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  • आमिर खान के नाम कथित धमकी से बढ़ी सुरक्षा चिंता, सोशल मीडिया पोस्ट और ऑडियो संदेश की मुंबई पुलिस कर रही जांच

    आमिर खान के नाम कथित धमकी से बढ़ी सुरक्षा चिंता, सोशल मीडिया पोस्ट और ऑडियो संदेश की मुंबई पुलिस कर रही जांच

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान को लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के नाम पर कथित धमकी मिलने का मामला सामने आने के बाद मुंबई पुलिस सतर्क हो गई है। अधिकारियों के अनुसार सोशल मीडिया पर प्रसारित एक पोस्ट और उससे जुड़े ऑडियो संदेश की जांच की जा रही है। हालांकि, इस मामले में अभी तक अभिनेता आमिर खान या उनकी ओर से किसी प्रतिनिधि ने पुलिस के पास कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और संदेश की प्रामाणिकता सहित सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं।

    मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्ट और ऑडियो संदेश का विस्तृत परीक्षण किया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संदेश किसने जारी किया, उसका वास्तविक स्रोत क्या है और उसमें किए गए दावों की सत्यता कितनी है। जांच एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे का समय रहते आकलन किया जा सके।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह कथित संदेश आरजू बिश्नोई और टायसन बिश्नोई नाम से जुड़े सोशल मीडिया खातों के माध्यम से साझा किया गया है। इन व्यक्तियों ने स्वयं को लॉरेंस बिश्नोई का सहयोगी बताया है। संदेश में आमिर खान पर कथित रूप से “लव जिहाद” को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया है। यह दावा अभिनेता के निजी जीवन और हाल के वैवाहिक संबंधों का उल्लेख करते हुए किया गया है। हालांकि, इन आरोपों या संदेश में किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस इन्हें जांच के दायरे में रखकर आगे बढ़ रही है।

    कथित ऑडियो संदेश में राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में एक किशोरी से जुड़े आपराधिक मामले का भी उल्लेख किया गया है। साथ ही कुछ राजनीतिक नेताओं को चेतावनी देने जैसी बातें भी कही गई हैं। पुलिस इन सभी संदर्भों की अलग-अलग जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि संदेश का उद्देश्य क्या था और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।

    यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इससे पहले अभिनेता सलमान खान को भी लंबे समय से लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की ओर से धमकियां मिलने के कई मामले सामने आ चुके हैं। वर्ष 1998 के काले हिरण शिकार प्रकरण के बाद से सलमान खान का नाम इस विवाद से जुड़ता रहा है। पिछले कुछ वर्षों में उनके आवास के बाहर गोलीबारी की घटना और लगातार मिलती धमकियों के बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था भी कई स्तरों पर मजबूत की गई थी।

    आमिर खान से जुड़ी कथित धमकी के मामले में फिलहाल पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार का आपराधिक तत्व सामने आता है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले पर सतर्कता बनाए हुए है और किसी भी संभावित सुरक्षा जोखिम को गंभीरता से देखते हुए सभी आवश्यक कदम उठा रही है।

  • '10 मिनट तक थम गई थी धड़कन', श्रेयस तलपड़े ने सुनाया जिंदगी की सबसे कठिन लड़ाई का दर्दनाक अनुभव

    '10 मिनट तक थम गई थी धड़कन', श्रेयस तलपड़े ने सुनाया जिंदगी की सबसे कठिन लड़ाई का दर्दनाक अनुभव

    नई दिल्ली । अभिनेता श्रेयस तलपड़े ने हाल ही में अपने जीवन के सबसे कठिन दौर को याद करते हुए उस घटना का जिक्र किया, जब उन्हें अचानक कार्डियक अरेस्ट आया था। उन्होंने बताया कि इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि उनकी दिल की धड़कन करीब 10 मिनट तक बंद रही थी। यह अनुभव उनके लिए जीवन बदल देने वाला साबित हुआ और इसके बाद उन्होंने स्वास्थ्य को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता बना लिया।

    श्रेयस ने कहा कि घटना से पहले उन्हें लगातार थकान महसूस हो रही थी, लेकिन व्यस्त दिनचर्या के कारण उन्होंने इन संकेतों को गंभीरता से नहीं लिया। काम पूरा करने के बाद उन्हें बेचैनी, सांस लेने में परेशानी और हाथ में दर्द महसूस हुआ। शुरुआत में उन्होंने इसे सामान्य समस्या समझा, लेकिन कुछ ही देर में उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। समय रहते अस्पताल पहुंचने के कारण उन्हें तुरंत आपातकालीन उपचार मिल सका।

    अस्पताल में डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को गंभीर देखते हुए तुरंत आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया शुरू की। उपचार के दौरान उनकी एंजियोप्लास्टी की गई और लगातार प्रयासों के बाद उनकी जान बचाई जा सकी। होश में आने के बाद जब उन्हें पूरी घटना के बारे में जानकारी मिली तो उन्हें एहसास हुआ कि वह मौत के बेहद करीब पहुंच चुके थे। उन्होंने कहा कि उस पल ने उन्हें जीवन की असली अहमियत समझा दी।

    श्रेयस के अनुसार इस घटना के बाद उनकी सोच पूरी तरह बदल गई। पहले वह लगातार काम को प्राथमिकता देते थे, लेकिन अब परिवार, स्वास्थ्य और मानसिक शांति को सबसे अधिक महत्व देते हैं। उन्होंने अपनी दिनचर्या में नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच को शामिल किया है। उनका मानना है कि शरीर के छोटे-छोटे संकेतों को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

    उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, अत्यधिक थकान या किसी भी तरह की असामान्य शारीरिक परेशानी महसूस हो तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। उनके अनुसार कई बार लोग व्यस्तता या लापरवाही के कारण शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है। समय पर इलाज मिलने से कई गंभीर परिस्थितियों से बचा जा सकता है।

    अभिनेता ने यह भी कहा कि इस अनुभव ने उन्हें परिवार और रिश्तों की अहमियत पहले से कहीं अधिक समझाई। अब वह हर दिन को एक नए अवसर की तरह जीने की कोशिश करते हैं और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने माना कि सफलता और व्यस्तता से कहीं अधिक जरूरी स्वस्थ रहना है, क्योंकि अच्छा स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। कार्डियक अरेस्ट से उबरने के बाद उन्होंने धीरे-धीरे अपने पेशेवर जीवन में वापसी की और अब अपने अनुभव के जरिए लोगों को हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश भी दे रहे हैं।

  • भारतीय शेयर बाजार में बड़ी कंपनियों की दमदार वापसी, शीर्ष 10 में शामिल पांच दिग्गजों का मार्केटकैप 1.54 लाख करोड़ रुपये बढ़ा

    भारतीय शेयर बाजार में बड़ी कंपनियों की दमदार वापसी, शीर्ष 10 में शामिल पांच दिग्गजों का मार्केटकैप 1.54 लाख करोड़ रुपये बढ़ा


    नई दिल्ली ।
    भारतीय शेयर बाजार के लिए बीता सप्ताह सकारात्मक संकेतों के साथ समाप्त हुआ। मजबूत निवेशक धारणा, चुनिंदा क्षेत्रों में खरीदारी और बेहतर कॉरपोरेट प्रदर्शन के कारण देश की शीर्ष 10 सूचीबद्ध कंपनियों में से पांच के बाजार पूंजीकरण में संयुक्त रूप से 1.54 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस दौरान सूचना प्रौद्योगिकी और बैंकिंग क्षेत्र की प्रमुख कंपनियां निवेशकों के आकर्षण का केंद्र रहीं, जबकि कुछ बड़ी कंपनियों के बाजार मूल्यांकन में गिरावट भी देखने को मिली।

    सप्ताह के दौरान सबसे अधिक लाभ टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज को मिला। कंपनी के बाजार पूंजीकरण में 72 हजार करोड़ रुपये से अधिक का इजाफा हुआ, जिससे उसका कुल बाजार मूल्य 8.20 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया। कंपनी के बेहतर तिमाही नतीजों और आने वाली तिमाहियों में कारोबार की संभावनाओं को लेकर प्रबंधन के सकारात्मक संकेतों ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया। इसके परिणामस्वरूप आईटी क्षेत्र में खरीदारी तेज हुई और कंपनी के शेयरों में मजबूती देखने को मिली।

    निजी क्षेत्र के आईसीआईसीआई बैंक ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। सप्ताहभर में बैंक के बाजार पूंजीकरण में 29 हजार करोड़ रुपये से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाजार मूल्य में भी लगभग 24 हजार करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। वित्तीय क्षेत्र की प्रमुख कंपनी बजाज फाइनेंस और सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने भी बाजार पूंजीकरण में उल्लेखनीय बढ़त दर्ज कर निवेशकों को सकारात्मक रिटर्न दिया।

    हालांकि सभी बड़ी कंपनियों का प्रदर्शन एक जैसा नहीं रहा। इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की प्रमुख कंपनी लार्सन एंड टुब्रो के बाजार मूल्यांकन में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा भारतीय जीवन बीमा निगम, भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक और हिंदुस्तान यूनिलीवर के बाजार पूंजीकरण में भी कमी देखने को मिली। इसके बावजूद इन कंपनियों की बाजार स्थिति मजबूत बनी रही और वे देश की सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनियों में शामिल रहीं।

    सप्ताह के अंत तक रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे अधिक बाजार मूल्य वाली सूचीबद्ध कंपनी बनी रही। इसके बाद एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, भारतीय जीवन बीमा निगम, लार्सन एंड टुब्रो और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा। यह क्रम भारतीय कॉरपोरेट जगत में इन कंपनियों की मजबूत उपस्थिति और निवेशकों के विश्वास को दर्शाता है।

    समूचे शेयर बाजार का प्रदर्शन भी उत्साहजनक रहा। सप्ताह के दौरान सेंसेक्स में 582 अंकों से अधिक की बढ़त दर्ज हुई, जबकि निफ्टी भी 127 अंकों से अधिक मजबूत होकर बंद हुआ। विभिन्न सेक्टरों में सूचना प्रौद्योगिकी सबसे अधिक लाभ देने वाला सूचकांक रहा। इसके अलावा कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मीडिया, प्राइवेट बैंक, ऑयल एंड गैस, ऑटो, सर्विसेज, सार्वजनिक उपक्रम और ऊर्जा क्षेत्रों में भी सकारात्मक बढ़त देखने को मिली।

    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत कॉरपोरेट नतीजों, बेहतर आर्थिक संकेतकों और निवेशकों के बढ़ते विश्वास के कारण भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है। यदि आने वाले समय में कंपनियों के तिमाही परिणाम अपेक्षाओं के अनुरूप रहते हैं और वैश्विक परिस्थितियां स्थिर बनी रहती हैं, तो बाजार में यह सकारात्मक रुझान आगे भी जारी रह सकता है। फिलहाल शीर्ष कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में आई यह बढ़ोतरी भारतीय इक्विटी बाजार की मजबूती और निवेशकों के भरोसे का महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है।

  • 'कहानी का जनक और मालिक मैं ही हूं'; परेश रावल के आरोपों पर बोले फिल्म निर्माता अमित राय, पटकथा में बदलाव के दावों को नकारा

    'कहानी का जनक और मालिक मैं ही हूं'; परेश रावल के आरोपों पर बोले फिल्म निर्माता अमित राय, पटकथा में बदलाव के दावों को नकारा

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा की बेहद सफल और सामाजिक विषय पर आधारित फिल्म ‘ओह माय गॉड 2’ (ओएमजी 2) को लेकर अभिनेता परेश रावल के हालिया बयान के बाद एक नया विवाद खड़ा हो गया है। दिग्गज अभिनेता परेश रावल ने सार्वजनिक रूप से दावा किया था कि इस फिल्म का मूल विचार और अवधारणा उनकी थी, लेकिन अभिनेता अक्षय कुमार के इस परियोजना से जुड़ने के बाद पटकथा में व्यापक बदलाव किए गए और उन्हें इसका उचित श्रेय नहीं दिया गया। अब इस पूरे विवाद पर पहली बार फिल्म के लेखक और निर्देशक अमित राय ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और फिल्म की मौलिकता को लेकर अपना कड़ा रुख स्पष्ट किया है।

    अमित राय ने एक विशेष साक्षात्कार में वरिष्ठ अभिनेता परेश रावल के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए कहा कि वह एक महान कलाकार हैं और उनके द्वारा लिए गए नाम कद में काफी बड़े हैं, इसलिए वह उन पर कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करना चाहते। हालांकि, फिल्म के लेखन और उसके स्वामित्व के कानूनी पक्ष पर बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि इस फिल्म का विचार पूरी तरह से उनके अपने मस्तिष्क की उपज है। इस कहानी के सृजनकर्ता, लेखक और विधिक रूप से मालिक वही हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह भावनात्मक और रचनात्मक दोनों ही स्तरों पर इस फिल्म की पटकथा के वास्तविक जनक हैं।

    क्रेडिट न दिए जाने के आरोपों का तार्किक जवाब देते हुए निर्देशक ने कहा कि यदि इस प्रकार के दावे किए जा रहे हैं, तो संबंधित पक्षों को फिल्म के आधिकारिक क्रेडिट रोल को पुनः खोलकर ध्यान से देखना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि फिल्म के शुरुआती और मुख्य क्रेडिट्स में परेश रावल की पत्नी और उनके व्यावसायिक साझीदार का नाम बतौर निर्माता स्पष्ट रूप से दर्ज किया गया है। ऐसे में यह कहना कि उन्हें या उनके परिवार को इस परियोजना से अलग रखा गया या कोई श्रेय नहीं दिया गया, पूरी तरह से अनुचित और तथ्यों से परे है।

    फिल्म उद्योग के भीतर चल रही उन चर्चाओं को भी निर्देशक ने पूरी तरह से नकार दिया जिनमें यह कहा जा रहा था कि सुपरस्टार अक्षय कुमार के फिल्म में शामिल होने के बाद इसकी मूल कहानी और पटकथा की संरचना में बड़े बदलाव किए गए थे। अमित राय ने कहा कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री उनके इस स्वभाव से भली-भांति परिचित है कि वह अपनी लिखी हुई चार पंक्तियों को भी किसी के दबाव में आकर नहीं बदलते हैं। अपनी कलात्मक दृढ़ता को रेखांकित करने के लिए उन्होंने संगीतकार आर.डी. बर्मन का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार एक सच्चा संगीतकार अपनी बनाई धुनों से कोई समझौता नहीं करता, उसी प्रकार वह भी अपनी कहानी के मूल स्वरूप की रक्षा करते हैं।

    उन्होंने अपने लंबे संघर्ष का हवाला देते हुए कहा कि यदि वह परिस्थितियों के अनुसार अपनी पटकथाओं और विचारों को बदलने वाले लचीले व्यक्ति होते, तो उन्हें फिल्म उद्योग में काम पाने के लिए 14 वर्षों तक प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती। इस स्पष्टीकरण के साथ निर्देशक ने यह साफ कर दिया है कि ‘ओएमजी 2’ पूरी तरह से उनकी मौलिक सिनेमाई अभिव्यक्ति है, जिसमें व्यावसायिक सफलताओं के लिए कोई कृत्रिम बदलाव नहीं किए गए थे। इस बयान के बाद फिल्म के वैधानिक और रचनात्मक अधिकारों को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर पूर्ण विराम लग गया है।

  • दीपिका पादुकोण मैटरनिटी लीव से पहले नाइट शिफ्ट में भी कर रहीं काम…

    दीपिका पादुकोण मैटरनिटी लीव से पहले नाइट शिफ्ट में भी कर रहीं काम…


    नई दिल्ली ।
    भारतीय सिनेमा जगत की शीर्ष अभिनेत्रियों में शुमार दीपिका पादुकोण इन दिनों अपनी आगामी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘राका’ के फिल्मांकन में पूरी गंभीरता के साथ व्यस्त हैं। वर्तमान में सात महीने की गर्भवती होने के बावजूद वह अपनी मैटरनिटी लीव पर जाने से पहले फिल्म के महत्वपूर्ण हिस्सों की शूटिंग को समय पर संपन्न करने के लिए दिन-रात काम कर रही हैं। फिल्म निर्माण से जुड़े सूत्रों के अनुसार, वह न केवल देर रात के शेड्यूल में सक्रियता से भाग ले रही हैं, बल्कि फिल्म की आवश्यकता के अनुसार कठिन एक्शन दृश्यों को भी स्वयं फिल्मा रही हैं। शारीरिक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण इस समय में उनका यह व्यावसायिक समर्पण मनोरंजन जगत में व्यापक स्तर पर प्रशंसा बटोर रहा है।

    मीडिया रिपोर्ट्स और सेट से जुड़े क्रू सदस्यों के अनुसार, दीपिका पादुकोण बिना किसी अतिरिक्त विश्राम के लगातार काम कर रही हैं ताकि परियोजना अपने निर्धारित समय पर पूरी हो सके। हाल ही में उद्योग जगत में उनकी आठ घंटे की कार्य अवधि की मांग को लेकर काफी चर्चाएं और विवाद सामने आए थे, किंतु वर्तमान में उनका यह कठोर परिश्रम उन सभी कयासों को खारिज करता है। सेट पर मौजूद तकनीकी और प्रशासनिक दल के सदस्यों का कहना है कि इस स्थिति में भी दीपिका को पूरी ऊर्जा के साथ परफॉर्म करते देखना वहां उपस्थित प्रत्येक कर्मचारी और सह-कलाकार के लिए अत्यंत प्रेरणादायक साबित हो रहा है। इसके साथ ही वह अपनी डेढ़ वर्षीय बेटी दुआ की देखभाल और पारिवारिक जिम्मेदारियों का भी पूरी सहजता से निर्वहन कर रही हैं।

    उल्लेखनीय है कि कुछ समय पूर्व फिल्म उद्योग में काम के घंटों को लेकर एक बड़ी बहस छिड़ गई थी, जब मीडिया में यह अपुष्ट खबरें आईं कि आठ घंटे की शिफ्ट की मांग के कारण दीपिका पादुकोण को संदीप रेड्डी वांगा की आगामी फिल्म ‘स्पिरिट’ और नाग अश्विन की ‘कल्कि 2’ जैसी बड़ी परियोजनाओं से अलग कर दिया गया था। उस समय फिल्म निर्माताओं के एक वर्ग ने इस मांग पर असंतोष व्यक्त किया था, जबकि दूसरे वर्ग ने कलाकारों के स्वास्थ्य और अधिकारों के पक्ष में इसका पुरजोर समर्थन किया था। हालांकि, वर्तमान फिल्म के सेट पर उनका देर रात तक काम करना यह स्पष्ट करता है कि वह काम की गुणवत्ता और अपनी प्रतिबद्धता से कोई समझौता नहीं कर रही हैं।

    यदि फिल्म ‘राका’ की बात करें, तो इसका निर्देशन भारतीय सिनेमा के सफल निर्देशकों में गिने जाने वाले एटली कर रहे हैं। यह एक उच्च बजट वाली साइंस-फिक्शन थ्रिलर फिल्म होगी, जिसमें दर्शकों को आधुनिक तकनीक और अभूतपूर्व एक्शन दृश्यों का संयोजन देखने को मिलेगा। इस फिल्म के माध्यम से पहली बार तेलुगु सुपरस्टार अल्लू अर्जुन और दीपिका पादुकोण की जोड़ी बड़े पर्दे पर एक साथ मुख्य भूमिकाओं में नजर आने वाली है। इन दोनों शीर्ष कलाकारों के अतिरिक्त फिल्म की मुख्य स्टारकास्ट में रश्मिका मंदाना, जाह्नवी कपूर और मृणाल ठाकुर जैसी लोकप्रिय अभिनेत्रियां भी महत्वपूर्ण किरदारों में दिखाई देंगी।

    प्रशासनिक और वितरण सूत्रों के अनुसार, इस भव्य सिनेमाई परियोजना को अगले वर्ष तक देश भर के सिनेमाघरों में बड़े स्तर पर प्रदर्शित करने की योजना बनाई गई है। ‘राका’ के अतिरिक्त दीपिका पादुकोण इस वर्ष शाहरुख खान के अभिनय से सजी फिल्म ‘किंग’ में भी एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका में दिखाई देने वाली हैं, जो इसी साल के अंत तक बड़े पर्दे पर दस्तक दे सकती है। मातृत्व के इस पड़ाव पर भी एक के बाद एक बड़ी व्यावसायिक फिल्मों की शूटिंग को सफलतापूर्वक पूरा करना दीपिका पादुकोण की मजबूत ब्रांड वैल्यू और पेशेवर दृष्टिकोण को प्रमाणित करता है।

  • शानदार तेजी के साथ बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 965 अंक उछला तो निफ्टी 24,334 के पार; बैंकिंग और आईटी शेयरों ने दिखाई दमदार मजबूती

    शानदार तेजी के साथ बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 965 अंक उछला तो निफ्टी 24,334 के पार; बैंकिंग और आईटी शेयरों ने दिखाई दमदार मजबूती

    नई दिल्ली ।सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए निवेशकों को बड़ी राहत दी। वैश्विक स्तर पर मिले-जुले संकेतों और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद घरेलू बाजार में खरीदारी का मजबूत माहौल देखने को मिला। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 964.58 अंकों की बढ़त के साथ 78,151.45 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50 भी 261.55 अंक चढ़कर 24,334.30 के स्तर पर पहुंच गया। दोनों प्रमुख सूचकांकों में एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त ने बाजार में निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाया।

    कारोबार की शुरुआत भी सकारात्मक रही। सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर से ऊपर खुला और दिनभर खरीदारी के दम पर लगातार मजबूत बना रहा। कारोबार के दौरान यह 78,282.55 के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। वहीं निफ्टी ने भी शुरुआती बढ़त को बरकरार रखते हुए दिन के दौरान 24,367.30 का इंट्रा-डे हाई बनाया। बाजार बंद होने तक प्रमुख सूचकांक अपने ऊंचे स्तरों के करीब बने रहे, जिससे पूरे कारोबारी सत्र में सकारात्मक रुझान देखने को मिला।

    बाजार की तेजी में सबसे बड़ी भूमिका बैंकिंग और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के शेयरों ने निभाई। निजी बैंकों में मजबूत खरीदारी के कारण निफ्टी प्राइवेट बैंक सूचकांक सबसे अधिक बढ़त दर्ज करने वाला सेक्टर रहा। इसके अलावा आईटी, बैंकिंग, रियल्टी और ऑटो सेक्टर में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और एक्सिस बैंक जैसे बड़े शेयरों ने प्रमुख सूचकांकों को मजबूती प्रदान की। निफ्टी 50 में टेक महिंद्रा, टीसीएस, कोटक महिंद्रा बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर प्रमुख बढ़त दर्ज करने वालों में शामिल रहे।

    हालांकि बाजार का रुख पूरी तरह एकतरफा नहीं रहा। फार्मा, हेल्थकेयर, मेटल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में कुछ दबाव देखने को मिला। इसी तरह मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी सीमित कमजोरी दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का असर इन वर्गों पर देखने को मिला, लेकिन बड़े शेयरों में मजबूत खरीदारी ने पूरे बाजार को सकारात्मक दिशा दी।

    बाजार विशेषज्ञों के अनुसार पिछले कई कारोबारी सत्रों से सीमित दायरे में कारोबार करने के बाद बाजार ने महत्वपूर्ण तकनीकी ब्रेकआउट दिया है। इसे निवेशकों के बढ़ते भरोसे और मजबूत बाजार धारणा का संकेत माना जा रहा है। तकनीकी संकेतकों के अनुसार निफ्टी अभी भी अपने प्रमुख मूविंग एवरेज के ऊपर कारोबार कर रहा है, जबकि आरएसआई में भी सकारात्मक संकेत दिखाई दिए हैं। इससे निकट भविष्य में बाजार की मजबूती बरकरार रहने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

    विश्लेषकों का मानना है कि यदि मौजूदा रुझान जारी रहता है तो निफ्टी आने वाले कारोबारी सत्रों में 24,800 के स्तर की ओर बढ़ सकता है। वहीं 24,200 का स्तर निकट अवधि के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है। यदि सूचकांक इस स्तर से नीचे जाता है तो कुछ समय के लिए सीमित दायरे में कारोबार देखने को मिल सकता है। फिलहाल घरेलू आर्थिक संकेतकों, कंपनियों के तिमाही नतीजों और वैश्विक घटनाक्रम पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी, क्योंकि यही कारक आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

  • सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की पहली तिमाही शानदार, 13 प्रतिशत बढ़ा शुद्ध मुनाफा; एनपीए में सुधार से वित्तीय स्थिति और मजबूत

    सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की पहली तिमाही शानदार, 13 प्रतिशत बढ़ा शुद्ध मुनाफा; एनपीए में सुधार से वित्तीय स्थिति और मजबूत


    नई दिल्ली ।
    सार्वजनिक क्षेत्र के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के वित्तीय नतीजों में मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। अप्रैल से जून 2026 के दौरान बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 13.3 प्रतिशत बढ़कर 1,324 करोड़ रुपये पहुंच गया। बैंक की ब्याज आय में बढ़ोतरी और प्रावधानों में कमी ने लाभप्रदता को मजबूती दी, जबकि परिसंपत्ति गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिला। हालांकि परिचालन लाभ में हल्की गिरावट दर्ज की गई है।

    बैंक द्वारा जारी वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में शुद्ध मुनाफा 1,169 करोड़ रुपये था, जो इस बार बढ़कर 1,324 करोड़ रुपये हो गया। यह वृद्धि ऐसे समय में आई है जब बैंकिंग क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है और वित्तीय संस्थान अपनी आय बढ़ाने के साथ जोखिम नियंत्रण पर भी विशेष ध्यान दे रहे हैं।

    तिमाही के दौरान बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम यानी ब्याज से प्राप्त आय और ब्याज पर किए गए खर्च के बीच का अंतर भी मजबूत रहा। यह सालाना आधार पर 16 प्रतिशत बढ़कर 3,914 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 3,383 करोड़ रुपये था। विशेषज्ञों के अनुसार, नेट इंटरेस्ट इनकम में बढ़ोतरी बैंक की मुख्य बैंकिंग गतिविधियों की मजबूती को दर्शाती है।

    हालांकि बैंक के परिचालन लाभ में मामूली दबाव दिखाई दिया। पहली तिमाही में ऑपरेटिंग प्रॉफिट 5.1 प्रतिशत घटकर 2,186 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 2,304 करोड़ रुपये था। इसके बावजूद शुद्ध लाभ में वृद्धि इस बात का संकेत है कि बैंक ने खर्चों और जोखिम प्रबंधन पर बेहतर नियंत्रण बनाए रखा।

    बैंक ने इस तिमाही में प्रावधानों में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की। अप्रैल-जून अवधि में प्रोविजन घटकर 401.6 करोड़ रुपये रह गया, जबकि एक वर्ष पहले इसी अवधि में यह 521.1 करोड़ रुपये था। पिछली तिमाही की तुलना में भी इसमें कमी दर्ज की गई है। प्रावधानों में गिरावट से बैंक की लाभप्रदता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

    परिसंपत्ति गुणवत्ता के मोर्चे पर भी बैंक का प्रदर्शन बेहतर रहा। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (जीएनपीए) अनुपात घटकर 2.60 प्रतिशत पर आ गया, जो पिछली तिमाही में 2.67 प्रतिशत था। वहीं नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (एनएनपीए) अनुपात 0.49 प्रतिशत पर स्थिर बना रहा। यह संकेत देता है कि बैंक खराब ऋणों पर नियंत्रण बनाए रखने में सफल रहा है।

    बैंक ने तिमाही परिणामों के साथ किसी लाभांश की घोषणा नहीं की। वहीं शेयर बाजार में कारोबारी सत्र के दौरान बैंक का शेयर मामूली गिरावट के साथ 31.70 रुपये पर बंद हुआ। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों की नजर आने वाली तिमाहियों में बैंक की आय वृद्धि, ऋण विस्तार और परिसंपत्ति गुणवत्ता के प्रदर्शन पर बनी रहेगी।

    सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी रिपोर्ट में यह भी बताया कि कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो लगभग स्थिर बना हुआ है, जबकि जमा राशि जुटाने की लागत में भी सुधार दर्ज किया गया है। इससे बैंक की परिचालन दक्षता और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन का संकेत मिलता है। बैंकिंग क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच पहली तिमाही के ये परिणाम सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की वित्तीय मजबूती और स्थिर प्रदर्शन की दिशा में सकारात्मक संकेत माने जा रहे हैं।

  • आईपीओ से पहले एनएसई पर उठे वैल्यूएशन के सवाल, ब्रोकरेज ने दी बिकवाली की सलाह; घटते ट्रेडिंग वॉल्यूम और मार्केट शेयर को बताया सबसे बड़ी चिंता

    आईपीओ से पहले एनएसई पर उठे वैल्यूएशन के सवाल, ब्रोकरेज ने दी बिकवाली की सलाह; घटते ट्रेडिंग वॉल्यूम और मार्केट शेयर को बताया सबसे बड़ी चिंता

    नई दिल्ली । देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के प्रस्तावित आईपीओ से पहले बाजार में इसकी वैल्यूएशन को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। एक प्रमुख ब्रोकरेज फर्म ने एनएसई की कवरेज शुरू करते हुए निवेशकों को बिकवाली की सलाह दी है। आमतौर पर किसी कंपनी के आईपीओ से पहले इस तरह की राय कम ही देखने को मिलती है, इसलिए यह रिपोर्ट निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों के बीच विशेष चर्चा का विषय बन गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि एक्सचेंज के ट्रेडिंग वॉल्यूम में लगातार आ रही गिरावट और बाजार हिस्सेदारी में कमी भविष्य की ग्रोथ पर दबाव डाल सकती है।

    ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि एनएसई की मौजूदा अनलिस्टेड मार्केट वैल्यू उसके वित्तीय प्रदर्शन की तुलना में अधिक दिखाई देती है। इसी आधार पर कंपनी के लिए 1,550 रुपये का लक्ष्य मूल्य निर्धारित किया गया है, जो अनलिस्टेड बाजार में प्रचलित करीब 2,085 रुपये के मूल्य से लगभग 26 प्रतिशत कम है। फर्म का कहना है कि मौजूदा स्तर पर निवेशकों को भविष्य में अपेक्षित रिटर्न सीमित मिल सकता है।

    रिपोर्ट के अनुसार, हाल के वर्षों में एनएसई के परिचालन प्रदर्शन में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिले हैं। कंपनी की कुल परिचालन आय में वर्ष-दर-वर्ष गिरावट दर्ज की गई है। यह संकेत देता है कि कारोबार की रफ्तार पहले की तुलना में कुछ धीमी हुई है। विशेष रूप से इक्विटी डेरिवेटिव्स से जुड़े कारोबार में ट्रेडिंग वॉल्यूम कम होने का असर कंपनी की कमाई पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। इससे एक्सचेंज के बाजार हिस्से पर भी दबाव बढ़ा है।

    एनएसई की आय का सबसे बड़ा स्रोत ट्रांजैक्शन चार्जेज माना जाता है। उपलब्ध वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, इस मद से प्राप्त होने वाली आय में भी पिछले वित्त वर्ष की तुलना में कमी दर्ज की गई है। इसके अलावा क्लियरिंग और सेटलमेंट सेवाओं से होने वाली कमाई में भी गिरावट देखने को मिली है। इन दोनों प्रमुख आय स्रोतों में कमी आने से कंपनी के कुल राजस्व पर प्रभाव पड़ा है, जिसे बाजार विशेषज्ञ भविष्य की चुनौती के रूप में देख रहे हैं।

    वित्तीय वर्ष 2026 के दौरान कंपनी की कुल परिचालन आय पिछले वित्त वर्ष की तुलना में तीन प्रतिशत से अधिक कम रही। वहीं ट्रांजैक्शन चार्जेज से प्राप्त आय में लगभग चार प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। विश्लेषकों का मानना है कि यदि ट्रेडिंग गतिविधियों में तेजी नहीं आती और बाजार हिस्सेदारी में सुधार नहीं होता, तो भविष्य में कंपनी के लिए उच्च वैल्यूएशन को बनाए रखना आसान नहीं होगा।

    हालांकि एनएसई भारतीय पूंजी बाजार का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण एक्सचेंज बना हुआ है तथा निवेशकों के बीच उसकी मजबूत पहचान है, लेकिन किसी भी कंपनी की दीर्घकालिक वैल्यू उसके वित्तीय प्रदर्शन और कारोबार की वृद्धि पर निर्भर करती है। इसी कारण विशेषज्ञ निवेशकों को आईपीओ से पहले कंपनी के वित्तीय आंकड़ों, आय के स्रोतों, भविष्य की विकास संभावनाओं और वैल्यूएशन का संतुलित आकलन करने की सलाह दे रहे हैं।

    आने वाले समय में एनएसई का आईपीओ भारतीय पूंजी बाजार की सबसे चर्चित सार्वजनिक पेशकशों में शामिल हो सकता है। ऐसे में निवेशकों की नजर कंपनी के आगामी वित्तीय प्रदर्शन, नियामकीय प्रक्रियाओं और बाजार की प्रतिक्रिया पर बनी रहेगी। यदि कंपनी अपने कारोबार की गति बढ़ाने और आय के प्रमुख स्रोतों को मजबूत करने में सफल रहती है, तो भविष्य में निवेशकों का भरोसा और अधिक मजबूत हो सकता है। फिलहाल ब्रोकरेज की इस रिपोर्ट ने एनएसई के आईपीओ से पहले वैल्यूएशन और ग्रोथ को लेकर नई बहस जरूर छेड़ दी है।

  • दूसरी प्रेग्नेंसी के बीच डोसा डेट पर दिखे दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह, सादगी भरे अंदाज ने जीता फैंस का दिल

    दूसरी प्रेग्नेंसी के बीच डोसा डेट पर दिखे दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह, सादगी भरे अंदाज ने जीता फैंस का दिल

    नई दिल्ली । बॉलीवुड के चर्चित अभिनेता रणवीर सिंह और अभिनेत्री दीपिका पादुकोण इन दिनों अपनी निजी जिंदगी के खूबसूरत दौर का आनंद ले रहे हैं। दोनों जल्द ही अपने दूसरे बच्चे का स्वागत करने वाले हैं और इसी बीच मुंबई में उनकी एक सादगी भरी आउटिंग ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया। हाल ही में दोनों को शहर के एक लोकप्रिय रेस्टोरेंट में साथ देखा गया, जहां वे डोसा खाने पहुंचे थे। इस दौरान उनका सहज अंदाज और एक-दूसरे के साथ बिताया गया समय प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

    रेस्टोरेंट से बाहर निकलते समय दोनों को कैमरों में कैद किया गया, जिसके बाद उनका वीडियो और तस्वीरें तेजी से सोशल मीडिया पर साझा होने लगीं। हालांकि, इस दौरान उनकी सुरक्षा टीम लगातार लोगों से वीडियो रिकॉर्डिंग और अत्यधिक भीड़ से बचने की अपील करती नजर आई। दोनों कलाकारों ने अपनी इस आउटिंग को पूरी तरह निजी रखने का प्रयास किया और बिना किसी औपचारिकता के सामान्य तरीके से समय बिताया।

    इस मौके पर दीपिका और रणवीर का पहनावा भी काफी साधारण रहा। रणवीर सिंह ब्लैक टी-शर्ट और ट्राउजर में दिखाई दिए, जबकि दीपिका पादुकोण ने आरामदायक को-ऑर्ड सेट पहन रखा था। दोनों ने चेहरे पर मास्क भी लगाया हुआ था, जिससे उनकी आउटिंग अपेक्षाकृत लो-प्रोफाइल बनी रही। प्रशंसकों ने उनके इस सहज और सादगी भरे अंदाज की सराहना की और सोशल मीडिया पर दोनों की तस्वीरों पर शुभकामनाएं व्यक्त कीं।

    यह पहली बार नहीं है जब यह स्टार कपल इसी रेस्टोरेंट में नजर आया हो। इससे पहले भी दोनों यहां एक विशेष अवसर पर साथ पहुंचे थे। यही वजह है कि इस रेस्टोरेंट से उनका एक विशेष जुड़ाव माना जाता है। इस बार भी दोनों ने भीड़भाड़ और सार्वजनिक आकर्षण से दूर सामान्य तरीके से अपना समय बिताने की कोशिश की, लेकिन उनकी मौजूदगी की जानकारी मिलते ही वहां लोगों की नजरें उन पर टिक गईं।

    दीपिका और रणवीर ने इसी वर्ष अपने दूसरे बच्चे के आने की खुशखबरी साझा की थी। इसके बाद से दोनों सार्वजनिक कार्यक्रमों में सीमित रूप से नजर आ रहे हैं और अधिकतर समय परिवार के साथ बिता रहे हैं। वर्ष 2018 में विवाह बंधन में बंधे इस दंपति ने सितंबर 2024 में अपनी पहली संतान, बेटी दुआ का स्वागत किया था। अब परिवार में एक नए सदस्य के आगमन की तैयारियां चल रही हैं, जिसे लेकर उनके प्रशंसकों में भी उत्साह बना हुआ है।

    फिल्मी करियर की बात करें तो दोनों कलाकार अपने-अपने आगामी प्रोजेक्ट्स में भी व्यस्त हैं। दीपिका पादुकोण आने वाले समय में कई बड़े प्रोजेक्ट्स में दिखाई देंगी, जबकि रणवीर सिंह भी अपनी नई फिल्मों की तैयारियों में जुटे हैं। निजी जीवन और पेशेवर जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाते हुए दोनों लगातार अपने प्रशंसकों से जुड़े हुए हैं। उनकी हालिया आउटिंग ने एक बार फिर यह दिखाया कि लोकप्रियता के बावजूद वे निजी जीवन के छोटे-छोटे पलों को सादगी के साथ जीना पसंद करते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो के बीच प्रशंसक इस दंपति को शुभकामनाएं देते हुए उनके परिवार में आने वाली नई खुशियों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

  • कार के अंदर तक कैमरा पहुंचने पर नाराज हुईं मौनी रॉय, पैपराजी से बोलीं- 'कितनी बार कहूं, बंद करो'

    कार के अंदर तक कैमरा पहुंचने पर नाराज हुईं मौनी रॉय, पैपराजी से बोलीं- 'कितनी बार कहूं, बंद करो'


    नई दिल्ली ।
    अभिनेत्री मौनी रॉय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें वह पैपराजी की लगातार रिकॉर्डिंग से असहज नजर आ रही हैं। मुंबई में दोस्तों के साथ डिनर के बाद जब वह अपनी कार में बैठीं तो फोटोग्राफर्स लगातार कार की खिड़की से उनकी तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड करते रहे। इस दौरान मौनी ने कई बार कैमरा बंद करने का इशारा करते हुए रिकॉर्डिंग रोकने की अपील की। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और निजी जीवन की गोपनीयता को लेकर एक नई बहस भी छेड़ रहा है।

    घटना मंगलवार रात की बताई जा रही है, जब मौनी रॉय अपने दोस्तों के साथ डिनर के लिए एक रेस्टोरेंट पहुंची थीं। बाहर निकलने के बाद उन्होंने सामान्य तरीके से पैपराजी के लिए तस्वीरें खिंचवाईं। इसके बाद जैसे ही वह अपनी कार में बैठीं, कुछ फोटोग्राफर्स कार के शीशे से लगातार वीडियो रिकॉर्ड करने लगे। इस दौरान मौनी ने हाथ और उंगली के इशारे से कई बार ‘बंद करो’ कहते हुए रिकॉर्डिंग रोकने का अनुरोध किया। उनके चेहरे पर नाराजगी और असहजता साफ दिखाई दे रही थी।

    वीडियो में मौनी ब्लैक स्लीवलेस आउटफिट में नजर आ रही हैं। वह शांत रहने की कोशिश करती दिखीं, लेकिन लगातार कैमरा उनकी ओर किए जाने के कारण उन्होंने स्पष्ट रूप से अपनी नाराजगी जाहिर की। कुछ ही देर बाद उनकी कार वहां से रवाना हो गई। सोशल मीडिया पर यह वीडियो सामने आने के बाद लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोगों ने निजी जीवन और व्यक्तिगत सीमा का सम्मान किए जाने की बात कही, जबकि कुछ ने इसे सेलिब्रिटी और पैपराजी के बीच सामान्य स्थिति बताया।

    उस शाम मौनी रॉय अपनी करीबी दोस्त अनुषा दांडेकर और अभिनेता अर्जुन बिजलानी के साथ डिनर पर गई थीं। रेस्टोरेंट के बाहर तीनों ने एक-दूसरे से मुलाकात की और कुछ समय साथ बिताया। डिनर के बाद बाहर निकलते समय भी फोटोग्राफर्स ने उनकी तस्वीरें लीं, लेकिन कार में बैठने के बाद भी रिकॉर्डिंग जारी रहने से अभिनेत्री असहज महसूस करती दिखाई दीं।

    हाल के दिनों में मौनी रॉय अपनी निजी जिंदगी को लेकर भी चर्चा में रही हैं। उनके व्यक्तिगत जीवन से जुड़ी खबरों ने भी सोशल मीडिया पर काफी ध्यान आकर्षित किया था। ऐसे में सार्वजनिक स्थानों पर उनकी हर गतिविधि पर पैपराजी और सोशल मीडिया की नजर बनी रहती है। हालांकि, इस ताजा घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि सार्वजनिक हस्तियों की निजी सीमाओं का सम्मान किस हद तक किया जाना चाहिए।

    मौनी रॉय ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत टेलीविजन से की थी और कई लोकप्रिय धारावाहिकों के जरिए उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। बाद में उन्होंने फिल्मों का रुख किया और कई चर्चित परियोजनाओं में अभिनय किया। आज वह टेलीविजन और फिल्म दोनों माध्यमों की प्रमुख अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। उनका यह वायरल वीडियो फिलहाल सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और पैपराजी संस्कृति तथा निजता के अधिकार को लेकर लोगों के बीच विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।