Tag: Mumbai

  • मॉनसून की जोरदार बारिश से पानी-पानी हुई मुम्बई….. सड़कें बनी तालाब, ट्रैफिक हुआ ठप

    मॉनसून की जोरदार बारिश से पानी-पानी हुई मुम्बई….. सड़कें बनी तालाब, ट्रैफिक हुआ ठप


    मुंबई।
    मुंबई (Mumbai) में मॉनसून (Monsoon) की जोरदार बारिश (Heavy Rain) ने शहर के कई इलाकों को पानी-पानी कर दिया है. सड़कें तालाब बन गई हैं, ट्रैफिक ठप हो गया है. लोगों को घरों से निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. अंधेरी सबवे (अंडरपास) में इतना पानी भर गया है कि उसे यातायात के लिए बंद कर दिया गया है।

    रातभर की बारिश से अंधेरी, बांद्रा, खार, मालाड, गोरेगांव, जुहू, वर्सोवा जैसे इलाकों में सबसे ज्यादा असर देखा गया है. वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर भी पानी भरने से गाड़ियों की रफ्तार धीमी हो गई. बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के मुताबिक, अंधेरी सबवे में पानी भर गया है, जिसके बाद उसे बंद करना पड़ा।

    बता दें कि अंधेरी सबवे मुंबई का एक ऐसा रास्ता है जो पूर्व और पश्चिम को जोड़ता है. हर रोज हजारों गाड़ियां और लोग यहां से गुजरते हैं. मॉनसून की बारिश में अंधेरी सबवे में जलजमाव होना पुरानी समस्या है।

    शहर के निचले इलाकों में कई जगहों पर भारी जलभराव की तस्वीरें सामने आ रही हैं. जलजमाव को देखते हुए एहतियातन अंधेरी सबवे को देर रात 1:45 बजे से यातायात के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है. किसी भी अप्रिय घटना या हादसे को रोकने के लिए सबवे के बाहर पुलिस बंदोबस्त किया गया है।

    एक तरफ जोरदार बारिश से मुंबईवासियों को उमस और गर्मी से तो बड़ी राहत मिली है, तो वहीं सुबह-सुबह दफ्तर और काम पर जाने वालों को परेशानी का सामना भी करना पड़ सकता है.

    भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई और आसपास के इलाकों के लिए आज भी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है. बता दें कि मॉनसून इस बार 13 दिन देरी से मुंबई पहुंचा था।

  • मुंबई पुलिस ने मुहर्रम जुलूस पर बड़ी साजिश नाकाम की, 30 हजार कैप्सूल और 50 किलो जहरीला केमिकल बरामद, आरोपी गिरफ्तार

    मुंबई पुलिस ने मुहर्रम जुलूस पर बड़ी साजिश नाकाम की, 30 हजार कैप्सूल और 50 किलो जहरीला केमिकल बरामद, आरोपी गिरफ्तार

    नई दिल्ली । मुंबई में मुहर्रम जुलूस के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी और गंभीर साजिश का खुलासा करते हुए उसे नाकाम कर दिया है। पुलिस के अनुसार यह मामला सामूहिक जहरखुरानी की योजना से जुड़ा था, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को निशाना बनाने की आशंका जताई गई थी। इस कार्रवाई के बाद पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि पुणे निवासी एक व्यक्ति को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है, जिसके पास से बड़ी मात्रा में जहरीले रसायन से भरे कैप्सूल बरामद हुए हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपी लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों की योजना बना रहा था और उसने ऑनलाइन माध्यम से भारी मात्रा में केमिकल सामग्री और खाली कैप्सूल मंगाए थे।

    अधिकारियों के मुताबिक आरोपी ने इन कैप्सूल्स को सामान्य दवाओं के रूप में बांटने की योजना बनाई थी, जिससे लोगों को भ्रमित कर उन्हें नुकसान पहुंचाया जा सके। पुलिस को यह जानकारी एक संदिग्ध घटना के बाद मिली, जब जुलूस में शामिल एक व्यक्ति की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसे तुरंत अस्पताल ले जाना पड़ा। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हुईं और जांच को आगे बढ़ाया गया।

    जांच के दौरान आरोपी को मुंबई के एक ठिकाने से गिरफ्तार किया गया, जहां वह पिछले कई दिनों से छिपा हुआ था। उसके पास से भारी मात्रा में जहरीला पदार्थ और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है। पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीर मानते हुए विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों को भी जांच में शामिल किया है।

    अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे मामले की तह तक जाने के लिए तकनीकी और वित्तीय जांच भी की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी का कोई बड़ा नेटवर्क या संपर्क किसी संगठित समूह से तो नहीं जुड़ा है। साथ ही उसके पिछले लेन-देन और यात्रा रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।

    इस घटना के बाद मुंबई पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।

  • मुंबई: मुहर्रम जुलूस के दौरान 14,900 जहरीले कैप्सूल जब्त, पुलिस ने बड़ी साजिश की आशंका जताई

    मुंबई: मुहर्रम जुलूस के दौरान 14,900 जहरीले कैप्सूल जब्त, पुलिस ने बड़ी साजिश की आशंका जताई


    मुंबई। मुहर्रम जुलूस के दौरान मुंबई पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर उसके पास से जहर मिले चूहे मारने वाले 14,900 कैप्सूल बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी बिना किसी अनुमति के लोगों में कैप्सूल बांटता हुआ मिला था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है और इसे संभावित बड़ी साजिश के रूप में भी देख रही है।

    डीसीपी जयंत मीणा ने बताया कि मुहर्रम जुलूस के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति पर पुलिस की नजर पड़ी। पूछताछ में पता चला कि वह बिना अनुमति कैप्सूल वितरित कर रहा था। इसी बीच सुबह करीब चार बजे सूचना मिली कि एक व्यक्ति को उल्टी और पेट दर्द की शिकायत हुई है। इसके बाद पुलिस ने संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि उसका उद्देश्य मुहर्रम जुलूस को निशाना बनाना था।

    पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान फैयाज प्रेमजी के रूप में हुई है, जो पुणे का निवासी है और पेंट के कारोबार से जुड़ा बताया गया है। जांच में सामने आया कि उसने कथित तौर पर 50 किलोग्राम जिंक फॉस्फाइड मंगाया था और अपने ठिकाने पर कैप्सूल में करीब एक-एक ग्राम जहर भरने का काम कर रहा था। पुलिस का कहना है कि आरोपी वर्ष 2025 में ईरान और इराक भी गया था।

    जांच एजेंसियों के मुताबिक, अब तक 14,900 कैप्सूल जब्त किए जा चुके हैं, जबकि आरोपी का लक्ष्य करीब 30,000 कैप्सूल तैयार करने का था। पुलिस का दावा है कि समय रहते कार्रवाई होने के कारण ये कैप्सूल लोगों तक नहीं पहुंच पाए।

    डीसीपी जयंत मीणा ने कहा कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से एक संभावित बड़ी त्रासदी टल गई। उन्होंने बताया कि आरोपी के मकसद, उसके संपर्कों और इस पूरे मामले के पीछे किसी बड़े नेटवर्क या साजिश की संभावना की गहन जांच की जा रही है। पुलिस फिलहाल सभी पहलुओं से मामले की पड़ताल कर रही है।

  • '3 इडियट्स' के सीक्वल पर राजकुमार हिरानी का बड़ा बयान; रैंचो, फरहान और राजू की जिंदगी में 20 साल बाद आए पारिवारिक और मानसिक तनाव पर केंद्रित होगी नई कहानी

    '3 इडियट्स' के सीक्वल पर राजकुमार हिरानी का बड़ा बयान; रैंचो, फरहान और राजू की जिंदगी में 20 साल बाद आए पारिवारिक और मानसिक तनाव पर केंद्रित होगी नई कहानी

    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में शुमार ‘3 इडियट्स’ के सीक्वल को लेकर दर्शकों का लंबा इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। प्रख्यात फिल्म निर्देशक राजकुमार हिरानी ने इस बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट की प्रगति और इसकी मूल कहानी को लेकर पहली बार आधिकारिक रूप से स्थिति साफ की है। एक विशेष साक्षात्कार के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी फिल्म का कथानक कॉलेज जीवन या पुरानी यादों के इर्द-गिर्द बिल्कुल भी नहीं बुना जाएगा। इसके बजाय, कहानी को समय के चक्र में आगे बढ़ाते हुए मुख्य किरदारों के वयस्क जीवन, उनके पारिवारिक दायित्वों और समकालीन युग की वास्तविक चुनौतियों के साथ पर्दे पर उतारा जाएगा।

    निर्देशक ने इस बात की पुष्टि की है कि वह वर्तमान में इस महत्वाकांक्षी सीक्वल की पटकथा के लेखन पर बेहद गंभीरता से काम कर रहे हैं। यद्यपि स्क्रिप्ट को अंतिम रूप देने में अभी काफी समय और रचनात्मक प्रयास बाकी हैं, लेकिन इसकी वैचारिक दिशा पूरी तरह तय हो चुकी है। सीक्वल में मूल फिल्म की कहानी से करीब 15 से 20 साल आगे का समय दिखाया जाएगा। दर्शकों के चहेते तीनों मुख्य किरदारों—रैंचो, फरहान और राजू की जिंदगी अब कॉलेज के दिनों से बहुत आगे निकल चुकी है। वे अब न केवल विवाहित हैं, बल्कि बच्चों के माता-पिता भी बन चुके हैं, जिससे कहानी में एक परिपक्व और नया दृष्टिकोण देखने को मिलेगा।

    राजकुमार हिरानी के अनुसार, फिल्म का मुख्य फोकस इस बात पर होगा कि उम्र के इस नए पड़ाव पर आने वाले मानसिक, पारिवारिक और सामाजिक तनाव का सामना यह तीनों दोस्त किस प्रकार करते हैं। जहां साल 2009 में रिलीज हुई मूल फिल्म ‘3 इडियट्स’ में देश की शिक्षा प्रणाली पर तीखा व्यंग्य करते हुए युवाओं को अपने जुनून का पालन करने का एक मजबूत संदेश दिया गया था, वहीं सीक्वल में भी एक व्यापक सामाजिक मुद्दा उठाया जाएगा। निर्देशक ने हंसते हुए इस बात पर मुहर लगाई है कि इस बार भी फिल्म के माध्यम से समाज को एक बहुत बड़ा और प्रासंगिक संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है, जो आज के दौर के परिवारों के लिए मार्गदर्शक साबित होगा।

    इस नए सफर में दर्शकों को अपने पुराने और पसंदीदा चेहरे एक बार फिर पर्दे पर एक साथ देखने को मिलेंगे। सीक्वल के लिए आमिर खान उर्फ फुंसुक वांगडू (रैंचो), आर माधवन उर्फ फरहान कुरैशी, शर्मन जोशी उर्फ राजू रस्तोगी और करीना कपूर खान उर्फ पिया सहस्रबुद्धे की मुख्य भूमिकाओं में वापसी पूरी तरह पक्की मानी जा रही है। हालांकि, मूल फिल्म के अन्य बेहद लोकप्रिय किरदारों जैसे चतुर रामलिंगम (ओमी वैद्य), वीरू सहस्रबुद्धे उर्फ वायरस (बोमन ईरानी), मोना सिंह और जावेद जाफरी के किरदारों को नए कथानक में किस प्रकार शामिल किया जाएगा, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

    उल्लेखनीय है कि अभिजात जोशी और राजकुमार हिरानी द्वारा संयुक्त रूप से लिखित ‘3 इडियट्स’ एक कड़क सैटायरिकल कॉमेडी-ड्रामा थी, जिसने बॉक्स ऑफिस के तत्कालीन तमाम रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए थे। फिल्म के अंत में रैंचो को लद्दाख में एक सफल वैज्ञानिक और शिक्षक के रूप में, फरहान को एक स्थापित वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर और राजू को एक कॉर्पोरेट अधिकारी के रूप में सेटल होते दिखाया गया था। अब, दो दशकों के बाद इन किरदारों के जीवन में आए बदलावों और उनकी नई सामाजिक-पारिवारिक लड़ाइयों को देखने के लिए सिनेमाप्रेमियों के बीच अभी से भारी उत्साह देखा जा रहा है।

  • 'सिकंदर' के सेट पर फिजियोथेरेपी और भारी सुरक्षा घेरे के बीच काम होने का हुआ प्रामाणिक खुलासा

    'सिकंदर' के सेट पर फिजियोथेरेपी और भारी सुरक्षा घेरे के बीच काम होने का हुआ प्रामाणिक खुलासा


    नई दिल्ली ।
    भारतीय सिनेमा जगत के शीर्ष अभिनेताओं में शुमार सलमान खान के पेशेवर जीवन और उनकी कार्यशैली को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण खुलासा सामने आया है। अभिनेता विशाल वशिष्ठ ने फिल्म ‘सिकंदर’ के निर्माण के दौरान सेट पर बने वास्तविक हालातों को साझा करते हुए बताया कि सुपरस्टार सलमान खान ने अत्यंत प्रतिकूल परिस्थितियों, मानसिक तनाव और असहनीय शारीरिक दर्द के बावजूद इस फिल्म के फिल्मांकन को पूरा किया था। यह खुलासा ऐसे समय में आया है जब इस फिल्म के निर्माण और अभिनेता की सेट पर उपस्थिति को लेकर विभिन्न प्रकार की चर्चाएं चल रही थीं। सह-कलाकार के इस बयान ने अभिनेता के काम के प्रति उनके गहरे समर्पण और उच्च व्यावसायिक प्रतिबद्धता को मजबूती से रेखांकित किया है।

    इस फिल्म के निर्माण का दौर अभिनेता के व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन के लिहाज से बेहद संवेदनशील और अत्यंत कठिन माना जा रहा था। साल 2024 में अपने बेहद करीबी मित्र और अनुभवी राजनेता बाबा सिद्दीकी की अचानक हुई हत्या के बाद सलमान खान गहरे मानसिक आघात और भावनात्मक संकट से गुजर रहे थे। इसके साथ ही, लगातार मिल रही सुरक्षा धमकियों के कारण उनके इर्द-गिर्द सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से कड़ा करना पड़ा था। इस प्रकार के भारी सुरक्षा घेरे, मानसिक तनाव और हर पल बने रहने वाले जान के खतरे के बीच सेट पर आकर काम करना पूरी टीम और स्वयं अभिनेता के लिए एक बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य बन चुका था।

    मानसिक और बाहरी दबावों के अलावा अभिनेता उस समय गंभीर शारीरिक समस्याओं और असहनीय कष्ट से भी जूझ रहे थे। फिल्म के मुख्य दृश्यों के फिल्मांकन के दौरान सलमान खान की पसली में गंभीर चोट आई थी, जिससे उन्हें उठने-बैठने, झुकने और सामान्य रूप से चलने में भी तीव्र दर्द का सामना करना पड़ रहा था। सेट पर मौजूद रहे सह-कलाकारों के अनुसार, यह कोई बनाई हुई कहानी नहीं थी बल्कि पूरी टीम ने इस दर्द को बेहद करीब से महसूस किया था। अभिनेता जैसे-तैसे बेहद धीमी गति से चलकर कैमरे के सामने अपने दृश्यों को पूरा करते थे और निर्देशक के कट बोलते ही तुरंत अपनी फिजियोथेरेपी प्रक्रिया के लिए चले जाते थे।

    इस भीषण शारीरिक कष्ट के बावजूद फिल्म की कहानी की मांग के अनुसार उन्हें लगातार भारी एक्शन दृश्यों की शूटिंग करनी पड़ी थी, जिसे उन्होंने बिना किसी शिकायत के पूरा किया। विशाल वशिष्ठ ने अभिनेता की प्रशंसा करते हुए कहा कि मनोरंजन उद्योग में इतने लंबे समय तक रहने और शीर्ष मुकाम पर होने के बाद भी उनका ऐसा समर्पण देखना किसी भी कलाकार के लिए प्रेरणा से कम नहीं है। सेट के बाहर उनके जीवन में क्या खतरनाक उथल-पुथल चल रही थी, इसका नकारात्मक प्रभाव उन्होंने कभी भी अपने काम की गति और सेट के माहौल पर नहीं पड़ने दिया।

    यह प्रामाणिक बयान हाल ही में निर्देशक एआर मुरुगाडोस के उन कथनों के परिप्रेक्ष्य में बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है, जिसमें उन्होंने फिल्म के कठिन शेड्यूल और शूटिंग के समय में किए गए बड़े बदलावों का जिक्र किया था। आंतरिक और बाहरी चुनौतियों के कारण कई बार दिन के शेड्यूल को रात में बदलना पड़ा था, जिससे क्रू को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। सह-कलाकार के इस नए वक्तव्य ने साफ कर दिया है कि समय में हुए वे बदलाव किसी लापरवाही का परिणाम नहीं बल्कि अभिनेता की गंभीर चिकित्सीय स्थिति और सुरक्षा कारणों की अनिवार्य आवश्यकता थे।

  • अमेरिकी फेड के सख्त संकेतों के बीच भारतीय बाजार की सतर्क शुरुआत, सेंसेक्स-निफ्टी फ्लैट; 24,100 के अहम स्तर पर टिकी निवेशकों की नजर

    अमेरिकी फेड के सख्त संकेतों के बीच भारतीय बाजार की सतर्क शुरुआत, सेंसेक्स-निफ्टी फ्लैट; 24,100 के अहम स्तर पर टिकी निवेशकों की नजर

    नई दिल्ली । वैश्विक वित्तीय बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की हालिया मौद्रिक नीति के प्रभाव के बीच भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को कारोबार की शुरुआत बेहद सीमित दायरे में की। शुरुआती कारोबार में प्रमुख सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी में मामूली उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जबकि निवेशकों का रुख फिलहाल सतर्क लेकिन सकारात्मक बना हुआ दिखाई दिया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के दिनों में आई तेजी के बाद निवेशक अब वैश्विक आर्थिक संकेतकों और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

    कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर के मुकाबले हल्की गिरावट के साथ खुला, जबकि एनएसई निफ्टी भी मामूली कमजोरी के साथ कारोबार करता नजर आया। हालांकि शुरुआती मिनटों में ही दोनों प्रमुख सूचकांकों ने कुछ हद तक स्थिरता दिखाई और सीमित दायरे में कारोबार जारी रखा। इससे संकेत मिला कि निवेशक फिलहाल बड़े दांव लगाने के बजाय बाजार की अगली दिशा का इंतजार कर रहे हैं।

    व्यापक बाजार की बात करें तो मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन दर्ज किया गया। दोनों श्रेणियों के सूचकांक बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि घरेलू निवेशकों का भरोसा अभी भी मजबूत बना हुआ है। विश्लेषकों का कहना है कि मजबूत घरेलू आर्थिक गतिविधियों और कॉर्पोरेट आय की उम्मीदों के कारण मिडकैप तथा स्मॉलकैप शेयरों में निवेशकों की रुचि बनी हुई है।

    सेक्टोरल प्रदर्शन पर नजर डालें तो सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र दबाव में रहा। आईटी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली, जिसके पीछे अमेरिकी बाजारों से जुड़े संकेत और ब्याज दरों को लेकर बढ़ती चिंताएं प्रमुख कारण मानी जा रही हैं। दूसरी ओर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, धातु और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं से जुड़े शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे इन सेक्टरों ने बाजार को कुछ हद तक सहारा दिया।

    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर भविष्य के संकेत निवेशकों की रणनीति को प्रभावित कर रहे हैं। फेडरल रिजर्व द्वारा दरों को यथावत रखने के बावजूद भविष्य में संभावित सख्ती के संकेतों ने वैश्विक बाजारों में सतर्कता बढ़ा दी है। इसका असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला, जहां शुरुआती कारोबार में निवेशकों ने सीमित गतिविधि दिखाई।

    हालांकि वैश्विक स्तर पर कुछ सकारात्मक घटनाक्रम भी बाजार के लिए सहायक बने हुए हैं। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े जोखिमों में कमी आने से कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बना है। तेल कीमतों में नरमी भारत जैसे आयातक देशों के लिए राहत की खबर मानी जा रही है, क्योंकि इससे महंगाई और चालू खाते के संतुलन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

    तकनीकी संकेतकों की बात करें तो बाजार की मौजूदा संरचना अब भी सकारात्मक बनी हुई है। विश्लेषकों के अनुसार प्रमुख तकनीकी संकेतक खरीदारी की ताकत को दर्शा रहे हैं। निफ्टी के लिए 24,100 का स्तर निकट अवधि में महत्वपूर्ण अवरोध माना जा रहा है। यदि सूचकांक इस स्तर के ऊपर मजबूती से टिकने में सफल रहता है तो आगे और तेजी का रास्ता खुल सकता है। वहीं नीचे की ओर 23,900 से 23,800 के बीच का क्षेत्र मजबूत समर्थन प्रदान कर सकता है। ऐसे में निवेशकों की नजर आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक संकेतों के साथ-साथ इस महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर पर बनी रहेगी।

  • बीमारी से जंग लड़ रहे सोनू निगम, नस दबने की समस्या के कारण इलाज जारी, फैंस के लिए परफॉर्मेंस का किया वादा

    बीमारी से जंग लड़ रहे सोनू निगम, नस दबने की समस्या के कारण इलाज जारी, फैंस के लिए परफॉर्मेंस का किया वादा

    नई दिल्ली । भारतीय संगीत जगत के प्रतिष्ठित गायक Sonu Nigam इन दिनों स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का सामना कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने अपने प्रशंसकों को अपनी मौजूदा स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि वह गर्दन की नसों से जुड़ी समस्या से जूझ रहे हैं, जिसके कारण उन्हें पिछले कई दिनों से लगातार दर्द और असहजता का सामना करना पड़ रहा है। चिकित्सकीय जांच और उपचार के बीच भी उन्होंने अपने पेशेवर दायित्वों को निभाने की प्रतिबद्धता जताई है।

    सोनू निगम ने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा किए गए एक वीडियो में अपनी स्वास्थ्य स्थिति पर खुलकर बात की। वीडियो में उनके कंधे पर मेडिकल पैच दिखाई दिया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि उनका उपचार जारी है। उन्होंने बताया कि गर्दन की नसों पर दबाव पड़ने के कारण उन्हें काफी तकलीफ हो रही है और डॉक्टरों की सलाह पर वह आवश्यक दवाइयों का सेवन कर रहे हैं। इसके साथ ही उनकी कई चिकित्सकीय जांचें भी कराई गई हैं ताकि समस्या की सही प्रकृति और गंभीरता का आकलन किया जा सके।

    गायक ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से उन्हें लगातार दर्द महसूस हो रहा है। इस दौरान उनकी MRI, CT स्कैन और फिजियोथेरेपी जैसी प्रक्रियाएं चल रही हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि दर्द को नियंत्रित करने के लिए उन्हें पेनकिलर दवाइयों का सहारा लेना पड़ रहा है। दवाइयों के प्रभाव के कारण उनके गले पर भी असर पड़ा है, जिससे आवाज में भारीपन महसूस हो रहा है। एक पेशेवर गायक के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण मानी जा सकती है, क्योंकि उनकी पहचान और करियर उनकी आवाज से ही जुड़ा हुआ है।

    हालांकि स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बावजूद सोनू निगम ने अपने प्रशंसकों को निराश न करने का संकल्प व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि वह लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर मंच पर लौटने की तैयारी कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि बीमारी और शारीरिक असुविधा के कारण आत्मविश्वास में कुछ कमी महसूस हो रही है, लेकिन इसके बावजूद वह अपने कार्यक्रमों को लेकर सकारात्मक बने हुए हैं। उन्होंने ईश्वर से शक्ति और ऊर्जा मिलने की उम्मीद भी जताई।

    संगीत प्रेमियों के लिए राहत की बात यह है कि सोनू निगम ने अपने आगामी कार्यक्रम को लेकर कोई पीछे हटने का संकेत नहीं दिया है। वह 27 जून को आयोजित होने वाले एक विशेष संगीत कार्यक्रम में प्रस्तुति देने वाले हैं। यह आयोजन संगीत और आध्यात्मिकता को समर्पित एक भव्य कार्यक्रम के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें देश के कई प्रतिष्ठित कलाकार भी शामिल होंगे। इस कार्यक्रम को लेकर उनके प्रशंसकों में पहले से ही काफी उत्साह बना हुआ है।

    सोनू निगम भारतीय संगीत उद्योग के उन चुनिंदा कलाकारों में शामिल हैं जिन्होंने पिछले कई दशकों में अपनी आवाज और बहुमुखी गायन शैली से करोड़ों लोगों का दिल जीता है। हिंदी फिल्म संगीत के अलावा उन्होंने विभिन्न भारतीय भाषाओं में भी अनेक लोकप्रिय गीत गाए हैं। यही कारण है कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर सामने आई जानकारी के बाद प्रशंसकों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।

    फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है और वे आवश्यक चिकित्सकीय सलाह का पालन कर रहे हैं। उनके प्रशंसक उम्मीद कर रहे हैं कि वह जल्द पूरी तरह स्वस्थ होकर अपनी पुरानी ऊर्जा और शानदार आवाज के साथ फिर से मंच पर दिखाई देंगे। स्वास्थ्य चुनौतियों के बीच भी काम के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने एक बार फिर उनके पेशेवर समर्पण को उजागर किया है।

  • कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट का असर: एशियन पेंट्स में निवेशकों के लिए क्या बन रहे हैं

    कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट का असर: एशियन पेंट्स में निवेशकों के लिए क्या बन रहे हैं


    नई दिल्ली:
      वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट का असर भारतीय शेयर बाजार में पेंट सेक्टर के स्टॉक्स पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार ईरान-अमेरिका तनाव में नरमी और आपूर्ति परिस्थितियों में सुधार के चलते क्रूड ऑयल करीब 20 प्रतिशत तक टूटकर 76 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया है। इस बदलाव ने निवेशकों का ध्यान उन कंपनियों की ओर खींचा है, जिनकी लागत संरचना में कच्चा तेल महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इन्हीं में प्रमुख नाम है Asian Paints Ltd का, जो भारतीय पेंट उद्योग की अग्रणी कंपनी मानी जाती है।

    बाजार विशेषज्ञों के अनुसार क्रूड ऑयल में गिरावट का सीधा लाभ पेंट कंपनियों को मिल सकता है क्योंकि इनके प्रमुख कच्चे माल पेट्रोकेमिकल आधारित होते हैं। लागत घटने की संभावना से कंपनी के मार्जिन में सुधार की उम्मीद बढ़ती है, जिसका सकारात्मक असर शेयर कीमतों पर दिखाई दे सकता है। हालांकि, मौजूदा स्तरों पर बाजार पहले ही इस कारक को काफी हद तक कीमतों में समाहित कर चुका है।

    डेली चार्ट पर तकनीकी विश्लेषण के अनुसार एशियन पेंट्स के शेयर ने हाल के सत्र में 2829 रुपये का उच्च स्तर बनाया था, जिसके बाद इसमें हल्का प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली है। इसके बावजूद स्टॉक अभी भी अपने प्रमुख मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है, जो इसकी मध्यम अवधि की मजबूती को दर्शाता है। पिछले कुछ महीनों में स्टॉक ने हायर हाई और हायर लो का पैटर्न बनाए रखा है, जिससे इसमें अपट्रेंड की संरचना बनी हुई है।

    ट्रेडिंग विश्लेषकों का मानना है कि नीचे की ओर 2650 से 2700 रुपये का जोन मजबूत सपोर्ट के रूप में काम कर सकता है। इस स्तर पर यदि स्टॉक आता है तो इसमें खरीदारी की दिलचस्पी बढ़ने की संभावना बनी रहती है। वहीं ऊपर की ओर 2828 रुपये का हालिया हाई महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा रहा है। यदि यह स्तर निर्णायक रूप से टूटता है तो स्टॉक 2900 से 2928 रुपये के 52-सप्ताह उच्च स्तर की ओर बढ़ सकता है।

    बाजार विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि क्रूड ऑयल में आई मौजूदा गिरावट का प्रभाव अब सीमित रह सकता है क्योंकि हालिया रैली के दौरान इस फैक्टर का काफी हद तक असर स्टॉक प्राइस में पहले ही दिख चुका है। ऐसे में आगे की चाल मुख्य रूप से बाजार की मांग, तिमाही नतीजों और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर निर्भर करेगी। अल्पकाल में स्टॉक में कंसोलिडेशन की स्थिति बनी रह सकती है, जबकि मध्यम अवधि में ट्रेंड अभी भी सकारात्मक माना जा रहा है।

    निवेशकों के लिए फिलहाल रणनीति यह मानी जा रही है कि मजबूत सपोर्ट जोन पर ही एंट्री की जाए और ऊपरी स्तरों पर सावधानी बरती जाए। पेंट सेक्टर में लागत घटने का लाभ लंबे समय में ग्रोथ सपोर्ट कर सकता है, लेकिन तात्कालिक तेजी की संभावना सीमित दायरे में रह सकती है।

  • वैश्विक तनाव घटा, घरेलू बाजार चमका; बीएसई लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 5 ट्रिलियन डॉलर से ऊपर, मिडकैप-स्मॉलकैप में भी जोरदार तेजी

    वैश्विक तनाव घटा, घरेलू बाजार चमका; बीएसई लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 5 ट्रिलियन डॉलर से ऊपर, मिडकैप-स्मॉलकैप में भी जोरदार तेजी

    नई दिल्ली । घरेलू शेयर बाजार में लगातार चौथे कारोबारी सत्र की मजबूती ने भारतीय पूंजी बाजार को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि तक पहुंचा दिया है। निवेशकों के बढ़ते भरोसे, वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी के चलते बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण एक बार फिर 5 ट्रिलियन डॉलर के स्तर को पार कर गया। यह लगभग छह सप्ताह का सर्वोच्च स्तर माना जा रहा है और इससे बाजार की सकारात्मक धारणा को नई मजबूती मिली है।

    हाल के दिनों में वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक परिस्थितियों में आए बदलावों का असर भारतीय बाजारों पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया है। पश्चिम एशिया से जुड़े तनावों में नरमी और अमेरिका-ईरान संबंधों को लेकर सामने आए सकारात्मक संकेतों ने निवेशकों की चिंताओं को कम किया है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने भारत जैसे ऊर्जा आयातक देश के लिए राहत का माहौल बनाया है। इसका सीधा प्रभाव निवेशकों के विश्वास और बाजार की दिशा पर देखा गया।

    विश्लेषकों का मानना है कि तेल की कीमतों में कमी से महंगाई के दबाव को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। साथ ही चालू खाते के घाटे पर भी सकारात्मक असर पड़ने की संभावना है। इन परिस्थितियों ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को बढ़ाया है, जिसके परिणामस्वरूप शेयर बाजार में खरीदारी का माहौल मजबूत हुआ है। पिछले कुछ कारोबारी सत्रों के दौरान बाजार में आई तेजी ने कंपनियों के कुल मूल्यांकन को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया है।

    बाजार की यह मजबूती केवल प्रमुख सूचकांकों तक सीमित नहीं रही है। व्यापक बाजार में भी उत्साह दिखाई दिया है। मिडकैप, स्मॉलकैप और माइक्रोकैप श्रेणी के शेयरों ने हाल के महीनों में बड़े शेयरों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। इससे संकेत मिलता है कि बाजार में तेजी केवल चुनिंदा कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि निवेशकों की भागीदारी विभिन्न क्षेत्रों और वर्गों में फैल रही है। व्यापक भागीदारी को किसी भी तेजी के टिकाऊ होने का महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है।

    हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से बिकवाली का सिलसिला पूरी तरह थमा नहीं है, फिर भी घरेलू निवेशकों की लगातार सक्रियता बाजार को मजबूत आधार प्रदान कर रही है। व्यवस्थित निवेश योजनाओं और खुदरा निवेशकों की बढ़ती भागीदारी ने बाजार को स्थिरता देने में अहम भूमिका निभाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले समय में विदेशी निवेश का प्रवाह भी सकारात्मक होता है तो बाजार को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है।

    भारतीय अर्थव्यवस्था की दीर्घकालिक संभावनाएं भी निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं। संरचनात्मक सुधारों, मजबूत कॉरपोरेट बैलेंस शीट, बढ़ते पूंजीगत निवेश और बेहतर नकदी प्रवाह जैसे कारक कंपनियों की विकास क्षमता को मजबूत बना रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में कॉरपोरेट क्षेत्र ने कर्ज के स्तर को नियंत्रित करने और परिचालन क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया है, जिसका लाभ अब बाजार मूल्यांकन में दिखाई दे रहा है।

    बुधवार के कारोबार में भी प्रमुख सूचकांकों ने सकारात्मक रुख बनाए रखा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए, जिससे निवेशकों का उत्साह और मजबूत हुआ। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी चरण में बैंकिंग, दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनियां बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

    कुल मिलाकर, वैश्विक परिस्थितियों में सुधार और घरेलू आर्थिक मजबूती के संयुक्त प्रभाव ने भारतीय शेयर बाजार को नई ऊर्जा प्रदान की है। बीएसई का बाजार पूंजीकरण 5 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंचना न केवल निवेशकों के बढ़ते विश्वास का संकेत है, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था की दीर्घकालिक संभावनाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को भी दर्शाता है।

  • सुपरहिट गाने पर तमन्ना का बड़ा खुलासा, 'कावाला' में अपने प्रदर्शन को लेकर जताई कमी, बताया क्यों नहीं थीं पूरी तरह खुश

    सुपरहिट गाने पर तमन्ना का बड़ा खुलासा, 'कावाला' में अपने प्रदर्शन को लेकर जताई कमी, बताया क्यों नहीं थीं पूरी तरह खुश

    मुंबई । फिल्म जगत में अक्सर कलाकारों के काम को दर्शकों और समीक्षकों से भरपूर सराहना मिलती है, लेकिन कई बार स्वयं कलाकार अपने प्रदर्शन को लेकर पूरी तरह संतुष्ट नहीं होते। ऐसा ही कुछ अभिनेत्री Tamannaah Bhatia के साथ भी हुआ। साउथ सुपरस्टार Rajinikanth की फिल्म Jailer के बेहद लोकप्रिय गाने Kaavaalaa ने उन्हें देशभर में नई पहचान दिलाई, लेकिन अभिनेत्री का कहना है कि वह अपने प्रदर्शन को और बेहतर बना सकती थीं।

    हाल ही में एक बातचीत के दौरान तमन्ना ने अपने करियर, डांस और अभिनय को लेकर खुलकर विचार साझा किए। चर्चा के दौरान जब ‘कावाला’ गाने का जिक्र हुआ तो उन्होंने स्वीकार किया कि शूटिंग पूरी होने के बाद उन्हें महसूस हुआ था कि उनके प्रदर्शन में और सुधार की गुंजाइश थी। अभिनेत्री ने कहा कि उन्हें लगा था कि वह गाने में कुछ और बेहतर कर सकती थीं और शायद अपनी प्रस्तुति को अगले स्तर तक ले जा सकती थीं।

    तमन्ना की इस आत्ममूल्यांकन वाली सोच को लेकर निर्देशक और कोरियोग्राफर Farah Khan ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि तमन्ना हमेशा अपने काम को बेहतर बनाने की कोशिश करती हैं और यही उनकी सबसे बड़ी विशेषता है। फराह के अनुसार, अभिनेत्री उन कलाकारों में शामिल हैं जो सफलता के बाद भी खुद को चुनौती देना नहीं छोड़ते और हर बार पिछले प्रदर्शन से बेहतर करने की कोशिश करते हैं।

    बातचीत के दौरान तमन्ना ने यह भी स्पष्ट किया कि वह खुद को स्वाभाविक रूप से प्रशिक्षित डांसर नहीं मानतीं। यही कारण है कि किसी भी डांस नंबर को परफेक्ट बनाने के लिए उन्हें अतिरिक्त मेहनत और अभ्यास करना पड़ता है। उनका मानना है कि रिहर्सल किसी भी प्रस्तुति की सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होती है और तैयारी जितनी बेहतर होगी, प्रदर्शन भी उतना ही प्रभावशाली होगा।

    अभिनेत्री ने अपने एक अन्य चर्चित गीत Aaj Ki Raat का उदाहरण देते हुए बताया कि उसके लिए उन्होंने लगभग पंद्रह दिनों तक लगातार अभ्यास किया था। वह चाहती थीं कि गाने का हर स्टेप, हर मूवमेंट और हर भाव पूरी तरह समझने के बाद ही कैमरे के सामने प्रस्तुत किया जाए। उनके अनुसार तैयारी में लगाया गया समय कलाकार के आत्मविश्वास को बढ़ाता है और स्क्रीन पर उसका असर साफ दिखाई देता है।

    ‘कावाला’ गाना रिलीज के बाद सोशल मीडिया से लेकर मनोरंजन जगत तक चर्चा का विषय बन गया था। इसके संगीत, नृत्य और प्रस्तुति को दर्शकों ने काफी पसंद किया था। बावजूद इसके, तमन्ना का मानना है कि एक कलाकार के रूप में निरंतर सुधार की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है। यही सोच उन्हें हर नए प्रोजेक्ट में और अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित करती है।

    फिल्म उद्योग के जानकारों का मानना है कि किसी सफल प्रस्तुति के बाद भी स्वयं का निष्पक्ष मूल्यांकन करने की क्षमता ही कलाकार को लंबे समय तक प्रासंगिक बनाए रखती है। तमन्ना भाटिया का यह नजरिया भी उनके पेशेवर दृष्टिकोण और अपने काम के प्रति गंभीरता को दर्शाता है, जिसने उन्हें भारतीय मनोरंजन उद्योग की प्रमुख अभिनेत्रियों में शामिल किया है।