौसम की गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए लोग केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। उन्होंने सभी से अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। अभिनेता ने कहा कि केवल मुंबई ही नहीं, बल्कि जहां भी भारी बारिश का असर है, वहां रहने वाले सभी लोग सावधानी बरतें क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति का जीवन अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें अमिताभ बच्चन के बंगले ‘जलसा’ के बाहर जमा बारिश का पानी परिसर के भीतर तक पहुंचता दिखाई दिया। लगातार बारिश और जल निकासी की समस्या के कारण आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई थी। इस वीडियो के सामने आने के बाद शहर में बारिश से उत्पन्न चुनौतियों पर भी व्यापक चर्चा हुई।

    इसके बावजूद अभिनेता ने अपने प्रशंसकों से मिलने की परंपरा को नहीं तोड़ा। बड़ी संख्या में पहुंचे फैंस ने बारिश की परवाह किए बिना अपने पसंदीदा अभिनेता की एक झलक पाने का इंतजार किया। अमिताभ बच्चन ने भी उन्हें निराश नहीं किया और घर के बाहर आकर हाथ हिलाकर सभी का अभिवादन किया। यह दृश्य एक बार फिर उनके और उनके प्रशंसकों के बीच वर्षों से बने गहरे भावनात्मक रिश्ते का प्रतीक बन गया।

    अमिताभ बच्चन लंबे समय से हर रविवार अपने आवास के बाहर फैंस से मुलाकात करते रहे हैं। देश और विदेश से आने वाले प्रशंसकों के लिए यह मुलाकात किसी विशेष अवसर से कम नहीं होती। खराब मौसम जैसी परिस्थितियां भी इस परंपरा और प्रशंसकों के उत्साह को प्रभावित नहीं कर सकीं। अभिनेता का यह व्यवहार उनके प्रशंसकों के प्रति सम्मान और आत्मीयता को दर्शाता है।

    फिल्मी मोर्चे पर भी अमिताभ बच्चन आने वाले समय में एक बड़े प्रोजेक्ट के साथ दर्शकों के बीच नजर आएंगे। वह फिल्म ‘कल्कि 2898 एडी’ के सीक्वल ‘कल्कि 2’ में एक बार फिर अश्वत्थामा के अपने चर्चित किरदार को निभाते दिखाई देंगे। इस फिल्म में उनके साथ प्रभास और कमल हासन सहित कई प्रमुख कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच पहले से ही काफी उत्सुकता बनी हुई है।

  • आमिर खान और गौरी स्प्रैट शादी के बंधन में बंधे, बेहद निजी समारोह में हुई मैरिज रजिस्ट्रेशन, परिवार और करीबी मेहमान बने गवाह

    आमिर खान और गौरी स्प्रैट शादी के बंधन में बंधे, बेहद निजी समारोह में हुई मैरिज रजिस्ट्रेशन, परिवार और करीबी मेहमान बने गवाह

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने अपने जीवन की नई शुरुआत करते हुए अपनी पार्टनर गौरी स्प्रैट से शादी कर ली। मुंबई के बांद्रा स्थित उनके आवास पर आयोजित एक निजी समारोह में दोनों ने विवाह पंजीकरण कराया। समारोह को पूरी तरह पारिवारिक रखा गया, जिसमें केवल परिवार के सदस्य, करीबी रिश्तेदार और चुनिंदा दोस्तों को आमंत्रित किया गया। यह आमिर खान की तीसरी शादी है।

    जानकारी के अनुसार, दोनों ने दोपहर के समय विवाह संबंधी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर कानूनी रूप से अपने रिश्ते को नया नाम दिया। इसके बाद मेहमानों के लिए लंच का आयोजन किया गया। समारोह में करीब 150 मेहमान शामिल हुए, जिनमें परिवार के सदस्य, करीबी मित्र और रिश्तेदार मौजूद रहे। पूरे आयोजन को सादगी और गोपनीयता के साथ संपन्न किया गया।

    इस खास अवसर पर आमिर खान के बच्चे जुनैद, आयरा और आज़ाद भी मौजूद रहे। वहीं, गौरी स्प्रैट का बेटा भी इस पारिवारिक समारोह का हिस्सा बना। दोनों परिवारों की मौजूदगी ने इस अवसर को और अधिक भावनात्मक बना दिया। शादी को पूरी तरह निजी रखा गया और इसे सार्वजनिक आयोजन का रूप नहीं दिया गया।

    आमिर खान और गौरी स्प्रैट एक-दूसरे को करीब 25 वर्षों से जानते हैं। हालांकि दोनों ने लगभग दो वर्ष पहले अपने रिश्ते को नई दिशा दी थी। इसी वर्ष उन्होंने अपने संबंध को सार्वजनिक किया था, जिसके बाद उनकी शादी को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही थीं। अंततः दोनों ने बेहद सादगीपूर्ण माहौल में विवाह करने का फैसला किया।

    गौरी स्प्रैट बेंगलुरु की रहने वाली हैं और वेलनेस एवं ब्यूटी सेक्टर से जुड़ी हैं। वह मुंबई में अपना व्यवसाय संचालित करती हैं और स्टाइलिंग तथा फोटोग्राफी की पढ़ाई कर चुकी हैं। उनका पहले भी विवाह हो चुका था और उनका एक बेटा है। दूसरी ओर, आमिर खान की पहली शादी रीना दत्ता से हुई थी, जिनसे उनके दो बच्चे जुनैद और आयरा हैं। इसके बाद उन्होंने फिल्म निर्माता किरण राव से विवाह किया था। वर्ष 2021 में दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला किया था, हालांकि वे आज भी अपने बेटे की परवरिश में साथ मिलकर जिम्मेदारी निभाते हैं।

    शादी में फिल्म जगत से जुड़े कुछ करीबी लोग भी शामिल हुए। निर्देशक आशुतोष गोवारिकर सहित कई पुराने मित्र इस समारोह का हिस्सा बने। चर्चा यह भी रही कि कुछ प्रमुख कारोबारी परिवारों के सदस्य समारोह में शामिल होने वाले थे, लेकिन खराब मौसम के कारण उनकी यात्रा प्रभावित हुई। पूरे आयोजन में आमिर खान ने निजी माहौल को प्राथमिकता दी और हर व्यवस्था पर स्वयं नजर रखी।

    आमिर खान और गौरी स्प्रैट की शादी ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि व्यक्तिगत जीवन के महत्वपूर्ण फैसलों को सादगी और परिवार की मौजूदगी में भी खास बनाया जा सकता है। लंबे समय की दोस्ती से शुरू हुआ यह रिश्ता अब विवाह के नए पड़ाव में पहुंच चुका है, जिसे लेकर उनके प्रशंसकों और फिल्म जगत में शुभकामनाओं का सिलसिला जारी है।

  • आमिर खान की तीसरी शादी बनी चर्चा का केंद्र, गौरी स्प्रैट संग निजी समारोह में परिवार, करीबी दोस्त और कई नामचीन हस्तियां रहीं शामिल

    आमिर खान की तीसरी शादी बनी चर्चा का केंद्र, गौरी स्प्रैट संग निजी समारोह में परिवार, करीबी दोस्त और कई नामचीन हस्तियां रहीं शामिल

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने अपने निजी जीवन की नई शुरुआत करते हुए गौरी स्प्रैट के साथ विवाह कर लिया। मुंबई स्थित उनके आवास पर आयोजित इस निजी समारोह में परिवार के सदस्य, करीबी मित्र और चुनिंदा मेहमान शामिल हुए। लंबे समय से चर्चा में चल रहे इस रिश्ते को आखिरकार दोनों ने आधिकारिक रूप दे दिया। समारोह को पूरी तरह निजी रखा गया, जहां सीमित संख्या में मेहमानों की मौजूदगी में विवाह की सभी औपचारिकताएं पूरी की गईं।

    शादी के अवसर पर आमिर खान के परिवार के सदस्य सबसे पहले पहुंचने वालों में शामिल रहे। उनके बेटे जुनैद खान और बेटी आयरा खान ने समारोह में हिस्सा लिया। परिवार के अन्य सदस्य भी इस खास मौके पर मौजूद रहे। शादी के आयोजन को सादगी और गरिमा के साथ संपन्न किया गया, जबकि पूरे समारोह की तैयारियां पहले से पूरी कर ली गई थीं।

    समारोह में देश के कई प्रमुख उद्योगपति, राजनीतिक और फिल्मी जगत की हस्तियां भी शामिल हुईं। फिल्म निर्देशक आशुतोष गोवारिकर अपनी पत्नी के साथ समारोह में पहुंचे। उनके अलावा कई करीबी मित्र और मनोरंजन जगत से जुड़े लोग भी इस खुशी के मौके के साक्षी बने। आयोजन में केवल आमंत्रित मेहमानों को ही शामिल किया गया, जिससे पूरे कार्यक्रम की निजता बरकरार रही।

    बताया जा रहा है कि विवाह विशेष विवाह अधिनियम के तहत संपन्न हुआ। शादी के लिए लगभग 100 से 150 मेहमानों को आमंत्रित किया गया था। भोजन व्यवस्था से लेकर समारोह की अन्य तैयारियों तक हर पहलू पर विशेष ध्यान दिया गया। आयोजन का माहौल पारिवारिक और सादगीपूर्ण रखा गया, जहां भव्यता के बजाय निजीपन को प्राथमिकता दी गई।

    आमिर खान के लिए यह तीसरी शादी है। इससे पहले उन्होंने रीना दत्ता से विवाह किया था, जिनसे उनके दो बच्चे जुनैद और आयरा हैं। बाद में दोनों अलग हो गए। इसके बाद उन्होंने किरण राव से शादी की, जिनसे उनका एक बेटा आजाद है। वर्ष 2021 में दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला किया था। अलगाव के बाद भी दोनों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध बने रहे।

    गौरी स्प्रैट के साथ रिश्ते को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार चर्चा चल रही थी। दोनों को कई अवसरों पर साथ देखा गया, जिसके बाद उनके विवाह की अटकलें तेज हो गई थीं। अब इस रिश्ते को विवाह का रूप मिलने के साथ ही इन चर्चाओं पर भी विराम लग गया है।

    आमिर खान की इस नई शुरुआत को लेकर उनके प्रशंसकों में भी उत्साह देखने को मिल रहा है। फिल्म जगत और उनके करीबियों की ओर से नवविवाहित जोड़े को शुभकामनाएं दी जा रही हैं। निजी और सादगीपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ यह विवाह वर्ष 2026 की चर्चित सेलिब्रिटी शादियों में शामिल हो गया है।

  • 5,000 रुपए से 40,000 करोड़ तक का सफर: कैसे राकेश झुनझुनवाला बने भारतीय शेयर बाजार के 'बिग बुल' और निवेश की दुनिया के सबसे भरोसेमंद नाम

    5,000 रुपए से 40,000 करोड़ तक का सफर: कैसे राकेश झुनझुनवाला बने भारतीय शेयर बाजार के 'बिग बुल' और निवेश की दुनिया के सबसे भरोसेमंद नाम

    नई दिल्ली । भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में राकेश झुनझुनवाला का नाम उन चुनिंदा निवेशकों में शामिल है, जिन्होंने अपनी दूरदर्शी सोच, मजबूत रणनीति और धैर्य के बल पर निवेश की दुनिया में असाधारण सफलता हासिल की। बेहद सीमित पूंजी से शुरुआत करने वाले झुनझुनवाला ने समय के साथ ऐसा निवेश साम्राज्य खड़ा किया, जिसने उन्हें देश का ‘बिग बुल’ और निवेश जगत का सबसे चर्चित चेहरा बना दिया। उनकी निवेश शैली आज भी नए और अनुभवी निवेशकों के लिए प्रेरणा का प्रमुख स्रोत मानी जाती है।

    5 जुलाई 1960 को मुंबई में जन्मे राकेश झुनझुनवाला का शुरुआती जीवन सामान्य रहा। उनके पिता आयकर विभाग में अधिकारी थे और घर में अक्सर अर्थव्यवस्था तथा शेयर बाजार से जुड़ी चर्चाएं होती थीं। इन्हीं चर्चाओं ने उनके भीतर पूंजी बाजार को समझने की रुचि विकसित की। उन्होंने कॉमर्स की पढ़ाई पूरी करने के बाद चार्टर्ड अकाउंटेंट की उपाधि हासिल की, लेकिन उनका लक्ष्य केवल पेशेवर जीवन तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने निवेश को अपने करियर का आधार बनाया।

    वर्ष 1985 में उन्होंने लगभग 5,000 रुपए की पूंजी के साथ शेयर बाजार में कदम रखा। शुरुआती दौर में परिवार और परिचितों से जुटाई गई पूंजी के सहारे उन्होंने कंपनियों का गहराई से अध्ययन करते हुए निवेश शुरू किया। उनकी पहली बड़ी सफलता टाटा टी के शेयरों में निवेश से मिली, जहां कुछ ही समय में उन्हें उल्लेखनीय लाभ हुआ। इस सफलता ने उन्हें बाजार में नई पहचान दिलाई और आगे बढ़ने का आत्मविश्वास भी दिया।

    इसके बाद उन्होंने कई ऐसी कंपनियों में निवेश किया, जिन्हें उस समय बाजार में अधिक महत्व नहीं दिया जा रहा था। टाटा पावर, सेसा गोवा और प्राज इंडस्ट्रीज जैसे निवेशों ने उन्हें शानदार रिटर्न दिलाया। हालांकि उनके करियर का सबसे सफल निवेश टाइटन कंपनी में माना जाता है। जब अधिकांश निवेशक इस कंपनी को लेकर आशंकित थे, तब उन्होंने इसमें भरोसा जताया। आने वाले वर्षों में टाइटन के जबरदस्त प्रदर्शन ने उनकी संपत्ति में हजारों करोड़ रुपए का इजाफा किया और यह उनके पोर्टफोलियो का सबसे मूल्यवान निवेश बन गया।

    राकेश झुनझुनवाला केवल सफल निवेशक ही नहीं थे, बल्कि एक सक्रिय उद्यमी भी थे। अपनी निवेश कंपनी के माध्यम से उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में निवेश किया और कई कंपनियों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिक्षा, मीडिया और विमानन जैसे क्षेत्रों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रही। वर्ष 2022 में उन्होंने विमानन क्षेत्र में प्रवेश करते हुए आकासा एयर की शुरुआत की, जिसे उनके सबसे महत्वाकांक्षी व्यावसायिक कदमों में गिना गया।

    14 अगस्त 2022 को उनका निधन हो गया, लेकिन उनका निवेश दर्शन आज भी उतना ही प्रासंगिक माना जाता है। उनका विश्वास था कि शेयर बाजार में सफलता किसी एक दिन का परिणाम नहीं होती, बल्कि सही कंपनियों का चयन, लगातार अध्ययन और लंबी अवधि तक धैर्य बनाए रखने से मिलती है। वे हमेशा कहते थे कि बाजार में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक है और निवेशकों को छोटी अवधि की अस्थिरता से घबराने के बजाय मजबूत कंपनियों पर भरोसा बनाए रखना चाहिए।

    झुनझुनवाला का मानना था कि किसी भी निवेश से पहले कंपनी के कारोबार, वित्तीय स्थिति, प्रबंधन और भविष्य की संभावनाओं का गंभीर विश्लेषण जरूरी है। वे भीड़ का अनुसरण करने के बजाय स्वतंत्र रिसर्च पर भरोसा करने और विविध क्षेत्रों में निवेश कर जोखिम को संतुलित रखने की सलाह देते थे। उनकी यही सोच और अनुशासित निवेश रणनीति उन्हें भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में हमेशा एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व के रूप में स्थापित करती रहेगी।

  • 22 साल बाद 'इंडियन आइडल' के मंच पर लौटे अभिजीत सावंत, 'मोहब्बतें लुटाऊंगा' ने जगाईं सुनहरी यादें, अमित सना संग रीयूनियन बना

    22 साल बाद 'इंडियन आइडल' के मंच पर लौटे अभिजीत सावंत, 'मोहब्बतें लुटाऊंगा' ने जगाईं सुनहरी यादें, अमित सना संग रीयूनियन बना

    नई दिल्ली। लोकप्रिय संगीत रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल’ के 75वें एपिसोड, जिसे डायमंड जुबली स्पेशल के रूप में प्रस्तुत किया गया, में दर्शकों को एक भावुक और यादगार पल देखने को मिला। शो के पहले विजेता अभिजीत सावंत और पहले सीजन के चर्चित प्रतिभागी अमित सना करीब 22 साल बाद एक बार फिर उसी मंच पर साथ दिखाई दिए, जहां से उनके संगीत सफर की शुरुआत हुई थी। दोनों कलाकारों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को खास बना दिया और दर्शकों के बीच पुरानी यादें ताजा हो गईं।

    कार्यक्रम के दौरान अभिजीत सावंत ने अपना लोकप्रिय गीत ‘मोहब्बतें लुटाऊंगा’ प्रस्तुत किया, जिसने कभी उन्हें देशभर में अलग पहचान दिलाई थी। जैसे ही यह गीत शुरू हुआ, स्टूडियो में मौजूद दर्शकों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी पुरानी यादों का सिलसिला शुरू हो गया। कई प्रशंसकों ने इसे शो का सबसे भावुक और यादगार क्षण बताया।

    अभिजीत सावंत ने इस अवसर को अपने जीवन का बेहद खास पल बताते हुए कहा कि ‘इंडियन आइडल’ ने उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी। उन्होंने कहा कि इसी मंच से उन्हें देशभर के लोगों का प्यार और पहचान मिली। वर्षों बाद उसी मंच पर लौटना उनके लिए भावनात्मक अनुभव रहा। उन्होंने यह भी कहा कि नई पीढ़ी के प्रतिभाशाली गायकों को इसी मंच पर आगे बढ़ते देखना यह साबित करता है कि यह शो आज भी उतना ही प्रासंगिक और प्रेरणादायक है।

    अमित सना ने भी पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि जब वह पहली बार इस प्रतियोगिता में शामिल हुए थे, तब उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि वर्षों बाद फिर उसी मंच पर लौटने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि छोटे शहर से आने वाले एक साधारण युवा के लिए यह सफर किसी सपने के सच होने जैसा था। उनके अनुसार, उस समय किसी प्रतिभागी ने नहीं सोचा था कि शो भारतीय टेलीविजन के इतिहास का इतना बड़ा अध्याय बन जाएगा।

    कार्यक्रम में मौजूद संगीतकार और जज विशाल ददलानी ने भी दोनों कलाकारों की यात्रा की सराहना की। उन्होंने कहा कि पहले सीजन के प्रतियोगियों ने भारतीय संगीत उद्योग और टेलीविजन पर गहरा प्रभाव छोड़ा। उनके मुताबिक, उस दौर ने यह विश्वास मजबूत किया कि प्रतिभा के दम पर कोई भी कलाकार राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है। उन्होंने दोनों गायकों की उपलब्धियों को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक बताया।

    गौरतलब है कि ‘इंडियन आइडल’ का पहला सीजन वर्ष 2004-05 में प्रसारित हुआ था और उसने भारतीय टेलीविजन पर संगीत आधारित रियलिटी शो की लोकप्रियता को नई ऊंचाई दी थी। इसी मंच से अभिजीत सावंत, अमित सना, राहुल वैद्य और प्राजक्ता शुक्रे जैसे कई कलाकारों ने अपने करियर की शुरुआत की। पहले सीजन के विजेता बनने के बाद अभिजीत सावंत का पहला एल्बम रिलीज हुआ, जिसमें शामिल ‘मोहब्बतें लुटाऊंगा’ आज भी उनके सबसे लोकप्रिय गीतों में गिना जाता है।

    डायमंड जुबली स्पेशल एपिसोड ने यह दिखाया कि समय भले ही बदल गया हो, लेकिन अच्छी संगीत प्रतिभा और उससे जुड़ी यादें कभी पुरानी नहीं होतीं। अभिजीत सावंत और अमित सना की मंच पर वापसी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि दर्शकों के दिलों में उनके लिए आज भी वही अपनापन और सम्मान कायम है।

  • मुंबई महापौर और पूर्व मेयर के बीच बढ़ा सियासी टकराव, कार्यालय में जबरन प्रवेश और गोपनीय दस्तावेजों की रिकॉर्डिंग के गंभीर आरोप

    मुंबई महापौर और पूर्व मेयर के बीच बढ़ा सियासी टकराव, कार्यालय में जबरन प्रवेश और गोपनीय दस्तावेजों की रिकॉर्डिंग के गंभीर आरोप

    नई दिल्ली। मुंबई महानगरपालिका मुख्यालय में राजनीतिक तनाव उस समय और बढ़ गया जब महापौर रितू तावड़े ने विपक्ष की नेता एवं पूर्व महापौर किशोरी पेडनेकर पर उनके कार्यालय में बिना अनुमति प्रवेश करने और संवेदनशील दस्तावेजों की वीडियो रिकॉर्डिंग करने का गंभीर आरोप लगाया। इस घटना के बाद नगर निगम की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और मामले को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।

    महापौर रितू तावड़े का दावा है कि घटना उस समय हुई जब वह शहर में मैनहोल सुरक्षा व्यवस्था और निरीक्षण कार्यों की समीक्षा के लिए कार्यालय से बाहर थीं। उनके अनुसार इसी दौरान पूर्व महापौर बिना पूर्व अनुमति सीधे महापौर के निजी कार्यालय में पहुंचीं और वहां मौजूद दस्तावेजों तथा कार्यालय परिसर की वीडियो रिकॉर्डिंग करने का प्रयास किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह केवल सामान्य निरीक्षण नहीं बल्कि कार्यालय की गतिविधियों की ‘रेकी’ करने जैसा कृत्य था।

    महापौर ने कहा कि उनके कार्यालय में प्रवेश के दौरान कर्मचारियों के साथ तीखी बहस भी हुई। आरोप है कि कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों पर दबाव बनाया गया और उन्हें कथित रूप से धमकाया भी गया। उनका कहना है कि पूरे घटनाक्रम के सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध हैं, जिनके आधार पर मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने दावा किया कि घटना निर्धारित समय पर हुई और उसके डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित हैं।

    रितू तावड़े ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक निर्वाचित जनप्रतिनिधि को प्रशासनिक जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है, लेकिन इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया और नियमों का पालन करना आवश्यक होता है। उनके अनुसार किसी भी संवेदनशील कार्यालय में बिना अनुमति प्रवेश करना और वहां की रिकॉर्डिंग करना प्रशासनिक मर्यादाओं के विपरीत है। उन्होंने इस घटना को नगर निगम की कार्यप्रणाली और संस्थागत व्यवस्था के लिए गंभीर विषय बताया।

    महापौर ने कहा कि मामले को लेकर संबंधित पुलिस थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम के इतिहास में इस प्रकार की घटना पहले कभी सामने नहीं आई और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की जाएगी। उनका मानना है कि सार्वजनिक संस्थानों की सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

    दूसरी ओर, इस पूरे घटनाक्रम ने मुंबई की स्थानीय राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। साकीनाका मैनहोल हादसे के बाद पहले से ही राजनीतिक माहौल गर्म था और अब इस आरोप के बाद दोनों पक्षों के बीच टकराव और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। नगर निगम के भीतर भी इस मामले को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा जारी है।

    फिलहाल इस मामले में आरोप लगाए गए हैं और संबंधित एजेंसियों द्वारा आगे की प्रक्रिया अपनाई जानी बाकी है। यदि पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज होती है तो उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा सकती है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी तथ्यात्मक पुष्टि होती है और आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है।

  • 'हेरा फेरी 3' को लेकर नया विवाद, प्रियदर्शन का बड़ा खुलासा, बोले- निर्माता के व्यवहार से आहत होकर छोड़ी फिल्म, बड़े दावे भी किए

    'हेरा फेरी 3' को लेकर नया विवाद, प्रियदर्शन का बड़ा खुलासा, बोले- निर्माता के व्यवहार से आहत होकर छोड़ी फिल्म, बड़े दावे भी किए

    मुंबई। बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘हेरा फेरी 3’ एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। कलाकारों और निर्माण से जुड़े विवादों के बीच अब निर्देशक प्रियदर्शन ने पहली बार खुलकर बताया है कि उन्होंने इस फिल्म से खुद को अलग करने का फैसला क्यों लिया। उनके हालिया बयान ने फिल्म को लेकर चल रही चर्चाओं को और तेज कर दिया है। हालांकि, इस मामले में संबंधित पक्ष की ओर से सार्वजनिक रूप से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

    प्रियदर्शन ने एक इंटरव्यू में दावा किया कि फिल्म के निर्माता ने स्पष्ट रूप से यह शर्त रखी थी कि फिल्म का निर्माण तो उनके अधिकारों के तहत होगा, लेकिन निर्देशन उनके हाथों में नहीं होना चाहिए। निर्देशक के अनुसार, यह बात उनके लिए बेहद निराशाजनक थी और इसी कारण उन्होंने परियोजना से दूरी बनाने का फैसला किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अतीत में भी निर्माता की ओर से कई बार उनके प्रति सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया गया।

    निर्देशक ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वर्ष 2000 में रिलीज हुई ‘हेरा फेरी’ के समय भी उन्हें कई कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा था। उनका दावा है कि फिल्म देखने के बाद निर्माता ने उसकी प्रस्तुति को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। प्रियदर्शन के अनुसार, उस वक्त उन्हें फिल्म के लंबे संस्करण को काफी संपादित कर छोटा करना पड़ा, ताकि इसे निर्धारित प्रारूप में रिलीज किया जा सके।

    प्रियदर्शन ने बताया कि उन्होंने शुरुआत में केवल अभिनेता अक्षय कुमार के आग्रह और विश्वास के कारण ‘हेरा फेरी 3’ का निर्देशन करने में रुचि दिखाई थी। उनका मानना था कि इस लोकप्रिय फ्रेंचाइजी को नई ऊंचाइयों तक ले जाया जा सकता है और इसे भारतीय सिनेमा की सबसे सफल कॉमेडी सीरीज में शामिल किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्हें फिल्म बनाने का अवसर मिलता तो वह इसे और अधिक बड़े स्तर पर प्रस्तुत करते।

    निर्देशक के अनुसार, अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी और परेश रावल तीनों चाहते थे कि वही फिल्म का निर्देशन करें। उन्होंने कहा कि कलाकारों का उन पर भरोसा उनके लिए महत्वपूर्ण था, लेकिन परिस्थितियां ऐसी बनीं कि परियोजना से अलग होना पड़ा। इस बयान के बाद फिल्म के निर्माण से जुड़े घटनाक्रम को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

    गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से ‘हेरा फेरी 3’ लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। पहले कलाकारों के फिल्म से जुड़ने और अलग होने की खबरें सामने आईं, वहीं अब निर्देशन और निर्माण को लेकर भी अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। इससे फिल्म के भविष्य और निर्माण प्रक्रिया को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ गई है।

    फिल्म उद्योग के जानकारों का मानना है कि लोकप्रिय फ्रेंचाइजी की सफलता केवल कलाकारों पर ही नहीं, बल्कि मजबूत निर्देशन और टीमवर्क पर भी निर्भर करती है। ऐसे में निर्माण से जुड़े मतभेद किसी भी बड़े प्रोजेक्ट की गति को प्रभावित कर सकते हैं। फिलहाल दर्शकों की नजर इस बात पर टिकी है कि फिल्म से जुड़े सभी विवादों के बीच ‘हेरा फेरी 3’ की आगे की दिशा क्या होगी और निर्माण प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ेगी।

  • 'मुन्ना भाई एमबीबीएस' के सेट से अचानक क्यों गायब हो जाते थे संजय दत्त? सह-कलाकार यतिन कार्येकर ने सालों बाद बयां किया शूटिंग का अनसुना दर्द

    'मुन्ना भाई एमबीबीएस' के सेट से अचानक क्यों गायब हो जाते थे संजय दत्त? सह-कलाकार यतिन कार्येकर ने सालों बाद बयां किया शूटिंग का अनसुना दर्द

    नई दिल्ली । बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता संजय दत्त के जीवन में एक दौर ऐसा भी था, जब वे अपनी पेशेवर प्रतिबद्धताओं और गंभीर कानूनी लड़ाइयों के बीच बुरी तरह फंसे हुए थे। साल 2003 में आई ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ की शूटिंग के दौरान सेट पर बने रहने के लिए उन्हें जिस मानसिक और शारीरिक संघर्ष से गुजरना पड़ा, उसका एक बेहद भावुक और अनसुना पहलू अब सामने आया है। फिल्म में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सह-कलाकार और अनुभवी अभिनेता यतिन कार्येकर ने हाल ही में उस दौर की परिस्थितियों को याद करते हुए कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।

    यतिन कार्येकर ने बताया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान संजय दत्त आर्म्स एक्ट मामले और टाडा अदालत की सख्त कानूनी प्रक्रियाओं का सामना कर रहे थे। स्थिति इतनी अनिश्चित थी कि सेट पर काम करते समय भी अभिनेता का पूरा ध्यान अपनी अदालती तारीखों और कानूनी मामलों पर लगा रहता था। सेट पर मौजूद हर व्यक्ति इस बात से वाकिफ था कि संजय दत्त किस भारी मानसिक दबाव और तनाव के साए में कैमरे के सामने अभिनय कर रहे थे।

    शूटिंग के दिनों के माहौल को साझा करते हुए कार्येकर ने बताया कि अक्सर सेट पर अचानक एक फोन कॉल आता था और उसे सुनते ही संजय दत्त बिना किसी से कुछ कहे या बिना कोई औपचारिकता निभाए चुपचाप सेट छोड़कर चले जाते थे। उन्हें अचानक अदालत की कार्यवाही में शामिल होने के लिए तुरंत रवाना होना पड़ता था। ऐसे अनपेक्षित घटनाक्रमों के कारण फिल्म के निर्देशक राजकुमार हिरानी को कई बार भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।

    संजय दत्त के अचानक चले जाने के बाद निर्देशक को पूरी स्थिति को संभालने के लिए तुरंत अपने पूर्व-निर्धारित शूटिंग शेड्यूल में बदलाव करने पड़ते थे। निर्देशक हिरानी को अक्सर उन दृश्यों या शॉट्स को पूरी तरह बदलना पड़ता था, जिनमें संजय दत्त की मौजूदगी अनिवार्य थी। अभिनेता की अनुपस्थिति के कारण सेट पर मौजूद अन्य कलाकारों के साथ अलग दृश्यों की योजना बनाई जाती थी ताकि शूटिंग का कीमती समय बर्बाद न हो और काम सुचारू रूप से चलता रहे।

    इस भारी व्यक्तिगत संकट और कानूनी दबाव के बावजूद संजय दत्त ने कभी भी अपने काम की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया। जब भी वे अदालत की कार्यवाही से लौटकर वापस सेट पर आते थे, तो वे पूरी तरह से अपने किरदार ‘मुन्ना भाई’ में ढल जाते थे। कार्येकर के अनुसार, संजय दत्त की यह क्षमता अद्भुत थी कि वे इतनी बड़ी मानसिक उथल-पुथल के बीच भी कैमरे के सामने आते ही अपने सारे गम और तनाव भूलकर एक जीवंत प्रदर्शन देने में सफल रहते थे।

    फिल्म के क्रू और साथी कलाकारों ने भी उस कठिन समय में संजय दत्त का भरपूर सहयोग किया। सेट पर मौजूद सभी लोग अभिनेता की बेबसी और उनकी पारिवारिक परिस्थितियों को गहराई से समझते थे। उनके पिता सुनील दत्त भी उस समय बेटे को इस संकट से निकालने के लिए हर संभव कानूनी और नैतिक प्रयास कर रहे थे। यही कारण था कि पूरी टीम ने बिना किसी शिकायत के हर विपरीत परिस्थिति में निर्देशक और अभिनेता के साथ तालमेल बिठाया।

    ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ न केवल संजय दत्त के करियर की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक साबित हुई, बल्कि इसने उनके गिरते हुए करियर को एक नई संजीवनी भी प्रदान की थी। आज सालों बाद जब सेट के ये वाकये सामने आ रहे हैं, तो यह साफ होता है कि पर्दे पर दर्शकों को हंसाने और गुदगुदाने वाले ‘मुन्ना भाई’ के पीछे एक अभिनेता का कितना बड़ा व्यक्तिगत दर्द और अदालती संघर्ष छिपा हुआ था, जिसने भारतीय सिनेमा इतिहास की एक कालजयी फिल्म को आकार दिया।