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  • भारत इजराइल साझेदारी आपसी फायदे के साथ दुनिया को स्थिर और खुशहाल बनाने में दे रही योगदान : PM मोदी

    भारत इजराइल साझेदारी आपसी फायदे के साथ दुनिया को स्थिर और खुशहाल बनाने में दे रही योगदान : PM मोदी


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Indian Prime Minister Narendra Modi) ने बुधवार को इजराइली संसद (नेसेट) (Israeli Parliament (Knesset) को संबोधित किया और कहा कि दोनों देशों की मजबूत साझेदारी आपसी फायदे के साथ ही दुनिया भर में स्थिरता और खुशहाली में भी योगदान देती है। हमें पक्का करना चाहिए कि भारत और इजराइल के बीच दोस्ती अनिश्चित दुनिया में ताकत का जरिया बनी रहे।

    अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने इजराइल में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की और गाजा शांति योजना का समर्थन किया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत में कहा कि इजराइली संसद को संबोधित करना उनके लिए गरिमा और सम्मान की बात है। उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि भारत ने जिस दिन इजराइल को देश के रूप में मान्यता दी थी उसी दिन (17 सितंबर 1950) उनका जन्म हुआ था।

    अपने भाषण में आतंकवाद की कड़ी निंदा करते हुए मोदी ने इजराइल के साथ एकजुटता दिखाई। उन्होंने कहा कि निर्दोष नागरिकों की हत्या को किसी भी तरह से जायज नहीं ठहराया जा सकता। आतंकवाद का लक्ष्य समाज को अस्थिर करना, विकास को रोकना और भरोसा खत्म करना है। इस पर किसी भी तरह से दोहरे मापदंड नहीं होने चाहिए। साथ ही समन्वय और सतत प्रयास के साथ आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने क्षेत्रीय स्थिरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि भारत गाजा शांति योजना को पूर्ण समर्थन देता है।

    प्रधानमंत्री के भाषण के बाद उन्हें “स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल” से सम्मानित किया। प्रधानमंत्री मोदी यह मेडल पाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं, जो नेसेट का सबसे बड़ा सम्मान है।

    भारत और इजराइल के बीच के हजारों साल पुराने सभ्यगत संबंधों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि नागरिक संबंध दोनों देशों की दोस्ती का आधार है। उन्होंने यह भी कहा कि यहूदी भारत में ना सताए गए और ना ही उनके साथ कभी भेदभाव हुआ। इस दौरान भारत की विकास यात्रा में योगदान देने वाले प्रमुख यहूदी के नाम भी उन्होंने उल्लेख किया।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और इजराइल के बीच के संबंधों को रणनीतिक साझेदारी में बदले जाने के बाद से इसका स्तर और दायरा बहुत बढ़ा है। भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है ऐसे में नवाचार और तकनीकी में आगे इजराइल के साथ उसके संबंध स्वभावी तौर पर भविष्य उन्मुख साझेदारी के संकेत हैं। प्रधानमंत्री ने क्वांटम कंप्यूटर, सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के सहयोग की संभावनाओं का जिक्र किया।

    प्रधानमंत्री ने इजराइल में योग को मिलते विस्तार और आयुर्वेद में बढ़ती रुचि का जिक्र करते हुए इजराइली युवाओं को भारत आने और चिकित्सा प्रणाली से जोड़ने का आह्वान किया।

    इससे पहले, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री मोदी की बिना कोई इधर-उधर की बात किये इजराइल के साथ खड़े रहने की सराहना की। अपने स्वागत भाषण में उन्होंने नरेन्द्र मोदी के दोनों देशों के संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाने में योगदान की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इसके चलते दोनों देशों का व्यापार दो गुना, सहयोग तीन गुना और समझ चार गुना हुई है।

    इजराइली प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी की विश्व नेताओं के साथ गले लगने की विशेष अभिवादन शैली की तारीफ करते हुए कहा कि इस दुनिया में मोदी हग के रूप में जाना जाता है।

    नेतन्याहू ने इस बात को रेखांकित किया कि यहूदी दुनिया में केवल भारत में ही भेदभाव का सामना नहीं करना पड़ा।

  • PM मोदी के इजरायल दौरे से पहले FTA पर नई पहल, भारत-इजरायल के बीच फिर शुरू हुई व्यापार वार्ता

    PM मोदी के इजरायल दौरे से पहले FTA पर नई पहल, भारत-इजरायल के बीच फिर शुरू हुई व्यापार वार्ता


    नई दिल्ली। भारत और इजरायल के बीच मुक्त व्यापार समझौते FTA को लेकर एक बार फिर सकारात्मक हलचल शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बुधवार को दो दिवसीय इजरायल दौरे से ठीक पहले दोनों देशों ने FTA पर औपचारिक चर्चा का पहला दौर शुरू कर दिया है।

    मंगलवार को जारी आधिकारिक बयान में पुष्टि की गई कि द्विपक्षीय वाणिज्यिक संबंधों को मजबूत करने और निवेश को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से वार्ता आगे बढ़ाई जा रही है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष नवंबर में दोनों देशों ने इस समझौते के लिए संदर्भ की शर्तों टीओआर पर हस्ताक्षर किए थे।

    23 फरवरी से नई दिल्ली में शुरू हुई वार्ता

    वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार भारत-इजरायल FTA के लिए बातचीत का पहला दौर 23 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में शुरू हुआ जो 26 फरवरी तक चलेगा। इससे पहले दोनों देशों के बीच आठ दौर की बातचीत हो चुकी थी लेकिन अक्टूबर 2021 के बाद यह प्रक्रिया ठप पड़ गई थी। अब एक बार फिर इसे आगे बढ़ाया जा रहा है।

    तकनीकी स्तर पर गहन चर्चा

    इस दौर में दोनों देशों के तकनीकी विशेषज्ञ अलग-अलग सत्रों में समझौते के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श करेंगे। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव अजय भादू कर रहे हैं जबकि इजरायल की ओर से वरिष्ठ निदेशक यिफ़ात अलोन पेरेल वार्ता की अगुवाई कर रही हैं।

    व्यापार में गिरावट समझौते से उम्मीद

    ऐसे मुक्त व्यापार समझौतों में आमतौर पर अधिकतम वस्तुओं पर आयात शुल्क में भारी कटौती या पूरी तरह समाप्ति की व्यवस्था की जाती है। साथ ही सेवाओं और निवेश से जुड़े नियमों को भी आसान बनाया जाता है।

    वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान भारत से इजरायल को निर्यात 52% घटकर 2.14 अरब डॉलर रह गया जबकि आयात भी 26.2% की गिरावट के साथ 1.48 अरब डॉलर पर आ गया। ऐसे में FTA से दोनों देशों के व्यापार को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

  • PM मोदी आज देश के इस क्षेत्र को देंगे हाईस्पीड रीजनल ट्रेन और मेट्रो की सौगात

    PM मोदी आज देश के इस क्षेत्र को देंगे हाईस्पीड रीजनल ट्रेन और मेट्रो की सौगात


    मेरठ ।
    क्रांति की धरती मेरठ (Meerut.) एक बार फिर ऐतिहासिक पल का गवाह बनने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) रविवार को मेरठ के 135 मिनट के प्रवास के दौरान ‘नमो भारत’ (RRTS) और ‘मेरठ मेट्रो’ (Meerut Metro) की बड़ी सौगात देंगे। यह न केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि वैश्विक स्तर पर परिवहन तकनीक का एक अनूठा उदाहरण भी है। प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की जा रही इस परियोजना की कई ऐसी विशेषताएं हैं जो इसे देश के अन्य शहरों से अलग बनाती हैं।

    भारत में पहली बार एक ही इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रैक पर ‘नमो भारत’ (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) और ‘मेरठ मेट्रो’ का संचालन होगा। मेरठ मेट्रो देश की सबसे तेज मेट्रो सेवाओं में से एक होगी, जिसकी डिजाइन स्पीड 135 किमी/घंटा और ऑपरेशनल स्पीड 120 किमी/घंटा तक हो सकती है। साहिबाबाद से मेरठ के बीच का सफर अब मिनटों में तय होगा, जिससे दिल्ली-एनसीआर और मेरठ के बीच की दूरी का अहसास खत्म हो जाएगा। नमो भारत और मेट्रो के स्टेशनों को विश्व स्तरीय सुविधाओं जैसे—प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर्स (PSDs), हाई-स्पीड वाईफाई और स्मार्ट टिकटिंग से लैस किया गया है।


    सीएम योगी ने किया निरीक्षण

    उद्घाटन कार्यक्रम से एक दिन पहले शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने मेरठ पहुंचकर रैपिड के प्रोजेक्ट साइट शताब्दीनगर, मेरठ साउथ स्टेशन और कार्यक्रम स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। दोनों स्टेशनों का निरीक्षण कर मुख्यमंत्री ने जनसभा स्थल पर अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कॉरिडोर न केवल दूरी कम करेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश की प्रगति को नई गति प्रदान करेगा। Xइस कॉरिडोर के शुरू होने से न केवल यात्रा के समय में भारी बचत होगी, बल्कि इसके बहुआयामी प्रभाव भी देखने को मिलेंगे।

    उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के यातायात और बुनियादी ढांचे के इतिहास में नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) यानी ‘रैपिड मेट्रो’ के नए खंड का भव्य उद्घाटन करेंगे। इस कॉरिडोर के शुरू होने से न केवल यात्रा के समय में भारी बचत होगी, बल्कि इसके बहुआयामी प्रभाव भी देखने को मिलेंगे।


    जनसभा और संबोधन

    उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। लगभग 50 मिनट के इस भाषण में वह मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए भविष्य के विजन को साझा करेंगे। मेरठ आगमन से लेकर प्रस्थान तक प्रधानमंत्री 105 मिनट मेरठ की धरती पर रहेंगे, जो शहर के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है।


    रूट डायवर्जन

    प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर मेरठ में रविवार को रूट डायवर्जन रहेगा। सुबह छह से शाम छह बजे तक दिल्ली-देहरादून हाइवे पर गाजियाबाद-मेरठ के बीच वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। वहीं, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर वाहन चलते रहेंगे। मेरठ से गाजियाबाद जाने वाले वाहनों को हापुड़ होकर गाजियाबाद भेजा जाएगा। एटीएस, एसटीएफ और इंटेलिजेंस यूनिट को अलर्ट पर रखा गया है।


    मेरठ से दिल्ली जाने वाले वाहन

    – मेरठ शहर से दिल्ली जाने वाले वाहन दिल्ली रोड नहीं जाएंगे। सभी वाहन मेरठ शहर से मोदीपुरम पुल, सरधना पुल, रोहटा पुल, बागपत पुल से एनएच-58 से होकर काशी टोल प्लाजा से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे होते हुए जा सकेंगे।
    – मेरठ शहर से दिल्ली जाने वाले वाहन बिजली बंबा चौराहे से होते हुए हापुड़ से दिल्ली-मुरादाबाद हाईवे से दिल्ली जा सकेगे।


    दिल्ली से मेरठ शहर आने वाले वाहन

    – दिल्ली से मेरठ शहर आने वाले वाहन एक्सप्रेस-वे से काशी टोल प्लाजा से एनएच-58 होते हुए मेरठ शहर आ सकेंगे।
    – दिल्ली से मेरठ शहर आने वाले वाहन दिल्ली मुरादाबाद हाईवे होते हुए हापुड से बिजली बंबा चौराहे से मेरठ शहर में आ सकेंगे।
    – मेरठ से दिल्ली आने/जाने वाले वाहन परतापुर इन्टरचेंज से दिल्ली रोड होते हुए मेरठ शहर मे प्रवेश नहीं कर सकेंगे।
    – यातायात प्रबंधन के दौरान किसी भी प्रकार की आपात कालीन सेवाएं एंव एम्बुलेंस बाधित नहीं रहेगी।
    – मोदीनगर से मेरठ की ओर भी कोई भी वाहन नहीं आने दिया जाएगा। सभी वाहन दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे से जाएंगे।
    – एनएच-58 पर परतापुर इंटरचेंज से मोदीनगर-दिल्ली की ओर कोई वाहन नहीं जाएगा। सभी वाहन दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे से आएंगे-जाएंगे।


    एटीएस और एसटीएफ समेत इंटेलिजेंस यूनिट अलर्ट

    एटीएस, एसटीएफ और इंटेलिजेंस यूनिट को अलर्ट किया गया है। सुरक्षा का पूरा जिम्मा एसपीजी ने संभाला हुआ है। लोकल इनपुट को लेकर टीम और स्थानीय पुलिस अलर्ट है। सभास्थल के आसपास का इलाका पूरी तरह पुलिस की निगरानी में रखा जाएगा।

  • भारत-ब्राजील के बीच हुई ट्रेड डील, पीएम मोदी ने कहा- ‘आतंकवाद और विकास के मुद्दों पर दोनों देश साथ हैं’

    भारत-ब्राजील के बीच हुई ट्रेड डील, पीएम मोदी ने कहा- ‘आतंकवाद और विकास के मुद्दों पर दोनों देश साथ हैं’


    नई दिल्ली । भारत और ब्राजील ने अपने द्विपक्षीय संबंधों में नया मुकाम हासिल किया है। दोनों देशों ने ट्रेड डील पर हस्ताक्षर किए, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा की द्विपक्षीय वार्ता के बाद औपचारिक रूप दिया गया।

    पीएम मोदी ने राष्ट्रपति लूला और उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व और विजन ने भारत-ब्राजील संबंधों को लंबे समय से मजबूती दी है। मोदी ने जोर देकर कहा कि दोनों देशों के बीच पिछले वर्षों में हुई कई बैठकों ने भारत के प्रति राष्ट्रपति लूला की गहरी मित्रता और भरोसा स्पष्ट किया है।

    व्यापार को 20 अरब डॉलर से आगे ले जाने का लक्ष्य
    प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि ब्राजील लैटिन अमेरिका में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साथी है। दोनों देश अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर से ऊपर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, “हमारा व्यापार सिर्फ आंकड़ों में नहीं, बल्कि आपसी भरोसे की झलक में भी निहित है। राष्ट्रपति लूला के साथ आया बिजनेस डेलीगेशन इसी भरोसे को दर्शाता है।”

    टेक्नोलॉजी और ग्लोबल साउथ पर ध्यान
    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में सहयोग न केवल भारत और ब्राजील के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि ग्लोबल साउथ के देशों के लिए भी नई संभावनाएं खोलेगा। AI, डिजिटल टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप इकोसिस्टम में साझेदारी से विकासशील देशों को तेजी से विकास का मार्ग मिल सकता है।

  • पीएम मोदी करेंगे इजरायल दौरा, एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल समेत कई हथियारों पर हो सकती है डील

    पीएम मोदी करेंगे इजरायल दौरा, एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल समेत कई हथियारों पर हो सकती है डील


    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25-26 फरवरी को दो दिन के इजरायल दौरे पर जा रहे हैं। इस दौरे का उद्देश्य भारत और इजरायल के बीच रक्षा और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करना है। दोनों देश मिलकर नई रक्षा तकनीक और सुरक्षा प्रणाली पर काम बढ़ाना चाहते हैं। दौरे में सुरक्षा सहयोग पर एक समझौता ज्ञापन (MoU) साइन होने की उम्मीद है। हालांकि, कोई बड़ा रक्षा सौदा इस दौरे में साइन नहीं होगा, क्योंकि दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग पहले से ही जारी है। आने वाले वर्षों में यह सहयोग करीब 10 अरब डॉलर का माना जा रहा है।

    नई रक्षा तकनीक पर फोकस
    एक रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल भारत को नई रक्षा तकनीक देने के लिए तैयार है, जिसमें लेजर आधारित डिफेंस सिस्टम, लंबी दूरी की मिसाइलें और ड्रोन शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इस बार इजरायल ऐसी तकनीक भी साझा कर सकता है, जो उसने पहले नहीं दी थी। भारत और इजरायल मिलकर एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम पर काम कर सकते हैं। यह भारत के मिशन सुदर्शन का अहम हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश को दुश्मन की लंबी दूरी की मिसाइलों से बचाना है। इजराइल के पास एरो, डेविड स्लिंग और आयरन डोम जैसे मजबूत रक्षा सिस्टम हैं।

    लंबी दूरी के हथियारों की खरीद
    भारत लंबी दूरी की मिसाइलें और ऐसे ड्रोन खरीदने पर भी विचार कर रहा है, जो दुश्मन की सीमा के अंदर तक मार कर सकें। भारत पहले भी रैंपेज मिसाइल और अन्य हथियारों का उपयोग कर चुका है। नौसेना भी अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए बराक मिसाइल सिस्टम के नए वर्जन को खरीदने पर विचार कर रही है।

    अन्य क्षेत्रों में सहयोग
    रक्षा के अलावा दोनों देश विज्ञान, खेती, साफ पानी और नई तकनीक जैसे क्वांटम कंप्यूटिंग पर भी बातचीत करेंगे। पीएम मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच अच्छे संबंध माने जाते हैं। दोनों देश आतंकवाद के खिलाफ एक जैसी सोच रखते हैं और इस दौरे से दोनों देशों के बीच व्यापक सहयोग को और मजबूत करने की उम्मीद है।

  • PM मोदी ने US ट्रेड डील को बताया अहम… पूर्ववर्ती UPA सरकार पर जमकर साधा निशाना

    PM मोदी ने US ट्रेड डील को बताया अहम… पूर्ववर्ती UPA सरकार पर जमकर साधा निशाना


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार (UPA Government) पर निशाना साधा। उन्होंने कहाकि यूपीए सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन के कारण भारत व्यापार वार्ताओं (India Trade Negotiations) में मजबूती से अपना पक्ष नहीं रख सका। इस वजह से एक भी बातचीत निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सकी।‘एक इंटरव्यू में मोदी ने कहाकि भारत ने ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ (ईयू) और अमेरिका के साथ जो व्यापार समझौते किए हैं, उनसे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए, खास तौर पर श्रम-प्रधान क्षेत्रों में, इन देशों में लगभग शून्य शुल्क या अन्य देशों की तुलना में काफी कम शुल्क पर वस्तुओं के निर्यात के रास्ते खुल गए हैं।

    प्रधानमंत्री कहाकि इन व्यापार समझौतों पर भले ही हाल ही में मुहर लगी हो, लेकिन ये अधिक प्रतिस्पर्धी घरेलू उद्योग, आत्मविश्वास से भरपूर दृष्टिकोण और खुले विचारों का नतीजा हैं। ये आज की दुनिया में पाए जाने वाले दुर्लभ गुण हैं। हाल के वर्षों में भारत की ओर से किए गए व्यापार समझौतों की बात करने से पहले यह याद करना अहम है कि हम एक दशक पहले कहां खड़े थे। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार ने अपने शासनकाल में कछ व्यापार समझौते करने की कोशिश की, लेकिन यह यात्रा अनिश्चितता और अस्थिरता से भरी रही।

    मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधते हुए कहाकि मुख्यतः उनके आर्थिक कुप्रबंधन के कारण भारत मजबूती के साथ अपना पक्ष नहीं रख सका। उन्होंने बातचीत को निष्कर्ष तक पहुंचाने के लिए अनुकूल माहौल नहीं बनाया। बातचीत शुरू होती और फिर ठप पड़ जाती। अंत में लंबी बातचीत के बावजूद कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकल पाता था।

    उन्होंने कहा कि लेकिन सत्ता में आने के बाद हमने नीति-आधारित शासन के जरिये आर्थिक पुनरुत्थान का नेतृत्व किया, हमारे आर्थिक ढांचे को मजबूत किया और एक नियम-आधारित प्रणाली का निर्माण किया। जब हमने राजनीतिक स्थिरता, नीतिगत पूर्वानुमान और सुधार-केंद्रित दृष्टिकोण सुनिश्चित किया, तो दुनिया भारत में निवेश करने के लिए इच्छुक हो गई।

    मोदी ने कहा कि उनकी सरकार की ओर से किए गए सुधारों से भारत के विनिर्माण और सेवा जैसे दोनों क्षेत्रों को मदद हासिल हुई तथा एमएसएमई के बीच उत्पादकता एवं प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा मिला। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास से भरपूर, प्रतिस्पर्धी और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में भारत के उभार के कारण कई देशों को नई दिल्ली के साथ व्यापार समझौते पर आगे बढ़ने में फायदा दिखा।

    मोदी ने लिखित साक्षात्कार में कहाकि पूर्व की सरकार के रुख और हमारे दृष्टिकोण में मौजूद अंतर को समझने के लिए यूरोपीय संघ के साथ हुए व्यापार समझौते पर गौर करें। पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में भी इस पर चर्चा और बातचीत हुई थी। लेकिन अंततः हमारी सरकार में दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए लाभकारी समझौते पर मुहर लगी। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उनकी सरकार ने मुक्त व्यापार समझौतों का एक रणनीतिक और उद्देश्यपूर्ण नेटवर्क बनाया है।

  • PM मोदी ने बताया – प्रधानमंत्री कार्यालय का नाम 'सेवा तीर्थ क्यों रखा…. क्या है इसके पीछे का गहरा संदेश?

    PM मोदी ने बताया – प्रधानमंत्री कार्यालय का नाम 'सेवा तीर्थ क्यों रखा…. क्या है इसके पीछे का गहरा संदेश?


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने शुक्रवार को नए ऑफिस का उद्धाटन किया। इसके बाद उन्होंने संबोधन भी दिया। इस दौरान पीएम मोदी ने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय (Prime Minister Office) का नाम सेवा तीर्थ (Seva Teerth) क्यों रखा गया। इसके साथ ही उन्होंने इसके पीछे के दर्शन और संकल्प के बारे में भी बताया। पीएम मोदी ने कहाकि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। सेवा की भावना ही भारत की आत्मा है। नाम बदलने के पीछे स्वतंत्र भारत की पहचान है। उन्होंने आगे कहाकि सेवा की भावना ही भारत की पहचान है। पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के बाद साउथ ब्लॉक, नॉर्थ ब्लॉक जैसी इमारतों से देश के लिए अनेक निर्णय, नीतियां बनी लेकिन यह भी सच है कि ये इमारतें ब्रिटिश साम्राज्य के प्रतीक के तौर पर बनाई गई थी। इन इमारतों को बनाने का मकसद भारत को गुलामी की जंजीरों में जकड़े रखना था।


    मिलेगा नया आत्मविश्वास

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि आज जब भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है, आज जब भारत अंतर्राष्ट्रीय संबंधों की नई गाथा लिख रहा है, आज जब भारत नए-नए ट्रेड समझौते कर संभावनाओं के नए दरवाजे खुल रहे हैं। जब देश संतृप्ति के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है तो सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवनों में आप सबके काम की नई गति और आपका नया आत्मविश्वास देश के लक्ष्यों को प्राप्त करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा।


    पुरानी इमारतों पर क्या बोले

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक जैसी इमारतें जहां ब्रिटिश हुकूमत की सोच को लागू करने के लिए बनी थीं। वहीं, आज मैं गर्व के साथ कह सकता हूं कि सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन जैसे नए परिसर भारत की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए बने हैं। यहां से जो फैसले होंगे वह किसी महाराजा की सोच को नहीं 140 करोड़ देशवासियों की सोच को आगे बढ़ाने का आधार बनेंगे। प्रधानमंत्री ने आगे कहाकि इस बदलाव के बीच निश्चित तौर पर पुराने भवन में बिताए गए वर्षों की स्मृतियां हमारे साथ रहेंगी। अलग-अलग समय पर वहां से कई महत्वपूर्ण फैसले किए गए, वहां से देश को नई दिशा मिली है। वह परिसर, वह इमारत भारत के इतिहास का अमर हिस्सा है इसलिए हमने उस भवन को देश के लिए समर्पित म्यूजियम बनाने का फैसला किया है।


    हमने तय किया कि…

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि 2014 में देश ने तय किया कि गुलामी की मानसिकता अब और नहीं चलेगी। हमने गुलामी की इस मानसिकता को बदलने का अभियान शुरू किया, हमने वीरों के नाम नेशनल वॉर मेमोरियल बनाया। हमने पुलिस की वीरता को सम्मान देने के लिए पुलिस स्मारक बनाया। रेस कोर्स रोड का नाम बदलकर लोक कल्याण मार्ग रखा गया। यह सिर्फ नाम बदलना नहीं था, यह सत्ता के मिजाज़ को सेवा की भावना में बदलने का पवित्र प्रयास था।

  • आतंकवाद के मुद्दे पर मिला इस देश का साथ … PM मोदी बोले- भारत का संदेश स्पष्ट

    आतंकवाद के मुद्दे पर मिला इस देश का साथ … PM मोदी बोले- भारत का संदेश स्पष्ट

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने रविवार को कहा कि आतंकवाद (Terrorism) के मुद्दे पर भारत (Indore) का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है। भारत इस मुद्दे पर न तो दोहरे मापदंड अपनाता है और न ही किसी तरह का समझौता करता है। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम (Malaysian Prime Minister Anwar Ibrahim) के साथ बैठक के बाद उन्होंने यह बात कही। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में दोनों नेताओं ने सीमापार आतंकवाद की कड़ी निंदा की।

    दोनों ने आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ अपनाने और इससे निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर प्रयासों पर जोर दिया। दोनों ने आतंक के वित्तपोषण पर अंकुश लगाने और नई तकनीकों के दुरुपयोग को रोकने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई।

    मलेशिया दौरे के आखिरी दिन विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गजों से मुलाकात के बाद PM मोदी ने कहा, भारत और मलेशिया के बीच विशेष संबंध हैं और दोनों देश विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष आतंकवाद और खुफिया क्षेत्र में सहयोग एवं समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में तालमेल मजबूत करेंगे। साथ ही रक्षा सहयोग को भी और व्यापक बनाया जाएगा। PM मोदी ने कहा कि AI और डिजिटल तकनीक के साथ सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाया जाएगा।

    PM मोदी ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि यह क्षेत्र दुनिया की विकास धुरी के रूप में उभर रहा है और भारत आसियान देशों के साथ मिलकर इस क्षेत्र में शांति, स्थिरता और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। मलेशियाई प्रधानमंत्री इब्राहिम ने कहा कि भारत और मलेशिया व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी और रक्षा सहयोग को लगातार विस्तार दे रहे हैं। उन्होंने वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में भारत की तेज प्रगति की सराहना की।


    उद्योगपतियों से मुलाकात की

    PM मोदी ने मलेशिया के चार प्रमुख उद्योगपतियों से मुलाकात कर भारतीय अर्थव्यवस्था में उनकी बढ़ती दिलचस्पी की सराहना की। प्रधानमंत्री ने भारत और मलेशिया के बीच बढ़ते कारोबारी रिश्तों को सकारात्मक बताया और कहा कि भारतीय विकास यात्रा में मलेशियाई कंपनियों की भागीदारी महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने पेट्रोनास के प्रमुख तेंगकु मोहम्मद तौफिक, बरजाया कॉरपोरेशन के संस्थापक विंसेंट टैन, खजानाह नेशनल के प्रबंध निदेशक अमीरुल फैसल वान जाहिर और फिसन इलेक्ट्रॉनिक्स के संस्थापक पुआ खेन सेंग से अलग-अलग मुलाकात की।


    भारतीय मूल के नेताओं से मिले

    PM मोदी ने भारतीय मूल के मंत्रियों, सांसदों, सीनेटरों से मुलाकात की और भारत-मलेशिया संबंध मजबूत करने में उनकी भूमिका की सराहना की। PM मोदी ने कहा कि इन नेताओं का भारत से भावनात्मक जुड़ाव स्पष्ट दिखता है और सार्वजनिक जीवन में उनकी उपलब्धियां गर्व की बात हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की भागीदारी भारत-मलेशिया मित्रता के समर्थन को दर्शाती है।


    भारत-मलेशिया को जोड़ती है तमिल

    PM मोदी ने कहा, भारत और मलेशिया तमिल भाषा के प्रति साझा लगाव से जुड़े हुए हैं। मलेशिया में तमिल की मजबूत मौजूदगी शिक्षा, मीडिया और सांस्कृतिक जीवन में साफ दिखाई देती है। मलेशिया में भारतीय मूल के करीब 30 लाख लोग रहते हैं, जो दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी भारतीय प्रवासी आबादी है। इनमें बड़ी संख्या तमिल मूल के लोगों की है।


    आजाद हिंद फौज के पूर्व सैनिक से मिले

    PM मोदी आजाद हिंद फौज के पूर्व सैनिक जयराज राजा राव से भी मिले। उन्होंने उनके साहस, विरासत और बलिदान के लिए देशवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आजाद हिंद फौज के वीरों का साहस भारत की नियति को आकार देने में अहम रहा। राव से मिलना बहुत विशेष रहा और उनके अनुभव बेहद प्रेरणादायक हैं।


    ‘इब्राहिम भी एमजीआर के बड़े प्रशंसक’

    PM मोदी ने कहा कि उनके मलेशियाई समकक्ष अनवर इब्राहिम भी तमिल अभिनेता और पूर्व मुख्यमंत्री एमजीआर के बड़े प्रशंसक हैं। उन्होंने यह टिप्पणी तब की जब इब्राहिम द्वारा आयोजित लंच के दौरान एमजीआर की फिल्म नालै नमथे का गीत प्रस्तुत किया गया। एमजीआर यानी मरुथुर गोपालन रामचंद्रन प्रसिद्ध अभिनेता, निर्देशक और निर्माता रहे हैं। उन्होंने तमिलनाडु में एआईएडीएमके की स्थापना की और बाद में राज्य के मुख्यमंत्री बने। 1975 में रिलीज हुई नालै नमथे उनकी लोकप्रिय फिल्मों में शामिल है।

  • मलेशिया में UPI, नए कॉन्सुलेट और निवेश… भारतीय समुदाय से क्या-क्या बोले पीएम मोदी

    मलेशिया में UPI, नए कॉन्सुलेट और निवेश… भारतीय समुदाय से क्या-क्या बोले पीएम मोदी


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ आज कुआलालंपुर में भारतीय समुदाय के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का यूपीआई शीघ्र ही मलेशिया में आएगा. इसके साथ ही पीएम मोदी ने नए कॉन्सुलेट खोलने के बाद करते हुए भारत और मलेशिया के बीच संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया
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    पीएम मोदी ने कहा कि मलेशिया में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इंडियन ओरिजिन कम्युनिटी है. ऐसी बहुत सी चीजें हैं जो इंडियन और मलेशियाई दिलों को जोड़ती हैं.उन्होंने कहा किआप वो जीता-जागता पुल हैं जो हमें जोड़ता है. आपने रोटी कैनाई को मालाबार परोट्टा से जोड़ा है. नारियल, मसाले… स्वाद बहुत जाने-पहचाने लगते हैं, चाहे वो कुआलालंपुर हो या कोच्चि. हम एक-दूसरे को बहुत अच्छी तरह समझते हैं.
    उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए होगा, क्योंकि आपकी भाषाओं और मलय के बीच बहुत सारे कॉमन शब्द हैं. मैंने सुना है कि मलेशिया में इंडियन म्यूजिक और फिल्में पॉपुलर हैं. आप सब जानते हैं कि PM अनवर इब्राहिम बहुत अच्छा गाते हैं, लेकिन घर पर कई इंडियन यह नहीं जानते थे. उनके पिछले दौरे पर, वे बहुत खुश हुए थे. इंडिया में उनके एक पुराने हिंदी गाने के वीडियो वायरल हुए थे. यह भी बहुत अच्छी बात है कि उन्हें लेजेंडरी MGR के तमिल गाने बहुत पसंद हैं.

    भारत के लिए आपके दिलों में एक खास जगह
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, मुझे पता है कि भारत के लिए आपके दिलों में एक खास जगह है. मुझे 2001 की एक घटना बहुत अच्छे से याद है जब मेरे होम स्टेट गुजरात में भूकंप आया था. आप में से कई लोग मदद के लिए एक साथ आए थे. मैं आप सभी का शुक्रिया अदा करता हूं.उन्होंने कहा कि उससे भी बहुत पहले, भारत को एक आजाद देश बनाने के लिए आपके हजारों पूर्वजों ने बड़ी कुर्बानियां दी थीं. उनमें से कई के पड़ोसी भारत में थे, लेकिन वे नेताजी सुभाष चंद्र बोस की इंडियन नेशनल आर्मी में शामिल होने वाले पहले लोगों में से थे. मैं इस मौके पर मलेशिया में नेताजी सर्विस सेंटर और नेताजी वेलफेयर फाउंडेशन की कोशिशों को भी सलाम करता हूं.

    भारत अब इन्वेस्टमेंट और ट्रेड हब
    पीएम मोदी ने कहा कि पहले, भारत को सिर्फ एक बहुत बड़े मार्केट के तौर पर देखा जाता था. अब हम इन्वेस्टमेंट और ट्रेड का हब हैं. भारत को ग्रोथ के लिए एक भरोसेमंद पार्टनर के तौर पर देखा जाता है. चाहे वह UK हो, UAE हो, ऑस्ट्रेलिया हो, न्यूजीलैंड हो, ओमान हो, EU हो, या USA हो. देशों के भारत के साथ ट्रेड डील हैं.

    पीएम मोदी ने कहा कि हमने अभी एक रिकॉर्ड बनाने वाला कल्चरल परफॉर्मेंस देखा है. 800 डांसर एकदम सही तालमेल में. यह परफॉर्मेंस हमारे लोगों को आने वाले कई सालों तक याद रहेगी. मैं सभी परफॉर्मर्स को बधाई देता हूं.पीएम मोदी ने कहा कि पिछले साल, मैं ASEAN समिट के लिए मलेशिया नहीं जा पाया था, लेकिन मैंने अपने दोस्त से वादा किया था कि मैं जल्द ही मलेशिया आऊंगा. जैसा वादा किया था, मैं यहां हूं. 2026 में यह मेरा पहला विदेश दौरा है.

  • पीएम मोदी ने बजट चर्चा में दिग्विजय सिंह के भाषण पर साधा चुटकी भरा तंज कहा– क्या यही दिन देखना बाकी रह गए थे?

    पीएम मोदी ने बजट चर्चा में दिग्विजय सिंह के भाषण पर साधा चुटकी भरा तंज कहा– क्या यही दिन देखना बाकी रह गए थे?


    भोपाल :संसद में बजट पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिग्विजय सिंह के भाषण पर चुटकी ली और मुस्कुराते हुए कहा कि क्या यही दिन देखना बाकी रह गए थे प्रधानमंत्री ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि मैं कल एक माननीय सदस्य को सुन रहा था जो अपने आप को राजा कहलाने में गर्व महसूस करते हैं लेकिन वही आर्थिक असमानता की चर्चा कर रहे थे मोदी ने सवालिया अंदाज में कहा बताइए जो खुद को राजा माने और आर्थिक असमानता की बात करे क्या यही दिन देखना बाकी रह गए थे दिग्विजय सिंह ने अपने भाषण में सामाजिक सौहार्द और समरसता बिगड़ने के साथ आर्थिक असमानता बढ़ने की चिंता जताई थी

    संसद में विपक्ष के लगभग हर सांसद ने सरकार को घेरने की कोशिश की लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के जवाब ने ‘राजा साहब’ को सीधे तंज की जद में ला दिया

    इसी बीच लाड़ली बहनों पर विवादित बयान देने वाले मंत्री करण सिंह वर्मा ने सफाई दी और कहा कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा उन्होंने केवल लाड़ली बहनों को भोजन पर आमंत्रित किया था उन्होंने अपने बयान पर खेद भी जताया विपक्ष ने इसकी कड़ी निंदा की वहीं इस तरह के बयान भाजपा सरकार के लिए किरकिरी का सबब बन सकते हैं इससे पहले भी मंत्री विजय शाह को लाड़ली बहनों के बयान को लेकर विवाद का सामना करना पड़ा था

    सियासी हलचल श्योपुर में तब और तेज हुई जब भाजपा पूर्व विधायक दुर्गालाल विजय के घर चोरी की घटना सामने आई चोरों ने एसी का पंखा ही चोरी कर लिया कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने इस घटना को लेकर खुशी जाहिर की और कहा ऐसे चोर को पुरस्कार मिलना चाहिए उन्होंने तंज कसा कि जब सत्ताधारी दल के नेता के घर में सुरक्षा नहीं है तो आम आदमी की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है

    भोपाल में मीडिया के सवालों से बचते हुए मंत्री विजय शाह सीधे कार में बैठे और शीशा चढ़ाकर रवाना हो गए उनका कर्नल सोफिया पर दिया गया विवादित बयान 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए तय है मंत्री की चुप्पी सियासी गलियारों में चर्चाओं को और बढ़ा रही है लोग कह रहे हैं इसे ही कहते हैं दूध का जला छाछ को भी फूंक फूंक कर पीता है वहीं कुछ का कहना है कहीं पार्टी ने मंत्री की जुबान पर ताला तो नहीं लगा दिया

    इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि संसद की बहस और सियासी बयानबाज़ियों ने एक बार फिर सियासी गर्मी बढ़ा दी है पीएम के तंज से लेकर मंत्री के बयान और मीडिया से बचने की कवायद तक ये सब राजनीतिक हलचल