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  • वैश्विक तनाव के बीच सपाट बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स दिन के उच्चतम स्तर से 393 अंक फिसला, निफ्टी भी बढ़त गंवाकर बंद

    वैश्विक तनाव के बीच सपाट बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स दिन के उच्चतम स्तर से 393 अंक फिसला, निफ्टी भी बढ़त गंवाकर बंद

    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद लगभग सपाट स्तर पर बंद हुआ। शुरुआती कारोबार में निवेशकों की खरीदारी से बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली, लेकिन दिन के दूसरे हिस्से में मुनाफावसूली हावी होने से अधिकांश बढ़त खत्म हो गई। कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 1.44 अंक की मामूली बढ़त के साथ 77,186.87 अंक पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50 सूचकांक 5.75 अंक की गिरावट के साथ 24,072.75 अंक पर बंद हुआ।

    कारोबार की शुरुआत सकारात्मक रही। सेंसेक्स करीब 203 अंकों की बढ़त के साथ खुला और दिन के दौरान 77,579.69 अंक के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। हालांकि बाद में बिकवाली बढ़ने से यह अपने इंट्रा-डे हाई से करीब 393 अंक नीचे फिसलकर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी भी शुरुआती मजबूती के साथ 24,186.50 अंक तक पहुंचा, लेकिन अंतिम घंटों में मुनाफावसूली के चलते अपनी अधिकांश बढ़त गंवा बैठा।

    बाजार की व्यापक तस्वीर मिश्रित रही। कारोबार के दौरान लगभग 1,947 शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जबकि 2,119 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए और 194 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.41 प्रतिशत और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह संकेत मिला कि निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी।

    सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा, जिसमें 1.48 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा मीडिया, आईटी, ऑटो, एफएमसीजी और फार्मा शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। दूसरी ओर रियल्टी, पीएसयू बैंक, मेटल, प्राइवेट बैंक और बैंकिंग शेयरों पर दबाव बना रहा। रियल्टी इंडेक्स में सबसे अधिक करीब एक प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

    निफ्टी 50 के प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में एचसीएल टेक, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), विप्रो, मारुति सुजुकी, बजाज फाइनेंस और महिंद्रा एंड महिंद्रा शामिल रहे। वहीं इटरनल, एसबीआई लाइफ, बजाज फिनसर्व, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई।

    बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और एशियाई बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के कारण निवेशक पूरे सत्र के दौरान सतर्क बने रहे। महंगाई से जुड़ी चिंताओं का असर विशेष रूप से बैंकिंग और रियल्टी शेयरों पर देखने को मिला। हालांकि कुछ पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर आयात शुल्क दोबारा लागू होने और चुनिंदा कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों के चलते केमिकल सेक्टर में मजबूती बनी रही।

    विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर कंपनियों के तिमाही परिणाम, प्रबंधन की भविष्य की रणनीति, मानसून की प्रगति, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम पर रहेगी। यही कारक निकट भविष्य में भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

  • पश्चिम एशिया तनाव के बीच भारतीय बाजार ने दिखाई मजबूती, उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स 130 अंक चढ़कर हरे निशान पर बंद

    पश्चिम एशिया तनाव के बीच भारतीय बाजार ने दिखाई मजबूती, उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स 130 अंक चढ़कर हरे निशान पर बंद

    नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को मजबूती का प्रदर्शन किया। शुरुआती कारोबार में अच्छी तेजी के बाद दिनभर उतार-चढ़ाव का दौर देखने को मिला, लेकिन कारोबार समाप्त होने तक प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। निवेशकों ने चुनिंदा क्षेत्रों में खरीदारी जारी रखी, जिससे बाजार को समर्थन मिला और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद घरेलू निवेशकों का भरोसा कायम दिखाई दिया।

    कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 130.49 अंक यानी 0.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,185.43 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 भी 26.45 अंक यानी 0.11 प्रतिशत मजबूत होकर 24,078.50 अंक के स्तर पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में दोनों प्रमुख सूचकांकों ने बेहतर प्रदर्शन किया और दिन के दौरान सेंसेक्स 77,646.27 अंक तथा निफ्टी 24,220.35 अंक के उच्चतम स्तर तक पहुंचने में सफल रहे। हालांकि, बाद में मुनाफावसूली के कारण बढ़त कुछ सीमित हो गई।

    व्यापक बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 सूचकांकों में बढ़त दर्ज की गई, जिससे यह संकेत मिला कि केवल बड़ी कंपनियों के शेयर ही नहीं बल्कि मध्यम और छोटी कंपनियों में भी निवेशकों की रुचि बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू निवेशकों की निरंतर भागीदारी और मजबूत आर्थिक संकेतकों ने बाजार को वैश्विक दबाव के बीच भी संतुलित बनाए रखा।

    सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शेयरों में सबसे अधिक तेजी देखने को मिली। इसके अलावा कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, ऑयल एंड गैस, वित्तीय सेवाएं, फार्मा, हेल्थकेयर और ऑटो सेक्टर में भी खरीदारी का माहौल रहा। दूसरी ओर धातु, सूचना प्रौद्योगिकी, एफएमसीजी, मीडिया और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में दबाव बना रहा। धातु कंपनियों पर कच्चे माल की लागत और वैश्विक मांग को लेकर बनी चिंताओं का असर दिखाई दिया।

    प्रमुख कंपनियों में अल्ट्राटेक सीमेंट, एचडीएफसी लाइफ, श्रीराम फाइनेंस, आयशर मोटर्स और भारतीय स्टेट बैंक के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। वहीं हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, पावर ग्रिड, टाटा स्टील, एलएंडटी, जेएसडब्ल्यू स्टील और इंफोसिस के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इससे स्पष्ट हुआ कि बाजार में सेक्टर आधारित खरीदारी और बिकवाली दोनों का असर बना रहा।

    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कारोबारी सत्र में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण बाजार पर दबाव बना था, जबकि बुधवार को शुरुआती रिकवरी मुख्य रूप से तकनीकी सुधार के रूप में सामने आई। उनका कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आती है और पश्चिम एशिया में तनाव कम होता है तो भारतीय शेयर बाजार को आगे और समर्थन मिल सकता है। फिलहाल निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की चाल और आगामी आर्थिक संकेतकों पर बनी रहेगी, जो आने वाले कारोबारी सत्रों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

  • पश्चिम एशिया तनाव से भारतीय शेयर बाजार पर बड़ा असर, सेंसेक्स 561 अंक टूटा, निफ्टी 24,100 के नीचे फिसला, तीन दिन की तेजी थमी

    पश्चिम एशिया तनाव से भारतीय शेयर बाजार पर बड़ा असर, सेंसेक्स 561 अंक टूटा, निफ्टी 24,100 के नीचे फिसला, तीन दिन की तेजी थमी

    नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों का असर मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन घरेलू बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ और लगातार तीन सत्रों से जारी तेजी का सिलसिला टूट गया। निवेशकों ने जोखिम वाले निवेश से दूरी बनाई, जिसके चलते अधिकांश सेक्टरों में बिकवाली हावी रही। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और वैश्विक अनिश्चितता ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया।

    कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 561.46 अंक यानी 0.72 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,054.94 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 इंडेक्स 158.95 अंक यानी 0.66 प्रतिशत टूटकर 24,052.05 अंक पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार से ही बाजार पर दबाव बना रहा और दिनभर बिकवाली का माहौल देखने को मिला। निवेशकों की सतर्क रणनीति के कारण प्रमुख सूचकांक पूरे सत्र में लाल निशान में कारोबार करते रहे।

    बाजार की व्यापक तस्वीर भी कमजोर रही। कारोबार के दौरान लगभग 1,422 शेयरों में बढ़त दर्ज हुई, जबकि 2,632 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। करीब 190 शेयरों में कोई विशेष बदलाव नहीं आया। व्यापक बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.44 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इससे यह संकेत मिला कि केवल बड़ी कंपनियों ही नहीं, बल्कि मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों पर भी बिकवाली का दबाव बना रहा।

    सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो रियल्टी क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित रहा और इसमें करीब 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा पीएसयू बैंक, ऑटो, बैंकिंग और आईटी सेक्टरों में भी उल्लेखनीय कमजोरी देखने को मिली। प्राइवेट बैंक, ऑयल एंड गैस, एफएमसीजी, मीडिया और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े शेयर भी दबाव में रहे। हालांकि फार्मा और मेटल सेक्टर ने बाजार को कुछ राहत दी। फार्मा सूचकांक में लगभग 1 प्रतिशत और मेटल इंडेक्स में 0.60 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जिससे इन क्षेत्रों में खरीदारी का रुझान बना रहा।

    निफ्टी 50 में शामिल अधिकांश शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। एचसीएल टेक्नोलॉजीज, श्रीराम फाइनेंस, एचडीएफसी लाइफ, टाटा मोटर्स और इंटरग्लोब एविएशन के शेयर प्रमुख नुकसान वाले शेयरों में शामिल रहे। दूसरी ओर भारती एयरटेल, अपोलो हॉस्पिटल्स, सन फार्मा, टीसीएस और डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज के शेयरों में मजबूती देखने को मिली और ये दिन के प्रमुख बढ़त वाले शेयर रहे। इससे स्पष्ट हुआ कि बाजार में चुनिंदा रक्षात्मक क्षेत्रों में निवेशकों की रुचि बनी रही।

    विदेशी मुद्रा बाजार में भी दबाव देखने को मिला। भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 57 पैसे कमजोर होकर 96.25 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 4 प्रतिशत से अधिक उछलकर करीब 87 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसे आयात-निर्भर देशों के लिए महंगाई और व्यापार घाटे की चिंता बढ़ा सकती हैं। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो आने वाले कारोबारी सत्रों में भी भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बना रह सकता है।

  • मध्य पूर्व संकट से सहमा भारतीय शेयर बाजार सेंसेक्स 77000 के नीचे फिसला निवेशकों की बढ़ी चिंता

    मध्य पूर्व संकट से सहमा भारतीय शेयर बाजार सेंसेक्स 77000 के नीचे फिसला निवेशकों की बढ़ी चिंता


    नई दिल्ली । मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। कारोबारी सप्ताह की शुरुआत भारी बिकवाली के साथ हुई और निवेशकों में सतर्कता का माहौल नजर आया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 649 अंकों की गिरावट के साथ 76920 के स्तर पर पहुंच गया जबकि निफ्टी 184 अंक टूटकर 24022 पर कारोबार करता दिखाई दिया। वैश्विक घटनाक्रमों से बढ़ी अनिश्चितता और ऊर्जा कीमतों में तेजी ने बाजार की धारणा को कमजोर कर दिया।

    सुबह के कारोबार में केवल बड़ी कंपनियों के शेयर ही नहीं बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी दबाव देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स करीब 280 अंक टूट गया जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स भी गिरावट के साथ कारोबार करता रहा। इससे साफ संकेत मिला कि निवेशक जोखिम वाले निवेश से दूरी बनाते हुए सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं।

    सेक्टोरल इंडेक्स पर नजर डालें तो सबसे अधिक दबाव मेटल फाइनेंशियल सर्विसेज और कंजम्प्शन शेयरों पर रहा। इसके अलावा ऑटो प्राइवेट बैंक पीएसयू बैंक कमोडिटी इन्फ्रास्ट्रक्चर ऑयल एंड गैस एफएमसीजी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे लगभग सभी प्रमुख सेक्टर लाल निशान में कारोबार करते रहे। केवल आईटी और फार्मा सेक्टर ने मजबूती दिखाई और सीमित बढ़त के साथ कारोबार किया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता के दौर में आईटी और दवा कंपनियों को अपेक्षाकृत सुरक्षित निवेश माना जाता है इसलिए इन शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।

    सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में टाटा स्टील इंडिगो मारुति सुजुकी एशियन पेंट्स बजाज फिनसर्व बजाज फाइनेंस एचडीएफसी बैंक एलएंडटी अल्ट्राटेक सीमेंट बीईएल टाइटन महिंद्रा एंड महिंद्रा भारती एयरटेल एसबीआई सन फार्मा आईसीआईसीआई बैंक इन्फोसिस और आईटीसी जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। वहीं टीसीएस एचसीएल टेक पावर ग्रिड और एनटीपीसी के शेयर सीमित बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए।

    भारतीय बाजार पर दबाव की सबसे बड़ी वजह मध्य पूर्व में बढ़ता सैन्य तनाव माना जा रहा है। अमेरिका द्वारा कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में ईरान पर की गई नई सैन्य कार्रवाई के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। इसके जवाब में ईरान ने कुवैत बहरीन और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। इस घटनाक्रम ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है और इसका सीधा असर दुनिया भर के शेयर बाजारों पर दिखाई दे रहा है।

    एशियाई बाजारों में भी कमजोरी का माहौल रहा। टोक्यो शंघाई हांगकांग बैंकॉक और सोल के प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए जबकि जकार्ता का बाजार हल्की बढ़त बनाए रखने में सफल रहा। दूसरी ओर शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार मजबूती के साथ बंद हुए थे लेकिन ताजा घटनाओं के बाद वैश्विक बाजारों का रुख बदल गया।

    मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने के साथ कच्चे तेल की कीमतों में भी तेज उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड चार प्रतिशत से अधिक बढ़कर लगभग 79 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 74 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है इसलिए तेल की कीमतों में तेजी का असर महंगाई आयात बिल और कंपनियों की लागत पर पड़ सकता है। यही वजह है कि निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।

    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर मध्य पूर्व के घटनाक्रम कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक बाजारों के रुख पर बनी रहेगी। यदि तनाव और बढ़ता है तो बाजार में उतार चढ़ाव जारी रह सकता है जबकि हालात सामान्य होने पर निवेशकों का भरोसा दोबारा लौटने की संभावना भी बनी रहेगी।

  • विदेशी निवेशकों की वापसी से भारतीय शेयर बाजार को नई रफ्तार, जून 2027 तक निफ्टी 26,500 पहुंचने की उम्मीद

    विदेशी निवेशकों की वापसी से भारतीय शेयर बाजार को नई रफ्तार, जून 2027 तक निफ्टी 26,500 पहुंचने की उम्मीद


    नई दिल्ली । भारतीय शेयर बाजार को लेकर वैश्विक निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स ने उत्साहजनक अनुमान जारी किया है। संस्थान का मानना है कि भारत में विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली का दौर अब लगभग समाप्त हो चुका है और आने वाले महीनों में विदेशी पूंजी का प्रवाह फिर से तेज हो सकता है। मजबूत घरेलू मांग, स्थिर आर्थिक आधार और निवेशकों की बदलती रणनीति के चलते भारतीय इक्विटी बाजार में तेजी की संभावना जताई गई है।

    गोल्डमैन सैक्स के एशिया मैक्रो रिसर्च के सह-प्रमुख और एशिया-पैसिफिक इक्विटी रणनीतिकार टिमोथी मो, अमोरिता गोयल और सुनील कौल द्वारा जारी इंडिया स्ट्रैटेजी नोट के अनुसार जून 2027 तक निफ्टी 26,500 अंक के स्तर तक पहुंच सकता है। यह मौजूदा स्तर से करीब 10 प्रतिशत की संभावित बढ़त दर्शाता है।

    रिपोर्ट में कहा गया है कि मई 2026 की तुलना में अब बाजार को लेकर दृष्टिकोण पूरी तरह बदल चुका है। उस समय उत्तर एशियाई बाजारों की तुलना में भारतीय बाजार कम आकर्षक माना जा रहा था और विदेशी निवेशकों की जल्द वापसी की उम्मीद भी नहीं थी। हालांकि अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं।

    विश्लेषकों के मुताबिक वर्ष 2026 की पहली छमाही में वैश्विक निवेशकों ने भारत को फंडिंग मार्केट की तरह इस्तेमाल किया। इस दौरान महज साढ़े तीन महीनों में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से 30 अरब डॉलर से अधिक की बिकवाली की। लेकिन जून के दूसरे पखवाड़े से तस्वीर बदलने लगी और विदेशी निवेशक फिर से शुद्ध खरीदार बन गए। इस दौरान उन्होंने करीब दो अरब डॉलर का निवेश किया।

    गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि वैश्विक फंडों की भारतीय बाजार में हिस्सेदारी अभी भी सामान्य स्तर से कम है। ऐसे में उनके पास दोबारा निवेश बढ़ाने की पर्याप्त गुंजाइश मौजूद है। हालांकि कंपनियों की आय में संशोधन और अन्य वैश्विक बाजारों की तुलना में मूल्यांकन निवेशकों के लिए चुनौती बने रह सकते हैं, लेकिन घरेलू अर्थव्यवस्था में सुधार और मांग में मजबूती बाजार की धारणा को सकारात्मक बनाए रखेगी।

    एनएसडीएल के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से 1.28 लाख करोड़ रुपए की शुद्ध निकासी की है। जून महीने में एफआईआई ने 49,340 करोड़ रुपए की बिकवाली की थी, जबकि जुलाई में अब तक 15,157 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया है। इससे संकेत मिलता है कि विदेशी निवेशकों का भरोसा धीरे-धीरे भारतीय बाजार की ओर लौट रहा है।

    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि घरेलू आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी रहती हैं और वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं तो आने वाले समय में भारतीय शेयर बाजार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ सकता है। ऐसे में निवेशकों की नजर अब विदेशी निवेश के रुझान और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी।

  • आईटी शेयरों की दमदार खरीदारी से बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा उछला, निफ्टी ने फिर पार किया 24,200 का अहम स्तर

    आईटी शेयरों की दमदार खरीदारी से बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा उछला, निफ्टी ने फिर पार किया 24,200 का अहम स्तर

    नई दिल्ली । भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में मजबूती का माहौल देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में निवेशकों की मजबूत खरीदारी के चलते सेंसेक्स 700 अंक से अधिक उछल गया, जबकि निफ्टी ने 24,200 के स्तर को फिर से पार कर लिया। बाजार में यह तेजी केवल चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि आईटी, मेटल, ऑयल एंड गैस, ऑटो और वित्तीय क्षेत्र के कई प्रमुख शेयरों में भी अच्छी खरीदारी दर्ज की गई। इससे निवेशकों का भरोसा एक बार फिर मजबूत होता दिखाई दिया।

    बाजार की इस तेजी में सबसे बड़ा योगदान आईटी सेक्टर का रहा। प्रमुख आईटी कंपनियों के बेहतर कारोबारी संकेतों और सकारात्मक तिमाही प्रदर्शन की उम्मीदों ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया। इसका असर यह रहा कि आईटी क्षेत्र के बड़े शेयरों में शुरुआती कारोबार से ही मजबूत खरीदारी देखने को मिली। इस तेजी का प्रभाव निफ्टी आईटी इंडेक्स पर भी स्पष्ट दिखाई दिया, जिसमें उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की गई। इससे पूरे बाजार का निवेशक मनोबल मजबूत हुआ और अन्य क्षेत्रों में भी खरीदारी का रुख बना रहा।

    आईटी क्षेत्र की मजबूती के साथ-साथ मेटल और ऑयल एंड गैस सेक्टर के शेयरों ने भी बाजार को सहारा दिया। धातु कंपनियों में बढ़ती खरीदारी और ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में निवेशकों की सक्रियता ने बाजार की व्यापक मजबूती को और बल दिया। बड़े औद्योगिक समूहों के शेयरों में भी अच्छी तेजी दर्ज की गई, जिससे प्रमुख सूचकांकों को अतिरिक्त समर्थन मिला। ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयरों में भी सकारात्मक कारोबार देखने को मिला और कई दिग्गज कंपनियों के शेयर हरे निशान में कारोबार करते रहे।

    वित्तीय क्षेत्र की कुछ प्रमुख गैर-बैंकिंग कंपनियों में भी निवेशकों की रुचि बनी रही। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कॉरपोरेट नतीजे उम्मीद के अनुरूप आते हैं और वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलते रहते हैं तो घरेलू शेयर बाजार में यह मजबूती आगे भी जारी रह सकती है। लगातार दूसरे दिन आई तेजी ने यह संकेत दिया है कि हाल की गिरावट के बाद निवेशक फिर से गुणवत्ता वाले शेयरों में निवेश करने के लिए सक्रिय हो रहे हैं।

    तकनीकी विश्लेषण के अनुसार निफ्टी के लिए 24,100 का स्तर फिलहाल महत्वपूर्ण सपोर्ट के रूप में उभरकर सामने आया है। जब तक सूचकांक इस स्तर के ऊपर बना रहता है, तब तक बाजार में सकारात्मक रुझान जारी रहने की संभावना बनी रह सकती है। यदि खरीदारी का यह सिलसिला आगे भी कायम रहता है तो निफ्टी आने वाले कारोबारी सत्रों में नए ऊंचे स्तरों की ओर बढ़ सकता है। हालांकि बाजार विशेषज्ञ निवेशकों को वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, तिमाही नतीजों और अन्य प्रमुख आर्थिक संकेतकों पर भी लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं।

    कारोबार के शुरुआती घंटों में दिखी व्यापक खरीदारी ने यह संकेत दिया कि निवेशकों का भरोसा धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में संतुलित तेजी और बड़े शेयरों में निवेशकों की सक्रिय भागीदारी से बाजार का समग्र वातावरण सकारात्मक बना रहा। आने वाले दिनों में कंपनियों के तिमाही परिणाम और वैश्विक बाजारों से मिलने वाले संकेत यह तय करेंगे कि घरेलू शेयर बाजार अपनी इस तेजी को कितनी मजबूती के साथ आगे बढ़ा पाता है।

  • वैश्विक संकेतों और मजबूत खरीदारी से बाजार में लौटी रफ्तार, सेंसेक्स-निफ्टी मजबूती के साथ बंद, ऑटो और रियल्टी शेयरों ने दिखाई ताकत

    वैश्विक संकेतों और मजबूत खरीदारी से बाजार में लौटी रफ्तार, सेंसेक्स-निफ्टी मजबूती के साथ बंद, ऑटो और रियल्टी शेयरों ने दिखाई ताकत

    नई दिल्ली । सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने लगातार चौथे सत्र में मजबूती का सिलसिला कायम रखते हुए बढ़त के साथ कारोबार समाप्त किया। सकारात्मक वैश्विक संकेतों, प्रमुख सेक्टरों में खरीदारी और निवेशकों के बेहतर भरोसे के चलते बाजार में पूरे दिन उत्साह का माहौल बना रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए, जिससे बाजार की सकारात्मक धारणा और मजबूत हुई।

    कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 521.16 अंकों की बढ़त के साथ 78,285.07 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 159.50 अंक चढ़कर 24,430.35 अंक के स्तर पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार से ही दोनों सूचकांकों में तेजी का रुख दिखाई दिया और दिनभर खरीदारी का दबदबा बना रहा। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 78,398.06 अंक और निफ्टी 24,458.65 अंक के उच्चतम स्तर तक पहुंचने में सफल रहे।

    व्यापक बाजार में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई, जिससे यह संकेत मिला कि केवल बड़ी कंपनियों तक ही नहीं बल्कि मध्यम और छोटी कंपनियों के शेयरों में भी निवेशकों की रुचि बनी रही। बाजार की व्यापक मजबूती को निवेशकों ने सकारात्मक संकेत के रूप में देखा।

    सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो रियल्टी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, ऑटो तथा ऑयल एंड गैस कंपनियों के शेयरों में सबसे अधिक खरीदारी देखने को मिली। इसके अलावा मेटल, फार्मा, हेल्थकेयर और वित्तीय सेवाओं से जुड़े शेयर भी बढ़त के साथ बंद हुए। हालांकि आईटी, मीडिया और पीएसयू बैंकिंग सेक्टर में कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली, जिसके कारण इन क्षेत्रों के सूचकांक दबाव में रहे।

    प्रमुख कंपनियों में एचडीएफसी बैंक, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, ओएनजीसी, बजाज ऑटो और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। दूसरी ओर कोटक महिंद्रा बैंक, टीसीएस, कोल इंडिया, बजाज फिनसर्व और मैक्स हेल्थकेयर के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद बाजार की समग्र दिशा सकारात्मक बनी रही।

    बाजार में आई इस तेजी का सीधा लाभ निवेशकों को भी मिला। कारोबार समाप्त होने तक सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण बढ़कर लगभग 482.33 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। एक ही कारोबारी सत्र में निवेशकों की संपत्ति में करीब दो लाख करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे निवेशकों का मनोबल और मजबूत हुआ।

    विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव में नरमी, कच्चे तेल की अपेक्षाकृत स्थिर कीमतें, पहली तिमाही के वित्तीय परिणामों से पहले सकारात्मक माहौल तथा घरेलू स्तर पर मजबूत खरीदारी ने बाजार को मजबूती प्रदान की है। इन कारकों ने निवेशकों के विश्वास को बढ़ाया और बाजार में लगातार चौथे दिन तेजी बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    तकनीकी संकेतक भी फिलहाल बाजार के पक्ष में दिखाई दे रहे हैं। प्रमुख सूचकांक महत्वपूर्ण तकनीकी स्तरों के ऊपर टिके हुए हैं, जिससे निकट अवधि में सकारात्मक रुझान बने रहने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निफ्टी आने वाले सत्रों में प्रमुख प्रतिरोध स्तरों को पार करने में सफल रहता है तो बाजार में तेजी का अगला चरण देखने को मिल सकता है। वहीं, किसी भी सीमित गिरावट की स्थिति में निचले स्तरों पर खरीदारी का समर्थन मिलने की संभावना बनी हुई है, जिससे बाजार की मजबूती आगे भी बरकरार रह सकती है।

  • बाजार में लौटा निवेशकों का भरोसा, चौथे दिन भी जारी रही तेजी; बैंकिंग सेक्टर की मजबूती से सेंसेक्स और निफ्टी में शानदार उछाल

    बाजार में लौटा निवेशकों का भरोसा, चौथे दिन भी जारी रही तेजी; बैंकिंग सेक्टर की मजबूती से सेंसेक्स और निफ्टी में शानदार उछाल

    नई दिल्ली । घरेलू शेयर बाजार में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। लगातार चौथे सत्र में बाजार ने मजबूती के साथ शुरुआत की, जिससे निवेशकों का विश्वास और मजबूत होता नजर आया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 300 अंकों से अधिक की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी 24,350 के स्तर के पार पहुंच गया। बाजार की इस तेजी में सबसे बड़ा योगदान बैंकिंग शेयरों का रहा, जहां निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के कई प्रमुख बैंकों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली।

    कारोबार की शुरुआत से ही निवेशकों का रुझान मजबूत बना रहा। बेहतर मानसून की संभावनाओं, घरेलू आर्थिक गतिविधियों में सुधार और विदेशी निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी ने बाजार के माहौल को सकारात्मक बनाए रखा। शुरुआती सत्र में प्रमुख सूचकांकों में बढ़त दर्ज होने से यह संकेत मिला कि निवेशकों का भरोसा अभी भी मजबूत बना हुआ है।

    बैंकिंग सेक्टर ने बाजार की तेजी में अहम भूमिका निभाई। कई प्रमुख निजी बैंकों के शेयरों में उल्लेखनीय खरीदारी देखने को मिली, जिससे बैंकिंग सूचकांक में अच्छी मजबूती आई। वित्तीय क्षेत्र के अलावा रक्षा, दूरसंचार, इंफ्रास्ट्रक्चर और सार्वजनिक क्षेत्र की कुछ कंपनियों के शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही। इन क्षेत्रों में आई मजबूती ने बाजार को ऊंचे स्तर पर बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

    हालांकि सभी क्षेत्रों में तेजी का माहौल नहीं रहा। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के कुछ प्रमुख शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली, जिससे आईटी सूचकांक पर दबाव बना। इसके अलावा कुछ ऑटो, पेंट और एविएशन कंपनियों के शेयर भी शुरुआती कारोबार में कमजोरी के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। इसके बावजूद बाजार की समग्र दिशा सकारात्मक बनी रही और प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ कारोबार करते रहे।

    व्यापक बाजार में भी सकारात्मक संकेत देखने को मिले। मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों में सीमित लेकिन स्थिर बढ़त दर्ज की गई। इससे यह स्पष्ट हुआ कि केवल बड़ी कंपनियों तक ही खरीदारी सीमित नहीं रही, बल्कि निवेशकों ने मध्यम और छोटी कंपनियों में भी निवेश करना जारी रखा। व्यापक भागीदारी को बाजार की मजबूती का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

    विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगभग स्थिर स्तर पर खुला। मुद्रा बाजार में बड़े उतार-चढ़ाव की अनुपस्थिति ने भी निवेशकों को राहत दी। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी देखने को मिली, जिसे आयात पर निर्भर भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। ऊर्जा लागत में कमी का प्रभाव आने वाले समय में कई उद्योगों के परिचालन खर्च पर भी पड़ सकता है।

    विश्लेषकों का मानना है कि यदि वैश्विक संकेत अनुकूल बने रहते हैं और विदेशी निवेशकों का निवेश जारी रहता है, तो घरेलू शेयर बाजार में सकारात्मक रुख आगे भी कायम रह सकता है। हालांकि निवेशकों को वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और कंपनियों के आगामी तिमाही नतीजों पर भी नजर बनाए रखनी होगी।

    लगातार चौथे दिन दर्ज हुई यह तेजी इस बात का संकेत है कि बाजार में फिलहाल निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है। आने वाले कारोबारी सत्रों में आर्थिक आंकड़ों, वैश्विक संकेतों और कॉरपोरेट प्रदर्शन के आधार पर बाजार की आगे की दिशा तय होगी, लेकिन फिलहाल शुरुआती रुझान निवेशकों के लिए उत्साहजनक माना जा रहा है।

  • आईटी शेयरों की दमदार खरीदारी से बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स-निफ्टी बढ़त के साथ बंद, निवेशकों का भरोसा मजबूत

    आईटी शेयरों की दमदार खरीदारी से बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स-निफ्टी बढ़त के साथ बंद, निवेशकों का भरोसा मजबूत

    नई दिल्ली । सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती के साथ कारोबार का समापन किया। शुरुआती सत्र में जोरदार बढ़त दर्ज करने के बाद बाजार ने दिनभर उतार-चढ़ाव का सामना किया, लेकिन अंततः प्रमुख सूचकांक हरे निशान पर बंद होने में सफल रहे। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 250 अंकों से अधिक की बढ़त के साथ 77,763 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी भी 90 अंकों से ज्यादा मजबूत होकर 24,270 के ऊपर टिकने में सफल रहा। लगातार दूसरे सत्र में सकारात्मक रुख ने निवेशकों के विश्वास को और मजबूत किया।

    दिनभर के कारोबार में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के शेयरों ने बाजार को सबसे अधिक सहारा दिया। इस सेक्टर में लगातार खरीदारी देखने को मिली, जिसके कारण प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई। मजबूत निवेश के चलते तकनीकी क्षेत्र बाजार की बढ़त का प्रमुख आधार बना और निवेशकों ने इस सेक्टर में विशेष रुचि दिखाई।

    दूसरी ओर बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के कुछ प्रमुख शेयरों पर दबाव बना रहा। कई बड़े बैंकिंग शेयर गिरावट के साथ कारोबार करते दिखाई दिए, जिससे बाजार की बढ़त कुछ सीमित रही। इसके बावजूद अन्य क्षेत्रों में हुई खरीदारी ने इस कमजोरी की भरपाई कर दी और प्रमुख सूचकांकों को सकारात्मक दायरे में बनाए रखा।

    कारोबार की शुरुआत भी बेहद उत्साहजनक रही थी। शुरुआती घंटों में सेंसेक्स में 650 अंकों तक की तेजी दर्ज की गई, जबकि निफ्टी 24,375 के स्तर के करीब पहुंच गया। आईटी, मेटल, फार्मा और केमिकल सेक्टर में मजबूत खरीदारी के चलते शुरुआती कारोबार में बाजार ने शानदार प्रदर्शन किया। हालांकि दिन बढ़ने के साथ निवेशकों ने मुनाफावसूली भी की, जिससे शुरुआती बढ़त कुछ कम हुई, लेकिन बाजार अंत तक मजबूती बनाए रखने में सफल रहा।

    विदेशी संकेतों ने भी घरेलू बाजार के माहौल को समर्थन दिया। वैश्विक बाजारों में ब्याज दरों को लेकर बनी उम्मीदों और निवेशकों की सकारात्मक धारणा का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला। इसी कारण दिनभर निवेशकों का रुझान खरीदारी की ओर बना रहा और कई प्रमुख शेयरों में अच्छी तेजी दर्ज की गई।

    मुद्रा बाजार में भी भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में रुपये में मजबूती दर्ज होने से आयात आधारित कंपनियों और निवेशकों का भरोसा बढ़ा। विशेषज्ञों का मानना है कि रुपये की स्थिरता और वैश्विक संकेत निकट भविष्य में बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

    बाजार विशेषज्ञों के अनुसार निकट अवधि में निवेशकों को सतर्क आशावादी रणनीति अपनानी चाहिए। उनका मानना है कि निफ्टी का 24,000 के ऊपर बने रहना तेजी के रुख को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। यदि बाजार 24,300 और उसके ऊपर के स्तर को पार करने में सफल रहता है तो आगे और मजबूती देखने को मिल सकती है। वहीं, किसी भी गिरावट की स्थिति में 24,050 का स्तर महत्वपूर्ण समर्थन माना जा रहा है। यदि यह स्तर टूटता है तो बाजार में सीमित सुधार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। विशेषज्ञों ने यह भी सलाह दी है कि निवेशक वैश्विक तकनीकी शेयरों में चल रही गतिविधियों और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संकेतों पर लगातार नजर बनाए रखें, क्योंकि आने वाले कारोबारी सत्रों में इन्हीं कारकों का बाजार की चाल पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।

  • शेयर बाजार में मजबूत शुरुआत, सेंसेक्स 395 अंक और निफ्टी 122 अंक चढ़ा

    शेयर बाजार में मजबूत शुरुआत, सेंसेक्स 395 अंक और निफ्टी 122 अंक चढ़ा


    नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार ने बुधवार को मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में निवेशकों की खरीदारी से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों में अच्छी तेजी देखने को मिली। बीच-बीच में मुनाफावसूली के चलते हल्की बिकवाली जरूर हुई, लेकिन बाजार पर खरीदारी का दबदबा बना रहा।

    कारोबार के पहले घंटे के बाद सुबह 10:15 बजे बीएसई सेंसेक्स 395.44 अंक यानी 0.52 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,874.11 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं एनएसई निफ्टी 122.15 अंक यानी 0.51 प्रतिशत चढ़कर 23,987.90 अंक के स्तर पर पहुंच गया।

    सेंसेक्स ने 66.54 अंकों की बढ़त के साथ 76,545.21 अंक पर कारोबार की शुरुआत की थी। शुरुआती खरीदारी के दम पर सूचकांक लगातार ऊपर बढ़ता गया, हालांकि बीच-बीच में मुनाफावसूली का असर भी देखने को मिला। इसके बावजूद बाजार की सकारात्मक धारणा कायम रही।

    इसी तरह निफ्टी ने 31.90 अंकों की बढ़त के साथ 23,897.65 अंक पर ओपनिंग की। कारोबार के दौरान यह करीब 10 बजे 23,996.40 अंक तक पहुंच गया और बाद में मामूली उतार-चढ़ाव के बीच मजबूती के साथ कारोबार करता रहा।

    शुरुआती कारोबार में महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति सुजुकी, नेस्ले, हिंदुस्तान यूनिलीवर और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी रही। इनमें करीब 2.01 प्रतिशत से 2.99 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई।

    वहीं दूसरी ओर टेक महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, एचसीएल टेक्नोलॉजी, डॉ. रेड्डीज लेबोरेट्रीज और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। इन शेयरों में 0.77 प्रतिशत से 2.08 प्रतिशत तक की कमजोरी दर्ज की गई।

    बाजार की चौड़ाई भी सकारात्मक रही। शुरुआती एक घंटे में 2,732 शेयरों में कारोबार हुआ, जिनमें 1,837 शेयर बढ़त के साथ हरे निशान में रहे, जबकि 895 शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।

    सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 19 शेयर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि 11 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। वहीं निफ्टी के 50 शेयरों में से 30 बढ़त और 20 गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए।

    गौरतलब है कि इससे पहले मंगलवार को बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ था। बीएसई सेंसेक्स 249.70 अंक (0.33 प्रतिशत) टूटकर 76,478.67 अंक पर बंद हुआ था, जबकि एनएसई निफ्टी 80.50 अंक (0.34 प्रतिशत) की गिरावट के साथ 23,865.75 अंक पर बंद हुआ था।