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  • UAE ने मांगा अरबों का कर्ज, पाकिस्तान पर बढ़ा दबाव; सऊदी अरब से बढ़ी उम्मीदें

    UAE ने मांगा अरबों का कर्ज, पाकिस्तान पर बढ़ा दबाव; सऊदी अरब से बढ़ी उम्मीदें

    इस्लामाबाद। आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए नया संकट खड़ा हो गया है। संयुक्त अरब अमीरात द्वारा अरबों डॉलर का कर्ज वापस मांगे जाने के बीच अब सऊदी अरब एक बार फिर उसके लिए ‘संकटमोचक’ के रूप में उभरता नजर आ रहा है।

    इसी कड़ी में सऊदी वित्त मंत्री मोहम्मद अल-जदान का इस्लामाबाद दौरा काफी अहम माना जा रहा है। इसे पाकिस्तान को संभावित आर्थिक राहत के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सऊदी नेतृत्व के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सऊदी सहयोग ने देश की आर्थिक स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    UAE का कर्ज लौटाने से बढ़ेगी मुश्किलें
    जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान 2018 में लिए गए 3 अरब डॉलर से अधिक के कर्ज को UAE को लौटाने की प्रक्रिया में है। यह राशि उसके विदेशी मुद्रा भंडार का करीब 18 प्रतिशत है। ऐसे में भुगतान से देश की आर्थिक स्थिति पर सीधा दबाव पड़ना तय माना जा रहा है।

    स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के अनुसार, मार्च के अंत तक देश के पास करीब 16.4 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार था, जो लगभग तीन महीने के आयात के लिए पर्याप्त माना जाता है।

    खाड़ी देशों के बदलते समीकरण
    विशेषज्ञों का मानना है कि UAE द्वारा कर्ज रोलओवर से इनकार केवल आर्थिक नहीं, बल्कि बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों का भी संकेत हो सकता है। खासकर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े हालात के बीच यह कदम अहम माना जा रहा है। हालांकि पाकिस्तान ने इसे सामान्य वित्तीय प्रक्रिया बताया है।

    सऊदी-पाकिस्तान रक्षा सहयोग भी मजबूत
    इस बीच सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच रणनीतिक साझेदारी भी गहरी होती दिख रही है। सऊदी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, पाकिस्तानी वायुसेना का एक दल पूर्वी क्षेत्र स्थित किंग अब्दुलअजीज एयर बेस पर तैनात किया गया है। इसमें लड़ाकू और सहायक विमान शामिल हैं, जिनका उद्देश्य सैन्य समन्वय और ऑपरेशनल तैयारियों को मजबूत करना है।

    IMF और कर्ज भुगतान की दोहरी चुनौती
    पाकिस्तान पर इस महीने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को 1.3 अरब डॉलर के बॉन्ड का भुगतान भी करना है। साथ ही वह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से 1.2 अरब डॉलर की अगली किस्त का इंतजार कर रहा है।

    आर्थिक जानकारों का कहना है कि UAE के अचानक रुख ने पाकिस्तान की वित्तीय योजना को झटका दिया है। अब देश को विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट से बचने और आर्थिक संतुलन बनाए रखने के लिए सऊदी अरब सहित अन्य सहयोगी देशों पर अधिक निर्भर रहना पड़ सकता है।

    कुल मिलाकर, मौजूदा हालात में पाकिस्तान के लिए आर्थिक मोर्चे पर चुनौतियां बढ़ती दिख रही हैं, और उसकी नजरें एक बार फिर सऊदी समर्थन पर टिकी हैं।

  • भारत से इतनी नफरत, पाकिस्तान में आशा भोसले के गाने चलाए तो चैनल को नोटिस भेजा

    भारत से इतनी नफरत, पाकिस्तान में आशा भोसले के गाने चलाए तो चैनल को नोटिस भेजा

    इस्‍लामाबाद। दिग्गज भारतीय गायिका आशा भोसले पर कंटेंट चलाने को लेकर पाकिस्तान में एक चैनल को कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। पाकिस्तान में नियामक की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि भारतीय कंटेंट का प्रसारण करना मना है। साथ ही चैनल से इस संबंध में जवाब भी तलब किया गया है। भोसले का रविवार को मुंबई के अस्पताल में निधन हो गया था। सोमवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया।

    पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक प्राधिकरण (PEMRA) ने जियोन्यूज को कारण बताओ नोटिस जारी कर यह स्पष्टीकरण मांगा है कि उसने भोसले की मौत की खबर के साथ भारतीय सामग्री क्यों प्रसारित की। पाकिस्तान में भारतीय कंटेंट पर प्रतिबंध 2018 से लागू है।
    PEMRA ने कहा कि भोसले की मौत की खबर प्रसारित करते समय जियोन्यूज ने भारतीय गाने और भारतीय फिल्मों के दृश्य प्रसारित करना, पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय के उस फैसले का जानबूझकर उल्लंघन है। जिसमें भारतीय सामग्री के प्रसारण पर प्रतिबंध लगाया गया है।
    जियोन्यूज के प्रबंध निदेशक अजहर अब्बास ने एक पोस्ट में कहा, ‘प्रतिष्ठित कलाकारों के बारे में रिपोर्टिंग करते समय उनके कार्यों को याद करना और उनकी सराहना करना हमेशा से एक परंपरा रही है। वास्तव में, आशा भोसले जैसी कलाकार के लिए, हमें उनके कालजयी और यादगार गीतों को और भी अधिक साझा करना चाहिए था। फिर भी, पाकिस्तान के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक, PEMRA ने इसे प्रतिबंधित करने का विकल्प चुना है।’
    भोसले का मुंबई के शिवाजी पार्क श्मशान घाट पर सोमवार शाम हिंदू रीति-रिवाज और पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। संगीत जगत की जानी-मानी हस्ती को अंतिम विदाई देने के लिए शिवाजी पार्क के अंदर और बाहर काफी संख्या में लोग एकत्र थे। पृष्ठभूमि में आशा का गाया गीत, ‘अभी ना जाओ छोड़कर…’ बज रहा था।

    लता मंगेशकर की बहनों में से एक, आशा भोसले का रविवार को निधन हो गया था। वह 92 वर्ष की थीं। उनकी बड़ी बहन लता का भी फरवरी 2022 में 92 वर्ष की आयु में रविवार के ही दिन निधन हुआ था। भोसले के बेटे आनंद ने उन्हें मुखाग्नि दी। आशा भोसले ने महज 10 साल की उम्र में गाना शुरू किया था और वह आठ दशक लंबे अपने करियर में लगभग 12,000 गीत गाए।

    दिवंगत गायिका को अंतिम विदाई देने वालों में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार तथा निर्देशक रमेश सिप्पी, अभिनेता आमिर खान और विक्की कौशल शामिल थे।

  • MP के वन विभाग की बड़ी उपलब्धि… वन विहार से उड़ा गिद्ध को पाकिस्तान में मिली नई जिंदगी

    MP के वन विभाग की बड़ी उपलब्धि… वन विहार से उड़ा गिद्ध को पाकिस्तान में मिली नई जिंदगी


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के वन विभाग (Forest Department) ने वन्यजीव संरक्षण में टेक्नोलॉजी और इंटरनेशनल कॉर्डिनेशन (Technology and International Coordination in Conservation) का एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है. 2 साल की एक मादा सिनेरेयस गिद्ध जिसे भोपाल वन विहार में इलाज के बाद रिहा किया गया था, अब पाकिस्तानी सहयोग के चलते सुरक्षित है।

    इस गिद्ध को इसी साल 22 जनवरी को शाजापुर के सुसनेर से घायल अवस्था में रेस्क्यू किया गया था. वन विहार नेशनल पार्क के वल्चर कंजर्वेशन ब्रीडिंग सेंटर (VCBC) में इसका इलाज हुआ.

    इसे ‘फिट फॉर रिलीज’ घोषित करने के बाद माइक्रोचिप और GPS-GSM टेलीमेट्री डिवाइस से लैस किया गया. 25 मार्च को इसे रायसेन के हलाली डैम क्षेत्र में छोड़ा गया, जिससे इसकी रीयल-टाइम निगरानी संभव हो सकी. यह काम WWF-इंडिया और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी (BNHS) के सहयोग से किया गया।


    पाकिस्तान में रेस्क्यू

    रिहाई के बाद निगरानी में पाया गया कि यह मादा गिद्ध राजस्थान होते हुए इंटरनेशनल बॉर्डर पार कर 6 अप्रैल तक पाकिस्तान पहुंच गई. 7 अप्रैल को सिग्नल नहीं मिले तो WWF-इंडिया ने तत्परता दिखाते हुए WWF-पाकिस्तान से संपर्क किया. पाकिस्तान वन विभाग और WWF-पाकिस्तान के सहयोग से इस गिद्ध को खानेवाल जिले में स्थानीय निवासियों से सुरक्षित बरामद कर लिया गया।

    मादा गिद्ध 7 अप्रैल को खानेवाल और मुल्तान क्षेत्रों में आए भीषण ओलावृष्टि तूफान के कारण उड़ान भरने में असमर्थ हो गई और जमीन पर पाई गई। वन्यजीव अधिकारियों ने इसे रेस्क्यू कर प्राथमिक इलाज दिया. WWF-पाकिस्तान की देखरेख में इसे स्थानीय वल्चर कैप्टिव ब्रीडिंग सेंटर में शिफ्ट किया गया. गिद्ध को हल्की चोटें आई थीं और अब वह स्वस्थ हो रहा है।

    वन विहार, WWF-इंडिया के माध्यम से WWF-पाकिस्तान के साथ लगातार संपर्क में है और गिद्ध के स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है. पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद इसे दोबारा प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा।


    भोपाल की मादा गिद्ध को पाकिस्तान के खानेवाल जिले में मिली नई जिंदगी.

    इससे पहले, साल 2025 में एक यूरेशियन ग्रिफॉन गिद्ध कजाकिस्तान तक 4300 किमी की यात्रा कर वापस भारत लौटा था. 23 फरवरी 2026 को भी 5 गिद्धों का सफल पुनर्वास और टैगिंग की गई।

  • पाकिस्तान पर भरोसा नहीं, ईरान ने इस्लामाबाद भेजे कई नकली विमान?

    पाकिस्तान पर भरोसा नहीं, ईरान ने इस्लामाबाद भेजे कई नकली विमान?


    इस्‍लामाबाद। पाकिस्तान आतंकवाद का प्रयाय बन चुका है। यही कारण है कि ईरान जैसे मुस्लिम देश को भी भरोसा नहीं है। पाकिस्तान भले ही अमेरिका के साथ ईरान की शांति वार्ता का केंद्र होने का दावा कर रहा है, लेकिन हकीकत कुछ और ही सामने आ रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान को पाकिस्तान में हवाई हमले का डर सता रहा था। इसलिए ईरान ने अपने वार्ताकारों की सुरक्षा के लिए इस्लामाबाद के लिए कई नकली विमान भेजे, जिनमें से केवल एक में ही प्रतिनिधिमंडल सवार था।
    आपको बता दें कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ कर रहे हैं जो हाल ही में ईरानी सरकार में एक प्रमुख व्यक्ति बनकर उभरे हैं। इस प्रतिनिधिमंडल में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी शामिल हैं।

    इस्लामाबाद जाते समय गालिबफ ने अपने विमान की अगली कतारों को खाली रखा। इन खाली सीटों पर मीनाब स्कूल स्ट्राइक (Minab school strike) में मारे गए बच्चों और पीड़ितों की तस्वीरें और उनका सामान (स्कूल बैग, जूते, कपड़े) रखे गए थे।

    यह हमला हाल ही में ईरान के मीनाब क्षेत्र में हुआ था, जिसे तेहरान अमेरिकी-इजरायली हमला बताता है। इसमें कई स्कूली बच्चों की जान गई थी। इस विजुअल स्टेटमेंट के जरिए ईरान यह संदेश देना चाहता है कि वह बातचीत की मेज पर केवल एक देश के रूप में नहीं, बल्कि अपने उन निर्दोष नागरिकों के दर्द के साथ जा रहा है जिन्होंने इस युद्ध की कीमत चुकाई है।

    वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान जा रहा है, जिसमें ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर भी शामिल हैं। अमेरिकी वार्ताकारों के साथ अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद, विदेश विभाग और पेंटागन के विशेषज्ञ भी हैं।

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आठ अप्रैल की रात को घोषणा की थी कि ईरान के साथ दो सप्ताह के युद्धविराम पर समझौता हो गया है। बाद में खबर आई कि क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए वार्ता शनिवार को पाकिस्तान में होगी।
    लेबनान पर जारी है तकरार

    यह प्रतिनिधिमंडल ऐसे समय में इस्लामाबाद पहुंचा है जब लेबनान में इजराइल के हमलों के कारण ईरानी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा को लेकर अनिश्चितता जताई जा रही थी और सोशल मीडिया पर कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे।

    कुछ खबरों में ईरानी मीडिया के हवाले से कहा गया था कि प्रतिनिधिमंडल तभी वार्ता में हिस्सा लेगा, जब युद्धविराम समझौते में तय शर्तें पूरी होंगी।

    ईरान की अर्ध-सरकारी ‘तसनीम’ समाचार एजेंसी ने खबर दी थी कि ”पहले रखी गई शर्तें” पूरी होने तक बातचीत शुरू नहीं होगी। यह बात इस्लामाबाद रवाना होने से पहले गालिबफ द्वारा ‘एक्स’ पर दिए गए संदेश से भी मेल खाती है।

    गालिबफ ने ‘एक्स’ पर कहा था, ”दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से तय किए गए दो कदम अभी लागू नहीं हुए हैं- लेबनान में युद्धविराम और वार्ता शुरू होने से पहले ईरान की संपत्तियों पर लगी रोक हटाना।”

  • पाक मंत्री के बयान से बढ़ा विवाद, इजरायल ने दी कड़ी चेतावनी, कहा- ये टिप्पणियां बर्दाश्त नहीं करेंगे

    पाक मंत्री के बयान से बढ़ा विवाद, इजरायल ने दी कड़ी चेतावनी, कहा- ये टिप्पणियां बर्दाश्त नहीं करेंगे


    नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थ बनने की कोशिश कर रहा पाकिस्तान अब अंतरराष्ट्रीय विवाद में घिर गया है। लेबनान में जारी तनाव के बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के बयान ने इजरायल को भड़का दिया है। इजरायल ने साफ चेतावनी दी है कि इस तरह की टिप्पणियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।

    लेबनान हमलों पर बयान से बढ़ा तनाव
    ख्वाजा आसिफ ने लेबनान पर इजरायली हमलों को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए उसे नरसंहार बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इजरायल को मानवता के लिए खतरा और “कैंसर” तक कह दिया। अपने बयान में उन्होंने गाजा, ईरान और लेबनान में जारी हिंसा का हवाला देते हुए तीखी आलोचना की।

    इजरायल की तीखी प्रतिक्रिया

    इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने इस बयान को बेहद आपत्तिजनक बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के लिए इजरायल के विनाश की बात स्वीकार्य नहीं हो सकती, खासकर तब जब वह खुद को शांति प्रक्रिया में निष्पक्ष मध्यस्थ बताता हो।

    विदेश मंत्री ने बताया अनुचित बयान

    इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने भी इस टिप्पणी की आलोचना करते हुए इसे यहूदी-विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान शांति वार्ता की भावना के खिलाफ हैं और ऐसे शब्द किसी जिम्मेदार राष्ट्र के अनुरूप नहीं हैं।

    शांति वार्ता के बीच बढ़ा सैन्य तनाव
    इस बीच बेंजामिन नेतन्याहू ने संकेत दिया है कि इजरायल लेबनान के साथ जल्द सीधी बातचीत शुरू करना चाहता है। हालांकि हाल के दिनों में इजरायल ने हिजबुल्लाह के ठिकानों पर बड़े हमले किए हैं, जिनमें भारी नुकसान की खबर है।

    ईरान की चेतावनी, बातचीत पर असर
    लेबनान पर हमलों के बाद ईरान ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उसका कहना है कि इस तरह की सैन्य कार्रवाई से शांति वार्ता का महत्व कम हो जाता है और बातचीत की प्रक्रिया प्रभावित होती है।

  • ट्रंप ने खोली पाकिस्तान के दावे की पोल, शहबाज शरीफ के बयान पर उठे सवाल

    ट्रंप ने खोली पाकिस्तान के दावे की पोल, शहबाज शरीफ के बयान पर उठे सवाल


    नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच हुए युद्धविराम को लेकर पाकिस्तान के दावों पर अब सवाल खड़े हो गए हैं। अमेरिका ने साफ कर दिया है कि इस समझौते में लेबनान शामिल नहीं था जिससे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बयान की विश्वसनीयता पर असर पड़ा है।

    अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में कहा कि सीजफायर समझौते में लेबनान शामिल नहीं था। उन्होंने इसे गलतफहमी बताते हुए कहा कि संभवतः ईरान ने इसे अलग तरह से समझा। वेंस के मुताबिक यह युद्धविराम अमेरिका ईरान और उनके सहयोगियों जैसे इजरायल और अरब देशों पर केंद्रित है न कि लेबनान पर।

    ट्रंप ने भी किया इनकार

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी स्पष्ट कहा कि लेबनान को समझौते में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि इसकी वजह हिज्बुल्लाह है और वहां की स्थिति अलग तरह की झड़प का हिस्सा है।

    शहबाज शरीफ के बयान से बढ़ा विवाद

    इससे पहले शहबाज शरीफ ने दावा किया था कि ईरान अमेरिका और उनके सहयोगी लेबनान समेत सभी क्षेत्रों में तत्काल युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं। उन्होंने इस फैसले का स्वागत करते हुए दोनों पक्षों को इस्लामाबाद में आगे की वार्ता के लिए आमंत्रित भी किया था। उनके इस बयान के बाद अब अमेरिका के स्पष्ट रुख से पाकिस्तान की कूटनीतिक स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं।

    इजरायल पहले ही कर चुका था साफ इनकार

    इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पहले ही कह चुके थे कि यह युद्धविराम लेबनान में जारी सैन्य कार्रवाई पर लागू नहीं होगा। सीजफायर की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद इजरायल ने लेबनान में हमले भी जारी रखे। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इन हमलों में कम से कम 89 लोगों की मौत हुई और 700 से अधिक घायल हुए। इजरायल का कहना है कि यह कार्रवाई हिज्बुल्लाह के खिलाफ जारी रहेगी।

    होर्मुज जलडमरूमध्य बंद बढ़ा तनाव
    लेबनान में हमलों के बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया जिसे लेकर अमेरिका ने आपत्ति जताई है। इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में तनाव और बढ़ा दिया है और यह आशंका पैदा हो गई है कि अमेरिका-ईरान के बीच हुआ नाजुक युद्धविराम आगे टिक पाएगा या नहीं।

  • बंदूक नहीं, दिमाग से जंग’-भारत के खिलाफ नई रणनीति पर काम कर रहा पाकिस्तान, रिपोर्ट में खुलासा

    बंदूक नहीं, दिमाग से जंग’-भारत के खिलाफ नई रणनीति पर काम कर रहा पाकिस्तान, रिपोर्ट में खुलासा

    इस्लामाबाद। आसिम मुनीर के नेतृत्व में पाकिस्तान भारत के खिलाफ नई रणनीति पर काम कर रहा है। आरोप है कि सैन्य टकराव के बजाय अब “इन्फॉर्मेशन वॉर” के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को चुनौती देने की कोशिश हो रही है।

    DisinfoLab की हालिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान एक वैश्विक मीडिया नेटवर्क और थिंक टैंक इकोसिस्टम तैयार कर रहा है, जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय राय को प्रभावित करना है। यह पहल कथित तौर पर पिछले साल के ऑपरेशन सिंदूर के बाद शुरू हुई, जब पाकिस्तान का नैरेटिव वैश्विक मंच पर प्रभाव नहीं डाल सका।

    ‘नैरेटिव वॉर’ का मास्टर प्लान

    रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने 2025 में “रणनीतिक संचार मास्टर प्लान” नाम से पहल शुरू की है। इसका लक्ष्य अंग्रेजी भाषा के ऐसे प्लेटफॉर्म बनाना है जो अंतरराष्ट्रीय दर्शकों में विश्वसनीय दिखें और कश्मीर जैसे मुद्दों पर पाकिस्तान-समर्थक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएं। पहले उर्दू-केंद्रित मैसेजिंग वैश्विक स्तर पर प्रभावी नहीं रही, इसलिए यह बदलाव किया गया।

    थिंक टैंक नेटवर्क पर फोकस

    बताया गया है कि मिन्हाज यूनिवर्सिटी लाहौर में “हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड पॉलिसी स्टडीज” जैसे संस्थान स्थापित किए गए हैं। ये भू-राजनीति, सुरक्षा और जलवायु जैसे विषयों पर काम करने का दावा करते हैं, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार इनमें रणनीतिक तंत्र से जुड़े लोगों की भागीदारी बताई गई है।

    ग्लोबल मीडिया में पैठ की कोशिश

    रिपोर्ट में कहा गया है कि कई डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के लिए सक्रिय किया गया है, जिनमें AsiaOne News, DM News English, FP92TV और Afrik1 TV शामिल बताए गए हैं। इन प्लेटफॉर्म्स को कथित तौर पर “निष्पक्ष पत्रकारिता” के रूप में पेश किया जा रहा है, जबकि आलोचकों का आरोप है कि इनके जरिए नैरेटिव सेट करने की कोशिश हो रही है।

    ‘न्यूट्रल मीडिया’ के नाम पर रणनीति

    विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी समर्थन वाले मीडिया पर भरोसे की कमी को देखते हुए पाकिस्तान ने थिंक टैंक, सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय डिजिटल चैनलों के जरिए “सॉफ्ट पावर” आधारित रणनीति अपनाई है। इसका उद्देश्य बिना प्रत्यक्ष सैन्य टकराव के कूटनीतिक और सूचना स्तर पर प्रभाव बनाना है।
    कुल मिलाकर, रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान अब पारंपरिक सैन्य टकराव के बजाय सूचना और प्रचार के जरिए वैश्विक मंच पर भारत को चुनौती देने की रणनीति अपना रहा है।

  • पाकिस्तान में हिंदू विरासत पर फिर हमला, कराची में भगवान कृष्ण की मूर्तियां तोड़ी गईं

    पाकिस्तान में हिंदू विरासत पर फिर हमला, कराची में भगवान कृष्ण की मूर्तियां तोड़ी गईं


    लाहौर। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय को निशाना बनाए जाने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला कराची से सामने आया है, जहां एक ऐतिहासिक इमारत में भगवान कृष्ण और गोपियों की मूर्तियों को कथित रूप से खंडित कर दिया गया।

    इस घटना की जानकारी पाकिस्तान दरवार इत्तेहाद के अध्यक्ष शिव कच्छी ने दी। उन्होंने बताया कि कराची स्थित ऐतिहासिक सगन मेसन भवन में रखी धार्मिक मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया गया, जिसे उन्होंने बेहद निंदनीय बताया।

    शिव कच्छी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक इमारत को नुकसान पहुंचाने की घटना नहीं है, बल्कि पाकिस्तान की बहुसांस्कृतिक विरासत, धार्मिक सद्भाव और अल्पसंख्यक समुदायों की भावनाओं पर सीधा हमला है। उन्होंने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

    उन्होंने कहा कि हिंदू समुदाय इस घटना से आहत है और जिम्मेदार लोगों की जल्द गिरफ्तारी जरूरी है।

    साथ ही, ऐतिहासिक इमारत के तत्काल जीर्णोद्धार और संरक्षण की मांग भी उठाई गई है।

    बताया जा रहा है कि यह भवन स्वतंत्रता-पूर्व काल में 1937 में निर्मित हुआ था और यहां हिंदू समुदाय की कई धार्मिक मूर्तियां व प्रतीक सुरक्षित रखे गए थे। इससे पहले भी पाकिस्तान में मंदिरों और हिंदू स्थलों पर हमलों की कई घटनाएं सामने आती रही हैं, जिन पर भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों, जिनमें संयुक्त राष्ट्र भी शामिल है, पर चिंता जता चुका है।

  • पाकिस्तान में 458 रुपये पहुंचे पेट्रोल के रेट… भारत में अब तक नहीं बढ़ी कीमतें

    पाकिस्तान में 458 रुपये पहुंचे पेट्रोल के रेट… भारत में अब तक नहीं बढ़ी कीमतें


    नई दिल्ली।
    पेट्रोल और डीजल की कीमतों (Petrol Diesel Price Today) में आज फिर कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये प्रति लीटर के रेट से बिक रहा है। वहीं, डीजल का रेट दिल्ली में आज शनिवार को 87.67 रुपये प्रति लीटर है। बता दें, दुनिया भर में इस समय पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आग लगी हुई है। कच्चे तेल की कीमतों (Crude oil Prices) में जारी तेजी की वजह से दुनिया भर में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। हालांकि, घरेलू स्तर पर भारत सरकार ने आम-आदमी को अबतक इससे बचा कर रखा है।


    पाकिस्तान में 458 रुपये प्रति लीटर बिक रहा पेट्रोल

    पाकिस्तान सरकार ने गुरुवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों को बढ़ाने की घोषणा की। पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल (एचएसडी) की कीमतों में क्रमश: 43 प्रतिशत और 55 प्रतिशत की भारी बढोतरी की है। इस फैसले के तहत, पेट्रोल की कीमत 321.17 रुपये से 137.23 रुपये प्रति लीटर (करीब 42.7 प्रतिशत) बढ़ाकर 458.41 रुपये प्रति लीटर कर दी गई। वहीं, हाई स्पीड डीजल की कीमत 335.86 रुपये से 184.49 रुपये प्रति लीटर (करीब 55 प्रतिशत) बढ़ाकर 520.35 रुपये प्रति लीटर कर दी गई। ये नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। इसके साथ, केरोसिन तेल की कीमत भी 34.08 रुपये प्रति लीटर बढ़ाकर 457.80 रुपये कर दी गई है।


    देश के अलग-अलग शहरों में किस रेट पर बिक रहा पेट्रोल (Petrol Rate)

    दिल्ली – 94.77 रुपये
    मुंबई – 104.21 रुपये
    कोलकाता – 103.94 रुपये
    चेन्नई – 100.75 रुपये
    अहमदाबाद – 94.49 रुपये
    बेंगलुरू – 102.92 रुपये
    हैदराबाद – 107.46 रुपये
    जयपुर – 104.72 रुपये
    लखनऊ – 94.69 रुपये
    पुणे – 104.04 रुपये
    चंडीगढ़ – 94.30 रुपये
    इंदौर – 106.48 रुपये


    डीजल का क्या है अलग-अलग शहरों में रेट (Diesel Rate)

    मुंबई – 92.15 रुपये
    कोलकाता – 90.76 रुपये
    चेन्नई – 92.34 रुपये
    अहमदाबाद – 90.17 रुपये
    बेंगलुरू – 89.02 रुपये
    हैदराबाद – 95.70 रुपये
    जयपुर – 90.21 रुपये
    लखनऊ – 87.80 रुपये
    पुणे – 90.57 रुपये
    चंडीगढ़ – 82.45 रुपये
    इंदौर – 91.88 रुपये
    पटना – 93.80 रुपये

    पिछले दिनों प्रीमियम पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इंडियन ऑयल ने इजाफा किया था। जिसके बाद दिल्ली में XP100 पेट्रोल का रेट 149 रुपये से बढ़कर 160 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर और एक्स्ट्रा ग्रीन डीजल का रेट 91.49 रुपये से 92.99 रुपये के स्तर पर पहुंच गया है।

  • राजनाथ सिंह की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी, मौजूदा हालात में पड़ोसी न करे कोई दुस्साहस…

    राजनाथ सिंह की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी, मौजूदा हालात में पड़ोसी न करे कोई दुस्साहस…


    नई दिल्ली।
    भारत (India) के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने पाकिस्तान (Pakistan) को कड़े शब्दों में चेतावनी दे दी है। उन्होंने कहा है कि ‘अभी के हालात’ में अगर पड़ोसी कोई दुस्साहस करता है, तो भारत मुंहतोड़ जवाब देगा। वह जाहिर तौर पर अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के संदर्भ में बात कर रहे थे। भारत ने बीते साल मई में पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर किया था।

    राजनाथ सिंह केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में आयोजित सैनिक सम्मान सम्मेलन में पहुंचे थे। उन्होंने कहा, ‘मौजूदा हालात में हमारा पड़ोसी कोई भी दुस्साहस कर सकता है। अगर वह ऐसा करता है, तो भारत की कार्रवाई अभूतपूर्व और निर्णायक होगी।’ हालांकि, इस दौरान उन्होंने किसी देश का नाम नहीं लिया है। रक्षा मंत्री ने आगे यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है।


    ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र

    सिंह ने कहा, ‘हमने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े हर मुद्दे पर सरकार के एटीट्यूड और ऐक्शन के तरीके, दोनों को बदला है। ये बदलाव पूरी दुनिया को हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देखने को भी मिला है। पहलगाम में हुए आतंकी हमलों में आतंकियों ने जिस तरह धर्म पूछकर लोगों को निशाना बनाया, उसने पूरे देश को ही झकझोर डाला था। वह हमला भारत की सोशल यूनिटी और सोशल फैब्रिक पर किया गया बड़ा हमला था।’

    उन्होंने आगे कहा, ‘इसके खिलाफ भारत ने कड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान में मौजूद आतंकी अड्डों और उससे जुडे़ इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह कर दिया था…।’


    सरहद पार भी कार्रवाई के लिए तैयार भारतीय सेना

    रक्षा मंत्री ने कहा, ‘आज का भारत आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस रखता है। वह इसके खिलाफ सरहद के इस पास और जरूरत पड़ी तो सरहद के उस पार भी कार्रवाई करने में पीछे नहीं रहेगा।’

    उन्होंने कहा, ‘पहलगाम में हुई आतंकी घटना के बाद भारतीय सैनिकों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को महज 22 मिनटों में ही घुटनों पर लाकर खड़ा कर दिया था। और भारतीय सैन्य इतिहास में आतंकवाद के खिलाफ किया गया अब तक का यह सबसे बड़ा आपरेशन था। मैं आपको बताना चाहता हूं कि यह आपरेशन अभी बंद नहीं हुआ है। यदि किसी प्रकार की नापाक हरकत पाकिस्तान की तरफ से हुई, तो हमारे सैनिक ऐसा जवाब देंगे कि वो भूल नहीं पाएंगे।’


    दे दी चेतावनी

    सिंह ने पाकिस्तान को बड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दे दी है। उन्होंने कहा, ‘इस बार जो होगा वह अभूतपूर्व होगा हमारी सेना की तरफ से। ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है, क्योंकि हमारा पड़ोसी आजकल जो हालात हैं, उसमें कोई भी दुस्साहस कर सकता है। अगर उसने ऐसा किया, तो भारत का ऐक्शन निर्णायक और अभूतपूर्व होगा।’